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Author name: Vinod Jha

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बंगाल चुनाव पर दुनिया की नजर, विदेशी मीडिया ने पूछा- अमीर होने से पहले ‘बूढ़ा’ हो जायेगा भारत?

खास बातें वैश्विक चिंता का केंद्र बना बंगाल बंगाल का चुनाव और हिंदुस्तान की डेमोग्राफिक चुनौती दुनिया क्यों देख रही है बंगाल की तरफ? बड़ा सवाल : युवा हिंदुस्तान और भविष्य की चिंता Global Media on Bengal Election 2026: बंगाल का जनादेश और वैश्विक संदेश Global Media on Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 बंगाल या हिंदुस्तान तक सीमित नहीं रहा. इसकी गूंज सात समंदर पार तक सुनाई दे रही है. न्यूयॉर्क टाइम्स से लेकर वैश्विक मीडिया के बड़े संस्थानों ने ‘बंगाल के रण’ को हिंदुस्तान के भविष्य के आईने के रूप में देखना शुरू कर दिया है. वैश्विक चिंता का केंद्र बना बंगाल अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों ने एक ऐसा सवाल खड़ा किया है, जिसने नीति-निर्माताओं की नींद उड़ा दी है. सवाल है कि क्या हिंदुस्तान अमीर बनने से पहले ही बूढ़ा (Aging before growing wealthy) हो जायेगा? बंगाल का यह चुनाव इस वैश्विक चिंता का केंद्र क्यों बना है, आइए जानते हैं. बंगाल का चुनाव और हिंदुस्तान की डेमोग्राफिक चुनौती वैश्विक मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बंगाल का चुनाव केवल दो नेतृत्वक दलों (TMC और BJP) की हार-जीत नहीं है. यह इस बात का लिटमस टेस्ट है कि हिंदुस्तान अपने डेमोग्राफिक डिविडेंड (जनसांख्यिकीय लाभांश) का उपयोग कैसे कर रहा है. रोजगार बनाम मुफ्त योजनाएं : विदेशी अखबारों का तर्क है कि बंगाल में जिस तरह कल्याणकारी योजनाओं (Welfare Schemes) और रोजगार के बीच चुनावी जंग छिड़ी है, वह हिंदुस्तान की सबसे बड़ी चुनौती को दर्शाता है. अमीर होने की रेस : विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों ने बूढ़ा होने से पहले खुद को अमीर बना लिया, लेकिन हिंदुस्तान के सामने चुनौती यह है कि यहां की आबादी तेजी से बढ़ तो रही है, पर क्या प्रति व्यक्ति आय उस रफ्तार से बढ़ पायेगी? बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें दुनिया क्यों देख रही है बंगाल की तरफ? बंगाल को ‘हिंदुस्तान का प्रवेश द्वार’ और वैचारिक नेतृत्व का केंद्र माना जाता है. अंतरराष्ट्रीय मीडिया की नजर इन 3 कारणों से बंगाल पर है. लोकतंत्र की मजबूती, आर्थिक मॉडल और औद्योगीकरण का भविष्य. लोकतंत्र की मजबूती : जिस तरह बंगाल में 92 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है, उसने वैश्विक मंच पर हिंदुस्तानीय लोकतंत्र की जीवंतता को साबित किया है. आर्थिक मॉडल : क्या ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी योजनाएं गरीबी दूर करने का स्थायी समाधान हैं या बुनियादी ढांचे में निवेश अधिक जरूरी है? बंगाल का चुनाव इस आर्थिक बहस का वैश्विक अखाड़ा बन गया है. औद्योगीकरण का भविष्य : विदेशी निवेशकों की नजर इस बात पर है कि नयी प्रशासन आने के बाद बंगाल में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और बड़े उद्योगों के लिए क्या माहौल बनेगा. इसे भी पढ़ें : बंगाल में किसकी जीत! बंपर वोटिंग से सट्टा बाजार कन्फ्यूज, बदला जीत का ‘भाव’ बड़ा सवाल : युवा हिंदुस्तान और भविष्य की चिंता रिपोर्ट में बताया गया है कि हिंदुस्तान की औसत आयु अभी कम है, लेकिन समय तेजी से निकल रहा है. अगर अगले दो दशकों में हिंदुस्तान ने अपनी बड़ी आबादी को उच्च उत्पादकता वाले रोजगार से नहीं जोड़ा, तो वह उस संकट में फंस सकता है, जहां समाज में बुजुर्गों की संख्या अधिक होगी और उनके कल्याण के लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधन नहीं होंगे. इसे भी पढ़ें : बंगाल समेत 5 राज्यों में काउंटिंग की हाई-टेक व्यवस्था, लागू हुआ QR कोड वाला सुरक्षा कवच Global Media on Bengal Election 2026: बंगाल का जनादेश और वैश्विक संदेश 4 मई को आने वाले नतीजे न केवल नबान्न का रास्ता तय करेंगे, बल्कि दुनिया को यह संदेश भी देंगे कि हिंदुस्तानीय मतदाता फ्रीबीज (मुफ्त सुविधाओं) को चुनता है या टिकाऊ विकास को. वैश्विक मीडिया मान रहा है कि बंगाल का परिणाम हिंदुस्तान की अगली आर्थिक दिशा का संकेत होगा. इसे भी पढ़ें कटवा में ‘लाल गढ़’ पर दीदी का कब्जा, क्या युवा और किसान बिगाड़ेंगे स्पोर्ट्स? जानें अजय-हुगली के संगम का सियासी मिजाज बंगाल ने तोड़ दिये वोटिंग के सारे रिकॉर्ड, दूसरे चरण में 91.66 फीसदी मतदान, स्त्रीओं ने फिर गाड़े झंडे 8 में से 5 एग्जिट पोल ने कहा- बंगाल में होगा परिवर्तन, जा रही ममता बनर्जी की प्रशासन कालीघाट में शुभेंदु अधिकारी को घेरा, लगे ‘चोर-चोर’ के नारे, भवानीपुर में TMC-BJP कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत के बाद लाठीचार्ज The post बंगाल चुनाव पर दुनिया की नजर, विदेशी मीडिया ने पूछा- अमीर होने से पहले ‘बूढ़ा’ हो जायेगा हिंदुस्तान? appeared first on Naya Vichar.

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ओडिशा कंकाल मामला: बैंक की लापरवाही उजागर, दोषी अधिकारियों पर गिरेगी गाज

Odisha Skeleton Case: प्रशासन की प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि बैंक कर्मचारियों ने आदिवासी व्यक्ति के साथ बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उत्तरी मंडल के राजस्व संभागीय आयुक्त (RDC) को इस पूरी घटना की जांच के निर्देश दिए थे. जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई जांच के सिलसिले में गुरुवार को उत्तरी मंडल के राजस्व संभागीय आयुक्त संग्राम केशरी महापात्रा, क्योंझर जिलाधिकारी विशाल सिंह और अन्य अधिकारी ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा पहुंचे. अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और बैंक कर्मचारियों से पूछताछ की. महापात्रा ने कहा, प्रारंभिक जांच से स्पष्ट है कि बैंक की ओर से बड़ी चूक हुई है. इस अमानवीय घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. जीतू मुंडा को मिली आर्थिक सहायता प्रशासनिक दखल के बाद जीतू मुंडा को उनकी दिवंगत बहन के खाते से 20 हजार रुपये मिल गए. इसके अतिरिक्त, ओडिशा प्रशासन ने उन्हें 30,000 रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की है. बैंक मैनेजर से दो बार मिल चुका था जीतू मुंडा, जांच में कई खुलासे जांच रिपोर्ट के अनुसार, जीतू मुंडा और उनकी बहन पहले भी कई बार बैंक से पैसे निकाल चुके थे. जीतू पूरी तरह अनपढ़ नहीं हैं, लेकिन उन्हें बैंकिंग की जटिल प्रक्रियाओं का ज्ञान नहीं था. सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि वह सुबह 11:26 से 11:58 तक बैंक में थे और इस दौरान उन्होंने दो बार मैनेजर से बात की, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ और वे निराश होकर लौट गए. क्या था मामला? सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक विचलित करने वाले वीडियो में 50 वर्षीय जीतू मुंडा अपनी मृत बहन के कंकाल को कंधे पर रखकर बैंक पहुंचे थे. वे अपनी बहन के खाते से 20,000 रुपये निकालने गए थे. बैंक कर्मियों ने नियम का हवाला देते हुए खाताधारक को उपस्थित करने की शर्त रखी. जीतू ने बार-बार कहा कि उनकी बहन की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन कर्मचारी नहीं माने. अंततः मजबूर होकर जीतू श्मशान पहुंचे, कब्र खोदकर बहन का कंकाल निकाला और 3 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंच गए. बैंक के भीतर कंकाल देखते ही वहां हड़कंप मच गया. The post ओडिशा कंकाल मामला: बैंक की लापरवाही उजागर, दोषी अधिकारियों पर गिरेगी गाज appeared first on Naya Vichar.

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‘अरे यार, ये नहीं’ रणवीर को देखते ही क्यों उतर गया समय रैना का चेहरा? Kapil Show का मजेदार प्रोमो आउट

The Great Indian Kapil Show: मशहूर कॉमेडियन समय रैना और पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया (BeerBiceps) एक साथ टीवी स्क्रीन पर लौट रहे हैं. ये दोनों ‘वर्ल्ड लाफ्टर डे’ के खास मौके पर कपिल शर्मा के नए शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में मेहमान बनकर आएंगे. नेटफ्लिक्स ने इसका एक मजेदार प्रोमो भी शेयर किया है, जिसे देखकर फैंस काफी एक्साइटेड हैं. यहां देखें प्रोमो- View this post on Instagram A post shared by Netflix India (@netflix_in) प्रोमो में क्या दिखा? प्रोमो वीडियो काफी फनी है. इसमें समय रैना कहते दिख रहे हैं कि वह अपने पसंदीदा शो (कपिल शर्मा शो) में आ रहे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि उनके साथ दूसरा गेस्ट कौन है. जैसे ही रणवीर अल्लाहबादिया एंट्री मारते हैं, समय का चेहरा उतर जाता है और वह मजाक में कहते हैं, “अरे यार, ये नहीं!” बता दें कि यह एपिसोड 2 मई को रात 8 बजे नेटफ्लिक्स पर आएगा. इन दोनों के बीच क्या विवाद था? शायद आप भूल गए हों, लेकिन पिछले साल इन दोनों को लेकर काफी बवाल हुआ था. ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ (India’s Got Latent) नाम के एक शो में रणवीर ने कुछ ऐसी बातें कह दी थीं, जिससे बहुत से लोग नाराज हो गए थे. मामला इतना बढ़ गया था कि पुलिस केस (FIR) तक हो गया था. समय रैना को अपने शो के वीडियो यूट्यूब से हटाने पड़े थे और रणवीर को अपना काम कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा था. कंट्रोवर्सी के बाद पहला कोलैबोरेशन विवादों के बाद ये दोनों पहली बार किसी बड़े शो पर साथ नजर आने वाले हैं हालांकि समय रैना ने अपने एक जोक में मजाक-मजाक में कहा था कि रणवीर की वजह से उन्हें बहुत टेंशन हुई थी, लेकिन अब दोनों फिर से साथ काम करने को तैयार हैं. तो बस, तैयार हो जाइए इस हफ्ते नेटफ्लिक्स पर हंसी के डबल डोज के लिए. यह भी पढ़ें: दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: Karisma Kapoor के बच्चों को राहत, प्रिया सचदेव नहीं बेच पाएंगी 30,000 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी The post ‘अरे यार, ये नहीं’ रणवीर को देखते ही क्यों उतर गया समय रैना का चेहरा? Kapil Show का मजेदार प्रोमो आउट appeared first on Naya Vichar.

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डायमंड हार्बर या बंगाल का ‘ल्यारी’? अभिषेक बनर्जी के गढ़ का क्या है पाकिस्तान कनेक्शन?

खास बातें बंगाल चुनाव के विमर्श में कैसे आया ‘ल्यारी’ क्या है ‘ल्यारी’ कनेक्शन? क्यों हो रही तुलना? विपक्ष के लिए नो-एंट्री, डराने-धमकाने की नेतृत्व अजय पाल शर्मा और ‘सिंघम’ फैक्टर तृणमूल कांग्रेस ने किया पलटवार Lyari of Bengal: क्यों अहम है डायमंड हार्बर की जंग? वोटिंग के दिन दिखा तनाव Lyari of Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के अंतिम चरण के मतदान के बीच डायमंड हार्बर एक बार फिर विवादों के केंद्र में है. हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के इस निर्वाचन क्षेत्र को ‘बंगाल का ल्यारी’ (Lyari of Bengal) करार दिया है. बंगाल चुनाव के विमर्श में कैसे आया ‘ल्यारी’ मुख्य विपक्षी दल भाजपा के इस तीखे हमले ने बंगाल की नेतृत्व में भूचाल ला दिया है. लेकिन सवाल है कि आखिर पाकिस्तान के कराची का एक इलाका ‘ल्यारी’ बंगाल के चुनावी विमर्श में कैसे आ गया और भाजपा इसके जरिये क्या संदेश देना चाहती है? क्या है ‘ल्यारी’ कनेक्शन? क्यों हो रही तुलना? ‘ल्यारी’ पाकिस्तान के कराची का वह इलाका है, जो अपनी संगठित हिंसा, गैंगवार और समानांतर प्रशासन के लिए दुनिया भर में बदनाम है. भाजपा का आरोप है कि डायमंड हार्बर में भी कुछ वैसा ही माहौल है. भाजपा का दावा है कि डायमंड हार्बर में पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था नहीं, बल्कि ‘अभिषेक बनर्जी का अपना कानून’ चलता है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें विपक्ष के लिए नो-एंट्री, डराने-धमकाने की नेतृत्व भाजपा का आरोप है कि जिस तरह ल्यारी में बाहरी दखल मुमकिन नहीं था, उसी तरह डायमंड हार्बर में विपक्षी उम्मीदवारों को डराया जाता है. उनके एजेंटों को बूथों से बाहर निकाल दिया जाता है. भाजपा का यह भी कहना है कि यहां ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ के नाम पर डराने-धमकाने की नेतृत्व को संस्थागत रूप दे दिया गया है. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव में ‘सिंघम’ और ‘पुष्पा’ की एंट्री : अजय पाल शर्मा पर भड़के TMC के जहांगीर खान, बोले- झुकेगा नहीं… अजय पाल शर्मा और ‘सिंघम’ फैक्टर इस तुलना के बीच आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा की तैनाती ने आग में घी का काम किया. निर्वाचन आयोग ने ‘सिंघम’ के नाम से मशहूर शर्मा को विशेष रूप से इस इलाके में तैनात किया, ताकि ‘ल्यारी’ जैसे हालात न बनें. तृणमूल कांग्रेस ने किया पलटवार तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के इस उपनाम (ल्यारी) पर कड़ी आपत्ति जतायी है. टीएमसी का कहना है कि डायमंड हार्बर विकास का मॉडल है, जिसे भाजपा अपनी हार के डर से बदनाम कर रही है. अभिषेक बनर्जी ने इसे बंगाल की जनता का अपमान बताया है. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव में अब तक 532.88 करोड़ की जब्ती, बम-बारूद भी बरामद, पढ़ें पूरी रिपोर्ट Lyari of Bengal: क्यों अहम है डायमंड हार्बर की जंग? नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ‘ल्यारी’ शब्द का इस्तेमाल कर दो निशाना साध रही है. पहला, यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल है. इसलिए ध्रुवीकरण की कोशिश. दूसरा, अभिषेक बनर्जी की छवि को एक ‘बाहुबली’ नेता के तौर पर पेश करना. टीएमसी का तर्क है कि डायमंड हार्बर में हुए विकास कार्यों और चुनावी मार्जिन ने भाजपा को मानसिक रूप से हरा दिया है. वोटिंग के दिन दिखा तनाव 29 अप्रैल को मतदान के दौरान भी फालता और डायमंड हार्बर के अन्य क्षेत्रों में जबर्दस्त खींचतान देखी गयी. भाजपा ने ईवीएम पर टेप चिपकाने के आरोप लगाये, तो टीएमसी ने केंद्रीय बलों की ज्यादती का मुद्दा उठाया. ‘ल्यारी’ के इस टैग ने जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव के Exit Poll पर कितना करें भरोसा? 2021 में दिग्गज एजेंसियां हो गयी थी फेल, जानें 2011 और 2016 में किसका गणित था सबसे सटीक बंगाल ने तोड़ दिये वोटिंग के सारे रिकॉर्ड, दूसरे चरण में 91.66 फीसदी मतदान, स्त्रीओं ने फिर गाड़े झंडे बंगाल समेत 5 राज्यों में काउंटिंग की हाई-टेक व्यवस्था, लागू हुआ QR कोड वाला सुरक्षा कवच ममता बनर्जी के उत्तराधिकारी या बंगाल के नये ‘किंग’? 2026 का चुनाव अभिषेक बनर्जी की सबसे बड़ी ‘अग्निपरीक्षा’ The post डायमंड हार्बर या बंगाल का ‘ल्यारी’? अभिषेक बनर्जी के गढ़ का क्या है पाकिस्तान कनेक्शन? appeared first on Naya Vichar.

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गन्ने का जूस पीने से पहले जान लें ये 5 बातें, कहीं फायदे की जगह हो न जाए आपको भारी नुकसान

Sugarcane Juice Side Effects: गर्मियों के दिनों में जब हम घर से बाहर होते हैं और कुछ ठंडा पीने का मन करता है, तो दिमाग में सबसे पहले गन्ने के जूस का ही नाम आता है. सड़क किनारे हर थोड़ी दूरी पर आपको गन्ने का जूस बिकता हुआ दिख ही जाएगा. फ्रेश गन्ने का जूस सिर्फ स्वाद में मीठा ही नहीं होता, बल्कि यह शरीर को ठंडक भी देता है. इसमें कई जरूरी न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर को इंस्टेंट एनर्जी देने का काम करते हैं. अगर आपको भी गन्ने का जूस पीना पसंद है, तो आज की यह आर्टिकल आपके लिए काम की साबित हो सकती है. आज हम आपको बताएंगे कि गन्ने के जूस का ज्यादा या गलत तरीके से सेवन करने पर क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं. तो चलिए, इसके साइड इफेक्ट्स को विस्तार से समझते हैं. ज्यादा शुगर से बढ़ सकता है वजन गन्ने का जूस भले ही एक नेचुरल ड्रिंक हो, लेकिन इसमें शुगर की क्वांटिटी काफी ज्यादा होती है. इसके एक ग्लास में ही आपको काफी ज्यादा कैलरीज मिल जाती है. अगर आप इसका दिन में बार-बार सेवन करते हैं तो कुछ ही समय में आपका वजन तेजी से बढ़ने भी लग जाता है. अगर आपकी लाइफस्टाइल एक्टिव नहीं है, तो यह एक्स्ट्रा शुगर आपके शरीर में फैट के रूप में जमा होनी शुरू हो जाएगी. क्या आप भी इन लक्षणों को कर रहे हैं नजरअंदाज? शरीर में हो सकती है मैग्नीशियम की कमी डायबिटीज के मरीजों के लिए रिस्की गन्ने के जूस का जो ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है वह काफी ज्यादा होता है. यह जैसे ही आपके शरीर में जाता है, तेजी से ब्लड शुगर को बढ़ा देता है. अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो आपको कभी भी बिना सोचे-समझे इसका सेवन नहीं करना चाहिए. अगर आप इसे पी लेते हैं तो आपका ब्लड शुगर लेवल काफी तेजी से बढ़ सकता है. कई बार ऐसा होने की वजह से आपको चक्कर, कमजोरी या फिर कोई और हेल्थ प्रॉब्लम भी हो सकती है. अगर आप गन्ने का जूस पीना ही चाहते हैं, तो पहले एक बार अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें. इंफेक्शन का रहता है खतरा गन्ने का जूस अक्सर आपको सड़क किनारे ही खुले में बिकता हुआ दिखेगा. इसे यहीं पर बनाया और आपको बेचा जाता है. ऐसे में कई बार ऐसा भी होता है कि मशीनें ठीक से साफ नहीं की जाती हैं, बर्फ को बनाने के लिए गंदे पानी का इस्तेमाल किया जाता है या फिर गन्ने को भी धोए बिना ही जूस बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. अगर इसमें से कोई भी एक पॉइंट सच हो जाए, तो आपके जूस में बैक्टीरिया और जर्म्स मिल सकते हैं. जब आप ऐसे जूस को पी लेते हैं तो आपके पेट में इन्फेक्शन, बार-बार उल्टी आना और फूड पोइजनिंग जैसी प्रॉब्लम्स से आपको जूझना पड़ सकता है. ये भी पढ़ें: क्या आप भी तरबूज के साथ खाते हैं ये 5 चीजें? सेहत और डाइजेशन पर पड़ सकता है बुरा असर दांतों को हो सकता है नुकसान गन्ने के जूस में शुगर की क्वांटिटी काफी ज्यादा होती है. अगर आप इसे हर दिन पीते हैं तो यह आपके दांतों को भी नुकसान पहुंचा सकता है. यह शुगर आपके दांतों में चिपक जाता है और बैक्टीरिया को बढ़ावा देने का काम करता है. इसकी वजह से आपको कैविटी और दांतों की सड़न जैसी प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं. अगर आप बार-बार मीठे जूस का सेवन करते हैं लेकिन अपने दांतों को ठीक से साफ नहीं करते हैं, तो एक समय बाद आपके दांत कमजोर भी हो जाते हैं. डाइजेशन से जुड़ी प्रॉब्लम्स अगर आप हद से ज्यादा गन्ने का जूस पीने लग जाएं तो इसकी वजह से आपको पेट में गैस, भारीपन और अपच जैसी प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं. इसके अलावा कुछ लोगों को इसमें पाए जाने वाले नेचुरल एलिमेंट्स से एलर्जी भी हो सकती है. अगर ऐसा हो जाए तो आपको पेट में तेज दर्द और असहज महसूस होने लग जाता है. आपको एक बार में कभी भी गन्ने के जूस को बहुत ज्यादा क्वांटिटी में नहीं पीना चाहिए. अगर आप इसे फिर भी पी रहे हैं, तो सबसे पहले इस बात को नोटिस करें कि आपका शरीर इसे पीने के बाद कैसे रिएक्ट कर रहा है. ये भी पढ़ें: गर्मियों में आम से बनाएं ये 5 मजेदार ड्रिंक्स, हर घूंट में मिलेगी ठंडक, फ्रेशनेस का होगा अहसास The post गन्ने का जूस पीने से पहले जान लें ये 5 बातें, कहीं फायदे की जगह हो न जाए आपको भारी नुकसान appeared first on Naya Vichar.

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ICSE Board Result: किसान का बेटा अंकित कुमार झारखंड टॉपर, संत जेवियर्स बोकारो के छात्रों का भी शानदार प्रदर्शन

गोड्डा/बोकारो (रंजीत कुमार और संजीत मंडल की रिपोर्ट): आइसीएसई (ICSE) बोर्ड द्वारा जारी 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों में झारखंड के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है. गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट स्थित माउंट असीसी स्कूल के छात्र अंकित कुमार ने 99.4 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे राज्य में प्रथम स्थान (स्टेट टॉपर) प्राप्त किया है. अंकित परसोती गांव के रहने वाले हैं और उनके माता-पिता पेशे से किसान हैं. अंकित की इस ऐतिहासिक सफलता पर पिता रमेश चंद्र मंडल और माता ने मिठाई खिलाकर उन्हें आशीर्वाद दिया. संत जेवियर्स बोकारो: 10वीं में आरूष सिंह स्कूल टॉपर इधर, संत जेवियर्स स्कूल बोकारो के विद्यार्थियों ने भी 10वीं बोर्ड में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. स्कूल का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा. परीक्षा में शामिल हुए सभी 239 विद्यार्थियों ने बेहतर अंक हासिल किए. आरूष सिंह 99.2 प्रतिशत अंक के साथ स्कूल टॉपर बने. वहीं, स्वाति कुमारी 98 प्रतिशत अंक के साथ दूसरे और मानवी मेहेर 97.6 प्रतिशत अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहीं. अन्य प्रमुख सफल छात्रों में देवांश कुमार महतो (97.4%), स्वधा कुमारी (97%), स्वास्तिक मंडल व वंश अग्रवाल (96.6%), काव्या सिंह व अभिनव कुमार (96.2%) और स्वास्तिक मिश्रा (95.8%) शामिल हैं. Also Read: सरायकेला-खरसावां में कांग्रेस का संवाद: 2029 की तैयारी में जुटने का आह्वान, सांसद ने BJP पर साधा निशाना 12वीं बोर्ड: यशप्रीत, अदिति और श्वेताभ ने लहराया परचम आइसीएसई 12वीं बोर्ड में भी संत जेवियर्स स्कूल बोकारो का प्रदर्शन शानदार रहा. स्कूल के तीनों संकाय (विज्ञान, वाणिज्य व कला) के सभी 113 विद्यार्थी सफल रहे. कला संकाय में यशप्रीत राज 96.75 प्रतिशत अंक लाकर स्कूल टॉपर बने. वाणिज्य संकाय में अदिति झा 95.5 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम स्थान पर रहीं, जबकि विज्ञान संकाय में श्वेताभ सागर ने 94.25 प्रतिशत अंक हासिल कर स्कूल में टॉप किया. संकायवार प्रदर्शन वाणिज्य: अदिति झा (95.5%) के बाद कुहू अग्रवाल (93.5%) दूसरे, श्वाति श्रेया (93%) तीसरे और देव्यांशु मुखर्जी (92.75%) चौथे स्थान पर रहे. विज्ञान: श्वेताभ सागर के बाद गौरी झा (94%) दूसरे, श्रेयांश आदित्य (92.5%) तीसरे, रिशोन मार्टिस (92.25%) चौथे और अंश कुमार व रजनी कुमारी (91.75%) संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहे. कला: यशप्रीत राज के बाद पलक मिश्रा 92.25 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं सभी सफल विद्यार्थियों को प्राचार्य फादर अरुण मिंज एसजे, उप प्राचार्य देवाशीष गुप्ता, उप प्राचार्य दीपक चौधरी और अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बधाई दी है. Also Read: सड़क पर आया गढ़वा का कुक्कुट पालक: 2500 चूजे और 10 लाख की संपत्ति राख, पड़ोसी पर प्राथमिकी दर्ज The post ICSE Board Result: किसान का बेटा अंकित कुमार झारखंड टॉपर, संत जेवियर्स बोकारो के छात्रों का भी शानदार प्रदर्शन appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में गृह विभाग में 12वीं पास के लिए निकली भर्ती, 1 मई से करें आवेदन

BPSSC Havildar Instructor Recruitment 2026: बिहार पुलिस सबऑर्डिनेट सर्विसेज कमीशन (BPSSC) ने बिहार होम गार्ड में हवलदार इंस्ट्रक्टर के पदों पर भर्ती के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. हवलदार इंस्ट्रक्टर के पोस्ट पर कुल 122 पदों पर वैकेंसी निकाली गई है. एप्लीकेशन प्रोसेस कल यानी 1 मई 2026 से शुरू हो जाएगी. कैंडिडेट्स BPSSC की ऑफिशियल वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. ऑनलाइन अप्लाई करने की लास्ट डेट 1 जून 2026 तक है.  वैकेंसी और सैलरी डिटेल्स  श्रेणी (Category) पदों की संख्या UR (अनारक्षित) 48 EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) 12 EBC (अत्यंत पिछड़ा वर्ग) 22 BC (पिछड़ा वर्ग) 15 BC-स्त्री (पिछड़ा वर्ग स्त्री) 04 SC (अनुसूचित जाति) 19 ST (अनुसूचित जनजाति) 02 कुल पद (Total) 122 हवलदार इंस्ट्रक्टर के पोस्ट पर सिलेक्ट होने वाले कैंडिडेट्स को पे लेवल 4 के तहत सैलरी मिलेगी. पे लेवल 4 कि सैलरी लगभग 30,000 से 35,000 रुपये प्रति महीने हो सकती है.  BPSSC Havildar Instructor Recruitment 2026: ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन  आवेदन शुरू होने के बाद BPSSC की ऑफिशियल वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर जाएं.  Apply Online for Havildar Instructor” लिंक पर क्लिक करें.  अपना डिटेल्स डालकर रजिस्ट्रेशन करें.  रजिस्ट्रेशन करने के बाद आप अपना फॉर्म भर सकते हैं.  अब जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें.  फिर फीस जमा करें.  लास्ट में सबमिट करके प्रिंट निकाल लें.  BPSSC Havildar Instructor Recruitment 2026 Notification Check Here एलिजिबिलिटी और आयु सीमा  कैंडिडेट्स का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना अनिवार्य है. हवलदार इंस्ट्रक्टर के पोस्ट पर अप्लाई करने वाले कैंडिडेट्स कि उम्र 18 से 25 साल तक होनी चाहिए. आरक्षण के दायरे में आने वाले कैंडिडेट्स को आयु सीमा में छूट मिलेगी.   यह भी पढ़ें: RBI में ग्रेड B के पदों पर भर्ती, जल्दी करें अप्लाई  The post बिहार में गृह विभाग में 12वीं पास के लिए निकली भर्ती, 1 मई से करें आवेदन appeared first on Naya Vichar.

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RCB vs GT: भुवनेश्वर कुमार और हेजलवुड के सामने होगी गिल, सुदर्शन और बटलर की चुनौती, दर्शकों की मौज

RCB vs GT: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस के बीच जोरदार मुकाबला आज शाम 7:30 बजे से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में देखने को मिलेगा. इस मैच में आरसीबी की नई बॉल जोड़ी भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड के सामने गुजरात के टॉप-थ्री बैटर कप्तान शुभमन गिल, साई सुदर्शन और इंग्लिश खिलाड़ी जोस बटलर की चुनौती होगी. प्लेऑफ में जगह पक्की करने के लिए आरसीबी और गुजरात दोनों ही जीतना चाहेंगे मैच प्लेऑफ की जंग में अपनी जगह सुनिश्चित करने के लिए आरसीबी अपने नौवें मैच को जीतना चाहेगी, ताकि 14 प्वाइंट के साथ वह आराम से अपनी जगह बना ले. गुजरात भी इसी कोशिश में होगा कि वह अपने नौवें मैच को जीते ताकि वह टाॅप 4 में अपनी जगह सुनिश्चित करने की ओर एक और कदम बढ़ाए. भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड देंगे चुनौती क्रिकइंफो के अनुसार, भुवनेश्वर कुमार ने आठ मैचों में 16.85 के एवरेज से 14 विकेट लिए हैं, जबकि जोश हेजलवुड ने पांच मैचों में 19.25 के एवरेज से आठ विकेट. ये दोनों अभी आरसीबी की स्ट्रेंथ बने हुए हैं.भुवनेश्वर ने गिल और बटलर के खिलाफ शानदार गेंदबाजी की है. गिल को आठ बार और बटलर को चार बार आउट किया है. वहीं गिल ने भुवनेश्वर के खिलाफ 101 से ज़्यादा के स्ट्राइक रेट से 66 गेंदों में 16.75 के एवरेज से सिर्फ 67 रन बनाए हैं. बटलर भी भुवनेश्वर कुमार के खिलाफ कुछ खास नहीं कर रहे हैं, 19 पारियों में 13.87 के एवरेज और 109 के स्ट्राइक रेट से भुवनेश्वर के खिलाफ आठ बार आउट हुए हैं, उनके खिलाफ 101 गेंदों में सिर्फ 111 रन बनाए हैं, जिसमें 13 चौके और दो छक्के शामिल हैं. सुदर्शन और गिल ने भी हेजलवुड के खिलाफ कमजोरी दिखाई है, गिल को ऑस्ट्रेलियाई सुपरस्टार ने छह पारियों में 12.50 के एवरेज से दो बार आउट किया है, उन्होंने 30 गेंदों में 83.83 के स्ट्राइक रेट और तीन चौकों से सिर्फ 25 रन बनाए हैं. सुदर्शन का हेजलवुड से दो बार सामना हुआ है और उन्होंने अपना विकेट गंवाया है, उन्होंने 14.00 के एवरेज और 133 से ज़्यादा के स्ट्राइक रेट से 28 रन बनाए हैं, जिसमें तीन चौके और दो छक्के शामिल हैं. ये भी पढ़ें : आईपीएल 2026 का प्लेऑफ कौन स्पोर्ट्सेगा, क्या खत्म हो चुका है मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स और केकेआर का जादू? सुप्रीम कोर्ट ने कहा-दुष्कर्म पीड़िताओं को प्रेग्नेंसी समाप्त करने का अधिकार 20 हफ्ते के बाद भी मिले, एम्स का क्यूरेटिव पिटीशन खारिज The post RCB vs GT: भुवनेश्वर कुमार और हेजलवुड के सामने होगी गिल, सुदर्शन और बटलर की चुनौती, दर्शकों की मौज appeared first on Naya Vichar.

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iQOO Neo 10 के नए Alpine White और Asphalt Black कलर भारत में लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स

iQOO Neo 10 अब हिंदुस्तान में दो नए कलर ऑप्शन के साथ लॉन्च हो गया है. दिलचस्प बात ये है कि ये नए रंग लॉन्च के करीब एक साल बाद आए हैं. लॉन्च के समय ये Inferno Red और Titanium Chrome फिनिश में आया था. अब कंपनी ने इसमें नए लुक जोड़कर इसे और भी आकर्षक बना दिया है. स्पेसिफिकेशन की बात करें तो iQOO Neo 10 में आपको दमदार Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर मिलता है, साथ में 16GB तक RAM और 512GB तक स्टोरेज का ऑप्शन भी है. आइए डिटेल में इस फोन के बारे में जानते हैं. iQOO Neo 10 की हिंदुस्तान में कीमत और उपलब्धता iQOO Neo 10 को Alpine White और Asphalt Black रंगो में लॉन्च किया गया है. इनका डिजाइन रेसिंग कारों से इंस्पायर किया गया है. कीमत की बात करें तो इसका 8GB RAM + 256GB स्टोरेज वेरिएंट ₹37,999 में और 16GB RAM + 256GB स्टोरेज वेरिएंट ₹42,999 में लॉन्च किया गया है. लेकिन अच्छी समाचार यह है कि शुरुआती ऑफर्स के तहत इसे और सस्ते में लिया जा सकता है. ऑफर में 8GB RAM वाला मॉडल ₹34,999 में मिलेगा. वहीं 16GB RAM वाला मॉडल ₹40,999 में मिल जाएगा. iQOO Neo 10 के Alpine White और Asphalt Black वेरिएंट्स की सेल 5 मई को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी. इसे आप Amazon और iQOO की आधिकारिक वेबसाइट से खरीद पाएंगे. iQOO Neo 10 के स्‍पेसिफ‍िकेशंस और फीचर्स डिस्‍प्‍ले: 6.78 इंच का डिस्‍प्‍ले है जो 144Hz तक का रिफ्रेश रेट देता है. डिस्‍प्‍ले में 5,500 निट्स की पीक ब्राइटनैस मिलती है. चिपसेट: Snapdragon 8s Gen 4 SoC रैम : 16GB तक  स्‍टोरेज:  512GB तक ओएस: Android 16 पर बेस्‍ड OriginOS 6 वॉटरप्रूफ रेटिंग्‍स : IP65 कैमरा: 50MP का मेन कैमरा और 8MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा फ्रंट कैमरा: 32MP बैटरी: 7,000mAh चार्जिंग: 120W यह भी पढ़ें: ₹15,000 में कौन सा 5G फोन लें? ये 5 ऑप्शंस हैं बेस्ट The post iQOO Neo 10 के नए Alpine White और Asphalt Black कलर हिंदुस्तान में लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: Karisma Kapoor के बच्चों को राहत, प्रिया सचदेव नहीं बेच पाएंगी 30,000 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी

Karisma Kapoor के बच्चों के लिए एक बड़ी राहत भरी समाचार सामने आई है. उनके पिता संजय कपुर, जो एक बड़े बिजनेसमैन थे, अपने पीछे करीब 30,000 करोड़ रुपए की संपत्ति छोड़ गए हैं. इस संपत्ति को लेकर फिलहाल कोर्ट में विवाद चल रहा है. इसी बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि अभी के लिए पूरी प्रॉपर्टी को जैसी है वैसी ही रखा जाएगा. यानी जब तक केस का अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक न तो इस संपत्ति को बेचा जा सकता है और न ही किसी और के नाम ट्रांसफर किया जा सकता है. The Delhi High Court granted interim relief to the children of Karisma Kapoor, restraining their stepmother Priya Kapur from dealing with the assets of late Sunjay Kapur, with Justice Jyoti Singh observing that the estate must be preserved and not dissipated. The Court held that… — ANI (@ANI) April 30, 2026 झगड़ा किस बात का है? यह विवाद एक तरफ करिश्मा कपूर के बच्चों और दूसरी तरफ उनकी सौतेली मां प्रिया सचदेव कपूर के बीच चल रहा है. दरअसल, संजय कपुर के निधन के बाद एक वसीयत सामने आई, जिस पर बच्चों ने सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि इस वसीयत में गड़बड़ी हो सकती है और यह पूरी तरह सही नहीं लगती. बच्चों को शक है कि उन्हें उनका पूरा हक नहीं दिया जा रहा है, इसलिए उन्होंने कोर्ट का सहारा लिया है. कोर्ट को शक क्यों हुआ? दिल्ली हाई कोर्ट को भी इस मामले में कुछ बातें अजीब और शक वाली लगीं: सबसे पहले, यह वसीयत कहीं भी प्रशासनी दफ्तर में रजिस्टर नहीं है, जिससे इस पर सवाल उठते हैं. दूसरी बात, वसीयत में कई बातें साफ-साफ नहीं लिखी गई हैं, जिससे कन्फ्यूजन होता है. और सबसे बड़ी बात, इस वसीयत का सबसे ज्यादा फायदा सिर्फ प्रिया सचदेव कपूर को ही मिल रहा है. इसलिए कोर्ट ने कहा कि इन सभी बातों को अच्छे से जांचना जरूरी है. अब क्या-क्या नहीं कर पाएंगी प्रिया सचदेव कपूर ? कोर्ट ने बच्चों का हक बचाने के लिए प्रिया कपूर पर कई पाबंदियां लगा दी हैं. अब वह किसी भी बैंक खाते से पैसे इधर-उधर नहीं कर पाएंगी. इसके साथ ही विदेश में मौजूद बैंक अकाउंट और क्रिप्टो (इंटरनेट वाला पैसा) का इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकेगा. इतना ही नहीं, उन्हें हर पैसे का पूरा हिसाब कोर्ट को देना होगा, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो. The post दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: Karisma Kapoor के बच्चों को राहत, प्रिया सचदेव नहीं बेच पाएंगी 30,000 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी appeared first on Naya Vichar.

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