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भारत ने मलेशिया को 5-1 से रौंदकर जीता गोल्ड, लगातार दूसरी बार बना एशियन चैंपियन

India Men’s Hockey Gold Medal: हिंदुस्तानीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है. फाइनल में हिंदुस्तान ने मलेशिया को 5-1 से हरा दिया. इस जीत के साथ हिंदुस्तान ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार पुरुष हॉकी का गोल्ड मेडल जीता. इस जीत के साथ हिंदुस्तानीय टीम ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है. एशियन गेम्स के इतिहास में यह पहली बार है जब हिंदुस्तान की स्त्री और पुरुष दोनों हॉकी टीमों ने एक ही संस्करण में गोल्ड मेडल जीता है. हरमनप्रीत सिंह ने दिलाई पहली बढ़त फाइनल में हिंदुस्तान को 12वें मिनट पर पेनल्टी कॉर्नर मिला. कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इस मौके को भुनाते हुए शानदार गोल किया और हिंदुस्तान को मैच में पहली बढ़त दिला दी. मलेशिया ने इसके बाद जल्द ही बराबरी कर ली. एक लंबा शॉट हिंदुस्तानीय गोलकीपर सूरज करकेरा को छकाता हुआ गोल में चला गया. ये भी पढ़ें: जूनियर एशिया कप हॉकी की गोल्ड मेडलिस्ट पार्वती टोपनो के घर पहुंची डालसा की टीम, मिलेंगी ये सुविधाएं जुगराज सिंह ने फिर दिलाई बढ़त हिंदुस्तान को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला. इस बार जुगराज सिंह और अमित रोहिदास इसके लिए आगे आए. जुगराज ने शानदार तरीके से गेंद को गोल में पहुंचाकर हिंदुस्तान को फिर से बढ़त दिला दी. हाफ टाइम तक हिंदुस्तान 2-1 से आगे था. दूसरे हाफ में हिंदुस्तान का दबदबा तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली. इसके बाद हिंदुस्तानीय टीम ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली और लगातार गोल करते हुए स्कोर 5-1 कर दिया. आखिर में हिंदुस्तान ने इसी स्कोर के साथ मैच जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया. हिंदुस्तान ने रचा इतिहास इस गोल्ड के साथ हिंदुस्तान ने एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का लगातार दूसरा गोल्ड जीता. इससे पहले हिंदुस्तानीय पुरुष टीम ने एशियन गेम्स 2023 में भी स्वर्ण पदक जीता था. पुरुष टीम ने पांचवीं बार (1966, 1998, 2014, 2022 और अब 2026) यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया है. वहीं, स्त्री हॉकी टीम के गोल्ड जीतने के बाद पुरुष टीम ने भी सोना अपने नाम कर लिया. इस तरह एशियन गेम्स के एक ही संस्करण में हिंदुस्तान की स्त्री और पुरुष दोनों हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल जीतकर नया इतिहास रच दिया. ये भी पढ़ें: एशिया कप के बाद एशियन गेम्स का भी बादशाह बना हिंदुस्तान, पाकिस्तान को हराकर जीता गोल्ड The post हिंदुस्तान ने मलेशिया को 5-1 से रौंदकर जीता गोल्ड, लगातार दूसरी बार बना एशियन चैंपियन appeared first on Naya Vichar.

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मुंबई में बोले मोहन भागवत: ‘धर्म और राष्ट्र अलग नहीं, हमारा राष्ट्र धर्म के लिए’

Mohan Bhagwat on Rashtra and Dharma : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि हिंदुस्तान में धर्म और राष्ट्र एक-दूसरे से अलग नहीं हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्र का उद्देश्य धर्म है और धर्म राष्ट्र को बनाए रखने में मदद करता है. भागवत ने यह भी कहा कि आज दुनिया विकास और पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पारिवारिक जीवन तथा धार्मिक आस्था और संघर्ष जैसे कई मुद्दों पर उलझी हुई है. ऐसे में दुनिया हिंदुस्तान की ओर समाधान की उम्मीद से देख रही है. दुनिया के सामने कई तरह की चुनौतियां मुंबई में ऑल इंडिया विहार सेवा समूह के 14वें सम्मेलन को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि दुनिया में संतुलन की कमी है और कई मामलों में अतिवाद (कट्टरता) बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि हर खुशी के साथ कुछ अधूरापन है और हर आकांक्षा के साथ किसी न किसी चीज का नुकसान जुड़ा है. उनके मुताबिक, अलग-अलग निष्ठाओं और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना भी दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती है. हिंदुस्तान ने कभी दूसरे देशों पर कब्जा करने की कोशिश नहीं की RSS प्रमुख ने कहा कि हिंदुस्तान ने ऐतिहासिक रूप से अपने ज्ञान और विचारों को दुनिया के साथ साझा किया है, लेकिन दूसरे देशों पर विजय हासिल करने या लोगों का धर्म परिवर्तन कराने के उद्देश्य से ऐसा नहीं किया. उन्होंने कहा कि दुनिया को इन विरोधाभासों से बाहर निकलने का रास्ता हिंदुस्तान से मिल सकता है. हिंदुस्तान की ज्ञान परंपरा का किया जिक्र भागवत ने हिंदुस्तान की प्राचीन और विविध ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए वेद, उपनिषद, रामायण, महाहिंदुस्तान, भगवद्गीता, जैन आगम, त्रिपिटक, गुरु ग्रंथ साहिब और संतों की शिक्षाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि देश के पास ज्ञान का बड़ा खजाना है, जिसकी आज दुनिया को जरूरत है. उन्होंने भक्ति की शक्ति के जरिए परमात्मा के करीब पहुंचने की बात भी कही. ज्ञान और परंपराओं को बचाना मानवता की सेवा भागवत ने कहा कि इस ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने वाले लोगों के जीवन और उनकी परंपराओं को सुरक्षित रखना केवल धार्मिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा भी है. उन्होंने सम्मेलन में मौजूद लोगों से कहा कि वे केवल किसी एक व्यक्ति या जीवन की रक्षा नहीं कर रहे, बल्कि पूरी मानव जाति के सुरक्षित भविष्य को बचाने में योगदान दे रहे हैं. ये भी पढ़ें: Noida Suicide Case : 43वें फ्लोर की बालकनी में खड़ा युवक, लोग बचाने की कोशिश करते रहे… लेकिन वह कूद गया The post मुंबई में बोले मोहन भागवत: ‘धर्म और राष्ट्र अलग नहीं, हमारा राष्ट्र धर्म के लिए’ appeared first on Naya Vichar.

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SIR पर CEO के रवि कुमार का Exclusive Interview: बोले, ‘100 वैलिड वोटरों की सूची दें राजनीतिक दल, जिनका कटा है नाम’

रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट Jharkhand SIR: हिंदुस्तान के निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाताओं के कराए जा रहे SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण पर पूरे देश में नेतृत्वक बवाल मचा हुआ है. राजनेता सार्वजनिक मंचों से निर्वाचन आयोग पर वैलिड मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटने का आरोप लगा रहे हैं. SIR पर नेतृत्वक दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के रवि कुमार ने नया विचार डिजिटल से खुलकर बातचीत की. बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि चुनाव आयोग किसी भी नेतृत्वक दल के दबाव में काम नहीं करता, बल्कि वह संविधान, नियम और कानून के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाता है. सवाल: नेतृत्वक दल लगातार SIR में गड़बड़ी के आरोप लगा रहे हैं. क्या इन आरोपों में कोई तथ्य है? के. रवि कुमार: SIR की प्रक्रिया अपने डिजाइन के अनुसार ट्रांसपेरेंट और पार्टिसिपेटिव है. हर स्तर पर नेतृत्वक दलों की भागीदारी रहती है. BLA-1 और BLA-2 के माध्यम से बैठकें होती हैं और सभी डाटा शेयर किया जाता है. जनता और मीडिया के साथ भी डाटा साझा किया जाता है. केवल आरोप लगाने से बात साबित नहीं होती. नेतृत्वक दलों से मेरा आग्रह है कि वे किसी गांव में 100 लोगों के नाम कटने जैसे आरोप लगाते हैं, तो उन 100 लोगों की सूची दें. हम प्रत्येक मामले का सत्यापन करेंगे. सवाल: क्या ऐसी कोई शिकायत आपके सामने आई है कि किसी गांव में 100 जीवित लोगों के नाम काट दिए गए? के. रवि कुमार: अभी तक ऐसी कोई विशिष्ट शिकायत सामने नहीं आई है. एक मामला सामने आया था, जिसमें एक व्यक्ति के नाम को लेकर शिकायत की गई थी कि वह जीवित है, लेकिन उसका नाम हटा दिया गया. जांच में पता चला कि उसका नाम दो जगह दर्ज था. एक जगह से नाम हटाया गया और दूसरी जगह ड्राफ्ट रोल में उसका नाम मौजूद था. अगर किसी कर्मचारी से गलती हुई है, तो उसे सुधारा जा सकता है. इसलिए बिना सबूत के बड़े आरोप लगाना उचित नहीं है. सवाल: आप नेतृत्वक दलों से किस तरह की शिकायत चाहते हैं? के. रवि कुमार: किसी भी नेतृत्वक दल का प्रतिनिधि आए और विशिष्ट आरोप लगाए. अगर कहा जाता है कि 100 जीवित लोगों के नाम काट दिए गए हैं, तो उन 100 लोगों की सूची दी जाए. हम सामने बैठकर उसका सत्यापन करेंगे. झारखंड में करीब 60 हजार लोग चुनाव प्रक्रिया में काम कर रहे हैं. सभी अपने स्तर पर ईमानदारी से काम कर रहे हैं. सवाल: क्या पात्र हिंदुस्तानीय नागरिकों का नाम वोटर लिस्ट से कट सकता है? के. रवि कुमार: पात्र हिंदुस्तानीय नागरिक का नाम नहीं कटेगा. SIR का उद्देश्य स्पष्ट है कि सभी पात्र हिंदुस्तानीय नागरिकों का नाम सूची में रहे और विदेशी नागरिकों के नाम हटाए जाएं. अगर कहीं गलती होती है, तो उसे बताइए. हम उसे सुधारने के लिए तैयार हैं. सवाल: फॉर्म-6 को लेकर विवाद क्यों है? क्या SIR में इसमें बदलाव किया गया है? के. रवि कुमार: फॉर्म-6 आज का नहीं है. इसका इस्तेमाल पहले से होता रहा है और आगे भी होता रहेगा. किसी पात्र हिंदुस्तानीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 का इस्तेमाल किया जाता है. झारखंड में अभी करीब सात लाख फॉर्म-6 के आवेदन आए हैं. सवाल: क्या SIR के दौरान फॉर्म-6 में कोई बड़ा बदलाव किया गया? के. रवि कुमार: फॉर्म-6 में कोई अमूलचूल बदलाव नहीं किया गया है. SIR के दौरान एक डिक्लेरेशन जोड़ा गया था. पहले भी फॉर्म-6 में आवेदक हिंदुस्तानीय नागरिक होने और संबंधित स्थान पर रहने की घोषणा करता था. इस डिक्लेरेशन के समर्थन में दस्तावेज मांगे गए थे. सवाल: समाचार थी कि जिन राज्यों में SIR पूरा हो गया, वहां फॉर्म-6 वापस ले लिया गया. क्या यह सही है? के. रवि कुमार: फॉर्म-6 वापस नहीं लिया जा सकता. रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के तहत यह प्रक्रिया पहले भी लागू थी और आगे भी लागू रहेगी. SIR के दौरान जो डिक्लेरेशन फॉर्म जोड़ा गया था, उसे हटाया गया है. फॉर्म-6 को नहीं हटाया गया. सवाल: झारखंड में SIR के बाद कितने मतदाता ASD श्रेणी में हैं? के. रवि कुमार: करीब 43.5 लाख मतदाता ASD श्रेणी में हैं. ASD का मतलब Absent, Shifted, Death और Duplicate जैसी श्रेणियों से है. इसमें कुछ अन्य मामले भी शामिल हैं. यह 2003 की सूची से सीधे जुड़ी श्रेणी नहीं है, बल्कि 2026 की वर्तमान मतदाता सूची के आधार पर बनी है. सवाल: 19 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होनी थी. क्या यह तारीख बरकरार रहेगी? के. रवि कुमार: झारखंड में सुनवाई की प्रक्रिया अभी जारी है. करीब 12 लाख फॉर्म अभी डिजिटाइज किए जाने बाकी हैं. नोटिस और वेरिफिकेशन का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हुआ है. इसलिए हमने समय बढ़ाने का अनुरोध किया है. अंतिम तारीख को लेकर फैसला आयोग स्तर पर होगा. मौजूदा वर्कलोड को देखते हुए 19 अक्टूबर की तारीख पर अंतिम सूची जारी होना संभव नहीं है. सवाल: विदेशी नागरिकों को लेकर क्या स्थिति सामने आई है? के. रवि कुमार: झारखंड में सत्यापन के दौरान चार विदेशी नागरिकों के मतदाता सूची में शामिल होने की कोशिश के मामले सामने आए हैं. इनमें बांग्लादेश, नेपाल, अफगानिस्तान और ईरान के नागरिकों के मामले बताए गए. संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार मतदाता सूची में केवल हिंदुस्तानीय नागरिक ही शामिल हो सकते हैं. विदेशी नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल करना चुनाव मशीनरी का काम नहीं है और ऐसे मामलों को रोकना उसकी जिम्मेदारी है. सवाल: क्या लोगों की शिकायतों पर भी सत्यापन किया जा रहा है? के. रवि कुमार: हां. जनता की ओर से शिकायत मिलने पर संबंधित चुनाव मशीनरी सत्यापन करती है. ERO और AERO स्तर पर जांच होती है. हिंदुस्तानीय नागरिकता और उम्र सहित जरूरी पात्रता देखी जाती है. इसके लिए निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर जांच की जाती है. सवाल: SIR को लेकर नेतृत्वक दबाव के बीच चुनाव अधिकारी कैसे काम कर रहे हैं? के. रवि कुमार: चुनाव प्रक्रिया संविधान, जनप्रतिनिधित्व कानून, रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स और चुनाव आयोग के निर्देशों के आधार पर चलती है. सभी चुनाव अधिकारी इन्हीं नियमों के अनुसार काम करते हैं. नेतृत्वक दलों के साथ नियमित बैठकें भी

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Maruti Suzuki की कारों पर ₹1.36 लाख तक की महाबचत, प्री-नवरात्रि बुकिंग ऑफर शुरू, जानें डिटेल्स

Maruti Suzuki October Offers 2026: फेस्टिव सीजन शुरू होते ही Maruti Suzuki ने अपनी Nexa रेंज की कारों पर ऑफर्स की घोषणा कर दी है. अक्टूबर 2026 में दिल्ली-NCR में Grand Vitara, Fronx, XL6, Jimny, Invicto और e Vitara जैसी कारों पर ग्राहकों को अलग-अलग फायदे मिल रहे हैं. ये ऑफर्स 1 अक्टूबर 2026 से लागू हैं. इसके अलावा चुनिंदा मॉडल पर प्री-नवरात्रि बुकिंग ऑफर भी दिया जा रहा है, जो 1 से 10 अक्टूबर तक लागू है. Grand Vitara पर सबसे बड़ा ऑफर Nexa की Grand Vitara पर इस महीने सबसे ज्यादा फायदा मिल रहा है. इसके Sigma पेट्रोल MT वेरिएंट पर 1.36 लाख रुपये तक का अधिकतम लाभ दिया जा रहा है. वहीं, Delta पेट्रोल MT/AT वेरिएंट पर 1.26 लाख रुपये तक का फायदा मिल सकता है. Zeta और Alpha MT/AT वेरिएंट पर 1.15 लाख रुपये तक का लाभ मिल रहा है. इसके साथ 5 साल की एक्सटेंडेड वारंटी भी दी जा रही है. AWD वेरिएंट पर भी 1.15 लाख रुपये तक का लाभ और 5 साल की एक्सटेंडेड वारंटी मिल रही है. ये भी पढ़ें: सितंबर में इन कंपनियों ने बेची सबसे ज्यादा कारें, टॉप-6 कंपनियों ने घेरा 92.5% हिस्सा, Mahindra का बड़ा उलटफेर, देखें टॉप-10 लिस्ट Grand Vitara Hybrid और CNG पर भी फायदा Grand Vitara के Strong Hybrid वेरिएंट पर 1.20 लाख रुपये तक का लाभ दिया जा रहा है. इसके साथ 5 साल की एक्सटेंडेड वारंटी और लागू होने पर रोड टैक्स बेनिफिट भी मिल सकता है. Strong Hybrid मॉडल पर लागू शर्तों के अनुसार 1.85 लाख रुपये तक का रोड टैक्स बेनिफिट भी मिल सकता है. CNG मॉडल की बात करें तो Delta CNG पर 1 लाख रुपये तक और Zeta CNG पर 90,000 रुपये तक का लाभ मिल रहा है. Fronx पर भी मिल रहा ऑफर Maruti Suzuki Fronx के अलग-अलग इंजन और वेरिएंट पर अलग-अलग ऑफर दिए गए हैं. 1.2 लीटर पेट्रोल: 22,100 रुपये तक Turbo पेट्रोल: 27,100 रुपये तक CNG: 15,000 रुपये तक Turbo-पेट्रोल वेरिएंट पर सबसे ज्यादा 27,100 रुपये तक का फायदा मिल रहा है. XL6 पर 61 हजार रुपये तक का फायदा Nexa की प्रीमियम MPV XL6 पर भी अक्टूबर में ऑफर दिया गया है. इसके पेट्रोल MT/AT वेरिएंट पर 61,000 रुपये तक का लाभ मिल रहा है. वहीं CNG वेरिएंट पर 50,000 रुपये तक का फायदा दिया जा रहा है. Invicto पर 95 हजार रुपये तक का लाभ Maruti Suzuki की प्रीमियम MPV Invicto के सभी वेरिएंट पर अक्टूबर में 95,000 रुपये तक का फायदा मिल रहा है. यह ऑफर अलग-अलग लागू योजनाओं के आधार पर बदल सकता है. Jimny पर सीधा 35 हजार रुपये का फायदा ऑफ-रोड SUV Jimny के सभी वेरिएंट पर 35,000 रुपये तक का लाभ दिया जा रहा है. इस मॉडल के सभी वेरिएंट के लिए ऑफर एक समान रखा गया है. e Vitara पर फ्री चार्जर और होम इंस्टॉलेशन Maruti Suzuki की इलेक्ट्रिक SUV e Vitara पर ऑफर का तरीका थोड़ा अलग है. इसके सभी वेरिएंट के साथ फ्री चार्जर और होम चार्जर इंस्टॉलेशन दिया जा रहा है. इसके अलावा लागू होने वाले दूसरे बेनिफिट भी ग्राहकों को मिल सकते हैं. किस कार पर कितना फायदा? मॉडल वेरिएंट अधिकतम लाभ Fronx 1.2L Petrol ₹22,100 Fronx Turbo ₹27,100 Fronx CNG ₹15,000 Grand Vitara Sigma Petrol MT ₹1.36 लाख Grand Vitara Delta Petrol MT/AT ₹1.26 लाख Grand Vitara Zeta/Alpha MT/AT ₹1.15 लाख + 5 साल EW Grand Vitara AWD ₹1.15 लाख + 5 साल EW Grand Vitara Strong Hybrid ₹1.20 लाख तक + 5 साल EW Grand Vitara Delta CNG ₹1 लाख Grand Vitara Zeta CNG ₹90,000 XL6 Petrol MT/AT ₹61,000 XL6 CNG ₹50,000 Jimny सभी वेरिएंट ₹35,000 e Vitara सभी वेरिएंट फ्री चार्जर + होम इंस्टॉलेशन Invicto सभी वेरिएंट ₹95,000 ध्यान रखें, पूरी रकम कैश डिस्काउंट नहीं यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है. कंपनी की ओर से बताए गए अधिकतम बेनिफिट का मतलब सीधे उतनी रकम की कैश छूट नहीं है. इन ऑफर्स में कई तरह के फायदे जोड़े गए हैं. इनमें कंज्यूमर ऑफर, एक्सचेंज बोनस, स्क्रैपेज बोनस, लॉयल्टी बोनस और कॉर्पोरेट ऑफर शामिल हो सकते हैं. एक्सचेंज और स्क्रैपेज में से एक का फायदा कंपनी के ऑफर के अनुसार ग्राहक एक्सचेंज या स्क्रैपेज बेनिफिट में से किसी एक का लाभ ले सकता है. वहीं, अपग्रेड लॉयल्टी बोनस को एक्सचेंज बोनस के साथ जोड़ा जा सकता है. यह पुराने Maruti Suzuki वाहन को अपग्रेड करने वाले ग्राहकों के लिए लागू है. इसलिए कार खरीदने से पहले डीलर से अपने पुराने वाहन, वेरिएंट और पात्रता के आधार पर फाइनल ऑफर की जानकारी जरूर लें. 1 से 10 अक्टूबर तक खास बुकिंग ऑफर फेस्टिव सीजन की शुरुआत को देखते हुए Maruti Suzuki ने 1 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2026 तक प्री-नवरात्रि बुकिंग ऑफर भी रखा है. हालांकि, यह ऑफर चुनिंदा मॉडल पर लागू है. इसलिए बुकिंग से पहले संबंधित Nexa डीलर से इसकी शर्तों की जानकारी लेना जरूरी है. ये भी पढ़ें: पेट्रोल का खर्च होगा आधा, ये हैं ₹20 लाख के अंदर 5 बेस्ट हाइब्रिड कारें; 28kmpl से ज्यादा का माइलेज, बैटरी अपने आप होगी चार्ज The post Maruti Suzuki की कारों पर ₹1.36 लाख तक की महाबचत, प्री-नवरात्रि बुकिंग ऑफर शुरू, जानें डिटेल्स appeared first on Naya Vichar.

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National Boyfriend Day: जब प्यार के लिए ‘माउंटेन मैन’ ने तोड़ दिया पहाड़, दशरथ मांझी से सीखें रिश्ते निभाने के मूल मंत्र

National Boyfriend Day: सालों से आपने वैलेंनटाइन डे, प्रपोज डे, प्रॉमिस डे को सेलिब्रेट किया होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि 3 अक्टूबर को नेशनल बॉयफ्रेंड डे मनाया जाता है. आज के दिन सोशल मीडिया कपल्स की खूबसूरत तस्वीरों, महंगे गिफ्ट्स और लंबे-चौड़े लव नोट्स से भरा रहता है. लेकिन क्या एक बेहतरीन पार्टनर होने का मतलब सिर्फ मूवी डेट, सरप्राइज गिफ्ट्स या सोशल मीडिया पर रिलेशनशिप फ्लॉन्ट करना है? अगर प्यार का मतलब सिर्फ इतना ही है, तो इतिहास के पन्नों में दर्ज ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी के डेडिकेशन को हम क्या नाम देंगे? जब पत्नी के प्यार में एक इंसान ने तोड़ दिया पहाड़ बिहार के गया के गहलौर गांव के रहने वाले दशरथ मांझी ने अपनी पत्नी की याद में एक ऐसा बार सेट कर दिया जिसे तोड़ना लगभग नामुमकिन है. दरअसल, पहाड़ की वजह से उनके गांव और आसपास के इलाकों के लोगों को अस्पताल तक पहुंचने के लिए काफी लंबा रास्ता तय करना पड़ता था और इस वजह से कई लोग अपने परिजनों से हमेशा के लिए दूर हो जाते थे. इसी वजह से मांझी की पत्नी को भी समय पर इलाज नहीं मिला था और उनकी मौत हो गई थी. उसके बाद मांझी ने पहाड़ काटकर रास्ता बनाने का फैसला किया. यही वजह है कि दशरथ मांझी की कहानी आज भी यह सवाल पूछती है कि आखिर किसी रिश्ते को निभाने के लिए हमारे भीतर कितना धैर्य होना चाहिए? इसी सवाल को आज के रिश्तों के संदर्भ में समझने के लिए हमने झारखंड के झालसा के एक्सपर्ट मेडिएटर निर्मल रंजन से बात की. मुश्किल वक्त में साथ खड़े रहना मांझी की कहानी हमें सिखाती है कि प्यार सिर्फ अच्छे पलों का साथी नहीं है. असली प्यार वह है जो सबसे गहरे संकट और मुश्किल वक्त में ढाल बनकर खड़ा रहे, और समाधान निकालने के लिए किसी भी हद तक चला जाए. कुल मिलाकर नेशनल बॉयफ्रेंड डे सिर्फ कपल्स की तस्वीरें शेयर करने या एक-दूसरे को गिफ्ट देने का दिन नहीं है. यह मौका है थोड़ा ठहरकर सोचने का कि हम अपने रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए क्या कर रहे हैं. यह भी पढ़ें: पार्टनर छोटी-छोटी बातों पर भड़क जाता है? बात बिगड़ने से पहले अपनाएं ये 5 तरीके, रिसर्च से जानें The post National Boyfriend Day: जब प्यार के लिए ‘माउंटेन मैन’ ने तोड़ दिया पहाड़, दशरथ मांझी से सीखें रिश्ते निभाने के मूल मंत्र appeared first on Naya Vichar.

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प्रभात खबर के ज्वलंत 6 सवाल : SIR में गड़बड़ी पर ज्ञानेश से ही क्यों मांग रहे इस्तीफा, अन्य चुनाव आयुक्तों से क्यों नहीं?

बिहार और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले ही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) का विरोध शुरू हो चुका था. बिहार चुनाव 2025 में कांग्रेस और बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस ने इस प्रक्रिया का सबसे मुखर विरोध किया. हालांकि, बाद में बंगाल के आंदोलन में कांग्रेस और वामदल भी कूदे, लेकिन तीनों दलों ने इस मुद्दे पर एक साथ कभी कोई बड़ा आंदोलन नहीं किया. सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर एसआईआर की पूरी प्रक्रिया में ही गड़बड़ी है, तो सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से ही इस्तीफे की मांग क्यों? सवालों के दायरे में ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग है, तो नेतृत्वक पार्टियां और प्रदर्शन करने वाले लोगों से भी सवाल जरूर पूछे जायेंगे. सबसे बड़ी मांग- ज्ञानेश का इस्तीफा, सीईसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई विवाद की शुरुआत हालांकि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद से ही शुरू हो गयी थी, लेकिन इसमें तेजी आयी बिहार और बंगाल चुनाव के बाद. बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद से तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस, वामदल समेत उनके तमाम सहयोगी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के खिलाफ हमलावर हैं. इनकी सबसे बड़ी मांग है- ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई. नेतृत्वक दलों का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर की प्रक्रिया में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) की मदद की. जबरन विपक्षी दलों के मतददाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिये गये, जिसका फायदा बिहार और बंगाल के चुनावों में भाजपा को मिला. दोनों राज्यों में भाजपा बड़े अंतर से जीती और सत्ता में आयी. ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई और दिल्ली में हुआ जोरदार प्रदर्शन. ये भी पढ़ें: CJP आंदोलन: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की लड़ाई या मतदाताओं के हक की बात? SIR से जुड़े 5 सवालों के जवाब जानना जरूरी सीजेपी और लेफ्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ फूंका विरोध का बिगुल इस बीच, एक नये नेतृत्वक दल कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंका है. मुंबई में जोरदार प्रदर्शन करने के बाद पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके ने ऐलान किया है कि अगर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 10 अक्टूबर को नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर वैसा ही आंदोलन होगा, जैसा नीट-यूजीसी की परीक्षा में गड़बड़ी के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर हुआ था. जब मुंबई में सीजेपी का प्रदर्शन चल रहा था, उससे पहले दिल्ली में लेफ्ट के स्टूडेंट विंग आइसा और अरविंद केजरीवाल की पार्टी आम आदमी पार्टी (AAP) ने देश की राजधानी में प्रदर्शन किया. यहां से 700 से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया. नयी दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन करते आइसा के कार्यकर्ता. फोटो : एएनआई एसआईआर विवाद पर नया विचार के 6 सवाल सीजेपी के आक्रामक अंदाज में आंदोलन और उसकी मांगों के आधार पर 6 ऐसे सवाल सामने हैं, जिनका जवाब सामने आना चाहिए. इनमें अधिकतर सवालों के जवाब इलेक्शन कमीशन को ही देने हैं. ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा हो या न हो, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो या नहीं, लेकिन इतना तय है कि जब तक आयोग से जुड़े सवालों का जवाब नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन का सिलसिला थमने वाला नहीं है. आयोग के साथ-साथ नेतृत्वक दलों और सीजेपी को भी कुछ सवालों के जवाब देने होंगे. सभी 6 सवालों की लिस्ट यहां पढ़ें. SIR पर इतना विवाद क्यों? क्या चुनाव आयोग के पास वोटर लिस्ट से हटाये गये एक-एक नाम का विवरण है? मतदाता सूची में गड़बड़ी का सवाल उठा है तो जिम्मेदारी किसकी- चुनाव आयोग (ECI) की, राज्य मशीनरी की या सिस्टम की? ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा मांगने की नौबत क्यों आयी? क्या आयोग की सफाई आंदोलन को रोकने के लिए काफी है? अगर SIR पूरी तरह पारदर्शी है, तो उसके हर चरण का डेटा सार्वजनिक करने में क्या दिक्कत है? CJP के सवालों का जवाब नेतृत्वक मंच से मिलेगा या चुनाव आयोग दस्तावेजों के साथ जवाब देगा? अगर SIR में गड़बड़ी हुई है, तो दोषी सिर्फ ज्ञानेश कुमार ही क्यों? बाकी के 2 चुनाव आयुक्तों के खिलाफ कार्रवाई की मांग क्यों नहीं? The post नया विचार के ज्वलंत 6 सवाल : SIR में गड़बड़ी पर ज्ञानेश से ही क्यों मांग रहे इस्तीफा, अन्य चुनाव आयुक्तों से क्यों नहीं? appeared first on Naya Vichar.

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धनबाद: फहीम खान के घर फायरिंग मामले में तीन को उम्रकैद, 22 साल बाद आया फैसला

धनबाद के चर्चित वासेपुर गोलीकांड में करीब 22 साल बाद अदालत का फैसला आया है. फहीम खान के घर पर गोली चलाने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पारस कुमार सिन्हा की अदालत ने मो शाहीद, मो शहादत हुसैन और तनवीर आलम को उम्रकैद की सजा सुनायी है. अदालत ने तीनों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. एके-47 से घर पर बरसायी थीं गोलियां मामला 29 जनवरी 2004 का है. वासेपुर के कमर मखदुमी रोड स्थित फहीम खान के घर को अपराधियों ने निशाना बनाया था. हमलावरों ने एके-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. अचानक हुई अंधाधुंध गोलीबारी से इलाके में अफरातफरी मच गयी थी. हमले के दौरान फहीम खान ने पड़ोसी की छत पर कूदकर अपनी जान बचायी थी. इस दौरान उनका पैर टूट गया था. गोलीबारी में उनके बॉडीगार्ड विनोद शर्मा, निवासी अरवल, बिहार की मौके पर ही मौत हो गयी थी. हमलावर शाहिद आलम को भी लगी थी गोली फायरिंग के दौरान हमलावरों में शामिल शाहिद आलम के पैर में भी गोली लगी थी. घटना के बाद अपराधी वहां से भागने लगे. पुलिस ने हमलावरों का पीछा किया. इसी दौरान सुल्तान नामक एक अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था. ये भी पढ़ें: BBMKU का दीक्षांत समारोह: 100 से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा गोल्ड मेडल, 9 अक्टूबर को होगा आयोजन 22 साल बाद तीन दोषियों को उम्रकैद करीब दो दशक से अधिक समय तक चले इस मामले में अब अदालत ने मो शाहीद, मो शहादत हुसैन और तनवीर आलम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पारस कुमार सिन्हा की अदालत ने तीनों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. चर्चित वारदात में शामिल रही है घटना वासेपुर में 2004 में हुई यह घटना उस दौर की चर्चित आपराधिक घटनाओं में शामिल रही है. गोलीबारी में फहीम खान बाल-बाल बचे थे, जबकि उनके बॉडीगार्ड विनोद शर्मा की मौत हो गयी थी. The post धनबाद: फहीम खान के घर फायरिंग मामले में तीन को उम्रकैद, 22 साल बाद आया फैसला appeared first on Naya Vichar.

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प्रभात पड़ताल: शराब कांड से चर्चा में आई नेहा झा की हत्या? जानिए क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई

Neha Jha Viral Video: समस्तीपुर जिले से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि नेहा झा की हत्या कर दी गई है. इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की भ्रामक चर्चाएं छिड़ी हुई हैं. हालांकि, ‘नया विचार’ की मल्टीमीडिया टीम ने जब इस वायरल दावे की जांच की, तो सच कुछ और ही निकला. हमारी पड़ताल में हत्या से जुड़ा यह वीडियो पूरी तरह से गलत, फर्जी और मनगढ़ंत साबित हुआ है. Fact check: ‘प्रभात पड़ताल’ में सामने आया सच वायरल दावे का सच जानने के लिए ‘प्रभात पड़ताल’ की टीम ने सीधे नेहा झा से संपर्क किया. नया विचार से बातचीत के दौरान नेहा झा ने स्पष्ट किया कि उनके बारे में सोशल मीडिया पर लगातार झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं. उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की जांच विशेष जांच टीम (SIT) कर रही है. इसके बावजूद कुछ असामाजिक तत्व उनके नाम का सहारा लेकर फर्जी समाचारें चला रहे हैं. शराब तस्करी में गिरफ्तार नेहा झा | सोर्स- सोशल मीडिया जानिए क्या है पूरा मामला और कानूनी स्थिति? समस्तीपुर जंक्शन पर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट कोच से 75 लीटर विदेशी शराब बरामदगी मामले में नेहा झा गिरफ्तार किया गया था और केस की जांच एसआईटी को सौंपी गई थी. अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद तथ्यों के आधार पर नेहा झा को जमानत दे दी थी. वर्तमान में वह कानूनी प्रक्रिया के तहत जमानत पर बाहर हैं और मामले की जांच जारी है. समस्तीपुर SP ने क्या कहा? समस्तीपुर के SP पंकज कुमार देव ने इस मामले पर रुख साफ करते हुए कहा कि अदालत से राहत मिलने और पुलिस जांच जारी रहने के बीच किसी की हत्या की फर्जी समाचार या वीडियो वायरल करना संगीन अपराध है. उन्होंने बताया कि प्रशासन ऐसे भ्रामक कंटेंट फैलाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स और हैंडल्स पर कड़ी नजर रख रहा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. यह भी पढ़ें… मुजफ्फरपुर की लीची प्रेमियों के लिए खुशसमाचारी: क्या आप जानते हैं नए बाग लगाने पर प्रशासन दे रही है इतना बड़ा फायदा? The post प्रभात पड़ताल: शराब कांड से चर्चा में आई नेहा झा की हत्या? जानिए क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

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पायलट स्मित मच्छार पर अल-हमामी ने किया था कुल्हाड़ी से हमला, जानें ओमान के ‘रेड फ्लैग’ वाले को-पायलट का पूरा करियर ट्रैक

Flydubai: फ्लाईदुबई की उड़ान में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी सह-पायलट हमाम अल-हमामी की पुरानी नौकरियों और पृष्ठभूमि ने जांच को नया मोड़ दे दिया है. अलग-अलग रिपोर्टों में उसके करियर के दौरान कई संदिग्ध संकेत सामने आने का दावा किया गया है. इसके बाद अब उसकी भर्ती और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. ओमान एयर में पायलट प्रशिक्षण से शुरू हुआ करियर रिपोर्टों के मुताबिक, हमाम अल-हमामी ने अपने विमानन करियर की शुरुआत ओमान एयर से की थी. वह करीब सात साल तक इस एयरलाइन से जुड़ा रहा. सीबीएस न्यूज ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि प्रशिक्षण के दौरान ओमान प्रशासन की निगरानी में उसके कट्टरपंथी वेबसाइट देखने की जानकारी सामने आई थी. इसके बाद ओमान एयर ने उसे सक्रिय उड़ान ड्यूटी से हटाकर कार्यालय के काम में लगा दिया था. उड़ान से हटने के बाद छोड़ी ओमान एयर रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान ड्यूटी से हटाए जाने के बाद अल-हमामी ने ओमान एयर छोड़ दी. एक रिपोर्ट में उसके करीब 2024 में इस्तीफा देने की बात कही गई है, जबकि उसके नाम से जुड़े लिंक्डइन प्रोफाइल में ओमान एयर में नौकरी फरवरी 2025 तक दिखाई गई थी. अलग-अलग रिपोर्टों में सामने आई यह अलग समयसीमा भी जांच के दौरान अहम हो सकती है. सीरिया कनेक्शन और कट्टर विचारों को लेकर सवाल अल अरबिया इंग्लिश ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि अल-हमामी को ओमान में पहले भी उड़ान भरने से रोका गया था. इसकी वजह उसके कथित चरमपंथी विचारों (कट्टर विचारधारा) को लेकर चिंता बताई गई. रिपोर्ट में दावा किया गया कि इन विचारों पर उसके पहले सीरिया में रहने का असर पड़ा था. सूत्रों के मुताबिक, उसकी मां सीरियाई मूल की हैं और पिता ओमानी हैं. हालांकि ओमान प्रशासन ने उसकी नागरिकता और पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़ी इन जानकारियों की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है. इसके बाद रॉयल एयर मारोक में मिली नौकरी सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान एयर छोड़ने के बाद अल-हमामी ने मोरक्को की राष्ट्रीय विमानन कंपनी रॉयल एयर मारोक में भी काम किया. उसके लिंक्डइन प्रोफाइल में जून 2025 से जनवरी 2026 तक वहां नौकरी करने का जिक्र था. सबसे अहम बात यह है कि उसी लिंक्डइन प्रोफाइल पर फ्लाईदुबई में नौकरी का कोई उल्लेख नहीं था. वहीं एक इजराइली अधिकारी के हवाले से सीएनएन ने बताया कि घटना से पहले वह करीब आठ महीने से फ्लाईदुबई के साथ काम कर रहा था. फ्लाईदुबई में कैसे हुई भर्ती? अब सबसे बड़ा सवाल उसकी फ्लाईदुबई में नियुक्ति को लेकर उठ रहा है. सीबीएस न्यूज ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि दुबई जाने के बाद अल-हमामी को फ्लाईदुबई ने नौकरी दी, लेकिन उसकी नियुक्ति से पहले ओमानी अधिकारियों के जरिए कोई औपचारिक पृष्ठभूमि सत्यापन नहीं किया गया था. अगर यह दावा सही साबित होता है, तो पायलटों की भर्ती और विमानन सुरक्षा जांच की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं. इजराइली विमान का वीडियो और अल-कायदा नेताओं की तस्वीरें जांच में आरोपी की सोशल मीडिया और लिंक्डइन गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है. सीएनएन के मुताबिक, घटना के करीब नौ घंटे बाद उसके लिंक्डइन खाते पर दो पोस्ट दिखाई दिए. एक पोस्ट में बोइंग 737 मैक्स के कॉकपिट का वीडियो था. सीएनएन के मुताबिक, वीडियो को दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का बताया गया और उसमें इजराइली विमानन कंपनी एल अल के विमान पर कैमरा जूम करता दिखाई दिया. वीडियो के आखिर में अल-कायदा नेता अयमान अल-जवाहिरी और 2009 के आत्मघाती हमले से जुड़े हुमाम खलील अबू-मुलाल अल-बलावी की तस्वीरें दिखाई गईं. हालांकि यह साफ नहीं है कि ये पोस्ट खुद अल-हमामी ने किए थे या पहले से तय समय पर अपने आप प्रकाशित हुए. हमले के बाद क्यों अहम हो गया पुराना रिकॉर्ड? 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में अल-हमामी पर कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने का आरोप है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह हमला विमान को जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश थी. संघर्ष के दौरान विमान करीब दो मिनट में लगभग 16,000 फीट नीचे आ गया. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे. इसके बाद चालक दल और यात्रियों ने आरोपी को काबू किया. दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी विमान को संभालने में मदद की. सऊदी अरब में हुई आपात लैंडिंग हालात काबू में आने के बाद विमान को सऊदी अरब के ताबूक की ओर मोड़ा गया. वहां विमान की सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई और सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकल गए. अब जांच का दायरा सिर्फ हमले तक सीमित नहीं है. आरोपी के पुराने करियर रिकॉर्ड, उड़ान से हटाए जाने की रिपोर्ट, कट्टरपंथी वेबसाइट देखने के संकेत, रॉयल एयर मारोक में नौकरी और फिर फ्लाईदुबई में नियुक्ति- इन सभी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है. Also Read: Video: पीएम मोदी से बातचीत में भावुक हुए Flydubai के कैप्टन स्मित, कहा- आप मेरे आदर्श हैं The post पायलट स्मित मच्छार पर अल-हमामी ने किया था कुल्हाड़ी से हमला, जानें ओमान के ‘रेड फ्लैग’ वाले को-पायलट का पूरा करियर ट्रैक appeared first on Naya Vichar.

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जंतर-मंतर पर साथियों को छुड़ाने पुलिस बस के आगे डटी युवती, वायरल वीडियो में रिया अहीर से हो रही तुलना

Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बीच एक युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में युवती प्रदर्शनकारियों को लेकर जा रही एक बस के सामने खड़ी दिखाई देती है. उसने अपने साथियों को डिटेन कर ले जा रही बस के बोनट पर हाथ रखकर रास्ता रोक दिया. इसके बाद वह वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से डिटेन किए गए लोगों को छोड़ने की मांग करने लगी. कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर इस लड़की की तुलना मुंबई की रिया अहीर से होने लगी. वही, रिया जो कुछ महीने पहले छात्र आंदोलन के दौरान कोहिनूर स्क्वायर पर पुलिस वाहन के सामने खड़ी होकर चर्चा में आई थीं. बस के सामने खड़ी रही युवती 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में नेताओं, कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. इसी दौरान एक बस में हिरासत में लिए गए लोगों को ले जाया जा रहा था. तभी एक युवती बस के सामने आकर खड़ी हो गई. वीडियो में पुलिसकर्मी उसे हटने के लिए कहते नजर आए, लेकिन वह वहां से नहीं हटी. आसपास मौजूद दूसरे प्रदर्शनकारी भी उसके समर्थन में खड़े दिखाई दिए. युवती की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं हुई है. सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रिया वीडियो वायरल होने के बाद कुछ यूजर्स ने युवती की हिम्मत की तारीफ की और इसे जेन जेड के विरोध का नया चेहरा बताया. वहीं कुछ लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को दिखावा या प्रचार पाने की कोशिश करार दिया. कुछ यूजर्स ने लिखा कि रिया अहीर का पुलिस वाहन रोकना अचानक हुआ था, जबकि दिल्ली का यह दृश्य पहले से तैयार किया हुआ लगता है. कुछ लोगों ने इसे सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश भी बताया. क्यों याद आई रिया अहीर? दिल्ली की इस घटना ने जुलाई में मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए छात्र प्रदर्शन की याद दिला दी. उस दौरान बारिश में भीगी एक युवती पुलिस वैन के सामने खड़ी हो गई थी, जिसमें हिरासत में लिए गए छात्र बैठे थे. बाद में उस युवती की पहचान रिया अहीर के रूप में हुई. वह मुंबई की थिएटर कलाकार और मॉडल बताई गईं. प्रदर्शन के बाद उनकी तस्वीर और वीडियो तेजी से वायरल हुए और वह टीवी बहसों से लेकर नेतृत्वक कार्यक्रमों तक चर्चा में रहीं. जंतर-मंतर पर क्यों हुआ प्रदर्शन? शुक्रवार को जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठा रहे थे. प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया. इसी हंगामे के बीच बस के सामने खड़ी युवती का वीडियो पूरे प्रदर्शन की सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली तस्वीरों में शामिल हो गया. ‘दिल्ली को मिल गई अपनी रिया अहीर?’ सोशल मीडिया पर अब यही सवाल चर्चा में है कि क्या जंतर-मंतर की यह युवती दिल्ली के प्रदर्शन की नई प्रतीकात्मक तस्वीर बन जाएगी, ठीक वैसे ही जैसे मुंबई में रिया अहीर की तस्वीर छात्र आंदोलन से जुड़ गई थी. Also Read: ‘हिरासत में लिया, देर रात सुनसान जगह पर छोड़ा’, दिल्ली पुलिस पर छात्रा ने लगाया आरोप The post जंतर-मंतर पर साथियों को छुड़ाने पुलिस बस के आगे डटी युवती, वायरल वीडियो में रिया अहीर से हो रही तुलना appeared first on Naya Vichar.

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