Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बेंगलुरु में बारिश ने मचायी तबाही, 10 लोगों की मौत

Heavy Rain: बेंगलुरु में लगभग एक घंटे तक अचानक और तेज बारिश हुई, जिससे पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए. निचले इलाकों में पानी भर गया. कई सड़कें जलमग्न होने के कारण आवागमन ठप हो गया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ. मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तब बारिश की संभावना है. अस्पताल की दीवार गिरने से सात लोगों की मौत मूसलाधार बारिश के दौरान बॉरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल की एक दीवार गिरने से सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें छह साल की एक बच्ची भी शामिल है. एक अन्य घटना में 35 वर्षीय रघु की बैनरघट्टा रोड स्थित वेगा सिटी मॉल के पास करंट लगने से मौत हो गई. पुलिस ने बताया एक अन्य घटना में छात्र सैयद सुफियान की बिजली के तार के संपर्क में आने से मौत हो गई. चामराजपेट में भी एक हादसे में मंजुनाथ नामक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जब तूफान के दौरान घर की छत का एक हिस्सा अचानक ढह गया. बेंगलुरु में कम से कम 87 पेड़ उखड़ गए नगर निकाय के अनुसार, बेंगलुरु में कम से कम 87 पेड़ उखड़ गए और 131 शाखाएं टूट गईं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ. इनमें से 60 पेड़ और 98 शाखाएं हटा दी गई हैं, जबकि मरम्मत का काम जारी है. सड़क किनारे खड़ी कई कारें और दोपहिया वाहन गिरे हुए पेड़ों के नीचे दब गए. The post बेंगलुरु में बारिश ने मचायी तबाही, 10 लोगों की मौत appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार में खत्म हुई सीओ की हड़ताल, 4 मई से काम पर लौटेंगे अफसर, जमीन के काम होंगे शुरू

Bihar CO RO Strike End: सीओ और राजस्व पदाधिकारियों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है. बिहार में 55 दिनों से जारी सामूहिक अवकाश के बाद अब सीओ, आरओ समेत सभी हड़ताली अधिकारी फिर से काम पर लौटेंगे. सम्राट चौधरी प्रशासन के साथ बातचीत में सहमति बनने के बाद बिहार संयुक्त राजस्व सेवा महासंघ ने हड़ताल समाप्त करने का ऐलान कर दिया है. महासंघ की ओर से जारी सूचना के मुताबिक 4 मई से सभी अधिकारी अपने पद पर योगदान देंगे. इस फैसले से पूरे बिहार में जमीन से जुड़े रुके हुए हजारों काम फिर से शुरू हो सकेंगे और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. प्रशासन की चेतावनी के बावजूद भी मांग पर अड़े रहे कर्मी राज्य के अंचलाधिकारी अपनी कई मांगों को लेकर 9 मार्च से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले गए थे. इस दौरान जमीन दाखिल-खारिज, निबंधन, प्रमाण पत्र, दाखिला, म्यूटेशन और कई जरूरी राजस्व कार्य बुरी तरह प्रभावित रहे. प्रशासन ने कई बार हड़ताल खत्म करने की अपील की थी. पहले विभागीय स्तर पर सख्ती भी दिखाई गई. वेतन रोकने, निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई. कुछ अधिकारी काम पर लौटे, लेकिन बड़ी संख्या में पदाधिकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे. 4 मई से काम पर लौटेंगे अफसर कैसे खत्म हुआ आंदोलन हड़ताल का असर सिर्फ जमीन संबंधी कामों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जनगणना 2027 की प्रक्रिया पर भी दबाव बढ़ने लगा था. बिहार में जनगणना के पहले चरण के तहत स्व-गणना चल रही है, जबकि 2 मई से घर-घर गणना का काम शुरू होना है. ऐसे में राजस्व विभाग की भूमिका बेहद अहम थी. प्रशासन पर बढ़ते दबाव के बीच आखिरकार रास्ता निकला और समझौते के बाद आंदोलन खत्म हुआ. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें हटाए गए सीके अनिल हड़ताल खत्म होने से पहले प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल को पद से हटा दिया था. उनकी जगह जय सिंह को नई जिम्मेदारी दी गई. इसे भी हड़ताल खत्म कराने की रणनीति के तौर पर देखा गया. अब 4 मई से अधिकारियों की वापसी के साथ अंचल कार्यालयों में कामकाज सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई है. इसे भी पढ़ें: बीजेपी MLC कैंडिडेट अरविंद शर्मा ने भरा नामांकन, सीएम सम्राट चौधरी समेत कई एनडीए नेता रहे मौजूद The post बिहार में खत्म हुई सीओ की हड़ताल, 4 मई से काम पर लौटेंगे अफसर, जमीन के काम होंगे शुरू appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बंगाल समेत 5 राज्यों में काउंटिंग की हाई-टेक व्यवस्था, लागू हुआ QR कोड वाला सुरक्षा कवच

खास बातें थ्री-लेयर सुरक्षा, बिना स्कैनिंग नहीं मिलेगी एंट्री किसको मिलेगा डिजिटल सुरक्षा कार्ड? ECI QR Code Identity Card: मीडिया के लिए खास व्यवस्था पारदर्शिता के लिए 30 से ज्यादा नयी पहल काउंटिंग को फूलप्रूफ बनाने में जुटा आयोग ECI QR Code Identity Card: पश्चिम बंगाल सहित 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों (4 मई) से पहले हिंदुस्तान निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतगणना केंद्रों की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है. आयोग ने अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को पूरी तरह रोकने के लिए ‘QR कोड’ आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली शुरू की है. यह नयी व्यवस्था 4 मई 2026 को पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने वाली मतगणना के साथ ही लागू हो जायेगी. थ्री-लेयर सुरक्षा, बिना स्कैनिंग नहीं मिलेगी एंट्री पहला और दूसरा स्तर : यहां रिटर्निंग ऑफिसर (RO) की ओर से जारी फोटो आईडी कार्ड की मैन्युअल जांच की जायेगी. तीसरा और इंटरनल लेयर : काउंटिंग हॉल के ठीक पास वाले इस सबसे संवेदनशील घेरे में प्रवेश तभी मिलेगा, जब वहां तैनात अधिकारी आपके आईडी कार्ड पर लगे ‘QR कोड’ को सफलतापूर्वक स्कैन कर लेंगे. किसको मिलेगा डिजिटल सुरक्षा कार्ड? यह QR कोड आधारित आईडी कार्ड केवल उन्हीं लोगों को जारी किया जायेगा, जिन्हें आयोग ने मतगणना केंद्र में प्रवेश के लिए अधिकृत किया है. इसमें रिटर्निंग ऑफिसर (RO) और सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (ARO), काउंटिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारी शामिल हैं. चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार, उनके चुनावी एजेंट और काउंटिंग एजेंट को भी यह QR कोड उपलब्ध कराया जायेगा. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ECI QR Code Identity Card: मीडिया के लिए खास व्यवस्था चुनाव आयोग ने मतगणना की पल-पल की जानकारी जनता तक पहुंचाने वाले मीडियाकर्मियों के लिए भी निर्देश जारी किये हैं. हर काउंटिंग सेंटर पर हॉल के पास ही एक अत्याधुनिक मीडिया सेंटर बनाया जायेगा, जिसमें सभी सुविधाएं होंगी. मीडियाकर्मियों को आयोग से जारी ‘अथॉरिटी लेटर’ के आधार पर ही प्रवेश दिया जायेगा. इसे भी पढ़ें : बंगाल ने तोड़ दिये वोटिंग के सारे रिकॉर्ड, दूसरे चरण में 91.66 फीसदी मतदान, स्त्रीओं ने फिर गाड़े झंडे पारदर्शिता के लिए 30 से ज्यादा नयी पहल यह नयी डिजिटल पहल निर्वाचन आयोग द्वारा पिछले एक साल में शुरू की गयी 30 से अधिक उन सुधारवादी पहलों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है. आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती की जाये, ताकि सुरक्षा और दक्षता के उच्चतम मानकों को बरकरार रखा जा सके. ECI-Introduces-QR-Based-ID-System-to-Strengthen-Security-at-Counting-CentresDownload इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव के Exit Poll पर कितना करें भरोसा? 2021 में दिग्गज एजेंसियां हो गयी थी फेल, जानें 2011 और 2016 में किसका गणित था सबसे सटीक काउंटिंग को फूलप्रूफ बनाने में जुटा आयोग बंगाल में इस बार रिकॉर्डतोड़ मतदान हुआ है. ऐसे में मतगणना के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश को खत्म करने के लिए आयोग ने यह ‘QR कोड’ वाला ब्रह्मास्त्र निकाला है. बंगाल चुनाव के इतिहास में इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया पहली बार बिना रक्तपात के चुनाव संपन्न कराने में सफल रहा है. अब काउंटिंग को फूलप्रूफ बनाने में आयोग जुट गया है. इसे भी पढ़ें बंगाल में टूट जायेगा पहले चरण का 93 प्रतिशत वाला रिकॉर्ड? CEO मनोज अग्रवाल ने बताया पूरा हाल बंगाल चुनाव 2026: दक्षिण बंगाल की 142 सीटों पर महामुकाबला, भवानीपुर में ममता-शुभेंदु की प्रतिष्ठा दांव पर बंगाल चुनाव में अब तक 532.88 करोड़ की जब्ती, बम-बारूद भी बरामद, पढ़ें पूरी रिपोर्ट बंगाल चुनाव में ‘सिंघम’ और ‘पुष्पा’ की एंट्री : अजय पाल शर्मा पर भड़के TMC के जहांगीर खान, बोले- झुकेगा नहीं… The post बंगाल समेत 5 राज्यों में काउंटिंग की हाई-टेक व्यवस्था, लागू हुआ QR कोड वाला सुरक्षा कवच appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जमशेदपुर की शांभवी तिवारी बनीं कंट्री टॉपर, 12वीं में 100% मार्क्स

CISCE ISC 12th Topper 2026: सीआईएससीई 12वीं का रिजल्ट जारी हो गया है. इस साल जमशेदपुर की रहने वाली शांभवी तिवारी ने टॉप किया है. शांभवी को 100% मार्क्स मिले हैं. शांभवी तिवारी की मार्कशीट सच में देखने लायक है. इंग्लिश में 100, हिंदी में 99 और फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी तीनों में पूरे 100 नंबर. मतलब लगभग हर सब्जेक्ट में परफेक्ट स्कोर. CISCE ISC 12th Topper 2026: घर में मिला पढ़ाई का माहौल शांभवी की सक्सेस के पीछे उनके परिवार का बड़ा हाथ है. उनकी मां निभा सिन्हा एक स्कूल में केमिस्ट्री की टीचर हैं, तो पढ़ाई का माहौल तो घर से ही मिल गया. वहीं उनके पिता राकेश रमन आकाशवाणी जमशेदपुर में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव हैं. घर में डिसिप्लिन और पढ़ाई का माहौल होने से शांभवी को शुरुआत से ही सही दिशा मिली. ISC 12th Topper Marksheet: देखें शांभवी की मार्कशीट शांभवी तिवारी को 500 में से 499 मार्क्स मिले हैं. शांभवी साइंस स्ट्रीम की स्टूडेंट हैं. उन्हें फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी तीनों में पूरे 100 नंबर मिले हैं. वहीं, हिंदी में उनको 99 अंक प्राप्त हुए हैं. जबकि, इंग्लिश में भी 100 में से 100 मार्क्स हैं. शांभवी तिवारी सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की स्टूडेंट हैं. उनकी इस सफलता से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा जमशेदपुर गर्व महसूस कर रहा है. उनके पिता राकेश रमन ने बताया कि शांभवी नीट की तैयारी कर रही हैं. उनका सपना डॉक्टर बनने का है. परफेक्ट टॉइम टेबल किया फॉलो शांभवी ने सिर्फ पढ़ाई नहीं की, बल्कि स्मार्ट तरीके से पढ़ाई की. हर सब्जेक्ट को अच्छे से समझा, बार-बार रिवीजन किया और टाइम टेबल फॉलो किया. एग्जाम के समय घबराहट नहीं, बल्कि पूरा कॉन्फिडेंस दिखा. यही कारण है कि उन्होंने हर पेपर में शानदार परफॉर्म किया और पूरे 100% नंबर हासिल कर लिए. यह भी पढ़ें: ICSE और ISC का रिजल्ट हुआ जारी, यहां देखें अपना स्कोरकार्ड The post जमशेदपुर की शांभवी तिवारी बनीं कंट्री टॉपर, 12वीं में 100% मार्क्स appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रियान पराग को वेपिंग करना पड़ा भारी, बीसीसीआई ने लगाया जुर्माना, एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला

Riyan Parag Fine: बीसीसीआई ने पराग पर मैच फीस का 25% जुर्माना लगाया है. साथ ही उन्हें एक डिमेरिट पॉइंट भी दिया गया है. IPL 2026 के 40वें मुकाबले में रियान पराग वेप (ई-सिगरेट) करते कैमरे में कैद हुए थे. जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग हो रही थी. Riyan Parag, Captain, Rajasthan Royals, has been fined 25% of his match fee and has also accumulated one Demerit Point for breaching Level 1 of the IPL’s Code of Conduct for Players and Team Officials during Match No. 40 of the TATA Indian Premier League (IPL) 2026 against Punjab… pic.twitter.com/DbGgFGGChy — ANI (@ANI) April 30, 2026 रियान को आईपीएल आचार संहिता के अनुच्छेद 2.21 का दोषी पाया गया रियान को IPL की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.21 का उल्लंघन करते हुए पाया गया. जो ऐसे आचरण से संबंधित है जिससे स्पोर्ट्स की बदनामी होती है. यह घटना दूसरी पारी के दौरान हुई, जब रियान को ड्रेसिंग रूम के अंदर वेप (vape) का इस्तेमाल करते हुए देखा गया. रियान ने माफी मांगी रियान ने अपना अपराध स्विकार कर लिया है. साथ ही उन्होंने इसके लिए माफी भी मांग ली है. मंगलवार रात राजस्थान रॉयल्स की पारी के दौरान पराग का वेपिंग करते वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. जिसके बाद उनकी काफी आलोचना हुई. मैच रेफरी अमित शर्मा ने पराग को दोषी पाया मैच रेफरी अमित शर्मा ने रियान पराग को वेपिंग का दोषी पाया. हालांकि मैदानी अंपायर तन्मय श्रीवास्तव और नितिन मेनन ने मैच खत्म होने के तुरंत बाद मैच रेफरी अमित शर्मा को इस मामले की जानकारी नहीं दी थी. जब सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद मैच रेफरी ने मामले पर संज्ञान लिया. वीडियो की जांच की गई, जिसके बाद मैच रेफरी ने पराग को दोषी पाया और जुर्माना लगाया. IPL की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.21 में क्या है ? आईपीएल की आचार संहिता के नियम 2.21 में कहा गया है कि यह नियम उन सभी प्रकार के आचरणों को अपने दायरे में लाने के लिए बनाया गया है जिनसे स्पोर्ट्स की छवि को नुकसान पहुंचता है और जिनका उल्लेख आचार संहिता में कहीं और (विशेष रूप से नियम 2.20 में) स्पष्ट रूप से नहीं किया गया है. हिंदुस्तान में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध, एक साल की सजा है प्रावधान हिंदुस्तान प्रशासन ने 2019 में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगा दिया था जिसके तहत इनका उत्पादन, बिक्री और वितरण पूरी तरह से वर्जित है. कानून के अनुसार पहली बार अपराध करने पर दोषी को एक साल तक की जेल और/या एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. The post रियान पराग को वेपिंग करना पड़ा भारी, बीसीसीआई ने लगाया जुर्माना, एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बीजेपी MLC कैंडिडेट अरविंद शर्मा ने भरा नामांकन, सीएम सम्राट चौधरी समेत कई एनडीए नेता रहे मौजूद

Bihar Politics: आगामी 12 मई को होने वाले बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए बीजेपी उम्मीदवार अरविंद शर्मा (सूर्य कुमार शर्मा) ने विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. यह सीट पूर्व मंत्री मंगल पांडे के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी. नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, पूर्व मंत्री मंगल पांडे समेत एनडीए के कई घटक दलों के नेता मौजूद रहे. इस मौके ने गठबंधन की मजबूत एकजुटता का संदेश दिया. सीएम सम्राट चौधरी के करीबी माने जाते हैं अरविंद शर्मा अरविंद शर्मा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बेहद करीबी माने जाते हैं. उन्हें उनके कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी भी दी गई थी. पार्टी में उनकी छवि एक कुशल, धैर्यवान और लक्ष्य आधारित नेता के रूप में रही है. वे कई वरिष्ठ नेताओं के साथ भी लंबे समय से जुड़े हुए हैं. नेतृत्वक समीकरण और टिकट को लेकर चर्चा सूत्रों के अनुसार इस सीट को लेकर पहले उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश के नाम की चर्चा थी, लेकिन सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद बीजेपी ने रणनीति बदलते हुए अरविंद शर्मा को उम्मीदवार बनाया. विधानसभा में एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण अरविंद शर्मा की जीत लगभग तय मानी जा रही है. यही वजह है कि विपक्ष की ओर से इस चुनाव को लेकर ज्यादा हलचल नहीं दिखाई दे रही है. निर्विरोध निर्वाचन की संभावना मजबूत यदि स्थिति ऐसी ही बनी रहती है तो 12 मई को मतदान की नौबत भी नहीं आएगी और अरविंद शर्मा को निर्विरोध विजेता घोषित किया जा सकता है. इस सीट का कार्यकाल 6 मई 2030 तक रहेगा. नामांकन के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया. पार्टी इसे संगठन की मजबूती और नेतृत्व के भरोसे के रूप में देख रही है. Also Read: तेजप्रताप यादव बोले- कंगना के चक्कर में पड़े हैं चिराग, इस मामले पर एक्ट्रेस पहले भी दे चुकी हैं सफाई The post बीजेपी MLC कैंडिडेट अरविंद शर्मा ने भरा नामांकन, सीएम सम्राट चौधरी समेत कई एनडीए नेता रहे मौजूद appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

तेजप्रताप यादव बोले- कंगना के चक्कर में पड़े हैं चिराग, इस मामले पर एक्ट्रेस पहले भी दे चुकी हैं सफाई

Tej Pratap On Chirag Paswan: तेजप्रताप यादव अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं. इस बार उन्होंने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में चिराग पासवान पर टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि चिराग इन दिनों किसी ‘हीरोइन’ के चक्कर में पड़े हैं. शुरुआत में उन्होंने नाम नहीं लिया, लेकिन काफी पूछने के बाद कंगना रनौत का नाम लिया. उनके इस बयान के बाद नेतृत्वक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. लोग इस बयान को निजी जीवन पर टिप्पणी के रूप में देख रहे हैं. कंगना रनौत पर भी आया बयान तेजप्रताप यादव ने अपने बयान में यह भी कहा कि चिराग पासवान और कंगना रनौत को कई बार साथ देखा गया है. उन्होंने संसद और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी मुलाकातों का भी जिक्र किया. हालांकि यह बात पूरी तरह निजी टिप्पणियों पर आधारित थी, लेकिन इसने नेतृत्वक बहस को जन्म दे दिया है. इस पूरे मामले पर कंगना रनौत ने पहले ही कहा है कि उनके और चिराग पासवान के बीच अच्छे रिश्ते हैं. किसी तरह का रोमांटिक रिश्ता नहीं है. कंगना ने कहा कि चिराग उनके बहुत अच्छे दोस्त हैं और दोनों के बीच सिर्फ दोस्ती है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा कुछ होता, तो लोग बहुत पहले से जान चुके होते. उनका यह बयान काफी चर्चा में रहा. मेरे और चिराग के बीच अच्छी दोस्ती- कंगना चिराग पासवान और कंगना रनौत ने साल 2011 में फिल्म ‘मिले ना मिले हम’ में साथ काम किया था. यह फिल्म भले ही ज्यादा सफल नहीं रही, लेकिन इसी दौरान दोनों की दोस्ती शुरू हुई थी. समय के साथ यह दोस्ती बनी रही. अब दोनों नेतृत्व में एक्टिव हैं और कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों और संसद में एक साथ भी दिखाई देते हैं. Also Read: बिहार पुलिस में 20,937 पदों पर होगी भर्ती, पटना जू से संजय गांधी का नाम हटाया गया, सम्राट कैबिनेट की बैठक में फैसला The post तेजप्रताप यादव बोले- कंगना के चक्कर में पड़े हैं चिराग, इस मामले पर एक्ट्रेस पहले भी दे चुकी हैं सफाई appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

8वें वेतन आयोग ने बढ़ाई डेडलाइन, अब आराम से दर्ज कराएं अपनी मांगें 

8th Pay Commission Deadline Extension: केंद्र प्रशासन के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक जरूरी अपडेट आया है. 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) ने अपनी मांगों और सुझावों को दर्ज कराने की समय सीमा को अब एक महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है. पहले इसकी आखिरी तारीख 30 अप्रैल थी, जिसे अब बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दिया गया है. बुधवार, 29 अप्रैल को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, अब स्टेकहोल्डर्स के पास अपनी बात रखने के लिए पूरा एक महीना और होगा. क्या है आवेदन की नई डेडलाइन? CNBC TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, वेतन आयोग ने अपनी वेबसाइट पर साफ किया है कि अब मेमोरेंडम और रिप्रेजेंटेशन जमा करने की आखिरी तारीख 31 मई (रविवार) होगी. यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि ऑनलाइन पोर्टल पर भारी ट्रैफिक की वजह से कई तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं. कर्मचारियों की ओर से लगातार यह मांग की जा रही थी कि पोर्टल सही से काम नहीं कर रहा, इसलिए समय बढ़ाया जाए. अब इस विस्तार के बाद ज्यादा से ज्यादा लोग और संगठन अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकेंगे.  आवेदन करने का सही तरीका क्या है? आयोग ने सख्त हिदायत दी है कि कोई भी सुझाव केवल आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए ही स्वीकार किया जाएगा. अगर आप सोच रहे हैं कि ईमेल करके या कागज पर लिखकर अपनी बात भेज देंगे, तो वह सीधे खारज कर दी जाएगी. आयोग ने स्पष्ट कहा है कि: कोई भी हार्ड कॉपी (कागज पर लिखित) स्वीकार नहीं होगी. PDF फाइल या ईमेल के जरिए भेजे गए आवेदन मान्य नहीं होंगे.  सिर्फ पोर्टल पर दिए गए लिंक का ही इस्तेमाल करें.  किसको मिलेगा अपनी बात रखने का मौका? इस प्रक्रिया में केवल वर्तमान कर्मचारी ही नहीं, बल्कि एक बड़ा वर्ग शामिल है. इसमें केंद्र प्रशासन के औद्योगिक और गैर-औद्योगिक कर्मचारी, ऑल इंडिया सर्विस के अधिकारी, थल सेना, नौसेना और वायुसेना के जवान, केंद्र शासित प्रदेशों (UT) के कर्मचारी और पेंशनभोगी शामिल हैं. इसके अलावा विभिन्न प्रशासनी संगठन, यूनियन और सर्विस एसोसिएशन भी अपनी सिफारिशें भेज सकते हैं. ध्यान रहे कि हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) के कर्मचारी इस दायरे में नहीं आते.  कब तक आएगी आयोग की फाइनल रिपोर्ट? 8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था. इसका मुख्य काम कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और अन्य सुविधाओं की समीक्षा करना है. आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. फिलहाल दिल्ली में 28 से 30 अप्रैल के बीच अहम बैठकें चल रही हैं. 29 अप्रैल को नेशनल काउंसिल जेसीएम (NCJCM) के साथ हुई चर्चा में कर्मचारियों की वेतन संरचना और सर्विस कंडीशन पर विस्तार से बात की गई है. संभव है कि आयोग जरूरत पड़ने पर बीच में कोई अंतरिम रिपोर्ट भी पेश करें.  ये भी पढ़ें: सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम, कच्चे तेल के बढ़ते दाम ने बिगाड़ा बाजार का हाल  The post 8वें वेतन आयोग ने बढ़ाई डेडलाइन, अब आराम से दर्ज कराएं अपनी मांगें  appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मिडिल ईस्ट से हटेगा US का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर, ईरान के खिलाफ अब क्या है ट्रंप का प्लान?

US Aircraft Carrier Gerald R Ford: ईरान के साथ बातचीत ठप पड़ने के बीच एक अमेरिकी विमानवाहक पोत अपने स्ट्राइक ग्रुप के साथ आने वाले कुछ दिनों में पश्चिम एशिया क्षेत्र से हट सकता है. सीबीएस की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को एक शीर्ष अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड मिडिल ईस्ट छोड़ने वाला है. यह इस क्षेत्र में तैनात अमेरिका के तीन विमानवाहक पोतों में से एक है. अमेरिका-ईरान वार्ता में ठहराव के बीच इस विमानवाहक पोत की वापसी से वहां पिछले 10 महीनों से तैनात करीब 4,500 नौसैनिकों को राहत मिलेगी. वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, क्षेत्र में अन्य दो विमानवाहक पोत यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश और यूएसएस अब्राहम लिंकन हैं. यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड लाल सागर में तैनात है, जबकि यूएसएस लिंकन और यूएसएस बुश अरब सागर में हैं. यहां वे ईरानी बंदरगाहों से तेल या सामान ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाते हुए अमेरिकी नाकाबंदी लागू कर रहे हैं.  हालांकि, फोर्ड की वापसी से इस नाकाबंदी में अमेरिकी ताकत कुछ कम हो सकती है. लेकिन, यह विमानवाहक पोत 309 दिनों से तैनात है, जो किसी भी आधुनिक अमेरिकी पोत के लिए समुद्र में रहने की सबसे लंबी अवधि मानी जा रही है. इतनी लंबी तैनाती के कारण जहाज पर असर भी पड़ा है, जिसमें लॉन्ड्री रूम में आग लगने से कई नौसैनिक घायल हो गए थे और शौचालयों में भी समस्याएं सामने आई थीं.  आम तौर पर विमानवाहक पोतों की तैनाती छह से सात महीने की होती है, ताकि उनके रखरखाव का समय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल सके. वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, जहाज के मई के मध्य तक वर्जीनिया लौटने के बाद इसकी मरम्मत और रखरखाव किया जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को हुई एक संसदीय सुनवाई के दौरान कई सांसदों ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से इस लंबे तैनाती काल को लेकर सवाल किए. इस पर हेगसेथ ने कहा, ‘काफी विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया था और इसमें नौसेना से भी परामर्श किया गया था.  🇺🇸 The USS Gerald R. Ford is leaving the Middle East pic.twitter.com/yZ5MrAQBRk — Commentary: Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) April 30, 2026 अलग प्लान पर काम कर रही अमेरिकी सेना यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने से इनकार कर दिया है और ईरान के खिलाफ संभावित नए सैन्य कदमों पर विचार कर रहे हैं. इससे पहले एक्सियोस की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि सेंटकॉम कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संभावित नए सैन्य अभियानों को लेकर जानकारी देने वाले हैं. अमेरिकी सेना अब ईरान के खिलाफ नए ऑपरेशनों पर विचार कर रही है. संभावित नए सैन्य अभियान इस बात का संकेत देते हैं कि नाजुक संघर्षविराम के बीच अमेरिका ईरान पर अंतिम दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है.  एक्सियोस के मुताबिक, यह ब्रीफिंग सेंटकॉम द्वारा तैयार की गई एक योजना से संबंधित है, जिसमें ईरान पर ‘छोटे लेकिन प्रभावशाली’ हमलों की श्रृंखला शामिल हो सकती है. इन हमलों में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है, ताकि गतिरोध की स्थिति को तोड़ा जा सके. एक अन्य योजना के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण स्थापित कर उसे वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोलने का प्रस्ताव है. इस योजना का तीसरा पहलू ईरान के उच्च स्तर पर समृद्ध यूरेनियम के भंडार को सुरक्षित करने के लिए विशेष बलों का अभियान चलाना है. सूत्रों के अनुसार, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन भी गुरुवार की इस ब्रीफिंग में शामिल हो सकते हैं. ये भी पढ़ें:- अमेरिका ने हिंदुस्तान को लौटाईं 657 प्राचीन विरासत, 1.4 करोड़ डॉलर की वस्तुओं में कई मूर्तियां शामिल ये भी पढ़ें:- उनसे कोहिनूर हीरा लौटाने की अपील करूंगा… किंग चार्ल्स से मुलाकात से पहले बोले न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी होर्मुज ब्लॉकेड से ईरान को झुकाना चाहता है अमेरिका वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सहयोगियों को ईरान के खिलाफ लंबे समय तक नाकाबंदी जारी रखने की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, यह एक जोखिम भरा कदम है, जिसका उद्देश्य तेहरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर झुकने के लिए मजबूर करना है, जिसे वह लंबे समय से अस्वीकार करता रहा है.  ईरान की वित्तीय स्थिति पर दबाव बनाने के लिए ट्रंप ने उसके तेल निर्यात को बाधित करने का रास्ता चुना है. इसके तहत ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों को रोका जा रहा है. ट्रंप का मानना है कि फिर से बमबारी शुरू करना या संघर्ष से पीछे हटना, नाकेबंदी वाली रणनीति की तुलना में अधिक जोखिम भरे हैं. ANI के इनपुट के साथ. The post मिडिल ईस्ट से हटेगा US का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर, ईरान के खिलाफ अब क्या है ट्रंप का प्लान? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Success Hack: जिंदगी में आगे बढ़ना है? स्मार्टफोन की ये सेटिंग जरूर ऑन करें

आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जरूरत भी है और सबसे बड़ा डिस्ट्रैक्शन भी. दिनभर नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया और कॉल्स के बीच कई बार जरूरी कामों पर ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है. अगर आपको भी लगता है कि फोन आपकी प्रोडक्टिविटी कम कर रहा है, तो एंड्रॉयड फोन में मौजूद एक खास सेटिंग आपकी जिंदगी आसान बना सकती है. सिर्फ एक घंटे के लिए इसे ऑन करने से आप बेहतर फोकस के साथ काम कर सकते हैं. Focus Mode क्या है और क्यों जरूरी है एंड्रॉयड स्मार्टफोन में Digital Wellbeing फीचर के तहत Focus Mode दिया जाता है. यह एक ऐसा टूल है जो आपके फोन को कुछ समय के लिए शांत बना देता है. जब यह मोड ऑन होता है, तो आपके द्वारा चुने गए ऐप्स के नोटिफिकेशन पूरी तरह ब्लॉक हो जाते हैं. इससे बार-बार फोन चेक करने की आदत कम होती है और आप अपने काम पर ध्यान लगा पाते हैं. 5 मिनट से 3 घंटे तक सेट करें टाइम Focus Mode की सबसे खास बात इसका टाइम कंट्रोल है. आप इसे कम से कम 5 मिनट और अधिकतम 180 मिनट यानी 3 घंटे तक के लिए सेट कर सकते हैं. जैसे ही टाइमर शुरू होता है, फोन का माहौल शांत हो जाता है. इस दौरान सोशल मीडिया, गेम्स और अन्य ध्यान भटकाने वाले ऐप्स काम नहीं करते. बैकग्राउंड साउंड और Intense Focus फीचर Focus Mode में यूजर्स को बैकग्राउंड साउंड का भी विकल्प मिलता है, जिससे ध्यान लगाने में मदद मिलती है. इसके अलावा Intense Focus नाम का फीचर भी दिया गया है. अगर इसे ऑन कर दिया जाए, तो टाइम पूरा होने से पहले आप इस मोड से बाहर नहीं निकल सकते. यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जिन्हें बार-बार फोन चेक करने की आदत होती है. कैसे करें Focus Mode ऑन Focus Mode चालू करना बहुत आसान है. फोन की Settings में जाएं और Digital Wellbeing and Parental Controls सेक्शन खोलें. वहां आपको Focus Mode का विकल्प मिलेगा. यहां आप उन ऐप्स को चुन सकते हैं जो आपका ध्यान भटकाते हैं. जैसे ही आप मोड ऑन करेंगे, इन ऐप्स के नोटिफिकेशन बंद हो जाएंगे. आप इसे Quick Settings में भी जोड़ सकते हैं, ताकि एक टैप में इसे ऑन या ऑफ किया जा सके. यूजर के लिए क्या है फायदा? Focus Mode सिर्फ एक फीचर नहीं, बल्कि आपकी आदत सुधारने का तरीका है. यह आपको स्क्रीन टाइम कम करने, काम पर ध्यान बढ़ाने और मानसिक शांति पाने में मदद करता है. छोटे-छोटे समय के लिए इसका इस्तेमाल करने से धीरे-धीरे आपकी फोकस करने की क्षमता भी बेहतर होती है. आपकी रूटीन और सक्सेस पर दिखेगा असर अगर आप चाहते हैं कि आपका समय सही कामों में लगे और फोन आपकी प्रोडक्टिविटी को नुकसान न पहुंचाए, तो Focus Mode का इस्तेमाल जरूर करें. यह एक छोटा सा बदलाव है, लेकिन इसका असर आपकी दिनचर्या और सफलता दोनों पर दिख सकता है. यह भी पढ़ें: सालों तक नया जैसा चलेगा आपका फोन, बस अपनाएं ये स्मार्ट ट्रिक्स यह भी पढ़ें: पुराना स्मार्टफोन बना खतरा, हैकर्स ऐसे आपको लगा सकते हैं चूना The post Success Hack: जिंदगी में आगे बढ़ना है? स्मार्टफोन की ये सेटिंग जरूर ऑन करें appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

Recent news

No Posts Found!

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top