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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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बीपीएससी 72वीं कंबाइंड परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन जारी, 1230 पदों पर होंगी भर्तियां

BPSC 72nd Exam 2026: बिहार में प्रशासनी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी समाचार सामने आई है. बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन यानी BPSC ने 72वीं कंबाइंड परीक्षा 2026 का (BPSC 72nd Exam 2026) नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती के जरिए कुल 1230 पदों को भरा जाएगा. लंबे समय से इस परीक्षा का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए अब आवेदन करने का मौका आ गया है. जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 मई 2026 से शुरू होगी. वहीं आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 मई 2026 तय की गई है. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार ना करें और समय रहते अपना फॉर्म भर लें. देरी होने पर आवेदन का मौका हाथ से निकल सकता है. BPSC 72nd Exam 2026: ऐसे कर सकेंगे अप्लाई आवेदन शुरू होने पर सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएं. होमपेज पर BPSC 72nd Exam 2026 से जुड़ा लिंक खोलें. नए यूजर हैं तो पहले रजिस्ट्रेशन करें. इसके बाद लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें. जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें. आवेदन फीस जमा करें. फॉर्म सबमिट करके उसका प्रिंट निकाल लें. BPSC 72nd Exam 2026 नोटिस देखें महत्वपूर्ण सूचना एकीकृत 72वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया 7 मई 2026 से शुरू हो रही है। इच्छुक अभ्यर्थी 31 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कुल 1230 पदों पर भर्ती के लिए विस्तृत जानकारी आधिकारिक वेबसाइट https://t.co/9GFChhFHIQ पर उपलब्ध है।… pic.twitter.com/OAgSAtJwHg — Bihar Public Service Commission (@BPSCOffice) May 5, 2026 यह एक कंबाइंड प्रतियोगिता परीक्षा होती है, जिसमें प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू जैसे चरण शामिल होते हैं. उम्मीदवारों को हर स्टेज पास करना जरूरी होता है. परीक्षा का स्तर थोड़ा कठिन होता है, इसलिए तैयारी मजबूत रखना जरूरी है. यह भी पढ़ें: 2 घंटे में 100 सवाल, जानें कैसे होगी यूपी लेखपाल भर्ती परीक्षा The post बीपीएससी 72वीं कंबाइंड परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन जारी, 1230 पदों पर होंगी भर्तियां appeared first on Naya Vichar.

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गौरव गोगोई ने असम हार का लिया जिम्मा, कहा- नतीजे सोचने पर मजबूर करने वाले

Congress Defeat In Assam: गौरव गोगोई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- कप्तान के तौर पर, मैं इस हार की जिम्मेदारी लेता हूं. उन्होंने कहा- हम लोगों के जनादेश को स्वीकार करते हैं. हम उन लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने हमें वोट दिया और हमारा समर्थन किया. कांग्रेस उन लोगों तक भी पहुंचेगी जिन्होंने हमें वोट नहीं दिया. हम कांग्रेस के उन जमीनी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हैं जो मुश्किलों का सामना करने के बावजूद हमारे साथ खड़े रहे. हमने एक नई कांग्रेस देखी है. 9 मई को नवनिर्वाचित विधायकों के साथ करेंगे बैठक असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कहा- शनिवार 9 मई को हम पार्टी के सभी नवनिर्वाचित विधायकों को बुलाएंगे. उनके साथ बैठक करेंगे. #WATCH | Guwahati On Congress defeat in Assam elections, State Congress president Gaurav Gogoi says, “As the state Congress president, I take full moral responsibility for this.” pic.twitter.com/iAt0cBLhlR — ANI (@ANI) May 5, 2026 उम्मीद के अनुसार सीटें नहीं मिलीं: गोगोई गौरव गोगोई ने कहा- मैं मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, जितेंद्र सिंह और कांग्रेस के अन्य नेताओं के प्रति आभार व्यक्त करता हूं. हमें उतनी सीटें नहीं मिल पाईं जितनी हमने उम्मीद की थी. लेकिन हम असम के विकास के लिए अपने सुझावों को विधानसभा के अंदर और बाहर, दोनों जगह रखने की कोशिश करेंगे. हम हमेशा असम की आम जनता के साथ खड़े रहेंगे. नतीजे सोचने पर मजबूर करने वाले: गोगोई गौरव गोगोई ने कहा, लोगों ने इस नतीजे को स्वीकार नहीं किया है. हमें लगा था कि मुकाबला कांटे का होगा. लेकिन कई सीटों पर आए नतीजे सोचने पर मजबूर करने वाले हैं. ये भी पढ़ें: विधायक बनीं दूसरे के घर झाड़ू-पोछा-बर्तन करने वाली कलिता माझी, BJP ने बंगाल में किया गजब परिवर्तन    तमिलनाडु चुनाव रिजल्ट: हार के बाद कांग्रेस का दर्द, बोले चुनाव प्रभारी … तो जीत जाते 180 से 190 सीटें The post गौरव गोगोई ने असम हार का लिया जिम्मा, कहा- नतीजे सोचने पर मजबूर करने वाले appeared first on Naya Vichar.

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ममता-राहुल खत्म, अब अखिलेश की बारी, बंगाल फतह के बाद शुभेंदु अधिकारी का बड़ा वार

खास बातें जीत के बाद शुभेंदु का युद्ध घोष युद्ध घोष या बैटल क्राई क्या है? दीदी का नेतृत्वक निर्वासन शुरू : शुभेंदु अधिकारी राहुल-तेजस्वी भी निशाने पर, मिशन यूपी 2027 का ऐलान बलिदान को सलाम- खून और पसीने से मिली जीत विपक्षी एकता को तोड़ने का हथियार बनेगी बंगाल की जीत Suvendu Adhikari Battle Cry: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ममता बनर्जी को नंदीग्राम के बाद भवानीपुर में भी पटखनी देने के बाद हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी ने विपक्षी गठबंधन (I.N.D.I.A) पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है. जीत के बाद शुभेंदु का युद्ध घोष जीत के बाद शुभेंदु ने नया युद्ध घोष (Battle Cry) जारी करते हुए कहा कि ममता बनर्जी और राहुल गांधी का दौर अब खत्म हो चुका है. भाजपा का अगला निशाना उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हैं. शुभेंदु के इस बयान ने देश की नेतृत्व में खलबली मचा दी है, क्योंकि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि बंगाल की जीत अब दिल्ली और लखनऊ की राह आसान करेगी. युद्ध घोष या बैटल क्राई क्या है? युद्ध घोष एक जोशीला नारा या शब्द होता है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर सैनिक युद्ध के दौरान या उससे पहले जोश बढ़ाने और दुश्मन में खौफ पैदा करने के लिए करते हैं. यह सैनिकों में एकता, भाईचारा और अटूट साहस की भावना जगाता है. हिंदुस्तानीय सेना में हर रेजीमेंट का अपना अलग युद्धघोष होता है, जैसे ‘बजरंगबली की जय’ या ‘जय महाकाली आयो गोरखाली’ आदि. इसे भी पढ़ें : शुभेंदु अधिकारी का ‘हिंदुत्व’ अवतार : श्रीखोल बजाकर संकीर्तन और 500 किमी का सफर, 35 साल तक नहीं देखी फिल्म दीदी का नेतृत्वक निर्वासन शुरू : शुभेंदु अधिकारी भवानीपुर विधानसभा सीट पर बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी को उनके ही घर में 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि ममता का नेतृत्वक निर्वासन शुरू हो गया है. वे 2021 में नंदीग्राम हारी थीं और अब भवानीपुर की जनता ने भी उन्हें खारिज कर दिया है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें राहुल-तेजस्वी भी निशाने पर, मिशन यूपी 2027 का ऐलान शुभेंदु ने जीत के बाद हुंकार भरते हुए कहा कि राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और ममता बनर्जी की नेतृत्व अब समाप्त हो चुकी है. शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल की धरती से सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री चुनाव को लेकर चुनौती पेश की है. उन्होंने कहा- ममता-राहुल खत्म, अब अखिलेश यादव की बारी है. उनका इशारा वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की ओर था. भाजपा नेता का मानना है कि जिस तरह बंगाल ने ‘सुशासन’ को चुना, वही लहर अब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का सूपड़ा साफ करेगी. इसे भी पढ़ें : बंगाल की नेतृत्व के ‘गेमचेंजर’ हैं शुभेंदु अधिकारी? नंदीग्राम के नायक से ममता बनर्जी को ललकारने तक, जानें 5 अनकहे सच Suvendu Adhikari Battle Cry: बलिदान को सलाम- खून और पसीने से मिली जीत शुभेंदु ने जीत के बाद उन भाजपा कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने पिछले 5 सालों में अपनी जान गंवायी. उन्होंने कहा कि यह जीत उन परिवारों के धैर्य की है, जिन्होंने हिंसा सहने के बावजूद भगवा झंडा नहीं छोड़ा. अधिकारी ने दावा किया कि बंगाल की जनता ने घुसपैठ और तुष्टीकरण की नेतृत्व को हमेशा के लिए दफन कर दिया है. इसे भी पढ़ें : बंगाल में कौन बनेगा मुख्यमंत्री? शुभेंदु अधिकारी का पलड़ा क्यों है सबसे भारी? विपक्षी एकता को तोड़ने का हथियार बनेगी बंगाल की जीत शुभेंदु अधिकारी का यह बयान संकेत दे रहा है कि भाजपा अब बंगाल की जीत को राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता को तोड़ने के हथियार के रूप में इस्तेमाल करेगी. बंगाल के ‘जायंट किलर’ के इस नये तेवर ने विपक्षी खेमे में बेचैनी बढ़ा दी है. इसे भी पढ़ें मता बनर्जी 15105 वोट से हारीं, शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के बाद भवानीपुर में भी दीदी को चटा दी धूल बंगाल में हारीं ममता बनर्जी, 7 फीसदी वोट कम होते ही हाथ से निकलीं 133 सीटें, बीजेपी के 45 प्रतिशत वोट ने उखाड़ फेंका टीएमसी का साम्राज्य क्या खत्म हो जायेगा अभिषेक बनर्जी का नेतृत्वक करियर? पढ़ें पूरा विश्लेषण बंगाल चुनाव में सीटों की छीना-झपटी, दीदी ने कांग्रेस-वामपंथ से छीनीं 71 सीटें, बीजेपी ने TMC के किले में लगायी बड़ी सेंध The post ममता-राहुल खत्म, अब अखिलेश की बारी, बंगाल फतह के बाद शुभेंदु अधिकारी का बड़ा वार appeared first on Naya Vichar.

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ऑटो बाजार ने तोड़ा रिकॉर्ड: अप्रैल में 26 लाख से ज्यादा वाहनों की बिक्री, हर सेगमेंट में जबरदस्त उछाल

देश का ऑटो सेक्टर नए वित्त वर्ष की शुरुआत में ही दमदार रफ्तार पकड़ चुका है. अप्रैल महीने में वाहन बिक्री ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसने उद्योग की मजबूती का साफ संकेत दे दिया है. बढ़ती मांग, ग्रामीण इलाकों में बेहतर नकदी प्रवाह और अनुकूल आर्थिक माहौल के चलते कार से लेकर दोपहिया तक हर सेगमेंट में ग्राहकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है. यही वजह है कि कुल खुदरा बिक्री 26 लाख के पार पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है. कुल बिक्री में जोरदार उछाल, बाजार में लौटी रफ्तार ऑटो डीलर्स के संगठन फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स के मुताबिक, अप्रैल में देशभर में कुल 26,11,317 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई. यह पिछले साल के मुकाबले करीब 13% की मजबूत बढ़त है.यह आंकड़ा दिखाता है कि बाजार में मांग सिर्फ बनी नहीं हुई है, बल्कि लगातार मजबूत हो रही है. नए वित्त वर्ष की शुरुआत इतनी सकारात्मक रहने से आने वाले महीनों के लिए भी उम्मीदें बढ़ गई हैं. दोपहिया और पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट ने दिखाई ताकत सबसे ज्यादा योगदान दोपहिया वाहनों का रहा, जहां बिक्री करीब 19 लाख के पार पहुंच गई. यह अब तक का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है.वहीं, पैसेंजर व्हीकल यानी कार सेगमेंट भी पीछे नहीं रहा. इस श्रेणी में बिक्री 4 लाख से ज्यादा रही, जो पिछले साल की तुलना में अच्छी खासी बढ़त दिखाती है.ग्रामीण बाजार में सुधार और आसान फाइनेंसिंग विकल्पों ने इन दोनों सेगमेंट को खास मजबूती दी है. कमर्शियल और थ्री-व्हीलर सेगमेंट भी मजबूत कमर्शियल वाहनों की मांग में भी तेज उछाल देखने को मिला है. अप्रैल में इस सेगमेंट की बिक्री करीब 15% बढ़ी, जो यह संकेत देता है कि बिजनेस एक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में तेजी बनी हुई है.थ्री-व्हीलर सेगमेंट में भी स्थिर वृद्धि दर्ज की गई है, जो छोटे व्यापार और शहरी परिवहन की मजबूती को दर्शाती है. किन कारणों से बढ़ी मांग? ऑटो बाजार की इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं. बेहतर रबी फसल के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कैश फ्लो बढ़ा है, जिससे खरीदारी में तेजी आई है.इसके अलावा, ब्याज दरों में नरमी और टैक्स से जुड़े राहत के कदमों ने भी ग्राहकों को वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया है.यानी आर्थिक माहौल फिलहाल ऑटो इंडस्ट्री के पक्ष में नजर आ रहा है. आगे क्या रहेगा ट्रेंड? ये जोखिम भी अहम आने वाले तीन महीनों के लिए डीलर्स का रुख सकारात्मक है. आधे से ज्यादा डीलर्स को उम्मीद है कि बिक्री में और वृद्धि हो सकती है.हालांकि, कुछ चुनौतियां भी सामने हैं. मौसम विभाग की ओर से ज्यादा गर्मी की चेतावनी, वैश्विक भू-नेतृत्वक तनाव और ईंधन कीमतों में संभावित उतार-चढ़ाव बाजार की रफ्तार को प्रभावित कर सकते हैं.इसके अलावा, कुछ मॉडलों की सप्लाई में बाधा भी बिक्री पर असर डाल सकती है. ऑटो सेक्टर की मजबूत शुरुआत, लेकिन सतर्कता जरूरी कुल मिलाकर, अप्रैल के आंकड़े यह बताते हैं कि ऑटो इंडस्ट्री मजबूत स्थिति में है और मांग बनी हुई है. लेकिन आने वाले महीनों में स्थिर ग्रोथ बनाए रखने के लिए बाजार को बाहरी चुनौतियों पर भी नजर रखनी होगी. यह भी पढ़ें: Maruti-Hyundai ने बनाए रिकॉर्ड, अप्रैल 2026 में 27% बढ़ी गाड़ियों की सेल The post ऑटो बाजार ने तोड़ा रिकॉर्ड: अप्रैल में 26 लाख से ज्यादा वाहनों की बिक्री, हर सेगमेंट में जबरदस्त उछाल appeared first on Naya Vichar.

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शरीर में दिख रहे ये 5 संकेत तो समझ लें बढ़ गया है कोलेस्ट्रॉल, तुरंत हो जाएं सावधान

High Cholesterol Symptoms: आज की बिजी लाइफस्टाइल में हमारे पास खुद के लिए इतना भी समय नहीं है कि हम अपनी डाइट और फिजिकल हेल्थ का सही से ख्याल रख सकें. गलत डाइट लेने और ना के बराबर फिजिकल एक्टिविटी की वजह से हाई कोलेस्ट्रॉल एक कॉमन प्रॉब्लम बनती जा रही है. यह वह कंडीशन है जिसमें इंसान के शरीर में फैट की मात्रा हद से ज्याद बढ़ जाती है और यही धीरे-धीरे हमारे नसों में इकठ्ठा होने लग जाती है. जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ने लगता है तो इसके शुरूआती लक्षण साफ-साफ हमें नजर नहीं आते हैं. यह एक बड़ी वजह है कि लोग अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर देने की गलती कर बैठते हैं. अगर आप अपनी सेहत का सही से ख्याल रखना चाहते हैं तो आपको इस आर्टिकल को पूरा पढ़ना चाहिए. आज हम आपको कुछ ऐसे लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके शरीर में उस समय दिखने लगते हैं जब आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है. तो चलिए इन लक्षणों के बारे में विस्तार से जानते हैं. बार-बार थकान और कमजोरी महसूस होना अगर आप हर दिन के कामों को करते हुए भी काफी जल्दी थकान महसूस कर रहे हैं या फिर आपके शरीर में हमेशा ही सुस्ती और भारीपन का एहसास हो रहा है, तो आपको इन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ये सभी हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण भी हो सकते हैं. जब आपकी नसों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है तो शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन और न्यूट्रिएंट्स सही मात्रा में पहुंच नहीं पाते हैं. जब ऐसा होता है तो इसका सीधा असर आपके एनर्जी लेवल्स पर पड़ने लगता है और बिना ज्यादा मेहनत किये भी थका हुआ और सुस्त महसूस करने लग जाते हैं. ये भी पढ़ें: हीमोग्लोबिन की कमी से छुटकारा पाने में मदद करेंगे ये फूड आइटम्स, डाइट में करें शामिल और खुद देखें फर्क सीने में दर्द या दबाव महसूस होना अगर आपके सीने में हमेशा ही हल्का सा दर्द रहता है, जलन होती है या फिर एक भारीपन रहता है, तो ये भी हाई कोलेस्ट्रॉल के संकेत हो सकते हैं. ऐसा उस समय होता है जब दिल की धमनियों में ब्लॉकेज बनना शुरू हो जाता है और खून का बहाव कम हो जाता है. कई बार हम इसे गैस, एसिडिटी या फिर नॉर्मल दर्द समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यह दिल की बीमारियों के शुरूआती लक्षण भी हो सकते हैं. अगर आपको बार-बार सीने में ऐसा दर्द महसूस हो रहा है तो आपको बिना देर किये डॉक्टर से अपनी जांच करवानी चाहिए. पैरों में दर्द या सुन्न महसूस होना अगर लंबे समय तक एक ही जगह पर खड़े रहने की वजह से आपको चलने में दिक्कत, पैरों में दर्द, झनझनाहट या फिर पैरों का सुन्न पड़ जाने जैसी प्रॉब्लम्स हो रही है, तो आपको कभी भी इन्हें हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए. अक्सर हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से भी पैरों के नसों में ब्लॉकेज की प्रॉब्लम हो सकती है, जिस वजह से ब्लड सर्कुलेशन अफेक्ट हो जाता है. कई लोगों की रात के समय पैरों में ऐंठन या फिर भारीपन की शिकायत भी हो सकती है. ये भी पढ़ें: क्या आप भी इन लक्षणों को कर रहे हैं नजरअंदाज? ये हो सकते हैं फैटी लिवर के शुरुआती संकेत स्किन पर पीले धब्बे या गांठें जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है तो ऐसे में कुछ लोग आंखों के आसपास, कोहनी या घुटनों पर छोटे-छोटे पीले रंग के उभरे हुए धब्बों की शिकायत करते हैं. इन सभी की शरीर में जमे एक्स्ट्रा कोलेस्ट्रॉल का संकेत भी माना जाता है. शरीर में दिखने वाली ये गांठें दर्द नहीं देती हैं जिस वजह से अक्सर हम इन्हें नजरअंदाज करने की गलती कर देते हैं. लेकिन यह एक क्लियर संकेत है कि आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ रही है. सांस लेने में दिक्कत अगर थोड़ा सा काम करने से ही या फिर कुछ ही सीढ़ियां चढ़ने के बाद ही आपकी सांसें फूलने लगे, तो यह इस बात की तरफ इशारा करता है कि आपके दिल और फेंफड़ों तक ब्लड का फ्लो सही तरीके से नहीं हो रहा है. हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से नसें सिकुड़ जाती हैं और इस वजह से भी आपके शरीर को सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है. बीतते हुए समय के साथ यह प्रॉब्लम और भी ज्यादा बढ़ सकती है. ये भी पढ़ें: यूरिक एसिड को बढ़ने से रोकना है तो आज ही छोड़ दें ये 5 आदतें, जानें बचाव के आसान तरीके The post शरीर में दिख रहे ये 5 संकेत तो समझ लें बढ़ गया है कोलेस्ट्रॉल, तुरंत हो जाएं सावधान appeared first on Naya Vichar.

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केजरीवाल का दावा पंजाब चुनाव के बाद मोदी सरकार गिर जाएगी, लोकतंत्र की हत्या का लगाया आरोप

Arvind Kejriwal: अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि उनकी पार्टी पंजाब में बीजेपी के विजय रथ को रोक देगी. पंजाब सहित 7 राज्यों में 2027 में विधानसभा चुनाव होना है. बीजेपी ने लोकतंत्र की हत्या कर दी: केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने लोकतंत्र को अगवा कर उसकी हत्या कर दी है. उन्होंने चुनाव में हेरफेर का आरोप लगाते हुए कहा, बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में वही किया जो उसने नयी दिल्ली में मेरे विधानसभा क्षेत्र में वोट काटकर किया. आज लोकतंत्र खतरे में है. 2014 में नरेंद्र मोदी के पक्ष में लहर थी और बीजेपी लगातार चुनाव जीतते रहे. फरवरी 2015 में दिल्ली में उन्हें सिर्फ तीन सीट मिलीं. अगर वे पंजाब में सत्ता में आए, तो राज्य को बर्बाद कर देंगे. #WATCH | Delhi | AAP National Convenor Arvind Kejriwal says, “The seven people who have left the AAP. The BJP has committed the theft. These six Rajya Sabha seats belonged to the people of Punjab. The BJP has robbed them. We will take revenge for this in February next year”… pic.twitter.com/CHzsr3YITV — ANI (@ANI) May 5, 2026 केजरीवाल का दावा- पंजाब चुनाव के बाद मोदी प्रशासन गिर जाएगी अरविंद केजरीवाल ने कहा- पंजाब विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री मोदी के लिए आखिरी चुनाव होंगे; पंजाब के बाद मोदी प्रशासन गिर जाएगी. केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब में आप प्रशासन के पक्ष में सत्ता समर्थक लहर है और हर गांव प्रशासन की ओर से किए गए कार्यों को मान्यता देता है. आप छोड़ बीजेपी में शामिल 7 राज्यसभा सांसदों पर क्या बोले केजरीवाल? हाल में आप छोड़ भाजपा में शामिल होने वाले सात राज्यसभा सदस्यों का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा कि ये सीट पंजाबियों की थीं. उन्होंने कहा, बीजेपी ने पंजाब से ये सीट छीन ली हैं और अब हम सभी को उन्हें रोकने के लिए काम करना होगा. पंजाब ने ऐतिहासिक रूप से विदेशी आक्रमण को रोका, लेकिन इस बार दुश्मन भीतर ही है; पंजाबियों को ही उन्हें रोकना होगा. केजरीवाल के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कपूरथला हाउस में जुटे राज्य के विधायकों को संबोधित किया. ये भी पढ़ें: चुनावी मोड में बीजेपी: 7 राज्यों के लिए कसी कमर, यूपी और पंजाब पर विशेष फोकस The post केजरीवाल का दावा पंजाब चुनाव के बाद मोदी प्रशासन गिर जाएगी, लोकतंत्र की हत्या का लगाया आरोप appeared first on Naya Vichar.

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चिराग पासवान ने बताया कैसा होगा बिहार कैबिनेट का फार्मूला, 7 मई को शपथ लेंगे नए मंत्री, कई चेहरे बदलेंगे

Bihar Cabinet Expansion: बिहार की नेतृत्व में 7 मई बेहद अहम दिन माना जा रहा है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपनी प्रशासन का पहला बड़ा कैबिनेट विस्तार करने जा रहे हैं. पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी तेज हो गई है. कार्यक्रम को लेकर जोरदार तैयारी चल रही है. चिराग पासवान ने दिया बड़ा संकेत केंद्रीय मंत्री और एलजेपी (रा) प्रमुख चिराग पासवान ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर साफ कहा है कि पिछली प्रशासन का फॉर्मूला ही इस बार भी लगभग बरकरार रह सकता है. उन्होंने कहा कि पुराने संतुलन में बदलाव की फिलहाल कोई बड़ी वजह नजर नहीं आती. यानी पिछली बार जिस तरह सहयोगी दलों के बीच मंत्री पदों का बंटवारा हुआ था, उसी आधार पर इस बार भी विस्तार होने की संभावना ज्यादा है. भाजपा-जदयू कोटे के बचे पद हो सकते हैं पूरे चिराग पासवान ने संकेत दिया कि पिछली प्रशासन में भाजपा और जदयू कोटे से कुछ पद खाली रह गए थे. इन्हें अब भरा जा सकता है. माना जा रहा है कि इस बार दोनों बड़े दल अपने कोटे से ज्यादा मंत्री बना सकते हैं. पिछले मंत्रिमंडल में भाजपा के पास दो उपमुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री थे. जदयू के खाते में मुख्यमंत्री सहित 9 मंत्री शामिल थे. वहीं एलजेपी (रा) को 2 मंत्री पद मिले थे. हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को एक-एक मंत्री पद मिला था. अब माना जा रहा है कि इसी संतुलन को आधार बनाकर नई टीम तैयार होगी. नए चेहरों को मिल सकता है मौका सूत्रों के मुताबिक इस बार कई पुराने चेहरों की जगह नए नेताओं को मौका दिया जा सकता है. जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ संगठन में सक्रिय नेताओं को भी प्राथमिकता मिल सकती है. इससे नई प्रशासन में ताजगी और नेतृत्वक संदेश दोनों देने की कोशिश होगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें कौन-कौन होंगे शामिल सम्राट कैबिनेट विस्तार समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा समेत बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे. इसके अलावा पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के कई बड़े पदाधिकारियों और एनडीए के प्रमुख नेताओं के भी शामिल होने की संभावना है. कार्यक्रम को लेकर एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक विशेष सजावट, झंडे-बैनर और स्वागत की तैयारी की जा रही है. इसे भी पढ़ें: चपारण से गया तक मौसम ने मचाई तबाही, भीषण तूफान ने बिहार में ली 20 की जान, अलर्ट जारी विक्रमशिला सेतु पर आवाजाही बंद, सीएम ने रक्षा मंत्री से की खास बातचीत, जानें क्या है नया प्लान The post चिराग पासवान ने बताया कैसा होगा बिहार कैबिनेट का फार्मूला, 7 मई को शपथ लेंगे नए मंत्री, कई चेहरे बदलेंगे appeared first on Naya Vichar.

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Uber का बड़ा प्लान: अब ड्राइवरों की कारें बनेंगी डेटा मशीन, सेल्फ-ड्राइविंग AI को मिलेगी नई रफ्तार

राइड-हेलिंग कंपनी Uber आने वाले समय में अपने प्लैटफॉर्म को सिर्फ कैब बुकिंग तक सीमित नहीं रखना चाहती. कंपनी अब एक ऐसे मॉडल पर काम कर रही है, जहां उसके ड्राइवरों की गाड़ियां सड़कों पर चलते-फिरते डेटा कलेक्टर बन जाएंगी. यह डेटा सेल्फ-ड्राइविंग कार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम तैयार करने वाली कंपनियों के लिए बेहद कीमती साबित हो सकता है. इस रणनीति के पीछे मकसद है- रियल वर्ल्ड ड्राइविंग डेटा का विशाल नेटवर्क तैयार करना, जो भविष्य की ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी को तेजी से आगे बढ़ा सके. ड्राइवर नेटवर्क बनेगा डेटा इंजन Uber के पास दुनिया भर में लाखों ड्राइवर जुड़े हुए हैं. कंपनी का मानना है कि अगर इनमें से थोड़े से वाहनों में भी सेंसर-आधारित सिस्टम लगा दिया जाए, तो यह दुनिया के सबसे बड़े ड्राइविंग डेटा नेटवर्क में बदल सकता है. अभी कंपनी का AV (Autonomous Vehicle) लैब प्रोग्राम सीमित संख्या में खास सेंसर से लैस कारों पर निर्भर है. लेकिन भविष्य की योजना इससे कहीं आगे की है- जहां आम ड्राइवर भी इस इकोसिस्टम का हिस्सा बनेंगे. सेल्फ-ड्राइविंग कंपनियों के लिए बड़ा मौका सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी की दुनिया में सबसे बड़ी चुनौती अब सिर्फ तकनीक बनाना नहीं, बल्कि उसे ट्रेन करने के लिए सही और पर्याप्त डेटा जुटाना है. उदाहरण के तौर पर, किसी स्कूल के पास ट्रैफिक पैटर्न या भीड़भाड़ वाले चौराहों का डेटा जुटाना आसान नहीं होता. इसके लिए बड़े फ्लीट और भारी निवेश की जरूरत होती है. Uber इसी समस्या को अवसर में बदलना चाहता है. कंपनी पहले से ही करीब 25 ऑटोनॉमस व्हीकल कंपनियों के साथ साझेदारी कर चुकी है, जिनमें Wayve जैसी कंपनियां शामिल हैं. AV क्लाउड और शैडो मोड क्या है? Uber एक AV क्लाउड तैयार कर रहा है, जो सेंसर से मिले डेटा का बड़ा डेटाबेस होगा. यह डेटा पार्टनर कंपनियों को उनके AI मॉडल ट्रेन करने में मदद करेगा. इसके साथ ही कंपनी शैडो मोड पर भी काम कर रही है. इसमें AI मॉडल असली राइड के दौरान वर्चुअली चलता है, लेकिन कार को कंट्रोल नहीं करता. इससे कंपनियों को बिना जोखिम के अपने सिस्टम की परफॉर्मेंस समझने का मौका मिलता है. प्राइवेसी और नियमों की बड़ी चुनौती इतना बड़ा डेटा नेटवर्क बनाना आसान नहीं है. इसमें सबसे बड़ी चुनौती प्राइवेसी और डेटा शेयरिंग से जुड़े नियम होंगे. कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि यात्रियों और ड्राइवरों की निजी जानकारी सुरक्षित रहे. साथ ही, अलग-अलग देशों के नियमों के अनुसार डेटा का इस्तेमाल करना भी जरूरी होगा. AI से Uber के अंदर भी बड़ा बदलाव Uber सिर्फ बाहर की कंपनियों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने अंदर भी AI का तेजी से इस्तेमाल कर रहा है. कंपनी के इंजीनियर अब बड़े पैमाने पर AI टूल्स का उपयोग कर रहे हैं. हालात ऐसे हैं कि हर हफ्ते हजारों कोड बदलाव सीधे AI के जरिए हो रहे हैं. करीब 70% तक कोड अब AI-सहायता से तैयार हो रहा है, जो कुछ महीनों पहले तक बेहद कम था. इसे कंपनी एजेंटिक सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का नाम दे रही है, जहां AI खुद फैसले लेकर काम करता है. फ्यूचर स्ट्रैटेजी: डेटा ही बनेगा असली ताकत Uber का यह कदम साफ दिखाता है कि आने वाले समय में डेटा सबसे बड़ा हथियार बनने वाला है. जो कंपनी जितना ज्यादा और बेहतर डेटा जुटा पाएगी, वही AI और सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी की रेस में आगे रहेगी. Uber खुद को इसी रेस में एक बड़े डेटा प्लेयर के रूप में स्थापित करना चाहता है. यह भी पढ़ें: 2027 से यूके में मिलेंगी ड्राइवरलेस टैक्सियां, बड़ा सवाल- क्या ये इंसानी ड्राइवरों से ज्यादा सुरक्षित हैं? The post Uber का बड़ा प्लान: अब ड्राइवरों की कारें बनेंगी डेटा मशीन, सेल्फ-ड्राइविंग AI को मिलेगी नई रफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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SBI की ‘हर घर लखपति’ स्कीम: मात्र ₹610 बचाकर भी बन सकते हैं लखपति; जानें पूरी प्लानिंग

SBI Lakhpati Scheme : खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के कारण म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है. ऐसे समय में SBI की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) योजना ‘हर घर लखपति’ सुरक्षा और गारंटीड रिटर्न का भरोसा देती है. क्या है ‘हर घर लखपति’ स्कीम? यह एक आरडी (RD) स्कीम है, जिसे आप एक डिजिटल गुल्लक की तरह समझ सकते हैं. इसमें आपको हर महीने एक निश्चित राशि जमा करनी होती है. स्कीम की अवधि पूरी होने पर आपको मूलधन और ब्याज के साथ एक बड़ी रकम मिलती है. ब्याज दरें: किसे कितना मिलेगा फायदा? SBI इस स्कीम के तहत सामान्य बचत खातों की तुलना में बेहतर ब्याज दे रहा है. सामान्य नागरिक: अधिकतम 6.55% सालाना ब्याज. वरिष्ठ नागरिक: अधिकतम 7.05% सालाना ब्याज. लखपति बनने का कैलकुलेशन (Investment Plan) अगर आप ₹1 लाख का फंड तैयार करना चाहते हैं, तो अवधि के हिसाब से आपकी मासिक किस्त (EMI) इस प्रकार होगी. निवेश की अवधि सामान्य नागरिक (हर महीने) वरिष्ठ नागरिक (हर महीने) 3 साल ₹2,510 ₹2,500 5 साल ₹1,420 ₹1,410 10 साल ₹610 ₹600 स्कीम की मुख्य विशेषताएं सुरक्षित निवेश: बाजार के उतार-चढ़ाव का इस पर कोई असर नहीं पड़ता. लचीलापन: निवेश की अवधि 3 साल से 10 साल तक चुनी जा सकती है. जॉइंट अकाउंट: आप अकेले या परिवार के किसी सदस्य के साथ मिलकर खाता खोल सकते हैं. बच्चों के लिए: 10 साल से कम उम्र के बच्चों के नाम पर अभिभावक खाता खोल सकते हैं. क्यों चुनें यह स्कीम ? जब भू-नेतृत्वक तनाव (जैसे ईरान-इजरायल संकट) के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हों और रुपया कमजोर हो रहा हो, तो फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स जैसे RD सबसे सुरक्षित माने जाते हैं. इसमें आपका मूलधन (Principal) पूरी तरह सुरक्षित रहता है. Also Read : कीमतों में आई गिरावट; सोना ₹1.47 लाख और चांदी ₹2.39 लाख पर फिसली, खरीदारी से पहले चेक करें ये लिस्ट The post SBI की ‘हर घर लखपति’ स्कीम: मात्र ₹610 बचाकर भी बन सकते हैं लखपति; जानें पूरी प्लानिंग appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में शाह और असम में नड्डा तय करेंगे मुख्यमंत्री का नाम, सेंट्रल ऑब्जर्वर नियुक्त

Mission Chief Minister: बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में विधायक दल का नेता चुनने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक नामित किया है, जबकि असम में विधायक दल के नेता को चुनने के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. अमित शाह की टीम में कौन-कौन शामिल पश्चिम बंगाल में विधायक दल का नेता चुनने की जिम्मेदारी अमित शाह को दी गई है. उनकी टीम में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को शामिल किया गया है. माझी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. Union Home Minister Amit Shah has been appointed as the Central Observer for the election of the Leader of the Party’s Legislative Party in West Bengal. Chief Minister of Odisha Mohan Charan Majhi has been appointed as the Central Co-Observer. pic.twitter.com/Nawdz9lSX5 — ANI (@ANI) May 5, 2026 जेपी नड्डा की टीम में कौन-कौन शामिल? केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को असम में पार्टी के विधायी दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. उनकी टीम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को शामिल किया गया है. उन्हें पार्टी ने केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. बंगाल में बीजेपी को प्रचंड जीत पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी को प्रचंड जीत मिली है. पार्टी ने 207 सीटों पर कब्जा जमा लिया है. पहली बार बंगाल में बीजेपी की प्रशासन बनने वाली है. सत्तारूढ़ टीएमसी को करारी हार का सामना करना पड़ा और उसे 81 सीटों से संतोष करना पड़ा, जबकि कांग्रेस को केवल दो सीटें मिली हैं. असम में बीजेपी को बहुमत असम में बीजेपी को धमाकेदार जीत मिली है. बीजेपी नीत एनडीए (NDA) गठबंधन ने 102 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस गठबंधन महज 21 सीटों पर सिमट गया. बीजेपी गठबंधन को पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार अधिक सीटें मिली हैं (2021 में गठबंधन को 76 सीटें मिली थीं). इस बार असम में बीजेपी ने अकेले के दम पर 82 सीटें जीती हैं, जबकि कांग्रेस को केवल 19 सीटें ही मिल सकीं. ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में शपथ ग्रहण 9 को, मुख्यमंत्री का नाम तय करने कोलकाता आ रहे हैं अमित शाह और राजनाथ सिंह The post बंगाल में शाह और असम में नड्डा तय करेंगे मुख्यमंत्री का नाम, सेंट्रल ऑब्जर्वर नियुक्त appeared first on Naya Vichar.

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