Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

महिला आरक्षण बहाना, परिसीमन है असली निशाना, देश को टुकड़ों में बांटना चाहती है भाजपा : ममता बनर्जी

खास बातें लोकसभा सीटों को 850 करने की साजिश उत्तर बंगाल के विकास पर पीएम मोदी को घेरा विकास बनाम नेतृत्व का संग्राम ममता ने मोदी से पूछे 3 तीखे सवाल SIR की आड़ में CAA और घुसपैठिया कार्ड एजेंसियों का दुरुपयोग और हेलीकॉप्टर रेड का डर Mamata Banerjee on Delimitation Bill Row: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र की हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत एनडीए प्रशासन पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने स्त्री आरक्षण विधेयक को ‘बड़ा नेतृत्वक छलावा’ करार दिया है. शुक्रवार को कूचबिहार में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र प्रशासन स्त्री आरक्षण की आड़ में परिसीमन (Delimitation) विधेयक को पिछले दरवाजे से लागू करना चाहती है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 की गयी, तो यह देश की अखंडता को खतरे में डाल देगा. देश को टुकड़ों में बांट देगा. लोकसभा सीटों को 850 करने की साजिश मुख्यमंत्री ने संसद में पेश 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर गंभीर सवाल उठाये. कहा कि भाजपा स्त्री आरक्षण का नाम लेकर असल में परिसीमन की योजना बना रही है. यह देश के संघीय ढांचे के लिए खतरनाक है. उन्होंने दावा किया कि 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव दक्षिण हिंदुस्तान और छोटे राज्यों के प्रभाव को कम करने की कोशिश है. उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस इसका हर स्तर पर विरोध करेगी. उत्तर बंगाल के विकास पर पीएम मोदी को घेरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले सप्ताह उत्तर बंगाल के विकास को लेकर दिये गये बयानों पर ममता बनर्जी ने पलटवार किया. बंगाल की चीफ मिनिस्टर ने प्रधानमंत्री को डेटा चेक करने की सलाह दी. टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि उनकी प्रशासन ने नॉर्थ बंगाल के विकास पर 1.72 लाख करोड़ रुपए खर्च किये हैं. प्रधानमंत्री को गलत तथ्य पेश नहीं करना चाहिए. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Mamata Banerjee on Delimitation Bill Row: विकास बनाम नेतृत्व का संग्राम ममता बनर्जी ने रैली में कहा कि भाजपा केवल चुनाव के समय उत्तर बंगाल की सुध लेती है. टीएमसी साल भर यहां की जनता के साथ खड़ी रहती है. उन्होंने कूचबिहार की जनता से आह्वान किया कि वे भाजपा की ‘विभाजनकारी नेतृत्व’ का जवाब अपने वोट से दें. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आगामी दिनों में विकास और क्षेत्रीय पहचान का मुद्दा चुनाव में और भी गरमायेगा. इसे भी पढ़ें : कर्ज के जाल में बंगाल, 1400 उद्योगों का पलायन, देवेंद्र फडणवीस ने ममता बनर्जी प्रशासन के आर्थिक मॉडल पर उठाये सवाल ममता ने मोदी से पूछे 3 तीखे सवाल आपने हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था. 12 वर्षों में एक भी व्यक्ति को नौकरी मिली? क्या किसी व्यक्ति के बैंक खाते में आपके वादे के मुताबिक 15 लाख रुपए आये? 2016 में नोटबंदी के जरिये काला धन वापस लाने का जो लक्ष्य रखा था, वह हासिल हुआ? इसे भी पढ़ें : मोदी प्रशासन पर बरसीं ममता बनर्जी- स्त्री आरक्षण और परिसीमन को जोड़ना हिंदुस्तान बांटने की साजिश SIR की आड़ में CAA और घुसपैठिया कार्ड ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर भी निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि एसआईआर की आड़ में चुपके से सीएए (CAA) लागू किया जा रहा है. बंगाल के वैध निवासियों को ‘घुसपैठिया’ करार दिया जा रहा है और राज्य की मतदाता सूची से जान-बूझकर 9 लाख से अधिक नाम हटाये गये हैं. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी के 2.5 किमी के रोड शो में उमड़ा जनसैलाब, दुर्गापुर में गूंजा ‘जय बांग्ला’ एजेंसियों का दुरुपयोग और हेलीकॉप्टर रेड का डर बंगाल की चीफ मिनिस्टर ने केंद्र पर नेतृत्वक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि उनके सुरक्षा अधिकारियों और टीएमसी उम्मीदवारों के घरों पर छापे मारे जा रहे हैं. उन्होंने अंदेशा जताया कि अब उनके विमान (हेलीकॉप्टर) पर भी छापे मारने की योजना बनायी जा रही है. इसे भी पढ़ें 2021 में ममता बनर्जी नंदीग्राम में हारीं, इस बार भवानीपुर भी हारेंगी, शुभेंदु अधिकारी के नामांकन में गरजे अमित शाह बंगाल चुनाव में AI वाली घिनौनी साजिश! भाजपा प्रत्याशी की आपत्तिजनक तस्वीरें बसों पर चिपकायी बंगाल चुनाव में ‘तीसरी आंख’ का पहरा, संवेदनशील बूथों पर 3 और सामान्य पर लगेंगे 2 CCTV बंगाल चुनाव से पहले धनबल का स्पोर्ट्स! हावड़ा में डॉलर और लाखों की नकदी के साथ 2 अरेस्ट, कोलकाता में गोल्ड जब्त The post स्त्री आरक्षण बहाना, परिसीमन है असली निशाना, देश को टुकड़ों में बांटना चाहती है भाजपा : ममता बनर्जी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बार-बार हो रही पैसों की कमी? शनिवार को जरूर करें ये 5 आसान उपाय

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र का महत्व हमारे जीवन में काफी गहरा होता है. कहा जाता है अगर किसी भी कार्य को करने से पहले या फिर करने के दौरान आप इसमें बताये गए नियमों का सही से पालन करते हैं, तो इसके परिणाम काफी सुखद और जीवन में समृद्धि लेकर आने वाले होते हैं, वहीं, इन नियमों और बालों को नजरअंदाज करना जीवन में परेशानियां भी लेकर आता है. हमारे इसी वास्तु शास्त्र में शनिवार के दिन को लेकर भी कुछ खास नियम बताये गए हैं. इस दिन को शनि देव से जुड़ा हुआ माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार शनि देव ही किसी भी इंसान को उसके कर्मों को देखते हुए फल देते हैं. आज की यह आर्टिकल उन सभी के लिए है जो एक लंबे समय से पैसों से जुड़ी दिक्कतों से जूझ रहे हैं. आज हम आपको शनिवार को किये जाने वाले कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप पैसों से जुड़ी दिक्कतों को काफी हद तक काम कर सकते हैं. तो चलिए इन उपायों के बारे में जानते हैं. घर की सफाई और कबाड़ हटाना है जरूरी वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आपके घर पर गंदगी जमी हुई है या फिर बेकार की चीजें पड़ी हुई हैं, तो ये भी निगेटिव एनर्जी को बढ़ाने का काम करती हैं. शनिवार के दिन आपको अपने घर के कोनों और छुपी हुई जगहों की सफाई अच्छे से करनी चाहिए. अगर किसी भी तरह का टूटा-फूटा सामान घर पर है या फिर खराबी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स हैं, तो इन्हें घर से बाहत निकाल दें. जब आप ऐसा करेंगे तो घर पर पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बढ़ जाएगा और पैसों से जुड़ी दिक्कतें धीरे-धीरे खत्म होने लग जाएंगी. यह भी पढ़ें: क्या आपको भी रात भर रहती है टेंशन और बेचैनी? आराम पाने के लिए सोने से पहले जरूर कर लें ये 5 काम सरसों के तेल का दीपक जलाएं शनिवार की शाम आपको सरसों के तेल से दीपक जरूर जलाना चाहिए. इसे काफी ज्यादा शुभ मना जाता है. आप इस दीपक को घर के मंदिर या फिर किसी पीपल के पेड़ के नीचे जला सकते हैं. मान्यताओं के अनुसार जब आप ऐसा करते हैं तो शनि देव प्रसन्न हो जाते हैं और साथ ही जीवन में आ रही हर पैसों से जुड़ी दिक्कतें कम होने लग जाती हैं. जब आप इस दीपक को जला रहे हों, तो आपका मन पूरी तरह से शांत और पॉजिटिव होना चाहिए. दान-पुण्य करने से होता है फायदा शनिवार के दिन आपको जरूरतमंदों को दान में कुछ चीजें जरूर देनी चाहिए. अगर अगर चाहें तो इस दिन काले तिल, सरसों का तेल, कंबल या फिर लोहे से बनी चीजों को दान में दे सकते हैं. जब आप ऐसा करते हैं, तो निगेटिव एनर्जी कम होता है और जीवन में पैसों से जुड़ी दिक्कतें कम होने लगती है. आपको किसी भी तरह का दान हमेशा ही सच्चे मन से ही करना है. यह भी पढ़ें: झाड़ू-पोछा करते समय की ये 5 गलतियां बना सकती हैं आपको कंगाल, दरिद्रता से बचने के लिए जान लें सही तरीका जानवरों को भोजन कराएं शनिवार के दिन आपको एक काले कुत्ते को और काले कौवों को भोजन जरूर करवाना चाहिए. इसे सबसे आसान और असरदार तरीकों में से एक माना जाता है. आप अगर चाहें तो एक रोटी पर थोड़ा सा सरसों का तेल लगाकर उसे कुत्तों की खिला सकते हैं और इसके साथ ही कौवों के लिए छत पर अनाज भी बिछा सकते हैं. यह छोटा सा उपाय शनि दोष को कम करने में मदद करता है और आपकी जिंदगी में सुख-समृद्धि को बढ़ाता है. लोहे से जुड़े उपाय अपनाएं वास्तु शास्त्र के अनुसार शनिवार के दिन लोहे से जुड़ी चीजों का काफी गहरा महत्व होता है. यह एक बड़ी वजह है कि आपको इस दिन लोहे से बनी चीजों को दान जरूर करना चाहिए. आपको इस दिन भूलकर भी लोहे की चीजें खरीदनी नहीं चाहिए. इसके अलावा अगर आपके घर या फिर दुकान में लोहे की चीजें हैं तो उन्हें साफ-सुथरा और व्यवस्थित करके ही रखें. जब आप ऐसा करते हैं, तो आपको पैसों से जुड़े फायदे होने शुरू हो जाते हैं. यह भी पढ़ें: इन इशारों को भूलकर भी नजरअंदाज करने की न करें गलती, मां लक्ष्मी के आगमन के हो सकते हैं संकेत The post बार-बार हो रही पैसों की कमी? शनिवार को जरूर करें ये 5 आसान उपाय appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

गिर गया महिला आरक्षण और परिसीमन बिल, लोकसभा में सरकार को नहीं मिला दो तिहाई बहुमत

Parliament Session: स्त्रीओं को 33% आरक्षण देने से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक संसद से पास नहीं हो सका. 2029 के लोकसभा चुनाव से इसे लागू किया जाना था. संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, 2026 पर मतदान के दौरान इसके पक्ष में 298 वोट पड़े. विरोध में 230 सांसदों ने वोट किया. संसदीय नियमों के अनुसार, किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है. प्रशासन ने इस विधेयक के साथ परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा कि इस विधेयक के पास न होने के कारण इससे जुड़े परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी आगे नहीं बढ़ाया जा सकता. #WATCH | The Constitution (One Hundred and Thirty-First Amendment) Bill, 2026 fails to pass in Lok Sabha House adjourned till tomorrow. pic.twitter.com/cNJkxLhu9p — ANI (@ANI) April 17, 2026 लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा- हमने संविधान पर हुए इस हमले को विफल कर दिया है. हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह स्त्रीओं के लिए आरक्षण विधेयक नहीं है, बल्कि यह हिंदुस्तान की नेतृत्वक संरचना को बदलने का एक तरीका है. #WATCH | Delhi | LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi says, “We have defeated this attack on the Constitution. We have clearly said that this is not a women’s reservation bill, but it is a way to change India’s political structure.” pic.twitter.com/aotPoy765B — ANI (@ANI) April 17, 2026 बोलीं प्रियंका गांधी- यह स्त्रीओं के आरक्षण का मुद्दा नहीं लोकसभा में संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित न होने पर प्रियंका गांधी ने कहा कि यह सिर्फ स्त्रीओं के आरक्षण का मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतंत्र से जुड़ा मामला था. उन्होंने कहा कि स्त्रीओं के आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना स्वीकार्य नहीं है. इसलिए इस विधेयक का पारित होना संभव नहीं था. उन्होंने इसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग हाथरस, उन्नाव और मणिपुर जैसे मामलों में कार्रवाई नहीं कर पाए, वे अब स्त्री अधिकारों की बात कर रहे हैं. #WATCH | Delhi | After The Constitution (One Hundred and Thirty-First Amendment) Bill, 2026 fails to pass in Lok Sabha, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, “This was not about women’s reservation but democracy. We can never agree to linking delimitation with women’s… pic.twitter.com/mo19jiJb1b — ANI (@ANI) April 17, 2026 The post गिर गया स्त्री आरक्षण और परिसीमन बिल, लोकसभा में प्रशासन को नहीं मिला दो तिहाई बहुमत appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

GT vs KKR: टॉस जीतकर केकेआर की पहले बैटिंग, देखें प्लेइंग इलेवन

GT vs KKR: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया है. केकेआर को अब भी पहली जीत का इंतजार है और टीम टेबल में सबसे नीचे दसवें नंबर पर है. टीम के लगातार खराब प्रदर्शन की वजह से कप्तान अजिंक्य रहाणे को हटाने की मांग भी तेज हो गई है. रहाणे आज पहले बैटिंग करते हुए एक बड़ा स्कोर करना चाहेंगे, जिससे जीटी पर दबाव बनाया जा सके और मैच जीता जा सके. वैसे जीटी का प्रदर्शन भी अब तक मिला-जुला रहा है. कप्तान शुभमन गिल खुद के फॉर्म की भी तलाश में होंगे. दोनों टीमों की प्लेइंग XI गुजरात टाइटंस : शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, राहुल तेवतिया, राशिद खान, अशोक शर्मा, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा.कोलकाता नाइट राइडर्स : टिम सीफर्ट, सुनील नरेन, अजिंक्य रहाणे (कप्तान), कैमरून ग्रीन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), रोवमैन पॉवेल, रिंकू सिंह, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी. 🚨Toss update from Ahmedabad🚨@KKRiders won the toss and elected to bat first against @gujarat_titans Updates ▶️ https://t.co/FACeUzse3B#TATAIPL | #KhelBindaas | #GTvKKR pic.twitter.com/1IPWIZTZXC — IndianPremierLeague (@IPL) April 17, 2026 केकेआर ने किया एक बदलाव टॉस जीतने के बाद केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने कहा, ‘हम पहले बल्लेबाजी करना चाहते हैं, हम चाहते हैं कि हमारे बल्लेबाज आजादी से स्पोर्ट्सें. हम बस चीजों को पलटना चाहते हैं, इसलिए पहले बल्लेबाजी करना एक अच्छा विकल्प है. अगर आप अच्छा कर रहे हैं, तो लोग आपकी तारीफ करेंगे, नहीं तो वे आलोचना करेंगे. T20 फॉर्मेट पूरी तरह से मोमेंटम के बारे में है. एक बदलाव है, एलन की जगह टिम सीफर्ट आए हैं. पहले गेंदबाजी ही करना चाहते थे गिल टॉस हारने के बाद जीटी के कप्तान शुभमन गिल ने कहा, ‘सच कहूं तो, हम पहले गेंदबाजी करना चाहते थे. शायद थोड़ी ओस हो सकती है. पिछले मैच में बीच के ओवरों में हमारी बल्लेबाजी लड़खड़ा गई थी. नहीं तो, यह एक आसान चेज होना चाहिए था. यह सब बस आसान चीजों को सही तरीके से करने के बारे में है. टीम मीटिंग्स में हम हमेशा इसी बारे में बात करते हैं. हम उसी टीम के साथ स्पोर्ट्स रहे हैं. ये भी पढ़ें… रन चेज करने में पंजाब ने बनाया रिकाॅर्ड 11 में से 9 मैच जीते MI vs PBKS: हर मैच के साथ निखर रहे प्रभसिमरन, जीत के बाद अय्यर ने की तारीफ The post GT vs KKR: टॉस जीतकर केकेआर की पहले बैटिंग, देखें प्लेइंग इलेवन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

महिला आरक्षण पर बोले अमित शाह, अगर विपक्ष ने नहीं किया समर्थन तो गिर जाएगा बिल

Parliament Special Session 2026: गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि विपक्षी ‘इंडी’ गठबंधन किंतु-परंतु और अगर-मगर का उपयोग करके स्त्री आरक्षण का विरोध कर रहा है. उन्होंने स्त्री आरक्षण अधिनियम से संबंधित संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि जो लोग परिसीमन का विरोध कर रहे हैं वे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC-ST) के लिए आरक्षित सीटों में बढ़ोतरी का विरोध कर रहे हैं. गृह मंत्री ने अलग-अलग सीटों के बीच जनसंख्या के असंतुलन का हवाला देते हुए कहा कि यह परिसीमन से ही ठीक हो सकता है और विपक्ष को इसमें सहयोग करना चाहिए. “Those opposing delimitation are actually opposing an increase in SC/ST seats,” says Union Home Minister Amit Shah, replying to the debate on the Women’s Reservation Bill and the Delimitation Bill in the Lok Sabha. pic.twitter.com/dxKXVScuKU — ANI (@ANI) April 17, 2026 विपक्ष किंतु-परंतु बोलकर स्त्री आरक्षण का कर रहा विरोध- शाह शाह ने कहा- सबने सदन में बोला कि वे स्त्री आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन जब बारीकी से देखें तो ‘इंडी’ गठबंधन के सदस्यों ने अगर-मगर, किंतु-परंतु का उपयोग करके स्त्री आरक्षण का विरोध किया. उन्होंने कहा- किसी संसदीय क्षेत्र में 39 लाख की आबादी हो गई है तो कहीं 60 हजार है. सांसद तो अपने निर्वाचन क्षेत्र में लोगों को अपना मुंह दिखा नहीं पाते. ऐसी स्थिति में कोई सांसद कैसे अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेगा. उन्होंने कहा- इसी बात को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर परिसीमन का प्रावधान किया गया है. #WATCH | “No one has objected to the women’s reservation. But, if we see closely, all members of the INDI alliance have opposed it by using ‘ifs and but’ “, says Union Home Minister Amit Shah, replying to the debate on the Women’s Reservation Bill and the Delimitation Bill in the… https://t.co/IGYPKEd6QW pic.twitter.com/wj0PfSRXKx — ANI (@ANI) April 17, 2026 गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि 140 करोड़ लोगों के मन कोई शक यह गलतफहमी नहीं हो, इसलिए जातिवार गणना के साथ जनगणना कराने का फैसला लिया गया और इसकी शुरुआत हो चुकी है. शाह ने कहा कि अगर विपक्ष वोट नहीं देगा तो यह विधेयक गिर जाएगा, लेकिन देश की स्त्रीओं को पता चल जाएगा कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है. अमित शाह ने लोकसभा में स्त्री आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि इस महत्वपूर्ण संविधान संशोधन पर सदन में करीब 133 सदस्यों ने अपनी राय रखी. उन्होंने बताया कि इनमें 56 स्त्री सांसद शामिल थीं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. #WATCH | Delhi: Speaking in Lok Sabh on the Women’s Reservation Bill and the Delimitation Bill, Union Home Minister Amit Shah says, “Nearly 133 Members spoke in the House on this important constitution Amendment Bill, out of which 56 Members were women, which will prove to be a… pic.twitter.com/N6pfsIonXY — ANI (@ANI) April 17, 2026 संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण स्वीकार नहीं करता- अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि कुछ सदस्यों ने गलतफहमी फैलाई है कि मुसलमान स्त्रीओं को भी आरक्षण मिले. इसपर अमित शाह ने कहा- मैं यहां प्रशासन, संविधान, बीजेपी की नीतियों के बारे में साफ करना चाहता हूं कि हिंदुस्तानीय संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को स्वीकार नहीं करता है. #WATCH | केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में स्त्री आरक्षण बिल और परिसीमन बिल पर बहस का जवाब देते हुए कहा, “यहां कुछ सदस्यों ने भ्रांति फैलाई कि मुसलमान स्त्रीओं को भी आरक्षण मिले। मैं यहां प्रशासन, संविधान, भाजपा की नीतियों के बारे में स्पष्ट करना चाहता हूं कि हिंदुस्तानीय संविधान… pic.twitter.com/ytL2rDskQs — ANI_HindiNews (@AHindinews) April 17, 2026 The post स्त्री आरक्षण पर बोले अमित शाह, अगर विपक्ष ने नहीं किया समर्थन तो गिर जाएगा बिल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Ola से TVS तक- स्मार्ट टच डिस्प्ले वाले 5 इलेक्ट्रिक स्कूटर

हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक स्कूटर तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं और अब कंपनियां इन्हें और स्मार्ट बनाने पर ध्यान दे रही हैं. सिर्फ बैटरी रेंज और स्पीड ही नहीं, बल्कि अब टचस्क्रीन डिस्प्ले भी इनका बड़ा आकर्षण बन गया है. ये स्क्रीन न सिर्फ नेविगेशन और कॉल अलर्ट जैसी सुविधाएं देती हैं, बल्कि म्यूजिक कंट्रोल, क्रैश अलर्ट और ऐप इंटीग्रेशन जैसी स्मार्ट टेक्नोलॉजी भी शामिल करती हैं. TVS iQube ST : सबसे एडवांस्ड वेरिएंट TVS का iQube ST मॉडल 7-इंच TFT टचस्क्रीन के साथ आता है. इसमें म्यूजिक कंट्रोल, कॉल अलर्ट, OTA अपडेट, नेविगेशन, जियो-फेंसिंग और एंटी-थेफ्ट अलर्ट जैसी सुविधाएं हैं. 5.3 kWh बैटरी वेरिएंट में यह स्कूटर 212 किमी तक की रेंज देता है. कीमत: ₹1.71 लाख (एक्स-शोरूम). Ola S1 Pro Gen 3 – स्मार्ट फीचर्स से भरपूर Ola का फ्लैगशिप मॉडल MoveOS 5 पर चलता है और इसमें SOS अलर्ट, रोड ट्रिप मोड, मल्टी-मोड ट्रैक्शन कंट्रोल और डिजिटल की जैसी सुविधाएं हैं. इसमें क्रूज कंट्रोल, ऐप इंटीग्रेशन और रिमोट बूट अनलॉक भी मिलता है. कीमत: ₹1.02 लाख (एक्स-शोरूम). Ather Rizta और 450X – यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस Ather Rizta और 450X दोनों ही 7-इंच टचस्क्रीन के साथ आते हैं. इनमें Google Maps नेविगेशन, लाइव लोकेशन शेयरिंग, क्रैश अलर्ट और मैजिक ट्विस्ट जैसी सुविधाएं हैं. Rizta की कीमत ₹1.30 लाख से शुरू होती है, जबकि 450X ₹1.46 लाख से उपलब्ध है. Simple One – सबसे लंबी रेंज Simple One स्कूटर 265 किमी तक की रेंज देने का दावा करता है. इसमें क्रूज कंट्रोल, ट्रैक्शन कंट्रोल, स्मार्टवॉच कनेक्टिविटी और स्मार्ट अलर्ट जैसी सुविधाएं हैं. कीमत: ₹1.69 लाख (एक्स-शोरूम). क्यों खास हैं ये स्कूटर? इन टचस्क्रीन डिस्प्ले वाले स्कूटरों का मकसद सिर्फ स्टाइल नहीं, बल्कि राइडिंग को ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है. कॉल और म्यूजिक कंट्रोल से लेकर क्रैश अलर्ट और नेविगेशन तक, ये फीचर्स इन्हें वास्तव में स्मार्ट स्कूटर बनाते हैं. यह भी पढ़ें: BaaS मॉडल के साथ हिंदुस्तान में मिलने वाले टॉप 5 वैल्यू इलेक्ट्रिक स्कूटर्स यह भी पढ़ें: हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की बिक्री तेज, हर 10 में से 1 EV खरीदार The post Ola से TVS तक- स्मार्ट टच डिस्प्ले वाले 5 इलेक्ट्रिक स्कूटर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राहुल गांधी ने महिला आरक्षण अधिनियम की पहेली का जवाब 16 क्यों बताया, आइए समझें

Puzzle of 16 : विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्त्री आरक्षण अधिनियम संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि My god, how crazy!’ That’s the number. Sixteen. उनके इन शब्दों के पीछे छिपे राज को जानने के लिए सब परेशान हैं और यह समझना चाह रहे हैं कि आखिर राहुल कहना क्या चाह रहे हैं. क्या है 16 की पहेली जब राहुल गांधी ने चर्चा के दौरान कहा कि हे भगवान, कितना अजीब है… जवाब है 16, तो वे साफ शब्दों में अपनी बात ना रखकर संकेतों में रख रहे हैं. दरअसल राहुल गांधी यह कहना चाह रहे हैं कि बीजेपी की प्रशासन बहुमत में नहीं है. बीजेपी के पास 240 सांसद हैं और बहुमत का आंकड़ा 272 है. इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए बीजेपी को टीडीपी के 16 सांसदों की जरूरत होती है. स्त्री आरक्षण के लिए जो परिसीमन होना है, उसका सबसे अधिक विरोध दक्षिण में हो रहा है. दक्षिण की पार्टियां यह कह रही हैं कि अगर जनसंख्या के आधार पर परिसीमन हुआ, तो उनका प्रतिनिधित्व देश की नेतृत्व में कम हो जाएगा, इसलिए वे परिसीमन का विरोध कर रहे हैं. राहुल गांधी यह उम्मीद जता रहे हैं कि संभवत: इस मुद्दे को लेकर टीडीपी जो एनडीए का हिस्सा है, वो स्त्री आरक्षण अधिनियम संशोधन बिल पर प्रशासन का साथ ना दे. प्रशासन को कमजोर बताकर उनपर दबाव बना रहे हैं राहुल गांधी राहुल गांधी ने 16 शब्द का प्रयोग किया है. संशोधन विधेयक 16 तारीख को पेश हुआ है और बीजेपी की प्रमुख सहयोगी टीडीपी की संख्या भी लोकसभा में 16 है. दक्षिण हिंदुस्तान के लोग परिसीमन का विरोध कर रहे हैं, इस लिहाज से संभव है कि टीडीपी स्त्री आरक्षण के मुद्दे पर प्रशासन का साथ ना दें. बस इसी बात को मुद्दा बनाकर राहुल गांधी प्रशासन को यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि आप कमजोर हैं और आपके सहयोगी आपके साथ नहीं हैं. यह एक तरह से उनकी दबाव की नेतृत्व है, जिसका जवाब 16 में छिपा है. ये भी पढ़ें : राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा-पत्नी के इनपुट पर मैं और पीएम मोदी दोनों कुछ नहीं कह पाएंगे, छूटे हंसी के फव्वारे स्त्री आरक्षण : विपक्ष से पीएम मोदी की इमोशनल अपील-वोट करते वक्त घर की स्त्रीओं को याद कर लें स्त्री आरक्षण बिल: लोकसभा में बरसे राहुल गांधी, कहा- हिंदुस्तान का चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश The post राहुल गांधी ने स्त्री आरक्षण अधिनियम की पहेली का जवाब 16 क्यों बताया, आइए समझें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bhoot Bangla ने नहीं किया इंप्रेस? तो OTT पर तुरंत देखें ये 5 हॉरर-कॉमेडी फिल्में, मिलेगा असली एंटरटेनमेंट

अक्षय कुमार की फिल्म ‘भूत बंगला’ आज रिलीज हो चुकी है और इसे दर्शकों से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिल रहा है. कुछ लोगों को इसका हॉरर-कॉमेडी अंदाज पसंद आया, लेकिन कई लोगों को इसकी कहानी थोड़ी पुरानी और प्रेडिक्टेबल लगी. ऐसे में अगर आपको भी ये फिल्म कुछ खास इंप्रेस नहीं कर पाई, तो OTT पर मौजूद ये फिल्में आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन हो सकती हैं, जहां हॉरर और कॉमेडी का बैलेंस कहीं ज्यादा मजेदार और फ्रेश लगता है. Bhool Bhulaiyaa अक्षय कुमार की ये फिल्म हॉरर-कॉमेडी जॉनर की क्लासिक मानी जाती है. कहानी एक पुराने महल के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां मंजुलिका नाम की आत्मा का खौफ है. लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, आपको समझ आता है कि असली ट्विस्ट क्या है. इस फिल्म की खास बात ये है कि इसमें सिर्फ डराने के लिए सीन नहीं डाले गए, बल्कि कॉमेडी और साइकोलॉजिकल एंगल भी बहुत स्मार्ट तरीके से जोड़ा गया है. अगर आपको ‘भूत बंगला’ में वही पुराना फॉर्मूला लगा, तो यहां आपको ज्यादा डेप्थ और एंटरटेनमेंट मिलेगा. कहां देखें: नेटफ्लिक्स Stree राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर की ये फिल्म हॉरर-कॉमेडी को एक नए लेवल पर ले जाती है. कहानी एक ऐसे गांव की है जहां स्त्री नाम की चुड़ैल हर साल पुरुषों को उठा ले जाती है. फिल्म का डायलॉग “ओ स्त्री कल आना” आज भी पॉपुलर है. इसमें डर, कॉमेडी और सोशल मैसेज तीनों का शानदार मिक्स है. अगर आपको ‘भूत बंगला’ में कुछ नया नहीं लगा, तो ये फिल्म आपको फ्रेश एक्सपीरियंस देगी. कहां देखें: प्राइम वीडियो Golmaal Again रोहित शेट्टी की इस फिल्म में कॉमेडी का ओवरडोज है, लेकिन इसमें हॉरर का भी अच्छा टच दिया गया है. कहानी दोस्तों के एक ग्रुप की है, जो एक अनाथालय में पहुंचते हैं और वहां एक आत्मा से उनका सामना होता है. ये फिल्म ज्यादा डरावनी नहीं है, लेकिन अगर आप हल्की-फुल्की, फैमिली फ्रेंडली हॉरर-कॉमेडी देखना चाहते हैं, तो ये परफेक्ट चॉइस है. कहां देखें: प्राइम वीडियो Roohi जान्हवी कपूर, राजकुमार राव और वरुण शर्मा की ये फिल्म एक ऐसी लड़की की कहानी है, जिस पर मुद्दू नाम की चुड़ैल का साया है. फिल्म में कॉमेडी के साथ थोड़ा डार्क और अजीब सा ह्यूमर है, जो इसे अलग बनाता है. कहां देखें: नेटफ्लिक्स Kanchana साउथ की ये फिल्म हॉरर-कॉमेडी जॉनर में बहुत बड़ी हिट रही है. राघव लॉरेंस की इस फिल्म में एक डरपोक इंसान की कहानी है, जिसके शरीर में आत्मा प्रवेश कर जाती है. फिल्म में कॉमेडी के साथ-साथ इमोशनल एंगल भी बहुत स्ट्रॉन्ग है, जो इसे बाकी फिल्मों से अलग बनाता है. कहां देखें: Disney+ Hotstar और Amazon Prime Video यह भी पढ़ें: Second Case of Seetharam On OTT: एक-एक कर मर रहे लोग, हादसा या साजिश? ‘सेकंड केस ऑफ सीताराम’ की पूरी कहानी OTT पर देखें The post Bhoot Bangla ने नहीं किया इंप्रेस? तो OTT पर तुरंत देखें ये 5 हॉरर-कॉमेडी फिल्में, मिलेगा असली एंटरटेनमेंट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

महिला आरक्षण : विपक्ष से पीएम मोदी की इमोशनल अपील-वोट करते वक्त घर की महिलाओं को याद कर लें

PM Modi : स्त्री आरक्षण अधिनियम में संशोधन के लिए शुक्रवार को मतदान होना है, इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक भावनात्मक अपील लोकसभा के सदस्यों से की है. प्रधानमंत्री ने कुछ देर पहले सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट लिखा है, जिसमें उन्होंने लोकसभा के सम्मानित सदस्यों से अपने अंतरात्मा की आवाज पर वोट करने की अपील की है. मैं सभी सांसदों से कहूंगा… आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए … देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है। उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए। ये संशोधन सर्वसम्मति से पारित होगा, तो देश की नारीशक्ति और सशक्त… — Narendra Modi (@narendramodi) April 17, 2026 परिवार की स्त्रीओं को याद कर करें वोट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा के सांसदों से यह अपील की है कि जब वे मतदान करें तो अपने परिवार की स्त्रीओं को ध्यान में रखते हुए वोट करें. उन्होंने एक्स पर पोस्ट लिखकर सांसदों से इस विधेयक के समर्थन में एकजुट रहने का आह्वान किया है. उन्होंने सांसदों का आह्वान किया है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर विचार करें. स्त्रीओं को उनका हक देने का उचित समय प्रधानमंत्री ने अपने विस्तृत पोस्ट में यह लिखा है कि शासन में स्त्रीओं की भागीदारी बढ़ाने का यह उचित अवसर है. अगर हम इस विधेयक को पास कर स्त्रीओं को आरक्षण देते हैं, तो यह स्त्रीओं के साथ न्याय होगा. स्त्रीओं को आरक्षण देने वाला यह विधेयक देश के लोकतंत्र को और मजबूत करेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंदुस्तान की आधी आबादी स्त्रीओं की है और उन्हें उनका हक मिलना बेहद जरूरी है. उन्होंने सभी नेतृत्वक दलों और सांसदों से आग्रह किया कि वे नेतृत्वक मतभेदों से ऊपर उठकर इस विधेयक का समर्थन करें और एक ऐतिहासिक निर्णय का हिस्सा बनें. ये भी पढ़ें : स्त्री आरक्षण बिल: लोकसभा में बरसे राहुल गांधी, कहा- हिंदुस्तान का चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश रन चेज करने में पंजाब ने बनाया रिकाॅर्ड 11 में से 9 मैच जीते The post स्त्री आरक्षण : विपक्ष से पीएम मोदी की इमोशनल अपील-वोट करते वक्त घर की स्त्रीओं को याद कर लें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बंगाल चुनाव में AI वाली घिनौनी साजिश! भाजपा प्रत्याशी की आपत्तिजनक तस्वीरें बसों पर चिपकायी

खास बातें घोरुई ने डिजिटल टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग का लगाया आरोप विधायक ने जतायी कड़ी आपत्ति चुनाव आयोग में शिकायत TMC ने पल्ला झाड़ा, गुटबाजी का दिया हवाला चुनाव आयोग ने शुरू की जांच AI Misuse WB Election| आसनसोल/दुर्गापुर, संतोष विश्वकर्मा : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच दुर्गापुर में नेतृत्व के गिरते स्तर का एक शर्मनाक मामला सामने आया है. कथित तौर पर भाजपा उम्मीदवार की निर्वस्त्र तस्वीरें बसों पर चिपकायी गयी हैं. हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता ने इलेक्शन कमीशन में इसकी शिकायत की है. घोरुई ने डिजिटल टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग का लगाया आरोप दुर्गापुर पश्चिम से भाजपा प्रत्याशी और निवर्तमान विधायक लक्ष्मण घोरुई ने आरोप लगाया है कि आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर उनकी मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ की गयी) निर्वस्त्र तस्वीरें तैयार की गयी हैं. घोरुई के मुताबिक, इन तस्वीरों को बसों के बाहर चिपकाया गया है, ताकि मतदाताओं के बीच उनकी छवि को धूमिल किया जा सके. इस घटना ने डिजिटल तकनीक के दुरुपयोग और चुनावी मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विधायक ने जतायी कड़ी आपत्ति लक्ष्मण घोरुई ने इस मामले में सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस समर्थकों को निशाने पर लिया है. उनका आरोप है कि दुर्गापुर पश्चिम क्षेत्र में चलने वाली 8बी रूट की मिनी बसों समेत कई सार्वजनिक वाहनों पर उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें लगायी गयीं हैं. घोरुई ने कहा- तृणमूल कांग्रेस हार के डर से बौखला गयी है. जब वे विकास के मुद्दे पर नहीं लड़ सकते, तो ऐसी नीच हरकतों और डीप-फेक तकनीक का सहारा लेकर मुझे बदनाम कर रहे हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें AI Misuse WB Election: चुनाव आयोग में शिकायत मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा प्रत्याशी ने तत्काल कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाये हैं. घोरुई ने पश्चिम बर्धमान के जिलाधिकारी (DM), दुर्गापुर के उप मंडलाधिकारी (SDO) और सीधे निर्वाचन आयोग से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. शिकायत मिलते ही जिला प्रशासन ने संबंधित रूट की बसों से उन विवादास्पद तस्वीरों को तुरंत हटाने का निर्देश जारी कर दिया है. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव में ‘तीसरी आंख’ का पहरा, संवेदनशील बूथों पर 3 और सामान्य पर लगेंगे 2 CCTV TMC ने पल्ला झाड़ा, गुटबाजी का दिया हवाला तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. टीएमसी के जिला प्रवक्ता वी शिवदासन ने कहा कि उनकी पार्टी का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि यह भाजपा की आपसी गुटबाजी का परिणाम हो सकता है. इस सीट से तृणमूल ने कवि दत्ता को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो दुर्गापुर वाणिज्य मंडल के अध्यक्ष रहे हैं. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव से पहले लाखों का स्पोर्ट्स, हावड़ा में डॉलर और लाखों की नकदी के साथ 2 अरेस्ट, कोलकाता में गोल्ड जब्त चुनाव आयोग ने शुरू की जांच चुनाव आयोग अब इस बात की जांच कर रहा है कि इन तस्वीरों के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है और तकनीक का इस्तेमाल कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की इस कोशिश में कौन-कौन शामिल हैं. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव का पहला चरण : दागी और धनी उम्मीदवारों का दबदबा, BJP के 70 प्रतिशत प्रत्याशी दागी, TMC के सबसे अमीर बंगाल चुनाव 2026: पहले फेज के मतदान में 1478 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे चुनाव या ‘बंगाल गॉट टैलेंट’? कोई तल रहा पकौड़े, कोई मांज रहा बर्तन, वोटर को रिझाने के लिए हो रहे क्या-क्या जतन? बंगाल चुनाव 2026: पहचान नहीं, वजूद की लड़ाई! मुर्शिदाबाद की स्त्रीओं ने तोड़ी परंपरा, पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट The post बंगाल चुनाव में AI वाली घिनौनी साजिश! भाजपा प्रत्याशी की आपत्तिजनक तस्वीरें बसों पर चिपकायी appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

Recent news

No Posts Found!

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top