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Author name: Vinod Jha

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धमाके से गूंजा इस्लामाबाद, आत्मघाती हमला, विस्फोट में 12 लोगों के मारे जाने की आशंका

शुक्रवार (6 फरवरी) को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एक इमामबाड़ा में जोरदार धमाका हुआ. विस्फोट के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल हो गया. अंग्रेजी अखबार डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक इमामबाड़ा में हुए विस्फोट के बाद कई लोगों के हताहत होने की आशंका है. न्यूज एजेसी एएनआई ने पुलिस सूत्र के हवाले से बताया है कि शिया समुदाय के इबादत स्थल पर हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 12 लोग मारे गये हैं. धमाका शहजाद टाउन इलाके में स्थित तारलाई इमामबाड़ा में विस्फोट की सूचना मिली है. विस्फोट के बाद मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गई है. राहत और बचाव जारी है. Several people injured in explosion in Pakistan’s capital Islamabad: local media reports. — Press Trust of India (@PTI_News) February 6, 2026 धमाके के बाद इमरजेंसी की घोषणा डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक धमाके के बाद पॉलीक्लिनिक, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIM) और सीडीए अस्पताल में इमरजेंसी घोषित कर दिया गया है. धमाके में घायल हुए लोगों को पीआईएमएस और पॉलीक्लिनिक अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है. इससे पहले 11 नवंबर 2025 को इस्लामाबाद के जी-11 इलाके में जिला एवं सत्र न्यायालय भवन के बाहर एक आत्मघाती विस्फोट हुआ था जिसमें 12 लोग मारे गए थे और 30 से अधिक लोग घायल हुए थे. The post धमाके से गूंजा इस्लामाबाद, आत्मघाती हमला, विस्फोट में 12 लोगों के मारे जाने की आशंका appeared first on Naya Vichar.

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दो दिन में ₹41,000 टूटी चांदी, सोना भी हुआ सस्ता, जानें क्यों आई कीमतों में इतनी बड़ी कमी

Gold-Silver Rate: शादियों का सीजन हो या निवेश का मौका, हम हिंदुस्तानीयों की नजर हमेशा सोने के भाव पर टिकी रहती है. आज यानी 6 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिली है. चांदी ₹2.41 लाख प्रति किलो के करीब आ गई है, तो वहीं सोने के दाम में भी ₹1,000 से ज्यादा की कमी आई है. अगर आप खरीदारी के लिए सही मौके की तलाश में थे, तो आज के ताजा रेट्स आपको खुश कर सकते हैं. कितने गिरे दाम ? चांदी की बड़ी गिरावट: चांदी की कीमत में आज ₹13,155 की बड़ी कटौती हुई है, जिससे अब यह ₹2,41,184 प्रति किलो पर आ गई है. चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले सिर्फ दो दिनों में ही चांदी ₹41,000 से ज्यादा सस्ती हो चुकी है. सोना भी हुआ सस्ता: 24 कैरेट सोने के दाम में आज ₹1,013 की कमी आई है. अब 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1,51,489 हो गई है. दो दिनों के आंकड़ों को देखें तो सोना करीब ₹6,600 से ज्यादा सस्ता हुआ है. बता दें कि जनवरी के आखिरी हफ्ते में सोने और चांदी ने अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर (All-time high) को छुआ था, लेकिन उसके बाद से कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है. क्यों गिर रहे हैं दाम ? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे दो मुख्य कारण हैं. मुनाफावसूली (Profit Booking): जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं, तो बड़े निवेशकों ने अपना मुनाफा निकालने के लिए कीमती धातुएं बेचना शुरू कर दिया. कम मांग: कीमतें बहुत ज्यादा होने की वजह से आम ग्राहकों ने सोना-चांदी कम खरीदा, जिससे बाजार में डिमांड घट गई. खरीदने जा रहे हैं? तो इन बातों को न भूलें जेवर या सिक्का खरीदते समय ठगी से बचने के लिए दो जरूरी बातें गांठ बांध लें. हॉलमार्क जरूर देखें: हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें. ज्वेलरी पर लिखे अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे- AZ4524) को चेक करें, इससे सोने की शुद्धता की गारंटी मिलती है. रेट चेक करें: दुकान पर जाने से पहले उस दिन का सही भाव जरूर पता कर लें. याद रखें कि 24, 22 और 18 कैरेट के रेट अलग-अलग होते हैं, इसलिए वजन और शुद्धता के हिसाब से कीमत का मिलान करें. Also Read: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के लिए ₹1.27 लाख करोड़ का बजट पेश किया The post दो दिन में ₹41,000 टूटी चांदी, सोना भी हुआ सस्ता, जानें क्यों आई कीमतों में इतनी बड़ी कमी appeared first on Naya Vichar.

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स्टार वॉर्स जैसा ‘स्पेस एयरक्राफ्ट कैरियर’: चीन का नया पैंतरा या सिर्फ एक सपना?

China Space Aircraft Carrier: चीन एक बार फिर दुनिया को हैरान करने की कोशिश कर रहा है. समंदर में तैरने वाले जहाजों के बाद अब चीन की नजरें आसमान के उस छोर पर हैं जहाँ से अंतरिक्ष (Space) शुरू होता है. चीन ने ‘लुआननियाओ’ (Luanniao) नाम के एक भीमकाय ‘स्पेस एयरक्राफ्ट कैरियर’ का कॉन्सेप्ट पेश किया है. आसान भाषा में कहें तो यह एक ऐसा उड़ने वाला किला होगा जो अंतरिक्ष की दहलीज पर तैरते हुए वहीं से फाइटर जेट्स और मिसाइलें लॉन्च कर सकेगा. क्या है यह ‘लुआननियाओ’ और कितना बड़ा है? चीन की प्रशासनी मीडिया CCTV द्वारा जारी किए गए एक वीडियो के अनुसार, यह कोई मामूली जहाज नहीं है. इसकी बनावट किसी हॉलीवुड फिल्म के ‘स्टार वॉर्स’ शिप जैसी है. साइज में महाबली: इसकी लंबाई 242 मीटर और चौड़ाई 684 मीटर बताई जा रही है. तुलना: यह दुनिया के सबसे बड़े समुद्री एयरक्राफ्ट कैरियर ‘यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड’ से दोगुना लंबा और तीन गुना चौड़ा है. वजन का भारी गेम: इसका वजन करीब 1 लाख 20 हजार टन होगा. इसका पंख (wingspan) 2,000 फीट से भी ज्यादा बड़ा होगा. ‘साउथ हेवनली गेट’: चीन का सीक्रेट प्रोजेक्ट यह विशालकाय कैरियर चीन के ‘नानतियानमेन प्रोजेक्ट’ (Nantianmen Project) का हिस्सा है, जिसका मतलब है ‘दक्षिण स्वर्ग का द्वार’. कब शुरू हुआ: इस प्रोजेक्ट की चर्चा साल 2017 में तब शुरू हुई जब चीन के विमानन उद्योग निगम (AVIC) ने इसके आइडिया शेयर किए. हथियार और जेट्स: ‘लुआननियाओ’ अपने साथ 88 ‘शुआन नु’ (Xuan Nu) नाम के स्टील्थ (गायब होने वाले) फाइटर जेट्स ले जा सकेगा. ये जेट्स दुनिया के किसी भी कोने में हाइपरसोनिक मिसाइलें दागने में सक्षम होंगे. एडवांस टेक: इस सिस्टम में ‘बेदी’ (Baidi) नाम के फाइटर जेट, लेजर गन और पार्टिकल बीम जैसे हथियारों की बात कही गई है, जो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से चलेंगे. क्या यह हकीकत बनेगा या सिर्फ एक प्रोपेगेंडा है? चीन का दावा है कि यह कैरियर साल 2045 या 2055 तक हकीकत बन सकता है. लेकिन दुनिया भर के एक्सपर्ट्स इसे फिलहाल ‘साइंस फिक्शन’ (फिल्मों जैसी कल्पना) मान रहे हैं. फिजिक्स के नियम: एक्सपर्ट्स का कहना है कि इतने भारी जहाज को अंतरिक्ष में ले जाने के लिए ऐसी तकनीक चाहिए जो आज की तारीख में मौजूद ही नहीं है. इतिहास का सबक: इसकी तुलना सोवियत संघ के ‘कैस्पियन सी मॉन्स्टर’ से की जा रही है, जो पानी के थोड़ा ऊपर उड़ता था लेकिन भारी खर्च और सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया. चीन का यह कॉन्सेप्ट उससे कहीं ज्यादा बड़ा और पेचीदा है. एक्सपर्ट्स और सोशल मीडिया की राय चीन के मिलिट्री कमेंटेटर सोंग झोंगपिंग के अनुसार, यह कॉन्सेप्ट भविष्य की अंतरिक्ष की लड़ाइयों के हिसाब से एकदम फिट है. वहीं, सोशल मीडिया पर लोग इसे चीन की ताकत दिखाने और ताइवान जैसे मुद्दों पर अमेरिका को डराने का एक तरीका (प्रोपेगेंडा) बता रहे हैं. मशहूर पत्रकार चार्ल्स आर. स्मिथ ने तो यहाँ तक कह दिया कि चीन CGI (कंप्यूटर ग्राफिक्स) की वीडियो दिखा रहा है, जबकि असलियत में उनकी सेना के बड़े जनरल भ्रष्टाचार और आपसी खींचतान की वजह से पद खो रहे हैं. ये भी पढ़ें: मॉस्को में पुतिन के टॉप जनरल पर जानलेवा हमला: घर के बाहर दागी गई कई गोलियां; हालत गंभीर ये भी पढ़ें: ‘मैंने दुनिया के 8 युद्ध खत्म किए’, बोले ट्रंप- अमेरिका के पास अब WWII से 100 गुना ज्यादा घातक हथियार The post स्टार वॉर्स जैसा ‘स्पेस एयरक्राफ्ट कैरियर’: चीन का नया पैंतरा या सिर्फ एक सपना? appeared first on Naya Vichar.

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रांची सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस अलर्ट

रांची से प्रणब और अजय दयाल की रिपोर्ट Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची स्थित सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से शुक्रवार को हड़कंप मच गया. यह धमकी सिविल कोर्ट के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजी गई. मेल मिलते ही कोर्ट प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद रांची पुलिस तुरंत हरकत में आ गईं. कोर्ट परिसर बना पुलिस छावनी धमकी की सूचना मिलते ही रांची पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया. सिविल कोर्ट परिसर को पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया. कोर्ट के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए. बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को भी मौके पर बुलाया गया. सघन तलाशी अभियान जारी पुलिस ने कोर्ट परिसर के अंदर और आसपास सघन तलाशी अभियान शुरू किया. कोर्ट की इमारत, पार्किंग, रिकॉर्ड रूम और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से जांच की गई. एहतियातन कुछ समय के लिए कोर्ट परिसर में आम लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगाई गई. बिहार और दिल्ली एनसीआर से कनेक्शन प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह धमकी उसी ई-मेल आईडी से भेजी गई है, जिससे पहले बिहार के कई अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. इसके अलावा, दिल्ली एनसीआर क्षेत्र की कुछ अदालतों को भी हाल के दिनों में इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं. इस वजह से पुलिस इसे अंतरराज्यीय साजिश के तौर पर भी देख रही है. साइबर सेल जांच में जुटी ई-मेल के सोर्स और आईपी एड्रेस का पता लगाने के लिए साइबर सेल को जांच में लगाया गया है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी वास्तविक है या अफवाह फैलाने की साजिश. पुलिस फिलहाल किसी भी तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं हैं. इसे भी पढ़ें: जुड़वां बच्चों ने अफसरों को उलझाया, आरती फेल तो भुगलू-आमरीन पास प्रशासन ने लोगों से की अपील प्रशासन ने आम लोगों और कोर्ट आने वाले अधिवक्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की है. साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है. इसे भी पढ़ें: चतरा डीएसपी समेत टंडवा और लावालौंग थाना प्रभारी हाईकोर्ट तलब, मोबाइल जब्त The post रांची सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के लिए ₹1.27 लाख करोड़ का बजट पेश किया

Jammu & Kashmir Budget 2026: शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर की नेतृत्व और आर्थिक दिशा में एक बड़ा अध्याय जुड़ गया. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वित्त मंत्री के तौर पर विधानसभा में 1.27 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया. यह बजट सिर्फ कागजों पर लिखी संख्या नहीं है, बल्कि अगले एक साल के लिए जम्मू-कश्मीर की तरक्की का खाका (Blueprint) है. एक आधुनिक जम्मू-कश्मीर का सपना मुख्यमंत्री ने बड़े ही भरोसे के साथ कहा कि उनकी प्रशासन का लक्ष्य जम्मू-कश्मीर को एक आधुनिक और आर्थिक रूप से मजबूत क्षेत्र बनाना है. उन्होंने जोर दिया कि यह बजट निवेश और नए आइडिया (Innovation) को बढ़ावा देने वाला है. उनके शब्दों में, “यह बजट हमें उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाने वाला एक दिशा-सूचक (Compass) है.” पैसे का गणित: कहां से आएगा और कहां जाएगा? बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की आर्थिक सेहत की एक ईमानदार तस्वीर भी पेश की. अपनी कमाई कम: जम्मू-कश्मीर की अपनी कमाई (टैक्स और अन्य माध्यमों से) बजट की कुल जरूरतों का केवल 25% ही पूरा कर पाती है. सैलरी और पेंशन का बोझ: बजट का एक बड़ा हिस्सा यानी करीब 60%, प्रशासनी कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और पुराने कर्जों को चुकाने में चला जाता है. बचत पर जोर: मुख्यमंत्री ने साफ किया कि प्रशासन अब फालतू खर्चों पर कैंची चला रही है और कर्ज को काबू में रखने के लिए कड़े कदम उठा रही है. केंद्र का सहारा और बुनियादी ढांचा अब्दुल्ला ने मुश्किल वक्त में केंद्र प्रशासन की मदद को भी सराहा. उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर को विशेष सहायता योजनाओं का लाभ मिल रहा है. इस पैसे का इस्तेमाल मुख्य रूप से तीन जगहों पर होगा: बुनियादी ढांचा: नई सड़कें और पुल बनाना. बिजली: पानी से बिजली बनाने वाले प्रोजेक्ट्स (Hydro projects) में तेजी लाना. आपदा प्रबंधन: बाढ़ प्रभावित इलाकों की सुरक्षा के इंतजाम करना. बजट की 3 सबसे बड़ी चुनौतियां राजस्व बढ़ाना: अपनी कमाई को 25% से ऊपर ले जाना एक बड़ा टास्क है. कर्ज प्रबंधन: कर्ज की स्वीकृत सीमा के भीतर रहना. रोजगार और निवेश: प्रशासनी खर्चों के बीच विकास के लिए पैसा बचाना. Also Read: आधा हिंदुस्तान नहीं जानता SIP का 15x15x15 फॉर्मूला, जान जाएगा तो बन जाएगा करोड़ों का मालिक The post मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के लिए ₹1.27 लाख करोड़ का बजट पेश किया appeared first on Naya Vichar.

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ऑनलाइन गेम खेलकर करियर बनाएं, Pariksha Pe Charcha 2026 में PM ने दी सलाह 

Pariksha Pe Charcha 2026: ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का कार्यक्रम शुरू हो चुका है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने देशभर के छात्रों से संवाद किया और उन्हें एग्जाम स्ट्रेस और पढ़ने को लेकर टिप्स दिए. इसी के साथ गेमिंग और स्किल्स को लेकर भी बहुत कुछ बोला. गेमिंग में करियर है: पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि सिर्फ इसलिए समय बर्बाद न करें क्योंकि हिंदुस्तान में इंटरनेट सस्ता है. मैंने सट्टेबाजी के खिलाफ कानून बनाया है. हम देश में ऐसा नहीं होने देंगे लेकिन गेमिंग एक स्किल है. इसमें स्पीड भी शामिल होती है इसलिए यह विकास के लिए अच्छा है लेकिन बेहतर क्वालिटी की गेमिंग चुनकर अपनी एक्सपर्टीज खोजने की कोशिश करनी चाहिए. #WATCH प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें संस्करण के दौरान छात्रों से बातचीत की। उन्होंने कहा, “…सिर्फ इसलिए समय बर्बाद न करें क्योंकि हिंदुस्तान में इंटरनेट सस्ता है। मैंने सट्टेबाजी के खिलाफ कानून बनाया है। हम देश में ऐसा नहीं होने देंगे लेकिन गेमिंग एक स्किल… pic.twitter.com/ljiwLgkWx6 — ANI_HindiNews (@AHindinews) February 6, 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी कि 6 फरवरी 2026 से परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम की शुरुआत की. उन्होंने स्टूडेंट्स को स्ट्रेस कम करने, अपना एग्जाम पैटर्न खुद चुनने और स्किल्स पर काम करने की सलाह दी. पीएम ने कार्यक्रम की शुरुआत में सभी स्टूडेंट्स को गमछा भेंट करके स्वागत किया. कहां देखें Pariksha Pe Charcha 2026 का कार्यक्रम? दूरदर्शन के सभी प्रमुख चैनलों पर प्रधानमंत्री के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर और कई ऑनलाइन स्ट्रीमिंग माध्यमों पर लाइव देखा जा सकेगा यह भी पढ़ें- बच्चों के साथ मोमेंट को PM ने बनाया खास, असम के ट्रेडिशनल गमछे से किया स्वागत The post ऑनलाइन गेम स्पोर्ट्सकर करियर बनाएं, Pariksha Pe Charcha 2026 में PM ने दी सलाह  appeared first on Naya Vichar.

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महाशिवरात्रि पर बेलपत्र, धतूरा और भांग क्यों चढ़ाए जाते हैं? जानें धार्मिक कारण

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का उत्सव है. इस दिन भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए पूजा-पाठ, व्रत, दान और मंत्रोच्चारण करते हैं. साथ ही तरह-तरह की चीजें अर्पित करते हैं. महादेव को इस दिन अर्पित की जाने वाली वस्तुओं में बेलपत्र, धतूरा और भांग को सबसे खास माना जाता है. 1. बेलपत्र भगवान शिव की पूजा में तीन पत्तियों वाला बेलपत्र अर्पित किया जाता है. कहा जाता है कि बेलपत्र की तीन पत्तियां भगवान शंकर के तीन नेत्रों का प्रतीक हैं. साथ ही इसे त्रिदेव- ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक भी माना जाता है. मान्यता है कि बेलपत्र चढ़ाने से तीन जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं. बेलपत्र के अर्पण से जुड़ी एक पौराणिक कथा भी बहुत प्रचलित है. कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के समय जब भगवान शिव ने विषपान किया था, तो उनके शरीर का तापमान बढ़ने लगा था. बेलपत्र में शीतलता के गुण होते हैं, इसलिए उस समय उनके शरीर की गर्मी कम करने के लिए उन्हें बेलपत्र अर्पित किया गया था. 2. धतूरा धतूरा एक विषैला फल है, जिसे कोई नहीं खाता और न ही इसे आमतौर पर किसी अन्य देवता को चढ़ाया जाता है. लेकिन भगवान शिव धतूरे के फल और फूल दोनों को प्रसन्नता से स्वीकार करते हैं. धतूरा अर्पित करना इस बात का प्रतीक माना जाता है कि हम अपने भीतर की कटुता, अहंकार, ईर्ष्या और नफरत जैसी ‘जहरीली’ भावनाओं को भगवान शिव के चरणों में समर्पित कर रहे हैं. 3. भांग भांग को भगवान शिव के प्रसाद के रूप में देखा जाता है, हालांकि इसके पीछे मुख्य उद्देश्य औषधीय और ध्यान से जुड़ा माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान निकला विष जब भगवान शिव ने ग्रहण किया, तो उनका शरीर तपने लगा था. तब भांग और अन्य जड़ी-बूटियां उन्हें दी गईं, ताकि उनका मस्तिष्क शांत रहे. यह भी पढ़ें: महाशिवरात्रि पर कहां लगते हैं सबसे बड़े मेले? देखें शिव भक्ति के प्रसिद्ध स्थल Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. The post महाशिवरात्रि पर बेलपत्र, धतूरा और भांग क्यों चढ़ाए जाते हैं? जानें धार्मिक कारण appeared first on Naya Vichar.

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55-इंच Smart TV अब सस्ते दामों में, देखें टॉप बजट ऑप्शन

अगर आप घर पर थिएटर जैसा अनुभव चाहते हैं लेकिन जेब पर भारी खर्च नहीं करना चाहते, तो अब 55-इंच स्मार्ट टीवी बेहद किफायती दामों में उपलब्ध हैं. मार्केट में कई ऐसे ब्रांड्स हैं जो कम कीमत में बड़ी स्क्रीन और स्मार्ट फीचर्स ऑफर कर रहे हैं. iFFALCON: सबसे सस्ता विकल्प TCL के सब-ब्रांड iFFALCON ने 55-इंच स्मार्ट टीवी की शुरुआत मात्र 23,499 रुपये से की है. यह टीवी बजट सेगमेंट में सबसे किफायती विकल्प माना जा रहा है. Coocaa Y74 Plus और VW NanoSync Coocaa Y74 Plus का 55-इंच मॉडल 23,999 रुपये में उपलब्ध है. वहीं VW NanoSync सीरीज का 55-इंच टीवी 24,999 रुपये में लिस्टेड है. दोनों ही टीवी बड़ी स्क्रीन के साथ स्मार्ट फीचर्स का अनुभव देते हैं. Thomson QLED TV थॉमसन का QLED टीवी इस रेंज में खास है. इसका 55-इंच वेरिएंट 25,499 रुपये में मिलता है. इसमें 48W का दमदार साउंड और JioTeleOS दिया गया है, जो इसे बाकी बजट टीवी से अलग बनाता है. Realme TechLife SmartTV रियलमी का TechLife स्मार्ट टीवी भी 55-इंच डिस्प्ले के साथ आता है. इसकी कीमत 26,999 रुपये है. यह टीवी उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प है जो भरोसेमंद ब्रांड और स्टाइलिश डिजाइन चाहते हैं. खरीदने से पहले ध्यान रखें हालांकि ये सभी टीवी बड़ी स्क्रीन और स्मार्ट फीचर्स कम कीमत में ऑफर करते हैं, लेकिन खरीदने से पहले सर्विस नेटवर्क और यूजर रिव्यू जरूर देख लें. इससे आपको सही प्रोडक्ट चुनने में मदद मिलेगी. यह भी पढ़ें: 4के स्मार्ट टीवी पर धाकड़ ऑफर: 43-इंच मॉडल ₹13,499 से शुरू The post 55-इंच Smart TV अब सस्ते दामों में, देखें टॉप बजट ऑप्शन appeared first on Naya Vichar.

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18 साल से पति-पत्नी के हाथ में सत्ता, सरायकेला में बनते रहे पार्षद

सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश और प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट Saraikela Civic Polls: झारखंड के सरायकेला नगर पंचायत का वार्ड संख्या छह एक बार फिर चर्चा में है. वजह यह है कि पिछले 18 वर्षों से इस वार्ड की सत्ता पति-पत्नी के बीच ही घूमती रही है. कभी पति पार्षद बने, तो कभी पत्नी. आरक्षण बदला, रोस्टर बदला, लेकिन सत्ता का केंद्र नहीं बदला. 2008 से शुरू हुआ सत्ता का सिलसिला झारखंड गठन के बाद वर्ष 2008 में पहली बार नगर पंचायत चुनाव हुआ. उस समय वर्तमान वार्ड नंबर छह, तब वार्ड सात था. इस चुनाव में सपन कामिला ने नामांकन दाखिल किया और जीत दर्ज की. यहीं से इस वार्ड में कामिला परिवार के नेतृत्वक वर्चस्व की नींव पड़ी. स्थानीय नेतृत्व में सपन कामिला की पकड़ मजबूत होती चली गई. 2013 में पत्नी को बनाया प्रत्याशी वर्ष 2013 के निकाय चुनाव में वार्ड का आरक्षण बदल गया और सीट स्त्रीओं के लिए आरक्षित हो गई. ऐसे में सपन कामिला ने रणनीति बदली और अपनी पत्नी बबीता कामिला को चुनावी मैदान में उतारा. बबीता कामिला ने चुनाव जीतकर यह साफ कर दिया कि वार्ड की सत्ता परिवार के हाथ से निकलने वाली नहीं है. इस जीत के बाद पति-पत्नी की नेतृत्वक जोड़ी और मजबूत हो गई. 2018 में फिर लौटे सपन कामिला 2018 के नगर पंचायत चुनाव में रोस्टर के आधार पर वार्ड से स्त्री आरक्षण हटा दिया गया. मौका मिलते ही सपन कामिला ने एक बार फिर दावेदारी ठोकी. चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की और पार्षद बनकर दोबारा सत्ता की चाबी अपने हाथ में ले ली. इस चुनाव के बाद यह चर्चा आम हो गई कि वार्ड छह में मुकाबला असल में उम्मीदवारों के बीच नहीं, बल्कि एक ही परिवार के भीतर होता है. 2026 में निर्विरोध जीत की स्थिति वर्ष 2026 में हो रहे नगर निकाय चुनाव में वार्ड छह एक बार फिर स्त्रीओं के लिए आरक्षित है. इस बार भी बबीता कामिला ने नामांकन दाखिल किया. खास बात यह है कि वार्ड छह से सिर्फ एक ही प्रत्याशी ने नामांकन किया है. ऐसे में बबीता कामिला की जीत लगभग तय मानी जा रही है. अब केवल औपचारिक घोषणा बाकी है. वार्ड में क्या कहते हैं लोग स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबे समय से एक ही परिवार के सत्ता में बने रहने से वार्ड में विकास के साथ-साथ सवाल भी उठते रहे हैं. कुछ लोग इसे अनुभव और पकड़ का नतीजा मानते हैं, तो कुछ इसे लोकतंत्र में विकल्पों की कमी से जोड़कर देखते हैं. इसे भी पढ़ें: रांची की जनरल सीटों पर स्त्रीओं का दबदबा, पुरुषों को चटाईं धूल सत्ता की चाबी अब भी परिवार के पास 18 वर्षों में चार चुनाव और हर बार सत्ता कामिला परिवार के पास ही रही. सरायकेला नगर पंचायत का वार्ड छह इस मायने में अलग है, जहां आरक्षण बदला, चेहरे बदले, लेकिन सत्ता की चाबी हमेशा पति-पत्नी के हाथ में ही रही. इसे भी पढ़ें: जुड़वां बच्चों ने अफसरों को उलझाया, आरती फेल तो भुगलू-आमरीन पास The post 18 साल से पति-पत्नी के हाथ में सत्ता, सरायकेला में बनते रहे पार्षद appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के लाल का धमाल, वैभव ने वर्ल्ड कप फाइनल में खेली 175 रन की पारी

Highlights वैभव के बल्ले से निकली आग कप्तान म्हात्रे ने भी दिया करारा जवाब टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला रहा सही Vaibhav Suryavanshi Century: अंडर 19 वर्ल्ड कप 2026 (U19 World Cup 2026) के फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया का जलवा पूरी दुनिया देख रही है. हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच स्पोर्ट्से जा रहे इस खिताबी मुकाबले में युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने मैदान पर आते ही कोहराम मचा दिया. उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर रन बनाते हुए एक शानदार शतक लगा दिया. वैभव ने 80 गेंदों पर 175 रन की पारी स्पोर्ट्सी. समाचार लिखे जानें तक टीम इंडिया का स्कोर 251 रन तीन विकेट के नुकसान पर है. वैभव के बल्ले से निकली आग वैभव सूर्यवंशी ने क्रीज पर आते ही अपने इरादे साफ कर दिए थे. उन्होंने महज 55 गेंदों का सामना करते हुए अपना शतक पूरा कर लिया. इसके बाद उन्होने अगले 16 बॉल में और पचास रन जोड़ दिए. वहीं वैभव ने 80 बॉल पर 175 रन की पारी स्पोर्ट्सी. इस पारी के दौरान उनके बल्ले से 15 चौके और 15 छक्के निकले. कप्तान म्हात्रे ने भी दिया करारा जवाब सिर्फ वैभव ही नहीं, बल्कि टीम इंडिया के कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई. उन्होंने फाइनल जैसे बड़े मैच में कप्तानी पारी स्पोर्ट्सी और अपना अर्धशतक पूरा किया. म्हात्रे ने 51 गेंदों में 53 रन बनाए, जिसमें उन्होंने 7 चौके और 2 छक्के लगाकर सूझबूझ और आक्रामकता का बेहतरीन तालमेल दिखाया. उन्होंने टीम को एक ठोस शुरुआत देने का काम कर दिया है. टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला रहा सही मैच शुरू होने से पहले टॉस का रोल बहुत अहम था. हिंदुस्तानीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीता और बिना किसी झिझक के पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. उनका मानना था कि पिच काफी सख्त और अच्छी है, जिसका फायदा बल्लेबाजों को मिलेगा. कप्तान का यह फैसला अब तक बिल्कुल सही साबित हुआ है. उनका गेमप्लान बहुत साफ था- बोर्ड पर एक बड़ा स्कोर खड़ा करना और इंग्लैंड की टीम को दबाव में लाना. हिंदुस्तानीय टीम बिना किसी बदलाव के उसी विनिंग कॉम्बिनेशन के साथ मैदान में उतरी है, जिसने पिछले मैचों में जीत दिलाई थी. ये भी पढ़ें- फाइनल में हिंदुस्तान ने जीता टॉस,इंग्लैंड की पहले गेंदबाजी, ऐसी है दोनों टीम की प्लेइंग इलेवन हिंदुस्तान-पाक मैच पर मचा बवाल, इरफान बोले- पाकिस्तान प्रशासन लेगी यू-टर्न, मैदान पर फिर हारेगी The post बिहार के लाल का धमाल, वैभव ने वर्ल्ड कप फाइनल में स्पोर्ट्सी 175 रन की पारी appeared first on Naya Vichar.

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