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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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राज्यपाल का देवघर दौरा: SDM ने भेंट किया स्मृति चिन्ह, बाबा मंदिर में देश के लिए मांगी मन्नत

देवघर से संजीव मिश्रा की रिपोर्ट Deoghar News, देवघर : कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत सोमवार को पूरे परिवार एवं करीब 40 रिश्तेदारों के साथ बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचे और विधिवत पूजा-अर्चना कर बाबा का आशीर्वाद लिया. उनके साथ गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे भी मौजूद रहे. दोपहर करीब ढाई बजे मंदिर पहुंचते ही सांसद डॉ निशिकांत दुबे व एसडीएम ने राज्यपाल का स्वागत किया. इसके बाद सुरक्षा घेरे में सभी को बाबा मंदिर कंट्रोल रूम लाया गया.यहां राज्यपाल, उनकी पत्नी एवं दो-तीन संबंधियों को विधिवत गौरी-गणेश की पूजा करायी गयी. वहीं बाकी करीब 40 रिश्तेदारों को प्रशासनिक भवन के ऊपर संकल्प कराने के बाद ओवरब्रिज के रास्ते गर्भगृह में भेजा गया. राज्यपाल के लेकर अलर्ट था प्रशासन राज्यपाल के आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा. सुरक्षा व्यवस्था के तहत करीब 20 मिनट पहले ही कूपन ब्रिज एवं मंदिर के गर्भगृह को खाली करा लिया गया था.सभी रिश्तेदारों की पूजा के बाद राज्यपाल थावरचंद गहलोत एवं उनकी पत्नी ने एक साथ बाबा बैद्यनाथ की शोडशोपचार विधि से पूजा-अर्चना की. इस दौरान सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने भी बाबा की पूजा की. तीर्थ पुरोहितों ने मंत्रोच्चार के साथ राज्यपाल को संकल्प कराया. इसके बाद उन्होंने द्वादश ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक कर देश एवं राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की. Also Read: नया विचार इंपैक्ट: ज्यादा पैसा वसूली मामले में बड़ी कार्रवाई, सील हुआ पेट्रोल पंप सील राज्यपाल को बाबा मंदिर प्रभारी भेंट किया स्मृति चिन्ह पूजा-अर्चना के बाद एसडीएम सह बाबा मंदिर प्रभारी रवि कुमार ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह एवं बाबा बैद्यनाथ का प्रसाद भेंट किया. मौके पर मंदिर के सहायक प्रभारी संतोष कुमार, दारोगा आदित्य फलहारी, रमेश मिश्रा,अभयानंद झा, कुंदन कुमार, पुरोहित नारायण पलिवार, सुनिल बल्लभ झा सहित भारी संख्या में पुलिस बल व दंडाधिकारी मौजूद थे. Also Read: सेकी बेस कैंप में ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन, 27 मई को ग्रामसभा में पेश होगा सीएसआर का लेखा-जोखा The post राज्यपाल का देवघर दौरा: SDM ने भेंट किया स्मृति चिन्ह, बाबा मंदिर में देश के लिए मांगी मन्नत appeared first on Naya Vichar.

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बुलेट ट्रेन की पहली झलक आई सामने, भगवा और सफेद कॉम्बिनेशन में दिखेगी रफ्तार की रानी

First Bullet Train of India: मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना (Bullet Train) में तेजी से हो रही प्रगति के बीच रेल मंत्रालय ने बुलेट ट्रेन की तस्वीर शेयर की है. रेल मंत्रालय के गेट नंबर 4 पर हिंदुस्तान की बुलेट ट्रेन की पहली झलक दिखाया गया है. रेलवे मंत्रालय की ओर से संचालित यह परियोजना हिंदुस्तान की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाली मानी जा रही है. जापान की मदद से बन रहा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना का निर्माण जापान प्रशासन की तकनीकी और वित्तीय सहायता से किया जा रहा है. यह करीब 508 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगा. इस परियोजना के तहत मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती सहित कुल 12 स्टेशन बनाए जाने हैं. सूरत-बिलिमोरा के बीच इस साल चल सकती है पहली बुलेट ट्रेन रेल मंत्रालय ने कहा है कि इस साल सूरत और बिलिमोरा के बीच देश की पहली बुलेट ट्रेन सेवा शुरू की जा सकती है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फरवरी में संसद को बताया था कि 12 में से 8 स्टेशनों पर नींव का काम पूरा हो चुका है. इनमें वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, आनंद, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती स्टेशन शामिल हैं. The post बुलेट ट्रेन की पहली झलक आई सामने, भगवा और सफेद कॉम्बिनेशन में दिखेगी रफ्तार की रानी appeared first on Naya Vichar.

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IPL 2026 में अब नहीं खेलेंगे MS Dhoni? अश्विन के पोस्ट से फैंस में मची खलबली

MS Dhoni: आईपीएल 2026 का 63वां मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच स्पोर्ट्सा जा रहा है. इस मुकाबले में भी चेन्नई सुपर किंग्स के दिग्गज पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी नहीं स्पोर्ट्स रहे हैं. मुकाबले के दौरान सीएसके कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने बताया कि धोनी अभी तक पूरी तरह से फिट नहीं है. उम्मीद है शायद वो अगले मुकाबले में स्पोर्ट्सते दिखें. इस मुकाबले में नजर न आने के बाद पूर्व हिंदुस्तानीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन की बात सही साबित होती दिख रही है. अश्विन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए संकेत दिया कि धोनी अब इस सीजन में स्पोर्ट्सते हुए नहीं दिखाई देंगे. अश्विन ने ट्वीट करते हुए लिखा, “आज तो ऐसा नहीं होगा! 2027 में? शायद हो जाए. मुझे नहीं लगता कि बैटिंग में कोई बदलाव होगा.” Not happening today! In 2027? May be Don’t think any batting changes will happen. Akeal Hosein in ? #CSKVSRH — Ashwin 🇮🇳 (@ashwinravi99) May 18, 2026 रविचंद्रन अश्विन के पोस्ट ने यह साफ संकेत दे दिया है कि धोनी इस सीजन में मुकाबला स्पोर्ट्सते हुए नहीं दिखाई देंगे. अब संभावना जताई जा रही है कि धोनी शायद अगले सीजन 2027 में स्पोर्ट्सते दिखें. अश्विन के इस ट्वीट के बाद फैंस की चिंता बढ़ गई है. IPL 2026 में नहीं स्पोर्ट्से हैं एक भी मुकाबला आईपीएल 2026 में धोनी अभी तक एक भी मैच नहीं स्पोर्ट्से हैं और वह चेपॉक में स्पोर्ट्से जा रहे इस मुकाबले में भी पूरी तरह फिट नहीं हैं. इस मुकाबले के दौरान टॉस के समय रुतुराज गायकवाड़ ने धोनी के बारे में कहा कि वह टीम के साथ हैं, लेकिन इस मैच के लिए पूरी तरह फिट नहीं हैं. उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि टीम यह मैच जीतेगी और आखिरी मुकाबले में दर्शकों को धोनी मैदान पर दिखेंगे. स्टेडियम में धोनी की मौजूदगी हालांकि, राहत की बात यह है कि धोनी मैच के दौरान चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में मौजूद है. मैच खत्म होने के बाद वो फैंस के लिए होने वाले लैप ऑफ ऑनर में दिखेंगे. इस दौरान वो पूरी टीम के साथ चेन्नई के दर्शकों का अभिनंदन करेंगे. यह भी पढ़ें: धोनी की नई चोट ने बढ़ाई CSK की टेंशन, SRH मैच से पहले बाहर हुए MS Dhoni The post IPL 2026 में अब नहीं स्पोर्ट्सेंगे MS Dhoni? अश्विन के पोस्ट से फैंस में मची खलबली appeared first on Naya Vichar.

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भारत की खरी-खरी: अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले भी रूस से तेल खरीदते थे, आगे भी खरीदते रहेंगे

India Continue Russian Oil Import: पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, रूस पर अमेरिकी छूट के संदर्भ में मैं यह साफ कर देना चाहती हूं कि हम पहले भी रूस से तेल खरीदते रहे हैं, छूट से पहले भी, छूट के दौरान भी और आगे भी खरीदते रहेंगे. उन्होंने जोर देकर कहा कि कच्चे तेल की खरीद को लेकर हिंदुस्तान के फैसले मुख्य रूप से व्यावसायिक दृष्टिकोण और बाजार में पर्याप्त आपूर्ति की उपलब्धता पर आधारित होते हैं. छूट लागू रहने या न रहने से तेल की उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ेगा. 16 मई को समाप्त हुई अमेरिकी छूट रूसी समुद्री मार्ग से कच्चे तेल की बिक्री और वितरण की अनुमति देने वाली अमेरिकी प्रतिबंधों की अस्थायी छूट 16 मई को समाप्त हो गई है. यह दूसरी बार है जब अमेरिका ने इस राहत अवधि को आगे बढ़ाने पर स्थिति स्पष्ट किए बिना इसे समाप्त होने दिया. अमेरिकी वित्त विभाग ने यह सामान्य लाइसेंस पहली बार मार्च के मध्य में जारी किया था और अप्रैल में इसका विस्तार किया था, ताकि ईरान-इजराइल तनाव के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दबाव को कम किया जा सके. #WATCH | Delhi: Sujata Sharma, Joint Secretary (Marketing & Oil Refinery), Ministry of Petroleum & Natural Gas, says, “Regarding American waiver on Russia, I would like to emphasise that we have been purchasing from Russia before waiver also, during waiver, and now also. It is… pic.twitter.com/aFlZwNPJZn — ANI (@ANI) May 18, 2026 हिंदुस्तान दुनिया की तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक और उपभोक्ता होने के नाते, हिंदुस्तान ने घरेलू रिफाइनरियों को वैश्विक ऊर्जा लागत में बढ़ोतरी से बचाने के लिए रूस से किफायती दामों पर तेल की खरीद बढ़ाई है. हालांकि, फरवरी 2022 में यूक्रेन संकट के बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूस पर व्यापक प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन रूसी तेल पर कोई प्रत्यक्ष (डायरेक्ट) प्रतिबंध नहीं लगाया गया था. ये भी पढ़ें: पीएम मोदी को मिला नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान; अब तक मिल चुके हैं 32 वैश्विक पुरस्कार The post हिंदुस्तान की खरी-खरी: अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले भी रूस से तेल खरीदते थे, आगे भी खरीदते रहेंगे appeared first on Naya Vichar.

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CSK ने जीता टॉस, MS Dhoni के बिना मैदान में उतरेगी चेन्नई की टीम; देखें प्लेइंग-11

CSK vs SRH: आईपीएल 2026 का 63वां मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच स्पोर्ट्सा जा रहा है. एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में स्पोर्ट्से जा रहे मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. आज का मुकाबला भी धोनी नहीं स्पोर्ट्सेंगे. चेन्नई इस मुकाबले में एक बदलाव के साथ उतरी है. वहीं सनराइजर्स हैदराबाद बिना बदलाव के साथ उतरी है. सनराइजर्स हैदराबाद इस मुकाबले को जीतकर प्लेऑफ में अपना स्थान सुनिश्चित करना चाहेगी. वहीं चेन्नई सुपर किंग्स इस मुकाबले को जीतने के साथ प्लेऑफ की रेस में बनी रहेगी. हैदराबाद की टीम ने 12 मैचों में 7 जीत के साथ तीसरे स्थान पर है. जबकि चेन्नई सुपर किंग्स 12 मैचों में 6 जीत के साथ पांचवें स्थान पर है. ऐसी है दोनों टीमों की प्लेइंग-11 चेन्नई सुपर किंग्स: संजू सैमसन (विकेटकीपर), रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, प्रशांत वीर, अकील हुसैन, नूर अहमद, अंशुल कंबोज, स्पेंसर जॉनसन. इम्पैक्ट सब के विकल्प: मुकेश चौधरी, मैथ्यू शॉर्ट, सरफराज़ खान, अमन खान, गुरजपनीत सिंह. सनराइजर्स हैदराबाद: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा, स्मरण रविचंद्रन, नीतीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), शिवांग कुमार, इशान मलिंगा, साकिब हुसैन, प्रफुल्ल हिंगे. इम्पैक्ट सब के विकल्प: ट्रेविस हेड, अनिकेत वर्मा, लियम लिविंगस्टोन, हर्ष दुबे, हर्षल पटेल 🚨 Toss update from Chennai 🚨@ChennaiIPL won the toss and elected to bat first against @Sunrisers Updates ▶️ https://t.co/4SxAzYKEvY#TATAIPL | #KhelBindaas | #CSKvSRH pic.twitter.com/u4gjxRo6HK — IndianPremierLeague (@IPL) May 18, 2026 टॉस जीतने के बाद ऋतुराज गायकवाड़ ने क्या कहा? चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने टॉस जीतने के बाद हम पहले बल्लेबाजी करेंगे. हमारे लिए चीजे काफी सीधी है. एक समय में एक मैच पर ध्यान देना है. इस मुकाबले को जीतने की कोशिश करनी है और अच्छी शुरुआत करनी है. हमें सिर्फ परिस्थितियों का सम्मान करना है और उसी हिसाब से सबसे सही फैसला लेना है. इस विकेट पर पहले बल्लेबाजी करना अच्छा विकल्प है. धोनी अभी टीम के साथ हैं, लेकिन इस मैच के लिए पूरी तरह से फिट नहीं है. उम्मीद है कि हम यह मैच जीतेंगे और आखिरी मुकाबले में आपको वह मैदान पर दिखेंगे. यह भी पढ़ें: धोनी की नई चोट ने बढ़ाई CSK की टेंशन, SRH मैच से पहले बाहर हुए MS Dhoni The post CSK ने जीता टॉस, MS Dhoni के बिना मैदान में उतरेगी चेन्नई की टीम; देखें प्लेइंग-11 appeared first on Naya Vichar.

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‘भोपाल छोड़ नोएडा लौटना चाहती थी ट्विशा…’ क्या SIT जांच से सुलझेगी मौत की गुत्थी

Twisha Death Case: भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला उलझता जा रहा है. पुलिस ने मौत मामले में एसआईटी का गठन कर लिया है, और जांच जारी है. इस बीच ट्विशा के परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं. पुलिस के अनुसार 12 मई को ट्विशा का शव कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे से लटका मिला था. अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. ट्विशा शर्मा ने दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी वकील समर्थ सिंह से शादी की थी. दहेज हत्या और उत्पीड़न का मामला दर्ज पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह, उनके मां और सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है. इस मामले में सहायक पुलिस आयुक्त रजनीश कश्यप ने बताया कि मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. पुलिस फरार आरोपी समर्थ सिंह की तलाश में जुटी हुई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है. #WATCH | Bhopal, Madhya Pradesh | Twisha Sharma death case | ACP Rajneesh Kashyap Kaul says, “A reward of Rs 10,000 has been announced in the case. Several teams have been deployed to catch the accused Samarth Singh. Correspondence has also been sent to the passport office so… pic.twitter.com/7lPtamBckb — ANI (@ANI) May 18, 2026 दूसरी बार पोस्टमार्टम की मांग मृतका के पिता नवनीधि शर्मा ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है. उनका कहना है कि रिपोर्ट और उपलब्ध सबूतों में कई चीजें अलग हैं. उन्होंने कहा कि जब मामला पूरी तरह संदिग्ध है, तब शव सौंपने की जल्दबाजी क्यों की गई. परिवार ने इस संबंध में पुलिस आयुक्त को लिखित आवेदन भी दिया है और अदालत जाने की बात कही है. परिवार ने लगाए गंभीर आरोप ट्विशा की मां रेखा शर्मा ने समर्थ सिंह और उनकी मां की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है. परिजनों का आरोप है कि एफआईआर दर्ज कराने में भी उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा. उनका कहना है कि स्त्री पुलिस थाने ने शुरू में जीरो एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया था और काफी दबाव के बाद 15 मई की रात मामला दर्ज किया गया. परिवार का यह भी आरोप है कि पुलिस ने उन्हें समय पर उनकी बेटी की मौत की सूचना नहीं दी और शव को अस्पताल ले जाने की जानकारी भी साझा नहीं की गई. #WATCH | Bhopal, MP | Twisha Sharma death case | Mother of the deceased, Rekha Sharma says,”We want both (Samarth Singh and his mother) to be arrested. They killed my daughter.” pic.twitter.com/M9qWnPwR53 — ANI (@ANI) May 18, 2026 भोपाल छोड़कर नोएडा लौटना चाहती थी ट्विशा- परिजन कटारा हिल्स पुलिस थाना के वरिष्ठ अधिकारी सुनील कुमार दुबे ने कहा कि ट्विशा के परिवार ने उसके ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है. ट्विशा के रिश्तेदारों ने यह भी दावा किया कि वह मंगलवार रात करीब 10 बजे तक फोन पर उनके संपर्क में थी. ट्विशा के रिश्तेदारों के अनुसार- वह भोपाल छोड़कर नोएडा लौटना चाहती थी. सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग परिवार ने मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है. नवनीधि शर्मा का कहना है कि आरोपी परिवार का प्रभाव कई प्रशासनी विभागों तक फैला हुआ है और उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं. उन्होंने स्वतंत्र जांच और बाहरी निगरानी की मांग करते हुए कहा कि उन्हें स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं दिख रही. मुख्यमंत्री आवास पहुंचा परिवार इससे पहले ट्विशा शर्मा के परिजन न्याय की मांग को लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के भोपाल स्थित आवास भी गये थे. परिवार ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की. #WATCH | Bhopal, MP | Family members of Twisha Sharma reached the house of Madhya Pradesh CM Mohan Yadav yesterday Katara Hills SHO Sunil Kumar Dubey says, “This is unethical because they did not take permission for gherao… We have been saying from day 1 that they must… pic.twitter.com/Ag96h2Nlnh — ANI (@ANI) May 18, 2026 SIT सभी पहलुओं की करेगी जांच इस मामले में पुलिस का कहना है कि विशेष जांच दल दहेज उत्पीड़न, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, मौत की परिस्थितियों के साथ-साथ सबूत मिटाने के संभावित प्रयासों सहित कई पहलुओं की जांच करेगा. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का गहन अध्ययन किया जा रहा है और अब तक नशीले पदार्थों के सेवन से संबंधित कोई स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया है. फिलहाल मामले की जांच जारी है और पूरे प्रदेश की नजर इस हाई-प्रोफाइल केस पर टिकी हुई है. The post ‘भोपाल छोड़ नोएडा लौटना चाहती थी ट्विशा…’ क्या SIT जांच से सुलझेगी मौत की गुत्थी appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मोदी को मिला नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान; अब तक मिल चुके हैं 32 वैश्विक पुरस्कार

PM Modi Norway Highest Honor: ग्रैंड क्रॉस रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट का सर्वोच्च स्तर है. यह प्रधानमंत्री मोदी को मिला 32वां वैश्विक सम्मान है. इससे पहले स्वीडन ने प्रतिष्ठित सम्मान रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार से पीएम मोदी को सम्मानित किया था. यह स्वीडन द्वारा किसी राष्ट्राध्यक्ष को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है. Oslo: Norway confers its highest honour- Grand Cross of the Royal Norwegian Order of Merit on Prime Minister Narendra Modi. The Grand Cross is the highest grade of the Royal Norwegian Order of Merit. This is the 32nd global honour for PM Modi. pic.twitter.com/D7fB5cEJ9Y — ANI (@ANI) May 18, 2026 प्रधानमंत्री मोदी ने मिडिल ईस्ट और यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का किया आह्वान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मिडिल ईस्ट संकट और यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का आह्वान किया. उन्होंने कहा- केवल सैन्य कार्रवाई से स्थायी शांति प्राप्त नहीं की जा सकती है. मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ व्यापक वार्ता करने के बाद ये टिप्पणियां कीं. किसी भी मुद्दे का समाधान केवल सैन्य संघर्ष से नहीं किया जा सकता : पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा- हिंदुस्तान और नॉर्वे, दोनों ही नियम-आधारित व्यवस्था, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं. हम इस बात से सहमत हैं कि किसी भी मुद्दे का समाधान केवल सैन्य संघर्ष से नहीं किया जा सकता है. चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, हम संघर्ष की शीघ्र समाप्ति और शांति के लिए किए जा रहे हर प्रयास का समर्थन करना जारी रखेंगे. प्रधानमंत्री ने वैश्विक संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर भी बल दिया. ये भी पढ़ें: नॉर्वे पहुंचे पीएम मोदी, जोरदार स्वागत, तीसरे हिंदुस्तान-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा The post पीएम मोदी को मिला नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान; अब तक मिल चुके हैं 32 वैश्विक पुरस्कार appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

मुसरीघरारी में ट्रैफिक पुलिस पर अवैध वसूली एवं मारपीट का आरोप

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन: मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में नो एंट्री व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मुसरीघरारी से समस्तीपुर जाने वाली हैवी वाहनों की नो एंट्री सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक लागू रहती है, लेकिन अक्सर आरोप लगते रहे हैं कि पैसे लेकर प्रशासन द्वारा वाहनों को प्रवेश कराया जाता है। सोमवार को मुसरीघरारी में ताजा मामला सामने आया, जहां आरोप है कि पैसे लेकर एक वाहन को नो एंट्री के दौरान पास कराया गया, जबकि दूसरे वाहन चालक को जाने से रोकने पर उसके साथ मारपीट की गई। बताया जा रहा है कि चालक को डंडे से मारा गया जिससे उसके हाथ में चोट आई। घटना के बाद वहां अफरातफरी का माहौल बन गया और जाम की समस्या उत्पन्न हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि नो एंट्री के समय भारी वाहनों के प्रवेश से मुसरीघरारी चौक पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। साथ ही यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि चौराहे पर तैनात कई सिपाहियों की वर्दी पर नेम प्लेट नहीं है और न ही उनके पास कोई पहचान पत्र दिखाई देता है। वाहन चालकों ने पैसे लेकर नो एंट्री में एंट्री कराने एवं मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। इधर आरोपित पुलिस प्रीति कुमारी ने बताया कि उन्होंने आत्म सुरक्षा के लिए गाड़ी के शीशे पर लाठी चलाई थी, जो फुटकर उनके हाथ में जा लगी है। उनके साथ मारपीट करने एवं घायल करने का उनका कोई इरादा नहीं था। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए जांच कर कार्रवाई करता है।

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पीएम मोदी की अपील का असर, घोड़े पर सवार होकर ब्लॉक पहुंचे जिला परिषद उपाध्यक्ष

साहिबगंज से सुनील ठाकुर की रिपोर्ट Sahibganj News: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा संकट के बीच पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर अब छोटे शहरों और कस्बों तक दिखाई देने लगा है. झारखंड के साहिबगंज में सोमवार को एक अनोखी तस्वीर देखने को मिली, जब जिला परिषद उपाध्यक्ष सुनील यादव घोड़े पर सवार होकर सदर प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचे. उनके इस अलग अंदाज को देखकर कार्यालय परिसर में मौजूद लोग हैरान रह गए. देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जुट गई और हर कोई इस अनोखी पहल की चर्चा करने लगा. लग्जरी गाड़ियों के शौकीन हैं सुनील यादव जिला परिषद उपाध्यक्ष सुनील यादव जिले में अपने अलग और आकर्षक अंदाज के लिए पहले से चर्चित रहे हैं. आमतौर पर वे लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ नजर आते हैं. बताया जाता है कि उनके पास कई महंगी गाड़ियां हैं और वे अक्सर थार वाहन से चलते हैं. लेकिन सोमवार को उन्होंने पूरी तरह अलग संदेश देने की कोशिश की. चारपहिया या दोपहिया वाहन के बजाय वे घोड़े पर सवार होकर ब्लॉक कार्यालय पहुंचे. लोगों के लिए यह दृश्य बिल्कुल नया था, इसलिए आसपास के लोग मोबाइल निकालकर वीडियो और तस्वीरें बनाने लगे. पीएम मोदी की अपील से हुए प्रेरित सुनील यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल की बचत और ऊर्जा संरक्षण को लेकर दिए गए संदेश से प्रेरित होकर उन्होंने यह कदम उठाया है. उन्होंने कहा कि देशहित में ईंधन की बचत करना आज समय की जरूरत बन गई है. लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल खपत न केवल आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर चुनौती बनती जा रही है. देशहित की शुरुआत खुद से करनी होगी: सुनील यादव ब्लॉक परिसर में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सुनील यादव ने कहा कि अगर समाज में बदलाव लाना है तो उसकी शुरुआत खुद से करनी होगी. उन्होंने कहा कि उनका घोड़े पर सवार होकर कार्यालय पहुंचना केवल दिखावा नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी पहल मिलकर बड़े बदलाव का रास्ता तैयार करती हैं. यदि लोग अनावश्यक वाहन उपयोग कम करें और वैकल्पिक उपाय अपनाएं, तो इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी. सोशल मीडिया पर भी छाया मामला सुनील यादव ने अपनी इस पहल की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किए. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि “जब देशहित की बात हो, तो पहल खुद से शुरू करनी चाहिए.” उनकी पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. कई लोगों ने इसे पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत की दिशा में सकारात्मक कदम बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे अलग अंदाज में प्रचार पाने की कोशिश भी कहा. इलाके में चर्चा का विषय बनी पहल साहिबगंज में इस पहल की चर्चा सिर्फ प्रशासनिक हलकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आम लोगों के बीच भी यह बड़ा विषय बन गया. जिले के कई लोग इसे एक प्रतीकात्मक संदेश मान रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा यदि इस तरह के संदेश दिए जाएं तो आम लोगों में भी जागरूकता बढ़ेगी. खासकर ऐसे समय में, जब ऊर्जा संकट और पर्यावरण संरक्षण वैश्विक मुद्दे बन चुके हैं. पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश सुनील यादव ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए अब हर व्यक्ति को जिम्मेदारी समझनी होगी. उन्होंने लोगों से अपील की कि जहां संभव हो, वहां सार्वजनिक परिवहन, साइकिल या अन्य वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें. उन्होंने कहा कि यदि आज से ही ईंधन बचाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने की आदत विकसित की जाए, तो आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और सुरक्षित भविष्य दिया जा सकता है. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग को मिले छह नये सहायक आचार्य, सीएम हेमंत सोरेन ने दिया नियुक्ति पत्र झारखंड और बिहार में भी हो रही चर्चा जिला परिषद उपाध्यक्ष की यह पहल अब साहिबगंज से निकलकर झारखंड और बिहार के कई हिस्सों में चर्चा का विषय बन चुकी है. लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं, लेकिन इतना तय है कि इस कदम ने ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. इसे भी पढ़ें: छह महीने बाद अपने परिवार से मिला मूक-बधिर बालक, प्रशासन के प्रयास से हुआ संभव The post पीएम मोदी की अपील का असर, घोड़े पर सवार होकर ब्लॉक पहुंचे जिला परिषद उपाध्यक्ष appeared first on Naya Vichar.

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क्या आप भी अपना फोन हमेशा रखते हैं साइलेंट? जानें आपकी इस आदत का मेंटल हेल्थ से क्या है कनेक्शन

Lifestyle Tips: क्या आप भी उन लोगों में से हैं जिनका फोन पूरे-पूरे दिन साइलेंट मोड पर ही रहता है? या फिर नोटिफिकेशन की आवाज सुनते ही परेशान हो जाते और अचानक आयी कॉल्स को आपको उठाने का मन ही नहीं करता है? आज के समय में बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जो बिना सोचे-समझे भी अपने फोन को हर समय साइलेंट पर ही रखना पसंद करते हैं. अक्सर ऐसा करने के पीछे कुछ कारण हो सकते हैं. कई बार आप ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि आपको शांति की चाहत होती है तो कई बार आप अपने फोन को साइलेंट में इसलिए रखते हैं क्योंकि आप अनवांटेड कॉल्स और मैसेजेस से बचना चाहते हैं. अगर आप ऐसा करते भी हैं तो क्या आपने कभी यह सोचा है कि कैसे आपकी यह छोटी सी आदत आपके मेंटल कंडीशन और इमोशंस के बारे में काफी कुछ बता सकता है? आज इस आर्टिकल में हम आपको एक बेहद ही आसान भाषा में समझाने वाले है कि हर समय फोन को साइलेंट पर रखने के पीछे क्या छिपे हुए कारण हो सकते हैं और इसके आपके मेंटल कंडीशन से क्या रिश्ता है. तो चलिए जानते हैं विस्तार से. बार-बार नोटिफिकेशन से बचने की कोशिश आज के समय में अगर स्मार्टफोन को हम देखते हैं तो यह सिर्फ एक कॉल करने का ही जरिया नहीं रह गया है. स्मार्टफोन का इस्तेमाल हम सोशल मीडिया से कनेक्टेड रहने के लिए, ऑफिस ग्रुप के अपडेट्स पाने के लिए और यहां तक की ऑनलाइन शॉपिंग करने के लिए भी स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने लग गए हैं. ऐसे में जब ऐप्स की वजह से पूरे दिन नोटिफिकेशन की घंटी बजती रहती है, तो हमारा ध्यान हर समय भटकता रहता है. कई बार ऐसा भी होता है कि बार-बार नोटिफिकेशन आने की वजह से हमारा दिमाग पूरी तरह से थक भी जाता है. यह एक बड़ी वजह है कि कुछ लोग अपने दिमाग को रिलैक्स करने के लिए फोन को साइलेंट में करके रख देते हैं. फोन को साइलेंट में रखकर उन्हें शांति महसूस होती है और वे खुद को कम स्ट्रेस में महसूस करने लग जाते हैं. ये भी पढ़ें: ऑफिस की कुर्सी से चिपके रहने के कारण अकड़ गई है कमर? हर दिन करें ये 5 आसान एक्सरसाइज और पाएं तुरंत आराम अचानक आने वाले कॉल्स से होती है घबराहट कई लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें अचानक से फोन बजने या फिर नोटिफिकेशन आने की वजह से बेचैनी और घबराहट महसूस होने लगती है. उन्हें अचानक से ऐसा लगने लगता है कि हैं कोई जरूरी काम या फिर चिंता करने वाली बात न हो. इसके अलावा कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो तुरंत जवाब देने के प्रेशर में भी परेशान हो जाते हैं. इसी घबराहट और बेचैनी से बचने के लिए वे अपने फोन को साइलेंट में रख देते हैं. मेंटली रिलैक्स रहने के लिए भी लोग यह तरीका अपनाना पसंद करते हैं. ऐसा करके वे अपनी सुविधा के हिसाब से कॉल्स या फिर मैसेज का जवाब देते हैं और साथ ही अपने ऊपर महसूस होने वाले प्रेशर को कम भी कर पाते हैं. काम और पढ़ाई में फोकस बढ़ाने का तरीका बहुत से लोगों की यह आदत होती है कि वे किसी जरूरी काम को करते समय या फिर पढ़ाई करते समय अपने फोन को साइलेंट में रखना पसंद करते हैं. वे अपने ध्यान को भटकने से बचाने के लिए यह तरीका अपनाते हैं. कई बार फोन से आने वाली एकदम छोटी सी बीप भी आपके फोकस को पूरी तरह से बिगाड़ सकती है. कई बार ऐसा भी होता है कि लोग सिर्फ एक नोटिफिकेशन को देखने के लिए ही अपने फोन को उठाते हैं लेकिन फिर लंबे समय तक सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग के जाल में फंसकर रह जाते हैं. ऐसे में फोन को साइलेंट में रखना अपने फोकस और प्रोडक्टिविटी को बूस्ट करने का एक आसान तरीका माना जाता है. ये भी पढ़ें: क्या आप भी रातभर जागकर पुरानी बातें सोचते रहते हैं? जानें ओवरथिंकिंग के इस चक्रव्यूह से बाहर निकलने का तरीका अकेले रहने और मेंटल पीस की चाहत कई बार ऐसा भी देखने को मिलता है कि जब कोई व्यक्ति हद से ज्यादा स्ट्रेस, काम के प्रेशर या फिर इमोशनल प्रॉब्लम्स से जूझ रहा होता है, तो ऐसे में में वह दुनिया से थोड़ी सी दूरी बनाने के लिए अपने फोन को साइलेंट में डालकर छोड़ देता है. जब आपको इस तरह की प्रॉब्लम्स हों तो फोन को साइलेंट में रखकर खुद के साथ थोड़ा सा समय बिताना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. उन्हें ऐसा लगता है कि थोड़ी देर बिना कॉल्स और मैसेजेस के रहने से उनका दिमाग शांत रह पाता है. कई बार फोन को साइलेंट में रखना दिमागी थकान को कम करने का भी एक तरीका बन जाता है. कब यह आदत बन सकती है चिंता की बात? अगर आप अपने फोन को साइलेंट में डालकर रख रहे हैं तो यह बिलकुल भी गलत आदत नहीं है. लेकिन जब आप जरूरी कॉल्स और मैसेजेस को देखकर भी अनदेखा करने लगते हैं, लोगों से बात करने से बचने की कोशिश करते हैं या फिर आने वाली हर एक नोटिफिकेशन से चिड़चिड़ा जाते हैं, तो यह आपके मेंटल स्ट्रेस और अकेलेपन का संकेत भी हो सकता है. आपकी यह आदत अगर आपके डेली रूटीन और रिश्तों पर असर डालने लग जाती हैं , तो आपको अपने मेंटल कंडीशन पर ध्यान देना शुरू कर देना चाहिए. कैसे बनाएं लाइफ में सही बैलेंस? आपके लिए हर समय अपने फोन को साइलेंट में डालकर रखना भी सही नहीं होता है और ठीक इसी तरह हर समय फोन को रिंगर में डालकर रखना भी सही नहीं होता है. सबसे बेहतर होगा कि आप अपने फोन का इस्तेमाल अपने जरूरत के हिसाब से करना शुरू कर दें. जब आप काम या फिर आराम कर रहे हों, तो अपने फोन को साइलेंट में डालकर रखें, लेकिन अगर आपके कॉन्टैक्ट में जरूरी लोग हैं तो उनके नंबर को ‘फेवरेट’ में सेव करके रखें. जब आप ऐसा करेंगे तो आप उनका एक भी इमरजेंसी कॉल मिस नहीं करेंगे. इसके अलावा आपको अपने दिन का कुछ समय

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