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Author name: Vinod Jha

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ममता बनर्जी से अलग महुआ मोईत्रा के विचार, बोलीं- बंगाल ने भाजपा को चुना, फैसला हमें मंजूर

Mahua Moitra on Bengal Election Result 2026: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी शिकस्त के बाद पार्टी की फायरब्रांड नेता और सांसद महुआ मोईत्रा ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है. मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उन्होंने लिखा- लोकतंत्र में जनता की इच्छा ही सर्वोपरि होती है. हमारी पार्टी बंगाल के इस जनादेश का पूरा सम्मान करती है. चुनाव परिणाम पर किया गया महुआ मोईत्रा का ट्वीट, जो अब x पर उपलब्ध नहीं है. ममता बनर्जी और टीएमसी के संघर्ष पर जताया गर्व महुआ मोईत्रा ने हार स्वीकार करते हुए साफ किया कि अगर बंगाल की जनता ने हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुना है, तो उन्हें वही मिला है. हालांकि, उन्होंने हार के बावजूद अपनी नेता ममता बनर्जी और पार्टी के संघर्ष पर गर्व जताया. हालांकि, बाद में महुआ मोईत्रा ने अपने ट्वीट को डिलीट कर दिया. इसे भी पढ़ें : शुभेंदु अधिकारी ने कैसे ममता बनर्जी को हराकर पूरे बंगाल को कर दिया भगवामय, पढ़ें जायंट किलर के उदय की पूरी कहानी जनता की इच्छा सर्वोपरि : मोईत्रा ने स्वीकार की हार महुआ मोईत्रा ने अपने संदेश में बेहद संतुलित लेकिन कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया. मोईत्रा ने लिखा- जनता की इच्छा सबसे ऊपर है. अगर बंगाल भाजपा चाहता था, तो उसे वह मिल गयी है. हम इस फैसले का सम्मान करते हैं. उन्होंने चुनावी संघर्ष को कठिन बताते हुए कहा कि टीएमसी ने ‘अकल्पनीय बाधाओं’ के खिलाफ और एक ‘असमान मैदान’ पर डटकर मुकाबला किया. इसके लिए उन्हें अपनी पार्टी पर गर्व है. सांसद ने दोहराया कि हार के बावजूद टीएमसी एक ‘धर्मनिरपेक्ष देश’ के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Mahua Moitra on Bengal Election Result 2026: बहुसंख्यकवाद के खिलाफ मोर्चा खोलेगी टीएमसी महुआ मोईत्रा ने अपने बयान के जरिये भाजपा की विचारधारा पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि टीएमसी ऐसे देश के लिए खड़ी रहेगी, जहां ‘क्रूर बहुसंख्यकवाद’ की जगह ‘हिंदुस्तान का संविधान’ ही सब कुछ हो. मोईत्रा के संकेतों से साफ है कि सत्ता गंवाने के बाद भी टीएमसी सदन और सड़क पर एक आक्रामक विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए तैयार है. इसे भी पढ़ें : कौन हैं सुनील बंसल? जिनकी ‘साइलेंट’ रणनीति ने उड़ा दी ममता बनर्जी की नींद, सामने आया बीजेपी का सबसे बड़ा ‘गेमचेंजर’ 15 साल के ममता राज का हुआ अंत पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 और 29 अप्रैल को हुए चुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित हुए. इस ऐतिहासिक नतीजों में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया. इस प्रचंड लहर में ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का अंत हो गया है और टीएमसी महज 80 सीटों के आसपास सिमट गयी है. इसे भी पढ़ें बंगाल में हारीं ममता बनर्जी, 7 फीसदी वोट कम होते ही हाथ से निकलीं 133 सीटें, बीजेपी के 45 प्रतिशत वोट ने उखाड़ फेंका टीएमसी का साम्राज्य बंगाल में बीजेपी की जीत मैनेजमेंट नहीं जनादेश, कोलकाता में ढहा दीदी का मुस्लिम किला, बोले अमित मालवीय ममता बनर्जी बोलीं- इस्तीफा नहीं दूंगी, दीदी के बयान पर बंगाल के अधिकारी ले रहे मजे- हमें 2-2 सीएम मिलेंगे ममता-राहुल खत्म, अब अखिलेश की बारी, बंगाल फतह के बाद शुभेंदु अधिकारी का बड़ा वार The post ममता बनर्जी से अलग महुआ मोईत्रा के विचार, बोलीं- बंगाल ने भाजपा को चुना, फैसला हमें मंजूर appeared first on Naya Vichar.

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मोदी कैबिनेट का मेगा प्लान: 2 नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स और गन्ने के दाम में बढ़ोतरी समेत 10 बड़े फैसलों पर लगी मुहर

Union Cabinet Meeting: कैबिनेट ब्रीफिंग में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, कैबिनेट ने किसानों, प्रौद्योगिकी, ‘मेक इन इंडिया’ और न्यायपालिका के संबंध में बड़े कदम उठाए हैं. आज लिए गए दस प्रमुख निर्णयों में, जिनका कुल मूल्य लगभग 1,52,000 करोड़ रुपये है, किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शामिल है, जो कपास की उत्पादकता और ‘कपास क्रांति’ पर केंद्रित है. प्रशासन ने गन्ने का लाभकारी मूल्य 10 रुपये बढ़ाकर 365 रुपये प्रति क्विंटल किया प्रशासन ने अक्टूबर से शुरू होने वाले 2026-27 सत्र के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य 10 रुपये बढ़ाकर 365 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया. अश्विनी वैष्णव ने बताया, 10.25 प्रतिशत की मूल प्राप्ति (रिकवरी) दर के लिए एफआरपी 365 रुपये प्रति क्विंटल होगा. हर 10.25 प्रतिशत से ऊपर रिकवरी में 0.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर, एफआरपी में 3.56 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी होती है. इससे ज्यादा रिकवरी को प्रोत्साहन मिलता है. मंत्री ने कहा, किसानों को एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा मिलने की उम्मीद है. #WATCH | Cabinet Briefing | Delhi: Union Minister Ashwini Vaishnaw says, “Today, the Cabinet announced a significant decision for the sugarcane farmers… the Cabinet has approved Rs 365 per quintal. This is a very significant increase. In comparison to the mission of giving… pic.twitter.com/hxcWujQQTV — ANI (@ANI) May 5, 2026 मंत्रिमंडल ने कपास उत्पादकता बढ़ाने को 5,659 करोड़ रुपये के मिशन को मंजूरी दी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, आज कैबिनेट ने कपास क्रांति (Cotton Revolution) नाम की एक पहल के जरिए, हमारे देश में कपास उगाने वाले 32 लाख किसानों के लिए एक क्रांतिकारी कदम को मंजूरी दी है. जहां हिंदुस्तान पहले से ही 297 लाख गांठों के उत्पादन के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक है, वहीं 2030-31 तक इसकी मांग 450 लाख गांठों तक पहुंचने की उम्मीद है. इस मांग को पूरा करने और आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए, कैबिनेट ने 5,669 करोड़ रुपये की एक परियोजना को मंजूरी दी है, जिसका मुख्य जोर अनुसंधान, उत्पादन तकनीकों को बढ़ाने और किसानों को नए जमाने के रेशों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर है. गुजरात के वडिनार में बनेगा अत्याधुनिक जहाज मरम्मत केंद्र केंद्र प्रशासन ने मंगलवार को गुजरात के वडिनार में 1,570 करोड़ रुपये के निवेश से अत्याधुनिक जहाज मरम्मत केंद्र विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी. इस परियोजना को दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड संयुक्त रूप से लागू करेंगे. यह परियोजना ब्राउनफील्ड मॉडल पर विकसित की जाएगी, जिसमें 650 मीटर लंबी गोदी, दो बड़े फ्लोटिंग ड्राई डॉक, कार्यशालाएं और अन्य समुद्री अवसंरचना शामिल होंगी. वडिनार अपनी प्राकृतिक गहराई, प्रमुख समुद्री मार्गों से संपर्क और मुंद्रा एवं कांडला जैसे प्रमुख बंदरगाहों के निकट होने से खासकर बड़े वाणिज्यिक और विदेशी जहाजों की मरम्मत के लिए उपयुक्त माना जाता है. दो नई सेमीकंडक्टर इकाइयों को मंजूरी दी केंद्र प्रशासन ने मंगलवार को दो और सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाइयों को मंजूरी दी. इसमें 3936 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा. अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन परियोजनाओं को इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत मंजूरी दी गई है. इनमें गैलियम नाइट्राइड प्रौद्योगिकी पर आधारित देश की पहली वाणिज्यिक मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले इकाई और एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग इकाई शामिल है. ये इकाइयां गुजरात में 3,936 करोड़ रुपये के कुल निवेश से स्थापित की जाएंगी और इनसे लगभग 2,230 कुशल पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है. सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने के प्रस्ताव को मंजूरी केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चीफ जस्टिस सहित सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी. यह जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी. ये भी पढ़ें: केजरीवाल का दावा पंजाब चुनाव के बाद मोदी प्रशासन गिर जाएगी, लोकतंत्र की हत्या का लगाया आरोप The post मोदी कैबिनेट का मेगा प्लान: 2 नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स और गन्ने के दाम में बढ़ोतरी समेत 10 बड़े फैसलों पर लगी मुहर appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी बोलीं- इस्तीफा नहीं दूंगी, दीदी के बयान पर बंगाल के अधिकारी ले रहे मजे- हमें 2-2 सीएम मिलेंगे

खास बातें एक मुख्यमंत्री ‘नबान्न’ में दूसरा ‘राईटर्स’ में! चुनाव परिणाम गहरी साजिश : ममता मैं हारी नहीं हूं : ममता बनर्जी 100 सीटों पर ‘लूट’ का दावा निर्वाचन आयोग पर बोला सीधा हमला फैक्ट फाइंडिंग कमेटी और दिल्ली का साथ 207 सीटों के साथ भाजपा का प्रचंड उदय Mamata Banerjee Refuses to Resign: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी हार के बाद नेतृत्व में भूचाल आ गया. निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि मैं इस्तीफा नहीं दूंगी. यह जनादेश नहीं साजिश है. उन्होंने चुनाव आयोग पर ‘वोट लूट’ के आरोप लगाये. बोलीं- भाजपा नहीं ‘सिस्टम’ से उनकी लड़ाई थी. दीदी के इस बयान पर बंगाल के प्रशासनी अधिकारी मजे ले रहे हैं. एक मुख्यमंत्री ‘नबान्न’ में दूसरा ‘राईटर्स’ में! कोलकाता पुलिस मुख्यालय लाल बाजार से लेकर राज्य सचिवालय नबान्न तक अधिकारियों में ममता बनर्जी के इस बयान पर चर्चा चल रही है. अधिकारी कह रहे हैं- हम बंगाल के लोग बहुत भाग्यशाली हैं. एक बार चुनाव हुआ और हमें दो-दो मुख्यमंत्री मिले. एक गंगा पार नबान्न में बैठेगा और दूसरा कोलकाता के राईटर्स बिल्डिंग (पुराना सचिवालय) में. चुनाव परिणाम गहरी साजिश : ममता इससे पहले, ममता बनर्जी ने चुनाव परिणाम को जनता का फैसला मानने से इनकार कर दिया. इसे ‘गहरी साजिश’ करार देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई भाजपा से नहीं, निर्वाचन आयोग से थी. आयोग ने पर्दे के पीछे रहकर भाजपा के लिए काम किया. ममता बनर्जी के इस अड़ियल रुख ने बंगाल में नयी संवैधानिक जंग के संकेत दिये हैं. इसे भी पढ़ें : बंगाल में बीजेपी की जीत मैनेजमेंट नहीं जनादेश है, कोलकाता में ढहा दीदी का मुस्लिम किला, बोले अमित मालवीय मैं हारी नहीं हूं : ममता बनर्जी हार के बाद पहली बार मीडिया के सामने आयीं ममता बनर्जी ने तीखे तेवर दिखाये. ममता ने दो-टूक कहा- मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता. यह हार जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि साजिश से हुई है. मैं हारी नहीं हूं और मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी. उन्होंने कहा कि वे संवैधानिक मानदंडों के अनुसार कार्रवाई का इंतजार करेंगी, लेकिन स्वेच्छा से पद नहीं छोड़ेंगी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 100 सीटों पर ‘लूट’ का दावा बंगाल की हारी हुई चीफ मिनिस्टर ने आरोप लगाया कि कम से कम 100 सीटों पर जनादेश को ‘लूट’ लिया गया. उन्होंने दावा किया कि टीएमसी का मनोबल तोड़ने के लिए जान-बूझकर मतगणना की गति धीमी की गयी. निर्वाचन आयोग पर बोला सीधा हमला ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष रहने की बजाय भाजपा के एजेंट के रूप में काम किया. टीएमसी प्रमुख के अनुसार, काउंटिंग के दौरान जान-बूझकर देरी की गयी, ताकि परिणामों में हेर-फेर किया जा सके. उन्होंने इसे हिंदुस्तानीय लोकतंत्र के इतिहास का ‘काला अध्याय’ बताया. इसे भी पढ़ें : बंगाल में भाजपा की जीत से ढाका में हड़कंप, बांग्लादेशी मीडिया ने बताया ‘बड़ा संकट’, सांसद को डराने लगा शरणार्थी संकट फैक्ट फाइंडिंग कमेटी और दिल्ली का साथ भविष्य की रणनीति पर उन्होंने कई घोषणाएं कीं. उन्होंने चुनाव के बाद हुई हिंसा के दावों की जांच के लिए 10 सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाने का फैसला किया है. उन्होंने 2021 की हिंसा के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया. ममता ने बताया कि ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने उनके प्रति एकजुटता जतायी है. सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने खुद फोन कर उनसे बात की है. दीदी ने कहा कि अब उनका मुख्य ध्यान राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने पर होगा. इसे भी पढ़ें : बंगाल में भगवा लहर, 15 साल बाद ममता युग का अंत, दो तिहाई बहुमत से बनेगी बीजेपी की प्रशासन Mamata Banerjee Refuses to Resign: 207 सीटों के साथ भाजपा का प्रचंड उदय बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर 15 साल पुराने ममता शासन को उखाड़ फेंका है. बहुमत के इस भारी आंकड़े के बावजूद ममता बनर्जी का ‘साजिश’ वाला दावा बंगाल की नेतृत्व को आने वाले दिनों में और अधिक गरमा सकता है. इसे भी पढ़ें विदेश भागने की फिराक में डीसीपी शांतनु सिन्हा? ईडी ने जारी किया लुकआउट नोटिस, 5 समन के बाद भी हैं लापता ममता-राहुल खत्म, अब अखिलेश की बारी, बंगाल फतह के बाद शुभेंदु अधिकारी का बड़ा वार ममता बनर्जी 15105 वोट से हारीं, शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के बाद भवानीपुर में भी दीदी को चटा दी धूल बंगाल में खिला कमल, बीजेपी ने जनता को कहा- शुक्रिया, शुभेंदु अधिकारी बोले- विकास ने डर को हराया, सुशासन के नये युग की शुरुआत The post ममता बनर्जी बोलीं- इस्तीफा नहीं दूंगी, दीदी के बयान पर बंगाल के अधिकारी ले रहे मजे- हमें 2-2 सीएम मिलेंगे appeared first on Naya Vichar.

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DL vs CSK: दिल्ली कैपिटल्स ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी, दो बदलाव के साथ उतरी चेन्नई; ऐसी है दोनों टीमों की प्लेइंग-11

DL vs CSK: दिल्ली कैपटिल्स ने इस मुकाबले में बड़ा बदलाव किया है. लुंगी एनगिडी को प्लेइंग-11 में शामिल किया है. काइल जेमीसन की जगह लुंगी एनगिडी को शामिल किया गया है. वहीं चेन्नई सुपर किंग्स ने इस मुकाबले के लिए दो बदलाव किए हैं. अकील हुसैन और गुरजपनीत सिंह की वापसी हुई है. ऐसी है दोनों टीमों की प्लेइंग-11 दिल्ली कैपिटल्स: केएल राहुल (विकेटकीपर), पथुम निसांका, करुण नायर, ट्रिस्टन स्टब्स, नितीश राणा, अक्षर पटेल (कप्तान), आशुतोष शर्मा, लुंगी एनगिडी, मिशेल स्टार्क, कुलदीप यादव, टी नटराजन. चेन्नई सुपर किंग्स: संजू सैमसन (विकेटकीपर), रुतुराज गायकवाड़ (कप्ता+न), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, जेमी ओवरटन, अकील होसेन, नूर अहमद, अंशुल कंबोज, मुकेश चौधरी, गुरजपनीत सिंह. 🚨 Toss 🚨@DelhiCapitals have won the toss and elected to bat first against @ChennaiIPL in Delhi. Updates ▶️ https://t.co/f1bRZthndy#TATAIPL | #KhelBindaas | #DCvCSK pic.twitter.com/Cm25OUrv4N — IndianPremierLeague (@IPL) May 5, 2026 टॉस जीतने के बाद अक्षर पटेल ने क्या कहा? दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टॉस जीतने के बाद पटेल ने कहा कि पिच अच्छी लग रही है और दूसरी पारी में थोड़ी धीमी हो सकती है. इसी वजह से हम पहले बैटिंग करेंगे. मैं अपने गेंदबाजों को एडवांटेज देना चाहता हूं. यह एक अहम मैच है लेकिन आप प्वाइंट्स के बारे में नहीं सोच सकते हैं. इससे आपके ऊपर अनावश्यक दबाव आ जाता है. बस बेसिक सही कीजिए और रिजल्ट के बारे में ना सोचिए. मुझे लगता है कि हमने अच्छी बैटिंग और बॉलिंग की है. फील्डिंग में हम थोड़ा बेहतर कर सकते थे. The post DL vs CSK: दिल्ली कैपिटल्स ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी, दो बदलाव के साथ उतरी चेन्नई; ऐसी है दोनों टीमों की प्लेइंग-11 appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में भाजपा की जीत से ढाका में हड़कंप, बांग्लादेशी मीडिया ने बताया ‘बड़ा संकट’, सांसद को डराने लगा शरणार्थी संकट

खास बातें ममता के शासन का अंत भू-नेतृत्वक झटका : बांग्लादेशी मीडिया कांगलू की होगी वापसी? ढाका में शरणार्थी संकट का डर संकट की आशंका, बॉर्डर पर शरण NRC और तीस्ता जल विवाद पर बढ़ेगा दबाव तीस्ता जल समझौता और वोट बैंक की नेतृत्व पूरी दुनिया की नजर, ढाका हुआ अलर्ट Bangladesh Media on Bengal Election 2026 Results: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) की ऐतिहासिक जीत की गूंज हिंदुस्तान ही नहीं, बांग्लादेश में भी सुनाई दे रही है. ढाका के सियासी गलियारों और वहां के मीडिया जगत में भाजपा के सत्ता में आने को लेकर गहरी बेचैनी और सस्पेंस का माहौल है. ममता के शासन का अंत भू-नेतृत्वक झटका : बांग्लादेशी मीडिया बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का अंत और भाजपा का उदय ढाका के लिए किसी बड़े ‘भू-नेतृत्वक झटके’ से कम नहीं है. वहां के अखबारों और नेताओं को डर है कि भाजपा प्रशासन अब सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और शरणार्थियों के मुद्दे पर ‘आर-पार’ के मूड में होगी, जिससे बांग्लादेश में आर्थिक और मानवीय संकट गहरा सकता है. कांगलू की होगी वापसी? ढाका में शरणार्थी संकट का डर बांग्लादेश के नेतृत्वक गलियारों में भाजपा की जीत को चिंता का विषय बताया जा रहा है. बांग्लादेशी सांसद अख्तर हुसैन ने हाल ही में वहां की संसद में चिंता जतायी थी कि यदि भाजपा बंगाल में प्रशासन बनाती है, तो वे कथित तौर पर कांगलू (अवैध घुसपैठियों) को वापस बांग्लादेश भेज देंगे. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें संकट की आशंका, बॉर्डर पर शरण हुसैन ने चेतावनी दी कि हिंदुस्तान के इस सख्त कदम से बांग्लादेश में अचानक शरणार्थियों की बाढ़ आ सकती है, जिससे देश पर भारी आर्थिक और सामाजिक दबाव पड़ेगा. ढाका के मीडिया आउटलेट्स जैसे ‘प्रोथोम आलो’ और ‘द डेली स्टार’ ने लिखा है कि भाजपा की जीत से सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा-व्यवस्था पूरी तरह बदलने वाली है. इसे भी पढ़ें : बंगाल में कौन बनेगा मुख्यमंत्री? शुभेंदु अधिकारी का पलड़ा क्यों है सबसे भारी? NRC और तीस्ता जल विवाद पर बढ़ेगा दबाव बांग्लादेशी विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा की जीत का सीधा असर द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा. बांग्लादेशी मीडिया का कहना है कि अब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा जैसी ‘हार्डलाइन’ नीतियां बंगाल में भी लागू होंगी. इससे अवैध प्रवास का मुद्दा फिर से गर्मायेगा. तीस्ता जल समझौता और वोट बैंक की नेतृत्व बंगाल में भाजपा की प्रशासन आने से तीस्ता जल बंटवारे जैसे संवेदनशील मुद्दे पर हिंदुस्तान का रुख और कड़ा हो सकता है, जिससे बांग्लादेश की कृषि प्रभावित होने का डर है. बांग्लादेशी आउटलेट्स ने यह भी विश्लेषण किया है कि इस बार मुस्लिम वोटों के बिखराव ने भाजपा को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभायी, जो टीएमसी के लिए ‘डूम्सडे’(कयामत का दिन) साबित हुआ. इसे भी पढ़ें : काउंटिंग के बीच ममता बनर्जी की पहली प्रतिक्रिया- काउंटिंग सेंटर में हमारे लोगों को रोका गया, घर के बाहर लगे जय श्रीराम के नारे पूरी दुनिया की नजर, ढाका हुआ अलर्ट सोशल मीडिया पर बांग्लादेशी यूजर्स के बीच भी डर और प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है. कई लोगों का मानना है कि ममता बनर्जी के दौर में सीमाओं पर जो ‘सॉफ्ट पॉलिटिक्स’ चलती थी, उसका अब अंत हो गया है. भाजपा का सुशासन और ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ का एजेंडा बांग्लादेश के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नयी चुनौतियों को जन्म देगा. ढाका के विशेषज्ञों का कहना है कि उन्हें अब हिंदुस्तान के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को नये सिरे से परिभाषित करने की जरूरत है. इसे भी पढ़ें क्या खत्म हो जायेगा अभिषेक बनर्जी का नेतृत्वक करियर? पढ़ें पूरा विश्लेषण बंगाल में बीजेपी की जीत मैनेजमेंट नहीं जनादेश है, कोलकाता में ढहा दीदी का मुस्लिम किला, बोले अमित मालवीय बंगाल में भगवा लहर, 15 साल बाद ममता युग का अंत, दो तिहाई बहुमत से बनेगी बीजेपी की प्रशासन बंगाल में बीजेपी की जीत मैनेजमेंट नहीं जनादेश, कोलकाता में ढहा दीदी का मुस्लिम किला, बोले अमित मालवीय The post बंगाल में भाजपा की जीत से ढाका में हड़कंप, बांग्लादेशी मीडिया ने बताया ‘बड़ा संकट’, सांसद को डराने लगा शरणार्थी संकट appeared first on Naya Vichar.

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25 साल बाद यूट्यूब पर रिलीज हुई इरफान खान-विद्या बालन की अनदेखी फिल्म, जरूर देखें

इरफान खान की छठी पुण्यतिथि पर, उनकी एक खास और पुरानी फिल्म ‘द लास्ट टेनेंट’ को यूट्यूब पर रिलीज किया गया है. इसमें युवा इरफान खान के साथ विद्या बालन नजर आ रही हैं, जो उनके शुरुआती एक्टिंग को झलकाती है. इस फिल्म को सार्थक दासगुप्ता ने लिखा और निर्देशित किया था, जबकि नीना और सार्थक दासगुप्ता इसके निर्माता थे. द लास्ट टेनेंट क्यों नहीं हुई अब तक रिलीज ‘द लास्ट टेनेंट’ को कभी रिलीज नहीं किया गया, क्योंकि ओरिजनल फुटेज खो जाने के बाद यह मूवी अटक गई थी. जिसके बाद निर्माता और निर्देशक सार्थक दासगुप्ता ने लगभग उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन हाल ही में हुई एक खोज ने सब कुछ बदल दिया. उन्होंने फिल्म की एक वीएचएस कॉपी बरामद कर ली, जिससे अंततः इस गुम परियोजना को फिर से बनाया गया और इसे दर्शकों तक शेयर किया गया. क्या है फिल्म की कहानी फिल्म की कहानी एक टूटे हुए संगीतकार के इर्द-गिर्द घूमती है, जो देश छोड़ने से पहले एक सुनसान घर में शरण लेता है. उस घर की शांत, रहस्यमयी दुनिया में, यादें, संगीत और तड़प धीरे-धीरे धुंधली पड़ने लगती हैं. जैसे ही हीरो अपनी यात्रा पर निकलता है, कुछ भी उसकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं होता. फिल्म को लेकर क्या बोली विद्या बालन विद्या बालन ने भी इस फिल्म को लेकर अपनी भावनाएं शेयर कीं. उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा और इरफान के साथ काम करना आज और भी ज्यादा मायने रखता है. रिलीज के कुछ ही दिनों में फिल्म को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और इसे हजारों लोगों ने देखा है. इरफान खान के प्रशंसकों के लिए यह फिल्म एक भावुक श्रद्धांजलि की तरह है, जो उनकी यादों को फिर से ताजा कर देती है. यह भी पढ़ें- अक्षरा सिंह को रवि किशन ने कहा था ‘आलू का बोरा’, फिर एक्ट्रेस ने खुद को ऐसे बदला The post 25 साल बाद यूट्यूब पर रिलीज हुई इरफान खान-विद्या बालन की अनदेखी फिल्म, जरूर देखें appeared first on Naya Vichar.

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ग्लैमर छोड़ अब स्टंट करेंगे औरी, ‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखेगा अलग अंदाज

Orry: सोशल मीडिया सेंसेशन और बॉलीवुड पार्टियों की चर्चित शख्सियत ओरहान अवतरमानी यानी औरी अब एक नए अंदाज में दर्शकों के सामने आने वाले हैं. ग्लैमरस इवेंट्स, स्टार किड्स के साथ वायरल तस्वीरों और अपने मजेदार अंदाज के लिए मशहूर औरी जल्द ही टीवी के चर्चित रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आ सकते हैं. समाचारों के मुताबिक, उन्हें शो के आगामी सीजन के लिए अप्रोच किया गया है और उनका नाम लगभग तय माना जा रहा है. अब तक सोशल मीडिया और पॉप कल्चर का बड़ा चेहरा बन चुके औरी के लिए यह सफर बिल्कुल अलग होने वाला है. ‘खतरों के खिलाड़ी’ ऐसा शो है, जहां सेलिब्रिटीज को अपने डर का सामना करते हुए कठिन स्टंट्स करने पड़ते हैं. यही वजह है कि फैंस भी उन्हें इस नए अवतार में देखने के लिए काफी उत्साहित हैं. औरी का मजेदार रिएक्शन हुआ वायरल शो को लेकर औरी का रिएक्शन भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. अपने खास अंदाज में उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें लगा था कि यह कोई “पब्लिसिटी स्टंट” वाला शो होगा. लेकिन जब उन्हें पता चला कि इसमें सचमुच खतरनाक स्टंट्स करने होते हैं, तब वह थोड़ा घबरा गए. औरी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह खुद को बहुत बहादुर इंसान नहीं मानते, लेकिन उन्होंने सोचा कि शायद यह शो उनके “कैरेक्टर डेवलपमेंट” के लिए अच्छा साबित हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि अब वह पूरी तरह तैयार हैं और देखना चाहते हैं कि आगे क्या होने वाला है. सोशल मीडिया पर फैंस कर रहे मजेदार कमेंट औरी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कई फैंस का कहना है कि उनका सेंस ऑफ ह्यूमर ही शो की सबसे बड़ी खासियत बन सकता है. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि औरी अपनी अनोखी पर्सनालिटी से बाकी कंटेस्टेंट्स को कड़ी टक्कर दे सकते हैं. अब तक ग्लैमर और लाइमलाइट में रहने वाले औरी के लिए ‘खतरों के खिलाड़ी’ एक बिल्कुल नया अनुभव होगा. ऐसे में यह देखना दिलचस्प रहेगा कि वह शो में खतरनाक स्टंट्स से दर्शकों को प्रभावित करते हैं या अपने मजेदार वन-लाइनर्स से पूरी महफिल लूट लेते हैं. यह भी पढ़ें: थलपति विजय की जीत पर झूमे ‘जन नायकन’ के निर्माता, सोशल मीडिया पर छाई फैंस की मांग The post ग्लैमर छोड़ अब स्टंट करेंगे औरी, ‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखेगा अलग अंदाज appeared first on Naya Vichar.

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‘हमने बोली वापस नहीं ली…’, राजस्थान रॉयल्स को लेकर काल सोमानी ग्रुप का बड़ा खुलासा

Rajasthan Royals के बिकने के बाद अमेरिका के काल सोमानी ग्रुप ने कहा कि उन्होंने राजस्थान रॉयल्स पर लगाई अपनी बोली को वापस नहीं लिया. उन्हें इस बिक्री प्रकिया से बाहर कर दिया. मार्च में काल सोमानी ने राजस्थान रॉयल्स को रिकॉर्ड 1.63 बिलियन अमेरिकी डॉलर में खरीदने के लिए सहमत हुए थे. यह डील आईपीएल 2026 के बाद पूरी होने की उम्मीद थी. लेकिन, रविवार को लक्ष्मी एन. मित्तल और आदित्य मित्तल ने घोषणा करते हुए कहा कि मनोज बडाले और उनके ग्रुप से अदार पूनावाला के साथ साझेदारी में राजस्थान रॉयल्स को खरीदने के लिए एक पक्का समझौता कर लिया गया है. राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा नहीं बनने के बाद निराश है चारों निवेशक कंसोर्टियम के चार निवेशकों काल सोमानी, रॉब और जॉर्डन वॉल्टन और माइकल हैम्प ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा हम राजस्थान रॉयल्स के स्वामित्व का हिस्सा न बन पाने से बहुत निराश हैं. हम पिछले छह महीने की लंबी प्रक्रिया के दौरान शुरू से आखिर तक लीड बिड थे. रिपोर्ट्स में बताया गया कि सोमानी के नेतृत्व वाला कंसोर्टियम, जिसने पहले आरआर को खरीदने के लिए सफल बिड लगाई थी, उसे खरीदारी पूरी करने के लिए फंडिंग की दिक्कतों का सामना करना पड़ा और उनकी डील फेल हो गई. हमारे ग्रुप को मिली थी पूरी फंडिंग इस समाचार पर प्रतिक्रिया देते हुए कंसोर्टियम ने कहा कि मीडिया में चलाई गई कहानियों के उलट, हमारे ग्रुप को हमेशा पूरी फंडिंग मिली थी और मिली है. हम पक्के तौर पर डील को पूरा करने के लिए तैयार थे और हमने अपनी बिड कभी वापस नहीं ली. हमने डॉक्यूमेंटेशन तैयार कर लिया था और हमें बताया गया था कि शनिवार को फ्रेंचाइजी की बोर्ड मीटिंग हमारे कंसोर्टियम को मंजूरी देने के लिए हुई थी. लेकिन हमें इस डील से बाहर कर दिया गया. बता दें कि 1.65 बिलियन डॉलर में हुए नए समझौते के मुताबिक मित्तल परिवार के पास राजस्थान रॉयल्स (आरआर) का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा होगा. अदार पूनावाला के पास लगभग 18 प्रतिशत और बाकी का 7 प्रतिशत हिस्सा मनोज बडाले सहित मंजूर मौजूदा निवेशकों के पास होगा. यह भी पढ़ें: IPL 2026: मुंबई इंडियंस का बड़ा कारनामा, इस मामले में राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद को छोड़ा पीछे The post ‘हमने बोली वापस नहीं ली…’, राजस्थान रॉयल्स को लेकर काल सोमानी ग्रुप का बड़ा खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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पुलिस हिरासत में पिटाई पर हाईकोर्ट सख्त, स्वास्थ्य सचिव और सरायकेला एसपी से मांगा जवाब

रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत में प्रताड़ना के गंभीर मामले पर सख्ती दिखाते हुए स्वत: संज्ञान लिया है. चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य प्रशासन से कड़े सवाल पूछे. कोर्ट ने साफ संकेत दिया कि हिरासत में मानवाधिकारों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सीसीटीवी और निगरानी व्यवस्था पर सवाल सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने सरायकेला एसपी से पूछा कि राज्य के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं. अदालत ने यह जानने की कोशिश की कि क्या हिरासत में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं. कोर्ट का यह रुख दर्शाता है कि निगरानी व्यवस्था की कमी को गंभीरता से लिया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग से भी मांगा जवाब अदालत ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को भी तलब किया है. कोर्ट ने निर्देश दिया कि वे यह स्पष्ट करें कि पीड़ित तरुण महतो को “फिट फॉर कस्टडी” का प्रमाण पत्र देने वाले चिकित्सक के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है. यह सवाल इसलिए अहम है क्योंकि हिरासत में किसी व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन डॉक्टर की जिम्मेदारी होती है, और इसमें लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है. पीड़ित को मिला मुआवजा राज्य प्रशासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पीड़ित तरुण महतो को 1.50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है. हालांकि, अदालत का ध्यान केवल मुआवजे तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पूरे मामले में जवाबदेही तय करना चाहती है. कोर्ट यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो. घटना की पृष्ठभूमि यह मामला 19 नवंबर 2025 की रात का है, जब ईचागढ़ पुलिस तरुण महतो को हिरासत में लेकर गई थी. आरोप है कि थाने में उसकी बेरहमी से पिटाई की गई. इस घटना के बाद पीड़ित की पत्नी ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई थी. इसी पत्र को आधार बनाकर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया और इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया. इसे भी पढ़ें: बिशुनपुरा और रमना की दुकानों में चोरी करने वाला धराया, सोने के गहने और नकदी बरामद अगली सुनवाई 18 जून को खंडपीठ ने सभी संबंधित अधिकारियों को अगली सुनवाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 18 जून को निर्धारित की गई है. अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन कोर्ट के सवालों का क्या जवाब देता है और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है. इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर के चाकुलिया में दुष्कर्म के आरोपी दोषी करार, एक नाबालिग भी शामिल The post पुलिस हिरासत में पिटाई पर हाईकोर्ट सख्त, स्वास्थ्य सचिव और सरायकेला एसपी से मांगा जवाब appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में बीजेपी की जीत मैनेजमेंट नहीं जनादेश, कोलकाता में ढहा दीदी का मुस्लिम किला, बोले अमित मालवीय

West Bengal Election Result 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मीडिया का एक वर्ग हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) की इस प्रचंड जीत को विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) और मतदाता सूची में हेरफेर का नतीजा बता रहा है, तो चुनाव के ठोस आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं. वोटर कन्विक्शन का नतीजा है भाजपा की प्रचंड जीत आंकड़ों के गहरे विश्लेषण से साफ है कि भाजपा की यह जीत किसी ‘तकनीकी तालमेल’ का नहीं, राज्य के हर सामाजिक और क्षेत्रीय वर्ग के ‘वोटर कन्विक्शन (मतदाता के दृढ़ निश्चय) का परिणाम है. 130 से ज्यादा सीटों पर 20 हजार से अधिक वोटों का अंतर यह साबित करने के लिए काफी है कि बंगाल की जनता अब बदलाव के मूड में थी. SIR के दावों में कितना दम? भाजपा के सोशल मीडिया सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में टीएमसी के आरोपों को खारिज करने के लिए 3 आंकड़ों का सहारा लिया है. जीत का बड़ा अंतर : भाजपा ने 207 सीटों पर जीत हासिल की है. इनमें से 170 से अधिक सीटों पर भाजपा की जीत का अंतर, मतदाता सूची से हटाये गये कुल नाम से कहीं ज्यादा है. बंपर मार्जिन : 130 से अधिक सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों की जीत का अंतर 20,000 वोटों से अधिक है. इतने बड़े मार्जिन को ‘मार्जिनल एडजस्टमेंट’ या सूची से नाम हटाने का नतीजा नहीं माना जा सकता. भ्रम की नेतृत्व : विशेषज्ञों का मानना है कि टीएमसी अपनी संगठनात्मक विफलता को छिपाने के लिए SIR का सहारा ले रही है, जबकि जनता ने सीधे तौर पर भाजपा के सुशासन को चुना है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मुस्लिम इलाके और कोलकाता में चमत्कार इस चुनाव की सबसे बड़ी समाचार यह है कि भाजपा ने टीएमसी के ‘वोट बैंक’ में सीधी सेंध लगायी है. भाजपा ने ऐसी 12 सीटों पर जीत दर्ज की है, जहां मुस्लिम आबादी 40 प्रतिशत से अधिक है. इनमें से 4 सीटें तो ऐसी हैं, जहां मुस्लिम आबादी 50 फीसदी से भी ज्यादा है. ये सभी सीटें मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे टीएमसी के पुराने गढ़ों से आयी हैं. इसे भी पढ़ें : बंगाल में भगवा लहर, 15 साल बाद ममता युग का अंत, दो तिहाई बहुमत से बनेगी बीजेपी की प्रशासन कोलकाता में भाजपा ने किया क्लीन स्वीप कभी भाजपा के लिए अछूत माने जाने वाले कोलकाता और उसके आसपास के शहरी क्षेत्र की 45 सीटों में से पार्टी ने 35 सीटें जीत ली हैं. 2021 में यहां भाजपा के पास मात्र 1 सीट थी. कोलकाता नगर निगम (KMC) क्षेत्र की 16 सीटों में से भाजपा ने 10 पर कब्जा किया है, जबकि 2021 में यहां भाजपा का खाता भी नहीं खुला था. This election was a clear vote for the BJP, with genuine voters decisively rejecting the TMC. Now, the TMC and a section of the media are attempting to attribute the BJP’s victory to SIR. But the data tells a very different story. Of the 207 seats won by the BJP, the victory… pic.twitter.com/xzSrJvIzaL — Amit Malviya (@amitmalviya) May 5, 2026 उत्तर से दक्षिण बंगाल तक ‘भगवामय’ पश्चिम बंगाल के हर कोने में भाजपा का परचम लहरा रहा है. लोकसभा क्षेत्रों के अनुसार प्रदर्शन देखें तो, तो जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर, राणाघाट, आरामबाग, तमलूक, कांथी, झारग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा, बर्धमान पूर्व और आसनसोल में तृणमूल कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है. इसे भी पढ़ें : ममता-राहुल खत्म, अब अखिलेश की बारी, बंगाल फतह के बाद शुभेंदु अधिकारी का बड़ा वार West Bengal Election Result 2026: इन जिलों में भाजपा की पकड़ हुई मजबूत कूचबिहार, दार्जिलिंग, उत्तर 24 परगना के बनगांव और बैरकपुर, हुगली, मेदिनीपुर और बर्धमान-दुर्गापुर में भी पार्टी का स्ट्राइक रेट शानदार रहा. कोलकाता उत्तर और दक्षिण की 8 सीटों पर जीत के साथ डायमंड हार्बर में भी उपस्थिति दर्ज कराकर भाजपा ने संकेत दिया है कि अब कोई भी क्षेत्र टीएमसी के लिए सुरक्षित नहीं है. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी 15105 वोट से हारीं, शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के बाद भवानीपुर में भी दीदी को चटा दी धूल नये युग में बंगाल की नेतृत्व : मालवीय अमित मालवीय ने लिखा है कि बंगाल का यह जनादेश स्पष्ट करता है कि बंगाल की नेतृत्व अब एक नये युग में प्रवेश कर चुकी है. यह जीत व्यापक और गहरी है, जो बंगाल के भविष्य को नयी दिशा देगी. अब यह साफ है कि 2029 की दिल्ली की राह पश्चिम बंगाल से होकर ही गुजरेगी. इसे भी पढ़ें बंगाल में खिला कमल, बीजेपी ने जनता को कहा- शुक्रिया, शुभेंदु अधिकारी बोले- विकास ने डर को हराया, सुशासन के नये युग की शुरुआत रघुनाथपुर में तृणमूल कार्यालय पर भाजपा कार्यकर्ताओं का हमला, बैनर फाड़े, कैंप कार्यालय पर भी किया अटैक बंगाल में हारीं ममता बनर्जी, 7 फीसदी वोट कम होते ही हाथ से निकलीं 133 सीटें, बीजेपी के 45 प्रतिशत वोट ने उखाड़ फेंका टीएमसी का साम्राज्य बंगाल चुनाव परिणाम 2026: सबसे पहले इन 3 सीटों पर जीती भाजपा, तृणमूल का भी खाता खुला The post बंगाल में बीजेपी की जीत मैनेजमेंट नहीं जनादेश, कोलकाता में ढहा दीदी का मुस्लिम किला, बोले अमित मालवीय appeared first on Naya Vichar.

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