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Author name: Vinod Jha

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Bihar Budget: राजद ने बजट को बताया गरीब विरोधी, BJP ने बता दिया अगले 50 सालों का हिसाब-किताब

Bihar Budget: बिहार में आज (सोमवार) को नीतीश प्रशासन अपना बजट पेश करेगी. सदन की कार्यवाही जारी है. कुछ घंटे में बिहार के डिप्टी सीएम सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेंगे. बिहार के लिए यह चुनावी साल है. ऐसे में इस बार का बजट काफी अहम माना जा रहा है. सदन में बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने आरजेडी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने राजद के बजट वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें (RJD) चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. 50 सालों तक NDA पेश करेगी बजट बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने आगे कहा, “20 सालों से नीतीश कुमार और 18 सालों तक एनडीए प्रशासन ने बजट पेश किया है. हमारे नेता स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी उनके अलावा तारकेश्वर प्रसाद और आज सम्राट चौधरी बजट पेश करेंगे, जो गांव, गरीब, किसान, नौजवान, स्त्रीओं, मजदूरों पर केंद्रित होगा. स्वास्थ्य शिक्षा से ओत-प्रोत होगा. तेजस्वी यादव को चिंता करने की जरूरत नहीं है. आने वाले 50 सालों तक एनडीए प्रशासन बजट पेश करेगी. गरीब विरोधी है बजट वहीं राजद के विधायक और पूर्व मंत्री कुमार सर्वजीत ने बजट को लेकर कहा,”बीते 20 सालों से जो बजट पेश किया जा रहा है वो बिल्कुल गरीब विरोधी है. इस बजट से हम लोगों को उम्मीद नहीं है. लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में गरीबों को हक मिला है, लेकिन अब उसका विरोध किया जा रहा है. उन्होंने विधायकों को चैलेंज किया कि आप बताइए कि कोई ऐसा थाना या ब्लॉक है, जहां बिना पैसे के काम होता है? एक ब्लॉक या थाना बता दीजिए जहां बिना पैसे के काम होता है, मैं समझ जाऊंगा कि वहां भ्रष्टाचार नहीं है. हर जगह भ्रष्टाचार का बोलबाला है.” ALSO READ: Bihar Ration Card: 1.5 करोड़ राशन कार्ड धारकों पर लटक रही छंटनी की तलवार! 31 मार्च तक करा लें e-KYC The post Bihar Budget: राजद ने बजट को बताया गरीब विरोधी, BJP ने बता दिया अगले 50 सालों का हिसाब-किताब appeared first on Naya Vichar.

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Shahid Kapoor: ‘दिल, फेफड़े और किडनी खराब हो गए…’, रणबीर की 900 करोड़ी फिल्म से इसलिए बाहर हुए शाहिद कपूर

Shahid Kapoor: मशहूर फिल्ममेकर संदीप रेड्डी वांगा ‘कबीर सिंह’ और ‘एनिमल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए जाने जाते हैं. ‘कबीर सिंह’ में शाहिद कपूर, तो ‘एनिमल’ में रणबीर कपूर लीड रोल में थे. इसी बीच हाल ही में संदीप रेड्डी वांगा ने खुलासा किया कि वह ‘एनिमल’ में कबीर दीन्ह के किरदार में शाहिद कपूर के कैमियो की सोच रहे थे, लेकिन बाद में उन्होंने इस आइडिया को ड्राप कर दिया. हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि इसके पीछे क्या थी. View this post on Instagram A post shared by Shahid Kapoor (@shahidkapoor) ‘मैंने इसके बारे में सोचा…’ संदीप रेड्डी वांगा को गेम चेंजर्स पॉडकास्ट के दौरान एक सिचुएशन दी गई कि उनकी 900 करोड़ी फिल्म ‘एनिमल’ में रणबीर कपूर का किरदार रणविजय सिंह हॉस्पिटल में एडमिट है और शाहिद कपूर अपने कबीर सिंह वाले किरदार में उसका इलाज कर रहे हैं. इसपर निर्देशक ने बताया कि उन्होंने फिल्म में भी ऐसा करने के बारे में सोचा था. उन्होंने कहा, ‘मैंने इसके बारे में सोचा था. मैंने सोचा कि मैं इसे करूंगा. इसे लेकर चर्चा हुई. शूटिंग लोकेशन पर सभी ने कहा कि यह एक शानदार आइडिया है. आपको यह करना चाहिए. आपको एक्स्ट्रा 100 करोड़ मिलेंगे. ‘कबीर सिंह को लाओ…’ निर्देशक ने फिल्म में कबीर सिंह की एंट्री पर कहा, ‘दिल्ली शूट के दौरान मुझे यह आइडिया आया कि चलो कबीर सिंह को लाते हैं और उसे चीफ डॉक्टर्स में से एक बनाते हैं जो फैसले लेंगे, क्योंकि वह एक बहुत ही अग्रेसिव डॉक्टर हैं. उसे इस तरह के मामले को संभालने और ट्रीटमेंट करने के लिए अग्रेसिव होना पड़ेगा. कबीर सिंह को लाओ.’ नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Child Mental Health : शिशु हो रहे हैं दबंग, रेप और आत्महत्या करने में भी नहीं करते संकोच, जानिए क्या है वजह ‘आपका दिल खराब हो गया…’ संदीप रेड्डी ने आगे कहा, ‘मुझे लगा कि मैं कैमियो के लिए हड़बड़ी में नहीं जाना चाहता हूं. मैंने सोचा कि हम इस रिएलिटी जोन को बना रहे हैं, लेकिन यह किसी प्रेजेंटेशन सीन जैसा नहीं होना चाहिए. एंटरटेनमेंट के लिए म्यूजिक एड करो और कबीर सिंह को लाओ. मैं 50-50 था. दो दिनों तक मैं पूरी तरह से श्योर था कि चलो करते हैं. उसके बाद मैंने कहा कि नहीं. यह इतनी गंभीर चर्चा है, डॉक्टर कह रहे हैं कि आपका दिल खराब हो गया है, फेफड़े खराब हो गए हैं, किडनी खराब हो गई है. उस बीच में अगर कबीर आएगा तो बहुत हल्का लगेगा. अगर मैं एक किरदार को फिल्म में लाऊंगा, तो चर्चा बहुत वास्तविक नहीं होगी.’ एनिमल और कबीर सिंह फिल्म के बारे में… रणबीर कपूर स्टारर फिल्म ‘एनिमल’ एक एक्शन ड्रामा है, जो साल 2023 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में रणबीर कपूर के अलावा अनिल कपूर, बॉबी देओल, रश्मिका मंदाना और तृप्ति डिमरी जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में थे. बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने 900 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया और ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. वहीं, संदीप रेड्डी की और से निर्देशन में बनी ‘कबीर सिंह’ साल 2019 की एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, जो तेलुगु फिल्म ‘अर्जुन रेड्डी’ (2017) का हिंदी रीमेक थी. इस फिल्म में शाहिद कपूर के साथ कियारा आडवाणी लीड रोल में नजर आई थीं. फिल्म में शाहिद ने एक सर्जन की भूमिका निभाई थी. The post Shahid Kapoor: ‘दिल, फेफड़े और किडनी खराब हो गए…’, रणबीर की 900 करोड़ी फिल्म से इसलिए बाहर हुए शाहिद कपूर appeared first on Naya Vichar.

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कभी थे करीब, फिर क्यों दूर हो गए सोनाली बेंद्रे और राज ठाकरे? इस वजह से नहीं हो सकी दोनों की शादी

30 साल बाद मराठी भाषा दिवस के समारोह में बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे और राजनेता राज ठाकरे एक -दूसरे से मिले. इस दौरान उनका वीडियो साशल मीडिया पर वायरल हो गया. एक वीडियो पर फैंस की नजर थम गई, जिसमें सोनाली, राज को आंखों ही आंखों में साथ में चलने के लिए कहती है. बहुत कम लोगों को पता होगा कि एक वक्त था जब राज शादीशुदा होने के बावजूद सोनाली से प्यार करते थे. सोनाली भी राज से प्यार करती था. हालांकि दोनों की किस्मत में मिलना नहीं था और वह फिर अलग हो गए. सोनाली बेंद्रे और राज ठाकरे का क्यों टूटा था रिश्ता? कई मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सोनाली बेंद्रे और राज ठाकरे एक-दूसरे के प्यार में दीवाने थे. राज ने ही सोनाली के करियर को बॉलीवुड में आगे बढ़ाया. हालांकि दोनों के अफेयर के बारे में उनके ताऊ बाल ठाकरे को पता चली तो वह इस रिश्ते के खिलाफ हो गए. बाल ठाकरे ने उन्हें सोनाली से दूरी बनाने के लिए कहा था. राज ठाकरे जब सोनाली से शादी करना चाहते थे, तब बाल ठाकरे ने उन्हें सलाह दी कि वह ऐसा ना करें क्योंकि इसकी वजह से उनके पॉलिटिकल करियर पर बहुत बुरा असर पड़ेगा. इसके अलावा राज की शादी शर्मिला ठाकरे से पहले ही हो चुकी थी. राज ने अपने नेतृत्वक करियर की वजह से ये रिश्ता खत्म कर दिया. मी माझ्या तु तूझ्या आयुष्यात किती ही असुदे,जेव्हा कधी भेटेल तेव्हा आपल्या नात्यातील धाक तसाचं राहूदे,तु नजरेनं सांगावं मी ते हक्क आहे म्हणून समजावं…!#मैत्रीच्या_पलीकडे_प्रेमाच्या_अलीकडे #नाते #मैत्री #प्रेम pic.twitter.com/hNlQ4XuTOo — राज (@Villanraj00) February 28, 2025 पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: सुनिए मगध की कहानी, एक था राजा बिम्बिसार जिसने साम्राज्य विस्तार के लिए वैवाहिक गठबंधन किया इस वजह से राज ठाकरे को सोनाली ब्रेंद्रे ने कहा शुक्रिया वहीं, सोनाली बेंद्रे ने मराठी भाषा के समारोह की कुछ तसवीरें अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट की. तसवीरों के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, “धन्यवाद, राज ठाकरे, मुझे मराठी जगत की महान हस्तियों के साथ इस खास पल को साझा करने का मौका देने के लिए. इस शानदार अवसर को हाथ से न जाने दें, मराठी साहित्य में डूबने का बेहतरीन मौका है. मराठी पुस्तक प्रदर्शनी जरूर जाएं और अपनी भाषा की समृद्धि को महसूस करें.” View this post on Instagram A post shared by Sonali Bendre (@iamsonalibendre) The post कभी थे करीब, फिर क्यों दूर हो गए सोनाली बेंद्रे और राज ठाकरे? इस वजह से नहीं हो सकी दोनों की शादी appeared first on Naya Vichar.

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Video: बिहार में बजट पेश होने से पहले दिखा राबड़ी देवी का रौद्र रूप, महिलाओं के लिए NDA सरकार से कर दी बड़ी मांग

Bihar budget 2025: नीतीश प्रशासन बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अपना अंतिम बजट पेश करेगी. वित्त मंत्री सम्राट चौधरी आज बिहारवासियों के लिए क्या-क्या ऐलान करेंगे इसपर सभी की निगाहें टिकी हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि बिहार का वार्षिक बजट इस बार तीन लाख करोड़ रुपये के पार का हो जायेगा. फिलहाल बिहार का वार्षिक बजट 2.79 लाख करोड़ रुपये का है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीएम नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं से जुड़ी निर्माण कार्यों को पूरा किये जाने का प्रावधान इस बजट में किया गया है. सीएम ने प्रगति यात्रा के दौरान पथ निर्माण , नगर विकास, स्वास्थ्य, सिंचाई, पर्यटन एवं स्पोर्ट्स विभाग से जुड़े कई ऐलान किये थे. बजट पेश होने से ठीक पहले बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी सदन के आगे एक पोस्टर लेकर पहुंची. उन्होंने इस दौरान बिहार प्रशासन पर जमकर निशाना साधा. राबड़ी देवी ने इस दौरान कहा कि डबल इंजन प्रशासन है लेकिन बिहार का विकास नहीं हो रहा है. उन्होंने स्त्रीओं और वृद्धों के लिए प्रशासन से कई मांग की. देखें Video: पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: तेलंगाना टनल में फंसे संतोष साहू के गांव से ग्राउंड रिपोर्ट : पत्नी बोली- उनके सिवा कमाने वाला कोई नहीं नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Child Mental Health : शिशु हो रहे हैं दबंग, रेप और आत्महत्या करने में भी नहीं करते संकोच, जानिए क्या है वजह The post Video: बिहार में बजट पेश होने से पहले दिखा राबड़ी देवी का रौद्र रूप, स्त्रीओं के लिए NDA प्रशासन से कर दी बड़ी मांग appeared first on Naya Vichar.

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Good News: बिहार का यह जिला बनेगा इंडस्ट्रियल हब, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

Good News: बिहार के रोहतास जिले में दशकों से अनुपयोगी पड़ी बंजर और जंगल भूमि अब औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनेगी. प्रशासन ने डेहरी के दक्षिणी हिस्से को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. भड़कुड़िया, भलुआड़ी, दुर्गापुर और भटौली गांवों की प्रशासनी जमीन को उद्योग विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है, जहां नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी. औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार पिछले साल बिहार बिजनेस कनेक्ट 2024 में निवेशकों से मिले सकारात्मक प्रस्तावों के बाद इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया गया. प्रशासन की इस पहल से रोहतास जिले का डेहरी प्रखंड एक बार फिर से औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा. इसके अलावा, सुअरा हवाई अड्डा परिसर में टेक्सटाइल पार्क और डालमियानगर औद्योगिक क्षेत्र में रेलवे वैगन कारखाने की स्थापना की भी योजना है. 700 एकड़ भूमि पर होगा उद्योगों का विस्तार बिहार प्रशासन के उद्योग विभाग ने हाल ही में डेहरी और शिवसागर प्रखंड में 700 एकड़ प्रशासनी भूमि का निरीक्षण किया और इसे औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की सिफारिश की थी. प्रशासन की मंजूरी के बाद, इस क्षेत्र को औद्योगिक हब बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. पढ़िए नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: बिल क्लिंटन और अपने संबंध को अब #MeToo की शुरुआत बता रही हैं मोनिका लेविंस्की, सच ऐसे हुआ था उजागर पलायन रुकेगा, आर्थिक स्थिति होगी मजबूत 90 के दशक तक रोहतास जिला बिहार का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र था, लेकिन व्यवस्थागत खामियों के कारण यहां के कई उद्योग बंद हो गए और लोग रोजगार के लिए पलायन करने लगे. डालमियानगर औद्योगिक परिसर, जो कभी जिले की पहचान था, अब खंडहर में तब्दील हो चुका है. हालांकि, अब केसीसी सीमेंट फैक्ट्री, बंजारी को पुनः शुरू करने के लिए डालमिया ग्रुप प्रयासरत है. प्रशासन की इस नई पहल से जिले में आर्थिक गतिविधियां फिर से तेज होंगी. स्थानीय लोगों को अपने ही गांव में रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे पलायन रुकेगा और जिले की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. इस फैसले से रोहतास एक बार फिर बिहार के प्रमुख औद्योगिक जिलों में अपनी जगह बना सकता है. The post Good News: बिहार का यह जिला बनेगा इंडस्ट्रियल हब, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार appeared first on Naya Vichar.

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शादी से लौटते वक्त छपरा में उप-मुखिया पर हमला, गोली लगने के बाद हालत गंभीर

Bihar News: बिहार के सारण जिले के मांझी थाना क्षेत्र में अपराधियों ने रविवार की रात सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया. मुबारकपुर पंचायत के उप-मुखिया कमलेश राय पर अज्ञात बदमाशों ने घात लगाकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें उन्हें पेट और पीठ में गोलियां लगीं. वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. परिजन उन्हें आनन-फानन में एकमा स्थित निजी अस्पताल ले गए, जहां से उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने पटना रेफर कर दिया. घात लगाकर दिया गया हमले को अंजाम जानकारी के मुताबिक, कमलेश राय देर रात एक वैवाहिक समारोह से लौट रहे थे, तभी पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर हमला कर दिया. गोलियों की आवाज सुनते ही स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे. वारदात के बाद से इलाके में तनाव है और एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. संवेदनशील क्षेत्र में बढ़ी सतर्कता मुबारकपुर गांव पहले भी हिंसक घटनाओं को लेकर सुर्खियों में रहा है. दो साल पहले यहां दो युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए थे, जिसके चलते प्रशासन को इंटरनेट सेवाएं तक बंद करनी पड़ी थीं. ऐसे में इस हमले के बाद पुलिस हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है. नया विचार प्रीमियम स्टोरी: बिम्बिसार ने अपनी सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था से मगध को किया सशक्त, ऐसे हुआ पतन तीन संदिग्ध हिरासत में, पुलिस जांच में जुटी मांझी थानाध्यक्ष संकेत कुमार ने बताया कि इस मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है. इसके अलावा, फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है. पुलिस ने जल्द ही हमलावरों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है और लगातार छापेमारी अभियान चला रही है. The post शादी से लौटते वक्त छपरा में उप-मुखिया पर हमला, गोली लगने के बाद हालत गंभीर appeared first on Naya Vichar.

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गाय पालो, कमाई बढ़ाओ! योगी सरकार से पाओ 10 लाख रुपये तक की सहायता

Amrit Dhara Yojana: योगी प्रशासन उत्तर प्रदेश में गाय पालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं  चला रही है. राज्य प्रशासन का उद्देश्य न केवल छुट्टा गोवंश का संरक्षण करना है, बल्कि प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देना है. इसी दिशा में, वर्ष 2024-25 के बजट में प्रशासन ने गोवंश संरक्षण के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इसी क्रम में अमृत धारा योजना भी लागू की गई है, जिसके तहत पशुपालकों को आर्थिक सहायता दी जा रही है. क्या है अमृत धारा योजना? उत्तर प्रदेश प्रशासन ने गाय पालन को बढ़ावा देने और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए “अमृत धारा योजना” शुरू की है. इस योजना के तहत: दो से दस गाय पालने पर प्रशासन 10 बैंकों के जरिए 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराएगी. तीन लाख रुपये तक के ऋण पर किसी गारंटर की आवश्यकता नहीं होगी. इस योजना के अंतर्गत पशुपालकों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य छुट्टा गोवंश के संरक्षण के साथ-साथ जैविक खेती को बढ़ावा देना है, जिससे किसानों को रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. Also Read: कितनी संपत्ति के मालिक हैं स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती, वनडे करियर में पहली बार लिए पांच विकेट प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की पहल योगी प्रशासन रासायनिक मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए गोवंश आधारित कृषि को प्राथमिकता दे रही है. प्राकृतिक खेती में गाय के गोबर और मूत्र का उपयोग खाद और जैविक कीटनाशक के रूप में किया जाता है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है और पर्यावरण भी संरक्षित रहता है. इससे पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन से आय होगी और साथ ही जैविक खाद व कीटनाशक बेचकर अतिरिक्त मुनाफा भी होगा. इस प्रकार गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम है. गोवंश संरक्षण के लिए अन्य योजनाएं गोआश्रयों की स्थापना और वित्तीय सहायता: योगी प्रशासन ने निराश्रित गोवंश के लिए कई गोआश्रय केंद्र स्थापित किए हैं. इन केंद्रों के संचालन के लिए प्रशासन प्रति पशु वित्तीय सहायता भी देती है. 2024-25 के बजट से पहले 1001 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट भी इस योजना के लिए जारी किया गया था. मिनी नंदिनी योजना: इस योजना का उद्देश्य गायों के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देना है. इसके तहत: गौशालाओं और पशुपालकों को विशेष अनुदान दिया जाता है. गोबर और मूत्र को व्यावसायिक रूप से उपयोगी बनाने के लिए प्रशासन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम भी चला रही है. मनरेगा के तहत पशुपालकों को सुविधाएं: मनरेगा के अंतर्गत गाय पालकों को कम लागत पर कैटल शेड, पशु बाड़ा और गोबर गैस प्लांट स्थापित करने की सुविधा दी जा रही है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार भी सृजित होगा. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: क्या पुतिन से नजदीकियों की वजह से ट्रंप ने जेलेंस्की को व्हाइट हाउस से बाहर निकाला? पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: कुत्ते संग कराई 11 माह की बच्ची की शादी, हो जनजाति की अनोखी परंपरा Also Read: कितनी संपत्ति के मालिक हैं हिटमैन रोहित शर्मा? ब्रांड्स और IPL से होती है करोड़ों की कमाई The post गाय पालो, कमाई बढ़ाओ! योगी प्रशासन से पाओ 10 लाख रुपये तक की सहायता appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Budget: विधानसभा में आमने-सामने आ गए BJP विधायक और JDU के मंत्री, लगाए गंभीर आरोप

Bihar Budget: बिहार विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी विधायक ने कोरोना काल में मरे प्रशासनी कर्मियों के परिजनों के पारिवारिक पेंशन का मुद्दा उठाया. इस पर जवाब देने के लिए बिहार प्रशासन के मंत्री विजय चौधरी सामने आए. लेकिन बीजेपी विधायक उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने स्वास्थय विभाग के कर्मचाचियों पर काम में लापरवाही करने का आरोप लगा दिया. बीजेपी विधायक पवन जायसवाल कोरोना काल में मरे प्रशासनी कर्मचारियों के परिवारों को मिले पेंशन: BJP विधायक  बिहार विधानसभा में बजट सत्र की शुरूआत होते ही बीजेपी विधायक पवन जायसवाल ने प्रशासन से मांग की कि कोरोना से जान गंवाने वाले सभी प्रशासनी कर्मचारियों के परिवारों को पेंशन का लाभ मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि कई कर्मचारियों ने अपनी जान की बाजी लगाकर कोरोना काल में काम किया. इस पर मंत्री चौधरी ने सफाई देते हुए कहा कि यह योजना सिर्फ प्रशासनी काम के दौरान संक्रमित होने वाले कर्मचारियों के लिए थी, न कि घर पर संक्रमित होने वालों के लिए. BJP विधायक ने लगाया गंभीर आरोप  मंत्री के इस तरह से जवाब देने के बाद बीजेपी विधायक ने  कहा कि 59 प्रशासनी कर्मियों की जो सूची प्राप्त हुई इनके परिजनों को कब तक पारिवारिक पेंशन देने का काम होगा? इस पर मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि 59 मामले ही संबंधित विभागों से मिले हैं. इनमें से 57 की स्वीकृति दी जा चुकी है. दो मामले में सत्यापित किया जाना है. इतना ही मामला है. आपके संज्ञान में कोई मामला है तो आप दे दीजिए. इस पर बीजेपी विधायक पवन जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से ही सूची नहीं भेजी गई है. इस विभाग के कर्मी ज्यादा मरे वो विभाग क्यों नहीं सूची देगा? इसे भी पढ़ें: बिहार के इस शहर को प्रशासन ने दिया 1243 करोड़ का सौगात, सकरी नदी पर बनेगा पुल पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी :Magadha Empire : बिम्बिसार ने अपनी सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था से मगध को किया सशक्त, ऐसे हुआ पतन The post Bihar Budget: विधानसभा में आमने-सामने आ गए BJP विधायक और JDU के मंत्री, लगाए गंभीर आरोप appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड की 29 जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति 50 फीसदी से कम, मार्च 2024 तक में पूरा होना था काम

रांची, सतीश कुमार : जल जीवन मिशन के तहत झारखंड में चल रही हर घर नल जल योजना की हालत बेहाल है. राज्य में 100 करोड़ से अधिक की 45 जलापूर्ति योजना का काम जारी है. इसमें से 29 योजनाओं की प्रगति धरातल पर 50% से भी कम है. ईटखोरी ब्लॉक ग्रामीण जलापूर्ति, तालझरी फुल ब्लॉक जलापूर्ति और बोरियो फुल ब्लॉक जलापूर्ति योजना का काम तो वर्ष 2024 में ही पूरा होना था, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो पाया है. 107.85 करोड़ की तालझरी ब्लॉक योजना की भौतिक प्रगति सिर्फ 32% है. इस योजना का काम 19 फरवरी 2022 को शुरू हुआ था, जिसे 31 मार्च 2024 तक पूरा करना था. 17502 घरों तक पहुंचेगी नल से जल हर घर नल जल योजना अगर योजना धरातल पर उतरती है, तो 17502 घरों तक नल से जल पहुंचेगा. इसी प्रकार 127.34 करोड़ की बोरियो फुल ब्लॉक योजना का भी 31 मार्च तक ही पूरा किया जाना था, लेकिन इस योजना पर सिर्फ 50 % ही काम हो पाया है. इसकी वजह से 15,555 घरों तक नल से जल नहीं पहुंच पाया है. 127.78 करोड़ की ईंटखोरी ब्लॉक ग्रामीण जलापूर्ति का काम भी 90% तक पूरा हो पाया है. इस योजना का भी 31 मार्च 2024 को ही पूरा किया जाना था. ऐसे में आज भी भी इस ब्लॉक के 10528 घरों को पेयजल का इंतजार है. नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Child Mental Health : शिशु हो रहे हैं दबंग, रेप और आत्महत्या करने में भी नहीं करते संकोच, जानिए क्या है वजह कुलियान योजना में धरातल पर काम नहीं हुआ शुरू पूर्वी सिंहभूम की 102.78 करोड़ की लागत वाली कुलियान ग्रामीण जलापूर्ति योजना की प्रगति अभी शून्य है. यहां धरातल पर काम भी शुरू नहीं हो पाया है. जबकि इस योजना का काम 30 जून 2025 तक पूरा किया जाना है. जेजेएम योजना का विस्तार 2028 तक केंद्र प्रशासन ने वर्ष 2019 में हर घर नल जल योजना की शुरुआत की थी, जो दिसंबर 2024 में पूरी होनी थी. एक बार फिर केंद्र प्रशासन ने झारखंड समेत कई राज्यों में इस योजना को 2028 तक विस्तार दिया है. लेकिन झारखंड के गिरिडीह जिला में चल रही 104.57 करोड़ की गोरहंद ग्रामीण जलापूर्ति योजना को पूरा करने के लिए 13 दिसंबर 2029 तक का समय दिया गया है. अब तक इस योजना का 68 प्रतिशत काम पूरा हुआ है. इस योजना के तहत 14790 घरों तक पानी पहुंचाया जाना है. फरवरी में धरातल पर उतरनी थी योजनाएं, काम हुआ 25% 100 करोड़ से अधिक लागत की पांच योजनाओं को इस वर्ष फरवरी माह तक धरातल पर उतारा जाना था. लेकिन पलामूजिला में 444.59 करोड़ की लागत वाली छत्तरपुर नवडीहा बाजार हरिहरगंज मल्टी विलेज स्कीम का काम सिर्फ 25% पूरा हो पाया है. इसी प्रकार गढ़वा जिला में 134.52 करोड़ की नगर उंटारी-रमना ग्रामीण जलापूर्ति योजना की प्रगति रायकेला-खरसावां जिला की 107.29 करोड़ की सीटू-टिकरा-लेपटांड मीण जलापूर्ति की प्रगति 53 %, जामताड़ा जिला की 229.05 करोड़ की मताड़ा फुल ब्लॉक ग्रामीण जलापूर्ति की प्रगति 31 % व धनबाद जिला 71.57 करोड़ की बाघमारा फुल ब्लॉक ग्रामीण जलापूर्ति की प्रगति 45 फीसदी ही है. इसी प्रकार दुमका जिला की 277.10 करोड़ की शिकारीपाड़ा- काठीकुंड योजना को 31 जनवरी 2025 पूरा करना था, लेकिन अब तक 64 फीसदी ही काम हो पाया है. झारखंड की समाचारें यहां पढ़ें The post झारखंड की 29 जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति 50 फीसदी से कम, मार्च 2024 तक में पूरा होना था काम appeared first on Naya Vichar.

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School Holidays : होली की छुट्टी कब है? मार्च में और कितने दिन बंद रहेंगे स्कूल

School Holidays : मार्च का महीना जारी है. स्कूल के बच्चों को इंतजार छुट्टी का है. इस महीने कई त्योहार पड़ने वाले हैं. होली सहित कई पर्वों के साथ मार्च 2025 महीना चल रहा है. आइए मार्च 2025 की स्कूल छुट्टियों की पूरी लिस्ट के बारे में आपको बताते हैं. होलिका दहन कब है? बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक होलिका दहन इस साल 13 मार्च को मनाया जाएगा. इस दिन ज्यादातर स्कूलों में छुट्टी की संभावना है. इस दिन खासकर उत्तर हिंदुस्तान में होलिका दहन किया जाता है. अक्सर देश भर में छुट्टी का दिन इसे घोषित किया जाता है. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: सुनिए मगध की कहानी, एक था राजा बिम्बिसार जिसने साम्राज्य विस्तार के लिए वैवाहिक गठबंधन किया होली की छुट्टी कब है? 14 मार्च को रंगों का त्योहार होली इस साल मनाया जा रहा है. इस त्योहार को बसंत के आगमन और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है. इस दिन स्कूल की छुट्टियां रहती है. ईद-उल-फितर की छुट्टी कब है? 31 मार्च को पूरे हिंदुस्तान में ईद-उल-फितर मनाने की तैयारी चल रही है. यह एक पवित्र पर्व है.  ईद-उल-फितर, रमजान के अंत का प्रतीक है. चांद देखने के बाद इस पर्व को मनाने की परंपरा है. यह एक राजपत्रित अवकाश है. इसमें प्रशासनी कार्यालय और स्कूल पूरे देश में बंद रहते हैं. उगादी, गुड़ी पड़वा की छुट्टी चैत्र सुखलादी, उगादी और गुड़ी पड़वा पर 30 मार्च को कुछ राज्यों में छुट्टी रहेगी. कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में उगादी, गुड़ी पड़वा और चैत्र सुखलादी के रूप में हिंदू नव वर्ष का स्वागत लोग करते हैं. इन त्योहारों को इन राज्यों में आधिकारिक अवकाश होता है. स्कूल भी बंद रहते हैं. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Magadha Empire : बिम्बिसार ने अपनी सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था से मगध को किया सशक्त, ऐसे हुआ पतन The post School Holidays : होली की छुट्टी कब है? मार्च में और कितने दिन बंद रहेंगे स्कूल appeared first on Naya Vichar.

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