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Author name: Vinod Jha

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Sanchita Ugale Final Moments: फंदे से उतारा तब चल रही थीं सांसें… संचिता उगले की मौसी ने बताया आखिरी मिनटों का सच

Sanchita Ugale Final Moments: टीवी सीरियल ‘कुमकुम भाग्य’ से घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस संचिता उगले अब हमारे बीच नहीं रहीं. 14 जून 2026 को मुंबई के नालासोपारा वाले घर में उन्होंने खुदकुशी कर ली. इस समाचार ने उनके परिवार, दोस्तों और फैंस को गहरे सदमे में डाल दिया है. हर कोई बस यही जानना चाहता है कि आखिर हंसती-स्पोर्ट्सती संचिता ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया? इस बीच, संचिता की मौसी ने मीडिया के सामने आकर उस आखिरी शाम की एक-एक बात बताई है. बाजार और डांस क्लास की बात कहकर सबको भेजा बाहर Sanchita ugale, pc: instagram Telly Masala को दिए इंटरव्यू ने संचिता की मौसी ने बताया कि उस दिन दोपहर के खाने के बाद सब कुछ ठीक था. संचिता की एक दोस्त भी आई थी, जिसके साथ सबने मजे से खाना खाया. इसके बाद संचिता के मम्मी-पापा बाजार जाने लगे और उन्होंने संचिता को भी साथ चलने को कहा. लेकिन संचिता ने मना कर दिया और कहा कि वो अपनी छोटी बहन के साथ डांस क्लास जाएगी. शाम को करीब 7 बजने में जब 10 मिनट बाकी थे, तो छोटी बहन ने कहा कि डांस क्लास का समय हो रहा है, चलो. इस पर संचिता ने फिर मना कर दिया और कहा, “मेरा मन नहीं है, तुम जाओ, मैं घर पर ही रुकती हूं.” इसके बाद उसकी बहन अकेली चली गई और संचिता घर में बिल्कुल अकेली रह गई. पिता ने कमरे में देखा तो उड़ गए होश करीब 7:30 बजे, जब मम्मी-पापा बाजार से लौटे तो घर का दरवाजा बंद था. उन्होंने कुंडी खटखटाई, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई. काफी कोशिशों के बाद जब उन्होंने धक्का मारकर दरवाजा खोला, तो उन्हें लगा कि शायद संचिता सो गई होगी. लेकिन जैसे ही उसके पिता कमरे के अंदर गए, उन्होंने देखा कि संचिता पंखे से साड़ी के सहारे लटकी हुई थी. यह भी पढ़ें: आलीशान घर छोड़ नदी किनारे जमीन पर सो गए कॉमेडियन Sunil Grover, वीडियो देख लोग बोले- ‘क्या बंदा है यार’ अस्पताल पहुंचने से पहले टूट गईं सांसें मौसी ने रोते हुए एक और हैरान करने वाली बात बताई. उन्होंने कहा कि जब संचिता को फंदे से नीचे उतारा गया, तब उसकी सांसें चल रही थीं, उसमें थोड़ी जान बाकी थी. घरवाले उसे तुरंत अस्पताल लेकर भागे, लेकिन डॉक्टर के पास पहुंचते ही डॉक्टर ने कह दिया कि वह अब इस दुनिया में नहीं रही. क्यों परेशान थीं संचिता? Sanchita ugale, pc: instagram संचिता के दोस्तों और घरवालों का कहना है कि वो काम को लेकर बहुत ज्यादा स्ट्रेस में थीं. उनके पिता ने बताया कि संचिता के नए शो ‘साजन घर’ के मेकर्स उनके साथ अच्छा बर्ताव नहीं कर रहे थे. उनसे बहुत ज्यादा काम कराया जा रहा था, जिसकी वजह से वो ठीक से सो भी नहीं पा रही थीं. उनकी दोस्त गीतांजलि ने भी बताया कि संचिता अपने काम से खुश नहीं थीं और काफी परेशान चल रही थीं. यह भी पढ़ें: Eetha First Look: ‘स्त्री 2’ के बाद विठाबाई बनीं श्रद्धा कपूर, नई फिल्म ‘ईथा’ के टीजर में प्रेग्नेंसी डांस सीन देख लोग बोले- अगली ब्लॉकबस्टर The post Sanchita Ugale Final Moments: फंदे से उतारा तब चल रही थीं सांसें… संचिता उगले की मौसी ने बताया आखिरी मिनटों का सच appeared first on Naya Vichar.

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अंडरवॉटर मिशन पर निकलेंगे नोबिता और डोरेमोन, नई एडवेंचर फिल्म इस दिन होगी रिलीज

Doraemon Movie India Release Date: डोरेमोन फैंस के लिए एक सुपर एक्साइटिंग अपडेट सामने आई है. बचपन का फेवरेट रोबोटिक कैट एक बार फिर बड़े पर्दे पर धमाल मचाने के लिए तैयार है. ‘डोरेमोन द मूवी: न्यू नोबिता एंड द कैसल ऑफ द अंडरसी डेविल’ 2 अक्टूबर 2026 को हिंदुस्तानभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी. एडवेंचर, दोस्ती और कई मजेदार ट्विस्ट से भरपूर यह फिल्म बच्चों के साथ-साथ उन युवाओं को भी पसंद आने वाली है, जो डोरेमोन को देखते हुए बड़े हुए हैं. Doraemon Movie India Release: डोरेमोन फिल्म हिंदुस्तान में होगी रिलीज हिंदुस्तान में डोरेमोन फिल्म को टीवी असाही और पीवीआर आईनॉक्स पिक्चर्स मिलकर रिलीज कर रहे हैं. अच्छी बात यह है कि दर्शक इसे हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषा में देख सकेंगे. यानी देश के अलग-अलग हिस्सों के फैंस अपनी पसंदीदा भाषा में इस नए एडवेंचर का मजा उठा पाएंगे. View this post on Instagram A post shared by Doraemon Movie India (@doraemonmovie_india) Doraemon Movie Story: क्या होगी डोरेमोन की कहानी इस बार डोरेमोन, नोबिता और उनकी गैंग एक जबरदस्त अंडरवॉटर मिशन पर निकलने वाली है. समुद्र की गहराइयों में छिपे रहस्य, नई चुनौतियां और रोमांचक खोजें इस कहानी को और भी दिलचस्प बनाने वाली हैं. साथ ही फिल्म दोस्ती, टीमवर्क और एक-दूसरे का साथ देने की खूबसूरत सीख भी देती नजर आएगी. Doraemon Movie Promotion: डोरेमोन का होगा जबरदस्त प्रमोशन फिल्म की रिलीज को लेकर मेकर्स ने बड़े लेवल पर प्रमोशन की तैयारी की है. इसके लिए देशभर में स्कूल एक्टिविटीज, डिजिटल कैंपेन, मॉल इवेंट्स और कई फैन एंगेजमेंट प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे. यानी रिलीज से पहले ही डोरेमोन का माहौल बनने वाला है. इतना ही नहीं, डोरेमोन CORE 2026 इवेंट में भी खास अंदाज में नजर आएगा. यह आयोजन 20 और 21 जून को मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में होगा. यहां फैंस को डोरेमोन थीम वाले इंस्टॉलेशन, मजेदार एक्टिविटी जोन, फोटो क्लिक करने के लिए शानदार स्पॉट्स और एक विशाल डोरेमोन इन्फ्लेटेबल देखने को मिलेगा. यह भी पढ़ें- Cocktail 2 Early Review: कॉकटेल 2 हिट होगी या मिस, टिकट खरीदने से पहले पढ़ें फर्स्ट रिव्यू, मिले इतने स्टार्स यह भी पढ़ें- संचिता उगाले का नहीं था बॉयफ्रेंड… करीबी दोस्त का सनसीखेज खुलासा, बोली- जिंदगी खत्म के बारे में कहा The post अंडरवॉटर मिशन पर निकलेंगे नोबिता और डोरेमोन, नई एडवेंचर फिल्म इस दिन होगी रिलीज appeared first on Naya Vichar.

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पहले शादी, फिर कैडर बदला, अब पड़ोसी जिलों के DM बने IAS पति-पत्नी, जानिए अलंकृता-अंशुल की कहानी

IAS Couple Story: बिहार प्रशासन के हालिया प्रशासनिक फेरबदल के बाद एक आईएएस पति-पत्नी चर्चा का केंद्र बन गए हैं. 2016 बैच की आईएएस अधिकारी अलंकृता पांडेय को भागलपुर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है. वहीं उनके पति और आईएएस अधिकारी अंशुल अग्रवाल को बांका का डीएम नियुक्त किया गया है. दिलचस्प बात यह है कि भागलपुर और बांका दोनों पड़ोसी जिले हैं. ऐसे में अब दोनों जिलों की कमान एक आईएएस दंपत्ति के हाथों में होगी. कौन हैं अलंकृता पांडेय? अलंकृता पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर की रहने वाली हैं. वह 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी), प्रयागराज से बीटेक की पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने यूपीएससी परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 85 हासिल की. अपनी प्रशासनिक क्षमता और कार्यशैली के कारण वह तेज-तर्रार अधिकारियों में गिनी जाती हैं. अलंकृता पांडेय की तस्वीर जहानाबाद से भागलपुर तक का सफर अलंकृता पांडेय अभी तक जहानाबाद की जिलाधिकारी के रूप में कार्यरत थीं. अब प्रशासन ने उन्हें भागलपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी सौंपी है. भागलपुर बिहार के प्रमुख प्रशासनिक और आर्थिक केंद्रों में शामिल है. ऐसे में उनकी नई जिम्मेदारी को काफी अहम माना जा रहा है. बंगाल कैडर की अधिकारी, फिर बिहार में कैसे बनीं DM? अलंकृता पांडेय की नियुक्ति को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल कैडर की आईएएस अधिकारी थीं. दरअसल, हिंदुस्तानीय प्रशासनिक सेवा के नियमों के तहत अलग-अलग कैडर के दो अधिकारी विवाह के बाद इंटर-कैडर ट्रांसफर का विकल्प चुन सकते हैं. शादी के बाद अलंकृता पांडेय ने पश्चिम बंगाल से बिहार कैडर में स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था. पति अंशुल अग्रवाल बने ट्रांसफर की वजह अलंकृता पांडेय के पति अंशुल अग्रवाल बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. इसी वजह से उन्होंने बिहार कैडर में आने का विकल्प चुना. इस प्रक्रिया के लिए पश्चिम बंगाल प्रशासन, बिहार प्रशासन और केंद्र प्रशासन की मंजूरी जरूरी होती है. सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनका कैडर बदलकर बिहार कर दिया गया. इसके बाद से वह बिहार प्रशासनिक सेवा तंत्र का हिस्सा हैं और राज्य के विभिन्न जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं. पति के साथ अलंकृता बांका के डीएम बने अंशुल अग्रवाल प्रशासनिक फेरबदल में अंशुल अग्रवाल को बांका जिले का जिलाधिकारी बनाया गया है. वह भी अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. अब उन्हें बांका जैसे महत्वपूर्ण जिले की कमान सौंपी गई है. पड़ोसी जिलों की कमान एक दंपत्ति के हाथ में भागलपुर और बांका दोनों जिले भागलपुर प्रमंडल के अंतर्गत आते हैं. दोनों जिले भौगोलिक रूप से भी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. ऐसे में यह एक अनोखा संयोग है कि पड़ोसी जिलों के डीएम पति-पत्नी हैं. प्रशासनिक गलियारों में इस पोस्टिंग की खूब चर्चा हो रही है. Also Read: अब पटना में नहीं चलेंगे कोचिंग सेंटर, शहर के बाहर बनेगा हब, खान सर-रौशन आनंद विवाद के बीच CM सम्राट का बड़ा ऐलान The post पहले शादी, फिर कैडर बदला, अब पड़ोसी जिलों के DM बने IAS पति-पत्नी, जानिए अलंकृता-अंशुल की कहानी appeared first on Naya Vichar.

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कैमूर में मंत्री मिथिलेश तिवारी का बड़ा बयान, बोले- सरस्वती माता के मंत्रालय में लक्ष्मी माता की आराधना नहीं चलेगी

रामगढ़ (कैमूर) से संजय जायसवाल की रिपोर्टEducation Minister Mithilesh Tiwari : बिहार प्रशासन के शिक्षा मंत्रालय की कमान मिलने के बाद मिथिलेश तिवारी पहली बार रामगढ़ पहुंचे. पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह व बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बड़े फूलों का हार पहनाकर स्वागत किया. सभा को संबोधित करते मंत्री ने कहा मैंने विभाग के लोगों को साफ तौर पर कह दिया है, यह सरस्वती माता का मंत्रालय है, लक्ष्मी माता को प्रणाम करना है, तो दूसरे विभाग में चले जाइए, यहां सरस्वती माता की आराधना करनी होगी. सूबे की शिक्षा में गुणवत्ता पूर्ण सुधार लाने को लेकर मैंने कई अहम फैसले लिए है. स्त्री शिक्षकों की पोस्टिंग उनके बगल के पंचायत में उन्होंने कहा कि मैंने देखा है, रामगढ़ जैसी जगह से शिक्षक बनी बहु-बेटियों को दूर भागलपुर जैसे जगहों पर रहकर स्कूल जाना पड़ रहा है. जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. मुख्यमंत्री जी से मिलकर हमने निर्णय लिया कि स्त्री शिक्षकों की पोस्टिंग उनके बगल के पंचायत में, जबकि पुरुष शिक्षकों की पोस्टिंग उनके बगल के प्रखंड में किया जाएगा. शिक्षकों का जिला कैडर बनाने की घोषणा – Education Minister Mithilesh Tiwari उन्होंने कहा कि शिक्षकों को जिला कैडर करने जा रहे हैं, जो शिक्षक इस बार जिस जिला के लिए चयन करेंगे वह उसी जिले का होकर रह जाएंगे. बीच में अगर वह जिला छोड़कर किसी दूसरे जिले में जाएंगे तो उस शिक्षक की सीनियरिटी लॉस हो जाएगी. एक स्वीकृति पत्र पर एक ही शिक्षक रहेंगे, इसका भी हमने इंतजाम किया है. हम शिक्षकों की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखेंगे किंतु पढ़ाई में कोई ढिलाई भी नहीं होगी. मंत्री ने आगे कहा कि शिक्षक अब शिक्षा विभाग के पोर्टल पर हाजिरी बनाकर ससुराल नहीं बल्कि बच्चों की पढ़ाई के लिए नियमित स्कूल जायेगे. बच्चों के प्रोग्रेस रिपोर्ट पर ही शिक्षकों का मूल्यांकन किया जाएगा. रामगढ़ में कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखते हुए मंत्री ने कहा रामगढ़ में दीनदयाल जी का अंत्योदय दिखता है, यहां हर गांव, हर वर्ग में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद है जिसे बड़े भाई अशोक सिंह ने सिंचने का काम किया. हर प्रखंड में एक मॉडल स्कूल चयनित किया गया है. अगर आपको लगता है रामगढ़ में कोई और एक स्कूल छूट गया है, तो आप चिन्हित करके दीजिए उसे बनाने का काम करेंगे. साथ ही प्रखंड के भूमिहीन विद्यालय, अपग्रेडेड होने वाले विद्यालयों की भी सूची दें, उसे पूरा कराया जाएगा. विपक्ष पर साधा निशाना विपक्ष पर निशान साधते हुए मंत्री ने कहा बक्सर के एक पूल क्षतिग्रस्त होने पर बक्सर सांसद द्वारा दूसरे के सर इसका ठीकरा फोड़ा जा रहा. भाई मोदी जी ने सड़क बनने के लिए रुपए दिए, बनवाने की जिम्मेदारी सांसद की होती है. यहां के कार्यकर्ताओं के प्रेम को देखकर अभिभूत हूं, विधानसभा में हुई एक छोटी सी गलती को अब दुबारा नहीं दोहराया जाएगा, मुख्यमंत्री आपके हैं, रामगढ़ का कोई भी कार्य बाधित नहीं होगा इस बात की मैं आपसे गारंटी देता हूं. पूर्व विधायक क्या बोले सभा को पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह ने सम्बोधित करते हुए कहा मिथलेश जी को शिक्षा मंत्री का पद मिलने के बाद सबसे ज्यादा खुशी बिहार के बीजेपी कार्यकर्ताओं को है, जिनके यह सबसे करीब है. सभा के दक्षता नगर अध्यक्ष संजय जयसवाल संचालक राजीव श्रीवास्तव ने किया. मौके पर पूर्व प्रमुख संजय सिंह, जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश पांडेय, मंडल अध्यक्ष आनंद सिंह, परशुराम तिवारी, तरुण सिंह, बबलू राय, मुखिया जय प्रकाश राय, संदेश चौधरी, बीडीसी विकास टावर सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे. Also Read: कैमूर में दो अलग-अलग हादसों का कहर, स्त्री के सिर और हाथ में लगी गंभीर चोट, तड़पती हालत में भभुआ रेफर The post कैमूर में मंत्री मिथिलेश तिवारी का बड़ा बयान, बोले- सरस्वती माता के मंत्रालय में लक्ष्मी माता की आराधना नहीं चलेगी appeared first on Naya Vichar.

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बच्चे हो जाएंगे खुश और पति भी करेंगे जमकर तारीफ, इस मानसून घर पर बनाएं ये 5 तरह के क्रिस्पी पकौड़े

Monsoon Snack Ideas: रिमझिम बारिश के मौसम में जब खिड़कियों से ठंडी हवा अंदर आती है और हाथों में गर्म चाय की कुल्हड़ होती है, तो इससे बेहतर फीलिंग और कुछ हो ही नहीं सकती. लेकिन जब इस चाय के साथ पकौड़े मिल जाते हैं, तो इसका मजा समझो चार गुना बढ़ जाता है. बारिश के मौसम और पकौड़ों का रिश्ता बहुत ही पुराना है और जैसे ही आसमान में काले-काले बादल छाते हैं, हमारे मन में कुछ तीखा और चटपटा खाने की इच्छा खुद ही जाग जाती है. अगर आप भी बारिश के दिनों में अपनी शाम की चाय को और भी ज्यादा मजेदार बनाना चाहते हैं, तो आज हम आपके लिए 5 बेहद ही आसान और क्रिस्पी पकौड़ों की रेसिपी बताने जा रहे हैं जिन्हें आप काफी कम समय में तैयार कर सकते हैं. इन पकौड़ों की सबसे खास बात है कि इन्हें बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता है और न ही ज्याद मेहनत करनी पड़ती है. तो चलिए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से. ट्राय करें एवरग्रीन क्रिस्पी प्याज के पकौड़े बारिश के दिनों में प्याज के पकौड़े हर घर की पहली पसंद बन जाते हैं. इसे बनाने के लिए सबसे पहले प्याज को पतले और लंबे टुकड़ों में काट लें. अब इसमें थोड़ा सा नमक, हरी मिर्च, अजवाइन, बारीक कटा हरा धनिया और हल्दी मिलाएं. इसके बाद इसमें थोड़ा सा बेसन और क्रिस्पिनेस के लिए एक चम्मच चावल का आटा डालें. इस बात का ख्याल रखें कि इसमें पानी बहुत कम या न के बराबर मिलाना है, क्योंकि प्याज खुद पानी छोड़ता है. अब इन्हें गर्म तेल में गोल्डन होने तक तलें. आपकी कड़क चाय के साथ ये लच्छेदार क्रिस्पी पकोड़े एकदम परफेक्ट पार्टनर साबित होंगे. स्पाइसी आलू के पकौड़े भी आएंगे सभी को पसंद आलू के पकोड़े ऐसे होते हैं जिनका स्वाद बड़ों से लेकर बच्चों तक, हर किसी को बहुत ही ज्यादा पसंद आता है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले आलू को धोकर पतले-पतले गोल स्लाइस में काट लें. अब एक बर्तन में बेसन, थोड़ा सा जीरा, लाल मिर्च पाउडर, हींग, नमक और पानी मिलाकर एक गाढ़ा घोल तैयार कर लें. अब आलू के स्लाइस को इस घोल में डुबोकर गर्म तेल में डीप फ्राई करें और जब ये पकोड़े तेल में जाकर गुब्बारे की तरह फूलते हैं, तो इन्हें देखकर ही भूख बढ़ जाती है. इन्हें पुदीने की तीखी चटनी के साथ गर्मागर्म परोसें और पूरे परिवार के साथ खिड़की के बाहर देखते-देखते एन्जॉय करें. हेल्दी और टेस्टी पालक के पकौड़े अगर आप स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी थोड़ा ख्याल रखना चाहते हैं, तो पालक के पकौड़े एक बेहतरीन चॉइस हैं. इसके लिए फ्रेश पालक के पत्तों को अच्छे से धोकर बारीक काट लें. इसके बाद इसमें बेसन, चावल का आटा, कुटी हुई लाल मिर्च, अमचूर पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाएं. अब थोड़ा सा पानी छिड़क कर इसका एक ड्राई मिक्सचर तैयार कर लें. इसके बाद इनसे छोटे-छोटे पकौड़े बनाकर तेल में क्रिस्पी होने तक तल लें. पालक के ये पकौड़े बाहर से बहुत क्रिस्पी और अंदर से बेहद सॉफ्ट होते हैं, जो चाय के स्वाद को दोगुना कर देते हैं. चीजी कॉर्न पकौड़े बच्चों को आएंगे पसंद मानसून के मौसम में बाजार में फ्रेश भुट्टे या मक्के खूब मिलते हैं. ऐसे में इस बार सिंपल पकौड़े से हटकर कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं तो आपको चीजी कॉर्न पकौड़ों को ट्राय करना चाहिए. इसे बनाने के लिए सबसे पहले उबले हुए कॉर्न के दानों को थोड़ा सा दरदरा पीस लें. इसके बाद इसमें बेसन, कद्दूकस किया हुआ चीज, बारीक कटी शिमला मिर्च, काली मिर्च पाउडर और नमक मिलाएं. इस मिश्रण से छोटी-छोटी टिक्कियां या बॉल्स बनाकर गर्म तेल में फ्राई करें. जब आप इन पकौड़ों को आप तोड़ेंगे, तो अंदर से पिघला हुआ चीज निकलेगा, जो बच्चों को बेहद पसंद आएगा. चटपटे ब्रेड पकौड़े मिटाएंगे शाम की भूख अगर आपको बहुत तेज भूख लगी है और आप कुछ हैवी स्नैक खाना चाहते हैं, तो ब्रेड पकोड़ा सबसे बेस्ट ऑप्शन है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले उबले हुए आलुओं में उबली मटर, हरी मिर्च, गरम मसाला, अमचूर और नमक मिलाकर एक बढ़िया स्टफिंग तैयार करें. अब ब्रेड के स्लाइस के बीच में इस आलू के मसाले को भरें और उसे ट्रायंगल शेप में काट लें. इस ब्रेड को बेसन के गाढ़े घोल में लपेटकर मीडियम आंच पर गोल्डन होने तक तलें. इसके बाद इसे बीच से काटकर टोमैटो केचप के साथ खाएं. आपको इसकी हर बाइट में एक अलग ही मजा आएगा. ये भी पढ़ें: बिना प्याज-लहसुन के भी बन सकता है लाजवाब डिनर, ट्राई करें ये 3 टेस्टी रेसिपीज जिन्हें हर कोई करेगा पसंद The post शिशु हो जाएंगे खुश और पति भी करेंगे जमकर तारीफ, इस मानसून घर पर बनाएं ये 5 तरह के क्रिस्पी पकौड़े appeared first on Naya Vichar.

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Jio IPO को बोर्ड की मंजूरी, 27 करोड़ नए शेयर होंगे जारी, जानें कंपनी की 5 बड़ी प्राथमिकताएं

Jio IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और दूरसंचार कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) के निदेशक मंडल ने कंपनी के IPO को मंजूरी दे दी है. कंपनी ने आईपीओ के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) हिंदुस्तानीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI), बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में दाखिल करने का फैसला किया है. इस घोषणा के साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बाजार में इनलिस्ट होने का रास्ता करीब-करीब साफ हो गया है. निवेशक लंबे समय से इस आईपीओ का इंतजार कर रहे थे. बाजार के जानकारों की माने तो यह IPO इंडियन शेयर मार्केट के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बनने जा रहा है. IPO के तहत जारी होंगे 27 करोड़ नए शेयर कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आईपीओ के तहत 10 रुपये अंकित मूल्य वाले अधिकतम 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे. शेयरों का अंतिम निर्गम मूल्य (Final Issue Price) बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए तय किया जाएगा. हालांकि कंपनी ने अभी तक आईपीओ के मूल्य दायरे (Price Band) और कुल इश्यू साइज का खुलासा नहीं किया है. AGM में मुकेश अंबानी ने किया बड़ा ऐलान रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना बैठक में चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने जियो आईपीओ की घोषणा करते हुए इसे कंपनी का इस साल का सबसे महत्वपूर्ण मूल्य-सृजन (Value Creation) कार्यक्रम बताया. उन्होंने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स की प्रस्तावित लिस्टिंग हिंदुस्तान की तकनीकी क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करेगी. अंबानी ने कहा- जियो की प्रस्तावित सूचीबद्धता दुनिया को दिखाएगी कि हिंदुस्तान वैश्विक स्तर की प्रौद्योगिकी कंपनियां, वैश्विक क्षमता और वैश्विक मूल्य का निर्माण कर सकता है. Board of Directors of Jio Platforms Limited (JPL) has today approved the Draft Red Herring Prospectus to be filed with the Securities and Exchange Board of India, BSE Limited and National Stock Exchange of India Limited in connection with its proposed Initial Public Offer. pic.twitter.com/BXP9FxkqTW — ANI (@ANI) June 19, 2026 आकाश, ईशा और अनंत अंबानी संभालेंगे IPO प्रक्रिया मुकेश अंबानी ने बताया कि जियो के अगले चरण के विकास और मूल्य सृजन (value Creation) की जिम्मेदारी आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी संभाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि आईपीओ प्रक्रिया का नेतृत्व भी यही नई पीढ़ी कर रही है, जो कंपनी को भविष्य के विकास की दिशा में आगे बढ़ाएगी. हिंदुस्तान का सबसे बड़ा IPO बन सकता है जियो इश्यू बाजार के जानकारों का मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ हिंदुस्तानीय इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम (IPO) साबित हो सकता है. कंपनी का संभावित मूल्यांकन 130 अरब डॉलर से 180 अरब डॉलर के बीच हो सकता है. वहीं आईपीओ का आकार करीब 4 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि कंपनी ने अभी इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. #WATCH | At the 49th AGM of the company, Reliance Industries Limited Chairman and Managing Director Mukesh Ambani says, “10 years ago, Jio began its journey with an audacious dream to remove digital inequality from India. At that time, voice was costly, data was expensive, and… pic.twitter.com/UvDiSaQ7Y2 — ANI (@ANI) June 19, 2026 रिलायंस के पास है 66.43% हिस्सेदारी वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पास जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड में 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है. आईपीओ के बाद भी रिलायंस कंपनी में नियंत्रणकारी हिस्सेदारी बनाए रख सकती है. Jio की 5 बड़ी रणनीतिक प्राथमिकताएं आईपीओ की घोषणा के साथ जियो ने भविष्य की विकास रणनीति भी पेश की है. कंपनी ने अगले कुछ वर्षों के लिए पांच प्रमुख प्राथमिकताएं तय की हैं. 5G नेटवर्क का तेजी से विस्तार जियो का लक्ष्य 2030 तक अपने पूरे ग्राहक आधार को 5G नेटवर्क पर स्थानांतरित करना है. साथ ही कंपनी 6G तकनीक के विकास में हिंदुस्तान की भूमिका को मजबूत बनाने की दिशा में भी काम करेगी. Jio AirFiber का विस्तार कंपनी Jio AirFiber के जरिए हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाओं का विस्तार करेगी. जियो के अनुसार- 90% से अधिक इंस्टॉलेशन 24 घंटे के भीतर पूरे किए जा रहे हैं. प्रतिदिन लगभग 60,000 नए होम ब्रॉडबैंड कनेक्शन जोड़े जा रहे हैं. MSME सेक्टर का डिजिटलीकरण जियो छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) को डिजिटल बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है. इसके लिए JioPC जैसे उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा. JioPC सेट-टॉप बॉक्स के जरिए उपलब्ध क्लाउड कंप्यूटिंग सेवा है, जो छोटे व्यवसायों को कम लागत पर डिजिटल समाधान उपलब्ध कराती है. AI आधारित सेवाओं का विस्तार कंपनी उपभोक्ता सेवाओं, नेटवर्क प्रबंधन और ग्राहक सहायता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को और बढ़ाने की योजना बना रही है. वैश्विक बाजार में तकनीकी प्लेटफॉर्म का व्यावसायीकरण जियो हिंदुस्तान में विकसित अपने 5G, फिक्स्ड वायरलेस और AI आधारित तकनीकी प्लेटफॉर्म को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी व्यावसायिक रूप से उपलब्ध कराने की योजना बना रही है. ARPU बढ़ाने पर रहेगा फोकस मुकेश अंबानी ने कहा कि प्रीमियम 5G सेवाओं, AI-सक्षम उत्पादों और एंटरप्राइज समाधानों के विस्तार के साथ प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (ARPU) में वृद्धि होने की उम्मीद है. उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा- मैं आपको और सभी संभावित नए निवेशकों को आश्वस्त करता हूं कि जियो का भविष्य और अधिक उज्ज्वल है. निवेशकों की नजरें जियो IPO पर रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM में जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग सबसे चर्चित विषय रही. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह आईपीओ हिंदुस्तानीय पूंजी बाजार के इतिहास में नया रिकॉर्ड बना सकता है. अगर जियो का मूल्यांकन अनुमानित स्तर तक पहुंचता है, तो यह न केवल हिंदुस्तान बल्कि दुनिया के सबसे बड़े तकनीकी आईपीओ में भी शामिल हो सकता है. The post Jio IPO को बोर्ड की मंजूरी, 27 करोड़ नए शेयर होंगे जारी, जानें कंपनी की 5 बड़ी प्राथमिकताएं appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में दाखिल-खारिज में गड़बड़ी, रिश्वतखोरी और लापरवाही, राजस्व मंत्री ने 10 अधिकारियों पर की कार्रवाई

Bihar Revenue Department Action: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है. विभागीय मामलों की समीक्षा के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने 10 अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक और अनुशासनिक कार्रवाई को मंजूरी दी है. मंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पटना सिटी की डीसीएलआर पर 15 लाख रिश्वत लेने का आरोप सबसे चर्चित मामला पटना सिटी की भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) अभिलाषा सिन्हा से जुड़ा है. उन पर दाखिल-खारिज अपील मामले के निपटारे के बदले बिचौलिए के माध्यम से 15 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है. मामले में आरोप पत्र गठित करते हुए उनके निलंबन की अनुशंसा सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी गई है. हाजीपुर के तत्कालीन सीओ पर भी कार्रवाई हाजीपुर के तत्कालीन अंचल अधिकारी मुकुल कुमार झा के खिलाफ निगरानी थाना में दर्ज भ्रष्टाचार मामले के आधार पर आरोप पत्र गठित किया गया है. वहीं औरंगाबाद के सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी नीलकमल कुमार सिन्हा पर मुख्यालय के एक अधिकारी को ऑनलाइन माध्यम से रिश्वत देने की कोशिश करने का आरोप है. उनके खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है. सीतामढ़ी और किशनगंज के अधिकारियों पर गंभीर आरोप सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर में तैनात राजस्व अधिकारी विश्वामित्र खरवार पर बिना पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य के आवेदन खारिज करने और अमीन के माध्यम से 5 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है. किशनगंज सदर के अंचल अधिकारी राहुल कुमार पर दाखिल-खारिज मामलों को गलत तरीके से अस्वीकृत करने और उचित जांच के बिना प्रशासनी जमीन को रैयती घोषित करने के आरोप लगे हैं. उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है. संपतचक और कुढ़नी के अधिकारियों पर भी गिरी गाज पटना के संपतचक अंचल अधिकारी अमित कुमार पर दाखिल-खारिज मामलों में अनावश्यक आपत्तियां लगाने और परिमार्जन आवेदनों के निष्पादन में देरी करने का आरोप है. वहीं मुजफ्फरपुर के कुढ़नी के तत्कालीन राजस्व अधिकारी धीरज कुमार पर मुख्यालय से अनधिकृत अनुपस्थिति, कार्यों में लापरवाही और दाखिल-खारिज मामलों में अनियमितता बरतने के आरोप में विभागीय आरोप पत्र स्वीकृत किया गया है. बांका में पदस्थापित अधिकारी के खिलाफ भी जांच वर्तमान में बांका में अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के रूप में कार्यरत रंजीत कुमार के खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई चल रही है.उन पर सहरसा में पदस्थापना के दौरान अतिक्रमण मामलों में नियमों के विपरीत आदेश देने और गलत जानकारी देकर वरीय अधिकारियों को गुमराह करने का आरोप है. समस्तीपुर की सीओ की वेतन वृद्धि रोकी गई समस्तीपुर की अंचल अधिकारी पुष्पलता कुमारी पर दाखिल-खारिज मामलों में अनियमितता के आरोप साबित होने के बाद एक वेतन वृद्धि रोकने का दंड दिया गया है. यह दंड संचयी प्रभाव के बिना लगाया गया है. बगहा की सीओ पर भी आरोप पत्र पश्चिम चंपारण के बगहा-1 की अंचल अधिकारी नर्मदा श्रीवास्तव पर भी कई गंभीर आरोप लगे हैं. उन पर दाखिल-खारिज मामलों को लंबित रखने, प्रशासनी राजस्व को नुकसान पहुंचाने और न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं करने के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है. ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर प्रशासन कायम राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू है. उन्होंने कहा कि जनता को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं देना प्रशासन की प्राथमिकता है. किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अपने पद का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. एक महीने में 60 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई विभाग लगातार भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई कर रहा है. 12 जून को भी आठ अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई को मंजूरी दी गई थी. इन मामलों में रिश्वतखोरी, प्रशासनी जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी, दाखिल-खारिज में अनियमितता और कर्तव्य में लापरवाही जैसे आरोप शामिल थे. राजस्व विभाग के अनुसार पिछले एक महीने में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और प्रशासनिक लापरवाही के मामलों में कुल 60 अधिकारियों और कर्मचारियों पर दंडात्मक एवं अनुशासनिक कार्रवाई की जा चुकी है. पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर प्रशासन का कहना है कि विभाग में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी. भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी. Also Read: अब पटना में नहीं चलेंगे कोचिंग सेंटर, शहर के बाहर बनेगा हब, खान सर-रौशन आनंद विवाद के बीच CM सम्राट का बड़ा ऐलान The post बिहार में दाखिल-खारिज में गड़बड़ी, रिश्वतखोरी और लापरवाही, राजस्व मंत्री ने 10 अधिकारियों पर की कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

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‘जेल में आत्महत्या करने वाला था…’ स्पॉट-फिक्सिंग विवाद पर छलका श्रीसंत का दर्द

S Sreesanth: हिंदुस्तान को 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जिताने वाली टीम का हिस्सा रहे पूर्व तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत ने अपनी जिंदगी के सबसे दर्दनाक दौर को लेकर बड़ा खुलासा किया है. 2013 आईपीएल स्पॉट-फिक्सिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद जेल में बिताए दिनों को याद करते हुए श्रीसंत ने कहा कि एक समय ऐसा आ गया था जब उनके मन में आत्महत्या तक का ख्याल आने लगा था. लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में श्रीसंत ने बताया कि उस मुश्किल समय में उनकी पत्नी भुवनेश्वरी उनकी सबसे बड़ी ताकत बनकर खड़ी रहीं. उन्होंने कहा कि अगर भुवनेश्वरी का साथ नहीं होता तो शायद वह उस दौर से बाहर नहीं निकल पाते. श्रीसंत ने कहा, “जब मैं जेल में था, तब मैंने आत्महत्या नहीं की, इसकी सबसे बड़ी वजह भुवनेश्वरी थीं. मैंने 2010 में उनसे वादा किया था कि अगर हम 2011 वर्ल्ड कप जीतेंगे तो मैं उनसे शादी करूंगा.” श्रीसंत ने अपनी लव स्टोरी को लेकर किया खुलासा पूर्व हिंदुस्तानीय गेंदबाज ने अपनी लव स्टोरी के बारे में भी खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि पहली बार उनकी मुलाकात भुवनेश्वरी से एक स्कूल कार्यक्रम में हुई थी. इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और कई वर्षों तक संपर्क बना रहा. श्रीसंत ने बताया कि उनकी पांचवीं मुलाकात उनकी रोका सेरेमनी के दौरान हुई थी, जब वह जमानत पर बाहर आए थे. कठिन समय में भी भुवनेश्वरी ने साथ नहीं छोड़ा श्रीसंत ने यह भी बताया कि 2012 में पैर की गंभीर सर्जरी के बाद वह व्हीलचेयर पर थे. डॉक्टरों ने उन्हें बताया था कि इस ऑपरेशन के बाद लकवा मारने का भी खतरा था. ऐसे कठिन समय में भी भुवनेश्वरी और उनके परिवार ने उनका साथ नहीं छोड़ा. उन्होंने कहा, “मैंने उनकी मां से कहा था कि मैं अभी शादी नहीं कर सकता क्योंकि मुझे नहीं पता था कि मैं दोबारा क्रिकेट स्पोर्ट्स पाऊंगा या नहीं. लेकिन इसके बावजूद उनके परिवार ने शादी का फैसला नहीं बदला.” 2022 में प्रोफेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास गौरतलब है कि मई 2013 में आईपीएल स्पॉट-फिक्सिंग मामले में एस. श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजीत चंदीला को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद बीसीसीआई ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाया था, जिसे बाद में हटा दिया गया. श्रीसंत ने क्रिकेट में वापसी भी की, लेकिन मार्च 2022 में उन्होंने पेशेवर क्रिकेट से संन्यास ले लिया. यह भी पढ़ें: अफगानिस्तान के खिलाफ आखिरी मैच से पहले हिंदुस्तानीय टीम में अचानक बदलाव, इस घातक गेंदबाज की हुई एंट्री The post ‘जेल में आत्महत्या करने वाला था…’ स्पॉट-फिक्सिंग विवाद पर छलका श्रीसंत का दर्द appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के मजदूरों के लिए चलेगा बड़ा अभियान, गांव-गांव लगेगा कैंप, इन योजनाओं का मिलेगा लाभ

Bihar Migrant Workers Registration: (प्रह्लाद कुमार, पटना) बिहार के श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग ने शुक्रवार को सूचना भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर विभाग की प्रमुख उपलब्धियों और नई योजनाओं की जानकारी दी. विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने कहा कि राज्यभर में विशेष कैंप लगाकर श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक मजदूर प्रशासनी योजनाओं का लाभ उठा सकें. प्रवासी श्रमिकों के लिए लॉन्च हुआ नया ऐप अपर मुख्य सचिव ने बताया कि बिहार के प्रवासी श्रमिकों का डाटा तैयार करने के लिए “बिहार प्रवासी कामगार ऐप” शुरू किया गया है. इस ऐप के माध्यम से 10 जून से अब तक 6 लाख 84 हजार 708 प्रवासी श्रमिकों का निबंधन किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि यह ऐप राज्य के बाहर और विदेशों में काम करने वाले बिहार के मजदूरों तक प्रशासनी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद करेगा. प्रवासी मजदूरों के लिए बढ़ी अनुदान राशि प्रशासन ने प्रवासी मजदूरों के हित में बड़ा फैसला लिया है. अब किसी प्रवासी मजदूर की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को मिलने वाली सहायता राशि 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दी गई है. इसके अलावा राज्य के बाहर या विदेश में कार्यरत किसी प्रवासी मजदूर की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उसके पार्थिव शरीर को घर तक लाने का पूरा खर्च भी प्रशासन वहन करेगी. दुर्घटना अनुदान योजना से सैकड़ों परिवारों को मदद विशेष सचिव-सह-बोर्ड सुनील कुमार यादव ने बताया कि बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 446 लाभुकों को 8 करोड़ 67 लाख 35 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई. वहीं वर्ष 2026-27 में अब तक 168 लाभुकों को 3 करोड़ 35 लाख 12 हजार 500 रुपये का अनुदान दिया जा चुका है. बाल श्रम उन्मूलन पर भी फोकस श्रमायुक्त बिहार राजेश हिंदुस्तानी ने बताया कि बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास के लिए राज्य प्रशासन लगातार काम कर रही है. पटना, गया और सीतामढ़ी में विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं. वर्ष 2025-26 में कुल 1054 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया. 126 बच्चों के लिए कराई गई एफडी वर्ष 2026-27 में बाल एवं किशोर श्रमिकों के पुनर्वास के लिए 126 बच्चों के खातों में सावधि जमा (एफडी) के रूप में 31 लाख 50 हजार रुपये जमा किए गए हैं. इसके अलावा तत्काल सहायता के तौर पर 103 बाल श्रमिकों को 3 लाख 9 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई है. जिन बच्चों की एफडी अभी नहीं हो पाई है, उनकी प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी. नौ प्रमंडलों में बन रहे श्रम सेवा सुविधा केंद्र राज्य प्रशासन श्रमिकों को एक ही जगह पर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए श्रम सेवा सुविधा केंद्र भी स्थापित कर रही है. योजना के तहत नौ प्रमंडलों में 10 श्रम सेवा सुविधा केंद्र खोले जाने हैं. फिलहाल पटना, कैमूर, सारण, सहरसा और दरभंगा में ये केंद्र पूरी तरह संचालित हो रहे हैं. इन केंद्रों पर निर्माण श्रमिकों का निबंधन, नवीकरण और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है. श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर विभाग का कहना है कि निबंधन अभियान, प्रवासी कामगार ऐप और श्रम सेवा सुविधा केंद्रों के जरिए अधिक से अधिक श्रमिकों को प्रशासनी योजनाओं से जोड़ा जाएगा. प्रशासन का लक्ष्य राज्य और राज्य के बाहर काम करने वाले सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है. Also Read: गिग वर्कर्स को AC लाउंज, गंगा किनारे जिग-जैग पार्क, मीठापुर को कॉमन सर्विस सेंटर, CM सम्राट ने पटना को दी करोड़ों की सौगात The post बिहार के मजदूरों के लिए चलेगा बड़ा अभियान, गांव-गांव लगेगा कैंप, इन योजनाओं का मिलेगा लाभ appeared first on Naya Vichar.

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गौतम देब का सिलीगुड़ी मेयर पद से इस्तीफा, ममता बनर्जी का ‘आखिरी किला’ भी ढहा

कोलकाता से विकास कुमार गुप्ता की रिपोर्ट Gautam Deb : उत्तर बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के आखिरी गढ़ सिलीगुड़ी नगर निगम में बड़ा नेतृत्वक फेरबदल देखने को मिला है. तृणमूल कांग्रेस के दिग्गज नेता माने जाने वाले पूर्व मंत्री गौतम देब ने सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है. शुक्रवार सुबह उन्होंने अपना त्यागपत्र नगर निगम के कमिश्नर को भेज दिया. हालिया विधानसभा चुनाव में उत्तर बंगाल के सभी प्रमुख जिलों में तृणमूल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद इस इस्तीफे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विधानसभा चुनाव में हार के बाद बढ़ा था दबाव हाल ही में संपन्न हुए साल 2026 के विधानसभा चुनाव में दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर और कूचबिहार जैसे जिलों में तृणमूल कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा. सिताई सीट से पार्टी के टिकट पर जीतीं संगीता बसुनिया के भी बागी सुर देखने को मिल रहे हैं. ऐसे में उत्तर बंगाल में सत्ता के नाम पर तृणमूल के पास एकमात्र सहारा सिलीगुड़ी नगर निगम ही बचा था. खुद गौतम देब सिलीगुड़ी विधानसभा सीट से चुनाव हार गए थे, जिसके बाद से ही नगर निगम बोर्ड पर संकट के बादल मंडराने लगे थे. मेयर के फैसले पर पार्षदों में आपसी मतभेद गौतम देब ने गुरुवार को नगर निगम के मेयर-इन-परिषद के सदस्यों के साथ एक अहम बैठक की थी. इस बैठक में जब उन्होंने इस्तीफा देने की इच्छा जताई, तो तृणमूल कांग्रेस के पार्षदों के बीच आपसी फूट खुलकर सामने आ गई. सिलीगुड़ी नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल अभी एक साल से ज्यादा का बचा हुआ है, इसलिए कई पार्षद नहीं चाहते थे कि मेयर पद छोड़ें. पार्षदों के विरोध और मतभेदों के बावजूद गौतम देब अपने फैसले पर अड़े रहे और शुक्रवार को पद से इस्तीफा दे दिया. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें संगठन में मिली नई जिम्मेदारी, गढ़ बचाने की चुनौती एक तरफ जहां चुनावी हार के बाद उनके इस्तीफे को लेकर अटकलें तेज थीं, वहीं दूसरी तरफ पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी है. बुधवार को ही गौतम देब को दार्जिलिंग जिला तृणमूल कांग्रेस (मैदानी क्षेत्र) का चेयरमैन नियुक्त किया गया है. नेतृत्व का मानना है कि वे अब प्रशासनिक कार्यों से अलग होकर उत्तर बंगाल में संगठन को दोबारा मजबूत करने पर ध्यान दें. हालांकि, इस इस्तीफे के बाद सिलीगुड़ी नगर निगम बोर्ड का भविष्य अधर में लटक गया है और उत्तर बंगाल में तृणमूल के वजूद पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है. Also Read: बालू दा ने भी छोड़ा ममता दीदी का साथ, ज्योतिप्रिया मल्लिक ने पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा The post गौतम देब का सिलीगुड़ी मेयर पद से इस्तीफा, ममता बनर्जी का ‘आखिरी किला’ भी ढहा appeared first on Naya Vichar.

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