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1 टॉफी के दाम में 4 KM की रेंज… 108% बढ़ी सेल्स, ये इलेक्ट्रिक स्कूटर बना लोगों की पसंद

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स (EV) की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. इस रेस में हीरो मोटोकॉर्प का इलेक्ट्रिक स्कूटर ‘Vida’ (विडा) ग्राहकों की पसंद बनता जा रहा है. अगस्त के बिक्री आंकड़े बताते हैं कि हीरो विडा की सेल्स में 108 फीसदी का शानदार उछाल आया है. दोगुनी हुई हीरो विडा की बिक्री अगस्त 2026 में देश में कुल 1,87,214 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिके, जो पिछले साल (अगस्त 2025 में 76,118 यूनिट) के मुकाबले 146% ज्यादा है. इस बढ़ते बाजार में हीरो Vida ने अगस्त 2026 में 25,558 स्कूटर्स बेचे हैं. पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 12,273 था, यानी कंपनी की बिक्री में 108% का सीधा इजाफा हुआ है. कंपनी फिलहाल VX2 और V2 सीरीज के तहत कुल 5 स्कूटर्स बेच रही है. ये भी पढ़ें: सिंगल चार्ज में 161km की रेंज, 10 साल की बैटरी वारंटी; 10 मिनट की चार्जिंग में 30km दौड़ेगा Ather का ये इलेक्ट्रिक स्कूटर सबसे सस्ता मॉडल: Vida VX2 Go अगर आप बजट में इलेक्ट्रिक स्कूटर तलाश रहे हैं, तो Vida पोर्टफोलियो में ‘VX2 Go’ सबसे किफायती विकल्प है. बैटरी ऑप्शन: यह स्कूटर 2.2kWh, 3.1kWh और 3.4kWh के तीन बैटरी विकल्पों में आता है. कीमत: इसके 2.2kWh बैटरी वाले बेस वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत (दिल्ली) 79,999 रुपये है. रेंज: कंपनी का दावा है कि फुल चार्ज होने पर यह 93 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है. खर्च का गणित: 1 रुपये में चलेगा 4 किलोमीटर अगर आपके घर में बिजली की दर 8 रुपये प्रति यूनिट है, तो इसकी 2.2kWh की बैटरी को फुल चार्ज करने में मात्र 20 रुपये का खर्च आएगा. सड़क पर चलाते समय अगर रेंज थोड़ी कम भी मिले, तो भी इसे चलाने की औसत लागत लगभग 25 पैसे प्रति किलोमीटर आती है. आसान भाषा में समझें तो, 1 रुपये के खर्च में आप इसे 4 किलोमीटर तक दौड़ा सकते हैं. अगस्त 2026 के टॉप सेलिंग इलेक्ट्रिक स्कूटर्स अगस्त महीने में बिक्री के मामले में बजाज चेतक ने बाजी मारी है. आइए देखते हैं टॉप मॉडल्स की लिस्ट: स्कूटर का नाम अगस्त 2026 में बिक्री (यूनिट्स) Bajaj Chetak 52,248 TVS iQube 42,882 Hero Vida 25,558 Ather Rizta 22,586 TVS Orbiter 14,641 Greaves Magnus 9,772 Ather 450 6,891 आंकड़े स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि हिंदुस्तानीय बाजार में बजाज चेतक, टीवीएस आईक्यूब और हीरो विडा जैसे मॉडल्स को ग्राहकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. ये भी पढ़ें: एक बार चार्ज करने पर 153 km की रेंज, 3 घंटे से कम में चार्ज, कीमत ₹1 लाख से भी नीचे, लोगों को खूब पसंद आ रहा है ये इलेक्ट्रिक स्कूटर The post 1 टॉफी के दाम में 4 KM की रेंज… 108% बढ़ी सेल्स, ये इलेक्ट्रिक स्कूटर बना लोगों की पसंद appeared first on Naya Vichar.

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महिला पत्रकार का आरोप- दिल्ली पुलिस के विवेक भगत ने मेरा ब्रेस्ट प्रेस किया, पुलिस ने कहा- जांच कर रहे हैं

‘मुझे बस के अंदर पुलिस ऑफिसर ने टच किया ब्रेस्ट पर’, यह कहना है एक स्त्री पत्रकार का है जिसका वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में स्त्री एक पुलिस ऑफिसर से बात करती दिख रही है. वह कहती है कि आपने अभी अनाउंसमेंट किया कि आपके पास जो सबूत है वो लेकर आएं. स्त्री कहती है, ‘ बस के अंदर मुझे एक पुलिस ऑफिसर ने टच किया. वो भी ब्रेस्ट पर. इस तरीके से…मैं वो एवीडेंस कहां से लाऊं. मैं कैसे शिकायत लिखाऊं.’ उसने आगे कहा कि मैं दो घंटे से ऊधर बैठी थी. मेरी शिकायत दर्ज नहीं की गई. वीडियो में आगे दिख रहा है कि एक पुलिसकर्मी स्त्री से थाने के अंदर चलने को कहता है. स्त्री इस दौरान अपने वकील को ढूंढ़ती नजर आती है. इसके बाद वह कुछ लोगों के साथ थाने के अंदर चली जाती है. इस पूरे घटनाक्रम के बीच पीछे से एक आवाज सुनाई देती है, “देश की राजधानी दिल्ली में ये सब हो रहा है.” वहीं, आसपास मौजूद लोग दिल्ली पुलिस हाय-हाय के नारे लगाते भी सुनाई दे रहे हैं. इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो शेयर करके क्या कहा यूजर ने, देखें kuldeepkumaraap नाम के यूजर ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि देश की राजधानी दिल्ली में आज जो हो रहा है, वह बेहद चिंताजनक है. मैं अभी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचा हूं. यहां एक स्त्री पत्रकार ने ACP विनय भगत (ऐसा लगता है कि गलत नाम मेंशन किया है यूजर ने) पर छेड़छाड़ और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए हैं.  उनकी शिकायत दर्ज कराने के लिए पत्रकार साथी सुबह से थाने के बाहर बैठे हैं, लेकिन अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है. इसी थाने के बाहर एक बच्ची भी कई घंटों से अपनी शिकायत लेकर बैठी थी. उसकी शिकायत तक दर्ज नहीं की जा रही थी. मैं वहां पहुंचा और उसकी शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस से बात की. View on Instagram आगे यूजर ने लिखा कि स्त्री पत्रकार को न्याय मिलना चाहिए और बच्ची की शिकायत पर भी तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए. किसी भी नागरिक की शिकायत हो, पुलिस की जिम्मेदारी है कि उसे सुने और कानून के मुताबिक कार्रवाई करे. कानून सबके लिए बराबर है. शिकायत दर्ज करना और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी है. एक अन्य वीडियो में पुलिस ऑफिसर ने क्या कहा सुनें दूसरे वीडियो में एक पुलिस अधिकारी कहते नजर आ रहे हैं कि मामले में पुलिस कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा कि जो भी सबूत पुलिस को दिए जाएंगे, उनकी जांच के आधार पर आगे कदम उठाया जाएगा. इस दौरान किसी ने पूछा कि FIR कब दर्ज होगी? इस पर पुलिस अधिकारी ने कहा कि सबूत मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर उनके पास कोई सबूत है, तो उसे अपने मीडिया प्रतिनिधि के जरिए पुलिस तक पहुंचाएं. View on Instagram The post स्त्री पत्रकार का आरोप- दिल्ली पुलिस के विवेक भगत ने मेरा ब्रेस्ट प्रेस किया, पुलिस ने कहा- जांच कर रहे हैं appeared first on Naya Vichar.

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पत्रकार से सेक्सुअल हरासमेंट: CJP ने की FIR दर्ज करने की मांग, कहा- ‘ACP विवेक भगत को क्यों बचाया जा रहा है?’

सौरव दास ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद वह और CJP नेता रत्ना सिंह पुलिस के पास पहुंचे थे. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर FIR दर्ज नहीं की गई, तो पत्रकारों और दूसरे प्रदर्शनकारियों का ग्रुप दोबारा पुलिस थाने पहुंचेगा. उन्होंने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने की मांग की. दास ने कहा कि इस मामले को लेकर कई प्रदर्शनकारी और पत्रकार पहले से ही पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे. वे लगातार पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग कर रहे थे. दास ने आरोप लगाया कि पुलिस FIR दर्ज करने को तैयार नहीं है. उन्होंने दिल्ली पुलिस से सवाल किया कि सार्वजनिक जगह पर सेक्सुअल हरासमेंट (स्त्री को गलत तरीके से छूने का आरोप) के आरोप झेल रहे ACP विवेक भगत के खिलाफ मामला क्यों दर्ज नहीं किया जा रहा है. दास ने कहा कि पुलिस अधिकारी को बचाने की कोशिश क्यों की जा रही है. उन्होंने यह भी पूछा कि विवेक भगत के मामले में ऐसा क्या है, जिसके चलते पुलिस उन पर कार्रवाई करने से बच रही है. सौरव दास ने कहा, “हमने पुलिस से कहा है कि अगर वीडियो देखने के लिए समय चाहिए तो आप समय ले सकते हैं. लेकिन FIR दर्ज करनी होगी. यदि ऐसा नहीं हुआ तो प्रदर्शनकारी फिर पुलिस थाने के बाहर पहुंचेंगे और FIR की कॉपी लेकर रहेंगे.” सौरव दास ने पूरे मामले पर क्या कहा, यहां सुनिए The post पत्रकार से सेक्सुअल हरासमेंट: CJP ने की FIR दर्ज करने की मांग, कहा- ‘ACP विवेक भगत को क्यों बचाया जा रहा है?’ appeared first on Naya Vichar.

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Watch Video : ‘चुपकर दलाल कहीं का, दलाल है तू’, किस पुलिस वाले पर फट पड़ीं नेहा बोरा

Watch Video : ‘’गाली किसने नहीं दी…वो आदमी अपना बैच हटाकर घूम रहा है. एसएचओ है शायद…वो जान से मारने की धमकी दे रहा है. ये आदमी दलाली करता है.’’ यदि आप ये लाइन पढ़कर सोचने लगे कि आखिर ये शब्द किसके हैं, तो आइए आपको हम पूरी बात बताते हैं. दरअसल, नेहा बोरा एक वीडियाे सामने आया है जिसमें वो बहुत गुस्से में नजर आ रहीं हैं. वीडियो की शुरुआत में नजर आ रहा है कि नेहा बोरा अपने साथियों के साथ आ रहीं हैं. जैसे ही वो आगे बढ़तीं हैं, उन्हें दिल्ली पुलिस के जवान रोकने लगते हैं. इसके बाद नेहा गुस्से में कहती है, सर…स्त्री प्रोटेस्टर सर…वाट आर यू डूइंग सर…’ इसके बाद धक्का देते हुए प्रोटेस्टर आगे बढ़ते हैं. पुलिस का जवान इस दौरान जोर जोर से सीटी बजाता वीडियो में नजर आ रहा है. स्त्री पुलिस इस दौरान दौड़कर आती है और प्रोटेस्टर को रोकती है. नेहा बोरा और उनके समर्थक नारे लगाते हैं- वोट चोर कहां मिलेंगे..बीजेपी के दफ्तर में…एक दूसरा नारा भी लगने लगता है- सीईसी कहां मिलेंगे…बीजेपी के दफ्तर में…आगे नारा लगता है- मैडम सारे रेपिस्ट कहां मिलेंगे..बीजेपी के दफ्तर में…इसके बाद और भी नारे लगते हैं और स्त्री पुलिस प्रदर्शन करते हुए लोगों को रोकने का प्रयास करती वीडियो में दिख रही है. यही वीडियो हो रहा है वायरल View on Instagram नारे यहीं खत्म नहीं होते. अब वहां मौजूद प्रदर्शनकारी सीईसी ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो के नारे लगाने लगते हैं. वीडियो में नारे सुनाई दे रहे हैं- ज्ञानेश कुमार को अरेस्ट करो. इस बीच एक स्त्री पुलिस नेहा को समझाती वीडियो में नजर आ रही है. नेहा इस  दौरान भी नहीं रुकीं. वह नारे लगाने लगीं, ‘दिल्ली पुलिस वर्दी उतारो’… आगे नजर आ रहा है कि पुलिस सभी प्रदर्शनकारी को बस में बैठा रही है. इस दौरान कुछ देर के लिए हलचल मच जाती है. पुलिस कुछ लोगों को हटाते नजर आ रही है. इस बीच वीडियो में आवाज आ रही है कि ये है पावर का नशा…आगे का नजारा कुछ अलग ही दिखा. बस के अंदर नेहा बोरा और दूसरे समर्थकों की पुलिस से झड़प होती है. नेहा वीडियो में पुलिस को कहतीं दिख रहीं हैं- चुपकर दलाल कहीं का. एक पत्रकार ने बस में बैठी नेहा से सवाल किया कि आपको गाली किसने दी. इसपर नेहा ने जवाब दिया कि गाली किसने नहीं दी…एक पुलिस वाले की ओर इशारा करते हुए वह कहतीं हैं कि वो आदमी अपना बैच हटाकर घूम रहा है. एसएचओ है शायद…वो जान से मारने की धमकी दे रहा है. ये आदमी दलाली करता है. The post Watch Video : ‘चुपकर दलाल कहीं का, दलाल है तू’, किस पुलिस वाले पर फट पड़ीं नेहा बोरा appeared first on Naya Vichar.

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पाकिस्तान के शहजाद भट्टी नेटवर्क पर UP ATS का बड़ा शिकंजा: 20 ठिकानों पर रेड, 24 से पूछताछ, डिजिटल कनेक्शन खंगाल रही टीम

UP Crime: पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी के कथित नेटवर्क को लेकर उत्तर प्रदेश एटीएस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है. एजेंसी ने शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में संदिग्धों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी. शुरुआती रिपोर्टों में 15 जिलों में कार्रवाई की बात सामने आई थी, जबकि बाद के अपडेट में 10 जिलों में करीब 24 लोगों से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है. एटीएस की कार्रवाई का फोकस शहजाद भट्टी के कथित नेटवर्क से जुड़े स्थानीय संपर्क, डिजिटल कनेक्शन, आर्थिक लेनदेन और लॉजिस्टिक मदद की पड़ताल पर है. जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्धों में से किन लोगों का नेटवर्क से वास्तविक और लगातार संपर्क था. 24 लोगों से पूछताछ, 18 को चेतावनी के बाद छोड़ा ताजा जानकारी के मुताबिक करीब 24 लोगों को जांच के दायरे में लेकर पूछताछ की गई. इनमें से 18 लोगों को चेतावनी के बाद छोड़ दिया गया, जबकि छह अन्य के मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच जारी है. अधिकारियों के अनुसार पूछताछ का मकसद महज संपर्क होने और नेटवर्क की गतिविधियों में वास्तविक भूमिका के बीच अंतर स्पष्ट करना है. एटीएस संदिग्धों के सोशल मीडिया अकाउंट, चैट, कॉल रिकॉर्ड और दूसरे डिजिटल संपर्कों की भी जांच कर रही है. एजेंसी यह भी देख रही है कि किसी संदिग्ध ने नेटवर्क के लिए स्थानीय स्तर पर संपर्क, लॉजिस्टिक मदद या अन्य सहयोग तो नहीं किया. पहले पकड़े गए आरोपियों से मिले इनपुट पर बढ़ा जांच का दायरा बताया जा रहा है कि नई कार्रवाई पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ और खुफिया इनपुट के आधार पर आगे बढ़ाई गई है. जांच एजेंसी के सामने 150 से अधिक लोगों की गतिविधियों और संपर्कों को लेकर जानकारी आने की बात सामने आई है. इसी आधार पर संदिग्धों की भूमिका की अलग-अलग स्तर पर पड़ताल की जा रही है. जांच का दायरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ इंडो-नेपाल सीमा से लगे इलाकों तक बताया गया है. सामने आई रिपोर्टों में लखनऊ, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, अलीगढ़ और मेरठ समेत कई जिलों का उल्लेख है. चार महीने में 52 संदिग्धों की गिरफ्तारी का दावा ताजा रिपोर्टों के अनुसार यूपी एटीएस पिछले चार महीनों में शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़ी कथित आतंकी गतिविधियों के मामलों में 52 संदिग्धों को गिरफ्तार कर चुकी है. अब इन गिरफ्तारियों से मिले इनपुट के आधार पर नेटवर्क की जमीनी कड़ियों को खंगाला जा रहा है. केंद्र ने आतंकी संगठन घोषित किया है नेटवर्क शहजाद भट्टी नेटवर्क को लेकर केंद्र प्रशासन ने भी कार्रवाई की है. गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार 16 सितंबर 2026 को शाहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन की सूची में शामिल किया गया. जांच एजेंसियों का आरोप है कि नेटवर्क हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी तथा युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए प्रभावित करने जैसी गतिविधियों से जुड़ा रहा है. अब छह संदिग्धों के गैजेट की जांच पर नजर फिलहाल जांच का एक अहम हिस्सा संदिग्धों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल उपकरणों की पड़ताल है. छह लोगों के गैजेट की जांच जारी होने की जानकारी सामने आई है. इनसे मिलने वाले डिजिटल सुराग यह स्पष्ट करने में मदद कर सकते हैं कि कथित नेटवर्क की यूपी में जमीनी पहुंच कितनी थी और कौन-कौन लोग उसके संपर्क में थे. एटीएस की कार्रवाई अभी जांच के स्तर पर है. किसी व्यक्ति का पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जाना अपने आप में उसके अपराधी या आतंकी गतिविधि में शामिल होने का प्रमाण नहीं है. यह भी पढ़ें: भाजपा जिलाध्यक्ष पर दुष्कर्म का आरोप: बलिया की स्त्री पदाधिकारी बोली- वीडियो वायरल करने की धमकी देकर किया शोषण The post पाकिस्तान के शहजाद भट्टी नेटवर्क पर UP ATS का बड़ा शिकंजा: 20 ठिकानों पर रेड, 24 से पूछताछ, डिजिटल कनेक्शन खंगाल रही टीम appeared first on Naya Vichar.

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प्रभात खबर इम्पैक्ट : गोल्ड मेडलिस्ट विनीमा धान के घर जल्द बनेगा शौचालय, विभाग ने शुरू की निर्माण की प्रक्रिया

तोरपा/कर्रा(खूंटी). कर्रा प्रखंड के जरियागढ़ की बेटी विनीमा धान ने जूनियर एशिया कप स्त्री हॉकी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर देश और राज्य का नाम रोशन किया है. अब उनके घर में जल्द ही शौचालय बनेगा. सम्मान समारोह के दौरान विधायक सुदीप गुड़िया के समक्ष शौचालय की समस्या उठाए जाने और इस संबंध में नया विचार में समाचार प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग ने पहल शुरू कर दी है. अधिकारियों ने घर पहुंचकर लिये जरूरी कागजात शनिवार को स्वच्छ हिंदुस्तान मिशन की कर्रा प्रखंड को-ऑर्डिनेटर एलीन गुड़िया एवं वीबी-जी रामजी के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी प्रेम सुजीत कुजूर सहित अन्य अधिकारी विनीमा धान के घर कर्रा प्रखंड के जरियागढ़ स्थित बाम्हण टोली पहुंचे. अधिकारियों ने विनीमा के पिता मोगो धान और माता इंपैक्ट अंजनी धान से मुलाकात की तथा शौचालय निर्माण के लिए आवश्यक कागजात प्राप्त किए. पोर्टल पर आज दर्ज होगा लाभुक का विवरण इस संबंध में एलीन गुड़िया ने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए संबंधित पोर्टल पर लाभुक का विवरण आज ही दर्ज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि एक-दो दिनों के भीतर शौचालय निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा. विधायक के समक्ष विनीमा ने रखी थी समस्या गौरतलब है कि शुक्रवार को विधायक सुदीप गुड़िया के आवासीय कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान विनीमा धान ने अपने घर में शौचालय नहीं होने की समस्या रखी थी. उन्होंने विधायक से शौचालय बनवा देने की मांग की थी. विनीमा की इस मांग पर विधायक ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग के माध्यम से समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया था. उपायुक्त ने अधिकारियों को दिया तत्काल प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश खूंटी के उपायुक्त जावेद हुसैन ने इस संबंध में कहा कि विनीमा धान के घर में शौचालय नहीं होने की जानकारी मिली है. उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस विषय पर तत्काल आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर शौचालय बनवाने का निर्देश दिया है. समाचार प्रकाशित होने के बाद शुरू हुई पहल गोल्ड मेडल जीतकर देश और राज्य का नाम रोशन करने वाली विनीमा धान के घर शौचालय की समस्या सामने आने के बाद अब विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है. अधिकारियों के घर पहुंचने और कागजात लेने के बाद एक-दो दिनों में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है. ये भी पढ़ें: JSSC CGL: मुख्य आरोपी दिलीप कुमार पासवान तीन दिन की रिमांड पर, आसनसोल होटल कनेक्शन की जांच तेज The post नया विचार इम्पैक्ट : गोल्ड मेडलिस्ट विनीमा धान के घर जल्द बनेगा शौचालय, विभाग ने शुरू की निर्माण की प्रक्रिया appeared first on Naya Vichar.

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कैप्टन स्मित ने सुनाई कॉकपिट की खौफनाक कहानी, कहा- नमाज के बहाने उठा को-पायलट और सिर पर कुल्हाड़ी से कर दिया वार

Flydubai Cockpit Attack: फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मछार ने 30 सितंबर को विमान के कॉकपिट में हुई घटना को लेकर नई जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने उड़ान के दौरान नमाज पढ़ने की बात कही और अपनी सीट से उठ गया. कैप्टन स्मित को लगा कि वह उनके पीछे नमाज अदा कर रहा है, इसलिए उन्होंने सम्मान के तौर पर पीछे मुड़कर नहीं देखा. कैप्टन मच्छार ने कहा- मेरे सिर के पीछे हुआ जोरदार हमला कैप्टन मच्छार ने बताया कि करीब चार से पांच मिनट बाद अचानक उनके सिर के पीछे जोरदार वार किया गया. इसके बाद उन्हें पता चला कि हमला को-पायलट ने किया था. स्मित मछार ने बताया कि हमले में जिस कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया, वह विमान में आपात स्थिति के लिए रखे जाने वाले उपकरणों में शामिल थी. यह एक सामान्य उड़ान थी, और वह प्रार्थना करना चाहता था, जो कोई असामान्य बात नहीं है. जब वह प्रार्थना कर रहा था, तो सम्मान के कारण मैं आगे देख रहा था, पीछे नहीं, और अचानक मेरे सिर के पिछले हिस्से पर ज़ोरदार प्रहार हुआ. मेरा पहला विचार था कि विमान को भारी नुकसान हुआ है और कुछ गड़बड़ है. लेकिन फिर, उसके बाद, प्रहार एक के बाद एक आते रहे- कैप्टन मच्छार लगातार वार के बाद धुंधली हो गई नजर कैप्टन स्मित ने बताया कि उन्होंने हमलावर को रोकने की कोशिश की. शुरुआती वार इतने तेज थे कि उनकी नजर लगभग धुंधली हो गई. इसी दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा. करीब दो मिनट में विमान लगभग 16,000 फीट नीचे आ गया. इसके बाद हाइजैकिंग से जुड़ा डिस्ट्रेस सिग्नल भी भेजा गया. मैंने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसके शुरुआती वारों के कारण मेरी दृष्टि लगभग धुंधली हो गई थी. सब कुछ पूरी तरह से अस्पष्ट हो गया था. उस समय मुझे जो महसूस हुआ, वह यह था कि विमान तेजी से नीचे गिर रहा था. मेरी याददाश्त अभी भी टुकड़ों में बंटी हुई है, लेकिन उस समय की जो बातें मुझे याद हैं, वे यही हैं- कैप्टन मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की कैप्टन मच्छार ने बताया कि उन्होंने एक बार कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन हमलावर ने उसे फिर बंद कर दिया. इसके बाद वह कॉकपिट के फर्श पर गिर गए. उन्हें विमान के तेजी से नीचे जाने की आवाज सुनाई दे रही थी. बाहर से यात्रियों के चीखने की आवाजें भी आ रही थीं. बोले कैप्टन मच्छार- मेरे अंदर एक आखिरी लड़ाई बाकी थी कैप्टन स्मित ने कहा कि उस समय उन्हें लगा कि उनके पास एक आखिरी कोशिश बची है. उन्होंने पूरी ताकत लगाकर एक बार फिर कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचने की कोशिश की. इस बार वह दरवाजा खोलने में सफल रहे. दरवाजा खुलते ही बाहर इंतजार कर रहे लोग कॉकपिट में घुस गए और हमलावर को काबू में कर लिया. मैंने एक बार दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन मुझे लगता है कि उसने उसे फिर से बंद कर दिया. और उस समय, मुझे याद है कि मैं कॉकपिट के फर्श पर लेटा हुआ था. मुझे विमान की गड़गड़ाहट, तेज हवा की आवाज और लोगों की चीखें सुनाई दे रही थीं. मुझमें लड़ने की आखिरी ताकत बची थी और तभी मैंने अपनी पूरी ताकत लगा दी, अपनी सारी शक्ति का इस्तेमाल किया और दरवाजे की ओर दौड़ा और दरवाजा खोल दिया- कैप्टन मच्छार यात्रियों और क्रू ने संभाली स्थिति इसके बाद फ्लाइट क्रू और यात्रियों ने हमलावर को पकड़ लिया. विमान में मौजूद दो ऐसे पायलटों ने भी मदद की, जो उस समय ड्यूटी पर नहीं थे. उन्होंने विमान का नियंत्रण संभालने में मदद की. बाद में विमान को सऊदी अरब के तबूक में इमरजेंसी लैंड कराया गया. फ्लाइट में कुल 180 लोग सवार थे. सभी यात्रियों को विमान से सुरक्षित बाहर निकाला गया. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने की कैप्टन स्मित की तारीफ घटना के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात की. नेतन्याहू ने मुश्किल हालात में उनके साहस और समझदारी की तारीफ की. उन्होंने कैप्टन स्मित को हिंदुस्तान, इजरायल और पूरी दुनिया का हीरो बताया. नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के अगले स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने के लिए आमंत्रित भी किया. 30 सितंबर को हुई थी घटना यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई थी. न्यूज एजेंसी एएनआई की जानकारी के मुताबिक ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित पर हमला किया और विमान को गिराने की कोशिश की. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हार नहीं मानी. उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद दूसरे लोगों ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू में कर लिया. Also Read: पायलट स्मित मच्छार पर अल-हमामी ने किया था कुल्हाड़ी से हमला, जानें ओमान के ‘रेड फ्लैग’ वाले को-पायलट का पूरा करियर ट्रैक The post कैप्टन स्मित ने सुनाई कॉकपिट की खौफनाक कहानी, कहा- नमाज के बहाने उठा को-पायलट और सिर पर कुल्हाड़ी से कर दिया वार appeared first on Naya Vichar.

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दवा नहीं सांसों का सौदा: झारखंड में ब्रांडेड के चक्कर में जेब हो रही खाली, जनऔषधि में 90 प्रतिशत तक सस्ती दवाएं

रांची : कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में लगने वाले भारी-भरकम खर्च के बीच मरीजों के लिए बड़ी राहत का विकल्प मौजूद है, लेकिन जागरूकता की कमी और प्रशासनिक लचर व्यवस्था के कारण मरीज इसका पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. ‘नया विचार’ की खास पड़ताल में यह बात सामने आई है कि ‘प्रधानमंत्री हिंदुस्तानीय जनऔषधि परियोजना’ के तहत कैंसर की दवाएं नामी ब्रांडेड कंपनियों की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती मिलती हैं. हालांकि, झारखंड के रिम्स (RIMS) समेत तमाम जनऔषधि केंद्रों पर इन दवाओं की नियमित सप्लाई न होने से मजबूरन मरीजों की जेब पर डाका पड़ रहा है. कीमतों में जमीन-आसमान का अंतर नया विचार द्वारा की गई पड़ताल के अनुसार, कैंसर की दवाओं की कीमतों में चौंकाने वाला अंतर देखा गया है. ब्रेन ट्यूमर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एक प्रमुख दवा की कीमत ब्रांडेड कंपनियों में जहां 20,693 रुपये है, वहीं जनऔषधि केंद्र पर यह दवा मात्र 2,517.19 रुपये में उपलब्ध है. इसी प्रकार स्तन कैंसर (Breast Cancer) के इलाज में प्रयुक्त होने वाली लेस्ट्रोजोल (Letrozole 2.5mg) की 10 गोलियों की कीमत ब्रांडेड बाजार में 313 रुपये से अधिक है, जबकि जनऔषधि केंद्र पर यह महज 31.88 रुपये में मिल जाती है. इसके बावजूद केंद्रों पर स्टॉक न होने से गरीब मरीज महंगे दामों पर दवाएं खरीदने को मजबूर हैं. ये भी पढ़ें: Jharkhand Weather: 4 अक्टूबर को 24 जिलों में कैसा रहेगा मौसम, रांची समेत जानें अपने जिले का हाल रिम्स जनऔषधि केंद्र पर सप्लाई ठप, स्टॉकिस्ट ने बयां किया दर्द राजधानी रांची स्थित रिम्स (RIMS) के जनऔषधि केंद्र के स्टॉकिस्ट का कहना है कि काफी समय पहले कैंसर की एकाध दवाएं आई थीं, जिसके बाद से उनकी नियमित उपलब्धता बंद हो गई. सप्लाई नहीं मिलने के कारण कैंसर मरीजों और उनके परिजनों ने केंद्र का चक्कर काटना ही छोड़ दिया है. राज्य भर में लगभग 110 जनऔषधि केंद्र संचालित हैं, लेकिन मांग के अनुरूप लाइफ-सेविंग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं का कोटा नहीं मिलने से इस महत्वाकांक्षी प्रशासनी योजना का मूल उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है. डॉक्टरों पर ब्रांडेड दवा लिखने का दबाव दवाओं की अनुपलब्धता के अलावा एक बड़ी समस्या डॉक्टरों की मानसिकता भी है. मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि जब वे डॉक्टरों से जेनेरिक या जनऔषधि की दवाएं लिखने का अनुरोध करते हैं, तो डॉक्टर भड़क जाते हैं. परिजनों के अनुसार, कई डॉक्टर यह कहकर डरा देते हैं कि “जनऔषधि में कैंसर की गुणवत्तापूर्ण दवाएं नहीं मिलतीं, सस्ते के चक्कर में न पड़ें, यदि मरीज की स्थिति बिगड़ी तो पूरी जिम्मेदारी आपकी होगी.” इस तरह के दबाव के कारण मरीज महंगे ब्रांडेड सॉल्ट खरीदने को मजबूर हो जाते हैं. विशेषज्ञों की राय: केंद्रों की संख्या और नियमित कोटा बढ़ाना जरूरी स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि जब तक झारखंड में जनऔषधि केंद्रों की संख्या नहीं बढ़ाई जाएगी और सीधे केंद्र प्रशासन के फार्मास्युटिकल विभाग से कैंसर दवाओं का नियमित कोटा निर्धारित नहीं होगा, तब तक इस समस्या का स्थाई समाधान संभव नहीं है. यदि रिम्स, एमजीएम और अन्य बड़े मेडिकल कॉलेजों के जनऔषधि केंद्रों पर कैंसर की दवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, तो राज्य के लाखों गरीब व मध्यमवर्गीय कैंसर पीड़ितों को हर महीने हजारों रुपये की सीधी बचत हो सकती है. ये भी पढ़ें: नया विचार स्टिंग ऑपरेशन : झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में कैंसर मरीजों से लूट, दवाइयों पर 4 गुना वसूली The post दवा नहीं सांसों का सौदा: झारखंड में ब्रांडेड के चक्कर में जेब हो रही खाली, जनऔषधि में 90 प्रतिशत तक सस्ती दवाएं appeared first on Naya Vichar.

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14वीं JPSC PT धांधली में CID का एक्शन, हजारीबाग से दो सगे भाई गिरफ्तार; रांची लाकर पूछताछ शुरू

रांची. सीआइडी 14वीं JPSC PT में गड़बड़ी के तार खंगाल रही है. शनिवार को हजारीबाग में छापेमारी हुई, जहां दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक राणा और ओमप्रकाश राणा के रूप में हुई है. शुरुआती जांच में पता चला है कि ये दोनों भाई इस परीक्षा गड़बड़ी के नेटवर्क में अहम कड़ी हैं. गलत तरीकों और मिलीभगत के पक्के सबूत जांच में दोनों के गलत तरीकों और मिलीभगत से परीक्षा में सफल होने से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत मिलने का दावा किया गया है. सीआइडी अब इन सबूतों के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. टेक्निकल सुरागों से हुई भाइयों की पहचान टेक्निकल सबूतों और दस्तावेजों की जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर सीआइडी टीम ने दोनों को पकड़ा और रांची लाकर पूछताछ शुरू की. जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा गड़बड़ी में दोनों की भूमिका क्या थी और उनके संपर्क किन लोगों से थे. दोनों के संपर्कों और गड़बड़ी के नेटवर्क पर फोकस अब जांच का फोकस दोनों के संपर्कों और परीक्षा गड़बड़ी के नेटवर्क पर है. सीआइडी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों के साथ और कौन लोग जुड़े हैं तथा 14वीं जेपीएससी पीटी में हुई गड़बड़ी की पूरी कड़ी किस तरह काम कर रही थी. रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी सीआइडी दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है. रिमांड के दौरान जांच एजेंसी मामले से जुड़े संपर्कों, सबूतों और परीक्षा गड़बड़ी के नेटवर्क के बारे में और जानकारी जुटा सकती है. ये भी पढ़ें: पलामू के दो स्केटिंग खिलाड़ियों ने मारी बाजी, अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में दिखायेंगे दम The post 14वीं JPSC PT धांधली में CID का एक्शन, हजारीबाग से दो सगे भाई गिरफ्तार; रांची लाकर पूछताछ शुरू appeared first on Naya Vichar.

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सारण में चाकूबाजी से 3 लोगों की मौत, पहले गांव में भिड़े फिर अस्पताल में भी चला चाकू; एक की हालत गंभीर

Saran Crime News : सारण के एकमा थाना क्षेत्र के परसा परसागढ़ गांव में आपसी रंजिश को लेकर हुई चाकूबाजी की घटना में तीन लोगों की मौत हो गयी. वारदात में घायल एक अन्य युवक की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है. घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. विवाद के बाद चाकूबाजी में चार लोग हुए घायल जानकारी के अनुसार, परसा परसागढ़ गांव में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. देखते ही देखते विवाद चाकूबाजी में बदल गया. घटना में छपरा के काशी बाजार निवासी अंकुर पटेल उर्फ धोनी, एकमा के जिरतपुर पचुआ निवासी मुकेश कुमार, रमेश यादव और विवेक कुमार घायल हो गये. इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे घायलों पर फिर चाकू चलने की बात पहली घटना के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए एकमा स्थित डॉ. एस कुमार के निजी अस्पताल में लाया गया. इसी दौरान अस्पताल परिसर में दोबारा चाकूबाजी होने की बात सामने आयी. इसके बाद पूरे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया. अस्पताल में मौजूद लोगों के बीच भी अफरातफरी की स्थिति बन गयी. एकमा में अंकुर की मौत, छपरा में मुकेश और रमेश ने तोड़ा दम इलाज के दौरान अंकुर पटेल उर्फ धोनी की मौत एकमा के निजी नर्सिंग होम में हो गयी. वहीं, गंभीर रूप से घायल मुकेश कुमार और रमेश यादव को बेहतर इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों ने भी दम तोड़ दिया. मृतकों में अंकुर पटेल उर्फ धोनी, मुकेश कुमार, पिता ध्रुप यादव और रमेश यादव, पिता विजय यादव शामिल हैं. गंभीर घायल विवेक को पटना किया गया रेफर घटना में घायल विवेक कुमार, पिता बिनोद कुमार की हालत गंभीर बतायी जा रही है. प्रारंभिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने बेहतर उपचार के लिए उसे पटना रेफर कर दिया है. घटना में घायल अन्य लोगों के संबंध में भी पुलिस और अस्पताल स्तर से जानकारी जुटायी जा रही है. मामा के घर आया था अंकुर, इसी दौरान हुआ विवाद बताया जा रहा है कि छपरा के काशी बाजार निवासी अंकुर पटेल उर्फ धोनी अपने मामा के घर परसा परसागढ़ आया हुआ था. इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ और मामला चाकूबाजी तक पहुंच गया. हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह क्या थी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है. आपसी रंजिश से जुड़ा मामला, जांच में जुटी पुलिस सूचना मिलते ही एकमा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी. सदर एसडीपीओ-2 ने बताया कि प्रथम दृष्टया घटना आपसी रंजिश से जुड़ी हुई प्रतीत हो रही है. हालांकि, पूरे मामले की जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी. चाकूबाजी में शामिल लोगों की जानकारी जुटा रही पुलिस पुलिस अब विवाद की असली वजह, चाकूबाजी में शामिल लोगों और घटना के पूरे क्रम की जानकारी जुटा रही है. पुलिस अस्पताल में दोबारा हुई चाकूबाजी की बात की भी जांच कर रही है. तीन लोगों की मौत के बाद परसा परसागढ़ और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है. Also Read : सारण में बाढ़ प्रभावित गांवों को घोषित किया जाए बाढ़ग्रस्त, पूर्व विधायक ने DM से मांगी जीआर राशि The post सारण में चाकूबाजी से 3 लोगों की मौत, पहले गांव में भिड़े फिर अस्पताल में भी चला चाकू; एक की हालत गंभीर appeared first on Naya Vichar.

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