Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CAG: नियुक्ति प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की है जरूरत

CAG: सीएजी की उपयोगिता, कार्यप्रणाली, विश्वसनीयता, उसकी सीमा और शक्ति सहित ऑडिट के तरीके सहित विभिन्न मुद्दों पर कैग के पूर्व महानिदेशक पी शेषकुमार से नया विचार के राष्ट्रीय ब्यूरो प्रमुख अंजनी कुमार सिंह की बातचीत के मुख्य अंश:  सवाल : सीएजी की भूमिका को लेकर अक्सर विवाद होता रहता है. क्या आपको लगता है कि जनता या मीडिया सीएजी के अधिकार क्षेत्र को सही ढंग से नहीं समझ पाते हैं या फिर इसे गलत तरीके से पेश किया जाता है? नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक जिसे सीएजी कहते हैं इसके विषय में आम जनता में कम जानकारी  है. मीडिया और जनता दोनों ही सीएजी  के अधिकार क्षेत्र को सही ढंग से नहीं समझ पाते हैं. इसका एक प्रमुख कारण यह है कि सीएजी अपने प्रचार तंत्र से बहुत दूर है. कैग का मानना है कि उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही उसे लोग जाने. एक तो सीएजी आम तौर पर प्रचार से कतराता है और दूसरा उसके पास समर्पित पेशेवर मीडिया विंग नहीं है.मीडिया द्वारा सनसनीखेज निष्कर्षों को गलत तरीके से प्रस्तुत करना या चुनिंदा तरीके से हाईलाइट करना भी संभव है. इसे आम तौर पर जनता द्वारा उठाया जाता है. क्योंकि सीएजी की रिपोर्ट जब तक संसद या विधानसभा के पटल पर न रख दिया जाये, तब तक वह गोपनीय रहता है. रिपोर्ट टेबल होने के बाद जब मीडिया, आम जनता या पॉलिटिकल पार्टी इस पर सवाल-जवाब करते हैं, तब वह लोगों के बीच आता है.12 साल पुरानी 2 जी स्पेक्ट्रम हो या कोल स्पेक्ट्रम या चारा घोटाला उन रिपोर्टां की आज भी चर्चा होती रहती है. अभी की रिपोर्ट की तुलना भी पिछले रिपोर्ट के आधार पर की जाती है. इसलिये काफी प्रश्न आम आदमी, मीडिया, बुद्धिजीवियों के बीच सुनने-समझने को मिलती है. आम जनता भी सीएजी की रिपोर्ट को पढ़े और उस पर विचार करें, तो यह देश हित में होगा. इस पर मैंने हाल ही में एक पुस्तक लिखी है, जिसका नाम है, “सीएजी एन्स्योरिंग अकाउंटेबिलिटी एमिड्स कॉन्ट्रोवर्सी: इन इनसाइड व्यू”. यह किताब सभी को पढ़ना चाहिये. आखिर सीएजी है क्या? इसकी सीमा और शक्ति क्या है? इसके काम करने के तरीके सहित इस पर कितना दबाव रहता है जैसे मुद्दों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है. सीएजी की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते रहे हैं. सीएजी की विश्वसनीयता को और अधिक कैसे बढ़ाया जा सकता है?सबसे पहले सीएजी में होने वाली नियुक्ति प्रक्रिया को समझना होगा. इसके लिए कोई पॉलिसी या कोई कमिटी सिस्टम नहीं है. एक मुद्दा जिस पर अभी भी ध्यान देने की जरूरत है, वह है “चुनाव आयुक्त और सीबीआई निदेशक की तर्ज पर सीएजी की नियुक्ति के लिए समिति” की मांग. शायद, जिस बात पर बहस या आंदोलन किया जाना चाहिए, वह है सीवीसी और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के समान बहु-सदस्यीय सीएजी की ओर बदलाव, साथ ही नियुक्ति के लिए एक संवैधानिक प्रावधान”. बदलावों के लिए संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता होगी. इससे तीन उद्देश्य पूरे होंगे: चयन में पारदर्शिता, इंडियन ऑडिट एंड एकाउंट्स सर्विस (आइएएएस) को तीन सदस्य पदों में से कम से कम एक के लिए विचार किए जाने का अवसर और सीएजी में लगभग शून्य जवाबदेही के साथ एक व्यक्ति के वर्चस्व की प्रणाली को समाप्त करना. वर्तमान में कैबिनेट सेक्रेटरी अधिकारियों का एक पैनल बनाती है और उस पैनल में से प्रधानमंत्री किसी एक को नियुक्त करते हैं. इसके साथ ही एक बात और ध्यान देने की है कि नियुक्ति के बाद सीएजी महोदय को इतनी पॉवर और छूट दी गयी है, कि उस पर फिर किसी का दबाव काम नहीं कर सकता है. इन्हें सुप्रीम कोर्ट के जज का हैसियत हासिल है. इन्हें नौकरी से कोई हटा नहीं सकता है. इनको हटाने के लिए भी पार्लियामेंट में महाभियोग लाना पड़ता है. इनके आफिस के खर्च को लेकर पार्लियामेंट में वोटिंग भी नहीं हो सकती है. कार्यालय के खर्च का कोई ऑडिट नहीं होगा. इन्हें कौन सा सब्जेक्ट का चुनाव करना है, उसमें कितनी गहराई तक जाना है, कितने दिनों में रिपोर्ट देनी है, कब बनानी है, इसके लिए भी सीएजी को पूरा पावर दिया गया है. एक बार नियुक्त होने के बाद उनके ऊपर किसी तरह का दबाव आने की आशंका कम रहती है. लेकिन आप पूछेंगे की प्रैक्टिकली क्या हो रहा है? तो प्रैक्टिकली इनके पास पूरे पॉवर है, लेकिन अब उस व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह उस पावर को कैसे यूज कर रहे हैं. सवाल : आप सीएजी और न्यायपालिका के बीच के जटिल संबंधों पर चर्चा करते हैं. आपके मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख निर्णयों ने सीएजी के अधिकार क्षेत्र और प्रभावशीलता को कम किया है. कैसे?  वर्ष 2012 के माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय ने सीएजी के ऑडिट के दायरे का विस्तार करते हुए इसे ‘मुनीम’ या सिर्फ एक अकाउंटेंट की तरह मानने के बजाय प्रदर्शन ऑडिटिंग को शामिल किया. उसी फोरम ने अगस्त 2024 में यह भी निर्णय लिया कि सीएजी की रिपोर्ट केवल उनका दृष्टिकोण या विचार हैं और जब तक पीएसी संसद को अपनी सिफारिशें प्रस्तुत नहीं करती, तब तक वे अंतिम नहीं होती हैं. इसका असर सीएजी रिपोर्ट की प्रभावशीलता पर पड़ा है. अब सीएजी की रिपोर्ट की वैल्यू तभी है, जब पीएसी संसद को अपनी सिफारिशें दें. इसमें यह भी नहीं है कि इतने समय के अंदर इसे टेबल करना जरूरी है. प्रशासन चाहे तो वर्षों तक रिपोर्ट को टेबल नहीं कर सकती है. अभी हाल ही में सीएजी महोदय ने  2024 में ही दिल्ली की रिपोर्ट पर हस्ताक्षर की थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट फरवरी 2025 में विधानसभा में आयी है. इससे कई सारी समस्याएं पैदा होती है. सीएजी किसी समस्या को सुधार करने के लिए अपनी रिपोर्ट में दो साल पहले सिफारिश की है और दो साल तक उस रिपोर्ट को टेबल ही नहीं किया गया, तो इन दो सालों में वह समस्याएं विकराल हो जायेगी या फिर दूसरी समस्या में तब्दील हो गयी होगी. मेरा मानना है कि सीएजी के काम में और अधिक सुधार के लिए उसे और शक्ति देना जरूरी है. सीएजी की रिपोर्ट को पेश करने के लिए प्रशासन को एक अनिवार्य समय दे दिया जाये, चाहे वह समय दो महीना हो या छह महीना. लेकिन प्रशासन की यह

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

MP Police Constable Final Result: एमपी पुलिस कांस्टेबल फाइनल रिजल्ट जारी, यहां से करें डाउनलोड

MP Police Constable Final Result: मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) ने एमपी पुलिस कांस्टेबल 2023 का फाइनल रिजल्ट अपनी आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जारी कर दिया है. उम्मीदवार इस वेबसाइट से अपना रिजल्ट डाउनलोड कर सकते हैं. एमपी पुलिस कांस्टेबल रिजल्ट अब मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) की आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर उपलब्ध है. एमपी पुलिस कांस्टेबल रिजल्ट कैसे डाउनलोड करें? उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करके आधिकारिक वेबसाइट से अपना MP Police Constable Final Result कर सकते हैं- चरण 1- मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) की आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाएं. चरण 2- होमपेज पर “रिजल्ट सेक्शन” पर जाएं और “रिजल्ट- पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2023” पर क्लिक करें. चरण 3- एमपी पुलिस कांस्टेबल रिजल्ट पीडीएफ स्क्रीन पर दिखाई देगा. चरण 4- पात्र उम्मीदवारों की सूची में अपना रोल नंबर खोजें, आप CTRL+F का उपयोग करके भी अपना रोल नंबर खोज सकते हैं. चरण 5- भविष्य के संदर्भ के लिए एमपी पुलिस रिजल्ट पीडीएफ डाउनलोड करें और उसका प्रिंटआउट लें. Naya Vichar Premium Story: झारखंड में परीक्षाओं में धांधली को लेकर केंद्र से भी सख्त कानून, फिर भी थमने का नाम नहीं ले रहे पेपर लीक के मामले एमपी पुलिस कांस्टेबल फिजिकल टेस्ट डिटेल (MP Police Constable)  MP Police Constable Final Result आने के बाद फिजिकल टेस्ट के बारे में समझना जरूरी है. जिन लोगों के लिए फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा तो उन उम्मीदवारों को न्यूनतम 30% अंक (100 में से 30 अंक) प्राप्त करने होंगे. ऑपरेटर-रेडियो पदों के लिए पीईटी एक योग्यता प्रकृति है. रेडियो ऑपरेटर पदों के लिए न्यूनतम योग्यता अंक 20% न्यूनतम (40 में से 8 अंक) है. यह भी पढ़ें- SSC MTS Result: किसी भी समय जारी हो सकता है SSC MTS रिजल्ट, चेक करने के लिए अपनाएं ये तरीका The post MP Police Constable Final Result: एमपी पुलिस कांस्टेबल फाइनल रिजल्ट जारी, यहां से करें डाउनलोड appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Prabhat Khabar Special: चीन चुपके-चुपके विकास करता रहा और हम देखते रहे, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के इंटरव्यू की तीसरी कड़ी

Naya Vichar Special: ‘हमारा पड़ोसी देश चीन कभी आर्थिक मजबूती के तौर पर हिंदुस्तान से काफी पीछे था. वह चुपके-चुपके विकास करता रहा और हम देखते रहे.’ यह हम नहीं, बल्कि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू का सार है. राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के साथ नया विचार डॉट कॉम के संपादक जनार्दन पांडेय ने लंबी बातचीत की है. पेश है उस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू की तीसरी कड़ी… हरिवंश: इस विकास की यात्रा में हर राज्य को समझना होगा कि उनकी साझेदारी उतनी है. उनका योगदान उतना ही जरूरी है. मैं आजकल दो तीन विधानसभाओं में नए देश के हाल के महीने डेढ़ महीने में गया. उनके जो नए विधायक होते हैं. ओरिएंटेशन प्रोग्राम होता है. उनके साथ संवाद करने के लिए मुझे बुलाया गया. जनार्दन पांडेय: अभी आप जाने वाले भी है शायद? हरिवंश: नहीं, ऑलरेडी यहां कल मैं बात कर चुका हूं लंबा और एक जम्मू कश्मीर में गया था और एक अभी चंडीगढ़ गया था. उसके पहले पटना में दूसरे ढंग का स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस था. उसके पहले इसी कार्यक्रम के लिए ओडिशा में गया था. अभी हाल में मैं एक-एक लेख के बारे में राज्यों में भी कहता हूं और मीडिया से भी कहता हूं. मैंने अभी पढ़ा ही हुआ है. मैं आपको दिखा दूं. ये लेख है. इकोनॉमिक टाइम्स में छपा है 8 फरवरी को. यह लेख भी किसी असाधारण व्यक्ति का ही है. यह हैं कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम. यह साधारण व्यक्ति हैं. यह हिंदुस्तान के आर्थिक सलाहकार पहले रहे हैं. आज की तारीख में आईएमएफ के एक्सक्यूटिव डायरेक्टर हैं. इन्हीं की किताब है इंडिया एट द रेट ऑफ 100 यानी 100 वर्षों बाद हिंदुस्तान दुनिया के बड़े अर्थशास्त्री ही आईएमएफ एक्टिव डायरेक्टर होंगे. कहने की जरूरत नहीं हिंदुस्तान के बारे में. इस व्यक्ति ने किताब लिखी. अब वो अर्थशास्त्री हैं, जो हिंदुस्तान के बारे में कंसर्न हैं, सोचते हैं. इनका सवाल है मीडिया से लेकर के और हमारे सारे जो बौधिक हैं देश के उनसे. और सारे ये जितने बॉडीज हैं, आपके चेंबर ऑफ कॉमर्स जैसे इस तरह की जितनी बॉडीज हैं, उन सब से कि भाई केंद्र प्रशासन का जब बजट आता है, तो केंद्र प्रशासन के बजट पर चर्चा, राज्य प्रशासन के बजट की स्क्रूटनी क्यों नहीं? तब तो आप चैनलों पर बड़ा लंबा डिस्कशन चलाते हैं. ओपेट चलाते हैं. अखबारों में सब लोग विचार व्यक्त करते हैं, पर असल विकास का इंजन तो एक तरह से कहें… यह मैं कह रहा हूं, वह तो राज्यों के हाथ में है. क्या राज्य के मीडिया राज्य के लोग राज्य के चेंबर ऑफ कॉमर्स, राज्य का सीआईआई कन्फेडरेशनों, टेड माइंड उस व्यक्ति का यह कहना वो कहते क्या हैं. आगे मैं बहुत संक्षेप में आपको सुना रहा हूं. बड़ा मौजू है ये, क्योंकि दो बड़े राज्यों का… हिंदुस्तान के दो बड़े राज्यों के बजट लगभग तैयार हैं और इस महीने में वो पेश होंगे. कहते हैं, ‘एवरी मैन्युफैक्चरिंग फर्म रिलाइज ऑन सिक्स क्रिटिकल इनपुट्स’. देश में मैन्युफैक्चरिंग पर जोर 2014 के बाद पड़ा. चीन ने मैन्युफैक्चरिंग के लिए 1977 से अपनी कोशिश की और कैसे उन्होंने इसके लिए अलग से उन्होंने प्रयास किए. यह एक लंबा किस्सा है. मैं जिस अखबार में काम करता था या 10 वॉल्यूम की बात किया, उसमें लिखा है, उस सज्जन जो उनका पहला वो था स्पेशल जोन, जो सज्जन उन्होंने बनाया हांगकांग के बगल में. वो देंग शियाओ पेंग ने कैसे बनाया और सबसे पहले वो जापान के पास गए. आप देखिए प्रैक्टिकल सोच जापान और चीन का रिश्ता. इतिहास आप उठाकर देखें, तो बिल्कुल डागर्स का रहा है, बिल्कुल एक दूसरे के खिलाफ आंख मिलाकर के बिल्कुल तरेरने वाला और बहुत क्या कहें. मतलब एक-दूसरे के प्रति बहुत कटू भाव रहे हैं उनके. इतिहास में उसकी वजह रही है, क्योंकि चीन मानता है कि सेकंड वर्ल्ड वॉर में कई जगहों पर जापान ने का कब्जा किया था और वहां मानते हैं उनके अनुसार कि जापान ने वहां पर अपने ढंग से क्रूरता की. इसलिए हाल-हाल तक वे मांग करते हैं कि जापान हमें उसके लिए माफ मांगे. उसी जापान में देंग शियाओ पेंगजब नया सपना देखते हैं चीन को बनाने का, तो सबसे पहले वो आदमी जापान जाते हैं. सी द प्रैक्टिकल विजन और जापान जाकर वो वहां के बादशाह के सामने खड़े हो जाते हैं. देंग शियाओ पेंग… बड़े… मैं तो छोटा हूं. मेरा कद बहुत छोटा है, पर वो शायद मुझसे भी कद में बड़े छोटे थे. उस इतिहासकार ने लिखा है, जिसने उस वर्ल्ड… उस पर पॉलिटिक्स और टर्न अराउंड पर.. जो सामग्री लिखी थी, जो मैं पढ़ा था उसमें कि वो उसमें भी काफी झुक करके द शियाओ पेंग ने सम्राट के सामने कहा कि हम अतीत को भूल जाएं… हम अतीत को भूल जाएं और चीन अब एक नया अध्याय शुरू करना चाहता है. उसमें जापान की उसको जरूरत है और जापान टेक्नोलॉजी में सबसे आगे था. ये सारे मेरे लिखे हुए लेख हैं उसी अखबार में, जो बाद में संकलन में आए हैं. किताबों में भी शामिल होगा. फिर यही नहीं कहा, उसके बाद जापान ने 100 बिलियन डॉलर पहला पैसा दिया. जापान ने उसके बाद वहां की जितनी बड़ी कंपनियां थीं, ऑटोमोबाइल की टोयोटा से लेकर सबमें… उसमें देंग शियाओ पेंग एक-एक बड़ी कंपनी में गए. उतने बड़े स्टेचर का नेता, जो चीन का चीफ था, ऑटो कंपनियों के पास जा रहे हैं. ऑटो कंपनियों के जो सीईओ हैं सारे, उन सबको इनवाइट किया. पहली चीन का सारा सक्सेस मैन्युफैक्चरिंग का. हम देख नहीं सके, हमारे राजनेता देख नहीं सके. हम बदलने से इंकार करते रहे. हमारा देश बैंकरप्ट होने के कगार पर खड़ा था. उसके बारे में मैं आपको बताऊंगा. हम इतने विजनरी के अभाव वाले नेताओं का देश यह रहा कि जो सिर्फ सत्ता प्रिय हो गए और हमारे सामने एक देश करवट लेकर के हमसे बहुत तेज से आगे बढ़ रहा था. वो खतरे हम समझ रहे थे, पर हम चुप थे. ये एक नागरिक के तौर पर मैं कह रहा हूं अभी आपको कि जब मैं ये सवाल उठा रहा हूं, तो मैं एक सांसद के रूप में नहीं या जिस पद पर हूं, उसके रूप में

समस्तीपुर

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सम्मान समारोह का भव्य आयोजन

नया विचार समस्तीपुर।अंतर्राष्ट्रीय स्त्री दिवस के अवसर पर आज मंडल के ललित कला केंद्र में स्त्री सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक इंदु रानी दुबे उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विनीता श्रीवास्तव अध्यक्षा, स्त्री कल्याण संगठन, समस्तीपुर ने की । इस अवसर पर वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनन्या स्मृति भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रद्धा ठाकुर एवं मधुबनी पेंटिंग कलाकार विनीता झा भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थीं।इस सम्मान समारोह ने मरेप्र विनय श्रीवास्तव उपस्थिति रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसे विनीता श्रीवास्तव, अध्यक्षा स्त्री कल्याण संगठन, समस्तीपुर एवं मुख्य अतिथि प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक इंदु रानी दुबे ने संयुक्त रूप से किया। इसके पश्चात उन्होंने उपस्थित स्त्रीओं को संबोधित करते हुए स्त्रीओं की समाज, परिवार और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने स्त्रीओं की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्त्री सशक्तिकरण केवल एक विचार नहीं, बल्कि सामाजिक प्रगति की दिशा में एक आवश्यक कदम है।इस अवसर पर मंडल की सभी स्त्री कर्मियों की भव्य उपस्थिति रही। वक्ताओं ने स्त्रीओं को उनके अधिकारों एवं उनके योगदान को सराहते हुए प्रेरणादायक विचार साझा किए। साथ ही, स्त्री कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की गई और उन्हें सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया, जिसमें मंडल की स्त्री कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मंडल की कलाकारों ने अपने गीतों से भी कार्यक्रम में समां बांधा।इस समारोह ने स्त्रीओं के प्रति सम्मान और उनके सशक्तिकरण के संदेश को बल प्रदान किया। कार्यक्रम के समापन पर वरीय मंडल कार्मिक अधिकारी विवेक कुमार द्वारा सभी अतिथियों एवं स्त्री कर्मियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार में चुनाव से पहले बदले जाएंगे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष! प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने दिया संकेत

बिहार में इस साल के आखिरी में विधानसभा चुनाव होने वाला है. एक तरफ जहां दूसरी पार्टियां चुनाव की रणनीति बनाने में व्यस्त हैं. वहीं, सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अपने ही नेताओं के बीच में चल रही खींचतान से परेशान है.  बताया जा रहा है कि इसको लेकर पार्टी का प्रदेश नेतृत्व नाखुश है और चुनाव में जान से पहले पार्टी हाईकमान बड़ा फैसला ले सकती है.  इन सबके बीच 12 मार्च को दिल्ली में बिहार कांग्रेस के नेताओं के साथ मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की होने वाली बैठक भी टल गई है. पटना में आयोजित कार्यक्रम में अखिलेश प्रसाद सिंह और कृष्णा अल्लवारू 16 मार्च से पदयात्रा निकाल रही है कांग्रेस  कांग्रेस का प्रभारी बनने के बाद से ही कृष्णा अल्लावरु लगातार राज्य का दौरा कर रहे हैं. अपनी पिछली बिहार यात्रा के दौरान ऐलान किया कि नौकरी और पलायन के मुद्दे पर 16 मार्च से पश्चिम चंपारण से एक पदयात्रा निकाली जाएगी. इसमें यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता भाग लेंगे. एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार इस यात्रा में शामिल होंगे. बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम के बारे में  प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के साथ सलाह मशविरा नहीं किया गया. जिससे बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह नाराज हैं.   बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें जा सकती है कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी  कांग्रेस में एक धड़ा प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह को बदलना चाहता है. हालांकि लालू प्रसाद यादव के साथ अखिलेश सिंह की निकटता को देखते हुए चुनावी साल में ये आसान कदम नजर नहीं आता. खास तौर पर तब जब बिहार में कांग्रेस सीटों की संख्या को लेकर आरजेडी के सामने पहले से बैकफुट पर है. कन्हैया कुमार को लेकर भी आरजेडी की असहजता जगजाहिर है. वही अल्लावरू ने कहा था कि पार्टी इस बार के चुनाव में बी नहीं ए टीम बनकर चुनाव लड़ेगी और इसके लिए अगर उसे कोई बड़ा फैसला लेना पड़े तो भी वह पीछे नहीं हटेगी. ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि चुनाव से पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी जा सकती है. इसे भी पढ़ें : Bihar : 250 करोड़ की लागत से बिहार के इस जिले में बनेगा रेलवे स्टेशन, सुविधाओं के मामले में एयरपोर्ट को करेगा फेल इसे भी पढ़ें : दरभंगा की मेयर अंजुम आरा ने होली पर दिया ऐसा बयान, यूपी, बिहार, महाराष्ट्र तक छिड़ा घमासान पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी : पीएम मोदी का मॉरीशस में बिहारी गीत-गवई से स्वागत- ‘राजा के सोभे ला माथे, सैकड़ों साल पुरानी परंपरा में जीवित संस्कृति The post बिहार में चुनाव से पहले बदले जाएंगे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष! प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने दिया संकेत appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कुपोषित बच्चों के पोषण व पुनर्वास को ले स्वास्थ्य अधिकारियों ने की समीक्षा बैठक

पूर्णिया. नवजात कुपोषित बच्चों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू से ही पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भेजा जाता है जहां उपचार के दौरान बच्चों और परिजनों को आवश्यक पोषण और चिकित्सकीय सहायता के साथ साथ कुछ सहयोग राशि भी उपलब्ध कराई जाती है. इसी क्रम में कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने के लिए सभी प्रखंड के प्रखंड स्वास्थ्य अधिकारी और समेकित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस) के सीडीपीओ के साथ एक दिवसीय समीक्षा बैठक का आयोजन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में किया गया. इस दौरान सभी प्रखंड अधिकारियों को कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान करते हुए उन्हें परिजनों के साथ पोषण पुनर्वास केन्द्र भेजने की जानकारी दी गई. पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को सुरक्षित करने के लिए शिशु स्वास्थ्य अधिकारी और पोषण सलाहकार द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है. जिसका लाभ उठाते हुए कुपोषित बच्चों को समय के साथ स्वस्थ और तंदुरुस्त किया जाता है. पोषण पुनर्वास केंद्र का किया गया निरीक्षण समीक्षा बैठक के बाद सभी प्रखंड स्वास्थ्य अधिकारियों और आईसीडीएस सीडीपीओ द्वारा कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने के लिए जीएमसीएच में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया गया. सभी अधिकारियों को जानकारी दी गयी कि कुपोषित बच्चों के लिए एनआरसी में 20 बेड का वार्ड उपलब्ध है. संबंधित वार्ड में कुपोषित बच्चों और उनके एक परिजन के रुकने और खाने के साथ साथ बच्चों के आनंद के लिए खिलौना सुविधा भी उपलब्ध है. प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आरपी मण्डल ने कुपोषित बच्चों की पहचान करते हुए एनआरसी भेजते हुए आवश्यक चिकित्सकीय सहायता का लाभ उठाने के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया. अतिकुपोषित बच्चों की मृत्यु का खतरा नौ गुना अधिक जिला कार्यक्रम समन्यवक सह पोषण पुनर्वास केन्द्र के नोडल पदाधिकारी डॉ सुधांशु शेखर ने बताया कि सामान्य बच्चों की तुलना में गंभीर अतिकुपोषित बच्चों की मृत्यु का खतरा नौ गुना अधिक है. 100 में 80-85 प्रतिशत ऐसे कुपोषित शिशु पाए जाते हैं जिनका चिकित्सीय सहायता समुदाय स्तर पर किया जा सकता है. 10-15 प्रतिशत बच्चों को ही पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने की जरूरत होती है. ऐसे बच्चों की समय से पहचान कर उनका इलाज करने से कुपोषण के कारण होने वाले बच्चों की मृत्यु को खत्म किया जा सकता है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post कुपोषित बच्चों के पोषण व पुनर्वास को ले स्वास्थ्य अधिकारियों ने की समीक्षा बैठक appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

एएनएमएमसीएच के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में स्पाइन का हुआ पहला ऑपरेशन

गया. एएनएमएमसीएच परिसर स्थित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में पहली बार स्पाइन का ऑपरेशन बुधवार को किया गया. ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तौर से स्वस्थ है. डॉक्टरों ने कहा ऑपरेशन पूरी तौर से सफल रहा है. न्यूरो सर्जन डॉ कनिष्क परमार ने बताया कि रसलपुर के रहनेवाले राम सिंहेश्वर सिंह के 52 वर्षीय वीरेंद्र सिंह का स्पाइनल कॉर्ड इंजरी की सर्जरी की गयी है. मरीज की रीढ़ की हड्डी की चोट के बाद रीढ़ की हड्डी की डिकंप्रेसिव सर्जरी की गयी. मरीज को रीढ़ की हड्डी में चोट लगी थी. ठीक होने के लिए ऑपरेशन बहुत ही जरूरी था. इसके बाद ही यहां ऑपरेशन करने का फैसला लिया गया. उन्होंने बताया कि बुधवार को मरीज का ऑपरेशन पूरी तौर से सफलतापूर्वक किया गया है. एनेस्थेटिक डॉ एके आदित्य, ओटी असिस्टेंट राकेश रंजन विद्यार्थी आदि मौजूद थे. सफल ऑपरेशन के लिए अधीक्षक डॉ केके सिन्हा ने डॉक्टर के टीम को बधाई दी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post एएनएमएमसीएच के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में स्पाइन का हुआ पहला ऑपरेशन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

डाॅ मारूफ हुसैन बने कांग्रेस अल्पसंख्यक के राष्ट्रीय प्रवक्ता

पूर्णिया. जिला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डा मारूफ़ हुसैन को कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग का राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया गया है. इस आशय का एक पत्र आखिल हिंदुस्तानीय कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने जारी की है. मारूफ़ हुसैन अपनी उच्च शिक्षा दिल्ली के जेएनयू एवं एमयू से पूरी की है.वे कांग्रेस में अपनी नेतृत्व छात्र, एनएसयूआई , यूथ कांग्रेस से शुरू की. इससे पूर्व वे बिहार प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष सह प्रदेश प्रवक्ता के पद पर कार्य कर चुके हैं. डा मारूफ़ हुसैन को कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग का राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता नियुक्त होने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष नीरज सिंह, अल्पसंख्यक प्रकोष्ट के जिलाध्यक्ष अली खान, युवा कांग्रेस प्रवक्ता अजमेर करीम, युवा जिलाध्यक्ष शेख सद्दाम, सहित सैकड़ों नेता व कार्यकर्ताओं ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post डाॅ मारूफ हुसैन बने कांग्रेस अल्पसंख्यक के राष्ट्रीय प्रवक्ता appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

शांति व सौहार्द से मनायें त्योहार : विधायक

तोरपा. होली को लेकर शांति समिति की बैठक बुधवार को तपकारा थाना में हुई. जिसमें होली शांतिपूर्वक मनाने को लेकर चर्चा की गयी. बैठक में विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि पर्व त्योहार हमें आपसी भाईचारा के साथ रहना सिखाता है. शांति व सौहार्द के साथ त्योहार मनाने से आपसी प्रेम बढ़ता है. कहा कि होली रंगों का त्योहार है. बीडीओ नवीन चंद्र झा ने कहा कि त्योहार को एन्जॉय करें, बेवजह किसी दूसरे को जबरदस्ती रंग नहीं लगायें. बैठक के बाद समिति के सदस्यों ने एक-दूसरे को ग़ुलाल लगाकर होली की बधाई दी. बैठक में थाना प्रभारी नितेश कुमार गुप्ता, कुमुद चौधरी, पंकज चौधरी, ओमप्रकाश चौधरी, रामकुमार केशरी, प्रदीप गुप्ता, निपुण चौधरी, प्रदीप चौधरी, रवि चौधरी, नीतिश केशरी, रामेश्वर ठाकुर, दीपक चौधरी आदि उपस्थित थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post शांति व सौहार्द से मनायें त्योहार : विधायक appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

एक दिवसीय जॉब कैंप में पांच अभ्यर्थियों का हुआ अंतिम चयन

सहरसा श्रम संसाधन विभाग के तहत अवर प्रादेशिक नियोजनालय द्वारा बुधवार को एक दिवसीय जॉब कैंप का आयोजन किया गया. जॉब कैंप में डिलीवरी पटना नियोजक ने भाग लिया. इस एक दिवसीय जॉब कैंप का आयोजन सहायक निदेशक नियोजन अवर प्रादेशिक नियोजनालय भरत जी राम की देखरेख में आयोजित किया गया. जिसमें इच्छुक आवेदक ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया. इस जॉब कैंप में 16 प्रतिभागी शामिल हुए. सभी आवेदकों से बायोडाटा लिया गया. साक्षात्कार के बाद कुल पांच अभ्यर्थियों का चयन किया गया. सहायक निदेशक ने कहा कि अवर प्रादेशिक नियोजनालय द्वारा प्रति माह जॉब कैंप का आयोजन किया जाता है. जिसमें काफी संख्या में रिक्तियों उपलब्ध रहती है. उन्होंने आवेदकों से अनुरोध किया कि कार्यालय आकर इस संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. जॉब कैंप के सफल संचालन में जिला कौशल विशेषज्ञ एवं सभी नियोजनालय कर्मियों की सहभागिता रही. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post एक दिवसीय जॉब कैंप में पांच अभ्यर्थियों का हुआ अंतिम चयन appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

Recent news

No Posts Found!

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top