Hot News

ताजा ख़बर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

डोनाल्ड ट्रंप का दावा, होर्मुज में अमेरिकी नौसेना ने खड़ी की स्टील की दीवार; कहा- तेहरान कुछ नहीं कर सकता

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण है. मुझे लगता है कि हम इसे बनाए रखेंगे! हमारी नौसैनिक नाकेबंदी को हर कोई स्टील की दीवार कह रहा है और ईरान इसके बारे में कुछ नहीं कर सकता.” ट्रंप ने अपने संदेश का अंत “Praise be to Allah लिखकर किया. उन्होंने लिखा, “ईरान के पास केवल फर्जी समाचारें और 300% मुद्रास्फीति है, जो लगातार बदतर हो रही है. ईरान केवल बातें करता है, कार्रवाई नहीं करता. अब वह मध्य पूर्व का दबंग नहीं रहा.” ईरान ने होर्मुज बंद करने की दी है धमकी तेहरान ने बार-बार चेतावनी दी थी कि यदि ईरान पर बाहरी दबाव जारी रहा तो वह होर्मुज स्ट्रेट से व्यापार को प्रतिबंधित कर सकता है. जवाब में, वाशिंगटन ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी बड़ी नौसैनिक उपस्थिति तैनात कर दी है और कहा है कि नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है. कूटनीतिक बातचीत के बीच बढ़ा तनाव डोनाल्ड ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है जब वाशिंगटन और तेहरान के प्रतिनिधि अप्रत्यक्ष कूटनीतिक बातचीत में शामिल हैं, ताकि होर्मुज संकट को कम किया जा सके और सामान्य समुद्री आवाजाही फिर से शुरू हो सके. तेहरान ने अमेरिका द्वारा 28 फरवरी को शुरू किए गए युद्ध और आर्थिक प्रतिबंधों से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग की है, जिसे ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया है. इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंधों की चेतावनी भी दी है. ये भी पढ़ें: ट्रंप तीसरी बार बन सकते हैं राष्ट्रपति? जानिए क्या है सबसे बड़ी बाधा The post डोनाल्ड ट्रंप का दावा, होर्मुज में अमेरिकी नौसेना ने खड़ी की स्टील की दीवार; कहा- तेहरान कुछ नहीं कर सकता appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सीएम सम्राट चौधरी ने अचानक बुलाई BJP मंत्रियों की बैठक, आवास पर चल रहा अहम मंथन

Samrat Choudhary: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के मंत्रियों की अहम बैठक बुलाई है. मुख्यमंत्री आवास पर चल रही इस बैठक को लेकर प्रदेश की सियासत में चर्चाएं तेज हो गयी हैं. बैठक में प्रशासन और संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मंथन होने की संभावना है. मुख्यमंत्री आवास पर BJP मंत्रियों की बैठक मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने आवास पर भाजपा कोटे के मंत्रियों की बैठक बुलाई है. बैठक में प्रशासन के कामकाज, आगामी योजनाओं और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. हालांकि, बैठक के एजेंडे को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आयी है. कैबिनेट बैठक के बाद बढ़ी नेतृत्वक हलचल बिहार में बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक भी हुई. कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी. इसके बाद भाजपा के मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री की अलग बैठक को काफी अहम माना जा रहा है. प्रशासन के कामकाज पर हो सकता है मंथन मुख्यमंत्री आवास पर हो रही बैठक में प्रशासन की प्राथमिकताओं और विभागों के कामकाज की समीक्षा की जा सकती है. इसके अलावा विभिन्न प्रशासनी योजनाओं के क्रियान्वयन, जनता से जुड़े मुद्दों और विभागीय समन्वय को लेकर भी मंत्रियों से चर्चा होने की संभावना है. संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की संभावना बैठक को पार्टी संगठन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. भाजपा के मंत्रियों से प्रशासन के साथ-साथ संगठन से जुड़े विषयों पर भी फीडबैक लिया जा सकता है. हालांकि, बैठक में किसी बड़े फैसले को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आयी है. बैठक खत्म होने के बाद साफ होगी तस्वीर फिलहाल मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा मंत्रियों की बैठक चल रही है. बैठक समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किन मुद्दों पर मंत्रियों के साथ चर्चा की और क्या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. इसे भी पढ़ें: मंत्रियों के काफिले संग थावे पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मां सिंहासनी के चरणों में टेका माथा, अधिकारियों को दिए खास निर्देश The post सीएम सम्राट चौधरी ने अचानक बुलाई BJP मंत्रियों की बैठक, आवास पर चल रहा अहम मंथन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Surya Grahan 2026 Live Telecast: दुनिया में कहीं से भी आज का सूर्य ग्रहण ऑनलाइन कैसे देखें?

अंतरिक्ष और खगोल विज्ञान में दिलचस्पी रखने वालों के लिए आज का दिन बेहद खास है. पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध के एक बड़े हिस्से में आज, यानी 12 अगस्त 2026 को इस दशक का सबसे अद्भूत और दुर्लभ पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने को मिल रहा है. ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन के कुछ हिस्सों में चंद्रमा, सूर्य को पूरी तरह से ढक लेगा, जिससे कुछ समय के लिए दिन में ही अंधेरा छा जाएगा. वहीं ब्रिटेन और शेष यूरोप के साथ-साथ उत्तर अमेरिका के कई इलाकों में आंशिक सूर्य ग्रहण का नजारा दिखाई देगा. हालांकि, हिंदुस्तान में यह खगोलीय घटना दिखाई नहीं देगी क्योंकि यह समय हिंदुस्तानीय समयानुसार रात का होगा. लेकिन आधुनिक तकनीक और लाइव टेलीकास्ट की बदौलत दुनिया के किसी भी कोने में बैठा व्यक्ति इस अद्भुत नजारे का गवाह बन सकता है. नासा और यूरोपीय स्पेस एजेंसी की हाई-टेक लाइव कवरेज अगर आप ग्रहण के पूर्ण चरण यानी ‘पाथ ऑफ टोटैलिटी’ के खूबसूरत नजारों का दीदार करना चाहते हैं, तो अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) की आधिकारिक लाइव स्ट्रीम सबसे बेहतरीन जरिया है. नासा अपने हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों, रिसर्च गुब्बारों और विशेष विमानों से लाइव फीड प्रसारित कर रहा है, जिसके साथ वैज्ञानिक सूर्य और ग्रहण के रहस्यों पर भी चर्चा करेंगे. इसके अलावा यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) स्पेन के जावा लांब्रे एस्ट्रोफिजिकल ऑब्जर्वेटरी से सीधा प्रसारण कर रही है. इसमें प्रसिद्ध खगोलविदों के साथ अंतरिक्ष वैज्ञानिक इस दुर्लभ घटना के पीछे के विज्ञान को बेहद सरल भाषा में समझाएंगे. लंदन और यूरोप के ऐतिहासिक वेधशालाओं से प्रसारण ब्रिटेन के प्रतिष्ठित ‘रॉयल ऑब्जर्वेटरी ग्रीनविच’ द्वारा लंदन के आसमान में दिखने वाले आंशिक सूर्य ग्रहण का लाइव प्रसारण किया जा रहा है. यदि आप यूरोप के विभिन्न हिस्सों से आंशिक और पूर्ण ग्रहण का सीधा नजारा देखना चाहते हैं, तो ‘वर्चुअल टेलिस्कोप प्रोजेक्ट’ की टीम स्पेन और इटली के अलग-अलग टेलिस्कोप से सीधे विजुअल्स पेश कर रही है. स्कॉटलैंड की ‘एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी ऑफ एडिनबर्ग’ भी शौकिया खगोलविदों के साथ मिलकर लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए दर्शकों को यह अद्भुत नजारा दिखा रही है. घर बैठे हर सेकंड की सटीक अपडेट पाने के विश्वसनीय प्लैटफॉर्म अंतरिक्ष प्रेमियों के बीच लोकप्रिय वेबसाइट ‘टाइम एंड डेट’ (Time and Date) इस पूरी खगोलीय घटना का लाइव प्रसारण अपने विशेष सेटअप के साथ कर रही है. यहां यूजर न केवल लाइव वीडियो देख सकते हैं, बल्कि विभिन्न शहरों के हिसाब से ग्रहण के शुरू होने, चरम पर पहुंचने और समाप्त होने का सटीक समय भी लाइव मैप पर ट्रैक कर सकते हैं. इन सभी प्लैटफॉर्म्स के यूट्यूब चैनलों और आधिकारिक वेबसाइटों के जरिए आप अपने मोबाइल या टीवी पर बिना किसी विशेष चश्मे या उपकरण के सुरक्षित रूप से सूर्य ग्रहण का मजा ले सकते हैं. इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्क्रीन एक्सपीरियंस का रखें ध्यान डिजिटल माध्यम से इस घटना को देखने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको आंखों की सुरक्षा को लेकर कोई चिंता नहीं करनी पड़ती, जो कि सीधे सूर्य को देखने पर अनिवार्य होती है. बेहतर अनुभव के लिए अपने डिवाइस में तेज इंटरनेट स्पीड सुनिश्चित करें ताकि 4K या हाई-डेफिनिशन लाइव फीड बिना किसी रुकावट के चल सके. दुनिया भर की शीर्ष वैज्ञानिक संस्थाओं के इस डिजिटल प्रयास ने भौगोलिक सीमाओं को खत्म कर दिया है, जिससे अरबों लोग एक साथ इस अद्वितीय प्राकृतिक घटना का हिस्सा बन रहे हैं. ये भी पढ़ें: 5G डेटा इतनी तेजी से क्यों खत्म हो रहा है? अपने फोन का बैकग्राउंड डेटा और बैटरी ड्रेन ऐसे करें फिक्स ये भी पढ़ें: AI से म्यूजिक बनाना हुआ आसान! इन टूल्स से तैयार करें गाने, लेकिन पहले समझ लें कॉपीराइट का पूरा नियम The post Surya Grahan 2026 Live Telecast: दुनिया में कहीं से भी आज का सूर्य ग्रहण ऑनलाइन कैसे देखें? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Solar Eclipse 2026 : वैज्ञानिकों के लिए क्यों खास है पूर्ण सूर्य ग्रहण? जानें इस दौरान वे क्या देखते हैं

12 अगस्त 2026 को दुनिया के कुछ हिस्सों में दिन का उजाले से अचानक अंधेरे में बदलता दिखाई देगा. उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी स्पेन और पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से में लोग पूर्ण सूर्य ग्रहण यानी टोटल सोलर एक्लिप्स देख सकेंगे. यूरोप के दूसरे हिस्सों में भी आंशिक ग्रहण दिखाई देगा लेकिन हिंदुस्तान में यह ग्रहण नजर नहीं आएगा. वैज्ञानिकों के लिए इस खगोलीय घटना की अहमियत सिर्फ इसे देखने तक सीमित नहीं है. कुछ मिनटों के लिए चंद्रमा जब सूर्य को पूरी तरह से ढक देता है, तो सूर्य का वो हिस्सा दिखाई देता है जिसे सामान्य परिस्थितियों में देखना बेहद ही मुश्किल है. इस लेख में हम समझेंगे कि सूर्य ग्रहण के दौरान वैज्ञानिकों को ऐसा क्या दिखता है, जो सामान्य दिनों में दिखाई नहीं देता है? पहले समझिए सूर्य ग्रहण क्या होता है? सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है. चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है और जिन इलाकों में यह छाया पहुंचती है, वहां से सूर्य का कुछ या पूरा हिस्सा ढका हुआ दिखाई देता है. अगर चंद्रमा सूर्य की पूरी तरह ढक ले, तो इसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहते हैं. जिस संकरे क्षेत्र में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढकता है, उसे पाथ ऑफ टोटैलिटी कहा जाता है. इसके बाहर के इलाके में लोगों को आंशिक ग्रहण दिखाई देता है सूर्य ग्रहण अमावस्या को लगता है. हालांकि इसके साथ एक सवाल ये भी है कि अमावस्या तो हर महीने आती है, फिर हर महीने सूर्य ग्रहण क्यों नहीं होता? आसान भाषा कहें तो इसकी वजह चंद्रमा की कक्षा है. चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर जिस तल में घूमता है, वह पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर कक्षा के तल से करीब 5 डिग्री झुका हुआ है. इसलिए ज्यादातर अमावस्या पर चंद्रमा की छाया पृथ्वी के ऊपर या नीचे से निकल जाती है. जब अमावस्या के दौरान चंद्रमा अपनी कक्षा के उन खास बिंदुओं के पास होता है जहां दोनों कक्षाओं के तल एक-दूसरे को काटते हैं, तभी सूर्य ग्रहण की स्थिति बनती है. ये भी पढ़ें: अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस : देश में युवाओं के सामने रोजगार और शिक्षा का संकट, हैरान करने वाले हैं ये आंकड़े पूर्ण सूर्य ग्रहण वैज्ञानिकों के लिए इतना खास क्यों? सूर्य सिर्फ वह चमकीला गोला नहीं है जिसे हम दिन में देखते हैं, उसके चारों ओर बेहद गर्म और वायुमंडलीय परत फैला हुआ है, जिसे कोरोना कहा जाता है. कोरोना सूर्य की सबसे बाहरी वायुमंडलीय परत है. इसमें प्लाज्मा और शक्तिशाली चुंबकीय संरचनाएं मौजूद होती हैं. यहीं से निकलने वाली कई प्रक्रियाएं अंतरिक्ष के मौसम को प्रभावित करती हैं. समस्या यह है कि कोरोना बेहद धुंधला है, सूर्य की चमकीली डिस्क के सामने उसकी रोशनी दब जाती है. वैज्ञानिक इसे देखने के लिए कोरोनाग्राफ जैसे उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं, जो सूर्य की चमकीली डिस्क को कृत्रिम रूप से ढक देते हैं. लेकिन उपकरणों के अंदर मौजूद बिखरी हुई रोशनी (scattered light) कई बार सूर्य के बेहद अंदरूनी कोरोना को साफ देखने में बाधा बनती है. चंद्रमा बन जाता है प्राकृतिक कोरोनाग्राफ पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य की चमकीली डिस्क को लगभग पूरी तरह ढक देता है, इसके चारों ओर कोरोना एक हल्के, चमकीले प्रभामंडल (nimbus) की तरह दिखाई देने लगता है. यानी जिस काम के लिए वैज्ञानिक सामान्य दिनों में उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं, वह काम ग्रहण के दौरान प्रकृति खुद कर देती है. जानकार बताते हैं कि सूर्य की चमकीली डिस्क के छिपने पर कोरोना की कमजोर रोशनी और उसकी संरचनाएं ज्यादा स्पष्ट दिखाई देती है. इससे वैज्ञानिक सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र की बड़ी संरचनाओं को समझने की कोशिश कर सकते हैं. कोरोना को समझना इतना जरूरी क्यों है? सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र लगातार बदलता रहता है. इसके कारण ही सूर्य पर solar flares और coronal mass ejections (CMEs) जैसी घटनाएं होती हैं. इनसे अंतरिक्ष में भारी मात्रा में ऊर्जा और आवेशित कण फैल सकते हैं. जब ऐसी गतिविधियां पृथ्वी की दिशा में आती हैं, तो वे space weather को प्रभावित कर सकती हैं. इसका असर उपग्रहों, रेडियो संचार, नेविगेशन सिस्टम और GPS जैसी तकनीकों पर पड़ सकता है. बड़े सौर तूफानों की स्थिति में पृथ्वी पर मौजूद तकनीकी ढांचे के लिए भी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं. इसलिए कोरोना को समझना सिर्फ सूर्य के बारे में ज्ञान बढ़ाने का सवाल नहीं है. यह आधुनिक तकनीकी दुनिया के लिए भी महत्वपूर्ण है. इस बार वैज्ञानिक क्या देखने की उम्मीद कर रहे हैं? 12 अगस्त के ग्रहण को लेकर हिंदुस्तानीय वैज्ञानिकों की भी खास दिलचस्पी है. Centre of Excellence in Space Sciences India (CESSI), IISER-Kolkata से जुड़े शोधकर्ताओं ने सूर्य के कोरोना में बड़े पैमाने की streamers जैसी संरचनाओं के दिखाई देने की संभावना का अध्ययन किया है. ये संरचनाएं कोरोना में मौजूद बड़े चुंबकीय ढांचों से जुड़ी होती हैं और ग्रहण के दौरान अपेक्षाकृत स्पष्ट दिखाई दे सकती हैं. वैज्ञानिकों के लिए ऐसी तस्वीरें इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र को सीधे आंखों से देखना संभव नहीं है. कोरोना की संरचनाओं को देखकर उसके चुंबकीय विन्यास के बारे में अप्रत्यक्ष जानकारी हासिल की जा सकती है. ये भी पढ़ें: क्या अमेरिका ने कारगिल युद्ध में हिंदुस्तान का जीपीएस बिगाड़ दिया था? जानिए इस दावे की सच्चाई सूर्य की 11 साल की कहानी भी इसमें शामिल है सूर्य की गतिविधि स्थिर नहीं रहती. वह लगभग 11 साल के एक चक्र से गुजरता है, जिसमें सूर्य की गतिविधियां बढ़ती और घटती हैं. इस दौरान सनस्पॉट, फ्लेयर और अन्य घटनाओं की संख्या में बदलाव होता है. मौजूदा सौर चक्र 2020 के आसपास शुरू हुआ था और सूर्य अपनी अधिकतम सक्रियता के दौर से गुजर चुका है. ऐसे समय में कोरोना में कई जटिल संरचनाएं देखने को मिल सकती हैं. इसलिए इस ग्रहण से मिलने वाले अवलोकन वैज्ञानिकों के लिए खास उपयोगी हो सकते हैं. हिंदुस्तान में नहीं दिखेगा ग्रहण, फिर भी इसका महत्व क्यों है? 12 अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण हिंदुस्तान से दिखाई नहीं देगा. लेकिन इसका वैज्ञानिक महत्व सीमाओं से बंधा नहीं है. दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लिए गए जमीन आधारित अवलोकन, अंतरिक्ष अभियानों से मिलने वाले आंकड़े और लंबे समय से

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पाकिस्तान दौरे पर क्लिंटन की सुरक्षा का 26 साल पुराना राज खुला, पत्रकार ने बताया कैसे रचा गया था डमी विमान का खेल

Bill Clinton Pakistan Visit : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के साल 2000 के पाकिस्तान दौरे से जुड़ा एक बेहद गोपनीय सुरक्षा ऑपरेशन 26 साल बाद सामने आया है. व्हाइट हाउस की वरिष्ठ पत्रकार रही सुसान पेज ने खुलासा किया है कि क्लिंटन के पाकिस्तान दौरे के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए एक डिकॉय विमान का इस्तेमाल किया गया था. खास बात यह है कि उस समय पत्रकारों को इस योजना के बारे में पहले ही गोपनीय ब्रीफिंग दी गई थी. पाकिस्तान जाने से पहले पत्रकार को दी गई थी गुप्त जानकारी द वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, मार्च 2000 में क्लिंटन के हिंदुस्तान से पाकिस्तान रवाना होने से पहले प्रशासन ने तत्कालीन व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन की प्रमुख सुसान पेज को ऑफ-द-रिकॉर्ड ब्रीफिंग के लिए बुलाया था. अधिकारियों ने उन्हें बताया था कि पाकिस्तान की उड़ान बेहद जोखिम भरी है और राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए कई असाधारण इंतजाम किए जा रहे हैं. इनमें एक डिकॉय प्लेन का इस्तेमाल भी शामिल था. पेज के मुताबिक, उस समय खतरा सिर्फ राष्ट्रपति तक सीमित नहीं था, बल्कि उनके साथ यात्रा कर रहे पत्रकार भी जोखिम में थे. कैमरों के सामने उतरा एक विमान, क्लिंटन दूसरे से निकले इस सुरक्षा ऑपरेशन का सबसे दिलचस्प हिस्सा तब सामने आया, जब मार्च 2000 में इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर कैमरों के सामने Air Force One के निशान वाला एक विमान उतरा. एक सीक्रेट सर्विस अधिकारी, जो देखने में क्लिंटन जैसे लगते थे, पहले विमान से बाहर निकले. इसके कुछ ही देर बाद एक बिना किसी खास पहचान वाला दूसरा विमान वहां पहुंचा. इसी विमान से असल में राष्ट्रपति बिल क्लिंटन बाहर निकले. इस तरह संभावित हमलावरों को राष्ट्रपति के वास्तविक विमान और उनकी लोकेशन को लेकर भ्रमित किया गया. 26 साल बाद क्यों खोला राज? सुसान पेज ने बताया कि उन्होंने इतने वर्षों तक इस घटना के बारे में बात नहीं की, क्योंकि उस समय उन्हें दी गई जानकारी ऑफ-द-रिकॉर्ड थी. लेकिन अब 26 साल से ज्यादा समय बीत चुका है और क्लिंटन के पाकिस्तान पहुंचते ही डिकॉय ऑपरेशन का सच सामने आ गया था, इसलिए उन्होंने इस घटना के बारे में बताना उचित समझा. ट्रंप के विमान बदलने की घटना से फिर चर्चा में आया मामला क्लिंटन का यह पुराना सुरक्षा ऑपरेशन उस समय चर्चा में आया है, जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर भी इसी तरह के विमान बदलने की समाचार सामने आई. द वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, पिछले महीने तुर्किये से रवाना होते समय ट्रंप ने कथित तौर पर एक विश्वसनीय ईरानी खतरे के चलते विमान बदल लिया था. रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप को एयरपोर्ट के एक कैटरिंग ट्रक के जरिए एक बिना पहचान वाले Air Force C-32A विमान तक ले जाया गया, जबकि पत्रकारों और कुछ अधिकारियों को लेकर राष्ट्रपति का आधिकारिक विमान डिकॉय की भूमिका में आगे गया. व्हाइट हाउस ने इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था का सीधे तौर पर जिक्र किए बिना कहा कि राष्ट्रपति को कई दुश्मनों से लगातार खतरा है और प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए उपलब्ध हर जरूरी साधन का इस्तेमाल करता है. Also read : IGI एयरपोर्ट पर यात्री के बैग में मिली खोपड़ी, CISF की जांच में हुआ खुलासा The post पाकिस्तान दौरे पर क्लिंटन की सुरक्षा का 26 साल पुराना राज खुला, पत्रकार ने बताया कैसे रचा गया था डमी विमान का स्पोर्ट्स appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

1 लाख करोड़ का डिफेंस एग्रिमेंट: 60 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदेगा भारत; टाटा, महिंद्रा और HAL रेस में

हिंदुस्तानीय वायुसेना के पुराने पड़ चुके ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट बदलने की तैयारी तेज हो चुकी है. डिफेंस मिनिस्ट्री ने करीब 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से 60 मल्टीरोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदने के लिए टेंडर जारी किया है. इस बड़े डिफेंस एग्रिमेंट में मुख्य रूप से हिंदुस्तानीय कंपनियां रहेंगी. जिनमें टाटा, महिन्द्रा और हिंदुस्तान एरॉनोटिक्स लिमिटेड (HAL) समेत कई कंपनियां रेस में बताई जा रही हैं. टाटा और महिन्द्रा ने विदेशी कंपनियों से मिलाया हाथ डिफेंस अधिकारियों के मुताबिक, महिंद्रा डिफेंस ने ब्राजील की एंब्रायर (Embraer) के साथ साझेदारी की है और वह C-390 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान की पेशकश करेगी. वहीं टाटा ने अमेरिकी कंपनी लॉखिड मार्टिन के साथ हाथ मिलाया है और वह C-130 विमान के लिए बोली लगाएगी. C-130J Super Hercules पहले से ही हिंदुस्तानीय वायुसेना के बेड़े में शामिल है और इसका इस्तेमाल विशेष अभियानों में किया जाता है. ज्यादातर विमान हिंदुस्तान में ही बनेंगे इस कार्यक्रम में करीब 20 फीसदी विमान तैयार हालत में सीधे हिंदुस्तानीय वायुसेना को दिए जाएंगे, जबकि बाकी विमानों का निर्माण हिंदुस्तान में किया जाएगा. इन विमानों में 60 फीसदी से ज्यादा स्वदेशी सामग्री इस्तेमाल करने का लक्ष्य रखा गया है. विमानों का निर्माण हिंदुस्तानीय कंपनियों और मूल विमान निर्माता कंपनियों के बीच संयुक्त उपक्रमों के जरिए हिंदुस्तान में किया जाएगा. इससे देश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय सप्लाई चेन और तकनीकी क्षमता को भी मजबूत करने की उम्मीद है. पहले से C-130 और C-295 पर काम कर रही वायुसेना हिंदुस्तानीय वायुसेना के पास अभी 12 C-130J Super Hercules विमान हैं. इसके अलावा वायुसेना Airbus के साथ C-295 ट्रांसपोर्ट विमान कार्यक्रम पर भी काम कर रही है. करीब 70 C-295 विमानों को वायुसेना में शामिल किया जाना है, जिनमें बड़ी संख्या में विमानों का निर्माण हिंदुस्तान में किया जाएगा. सिर्फ सैनिकों को ढोने तक सीमित नहीं होंगे ये विमान नए मल्टीरोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल केवल सैनिकों और सैन्य सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए नहीं होगा. जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर के तौर पर भी किया जा सकता है. इसके अलावा युद्ध या आपात स्थिति में भारी उपकरणों और सैनिकों को तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में भी इन विमानों की अहम भूमिका होगी. हिंदुस्तानीय वायुसेना पहले ही अपने आधुनिकीकरण अभियान के तहत 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए टेंडर जारी कर चुकी है. साथ ही पुराने Hawk ट्रेनर विमानों को बदलने और पायलटों की ट्रेनिंग क्षमता बढ़ाने के लिए 100 से ज्यादा नए ट्रेनर विमान शामिल करने की योजना पर भी काम चल रहा है. Also read : पाकिस्तान दौरे पर क्लिंटन की सुरक्षा का 26 साल पुराना राज खुला, पत्रकार ने बताया कैसे रचा गया था प्लेन डिकॉय का स्पोर्ट्स The post 1 लाख करोड़ का डिफेंस एग्रिमेंट: 60 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदेगा हिंदुस्तान; टाटा, महिंद्रा और HAL रेस में appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

IND vs SL Live Streaming: फ्री में कैसे देखें भारत-श्रीलंका का पहला टेस्ट मैच?

IND vs SL Test Free Live Telecast: हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज 15 अगस्त से होने जा रहा है. सीरीज का पहला मुकाबला गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. दोनों टीमें इस सीरीज के लिए पूरी तरह तैयार हैं. हिंदुस्तानीय टीम के लिए यह सीरीज काफी अहम है, क्योंकि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 की रेस में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए उसे हर मैच में बेहतर प्रदर्शन करना होगा. क्रिकेट फैंस के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि हिंदुस्तान-श्रीलंका टेस्ट सीरीज को टीवी के साथ-साथ मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी देखा जा सकेगा. अगर आप भी पहला टेस्ट मैच लाइव देखना चाहते हैं, तो यहां जानिए मैच से जुड़ी पूरी जानकारी. हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट कब स्पोर्ट्सा जाएगा? हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच 15 अगस्त से 19 अगस्त 2026 तक स्पोर्ट्सा जाएगा. पहला टेस्ट मैच कहां स्पोर्ट्सा जाएगा? सीरीज का पहला मुकाबला गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम, गॉल में होगा. यह श्रीलंका के प्रमुख टेस्ट क्रिकेट मैदानों में से एक है. हिंदुस्तान-श्रीलंका पहला टेस्ट कितने बजे शुरू होगा? हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच हिंदुस्तानीय समयानुसार सुबह 10 बजे शुरू होगा. मैच से पहले टॉस सुबह 9:30 बजे होगा. ये भी पढ़ें: श्रीलंका की धरती पर कैसा है टीम इंडिया का रिकॉर्ड? 2017 में किया था क्लीन स्वीप टीवी पर कहां देख सकते हैं हिंदुस्तान-श्रीलंका का मुकाबला? हिंदुस्तान में इस टेस्ट सीरीज के मुकाबलों का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा. ऐसे में टीवी पर मैच देखने वाले दर्शक सोनी स्पोर्ट्स के चैनलों पर लाइव मुकाबला देख सकते हैं. मोबाइल पर कहां देख सकते हैं लाइव? जो दर्शक मोबाइल या दूसरे डिजिटल डिवाइस पर मैच देखना चाहते हैं, वे SonyLIV के जरिए हिंदुस्तान-श्रीलंका टेस्ट मैच की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं. हालांकि, लाइव स्ट्रीमिंग के लिए सब्सक्रिप्शन की जरूरत हो सकती है. फ्री में कैसे देख सकते हैं हिंदुस्तान-श्रीलंका का पहला टेस्ट? हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच पहले टेस्ट मैच का फ्री में लाइव प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स पर देखा जा सकता है. अगर आपके घर में डीडी फ्री डिश का कनेक्शन है, तो आप बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के इस मुकाबले का लुत्फ उठा सकते हैं. हालांकि, अगर आपके पास किसी अन्य डीटीएच या केबल कंपनी का कनेक्शन है, तो डीडी स्पोर्ट्स पर इस मैच का आनंद नहीं उठा पाएंगे. हिंदुस्तान-श्रीलंका टेस्ट सीरीज 2026 का पूरा शेड्यूल मैच तारीख वेन्यू समय पहला टेस्ट 15-19 अगस्त 2026 गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम, गॉल सुबह 10 बजे दूसरा टेस्ट 23-27 अगस्त 2026 सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब, कोलंबो सुबह 10 बजे ये भी पढ़ें: IND vs SL Test: टीम में शामिल होकर भी बाहर बैठ सकते हैं ये 4 खिलाड़ी, जानिए क्यों WTC के लिहाज से क्यों अहम है सीरीज? हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच होने वाली यह टेस्ट सीरीज आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है. ऐसे में दोनों टीमों के लिए हर मुकाबला अहम होगा. हिंदुस्तान की नजर सीरीज में ज्यादा से ज्यादा अंक हासिल करने पर होगी, ताकि वह WTC की अंकतालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर सके. टेस्ट सीरीज के लिए दोनों टीमों की स्क्वाड हिंदुस्तान: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, औकिब नबी, सरफराज खान. श्रीलंका: धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), लाहिरू उदारा, निशान मदुश्का, कामिंडु मेंडिस (उपकप्तान), दिनेश चांडीमल, पसिंदु सूर्यबंधारा, सोनल दिनूषा, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), रमेश मेंडिस, प्रभात जयसूर्या, केशारा नुवांथा, मिलान रत्नायके, असिथा फर्नांडो, लाहिरू कुमारा, विश्वा फर्नांडो, दिलशान मदुशंका. ये भी पढ़ें: IND vs SL: पहले टेस्ट के लिए श्रीलंका टीम का ऐलान, ढाई साल बाद हुई डिकवेला की वापसी The post IND vs SL Live Streaming: फ्री में कैसे देखें हिंदुस्तान-श्रीलंका का पहला टेस्ट मैच? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

थोड़ी ही देर में लगेगा साल का अंतिम सूर्यग्रहण, सावन अमावस्या पर अद्भुत खगोलीय संयोग

Surya Grahan 2026: आज 12 अगस्त 2026, बुधवार को अब से थोड़ी ही देर में साल का आखिरी सूर्यग्रहण लगने जा रहा है. धार्मिक और खगोलीय दृष्टि से आज का दिन बेहद खास है. एक ओर सावन में भगवान शिव की आराधना का महत्व है, वहीं अमावस्या पर पितृ तर्पण और हरियाली अमावस्या पर प्रकृति पूजन की परंपरा है. इसी बीच सूर्य ग्रहण का संयोग इस दिन को और विशेष बना रहा है. रात 9:04 बजे शुरू होगा सूर्य ग्रहण पंचांग के अनुसार आज 12 अगस्त की रात 9:04 बजे सूर्य ग्रहण शुरू होगा. ग्रहण का समापन 13 अगस्त की देर रात 1:27 बजे होगा. यह पूर्ण सूर्य ग्रहण है, जिसमें चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा. अमावस्या तिथि कब तक रहेगी? सावन अमावस्या तिथि 12 अगस्त 2026 को रात 1:52 बजे शुरू हुई और रात 11:06 बजे समाप्त होगी. इसी दिन हरियाली अमावस्या मनाई जा रही है. इस अवसर पर भगवान शिव की पूजा, दान-पुण्य और पौधरोपण करने की परंपरा है. हिंदुस्तान में नहीं लगेगा सूतक काल सूर्य ग्रहण को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह ग्रहण हिंदुस्तान में दिखाई नहीं देगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिस स्थान पर ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सामान्यतः सूतक काल मान्य नहीं माना जाता. इसलिए हिंदुस्तान में रहने वाले लोग आज अमावस्या की पूजा, दान-पुण्य और शिव आराधना सामान्य तरीके से कर सकते हैं. हरियाली अमावस्या पर करें ये काम हरियाली अमावस्या पर भगवान शिव की पूजा करने के साथ पौधरोपण और जरूरतमंदों को अन्न-वस्त्र का दान करने की परंपरा है. पितरों की शांति के लिए तर्पण और सेवा कार्य भी किए जाते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार इन कार्यों से पुण्य की प्राप्ति होती है. ये भी पढ़ें: रिश्तों पर न लगने दें मनमुटाव का ‘ग्रहण’, आज साल के अंतिम सूर्यग्रहण पर पति-पत्नी साथ मिलकर करें ये सरल उपाय ग्रहण के दौरान रखें सावधानी सूर्य ग्रहण से जुड़े धार्मिक नियम अलग-अलग परंपराओं में अलग हो सकते हैं. इसलिए विशेष अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंचांग या पारिवारिक परंपरा का पालन करें. वहीं, जहां ग्रहण दिखाई दे रहा हो, सूर्य को सीधे आंखों से देखना सुरक्षित नहीं है. The post थोड़ी ही देर में लगेगा साल का अंतिम सूर्यग्रहण, सावन अमावस्या पर अद्भुत खगोलीय संयोग appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रांची में महिला यात्रियों के लिए बढ़ेगी सुविधा, शहर में चलेंगी 10 नई पिंक सिटी बसें

Ranchi Pink Bus: झारखंड की राजधानी रांची में स्त्रीओं के सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है. शहर की सड़कों पर अब छह नयी स्त्री स्पेशल पिंक बसें उतारी जायेंगी. इन बसों के संचालन के बाद रांची में स्त्री स्पेशल पिंक सिटी बसों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो जायेगी. वर्तमान में शहर में चार पिंक बसें पहले से संचालित हैं. रांची नगर निगम की ओर से नयी बसों की खरीदारी के लिए बुधवार को टेंडर जारी कर दिया गया है. जारी निविदा के अनुसार 22 अगस्त को प्री-बिड मीटिंग आयोजित की जायेगी. वहीं, टेंडर खोलने की तिथि आठ सितंबर निर्धारित की गयी है. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद बसों की खरीदारी और उन्हें सड़कों पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जायेगी. 32 सीटर होंगी नयी पिंक बसें नगर निगम की ओर से खरीदी जाने वाली छह नयी पिंक बसें 32 सीटर होंगी. इन बसों को विशेष रूप से स्त्री यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संचालित किया जायेगा. फिलहाल शहर में चल रही पिंक सिटी बसें स्त्रीओं के लिए सार्वजनिक परिवहन का महत्वपूर्ण साधन बनी हुई हैं. नगर निगम का उद्देश्य स्त्रीओं को शहर के प्रमुख हिस्सों के बीच अपेक्षाकृत किफायती और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है. नयी बसों के संचालन से मौजूदा व्यवस्था का विस्तार होगा और अधिक संख्या में स्त्रीएं इसका लाभ उठा सकेंगी. दो साल से हो रही थी बसों की संख्या बढ़ाने की मांग शहर में पिंक सिटी बसों की संख्या बढ़ाने की मांग पिछले करीब दो वर्षों से की जा रही थी. खासकर कचहरी से बिरसा चौक के बीच सफर करने वाली स्त्रीओं और युवतियों का कहना था कि मौजूदा बसों की संख्या यात्रियों की जरूरत के मुकाबले कम है. स्त्रीओं का कहना था कि ऑटो से रोजाना आवागमन करना कई लोगों के लिए महंगा पड़ता है. इसके अलावा भीड़भाड़ वाले ऑटो में सफर के दौरान चढ़ने-उतरने में भी परेशानी होती है. ऐसे में स्त्री स्पेशल बसें उनके लिए सुविधाजनक विकल्प साबित होती हैं. स्त्री यात्रियों की लगातार मांग को देखते हुए अब नगर निगम ने पिंक बसों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की है. छह नयी बसों के शामिल होने के बाद यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक विकल्प मिलने की उम्मीद है. कचहरी से बिरसा चौक के बीच चलती हैं पिंक बसें वर्तमान में पिंक सिटी बसें कचहरी से बिरसा चौक के बीच संचालित होती हैं. इस मार्ग पर बड़ी संख्या में छात्राएं, कामकाजी स्त्रीएं और अन्य स्त्री यात्री आवागमन करती हैं. नयी बसों के जुड़ने के बाद इस रूट पर सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता बढ़ सकती है. नगर निगम की योजना का मकसद सिर्फ बसों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्त्रीओं को शहर में आवागमन के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना भी है. खासकर रोजाना पढ़ाई या काम के लिए सफर करने वाली स्त्रीओं के लिए बसों की संख्या बढ़ना उपयोगी साबित हो सकता है. सामान्य यात्रियों के लिए भी खरीदी जायेंगी 17 सिटी बसें स्त्री स्पेशल बसों के अलावा रांची नगर निगम सामान्य यात्रियों के लिए भी 17 नयी सिटी बसों की खरीदारी करेगा. ये बसें सामान्य श्रेणी की होंगी और इनमें स्त्री एवं पुरुष दोनों यात्रा कर सकेंगे. इन बसों की खरीदारी की प्रक्रिया फिलहाल अंतिम चरण में है. निगम के अनुसार बहुत जल्द इन बसों की खरीदारी पूरी कर ली जायेगी. इसके बाद शहर में सामान्य सिटी बस सेवा के बेड़े में भी बढ़ोतरी होगी. इसे भी पढ़ें: आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहुंचे रघुवर दास, बोले- मांगें पूरी नहीं हुईं तो मैं भी अनशन पर बैठूंगा सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत करने की कवायद एक साथ स्त्री स्पेशल और सामान्य श्रेणी की बसों की संख्या बढ़ाने की योजना को राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है. शहर में बढ़ती आबादी और रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन के साधनों का विस्तार जरूरी है. छह नयी पिंक बसों के आने से स्त्रीओं को सुरक्षित और किफायती आवागमन का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा, जबकि 17 सामान्य सिटी बसों के जुड़ने से आम यात्रियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है. अब टेंडर प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है, यही असली परीक्षा है, क्योंकि प्रशासनी फाइलों की रफ्तार और सड़क पर बस की रफ्तार अक्सर दो अलग-अलग प्रजातियां साबित होती हैं. इसे भी पढ़ें: जीएसटी घोटाला: जमशेदपुर के कारोबारी विक्की भालोटिया की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज The post रांची में स्त्री यात्रियों के लिए बढ़ेगी सुविधा, शहर में चलेंगी 10 नई पिंक सिटी बसें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सावधान! IIT हैदराबाद में दाखिले का ऑफिशियल ऑफर लेटर भेजकर लगा दिया 8 लाख का चूना

बीटेक कम्प्यूटर साइंस में बेटी के दाखिले के लिए वरिष्ठ इसीएल अफसर की पत्नी ने शिखर एजुकेशन कंसल्टेंट से किया संपर्क हैदराबाद जाकर मिली कंसल्टेंट के प्रतिनिधियों से, दाखिले का ऑफर लेटर मिलने पर किया 8 लाख का भुगतान, बाद में पता चला- सब फर्जी सावधान! अगर आप भी अपने बच्चों के एडमिशन के लिए किसी कंसल्टेंट के टच में हैं, तो यह समाचार आपके काम की है. एजेंसी को पैसे का भुगतान करने से पहले उसके बारे में अच्छी तरह से छानबीन कर लें. ऐसा नहीं किया, तो आप भी ठगी का शिकार हो सकते हैं. बच्चों का एडमिशन कराने के नाम पर अभिभावकों को लूटने वाले गिरोह देश भर में सक्रिय हैं. साइबर क्राइम थाना आसनसोल में एक केस दर्ज हुआ है. आइआइटी हैदराबाद में एडमिशन का ऑफिशियल ऑफर लेटर मेल पर भेज कर शातिरों ने इसीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी की पत्नी से 8 लाख रुपए लूट लिये. वह अपनी बेटी के दाखिले के लिए शिखर एजुकेशन कंसल्टेंट संस्था के प्रतिनिधि के संपर्क में आयी, जिन्होंने स्त्री को चूना लगा दिया. घटना को लेकर साइबर क्राइम थाना आसनसोल में बीएनएस की धारा 316(2)/318(2)/319(2)/61(3)/3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है. ऐसे छात्रा के परिजन को अपने जाल में फंसायाइसीएल अधिकारी ने अपनी शिकायत में बताया कि आइआइटी हैदराबाद में बीटेक कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग प्रोग्राम में बेटी के दाखिले को लेकर उनकीपत्नी शिखर एजुकेशन कंसल्टेंट संस्था के प्रतिनिधि साहिल मधु बाकर के संपर्क में आयी. साहिल ने एडमिशन कराने में खुद को सक्षम बताने के लिए नकली एडमिशन कम्युनिकेशन और स्क्रीनशॉट शेयर किया. इस पर उनकी पत्नी ने बेटी की 10वीं व 12वीं कक्षा की मार्कशीट और जेइइ के डिटेल्स शेयर कर दिये. साहिल ने दावा किया कि आठ लाख रुपये के डोनेशन मॉडल से दाखिला हो सकता है, जिसकी रकम, ऑफिशियल एडमिशन ई-मेल मिलने के बाद नगद में देनी होगी. उसने देवकृष्ण नामक व्यक्ति को अपना सीनियर बता कर परिचय कराया और उसने एडमिशन प्रोसेस को लेकर भरोसा दिलाया. बाद में प्रतिनिधि के कहने पर कबीर नामक व्यक्ति ने खुद को आइआइटी हैदराबाद एडमिनिस्ट्रेशन अथॉरिटी से होने का दावा करके स्त्री से संपर्क साधा और उन्हें हैदराबाद बुलाया. उसके कहने पर तीन अगस्त 2026 को उनकी पत्नी हैदराबाद गयी और अभिषेक नामक एक व्यक्ति से मिलीं. उसने हैदराबाद के गाचीबोवली में एक कैफे से फिजिकल डॉक्युमेंट्स की कॉपी ली और उसी दिन रात 07:16 बजे बेटी के पते पर एक नकली कन्फर्मेशन ई-मेल भेजा गया, जिसमें आइआइटी हैदराबाद से एडमिशन का ऑफिशियल ऑफर होने का दावा किया गया. ई-मेल को असली मानकर उनकी पत्नी ने कैफे में ही अभिषेक को 8 लाख रुपये का भुगतान कर दिया. चार अगस्त को पता चला कि पूरा काम फर्जी है और सबके मोबाइल स्विचऑफ मिले. उसके बाद अधिकारी ने साइबर थाने में आकर शिकायत दर्ज करायी. The post सावधान! IIT हैदराबाद में दाखिले का ऑफिशियल ऑफर लेटर भेजकर लगा दिया 8 लाख का चूना appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top