Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सिर्फ 36 बिहारी मजदूर और गांव नहीं, बसा दिया पूरा देश

Mauritius: अफ्रीका महाद्वीप का एक पिद्दी-सा द्वीपीय देश मॉरीशस हिंदुस्तान के लिए सबसे महत्वपूर्ण है. सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक तौर पर हिंदुस्तान से उसका सीधा संबंध है. हिंदुस्तान को दुनिया भर से एक साल में जितना प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) हासिल होता है, उसमें मॉरीशस योगदान 25% है. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आज से करीब 191 साल पहले वर्ष 1834 में सिर्फ 36 बिहारी मजदूरों का एक समूह मॉरीशस गया था. वहां जाकर इस समूह ने गांव नहीं बसाया, बल्कि पूरा देश बसा दिया. 191 साल पहले मॉरीशस गए थे 36 बिहारी मजदूर द इंडियन डायसपोरा इन मॉरीशस-इनसाइक्लोपिडिया ब्रिटानिका की एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब 191 साल पहले, 1834 में, हिंदुस्तान से 36 मजदूरों का एक समूह मॉरीशस (Mauritius) पहुंचा था. यह मजदूर मूल रूप से बिहार से थे और ब्रिटिश साम्राज्य की ओर से उनके देश से मॉरीशस भेजे गए थे, जहां वे गन्ने के खेतों में काम करने के लिए लाए गए थे. हालांकि, इन 36 मजदूरों की संख्या मामूली थी, लेकिन उन्होंने आने वाले समय में अपनी कड़ी मेहनत, साहस और सामाजिक समर्पण से मॉरीशस में एक समृद्ध हिंदुस्तानीय समुदाय की नींव रखी. इस घटना का हिंदुस्तानीय समुदाय और मॉरीशस दोनों के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है. ब्रिटिश काल और मजदूरों की स्थिति हिस्ट्री ऑफ इंडियन लेबरर्स इन मॉरीशस-नेशनल अर्काइब ऑफ मॉरीशस के अनुसार, 19वीं सदी के शुरुआती वर्षों में ब्रिटिश साम्राज्य ने हिंदुस्तान को अपनी उपनिवेशी बस्तियों के लिए मजदूर भेजने का निर्णय लिया. इस निर्णय के बाद मजदूरों को विशेष रूप से चीनी बागानों में काम करने के लिए मॉरीशस भेजा गया. इस दौरान हिंदुस्तानीय मजदूरों को अनुबंध (contract) पर काम करने के लिए भेजा जाता था. इन मजदूरों का जीवन बहुत कठिन था, क्योंकि उन्हें बेहद कम मजदूरी पर खराब स्थितियों में काम करना पड़ता था. 1834 में बिहारी मजदूरों का पहला समूह पहुंचा था मॉरीशस 1834 में हिंदुस्तानीय मजदूरों के पहले समूह ने मॉरीशस की यात्रा की थी. इन 36 मजदूरों में अधिकतर लोग उत्तर हिंदुस्तान के उत्तर प्रदेश और बिहार राज्य से थे. ये मजदूर मॉरीशस में आकर गन्ना खेतों में काम करने लगे. हालांकि, उनकी संख्या बहुत कम थी, लेकिन उनका प्रयास और संघर्ष मॉरीशस के समाज के विकास में एक नया मोड़ साबित हुआ. बिहारी मजदूरों का मॉरीशस में सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान मॉरीशस टूरिज्म की इंडियन इन मॉरीशस: देयर इम्पैक्ट ऑन द आइसलैंड्स कल्चर एंड इकोनॉमी रिपोर्ट के अनुसार, इन 36 मजदूरों ने जब मॉरीशस में अपना कदम रखा, तो उन्होंने अपनी मेहनत से नए समाज की नींव रखी. धीरे-धीरे हिंदुस्तानीय मजदूरों की संख्या बढ़ने लगी और उन्होंने अपनी संस्कृति, धर्म और परंपराओं को मॉरीशस में स्थापित करना शुरू किया. इन मजदूरों ने मॉरीशस की वित्तीय स्थिति में महत्वपूर्ण योगदान दिया. खासकर, कृषि और चीनी उद्योग के क्षेत्र में इनका अमूल्य योगदान रहा. हिंदुस्तानीय मजदूरों के योगदान के कारण मॉरीशस में एक नया कृषि और औद्योगिक विकास देखने को मिला. मॉरीशस में हिंदुस्तानीय संस्कृति का प्रभाव मॉरीशस में हिंदुस्तानीय संस्कृति का प्रभाव अब भी देखने को मिलता है। यहाँ के अधिकांश लोग हिंदू धर्म को मानते हैं, और हिंदुस्तानीय त्योहार जैसे दीवाली, होली, गणेश चतुर्थी आदि बड़े धूमधाम से मनाए जाते हैं। इसके अलावा, हिंदुस्तानीय पारंपरिक संगीत, नृत्य और भोजन का भी मॉरीशस की संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान है।सामाजिक संघर्ष और सफलता बिहारी मजदूरों को करना पड़ा सामाजिक संघर्षों का सामना द इंडियन डायसपोरा इन मॉरीशस-इनसाइक्लोपिडिया ब्रिटानिका के अनुसार, मॉरीशस में आकर हिंदुस्तानीय मजदूरों ने न केवल कड़ी मेहनत की, बल्कि उन्होंने कई सामाजिक संघर्षों का सामना भी किया. शुरुआत में उन्हें अत्यधिक शोषण और भेदभाव का सामना करना पड़ा, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपनी स्थिति को बेहतर बनाने के लिए संघर्ष किया. हिंदुस्तानीय मजदूरों ने खुद को संगठित किया और मॉरीशस के समाज में अपनी पहचान बनाई. उनके संघर्ष और मेहनत ने अंततः उन्हें सामाजिक और नेतृत्वक अधिकार दिलवाए, और वे अब मॉरीशस के मुख्य धारा समाज का हिस्सा बन चुके हैं. बिहारी मजदूरों के संघर्ष के बाद बना एक नया मॉरीशस मॉरीशस टूरिज्म की इंडियन इन मॉरीशस: देयर इम्पैक्ट ऑन द आइसलैंड्स कल्चर एंड इकोनॉमी की रिपोर्ट में कहा गया है कि आज 191 साल बाद हम देख सकते हैं कि इन 36 मजदूरों ने सिर्फ मॉरीशस में एक नया समुदाय नहीं बनाया, बल्कि एक समृद्ध और जीवंत हिंदुस्तानीय संस्कृति को भी स्थापित किया. वे मजदूर जो कभी अपने परिवार और गांवों से दूर अजनबी देश में काम करने के लिए भेजे गए थे, अब मॉरीशस के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. इसे भी पढ़ें: Freebies: मुफ्त की योजनाओं पर नारायण मूर्ति का तीखा बयान, प्रशासनों पर साधा निशाना हिंदुस्तान के कुल एफडीआई में मॉरीशस का 25% योगदान मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, मॉरीशस से हिंदुस्तान में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) महत्वपूर्ण मात्रा में आता है. अप्रैल 2000 से सितंबर 2024 तक के आंकड़ों के अनुसार, हिंदुस्तान में कुल एफडीआई का लगभग 25% मॉरीशस के माध्यम से आया है, जो लगभग 177.18 अरब अमेरिकी डॉलर के बराबर है. यह निवेश हिंदुस्तान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि मॉरीशस से आने वाला एफडीआई हिंदुस्तान के कुल एफडीआई का एक बड़ा हिस्सा है. इसके बाद सिंगापुर से 24%, अमेरिका से 10%, नीदरलैंड से 7%, जापान से 6%, ब्रिटेन से 5% और अन्य देशों से भी निवेश आता है. इसे भी पढ़ें: कौन हैं सुधीर राजभर, जिनके ‘चमार स्टुडियो’ के उत्पादों के फैन हैं रिहाना और राहुल गांधी The post सिर्फ 36 बिहारी मजदूर और गांव नहीं, बसा दिया पूरा देश appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सुपरनैचुरल थ्रिलर ‘बैदा’ के ट्रेलर ने मचाया धमाल, पत्रकार से अभिनेता बने शोभित सुजय के किरदार में है एक दिलचस्प सरप्राइज़

Supernatural Thriller Baida: बहुप्रतीक्षित साइंस-फिक्शन सुपरनैचुरल थ्रिलर ‘बैदा’ का ट्रेलर आखिरकार रिलीज़ हो गया है और इसे हर तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है. इस फिल्म की तुलना पहले ही ‘तुम्बाड’, ‘ब्रमायुगम’, ‘स्ट्रेंजर थिंग्स’ और ‘डार्क’ जैसी शानदार फिल्मों और वेब सीरीज़ से की जा रही है. यह फिल्म 21 मार्च को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है. ‘चिंता मणि’ फेम निर्देशक पुनीत शर्मा द्वारा निर्देशित इस फिल्म में सुधांशु राय, शोभित सुजय, हितेन तेजवानी और सौरभ राज जैन जैसे शानदार कलाकारों की टोली शामिल है. शोभित सुजय का विशेष इंटरव्यू शोभित सुजय से जब पूछा गया कि ट्रेलर को लेकर दर्शकों की क्या प्रतिक्रिया रही, तो उन्होंने कहा, “ट्रेलर को शानदार प्रतिक्रिया मिली है। जिन्होंने इसे बड़े पर्दे पर देखा, वे ‘बैदा’ के यूनिवर्स से मंत्रमुग्ध हो गए। यह एक अभिनेता और सहायक निर्देशक दोनों के रूप में मेरे लिए बेहद उत्साहजनक है. यह फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लाने की क्षमता रखती है और मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि सभी आयु वर्ग के दर्शक इस अनोखी कहानी को पसंद करेंगे. जहां तक मेरी बात है, तो ‘चायपत्ती’, ‘डिटेक्टिव बूमराह’ और ‘चिंता मणि’ जैसी मेरी पिछली फिल्मों को देखने वाले दर्शकों के लिए मेरे किरदार में एक नया सरप्राइज़ होगा.” गोलू शोभित सुजय का दिलचस्प किरदार अपने किरदार ‘गोलू’ के बारे में बात करते हुए शोभित ने कहा, “मैं सौभाग्यशाली हूँ कि मेरी पहली थियेट्रिकल फिल्म ‘बैदा’ में मेरे लिए ही यह किरदार लिखा गया. हमारे निर्माता अकसर कहते हैं कि गोलू इस फिल्म का सरप्राइज़ एलिमेंट है, अब यह दर्शकों पर निर्भर करता है कि वे इसे कैसे स्वीकार करते हैं. यह किरदार भोजपुरी भाषी क्षेत्र का एक सीधा-सादा और प्यारा इंसान है. वह कभी-कभी थोड़ा कंजूस भी होता है और मुश्किलों से बचने की कोशिश करता है, लेकिन अंदर से वह एक मासूम आदमी है जो अपने आसपास हो रही घटनाओं की गंभीरता को नहीं समझता. मुझे उम्मीद है कि दर्शक बड़े पर्दे पर मेरे इस किरदार को देखकर पूरी तरह मनोरंजन का अनुभव करेंगे.” IMDb की टॉप रैंकिंग और आने वाली फिल्में जब ‘बैदा’ को IMDb की मोस्ट एंटीसिपेटेड फिल्मों की सूची में नंबर 1 स्थान मिलने पर सवाल किया गया, तो शोभित ने कहा, “किसी फीचर फिल्म को बनाना और सिनेमाघरों में रिलीज़ करना आसान काम नहीं है. यह वर्षों की मेहनत और समर्पण का नतीजा होता है. रिलीज़ से पहले ही इतनी चर्चा और IMDb पर टॉप रैंकिंग मिलना हमारे लिए बहुत बड़ा प्रोत्साहन है. यह मेरे लिए भी बेहद खास है, क्योंकि मैं अभी अपने सिनेमाई सफर की शुरुआत कर रहा हूँ, वह भी ऑनस्क्रीन और ऑफस्क्रीन दोनों रूपों में.” नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Magadha Empire : बिम्बिसार ने अपनी सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था से मगध को किया सशक्त, ऐसे हुआ पतन आने वाले प्रोजेक्ट्स में नजर आएंगे शोभित सुजय शोभित ने यह भी साझा किया कि आने वाले समय में वे कुछ और दिलचस्प प्रोजेक्ट्स में नजर आएंगे. हालांकि, फिलहाल ज्यादा जानकारी साझा नहीं की जा सकती, लेकिन उन्होंने यह पुष्टि की कि वह अपनी आगामी फिल्म में त्रिप्ती डिमरी और यशपाल शर्मा के साथ स्क्रीन साझा करने जा रहे हैं. इसके अलावा, वह एक वेब सीरीज में भी नजर आएंगे, जिसमें सीमा बिस्वास और दानिश हुसैन जैसे दिग्गज कलाकार उनके साथ होंगे. बैदा की रिलीज़ को लेकर उत्साह बैदा का ट्रेलर पहले ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है, और अब सभी को 21 मार्च का बेसब्री से इंतजार है, जब यह फिल्म सिनेमाघरों में धमाल मचाने के लिए तैयार है. इसे भी पढ़ें: सिनेमाघरों में इन 8 फिल्मों को किसी ने नहीं पूछा, ओटीटी पर रिलीज होते ही इन मूवीज ने मारी बाजी, जानें नाम The post सुपरनैचुरल थ्रिलर ‘बैदा’ के ट्रेलर ने मचाया धमाल, पत्रकार से अभिनेता बने शोभित सुजय के किरदार में है एक दिलचस्प सरप्राइज़ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

60+ Sports GK Questions in Hindi: खेल संबंधित प्रश्न-उत्तर देखें यहां…जो परीक्षाओं के लिए हैं उपयोगी

60+ Sports GK Questions in Hindi 2025: वर्तमान में अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे SSC, UPSC, बैंक पीओ, IBPS क्लर्क आदि में जनरल नॉलेज (GK) एक महत्वपूर्ण विषय है. सामान्य ज्ञान के विभिन्न हिस्सों में से स्पोर्ट्स जीके (Sports GK) खासतौर पर महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इन परीक्षाओं में अक्सर स्पोर्ट्स से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं. जो छात्र और उम्मीदवार स्पोर्ट्स के बारे में नई जानकारी ढूंढ रहे हैं तो उन्हें इस ब्लॉग के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अपडेटेड और सही जानकारी (Sports GK Questions) मिलेगी. यहां आपको स्पोर्ट्स संबंधित प्रश्न उत्तर (Sports GK Questions in Hindi) दिए जा रहे हैं जो आपके आगामी परीक्षाओं में मददगार साबित होंगे. स्पोर्ट्स से संबंधित प्रश्न उत्तर (Sports GK Questions in Hindi) स्पोर्ट्स पर आधारित महत्वपूर्ण जीके प्रश्न (Sports GK Questions in Hindi) इस प्रकार हैं- प्रश्न: 2022 का फीफा विश्व कप किसने जीता? उत्तर: अर्जेंटीना. प्रश्न: 2021 में सबसे ज्यादा ओलंपिक स्वर्ण पदक किस देश ने जीते? उत्तर: संयुक्त राज्य अमेरिका. प्रश्न: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड किसके पास है? उत्तर: सचिन तेंदुलकर. प्रश्न: 2016 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की मेजबानी किस शहर ने की थी? उत्तर: रियो डी जनेरियो, ब्राजील. प्रश्न: 2021 आईसीसी टी20 विश्व कप किसने जीता? उत्तर: ऑस्ट्रेलिया. प्रश्न: “दुनिया का सबसे तेज आदमी” किसे कहा जाता है? उत्तर: उसैन बोल्ट. प्रश्न: अब तक के सबसे डेकोरेटेड (decorated) ओलंपियन कौन हैं? उत्तर: माइकल फेल्प्स. प्रश्न: “लव” शब्द किस स्पोर्ट्स में इस्तेमाल होता है? उत्तर: टेनिस. प्रश्न: स्पोर्ट्स में नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वाली पहली स्त्री कौन हैं? उत्तर: मार्टिना नवरातिलोवा. प्रश्न: 2020 यूईएफए चैंपियंस लीग किसने जीती? उत्तर: बायर्न म्यूनिख. प्रश्न: कौन एकमात्र क्रिकेट खिलाड़ी हैं जिन्होंने 100 अंतरराष्ट्रीय शतक बनाए हैं? उत्तर: सचिन तेंदुलकर. प्रश्न: एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) क्रिकेट में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड किसके नाम है? उत्तर: रोहित शर्मा – 264 रन. प्रश्न: ओलंपिक में हिंदुस्तान का पहला स्वर्ण पदक किसने जीता? उत्तर: अभिनव बिंद्रा. प्रश्न: 2018 का फीफा विश्व कप किसने जीता? उत्तर: फ्रांस. प्रश्न: राइडर कप किस स्पोर्ट्स से जुड़ा हुआ है? उत्तर: गोल्फ. प्रश्न: आईपीएल (Indian Premier League) का विजेता को क्या मिलता है? उत्तर: आईपीएल ट्रॉफी. प्रश्न: “स्लैम डंक” किस स्पोर्ट्स में किया जाता है? उत्तर: बास्केटबॉल. प्रश्न: सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले टेनिस खिलाड़ी कौन हैं? उत्तर: मार्गरेट कोर्ट (64 खिताब). प्रश्न: फुटबॉल में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड किसके पास है? उत्तर: क्रिस्टियानो रोनाल्डो. प्रश्न: बेसबॉल स्पोर्ट्स की खोज किस देश ने की थी? उत्तर: संयुक्त राज्य अमेरिका. प्रश्न: 2022 आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप किसने जीता? उत्तर: इंग्लैंड. प्रश्न: एक मानक मैराथन दौड़ की लंबाई क्या होती है? उत्तर: 42.195 किलोमीटर. प्रश्न: हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के कप्तान कौन हैं (2025)? उत्तर: रोहित शर्मा. प्रश्न: 2023 एनबीए चैंपियनशिप किस टीम ने जीती? उत्तर: डेनवर नगेट्स. प्रश्न: फॉर्मूला 1 में सबसे ज्यादा वर्ल्ड चैंपियनशिप किसने जीती? उत्तर: माइकल शूमाकर और लुईस हैमिल्टन (7 खिताब प्रत्येक). प्रश्न: रग्बी विश्व कप में सबसे ज्यादा खिताब किस देश ने जीते? उत्तर: न्यूज़ीलैंड (3 खिताब). प्रश्न: फुटबॉल के “राजा” के रूप में कौन जाना जाता है? उत्तर: पेले. प्रश्न: फीफा विश्व कप के विजेता को कौन सी ट्रॉफी मिलती है? उत्तर: फीफा विश्व कप ट्रॉफी. प्रश्न: 2010 का फीफा विश्व कप किस देश ने आयोजित किया था? उत्तर: दक्षिण अफ्रीका. प्रश्न: “हैट-ट्रिक” किस स्पोर्ट्स में की जाती है? उत्तर: हॉकी या फुटबॉल (सॉकर). यह भी पढ़ें- Top 100 GK Questions in Hindi 2025: सामान्य ज्ञान के 100 सबसे महत्वपूर्ण सवाल और जवाब, आपके लिए एक बेहतरीन तैयारी गाइड स्पोर्ट्स पर आधारित जीके प्रश्न (Sports GK in Hindi) स्पोर्ट्स पर आधारित जीके प्रश्न (Top Sports GK Questions and Answers in Hindi) यहां दिए जा रहे हैं- प्रश्न: यूएसए का राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कौन सा है? उत्तर: बेसबॉल. प्रश्न: जापान का राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कौन सा है? उत्तर: जूडो. प्रश्न: स्पेन का राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कौन सा है? उत्तर: बुलफाइटिंग. प्रश्न: डोनाल्ड ब्रैडमैन किस स्पोर्ट्स के महान खिलाड़ी थे? उत्तर: क्रिकेट. प्रश्न: क्रिकेटर मैथ्यू हेडन किस देश के खिलाड़ी हैं? उत्तर: ऑस्ट्रेलिया. प्रश्न: हिंदुस्तान पहली बार विश्व कप क्रिकेट का चैंपियन किस वर्ष बना था? उत्तर: 1983. प्रश्न: राजीव गांधी स्पोर्ट्स रत्न पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले क्रिकेटर कौन हैं? उत्तर: सचिन तेंदुलकर. प्रश्न: राहुल द्रविड़ का उपनाम क्या है? उत्तर: मिस्टर रेलीबुल. प्रश्न: ‘आइस हॉकी’ किस देश का राष्ट्रीय स्पोर्ट्स है? उत्तर: कनाडा. प्रश्न: हिंदुस्तान में पोलो स्पोर्ट्स का प्रचलन किसने प्रारंभ किया? उत्तर: तुर्क. प्रश्न: किस देश को ‘क्रिकेट का जनक’ कहा जाता है? उत्तर: इंग्लैंड. प्रश्न: ‘चेकमेट’ शब्द किस स्पोर्ट्स से जुड़ा है? उत्तर: शतरंज. प्रश्न: फुटबॉल के गोल पोस्ट की चौड़ाई कितनी होती है? उत्तर: 24.66 फीट. प्रश्न: क्रिकेट में बल्ले की अधिकतम अनुमेय लंबाई कितनी होती है? उत्तर: 38 इंच लगभग. प्रश्न: क्रिकेट पिच की लंबाई कितनी होती है? उत्तर: 20.12 मीटर. प्रश्न: हिंदुस्तान का राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कौन सा है? उत्तर: हॉकी. प्रश्न: स्कॉटलैंड का राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कौन सा है? उत्तर: रग्बी फुटबॉल. प्रश्न: ‘बीमर’ शब्द किस स्पोर्ट्स में प्रयुक्त होता है? उत्तर: क्रिकेट. प्रश्न: मिताली राज किस स्पोर्ट्स की प्रसिद्ध खिलाड़ी हैं? उत्तर: क्रिकेट. प्रश्न: कनाडा का राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कौन सा है? उत्तर: आइस हॉकी. प्रश्न: मुथैया मुरलीधरन किस देश के प्रसिद्ध क्रिकेटर हैं? उत्तर: श्रीलंका. प्रश्न: बुलफाइटिंग किस देश का राष्ट्रीय स्पोर्ट्स है? उत्तर: स्पेन. प्रश्न: अमेरिका का राष्ट्रीय मनोरंजनात्मक स्पोर्ट्स किसे कहा जाता है? उत्तर: बेसबॉल. प्रश्न: पोलो का स्पोर्ट्स हिंदुस्तान के किस राज्य में प्रचलित था? उत्तर: मणिपुर. प्रश्न: क्रिकेट में प्रयोग की जाने वाली गेंद का वजन कितना होता है? उत्तर: 155 ग्राम से 168 ग्राम. प्रश्न: शतरंज के स्पोर्ट्स में कितने वर्ग होते हैं? उत्तर: 64. प्रश्न: राष्ट्रीय स्पोर्ट्स दिवस कब मनाया जाता है? उत्तर: 29 अगस्त. प्रश्न: क्रिकेट में जमीन से स्टंप की ऊंचाई कितनी होती है? उत्तर: 28 इंच. प्रश्न: क्रिकेट स्पोर्ट्सों का प्रसिद्ध स्थल ‘शारजाह’ किस देश में है? उत्तर: संयुक्त अरब अमीरात. प्रश्न: किस क्रिकेट अंपायर को ‘ग्रेट डिले’ के नाम से जाना जाता है? उत्तर: डिकी बर्ड. प्रश्न: किस पहले हिंदुस्तानीय खिलाड़ी ने टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक बनाया? उत्तर: वीरेंद्र सहवाग. प्रश्न: किस पत्रिका को ‘क्रिकेट की बाइबिल’ कहा जाता है? उत्तर: विजडन. प्रश्न: स्वतंत्र हिंदुस्तान के लिए व्यक्तिगत रूप से

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Shivdeep Lande: पत्नी और बेटी के साथ सीताचरण मंदिर पहुंचे शिवदीप लांडे, बोले- शब्दों में वर्णन करना मुमकिन नहीं

Shivdeep Lande Video : रियल सिंघम के नाम से मशहूर शिवदीप लांडे ने 28 फरवरी को अपनी नई पारी का ऐलान किया. उन्होंने कहा था कि ‘रन फॉर सेल्फ’ के बैनर तले बिहार में रह कर वो काम करेंगे. उन्होंने किसी राजनितिक दल में शामिल होने से इंकार किया है. उन्होंने कहा कि उनका आने वाला बिहार की बेहतरी में लगायेंगे. उन्होंने कहा कि बिहार को बदलने के मकसद से वो काम करेंगे. इसी क्रम में गुरुवार को वो मुंगेर स्थित सीताचरण मंदिर पहुंचे. इसका वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया. पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मुंगेर में माता सीता ने अपने पदस्पर्श से पावन कर सम्पूर्ण हिंदुस्तानवर्ष में महापर्व छठ का अनुष्ठान किया था. यहाँ उस सीताचरण मंदिर के दर्शन से मेरा मन तृप्त हुआ. बिहार के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का ये एक विशेष प्रतीक है. यहाँ मैंने पवित्रता एवं असीम शक्ति का अनुभव किया ही और साथ-साथ कष्टहरनी घाट से गंगा माँ के गोद में बैठकर, सम्पूर्ण हरियाली से लिपटे दियारा से गुजरते हुए मंदिर तक का सफ़र मेरे लिए एक ऐसी अद्भुत साधना थी जिसको शब्दों में वर्णन करना मुमकिन नहीं. आज लोग मन की शांति के लिए विभिन्न स्थानों को जाते है परन्तु मन की अगाध शांती और नैसर्गिक सुंदरता में समा जाने के लिए सीताचरण मंदिर का सफ़र कुछ कम नहीं!” देखें Video: इसे भी पढ़ें: Big Accident: एक को बचाने में डूबे तीन दोस्त, होली से पहले सिवान में हाहाकार Siwan News: सिवान में भीषण एक्सीडेंट, बाइकों के टक्कर में दो की मौत, होली से पहले बुझ गया घर का चिराग The post Shivdeep Lande: पत्नी और बेटी के साथ सीताचरण मंदिर पहुंचे शिवदीप लांडे, बोले- शब्दों में वर्णन करना मुमकिन नहीं appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Video: दोले तू दोल गोविंदम… से गूंजा सरायकेला, भक्तों संग राधा-कृष्ण ने खेली होली

Dol Yatra in Seraikela| सरायकेला-खरसावां, शचिंद्र कुमार दाश/धीरज कुमार : दोल पूर्णिमा के मौके पर गुरुवार को झारखंड की धार्मिक नगरी सरायकेला में आध्यात्मिक उत्थान श्रीजगन्नाथ मंडली की ओर से राधा-कृष्ण की दोल यात्रा निकाली गयी. राधा-कृष्ण की कांस्य प्रतिमा का शृंगार कर नगर भ्रमण कराया गया. इस दौरान भक्तों ने राधा-कृष्ण पर गुलाल अर्पित करने के बाद एक-दूसरे को रंग-अबीर लगाकर होली स्पोर्ट्सी. भक्त और भगवान के इस मिलन को देखने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे थे. भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी पर अर्पित किये गुलाल. पारंपरिक शंख ध्वनि और उलुध्वनि से कान्हा का स्वागत दोल यात्रा के दौरान सरायकेला में जगह-जगह राधा-कृष्ण का स्वागत पारंपरिक शंख ध्वनि एवं उलुध्वनि से हुआ. इस दौरान भक्त पारंपरिक वाद्य यंत्र मृदंग, झंजाल के साथ ‘दोल यात्रा’ में शामिल होकर नृत्य एवं कीर्तन करते नजर आये. राधा-कृष्ण के स्वागत के लिए श्रद्धालुओं ने अपने घर के सामने के हिस्से को गोबर से लेपा. रंग-बिरंगी अल्पना भी बनायी. पालकी पर सवार होकर राधा के साथ भगवान श्रीकृष्ण चले भक्तों संग होली स्पोर्ट्सने. दोल यात्रा में घोड़ा नाच बना आकर्षण का केंद्र दोल यात्रा में घोड़ा नाच आकर्षण का केंद्र रहा. दोल यात्रा के दौरान लोगों में जबर्दस्त उत्साह देखा गया. सरायकेला में दोल यात्र एकमात्र ऐसा धार्मिक अनुष्ठान है, जब प्रभु अपने भक्तों संग गुलाल स्पोर्ट्सने के लिए उसकी चौखट तक आते हैं. नया विचार प्रीमियम स्टोरी : Ho Tribe: कन्या भ्रूण हत्या से कोसों दूर हो जनजाति के लोग, बेटियों के जन्म पर मनाते हैं जश्न श्रीकृष्ण की द्वादश यात्राओं में प्रमुख और दुर्लभ है दोल यात्रा दोल यात्रा का आयोजन हर वर्ष आध्यात्मिक उत्थान श्रीजगन्नाथ मंडली द्वारा किया जाता है. आध्यात्मिक उत्थान श्रीजगन्नाथ मंडली के संस्थापक ज्योतिलाल साहू ने बताया कि जगत के पालनहार श्रीकृष्ण की द्वादश यात्राओं में से एक है दोल यात्रा. क्षेत्र में प्रचलित इस श्लोक ‘दोले तू दोल गोविंदम, चापे तू मधुसूदनम, रथे तू मामन दृष्टा, पुनर्जन्म न विद्यते…’ के अनुसार दोल (झूला या पालकी), रथ और नौका में प्रभु के दर्शन से मनुष्य को जन्म चक्र से मुक्ति मिल जाती है. होली में आयोजित होने वाली इस यात्रा को दुर्लभ यात्रा माना गया है. सरायकेला में भक्तों के दरवाजे पर होली स्पोर्ट्सने पहुंचे भगवान. महाराज उदित नारायण सिंहदेव के शासन काल में शुरू हुई दोल यात्रा दोल यात्रा के मुख्य आयोजक सरायकेला के कवि ज्योति लाल साहू बताते हैं कि सरायकेला में दोल यात्रा की शुरुआत वर्ष 1818 में महाराजा उदित नारायण सिंहदेव के शासन काल में हुई थी. राजा-रजवाड़े के समय में इसका आयोजन फागू दशमी से दोल पूर्णिमा तक होता था. वर्ष 1990 से आध्यात्मिक उत्थान श्री जगन्नाथ मंडली पारंपरिक रूप से दोल यात्रा का आयोजन कर रही है. अब सिर्फ दोल पूर्णिमा के दिन दोल यात्रा होती है. इसे भी पढ़ें बाबाधाम में कब है होली? कब होगा होलिका दहन? बाबा मंदिर में कैसे मनती है होली? पढ़ें विस्तार से Holi 2025: खास है सरायकेला की होली, भक्तों संग रंग-गुलाल स्पोर्ट्सने घर-घर दस्तक देते हैं राधा-कृष्ण होली से पहले झुमरा पहाड़ के जंगल में लगी आग, ग्रामीणों की बढ़ी चिंता Video: झारखंड के साइंटिस्ट की मोहाली में मौत, क्या हुआ था उस रात, CCTV के फुटेज में देखें The post Video: दोले तू दोल गोविंदम… से गूंजा सरायकेला, भक्तों संग राधा-कृष्ण ने स्पोर्ट्सी होली appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CBSE Exam: सीबीएसई कक्षा 12 के छात्रों को मिलेगा ‘विशेष परीक्षा’ का मौका, बोर्ड ने जारी किया नोटिस

CBSE Exam: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12 के छात्रों के लिए एक अहम घोषणा की है. जिन छात्रों को 15 मार्च 2025 को होने वाली हिंदी कोर और हिंदी ऐच्छिक परीक्षा में किसी कारणवश शामिल होने में दिक्कत हो सकती है तो उन्हें अब बोर्ड विशेष परीक्षा का मौका देगा. यह कदम उन छात्रों के लिए राहत भरा है, जिनके राज्य में 15 मार्च तक होली का त्योहार मनाया जाएगा. होली के दिन छात्र अपने परिवार के साथ त्योहार मना रहे होंगे और परीक्षा में शामिल होने के लिए वे उपलब्ध नहीं होंगे. ऐसे में CBSE ने यह फैसला लिया है ताकि कोई छात्र इस कारण से परीक्षा से वंचित न रहे. इस कारण लिया गया फैसला (CBSE Hindi Exam) इस विशेष परीक्षा का आयोजन उन छात्रों के लिए किया जाएगा जो किसी कारणवश नियमित परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे. बोर्ड का यह कदम छात्रों के हित में है और यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी विद्यार्थी को अपनी पढ़ाई में कोई रुकावट न आए. आशा की जा रही है कि इस निर्णय से छात्रों को परीक्षा में बैठने का नया अवसर मिलेगा, जिससे उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन हो सके. Naya Vichar Premium Story: झारखंड में परीक्षाओं में धांधली को लेकर केंद्र से भी सख्त कानून, फिर भी थमने का नाम नहीं ले रहे पेपर लीक के मामले बोर्ड ने ऑफिशियल नोटिस में क्या कहा? (CBSE Board Exam in Hindi) बोर्ड की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि सीबीएसई को जानकारी मिली है कि हालांकि देश के ज्यादातर हिस्सों में होली का त्योहार 14 मार्च, 2025 को मनाया जाएगा लेकिन कुछ स्थानों पर यह त्योहार 15 मार्च, 2025 को मनाया जाएगा या फिर 15 मार्च तक जारी रहेगा. इसका मतलब है कि कुछ इलाकों में होली के कार्यक्रम 15 मार्च तक चलेंगे, जिससे वहां के छात्रों को परीक्षा में शामिल होने में परेशानी हो सकती है. इस कारण सीबीएसई ने इन छात्रों के लिए विशेष परीक्षा का अवसर देने का फैसला किया है. यह भी पढ़ें- Paper Leak: पेपर लीक पर बोले राहुल गांधी- सिस्टेमेटिक फेलियर, अंधकार में 85 लाख छात्रों का भविष्य! The post CBSE Exam: सीबीएसई कक्षा 12 के छात्रों को मिलेगा ‘विशेष परीक्षा’ का मौका, बोर्ड ने जारी किया नोटिस appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जायसवाल समाज ने एक दूसरे को गुलाल लगा दी होली की बधाई

पाकुड़. शहरकोल स्थित जायसवाल धर्मशाला में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया. समारोह की अध्यक्षता समाज के अध्यक्ष प्रेम भगत ने की. समारोह की शुरुआत भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन के चित्र पर रंग गुलाल अर्पित कर हुई.साथ-साथ आरती और पूजन भी किया गया. प्रेम भगत ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जायसवाल समाज की ओर से होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया है. उन्होंने होली त्योहार के महत्व की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह रंगों का त्योहार है और यह आपसी भाईचारे का संदेश देता है. उन्होंने कहा कि होली मिलन समारोह आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य है समाज के सभी लोगों के बीच सम्मान की भावना बढ़ाना. होली के अवसर पर परिवार के सभी लोग एक स्थान पर इकट्ठा हो और आपस में सारे भेदभाव मिटा कर एक दूसरे को प्यार और सम्मान दें. होली मिलन समारोह में कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गयी. नाना प्रकार के व्यंजन भरोसे गये. मौके पर सभी लोगों ने एक दूसरे पर रंग गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी. प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागियों को गिफ्ट दिया गया. मौके पर समाज के सचिव राजेश जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, आनंद चौधरी, रवि जायसवाल, विजय जायसवाल, संजय जायसवाल, प्रकाश जायसवाल, रामजी भगत, अशोक भगत, नारायण भगत, जय प्रकाश जायसवाल, जितेंद्र जायसवाल, प्रमोद चौधरी, स्त्री मोर्चा की पूनम देवी, रंजीता जायसवाल, सरोज जायसवाल, मीनू जायसवाल, पूनम जायसवाल, ममता जायसवाल, सपना जायसवाल, रिंकी जायसवाल समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post जायसवाल समाज ने एक दूसरे को गुलाल लगा दी होली की बधाई appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

होली को लेकर सामग्री का वितरण किया गया

फोटो कार्यक्रम में शामिल स्त्रीएं लोहरदगा. शहरी क्षेत्र में संचालित नारी सम्मान ग्रुप ने अपने नाम को सार्थक करते हुए असहाय और जरूरतमंद ग्रामीण बच्चों को सम्मानित जीवन व्यक्ति करने में सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है. इसी क्रम में इस ग्रुप की स्त्रीओं द्वारा सदर प्रखंड के कुटुमू गांव में गरीब और आसक्त बच्चों एवं बच्चियों के बीच रंग , गुलाल , पिचकारी, मुखौटा एवं मिठाई का वितरण किया. मौके पर कहा गया कि होली प्रेम एवं खुशियों का प्रतीक है. होली सनातन संस्कृति के प्रेम की पहचान और खुशियों का पर्व है. गरीब बच्चों की एक अलग ही लालसा होती है जो देखने को मिलती है. बच्चों के साथ समय बीता कर उनके चेहरे में खुशी एवं मुस्कान लाने का प्रयास किया. इससे सभी शिशु बहुत खुश एवं उत्साहित नजर आये. हम सभी सदस्यों ने यह प्रयास किया और सभी मिलकर यह कार्य किया जो उनके चेहरे पर मुस्कान लायी जा सके. इस अवसर पर नारी सम्मान की रचना रॉय, अर्चना गुप्ता, रिमझिम पांडे, मंजू सोनी, मुक्ता पांडे, संगीता गुप्ता, रचना पाठक, नीलम देवी एवं गांव की स्त्रीएं सहित अन्य उपस्थित थीं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post होली को लेकर सामग्री का वितरण किया गया appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सरहुल पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग

फोटो. सांसद सुखदेव भगत लोहरदगा. लोहरदगा लोक सभा के सांसद श्री सुखदेव भगत ने संसद में आदिवासियों का महान पर्व सरहुल पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की. सांसद सुखदेव भगत ने संसद में कहा कि चैत मास के शुक्ल पक्ष में मनाया जाने वाला आदिवासियों को महान पर्व सरहुल जिसमें सूर्य और धरती की पूजा होती है .जिस प्रकार पुरी में मनाया जाने वाला रथ यात्रा में लाखों की संख्या में लोग पूरी आस्था के साथ शामिल होते हैं. उसी प्रकार आदिवासियों का महान पर्व सरहुल शोभायात्रा देश की बड़ी शोभा यात्राओं में से एक है जिसमें लाखों लोग शामिल होकर इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं. सरहुल केवल झारखंड बल्कि पूरे देश में रहने वाले आदिवासी प्रकृति पर्व के रूप में मनाते हैं. सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि केंद्र प्रशासन के पूरे साल के कैलेंडर में एक भी आदिवासियों के त्योहार को राष्ट्रीय अवकाश घोषित नहीं किया गया है .सांसद ने केंद्र प्रशासन से आने वाले आदिवासियों का महान पर्व सरहुल को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की. इससे पूर्व भी सांसद सुखदेव भगत ने संसद में आदिवासियों की प्राकृतिक आस्था ,पूजा पद्धति, विशिष्ट रीति- रिवाज के संरक्षण और संस्कृति की रक्षा हेतु केंद्र प्रशासन से जनगणना कॉलम में सरना धर्म कोड लागू करने की मांग कर चुके हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post सरहुल पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Deoghar News : फागुन पूर्णिमा पर बाबा मंदिर में उमड़े श्रद्धालु

संवाददाता, देवघर : फागुन पूर्णिमा पर गुरुवार को विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु बाबा की पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचे. सुबह से ही श्रद्धालु शिवगंगा में स्नान कर मानसरोवर स्थित फुटओवर ब्रिज के रास्ते से कतार में लगकर संस्कार भवन से बाबा मंदिर गर्भ गृह में प्रवेश करते रहे तथा बाबा की स्पर्श पूजा की. साथ ही श्रद्धालुओं के द्वारा बाबा मंदिर प्रांगण में बड़ी संख्या में कई धार्मिक अनुष्ठान भी कराये गये. शीघ्रदर्शनम कूपन लेकर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा की पूजा की. भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस वालों की तैनाती की गयी थी, ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता पूर्वक बाबा पर जलार्पण कराया जा सके. इससे पूर्व बाबा मंदिर का पट सुबह 4:30 बजे खोला गया तथा पुजारी ने बाबा बैद्यनाथ की प्रातः काल की पूजा-अर्चना की. परंपरा के अनुसार, बाबा बैद्यनाथ पर बसंत पंचमी से लेकर फागुन पूर्णिमा तक बाबा पर अबीर अर्पित किये जा रहे हैं. वहीं होली के अवसर पर सुबह में बाबा बैद्यनाथ को मालपुआ व उड़द की बारी का भोग लगाया गया. इसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का पट खोल दिया गया. हर हर महादेव के जयघोष के साथ श्रद्धालु मंदिर के अंदर प्रवेश कर बाबा की स्पर्श पूजा करते रहे. मंदिर का पट बंद होने तक करीबन 40 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा की पूजा की, वहीं 2192 लोगों ने कूपन व्यवस्था का लाभ उठाया है. गर्भगृज में लोग बाबा पर अबीर गुलाल भी अर्पित करते दिखे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Deoghar News : फागुन पूर्णिमा पर बाबा मंदिर में उमड़े श्रद्धालु appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

Recent news

No Posts Found!

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top