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IRCTC केस में बढ़ीं लालू परिवार की मुश्किलें, दिल्ली कोर्ट ने तय किए मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप

Lalu Yadav: लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC होटल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है. यह मामला उस समय का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे. उन पर आरोप है कि IRCTC के रांची और पुरी स्थित होटलों के संचालन से जुड़े टेंडर में गड़बड़ी की गई और इसके बदले जमीन से जुड़ा लाभ पहुंचाया गया. कोर्ट ने लालू यादव की भूमिका पर क्या कहा? आरोप तय करने के आदेश के दौरान अदालत ने लालू प्रसाद यादव की भूमिका को लेकर टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में देखने पर यह संदेह पैदा होता है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने अपने पद का दुरुपयोग किया. अदालत ने यह भी कहा कि रेलवे अधिकारियों ने रांची और पुरी से जुड़े होटल टेंडर में लालू यादव के कहने पर कथित तौर पर हेरफेर किया. लारा प्रोजेक्ट्स को कथित लाभ पर भी सवाल सुनवाई के दौरान लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी को मिले कथित लाभ का मुद्दा भी सामने आया. अदालत ने कहा कि कंपनी को जिस तरह का कथित फायदा मिला, उससे लालू यादव की भूमिका पर संदेह पैदा होता है. कोर्ट ने इस मामले को केवल नेतृत्वक आरोप के तौर पर देखने से भी इनकार किया. अदालत की टिप्पणी के अनुसार लालू यादव के खिलाफ हुई जांच को नेतृत्वक रूप से प्रभावित नहीं माना जा सकता. लालू, राबड़ी और तेजस्वी समेत इन पर आरोप तय स्पेशल जज विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, सरला गुप्ता, लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी, सुजाता होटल्स और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है. इस आदेश के बाद लालू परिवार से जुड़े इस पुराने मामले की कानूनी कार्रवाई अब आगे बढ़ेगी. मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी. आखिर क्या है IRCTC होटल मामला? यह मामला लालू यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान IRCTC के दो होटलों के संचालन से जुड़े टेंडर से जुड़ा है. सीबीआई का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच रांची और पुरी स्थित IRCTC के होटलों का संचालन सुजाता होटल्स को कथित तौर पर नियमों में हेरफेर कर दिया गया. जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस कथित लाभ के बदले ऐसी जमीन के लेनदेन का आरोप है, जिसकी कीमत बाजार भाव से काफी कम थी और जिसका संबंध लालू परिवार से बताया गया. CBI के बाद ED ने दर्ज किया था मनी लॉन्ड्रिंग केस इस मामले में पहले CBI ने एफआईआर दर्ज की थी. बाद में इसी एफआईआर के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया. ED की जांच कथित अपराध से हासिल रकम और उससे जुड़े संपत्ति लेनदेन पर केंद्रित रही है. इस मामले में लालू यादव और उनके परिवार ने आरोपों से इनकार किया है और इसे नेतृत्वक साजिश बताया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें 2025 में CBI केस में भी तय हुए थे आरोप IRCTC मामले से जुड़े CBI केस में भी लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं. 13 अक्टूबर 2025 को इसी अदालत ने लालू यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी समेत कई आरोप तय किए थे. उस मामले में राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ भी आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में आरोप तय किए गए थे. इसे भी पढ़ें: सम्राट चौधरी ने मुंगेर से दबाया बटन, सीधे 1.05 करोड़ लोगों के अकाउंट में आए 1100 रुपये, ऐसे चेक करें अपना बैलेंस The post IRCTC केस में बढ़ीं लालू परिवार की मुश्किलें, दिल्ली कोर्ट ने तय किए मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप appeared first on Naya Vichar.

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सोनम वांगचुक ने दी फिर आंदोलन की चेतावनी, 19 से 24 सितंबर तक प्रदर्शन का ऐलान

लद्दाख में राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर एक बार फिर आंदोलन का माहौल बनता दिख रहा है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने केंद्र प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि अगर प्रशासन एक सप्ताह के भीतर लद्दाख से जुड़े सभी प्रमुख मुद्दों पर भरोसा देने वाला कदम नहीं उठाती है, तो 19 से 24 सितंबर के बीच नया आंदोलन शुरू किया जा सकता है. 9 सितंबर की बैठक से क्यों नाराज हैं वांगचुक? वांगचुक ने 9 सितंबर को दिल्ली में हुई गृह मंत्रालय की उपसमिति की बैठक पर निराशा जताई. यह बैठक लद्दाख की राज्य का दर्जा देने और संवैधानिक सुरक्षा से जुड़ी मांगों पर बातचीत के लिए बुलाई गई थी. बैठक के बाद वांगचुक ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि बातचीत से उन्हें ज्यादा उम्मीद थी, लेकिन इसमें बहुत कुछ नया सामने नहीं आया. ये भी पढ़ें: अमेरिका-ईरान की जंग में फंसा पाकिस्तान, ईरान का साथ छोड़े तो पड़ोसी नाराज, अमेरिका से दूरी बनाए तो बढ़ेगी मुश्किल पहले भी टल चुका है Kargil-Leh मार्च इससे पहले KDA (Kargil Democratic Alliance) ने 10 से 24 सितंबर तक कारगिल से लेह तक पैदल मार्च का ऐलान किया था. 9 सितंबर को केंद्र के साथ होने वाली बातचीत को देखते हुए इस मार्च को फिलहाल टाल दिया गया था. वांगचुक ने भी कहा था कि अगर बातचीत में ठोस प्रगति नहीं होती है, तो बड़े पैमाने पर आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ सकता है. ये भी पढे़ं: BRICS Summit: बांग्लादेश PM तारिक रहमान नहीं होंगे शामिल, मंत्री ने कहा- हमें न्योता ही नहीं मिला लद्दाख के मुद्दे पर केंद्र और क्षेत्रीय नेताओं के बीच बातचीत जारी है. 10 सितंबर को हुई रिपोर्टों के मुताबिक, गृह मंत्रालय की उपसमिति के साथ बातचीत में लद्दाख के लिए एक निर्वाचित केंद्र शासित प्रदेश स्तर की संस्था और भूमि, संस्कृति, भाषा, वन तथा प्राकृतिक संसाधनों जैसे विषयों पर विधायी अधिकार को लेकर चर्चा हुई है. वहीं, केंद्र प्रशासन पहले भी कह चुकी है कि वह लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं को लेकर संवैधानिक सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है और मुद्दों का समाधान बातचीत के जरिए निकालना चाहती है. The post सोनम वांगचुक ने दी फिर आंदोलन की चेतावनी, 19 से 24 सितंबर तक प्रदर्शन का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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सुशांत सुसाइड या हत्या? ‘2-3 बार दबाया गया था गला’… पोस्टमार्टम स्टाफ के दावे से फिर गरमाया मामला

सुशांत सिंह राजपूत की मौत को 6 साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन यह मामला आज भी लोगों के बीच चर्चा में बना हुआ है. 14 जून 2020 को मुंबई के बांद्रा स्थित फ्लैट में सुशांत सिंह राजपूत मृत पाए गए थे. उनकी मौत को लेकर कई तरह के सवाल और दावे सामने आए. अब पोस्टमार्टम से जुड़े स्टाफ सदस्य रोपकुमार शाह का पुराना स्टिंग ऑपरेशन एक बार फिर चर्चा में है. रोपकुमार शाह ने क्या दावा किया था? रोपकुमार शाह ने एक स्टिंग ऑपरेशन के दौरान दावा किया था कि सुशांत सिंह राजपूत के शव पर ऐसे निशान दिखाई दिए थे, जो उन्हें सामान्य फांसी से अलग लग रहे थे. उनके मुताबिक, शरीर पर गला दबाए जाने जैसे निशान थे. शाह ने कथित तौर पर यह भी दावा किया था कि सुशांत का गला 2-3 बार दबाया गया हो सकता है. View on Instagram क्या कहती है आधिकारिक जांच? सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच की थी. बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद CBI ने भी जांच अपने हाथ में ली. AIIMS के मेडिकल बोर्ड ने भी उपलब्ध मेडिकल और पोस्टमार्टम रिकॉर्ड की समीक्षा की थी. CBI ने मार्च 2025 में इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की और फाउल प्ले की संभावना को खारिज किया. यानी मौजूदा आधिकारिक जांच के रिकॉर्ड के मुताबिक सुशांत की मौत में हत्या की पुष्टि नहीं हुई है. फिर क्यों वायरल हो रहा है पुराना दावा? सुशांत की मौत से जुड़े पुराने वीडियो और बयान अक्सर सोशल मीडिया पर दोबारा वायरल होते रहते हैं. रोपकुमार शाह का यह दावा भी उन्हीं पुराने बयानों में से एक है, जिसे अब फिर से शेयर किया जा रहा है. इस बीच, सितंबर 2026 में सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया है, जिसके बाद 2020 की दोनों मौतों को लेकर सोशल मीडिया पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, दिशा सालियान मामले में CBI जांच का आदेश दिए जाने का मतलब यह नहीं है कि इससे सुशांत सिंह राजपूत की मौत में हत्या का दावा साबित हो गया है. दोनों मामलों को लेकर सामने आए दावों और आधिकारिक जांच के निष्कर्षों को अलग-अलग देखना जरूरी है. ये भी पढ़ें: Friday OTT Releases: बोरिंग वीकेंड को बोलिए बाय-बाय, OTT पर एक साथ आ रही हैं ये नई फिल्में-सीरीज The post सुशांत सुसाइड या हत्या? ‘2-3 बार दबाया गया था गला’… पोस्टमार्टम स्टाफ के दावे से फिर गरमाया मामला appeared first on Naya Vichar.

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Video : चीन में कार्गो शिप बना आग का गोला, 20 की मौत

Video : चीन के पूर्वी हिस्से के एक बंदरगाह पर खड़े इंटरनेशनल कार्गो शिप में गुरुवार (10 सितंबर) को अचानक आग लग गई. चीन की प्रशासनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने इसकी जानकारी दी. राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राहत और बचाव के लिए तुरंत जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. हादसे का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि अबतक 20 लोगों की मौत हो चुकी है.  न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, चीन के किंगदाओ शहर में मरम्मत के लिए खड़े एक इंटरनेशनल कार्गो शिप में भीषण आग लग गई. हादसे में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग अभी लापता हैं. जहाज पर कुल 42 लोग मौजूद थे. इनमें से 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि 5 लोग घायल हुए हैं. उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. आग सुबह करीब 11:15 बजे किंगदाओ बेइहाई शिपयार्ड में लगी. करीब 20 साल पुराने मालवाहक जहाज में लगी आग चीन के प्रशासनी मीडिया के मुताबिक, आग पर दोपहर तक काबू पा लिया गया था. शिन्हुआ की जारी तस्वीर में जहाज का नाम ‘ओशन मेलोडी’ बताया गया है. यह करीब 20 साल पुराना मालवाहक जहाज है और लाइबेरिया के झंडे के तहत चलता है. जहाज 31 अगस्त को किंगदाओ शिपयार्ड पहुंचा था. राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लापता लोगों की तलाश तेज करने, हादसे की जल्द जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. यह शिपयार्ड चीन की प्रशासनी कंपनी चाइना स्टेट शिपबिल्डिंग कॉरपोरेशन (CSSC) के अधीन है. यह दुनिया की बड़ी जहाज बनाने वाली कंपनियों में शामिल है. कंपनी चीन के लिए युद्धपोत और दूसरे बड़े जहाज बनाती है. The post Video : चीन में कार्गो शिप बना आग का गोला, 20 की मौत appeared first on Naya Vichar.

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Tilak Verma: तिलक वर्मा को कौन सा फॉर्मेट है सबसे ज्यादा पसंद? जवाब सुनकर चौंक जाएंगे

Tilak Varma: तिलक वर्मा इन दिनों क्रिकेट के अलग-अलग फॉर्मेट और भूमिकाओं में खुद को साबित कर रहे हैं. कभी बल्ले से बड़ी पारियां स्पोर्ट्स रहे हैं तो कभी कप्तान के तौर पर टीम की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. दलीप ट्रॉफी 2026 में शानदार फॉर्म में चल रहे तिलक अब अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज की तैयारी में जुटने वाले हैं. हालांकि, फॉर्मेट बदलने से पहले उन्होंने अपने पसंदीदा फॉर्मेट को लेकर ऐसी बात कही है, जो शायद कई फैंस के लिए हैरान करने वाली होगी. दलीप ट्रॉफी में बल्ले से मचा रहे धमाल दलीप ट्रॉफी 2026 में तिलक वर्मा का बल्ला लगातार रन उगल रहा है. उन्होंने अब तक अपनी तीन पारियों में 116, 51 और 99 रन बनाए हैं. साउथ जोन के लिए उनका यह प्रदर्शन टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम रहा. रेड-बॉल क्रिकेट में शानदार फॉर्म के बीच अब तिलक को जल्द ही सफेद गेंद वाले क्रिकेट में लौटना होगा. अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में उनके प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी. ‘दो दिन की प्रैक्टिस मेरे लिए काफी है’ Tilak Verma अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले तिलक ने माना कि रेड-बॉल से व्हाइट-बॉल क्रिकेट में जाना आसान नहीं होता. हालांकि, वह इस बदलाव को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं. तिलक के मुताबिक, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वह पहले भी फॉर्मेट बदलते रहे हैं. इसलिए उनका मानना है कि दो दिन की प्रैक्टिस उनके लिए पर्याप्त होगी. उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल उनका सबसे बड़ा लक्ष्य अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज जीतना है. टी20 स्टार को सबसे ज्यादा पसंद है रेड बॉल क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तिलक वर्मा की पहचान मुख्य रूप से टी20 बल्लेबाज के तौर पर बनी है. लेकिन जब उनसे पूछा गया कि वह किस फॉर्मेट को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं, तो उनका जवाब काफी दिलचस्प था. तिलक ने बताया कि उन्होंने पेशेवर क्रिकेट की शुरुआत रेड-बॉल क्रिकेट से की थी. पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने व्हाइट-बॉल क्रिकेट काफी स्पोर्ट्सा है और उसमें भी वह सहज महसूस करते हैं. इसके बावजूद उनकी पहली पसंद आज भी रेड-बॉल क्रिकेट ही है. उन्होंने कहा, ‘रेड बॉल हमेशा मेरा पसंदीदा स्पोर्ट्स रहा है, इसलिए यह मेरा A गेम है.’ ये भी पढ़ें: Imran Tahir: 47 की उम्र में भी नहीं थमा ताहिर का जलवा, CPL में 5 विकेट लेकर खुद का रिकॉर्ड तोड़ा फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी दमदार रिकॉर्ड 23 साल के तिलक वर्मा का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में रिकॉर्ड भी उनके इस बयान को मजबूती देता है. उन्होंने अब तक 24 फर्स्ट क्लास मैचों में 1,729 रन बनाए हैं. उनका बल्लेबाजी औसत 55.77 है. उनके नाम 8 शतक और 6 अर्धशतक दर्ज हैं. यानी टी20 क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के बावजूद तिलक की बल्लेबाजी की मजबूत नींव लंबे फॉर्मेट में ही तैयार हुई है. कप्तानी में भी लगातार सीख रहे हैं तिलक बल्लेबाजी के साथ तिलक वर्मा को कप्तानी की जिम्मेदारियां भी मिल रही हैं. वह साउथ जोन के अलावा इंडिया ए की कप्तानी भी कर चुके हैं. उनका मानना है कि युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से भरी टीम की अगुआई करना उनके लिए लगातार सीखने वाला अनुभव है. तिलक के मुताबिक, जब टीम में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ जीतने की भूख हो तो कप्तान के लिए चीजें आसान हो जाती हैं. वह अभी कप्तान के तौर पर सीख रहे हैं और इस जिम्मेदारी का आनंद ले रहे हैं. ये भी पढ़ें: Richest Cricket League: आखिर कौन है दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग? कितने नंबर पर है IPL, देखें टॉप-10 की लिस्ट The post Tilak Verma: तिलक वर्मा को कौन सा फॉर्मेट है सबसे ज्यादा पसंद? जवाब सुनकर चौंक जाएंगे appeared first on Naya Vichar.

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SC से याचिका खारिज होते ही CID का एक्शन, अभिषेक बनर्जी के PA सुमित रॉय को कोलकाता से उठाया

पश्चिम बंगाल अपराध जांच शाखा (CID) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (PA) सुमित रॉय को हिरासत में ले लिया है. यह कार्रवाई पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबनी में प्रशासनी जमीन की कथित अवैध बिक्री और घोटाले के सिलसिले में की गयी है. मामला जमीन दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपए की ठगी से जुड़ा है. हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती कलकत्ता हाईकोर्ट के 3 अगस्त के फैसले को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे सुमित रॉय को वहां से राहत तो नहीं मिली, पुरानी राहत भी खत्म हो गयी. रॉय ने स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि सालबनी थाने में उनके खिलाफ दर्ज केस (संख्या 133/2026) में हाईकोर्ट ने उनको अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया. इस मामले में वह सुप्रीम कोर्ट से राहत चाहते हैं. चीफ जस्टिस की बेंच का राहत से इनकार सुप्रीम कोर्ट से दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागजी और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय को राहत देने से इनकार कर दिया. साथ ही 6 अगस्त को सुमित रॉय को दी गयी राहत को भी खत्म कर दिया. सुमित के खिलाफ सालबनी थाना में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 472, 473, 406, 409 और 120बी के तहत केस दर्ज हैं. फैसला आते ही सीआईडी एक्शन में आयी और सुमित को अभिषेक बनर्जी के घर से हिरासत में ले लिया. ये भी पढ़ें: कौन हैं सुमित रॉय, जिनकी तलाश में पुलिस ने खटखटाया अभिषेक बनर्जी के घर का दरवाजा, क्यों भड़के कुणाल घोष? सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होते ही एक्शन सीआईडी का यह एक्शन उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) द्वारा सुमित रॉय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किये जाने के तुरंत बाद हुआ. कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सीआईडी की टीम ने सुमित रॉय को कोलकाता स्थित अभिषेक बनर्जी के कालीघाट वाले आवास से हिरासत में लिया. इससे पहले देश की सबसे बड़ी अदालत ने सुमित रॉय की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी. कोर्ट ने उन्हें जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया था. हालांकि, जांच आगे बढ़ने और अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सीआईडी ने उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया. ये भी पढ़ें: कैश फॉर जॉब स्कैम : अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय पर FIR, लुकआउट नोटिस जारी, कालीघाट में छापा सालबनी जमीन घोटाला के बारे में जानें सालबनी क्षेत्र में प्रशासनी जमीन को बेचने, हस्तांतरित करने और धोखाधड़ी से जुड़े इस मामले में सुमित रॉय का नाम सामने आया था. राज्य सीआईडी इस मामले की जांच कर रही है. इससे पहले भी कई बार सुमित रॉय को पूछताछ के लिए राज्य सीआईडी मुख्यालय (भवानी भवन) में पेश होने के लिए समन भेजा गया था. अब हिरासत में लिये जाने के बाद उनसे कथित घोटाले के संबंध में दर्ज प्राथमिकताओं के आधार पर सीआईडी पूछताछ करेगी. ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय की याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार The post SC से याचिका खारिज होते ही CID का एक्शन, अभिषेक बनर्जी के PA सुमित रॉय को कोलकाता से उठाया appeared first on Naya Vichar.

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“अब महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर…” CM योगी का मास्टरप्लान, एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की तैयारी

UP News: उत्तर प्रदेश में स्त्री सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए योगी प्रशासन ने प्रदेश की एक करोड़ से अधिक स्त्रीओं को ब्याजमुक्त एक लाख रुपये तक का क्रेडिट उपलब्ध कराने की तैयारी की है. यह राशि उत्तर प्रदेश स्त्री उद्यमी योजना के तहत तीन किश्तों में दी जाएगी. प्रशासन ने प्रदेश में तीन करोड़ स्त्रीओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और एक करोड़ स्त्रीओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य तय किया है. पहली किश्त में मिलेंगे 20 हजार रुपये उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को योजना भवन, लखनऊ में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत काम कर रहीं तकनीकी सहयोगी एजेंसियों, बैंकरों, दुग्ध उत्पादक कंपनियों और एचसीएल संस्था के कार्यों की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने स्त्रीओं की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया. मौर्य ने बताया कि उत्तर प्रदेश स्त्री उद्यमी योजना के तहत एक करोड़ से अधिक स्त्रीओं को पहली किश्त के रूप में 20 हजार रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे. इस राशि का ब्याज प्रशासन की ओर से वहन किया जाएगा. दूसरी किश्त 30 हजार, तीसरी में 50 हजार योजना के तहत पहली किश्त की राशि लौटाने के बाद स्त्रीओं को 30 हजार रुपये की दूसरी किश्त दी जाएगी. इसके बाद 50 हजार रुपये की तीसरी किश्त उपलब्ध कराई जाएगी. इस तरह तीनों किश्तों को मिलाकर स्त्री उद्यमियों को कुल एक लाख रुपये का ब्याजमुक्त क्रेडिट मिलेगा. इस राशि का इस्तेमाल स्त्रीएं अपना छोटा कारोबार शुरू करने या पहले से चल रहे उद्यम को आगे बढ़ाने में कर सकेंगी. बैंक आसानी से उपलब्ध कराएं ऋण उपमुख्यमंत्री ने बैठक में बैंकर्स को पात्र स्त्रीओं को ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सरल और सुगम बनाने के निर्देश दिए. उन्होंने गरीब स्त्रीओं के मामलों में सहयोगात्मक रवैया अपनाने को कहा. उनका कहना था कि प्रशासन ब्याज का वहन कर रही है, इसलिए पात्र स्त्रीओं को योजना का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए. प्रशासन का जोर सिर्फ कर्ज देने पर नहीं, बल्कि स्त्रीओं की आमदनी बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर है. तीन करोड़ स्त्रीओं को SHG से जोड़ने का लक्ष्य प्रशासन ने प्रदेश में तीन करोड़ स्त्रीओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और इनमें से एक करोड़ स्त्रीओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए तकनीक, बैंकिंग सुविधा और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है. बैठक में स्त्रीओं को दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने पर भी चर्चा हुई. उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्रशासनी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र स्त्रीओं तक समय पर पहुंचे और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. Must Read: सोशल मीडिया बना पुलिस की तीसरी आंख! इंस्टाग्राम पोस्ट से मिली खतरे की आहट, जौनपुर में 9 महीने में बचाईं 20 लोगों की जान The post “अब स्त्रीएं बनेंगी आत्मनिर्भर…” CM योगी का मास्टरप्लान, एक करोड़ स्त्रीओं को लखपति दीदी बनाने की तैयारी appeared first on Naya Vichar.

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BRICS Summit: बांग्लादेश PM तारिक रहमान नहीं होंगे शामिल, मंत्री ने कहा- हमें न्योता ही नहीं मिला

नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाले BRICS Summit में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शामिल होने की संभावना नहीं है. बांग्लादेश के विदेश मामलों के मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा है कि प्रधानमंत्री को सम्मेलन के लिए निमंत्रण नहीं मिला है. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हुमायूं कबीर ने कहा कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को BRICS Summit के लिए आमंत्रित नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि निमंत्रण BIMSTEC के चेयर को दिया गया है. कबीर के इस बयान को बांग्लादेशी अखबार The Daily Star के हवाले से रिपोर्ट किया गया है. ‘हम कैसे जाएं? हमारे प्रधानमंत्री को न्योता नहीं मिला’ हुमायूं कबीर ने कहा, “हम कैसे जाएं? क्या बांग्लादेश प्रशासन से किसी को आमंत्रित किया गया है? हमारे प्रधानमंत्री को आमंत्रित नहीं किया गया. आपको किसने बताया कि हमारे प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया गया है? BIMSTEC के चेयर को आमंत्रित किया गया है.” रिपोर्ट के अनुसार, हिंदुस्तान ने तारिक रहमान को BIMSTEC के मौजूदा चेयर के तौर पर BRICS के आउटरीच सेशन में शामिल होने का निमंत्रण दिया था. BIMSTEC में हिंदुस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, थाईलैंड, म्यांमार, नेपाल और भूटान शामिल हैं. ये भी पढ़ें: अमेरिका-ईरान की जंग में फंसा पाकिस्तान, ईरान का साथ छोड़े तो पड़ोसी नाराज, अमेरिका से दूरी बनाए तो बढ़ेगी मुश्किल बांग्लादेश हिंदुस्तान के साथ द्विपक्षीय यात्रा की व्यवस्था पर कर रहा है काम बांग्लादेशी मंत्री ने यह भी कहा कि प्रशासन सही समय आने पर प्रधानमंत्री तारिक रहमान की हिंदुस्तान की द्विपक्षीय यात्रा की व्यवस्था करने पर काम कर रही है. इससे पहले 23 अगस्त से प्रस्तावित उनका तीन दिवसीय हिंदुस्तान दौरा टल गया था. वहीं, हिंदुस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा था कि बांग्लादेश की ओर से तारिक रहमान के BRICS Summit में शामिल होने की अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है. The post BRICS Summit: बांग्लादेश PM तारिक रहमान नहीं होंगे शामिल, मंत्री ने कहा- हमें न्योता ही नहीं मिला appeared first on Naya Vichar.

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चंद मिनटों में खाना खत्म कर देते हैं? पंकज त्रिपाठी की 30 मिनट वाली आदत से सीखें सही तरीका

Healthy Eating Habits: काम की बात सीरीज में हम रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी उन छोटी-बड़ी बातों पर चर्चा करते हैं, जिनका सामना हम अक्सर करते हैं. आज बात खाना खाने की आदत की. भागदौड़ में कई लोग खाना जल्दी-जल्दी खा लेते हैं और कभी मोबाइल देखते हुए तो कभी काम के बीच में ही खाना खत्म कर देते हैं. ऐसे में सवाल है कि क्या बहुत तेजी से खाना सेहत के लिए ठीक है. क्या खाना खाने में 20-30 मिनट लगाना जरूरी है. हाल में ही अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने FSSAI के Eat Right India से बातचीत में बताया कि वह खाना खाने में करीब 30 मिनट का समय देते हैं. तो आइए, आज की काम की बात में जानते हैं कि धीरे खाने से क्या फायदा हो सकता है और खाना खाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.  पंकज त्रिपाठी ने बताया खाने का आसान तरीका अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने बताया कि अच्छी सेहत, दिनभर एनर्जी बनाए रखने और दिमाग को एक्टिव रखने के लिए सिर्फ क्या खा रहे हैं, यह ही नहीं बल्कि कैसे खा रहे हैं, यह भी जरूरी है. FSSAI का #EatRightIndia अभियान भी रोज के खान-पान को बेहतर बनाने पर जोर देता है. इसमें ज्यादा प्रोसेस्ड फूड से बचने और ताजा खाना खाने के साथ-साथ भोजन को आराम से और ध्यान देकर खाने की बात कही गई है. View on Instagram क्या खाना खाने के लिए 30 मिनट का समय तय करना चाहिए? नहीं, हर व्यक्ति के लिए 30 मिनट का कोई तय नियम नहीं है. जरूरी यह है कि खाना बहुत जल्दबाजी में न खाया जाए. अगर आप आमतौर पर कुछ ही मिनटों में पूरी प्लेट खत्म कर देते हैं, तो अपनी इटिंग स्पीड थोड़ी कम करने की कोशिश (Healthy Eating Habits) कर सकते हैं. आराम से खाना, निवाले को अच्छी तरह चबाना और बीच-बीच में रुकना ज्यादा महत्वपूर्ण है. जल्दी खाना खाने से क्या परेशानी हो सकती है? बहुत तेजी से खाने पर कई बार व्यक्ति को यह समझने का समय नहीं मिलता कि उसका पेट भर रहा है. ऐसे में जरूरत से ज्यादा खाना खाया जा सकता है. धीरे खाने से खाने के बीच थोड़ा समय मिलता है और भूख कम होने के संकेतों को पहचानना आसान हो सकता है. यानी खाना सिर्फ प्लेट खत्म करने के लिए नहीं, बल्कि शरीर की जरूरत को समझते हुए खाना जरूरी है. पेट भरने का संकेत मिलने में इतना समय क्यों लगता है? खाना शुरू करने के बाद पेट और दिमाग के बीच लगातार सिग्नल का आदान-प्रदान होता है. पेट में खाना पहुंचने और पाचन प्रक्रिया शुरू होने के बाद शरीर कई तरह के संकेत भेजता है. इन संकेतों को दिमाग तक पहुंचने और भरने महसूस होने में कुछ समय लग सकता है. यही वजह है कि बहुत तेजी से खाने पर व्यक्ति को बाद में अचानक यह महसूस हो सकता है कि उसने जरूरत से ज्यादा खाना खा लिया. क्या खाना जल्दी खाने से गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है? कुछ लोगों में इसकी संभावना हो सकती है. जल्दी खाते समय बड़े निवाले लेने या खाना खाते हुए बात करने से भोजन के साथ ज्यादा हवा निगलने की समस्या हो सकती है. इससे डकार या पेट फूलने जैसा बेचैनी महसूस हो सकता है. लेकिन हर बार गैस या एसिडिटी का कारण सिर्फ जल्दी खाना नहीं होता. इन समस्याओं के पीछे दूसरी स्वास्थ्य संबंधी वजहें भी हो सकती हैं. PC: AI Generated खाना खाते समय मोबाइल चलाना भी गलत आदत है? अगर आपका ध्यान पूरी तरह मोबाइल पर है, तो आप खाने पर ठीक से ध्यान नहीं दे पाते. ऐसे में खाना कितनी तेजी से खाया जा रहा है या पेट कब भरने लगा, इसे महसूस करना मुश्किल हो सकता है. इसलिए खाना खाते समय कुछ देर मोबाइल को दूर रखना एक आसान बदलाव हो सकता है. इससे आपका ध्यान भोजन पर रहेगा और आप अपनी भूख व पेट भरने के संकेतों को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे. Healthy Eating Habits: धीरे खाने की आदत डालने के लिए क्या करें? छोटे निवाले लें. हर निवाले को अच्छी तरह चबाएं. निवाला निगलने के बाद ही अगला निवाला लें. खाना खाते समय मोबाइल या टीवी से दूरी रखें. खाने को जल्दी खत्म करने की कोशिश न करें. खाते समय बीच-बीच में अपनी भूख पर ध्यान दें. पेट संतुष्ट महसूस होने लगे तो सिर्फ प्लेट खत्म करने के लिए खाते न रहें. छोटी बात हो या रोज की कोई परेशानी, सही जानकारी काम आसान कर सकती है. ऐसी ही एक और काम की जानकारी के साथ अगली कड़ी में फिर मिलेंगे. यह भी पढ़ें: दूध उबालकर भी जल्दी फट जाता है? कहीं आप तो नहीं कर रहे ये गलतियां The post चंद मिनटों में खाना खत्म कर देते हैं? पंकज त्रिपाठी की 30 मिनट वाली आदत से सीखें सही तरीका appeared first on Naya Vichar.

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भारत में 7 साल बाद मिलेंगे PM मोदी और शी जिनपिंग, LAC से व्यापार तक इन मुद्दों पर हो सकती है बात

BRICS Summit 2026 : राजधानी दिल्ली में 18वां BRICS सम्मेलन होने जा रहा है. 12 और 13 सितंबर को हिंदुस्तान मंडपम में होने वाले इस सम्मेलन में दुनिया के कई बड़े नेता पहुंचेंगे. इनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच मुलाकात भी होने की उम्मीद है. दोनों नेताओं की हिंदुस्तान में करीब सात साल बाद आमने-सामने बैठक होगी. इस मुलाकात को हिंदुस्तान और चीन के रिश्तों के लिए काफी अहम माना जा रहा है. 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था. इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा और दूसरे मुद्दों को लेकर कई दौर की बातचीत हुई है. अब दोनों नेताओं की मुलाकात से रिश्तों को आगे बढ़ाने की कोशिशों को नई दिशा मिल सकती है. LAC पर हो सकती है सबसे अहम बात मोदी और शी की बातचीत में सबसे बड़ा मुद्दा हिंदुस्तान-चीन सीमा का हो सकता है. दोनों देश LAC यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति बनाए रखने और सीमा पर तनाव कम करने के तरीकों पर बात कर सकते हैं. दोनों देशों के बीच आगे ऐसी स्थिति न बने, जैसी 2020 में गलवान के दौरान बनी थी, इस पर भी चर्चा हो सकती है. सीमा पर भरोसा बढ़ाने और सैनिकों के बीच किसी नए तनाव को रोकने के लिए आगे क्या कदम उठाए जा सकते हैं, यह भी बातचीत का हिस्सा हो सकता है. चीन के साथ कारोबार पर भी नजर मोदी और शी के बीच व्यापार का मुद्दा भी अहम हो सकता है. हिंदुस्तान और चीन के बीच कारोबार काफी बड़ा है, लेकिन दोनों देशों के बीच व्यापार में हिंदुस्तान का घाटा लंबे समय से चिंता का विषय रहा है. बैठक में चीनी कंपनियों के हिंदुस्तान में निवेश और कारोबार से जुड़े नियमों पर भी बात हो सकती है. खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में चीन से आने वाली मशीनों और सामान से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की संभावना है. सीधी उड़ानों और आने-जाने पर भी हो सकती है बात हिंदुस्तान और चीन के लोगों के बीच आने-जाने को आसान बनाने का मुद्दा भी अहम हो सकता है. दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें फिर शुरू हो चुकी हैं और चीन से आने वाले कारोबारियों के लिए वीजा नियमों में भी कुछ बदलाव किए गए हैं. आगे इन सेवाओं को और आसान बनाने पर बात हो सकती है. BRICS में दोनों देश साथ-साथ कई मुद्दे उठाएंगे मोदी और शी की मुलाकात सिर्फ हिंदुस्तान-चीन रिश्तों तक सीमित नहीं रहेगी. BRICS सम्मेलन में दोनों देश दुनिया से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर भी साथ काम करने की कोशिश करेंगे. इसमें खाने-पीने की चीजों की सुरक्षा, ऊर्जा, कारोबार, नई तकनीक और सामान की सप्लाई को मजबूत बनाने जैसे मुद्दे शामिल हैं. हिंदुस्तान इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और सम्मेलन में दुनिया के विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने पर भी जोर रहेगा. हिंदुस्तान में 2019 में आखिरी बार मिले थे मोदी-शी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की हिंदुस्तान में आखिरी बड़ी मुलाकात अक्टूबर 2019 में हुई थी. यह मुलाकात चेन्नई के पास महाबलीपुरम में हुई थी. इसके बाद 2020 में गलवान की घटना के कारण दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया. अब करीब सात साल बाद शी जिनपिंग के हिंदुस्तान आने और मोदी से मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है. इस बैठक से यह संकेत मिल सकता है कि हिंदुस्तान और चीन अपने रिश्तों को किस दिशा में आगे ले जाना चाहते हैं. ये भी पढ़ें: BRICS Business Forum 2026: दिल्ली में जुटेंगे दुनिया के सबसे बड़े कारोबारी, Huawei और Alibaba भी होंगे शामिल The post हिंदुस्तान में 7 साल बाद मिलेंगे PM मोदी और शी जिनपिंग, LAC से व्यापार तक इन मुद्दों पर हो सकती है बात appeared first on Naya Vichar.

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