Hot News

ताजा ख़बर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राजगीर क्रिकेट स्टेडियम 31 दिसंबर तक होगा तैयार, मोइनुल हक स्टेडियम भी होगा चकाचक, सम्राट चौधरी ने दिया निर्देश

Rajgir Cricket Stadium: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में स्पोर्ट्स विभाग की समीक्षा बैठक की. बैठक में राज्य में स्पोर्ट्स सुविधाओं के विस्तार, खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देने और स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने को लेकर कई निर्देश दिए गए. समीक्षा के दौरान बताया गया कि बिहार की कुल 8053 ग्राम पंचायतों में से 4700 पंचायतों में 5266 स्पोर्ट्स मैदानों का निर्माण पूरा किया जा चुका है. जिन पंचायतों में अब तक स्पोर्ट्स मैदान नहीं बन पाए हैं, वहां विकसित हिंदुस्तान-गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन, ग्रामीण (वीबीजीरामजी) के माध्यम से स्पोर्ट्स मैदान तैयार किए जाएंगे. डुमरी स्पोर्ट्स परिसर में बनेंगे अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डुमरी स्पोर्ट्स परिसर को आधुनिक स्पोर्ट्स केंद्र के रूप में विकसित किया जाए. यहां विभिन्न स्पोर्ट्सों के लिए अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम बनाए जाएं, ताकि राज्य के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भी संभव हो. राजगीर क्रिकेट स्टेडियम का काम दिसंबर तक पूरा करने का निर्देश बैठक में राजगीर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की प्रगति की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि स्टेडियम का निर्माण कार्य हर हाल में 31 दिसंबर तक पूरा किया जाए. उन्होंने कहा कि तय समय पर परियोजना पूरी होनी चाहिए ताकि खिलाड़ियों और स्पोर्ट्स प्रेमियों को इसका लाभ मिल सके. मोइनुल हक स्टेडियम के रेनोवेशन में लाई जाए तेजी मुख्यमंत्री ने पटना स्थित मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्विकास कार्य को गति देने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम आगे बढ़ाया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि स्टेडियम तक पहुंचने के लिए सड़क और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए. बड़े स्पोर्ट्स आयोजनों के दौरान लोगों को जाम और भीड़ की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए पहले से ठोस व्यवस्था की जाए. स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय में रोजगार आधारित पाठ्यक्रमों पर जोर मुख्यमंत्री ने बिहार स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय, राजगीर में ऐसे पाठ्यक्रम शुरू करने पर जोर दिया जिनसे छात्रों और खिलाड़ियों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें. उन्होंने कहा कि नवाचार और आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर पाठ्यक्रम तैयार किए जाएं. जिला और प्रखंड स्तर की स्पोर्ट्स परियोजनाओं में तेजी बैठक में जिला स्तरीय स्पोर्ट्स भवन-सह-व्यायामशालाओं के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और इनके संचालन तथा रखरखाव के लिए पीपीपी मॉडल की संभावनाओं पर काम किया जाए. इसके साथ ही प्रखंड स्तर पर बन रहे आउटडोर स्टेडियमों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि इनके रखरखाव की स्थायी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए. पंचायतों में स्पोर्ट्स संस्कृति विकसित करने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर नियमित स्पोर्ट्स प्रतियोगिताएं और स्पोर्ट्स उत्सव आयोजित किए जाएं. इससे ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा. उन्होंने पंचायत स्पोर्ट्स क्लबों से पुराने खिलाड़ियों, युवाओं और स्थानीय लोगों को जोड़कर स्पोर्ट्स संस्कृति को मजबूत बनाने की बात कही. साथ ही खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक स्पोर्ट्स उपकरण, कोचिंग और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें खिलाड़ियों को मिलेगा प्रोत्साहन और सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में चरणबद्ध तरीके से विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स सुविधाओं का विकास किया जा रहा है. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया जा रहा है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ‘मेडल लाओ नौकरी पाओ’ योजना के तहत खिलाड़ियों को अधिक से अधिक लाभ दिया जाए और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया जाए. बैठक की शुरुआत में स्पोर्ट्स विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने विभाग की योजनाओं, स्पोर्ट्स अवसंरचना, खिलाड़ियों को दी जा रही सुविधाओं और भविष्य की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की. इसे भी पढ़ें: चक्रव्यूह में दीपक प्रकाश, निशाने पर उपेंद्र, चिराग ने खोले पत्ते, अब सबकी नजर राजद पर 7 जून से 11 जून तक बिहार के इन जिलों में जारी रहेगा आंधी-तूफान और बारिश का दौर, IMD ने जारी किया डबल अलर्ट The post राजगीर क्रिकेट स्टेडियम 31 दिसंबर तक होगा तैयार, मोइनुल हक स्टेडियम भी होगा चकाचक, सम्राट चौधरी ने दिया निर्देश appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ममता बनर्जी के साथ हो गया बड़ा खेला! शुभेंदु सरकार के खौफ से पुरुलिया में TMC ने अपने ही दफ्तर पर चलवाया बुलडोजर

खास बातें लक्ष्मणपुर इलाके में जुटी लोगों की भीड़ हाई-वे किनारे वन विभाग की जमीन पर था कब्जा फॉरेस्ट डिपार्टमेंट का 48 घंटे का अल्टीमेटम और टीएमसी का सरेंडर TMC Demolishes Own Office in Purulia: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली भाजपा प्रशासन ने अवैध निर्माणों के खिलाफ आक्रामक रुख अपना रखा है. प्रशासनी जमीनों को भू-माफियाओं और अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए सूबे में हर तरफ बुलडोजर गरज रहे हैं. इसी बीच, पुरुलिया जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने खुद बुलडोजर मंगाकर अपने ही आलीशान पार्टी दफ्तर को जमींदोज कर दिया. लक्ष्मणपुर इलाके में जुटी लोगों की भीड़ कल तक जो नेता बात-बात पर विरोधियों को स्पोर्ट्सा होबे (स्पोर्ट्सा होगा) की चुनौती देते थे, आज खुद अपने ही हाथों अपनी नेतृत्वक विरासत पर बुलडोजर चलाकर नया स्पोर्ट्स स्पोर्ट्स रहे हैं. इस अजीबोगरीब वाकये को देखने के लिए लक्ष्मणपुर इलाके में स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. TMC Demolishes Own Office in Purulia: हाई-वे किनारे वन विभाग की जमीन पर था कब्जा मामला पुरुलिया-बांकुड़ा नेशनल हाई-वे पर स्थित लक्ष्मणपुर इलाके का है. स्थानीय भाजपा नेताओं और वन विभाग के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में वर्ष 2022 में टीएमसी नेताओं ने वन विभाग की बेहद कीमती और सुरक्षित जमीन पर कब्जा जमा लिया था. इसके खिलाफ वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें भेजी गयी थीं. सत्ता के दबाव में किसी अधिकारी ने इस गैर-कानूनी निर्माण पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं की. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें फॉरेस्ट डिपार्टमेंट का 48 घंटे का अल्टीमेटम और टीएमसी का सरेंडर बंगाल में प्रशासन बदलते ही प्रशासनिक अधिकारियों के तेवर बदल चुके हैं. बरसों से फाइलों में दबे मामलों पर तत्काल एक्शन शुरू हो गया है. वन विभाग ने पुरुलिया-बांकुड़ा हाई-वे किनारे स्थित इस अवैध दफ्तर को एक कड़ा नोटिस जारी किया. प्रशासनी नोटिस में टीएमसी नेतृत्व को सिर्फ 48 घंटे में गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन को खुद हटाने का अल्टीमेटम दिया गया था. डेडलाइन खत्म होने से पहले ही पार्टी ने खुद बुलडोजर मंगाकर दफ्तर को मलबे में तब्दील कर दिया. इसे भी पढ़ें संदेशखाली और बासंती में बारूद का ‘पाताल लोक’! शुभेंदु बोले- तृणमूल ने लोगों को डराने के लिए छिपा रखे थे हथियार बांग्लादेश भागने की फिराक में था भांगड़ ब्लास्ट का मास्टरमाइंड शौकत मोल्ला, एनआईए ने कमालगाजी में दबोचा बीजेपी की जीत के बाद बंगाल के कैंपसों में भगवा लहर, ABVP यूनिट्स की संख्या 400 के पार अधीर रंजन चौधरी का बड़ा बयान- अपनी ही करनी का फल भुगत रही हैं टीएमसी चीफ ममता बनर्जी The post ममता बनर्जी के साथ हो गया बड़ा स्पोर्ट्सा! शुभेंदु प्रशासन के खौफ से पुरुलिया में TMC ने अपने ही दफ्तर पर चलवाया बुलडोजर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार के 27 जिलों में लगेंगे ट्रैफिक सिग्नल, बनेंगे 40 नए ट्रैफिक पोस्ट, 152 करोड़ की लागत से बदलेगी व्यवस्था

Bihar Traffic News, प्रह्लाद कुमार: बिहार में लगातार सड़कों का विस्तार हो रहा है. ऐसे में लोगों के गाड़ियों की रफ्तार भी बढ़ी है. सड़कों पर दुर्घटनांए भी बढ़ी है. इन्हीं दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 27 जिलों में ट्रैफिक सिग्नल और 40 ट्रैफिक पोस्ट बनेंगे, ताकि रोड एक्सीडेंट में कमी आए. विभाग का मानना है कि सिग्नल रहने से गाड़ियों की गति पर अंकुश लगा रहता है. इस कारण से उन सभी जगहों पर सिग्नल लगाए जायेंगे. जहां सड़क दुर्घटनाएं अधिक होती है. उन जगहों पर ट्रैफिक पोस्ट बनाने के पीछे विभाग का मकसद है कि हिट एंड रन मामले में वाहन चालकों को पकड़ने में सुविधा हो सकें. अब एनएच,एसएच पर भी दुर्घटना वाले जगहों पर बनेंगे पोस्ट लगेगा सिग्नल विभाग के मुताबिक अब एनएच और एचएच पर भी वैसे जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल और पोस्ट की संख्या बढ़ेगी. जहां पर सड़क दुर्घटनाएं अधिक होती है. शहरों के आस-पास के इलाकों में यातायात व्यवस्था बेहतर करने के लिए सभी जगहों 500 से अधिक कैमरा भी लगाये जायेंगे, ताकि यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्ती हो सकें. विभाग के मुताबिक 27 जिलों में ट्रफिक सिंग्नल सिस्टम की स्थापना की जायेगी. इसके लिए 152.45 करोड़ की राशि का प्राकलन तैयार किया गया है. टैफिक इंजीनियरिंग सेंटर की स्थापना के लिए तीन करोड़ की जरूरत पड़ेगी और 40 ट्रैफिक पोस्ट बनाने के लिए दो करोड़ खर्च होंगे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें पटना में सबसे अधिक हिट एंड रन के मामले बिहार में एक जनवरी 2022 से 12 मई 2026 तक कुल 50 हजार 663 सड़क दुर्घटनाएं हुई है. जिसमें हिट एंड रन के मामले सबसे अधिक पटना में रिपोर्ट हुए हैं. परिवहन विभाग के मुताबिक पटना में 5093, गयाजी में 2437, रोहतास में 1781, मुजफ्फरपुर में 2691 , नालंदा में 188, भभुआ में 1079, बेगूसराय में 1598, भोजपुर में 1745, सिवान में 1274, सीतामढ़ी में 1108, औरंगाबाद में 1714, बेतिया में 2263, नवादा में 1231, पूर्णिया में 1350, गोपालगंज में 1198, वैशाली में 1769, समस्तीपुर में 1788, दरभंगा में 1377, अररिया में 988, जमुई में 896 मामले रिपोर्ट हुए हैं. इसे भी पढ़ें: चक्रव्यूह में दीपक प्रकाश, निशाने पर उपेंद्र, चिराग ने खोले पत्ते, अब सबकी नजर राजद पर 7 जून से 11 जून तक बिहार के इन जिलों में जारी रहेगा आंधी-तूफान और बारिश का दौर, IMD ने जारी किया डबल अलर्ट The post बिहार के 27 जिलों में लगेंगे ट्रैफिक सिग्नल, बनेंगे 40 नए ट्रैफिक पोस्ट, 152 करोड़ की लागत से बदलेगी व्यवस्था appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

गढ़वा डीसी ने विस्थापितों के लंबित सर्वे को पूरा करने का दिया अल्टीमेटम, 10 जून तक डेडलाइन

गढ़वा से अविनाश सिंह की रिपोर्ट Garhwa News: गढ़वा के उपायुक्ति पशुपति नाथ मिश्रा ने शनिवार को जिले में विस्थापितों के लंबित सर्वेक्षण के कामों को पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने सर्वेक्षण के कामों को पूरा करने के लिए 10 जून 2026 समय-सीमा तय की है. उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में मंडल डैम एवं कांडी वितरणी परियोजना के अवशेष कार्यों तथा पुनर्वास स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं के विकास को लेकर जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में डूब क्षेत्र से प्रभावित व विस्थापित परिवारों के पुनर्वास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभागों को निर्देश दिए गए. ग्रामीण क्षेत्रों का विकास भी जरूरी उपायुक्त ने कहा कि पुनर्वास का कार्य केवल विस्थापित परिवारों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पुनर्वास स्थलों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का भी समग्र विकास किया जाना आवश्यक है. उन्होंने रंका अंचल के मौजा विश्रामपुर और रमकंडा अंचल के मौजा बलिगढ़ में चिह्नित पुनर्वास स्थलों पर स्थल समतलीकरण, सड़क, सिंचाई, तालाब, आंगनबाड़ी केंद्र, सरना-मसना, पूजा स्थल, धुमकुड़िया भवन, स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय, बिजली एवं पेयजल जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने का निर्देश दिया. चार दिनों में मांगा बजट प्राक्कलन, लापरवाही पर सख्त रुख उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि पुनर्वास से संबंधित निर्माण कार्यों की योजनाओं को अब धरातल पर उतारने का समय आ गया है. जिन विभागों द्वारा अब तक प्राक्कलन (इस्टीमेट) उपलब्ध नहीं कराया गया है, वे आगामी चार दिनों के अंदर विस्तृत बजट प्राक्कलन तैयार कर समर्पित करें, ताकि प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की कार्रवाई की जा सके. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना की मॉनिटरिंग हिंदुस्तान प्रशासन एवं राज्य प्रशासन द्वारा नियमित रूप से की जा रही है, इसलिए सभी अधिकारी सर्वोच्च प्राथमिकता और आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करें. डीसी द्वारा तय की गई समय-सीमा 10 जून 2026 तक: अपर समाहर्ता परियोजना से जुड़े सभी लंबित सर्वेक्षण कार्यों को शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित रूप से पूर्ण कर प्रस्तुत करेंगे. 2 से 3 दिनों के भीतर: अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) लंबित प्रस्तावों को अंतिम रूप देकर उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे. 4 दिनों के अंदर: संबंधित विभाग लंबित योजनाओं का विस्तृत बजट प्राक्कलन जमा करेंगे. सोन-कनहर परियोजना की भी हुई समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने सोन-कनहर परियोजना की भी प्रगति जांची. उन्होंने संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी को निर्देश दिया कि क्षेत्र के किसानों के हित को देखते हुए इस सिंचाई परियोजना के जितने भी शेष कार्य बचे हैं, उन्हें अविलंब पूरा किया जाए. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग में नशे के खिलाफ महा अभियान, 11वीं और 12वीं के 25000 विद्यार्थियों को किया जाएगा जागरूक बैठक में ये लोग थे मौजूद बैठक में पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर वन प्रमंडल पदाधिकारी (दक्षिणी वन प्रमंडल), सिविल सर्जन डॉ जान एफ केनेडी पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के उप निदेशक, जल संसाधन विभाग व रूपांकन प्रमंडल (मेदिनीनगर) के कार्यपालक अभियंता, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, गढ़वा के एसडीएम संजय कुमार व रंका के एसडीओ, विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, ग्रामीण कार्य विभाग, पथ निर्माण विभाग, भवन प्रमंडल, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल व विद्युत प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, रंका व भंडरिया के बीडीओ, रंका, रमकंडा, भंडरिया व काण्डी के अंचल अधिकारी (सीओ) तथा वैपकोस के प्रतिनिधि उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें: लातेहार में झामुमो का बूथ स्तरीय प्रशिक्षण शिविर, विनोद पांडेय ने बीएलए की भूमिका को बताया अहम The post गढ़वा डीसी ने विस्थापितों के लंबित सर्वे को पूरा करने का दिया अल्टीमेटम, 10 जून तक डेडलाइन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

संदेशखाली और बासंती में बारूद का ‘पाताल लोक’! शुभेंदु बोले- तृणमूल ने लोगों को डराने के लिए छिपा रखे थे हथियार

Suvendu Adhikari Illegal Arms Seizure: पश्चिम बंगाल में एनआईए (NIA) द्वारा भांगड़ बम ब्लास्ट के मास्टरमाइंड शौकत मोल्ला को दबोचे जाने के ठीक 24 घंटे के भीतर सूबे की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को बताया कि सुरक्षा बलों ने राज्य के 2 बेहद संवेदनशील जिलों में व्यापक छापेमारी कर अवैध आग्नेयास्त्रों, देसी बमों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया है. प्रशासन के संरक्षण में जमा किये गये थे हथियार मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि ये हथियार किसी सामान्य अपराधी के नहीं, बल्कि पिछली प्रशासन के संरक्षण में सालों से जमा किये गये वो हथियार हैं, जिनका इस्तेमाल आम नागरिकों और विपक्षी कार्यकर्ताओं को आतंकित करने के लिए किया जाता था. इसे भी पढ़ें : बंगाल में फिर मिला हथियारों का जखीरा, एक ही घर से एके47 समेत कई अत्याधुनिक हथियार जब्त कहां-कहां मिला हथियारों का जखीरा? सुरक्षा बलों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर हुई यह छापेमारी मुख्य रूप से उन इलाकों में केंद्रित थी, जो लंबे समय से नेतृत्वक हिंसा के केंद्र बने हुए थे. दक्षिण 24 परगना जिले के कुमराखाली और बासंती इलाके के सरबेरिया बाजार के पास सुरक्षा बलों ने जमीन खोदकर भारी मात्रा में छिपे हुए अवैध आग्नेयास्त्र और कारतूस बरामद किये हैं. उत्तर 24 परगना का संदेशखाली खौफ और प्रताड़ना के लिए देश भर में कुख्यात हो चुका है. इसी संदेशखाली के अलग-अलग गुप्त ठिकानों पर भी सुरक्षा बलों ने एक साथ दबिश दी, जहां से शांति भंग करने के इरादे से छिपाकर रखे गये घातक आधुनिक हथियार मिले हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें टीएमसी की ‘हिंसा की संस्कृति’ ने ली भाजपा कार्यकर्ताओं की जान : शुभेंदु अधिकारी बंगाल के चीफ मिनिस्टर शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर ममता बनर्जी प्रशासन के कारनामों को उजागर किया. उन्होंने लिखा-पिछले शासनकाल में वर्षों तक अवैध हथियारों का भंडारण सुनियोजित तरीके से किया गया था. इसका एकमात्र मकसद राज्य में तानाशाही चलाना और लोकतंत्र की आवाज को दबाना था. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी की इसी ‘हिंसा की संस्कृति’ और खूनी नेतृत्व के कारण बंगाल में कई विपक्षी कार्यकर्ताओं, विशेषकर हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के निर्दोष कार्यकर्ताओं को अपनी जान गंवानी पड़ी. Suvendu Adhikari Illegal Arms Seizure: 19 मार्च के ब्लास्ट का शौकत मोल्ला कनेक्शन दक्षिण 24 परगना के दक्षिण बामुनिया गांव में 19 मार्च को देसी बम विस्फोट हुआ था. इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी और 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे. ब्लास्ट के मुख्य संदिग्ध और टीएमसी के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को एनआईए द्वारा दबोचे जाने के ठीक बाद यह बरामदगी हुई है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि अब पश्चिम बंगाल की पवित्र धरती से आपराधिक गतिविधियों और नेतृत्वक आतंकवाद का पूरी तरह सफाया किया जायेगा. राज्य में कानून का राज, शांति, सुरक्षा और वास्तविक लोकतंत्र हर हाल में कायम रहेगा. इसे भी पढ़ें डोमकल में मिला हथियार बनाने का कारखाना, हथियारों का जखीरा जब्त ऑर्फनगंज रोड में जमीन खोद कर निकाला गया हथियारों का जखीरा बंगाल के तालाब उगल रहे हथियार, दक्षिण 24 परगना में पुलिस को मिला हथियारों का जखीरा बंगाल एसटीएफ ने झारखंड और बंगाल के तीन हथियार तस्करों को किया अरेस्ट The post संदेशखाली और बासंती में बारूद का ‘पाताल लोक’! शुभेंदु बोले- तृणमूल ने लोगों को डराने के लिए छिपा रखे थे हथियार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘सचिन जैसी पहचान बनाएगा’, टीम इंडिया में एंट्री के बाद वैभव सूर्यवंशी के कोच का बड़ा बयान

Vaibhav Sooryavanshi Coach: वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया में शामिल किया गया है. इसके साथ ही वैभव को एशियन गेम्स में भी टीम में जगह मिल गई है. महज 15 साल की उम्र वैभव सूर्यवंशी टीम इंडिया में शामिल होकर इतिहास रच दिया. टीम इंडिया में जगह मिलते ही वैभव के कोच मनीष ओझा ने यह गर्व का पल बताया है. उन्होंने यह बिहार के लिए गर्व की बात है कि यहां के खिलाड़ी अब हिंदुस्तानीय टीम के लिए स्पोर्ट्सेगा. हिंदुस्तानीय टीम में वैभव के चयन के बाद मीडिया एजेंसी से खास बातचीत में मनीष ओझा ने कहा कि कोच के रूप में मेरे लिए और पूरे बिहार के लिए यह गर्व का पल है. हिंदुस्तान का नया सितारा आ चुका है. मैं उन्हें और उनके परिवार को बहुत शुभकामनाएं देता हूं. वैभव जल्द ही टेस्ट में भी हो सकता है शामिल मनीष ओझा ने कहा कि वैभव को अभी सिर्फ टी20 फॉर्मेट में मौका दिया गया है. लेकिन जिस तरह का उनका प्रदर्शन अंडर-19 विश्व कप और आईपीएल में रहा है, अगर उनका प्रदर्शन वैसा ही रहता है, तो वनडे और टेस्ट टीम में भी उनकी जगह बनेगी. सचिन का रिकॉर्ड भी वैभव ने तोड़ा मनीष ओझा ने कहा, “सचिन तेंदुलकर महानतम खिलाड़ी हैं. उन्होंने बेहद कम उम्र में हिंदुस्तानीय टीम के लिए डेब्यू किया था. हम लोग भी सचिन की वजह से ही क्रिकेट में आए. वैभव को सचिन से भी कम उम्र में हिंदुस्तानीय टीम में जगह मिली है. वह भी सचिन की तरह लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है और एक आदर्श के रूप में देखा जा रहा है. वह हिंदुस्तानीय क्रिकेट का पोस्टर बॉय बन चुका है. आने वाले समय में छोटे शिशु उसे देखकर क्रिकेट में आएंगे.” उम्मीद है कि सचिन के प्रदर्शन की बराबरी करेंगे वैभव उन्होंने कहा, “मैं उम्मीद करता हूं कि भविष्य में वैभव अपने प्रदर्शन से सचिन के प्रदर्शन की बराबरी करें. सचिन तेंदुलकर क्रिकेट की दुनिया में भगवान की तरह हैं. वैभव को इतनी कम उम्र में मौका मिला है. अगर वह क्रिकेट और प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रीत रखेंगे तो मुझे उम्मीद है कि भविष्य में एक बहुत बड़े सितारे के रूप में सामने आएंगे और लंबे समय तक हिंदुस्तानीय क्रिकेट की सेवा करेंगे.” 15 साल 71 दिन की उम्र में हिंदुस्तानीय टीम में मिली जगह वैभव हिंदुस्तानीय टीम के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी हैं. उन्हें 15 साल 71 दिन की उम्र में हिंदुस्तानीय टीम में जगह मिली है. सचिन तेंदुलकर ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच 16 साल 205 दिन की उम्र में स्पोर्ट्सा था. संभवत: वैभव इस रिकॉर्ड को तोड़ देंगे. यह भी पढ़ें: कप्तानी छिनने के बाद सूर्यकुमार ने बयां किया अपना दर्द, 11 शब्दों में दिया ये रिएक्शन The post ‘सचिन जैसी पहचान बनाएगा’, टीम इंडिया में एंट्री के बाद वैभव सूर्यवंशी के कोच का बड़ा बयान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

आईजीएसटी सेटलमेंट के बाद झारखंड को मिले 797 करोड़ रुपये, पिछले साल के मुकाबले 6% बढ़ोतरी

रांची से विवेक चंद्र की रिपोर्ट GST News: वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के तहत केंद्र प्रशासन द्वारा राज्यों को किए जाने वाले आईजीएसटी (इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विस टैक्स) सेटलमेंट के बाद झारखंड को मई 2026 में 797 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं. केंद्रीय कर राजस्व के बंटवारे से संबंधित जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्यों को मिलने वाले राजस्व हिस्से में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे राज्यों की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. राज्यों को मिला 88,188 करोड़ रुपये का एसजीएसटी हिस्सा जारी आंकड़ों के मुताबिक मई 2026 में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आईजीएसटी सेटलमेंट के बाद कुल 88,188 करोड़ रुपये का एसजीएसटी (स्टेट गुड्स एंड सर्विस टैक्स) हिस्सा मिला. यह राशि मई 2025 में प्राप्त 82,874 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग छह प्रतिशत अधिक है. विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी संग्रह में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा लाभ राज्यों को मिल रहा है, जिससे उनकी राजस्व प्राप्ति में स्थिरता आ रही है. सेटलमेंट से पहले झारखंड को मिले थे 722 करोड़ रुपये आंकड़ों के अनुसार झारखंड को मई 2026 में आईजीएसटी सेटलमेंट से पहले एसजीएसटी मद में 722 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे. आईजीएसटी हिस्से के समायोजन के बाद राज्य के हिस्से में आने वाली राशि बढ़कर 797 करोड़ रुपये हो गई. इस प्रकार आईजीएसटी सेटलमेंट के माध्यम से राज्य को अतिरिक्त संसाधन प्राप्त हुए हैं, जो विभिन्न योजनाओं के संचालन में सहायक साबित होंगे. विकास योजनाओं को मिलेगी गति विशेषज्ञों के अनुसार राज्य प्रशासन के लिए यह अतिरिक्त राजस्व काफी महत्वपूर्ण है. इस राशि का उपयोग विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं तथा सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के संचालन में किया जा सकता है. सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में इस राजस्व का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है. राज्य प्रशासन के लिए यह संसाधन विकास कार्यों को गति देने में मददगार माना जा रहा है. झारखंड की वित्तीय स्थिति को मिलेगा सहारा अर्थशास्त्रियों का मानना है कि जीएसटी व्यवस्था के तहत राज्यों को नियमित रूप से मिलने वाला कर राजस्व उनकी वित्तीय स्थिति को स्थिर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. खनिज संपदा आधारित वित्तीय स्थिति वाले झारखंड जैसे राज्य के लिए कर राजस्व का यह स्रोत विशेष महत्व रखता है. विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित राजस्व प्रवाह से राज्य प्रशासन को दीर्घकालिक विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में सुविधा मिलती है और वित्तीय प्रबंधन को मजबूती मिलती है. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग के बाद चतरा में भी जीएसटी पर कार्यशाला, कारोबारियों की दी गई अहम जानकारी जीएसटी संग्रह में वृद्धि का राज्यों को लाभ मई 2026 के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि देश में जीएसटी संग्रह में हो रही बढ़ोतरी का लाभ राज्यों तक पहुंच रहा है. इससे न केवल राज्यों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए भी अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं. इसे भी पढ़ें: मई महीने में GST कलेक्शन पहुंचा 1.94 लाख करोड़ पार, इम्पोर्ट से हुई तगड़ी कमाई  The post आईजीएसटी सेटलमेंट के बाद झारखंड को मिले 797 करोड़ रुपये, पिछले साल के मुकाबले 6% बढ़ोतरी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कालीघाट की बैठकों के ‘सीक्रेट दस्तावेज’ लीक, रीतब्रत ने पूछे 3 सवाल, सीआईडी खंगालेगी विधायकों का मोबाइल लोकेशन

खास बातें 6 मई और 19 मई की बैठकों से जुड़े हैं दस्तावेज पन्नों का रंग अलग, तीसरे पेज पर दस्तखत गायब : रीतब्रत TMC Leak Documents: बागी विधायक का दावा- धोखे से 2 जगह कराये हस्ताक्षर TMC Leak Documents: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी शिकस्त के बाद शुरू हुई ‘वर्चस्व की जंग’ नये मोड़ पर है. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास (30बी हरीश चटर्जी स्ट्रीट) पर हुई 2 अत्यंत गोपनीय सांगठनिक बैठकों के कथित दस्तावेज शनिवार को सोशल मीडिया पर लीक हो गये. दस्तावेज लीक होते ही विधानसभा में मान्यताप्राप्त लीडर ऑफ ऑपोजीशन रीतब्रत बनर्जी ने इनकी प्रामाणिकता पर सवाल खड़े किये. उन्होंने दस्तावेजों में जालसाजी का आरोप लगा दिया है. इसके साथ ही यह लड़ाई नेतृत्वक बयानों से आगे निकलकर पन्नों के बदलते रंग, लिखावट विशेषज्ञों (Handwriting Experts) की जांच और विधायकों की मोबाइल टावर लोकेशन के चक्रव्यूह में फंस गयी है. इसे भी पढ़ें : टूट गयी तृणमूल कांग्रेस, रीतब्रत 58 बागी विधायकों के समर्थन से बने विपक्ष के नेता, बोले- ममता मंजूर, अभिषेक नहीं 6 मई और 19 मई की बैठकों से जुड़े हैं दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल ये दस्तावेज तृणमूल विधायक दल का नेता तय करने के लिए बुलायी गयी 2 दो महत्वपूर्ण बैठकों से जुड़े बताये जा रहे हैं. 6 मई की बैठक का दावा : दस्तावेज के अनुसार, ममता बनर्जी के आवास पर हुई बैठक में 67 विधायक शामिल हुए थे. इसमें उनके हस्ताक्षर, तारीख और निर्वाचन क्षेत्रों के नाम दर्ज हैं. रिकॉर्ड के मुताबिक, कोलकाता के पूर्व महापौर फिरहाद हकीम ने इस बैठक की अध्यक्षता की, जहां सर्वसम्मति से विधायक दल के नेता, उपनेता और मुख्य सचेतक का चयन किया गया. बड़े अक्षरों (Block Letters) का रहस्य : दस्तावेजों में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जहां अधिकांश विधायकों ने बांग्ला या अंग्रेजी में सामान्य दस्तखत किये हैं, वहीं सुभाशीष दास, चंद्रनाथ सिन्हा, दिनेन रॉय और बहारुल इस्लाम जैसे प्रमुख नेताओं के नाम केवल बड़े अक्षरों में लिखे गये हैं, जिसने संदेह को जन्म दिया है. 19 मई की बैठक का ब्योरा : एक अन्य लीक दस्तावेज में दावा किया गया है कि 19 मई को हुई पार्टी की बैठक में कुल 59 तृणमूल विधायकों ने हस्ताक्षर किये थे. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें पन्नों का रंग अलग, तीसरे पेज पर दस्तखत गायब : रीतब्रत बागी गुट के मुखिया और नेता प्रतिपक्ष रीतब्रत बनर्जी ने इन दस्तावेजों को पूरी तरह खारिज करते हुए 3 गंभीर तकनीकी विसंगतियां सामने रखी हैं. कथित दस्तावेजों के पहले 2 पन्नों से तीसरे पन्ने का रंग मेल क्यों नहीं खा रहा? तीसरे पन्ने पर किसी विधायक का हस्ताक्षर ही नहीं है. बागी खेमे ने पूछा है कि यह दस्तावेज केवल एक साधारण उपस्थिति पंजी (Attendance Register) है या विपक्ष के नेता के चुनाव से जुड़ा आधिकारिक नामांकन पत्र? अगर यह नामांकन पत्र था, तो क्या इसे ही विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा गया था? रीतब्रत बनर्जी ने कहा कि चूंकि मामला पहले से ही जांच के दायरे में है, इसलिए लिखावट विशेषज्ञ इन दस्तावेजों की बारीकी से जांच करेंगे. उन तारीखों पर संबंधित विधायकों की मोबाइल टावर लोकेशन की भी जांच होगी, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके. इसे भी पढ़ें : बंगाल में 28 साल का सबसे बड़ा भूचाल, ममता में ‘लेनिन’ को देखने वाले रीतब्रत बने टीएमसी के 58 बागियों के ‘बॉस’ TMC Leak Documents: बागी विधायक का दावा- धोखे से 2 जगह कराये हस्ताक्षर एक बागी तृणमूल विधायक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा है कि 19 मई की बैठक के दौरान सभी विधायकों से बेहद चालाकी से 2 अलग-अलग जगह दस्तखत लिये गये थे. पहला हस्ताक्षर केवल बैठक में उपस्थिति दर्ज कराने के नाम पर लिया गया, जबकि दूसरे हस्ताक्षर का इस्तेमाल नेता प्रतिपक्ष के चुनाव से संबंधित आंतरिक प्रक्रिया के दस्तावेजों में कर लिया गया. इसलिए विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे गये कागजात में जाली हस्ताक्षर के आरोप लगे हैं. इसे भी पढ़ें अधीर रंजन चौधरी का बड़ा बयान- अपनी ही करनी का फल भुगत रही हैं टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ममता बनर्जी का कोलकाता की सड़कों पर चटाई बिछाकर धरना, टीएमसी में टूट की आशंका के बीच ‘दिल्ली चलो’ का नारा बंगाल में महाराष्ट्र जैसे विभाजन के दावों पर भड़के शोभनदेव चट्टोपाध्याय, कहा- ममता बनर्जी के पास ही रहेगा ‘जोड़ा फूल’ मैं भी बड़ी खिलाड़ी हूं, समय आने पर दूंगी जवाब, चौतरफा संकट के बीच फेसबुक लाइव पर गरजीं ममता बनर्जी The post कालीघाट की बैठकों के ‘सीक्रेट दस्तावेज’ लीक, रीतब्रत ने पूछे 3 सवाल, सीआईडी खंगालेगी विधायकों का मोबाइल लोकेशन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राबड़ी देवी की बिगड़ी तबीयत, मिलने पहुंचे बेटे तेज प्रताप, सुरक्षा हटाने के मुद्दे पर भी दिया बयान

Lalu Family News: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की तबीयत खराब होने की समाचार आई है. इस बीच उनके बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव शनिवार को पटना स्थित राबड़ी आवास पहुंचे. उन्होंने काफी देर तक अपनी मां से मुलाकात की और बाहर निकलकर मीडिया से बातचीत भी की. तेज प्रताप ने बताया कि राबड़ी देवी अस्वस्थ हैं, इसलिए वह उनका हालचाल जानने पहुंचे थे. हालांकि, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से अभी तक उनकी तबीयत को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. सुरक्षा हटाने की बात से किया इनकार राबड़ी आवास से बाहर आने के बाद तेज प्रताप यादव ने लालू परिवार द्वारा सुरक्षा वापस किए जाने की बात को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि परिवार ने अपनी ओर से कोई सुरक्षा नहीं हटाई है. तेज प्रताप ने कहा कि सिक्योरिटी किसी ने वापस नहीं की है. सुरक्षा गार्ड दबाव में थे. वे बार-बार बता रहे थे कि उनका कमांड हटा दिया गया है. माताजी ने कोई सुरक्षा नहीं हटाई है. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में स्त्रीओं और बेटियों की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है और प्रशासन को उस पर ध्यान देना चाहिए. आरजेडी ने कहा- सुरक्षा वापस कर दी गई दूसरी ओर, आरजेडी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सुबह मीडिया से बातचीत में दावा किया कि लालू परिवार ने प्रशासनी सुरक्षा वापस कर दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार प्रशासन लगातार आरजेडी के शीर्ष नेताओं का अपमान कर रही है. इसी वजह से परिवार ने प्रशासनी सुरक्षा नहीं रखने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि अब पार्टी के नेता और कार्यकर्ता ही लालू परिवार की सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे. इसके बाद राबड़ी आवास के बाहर बड़ी संख्या में आरजेडी कार्यकर्ता भी जुटने लगे. दो दिन पहले घटाई गई थी सुरक्षा दो दिन पहले बिहार प्रशासन ने लालू परिवार की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया था. लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को मिली जेड प्लस सुरक्षा वापस लेकर बिहार पुलिस की विशेष सुरक्षा दी गई थी. वहीं तेज प्रताप यादव की वाई श्रेणी की सुरक्षा भी खत्म कर दी गई. अब उनकी सुरक्षा में सिर्फ एक बॉडीगार्ड तैनात किया गया है. प्रशासन के इस फैसले के बाद से बिहार की नेतृत्व में लगातार बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. Also Read: ‘खान सर सरेंडर नहीं करेंगे…’, वकील ने बताया आगे का पूरा प्लान, गिरफ्तार हुए तो नहीं मिलेगी जमानत The post राबड़ी देवी की बिगड़ी तबीयत, मिलने पहुंचे बेटे तेज प्रताप, सुरक्षा हटाने के मुद्दे पर भी दिया बयान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

42 जीत, 2 ट्रॉफी और अजेय रिकॉर्ड; ऐसे खत्म हुआ सूर्या की कप्तानी का सफर

Suryakumar Yadav: आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो गया है. इस टीम से कप्तान सूर्यकुमार यादव की छुट्टी हो गई है. इसके साथ ही सूर्या को कप्तानी से भी हटा दिया गया है. वहीं उनकी जगह अब श्रेयस अय्यर को टीम का कप्तान बनाया गया है. हालांकि, कप्तानी छिनने के बाद सूर्यकुमार यादव अपने पीछे ऐसे आंकड़े छोड़ गए हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा. उनके कप्तानी में हिंदुस्तान ने कई ट्रॉफी अपने नाम की. इसमें वर्ल्ड कप का खिताब भी शामिल है. 52 मैच, 42 जीत और सिर्फ 8 हार सूर्यकुमार यादव ने बतौर कप्तान कुल 52 टी20 मुकाबलों में हिंदुस्तानीय टीम की अगुवाई की. इस दौरान टीम ने 42 मैच जीते, जबकि सिर्फ 8 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा. वहीं 2 मैच बेनतीजा रहे. यह रिकॉर्ड उन्हें हिंदुस्तान के सबसे सफल टी20 कप्तानों में शामिल करता है. टी20 वर्ल्ड कप 2026 जिताने वाले तीसरे हिंदुस्तानीय कप्तान सूर्या की कप्तानी में हिंदुस्तान ने फरवरी-मार्च 2026 में घरेलू सरजमीं पर स्पोर्ट्से गए टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया. यह हिंदुस्तान का तीसरा टी20 विश्व कप और लगातार दूसरा खिताब था इसके साथ ही वह महेंद्र सिंह धोनी (2007) और रोहित शर्मा (2024) के बाद हिंदुस्तान को टी20 विश्व कप जिताने वाले तीसरे कप्तान बने. एशिया कप 2025 भी किया अपने नाम विश्व चैंपियन बनने से पहले सूर्यकुमार यादव ने एशिया कप 2025 में टीम इंडिया को विजेता बनाया. इस दौरान हिंदुस्तानीय टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही और खिताब अपने नाम किया. हालांकि, खिताब जीतने के बाद हिंदुस्तानीय टीम ट्रॉफी लेने नहीं गई. जिसके बाद बिना ट्रॉफी के खिलाड़ियों ने जश्न मनाया. द्विपक्षीय सीरीज में कमाल का रिकॉर्ड सूर्यकुमार यादव के कप्तानी रिकॉर्ड की सबसे खास बात द्विपक्षीय टी20 सीरीज में उनका प्रदर्शन रहा. उन्होंने 9 टी20 सीरीज में टीम की अगुवाई की, जिसमें हिंदुस्तान को एक भी सीरीज में हार नहीं मिली. टीम ने 8 सीरीज जीतीं, जबकि एक सीरीज ड्रॉ रही. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में हिंदुस्तान ने ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, इंग्लैंड और बांग्लादेश जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ टी20 सीरीज जीतने में सफलता हासिल की. यह भी पढ़ें: कप्तानी छिनने के बाद सूर्यकुमार ने बयां किया अपना दर्द, 11 शब्दों में दिया ये रिएक्शन The post 42 जीत, 2 ट्रॉफी और अजेय रिकॉर्ड; ऐसे खत्म हुआ सूर्या की कप्तानी का सफर appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top