Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कोचिंग का खर्चा नहीं, YouTube बना गुरु, 22 की उम्र में अंशिका ने UPSC में गाड़ा झंडा

Anshika Sangwan Success Story: हरियाणा की अंशिका सांगवान ने बिना किसी कोचिंग की देश की सबसे कठिन परीक्षा क्रैक कर चुकी हैं. अंशिका ने अपने दम पर इसे पहले ही प्रयास में क्लियर कर लिया. खास बात ये है कि अंशिका सांगवान का नाम अब देश की सबसे कम उम्र की ऑफिसर्स की लिस्ट में शामिल हो जाएगा. उन्होंने महज 22 की उम्र में एग्जाम क्रैक किया है. Anshika Sangwan Success Story: कौन हैं अंशिका सांगवान? अंशिका सांगवान हरियाणा के चरखी दादरी जिले के छोटे से गांव चन्देनी की रहने वाली हैं. उनके पिता बस कंडक्टर रह चुके हैं और मां एक टीचर हैं. साधारण परिवार से होने के बावजूद अंशिका के सपने बड़े थे. उन्होंने 10वीं कक्षा में ही तय कर लिया था कि उन्हें सिविल सर्विस में जाना है और देश के लिए काम करना है. 12वीं के बाद अंशिका ने Deen Dayal Upadhyaya College में एडमिशन लिया. यहां से उन्होंने पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया. खास बात ये है कि उन्होंने ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी. उन्होंने सबसे पहले पूरा सिलेबस समझा और उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर पढ़ाई की. YouTube से पढ़ाई अंशिका ने YouTube को ही अपना गुरु बना लिया. उन्होंने अलग-अलग चैनल्स से पढ़ाई की, नोट्स बनाए और लगातार प्रैक्टिस करती रहीं. उन्होंने कभी किसी कोचिंग इंस्टिट्यूट का सहारा नहीं लिया. UPSC के लिए उपलब्ध सभी फ्री स्टडी मैटेरियल का इस्तेमाल किया. अंशिका की UPSC मार्कशीट पहले ही प्रयास में UPSC क्रैक अंशिका सांकवान ने UPSC सिविल सर्विस एग्जाम अपने पहले ही प्रयास में क्रैक कर लिया. उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 330 हासिल की. कुल 971 अंकों में से उन्हें 798 अंक लिखित परीक्षा में और 173 अंक इंटरव्यू में मिले. यह भी पढ़ें: पिता करते हैं थैला प्रिंटिंग, बेटी बन गई अफसर, नवादा की रितिका को UPSC AIR 185 The post कोचिंग का खर्चा नहीं, YouTube बना गुरु, 22 की उम्र में अंशिका ने UPSC में गाड़ा झंडा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

60% महंगाई भत्ते के बाद अब कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी? समझें पूरा गणित

8th Pay Commission: केंद्र प्रशासन ने 1.19 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स को तोहफा देते हुए महंगाई भत्ते (DA) को 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया है. लेकिन असली चर्चा 8वें वेतन आयोग को लेकर है, जो प्रशासनी कर्मचारियों की पूरी सैलरी स्ट्रक्चर को बदलने वाला है. वेतन आयोग आने पर DA का क्या होगा? नियम के अनुसार, जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, तो पिछला महंगाई भत्ता शून्य (Zero) कर दिया जाता है. मर्जर (Merger): मौजूदा 60% DA को आपकी बेसिक पे में जोड़ दिया जाता है. नई शुरुआत: नई बेसिक पे पहले से ही बढ़ी हुई होती है, इसलिए महंगाई की गणना फिर से 0% से शुरू होती है. 8वें वेतन आयोग में सैलरी कैलकुलेशन मान लीजिए आप पे-लेवल 6 पर हैं. 7वें और 8वें वेतन आयोग के बीच का अंतर इस प्रकार हो सकता है (यदि फिटमेंट फैक्टर 3.83 रहता है) घटक (Components) 7वां वेतन आयोग (मौजूदा) 8वां वेतन आयोग (संभावित) बेसिक पे ₹35,400 ₹1,35,582 DA (महंगाई भत्ता) ₹21,240 (60%) ₹0 (रीसेट) HRA (मेट्रो सिटी – 27%) ₹9,558 ₹36,607 कुल सैलरी (Total) ₹66,198 ₹1,72,189 फिटमेंट फैक्टर: सैलरी बढ़ाने वाला ‘जादुई’ नंबर फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक (Multiplier) है जिससे पुरानी बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी निकाली जाती है. 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था. 8वें वेतन आयोग में इसके 3.83 होने की उम्मीद है. यह नंबर महंगाई और जीवन स्तर में आए बदलावों को देखकर तय किया जाता है. किसे मिलेगा फायदा और किसे नहीं? फायदा मिलेगा फायदा नहीं मिलेगा केंद्रीय कर्मचारी और रक्षा कर्मी राज्य प्रशासन के कर्मचारी (इनके लिए अलग राज्य पे कमीशन होते हैं) रेलवे और केंद्रीय संस्थानों के शिक्षक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) के कर्मचारी प्रशासनी स्वामित्व वाले PSU के कर्मी RBI और अन्य नियामक संस्थाओं के कर्मचारी केंद्रीय पेंशनर्स बैंक पेंशनर्स (ये IBA समझौतों पर निर्भर हैं) कब-कब आए वेतन आयोग? 5वां वेतन आयोग: 1994 में बना, 1996 से लागू हुआ (34 पे स्केल्स किए गए). 6ठा वेतन आयोग: 2006 में बना, 2006 से ही बैकडेट से लागू हुआ. 7वां वेतन आयोग: 2014 में बना, 2016 से प्रभावी हुआ. 8वां वेतन आयोग: अक्टूबर 2025 में शर्तों को मंजूरी मिली, जल्द ही इसकी सिफारिशें आने की उम्मीद है. Also Read : DA Hike: कर्मचारियों और पेंशनर्स का इंतजार खत्म; कैबिनेट ने दी 2% बढ़ोतरी को मंजूरी, 3 महीने का मिलेगा एरियर The post 60% महंगाई भत्ते के बाद अब कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी? समझें पूरा गणित appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

1 लीटर में 45 किलोमीटर, इस कार ने बना डाला माइलेज का रिकॉर्ड

चीनी ऑटोमेकर Geely Auto ने अपनी नयी हाइब्रिड तकनीक i-HEV Intelligent Hybrid System पेश की है, जो माइलेज के मामले में पूरी दुनिया का ध्यान खींच रही है. कंपनी का दावा है कि इस सिस्टम से लैस कार ने हाईवे टेस्टिंग में 45 किमी प्रति लीटर का माइलेज दिया है. इसका मतलब है कि रांची (झारखंड) से जगन्नाथ पुरी (ओडिशा) तक का लगभग 550 किमी का सफर महज ₹1200 में पूरा किया जा सकता है. 45 किमी/लीटर का रिकॉर्ड Geely की Emgrand कार ने टेस्टिंग के दौरान सिर्फ 2.22 लीटर प्रति 100 किमी फ्यूल खर्च किया. यह आंकड़ा लगभग 45 किमी/लीटर माइलेज के बराबर है. कंपनी का कहना है कि यह उपलब्धि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज की गई है. अन्य मॉडलों में टेस्टिंग Geely ने इस तकनीक को कई मॉडलों में टेस्ट किया है. Preface: 3.98 लीटर प्रति 100 किमी Monjaro i-HEV: 4.75 लीटर प्रति 100 किमी यह दिखाता है कि चाहे सेडान हो या SUV, दोनों सेगमेंट में यह तकनीक बेहतर एफिशिएंसी देने में सक्षम है. हाई एफिशिएंसी और AI सपोर्ट इस हाइब्रिड सिस्टम की थर्मल एफिशिएंसी 48.4% बतायी गई है, जो बड़े पैमाने पर बनने वाली हाइब्रिड कारों में काफी ऊंची है. इंजन कम फ्यूल में ज्यादा ताकत पैदा करता है. साथ ही यह सिस्टम AI तकनीक से लैस है, जो रियल टाइम में टेंप्रेचर, नमी और हाईट जैसी स्थितियों को समझकर फ्यूल का इस्तेमाल ऑप्टिमाइज करता है. हिंदुस्तान में लॉन्च की संभावना Geely Auto फिलहाल हिंदुस्तानीय बाजार में उतरने की योजना नहीं बना रही है. हालांकि, कंपनी हाइब्रिड और EV सेगमेंट में क्रांतिकारी बदलाव कर रही है. अगर भविष्य में यह तकनीक हिंदुस्तान आती है, तो यह कार बाजार का पूरा समीकरण बदल सकती है. यह भी पढ़ें: 7-सीटर SUV Kia Sorento Hybrid हिंदुस्तान में आने को तैयार, XUV 7XO को सीधी चुनौती यह भी पढ़ें: Kia Sonet से Scorpio-N तक: हैचबैक से SUV में अपग्रेड करने वालों के लिए टॉप 5 ऑप्शंस The post 1 लीटर में 45 किलोमीटर, इस कार ने बना डाला माइलेज का रिकॉर्ड appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रविवार को दिखें ये 3 संकेत तो समझिए बदलने वाली है आपकी किस्मत, नजरअंदाज किया तो हाथ से छूट सकता है बड़ा मौका

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार हमारे घर में जो भी छोटी से छोटी चीजें हो रही है या फिर दिख रही हैं, उनका काफी गहरा असर हमारे जीवन पर पड़ता है. खासकर जब बात आती है रविवार की, तो इसे काफी ज्यादा खास माना जाता है. रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित माना जाता है. अगर आप नहीं जानते हैं तो बता दें सूर्य को हमेशा से एनर्जी, सफलता और अच्छी किस्मत का फैक्टर माना जाता है. अगर आप वास्तु शास्त्र में छिपे रहस्यों को जानने में दिलचस्पी रखते हैं, तो आज की यह आर्टिकल खास आपके लिए है. आज हम आपको कुछ ऐसे संकेतों के बारे में बताने जा रहे हैं जो अगर आपको रविवार के दिन दिखाई दे तो इन्हें काफी शुभ माना जाता है. ये संकेत बताते हैं कि आपकी किस्मत जल्द बदलने वाली है और आपका अच्छा समय जल्द शुरू होने वाला है. तो चलिए इन संकेतों के बारे में विस्तार से जानते हैं. सुबह पक्षियों का दिखना अगर रविवार के दिन आपको सुबह के समय घर की खिड़कियों या फिर आंगन पर कोई पक्षी दिखाई दे, खासकर कोई चिड़िया या फिर कबूतर, तो इसे एक बेहद ही शुभ संकेत की तरह देखा जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार यह बताता है कि आपके घर में पॉजिटिव एनर्जी बढ़ रही है. इसके अलावा यह इस बात की तरफ भी इशारा करता है कि आने वाले समय में आपको पैसों से जुड़ा कोई फायदा हो सकता है या फिर अच्छी समाचार भी मिल सकती है. अगर आपका कोई काम लंबे समय से रुका हुआ है, तो वह भी जल्द पूरा हो सकता है. यह भी पढ़ें: क्या आपको भी रात भर रहती है टेंशन और बेचैनी? आराम पाने के लिए सोने से पहले जरूर कर लें ये 5 काम घर में सुगंध या फूलों की खुशबू का आना अगर आपको रविवार के दिन घर पर बिना किसी वजह के भी अच्छी खुशबू या फिर फूलों की सुगंध आ रही है, तो आपको इसे भी एक शुभ संकेत की तरह लेना चाहिए. यह बताता है कि आप पर देवी-देवताओं की खास कृपा बनी हुई है और जल्द आपके जीवन में चल रही परेशानियां खत्म हो सकती हैं. इस तरह का संकेत मेंटल पीस और जीवन में मिलने वाले नए मौकों की तरफ भी इशारा कर सकते हैं. पानी का साफ और स्थिर दिखना वास्तु शास्त्र के अनुसार पानी आपके जीवन और इमोशंस का प्रतीक होता है. अगर आपको रविवार के दिन घर पर रखा हुआ पानी का बर्तन ज्यादा साफ, स्थिर और चमकदार दिखाई दे या फिर पानी अपने आप में भी ज्यादा शांत लगे, तो यह इस बात की तरफ इशारा करता है कि आपकी किस्मत जल्द मजबूत होने वाली है. इसके अलावा यह इस बात की तरफ भी इशारा करता है कि आपको आर्थिक स्थिति जल्द काफी बेहतर होने वाली है. यह भी पढ़ें: झाड़ू-पोछा करते समय की ये 5 गलतियां बना सकती हैं आपको कंगाल, दरिद्रता से बचने के लिए जान लें सही तरीका The post रविवार को दिखें ये 3 संकेत तो समझिए बदलने वाली है आपकी किस्मत, नजरअंदाज किया तो हाथ से छूट सकता है बड़ा मौका appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बंगाल में 2021 जैसी लहर या ‘परिवर्तन’ की आहट? ममता बनर्जी की लोकप्रियता और भाजपा की रणनीति का पूरा विश्लेषण यहां पढ़ें

West Bengal Election 2021 vs 2026 Comparison: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बिसात बिछ चुकी है. 2021 के ऐतिहासिक चुनाव में ‘स्पोर्ट्सा होबे’ का नारा गूंजा था. 2026 की दहलीज पर खड़ा बंगाल उससे काफी अलग नजर आ रहा है. पिछले 5 वर्षों में राज्य की नेतृत्वक तस्वीर और मतदाताओं का मिजाज काफी हद तक बदल चुका है. 2021 में ममता बनर्जी ने एकतरफा जीत हासिल की थी. 2026 का यह रण चुनौतीपूर्ण और ‘कांटे की टक्कर’ वाला माना जा रहा है. 2021 का ‘जनादेश’ और 2026 की ‘चुनौती’ 2021 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 213 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था. भाजपा 77 सीटों पर सिमट गयी थी. 2026 में परिस्थितियां बदली हुई हैं. इस बार क्या-क्या बदल गया है, यहां पढ़ें. सत्ता विरोधी लहर (Anti-Incumbency): 15 साल के शासन के बाद टीएमसी को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों और ‘आरजी कर’ जैसे संवेदनशील मामलों के कारण उपजे जन-आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है. भाजपा का ग्राफ : भाजपा ने पिछले 5 सालों में अपनी सांगठनिक शक्ति बढ़ायी है. शुभेंदु अधिकारी अब नेता प्रतिपक्ष के रूप में ज्यादा आक्रामक हैं और ‘नंदीग्राम’ की जीत का मनोवैज्ञानिक लाभ उनके साथ है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ‘ममता फैक्टर’ बनाम ‘शुभेंदु का उदय’ 2021 में ममता बनर्जी ‘बंगाल की बेटी’ के रूप में उभरी थीं. 2026 में भी वह 49 प्रतिशत लोगों की पहली पसंद हैं, लेकिन उनकी लोकप्रियता के ग्राफ में गिरावट आयी है. दूसरी ओर, शुभेंदु अधिकारी अब अघोषित रूप से भाजपा के सबसे बड़े ‘चेहरे’ के रूप में स्थापित हो चुके हैं. यह मुकाबला अब सीधे तौर पर ‘दीदी बनाम दादा’ (ममता बनाम शुभेंदु) में बदल गया है. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: सीएम फेस पर शमिक भट्टाचार्य ने कर दिया बड़ा ऐलान, जानें किसके चेहरे पर चुनाव लड़ेगी भाजपा इसे भी पढ़ें : बंगाल समेत अन्य राज्यों में वोट के लिए बांटी जा रही शराब, ड्रग्स और कैश, अब तक 651.55 करोड़ जब्त West Bengal Election 2021 vs 2026 Comparison: नये ‘गेमचेंजर’ और समीकरण वोटर लिस्ट विवाद (SIR): 2021 में ऐसा कोई मुद्दा नहीं था, लेकिन 2026 में मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा ने ‘घुसपैठ’ के मुद्दे को जोर-शोर से उछाला है. त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना : ओवैसी की AIMIM और हुमायूं कबीर की AJUP का गठबंधन मुस्लिम मतों में सेंध लगा सकता है, जो 2021 में पूरी तरह ममता के साथ थे. युवा और आरजी कर का आंदोलन : 2021 में युवा वोटर टीएमसी के साथ थे. इस बार आरजी कर आंदोलन के बाद शिक्षित युवाओं और मध्यम वर्ग में प्रशासन के प्रति नाराजगी दिख रही है. इसे भी पढ़ें : ममता राज में बंगाल में कुपोषण काल, कोलकाता में बढ़ी चाइल्ड वेस्टिंग, 5000 करोड़ का हिसाब नहीं : भाजपा इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026 में ‘बाबरी’ मस्जिद ने बदला सियासी गणित, ढह जायेगा TMC का ‘अल्पसंख्यक’ किला? बंगाल का ‘शिफ्ट होता’ चुनावी लैंडस्केप 2021 में भाजपा केवल उत्तर बंगाल और जंगलमहल तक सीमित थी, लेकिन 2026 में वह दक्षिण बंगाल और शहरी इलाकों (जैसे कोलकाता और सॉल्ट लेक) में भी टीएमसी को कड़ी टक्कर दे रही है. भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था इस बार विकास के दावों पर भारी पड़ते दिख रहे हैं. इसे भी पढ़ें किसानों के लिए ‘फांसी का फंदा’ बन गया बंगाल का ‘सोना’, 15 साल में 136 मौत पर भाजपा ने ममता बनर्जी प्रशासन को घेरा बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी की स्त्री ब्रिगेड में टोटो चालक की पत्नी से राष्ट्रपति से सम्मानित किसान तक बंगाल चुनाव 2026: भितरघात और SIR का घातक कॉकटेल, 120 सीटों पर बिगड़ सकता है दिग्गजों का स्पोर्ट्स! विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल की इन 294 सीटों पर होगी वोटिंग, एक-एक सीट का नाम यहां देखें The post बंगाल में 2021 जैसी लहर या ‘परिवर्तन’ की आहट? ममता बनर्जी की लोकप्रियता और भाजपा की रणनीति का पूरा विश्लेषण यहां पढ़ें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

DA और DR में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को केंद्र की मंजूरी, देखें मंत्रिमंडल के अहम फैसले

Union Cabinet Meeting: मंत्रिमंडल ने शनिवार को केंद्र प्रशासन के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) दो प्रतिशत बढ़ाने का फैसला किया. इससे केंद्र प्रशासन के लगभग 50.46 लाख कर्मचारियों और 68.27 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा. मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- महंगाई भत्ते और महंगाई राहत, दोनों में वृद्धि के कारण प्रशासनी खजाने पर कुल 6,791.24 करोड़ रुपये सालाना का बोझ पड़ेगा. अतिरिक्त किस्त एक जनवरी, 2026 से दी जाएगी. मंत्रिमंडल में लिए गए अन्य फैसले केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, आज कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों में शिपिंग सेक्टर के लिए हिंदुस्तान मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल शामिल है. साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (चरण 3) को तीन साल के लिए आगे बढ़ाया गया है. दो रेल परियोजनाएं भी शामिल हैं: गाजियाबाद से सीतापुर तक तीसरी और चौथी लाइन, और राजमुंदरी से विशाखापत्तनम तक तीसरी और चौथी लाइन… एक बड़ा फैसला लिया गया है. #WATCH | Delhi: Union Minister Ashwini Vaishnaw says, “The decision taken in the cabinet meeting today includes the Bharat Maritime Insurance Pool, for the shipping sector, DA and DR have been increased for all our central government employees. DR is for pensioners, DA is for… pic.twitter.com/X1m2wObZld — ANI (@ANI) April 18, 2026 क्या है हिंदुस्तान मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल केंद्र प्रशासन ने हिंदुस्तान मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल के गठन को मंजूरी दी है. अश्विनी वैष्णव ने बताया- समुद्र में जाने वाले हर जहाज का बीमा होता है. कई तरह की गतिविधियों के लिए बीमा उपलब्ध है. नुकसान की भरपाई के लिए बेसिक इंश्योरेंस होता है. दूसरा, सुरक्षा और क्षतिपूर्ति (Indemnity) के लिए होता है… समुद्री बीमा के लिए लगभग 12,980 करोड़ रुपये का एक ‘सॉवरेन गारंटी फंड’ बनाया जाएगा. यह समुद्री क्षेत्र से जुड़े सभी प्रकार के जोखिमों को कवर करेगा, जिसमें मशीनरी, माल (Cargo) और युद्ध से जुड़े जोखिम शामिल हैं. यह सुविधा हिंदुस्तानीय ध्वज वाले जहाजों, हिंदुस्तानीय नियंत्रण वाले जहाजों, और उन जहाजों को दी जाएगी जिनका उद्गम या गंतव्य हिंदुस्तान में है. यह योजना दस साल की अवधि के लिए होगी, जिसे पांच साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है. इसे भी पढ़ें: पीएम मोदी आज रात 8:30 बजे देश को करेंगे संबोधित The post DA और DR में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को केंद्र की मंजूरी, देखें मंत्रिमंडल के अहम फैसले appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

चुनाव आते ही फिर गूंजा दामोदर सेतु का मुद्दा, 350 करोड़ का बजट और 300 गांवों के लोगों का दर्द, देखें Video

Damodar River Bridge Issue| संतोष विश्वकर्मा, आसनसोल : पश्चिम बर्धमान और बांकुड़ा-पुरुलिया को जोड़ने वाली दामोदर नदी पर एक स्थायी पुल का निर्माण अब केवल स्थानीय मांग नहीं, 2026 के विधानसभा चुनाव का सबसे बड़ा ‘सियासी हथियार’ बन गया है. वर्षों से चल रहा संघर्ष अब एक व्यापक जन आंदोलन का रूप ले चुका है. आसनसोल के उम्मीदवारों के एजेंडे में आया पुल आसनसोल उत्तर और दक्षिण दोनों ही विधानसभा सीटों के दिग्गजों ने अपने चुनावी एजेंडे में इस पुल को पहले स्थान पर रखा है. लेकिन, सवाल वही है कि क्या इस बार यह पुल चुनावी वादों की भेंट चढ़ जायेगा या वास्तव में जनता को जान जोखिम में डालने से मुक्ति मिलेगी? सियासी दांव : बीजेपी का सर्वे बनाम तृणमूल का वादा दामोदर नदी पर पुल निर्माण को लेकर सभी नेतृत्वक दलों ने अपनी बिसात बिछा दी है. आसनसोल दक्षिण की भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पॉल ने ऐलान किया है कि उनकी पहली प्राथमिकता दामोदर सेतु का निर्माण होगी. इसके पहले भी अग्निमित्रा पॉल ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के जरिये सर्वे कराने की कोशिश की थी, लेकिन भौगोलिक जटिलताओं के कारण फाइल आगे नहीं बढ़ सकी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें टीएमसी का मास्टरप्लान सालतोड़ा और आसनसोल उत्तर के तृणमूल उम्मीदवारों ने भी इसे अपने घोषणा पत्र में प्रमुखता दी है. बामनटोड़ा फेरी घाट से नेहरू पार्क तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे पुल का वादा किया गया है. बांस के पुल पर निर्भर है 300 गांवों की जिंदगी आसनसोल और बर्नपुर के रिवरसाइड घाट पर बना अस्थायी बांस का पुल किसी अजूबे से कम नहीं है. हालांकि, इसकी हकीकत बेहद डरावनी है. मानसून के दौरान जब डीवीसी (DVC) डैम से 80 हजार से 1 लाख क्यूसेक पानी छोड़ता है, तो यह अस्थायी पुल ताश के पत्तों की तरह बह जाता है. इसे भी पढ़ें : अग्निमित्रा पॉल की संपत्ति 5 साल में हुई डबल, दर्ज हैं 22 आपराधिक मामले पुल बहने पर नाव से नदी पार करते हैं लोग पुल बहने के बाद लोग नाव के सहारे उफनती नदी पार करते हैं. आईएसपी (ISP) स्टील प्लांट के मजदूरों से लेकर छात्रों और मरीजों तक, हर किसी को हर पल मौत का डर सताता है. बांकुड़ा और पुरुलिया के करीब 300 गांवों के लोग शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए आसनसोल और बर्नपुर पर ही निर्भर हैं. करोड़ों का खर्च और फाइलों में दबा सर्वे प्रशासनिक स्तर पर कोशिशें तो हुईं, लेकिन अंजाम तक नहीं पहुंचीं. अगस्त 2021 में करीब 75 लाख रुपए खर्च करके जियोलॉजिकल सर्वे कराया गया. रिपोर्ट एक महीने में तैयार भी हो गयी, लेकिन प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बजट के दौरान कहा था कि इस पुल के निर्माण पर 350 करोड़ रुपए खर्च होंगे. भारी लागत के कारण फिलहाल यह योजना लटकी हुई है. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: पहचान नहीं, वजूद की लड़ाई! मुर्शिदाबाद की स्त्रीओं ने तोड़ी परंपरा, पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट दामोदर सेतु बंधन कमेटी का संघर्ष दामोदर सेतु बंधन कमेटी के महासचिव चंदन मिश्रा का कहना है कि यह आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है. पिछले 7 सालों से बांकुड़ा और पश्चिम बर्धमान के प्रशासन को दर्जनों आवेदन दिये जा चुके हैं. कमेटी ने स्पष्ट कर दिया है कि जो पुल की बात करेगा, वही क्षेत्र पर राज करेगा. इसे भी पढ़ें कोयलांचल का सियासी मिजाज : आसनसोल दक्षिण में फिर खिलेगा कमल या होगी तृणमूल की वापसी? आसनसोल दक्षिण में कोयला और पहचान की जंग, अग्निमित्रा पॉल बचा पाएंगी अपना किला? बंगाल चुनाव 2026: 63 लाख वोटर गायब और ‘अस्मिता’ की जंग, ममता बनर्जी बचा पायेंगी अपना किला? चुनाव या ‘बंगाल गॉट टैलेंट’? कोई तल रहा पकौड़े, कोई मांज रहा बर्तन, वोटर को रिझाने के लिए हो रहे क्या-क्या जतन? The post चुनाव आते ही फिर गूंजा दामोदर सेतु का मुद्दा, 350 करोड़ का बजट और 300 गांवों के लोगों का दर्द, देखें Video appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

किरेन रिजिजू बोले- महिलाओं को अधिकार न देकर विपक्ष ने किया पाप, कांग्रेस पर लगा काला धब्बा

Kiren Rijiju: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, कांग्रेस पार्टी और विपक्ष ने स्त्रीओं के अधिकारों से वंचित करने की मानसिकता के चलते संवैधानिक संशोधन को पारित होने से रोक दिया. हम इसलिए दुखी हैं क्योंकि यह नुकसान देश की स्त्रीओं को पहुंचाया गया है. यह एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसका उद्देश्य स्त्रीओं को लोकसभा और विधानसभाओं में अपनी बात रखने का मौका देना, उन्हें पूरी कानूनी प्रक्रिया में, देश का शासन चलाने वाले निर्णयों में, और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भाग लेने के लिए सशक्त बनाना था. लेकिन यह कदम पारित नहीं हो सका. इसीलिए हम दुखी हैं. कांग्रेस पार्टी पर स्त्री-विरोधी होने का काला धब्बा लगा : रिजिजू रिजिजू ने कहा- इसे प्रशासन या हमारी पार्टी की विफलता नहीं माना जाना चाहिए. कांग्रेस पार्टी और कुछ अन्य पार्टियों ने देश को एक गहरा आघात पहुंचाया है. इसलिए, कांग्रेस पार्टी और उसके कुछ सहयोगियों को स्त्रीओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा. कांग्रेस पार्टी पर स्त्री-विरोधी होने का एक काला धब्बा भी लगा है. एक ऐसा कलंक जो कभी नहीं मिटेगा. #WATCH | Delhi: Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju says, “We are all saddened by the fact that, driven by political motives and a mindset of denying women rights, the Congress Party and the opposition, with a blatant majority, prevented the passage of the Constitutional… pic.twitter.com/eGadPzEz0h — ANI (@ANI) April 18, 2026 स्त्रीओं के अधिकारों से वंचिेत करने का जश्न मनाना घोर पाप : रिजिजू संसदीय कार्य मंत्री ने कहा- स्त्रीओं के अधिकारों से वंचिेत करने का जश्न मनाना एक घोर पाप है. स्त्रीओं को अधिकार न देने का निर्णय लेकर वे इसे अपनी जीत मान रहे हैं. लोकसभा और विधानसभाओं में स्त्रीओं को आरक्षण देना हमारी जिम्मेदारी है, और हमें इसे हर हाल में सुनिश्चित करना है. कांग्रेस की मानसिकता ही अधिकारों से वंचित करने की है, और उस विधेयक को विफल करने के बाद वे जश्न मना रहे हैं. उन्होंने अपने असली चेहरे को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है. अब कोई बहाना काम नहीं आएगा. कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने उन अधिकारों को नष्ट कर दिया है जो स्त्रीओं को मिलने चाहिए थे. The post किरेन रिजिजू बोले- स्त्रीओं को अधिकार न देकर विपक्ष ने किया पाप, कांग्रेस पर लगा काला धब्बा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

RCB vs DC: दिल्ली ने जीता टॉस, आरसीबी की पहले बैटिंग, देखें प्लेइंग XI

RCB vs DC: बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है. दिन के इस मैच में दिल्ली ने रन चेज करना सही समझा. आरसीबी ने अब तक पांच में से चार मुकाबले जीते हैं और IPL 2026 पॉइंट टेबल में दूसरे नंबर पर मजबूत स्थिति में है. वहीं दिल्ली ने अपने चार में से दो ही मैच जीते हैं और टेबल में पांचवें नंबर पर है. अगर दिल्ली आज का मुकाबला जीतती है तो वह चौथे नंबर पर पहुंच जाएगी. जबकि आरसीबी इस मैच को जीतकर टेबल टॉपर बनने का लक्ष्य रखेगा. 🚨 TOSS 🚨@DelhiCapitals have won the toss and will bowl first against @RCBTweets Updates ▶️ https://t.co/vfJ6SccA9T#TATAIPL | #KhelBindaas | #RCBvDC pic.twitter.com/u4tYnk5mUA — IndianPremierLeague (@IPL) April 18, 2026 DC की प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं टॉस के बाद कप्तान अक्षर पटेल ने कहा, ‘मैं पहले गेंदबाजी करूंगा. विकेट अच्छा और कड़ा लग रहा है. क्योंकि यह दिन का मैच है, इसलिए यह थोड़ा धीमा हो सकता है. साथ ही, चिन्नास्वामी आमतौर पर चेज करने के लिए जानी जाने वाली जगह है, इसलिए हम चेज करना चाहेंगे. हम उसी प्लेइंग XI के साथ उतर रहे हैं. अगर आप जीत रहे होते तो ब्रेक बुरा होता है, लेकिन क्योंकि हम पिछले दो मैच हार गए थे, इसलिए इस ब्रेक ने हमें फिर से एकजुट होने में मदद की. अब हम एक टीम के तौर पर फिर से साथ हैं और नई रफ्तार के साथ शुरुआत करने के लिए तैयार हैं. जाहिर है, हम विरोधी टीम पर नजर रख रहे हैं, लेकिन हम अपनी ताकत पर ध्यान दे रहे हैं और अपनी योजनाओं पर टिके हुए हैं. दिल्ली की प्लेइंग इलेवन पथुम निसांका, केएल राहुल (विकेटकीपर), समीर रिजवी, अक्षर पटेल (कप्तान), डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, आकिब नबी डार, लुंगी एनगिडी, कुलदीप यादव, टी नटराजन, मुकेश कुमार. पहले बैटिंग ही करना चाहती थी आरसीबी आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने कहा, ‘पहले बैटिंग करके खुशी हुई, क्योंकि हम इस पिच पर पहले बैटिंग करने का ही प्लान बना रहे थे. यह एक डे गेम है और पिच अच्छी लग रही है. इसलिए हम बोर्ड पर एक अच्छा टोटल खड़ा करेंगे और उन्हें दबाव में डालेंगे. (ग्रीन जर्सी पहल पर) मुझे लगता है कि हम यह जर्सी इसलिए पहनते हैं ताकि हम सस्टेनेबिलिटी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखा सकें और सभी को इस ग्रह के लिए ग्रीन विकल्प चुनने के लिए प्रोत्साहित कर सकें. हम उसी टीम के साथ स्पोर्ट्स रहे हैं. इस साल हमारा फाइनल चिन्नास्वामी में है, इसलिए हमें अपने सभी घरेलू मैच जीतने होंगे. आरसीबी की प्लेइंग इलेवन विराट कोहली, फिलिप सॉल्ट, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफ़र्ड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जोश हेजलवुड. ये भी पढ़ें… आईपीएल का खिताब सबसे अधिक बार जीतने वाली तीनों टीमें इस सीजन में फिसड्डी क्यों? GT vs KKR: केकेआर की हार का विलेन कौन, कप्तान अजिंक्य रहाणे ने दिया जवाब The post RCB vs DC: दिल्ली ने जीता टॉस, आरसीबी की पहले बैटिंग, देखें प्लेइंग XI appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

विजय सिन्हा की सुरक्षा घटी, निशांत कुमार को मिली Z कैटेगरी की सुरक्षा, श्रवण कुमार को Y प्लस

Bihar Government: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को लेकर बिहार प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. अब उनकी सुरक्षा Z+ कैटेगरी से घटाकर Z श्रेणी कर दी गई है. यह फैसला राज्य सुरक्षा समिति की बैठक के बाद लिया गया. इसमें नेताओं की सुरक्षा की समीक्षा की गई. पहले विजय कुमार सिन्हा को Z+ कैटेगरी की हाई लेवल सुरक्षा मिलती थी. अब प्रशासन ने खतरे के आकलन के आधार पर इसे कम कर दिया है. इसका मतलब है कि अब उनके साथ पहले के मुकाबले कम सुरक्षाकर्मी रहेंगे. गृह विभाग द्वारा जारी आदेश की कॉपी बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें किस आधार पर लिया गया फैसला निशांत कुमार को Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है. उन्हें पहली बार इस स्तर की सुरक्षा मिली है. इसके अलावा श्रवण कुमार को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है. अब उनके साथ भी पुलिस सुरक्षा का खास इंतजाम रहेगा. प्रशासन का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह से सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और खतरे के स्तर को देखते हुए लिया गया है. इस तरह के बदलाव समय-समय पर होते रहते हैं ताकि सुरक्षा व्यवस्था सही बनी रहे. इसे भी पढ़ें: सीवान में रातभर होटल, लॉज और रेस्टोरेंट्स में चली छापेमारी, जानिए क्या है मामला z-security-1Download दोनों डिप्टी सीएम की सुरक्षा बढ़ी बिहार प्रशासन के गृह विभाग ने शुक्रवार को भी नेताओं की सुरक्षा को लेकर एक आदेश जारी किया था. इसमें बताया गया था कि राज्य के दोनों नए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को Z कैटेगरी की सुरक्षा दी जाएगी. यह डिसीजन सुरक्षा समिति की सलाह के बाद लिया गया. दोनों नेता प्रशासन में अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई है. Z कैटेगरी मिलने के बाद अब उनके साथ ज्यादा सुरक्षाकर्मी रहेंगे. उनके घर, यात्रा और कार्यक्रमों में कड़ी निगरानी रखी जाएगी. प्रशासन ने पुलिस और संबंधित विभागों को इस व्यवस्था को तुरंत लागू करने का निर्देश दिया है. Z कैटेगरी की सुरक्षा हिंदुस्तान में हाई लेवल की मानी जाती है. इसमें करीब 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. इनमें NSG कमांडो के साथ पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान शामिल होते हैं. 24 घंटे सुरक्षा रहती है, साथ में एस्कॉर्ट गाड़ियां और आधुनिक हथियार भी मौजूद रहते हैं. The post विजय सिन्हा की सुरक्षा घटी, निशांत कुमार को मिली Z कैटेगरी की सुरक्षा, श्रवण कुमार को Y प्लस appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

Recent news

No Posts Found!

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top