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कप्तानी छिनने के बाद सूर्यकुमार ने बयां किया अपना दर्द, 11 शब्दों में दिया ये रिएक्शन

Suryakumar Yadav Reaction: हिंदुस्तानीय टी20 टीम से बाहर किए जाने के बाद सूर्यकुमार यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने 11 शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया दी है. टीम इंडिया को 2026 टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचाने वाले सूर्यकुमार को इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए घोषित टी20I टीम में जगह नहीं मिली. उनकी जगह चयनकर्ताओं ने श्रेयस अय्यर पर भरोसा जताया है. हालांकि, टीम से बाहर होने के बावजूद सूर्यकुमार ने सकारात्मक रवैया दिखाया. उन्होंने बीसीसीआई द्वारा जारी हिंदुस्तानीय टी20 टीम का ग्राफिक अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर करते हुए दर्द बयां किया और खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं. सूर्यकुमार ने लिखा, “इस बेहद प्रतिभाशाली ग्रुप को आगे आने वाली चुनौतियों के लिए ढेरों शुभकामनाएं.” इसके साथ उन्होंने हिंदुस्तानीय तिरंगे और नजर से बचाने वाले इमोजी भी पोस्ट किए. Suryakumar Yadav’s Instagram story. pic.twitter.com/7CGiqazniN — Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) June 6, 2026 सूर्यकुमार की यह प्रतिक्रिया तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. फैंस उनके इस संदेश को स्पोर्ट्स भावना और टीम के प्रति उनके समर्थन के रूप में देख रहे हैं, जबकि कई प्रशंसकों ने उनके टीम से बाहर होने पर भी हैरानी जताई है. 2024 में सूर्या को सौंपी गई थी कमान सूर्यकुमार यादव को 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद हिंदुस्तानीय टी20 टीम की कमान सौंपी गई थी. उन्होंने रोहित शर्मा की जगह कप्तानी संभाली और उनके नेतृत्व में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन किया. सूर्या की कप्तानी में हिंदुस्तान ने फरवरी-मार्च 2026 में घरेलू सरजमीं पर स्पोर्ट्से गए टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया. यह हिंदुस्तान का तीसरा टी20 विश्व कप और लगातार दूसरा खिताब था। आईपीएल 2025 के बाद बल्ले से नहीं निकला रन हालांकि, आईपीएल 2025 के बाद से सूर्यकुमार का बल्ला अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका. वह लगातार रन बनाने के लिए संघर्ष करते नजर आए, जिसका असर उनके टीम में स्थान पर पड़ा. इसी वजह से चयनकर्ताओं ने इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए उन्हें टी20 टीम में शामिल नहीं किया. यह भी पढ़ें: रोहित-हार्दिक स्पोर्ट्सेंगे या नहीं? अफगानिस्तान सीरीज से पहले BCCI ने दिया बड़ा अपडेट The post कप्तानी छिनने के बाद सूर्यकुमार ने बयां किया अपना दर्द, 11 शब्दों में दिया ये रिएक्शन appeared first on Naya Vichar.

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अश्विनी वैष्णव की बड़ी घोषणाएं- कोलकाता में दौड़ेंगी नयी पीढ़ी की 60 ट्रेनें, सिलीगुड़ी से दिल्ली तक चलेगी बुलेट ट्रेन

खास बातें रेल मंत्री ने पेश किये विकास के आंकड़े डबल इंजन से मिलेगी ताकत सिलीगुड़ी से दिल्ली तक चलेगी बुलेट ट्रेन कोलकाता मेट्रो का कायाकल्प करेंगे : वैष्णव Rail Minister Ashwini Vaishnaw Bengal Visit: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कोलकाता मेट्रो के संपूर्ण कायाकल्प से लेकर रेलवे के विस्तार पर कई बड़ी घोषणाएं कीं. राज्य सचिवालय नबान्न में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ एक हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक के बाद रेल मंत्री ने कहा कि अगले 5 वर्षों के भीतर कोलकाता मेट्रो नेटवर्क में अत्याधुनिक और नयी पीढ़ी (Next-Generation) की 60 नयी ट्रेनें शामिल की जायेंगी. कोलकाता मेट्रो को इंटरनेशनल लेवल का बनाया जायेगा. रेल मंत्री ने पेश किये विकास के आंकड़े रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछली प्रशासनों की सुस्त रफ्तार पर तीखा हमला बोला और आंकड़ों के जरिये मोदी प्रशासन की उपलब्धियां गिनायीं. रेल मंत्री ने बताया कि कोलकाता मेट्रो नेटवर्क के केवल 28 किलोमीटर हिस्से का निर्माण करने में पुरानी व्यवस्था को 42 साल लग गये थे. वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से बंगाल में विकास की गति कई गुना बढ़ी. अब तक 45 किलोमीटर लंबी नयी मेट्रो लाइन नेटवर्क में सफलतापूर्वक जोड़ी जा चुकी है. डबल इंजन से मिलेगी ताकत रेल मंत्री ने उम्मीद जतायी कि राज्य में ‘डबल इंजन’ की प्रशासन (केंद्र और राज्य में एक ही दल की प्रशासन) बनने के बाद पश्चिम बंगाल की सभी लंबित रेलवे परियोजनाओं को एक अभूतपूर्व और नयी गति मिलेगी. इसे भी पढ़ें : कोलकाता मेट्रो पर बंगाल प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट ने लगायी फटकार, कहा- विकास का नेतृत्वकरण न करें Rail Minister Ashwini Vaishnaw Bengal Visit: सिलीगुड़ी से दिल्ली तक चलेगी बुलेट ट्रेन रेल मंत्री ने खुलासा किया कि दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन (High-Speed Bullet Train) सेवाओं का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहरों के बीच यात्रा के समय में भारी कमी लाना है. हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर जैसे ही पूरी तरह तैयार होगा, सिलीगुड़ी से नयी दिल्ली की दूरी मात्र 6 घंटे में तय की जा सकेगी, जिससे उत्तर बंगाल के व्यापार और पर्यटन को एक नया पंख मिलेगा. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें कोलकाता मेट्रो का कायाकल्प करेंगे : वैष्णव अश्विनी वैष्णव ने अपने आज के जमीनी अनुभव को साझा करते हुए कहा- आज मैंने खुद कोलकाता मेट्रो में आम यात्रियों के साथ यात्रा की है. हमने यात्रियों की जरूरतों को समझा है और मैं बंगाल की जनता को भरोसा देता हूं कि हम कोलकाता मेट्रो का कायाकल्प कर देंगे. 60 नयी ट्रेनों के आने से यात्रियों को न केवल भीड़भाड़ से राहत मिलेगी, बल्कि सफर में सुरक्षा और विश्वस्तरीय सुविधाएं भी मिलेंगी. इसे भी पढ़ें कोलकाता मेट्रो के रबींद्र सरोवर स्टेशन पर बड़ा हादसा, रेलवे ट्रेक पर कूदा आदमी Viral Video : कोलकाता मेट्रो में स्त्री ने किया हंगामा कहा, ‘बांग्लादेश में नहीं है, हिंदी में बात करो’ The post अश्विनी वैष्णव की बड़ी घोषणाएं- कोलकाता में दौड़ेंगी नयी पीढ़ी की 60 ट्रेनें, सिलीगुड़ी से दिल्ली तक चलेगी बुलेट ट्रेन appeared first on Naya Vichar.

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कॉकरोच जनता पार्टी का ऐलान-आप हमारे सोशल मीडिया पोस्ट हटा सकते हैं, हमें नहीं

Cockroach Janata Party : शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहा है. कॉकरोच जनता पार्टी(सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि प्रशासन उनकी मांगों को पूरा करने के बजाय उनके सोशल मीडिया गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है.दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार को अभिजीत दिपके प्रदर्शन में शामिल हुए. अभिजीत दिपके ने कहा-आप हमें हटा नहीं सकते अभिजीत दीपके के प्रदर्शन को लोगों का भरपूर समर्थन नजर आया. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा-मेरे दोस्तों, यह एक लंबा संघर्ष है. सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शुरू किए हुए एक महीना हो गया है, लेकिन ये लोग इतने बेशर्म हैं कि कार्रवाई करने के बजाय वे अन्य कामों में लगे हुए हैं. वे हमारे सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर रहे हैं और हमारी पोस्ट डिलीट करवा रहे हैं. ये लोग ये नहीं समझ पा रहे हैं कि आप हमारी पोस्ट डिलीट कर सकते हैं, लेकिन आप हमें इस जगह से मिटा नहीं सकते. उन्होंने यह भी बताया कि एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक जल्द प्रदर्शन में शामिल होंगे और उन्होंने वांगचुक के समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया. मैं आजादी का अंतिम पल जी रहा हूं अभिजीत दिपके शनिवार सुबह इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे. दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने कहा कि जब मैं विमान से उतर रहा था तो मुझे ऐसा लगा कि जैसे मैं आजादी का अपना अंतिम पल जी रहा हूं. मुझे अपनीचिंता नहीं हैं, मैं शिक्षा व्यवस्था की खामियों को मिटाने के लिए अपनी आजादी का बलिदान देने के लिए पूरी तरह तैयार हूं. उन्होंने आरोप लगाया कि कई लोगों ने जेल जाने के डर से समझौता कर लिया है और खुद को बेच दिया है. भीड़ की जोरदार तालियों के बीच उन्होंने कहा, लेकिन इस देश का छात्र, युवा नहीं बिका है.प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शामिल हुए जिनमें अधिकतर युवा हैं. इनमें से कई लोग कॉकरोच के मुखौटे पहने नजर आए और उनके हाथों में फूल थे. स्कूली छात्र भी अपने माता-पिता के साथ प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग अभिजीत दिपके के प्रदर्शन में शामिल होने वाले अधिकतर लोग स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्रा और युवा पेशेवर हैं. प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए छात्रों ने नारे लगाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. अभिजीत दिपके ने समर्थकों से अनुशासन बनाए रखने और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने का आग्रह किया.कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस प्रदर्शन का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि अगर दिपके को गिरफ्तार किया गया तो वह छह सप्ताह का अनशन करेंगे. ये भी पढ़ें : वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास टीम इंडिया में चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी, सोनम वांगचुक भी होंगे शामिल; शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग The post कॉकरोच जनता पार्टी का ऐलान-आप हमारे सोशल मीडिया पोस्ट हटा सकते हैं, हमें नहीं appeared first on Naya Vichar.

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रोहित-हार्दिक खेलेंगे या नहीं? अफगानिस्तान सीरीज से पहले BCCI ने दिया बड़ा अपडेट

Rohit-Hardik Fitness: अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 13 जून से होगी. इस वनडे सीरीज से विराट कोहली आधिकारिक रूप से बाहर हो गए हैं. वहीं विराट की जगह यशस्वी जायसवाल को शामिल किया गया है. हालांकि, अभी भी रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या की फिटनेस को लेकर संशय बरकरार है. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने हार्दिक पंड्या और रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर अपडेट देते हुए कहा कि वनडे सीरीज से पहले दोनों को फिटनेस टेस्ट पास करना होगा. इस सीरीज में रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या का स्पोर्ट्सना उनकी फिटनेस टेस्ट पर निर्भर करेगा. हार्दिक 2 जून से बेंगलुरु में बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में रिहैब से गुजर रहे हैं. पीठ की चोट के कारण वे आईपीएल 2026 के कुछ मैचों से बाहर भी रहे थे. दो-तीन दिनों में सीईओ में रिपोर्ट करेंगे रोहित शर्मा रोहित शर्मा अगले दो-तीन दिनों में फिटनेस क्लीयरेंस के लिए सीओई में रिपोर्ट करेंगे. हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण रोहित को भी आईपीएल 2026 में कुछ मैचों से बाहर रहना पड़ा था. अगरकर ने कहा कि हम चोटिल खिलाड़ियों के लिए सामान्य प्रक्रिया का पालन करते हैं. हम उनकी अंतिम फिटनेस क्लीयरेंस का इंतजार कर रहे हैं. 13 जून को स्पोर्ट्सा जाएगा पहला वनडे मुकाबला हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 13 जून को धर्मशाला में स्पोर्ट्सा जाएगा. दूसरा मैच 17 जून को लखनऊ में होगा, जबकि तीसरा और अंतिम वनडे 20 जून को चेन्नई में आयोजित किया जाएगा. अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि जायसवाल इस मौके का कितना फायदा उठाते हैं और कोहली कब तक मैदान पर वापसी कर पाते हैं. हिंदुस्तान की अपडेटेड ODI टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा*, यशस्वी जायसवाल, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या*, नीतीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बराड़, हर्ष दुबे. यह भी पढ़ें: अफगानिस्तान सीरीज से विराट कोहली बाहर, इस धाकड़ खिलाड़ी की हुई टीम इंडिया में एंट्री The post रोहित-हार्दिक स्पोर्ट्सेंगे या नहीं? अफगानिस्तान सीरीज से पहले BCCI ने दिया बड़ा अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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2026 Renault Duster का माइलेज आया सामने, जानें Taigun और Kushaq से कितनी आगे-पीछे है ये SUV

Renault ने अपनी नई 2026 Renault Duster 1.0 Turbo का ARAI सर्टिफाइड माइलेज भी सामने ला दिया है. कंपनी के मुताबिक यह SUV 19.41 kmpl तक का शानदार माइलेज देती है. यानी नई डस्टर न सिर्फ दमदार परफॉर्मेंस के लिए है, बल्कि फ्यूल एफिशिएंसी के मामले में भी बेहतर है. Renault का 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन, जिसे Turbo TCe 100 के नाम से जाना जाता है, तीन वेरिएंट्स में मिलता है. पहला Authentic, दूसरा Evolution और तीसरा Techno. इसकी कीमत 10.49 लाख रुपये से शुरू होकर 13.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है. 1.0 vs 1.3 टर्बो: कौन सा इंजन देता है ज्यादा माइलेज? इन वेरिएंट्स में 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 100 hp की पावर और 160 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. यह इंजन सिर्फ 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आता है. इसे खास तौर पर Renault के नए RGMP प्लेटफॉर्म के हिसाब से ट्यून किया गया है, जिस पर नई जनरेशन Duster बेस्ड है. यह भी पढ़ें: फैमिली ट्रिप्स के लिए परफेक्ट हैं ये 5 किफायती 7-सीटर कार्स, कीमत ₹5.65 लाख से शुरू 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन के मुकाबले 1.0-लीटर इंजन ज्यादा माइलेज देने के लिए जाना जाता है. यानी यह ज्यादा फ्यूल-इफिशिएंट है. वहीं 1.3-लीटर इंजन मैनुअल में करीब 17.75 kmpl और डुअल-क्लच ऑटोमैटिक में लगभग 18.45 kmpl का माइलेज देता है. ऐसे में जो लोग पेट्रोल बचत को ज्यादा अहमियत देते हैं, उनके लिए 1.0-लीटर टर्बो इंजन एक ज्यादा किफायती ऑप्शन है. सेगमेंट की दूसरी SUVs से Renault Duster का माइलेज कितना अलग है? अगर इसके मुकाबले वाली SUVs की बात करें तो Renault Duster 1.0 Turbo का माइलेज इस सेगमेंट में काफी बैलेंस्ड माना जाता है. Volkswagen Taigun 1.0 TSI में मैनुअल पर करीब 19.98 kmpl और ऑटोमैटिक पर 19.54 kmpl का माइलेज मिलता है. वहीं Skoda Kushaq 1.0 TSI में यह थोड़ा कम होकर 19.66 kmpl और 19.09 kmpl रहता है. इन आंकड़ों को देखें तो Duster का 19.41 kmpl माइलेज बीच के लेवल पर आता है. यानी यह न तो सबसे आगे है और न ही पीछे. ये एक अच्छा बैलेंस ऑफर करता है. यह भी पढ़ें: बारिश और गड्ढों वाली सड़कों का टेंशन खत्म, ये 3 इलेक्ट्रिक SUVs आती हैं हाई ग्राउंड क्लीयरेंस के साथ The post 2026 Renault Duster का माइलेज आया सामने, जानें Taigun और Kushaq से कितनी आगे-पीछे है ये SUV appeared first on Naya Vichar.

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मार्केट में आया पेट्रोल से 20 रुपये सस्ता फ्यूल ! दिल्ली समेत देश की 48 जगहों पर मिलेगी यह सुविधा

E85 Flex Fuel : देश के वाहन चालकों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी समाचार है. 5 जून (पर्यावरण दिवस) की शाम को देश में E85 फ्लेक्स फ्यूल (E85 Flex-Fuel) को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया है. केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली के पूसा रोड स्थित इंडियन ऑयल (IOCL) के एक रिटेल आउटलेट पर इस नए ईंधन की शुरुआत की. इस नए फ्यूल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह देश में मिलने वाले सामान्य पेट्रोल से 20 रुपये प्रति लीटर तक सस्ता होगा. दिल्ली में इसकी कीमत 82.12 रुपये/लीटर तय की गई है, जबकि सामान्य पेट्रोल इस समय 102.12 रुपये/लीटर के भाव पर मिल रहा है. Introducing E85 – a fuel that brings together sustainability, affordability, and self-reliance. ✔ 85% Ethanol Blended Petrol✔ Up to 61% lower greenhouse gas emissions*✔ More economical than petrol✔ 100% Aatmanirbhar fuel✔ Supports higher farmer income✔ Designed for… pic.twitter.com/ZMkZnDCHLq — Indian Oil Corp Ltd (@IndianOilcl) June 5, 2026 क्या है E85 Flex Fuel फ्यूल का गणित? आइए समझते हैं कि यह नया ‘तेल’ सामान्य पेट्रोल से किस तरह अलग है. 15% पेट्रोल + 85% इथेनॉल : E85 ईंधन में सिर्फ 15 फीसदी पेट्रोल होता है, जबकि 85 फीसदी इथेनॉल मिक्स किया जाता है. आसान शब्दों में कहें तो 1 लीटर E85 फ्यूल में आपको 150 ML पेट्रोल और 850 ML इथेनॉल मिलेगा. सामान्य पेट्रोल (E20) से अंतर : वर्तमान में देश भर के पेट्रोल पंपों पर जो सामान्य पेट्रोल मिलता है, वह E20 ग्रेड का होता है, जिसमें केवल 20 फीसदी तक ही इथेनॉल मिला होता है. केंद्रीय मंत्री ने साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि यह ₹20 सस्ता E85 ईंधन सामान्य गाड़ियों के लिए बिल्कुल नहीं है. इसका इस्तेमाल केवल उन्हीं स्पेशल फ्लेक्स फ्यूल वाहनों (Flex-Fuel Vehicles) में किया जा सकता है, जो इस हैवी इथेनॉल मिक्स को झेलने के लिए डिजाइन किए गए हैं. हाल ही में हीरो ने दो फ्लेक्स-फ्यूल बाइक और मारुति ने फ्लेक्स-फ्यूल वैगनआर कार बाजार में उतारी है. हिंदुस्तान की उपज हिंदुस्तान की प्रगति! विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के स्वच्छ, हरित एवं ऊर्जा सुरक्षित हिंदुस्तान की विज़न से प्रेरणा लेकर आज दिल्ली में फ्लैक्स फ्यूल पर चलने वाले वाहनों के लिए दिल्ली के पेट्रोल पंप पर E85 ईंधन का ऐतिहासिक उद्घाटन… pic.twitter.com/ILJvASSYSg — Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) June 5, 2026 भविष्य में 5,000 पेट्रोल पंपों पर मिलेगी सुविधा प्रशासन ने इस किफायती और ग्रीन फ्यूल को चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में फैलाने का लक्ष्य रखा है. अभी दिल्ली-एनसीआर और अन्य प्रमुख शहरों के 48 चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर इसका रोलआउट शुरू किया गया है. अगले 6 महीनों के भीतर इस नेटवर्क को बढ़ाकर देश भर के 500 पेट्रोल पंपों तक पहुंचाया जाएगा. अगले डेढ़ साल में देश के 5,000 रिटेल आउटलेट्स पर E85 फ्यूल मिलना शुरू हो जाएगा. अन्नदाता से ‘ऊर्जादाता’ बने देश के किसान केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने बताया कि साल 2014 में पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट सिर्फ 1.53% थी, जो आज बढ़कर 20% (E20) हो चुकी है. प्रशासन ने इस 20% ब्लेंडिंग के लक्ष्य को तय समय से 5 साल पहले ही हासिल कर लिया है. इस बड़े बदलाव की वजह से हिंदुस्तान को विदेशों से 302 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का आयात कम करना पड़ा है, जिससे देश की 1.84 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा बची है. चूंकि इथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और चावल से होता है, इसलिए हमारे किसान अब ‘अन्नदाता’ के साथ-साथ देश के ‘ऊर्जादाता’ भी बन रहे हैं. प्रशासन का लक्ष्य साल 2030-31 तक कुल इथेनॉल ब्लेंडिंग लेवल को 26% तक ले जाने का है. E85 फ्लेक्स फ्यूल की 6 बड़ी खासियतें बंपर बचत: सामान्य पेट्रोल के मुकाबले सीधे ₹20 प्रति लीटर सस्ता. इको-फ्रेंडली: ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन (Pollution) में 61% तक की भारी कमी. 100% आत्मनिर्भर: कच्चे तेल के लिए विदेशों पर निर्भरता खत्म होगी. किसानों को फायदा: फसलों से इथेनॉल बनने के कारण किसानों की आमदनी बढ़ेगी. सस्टेनेबल एनर्जी: यह पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए देश की वित्तीय स्थिति को गति देगा. भविष्य की तकनीक: यह ईंधन E20 से लेकर E100 (100% इथेनॉल) तक चलने वाली गाड़ियों के लिए जमीन तैयार कर रहा है. Also Read : हिंदुस्तान को मिला गैस का नया कुआं ; अंडमान से आई बड़ी खुशसमाचारी The post मार्केट में आया पेट्रोल से 20 रुपये सस्ता फ्यूल ! दिल्ली समेत देश की 48 जगहों पर मिलेगी यह सुविधा appeared first on Naya Vichar.

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पुतिन बोले- भारत पर प्रतिबंध की धमकी उलटा असर करेगी; पीएम मोदी पर US के बैन का दिया हवाला

Putin India Sanction Threat: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर हिंदुस्तान की स्वतंत्र विदेश नीति और रणनीतिक स्वायत्तता की खुलकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान किसी बाहरी दबाव में फैसले नहीं लेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरी तरह अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ता है. पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक नेतृत्व में प्रतिबंधों और दबाव की रणनीति पर लगातार बहस हो रही है. ‘हिंदुस्तान पर प्रतिबंधों की धमकी उल्टा असर करेगी’ सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए पुतिन ने कहा कि हिंदुस्तान एक संप्रभु राष्ट्र है और वह अपने हितों के अनुरूप फैसले लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हिंदुस्तान ने हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखा है. ऐसे में यदि कोई हिंदुस्तान को प्रतिबंधों की धमकी देता है तो उसका असर उल्टा पड़ सकता है. पीएम मोदी पर वीजा बैन का भी किया जिक्र पुतिन ने पीएम मोदी पर अमेरिका द्वारा लगाए गए वीजा प्रतिबंध का भी जिक्र करते हुए कहा कि अब स्थिति बदल चुकी है. उन्होंने कहा, ‘हमें याद है जब पीएम मोदी पर अमेरिका में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. आज वे प्रधानमंत्री हैं और वे सभी प्रतिबंध हट चुके हैं.’ पुतिन ने आगे कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार, अब अमेरिका और हिंदुस्तान के बीच संबंध सफलतापूर्वक विकसित हो रहे हैं. पुतिन ने कहा कि हिंदुस्तान को यह अधिकार है कि वह दुनिया में उपलब्ध किसी भी उत्पाद, तकनीक या व्यवस्था को चुने, जिसे वह सबसे आधुनिक, उपयोगी और बेहतर मूल्य-गुणवत्ता अनुपात वाला मानता हो. मोदी से लंबे समय से संपर्क में हैं पुतिन रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लंबे समय से नियमित बातचीत होती रही है. उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुस्तान और अमेरिका के संबंध भी आगे बढ़ रहे हैं और नई दिल्ली अपने हितों के अनुरूप विभिन्न देशों के साथ संतुलित रिश्ते बनाए हुए है. पुतिन के मुताबिक, हिंदुस्तान की विदेश नीति का मूल आधार राष्ट्रीय हित है. ‘हिंदुस्तान के साथ रिश्ते नेतृत्व के हिसाब से नहीं बदलते’ रूस और हिंदुस्तान के संबंधों पर बोलते हुए पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग किसी नेतृत्वक माहौल या अंतरराष्ट्रीय दबाव का मोहताज नहीं है. उन्होंने कहा कि कोई भी देश रूस को यह निर्देश नहीं दे सकता कि उसे हिंदुस्तान को क्या देना चाहिए और क्या नहीं. रूस अपने साझेदारों से किए गए वादों पर कायम रहता है, खासकर हिंदुस्तान जैसे भरोसेमंद मित्र देशों के साथ. पुतिन ने दोहराया कि मॉस्को अपने सहयोगियों के प्रति प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी यह नीति जारी रहेगी. BRICS बनाम G7: पुतिन ने बताई बदलती दुनिया की तस्वीर अपने संबोधन में पुतिन ने वैश्विक आर्थिक शक्ति संतुलन में हो रहे बदलावों का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि आर्थिक आकार के मामले में BRICS समूह अब G7 को पीछे छोड़ चुका है और दोनों के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है. रूसी राष्ट्रपति के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में वैश्विक आर्थिक वृद्धि का लगभग 49 प्रतिशत हिस्सा BRICS देशों से आया है, जबकि G7 देशों का योगदान केवल 18 प्रतिशत के आसपास रहा है. उन्होंने कहा कि क्रय शक्ति समानता (PPP) के आधार पर दुनिया की कुल जीडीपी में BRICS की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है, जबकि G7 की हिस्सेदारी 29 प्रतिशत से भी कम रह गई है. ‘2020 में ही G7 से आगे निकल गया था BRICS’ पुतिन ने कहा कि BRICS ने G7 को पहली बार 2020 में पीछे छोड़ा था और तब से यह अंतर लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने अनुमान जताया कि आने वाले वर्षों में BRICS देशों की आर्थिक वृद्धि दर पश्चिमी देशों की तुलना में कहीं अधिक रहेगी. पुतिन के मुताबिक, G7 देशों की औसत वृद्धि दर जहां करीब 1.1 प्रतिशत रहने की संभावना है, वहीं BRICS देश 4 प्रतिशत से अधिक की दर से आगे बढ़ सकते हैं. ये भी पढ़ें:- PoK में शहबाज शरीफ की पार्टी की चुनावी रैली में फायरिंग, AK-47 से चली गोली; 2 लोगों की मौत, कई घायल ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तानीयों के खिलाफ जहर बो रहे जेडी वेंस! ब्रिटेन से पड़ी डांट; क्यों खतरनाक हैं US उपराष्ट्रपति के कमेंट्स? हिंदुस्तान को बताया आईटी सेक्टर की महाशक्ति हिंदुस्तान की तकनीकी क्षमता का उल्लेख करते हुए पुतिन ने कहा कि नई दिल्ली BRICS के सबसे महत्वपूर्ण साझेदारों में से एक है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान आज वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी और सॉफ्टवेयर उद्योग का अग्रणी खिलाड़ी बन चुका है. दुनिया के सॉफ्टवेयर बाजार में हिंदुस्तान की हिस्सेदारी बेहद महत्वपूर्ण है और डिजिटल वित्तीय स्थिति में उसकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है. रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि तकनीक, नवाचार और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में हिंदुस्तान ने जो प्रगति की है, वह उसे दुनिया की सबसे प्रभावशाली उभरती वित्तीय स्थितिओं में शामिल करती है. रूस का संदेश साफ पुतिन के पूरे बयान का सार यही रहा कि रूस हिंदुस्तान को एक स्वतंत्र और प्रभावशाली वैश्विक शक्ति के रूप में देखता है. चाहे रक्षा सहयोग हो, आर्थिक संबंध हों या बहुपक्षीय मंचों पर साझेदारी, मॉस्को हिंदुस्तान के साथ अपने रिश्तों को दीर्घकालिक और रणनीतिक मानता है. इस प्रोग्राम से पहले उन्होंने हिंदुस्तान को पांचवीं पीढ़ी के Su-57 फाइटर जेट को ऑफर किया. उन्होंने कहा कि रूस इसे हिंदुस्तान के साथ जॉइंट वेंचर में प्रोडक्शन करने के लिए भी तैयार है. The post पुतिन बोले- हिंदुस्तान पर प्रतिबंध की धमकी उलटा असर करेगी; पीएम मोदी पर US के बैन का दिया हवाला appeared first on Naya Vichar.

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‘खान सर सरेंडर नहीं करेंगे…’, वकील ने बताया आगे का पूरा प्लान, गिरफ्तार हुए तो नहीं मिलेगी जमानत

Khan Sir Coaching Attack: खान सर पर दर्ज एफआईआर और उनकी संभावित गिरफ्तारी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उनके वकील अरविंद कुमार मऊआर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि खान सर सरेंडर नहीं करेंगे. उनकी ओर से सोमवार को कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की अर्जी दाखिल की जाएगी. लेकिन अभी नहीं हुई है. शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में अरविंद कुमार मऊआर ने कहा कि खान सर के कोर्ट पहुंचकर सरेंडर करने की समाचारें पूरी तरह गलत हैं. उन्होंने कहा कि खान सर कोर्ट नहीं पहुंचे थे. सरेंडर करने की बात सही नहीं है. खान सर के वकील ने क्या-क्या बताया? खान सर के वकील ने आगे बताया कि खान सर पर कोई धारा नहीं लगता है,ना कोई लगाया गया है. जो भी आरोप है गार्ड्स पर है. हवाई फायरिंग हुई है. जिसके लिए 25(9) आर्म्स एक्ट का प्रोविजन लॉ में आया हुआ है. जो बेलेबल सेक्शन है. वकील अरविंद कुमार मऊआर ने आगे बताया कि सोशल मीडिया के वायरल वीडियो के आधार पर FIR दर्ज की गई है. खान सर का नाम डिस्क्लोजर स्टेटमेंट पर इंसर्ट कर दिया गया है. जबकि उनकी कोई भूमिका नहीं है. पत्रकारों ने पूछा कि बॉडीगार्ड ने बयान दिया है कि खान सर के कहने पर गोली चलाई गई. इसपर उनके वकील ने कहा कि बॉडीगार्ड का इस तरह का कोई स्टेटमेंट नहीं है, वो डिस्क्लोजर स्टेटमेंट है. वैसा कोई स्टेटमेंट बॉडीगार्ड्स के द्वारा नहीं दिया गया है. पत्रकारों से बातचीत करते खान सर के वकील अरविंद कुमार मऊआर गिरफ्तारी होगी या नहीं? वकील ने पुलिस पर छोड़ा फैसला जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या पुलिस खान सर को गिरफ्तार कर सकती है, तो वकील ने कहा कि यह पूरी तरह पुलिस का अधिकार क्षेत्र है. उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी करनी है या नहीं, यह फैसला पुलिस को करना है. शुक्रवार को दर्ज हुई थी एफआईआर शुक्रवार को फैसल खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद से खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर माहौल गर्म बना हुआ है. कोचिंग संस्थान के बाहर बड़ी संख्या में छात्र जुटे रहे और खान सर के समर्थन में नारेबाजी करते दिखाई दिए. शुक्रवार रात से लेकर शनिवार सुबह तक छात्रों की भीड़ कोचिंग के बाहर डटी रही. पुलिस ने कई बार छात्रों से वहां से हटने की अपील की, लेकिन समर्थक लगातार मौके पर मौजूद रहे. पुलिस को है खान सर की तलाश मामला दर्ज होने के बाद पुलिस अब खान सर की तलाश कर रही है. पुलिस टीम मुसल्लहपुर स्थित खान ग्लोबल स्टडीज परिसर भी पहुंची थी, लेकिन वहां खान सर नहीं मिले. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामला जिन धाराओं में दर्ज हुआ है, वे गंभीर और गैर-जमानती श्रेणी में आती हैं. ऐसे में जांच के दौरान पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है. किन धाराओं में दर्ज हुआ है मामला? खान सर के खिलाफ हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 और आर्म्स एक्ट की धारा 25(9), 27 और 35 के तहत मामला दर्ज किया गया है. जांच एजेंसियों के अनुसार ये धाराएं गंभीर अपराधों से जुड़ी मानी जाती हैं और इनमें गिरफ्तारी का प्रावधान है. क्या कहती है BNS की धारा 109? BNS की धारा 109 हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) से संबंधित है. जब कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी की जान लेने की कोशिश करता है तो यह धारा लागू हो सकती है. इसमें बंदूक, चाकू या अन्य खतरनाक हथियार से हमला करने जैसी परिस्थितियां शामिल हो सकती हैं. इस अपराध में 10 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है. इसे गंभीर और गैर-जमानती अपराध माना जाता है. आज फिर हो सकती है पुलिस की कार्रवाई पुलिस सूत्रों के अनुसार खान सर की गिरफ्तारी के लिए दोबारा प्रयास किया जा सकता है. शुक्रवार को भी पुलिस ने कार्रवाई की कोशिश की थी, लेकिन कोचिंग के बाहर छात्रों की भारी भीड़ जुटने के कारण स्थिति संवेदनशील हो गई थी. अब सबकी नजर इस बात पर है कि सोमवार को अग्रिम जमानत याचिका पर क्या कदम उठाया जाता है और उससे पहले पुलिस क्या कार्रवाई करती है. क्या है पूरा विवाद? यह पूरा मामला 2 जून की रात खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग के बीच हुए विवाद से जुड़ा है. आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद के दौरान मारपीट हुई, जिसमें खान ग्लोबल के सुरक्षा गार्ड चुनचुन घायल हो गए. इस मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. वायरल वीडियो के बाद बढ़ीं मुश्किलें इसी विवाद के बीच खान सर के दो निजी सुरक्षा गार्डों का फायरिंग करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ. इसके बाद पुलिस ने खान सर और दोनों गार्डों से पूछताछ की. पुलिस के अनुसार पूछताछ में गार्डों ने बताया कि विवाद के दौरान बड़ी संख्या में लोग कोचिंग के बाहर पहुंच गए थे. उनका आरोप है कि हंगामे के बीच फायरिंग हुई, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया. अब पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है. Also Read: क्या दीपक प्रकाश को छोड़ना पड़ेगा मंत्री पद? 9वीं सीट पर चिराग ने उतारा उम्मीदवार, जानिए क्या है नियम The post ‘खान सर सरेंडर नहीं करेंगे…’, वकील ने बताया आगे का पूरा प्लान, गिरफ्तार हुए तो नहीं मिलेगी जमानत appeared first on Naya Vichar.

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झामुमो ने बैद्यनाथ राम को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार, दूसरे प्रत्याशी की घोषणा बाकी

रांची से आनंद मोहन की रिपोर्ट Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के बीच उम्मीदवारों के चयन को लेकर मंथन जारी है. इसी बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने शनिवार को अपने दो संभावित उम्मीदवारों में से एक नाम पर मुहर लगा दी है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, झामुमो के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक बैद्यनाथ राम को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाने का फैसला किया गया है. हालांकि दूसरे उम्मीदवार के नाम को लेकर अभी भी पार्टी स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है. शनिवार शाम तक दूसरे नाम की घोषणा की संभावना सूत्रों के मुताबिक झामुमो नेतृत्व दूसरे प्रत्याशी के नाम पर सहमति बनाने में जुटा हुआ है. संभावना जताई जा रही है कि शनिवार शाम तक दूसरे उम्मीदवार के नाम की भी आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी. राज्यसभा चुनाव को देखते हुए महागठबंधन के घटक दलों के बीच लगातार बैठकों और विचार-विमर्श का दौर जारी है. तीन बार विधायक रह चुके हैं बैद्यनाथ राम बैद्यनाथ राम झारखंड की नेतृत्व का जाना-पहचाना चेहरा हैं. वह लातेहार विधानसभा क्षेत्र का तीन बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. लातेहार विधानसभा सीट से अब तक बैद्यनाथ राम तीन बार और प्रकाश राम दो बार विधायक चुने जा चुके हैं. दोनों नेताओं के बीच इस सीट पर कई बार सीधा मुकाबला देखने को मिला है. झारखंड राज्य गठन के बाद जब तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की प्रशासन गिर गई थी, तब लातेहार (अनुसूचित जाति) विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराया गया था. उस उपचुनाव में जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए बैद्यनाथ राम ने जीत हासिल की थी और पहली बार विधानसभा पहुंचे थे. 2019 में झामुमो के टिकट पर दर्ज की थी जीत वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में बैद्यनाथ राम ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में उन्हें कुल 76,507 वोट प्राप्त हुए थे. उन्होंने हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के प्रत्याशी प्रकाश राम को हराकर जीत दर्ज की थी. इस जीत के साथ उन्होंने एक बार फिर लातेहार विधानसभा क्षेत्र में अपनी नेतृत्वक पकड़ मजबूत साबित की थी. नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहने और विभिन्न चुनावों में लगातार मजबूत उपस्थिति बनाए रखने के कारण पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा के लिए उपयुक्त उम्मीदवार माना है. 2014 में प्रकाश राम के खाते में गई थी सीट वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में लातेहार सीट पर कुल 13 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था. इनमें 12 पुरुष प्रत्याशी शामिल थे. उस चुनाव में झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के उम्मीदवार प्रकाश राम ने सबसे अधिक 71,189 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. बाद में नेतृत्वक परिस्थितियों में बदलाव के साथ इस सीट पर मुकाबले का समीकरण भी बदलता गया. इसे भी पढ़ें: Rajya Sabha Election: झारखंड में महागबंधन में बढ़ी तकरार, दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारेगा झामुमो राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ी नेतृत्वक सरगर्मी राज्यसभा चुनाव की घोषणा के बाद राज्य की नेतृत्व में हलचल तेज हो गई है. महागठबंधन और एनडीए दोनों ही अपने उम्मीदवारों के चयन को लेकर रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं. ऐसे में झामुमो द्वारा बैद्यनाथ राम के नाम पर सहमति बनाए जाने को पार्टी के महत्वपूर्ण नेतृत्वक फैसले के रूप में देखा जा रहा है. अब सबकी नजर दूसरे उम्मीदवार के नाम पर टिकी हुई है, जिसकी घोषणा जल्द होने की संभावना जताई जा रही है. इसे भी पढ़ें: झारखंड से गुजरने वाली 10 ट्रेनों के परिचालन में बदलाव, देखें पूरी लिस्ट और डेट The post झामुमो ने बैद्यनाथ राम को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार, दूसरे प्रत्याशी की घोषणा बाकी appeared first on Naya Vichar.

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भारतीयों के खिलाफ जहर बो रहे जेडी वेंस! ब्रिटेन से पड़ी डांट; क्यों खतरनाक हैं US उपराष्ट्रपति के कमेंट्स?

JD Vance Britain Row: ब्रिटेन में एक किशोर की हत्या का मामला अब अंतरराष्ट्रीय नेतृत्वक विवाद में बदल गया है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद ब्रिटिश प्रशासन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. डाउनिंग स्ट्रीट ने बिना नाम लिए उन लोगों को निशाने पर लिया, जो ब्रिटेन के लोकतांत्रिक विमर्श में हस्तक्षेप करने और समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. पूरा विवाद 18 वर्षीय हेनरी नोवाक की हत्या से जुड़ा है, जिसे हिंदुस्तानीय मूल के विक्रम डिगवा ने चाकू मारा था. जेडी वेंस ने इस घटना को इमिग्रेशन और सभ्यता के पतन से जोड़ दिया. उनकी टिप्पणी के बाद ब्रिटेन में नेतृत्वक माहौल गरमा गया. क्या हुआ था हेनरी नोवाक के साथ? हेनरी नोवाक की दिसंबर 2025 में इंग्लैंड के दक्षिणी तट पर स्थित साउथैम्पटन में हत्या कर दी गई थी. इस मामले में 23 वर्षीय विक्रम डिगवा को दोषी ठहराए जाने के बाद 1 जून को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. अदालत में पेश सबूतों के मुताबिक, एक मामूली विवाद के बाद डिगवा ने नोवाक पर चाकू से हमला कर दिया था. घटना के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो डिगवा ने दावा किया कि नोवाक ने उसके साथ नस्लीय दुर्व्यवहार किया था और उस पर हमला भी किया था.  उसने यह भी आरोप लगाया कि झड़प के दौरान उसकी पगड़ी गिरा दी गई थी और उसकी आंख के पास चोट लगी थी. हालांकि, बाद की जांच में पुलिस ने पाया कि डिगवा के ये दावे सही नहीं थे. बॉडी कैमरा वीडियो ने बढ़ाया विवाद डिगवा को सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस द्वारा जारी किए गए बॉडी कैमरा फुटेज ने इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया. वीडियो में घायल हेनरी नोवाक को कहते हुए सुना जा सकता है, ‘मुझे चाकू मारा गया है’ और ‘मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं.’ इसके बावजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें हथकड़ी लगा दी. एक अधिकारी को यह कहते हुए भी सुना गया, ‘मुझे नहीं लगता कि तुम्हें चाकू मारा गया है.’ यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली. विवाद में कूदे जेडी वेंस विवाद की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हेनरी नोवाक की मौत को लेकर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि यह घटना उस बड़ी समस्या का प्रतीक है, जिसमें इमिग्रेशन और सिस्टम की विफलता है. वेंस ने कहा कि नोवाक की मौत केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि एक सभ्यता के पतन की कहानी जैसी है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने पीड़ित की पर्याप्त परवाह नहीं की. उनकी यह टिप्पणी अदालत के फैसले के बाद आई. Henry Nowak died the same way a civilization dies: abandoned, handcuffed by authorities who neither trusted nor cared for him, and accused of hate crimes he did not commit. His murder is as tragic as it is enraging. He should still be alive today, and he would be if the last few… https://t.co/e3HkjzWzwU — JD Vance (@JDVance) June 5, 2026 कीर स्टार्मर की ब्रिटिश प्रशासन ने दिया जवाब जेडी वेंस की टिप्पणी के बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के कार्यालय ने अप्रत्यक्ष रूप से जवाब दिया, क्योंकि इसमें उनका नाम लिया गया था. हालांकि, यह साफ था कि यह वेंस को ही जवाब दिया जा रहा है. प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि हेनरी नोवाक के परिवार की स्पष्ट इच्छा है कि उनके बेटे की मौत को नफरत या विभाजन फैलाने के लिए इस्तेमाल न किया जाए.  उन्होंने कहा कि ऐसी दुखद घटनाओं में नेतृत्व का उद्देश्य लोगों को बांटना नहीं, बल्कि एकजुट करना होना चाहिए. डाउनिंग स्ट्रीट ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में कुछ लोग ब्रिटेन के लोकतंत्र में हस्तक्षेप करने और सड़कों पर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. जेडी वेंस ने क्यों की ऐसी टिप्पणी? नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि जेडी वेंस लंबे समय से इमिग्रेशन और कल्चरल आइडेंटिटी जैसे मुद्दों को अपनी नेतृत्व के केंद्र में रखते आए हैं. उनके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बीते दिनों हिंदुस्तानीयों को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी. इसमें हिंदुस्तान को हेलहोल बताने से लेकर हाल ही में हिंदुस्तानीय पत्रकार को हॉलीवु़ड के सेंट्रल कास्टिंग जैसे टर्म से संबोधित किया था. ट्रंप इस तरह के बयानों की वजह से आए दिन दो चार होते रहते हैं, लेकिन जेडी वेंस, जिनकी खुद की पत्नी- उषा वेंस हिंदुस्तानीय मूल की हैं, वह भी आपराधिक घटनाओं को प्रवासी संस्कृति से जोड़कर विषवमन करते हैं.  हेनरी नोवाक मामले पर जेडी वेंस की टिप्पणी कोई पहली घटना नहीं है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति पहले भी अमेरिका और यूरोप में बड़े पैमाने पर हो रहे प्रवासन को अपराध, सामाजिक अस्थिरता और ‘सभ्यतागत पतन’ से जोड़ते रहे हैं. आलोचकों का आरोप है कि वेंस अक्सर ऐसे मामलों को व्यापक आव्रजन बहस से जोड़कर नेतृत्वक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देते हैं, जबकि उनके MAGA समर्थक इसे सीमा सुरक्षा और राष्ट्रीय पहचान से जुड़ी वैध चिंता बताते हैं. पहले क्या बोल चुके हैं जेडी वेंस? मिलियंस ऑफ इललीगल एलियंस वाला बयान: 2024 के अमेरिकी चुनाव अभियान के दौरान जेडी वेंस ने कई बार कहा था कि अमेरिका में ‘लाखों अवैध प्रवासियों का अनियंत्रित प्रवेश’ देश की सुरक्षा, नौकरियों और सामाजिक व्यवस्था के लिए खतरा बन रहा है. आलोचकों ने कहा कि उनकी भाषा प्रवासियों को अपराध और अव्यवस्था से जोड़ती है. स्प्रिंगफील्ड (ओहायो) विवाद: 2024 में वेंस ने ओहायो के स्प्रिंगफील्ड शहर में हैती मूल के प्रवासियों को लेकर फैली विवादित और अपुष्ट चर्चाओं को सोशल मीडिया पर उठाया था. इस मामले में उन पर बिना पर्याप्त सबूत के प्रवासियों के खिलाफ माहौल बनाने का आरोप लगा. बाद में यह मुद्दा अमेरिकी नेतृत्व में बड़ा विवाद बन गया. ओपन बॉर्डर को सभ्यता के लिए खतरा बताना: वेंस कई बार कह चुके हैं कि पश्चिमी देशों की उदार आव्रजन नीतियां ‘राष्ट्रीय पहचान’ और ‘सभ्यतागत मूल्यों’ को कमजोर कर रही हैं. उनके भाषणों में ‘सिविलाइजेशनल डिक्लाइन’ (सभ्यतागत पतन) शब्द बार-बार दिखाई देता है, जिसका इस्तेमाल उन्होंने हेनरी नोवाक मामले में भी किया. यूरोप की आव्रजन नीतियों

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