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CEC-EC की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, 5 जजों की बेंच को भेजा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (EC) की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं को 5 जजों की संविधान पीठ के पास भेज दिया. जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी. याचिकाओं में मुख्य न्यायाधीश (CJI) को CEC और EC की नियुक्ति करने वाली हाई-लेवल कमेटी से बाहर रखने वाले कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है. क्या है पूरा मामला? एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR), कांग्रेस नेता जया ठाकुर और अन्य लोगों ने CEC और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 को चुनौती दी है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि CJI को नियुक्ति वाली कमेटी से बाहर रखने वाला यह कानून स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की व्यवस्था को प्रभावित करता है. उनका दावा है कि इस कानून से चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर भी असर पड़ सकता है और प्रशासन को अपनी पसंद के व्यक्ति को नियुक्त करने का अधिक अधिकार मिल जाता है. केंद्र ने क्या दलील दी? मामले की पिछली सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि इसमें संविधान की व्याख्या से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी सवाल उठते हैं. इसलिए संविधान के अनुच्छेद 145(3) के तहत इस मामले की सुनवाई कम से कम 5 जजों की बेंच को करनी चाहिए. ये भी पढ़ें: शरजील इमाम को 7 दिन की अंतरिम जमानत, दो कजिन की शादी में शामिल होने की मिली अनुमति संविधान के अनुच्छेद 324(5) के तहत संसद को चुनाव आयुक्तों की सेवा शर्तों से जुड़े कानून बनाने का अधिकार है. सुप्रीम कोर्ट ने 2023 के एक फैसले में कहा था कि आजादी के बाद से CEC और EC की नियुक्ति को लेकर ऐसा कानून नहीं बनाया गया था. इसके बाद कोर्ट ने नियुक्ति के लिए एक चयन समिति बनाने का निर्देश दिया था. उस समय कोर्ट ने CBI निदेशक और केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (CVC) की नियुक्ति जैसी व्यवस्था के आधार पर चयन समिति बनाने की बात कही थी. इन दोनों नियुक्तियों वाली समितियों में CJI भी शामिल होते हैं. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने संसद के कानून बनाने के अधिकार को भी माना था. The post CEC-EC की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, 5 जजों की बेंच को भेजा मामला appeared first on Naya Vichar.

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बिहार BJP के नए प्रभारी बने हरीश द्विवेदी, दीपक प्रकाश के लिए MLC पद छोड़ने वाले देवेश कुमार को मिली ये जिम्मेदारी

Bihar BJP In Charge Harish Dwivedi: हिंदुस्तानीय जनता पार्टी ने बिहार संगठन में बड़ा बदलाव किया है. भाजपा ने हरीश द्विवेदी को बिहार का प्रदेश प्रभारी बनाया है. हरीश द्विवेदी उत्तर प्रदेश से आते हैं. वह भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं. इससे पहले वह असम के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. हरीश द्विवेदी के साथ बिहार के लिए दो सह प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं. उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सांसद संगीता यादव और कांग्रेस से भाजपा में आए रोहन गुप्ता को बिहार का सह प्रभारी बनाया गया है. भाजपा मुख्यालय ने बुधवार को प्रभारी और सह प्रभारी की पूरी सूची जारी की. भाजपा द्वारा जारी लिस्ट बस्ती से सांसद रह चुके हैं हरीश द्विवेदी हरीश द्विवेदी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रहने वाले हैं. वह बस्ती से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं. छात्र जीवन से ही वह भाजपा से जुड़े रहे हैं. संगठन में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. हरीश द्विवेदी वर्ष 1991 में अखिल हिंदुस्तानीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े थे. इसके बाद 1993 से 1995 तक बस्ती के जिला प्रमुख रहे. वर्ष 1994 से 1996 तक भाजयुमो के प्रदेश सह मंत्री की जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद 2006 से 2010 तक प्रदेश उपाध्यक्ष रहे. 2010 से 2013 तक भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे. पहले असम के प्रभारी रह चुके हैं भाजपा ने इससे पहले हरीश द्विवेदी को असम की जिम्मेदारी दी थी. अब पार्टी ने उन्हें बिहार का प्रदेश प्रभारी बनाया है. बिहार में पार्टी संगठन से जुड़े कामों की जिम्मेदारी उनके पास होगी. रोहन गुप्ता और संगीता यादव को सह प्रभारी की जिम्मेदारी बिहार के लिए दो सह प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं. उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सांसद संगीता यादव को सह प्रभारी बनाया गया है. वहीं कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए रोहन गुप्ता को भी बिहार का सह प्रभारी नियुक्त किया गया है. मंगल पांडे को असम का प्रभारी बनाया भाजपा ने बिहार के कई नेताओं को भी नई जिम्मेदारी दी है. बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे को असम का प्रभारी बनाया गया है. वहीं भाजपा के पूर्व एमएलसी देवेश कुमार को अरुणाचल प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है. देवेश कुमार ने हाल ही में एमएलसी पद से इस्तीफा दिया था. इसके बाद दीपक प्रकाश को एमएलसी बनाया गया था. निवेदिता सिंह को झारखंड का सह प्रभारी भाजपा ने बिहार की एमएलसी निवेदिता सिंह को भी नई जिम्मेदारी दी है. उन्हें झारखंड का सह प्रभारी बनाया गया है. इस तरह बिहार भाजपा से जुड़े कई नेताओं को अलग-अलग राज्यों में संगठन की जिम्मेदारी सौंपी गई है. Also Read: बिहार दारोगा भर्ती: मेंस परीक्षा क्यों हुई कैंसिल? केंद्रों पर बार-बार कटी बिजली, जैमर बंद होने का शक, EOU की जांच में कई खुलासे The post बिहार BJP के नए प्रभारी बने हरीश द्विवेदी, दीपक प्रकाश के लिए MLC पद छोड़ने वाले देवेश कुमार को मिली ये जिम्मेदारी appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं गजेंद्र पटेल, जिन्हें भाजपा ने बनाया झारखंड का प्रभारी?

Jharkhand BJP Incharge: हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने विभिन्न राज्यों के लिए प्रभारी और सह प्रभारी की नई सूची जारी की है. इस सूची में झारखंड की संगठनात्मक जिम्मेदारी मध्य प्रदेश के वरिष्ठ आदिवासी नेता और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री गजेंद्र पटेल को सौंपी गई है. उनके साथ सौरभ सिंह और बिहार की निवेदिता सिंह को झारखंड का सह प्रभारी बनाया गया है. पार्टी ने दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, केरल, लद्दाख और लक्षद्वीप समेत कई राज्यों में भी नई जिम्मेदारियां तय की हैं. गजेंद्र पटेल की नियुक्ति को झारखंड में संगठन को मजबूत करने और आगामी नेतृत्वक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बड़वानी के रहने वाले हैं गजेंद्र पटेल गजेंद्र सिंह पटेल का जन्म 16 फरवरी 1975 को मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में हुआ था. उनके पिता उमराव सिंह पटेल और माता सुशीला बाई पटेल हैं. उन्होंने बीए और एलएलबी की पढ़ाई की है. पेशे से कृषि से जुड़े गजेंद्र पटेल लंबे समय से सक्रिय नेतृत्व में हैं. उनकी पत्नी का नाम बसंती पटेल है और उनके दो पुत्र हैं. संघ की शाखा से शुरू हुआ नेतृत्वक सफर गजेंद्र पटेल का नेतृत्वक जीवन सीधे चुनावी नेतृत्व से शुरू नहीं हुआ. वे बचपन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा से जुड़े रहे. 1990 में अखिल हिंदुस्तानीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के माध्यम से उन्होंने संगठनात्मक काम शुरू किया. इसके बाद युवा मोर्चा, वनवासी कल्याण परिषद और भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा में सक्रिय भूमिका निभाई. यही लंबा संगठनात्मक अनुभव उन्हें भाजपा के महत्वपूर्ण नेताओं में शामिल करता है. संगठन में लगातार बढ़ती गई जिम्मेदारी गजेंद्र पटेल ने भाजपा संगठन में कई अहम पद संभाले. 2017 में वे मध्य प्रदेश भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बने. इसके बाद प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई. वर्ष 2021-22 के दौरान वे भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री भी रहे और आदिवासी क्षेत्रों में संगठन विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाई. खरगोन से लगातार दूसरी बार सांसद 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें मध्य प्रदेश की खरगोन (अनुसूचित जनजाति आरक्षित) सीट से उम्मीदवार बनाया और वे पहली बार सांसद चुने गए. 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने इसी सीट से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर 18वीं लोकसभा में प्रवेश किया. इससे पहले वे भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं. संसद में 97% उपस्थिति गजेंद्र पटेल संसद में सक्रिय सांसदों में गिने जाते हैं. उपलब्ध संसदीय रिकॉर्ड के अनुसार, 13 अगस्त 2026 तक उनकी उपस्थिति करीब 97% रही. उन्होंने खरगोन और बड़वानी क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी, खंडवा-अलीराजपुर-खरगोन रेल परियोजना, मोबाइल नेटवर्क, पीएम किसान योजना, आदिवासी क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज, सिकल सेल एनीमिया, टीबी नियंत्रण, जैविक खेती, शिक्षा और सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे संसद में उठाए. 2026 में उन्होंने बड़वानी में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की मांग भी रखी. राष्ट्रीय महामंत्री बनने के बाद बढ़ी जिम्मेदारी 17 अगस्त 2026 को भाजपा ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की, जिसमें गजेंद्र सिंह पटेल को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया. यह भाजपा संगठन के सबसे महत्वपूर्ण पदों में से एक माना जाता है. मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र से आने वाले आदिवासी नेता के रूप में उनकी पहचान अब केवल खरगोन के सांसद तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक फैसलों में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं. इसे भी पढ़ें: झारखंड में क्या खतरे की घंटी बजा रहा रूबेला वायरस? जानें क्या कहते हैं डॉ अनुज मयूर शेखर झारखंड में संगठन संभालेंगे गजेंद्र पटेल भाजपा नेतृत्व ने अब उन्हें झारखंड का प्रभारी बनाकर संगठन को नई दिशा देने की जिम्मेदारी सौंपी है. उनके साथ संतोष सिंह और निवेदिता सिंह सह प्रभारी के रूप में काम करेंगे. माना जा रहा है कि लंबे संगठनात्मक अनुभव और आदिवासी क्षेत्रों में मजबूत पकड़ के कारण उन्हें झारखंड जैसी नेतृत्वक रूप से महत्वपूर्ण इकाई की जिम्मेदारी दी गई है, जहां पार्टी संगठन को और मजबूत करने की तैयारी में जुटी है. इसे भी पढ़ें: JSSC-CGL और JPSC में 500 करोड़ के घोटाले का दावा, राज्यसभा चुनाव पर भी योगेंद्र साव ने उठाए सवाल The post कौन हैं गजेंद्र पटेल, जिन्हें भाजपा ने बनाया झारखंड का प्रभारी? appeared first on Naya Vichar.

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खिलाड़ियों की चोट पर भड़के रविचंद्रन अश्विन, वरुण चक्रवर्ती का उदाहरण देकर कह दी बड़ी बात

R Ashwin on Team India: पूर्व हिंदुस्तानीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने हिंदुस्तानीय टीम के लगातार व्यस्त शेड्यूल और खिलाड़ियों की चोट को लेकर बड़ा मुद्दा उठाया है. उनका मानना है कि अब समय आ गया है जब हिंदुस्तान को टेस्ट, वनडे और टी20 के लिए अलग-अलग टीमें तैयार करनी चाहिए. अश्विन ने साथ ही खिलाड़ियों की चोट के प्रबंधन को लेकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए हैं. तीनों फॉर्मेट के लिए अलग टीम अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए अश्विन ने कहा कि तीनों फॉर्मेट के लिए अलग टीम होने से खिलाड़ियों पर पड़ने वाला दबाव कम किया जा सकता है. हालांकि, जरूरत के मुताबिक एक-दो खिलाड़ी अलग-अलग फॉर्मेट की टीमों में शामिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि टेस्ट, वनडे और टी20 के लिए अलग-अलग टीमें हों. इनमें एक-दो खिलाड़ियों का क्रॉस-पॉलिनेशन हो सकता है. खिलाड़ियों की चोट के प्रबंधन को लेकर कहीं न कहीं जवाबदेही तय होनी चाहिए.’ ये भी पढ़ें: India Vs Japan T20I: आखिरी ओवर में अंपायर के फैसले पर क्यों छिड़ी बहस? जानें क्या कहता है ICC का नियम वरुण चक्रवर्ती की चोट का दिया उदाहरण वरुण चक्रवर्ती (एक्स) अश्विन ने अपनी बात समझाने के लिए स्पिनर वरुण चक्रवर्ती का उदाहरण दिया. चक्रवर्ती लंबे समय से चोट की समस्या से जूझ रहे हैं. इंग्लैंड दौरे के दौरान लगी चोट से वापसी के बाद उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के पहले टी20 मैच में मैदान पर वापसी की थी, लेकिन इसी मुकाबले में उन्हें एक बार फिर चोट लग गई. इसके बाद चक्रवर्ती को अफगानिस्तान के खिलाफ बाकी मैचों से बाहर कर दिया गया. शुरुआत में उन्हें एशियन गेम्स के लिए हिंदुस्तानीय टीम के साथ जाने की उम्मीद थी, लेकिन बाद में ये योजनाएं भी बदल गईं. चोट के कारण वह एशियन गेम्स और वेस्टइंडीज के खिलाफ हिंदुस्तान की घरेलू सीरीज से भी बाहर हो गए. अश्विन ने कहा कि चक्रवर्ती पिछले तीन-चार महीने से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में थे. उन्होंने बताया कि तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL) के लिए चक्रवर्ती को रिलीज करने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अश्विन ने कहा, ‘मुझे पता है कि वरुण चक्रवर्ती पिछले 3-4 महीने से NCA में थे. हम TNPL के लिए उनकी रिलीज की अनुमति मांग रहे थे, लेकिन उन्हें रिलीज नहीं किया गया. उन्हें एक महीने में वापस आ जाना चाहिए था, लेकिन वह 2-3 महीने तक वहीं रहे.’ अश्विन ने खिलाड़ियों को भी दी जिम्मेदारी की सलाह अश्विन ने यह भी कहा कि चोट से बचने के लिए सिर्फ सपोर्ट स्टाफ या मेडिकल टीम ही जिम्मेदार नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को भी अपनी ट्रेनिंग और एक्सरसाइज को लेकर सतर्क रहना चाहिए. उन्होंने अपने करियर का उदाहरण देते हुए बताया कि करीब एक दशक पहले उन्हें ओलंपिक लिफ्टिंग के दौरान साइड स्ट्रेन की समस्या हुई थी. इसके बाद उन्होंने स्नैचिंग करना बंद कर दिया. अश्विन ने कहा कि ओलंपिक लिफ्टिंग से खिलाड़ी की ताकत और पावर प्रोडक्शन बढ़ सकता है, लेकिन हर एक्सरसाइज हर खिलाड़ी के शरीर के लिए उपयुक्त हो, यह जरूरी नहीं है. उन्होंने आगे कहा, ‘एक खिलाड़ी के तौर पर आपको भी देखना होगा कि आपकी ट्रेनिंग का तरीका सही है या नहीं. क्या मैं सही एक्सरसाइज कर रहा हूं? मुझे 2015 में ओलंपिक लिफ्टिंग के कारण साइड स्ट्रेन हुआ था. इसके बाद मैंने स्नैचिंग करना बंद कर दिया.’ ये भी पढ़ें: Asian Games 2026: सुचिका तरियाल के साथ आखिर ऐसा क्यों हुआ? ड्रॉ के बाद 700 ग्राम वजन ने छीना फाइनल का टिकट The post खिलाड़ियों की चोट पर भड़के रविचंद्रन अश्विन, वरुण चक्रवर्ती का उदाहरण देकर कह दी बड़ी बात appeared first on Naya Vichar.

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40 की उम्र के बाद क्यों बढ़ता है महिलाओं का सेक्सुअल कॉन्फिडेंस? सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा

लंबे समय से समाज में यह धारणा रही है कि स्त्रीओं की सेक्स लाइफ का सबसे अच्छा दौर कम उम्र में होता है और उम्र बढ़ने के साथ उनकी सेक्स की इच्छा धीरे-धीरे कम होने लगती है. लेकिन एक नए सर्वे के नतीजे इस सोच को चुनौती देते हैं. ‘एशले मैडिसन’ और ‘यूगोव’ की एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, 45% स्त्रीओं का मानना है कि उनका ‘सेक्सुअल प्राइम’ (सबसे बेहतरीन दौर) 40 साल की उम्र या उसके बाद शुरू होता है. 40 की उम्र के बाद क्यों बढ़ता है कॉन्फिडेंस? रिलेशनशिप और सेक्स थेरेपिस्ट डॉ. टैमी नेल्सन का कहना है कि जब स्त्रीएं किसी को इम्प्रेस करने, पार्टनर ढूंढने या परिवार बढ़ाने के सामाजिक दबाव से मुक्त होती हैं तो सेक्स का मुख्य मकसद केवल ‘खुद की खुशी’ बन जाता है. डॉ. टैमी नेल्सन के मुताबिक, जिंदगी में होने वाले बड़े बदलाव भी इसकी वजह बन सकते हैं. खासकर लंबे रिश्ते या शादी के खत्म होने के बाद कुछ स्त्रीओं को शुरुआत में दुख और अकेलेपन से गुजरना पड़ सकता है. लेकिन समय बीतने के साथ कुछ स्त्रीएं दोबारा डेटिंग और अपनी सेक्स लाइफ को लेकर नए अनुभवों के लिए तैयार हो सकती हैं. ऐसे में उन्हें अपनी पसंद के मुताबिक जिंदगी जीने और अपनी इच्छाओं को समझने की आजादी भी महसूस हो सकती है. यह भी पढ़ें: सिर्फ स्त्रीओं की नहीं है इंफर्टिलिटी की समस्या, पुरुषों से जुड़े कारण भी होते हैं जिम्मेदार फिल्मों और किताबों में भी बदल रही है तस्वीर स्त्रीओं की सेक्सुअलिटी को लेकर समाज में बातचीत भी पहले के मुकाबले ज्यादा खुली है. फिल्मों, किताबों और पॉप कल्चर में अब 40 की उम्र के बाद स्त्रीओं की इच्छाओं, रिश्तों और सेक्सुअल पहचान को भी जगह मिल रही है. इससे यह बात सामने आ रही है कि स्त्रीओं की सेक्स लाइफ को सिर्फ उम्र या शादी के आधार पर तय नहीं किया जा सकता. सेक्सुअल डिजायर की कोई ‘एक्सपायरी डेट’ नहीं होती ima इस सर्वे का सबसे अहम पहलू यह है कि स्त्रीओं की इच्छाओं और सेक्सुअल लाइफ की कोई निश्चित ‘एक्सपायरी डेट’ नहीं होती. उम्र के साथ अनुभव आता है, अनुभव से आत्म-विश्वास बढ़ता है और यही कॉन्फिडेंस स्त्रीओं को अपनी जिंदगी और अपने शरीर पर पूरा हक जताने की आजादी देता है. यह भी पढ़ें: बार-बार गर्म तेल में खाना बना रहे हैं? रोजाना की ये छोटी-छोटी गलती पड़ सकती है भारी! डॉक्टर सरीन ने दी चेतावनी The post 40 की उम्र के बाद क्यों बढ़ता है स्त्रीओं का सेक्सुअल कॉन्फिडेंस? सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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Airtel का बड़ा दांव: ₹999 वाले फैमिली पोस्टपेड प्लान में अब फ्री मिलेगा Apple iCloud+, TV और Arcade का फायदा

देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी हिंदुस्तानी एयरटेल (Bharti Airtel) ने अपने प्रीमियम और फैमिली पोस्टपेड सब्सक्राइबर्स को एक बड़ा तोहफा दिया है. कंपनी ने अपने ₹999 और उससे अधिक कीमत वाले फैमिली पोस्टपेड प्लान्स को अपग्रेड करते हुए इसमें ऐपल (Apple) की डिजिटल सेवाओं का बंडल शामिल कर दिया है. अब एयरटेल के इन पोस्टपेड प्लान्स के साथ ग्राहकों को ऐपल का विस्तारित आईक्लाउड+ (iCloud+), ऐपल टीवी (Apple TV) और ऐपल आर्केड (Apple Arcade) का मुफ्त एक्सेस दिया जा रहा है. इस कदम के साथ एयरटेल हिंदुस्तानीय टेलीकॉम मार्केट में आधिकारिक तौर पर iCloud+ बंडल पेश करने वाली पहली टेलीकॉम कंपनी बन गई है. एक ही प्लान में कनेक्टिविटी, स्टोरेज, एंटरटेनमेंट और गेमिंग का तड़का एयरटेल के इस नए ऑफर का मुख्य उद्देश्य पोस्टपेड ग्राहकों को एक ही रीचार्ज प्लान में परिवार की सभी डिजिटल जरूरतों को पूरा करने की सुविधा देना है. कंपनी का ₹999 वाला फैमिली पोस्टपेड प्लान मुख्य रूप से 3 कनेक्शन वाले परिवारों के लिए तैयार किया गया है. इसमें ग्राहकों को फास्टलेन टेक्नोलॉजी के साथ अनलिमिटेड डेटा, स्पैम से सुरक्षा और फ्री एंटरटेनमेंट सब्सक्रिप्शन मिलते हैं. अब ऐपल की प्रीमियम सेवाओं के जुड़ने से यह प्लान उन परिवारों के लिए काफी किफायती और फायदेमंद साबित होगा जो आईफोन (iPhone), आईपैड या मैक (Mac) डिवाइसेस का इस्तेमाल करते हैं. iCloud+, Apple TV और Arcade से यूजर्स को क्या होगा फायदा? ऐपल की इन सर्विसेज के बंडल होने से एयरटेल पोस्टपेड ग्राहकों को कई बड़े फायदे मिलेंगे: सुरक्षित क्लाउड स्टोरेज (iCloud+): आईक्लाउड+ की मदद से यूजर्स अपनी फोटोज, वीडियोज, पासवर्ड्स, कॉन्टैक्ट्स और जरूरी फाइल्स को सभी ऐपल डिवाइसेस पर आसानी से सिंक और बैकअप कर सकेंगे. इससे नया डिवाइस सेट करना बेहद आसान हो जाता है. ऐपल टीवी (Apple TV): ग्राहकों को ऐपल के अवॉर्ड-विनिंग ओरिजिनल शो, वेब सीरीज और ब्लॉकबस्टर फिल्मों का मुफ्त ऐक्सेस मिलेगा. ऐपल आर्केड (Apple Arcade): गेमिंग के शौकीनों के लिए ऐपल आर्केड पर बिना किसी विज्ञापन (Ads) और बिना इन-ऐप खरीदारी के सैकड़ों प्रीमियम गेम्स स्पोर्ट्सने का मौका मिलेगा. प्रीमियम ग्राहकों को लुभाने और ARPU बढ़ाने की रणनीति मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रिलायंस जियो (Reliance Jio) और वोडाफोन-आइडिया (Vi) जैसे प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले एयरटेल का यह कदम आईफोन यूज़र्स को सीधे अपनी तरफ आकर्षित करने की रणनीति है. एयरटेल लगातार अपने प्रति यूजर औसत राजस्व (ARPU) को बढ़ाने और ग्राहकों को प्रीमियम सेवाएं देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है. हिंदुस्तानी एयरटेल के डायरेक्टर (मार्केट ऑप्स) अमित त्रिपाठी ने इस लॉन्च पर कहा कि कंपनी अपने ग्राहकों की जिंदगी को आसान बनाने और फैमिली प्लान्स के जरिए एक ही जगह कनेक्टिविटी, एंटरटेनमेंट और डिजिटल सुविधाएं देने के विजन पर काम कर रही है. कैसे करें अपने मौजूदा प्लान को अपग्रेड? अगर आप एयरटेल के मौजूदा पोस्टपेड ग्राहक हैं या अपने प्रीपेड कनेक्शन को पोस्टपेड में बदलना चाहते हैं, तो इस नए ऑफर का लाभ उठाना काफी आसान है. ग्राहक अपने स्मार्टफोन में मौजूद Airtel Thanks App के ज़रिए सीधे ₹999 या उससे ऊपर के फैमिली प्लान में स्विच कर सकते हैं. इसके अलावा ग्राहक अपने नजदीकी एयरटेल स्टोर (Airtel Store) पर जाकर भी इस प्लान को एक्टिवेट करवा सकते हैं. FAQs: Airtel-Apple Postpaid Offer से जुड़े मुख्य सवाल 1. एयरटेल के किन पोस्टपेड प्लान्स पर ऐपल की ये सेवाएं मुफ्त मिलेंगी? यह ऑफर एयरटेल के ₹999 और उससे अधिक कीमत वाले सभी फैमिली पोस्टपेड प्लान्स पर उपलब्ध है. 2. ₹999 वाले एयरटेल फैमिली पोस्टपेड प्लान में कितने लोग शामिल हो सकते हैं? एयरटेल का ₹999 वाला फैमिली प्लान मुख्य रूप से 3 कनेक्शन (1 प्राइमरी + 2 ऐड-ऑन) वाले परिवारों के लिए डिजाइन किया गया है. 3. क्या एंड्रॉइड यूजर्स भी Apple TV और Arcade का फायदा उठा सकते हैं? हां, एंड्रॉइड और स्मार्ट टीवी यूजर्स वेब ब्राउजर या ऐपल टीवी ऐप के जरिए Apple TV+ कंटेंट देख सकते हैं, लेकिन iCloud+ का सबसे ज्यादा फायदा ऐपल इकोसिस्टम (iPhone, iPad, Mac) का उपयोग करने वाले यूजर्स को ही मिलता है. ये भी पढ़ें: एयरटेल यूजर्स को अब बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के पूरे एक साल तक मिलेगा सुपर डुओलिंगो का प्रीमियम सब्सक्रिप्शन ये भी पढ़ें: 399 रुपये से शुरू होनेवाले एयरटेल के इन प्लान्स में यूजर्स को हर दिन मिलेगा 2.5GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग The post Airtel का बड़ा दांव: ₹999 वाले फैमिली पोस्टपेड प्लान में अब फ्री मिलेगा Apple iCloud+, TV और Arcade का फायदा appeared first on Naya Vichar.

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बप्पा के दरबार में दिखा ‘संजू बाबा’ का रोमांटिक अंदाज, पत्नी मान्यता के माथे पर लगाया तिलक, वीडियो वायरल

Sanjay Dutt with Wife at Lalbaugcha Raja: मुंबई में गणेशोत्सव की धूम के बीच बॉलीवुड के ‘संजू बाबा’ यानी संजय दत्त भी पत्नी मान्यता दत्त के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे. मंगलवार, 22 सितंबर को दोनों ने बप्पा के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया. इस दौरान संजय दत्त का एक खास अंदाज कैमरे में कैद हो गया, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया. अभिनेता ने बप्पा के चरणों से तिलक लेकर पहले खुद के माथे पर लगाया और फिर पत्नी मान्यता के माथे पर भी तिलक लगाया. इसके साथ ही भीड़ के बीच जिस तरह वह पत्नी का ख्याल रखते नजर आए, उसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. ऑरेंज कुर्ते में पहुंचे संजय दत्त लालबागचा राजा के दर्शन के लिए संजय दत्त ऑरेंज रंग का कुर्ता पहने नजर आए. वहीं मान्यता दत्त ने ब्राइट पिंक सूट पहना हुआ था. दोनों साथ में बप्पा के दर्शन करने पहुंचे. पंडाल में काफी भीड़ थी और एक्टर के साथ सुरक्षा कर्मी भी मौजूद थे. इसके बावजूद संजय और मान्यता ने बप्पा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की. #WATCH | Maharashtra: Actor Sanjay Dutt, along with his wife Maanayata Dutt, offers prayers at the famous Lalbaugcha Raja pandal in Mumbai. He says, “I am fortunate that I have come to Lalbaugcha again… I pray that Bappa calls me here every year…” pic.twitter.com/mAalqAbaOT — ANI (@ANI) September 22, 2026 “> दर्शन के दौरान संजय दत्त ने बप्पा के सामने सिर झुकाकर आशीर्वाद लिया. इसके बाद उन्होंने अपने माथे पर तिलक लगाया और फिर मान्यता के माथे पर भी तिलक लगाया. वीडियो में यह पल बेहद खास नजर आया और सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान इसी पर टिक गया. मान्यता के माथे पर लगाया तिलक, वायरल हुआ वीडियो संजय दत्त और मान्यता दत्त का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में संजय पहले बप्पा की पूजा करते दिखाई देते हैं और फिर पत्नी के माथे पर तिलक लगाते हैं. एक एंगल से यह पल ऐसा नजर आता है जैसे अभिनेता मान्यता की मांग में सिंदूर भर रहे हों. संजय दत्त और मान्यता, फोटो- इंस्टाग्राम पति-पत्नी के इस छोटे से पल ने फैंस का ध्यान खींचा. गणपति बप्पा के दरबार में दोनों की मौजूदगी और संजय का मान्यता के प्रति यह अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया. भीड़ में पत्नी को लेकर दिखे प्रोटेक्टिव सिर्फ तिलक लगाने वाला पल ही नहीं, संजय दत्त का मान्यता के प्रति प्रोटेक्टिव अंदाज भी देखने को मिला. लालबागचा राजा के पंडाल में काफी भीड़ थी. ऐसे में संजय लगातार मान्यता को अपने करीब रखते नजर आए. भीड़ के बीच वह इस बात का ध्यान रखते दिखे कि मान्यता उनसे अलग न हों और आराम से आगे बढ़ सकें. संजय के इस अंदाज का वीडियो सामने आने के बाद फैंस के बीच भी इसकी चर्चा होने लगी. सेलिब्रिटी कपल के बीच की बॉन्डिंग अक्सर सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचती है और इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. ये भी पढ़ें: Madhoo Shah: लालबागचा राजा के दरबार में चढ़ाए ₹500, अगले ही पल गायब हुआ नोट, Video देख भड़के लोग, उठे सवाल ‘बप्पा ने बुलाया है’, बोले संजय दत्त दर्शन के बाद संजय दत्त ने लालबागचा राजा के प्रति अपनी आस्था के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि यह उनकी खुशकिस्मती है कि वह एक बार फिर बप्पा के दर्शन करने पहुंच पाए. अभिनेता ने कहा कि वह यहां इसलिए आए हैं क्योंकि ‘बप्पा ने बुलाया है.’ उन्होंने यह भी प्रार्थना की कि बप्पा उन्हें हर साल अपने दरबार में आने का मौका देते रहें. चंकी पांडे और अनन्या से भी हुई मुलाकात लालबागचा राजा के दर्शन के दौरान संजय दत्त की मुलाकात अभिनेता चंकी पांडे और उनकी बेटी अनन्या पांडे से भी हुई. दोनों परिवारों की यह मुलाकात भी कैमरे में कैद हुई. संजय और चंकी ने एक-दूसरे से मुलाकात की और गले मिलकर अभिवादन किया. ये भी पढ़ें: Govinda के साथ बप्पा के दर्शन करने पहुंचीं रुमर्ड गर्लफ्रेंड, लौटते समय माथे पर दिखा सिंदूर, क्या दोनों ने कर ली शादी? The post बप्पा के दरबार में दिखा ‘संजू बाबा’ का रोमांटिक अंदाज, पत्नी मान्यता के माथे पर लगाया तिलक, वीडियो वायरल appeared first on Naya Vichar.

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Daroga Bharti Exam Cancel: बिहार में दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा हुई रद्द, गड़बड़ी की शिकायत के बाद आधिकारिक सूचना जारी

Daroga Bharti Exam Cancel: बिहार में दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए जरूरी समाचार है. दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द कर दी गई है. आयोग की तरफ से आधिकारिक सूचना जारी कर दी गई है. साथ ही अभ्यर्थियों से आधिकारिक वेबसाइट देखने और भ्रामक सूचनाओं से बचने को कहा गया है. आयोग की ओर से जारी आदेश में क्या? बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की ओर से जारी किए गए जानकारी के मुताबिक, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने विज्ञापन संख्या 05/2025 के तहत 27 मई 2026 को दो पालियों में आयोजित मुख्य लिखित परीक्षा को अपरिहार्य कारणों से रद्द कर दिया है. आयोग ने कहा कि नई परीक्षा तिथि की सूचना अलग से दी जाएगी. आयोग ने अभ्यर्थियों से आधिकारिक वेबसाइट देखने और भ्रामक सूचनाओं से बचने की सलाह दी है. इस तरह से अभ्यर्थियों को नई परीक्षा की तारीख के लिए फिलहाल इंतजार करना होगा. गड़बड़ी की शिकायत के बाद निर्णय जानकारी के मुताबिक, मई में आयोजित लिखित मुख्य परीक्षा के रिजल्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी होने की शिकायत अभ्यर्थियों ने की थी. परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर राजधानी पटना में आंदोलन किए गए थे. अभ्यर्थियों के दवाब में पुलिस अवर सेवा आयोग ने पहले शरीरिक जांच परीक्षा रद्द की और अब मुख्य परीक्षा को ही रद्द कर दिया गया है. दो पालियों में हुई थी परीक्षा 23 सितंबर, 2025 को आयोग ने 1799 दारोगा की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था. इसके लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में 35857 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए पास हुए. 27 मई को दो पालियों में मुख्य परीक्षा आयोजित की गई और इसका रिजल्ट 19 जून को जारी कर दिया गया. मुख्य परीक्षा में कुल रिक्ति के 6 गुणा अधिक अभ्यर्थियों का चयन हुआ. मुख्य परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितता के आरोप लगाए गए थे. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें ईओयू कर रही जांच, 14 परीक्षा केंद्रों पर गड़बड़ी की आशंका दारोगा भर्ती मुख्य परीक्षा में गड़बड़ी की जांच कर रही ईओयू को गया और पूर्णिया के पॉवर कॉरपोरेशन ने 27 मई को बिजली आपूर्ति के संबंध में अपनी रिपोर्ट दी थी. इसमें खुलासा हुआ कि परीक्षा के दिन दोनों शहरों में बिजली आपूर्ति सामान्य थी और परीक्षा केंद्रों में ही जैमर को इनएक्टिवेट करने के लिए पावर कट किया गया. ईओयू को जांच के दौरान परीक्षा केंद्रों में 20 से भी ज्यादा बार पावर कट होने की जानकारी मिली थी. आशंका बढ़ी कि बिजली जाने की स्थिति में कुछ केंद्रों पर जैमर बंद कर प्रश्न-पत्र की तस्वीरें बाहर भेजी गईं और उत्तर मंगवाए गए. इसके बाद बिजली आपूर्ति रिकॉर्ड, सीसीटीवी और जैमर लॉग के रिकार्ड ईओयू ने जुटाने शुरू किए. केंद्र प्रभारियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने पूरे शहर में बिजली की समस्या होने की बात कही. इसके बाद ईओयू ने पावर कॉरपोरेशन से ही 27 मई को बिजली आपूर्ति के संबंध में रिपोर्ट मांग ली. इसमें परीक्षा के समय पावर कट नहीं किए जाने की जानकारी दी गई है. अभ्यर्थियों की जांच करने वाले भी जांच के दायरे में सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा जांच और मेटल डिटेक्टर की व्यवस्था होने के बावजूद सामने आई प्रश्न-पत्र की तस्वीर में तस्वीर लेने वाले व्यक्ति की उंगली में अंगूठी तक स्पष्ट दिखाई दे रही है. इससे गंभीर प्रश्न उठता है कि मोबाइल/कैमरा युक्त उपकरण परीक्षा सामग्री तक कैसे पहुंचा और केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई. ईओयू को अंदेशा है कि केंद्रों के गेट पर अभ्यर्थियों की तलाशी लेने वाले कर्मचारी भी इसमें शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा यह भी आशंका है कि परीक्षा से पहले ही केंद्रों में ये उपकरण पहुंचा दिए गए हों. फिलहाल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ईओयू जांच कर रही है. Also Read: 23 से 29 सितंबर तक बाढ़ से फसल नुकसान के लिए कर सकते हैं आवेदन, जानिए जरुरी दस्तावेज और कितना मिलेगा पैसा The post Daroga Bharti Exam Cancel: बिहार में दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा हुई रद्द, गड़बड़ी की शिकायत के बाद आधिकारिक सूचना जारी appeared first on Naya Vichar.

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SIR पर घमासान के बीच ECI की सफाई- राय अलग हो सकती है, लेकिन फैसले सर्वसम्मत

देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग में कथित मतभेद की समाचारें थीं. इन समाचारों के बीच आयोग ने बुधवार ( 23 सितंबर) को सफाई दी. चुनाव आयोग ने कहा कि किसी चुनाव आयुक्त की व्यक्तिगत राय को आयोग का फैसला नहीं माना जा सकता. आयोग के सभी फैसले, SIR से जुड़े निर्णयों समेत, तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए हैं. यह स्पष्टीकरण द इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद आया, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की. रिपोर्ट के अनुसार, चार आपत्तियां एक ही दिन दर्ज की गई थीं. किन मुद्दों पर उठे सवाल? रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियां मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम हटाने और बहाल करने, SIR से जुड़े मामलों में अपील तथा मतदाता डेटाबेस के प्रबंधन जैसे मुद्दों से संबंधित थीं. Form 6 में बदलाव और चुनावी डेटा के केंद्रीकरण को लेकर भी सवाल उठाए गए थे. EC बोला- इसे SIR पर असहमति न माना जाए चुनाव आयोग ने माना कि दोनों आयुक्तों ने अलग-अलग राज्यों में मतदाता नाम हटाने और वोटर डेटाबेस से जुड़े मामलों पर मुद्दे उठाए थे. हालांकि, आयोग ने कहा कि इन व्यक्तिगत आपत्तियों को SIR या आयोग के अंतिम फैसलों पर औपचारिक असहमति के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. राय में अंतर होना स्वाभाविक चुनाव आयोग ने कहा कि अलग-अलग मुद्दों पर राय में अंतर होना स्वाभाविक है. उनके मुताबिक, चर्चा और आपसी सहमति के जरिए फैसले आगे बढ़ते हैं. आयोग ने यह भी कहा कि पिछले 14 महीनों में शुरुआती मतभेदों के बावजूद कई मामलों में सहमति बनी और सुधार से जुड़े फैसले लिए गए. केंद्रीय दखल के आरोपों को भी नकारा आयोग के चुनावी डेटा सिस्टम में किसी तरह के केंद्रीय हस्तक्षेप के आरोपों से भी इनकार किया. उनका कहना है कि पूरे देश के लिए एक ही सिस्टम है, जिसमें अलग-अलग चुनाव अधिकारी डेटा फीड करते हैं. आयोग के अनुसार, अब तक सिस्टम में हस्तक्षेप को लेकर कोई शिकायत सामने नहीं आई है. विपक्ष ने उठाए सवाल दूसरी ओर, रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. विपक्षी नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनके पद से हटाने की मांग तक उठाई. कांग्रेस समेत कई दलों ने मामले को लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली से जोड़कर प्रशासन पर निशाना साधा. कांग्रेस ने लगाया गंभीर आरोप कांग्रेस ने राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर दिए गए भाषण का वीडियो साझा करते हुए आयोग और बीजेपी के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी रिपोर्ट साझा करते हुए CEC ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाया और आयोग की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर आरोप लगाए. ये विपक्ष के नेतृत्वक आरोप हैं, जिन पर आयोग की ओर से अलग रुख सामने आया है. अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान की मांग की समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मामले को गंभीर बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में सामने आई बातें चुनाव आयुक्तों के अधिकारों और आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं. डेरेक ओ’ब्रायन बोले- CEC को हटाने का प्रस्ताव लाएं TMC के राज्यसभा नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने भी CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि राज्यसभा में उनके खिलाफ पहले भी हटाने का प्रस्ताव लाने की पहल हो चुकी है और अब उस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का समय है. SIR पर विवाद के बीच दोनों दावे आमने-सामने इस पूरे विवाद में एक तरफ द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट है, जिसमें दो चुनाव आयुक्तों की ओर से 14 औपचारिक आपत्तियों का दावा किया गया है. दूसरी तरफ चुनाव आयोग का कहना है कि व्यक्तिगत स्तर पर मुद्दे या राय अलग हो सकती है, लेकिन आयोग के अंतिम फैसले SIR समेत सभी मामलों में सर्वसम्मति से लिए गए हैं. ये भी पढ़ें: ECI में 14 बार लिखित आपत्ति, विपक्ष ने CEC ज्ञानेश कुमार को घेरा; हटाने की मांग The post SIR पर घमासान के बीच ECI की सफाई- राय अलग हो सकती है, लेकिन फैसले सर्वसम्मत appeared first on Naya Vichar.

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Odisha Cyclone Alert : बुधवार रात तक राज्य में प्रवेश करेगा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’; 10 जिलों में स्कूल बंद, प्रशासन हाई अलर्ट पर

Odisha Weather Alert : ओडिशा में मानसून एक बार फिर विकराल रूप ले चुका है. बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र अब एक गहरे अवदाब (Deep Depression) में तब्दील हो चुका है. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह सिस्टम गोपालपुर और विशाखापत्तनम के बीच कलिंगपट्टनम के पास से तट पार करने की संभावना है. इस वेदर सिस्टम के चलते पूरे राज्य में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिसके प्रभाव से यह चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का रूप भी ले सकता है. आज और कल का मौसम: किन जिलों में सबसे बड़ा खतरा? 23 सितंबर (बुधवार) की रात से 24 सितंबर (गुरुवार) तक ओडिशा के दक्षिणी और तटीय इलाकों में मौसम का सबसे आक्रामक रुख देखने को मिलेगा. IMD ने कोरापुट जिले के लिए 25 सितंबर की सुबह तक ‘रेड वार्निंग’ जारी की है, जहां 24 सितंबर तक अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है. इसके अलावा मलकानगिरि, नवरंगपुर, रायगड़ा, गंजाम, खुर्दा और बलांगीर जैसे जिलों में भी आफत की बारिश को लेकर ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी है. तेज हवाओं और भारी बारिश के चलते नदियों, जलाशयों और चार प्रमुख बांधों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति से समय रहते निपटा जा सके. 10 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद, प्रशासन मुस्तैद खराब मौसम और सुरक्षा को देखते हुए राज्य प्रशासन ने 10 जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया है. मलकानगिरि जिले में 25 सितंबर तक सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे. वहीं खुर्दा, गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, नवरंगपुर और बलांगीर जिलों में 24 सितंबर तक स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है. कोरापुट प्रशासन ने सभी प्रशासनी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और बिना अनुमति जिला न छोड़ने का निर्देश दिया है. संवेदनशील इलाकों से गर्भवती स्त्रीओं को सुरक्षित स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा जा रहा है और राहत सामग्री का भंडारण भी शुरू हो चुका है. रेलवे ने शुरू किया 24×7 कंट्रोल रूम बारिश के भारी अलर्ट को देखते हुए ईस्ट कोस्ट रेलवे (ECoR) पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. रेलवे ने भुवनेश्वर स्थित ‘रेल सदन’ में 24 घंटे काम करने वाला आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है. इसके साथ ही खुर्दा रोड, संबलपुर और रायगढ़ा मंडलों में भी वॉर रूम बनाए गए हैं. पटरियों, पुलों और सिग्नलों की 24 घंटे पेट्रोलिंग की जा रही है ताकि ट्रैक पर जलभराव या लैंडस्लाइड होने पर तुरंत सेवाएं बहाल की जा सकें. ये भी पढ़ें: अमेरिका : ‘मैंने पत्नी को मार डाला’… फोन पर कुबूलनामा, 3 राज्यों में घेराबंदी के बाद पकड़ाया आरोपी पति आम लोगों और यात्रियों के लिए हिदायत तटीय इलाकों से दूरी समुद्र में ऊंची लहरें और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है. मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है. यातायात पर असर गंजाम और कंधमाल को जोड़ने वाले कलिंगा घाट मार्ग पर एहतियातन आवाजाही सीमित की गई है, वहीं चिल्का झील में सतपाड़ा-जाह्नीकुड़ा फेरी सेवा को 25 सितंबर तक रोक दिया गया है. बिजली और जलभराव से बचें निचले इलाकों के लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें और तेज गरज-चमक के दौरान खुले में निकलने से बचें. The post Odisha Cyclone Alert : बुधवार रात तक राज्य में प्रवेश करेगा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’; 10 जिलों में स्कूल बंद, प्रशासन हाई अलर्ट पर appeared first on Naya Vichar.

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