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Author name: Vinod Jha

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ईरान-अमेरिका समझौते पर साइन कर ट्रंप ने पाकिस्तान को किया चारों खाने चित्त, ऐसे फेल हुआ शहबाज शरीफ का प्लान?

US- Iran Peace Deal : पश्चिम एशिया में जारी तनाव को समाप्त करने के लिए पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश की थी. पाकिस्तान ने यह कोशिश की थी कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता करवा कर वह विश्व की नजर में शांति का दूत बन जाए और उसपर आतंकवादियों को शरण देने वाले देश का ठप्पा भी मिट जाए. इस समझौते के बहाने पाकिस्तान, अमेरिका का करीबी भी बनना चाहता था, लेकिन उसके मनसूबे पर अस्थिर सोच वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पानी फेर दिया है. पाकिस्तान को अमेरिका ने दिया झटका ईरान और अमेरिका के बीच समझौता कराने के लिए पाकिस्तान ने एड़ी-चोटी एक की. दोनों देशों के प्रतिनिधियों को इस्लामाबाद आमंत्रित किया था और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस मौके को लपकने की हर संभव कोशिश की थी. ईरान और अमेरिका के बीच जो शांति समझौता हुआ है, उसे शुरू करने में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई थी. दोनों पक्षों के बीच संदेश पहुंचाने का काम भी पाकिस्तान ने किया था. उसे उम्मीद थी कि जब यह समझौता होगा तो विश्व पटल पर अमेरिका की साख बढ़ेगी, लेकिन जब समझौता हुआ तो अमेरिका के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान को दरकिनार कर दिया और फ्रांस में शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर दिया. परिणाम यह हुआ कि पाकिस्तान को उपलब्धि के नाम पर कुछ भी नहीं मिला और उसका इस्लामाबाद मेमोरेंडम से फायदा उठाने का विचार धरा रह गया. पाकिस्तान का दांव कैसे हुआ फेल ईरान और अमेरिका के बीच जो शांति समझौता होना था उसका नाम रखा गया है-इस्लामाबाद मेमोरेंडम आॅफ अंडरस्टैडिंग. इसके लिए दोनों देश 19 जून को स्विटरलैंड में शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले थे. पाकिस्तान इसकी तैयारी भी कर रहा था. 15 जून को शहबाज शरीफ ने कार्यक्रमक की आधिकारिक जानकारी भी दी थी, लेकिन उससे पहले ही 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने डिजिटली हस्ताक्षर कर दिए. राष्ट्रपति ट्रंप ने इसके बारे में फ्रांस के वर्साय में घोषणा भी कर दी. परिणाम यह हुआ कि 19 जून का कार्यक्रम जिसे पाकिस्तान अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना चाहता था, वह पूरी तरह फेल हो गया. इस फैसले ने पाकिस्तान को असहज स्थिति में डाल दिया, जिस कार्यक्रम में वह स्वयं को केंद्र में देखने की उम्मीद कर रहा था, वह उसके बिना ही पूरा हो गया. ट्रंप ने अंतिम समय में बदला दांव और पाकिस्तान को हुआ नुकसान पाकिस्तान यह उम्मीद कर रहा था कि ईरान-अमेरिका समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभाकर वह उनकी नजर में बेहतर बन जाएगा और उसकी छवि सुधरेगी. पाकिस्तान शायद यह भूल गया कि अपने अप्रत्याशित फैसलों के लिए मशहूर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप उन्हें इतनी आसानी से इतने बड़े अवसर का श्रेय नहीं लेने देंगे. हुआ भी यही. ट्रंप अंतिम समय में फैसला बदला और समय से पहले ही समझौते पर हस्ताक्षर करके यह साबित किया कि पश्चिम एशिया में शांति उनके और ईरान के प्रयासों से आ रही है. ट्रंप के इस फैसले से पाकिस्तान को बड़ा नुकसान हो गया, उसकी कूटनीति इतनी सक्षम नहीं निकली कि वह उसके वैश्विक छवि को सुधार सके. इतना ही नहीं ट्रंप ने समझौते पर हस्ताक्षर से पहले जी-7 समिट के दौरान हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक तौर पर तारीफ की इससे पाकिस्तान में निराशा और बढ़ी है. कोई भी अंतरराष्ट्रीय समझौता कराने की पाकिस्तान की हैसियत नहीं :डाॅ धनंजय त्रिपाठी साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डाॅ धनंजय त्रिपाठी कहते हैं कि विश्व की नेतृत्व में पाकिस्तान की ऐसी हैसियत ही नहीं है कि वह कोई समझौता करवा पाए. हां, ईरान और अमेरिका के बीच जो समझौता हुआ है, उसके लिए पाकिस्तान ने जो प्रयास किए, उससे उसका डेप्लोमेटिक आइसोलेशन खत्म हुआ है. पाकिस्तान ने इस समझौते में अपनी भूमिका को हाइप देने की कोशिश की, लेकिन उसकी भूमिका तथ्यों से परे थी. यही वजह है कि उसे इस समझौते से कोई फायदा नहीं हुआ. वैसे भी वह किसी डील का मेकर नहीं हो सकता. ईरान उसपर कभी भरोसा नहीं करता था. अमेरिका का वह पिछलग्गू है, तो उसकी भूमिका अहम कैसे हो सकती है. हां, यह समझौता न्यूट्रल ग्राउंड पर हो रहा था और उसमें भागीदारी निभाकर पाकिस्तान ने अपना आइसोलेशन ब्रेक किया है, बस इतना ही है, वह कोई डील ब्रेकर तो था नहीं कि उसके बिना समझौता नहीं होता. ये भी पढ़ें : RSS ने खुद को रजिस्टर्ड संगठन क्यों नहीं बनाया है? 100 साल बाद क्यों उठा ये सवाल History of Munda Tribes 4 : मुंडा समाज में कानून की दस्तक था ‘किलि’, जानें कैसे हुई थी शुरुआत The post ईरान-अमेरिका समझौते पर साइन कर ट्रंप ने पाकिस्तान को किया चारों खाने चित्त, ऐसे फेल हुआ शहबाज शरीफ का प्लान? appeared first on Naya Vichar.

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राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद इरफान अंसारी का छलका दर्द, बोले- हार का दुख नहीं, अपनों ने तोड़ दिया भरोसा

Rajya Sabha Election: झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी भावुक नजर आए. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर धनबल, छल और साजिश की नेतृत्व करने का आरोप लगाया. इरफान अंसारी ने कहा कि उन्हें चुनाव में हार का उतना दुख नहीं है, जितना अपने ही लोगों द्वारा विश्वास तोड़े जाने का दर्द है. राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद महागठबंधन के भीतर भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. ऐसे माहौल में इरफान अंसारी की भावुक प्रतिक्रिया ने नेतृत्वक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है. नेतृत्व में हार के बाद बयान भी उतनी ही तेजी से आते हैं, जितनी तेजी से जीत के बाद मिठाइयां बांटी जाती हैं. भाजपा पर लगाया धनबल और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप इरफान अंसारी ने कहा कि यदि सभी लोग एकजुट रहते और साथ खड़े होते, तो हिंदुस्तानीय जनता पार्टी यह चुनाव नहीं जीत पाती. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने धनबल, छल और सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल कर जीत हासिल की है. उन्होंने कहा कि आज भाजपा अपनी जीत का जश्न मना रही है, लेकिन यह जीत जनभावनाओं की नहीं, बल्कि धनबल और सत्ता के दुरुपयोग की जीत है. उनके मुताबिक लोकतंत्र में जनादेश सर्वोपरि होता है, लेकिन नेतृत्वक परिस्थितियों ने इस चुनाव को अलग दिशा दे दी. ‘दिल आहत है, लेकिन हिम्मत नहीं टूटी’ स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनका मन आहत है, लेकिन वह निराश नहीं हैं. उन्होंने कहा कि संघर्ष उनकी पहचान है और जनता का विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने कहा कि नेतृत्वक जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और जीत-हार स्थायी नहीं होती. इरफान अंसारी ने कहा कि आज परिस्थितियां उनके पक्ष में नहीं रहीं, लेकिन भविष्य में हालात बदलेंगे. उन्होंने भरोसा जताया कि जनता का समर्थन उनके साथ है और वह लगातार संघर्ष करते रहेंगे. इसे भी पढ़ें: झारखंड में नेतृत्वक भूचाल! आरजेडी विधायक सुरेश पासवान ने कांग्रेस प्रभारी के. राजू को बताया ‘सबसे बड़ा गद्दार’ आज उनका दिन है, कल हमारा भी आएगा: इरफान अंसारी अपने संदेश में इरफान अंसारी ने कहा कि नेतृत्व में किसी की जीत या हार हमेशा के लिए नहीं होती. उन्होंने कहा कि आज भाजपा का दिन है, लेकिन आने वाले समय में परिस्थितियां बदलेंगी और उनका भी समय आएगा. उन्होंने कहा कि वह किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने वाले नहीं हैं और जनता के हितों तथा अपने नेतृत्वक सिद्धांतों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे. उनकी इस प्रतिक्रिया को राज्यसभा चुनाव के बाद महागठबंधन के भीतर बढ़ती बेचैनी और असंतोष के रूप में भी देखा जा रहा है. इसे भी पढ़ें: राज्यसभा चुनाव: प्रणव झा की हार के बाद कांग्रेस में बौखलाहट, बोले के राजू – आरजेडी और माले ने हमें दिया धोखा The post राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद इरफान अंसारी का छलका दर्द, बोले- हार का दुख नहीं, अपनों ने तोड़ दिया भरोसा appeared first on Naya Vichar.

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इस संडे घर पर बनाएं बंगाली स्टाइल ‘चिंगरी मलाई करी’, स्वाद ऐसा कि उंगलियां चाटते रह जाएंगे सब

Chingri Malai Curry Recipe: जब भी बंगाली खाने की बात आती है, तो ‘चिंगरी मलाई करी’ का नाम सबसे पहले जुबान पर आता है. यह बंगाल की एक बहुत फेमस और ट्रेडिशनल डिश है, जिसे खास मौकों, शादियों और त्योहारों पर बड़े चाव से बनाया जाता है.’चिंगरी’ का मतलब होता है झींगा (Prawns) और ‘मलाई करी’ का मतलब है नारियल के दूध (Coconut Milk) से बनी मखमली ग्रेवी.  नारियल के दूध की हल्की मिठास और बंगाली गरम मसालों का तीखापन मिलकर इस डिश को ऐसा लाजवाब स्वाद देते हैं कि खाने वाला तारीफ किए बिना नहीं रह पाता. अगर आप भी नॉन-वेज खाने के शौकीन हैं और इस वीकेंड कुछ बेहद खास और रेस्टोरेंट जैसा बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए ही है. आइए जानते हैं इसे बनाने (Chingri Malai Curry Recipe) की सबसे आसान और पारंपरिक विधि.  Chingri Malai Curry Recipe: सामग्री जो आपको चाहिए इसे बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा तामझाम की जरूरत नहीं है. नीचे दी गई चीजें आसानी से आपकी रसोई में मिल जाएंगी: झींगा (Prawns): 500 ग्राम (अच्छे से साफ किए और धोए हुए) नारियल का दूध: 1 बड़ा कप (फ्रेश या रेडीमेड) सरसों का तेल: 3-4 चम्मच  प्याज का पेस्ट: 1 बड़ा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट: 1 चम्मच साबुत गरम मसाले: 2 हरी इलायची, 1 टुकड़ा दालचीनी, 2-3 लौंग और 1 तेजपत्ता पाउडर मसाले: आधा चम्मच हल्दी, आधा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर, आधा चम्मच जीरा पाउडर हरी मिर्च: 3-4 (बीच से कटी हुई) घी और चीनी: आधा चम्मच घी और आधा चम्मच चीनी (स्वाद को बैलेंस करने के लिए) नमक: स्वादानुसार PC: Freepik स्टेप 1: झींगे को मैरीनेट और फ्राई करें सबसे पहले साफ किए हुए झींगों (Prawns) में आधा चम्मच हल्दी और थोड़ा सा नमक मिलाकर 10-15 मिनट के लिए रख दें. अब एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें. तेल जब अच्छे से गर्म हो जाए और धुआं निकलने लगे, तो झींगों को कड़ाही में डालें. झींगों को सिर्फ 2 से 3 मिनट के लिए ही हल्का फ्राई करना है. अगर आप इन्हें ज्यादा पकाएंगे, तो ये रबर की तरह सख्त हो जाएंगे. हल्का सा रंग बदलते ही इन्हें प्लेट में निकाल लें.  स्टेप 2: खड़े मसालों का तड़का लगाएं झींगे निकालने के बाद उसी बचे हुए तेल में आधा चम्मच घी डालें (इससे खुशबू बहुत अच्छी आती है). अब इसमें तेजपत्ता, दालचीनी, लौंग और इलायची डालकर कुछ सेकंड के लिए भूनें, ताकि तेल में मसालों की खुशबू बैठ जाए. इसके बाद इसमें आधा चम्मच चीनी डालें. तेल में चीनी डालने से ग्रेवी (Chingri Malai Curry Recipe) का रंग बहुत खूबसूरत आता है.  स्टेप 3: मसाला भूनें अब कड़ाही में प्याज का पेस्ट डालें और इसे तब तक भूनें जब तक कि इसका कच्चापन दूर न हो जाए और यह हल्का सुनहरा न दिखने लगे. इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट डालें और 1 मिनट तक चलाएं. अब हल्दी, कश्मीरी लाल मिर्च और जीरा पाउडर को थोड़े से पानी में मिलाकर पेस्ट बना लें और कड़ाही में डाल दें. मसालों को धीमी आंच पर तब तक भूनें जब तक कि मसाला तेल न छोड़ दे.  PC: Freepik स्टेप 4: नारियल का दूध और झींगा मिलाएं जब मसाला अच्छे से भून जाए, तो आंच को बिल्कुल धीमा कर दें और कड़ाही में नारियल का दूध डालें. स्वाद के अनुसार नमक और बीच से कटी हुई हरी मिर्चें भी डाल दें. ग्रेवी को अच्छे से मिलाएं और इसमें उबाल आने दें. अब ग्रेवी उबलने लगे, तो इसमें पहले से फ्राई करके रखे हुए झींगे (Chingri Malai Curry Recipe) डाल दें.  स्टेप 5: धीमी आंच पर पकाएं झींगे डालने के बाद कड़ाही को ढक दें और इसे धीमी आंच पर 5 से 7 मिनट के लिए पकने दें ताकि ग्रेवी का सारा स्वाद झींगों के अंदर तक चला जाए. अंत में ऊपर से थोड़ा सा बंगाली गरम मसाला पाउडर और आधा चम्मच घी डालें, गैस बंद करें और 2 मिनट के लिए ढककर छोड़ दें.  यह भी पढ़ें: ओट्स का बोरिंग दलिया छोड़ें, Weight Loss के लिए ट्राई करें ये 5 चटपटी डिशेज The post इस संडे घर पर बनाएं बंगाली स्टाइल ‘चिंगरी मलाई करी’, स्वाद ऐसा कि उंगलियां चाटते रह जाएंगे सब appeared first on Naya Vichar.

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क्यों खास है जमाई षष्ठी? जानिए दामाद के सम्मान से जुड़े इस अनोखे बंगाली पर्व का महत्व

Jamai Shashthi 2026: हिंदुस्तानीय संस्कृति में कई ऐसे त्योहार हैं जो पारिवारिक रिश्तों को मजबूत बनाने का काम करते हैं. उन्हीं में से एक है जमाई षष्ठी, जो विशेष रूप से बंगाली समुदाय में बड़े उत्साह और पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है. यह पर्व दामाद यानी “जमाई” के सम्मान और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए मनाया जाता है. बांग्ला कैलेंडर के अनुसार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को जमाई षष्ठी मनाई जाती है. इस वर्ष यह पर्व 20 जून 2026 को मनाया जाएगा. इस खास अवसर पर बेटी और दामाद को घर बुलाया जाता है और पूरे परिवार के साथ खुशियां साझा की जाती हैं. कब मनाया जाता है जमाई षष्ठी? हर साल ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है. बंगाल और बंगाली समुदाय में इसका सांस्कृतिक महत्व बेहद खास माना जाता है. इस दिन घरों में पूजा-पाठ और विशेष भोजन की तैयारियां की जाती हैं. जमाई षष्ठी का शाब्दिक अर्थ “जमाई” का अर्थ दामाद होता है, जबकि “षष्ठी” का अर्थ चंद्र मास का छठा दिन होता है. इस तरह ज्येष्ठ माह की षष्ठी को मनाए जाने वाले इस पर्व को जमाई षष्ठी कहा जाता है. आज यह केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि रिश्तों में प्रेम और सम्मान को मजबूत करने वाला पारिवारिक उत्सव बन चुका है. कैसे मनाया जाता है यह पर्व? जमाई षष्ठी के दिन सास अपनी बेटी और दामाद को घर आने का निमंत्रण देती है. दामाद के स्वागत के लिए घरों में विशेष तैयारी की जाती है. सास अपने दामाद को तिलक लगाकर उसकी कलाई में पीला धागा बांधती है और आरती उतारकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती है. इस अवसर पर नए कपड़े, मिठाइयां, आम, लीची और अन्य मौसमी फलों के साथ स्वादिष्ट व्यंजन परोसे जाते हैं. कई परिवारों में दामाद को छह प्रकार के फल और विभिन्न पकवान खिलाने की भी परंपरा है. सास और दामाद के रिश्ते का प्रतीक बंगाली समाज में यह पर्व सास और दामाद के बीच मजबूत रिश्ते और सम्मान का प्रतीक माना जाता है. इस दिन बेटी-दामाद को उपहार, कपड़े, साड़ियां और गहने भी दिए जाते हैं. जमाई षष्ठी केवल एक परंपरा नहीं बल्कि परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम, सम्मान और आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने का एक सुंदर अवसर भी है. The post क्यों खास है जमाई षष्ठी? जानिए दामाद के सम्मान से जुड़े इस अनोखे बंगाली पर्व का महत्व appeared first on Naya Vichar.

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कोलकाता हवाई अड्डे पर गिरी आसमानी बिजली, बाल-बाल बचा अमीरात का विमान, ग्राउंड स्टाफ झुलसे

कोलकाता से विकास कुमार की रिपोर्ट Kolkata Airport: कोलकाता हवाई अड्डे पर रनवे पर काम करने के दौरान अचानक आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने से दो ग्राउंड स्टाफ गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. एयरपोर्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह भयानक दुर्घटना उस समय हुई जब हवाई अड्डे के रनवे पर ‘अमीरात’ एयरलाइंस की एक फ्लाइट लैंड कर चुकी थी. दोनों ग्राउंड स्टाफ विमान से यात्रियों का सामान नीचे उतारने के काम में लगे हुए थे. इसी दौरान अचानक गरज के साथ जोरदार बिजली गिरी, जिसकी चपेट में दोनों कर्मचारी आ गये. घायल कर्मचारियों को तुरंत पास के चिकित्सा केंद्र ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. कोलकाता सहित 10 जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी इधर, अलीपुर मौसम विभाग ने कोलकाता सहित पूरे दक्षिण बंगाल में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है. कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के 10 जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है. मौसम विभाग का अनुमान है कि इस वीकेंड में शनिवार और रविवार को बारिश और ज्यादा तेज होगी, जो आगामी मंगलवार तक लगातार जारी रह सकती है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें जलमग्न हुई कोलकाता की सड़कें लगातार हो रही रुक-रुक कर बारिश के कारण कोलकाता के कई निचले इलाकों में पानी भरना शुरू हो गया है. सड़कों पर जलजमाव के कारण यातायात भी प्रभावित हो रहा है. स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कोलकाता नगर निगम पूरी तरह मुस्तैद हो गया है. जलजमाव की स्थिति पर नजर रखने के लिए निगम मुख्यालय में एक विशेष कॉन्फ्रेंस और कंट्रोल रूम खोला गया है. शहर के सभी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. अधिकारी सीसीटीवी और ग्राउंड इनपुट के जरिए हर इलाके की पल-पल की मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि जलभराव की समस्या का तुरंत निपटारा किया जा सके. Also Read: बंगाल का मौसम: तबाही की बारिश, पहाड़ों में भूस्खलन, दुड़िया पुल ध्वस्त, दार्जिलिंग-सिलीगुड़ी संपर्क ठप The post कोलकाता हवाई अड्डे पर गिरी आसमानी बिजली, बाल-बाल बचा अमीरात का विमान, ग्राउंड स्टाफ झुलसे appeared first on Naya Vichar.

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करोड़ों के कैमरों पर भारी पड़ा दादाजी के जमाने का गैजेट! फीफा मैच के बीच इस फैन ने कर दिया ऐसा कमाल, वीडियो हुआ वायरल

Vintage Camera: फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ, फीफा वर्ल्ड कप के दौरान स्टेडियम में एक अनोखा और जादुई नजारा देखने को मिला. जहां आज के दौर में लोग हाई-टेक स्मार्टफोन्स और महंगे 4K कैमरों से मैच को रिकॉर्ड करते हैं. वहीं एक फुटबॉल फैन ने नीदरलैंड्स बनाम जापान के मुकाबले को बिल्कुल अलग अंदाज में कैमरे में कैद किया. इस फैन ने मैच की तस्वीरें लेने के लिए किसी आधुनिक गैजेट का नहीं, बल्कि 1950 के दशक के एक विंटेज फिल्म कैमरे का इस्तेमाल किया. चमड़े के कवर से निकला 70 साल पुराना विंटेज कैमरा इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि स्टेडियम में बैठा एक शख्स अपने हाथों में चमड़े का एक पुराना, क्लासिक कैमरा केस थामे हुए है. जैसे ही वह उस केस को खोलता है, उसके अंदर से 1950 के दशक का एक फोल्डिंग फिल्म कैमरा बाहर आता है. इस कैमरे के केस पर अंदर की तरफ हाथ से ‘Film 120’ लिखा हुआ नजर आता है. इसके बाद वह शख्स बड़ी ही शिद्दत के साथ कैमरे के पिछले हिस्से को खोलता है और उसमें ‘Ilford’ कंपनी की क्लासिक 120 ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म रोल को लोड करता है. फिल्म लोड करने के बाद, वह कैमरे को बंद करता है और मैच की गतिविधियों पर नजर टिका देता है. Someone took a 1950s film camera to the Netherlands vs Japan World Cup game and captured pure magic 📸pic.twitter.com/MZABlrXlDy — Swearing Sports News (@SwearingSport) June 18, 2026 छोटे से व्यूफाइंडर में सिमटा वर्ल्ड कप का रोमांच वीडियो में आगे कैमरे के छोटे से व्यूफाइंडर (Viewfinder) के जरिए मैदान का नजारा दिखाया गया है. स्टेडियम की विशाल स्क्रीन्स पर नीदरलैंड्स और जापान के बीच चल रहा लाइव मैच और स्कोरबोर्ड नजर आ रहा है. जबकि व्यूफाइंडर के छोटे से चौकोर फ्रेम में मैदान पर दौड़ते खिलाड़ी बेहद खूबसूरत दिखाई दे रहे हैं. विंटेज कैमरे से क्लिक की गई तस्वीरें जब सामने आईं, तो उन्होंने हर किसी को हैरान कर दिया. तस्वीरों में बिखरा ‘ब्लैक एंड व्हाइट’ का जादू किसी गुजरे जमाने के 1950 के कैमरे से जब आज के आधुनिक फुटबॉल मैच को देखा गया, तो तस्वीरें पूरी तरह से ब्लैक एंड व्हाइट आईं. यही खूबी इस पूरे स्पोर्ट्स को एक ऐतिहासिक और विंटेज लुक दे रही है. इन तस्वीरों को देखते हुए ऐसा लगता है मानो समय ठहर गया हो. मैदान पर फुटबॉल को ड्रिबल करने की जद्दोजहद और खिलाड़ियों की आपसी खींचातानी के पल बेहद शानदार दिख रहे हैं. वहीं दूसरी ओर, ‘डलास’ स्टेडियम की लाइट्स की रोशनी में बैठी हजारों की भीड़ और हाथ में ड्रिंक लिए मैच का लुत्फ उठाती एक स्त्री फैन, ब्लैक एंड व्हाइट टोन के साथ एक गहरा कंट्रास्ट पैदा कर रही हैं. कमाल तो तब होता है जब रेफरी ‘येलो कार्ड’ दिखाता है; उस पल दर्शकों के चेहरों पर आई उत्सुकता और सस्पेंस के भाव इन तस्वीरों में पूरी तरह जीवंत हो उठे हैं. फैंस हुए इस क्रिएटिविटी के दीवाने यह वीडियो और इसके जरिए ली गई तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब धूम मचा रही हैं. फुटबॉल और फोटोग्राफी के शौकीन लोग इस पर जमकर कमेंट्स कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि जहां आज की तस्वीरें बेहद साफ और परफेक्ट होती हैं. वहीं इस अनोखे प्रयास ने आधुनिक स्पोर्ट्स के रोमांच को एक क्लासिक और यादगार इतिहास में तब्दील कर दिया है. इसे भी पढ़े- होश में आते ही न्यूयॉर्क निक्स के फैन ने की ऐसी हरकत, सोशल मीडिया पर आ गए लाखों व्यूज; वीडियो वायरल The post करोड़ों के कैमरों पर भारी पड़ा दादाजी के जमाने का गैजेट! फीफा मैच के बीच इस फैन ने कर दिया ऐसा कमाल, वीडियो हुआ वायरल appeared first on Naya Vichar.

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रोड ट्रिप हो या फैमिली वेकेशन, ये 7-सीटर कारें हर सफर को बनाएंगी यादगार, देखें पूरी लिस्ट

बात जब परिवार और दोस्तों के साथ लंबी रोड ट्रिप की हो, तो हर कोई ऐसी कार चाहता है जो कम्फर्टेबल भी हो, भरोसेमंद भी हो और हर सफर को यादगार बना दे. अच्छी बात यह है कि आज इंडियन मार्केट में अलग-अलग बजट और सेगमेंट में कई ऐसे ऑप्शन मौजूद हैं जो इन सभी जरूरतों को पूरा करते हैं. आइए जानते हैं ऐसी कुछ बेहतरीन कारों के बारे में, जिन्हें आप अपनी अगली फैमिली रोड ट्रिप के लिए जरूर सेलेक्ट कर सकते हैं. Toyota Innova Hycross इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसका बेहद स्पेसियस केबिन. Hycross की तीनों रो में अच्छा-खासा स्पेस मिलता है और आखिरी रो में भी तीन लोग आराम से बैठ सकते हैं. लॉन्ग ड्राइव को और कम्फर्टेबल बनाने के लिए दूसरी रो में अलग क्लाइमेट कंट्रोल जोन और ओटोमन सीट्स जैसी लग्जरी सुविधाएं भी दी गई हैं. वहीं, इसका स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम फ्यूल की खपत को काफी कम कर देता है. इस कार की कीमत लगभग 19.53 लाख रुपये से शुरू होकर 32.95 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है. Mahindra XUV7XO 2026 फेसलिफ्ट के बाद 7XO की सस्पेंशन सेटअप में काफी सुधार हुआ है. अंदर से 7XO काफी अच्छी और प्रीमियम लगती है. इसमें कई नए और काम के फीचर्स दिए गए हैं. अच्छी बात यह है कि आप अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से पेट्रोल या डीजल इंजन चुन सकते हैं. इसके अलावा, मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन भी मिलता है. इसके अलावा, Mahindra ने इसका इलेक्ट्रिक वर्जन XEV 9S भी पेश किया है, जिसमें ICE मॉडल के लगभग सभी मेन फीचर्स देखने को मिलते हैं. इसकी कीमत लगभग 13.66 लाख रुपये से शुरू होकर  25.07 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है. यह भी पढ़ें: माइलेज के मामले में सबसे आगे हैं ये 5 CNG कारें, कीमत भी ₹7 लाख से कम, देखें लिस्ट Tata Safari बाहर से इसका दमदार और मस्क्युलर लुक सड़क पर इसकी अलग पहचान बनाता है. गाड़ी के अंदर बैठते ही आपको इसकी कम्फर्टेबल और प्रीमियम फील साफ महसूस होगा. इसकी सीटें बड़ी, कम्फर्टेबल और अच्छी क्वालिटी की हैं. तीसरी रो की सीटें भी काफी बड़ी हैं. अच्छी बात यह है कि टाटा मोटर्स ने हाल ही में सफारी लाइनअप में पेट्रोल इंजन का ऑप्शन भी जोड़ दिया है. इस कार की कीमत लगभग 13.29 लाख रुपये से शुरू होकर 26.39 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है. Kia Carens Clavis इसका केबिन आपको एक प्रीमियम MPV जैसा फील देता है. अच्छी क्वालिटी के मटेरियल, मॉडर्न डिजाइन और शानदार फिनिश इसे खास बनाते हैं. इसके इलेक्ट्रिक वेरिएंट की बात करें तो इसमें कुछ एक्सक्लूसिव फीचर्स भी दिए गए हैं, जैसे सेकंड रो में 250V पावर सॉकेट और V2L (Vehicle-to-Load) टेक्नोलॉजी, जिसकी मदद से आप कार की बैटरी से बाहरी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी चला सकते हैं. इसकी कीमत लगभग 10.45 लाख रुपये से शुरू होकर 24.78 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है. Maruti Suzuki Ertiga प्रैक्टिकलिटी, किफायती कीमत और कम मेंटेनेंस कॉस्ट के मामले में यह MPV आज भी शानदार ऑप्शन है. चाहे आप दूसरी रो में बेंच सीट वाली Ertiga चुनें या फिर कैप्टन सीट्स के साथ आने वाली इसकी प्रीमियम सिबलिंग XL6, दोनों ही फैमिली ट्रैवल के लिए बेहतरीन हैं. कम्फर्टेबल केबिन, अच्छी स्पेस और भरोसेमंद परफॉर्मेंस इन्हें हर तरह के खरीदार के लिए बढ़िया चॉइस बनाती है. इसकी कीमत लगभग 8.80 लाख रुपये से शुरू होकर 14.48 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है. यह भी पढ़ें: हाईवे पर ड्राइविंग होगी आसान, 10 लाख से कम कीमत वाली इन 5 कारों में मिलता है क्रूज कंट्रोल The post रोड ट्रिप हो या फैमिली वेकेशन, ये 7-सीटर कारें हर सफर को बनाएंगी यादगार, देखें पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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गिग वर्कर्स को AC लाउंज, गंगा किनारे जिग-जैग पार्क, मीठापुर को कॉमन सर्विस सेंटर, CM सम्राट ने पटना को दी करोड़ों की सौगात

CM Samrat Gift: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इस दौरान राज्यभर में 286 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को जनता को समर्पित किया गया. मुख्यमंत्री ने 238.75 करोड़ रुपये की लागत से 114 योजनाओं का उद्घाटन किया. वहीं 47.48 करोड़ रुपये की 43 नई योजनाओं का शिलान्यास भी किया. इनमें पटना स्मार्ट सिटी और पटना नगर निगम की कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं शामिल हैं. पटना स्मार्ट सिटी की 93 करोड़ की परियोजनाएं शुरू पटना स्मार्ट सिटी के कुल 9 प्रोजेक्ट्स को कार्यक्रम में शामिल किया गया. इनमें 6 परियोजनाओं का उद्घाटन और 3 का शिलान्यास हुआ. इन परियोजनाओं पर कुल 93.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इस दौरान रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, ग्रीन एरिया डेवलपमेंट, गार्डन और वॉकिंग पाथवे जैसी परियोजनाओं को जनता के लिए खोल दिया गया. साथ ही शहर के 12 प्रमुख स्थानों पर नए वेरिएबल मैसेज डिस्प्ले बोर्ड लगाने की भी सौगात दी गई. मीठापुर में शुरू हुआ कॉमन सर्विस सेंटर कार्यक्रम की सबसे चर्चित परियोजनाओं में मीठापुर का नया कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) रहा. 10.68 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस आधुनिक भवन में कई सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी. करीब 26 हजार वर्गफुट क्षेत्र में बने इस G+3 भवन में बैंक, कॉमर्शियल सेवाएं और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी. यहां ओपन एयर कैफे और ओपन एयर थिएटर भी बनाया गया है. सबसे बड़ी बात यह है कि भविष्य में यह क्षेत्र मेट्रो नेटवर्क से भी जुड़ जाएगा, जिससे लोगों की आवाजाही आसान होगी. छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बना सेंटर मीठापुर इलाके में कई शिक्षण संस्थान हैं. इसी वजह से यहां छात्रों और स्थानीय लोगों की जरूरतों को देखते हुए इस सुविधा केंद्र का निर्माण किया गया है. भवन के प्रत्येक फ्लोर पर पुरुष और स्त्रीओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए गए हैं. इसके अलावा इलाके में सड़क, ड्रेनेज और जलापूर्ति व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है. गंगा किनारे जिग-जैग पार्क का उद्घाटन पटना के लोगों को गंगा किनारे एक नया आकर्षण भी मिला है. मुख्यमंत्री ने दीघा से सभ्यता द्वार तक विकसित रिवर फ्रंट परियोजना का उद्घाटन किया. जेपी गंगा पथ पर 32.14 करोड़ रुपये की लागत से बने रिवर फ्रंट को जनता के लिए खोला गया. इसके साथ ही जुहू चौपाटी की तर्ज पर तैयार 550 मीटर लंबे जिग-जैग पार्क का भी उद्घाटन किया गया. यह पार्क कुर्जी मोड़ से एलसीटी घाट तक विकसित किया गया है. इसके निर्माण पर 2.54 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. पार्क में लगाए गए 2700 से ज्यादा पौधे जिग-जैग पार्क में हरियाली पर विशेष ध्यान दिया गया है. यहां 2700 से अधिक पौधे लगाए गए हैं. लोगों के टहलने और बैठने के लिए पर्याप्त खुली जगह छोड़ी गई है. पार्क में बेंच भी लगाए गए हैं ताकि लोग गंगा किनारे आराम से समय बिता सकें. डिलीवरी बॉय और ऑटो चालकों को मिला AC लाउंज पटना में पहली बार गिग वर्कर्स के लिए विशेष एसी लाउंज बनाए गए हैं. मुख्यमंत्री ने इनका भी उद्घाटन किया. ये लाउंज गांधी मैदान गेट नंबर-4 और इनकम टैक्स गोलंबर के पास बनाए गए हैं. इनका निर्माण चेन्नई मॉडल पर किया गया है. इन लाउंज में डिलीवरी बॉय, कूरियर कर्मी, ऑटो चालक और बाइक राइडर्स मुफ्त में आराम कर सकेंगे. मोबाइल चार्जिंग और ठंडे पानी की सुविधा प्रत्येक लाउंज में करीब 15 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी. दोनों लाउंज में एक साथ 30 लोग आराम कर सकेंगे. यहां मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, ठंडे पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. जीविका दीदियों को भी इससे जोड़ा जाएगा, जो लोगों को छाछ, आम पन्ना और अन्य पारंपरिक पेय पदार्थ उपलब्ध कराएंगी. बिहार की पहली स्वचालित बाइक पार्किंग बनेगी पटना में पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए प्री-फैब्रिकेटेड टू-व्हीलर रोटरी पार्किंग सिस्टम का शिलान्यास भी किया गया. करीब 4.65 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह पार्किंग बिहार की पहली स्वचालित बाइक पार्किंग होगी. इसे मौर्यालोक, बोरिंग रोड और कदमकुआं वेंडिंग जोन के पास बनाया जाएगा. यह पार्किंग सटल डॉली सिस्टम और हाइड्रोलिक तकनीक से संचालित होगी. 250 नई दुकानों का भी शिलान्यास मुख्यमंत्री ने आधुनिक डिजाइन वाली दुकानों की परियोजना का भी शिलान्यास किया. इसके तहत 50 नई आधुनिक दुकानों और 200 प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों का निर्माण किया जाएगा. इस परियोजना पर करीब 7.17 करोड़ रुपये खर्च होंगे. दुकानों में बिजली, एलईडी लाइटिंग, ड्रेनेज, प्लंबिंग और ऊर्जा बचत से जुड़ी सुविधाएं होंगी. सभी दुकानों का डिजाइन एक जैसा रखा जाएगा, ताकि पूरा बाजार क्षेत्र व्यवस्थित और आकर्षक दिखे. पटना के विकास को मिलेगी नई रफ्तार नगर विकास विभाग की इन परियोजनाओं से पटना की आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी. रिवर फ्रंट, स्मार्ट सुविधाएं, पार्किंग सिस्टम, गिग वर्कर्स लाउंज और कॉमन सर्विस सेंटर जैसी योजनाएं शहर को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं. Also Read: ‘उज्जैनी से मिलने से रोका तो उसका अपहरण करा देंगे’, तेजप्रताप पर जबरन घर में घुसने का आरोप, जानिए FIR में क्या-क्या? The post गिग वर्कर्स को AC लाउंज, गंगा किनारे जिग-जैग पार्क, मीठापुर को कॉमन सर्विस सेंटर, CM सम्राट ने पटना को दी करोड़ों की सौगात appeared first on Naya Vichar.

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“भैया, स्कैनर देना!” दुकान पर ‘QR Code’ को क्यों ‘Scanner’ बुलाते हैं लोग?

हिंदुस्तान में डिजिटल क्रांति आने के बाद से हमारी जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी है. आज सब्जी की दुकान से लेकर बड़े मॉल तक, हर जगह ऑनलाइन पेमेंट का बोलबाला है. लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि आम तौर पर जब कोई ग्राहक दुकान पर पैसे देने जाता है, तो वह अमूमन ‘QR Code’ दिखाने के बजाय ‘स्कैनर’ मांगता है? पहली बार सुनने में यह भले ही एक आम बात लगे, लेकिन इसके पीछे इंसानी दिमाग की एक बहुत ही दिलचस्प साइकोलॉजी और हमारी भाषा बदलने का एक बड़ा कारण छिपा हुआ है. आज हम आपको बताएंगे कि आखिर क्यों तकनीकी रूप से गलत होने के बाद भी यह शब्द हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है. कैसे एक ‘ऐक्शन’ बन गया दुकानदारों की पहचान तकनीक की दुनिया में QR कोड एक स्थिर छवि (Static Image) होती है और हमारा मोबाइल फोन उसे पढ़ने के लिए ‘स्कैनर’ का काम करता है. लेकिन हिंदुस्तान के बाजारों में आम बोलचाल का तरीका हमेशा से थोड़ा अलग रहा है. यहां लोग अक्सर किसी तकनीक का असली नाम सीखने के बजाय, उससे जुड़े काम या ऐक्शन को ही उस चीज का नाम दे देते हैं. चूंकि ग्राहक अपने फोन से उस कोड को ‘स्कैन’ करते हैं, इसलिए धीरे-धीरे वह पूरा स्टैंड ही लोगों की नजर में ‘स्कैनर’ बन गया. आज आलम यह है कि बिना किसी हिचकिचाहट के दुकानदार भी समझ जाते हैं कि ग्राहक असल में क्या मांग रहा है. यह भी पढ़ें: OTP के लिए अब बच्चों को नहीं करना होगा इंतजार, Paytm के नये फीचर से आसान होगा UPI पेमेंट मोबाइल ऐप्स ने और बढ़ा दिया यह कन्फ्यूजन? इस भाषाई बदलाव को बढ़ावा देने में हमारे स्मार्टफोन्स और पेमेंट ऐप्स ने भी बहुत बड़ी भूमिका निभाई है. जब भी हमें किसी को पैसे भेजने होते हैं, तो हम पेटीएम, फोनपे या गूगल पे खोलते हैं. इन ऐप्स में पेमेंट करने वाले बटन पर साफ तौर पर ‘QR Scanner’ या ‘Scan Any QR’ लिखा होता है. हर दिन स्क्रीन पर इस शब्द को बार-बार देखने की वजह से लोगों के दिमाग में कोड और स्कैनर के बीच का अंतर पूरी तरह से खत्म हो गया. नतीजा यह हुआ कि लोगों ने दुकान पर रखे उस प्लास्टिक स्टैंड को ही सीधे स्कैनर पुकारना शुरू कर दिया. बाजार में समझदारी का नया नियम व्यापार और बाजार हमेशा से बहुत ही व्यावहारिक तरीके से काम करते हैं. यहां बातचीत का मकसद सिर्फ अपनी बात को कम से कम शब्दों में सामने वाले को समझाना होता है. जब कोई ग्राहक कहता है कि “भैया जरा स्कैनर देना”, तो दुकानदार को तुरंत समझ आ जाता है कि उसे पेमेंट लेनी है. अगर इस जगह पर कोई तकनीकी रूप से बिल्कुल सही होकर ‘क्विक रिस्पॉन्स कोड’ यानी QR कोड मांगे, तो शायद बातचीत थोड़ी लंबी या अजीब हो सकती है. यही वजह है कि दोनों पक्षों के लिए ‘स्कैनर’ बोलना सबसे आसान और समय बचाने वाला जरिया बन गया है. यह भी पढ़ें: चाय, ऑटो और लोकल शॉपिंग के लिए बार-बार UPI PIN डालने की जरूरत नहीं, जानिए आसान तरीका The post “भैया, स्कैनर देना!” दुकान पर ‘QR Code’ को क्यों ‘Scanner’ बुलाते हैं लोग? appeared first on Naya Vichar.

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ओट्स का बोरिंग दलिया छोड़ें, Weight Loss के लिए ट्राई करें ये 5 चटपटी डिशेज

weight loss ke liye oats recipe: जब बात वजन घटाने की आती है, तो सबसे पहला नाम जो हमारे दिमाग में आता है, वह है ‘ओट्स’. ओट्स को दुनिया के सबसे हेल्दी ब्रेकफास्ट ऑप्शंस में से एक माना जाता है. इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर, प्रोटीन और जरूरी विटामिंस होते हैं, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं और बार-बार होने वाली ‘फूड क्रेविंग्स’ को रोकते हैं.  लेकिन बहुत से लोग ओट्स (weight loss ke liye oats recipe) का नाम सुनते ही मुंह बना लेते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि ओट्स का स्वाद उबाऊ और फीका होता है. ओट्स से सिर्फ फीका दलिया ही नहीं, बल्कि बेहद स्वादिष्ट और चटपटी डिशेज भी बनाई जा सकती हैं. आइए जानते हैं ओट्स की ऐसी ही 5 टेस्टी और आसान रेसिपीज के बारे में, जो आपके वेट लॉस सफर को मजेदार बना देंगी.  1. ओट्स और सूजी का क्रिस्पी चीला (weight loss ke liye oats recipe) अगर आपको सुबह के नाश्ते में कुछ नमकीन और क्रिस्पी खाना पसंद है, तो ओट्स का चीला आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है. यह प्रोटीन और फाइबर का पावरहाउस है.  कैसे बनाएं: ओट्स को मिक्सी में पीसकर पाउडर बना लें. अब इसमें थोड़ा सा बेसन या सूजी, बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, हरा धनिया, नमक और हल्दी मिलाएं. पानी डालकर एक स्मूथ बैटर तैयार कर लें. तवे पर हल्का सा ऑलिव ऑयल या घी लगाकर दोनों तरफ से क्रिस्पी होने तक सेंक लें. इसे हरी चटनी के साथ गरमा-गरम एन्जॉय करें.  PC: Freepik 2. मसालेदार ओट्स उपमा  ट्रेडिशनल सूजी के उपमा को रिप्लेस करके आप ओट्स का उपमा (weight loss ke liye oats recipe) बना सकते हैं. यह खाने में बेहद हल्का और पचाने में बहुत आसान होता है.  कैसे बनाएं: सबसे पहले ओट्स को कड़ाही में 2-3 मिनट के लिए सूखा भून लें और अलग रख दें. अब कड़ाही में आधा चम्मच तेल गर्म करें, उसमें राई, कढ़ी पत्ता, हरी मिर्च और अपनी पसंदीदा सब्जियां जैसे मटर, गाजर, बीन्स डालकर भूनें. इसके बाद पानी और नमक डालें. जब पानी उबलने लगे, तो भुना हुआ ओट्स मिलाकर धीमी आंच पर ढककर पकाएं. आपका टेस्टी उपमा तैयार है.  PC: Freepik 3. ओवरनाइट सोक्ड ओट्स – वर्किंग लोगों के लिए बेस्ट अगर आपके पास सुबह नाश्ता बनाने का समय नहीं होता है, तो यह ‘नो-कुक’ रेसिपी सिर्फ आपके लिए है. यह गर्मियों के मौसम में पेट को बहुत ठंडक देती है.  कैसे बनाएं: रात को एक जार या कटोरी में आधा कप ओट्स लें. इसमें आधा कप दूध (लो-फैट या बादाम का दूध) या दही मिलाएं. मिठास के लिए आधा चम्मच शहद और थोड़े से Chia Seeds डाल दें. इसे रातभर के लिए फ्रिज में रख दें. सुबह ओट्स दूध को सोखकर एकदम क्रीमी हो जाएंगे. ऊपर से थोड़ा सा सेब, केला या बेरीज काटकर मिलाएं और ठंडा-ठंडा खाएं.  PC: Freepik 4. ओट्स और सेब की हेल्दी स्मूदी  जो लोग वर्कआउट या जिम जाते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन प्री या पोस्ट-वर्कआउट ड्रिंक है. यह स्मूदी (weight loss ke liye oats recipe) शरीर को तुरंत एनर्जी देती है और वेट लॉस में मदद करती है.  कैसे बनाएं: मिक्सर ग्राइंडर में 2-3 चम्मच भुने हुए ओट्स, एक कटा हुआ सेब, एक गिलास ठंडा दूध (या पानी), 2 खजूर (मीठे के लिए) और एक चुटकी दालचीनी पाउडर डालें. इसे अच्छी तरह से ब्लेंड कर लें. आपकी थिक और टेस्टी स्मूदी तैयार है, जो आपको दोपहर के खाने तक बिल्कुल भूख नहीं लगने देगी.  PC: Freepik 5. ओट्स की गरमा-गरम इडली  साउथ इंडियन खाना किसे पसंद नहीं होता. वेट लॉस के दौरान आप बिना किसी गिल्ट के ओट्स की सॉफ्ट और स्पंजी इडली खा सकते हैं.  कैसे बनाएं: ओट्स को भूनकर पाउडर बना लें. इसमें थोड़ी सी सूजी और दही मिलाकर गाढ़ा बैटर तैयार करें और 15 मिनट के लिए रख दें. कद्दूकस की हुई गाजर और बारीक कटा धनिया इसमें मिक्स करें. इडली स्टैंड में थोड़ा सा तेल लगाएं, बैटर में एक चुटकी Eno मिलाएं और इडली को 10-12 मिनट के लिए स्टीम कर लें. इसे सांभर या नारियल की चटनी के साथ खाएं.  PC: Freepik यह भी पढ़ें: दिनभर शरीर को मिलती रहेगी एनर्जी, घर की सिंपल चीजों से बनाएं दलिया वेज उपमा की क्विक रेसिपी The post ओट्स का बोरिंग दलिया छोड़ें, Weight Loss के लिए ट्राई करें ये 5 चटपटी डिशेज appeared first on Naya Vichar.

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