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Author name: Vinod Jha

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गोलीबारी से होर्मुज स्ट्रेट दहला, दो जहाजों पर ईरान का हमला, भारत ने विरोध दर्ज कराया

US Iran War: होर्मुज जलडमरूमध्य में हिंदुस्तानीय ध्वज वाले जहाज पर हुई गोलीबारी की घटना को लेकर हिंदुस्तान ने ईरानी राजदूत डॉ मोहम्मद फथअली को तलब किया. फथाली के सामने हिंदुस्तान ने गोलीबारी की घटना का कड़ा विरोध दर्ज कराया. India lodged a protest with the Ambassador of Iran to India, Dr. Mohammad Fathali over the incident of firing on an Indian vessel at Strait of Hormuz. https://t.co/berBzGAtk4 — ANI (@ANI) April 18, 2026 होर्मुज में ईरान-अमेरिका आमने-सामने होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी दोहरी घेराबंदी खतरनाक स्थिति में पहुंच गई है. एक ओर जहां अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी करने के अपने अभियान को और तेज कर दिया है, वहीं दूसरी ओर ईरान ने फिर से जलमार्ग को बंद कर दिया है और वहां से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाज पर गोलीबारी करना शुरू कर दिया है. ईरान की धमकी- बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जब तक प्रभावी रहेगी, तब तक होर्मुज बंद ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने शनिवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण पहले जैसी स्थिति में लौट आया है. इसने चेतावनी दी कि जब तक ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी प्रभावी रहेगी, तब तक वह जलडमरूमध्य में आवागमन को अवरुद्ध करना जारी रखेगा. #WATCH | On Iran, US President Donald Trump says, “… They have no navy, no air force. They have no leaders; they have nothing… But we are talking to them. They wanted to close up the Strait again, as they have been doing for years. They can’t blackmail us… They have killed… pic.twitter.com/1ux9XrrhuJ — ANI (@ANI) April 18, 2026 ट्रंप ने ईरान को फिर से धमकाया, बच नहीं पाएगा होर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों पर गोलीबारी की घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर से धमकी दी है. उन्होंने कहा- हमें ब्लैकमेल नहीं कर सकता. ईरान ने बहुत से लोगों को मारा है. 47 सालों तक वे हत्याएं करके बचते रहे. अब वे ऐसा करके बच नहीं पाएंगे. ट्रंप ने फिर से दोहराया- ईरान के पास न कोई नौसेना है, न कोई वायुसेना. उनके पास कोई नेता भी नहीं बचा है; उसके पास कुछ भी नहीं है, लेकिन हम उनसे बात कर रहे हैं. The post गोलीबारी से होर्मुज स्ट्रेट दहला, दो जहाजों पर ईरान का हमला, हिंदुस्तान ने विरोध दर्ज कराया appeared first on Naya Vichar.

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CSK vs SRH: चेन्नई ने जीता टॉस, सनराइजर्स की पहले बैटिंग; देखें प्लेइंग XI

CSK vs SRH: शनिवार को आईपीएल 2026 में डबल हेडर के दूसरे मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है. सनराइजर्स हैदराबाद को पहले बैटिंग करते हुए एक बड़ा स्कोर बनाना होगा. सीएसके का यह सीजन अब तक खराब रहा है. सीएसके ने अब तक पांच में से केवल दो मैच जीते हैं और पॉइंट टेबल में आठवें नंबर पर है. सनराइजर्स की हालत भी बहुत अच्छी नहीं है. पांच में से दो जीत के साथ उसके अंक भी 4 ही हैं, लेकिन टीम का नेट रनरेट सही है. सनराइजर्स इसी की वजह से टेबल में पांचवें नंबर पर है. 🚨 Toss update from Hyderabad 🚨@ChennaiIPL won the toss and elected to field against @SunRisers Updates ▶️ https://t.co/uJG04r8iXD #TATAIPL | #KhelBindaas | #SRHvCSK pic.twitter.com/fmh9iD0N4D — IndianPremierLeague (@IPL) April 18, 2026 सीएसके कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने क्या कहा टॉस जीतने के बाद सीएसके के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने कहा, ‘हम पहले बॉलिंग करेंगे. विकेट बहुत अच्छा लग रहा है, इसमें ज्यादा बदलाव नहीं आएगा, इसलिए हम चेज करना चाहेंगे. सबसे नीचे से ऊपर आना अच्छा लग रहा है. दूसरे मैच से हमने बेसिक चीजें सही करना शुरू कर दिया था. सबसे जरूरी बात है लगातार अच्छा प्रदर्शन करना. पिछले मैच में मुझे लगा कि नूर ने बहुत अच्छी बॉलिंग की और उन्हें वापस लय में देखकर अच्छा लगा. साथ ही, अंशु भी डेथ ओवर्स में बहुत अच्छी बॉलिंग कर रहे हैं. चेन्नई सुपर किंग्स की प्लेइंग इलेवन संजू सैमसन (विकेटकीर), रुतुराज गायकवाड (कप्तान), सरफराज खान, शिवम दुबे, डेवाल्ड ब्रेविस, जेमी ओवरटन, मैथ्यू शॉर्ट, अंशुल कंबोज, नूर अहमद, मुकेश चौधरी, गुरजापनीत सिंह. सनराइजर्स ने किया एक बदलाव एसआरएच के कप्तान ईशान किशन ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हम पहले बैटिंग करते. विकेट अच्छा लग रहा है, इसलिए हम एक अच्छा टोटल बनाना चाहते हैं. आपको टीम के लिए बैटिंग करनी होती है, न कि अपने अकेले के प्रदर्शन के लिए. हमें बस हर मैच पर अलग से ध्यान देना है और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम अभी कहां हैं, क्योंकि यह एक लंबा टूर्नामेंट है. मुझे लगता है कि शुरुआत में गेंद थोड़ी हिलेगी, इसलिए बैटर्स को गेंद पर नज़र रखकर अच्छा स्पोर्ट्सना होगा. हर्ष दुबे की जगह दिलशान मधुशंका आए हैं, ताकि शुरुआत में ज्यादा स्विंग मिल सके. सनराइजर्स हैदराबाद की प्लेइंग इलेवन अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन (कप्तान), हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा (विकेटकीपर), अनिकेत वर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, शिवांग कुमार, प्रफुल्ल हिंगे, साकिब हुसैन, ईशान मलिंगा. ये भी पढ़ें… दीपक चाहर और शार्दुल ठाकुर को घर भेजो और वापस मत आने दो, MI को मिली खास सलाह IPL 2026 में इस खतरनाक गेंदबाज की इंट्री, सनराइजर्स हैदराबाद ने किया साइन The post CSK vs SRH: चेन्नई ने जीता टॉस, सनराइजर्स की पहले बैटिंग; देखें प्लेइंग XI appeared first on Naya Vichar.

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आतंकी साजिश का भंडाफोड़: टॉय कार का इस्तेमाल कर धमाके की थी तैयारी, 3 राज्यों से 4 गिरफ्तार

Terror Module Bust: चारों आरोपी की पहचान मोसैब अहमद, मोहम्मद हम्माद, मोहम्मद सोहेल और शेख इमरान के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया- संदिग्ध आतंकवादियों ने कुछ संवेदनशील जगहों को निशाना बनाने के लिए रेकी की थी. इसके अलावा एन्क्रिप्टेड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अन्य लोगों को भर्ती करने की कोशिश कर रहे थे. अभियान के दौरान एक ‘इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस’ (आईईडी) और उससे जुड़ा सामान जब्त किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि दो आरोपी भीड़भाड़ वाली जगहों को निशाना बनाने के लिए आईईडी से भरे रिमोट कंट्रोल टॉय कार को तैयार कर रहे थे. ओडिशा और बिहार से एक-एक संदिग्ध गिरफ्तार दिल्ली पुलिस ने संदिग्ध आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाया. महाराष्ट्र से दो और ओडिशा तथा बिहार से एक-एक आरोपी को पकड़ा. पुलिस ने आरोप लगाया कि चारों खिलाफत स्थापित करने के विचार के इर्द-गिर्द केंद्रित चरमपंथी विचारधारा से प्रभावित थे और गजवा-ए-हिंद जैसी धारणा को बढ़ावा दे रहे थे. वे कथित तौर पर काले झंडे लेकर चलने वाले खुरासान के लश्कर से भी प्रेरित थे. आरोपियों ने लाल किला और इंडिया गेट की रेगी की थी जांच से पता चला कि आरोपियों में से एक दिसंबर 2025 में दिल्ली आया था और उसने लाल किला और इंडिया गेट समेत खास जगहों की रेकी की थी. जांचकर्ताओं ने कहा कि इस मॉड्यूल ने अयोध्या में राम मंदिर, संसद भवन और कुछ सैन्य प्रतिष्ठानों जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर संभावित हमलों पर भी चर्चा की थी. गिरफ्तार संदिग्ध में कोई वेल्डर है तो कोई पेशे से प्लंबर गिरफ्तार संदिग्ध में शामिल मोसैब अहमद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला है और उसने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है. उसने हिंदुस्तान में और सऊदी अरब तथा कतर जैसे देशों में वेल्डर, ऑटो मैकेनिक और ऑटो इलेक्ट्रीशियन सहित कई तरह के काम किए. फिलहाल, वह ठाणे में एक निजी ऑटोमोबाइल वर्कशॉप में काम कर रहा था. मोहम्मद हम्माद मुंबई का रहने वाला है. वह कॉरेस्पोंडेंस से 12वीं की पढ़ाई कर रहा है. शेख इमरान का जन्म ओडिशा के भुवनेश्वर में एक निचले तबके के घर में हुआ था. उसने 10वीं तक पढ़ाई की और उसके बाद सुरक्षा गार्ड और डिलीवरी ब्वॉय के तौर पर काम किया. मोहम्मद सोहेल बिहार के कटिहार का रहने वाला है. वह पेशे से प्लंबर है. उसने 10वीं क्लास तक पढ़ाई की है. The post आतंकी साजिश का भंडाफोड़: टॉय कार का इस्तेमाल कर धमाके की थी तैयारी, 3 राज्यों से 4 गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले टैंकर पर ईरान ने किया हमला, कहा-प्रतिबंध जारी रहेगा

Strait of Hormuz : मिडिल ईस्ट में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव एकबार फिर बढ़ गया है. इस बार तनाव की वजह है ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में शनिवार को एक टैंकर पर हमला करना. ब्रिटेन की सेना ने यह जानकारी दी है कि ईरान से जुड़ी गनबोट ने एक टैंकर पर गोलीबारी की. हमला तब हुआ जब टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी के अनुसार ईरान के दो गनबोट ने होर्मुज से गुजर रहे एक टैंकर को निशाना बनाया. हालांकि राहत की बात यह है कि इस हमले में टैंकर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं. ईरान ने होर्मुज पर प्रतिबंध की फिर की घोषणा ईरान ने 17 अप्रैल को यह कहा था कि वह होर्मुज स्ट्रेट पर लगाए प्रतिबंध को वापस लेता है और सभी जहाजों के आवागमन की अनुमति देता है. लेकिन शनिवार 18 अप्रैल को ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर प्रतिबंध फिर से लागू करने की घोषणा कर दी. उसके बाद ही टैंकर पर हमले की यह घटना हुई है. प्रतिबंध की घोषणा सुबह की गई, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी नाकेबंदी तब तक पूरी तरह प्रभावी बनी रहेगी, जब तक तेहरान अमेरिका के साथ समझौते पर नहीं पहुंचता, जिसमें उसके परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा भी शामिल है. ये भी पढ़ें : आईपीएल का खिताब सबसे अधिक बार जीतने वाली तीनों टीमें इस सीजन में फिसड्डी क्यों? स्त्री आरक्षण: जब पक्ष-विपक्ष दोनों समर्थक, तो 543 सीटों पर क्यों लागू नहीं हो सकता कानून? The post होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले टैंकर पर ईरान ने किया हमला, कहा-प्रतिबंध जारी रहेगा appeared first on Naya Vichar.

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बंजर जमीन पर ‘सोना’ उगा रहे रामगढ़ में पतरातू के आदिवासी: नाबार्ड की पहल से आय हुई तीन गुना, पलायन पर ब्रेक

Jharkhand Farmer Story, रामगढ़ (मनोज सिंह की रिपोर्ट): रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड में आदिवासी समुदाय की आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है. विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से यहां के ग्रामीण व आदिवासी परिवारों के जीवन में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है. यह सकारात्मक परिवर्तन राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा संचालित ट्राइबल डेवलपमेंट प्रोग्राम (टीडीपी), वाटरशेड विकास तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के प्रोत्साहन से संभव हुआ है. नाबार्ड की इन पहलों के तहत झारखंड के सभी 24 जिलों में 64 परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 39,000 आदिवासी परिवारों को लाभ पहुंचाया गया है. वहीं, पतरातू की सांकी पंचायत में लगभग 1,000 ग्रामीण एकजुट होकर 1,000 एकड़ से अधिक भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं. इससे न केवल उनके पोषण स्तर में सुधार हुआ है, बल्कि आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. चुनौतियां बनीं संभावनाएं पतरातू प्रखंड में वर्ष 2013-14 के दौरान नाबार्ड ने ग्रामीण सेवा संघ के साथ मिलकर 1,000 आदिवासी परिवारों को इस परियोजना से जोड़ा था. उस समय क्षेत्र में वर्षा आधारित खेती, कम उत्पादन, मिट्टी की खराब गुणवत्ता और सिंचाई की कमी जैसी कई समस्याएं थीं. अधिकांश किसान केवल धान की एक फसल पर निर्भर थे, जिससे उनकी वार्षिक आय महज 25,000 से 30,000 रुपये तक सीमित थी. रोजगार के अभाव में युवा पलायन करने को मजबूर थे. बंजर भूमि से उपजाऊ बागान तक का सफर परियोजना के तहत बंजर और परती भूमि को विकसित कर आम और अमरूद के बाग लगाए गए. इन बागानों के बीच सब्जियों की ‘अंतरफसली खेती’ (Intercropping) को बढ़ावा दिया गया. सिंचाई सुविधाओं, उन्नत कृषि तकनीक और बाड़बंदी की व्यवस्था ने इस मॉडल को सफल बना दिया. परिणामस्वरूप, अब किसानों की वार्षिक आय बढ़कर 80,000 से 1,20,000 रुपये तक हो गई है, जो पहले की तुलना में दो से तीन गुना अधिक है. Also Read: चैनपुर के ओम प्रताप सिंह ने एनडीए में लहराया परचम, पलामू जिले का नाम किया रोशन बाजार से जुड़ाव और आय में वृद्धि नाबार्ड ने किसानों को बाजार से जोड़ने और उनके उत्पादों के ‘वैल्यू एडिशन’ पर विशेष ध्यान दिया है. ग्रेडिंग और सॉर्टिंग सुविधाओं के साथ कलेक्टिव मार्केटिंग सिस्टम लागू की गई, जिससे किसानों को उनके उत्पादों का 15 से 25 प्रतिशत तक अधिक मूल्य मिलने लगा है. इससे बिचौलियों पर उनकी निर्भरता भी कम हुई है. भूमिहीनों को रोजगार, पलायन में 60% की कमी भूमिहीन परिवारों के लिए पोल्ट्री, बतख पालन, मत्स्य पालन और वर्मी कंपोस्ट जैसे वैकल्पिक आजीविका के साधन विकसित किए गए. इससे उनकी आय के स्रोतों में विविधता आई और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई. इस पहल का सबसे बड़ा प्रभाव यह रहा कि क्षेत्र से होने वाले मौसमी पलायन में 50 से 60 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है. एफपीओ और नई परियोजनाओं से मिली मजबूती वर्ष 2015-16 में “स्नेहलता एग्रो फूड प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड” नामक किसान उत्पादक संगठन (FPO) का गठन किया गया, जिससे वर्तमान में लगभग 1,200 किसान जुड़े हैं. यह संगठन उत्पादों के संग्रह, प्रसंस्करण और विपणन में अहम भूमिका निभा रहा है. इसके अलावा, वर्ष 2023-24 में नाबार्ड ने जीआईजेड (GIZ) के सहयोग से ‘जीवा’ परियोजना शुरू की, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और जलवायु अनुकूल कृषि को प्रोत्साहित करना है. जैविक खेती से लागत में भारी कटौती ‘जीवा’ परियोजना में किसानों को आसान तरीके से खेती सिखाई जा रही है, जिसमें जीवामृत और बीजामृत जैसे जैविक खाद, अलग-अलग फसल उगाना और पुराने (पारंपरिक) बीजों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है. इससे किसानों की कृषि लागत में 30 से 40 प्रतिशत तक की कमी आई है. कोड़ी गांव के किसान देवलाल मुंडा ने बताया कि पहले एक फसल में 20,000 से 22,000 रुपये खर्च होते थे, जो अब घटकर मात्र 1,500 रुपये के करीब रह गया है, जबकि उत्पादन पहले से बेहतर हुआ है. तकनीकी नवाचार और सामूहिक प्रयास पतरातू में स्थापित ‘जीवा बायोडाइजेस्टर’ की कुल क्षमता लगभग 3,000 लीटर है, जिससे प्रतिदिन 200 लीटर तक जीवामृत तैयार किया जा सकता है. देवलाल मुंडा के नेतृत्व में करीब 35 किसान इसका नियमित लाभ उठा रहे हैं और जैविक खेती के आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं. स्त्री सशक्तिकरण को मिला बल सांकी पंचायत की मुखिया एवं स्त्री किसान कोमिला देवी ने बताया कि नाबार्ड के सहयोग से किसानों को प्रशिक्षण, कृषि उपकरण और बाजार तक सीधी पहुंच मिल रही है. इससे स्त्रीएं भी खेती और पंचायत नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. समग्र विकास का सफल मॉडल इस व्यापक पहल के परिणामस्वरूप क्षेत्र में आय वृद्धि, रोजगार सृजन और पलायन में कमी जैसे दूरगामी सकारात्मक बदलाव आए हैं. नाबार्ड की यह योजना न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी झारखंड के लिए एक सफल मॉडल के रूप में उभर रही है. Also Read: रामगढ़ की रोबा कॉलोनी के मां शीतला मंदिर की 23वीं वर्षगांठ, 251 स्त्रीओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा The post बंजर जमीन पर ‘सोना’ उगा रहे रामगढ़ में पतरातू के आदिवासी: नाबार्ड की पहल से आय हुई तीन गुना, पलायन पर ब्रेक appeared first on Naya Vichar.

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घुसपैठ और गोरखालैंड पर हिमंता का बड़ा बयान, कहा- ममता बनर्जी को हटाओ नहीं तो बंगाल हमसे छिन जायेगा

खास बातें ममता ने घुसपैठियों के लिए आरक्षित किया बंगाल का खजाना : हिमंता उत्तर बंगाल की अनदेखी और गोरखालैंड पर बड़ा वादा भाजपा प्रशासन बनते ही बाहर होंगे घुसपैठिये Himanta Biswa vs Mamata Banerjee: बंगाल चुनाव 2026 के बीच असम के मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के फायरब्रांड नेता हिमंता बिस्व सरमा ने ममता बनर्जी प्रशासन पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. शनिवार को कलिम्पोंग में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सरमा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर ममता बनर्जी को सत्ता से नहीं हटाया गया, तो आने वाले समय में बांग्लादेशी मुसलमान बंगाल को हमसे छीन लेंगे. उन्होंने टीएमसी प्रशासन पर वोट बैंक की नेतृत्व के लिए राज्य के संसाधनों को घुसपैठियों के हवाले करने का गंभीर आरोप लगाया. ममता ने घुसपैठियों के लिए आरक्षित किया बंगाल का खजाना : हिमंता असम के चीफ मिनिस्टर सरमा ने अपनी रैली में घुसपैठ के मुद्दे को केंद्र में रखा और पड़ोसी राज्यों का उदाहरण दिया. उन्होंने दावा किया कि असम और त्रिपुरा में भाजपा की प्रशासनों ने कड़ाई बरतते हुए बांग्लादेशी मुसलमानों के हिंदुस्तान में प्रवेश को पूरी तरह रोक दिया है, जबकि बंगाल में अवैध घुसपैठ अब भी बेरोकटोक जारी है. ममता बनर्जी ने बंगाल का पूरा खजाना घुसपैठियों के लिए आरक्षित कर दिया है. उत्तर बंगाल की अनदेखी और गोरखालैंड पर बड़ा वादा पहाड़ों की नेतृत्व को साधते हुए सरमा ने क्षेत्र के विकास और स्थानीय भावनाओं पर भी बात की. उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के कार्यकाल में उत्तर बंगाल पूरी तरह से उपेक्षित रहा है. यहां विकास का कोई काम नहीं हुआ. उन्होंने पहाड़ के लोगों को भरोसा दिलाया कि अगर बंगाल में भाजपा की प्रशासन बनती है, तो पार्टी ‘गोरखालैंड’ के मुद्दे का स्थायी संवैधानिक समाधान खोजेगी और गोरखा समुदाय को न्याय दिलायेगी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Himanta Biswa: भाजपा प्रशासन बनते ही बाहर होंगे घुसपैठिये मुख्यमंत्री पद से ममता बनर्जी की विदाई को बंगाल के अस्तित्व के लिए जरूरी बताते हुए सरमा ने भविष्य का खाका पेश किया. उन्होंने कहा कि बंगाल को बर्बादी से बचाने के लिए ममता बनर्जी को पद से हटाना अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि भाजपा की प्रशासन आते ही बंगाल के कोने-कोने से सभी बांग्लादेशी घुसपैठियों को चुन-चुनकर बाहर निकाला जायेगा. इसे भी पढ़ें गोरखालैंड से शासन तक : दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र का नये नेतृत्वक दौर में प्रवेश उत्तर बंगाल में गरजे हिमंता बिस्व सरमा, घुसपैठ, बीफ और चाय श्रमिकों पर ममता बनर्जी को घेरा भवानीपुर में ममता बनर्जी vs शुभेंदु अधिकारी, जानें BJP का ’बूथ-दर-बूथ’ सोशल इंजीनियरिंग प्लान बंगाल चुनाव 2026: ‘सांप-सीढ़ी’ वाली सियासत, दुर्गापुर में TMC बांट रही लूडो, पिला रही कोल्ड ड्रिंक्स बंगाल चुनाव के पहले चरण के लिए EVM-VVPAT तैयार, 44378 पोलिंग स्टेशनों पर 23 अप्रैल को वोट The post घुसपैठ और गोरखालैंड पर हिमंता का बड़ा बयान, कहा- ममता बनर्जी को हटाओ नहीं तो बंगाल हमसे छिन जायेगा appeared first on Naya Vichar.

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महिला आरक्षण: जब पक्ष-विपक्ष दोनों समर्थक, तो 543 सीटों पर क्यों लागू नहीं हो सकता कानून?

women reservation bill lok sabha : स्त्री आरक्षण अधिनियम में संशोधन के लिए संसद में लाया गया बिल शुक्रवार को गिर गया. अब प्रशासन और विपक्ष दोनों एक दूसरे को स्त्री विरोधी बता रहे हैं. ऐसे में आम जनता यह सोच रही है कि जब प्रशासन और विपक्ष दोनों ही स्त्रीओं को आरक्षण देने के मामले में एकमत हैं, तो फिर आखिर संशोधन बिल गिरा क्यों? एक और सवाल यह भी है कि आखिर वर्तमान स्थिति में यानी 543 लोकसभा सीटों पर ही स्त्रीओं को आरक्षण क्यों नहीं दिया जा सकता है? नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का बिल क्यों गिरा? नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लोकसभा चुनाव 2029 में लागू करवाने के उद्देश्य से प्रशासन इसमें संशोधन का प्रस्ताव लेकर आई थी. प्रशासन की मंशा यह थी कि जनगणना और परिसीमन के बाद आरक्षण को लागू करवाने के लिए समय सीमा 2029 तय हो जाए. अभी की स्थिति में अधिनियम में इस तरह के प्रावधान हैं कि स्त्री आरक्षण 2029 में लागू नहीं किया जा सकता है. इसकी वजह यह है कि अभी जनगणना शुरू नहीं हुई है. जनगणना के बाद परिसीमन होगा और उसके बाद ही आरक्षण लागू हो पाएगा, इस प्रक्रिया में आरक्षण 2034 से पहले लागू हो पाएगा, इसकी संभावना बहुत कम है. वहीं विपक्ष का आरोप है कि प्रशासन अभी परिसीमन कराकर अपने प्रभाव वाले क्षेत्र यानी उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में लोकसभा की सीट बढ़ाना चाहती है. साथ ही जहां उसका प्रभाव सीमित है यानी दक्षिण के राज्य, वहां सीटें कम कराना चाहती है. विपक्ष इसे संघीय ढांचे पर प्रहार बता रहा है क्योंकि किसी भी राज्य को कम आंकना और किसी को ज्यादा यह संघीय ढांचे और लोकतंत्र दोनों के खिलाफ है. इसी वजह से विपक्ष ने एकजुट होकर मतदान किया जिसकी वजह से बिल पारित नहीं हो पाया. 543 सीटों वाली लोकसभा में क्यों नहीं लागू हो सकता है कोटा? नरेंद्र मोदी प्रशासन के 12 साल के कार्यकाल में ऐसा पहली बार हुआ है कि कोई बिल संसद में गिर गया. सबके मन में यह सवाल है कि अगर स्त्रीओं को आरक्षण देने के लिए दोनों पक्ष सहमत हैं, तो 543 सीटों पर ही आरक्षण क्यों नहीं दिया जा सकता, सीट बढ़ाने की जरूरत क्या है? 2023 में संसद ने स्त्रीओं को आरक्षण देने के लिए नारी शक्ति वंदन विधेयक को बिना किसी विरोध के पास किया. अबतक यह कानून स्त्रीओं को आरक्षण का लाभ नहीं दे पाया है, क्योंकि इसके लिए पहले जनगणना का होना जरूरी है. उसके बाद चुनाव क्षेत्रों को फिर से बांटने और फिर से बनाने के लिए डीलिमिटेशन यानी परिसीमन की प्रक्रिया होगी, उसके बाद ही आरक्षण लागू होगा. विपक्ष का कहना है कि स्त्री आरक्षण को लागू करने के लिए हमने जनगणना, फिर परिसीमन तब आरक्षण की मांग नहीं की थी. यहां गौर करने वाली बात यह है कि अधिनियम में यही बात है, यानी कि कानूनन आरक्षण तब ही लागू हो सकता है, जब जनगणना का नया आंकड़ा आए. यह अभी संभव नहीं है, क्योंकि जनगणना हुई नहीं है. इस परिस्थिति में प्रशासन संशोधन लेकर आई थी, ताकि संभवत: पुराने डेटा के आधार पर परिसीमन का काम करा लिया जाता और जब नई जनगणना के आंकड़े आते, तो सबकुछ व्यवस्थित कर लिया जाता. हालांकि प्रशासन ने संशोधन बिल में इसपर कुछ भी स्पष्ट तौर पर नहीं कहा था. बावजूद इसके विपक्ष ने इसी मुद्दे पर संशोधन का विरोध किया और बिल पारित नहीं हो पाया. The post स्त्री आरक्षण: जब पक्ष-विपक्ष दोनों समर्थक, तो 543 सीटों पर क्यों लागू नहीं हो सकता कानून? appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में फिर ‘दीदी’ के करीब आया अल्पसंख्यक वोट बैंक! स्टिंग और UCC के डर ने बिगाड़ा खेल, जानें नये सियासी समीकरण

इसे भी पढ़ें फिर ममता बनर्जी के पीछे एकजुट हुए मुस्लिम वोटर बिखरता स्वतंत्र नेतृत्व और टीएमसी की मजबूती SIR और नागरिकता का डर UCC का वादा और धार्मिक नेताओं की अपील आंकड़ों में टीएमसी का दबदबा Minority Vote Bank West Bengal 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर है. करीब एक महीने पहले तक ऐसा लग रहा था कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सबसे मजबूत ‘अल्पसंख्यक वोट बैंक’ में 15 साल में पहली बार बड़ी दरार पड़ने वाली है. लेकिन, पिछले तीन हफ्तों के घटनाक्रम ने पूरी तस्वीर ही बदल दी है. फिर ममता बनर्जी के पीछे एकजुट हुए मुस्लिम वोटर नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में नाम हटने का डर, हुमायूं कबीर का स्टिंग विवाद और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के समान नागरिक संहिता (UCC) के वादे ने मुस्लिम मतदाताओं को एक बार फिर ममता बनर्जी के पीछे एकजुट कर दिया है. बिखरता स्वतंत्र नेतृत्व और टीएमसी की मजबूती मार्च 2026 की शुरुआत तक इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF), असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM और हुमायूं कबीर की पार्टी AJUP एक साथ मिलकर ‘स्वतंत्र मुस्लिम नेतृत्व’ की बात कर रहे थे. वक्फ कानून और मदरसा भर्ती जैसे मुद्दों पर नाराजगी के सहारे ये दल करीब 110 मुस्लिम बहुल सीटों पर टीएमसी के आधार में सेंध लगाने की तैयारी में थे. अचानक हुए बदलावों ने इस मोर्चे को कमजोर कर दिया. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें एआईएमआईएम और आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के बीच गठबंधन उस समय टूट गया, जब हुमायूं कबीर का एक कथित स्टिंग वीडियो सामने आया. इस वीडियो में उन्हें हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ सौदेबाजी की बात करते सुना गया. हालांकि कबीर ने इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का कमाल बताया, लेकिन नुकसान हो चुका था. किसी मजबूत तीसरे विकल्प की अनुपस्थिति में मतदाताओं को अब फिर से टीएमसी ही एकमात्र सहारा नजर आ रही है. इसे भी पढ़ें : भवानीपुर में वोटर लिस्ट से 40 फीसदी मुस्लिम गायब, गुजराती वोट बैंक भी नाराज, ‘गढ़’ बचा पायेंगी ममता बनर्जी? SIR और नागरिकता का डर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से करीब 91 लाख नाम हटाये गये हैं, जिसने पूरे राज्य में खलबली मचा दी हैय हटाये गये नामों में करीब 34 प्रतिशत मुस्लिम हैं. मुर्शिदाबाद, मालदा और 24 परगना जैसे जिलों में इसे लेकर गहरी असुरक्षा की भावना है. विश्लेषक मैदुल इस्लाम का कहना है कि अल्पसंख्यक मतदाता उत्साह में नहीं, बल्कि ‘डर’ की वजह से टीएमसी के पीछे खड़े हो रहे हैं. उन्हें लगता है कि अगर वोट बंटा, तो इसका सीधा फायदा भाजपा को होगा. इसे भी पढ़ें : दरक रहा ममता बनर्जी का अल्पसंख्यक दुर्ग? ओवैसी, हुमायूं और नौशाद ने बढ़ायी तृणमूल की टेंशन UCC का वादा और धार्मिक नेताओं की अपील भाजपा के घोषणापत्र में सत्ता में आने के 6 महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के वादे ने भी माहौल बदल दिया है. ऑल बंगाल माइनॉरिटी यूथ फेडरेशन और नाखोदा मस्जिद के इमाम का मानना है कि अब लड़ाई सड़क या बिजली की नहीं, संवैधानिक अधिकारों और धार्मिक पहचान की रक्षा की है. इमाम मौलाना मोहम्मद शफीक कासमी के अनुसार, मुस्लिम मतदाता उन छोटी पार्टियों को वोट देकर अपना वोट ‘बर्बाद’ नहीं करना चाहेंगे, जो सांप्रदायिक ताकतों से सीधे नहीं लड़ सकतीं. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी से दूर मुस्लिम वोट बैंक? असम-बिहार और महाराष्ट्र के नतीजों ने बढ़ायी टेंशन, जानें 160 सीटों का समीकरण Minority Vote Bank: आंकड़ों में टीएमसी का दबदबा वर्ष 2021 के चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने उन 89 सीटों में से 87 पर जीत हासिल की थी, जहां अल्पसंख्यक मतदाता 30 प्रतिशत से अधिक थे. विश्लेषकों का कहना है कि वर्ष 2026 में भी यही कहानी दोहरायी जा सकती है, क्योंकि अल्पसंख्यक मतदाताओं को अब ममता बनर्जी के अलावा कोई दूसरा व्यावहारिक विकल्प नजर नहीं आ रहा है. नेतृत्व में ‘असुरक्षा’ अक्सर सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनती है. बंगाल में इस समय ठीक यही हो रहा है. वर्ष 2026 का बंगाल चुनाव अब ‘त्रिकोणीय’ होने की बजाय एक बार फिर टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला बनता दिख रहा है. इसे भी पढ़ें बंगाल में गरजे पीएम मोदी- बंगालियों को अपनी ही मिट्टी पर अल्पसंख्यक नहीं बनने देंगे, ममता बनर्जी प्रशासन पर बोला हमला अल्पसंख्यकों के विकास के लिए विभागीय बजट में की गयी 10 गुना से अधिक वृद्धि : मुख्यमंत्री मुर्शिदाबाद में उग्र प्रदर्शन पर ममता बनर्जी का गैर-जिम्मेदाराना बयान, कहा- अल्पसंख्यकों का गुस्सा ‘जायज’, दंगे भड़काने की साजिश रच रही बीजेपी मोदी प्रशासन पर बरसीं ममता बनर्जी- स्त्री आरक्षण और परिसीमन को जोड़ना हिंदुस्तान बांटने की साजिश The post बंगाल में फिर ‘दीदी’ के करीब आया अल्पसंख्यक वोट बैंक! स्टिंग और UCC के डर ने बिगाड़ा स्पोर्ट्स, जानें नये सियासी समीकरण appeared first on Naya Vichar.

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BJP महिला कार्यकर्ताओं का कांग्रेस के खिलाफ हल्ला बोल, राहुल गांधी के आवास की बढ़ाई गई सुरक्षा

BJP Protest Against Congress: BJP के जबरदस्त विरोध प्रदर्शन के बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. #WATCH | Delhi: Heavy Police deployment outside the residence of Lok Sabha LoP Rahul Gandhi amid a massive protest by BJP after the Constitution (131st Amendment) Bill failed to pass in the Lok Sabha. pic.twitter.com/AoD8sgoZKA — ANI (@ANI) April 18, 2026 पूरे विपक्ष ने स्त्रीओं की पीठ पर छुरा घोंपा : बांसुरी स्वराज BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा- पूरे विपक्ष ने, खासकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस देश की स्त्रीओं के साथ विश्वासघात किया. उन्होंने स्त्रीओं की पीठ में छुरा घोंपा. वे चाहते हैं कि स्त्रीओं की भूमिका सिर्फ पोलिंग बूथ तक ही सीमित रहे. जब नेतृत्वक प्रतिनिधित्व की बात आई, तो उन्होंने अपने स्वार्थ को प्राथमिकता दी और स्त्रीओं के गुस्से का शिकार बन गए. उन्होंने स्त्रीओं के साथ विश्वासघात किया है. #WATCH | BJP MP Bansuri Swaraj says, “Entire Opposition, especially LoP Rahul Gandhi, betrayed the women of this country yesterday. They backstabbed women. They want women’s role to be restricted only to polling booths. When it came to political representation, they prioritised… https://t.co/OzZtk8GlPy pic.twitter.com/v3ndcoso1q — ANI (@ANI) April 18, 2026 INDI गठबंधन ने स्त्रीओं को दिया धोखा : BJP सांसद कमलजीत BJP सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा- INDI गठबंधन के लोगों ने एक बार फिर साजिश रची और स्त्री आरक्षण बिल को हरा दिया. नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में पास हुआ था. लेकिन इसे असल में लागू करने के लिए, एक संशोधन जरूरी था. जब कल यह संशोधन पेश किया गया, तो INDI गठबंधन ने इसके खिलाफ वोट दिया और बिल गिर गया. स्त्री आरक्षण बिल को लागू करना प्रशासन की प्राथमिकता थी. स्त्रीएं देख सकती हैं कि एक बार फिर INDI गठबंधन ने उन्हें धोखा दिया और बिल को हरा दिया. कांग्रेस के विरोध में सड़क पर उतरी रेखा गुप्ता लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पारित न हो पाने के एक दिन बाद, CM रेखा गुप्ता और BJP की स्त्री नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास की ओर मार्च किया. कांग्रेस ने देश की सभी स्त्रीओं का किया अपमान : रक्षा खडसे केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कहा, स्त्रीओं को बहुत उम्मीदें थीं कि सभी विपक्षी दल इस बिल का समर्थन करेंगे. लेकिन कांग्रेस और सभी विपक्षी दलों ने इस बिल को रोक दिया और इसके खिलाफ वोट दिया. मुझे लगता है कि यह देश की सभी स्त्रीओं का अपमान है. प्रधानमंत्री ने कहा था कि वे (विपक्ष) इसका श्रेय (स्त्री आरक्षण बिल का) ले सकते हैं, लेकिन बिल को पास जरूर करें. हालांकि, कांग्रेस ने नेतृत्व की. कांग्रेस पीछे हट गई और स्त्रीओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा. ये भी पढ़ें: किरेन रिजिजू बोले- स्त्रीओं को अधिकार न देकर विपक्ष ने किया पाप, कांग्रेस पर लगा काला धब्बा The post BJP स्त्री कार्यकर्ताओं का कांग्रेस के खिलाफ हल्ला बोल, राहुल गांधी के आवास की बढ़ाई गई सुरक्षा appeared first on Naya Vichar.

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धू-धू कर जली हाजीपुर की फोम फैक्ट्री, जान बचाकर भागे मजदूर, इलाके में मची भगदड़

Hajipur Industrial Area, कैफ अहमद: हाजीपुर के इंडस्ट्रियल एरिया में शनिवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया. यहां एक फोम बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई. आग लगते ही फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों के बीच अफरातफरी मच गई. लोग अपनी जान बचाने के लिए तुरंत बाहर भागे. जांच शुरू कुछ ही देर में आग तेजी से फैलने लगी और देखते ही देखते उसने भयानक रूप ले लिया. आग की ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार दूर से ही दिखाई देने लगा. आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने इलाके को घेर लिया और लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी. साथ ही आग लगने के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है. हाजीपुर: इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्री में भीषण आग. आर एंड डी थर्मोप्लास्ट इंडस्ट्री में लगी आग. शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका. इलाके में अफरा-तफरी. फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर. कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू. SDPO सुबोध कुमार, SDO रामबाबू बैठा मौजूद. अधिकारियों ने… pic.twitter.com/XdId7NcE76 — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 18, 2026 बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें तेजी से फैली आग आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. दमकल कर्मी लगातार आग बुझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फोम सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैल रही है. आग पर काबू पाना काफी मुश्किल हो रहा है. स्थानीय लोग भी राहत और बचाव काम में जुटे हुए हैं. बताया जा रहा है कि यह फैक्ट्री पासवान चौक के पास चाणक्य कॉलोनी रोड पर स्थित है. आग अचानक लगी और पूरे परिसर में फैल गई. फिलहाल किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं मिली है. प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है. इसे भी पढ़ें: विजय सिन्हा की सुरक्षा घटी, निशांत कुमार को मिली Z केटेगरी सुरक्षा, बिहार प्रशासन का फैसला The post धू-धू कर जली हाजीपुर की फोम फैक्ट्री, जान बचाकर भागे मजदूर, इलाके में मची भगदड़ appeared first on Naya Vichar.

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