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Author name: Vinod Jha

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CID को लेकर ट्रोल होने पर पार्थ समथान ने तोड़ी चुप्पी, बोले- ये तनाव खत्म नहीं होगा

CID: सोनी टीवी के आइकॉनिक शो ‘सीआईडी’ के दूसरे सीजन में आए दिन नए ट्विस्ट और टर्न्स देखने को मिल रहे हैं. कभी ACP प्रद्युम्न के किरदार में शिवाजी सातम की एग्जिट. तो कभी नए एसीपी के रूप में एक्टर पार्थ समथान की एंट्री. हालांकि, मेकर्स की यह स्ट्रेटेजी दर्शकों को कुछ खास रास नहीं आ रही है और वह नए एसपी आयुष्मान के रोल में पार्थ को सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल कर रहे हैं. जिसपर अब फाइनली पार्थ का रिएक्शन सामने आया है. उन्होंने कहा है कि वह शो में शिवजी सातम की जगह नहीं लेने आए हैं, बल्कि वह खूब उनके बड़े फैन हैं. ‘ट्रोलिंग इतनी तेजी से…’ पार्थ समथान ने इंडिया फोरम के साथ खास बातचीत में कहा, ‘ईमानदारी से कहना चाहूंगा कि मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि ट्रोलिंग इतनी तेजी से होगी. मैं भी समझता हूं कि ये सब कहां से आ रहा है. मैं शिवाजी सर और मूल किरदारों का फैन रहा हूं. अगर मैं दर्शकों की जगह पर होता तो शायद किसी भी नए इंसान को इस तरह के किरदार में देखकर मैं भी ऐसा फील करता.’ ‘मैं यहां उनकी जगह लेने नहीं आया…’ पार्थ समथान ने आगे कहा, ‘मैंने सीआईडी में एक अलग उद्देश्य के साथ शामिल होने आया हूं. ये कहानी के जरिए से पता चल जाएगा. मेरा शो में किरदार अलग इंसान के रूप में सामने आएगा. अभी आयुष्मान का दूसरे अधिकारियों के साथ रिश्ता नहीं है. ये तनाव खत्म नहीं होगा. शो में एक लीजेंड का किरदार अपनाना कभी आसान नहीं होता है. मैं यहां उनकी जगह लेने नहीं आया हूं. मैं विरासत का सम्मान करते हुए कुछ नया लेकर आया हूं.’ कहां देखें सीआईडी सीजन 2? सोनी टीवी के इस सुपरहिट शो को आप टीवी के साथ-साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म सोनी लिव और नेटफ्लिक्स पर भी देख सकते हैं. यह भी पढ़े: Box Office Report: जाट या केसरी चैप्टर 2? गुरुवार को बॉक्स ऑफिस पर किसने मारी फ्लॉप की छलांग? The post CID को लेकर ट्रोल होने पर पार्थ समथान ने तोड़ी चुप्पी, बोले- ये तनाव खत्म नहीं होगा appeared first on Naya Vichar.

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सुयश शर्मा ने टोपी से रोकी बॉल, फिर भी पेनाल्टी नहीं लगी, कैसे बच गई RCB? ये है नियम

IPL 2025 RR vs RCB Suyash Sharma Stopped ball with Cap: मैदान पर खिलाड़ियों की अतरंगी चाल कोई नई बात नहीं है. मैच के दौरान प्लेयर्स अक्सर ऐसे तरीके अपनाते हैं, जिससे उन्हें थोड़ी बहुत बढ़त मिल सके. लेकिन कई बार ये जुगाड़बाजी नियमों की दीवार से टकरा जाती है और विवाद खड़ा हो जाता है. कुछ ऐसा ही हुआ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स के बीच एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में स्पोर्ट्से गए मुकाबले में, जहां फील्डिंग करते वक्त RCB के खिलाड़ी सुयश शर्मा ने एक नियम तोड़ डाला और गेंद को टोपी से रोकने की कोशिश की. लेकिन इस पर आरसीबी पर कोई पेनाल्टी नहीं लगी. यह घटना राजस्थान की पारी के 9वें ओवर की आखिरी गेंद पर हुई. जैसे ही RCB के क्रुणाल पांड्या 10वां ओवर लेकर आए, अंपायरों ने उन्हें गेंदबाजी शुरू करने से रोक दिया. अंपायर आपस में चर्चा करने लगे और फिर अपने ईयरपीस के जरिए थर्ड अंपायर से बात करते दिखे. RCB के कप्तान रजत पाटीदार इस बातचीत के बारे में जानने के लिए अंपायरों के पास पहुंचे, लेकिन जब वो वहां से लौटे तो उनके चेहरे से साफ था कि उन्हें कुछ खास जानकारी नहीं मिली. टेलीविजन रीप्ले में जल्द ही यह साफ हो गया कि थर्ड अंपायर पिछली घटना की जांच कर रहे थे, जो कि नौवें ओवर के अंत में हुई थी. दरअसल, जब बल्लेबाज नीतीश राणा ने गेंद कवर की दिशा में स्पोर्ट्सी और कोई रन नहीं लिया गया था. जब गेंद बल्लेबाज के छोर पर फेंकी गई, तो वह स्टंप्स और वहां खड़े फील्डर दोनों को चूक गई. शॉर्ट थर्ड पर मौजूद सुयश शर्मा ने गेंद को बैकअप करते हुए टोपी की मदद से पकड़ लिया, यानी झुककर टोपी आगे की और बढ़ाई और उसी से गेंद को पकड़ लिया. क्रिकेट के नियम साफ कहते हैं कि खिलाड़ी केवल अपने शरीर से गेंद को नियंत्रित कर सकता है, किसी बाहरी वस्तु जैसे टोपी, ग्लव्स या रुमाल से नहीं. इस गलती पर फील्डिंग टीम पर आम तौर पर 5 रन की पेनल्टी लगती है. तो फिर ऐसा क्या हुआ कि RCB को कोई सजा नहीं मिली?  क्या कहता है नियम? असल में अंपायरों ने स्पोर्ट्स को रोककर यह जांच की कि सुयश ने यह हरकत ओवर खत्म होने की घोषणा से पहले की या बाद में. आईपीएल के नियमों के अनुच्छेद 28 के अनुसार, खिलाड़ी गेंद को सिर्फ अपने शरीर के हिस्सों से ही रोक सकता है. अगर कोई टोपी, कपड़ा या कोई अन्य वस्तु इस्तेमाल करता है, तो यह “अवैध फील्डिंग” मानी जाती है और बल्लेबाजी टीम को 5 रन पेनल्टी दी जाती है. अगर यह ओवर खत्म होने से पहले होता तो 5 रन की सजा तय थी, लेकिन अंपायरों की जांच में पाया गया कि यह टोपी वाली चालाकी ओवर खत्म होने के बाद हुई थी. इस कारण बेंगलुरु को पेनल्टी से राहत मिल गई और एक बड़ा विवाद टल गया. स्पोर्ट्स दोबारा शुरू होने के बाद अगली ही गेंद पर क्रुणाल पांड्या ने रियान पराग को आउट किया, जिससे RCB को फायदा मिला. RR vs RCB मैच का हाल इस मैच में राजस्थान को लगातार चौथी हार झेलनी पड़ी. आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 205 रन बनाए, जिसमें विराट कोहली और पडिक्कल ने फिफ्टी ठोकी. 206 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान एक समय जीत की दहलीज पर थी, लेकिन जोश हेजलवुड ने अंत समय में धारदार गेंदबाजी करते हुए रॉयल्स को 194 रन पर ही रोक दिया. इस जीत के बाद आरसीबी ने एकबार फिर मुंबई को हटाकर पॉइंट्स टेबल में तीसरा स्थान कब्जा लिया, वहीं राजस्थान इस हार के बाद 8वें स्थान पर खिसक गया है.   18 साल में क्रिस गेल या विराट से जो न हुआ, यशस्वी जायसवाल ने कर दिखाया, बनाया ऐसा रिकॉर्ड धोनी रचेंगे इतिहास, CSK vs SRH मैच में हासिल करेंगे ये बड़ी उपलब्धि, रोहित-विराट की लीग में होंगे शामिल IPL 2025 Points Table: 42वें मैच के बाद प्लेऑफ की रेस में ये चार टीमें आगे, RCB-MI की पोजीशन में अदला बदली The post सुयश शर्मा ने टोपी से रोकी बॉल, फिर भी पेनाल्टी नहीं लगी, कैसे बच गई RCB? ये है नियम appeared first on Naya Vichar.

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Pahalgam Terror Attack : हमले में शामिल एक आतंकी का घर बम से उड़ाया गया, दूसरे के घर पर चला बुलडोजर

Pahalgam Terror Attack : पहलगाम आतंकी हमले में कथित रूप से शामिल लश्कर आतंकवादी का घर शुक्रवार को कश्मीर में ध्वस्त कर दिया गया. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने त्राल में आतंकी आसिफ के घर पर छापा मारा, जहां विस्फोटकों का जखीरा मिला. यहां धमाका भी हुआ. वहीं, आतंकी आदिल के घर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया. हमले के बाद आतंकियों का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे सुरक्षा बलों को खुली चुनौती देते नजर आ रहे थे. सुरक्षा एजेंसियां अब पूरी तरह सतर्क हैं. पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों ने बड़ा अभियान शुरू किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले में शामिल आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया था जिसके बाद इस तरह की कार्रवाई देखने को मिल रही है. दोनों लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आंतकी हैं सुरक्षाबलों ने त्राल में जिन आतंकियों पर कार्रवाई की है, वे दोनों लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करते हैं. आतंकी 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले से जुड़े वीडियो में नजर आए थे. इनमें से एक का नाम आसिफ और दूसरे का आदिल है. हमले में शामिल इन आतंकियों को मार गिराने के लिए सुरक्षाबल सर्च ऑपरेशन में लगे हुए हैं. यह भी पढ़ें : Pahalgam Attack : कश्मीरी गाइड ने छत्तीसगढ़ के बच्चों की जान बचाई, पढ़ें आतंकी हमले के वक्त कहां थे ये लोग अब तक करीब 2000 लोगों से पूछताछ पहलगाम हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अब तक करीब 2000 लोगों से पूछताछ की है. कई संदिग्धों को हिरासत में भी लिया गया है. इस हमले में कुल 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें से 25 हिंदू थे और केवल एक आदिल शाह मुस्लिम था जो अनंतनाग का रहने वाला था. गुरुवार को ज्यादातर मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया. सुरक्षाबल लगातार आतंकियों की तलाश कर रहे हैं ताकि इस हमले में शामिल सभी को जल्द से जल्द पकड़ा जाए. इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. The post Pahalgam Terror Attack : हमले में शामिल एक आतंकी का घर बम से उड़ाया गया, दूसरे के घर पर चला बुलडोजर appeared first on Naya Vichar.

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UP Board Result 2025 से पहले जानें किस्मत और मेहनत में बाजी मारते हैं किन राशियों के बच्चे

UP Board Result 2025, Talented children according to zodiac sign: यूपी बोर्ड हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल हुए करीब 55 लाख छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के लिए बड़ी समाचार सामने आई है. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की ओर से यूपी बोर्ड रिजल्ट 2025 को 25 अप्रैल को दोपहर 12:30 बजे जारी किया जाएगा. जैसे ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिजल्ट की घोषणा होगी, छात्र 10वीं और 12वीं के अपने परिणाम ऑनलाइन माध्यम से चेक कर सकेंगे. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर व्यक्ति की प्रकृति और स्वभाव अलग होते हैं, क्योंकि उनकी कुंडली, जन्म की तारीख, समय और नक्षत्र भी भिन्न-भिन्न होते हैं. ज्योतिष के मुताबिक, कुछ राशियों के जातक ऐसे होते हैं जिन्हें पढ़ाई में खास परेशानी नहीं होती, बल्कि उनका दिमाग दूसरों की तुलना में अलग और तेज़ होता है. आइए यहां यूपी बोर्ड रिजल्ट से पहले जानें कि किन राशि के शिशु पढ़ने लिखने में होशियार माने जाते हैं. 27 अप्रैल से लेकर 3 मई 2025 का साप्ताहिक राशिफल तेजी से नई चीजें सीख लेते हैं मेष राशि के शिशु ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मेष राशि के शिशु पढ़ाई-लिखाई में काफी तेज माने जाते हैं. इनमें विशेष प्रतिभा होती है और ये तेजी से नई चीजें सीख लेते हैं. इनका आत्मविश्वास और साहस इन्हें हर चुनौती से लड़ने का हौसला देता है. यदि इन्हें बचपन से ही सही दिशा और मार्गदर्शन मिल जाए, तो ये ऐसे काम करते हैं जिन पर पूरे परिवार को गर्व होता है. इनकी निडरता और ऊर्जा का स्रोत इनका स्वामी ग्रह मंगल है, जो इन्हें ये विशेष गुण प्रदान करता है. समाज में नाम कमाते हैं कर्क राशि के शिशु कर्क राशि के बच्चों पर चंद्रमा का प्रभाव होता है, जिससे ये स्वभाव से शांत, संवेदनशील और थोड़ा शर्मीले होते हैं. हालांकि, इनकी सीखने की ललक बहुत गहरी होती है. एक बार जो भी ये सीख लें, उसमें बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं. अपनी प्रतिभा के दम पर ये अक्सर क्लास में टॉप करते हैं और मॉनिटर बनने तक का सम्मान हासिल करते हैं. अध्यापक भी इनसे खास लगाव रखते हैं. भविष्य में ये शिशु कुछ अलग हटकर करते हैं और समाज में नाम कमाते हैं. प्रतिस्पर्धा की भावना कूट-कूट कर भरी होती है तुला राशि के बच्चों में तुला राशि के जातक स्वभाव से बेहद चतुर, मेहनती और संतुलित सोच वाले होते हैं. ये किसी भी काम को शुरू करने से पहले उसे पूरा करने का दृढ़ संकल्प ले लेते हैं. इनमें प्रतिस्पर्धा की भावना कूट-कूट कर भरी होती है. यही कारण है कि ये लक्ष्य प्राप्ति के लिए जी-जान लगा देते हैं और हमेशा अव्वल रहने की कोशिश करते हैं. गजब याद्दाश्त होती है मकर राशि के बच्चों की वैदिक ज्योतिष के अनुसार, मकर राशि वाले बच्चों की याद्दाश्त गजब की होती है. इन्हें कुछ भी याद करने में मुश्किल नहीं होती. ये बेहद मेहनती और कर्मठ होते हैं, और विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते. हालांकि, बचपन में इन्हें विशेष मार्गदर्शन की जरूरत होती है ताकि इनकी तीव्र बुद्धि को सही दिशा मिल सके और ये अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग कर सकें. डिस्क्लेमर: इस समाचार में दी गई जानकारी इंटरनेट में मौजूद राशिफल से संबंधित डिटेल से एकत्रित कर ली गई है. नया विचार इस समाचार को लेकर पुष्टि नहीं करता है The post UP Board Result 2025 से पहले जानें किस्मत और मेहनत में बाजी मारते हैं किन राशियों के शिशु appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: रसोइये ने मिड डे मील में परोस दी सांप के जहर वाली सब्जी, 200 से अधिक बच्चे हुए बीमार

Bihar News: पटना. बिहार के पटना जिले में मिडे डे मील खाने के बाद 200 से अधिक स्कूली शिशु बीमार हो गए हैं. इनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. घटना मोकामा प्रखंड के मेकरा स्थित मध्य विद्यालय की है. बताया जा रहा है कि मध्याह्न भोजन यानी मिड डे मील की सब्जी में सांप गिर गया था. उसे खाने से ही बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई. इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर हंगामा भी किया. प्रखंड विकास पदाधिकारी रवि कुमार ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खत्म करवाया है. बीडीओ ने बताया कि से मामले की जांच की जा रही है. इस बीच करीब एक घंटे तक सड़क जाम रहा और आवागमन पूरी तरह ठप रहा. रसोइये ने सांप को शौचालय में फेंका स्कूल के बच्चों का कहना है कि स्कूल के मिड डे मील में चावल और आलू-कद्दू की सब्जी बनी थी. बच्चों को इस दौरान सब्जी में एक मरा हुआ सांप मिला, जिसे विद्यालय के रसोइया ने शौचालय में फेंक दिया. फिर वही सब्जी बच्चों को खिला दी. छात्र-छात्राओं ने बताया कि करीब 500 बच्चों ने मध्याह्न भोजन खाया था. भोजन करने के बाद कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी तो सभी शिक्षक समय से पहले ही छुट्टी देकर स्कूल से निकल गए. शिशु घर पहुंचे और धीरे-धीरे एक-एक कर करीब 200 बच्चों की तबीयत खराब हो गई. ग्रामीण धीरे-धीरे एकजुट होने लगे, घटना की सूचना पर पहुंची मोकामा थाना की पुलिस ने 50 से अधिक बच्चों को ले जाकर मोकामा रेफरल अस्पताल में भर्ती करवाया. सभी शिशु खतरे से बाहर एक-एक कर करीब 150 और बच्चों को लेकर उनके अभिभावक मोकामा रेफरल अस्पताल के ट्रामा सेंटर पहुंच गए. चिकित्सक बच्चों की जांच कर रहे हैं. मौके पर मौजूद चिकित्सक डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि एक शिशु की तबीयत थोड़ी खराब थी, लेकिन अब वे भी खतरे से बाहर है. बाकी शिशु भी ठीक हैं, सभी की जांच की जा रही है. अस्पताल में गहमागहमी का माहौल है. सैंकड़ों ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और बच्चों की देखभाल कर रहे हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है. रसोइये से पूछताछ की जा रही है. Also Read: Road in Bihar: बिहार को मिला एक और एक्सप्रेसवे, 4000 करोड़ की लागत से बनेगा नारायणी-गंगा कॉरिडोर The post Bihar News: रसोइये ने मिड डे मील में परोस दी सांप के जहर वाली सब्जी, 200 से अधिक शिशु हुए बीमार appeared first on Naya Vichar.

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Box Office Report: जाट या केसरी चैप्टर 2? गुरुवार को बॉक्स ऑफिस पर किसने मारी फ्लॉप की छलांग?

Box Office Report: सिनेमाघरों में दो फिल्मों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. एक सनी देओल की एक्शन थ्रिलर ‘जाट’ और दूसरी अक्षय कुमार की ऐतिहासिक कोर्टरूम ड्रामा ‘केसरी चैप्टर 2’. कमाई के मामले में दोनों ही फिल्में धीमी रफ्तार में आगे बढ़ रही हैं और अबतक 2025 की कई फिल्मों के लाइफटाइम रिकार्ड्स तोड़ चुकी हैं. हालांकि, इसके बाद भी एक फिल्म फ्लॉप होते नजर आ रही है. आखिर वो कौनसी है, सनी देओल की जाट या अक्षय की केसरी 2? आइए गुरुवार के कलेक्शन से जानते हैं. केसरी चैप्टर 2 के गुरुवार कलेक्शन अक्षय कुमार की ‘केसरी चैप्टर 2’ को रिलीज हुए सात दिन पुरे हो चुके हैं और फिल्म ने अबतक महज 46.10 करोड़ रुपए का कलेक्शन ही किया है. Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर सिर्फ गुरुवार की कमाई पर नजर डालें तो केसरी 2 ने गुरुवार यानी डे 7 को 3.50 करोड़ रुपए का कारोबार किया है. जलियांवाला बाग पर आधारित यह एक ऐतिहासिक कोर्टरूम ड्रामा है, जिसमें अक्षय कुमार के साथ, आर. माधवन और अनन्या पांडे प्रमुख भूमिकाओं में दिखे हैं. जाट के गुरुवार कलेक्शन जाट ने इंडस्ट्री ट्रैकर के मुताबिक, गुरुवार को सिर्फ 1.25 करोड़ रुपए कमाए थे. हालांकि, यह आंकड़े केसरी 2 से बहुत ज्यादा ही कम हैं और अब इन आंकड़ों से यह साफ हो रहा है कि जल्द ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर दम तोड़ सकती है. लेकिन यह बात अच्छी है कि इसके बाद भी जाट, सनी देओल की दूसरी ब्लॉकबस्टर ‘गदर: एक प्रेम कथा’ का रिकॉर्ड तोड़कर एक्टर के करियर की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म भी बन गई है. अबतक फिल्म ने 80.75 करोड़ नेट कमा लिए हैं. बता दें कि जाट में सनी देओल के साथ रणदीप हुड्डा और विनीत कुमार सिंह मुख्य भूमिकाओं में हैं. यह भी पढ़े: Kesari Chapter 2 Vs Chhaava: किसने जीता इतिहास, किसने हारा बॉक्स ऑफिस? 7वें दिन ने खोली पोल The post Box Office Report: जाट या केसरी चैप्टर 2? गुरुवार को बॉक्स ऑफिस पर किसने मारी फ्लॉप की छलांग? appeared first on Naya Vichar.

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क्रोध नहीं, करुणा अपनाएं– श्रीमद्भगवद्गीता का अमूल्य संदेश

Gita Updesh: श्रीमद्भगवद्गीता एक गूढ़ आध्यात्मिक ग्रंथ है, जो जीवन की गहराइयों को समझने का मार्ग दिखाता है. यह सिखाती है कि हमें अपने कर्तव्यों को निस्वार्थ भाव से करना चाहिए और परिणाम की चिंता नहीं करनी चाहिए. आज का इंसान बाहरी भौतिकता में उलझकर आंतरिक शांति खो चुका है. गीता आत्मज्ञान, संतुलन और ईश्वर में विश्वास के माध्यम से उसी शांति की ओर लौटने की प्रेरणा देती है. यह बताती है कि लालच आत्मिक प्रगति में बाधक है. गीता का संदेश हर युग में प्रासंगिक है और जीवन को सार्थक दिशा देता है. आज के समय में व्यक्ति अधीर होता जा रहा है, उसे बहुत जल्दी गुस्सा आने जाता है. गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने क्रोध को आत्मविकास का सबसे बड़ा शत्रु बताया है. गीता के अनुसार, क्रोध में फंसकर मनुष्य की बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है और जब बुद्धि नष्ट हो जाती है, तो वह विनाश का कारण बनती है. इंद्रियों पर संयम रखें भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि इंद्रियों की इच्छाओं पर नियंत्रण रखकर हम उन स्थितियों से बच सकते हैं जो क्रोध को भड़काती हैं. यह भी पढे़ें- मोह को समाप्त करने का सरल मार्ग, अपनाएं भगवान श्रीकृष्ण के ये संदेश यह भी पढ़ें- जब मन पर छा जाए लोभ का अंधकार, गीता है प्रकाश का मार्ग स्वभाव को समझें गीता उपदेश में कहती है कि गुणों के अनुसार व्यक्ति व्यवहार करता है. इसलिए दूसरों के स्वभाव को स्वीकार कर लेने से हम कम क्रोधित होते हैं. निष्काम कर्म का अभ्यास करें अपेक्षाओं से बंधे कर्म अक्सर क्रोध को जन्म देते हैं. जब हम बिना स्वार्थ के कार्य करते हैं, तो मन शांत रहता है. ध्यान और आत्मचिंतन गीता उपदेश आत्मज्ञान को क्रोध का समाधान मानती है. नियमित ध्यान से मन स्थिर होता है और प्रतिक्रियाएं नियंत्रित होती हैं. यह भी पढ़ें- बाहरी रूप नहीं, आंतरिक गुण ही असली सुंदरता, गीता से सीखें चरित्र निर्माण की कला Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह से इनकी पुष्टि नहीं करता है. The post क्रोध नहीं, करुणा अपनाएं– श्रीमद्भगवद्गीता का अमूल्य संदेश appeared first on Naya Vichar.

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आतंक को करारा जवाब

पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमले के विरोध में हमारी प्रशासन ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक में सिंधु जल समझौता स्थगित करने समेत पांच कठोर कदम उठाने का तो सख्त फैसला लिया ही, प्रधानमंत्री ने बिहार में मधुबनी की एक सभा में आतंकवाद के प्रायोजक को जिस सख्त भाषा में खामियाजा भुगतने की चेतावनी दी है, उससे भी प्रशासन की सख्ती का पता चलता है. कैबिनेट कमेटी की बैठक में जो निर्णय लिया गया, उनमें राजनयिक संबंध को और घटाने के अलावा दक्षेस वीजा छूट योजना (एसवीइएएस) के तहत पाक नागरिकों को दिये जाने वाले वीजा पर तत्काल रोक लगाने का फैसला शामिल था, बाद में सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करने का निर्णय लिया गया. बैठक में यह भी संकल्प लिया गया कि हमले के अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाया जायेगा और उनके प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराया जायेगा. पहलगाम हमले पर केंद्र प्रशासन ने कल सर्वदलीय बैठक भी बुलायी. सुरक्षा बलों को उच्च सतर्कता बरतने का संदेश तो दिया ही गया है, उधमपुर के पास बसंतगढ़ में आतंकियों के खिलाफ सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में सुरक्षा बल के एक जवान का शहीद होना आतंकियों के खिलाफ चल रहे अभियान के बारे में ही बताता है. जबकि एक दिन पहले ही उरी में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गये थे. हालांकि हिंदुस्तान के जवाब में पाकिस्तान ने भी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद हिंदुस्तान के साथ व्यापार पर रोक, वाघा बॉर्डर बंद करने और हिंदुस्तानीय विमानों के लिए पाकिस्तानी वायुक्षेत्र के इस्तेमाल पर रोक लगाने का फैसला किया है. लेकिन जाहिर है, इनका हिंदुस्तान पर कोई खास असर नहीं पड़ने वाला. ऐसे ही, सिंधु जल समझौता स्थगित करने के हिंदुस्तानीय फैसले को पाकिस्तान ने जिस तरह युद्ध का एलान बताया है, वह उसकी गीदड़ भभकी ही ज्यादा है. सच तो यह है कि पाकिस्तान आज दुनिया में जिस तरह अलग-थलग पड़ गया है, वैसी स्थिति में वह इससे पहले कभी नहीं था. अमेरिका, अफगानिस्तान, खाड़ी देश- कहीं उसका कोई मददगार नहीं है. अमेरिकी कारोबारी आक्रामकता का सामना करते चीन के पास भी फिलहाल पाकिस्तान के साथ खड़े होने का अवसर नहीं है. ध्यान रखना चाहिए, अभी तो सिर्फ पाकिस्तान को घेरने की कवायद की गयी है. उसके खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी खुला है. The post आतंक को करारा जवाब appeared first on Naya Vichar.

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अक्षय तृतीया से पहले शनि चाल में बदलाव, इन राशियों के लिए आएंगे अच्छे दिन

Shani Gochar 2025 before Akshay Tritiya: अक्षय तृतीया हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायक तिथि मानी जाती है. इसे अबूझ मुहूर्त कहा जाता है, यानी इस दिन कोई भी शुभ कार्य बिना पंचांग देखे किया जा सकता है. इस बार अक्षय तृतीया से पहले एक विशेष खगोलीय घटना घटने वाली है – शनि देव की चाल में बदलाव. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि ग्रह जब अपनी गति, स्थिति या राशि में परिवर्तन करता है, तो इसका प्रभाव सभी राशियों पर स्पष्ट रूप से देखा जाता है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार शनिदेव 30 अप्रैल 2025 को आने वाली अक्षय तृतीया से ठीक पहले, यानी 28 अप्रैल 2025, सोमवार के दिन नक्षत्र परिवर्तन करने वाले हैं. वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन बेहद शुभ साबित होगा. इस दौरान उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपने फैसले मजबूती से ले पाएंगे. जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा. नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति मिलने के योग बन रहे हैं. 27 अप्रैल से लेकर 3 मई 2025 का साप्ताहिक राशिफल कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए शनि का नक्षत्र परिवर्तन लाभकारी सिद्ध हो सकता है. शनि इस समय आपकी राशि से भाग्य स्थान में संचरण कर रहे हैं, जो भाग्यवृद्धि के संकेत दे रहा है. आपके पुराने प्रयास अब रंग ला सकते हैं, और यदि आप किसी योजना पर लंबे समय से काम कर रहे हैं तो उसका फल मिलने की संभावना है. इस समय व्यापार या नौकरी से संबंधित यात्रा भी सफल रह सकती है. कुंभ राशि कुंभ राशि के जातकों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन शुभ संकेत लेकर आ रहा है. शनि आपकी ही राशि के स्वामी हैं और फिलहाल धन और वाणी के क्षेत्र में संचरण कर रहे हैं. ऐसे में अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं. इसके अलावा, यदि आप किसी लंबे समय से चल रही योजना पर कार्य कर रहे हैं, तो अब उसका सकारात्मक परिणाम मिलने की प्रबल संभावना है. आपकी वाणी का प्रभाव भी इस समय बढ़ सकता है. The post अक्षय तृतीया से पहले शनि चाल में बदलाव, इन राशियों के लिए आएंगे अच्छे दिन appeared first on Naya Vichar.

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Indian Wedding: शादी-विवाह में अब खत्म हो रही मरजाद की परंपरा, एक शाम खाने के बाद लौट रहे बाराती

Indian Wedding: पटना. मिथिला की तरह मगध में भी अब मरजाद की परंपरा खत्म होती जा रही है. शाम को बारात आती है और दर रात खाने के बाद लौट जा रही है. शादी के दिन ही लड़की की विदाई की परंपरा भी अब लोग तेजी से अपना रहे हैं. करीब 150 साल पहले भोजपुर से हुई इस सामाजिक सुधार आंदोलन का असर अब जाकर मगध के समाज पर दिख रहा है. आरा के प्यारे लाल ने 1878 के आसपास शादी का खर्च कम करने के लिए मरजाद खत्म करने की बात कही थी. एक लंबे प्रयास के बाद अब मगध में बारात ठहरने की परंपरा खत्म होती दिख रही है. आज शादी-विवाह के लग्न में दूल्हा पक्ष की तरफ से लोग बड़ी संख्या में बारात बनकर जरूर पहुंच रहे हैं, लेकिन कहीं भी रात में अब ठहरने की परंपरा नहीं दिख रही है. एक शाम का खाना खाकर लौट रहे बाराती मगध समेत पूरे दक्षिण बिहार में मरजाद के बिना शादी की परंपरा लोग तेजी से अपना रहे हैं. बारात में शामिल होने के लिए आने वाले लोग खान-पान होने तक इंतजार करते हैं और जैसे ही खाना-पीना हो जाता है, 90 प्रतिशत बराती वापस लौट जाता है. दूल्हा पक्ष के सिर्फ परिवार एवं इक्का-दुक्का लोग ही रात में ठहरते हैं. अधिकतर लोग खाने के बाद रात्रि में ही वाहनों पर सवार होकर गांव लौट जा रहे हैं. यह स्थिति शादी-विवाह के इस लग्न में शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी देखी जा रही है. कहीं भी रात्रि में ठहरने को लोग तैयार नहीं दिख रहे हैं. हालांकि लड़की पक्ष द्वारा ठहरने की व्यवस्था भी की जा रही है, लेकिन खान-पान हो जाने के बाद बारात की महफिल सुनसान होने लगता है. मिट गया है मरजाद रखने की परंपरा शादी-विवाह में मरजाद रहने की परंपरा अब मिटता जा रहा है. मगध में कहीं भी मरजाद रहने की बात अब सामने नहीं आ रही है. चट मंगनी पट विवाह के तर्ज पर ही लोग शादी-विवाह के समारोह में शिरकत कर रहे हैं. विदित हो कि कुछ वर्षों पहले तक मरजाद रखने का परंपरा थी. बहुत सारे लोग थे जो बारात को मरजाद रखते थे. बारात पक्ष के लोग पहले दिन आता था और दूसरा दिन, दिन-रात रहता था. तीसरे दिन सुबह में विदा होता था, लेकिन भाग-दौड़ के इस दौर में मरजाद रखने की परंपरा लगभग मगध के सभी जिले में समाप्ति हो चुकी है. कहीं भी मरजाद रहने की बात सामने अब नहीं आ रही है. मरजाद की परंपरा लगभग खत्म जहानाबाद के दिनेश शर्मा कहते हैं कि पहले शादी-विवाह में मरजाद बरात टीका करता था. हमलोग दो दिनों तक बारातियों को लगातार सेवा करते रहते थे. अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ते थे, ताकि बाराती पक्ष के लोग आदर भाव से खुश होकर लौटे. भोजपुर के अमित कुमार कहते हैं कि गांव में अब बारात आती है. हमलोग ठहरने की भी व्यवस्था करते हैं, लेकिन रात में दूल्हा पक्ष के परिवार के सदस्य रुख कर लेते हैं. खाने-पीने के बाद सभी बाराती रात्रि में ही लौट जा रहे हैं. अब तीन दिन रहने का रिवाज लगभग खत्म हो चुका है. शादी अब एक दिन का कार्यक्रम होकर रह गया है. Also Read: Road in Bihar: बिहार को मिला एक और एक्सप्रेसवे, 4000 करोड़ की लागत से बनेगा नारायणी-गंगा कॉरिडोर The post Indian Wedding: शादी-विवाह में अब खत्म हो रही मरजाद की परंपरा, एक शाम खाने के बाद लौट रहे बाराती appeared first on Naya Vichar.

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