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राहुल गांधी, नसीरुद्दीन शाह और बॉलीवुड पर भड़कीं कंगना रनौत, पूछा- पाकिस्तान से लव स्टोरी कब खत्म होगी?

छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर अनुभवी अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहने पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा, “यह कोई नई बात नहीं है; फिल्म इंडस्ट्री का रवैया हमेशा से ऐसा ही रहा है. आपने संसद पर हुआ हमला देखा होगा. मेरे कई सांसद दोस्त हैं जिनकी गाड़ियों पर लोग चढ़ गए थे और जिनकी खिड़कियां तोड़ दी गई थीं. यह सब जानते हैं; यह कोई छिपी हुई बात नहीं है. लोग मेरे घर के गेट तक चढ़ आए थे; बाहर कम से कम ढाई हजार लोग थे, और इतनी बड़ी पुलिस फोर्स तैनात करनी पड़ी थी कि हम रात भर सो नहीं पाए थे. फिर भी, जब वह स्थिति थी, तो वे मगरमच्छ के आंसू बहा रहे थे. लेकिन अब, झारखंड में बच्चों पर हो रहे अत्याचारों के मामले में क्या वे ‘जेन जी’ (Gen Z) नहीं हैं? फिल्म इंडस्ट्री का यह दोहरापन नहीं चलेगा. जो लोग जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शनों पर मगरमच्छ के आंसू बहाते थे, उन्हें अब झारखंड के बच्चों के लिए भी वैसे ही आंसू बहाने चाहिए. वे शिशु भी बहुत बुरी हालत में हैं. इसीलिए मैंने आवाज उठाई क्योंकि उन्होंने एक बहुत ही घटिया वीडियो बनाया था जिसमें वे इस तरह की धमकियां दे रहे थे. चाहे उनकी फिल्में हों, उनके बयान हों या उनके इंटरव्यू, पाकिस्तान के साथ यह प्रेम-संबंध कब खत्म होगा? वे हमेशा पाकिस्तान के जुनून में डूबे रहते हैं. मैं जानना चाहती हूं: बंटवारे को इतने साल बीत चुके हैं, फिर भी यह प्रेम-कहानी खत्म क्यों नहीं होती? बॉलीवुड की पाकिस्तान के साथ प्रेम-कहानी आखिरकार कब खत्म होगी? इसके लिए उन्हें जवाब देना होगा.” राहुल गांधी में न तो शर्म बची है और न ही मर्यादा : कंगना लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा, “मुझे लगता है कि वे देश का मजाक उड़ा रहे हैं. वे लगातार देश का मजाक बनाते हैं; उनके लिए सब कुछ एक मजाक है. यह पहली बार है जब मैं संसद का इतना मजाक बनते हुए देख रही हूं. एक ही बात में वे कहते हैं, ‘हम अमित शाह जी से जवाब चाहते हैं यह पूछना कि उन्होंने छात्रों के साथ ऐसा-वैसा किया या नहीं और साथ ही यह भी कहते हैं, “हम उन्हें सुनने के लिए यहां नहीं आए हैं.” उनमें अब न तो शर्म बची है और न ही मर्यादा का कोई ख्याल. पूरी दुनिया देख रही है और सोच रही है कि यह किस तरह का इंसान है. जिस तरह से वे अपनी हताशा निकाल रहे हैं और संसद का और इस तरह पूरे देश और उसके नागरिकों का अपमान कर रहे हैं, उसे देखते हुए मुझे यकीन हो गया है कि विपक्ष के नेता के तौर पर यह उनका आखिरी कार्यकाल होगा. राहुल सोचते हैं, उनके अलावा देश में किसी और का अस्तित्व ही नहीं है : कंगना कंगना ने राहुल पर हमला जारी रखते हुए कहा, “वह प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं—एक ऐसे लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेता के, जिन्हें लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए भारी जनादेश मिला है. उन्हें लगता है कि इस देश में उनके अलावा किसी और का अस्तित्व ही नहीं होना चाहिए. फिर उनके दूसरे काम भी हैं. सोरोस या अंतरराष्ट्रीय ताकतों के साथ मिलकर देश को तोड़ने और बर्बाद करने की कोशिश करना. आखिरकार, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह किसके इस्तीफे की मांग करते हैं या क्या चाहते हैं, क्योंकि जनता को उनकी कोई परवाह नहीं है. उनकी इटैलियन मां ही किसी तरह विपक्ष को उन्हें अपना नेता मानने के लिए मजबूर कर रही हैं; वरना, सौ चुनाव हारने के बाद उनकी कोई हैसियत ही नहीं होती.” ये भी पढ़ें: आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहुंचे रघुवर दास, बोले- मांगें पूरी नहीं हुईं तो मैं भी अनशन पर बैठूंगा The post राहुल गांधी, नसीरुद्दीन शाह और बॉलीवुड पर भड़कीं कंगना रनौत, पूछा- पाकिस्तान से लव स्टोरी कब खत्म होगी? appeared first on Naya Vichar.

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Samsung Galaxy S26 FE Leaks: 3nm Exynos 2500 चिपसेट और 50MP कैमरा के साथ लीक हुए पूरे स्पेसिफिकेशंस

दक्षिण कोरियाई टेक दिग्गज सैमसंग अपने प्रीमियम स्मार्टफोन पोर्टफोलियो का नया मॉडल Galaxy S26 FE लॉन्च करने की तैयारी में है. मशहूर टेक पब्लिकेशन WinFuture द्वारा शेयर की गई रिपोर्ट के बाद इस अपकमिंग स्मार्टफोन के लगभग सभी फीचर्स, स्पेसिफिकेशंस और कीमत का खुलासा हो गया है. डिजाइन के मामले में यह सैमसंग गैलेक्सी फोन अपने पिछले मॉडल S25 FE से काफी मिलता-जुलता दिखाई देता है, लेकिन परफॉर्मेंस और बैटरी एफिशिएंसी के मोर्चे पर इसमें कुछ बड़े और अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं. पावरफुल Exynos 2500 प्रॉसेसर और परफॉर्मेंस प्रॉसेसर के मोर्चे पर सैमसंग ने इस बार बड़ा अपग्रेड किया है. पुराने Exynos चिपसेट को दोहराने के बजाय नये Galaxy S26 FE में सैमसंग का 3-नैनोमीटर GAA प्रॉसेस पर बना Exynos 2500 प्रॉसेसर इस्तेमाल किया गया है. यह 10-कोर सीपीयू और AMD RDNA 3 आर्किटेक्चर पर आधारित Xclipse 950 जीपीयू से लैस है. इसके साथ 8GB रैम और 128GB और 256GB स्टोरेज के दो विकल्प मिलेंगे. बेहतर प्रॉसेसर के चलते दैनिक इस्तेमाल और हैवी गेमिंग के दौरान फोन में बेहतर परफॉर्मेंस और स्टेबिलिटी देखने को मिलेगी. डिस्प्ले, डिजाइन और कैमरा सेटअप सैमसंग के इस नये मॉडल में 6.7-इंच की डायनैमिक AMOLED 2X डिस्प्ले दी गई है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 1,900 निट्स की पीक ब्राइटनेस के साथ आती है. फोन की मोटाई 7.4 मिमी और वजन 193 ग्राम है, साथ ही इसमें धूल और पानी से बचाव के लिए IP68 रेटिंग दी गई है. फोटोग्राफी के लिए फोन में 50MP का मुख्य रियर कैमरा, 3x ऑप्टिकल जूम वाला 8MP टेलीफोटो लेंस और नया 12MP अल्ट्रा-वाइड सेंसर दिया गया है. वहीं सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फ्रंट में 12MP का कैमरा मौजूद है. 4,900mAh बैटरी और बेहतर बैकअप Galaxy S26 FE में 4,900mAh की बैटरी दी गई है, जो 45W वायर्ड और 15W वायरलेस फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है. हालांकि EPREL चार्ज साइकिल रेटिंग पहले के 2,000 से घटकर 1,200 रह गई है, लेकिन नया और अधिक ऊर्जा-कुशल प्रॉसेसर बैटरी लाइफ को बढ़ाने में मदद करेगा. आधिकारिक दावों के अनुसार, यह फोन सिंगल चार्ज में 50 घंटे तक का बैकअप दे सकता है, जो पुराने मॉडल के 42.5 घंटे से काफी अधिक है. कीमत में बढ़ोतरी और संभावित लॉन्च टाइमलाइन मेमोरी कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत के चलते Galaxy S26 FE की कीमत में इजाफा देखा जा सकता है. यूरोप में इसके 128GB वेरिएंट की संभावित कीमत 800 यूरो (लगभग 72,000 रुपये) रखी जा सकती है, जो पुराने मॉडल की तुलना में करीब 50 यूरो अधिक है. हालांकि सैमसंग ने आधिकारिक लॉन्च डेट की घोषणा नहीं की है, लेकिन कंपनी के पिछले ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए यह स्मार्टफोन अगले महीने यानी सितंबर में वैश्विक और हिंदुस्तानीय बाजारों में दस्तक दे सकता है. ये भी पढ़ें: Samsung Galaxy A56 5G पर ₹10,000 की छूट, क्या अब खरीदना सही रहेगा? ये भी पढ़ें: सैमसंग के नये फोल्डेबल फोन्स में आया मेड इन इंडिया फीचर, अब कभी मिस नहीं होगा बिल पेमेंट The post Samsung Galaxy S26 FE Leaks: 3nm Exynos 2500 चिपसेट और 50MP कैमरा के साथ लीक हुए पूरे स्पेसिफिकेशंस appeared first on Naya Vichar.

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आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहुंचे रघुवर दास, बोले- मांगें पूरी नहीं हुईं तो मैं भी अनशन पर बैठूंगा

रांची से अरविंद कुमार सिंह की रिपोर्ट JPSC Student Protest: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास पहुंचे. उन्होंने आंदोलनरत छात्रों को संबोधित करते हुए राज्य प्रशासन पर जमकर निशाना साधा. रघुवर दास ने कहा कि पिछले 20 दिनों से शिशु अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. राज्य के सुदूर क्षेत्रों से छात्र रांची पहुंचे हैं और अपने भविष्य को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्र सड़क पर हैं. यह केवल कुछ छात्रों का आंदोलन नहीं है, बल्कि झारखंड के हर परिवार की भावना इस आंदोलन से जुड़ी हुई है. उन्होंने कहा कि पूरे झारखंड की जनता छात्रों के साथ खड़ी है और आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है. अधिकारियों को दी चेतावनी रघुवर दास ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन प्रशासन के अधिकारी आंदोलनरत छात्रों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपना काम सही तरीके से करें. सत्ता स्थायी नहीं होती, आती-जाती रहती है, लेकिन अधिकारियों का कैरियर लंबा होता है. उन्होंने कहा कि भविष्य में छात्रों के साथ छेड़छाड़ या दबाव बनाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों से संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप काम करने की अपील की. साथ ही कहा कि यदि छात्रों के साथ अन्याय जारी रहा, तो जनता इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी. ‘नेतृत्वक बात नहीं करूंगा’ छात्रों को संबोधित करते हुए रघुवर दास ने कहा कि उनका नेतृत्वक जन्म भी छात्र आंदोलन से हुआ है. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मंच से वह नेतृत्वक बातें नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि यह मंच छात्रों के आंदोलन का है और उनका उद्देश्य उनकी जायज मांगों को समर्थन देना है. उन्होंने झारखंड की जनता से छात्रों की मदद करने की अपील की. रघुवर दास ने कहा कि छात्र आंदोलन को तन, मन और धन से समर्थन दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यही शिशु झारखंड का भविष्य हैं और उनके भविष्य के साथ किसी तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए. ‘सबसे ज्यादा घोटाला जेएसएससी सीजीएल में’ पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में करीब 10 परीक्षाओं में गड़बड़ी और घोटाले के आरोप सामने आये हैं. उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा विवाद जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को लेकर हुआ. उनके अनुसार, इन मामलों ने युवाओं के बीच व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा किया है. रघुवर दास ने आरोप लगाया कि नौकरियों को बेचने और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने जैसी स्थिति बनी है. उन्होंने कहा कि प्रशासन की लापरवाही के कारण कई छात्र-छात्राओं की जान चली गयी, इसके बावजूद प्रशासन की नींद नहीं खुली. उन्होंने उत्पाद सिपाही भर्ती के दौरान जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को मुआवजा देने की भी मांग की. ‘एक सप्ताह में मांगें पूरी करें प्रशासन’ रघुवर दास ने राज्य प्रशासन को एक सप्ताह के भीतर छात्रों की जायज मांगें पूरी करने की मांग की. उन्होंने कहा कि प्रशासन को भटकना बंद करना चाहिए और छात्रों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए. उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि वह छात्रों के आंदोलन को प्रतिष्ठा का विषय न बनाये और हठधर्मिता छोड़कर बातचीत के माध्यम से समाधान निकाले. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता मालिक होती है. सत्ता में बैठे लोगों को जनता की आवाज सुननी चाहिए और सत्ता के अहंकार में नहीं जीना चाहिए. उन्होंने कहा कि जो सत्ता में चढ़ाना जानते हैं, वही जनता समय आने पर उतारना भी जानती है. इसे भी पढ़ें: सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ अभद्र टिप्पणी; प्राथमिकी दर्ज, आरोपी गिरफ्तार मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनशन की चेतावनी रघुवर दास ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वह स्वयं भी अनशन पर बैठेंगे. उन्होंने कहा कि वह छात्रों के संघर्ष में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे. उन्होंने प्रशासन से कहा कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तत्काल निर्णय लिया जाये. उन्होंने दोहराया कि आंदोलनरत छात्र केवल अपनी व्यक्तिगत मांगों के लिए नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य और रोजगार व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए आवाज उठा रहे हैं. अंत में रघुवर दास ने कहा कि वह छात्रों के साथ एक दास की तरह खड़े रहेंगे और उनके संघर्ष में पूरी मजबूती से साथ देंगे. इसे भी पढ़ें: रांची में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ मेदिनीनगर में सत्याग्रह, सूर्या सोनल सिंह ने उठाई युवाओं की आवाज The post आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहुंचे रघुवर दास, बोले- मांगें पूरी नहीं हुईं तो मैं भी अनशन पर बैठूंगा appeared first on Naya Vichar.

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15 अगस्त से गांव-गांव पहुंचेगी CJP: अभिजीत दीपके का ऐलान, जंतर-मंतर सीजन 2 बहुत जल्द

अभिजीत दीपके ने मीडिया से बातचीत में कहा, “बहुत से लोग इंस्टाग्राम पर कमेंट कर रहे थे कि ‘जंतर-मंतर’ का सीजन 2 कब शुरू होगा. मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि ‘जंतर-मंतर’ का सीजन 2 बहुत जल्द शुरू होने वाला है.” 15 अगस्त से नये अभियान की शुरू, प्रशासनी स्कूल होंगे टारगेट CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने नये अभियान के बारे में बताया, “आजादी के बाद से ही इस देश में प्रशासनी स्कूलों को लगातार और पूरी तरह से नज़रअंदाज किया गया है. हमारे गांवों के बच्चों को मजदूरी करने के लिए छोड़ दिया गया है. लेकिन अब प्रशासनों को प्रशासनी स्कूलों पर ध्यान देना होगा. आप अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते. इसीलिए हम 15 अगस्त को एक अभियान शुरू कर रहे हैं. हम मांग करेंगे कि प्रशासन गांव के सरपंचों से अपने गांवों के स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए कहे. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम वहां विरोध-प्रदर्शन करेंगे.” देश में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, यही है जंतर-मंतर सीजन 2 : सौरव दास CJP के फाउंडर दीपके के “जंतर-मंतर सीजन 2” वाले बयान पर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “यह खुद ही सीजन टू है. ऐसी नाकाबिल प्रशासनों और अधिकारियों के खिलाफ पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. CJP की तरफ़ से हम अब एक देशव्यापी ‘लिसनिंग टूर’ (लोगों की बात सुनने का दौरा) शुरू कर रहे हैं ताकि जनता की बात सुन सकें। हम एक अभियान चलाएंगे और आजादी के दिन से शिक्षा के मुद्दे को प्राथमिकता देंगे. हम माता-पिता और नागरिकों से अपील कर रहे हैं कि वे अपने प्रशासनी स्कूलों में जाएं, सोशल ऑडिट करें, वहां के हालात रिकॉर्ड करें, सच्चाई सामने लाएं और उन्हें ठीक करने में मदद करें. युवा ज़िम्मेदारी उठा रहे हैं. जल्द ही सचमुच एक ‘विकसित हिंदुस्तान’ सामने आने वाला है.” अभिजीत दीपके ने बीजेपी पर लगाया लोगों को धमकाने का आरोप अभिजीत दीपके ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “आज दिल्ली में हमारे वॉलंटियर्स की मीटिंग होनी थी. हम हॉल ढूंढ रहे थे, लेकिन कोई भी हमें हॉल किराए पर देने को तैयार नहीं था. हर कोई यही कह रहा था कि ऊपर से दबाव है. बड़ी मुश्किल से हमें यह हॉल मिला था. हमारे पास इसकी रसीद भी है. लेकिन आज सुबह ही हॉल के मालिकों को धमकियां मिलीं. उनसे कहा गया कि अगर उन्होंने CJP की मीटिंग यहां होने दी, तो उन्हें उल्टा लटका दिया जाएगा. यह सब BJP कर रही है. उनकी हरकतों और बातों से साफ पता चलता है कि वे देश के युवाओं से डरे हुए हैं. अगर उन्हें लगता है कि ऐसी छोटी-मोटी हरकतों से हम डर जाएंगे, तो वे बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं.” ये भी पढ़ें: ‘क्या बोलती पब्लिक’: धर्मेंद्र प्रधान का विकेट गिराने के बाद सितंबर से देशव्यापी मूवमेंट शुरू करेगी CJP आशुतोष रांका ने कहा- क्या दिल्ली पुलिस सिर्फ BJP के लिए काम कर रही है? मीटिंग के लिए हॉल नहीं दिए जाने पर नाराज CJP राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, “दिल्ली पुलिस इस मामले में क्या कर रही है. क्या दिल्ली में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है? क्या दिल्ली पुलिस सिर्फ BJP के लिए काम कर रही है? दिल्ली पुलिस से सवाल यह है कि क्या वह दिल्ली की जनता के लिए काम करेगी?” ये भी पढ़ें: Video : अभिजीत दीपके ने देवेंद्र महतो से की बात, झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर क्या बोले देखें The post 15 अगस्त से गांव-गांव पहुंचेगी CJP: अभिजीत दीपके का ऐलान, जंतर-मंतर सीजन 2 बहुत जल्द appeared first on Naya Vichar.

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सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ अभद्र टिप्पणी; प्राथमिकी दर्ज, आरोपी गिरफ्तार

पाटन से रामनरेश तिवारी की रिपोर्ट Hemant Soren Objectionable Post: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र और आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में पलामू के पाटन थाना में विनय विश्वकर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर इस मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. इस संबंध में पाटन थाना क्षेत्र के पाल्हे कला गांव निवासी जेएमएम प्रखंड अध्यक्ष उमाशंकर सिंह व सचिव रंजीत सिंह ने आवेदन दिया है.पुलिस को लिखित आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. शिकायतकर्ता के मुताबिक 11 अगस्त को सुबह करीब 10 बजे उन्होंने अपने मोबाइल पर व्हाट्सएप और फेसबुक स्क्रॉल करने के दौरान एक अत्यधिक आपत्तिजनक पोस्ट देखी.इस पोस्ट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बेहद गंदी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था. जेपीएससी और सीबीआई जांच का जिक्र शिकायत में बताया गया है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री पर जेपीएससी परीक्षाओं में संलिप्तता का आरोप लगाते हुए लिखा था कि जब चोरी नहीं की तो जेपीएससी में सीबीआई जांच क्यों नहीं करवाते. पोस्ट में कथित तौर पर यह भी दावा किया गया कि जब तक परीक्षाओं की सीबीआई जांच नहीं होगी, तब तक इस तरह के पोस्ट सोशल मीडिया पर जारी रहेंगे. पोस्ट के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तस्वीर का भी गलत इस्तेमाल किया गया था. समाज में अशांति फैलाने का आरोप शिकायतकर्ता उमाशंकर सिंह ने आरोप लगाया है कि इस तरह के पोस्ट से मुख्यमंत्री की नेतृत्वक और सार्वजनिक छवि को गहरा धक्का लगा है, जिससे झामुमो समर्थकों और आम जनता में भारी आक्रोश और चिंता है. जांच करने पर पता चला कि यह पोस्ट पाटन थाना क्षेत्र के गहर पथरा गांव निवासी विनय विश्वकर्मा (पिता- नन्दकिशोर विश्वकर्मा) द्वारा किया गया है. आरोपी कथित तौर पर एक विशेष मोबाइल नंबर का उपयोग करके सोशल मीडिया पर समाज में अराजकता और नफरत फैलाने की कोशिश कर रहा था. इसे भी पढ़ें: रांची के मधुकम वाले महादेव उरांव को सुप्रीम कोर्ट से भी लगा करारा झटका, आदिवासी जमीन मामले में एसएलपी खारिज पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच में जुटे एसआई मामले की गंभीरता को देखते हुए पाटन थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है. पुलिस ने शिकायतकर्ता के आवेदन और संलग्न किए गए स्क्रीनशॉट के आधार पर केस दर्ज कर ली है. पाटन अंचल के पुलिस निरीक्षक सुरेश कुमार मंडल को इस पूरे मामले का अनुसंधान करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी कर तकनीकी साक्ष्यों को जुटाने में लगी है. इसे भी पढ़ें: जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति विवाद में हाईकोर्ट का फैसला: बोर्ड की योजना के अध्ययन के लिए बनाई समिति The post सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ अभद्र टिप्पणी; प्राथमिकी दर्ज, आरोपी गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली HC ने मेटा से पूछा- कॉपीराइट टूल का एक्सेस सबको क्यों नहीं? जज बोले- ‘चोर को घर की चाबी देने जैसा’

New Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने मेटा से उसके कॉपीराइट मैनेजमेंट टूल को लेकर सवाल किया है. कोर्ट ने कंपनी से पूछा कि आखिर इस टूल का एक्सेस किन नियमों और मानदंडों के आधार पर कुछ यूजर्स को दिया जाता है. यह टूल फेसबुक और इंस्टाग्राम पर क्रिएटर्स को अपने मूल कंटेंट के कॉपीराइट की निगरानी और सुरक्षा में मदद करता है. मोहित कुमार ने मेटा के टूल को लेकर उठाए सवाल मामले की सुनवाई जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की पीठ कर रही थी. यह याचिका सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर मोहित कुमार ने दायर की है. उनका आरोप है कि कुछ लोगों ने उनके वीडियो डाउनलोड करके मेटा के राइट्स मैनेजमेंट टूल के जरिए उन्हीं पर कॉपीराइट का दावा कर दिया. तीन बार आवेदन, फिर भी नहीं मिला एक्सेस मोहित ने अदालत को बताया कि उन्होंने खुद इस टूल का एक्सेस पाने के लिए तीन बार आवेदन किया, लेकिन उन्हें बिना स्पष्ट कारण बताए इसे खारिज कर दिया गया. उन्होंने कहा कि दूसरी ओर कुछ ऐसे यूजर्स को भी इस टूल का एक्सेस मिला हुआ है, जिनके फॉलोअर्स की संख्या कुछ सौ ही है. सुनवाई के दौरान जस्टिस भंभानी ने मेटा की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा, “हर किसी को इसका एक्सेस क्यों नहीं मिलता? यह तो चोर को घर की चाबी देने और घर के मालिक को नहीं देने जैसा है.” फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक से क्रिएटर्स को खतरा मोहित ने कहा कि फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक के कारण किसी वास्तविक क्रिएटर का अकाउंट अचानक बंद हो सकता है. इससे उसकी वर्षों की मेहनत, कमाई, ब्रांड डील और डिजिटल कारोबार प्रभावित हो सकता है. मेटा की ओर से अदालत को बताया गया कि मोहित के खिलाफ की गई फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक को हटा दिया गया है और उसके तहत हटाया गया कंटेंट भी बहाल कर दिया गया है. कोर्ट ने कहा- सिस्टम की खामियों को दूर करना जरूरी कोर्ट ने मोहित की याचिका पर मेटा को समन जारी किया और मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को तय की. अदालत ने कहा कि कॉपीराइट मैनेजमेंट टूल से जुड़ी ऐसी शिकायतें कई कंटेंट क्रिएटर्स के मामलों में सामने आ रही हैं, इसलिए इस मुद्दे की गहराई से जांच जरूरी है. जस्टिस भंभानी ने कहा कि सिस्टम में कुछ “कमियां और खामियां” सामने आई हैं और इन्हें ठीक करने की जरूरत है. दूसरे मामले में भी अकाउंट सस्पेंड करने पर सुनवाई इसी जज के सामने एक अन्य मामले में भी यह सवाल विचाराधीन है कि क्या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म केवल कॉपीराइट स्ट्राइक के आधार पर किसी यूजर का अकाउंट सस्पेंड या डिलीट कर सकते हैं. यह मामला कंटेंट क्रिएटर सौरभ मौर्य से जुड़ा है, जिनका इंस्टाग्राम अकाउंट एक कॉपीराइट स्ट्राइक के बाद सस्पेंड कर दिया गया था. बाद में वह स्ट्राइक फर्जी पाई गई थी. Also read : मुंबई के घाटकोपर में भूस्खलन: मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हुई, 7 घायल The post दिल्ली HC ने मेटा से पूछा- कॉपीराइट टूल का एक्सेस सबको क्यों नहीं? जज बोले- ‘चोर को घर की चाबी देने जैसा’ appeared first on Naya Vichar.

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2027 विधानसभा चुनाव के लिए अखिलेश यादव का मास्टर प्लान तैयार, सर्वे टीम तय करेगी किसे मिलेगा सपा का टिकट

UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. सत्ता में वापसी के लिए पार्टी सभी 403 विधानसभा सीटों पर जमीनी स्तर का आकलन करा रही है. इसमें पिछले चुनावों के नतीजे, जीत-हार का अंतर, लोकसभा चुनाव के आंकड़े, स्थानीय समीकरण और संभावित उम्मीदवारों की पकड़ को देखा जा रहा है. पार्टी नेतृत्व का जोर ऐसे चेहरों पर है, जिनकी अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ हो और जो चुनावी मुकाबले में जीत दिलाने की क्षमता रखते हों. हर सीट पर तीन स्तर से हो रहा सर्वे सूत्रों के मुताबिक सपा ने 403 विधानसभा सीटों पर आंतरिक सर्वे की व्यवस्था की है. इसके लिए दो एजेंसियों के साथ पार्टी संगठन भी अपने स्तर पर जानकारी जुटा रहा है. यानी प्रत्येक सीट पर तीन अलग-अलग स्तर से आकलन किया जा रहा है. बूथ स्तर तक मतदाताओं के रुझान, सामाजिक समीकरण और संभावित उम्मीदवारों की स्थिति समझने की कोशिश हो रही है. इन रिपोर्टों को टिकट वितरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है और अलग-अलग रिपोर्ट के निष्कर्षों का मिलान भी कराया जा रहा है. जातीय समीकरण के साथ उम्मीदवार की पकड़ पर नजर सपा का मानना है कि विधानसभा चुनाव में स्थानीय समीकरण और उम्मीदवार की व्यक्तिगत लोकप्रियता अहम भूमिका निभाती है. इसी वजह से पार्टी प्रत्येक सीट की माइक्रो मैपिंग करा रही है. जातीय आंकड़ों को दोबारा जांचने के साथ यह भी देखा जा रहा है कि किस समुदाय का किस उम्मीदवार की ओर झुकाव है. संगठन के युवा कार्यकर्ताओं को भी अलग से आंकड़े जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है. पार्टी संभावित उम्मीदवारों की मजबूती और कमजोरियों को लेकर स्थानीय स्तर से लगातार फीडबैक ले रही है. अखिलेश यादव के सामने फीडबैक और सर्वे की रिपोर्ट सपा प्रमुख अखिलेश यादव जिला स्तर के नेताओं के साथ बैठक कर संभावित उम्मीदवारों को लेकर फीडबैक ले रहे हैं. सर्वे रिपोर्ट के साथ स्थानीय नेताओं की राय का मिलान किया जा रहा है. पार्टी नेतृत्व यह जानने की कोशिश कर रहा है कि जनता के बीच कौन सा चेहरा कितना मजबूत है और उसकी स्थानीय स्वीकार्यता कितनी है. जिन सीटों पर सर्वे और फीडबैक का काम पूरा हो चुका है, वहां संभावित उम्मीदवारों को क्षेत्र में सक्रिय होकर चुनावी तैयारी शुरू करने का संकेत दिए जाने की बात सामने आ रही है. लोकप्रियता बनी टिकट की सबसे बड़ी कसौटी 2017 और 2022 में सत्ता से दूर रहने के बाद 2027 का चुनाव अखिलेश यादव के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली सफलता के बाद पार्टी विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. सपा की रणनीति में इस बार जनता के बीच लोकप्रियता को सबसे ऊपर रखा जा रहा है. सर्वे और स्थानीय फीडबैक कमजोर होने पर बड़े नेतृत्वक रसूख वाले नेताओं का टिकट भी कट सकता है. यानी 2027 में सपा का टिकट पाने के लिए जिताऊ चेहरा होना सबसे जरूरी होगा. यह भी देखें: यूपी में 4200 करोड़ के एक्सप्रेस-वे में गड़बड़ी का शक,आईआईटी गोरखपुर टीम द्वारा पानी भरकर जांची गई गुणवत्ता The post 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अखिलेश यादव का मास्टर प्लान तैयार, सर्वे टीम तय करेगी किसे मिलेगा सपा का टिकट appeared first on Naya Vichar.

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जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति विवाद में झारखंड हाईकोर्ट का फैसला: पुरानी समिति भंग, 11 सदस्यीय नई समिति गठित

Jharkhand High Court: झारखंड की रांची स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर की न्यास समिति को लेकर चल रहे विवाद में झारखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड की ओर से पूर्व में गठित समिति को भंग कर दिया और मंदिर के प्रबंधन व संचालन के लिए 11 सदस्यीय नई समिति गठित करने का निर्देश दिया. नई समिति में महाधिवक्ता रोहितशंकर राय को अध्यक्ष बनाया गया है. मामले की अगली सुनवाई सात सितंबर को होगी. महाधिवक्ता बने समिति के अध्यक्ष हाईकोर्ट द्वारा गठित 11 सदस्यीय समिति में महाधिवक्ता रोहितशंकर राय को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गयी है. समिति में झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जयशंकर पाठक और रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा, हाईकोर्ट के चार अधिवक्ता और स्व. एनई नाथ के तीन वंशज समिति के सदस्य होंगे. अदालत के इस फैसले से मंदिर के प्रशासन और प्रबंधन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच एक नयी व्यवस्था का रास्ता साफ हुआ है. मंदिर प्रबंधन की संशोधित योजना पेश सुनवाई के दौरान झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड की ओर से मंदिर के प्रबंधन और संचालन को लेकर संशोधित योजना भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गयी. बोर्ड की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने पक्ष रखा. अदालत ने बोर्ड की ओर से पेश संशोधित योजना को रिकॉर्ड पर लिया और मामले की अगली सुनवाई सात सितंबर को निर्धारित की. नई समिति के गठन के बाद अब मंदिर की व्यवस्था को लेकर अदालत की निगरानी में आगे की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है. 22 जुलाई की सुनवाई में भी दिये गये थे महत्वपूर्ण निर्देश इससे पहले 22 जुलाई 2026 को जस्टिस आनंद सेन की अदालत में जगन्नाथपुर मंदिर की न्यास समिति को भंग कर नयी समिति गठित करने के झारखंड हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई थी. उस दौरान अदालत ने मंदिर के भविष्य के प्रशासन और प्रबंधन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किये थे. सुनवाई के दौरान बोर्ड ने मंदिर के संचालन और प्रबंधन के लिए विस्तृत योजना अदालत के समक्ष रखी थी. अदालत ने प्रस्तावित योजना पर सभी संबंधित पक्षों को अपना जवाब और सुझाव दाखिल करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद मंदिर के प्रशासन को लेकर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. मंदिर के खर्च पर भी कोर्ट की नजर 22 जुलाई की सुनवाई में हाईकोर्ट ने रांची के उपायुक्त को मंदिर की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था. अदालत ने कहा था कि जगन्नाथपुर मंदिर की समिति के फंड से हर महीने 30 हजार रुपये मंदिर के नियमित संचालन के लिए उपलब्ध कराये जाएं. अदालत ने यह भी निर्देश दिया था कि मंदिर समिति प्रत्येक सप्ताह अपने खर्च का पूरा ब्योरा रांची के उपायुक्त को उपलब्ध कराये. इसका उद्देश्य मंदिर में नियमित पूजा-पाठ, साफ-सफाई, रखरखाव और दूसरी आवश्यक गतिविधियों को सुचारू रूप से जारी रखना था. इसे भी पढ़ें: रांची के मधुकम वाले महादेव उरांव को सुप्रीम कोर्ट से भी लगा करारा झटका, आदिवासी जमीन मामले में एसएलपी खारिज लंबे विवाद के बीच नयी व्यवस्था जगन्नाथपुर मंदिर की न्यास समिति को लेकर विवाद के बीच हाईकोर्ट का बुधवार का आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पुरानी समिति को भंग कर 11 सदस्यीय नयी समिति गठित किये जाने से मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव हुआ है. नई समिति में न्यायिक और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले लोगों के साथ मंदिर से जुड़े पारंपरिक पक्ष के प्रतिनिधियों को भी जगह दी गयी है. अब सात सितंबर को होने वाली सुनवाई में मंदिर के संचालन और प्रबंधन के लिए पेश संशोधित योजना पर आगे की दिशा तय हो सकती है. अदालत के निर्देशों के तहत मंदिर की नियमित व्यवस्था और वित्तीय पारदर्शिता पर भी निगरानी बनी रहेगी. इसे भी पढ़ें: रांची के जगन्नाथपुर मंदिर प्रबंधन पर हाईकोर्ट नया आदेश, नई योजना पर सभी पक्षों से मांगा जवाब The post जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति विवाद में झारखंड हाईकोर्ट का फैसला: पुरानी समिति भंग, 11 सदस्यीय नई समिति गठित appeared first on Naya Vichar.

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कोलकाता से ISI एजेंट गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज के सहारे तपसिया में रहता था फैसलाबाद का रऊफ

कोलकाता : कोलकाता के हावड़ा से एक व्यक्ति को पाकिस्तानी जासूस होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया है. बंगाल एसटीएफ के अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार किया. पता चला है कि वह व्यक्ति फर्जी हिंदुस्तानीय पहचान पत्र पर कोलकाता में तपसिया के पते पर रहता था. उसका नाम राणा रऊफ है. वह पाकिस्तान के फैसलाबाद का निवासी है. उसे आईएसआई एजेंट होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया है. हिंदुस्तानीय होने का बनाया था फर्जी दस्तावेज जांचकर्ताओं को पता चला है कि रऊफ ने नेपाल सीमा पार करके हिंदुस्तान में प्रवेश किया था. उसने कोलकाता में स्थायी रूप से रहने के लिए फर्जी पहचान पत्र बनवाया था. उसने आधार कार्ड समेत कई फर्जी दस्तावेज बनवाए थे. उसने हिंदुस्तान में राणा रऊफ की पहचान मिटा दी थी. यहां उसका नाम वहाफ है. हिंदुस्तान में सभी दस्तावेजों में तपसिया का पता दिया गया था. जांचकर्ताओं ने ये सभी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं. रऊफ का आईएसआई से गहरा संबंध जांचकर्ताओं को शुरुआती जानकारी मिली है कि राणा रऊफ का आईएसआई से गहरा संबंध है. राणा मुख्य रूप से हिंदुस्तानीय नौसेना, सेना और रेलवे के बीच संबंधों की जानकारी मुहैया कराता था. राणा रऊफ विभिन्न स्थानों पर स्थित शिविरों और वहां चल रही गतिविधियों के बारे में सारी जानकारी देता था. हाल ही में राणा ने बांग्लादेश भागने की योजना बनाई थी. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें हिंदुस्तान से भागने की तैयारी में था राणा एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, उसे आशंका थी कि हिंदुस्तान में उसकी गिरफ्तारी हो सकती है, इसलिए उसने भागने की योजना बनाई. एक अन्य व्यक्ति को तपस्या से राणा के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. कुछ दिन पहले, एसटीएफ ने बर्धमान के एक जिम से हामिम को आईएसआई एजेंट होने के संदेह में गिरफ्तार किया था. उसकी प्रेमिका और एक सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया था. Also Read: बंगाल में होगी जाति प्रमाणपत्रों की जांच, अब तक 45,000 लोग संदिग्ध सूची में The post कोलकाता से ISI एजेंट गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज के सहारे तपसिया में रहता था फैसलाबाद का रऊफ appeared first on Naya Vichar.

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आज रात 9 बजकर 04 मिनट से शुरू होगा सूर्य ग्रहण, जानिए कहां और कैसे दिखेगा यह दुर्लभ नजारा!

Surya Grahan 2026: आज बुधवार 12 अगस्त 2026 को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. वैदिक ज्योतिष में सूर्य ग्रहण को महत्वपूर्ण खगोलीय घटना के साथ-साथ धार्मिक दृष्टि से भी विशेष माना जाता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस ग्रहण का संबंध कर्क राशि और आश्लेषा नक्षत्र से बताया जा रहा है. वहीं, श्रावण मास की अमावस्या होने के कारण स्नान, दान, पितृ तर्पण और भगवान शिव की उपासना का भी महत्व माना जाता है. हालांकि, ग्रहण से जुड़े ज्योतिषीय प्रभाव धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं. कब लगेगा सूर्य ग्रहण? जानें पूरा समय हिंदुस्तानीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात शुरू होगा और इसका प्रभाव 13 अगस्त की देर रात तक चलने की बात कही जा रही है. आपके दिए विवरण के अनुसार ग्रहण का प्रारंभ रात 9:04 बजे, मध्य रात्रि 11:16 बजे चरम और समाप्ति रात 1:28 बजे होगी. प्रकाशित करने से पहले स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि जरूर करें. क्या हिंदुस्तान में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण? 12 अगस्त 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण हिंदुस्तान से दिखाई नहीं देगा. NASA के अनुसार पूर्ण ग्रहण की पट्टी उत्तरी रूस से होकर ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन तक जाती है, जबकि यूरोप, उत्तरी अमेरिका और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में आंशिक ग्रहण दिखाई देगा. हिंदुस्तान में लगेगा सूतक काल या नहीं? धार्मिक परंपरा के अनुसार सूतक काल उस स्थान पर माना जाता है जहां ग्रहण दिखाई देता है. चूंकि 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण हिंदुस्तान में दिखाई नहीं देगा, इसलिए हिंदुस्तान में इसके सूतक काल को मान्य नहीं माना जाएगा. हालांकि, अलग-अलग परंपराओं और पंचांगों में नियमों में अंतर हो सकता है. ये भी पढ़ें: रिश्तों पर न लगने दें मनमुटाव का ‘ग्रहण’, आज साल के अंतिम सूर्यग्रहण पर पति-पत्नी साथ मिलकर करें ये सरल उपाय ग्रहण देखने वालों के लिए जरूरी सावधानी जहां सूर्य ग्रहण दिखाई दे रहा हो, वहां इसे देखने के लिए केवल सुरक्षित सोलर-व्यूइंग चश्मे या ISO 12312-2 मानक वाले सोलर फिल्टर का इस्तेमाल करें. सामान्य धूप के चश्मे सुरक्षित नहीं हैं. आंशिक ग्रहण के दौरान बिना उचित सुरक्षा के सीधे सूर्य को देखना आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. धार्मिक दृष्टि से क्या करें? आज श्रावण अमावस्या होने के कारण श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार स्नान, दान, पितृ तर्पण और भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं. ग्रहण से जुड़े धार्मिक उपाय और ज्योतिषीय प्रभाव आस्था एवं परंपराओं पर आधारित हैं, जबकि सूर्य ग्रहण स्वयं सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी की स्थिति से बनने वाली वैज्ञानिक खगोलीय घटना है. The post आज रात 9 बजकर 04 मिनट से शुरू होगा सूर्य ग्रहण, जानिए कहां और कैसे दिखेगा यह दुर्लभ नजारा! appeared first on Naya Vichar.

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