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Author name: Vinod Jha

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बिहार के 50 हजार रिटायर्ड शिक्षक-कर्मचारियों की पेंशन अटकी, जानिए वित्त विभाग ने क्यों लगाई रोक

Bihar Teacher News: बिहार के विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा अब सेवानिवृत्त शिक्षक और कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है. क्योंकि, उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यूसी) जमा नहीं होने के कारण वित्त विभाग ने पेंशन भुगतान पर रोक लगा दी है. जिससे करीब 50 हजार पेंशनधारकों की जनवरी माह की राशि अटक गई है. उपयोगिता प्रमाण-पत्र नहीं, तो पेंशन नहीं वित्त विभाग ने करीब 18 माह पहले जारी राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र पारंपरिक विश्वविद्यालयों से मांगा था, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दी गई धनराशि नियमानुसार खर्च की गई है. इसके लिए कई बार लिखित निर्देश और स्मरण पत्र भेजे गए. कुछ विश्वविद्यालयों ने प्रमाण-पत्र भेजा भी, लेकिन वह अधूरा या त्रुटिपूर्ण पाया गया. इसी कारण प्रस्ताव लंबित रह गया और पेंशन की स्वीकृति नहीं मिल सकी. 50 हजार पेंशनधारक प्रभावित उच्च शिक्षा विभाग ने सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों की पेंशन से जुड़ा प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा था. परंतु उपयोगिता प्रमाण-पत्र के अभाव में फाइल आगे नहीं बढ़ सकी. नतीजा यह हुआ कि राज्यभर के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों के करीब 50 हजार सेवानिवृत्त शिक्षक-कर्मचारियों को जनवरी से पेंशन नहीं मिल पाई है. विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जिन विश्वविद्यालयों से सही और पूर्ण उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्राप्त होंगे, उन्हीं के पेंशनधारकों को राशि जारी की जाएगी. इसको लेकर विश्वविद्यालयों को रोज मैसेज और अनुस्मारक भेजे जा रहे हैं. किन-किन विश्वविद्यालयों पर असर राज्य के जिन विश्वविद्यालयों पर यह संकट गहराया है. उनमें पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, बी. आर. ए. बिहार विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, पूर्णिया विश्वविद्यालय, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, मुंगेर विश्वविद्यालय और मौलाना मजहरुल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय शामिल हैं. समाधान की राह क्या? अब सबकी नजर विश्वविद्यालय प्रशासन पर टिकी है. जैसे ही पूर्ण और सही उपयोगिता प्रमाण-पत्र वित्त विभाग को मिलेगा. पेंशन भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. तब तक हजारों सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों को इंतजार करना होगा. Also Read: न वारंट, न अपडेटेड केस डायरी… फिर IPS नायक को गिरफ्तार करने कैसे पहुंची आंध्र पुलिस? कोर्ट ने जताई नाराजगी The post बिहार के 50 हजार रिटायर्ड शिक्षक-कर्मचारियों की पेंशन अटकी, जानिए वित्त विभाग ने क्यों लगाई रोक appeared first on Naya Vichar.

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एआई समिट विरोध प्रदर्शन मामला: पुलिस ने ग्वालियर से 3 को दबोचा, अब तक 7 लोग गिरफ्तार

Table of Contents गिरफ्तार लोगों की हुई पहचान हिंदुस्तानीय न्याय संहिता की धारा 196 और 197 के तहत शिकायत दर्ज 20 फरवरी को यूथ कांग्रेस ने हिंदुस्तान मंडपम में किया था प्रदर्शन यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर नेतृत्व तेज AI Summit Protest: एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं (आईवाईसी) ने शर्टलैश प्रदर्शन किया था. जिसके बाद यूथ कांग्रेस पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. गिरफ्तार कार्यकर्ताओं पर शत्रुता को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने वाले बयान देने का आरोप लगाए हैं. गिरफ्तार लोगों की हुई पहचान पुलिस ने जितेंद्र यादव, राज गुर्जर और अजय कुमार नामक आरोपियों को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया. पुलिस ने उत्तर प्रदेश के ललितपुर से आईवाईसी की उत्तर प्रदेश इकाई के महासचिव रितिक उर्फ ​मोंटी शुक्ला को भी हिरासत में लिया है, जबकि आईवाईसी अध्यक्ष उदय भानु चिब से भी पूछताछ की जा रही है. हिंदुस्तानीय न्याय संहिता की धारा 196 और 197 के तहत शिकायत दर्ज पुलिस ने हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 (धर्म, जाति, जन्मस्थान, निवास स्थान, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना और सद्भाव बनाए रखने में हानिकारक कार्य करना) तथा 197 (राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक आरोप और बयान) के अलावा कई और धाराएं जोड़ी हैं. इन धाराओं के तहत तीन साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. 20 फरवरी को यूथ कांग्रेस ने हिंदुस्तान मंडपम में किया था प्रदर्शन शुक्रवार 20 फरवरी को हिंदुस्तान मंडपम में ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान एक प्रदर्शनी हॉल में हिंदुस्तानीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कमीज उतारकर विरोध प्रदर्शन किया था. वे ऐसी टी-शर्ट लेकर घूम रहे थे, जिनपर प्रशासन और हिंदुस्तान-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारे छपे थे. इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों द्वारा उन्हें वहां से हटा दिया गया था. यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर नेतृत्व तेज इस मुद्दे ने नेतृत्वक विवाद खड़ा कर दिया. बीजेपी ने इसे वैश्विक मंच पर हिंदुस्तान की छवि को धूमिल करने का एक शर्मनाक कृत्य बताया, जबकि हिंदुस्तानीय युवा कांग्रेस ने इसे राष्ट्रीय हितों की रक्षा के उद्देश्य से किया गया शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताकर इसका बचाव किया. कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है, तो विपक्षी पार्टियों ने प्रदर्शन को देश का अपमान बताया है. हालांकि प्रदर्शन को लेकर विपक्ष ने प्रशासन पर भी हमला बोला है. इसे सुरक्षा में बड़ी चूक बताया है. ये भी पढ़ें: कोर्ट में दिल्ली पुलिस का दावा, AI समिट में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन नेपाल मॉडल से प्रेरित मेरठ में बोले पीएम मोदी– कांग्रेस ने AI समिट को गंदी और नंगी नेतृत्व का अखाड़ा बना दिया बीजेपी कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर किया राहुल गांधी का विरोध, देखें वीडियो The post एआई समिट विरोध प्रदर्शन मामला: पुलिस ने ग्वालियर से 3 को दबोचा, अब तक 7 लोग गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड निकाय चुनाव संपन्न: कई जिलों में 60% से अधिक वोटिंग, साहेबगंज टॉप पर तो धनबाद रहा पीछे

Jharkhand Municipal Election 2026, रांची : झारखंड में नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 के तहत मतदान का दौर सोमवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. शाम 5 बजे तक आये आंकड़ों के अनुसार राज्य के कई जिलों में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदारी निभाई. कई निकायों में मतदान प्रतिशत 60 के पार पहुंच गया, जिससे प्रशासन उत्साहित नजर आया. शाम 5 बजे तक साहेबगंज जिला मतदान के मामले में शीर्ष पर रहा. नगर परिषद साहेबगंज, नगर पंचायत राजमहल और बरहरवा को मिलाकर जिले का औसत मतदान 66.34 प्रतिशत दर्ज किया गया. इसी के बेहद करीब पाकुड़ जिला रहा, जहां कुल मतदान प्रतिशत 66.30 प्रतिशत दर्ज किया गया. सरायकेला-खरसावां जिले का मतदान प्रतिशत 62.77 फीसदी सरायकेला-खरसावां जिले में भी मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला. आदित्यपुर नगर निगम, सरायकेला नगर पंचायत और कपाली नगर परिषद को मिलाकर जिले का औसत मतदान 62.77 प्रतिशत रहा. वहीं, देवघर जिले में देवघर नगर निगम और मधुपुर नगर परिषद को मिलाकर औसत मतदान 60.21 प्रतिशत दर्ज किया गया. Also Read: निकाय चुनाव के दौरान बोकारो में खूनी संघर्ष: चास SDPO पर हमला, फर्जी वोटिंग रोकने पर भड़की भीड़ पश्चिमी सिंहभूम का मतदान प्रतिशत 60.01 फीसदी पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर और चाईबासा नगर परिषद क्षेत्रों को मिलाकर औसतन 60.01 प्रतिशत मतदान हुआ. दूसरी ओर धनबाद जिले में मतदान अपेक्षाकृत कम रहा. धनबाद नगर निगम और चिरकुंडा नगर परिषद को जोड़कर यहां औसत मतदान 53.99 प्रतिशत दर्ज किया गया. राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में इस बार मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गयी है. Also Read: पहले मतदान फिर कन्यादान, सरायकेला में वोट डालने के बाद हुई कुमकुम की विदाई चतरा में 68.88 प्रतिशत मतदान, शांतिपूर्ण संपन्न चतरा में 7:00 बजे से अपराह्न 5:00 बजे तक मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई. निर्धारित समय तक कुल 68.88 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. सभी मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं. स्त्री, पुरुष एवं युवा मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग किया. लोकतंत्र के इस महापर्व में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सराहनीय रही. निर्वाचन को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने हेतु जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारी की गई थी. लातेहार में समय के साथ बढ़ता रहा मतदान प्रतिशत लातेहार शहर के लोगों ने शहर की प्रशासन बनाने के लिए जमकर मतदान किया. नगर पंचायत के चुनाव में समय के साथ मतदान का प्रतिशत बढ़ता रहा. सुबह में सभी मतदान केंद्रो पर मतदाताओ की संख्या कम थी, लेकिन समय के साथ लोग अपने घरों से निकले और शहर की प्रशासन बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. सुबह 7 बजे से शहर के सभी 22 मतदान केंद्रो में मतदान प्रारंभ हो गया था. सुबह 7 बजे से 9 बजे तक 12.4 प्रतिशत मतदान हुआ. जबकि 9 से 11 बजे तक 27.1 प्रतिशत, 11 से 1 बजे तक 41.99 प्रतिशत, 1 से 3 बजे तक 55 प्रतिशत और 3 से 5 बजे तक 66.12 प्रतिशत मतदान हुआ. The post झारखंड निकाय चुनाव संपन्न: कई जिलों में 60% से अधिक वोटिंग, साहेबगंज टॉप पर तो धनबाद रहा पीछे appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव 2026 से पहले ममता बनर्जी ने बुलायी कैबिनेट की बैठक, हो सकते हैं अहम फैसले

Table of Contents बंगाल चुनाव 2026 से पहले संभवत: आखिरी कैबिनेट Cabinet Meeting: शून्य पदों को भरने पर चर्चा संभव Cabinet Meeting: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कैबिनेट की बैठक बुलायी है. बैठक राज्य सचिवालय नबान्न में होगी. महज 10 दिन में कैबिनेट की यह दूसरी बैठक होगी. पिछली बार कैबिनेट की बैठक 17 फरवरी को हुई थी. बंगाल चुनाव 2026 से पहले संभवत: आखिरी कैबिनेट प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बंगाल चुनाव 2026 की घोषणा से पहले यह आखिरी कैबिनेट की बैठक हो सकती है. नबान्न के सूत्रों ने कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से यह बैठक काफी अहम है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Cabinet Meeting: शून्य पदों को भरने पर चर्चा संभव ममता बनर्जी की कैबिनेट की बैठक में कुछ अहम फैसले लिये जा सकते हैं. इसमें खासकर नियुक्ति और निवेश से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी जा सकती है. बंगाल प्रशासन के अलग-अलग विभागों में शून्य पदों को भरने और नये पद सृजित करने पर भी चर्चा होने की संभावना है. इसे भी पढ़ें आयोग को 8,505 अधिकारी उपलब्ध कराने को तैयार राज्य प्रशासन ममता बनर्जी के ‘जंबो कैबिनेट’ के नामों का एलान, 43 मंत्रियों में पुराने और नए चेहरे भी शामिल The post बंगाल चुनाव 2026 से पहले ममता बनर्जी ने बुलायी कैबिनेट की बैठक, हो सकते हैं अहम फैसले appeared first on Naya Vichar.

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सिंगापुर में दहाड़े योगी, कहा- 9 साल पहले यूपी में दंगा और अराजकता थी, अब है विकास का मॉडल

Table of Contents 9 साल पहले यूपी की पहचान दंगे और अराजकता : योगी आदित्यनाथ Yogi Adityanath Singapore Visit: कोई सोच सकता था कि हिंदुस्तान डिजिटल इंडिया की बात करेगा न्यू इंडिया दिखा रहा दुनिया को अपनी ताकत : सीएम योगी हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में : योगी योगी बोले- एक हिंदुस्तान श्रेष्ठ हिंदुस्तान का सपना सच होता दिख रहा Yogi Adityanath Singapore Visit: प्रवासी हिंदुस्तानीयों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा- इतनी दूर होने के बावजूद, मातृभूमि के लिए आपका जो लगाव है, वह हमारे अंदर हिंदुस्तान के विकास के लिए, अपनी मातृभूमि के लिए कुछ करने की भावना के लिए एक नया उत्साह पैदा करता है. 9 साल पहले यूपी की पहचान दंगे और अराजकता : योगी आदित्यनाथ योगी आदित्यनाथ ने कहा- नौ साल पहले उत्तर प्रदेश में अफरा-तफरी मची हुई थी. दंगे, सुरक्षा की कमी, अव्यवस्था और अराजकता इसकी पहचान बन गई थी. पिछले 9 सालों में PM नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सपने को हकीकत में बदल रहा है. आप वहां विरासत और विकास का एक शानदार मेल देख सकते हैं. Yogi Adityanath Singapore Visit: कोई सोच सकता था कि हिंदुस्तान डिजिटल इंडिया की बात करेगा सिंगापुर में प्रवासी हिंदुस्तानीयों को संबोधित करते हुए योगी ने कहा- आज हिंदुस्तान ने हर सेक्टर में नई ऊंचाइयों को छुआ है. क्या 11 साल पहले कोई सोच सकता था कि हिंदुस्तान डिजिटल इंडिया की बात करेगा, कि हिंदुस्तान स्टार्ट अप इकोसिस्टम पर किसी भी चर्चा को आगे बढ़ाएगा, कि हिंदुस्तान स्टार्ट अप कल्चर को आगे बढ़ाएगा? लेकिन हिंदुस्तान ने आज यह मुमकिन कर दिखाया है. हिंदुस्तान की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ने ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट होस्ट किया. समिट में 20 से ज्यादा देशों के हेड्स ऑफ स्टेट ने हिस्सा लिया. समिट में 100 से ज्यादा देशों के रिप्रेजेंटेटिव ने हिस्सा लिया. दुनिया के डेवलप्ड देशों के हेड्स ऑफ स्टेट ने न सिर्फ हिंदुस्तान की भलाई के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए उठाए जा रहे कदमों की दिल खोलकर तारीफ की. सभी ने PM मोदी के डिजिटल इंडिया विजन की ताकत महसूस की. #WATCH | Singapore: At the interaction with the Indian diaspora, Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath says, “We are all proud that New India is showing its strength to the world. Every Indian should feel proud of New India. That New India will soon establish itself as the third… pic.twitter.com/wXpTaWVJo5 — ANI (@ANI) February 23, 2026 न्यू इंडिया दिखा रहा दुनिया को अपनी ताकत : सीएम योगी हम सभी को गर्व है कि न्यू इंडिया दुनिया को अपनी ताकत दिखा रहा है. हर हिंदुस्तानीय को न्यू इंडिया पर गर्व होना चाहिए. वह न्यू इंडिया जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी के तौर पर खुद को स्थापित करेगा. हमने पिछले 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश की वित्तीय स्थिति को तीन गुणा करने में सफलता प्राप्त की है. आज हम एक हिंदुस्तान श्रेष्ठ हिंदुस्तान की यात्रा के साथ आगे बढ़ रहे हैं. इस यात्रा के साथ हर हिंदुस्तानीय को जुड़ना चाहिए, हर प्रवासी हिंदुस्तानीय को जुड़ना चाहिए. हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में : योगी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंदुस्तानीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा, हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में हैं. प्रधानमंत्री मोदी अगले महीने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर का उद्घाटन करेंगे. यह हिंदुस्तान का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने वाला है. योगी बोले- एक हिंदुस्तान श्रेष्ठ हिंदुस्तान का सपना सच होता दिख रहा जो लोग कहते हैं कि हिंदुस्तान में भेदभाव होता है और लोग बंटे हुए हैं, उन्हें प्रयागराज में सद्भाव के दर्शन करने चाहिए. जब ​​महाकुंभ के दौरान संगम में एक साथ 66 करोड़ भक्त डुबकी लगाते हैं – वहां कोई बड़ा या छोटा नहीं होता…गंगा में उनकी ‘आस्था की डुबकी’ से, एक हिंदुस्तान श्रेष्ठ हिंदुस्तान का सपना सच होता दिख रहा है. ये भी पढ़ें: सीएम योगी का सिंगापुर दौरा : टेमासेक के चेयरमैन से मुलाकात, निवेश को लेकर अच्छी समाचार मेरठ में बोले पीएम मोदी– कांग्रेस ने AI समिट को गंदी और नंगी नेतृत्व का अखाड़ा बना दिया The post सिंगापुर में दहाड़े योगी, कहा- 9 साल पहले यूपी में दंगा और अराजकता थी, अब है विकास का मॉडल appeared first on Naya Vichar.

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निकाय चुनाव के दौरान बोकारो में खूनी संघर्ष: चास SDPO पर हमला, फर्जी वोटिंग रोकने पर भड़की भीड़

Jharkhand Municipal Election 2026, बोकारो (मुकेश): झारखंड में नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 के तहत चल रहे मतदान के दौरान बोकारो जिले के चास नगर निगम क्षेत्र में एसडीपीओ प्रवीण सिंह पर हमला कर दिया गया. इस घटना में पुलिस अधिकारी घायल हो गये. आनन फानन में उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मामला वार्ड संख्या 32 में विश्रामागार परिसर स्थित मतदान केंद्र की है. वारदात की सूचना मिलते ही बोकारो के पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली. कई स्त्रीओं ने पुलिसकर्मियों पर लगाया मारपीट का आरोप पुलिस कप्तान से बात करते हुए पार्षद प्रत्याशी सहित कई स्त्रीओं ने घटना की जानकारी दी और पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट किये जाने का आरोप भी लगाया. दूसरी तरफ एसडीपीओ प्रवीण सिंह का कहना है कि मतदान केंद्र परिसर में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जबकि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार बूथ से 100 मीटर के दायरे में अनधिकृत लोगों का रहना प्रतिबंधित है. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने भीड़ को हटाने के लिए कार्रवाई की तो इसका जबरदस्त विरोध शुरू हो गया. इसी क्रम में उन पर हमला किया गया. Also Read: पहले मतदान फिर कन्यादान, सरायकेला में वोट डालने के बाद हुई कुमकुम की विदाई फर्जी मतदान कराने की हो रही थी कोशिश : एसपी हरविंदर सिंह एसपी हरविंदर सिंह ने बताया कि अपने प्रत्याशी के पक्ष में फर्जी मतदान कराने की कोशिश की जा रही थी. पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे जेल भेजा जायेगा. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. Also Read: Sahibganj: राजमहल नगर पंचायत में 3 PM तक 59% मतदान, विधायक ने भी डाला वोट The post निकाय चुनाव के दौरान बोकारो में खूनी संघर्ष: चास SDPO पर हमला, फर्जी वोटिंग रोकने पर भड़की भीड़ appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में सरकारी ऑफिसर बनने का मौका, 102 पोस्ट पर निकली वैकेंसी

BPSC Auditor Recruitment 2026: बिहार पब्लिक सर्विस (BPSC) ने 2026 में ऑडिटर (Auditor) पोस्ट पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी की है. यह रिक्रूट्मेंट बिहार प्रशासन के विभिन्न विभागों, विशेष रूप से पंचायती राज विभाग में कई पदों को भरने के लिए आयोजित की जा रही है. इस भर्ती के माध्यम से एलीजिबल और ग्रेजुएट कैंडिडेट्स का सिलेक्शन रिटन एग्जाम और अन्य प्रोसेस के बेसिस पर किया जाएगा. ऑडिटर के पोस्ट में कुल 102 पदों की भर्ती निकली है. कैंडिडेट्स BPSC की ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से अप्लाई कर सकते हैं. ऑनलाइन अप्लाई 5 फरवरी 2026 से शुरू हो गई है. अप्लाई करने की लास्ट डेट 26 फरवरी 2026 तक है.  BPSC Auditor Recruitment 2026 के लिए ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई  सबसे पहले बीपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएं.  होमपेज पर Auditor Recruitment 2026 के नोटिफिकेशन लिंक पर क्लिक करें.  अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड डालकर लॉगिन करें.  लॉगिन करने के बाद आप अपना एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं.  फिर फीस का भुगतान करें.  लास्ट में एप्लीकेशन फॉर्म को डाउनलोड करके प्रिंटआउट निकाल लें.  एलीजबिलिटी और आयु सीमा  बीपीएससी रिक्रूट्मेंट 2026 के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट्स ग्रेजुएट पास होने चाहिए. कैंडिडेट्स किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूट से किसी एक सब्जेक्ट्स, जैसे कॉमर्स, इकोनॉमिक्स, मैथ्स, स्टैटिक्स और मैनेजमेंट में डिग्री होनी चाहिए. ऑडिटर पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट्स की उम्र 21 से 37 साल होनी चाहिए. आरक्षण के दायरे में आने वाले कैंडिडेट्स को आयु सीमा में छुट मिलेगी.  BPSC Auditor Recruitment 2026 Notification Check Here सैलरी डिटेल्स  बीपीएससी रिक्रूट्मेंट 2026 के माध्यम से सिलेक्ट होने वाले कैंडिडेट्स की  सैलरी 5,200 से 20,200 प्रतिमाह होगी. ऑडिटर के पोस्ट में कुल 102 पोस्ट की वैकेंसी निकली है.    यह भी पढ़ें: बिना एग्जाम रेलवे में प्रशासनी नौकरी का मौका, 5349 पदों पर बंपर भर्ती The post बिहार में प्रशासनी ऑफिसर बनने का मौका, 102 पोस्ट पर निकली वैकेंसी appeared first on Naya Vichar.

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दलबदल की राजनीति के माहिर खिलाड़ी मुकुल रॉय का ऐसा था राजनीतिक जीवन

Table of Contents टीएमसी के संस्थापक सदस्यों में थे मुकुल रॉय Mukul Roy Born Date: 1954 में कांचरापाड़ा में हुआ मुकुल रॉय का जन्म Mukul Roy News: बयानबाजी से दूर रहते थे मुकुल रॉय 2012 में बने रेल मंत्री मुकुल के नेतृत्व में चली दलबदल की लहर कांग्रेस और लेफ्ट के नेता तृणमूल में शामिल हुए मुकुल रॉय को कहा जाने लगा ‘बंगाल की नेतृत्व का चाणक्य’ तृणमूल कांग्रेस के विस्तार में निभायी अहम भूमिका सारधा चिट फंड और नारदा स्टिंग में फंसे मुकुल रॉय 2017 में तृणमूल कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए मुकुल रॉय तृणमूल छोड़ भाजपा के प्रमुख को-ऑर्डिनेटर के रूप में उभरे लोकसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद भाजपा के उपाध्यक्ष बने मुकुल तृणमूल को बताया था पहला और आखिरी घर तृणमूल में फिर नहीं मिला नेतृत्वक रुतबा दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित किये गये थे मुकुल नेतृत्वक उथल-पुथल को दर्शाता है मुकुल रॉय का जीवन नेतृत्वक रंगमंच के डायरेक्टर थे मुकुल रॉय Mukul Roy Life History: कभी पश्चिम बंगाल की नेतृत्व के ‘चाणक्य’ और पर्दे के पीछे की रणनीति के माहिर माने जाने वाले मुकुल रॉय का लंबी बीमारी के बाद रविवार देर रात निधन हो गया. उन्हें बंगाल की नेतृत्व में कई बार दलबदल के लिए भी जाना जाता रहा. टीएमसी के संस्थापक सदस्यों में थे मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे मुकुल रॉय के निधन के साथ ही वाम-युग के बाद के पश्चिम बंगाल की सबसे उतार-चढ़ाव भरी नेतृत्वक यात्राओं में से एक का अंत हो गया. Mukul Roy Born Date: 1954 में कांचरापाड़ा में हुआ मुकुल रॉय का जन्म वर्ष 1954 में उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा में जन्मे मुकुल रॉय ने 1980 के दशक में युवा कांग्रेस से अपनी नेतृत्वक यात्रा शुरू की. ममता बनर्जी ने कांग्रेस से अलग होकर जब वर्ष 1998 में तृणमूल कांग्रेस बनायी, तो रॉय उन शुरुआती नेताओं में थे, जिन्होंने उनका साथ दिया. Mukul Roy News: बयानबाजी से दूर रहते थे मुकुल रॉय मृदुभाषी और कुशल आयोजक के रूप में पहचाने जाने वाले रॉय बयानबाजी से दूर रहते थे. बूथ समितियों, जिला स्तर के समीकरण, टिकट वितरण और गठबंधन प्रबंधन में उन्हें महारत हासिल थी. कुछ ही वर्षों में वह पार्टी के महासचिव बन गये और दिल्ली में प्रमुख ‘संकटमोचक’ के रूप में उभरे. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 2012 में बने रेल मंत्री वर्ष 2006 में मुकुल रॉय राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए. बाद में फिर से चुने गये. वर्ष 2009 में वह उच्च सदन में तृणमूल कांग्रेस के नेता बने. संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) प्रशासन के दूसरे कार्यकाल में उन्होंने पहले पोत परिवहन राज्य मंत्री के रूप में काम किया. बाद में वर्ष 2012 में रेल मंत्री बने, लेकिन उनका वास्तविक नेतृत्वक मंच पश्चिम बंगाल ही रहा. मुकुल के नेतृत्व में चली दलबदल की लहर पश्चिम बंगाल चुनाव में वर्ष 2011 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत के साथ वाम दलों का लगातार 34 साल का शासन समाप्त हुआ. इसके बाद मुकुल रॉय के नेतृत्व में दलबदल की अप्रत्याशित नेतृत्वक लहर भी चली. विपक्ष के नियंत्रण वाली नगरपालिकाएं और जिला परिषदों में रातोंरात सत्ता परिवर्तन होता दिखा. इसे भी पढ़ें : Mukul Roy Death: पीएम मोदी ने पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय के निधन पर शोक व्यक्त किया कांग्रेस और लेफ्ट के नेता तृणमूल में शामिल हुए कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कई नेताओं ने सत्ता के नये केंद्र को भांपते हुए सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस की ओर रुख किया. इससे पहले तक पश्चिम बंगाल अपनी वैचारिक ‘स्थिरता’ पर गर्व करता था. दलबदल को अन्य राज्यों की बुराई बताकर खारिज किया जाता था, लेकिन मुकुल के दौर में दलबदल एक सिस्टम की तरह बन गया. मुकुल रॉय को कहा जाने लगा ‘बंगाल की नेतृत्व का चाणक्य’ मुकुल रॉय की इसी रणनीतिक क्षमता के कारण उन्हें ‘पश्चिम बंगाल की नेतृत्व का चाणक्य’ कहा जाने लगा. कुछ लोगों के लिए वह वैचारिक लचीलेपन के दौर में ‘निर्मम व्यावहारिकता’ के प्रतीक थे, तो कुछ के लिए ‘अवसरवाद’ का पर्याय थे. इन सबके बावजूद उनकी संगठनात्मक कुशलता पर किसी ने कभी कोई सवाल नहीं उठाया. इसे भी पढ़ें : मुकुल रॉय के निधन पर बोलीं ममता बनर्जी- मेरा दिल टूट गया, अभिषेक ने भी शोक जताया तृणमूल कांग्रेस के विस्तार में निभायी अहम भूमिका वर्ष 2014 के राज्यसभा चुनाव और उसके बाद के स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान मुकुल रॉय की पर्दे के पीछे की रणनीतियों से तृणमूल कांग्रेस का विस्तार हुआ. पार्टी की संगठनात्मक शक्ति पर उनकी छाप स्पष्ट थी. सारधा चिट फंड और नारदा स्टिंग में फंसे मुकुल रॉय उनके कार्यों पर विवादों का साया भी पड़ा. उनका नाम सारधा चिट फंड और नारदा स्टिंग ऑपरेशन मामले में सामने आया. स्कैम में शामिल होने के आरोपों से उन्होंने हमेशा इनकार किया. इसके बाद ही तृणमूल के भीतर समीकरण बदल गये और सत्ता का केंद्र ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के इर्द-गिर्द घूमने लगा. 2017 में तृणमूल कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए मुकुल रॉय वर्ष 2015 तक मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस के महासचिव के रूप में पार्टी में दूसरे नंबर के नेता माने जाते थे. पार्टी से मतभेदों के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया. वर्ष 2017 में ममता बनर्जी के साथ उनके रिश्ते और खराब हो गये. उन्होंने उस पार्टी को छोड़ दिया, जिसे बनाने में उन्होंने अहम भूमिका निभायी थी. मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस छोड़कर हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गये. इसे भी पढ़ें : बंगाल की नेतृत्व के चाणक्य मुकुल रॉय का निधन, तृणमूल कांग्रेस के एक अध्याय का अंत तृणमूल छोड़ भाजपा के प्रमुख को-ऑर्डिनेटर के रूप में उभरे तृणमूल कांग्रेस के विस्तार के शिल्पकार उसके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी दल में शामिल हो गये. उन्होंने भाजपा में भी अपनी सुनियोजित रणनीति से पार्टी की मदद की. वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों और वर्ष 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रमुख समन्वयक के रूप में उभरे. लोकसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद भाजपा के उपाध्यक्ष बने मुकुल मुकुल रॉय की वजह से तृणमूल कांग्रेस के कई और नेताओं ने दल बदल लिया. पार्टी के

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2030 तक विकसित राज्यों की लिस्ट में होगा शामिल बिहार, वित्त मंत्री ने किया दावा

Bihar: वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा है कि बिहार अब पिछड़ा नहीं रहेगा और साल 2030 तक यह देश के सबसे विकसित राज्यों की कतार में खड़ा होगा. मंत्री ने विपक्ष के उन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया जिनमें कहा जा रहा था कि बिहार प्रशासन का खजाना खाली हो चुका है. विजेंद्र यादव ने आंकड़ों के जरिए अपनी बात रखते हुए बताया कि साल 2005 में जब उनकी प्रशासन आई थी, तब बिहार का कुल बजट महज 23885 करोड़ रुपये था और आज 3.47 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो चुका है. यह इस बात का सबूत है कि राज्य की वित्तीय स्थिति न केवल बढ़ रही है, बल्कि बहुत मजबूत स्थिति में भी है. विपक्ष पर पलटवार वित्त मंत्री ने राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर भी हैरानी जताई. उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार का घाटा निर्धारित 3% की सीमा के भीतर है, जबकि विपक्ष इसे 18% बताकर जनता को डराने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि हर साल बजट सत्र के दौरान विपक्ष ऐसी बातें करता है, जो बाद में झूठी साबित होती हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें मिशन मोड में काम कर रही प्रशासन प्रशासन का पूरा ध्यान फिलहाल शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती, रोजगार और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर है. मंत्री ने कहा कि सभी प्रशासनी योजनाओं के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध है और इन्हें तय समय पर पूरा किया जा रहा है. प्रशासन मिशन मोड में काम कर रही है इसी का नतीजा है कि बिहार आज तेजी से प्रगति कर रहा है और इसका असर आने वाले कुछ सालों में पूरी दुनिया के सामने होगा. इसे भी पढ़ें: सुल्तानगंज का नाम बदलने की तैयारी तेज, अब अजगैबीनाथ धाम के नाम से जाना जाएगा शहर The post 2030 तक विकसित राज्यों की लिस्ट में होगा शामिल बिहार, वित्त मंत्री ने किया दावा appeared first on Naya Vichar.

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साउथ अफ्रीका से हार पर नाराज गावस्कर, कहा- अहंकार त्याग कर खेले टीम इंडिया

Highlights मिलर और ब्रेविस से सीखें हिंदुस्तानीय बल्लेबाज  हर गेंद पर बड़ा शॉट स्पोर्ट्सना पड़ा भारी  पावरप्ले में ही हिंदुस्तानीय टीम हुई पस्त  तिलक वर्मा के रवैये से गावस्कर निराश  अगले मैच में अक्षर पटेल लौटें  Sunil Gavaskar Angry on India: टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के सुपर आठ मुकाबले में साउथ अफ्रीका से मिली 76 रन की करारी हार के बाद टीम इंडिया सवालों के घेरे में है. बल्लेबाजों के फ्लॉप होने के कारण हिंदुस्तान को यह हार झेलनी पड़ी. पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने टीम के रवैये की कड़ी आलोचना की है. गावस्कर का मानना है कि हिंदुस्तानीय टीम को इस हार से सबक लेना चाहिए. खिलाड़ियों को अपना अहंकार और अति आत्मविश्वास छोड़कर, स्थिति के अनुसार बल्लेबाजी करनी चाहिए. मिलर और ब्रेविस से सीखें हिंदुस्तानीय बल्लेबाज  साउथ अफ्रीका की शुरुआत भी खराब थी. उनके तीन विकेट महज 20 रन पर गिर गए थे. इसके बाद डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस ने 97 रन की शानदार साझेदारी की. इसके दम पर टीम ने 187 रन का स्कोर बनाया. गावस्कर ने जिओ स्टार से कहा कि हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों को इनसे सीखना चाहिए था. मुश्किल पिच पर बिना अहंकार के पारी का विश्लेषण करके संभलकर स्पोर्ट्सना चाहिए था. हर गेंद पर बड़ा शॉट स्पोर्ट्सना पड़ा भारी  साउथ अफ्रीका के जवाब में हिंदुस्तानीय टीम 18.5 ओवर में 111 रन पर ही सिमट गई. गावस्कर ने कहा कि हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों ने कोई सबक नहीं लिया. बल्लेबाज अति आत्मविश्वास में उतरे और हर गेंद पर बल्ला चलाया. टी20 क्रिकेट ऐसे नहीं स्पोर्ट्सा जाता. उन्होंने बिना सोचे समझे विकेट गंवा दिए. इस मैच में साउथ अफ्रीका हर विभाग में हिंदुस्तान से काफी बेहतर साबित हुआ. पावरप्ले में ही हिंदुस्तानीय टीम हुई पस्त  टारगेट का पीछा करते हुए हिंदुस्तान का शीर्ष क्रम पूरी तरह नाकाम रहा. पावर प्ले के अंदर ही टीम ने तीन अहम विकेट गंवा दिए. ओपनर इशान किशन बिना खाता खोले शून्य पर आउट हुए. अभिषेक शर्मा 15 रन और तिलक वर्मा केवल एक रन बनाकर चलते बने. इन शुरुआती झटकों से टीम इंडिया मैच में उबर ही नहीं पाई. तिलक वर्मा के रवैये से गावस्कर निराश  युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा के खराब प्रदर्शन ने गावस्कर को बहुत निराश किया. उन्होंने कहा कि तिलक एक बेहद चतुर बल्लेबाज हैं, लेकिन इस मैच में उनका तरीका बिल्कुल सही नहीं था. विकेट गिरने के बाद तिलक को क्रीज पर समय बिताना चाहिए था. उन्हें बेवजह शॉट स्पोर्ट्सने के बजाय साझेदारी निभाने पर अपना पूरा ध्यान लगाना चाहिए था. अगले मैच में अक्षर पटेल लौटें  हिंदुस्तान का अगला मुकाबला अब जिंबाब्वे से होगा. इस मैच के लिए गावस्कर ने टीम में बदलाव का सुझाव दिया है. पिछले मैच में अक्षर पटेल की जगह वाशिंगटन सुंदर को मौका मिला था. गावस्कर ने कहा कि जिंबाब्वे टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की कमी है, इसलिए अक्षर पटेल की वापसी होनी चाहिए. अर्शदीप ने अच्छी गेंदबाजी की है, इसलिए वाशिंगटन को बाहर बैठना होगा. ये भी पढ़ें- अक्षर पटेल क्यों हुए ड्रॉप? अजिंक्य रहाणे ने टीम मैनेजमेंट को सुनाई खरी-खोटी हिंदुस्तान की हार के बाद मोहम्मद आमिर ने कसा तंज, टीवी शो पर उड़ाया मजाक उसने असली अनुभव दिखाया, हिंदुस्तान की हार के बाद इरफान पठान ने की डेविड मिलर की तारीफ The post साउथ अफ्रीका से हार पर नाराज गावस्कर, कहा- अहंकार त्याग कर स्पोर्ट्से टीम इंडिया appeared first on Naya Vichar.

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