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Asian Games 2026: टीम इंडिया को नहीं मिलेगा VIP ट्रीटमेंट, BCCI ने होटल विवाद पर तोड़ी चुप्पी

Asian Games 2026: जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स में हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के ठहरने को लेकर चल रहे विवाद पर BCCI ने सफाई दी है. BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों के लिए अच्छी और आरामदायक रहने की व्यवस्था की गई है. हालांकि, ये होटल 5 स्टार नहीं होंगे. नागोया में होटल की कमी बनी वजह राजीव शुक्ला ने बताया कि नागोया में बड़े और फाइव स्टार होटलों की संख्या कम है. इसी वजह से खिलाड़ियों को वहां उपलब्ध व्यवस्था में ही ठहराने का फैसला किया गया है. उन्होंने कहा कि टीम को टोक्यो या ओसाका में ठहराना भी एक विकल्प था, लेकिन वहां से नागोया आने-जाने में काफी समय लगता. शुक्ला ने कहा कि खिलाड़ियों को अलग-अलग कमरे दिए जाएंगे. उन्हें ट्विन-शेयरिंग कमरे में नहीं रहना होगा. BCCI के पास खिलाड़ियों के लिए तय किए गए होटल की तस्वीरें और वीडियो भी हैं और बोर्ड व्यवस्था से संतुष्ट है. IOA और आयोजकों ने मिलकर की व्यवस्था हिंदुस्तानीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा ने भी कहा कि खिलाड़ियों के ठहरने का इंतजाम किया जा चुका है. उन्होंने बताया कि एशियन गेम्स के आयोजक, IOA और BCCI मिलकर खिलाड़ियों की व्यवस्था देख रहे हैं. हालांकि, होटल की बुकिंग किसने की है, इसको लेकर थोड़ी असमंजस की स्थिति बनी हुई है. राजीव शुक्ला ने कहा कि अगर व्यवस्था में कोई कमी दिखाई देती है तो उसे दूर किया जाएगा. ये भी पढ़ें: BCCI ने रोहित पर लगाया दो साल का बैन, अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम से हुए बाहर; इन 2 खिलाड़ियों की एंट्री होटल से ज्यादा मैदान की चिंता BCCI उपाध्यक्ष ने कहा कि असली चिंता खिलाड़ियों के होटल की नहीं, बल्कि मैदान, पिच और ड्रेसिंग रूम को लेकर थी. एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) की टीम ने नागोया जाकर इन सुविधाओं का जायजा लिया है. टीम ने अब मैदान और पिच समेत बाकी व्यवस्थाओं पर संतोष जताया है. 22 सितंबर को जापान से ऐतिहासिक मुकाबला हिंदुस्तानीय टीम 20 सितंबर को जापान के लिए रवाना होगी. टीम 22 सितंबर को जापान के खिलाफ एक ऐतिहासिक टी20 मुकाबला स्पोर्ट्सेगी. इसके बाद हिंदुस्तान 28 सितंबर से एशियन गेम्स में अपना अभियान शुरू करेगा. हिंदुस्तान पिछली बार चीन में हुए एशियन गेम्स में पुरुष और स्त्री दोनों क्रिकेट प्रतियोगिताओं का चैंपियन रहा था. राजीव शुक्ला ने कहा कि हिंदुस्तान इस बार भी मजबूत टीम के साथ उतर रहा है और खिताब बचाने की पूरी कोशिश करेगा. ये भी पढ़ें: Richest Cricket Board: आखिर कौन है दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड? देखें टॉप-10 की पूरी लिस्ट The post Asian Games 2026: टीम इंडिया को नहीं मिलेगा VIP ट्रीटमेंट, BCCI ने होटल विवाद पर तोड़ी चुप्पी appeared first on Naya Vichar.

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Iran-US War : US ने ईरान के 5 टैंकर किए तबाह, ओमान की खाड़ी से खार्ग द्वीप तक मचा हड़कंप

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की दो बार कोशिश की. इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने पांच ईरानी कच्चे तेल के टैंकरों को तबाह कर दिया. अमेरिकी युद्धपोत ने दोनों हमले किए नाकाम CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत ने ईरान की दोनों मिसाइल हमलों की कोशिशों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया. इसके बाद अमेरिकी जहाजों ने क्षेत्रीय जलक्षेत्र में अपनी गश्त जारी रखी. अमेरिका ने बताया कि इन घटनाओं में किसी अमेरिकी सैन्यकर्मी के घायल होने की जानकारी नहीं है. ओमान की खाड़ी में चार टैंकरों पर कार्रवाई अमेरिकी कमांड के मुताबिक, ईरान के हमले की कोशिश के बाद अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में IRGC से जुड़े चार कच्चे तेल के टैंकरों को निशाना बनाया. इनमें M/T Kaviz, M/T Charminar, M/T Horizon 1 और M/T Riesco शामिल हैं. अमेरिकी सेना का दावा है कि इन जहाजों को कार्रवाई से पहले चालक दल को खाली करने का निर्देश दिया गया था. खार्ग द्वीप के पास पांचवें टैंकर पर हमला अमेरिकी सेना ने इसके अलावा M/T Derya को खार्ग द्वीप के पास निशाना बनाया. CENTCOM के मुताबिक, इन कार्रवाइयों का मकसद जहाजों को संचालन के लायक नहीं रहने देना था. खार्ग द्वीप ईरान के लिए कच्चे तेल के निर्यात का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है. तेल से मिलने वाले पैसों को लेकर अमेरिका का बड़ा दावा CENTCOM ने आरोप लगाया कि ईरान इन तेल टैंकरों का इस्तेमाल अरबों डॉलर के एक गुप्त नेटवर्क के तहत करता रहा है. अमेरिकी कमांड के अनुसार, इस नेटवर्क से होने वाली कमाई का इस्तेमाल IRGC और उसके क्षेत्रीय सहयोगी संगठनों को आर्थिक मदद पहुंचाने में किया जाता है. अमेरिका ने यह भी दावा किया कि ईरान इन टैंकरों को अमेरिकी कार्रवाई से बचाने में सक्षम नहीं है. 5 सितंबर को भी तीन टैंकरों पर हुई थी कार्रवाई अमेरिका और ईरान के बीच तेल टैंकरों को लेकर टकराव नया नहीं है. CENTCOM के अनुसार, इससे पहले 5 सितंबर को भी अमेरिकी सेना ने तीन ईरानी कच्चे तेल के टैंकरों को नष्ट किया था. अमेरिका का कहना है कि उस कार्रवाई से पहले IRGC ने एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत को निशाना बनाने की कोशिश की थी. ईरान ने जवाब में जॉर्डन में अमेरिकी बेस को बनाया निशाना ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई का जवाब देने का दावा किया है. IRGC के मुताबिक, ईरानी जहाजों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला किया गया. ईरानी प्रशासनी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, अल-अजराक बेस को भारी मिसाइल हमले में निशाना बनाया गया. जॉर्डन का दावा- 20 में से 18 मिसाइलें मार गिराईं वहीं, जॉर्डन ने दावा किया कि उसने ईरान की ओर से दागी गई 20 में से 18 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया. जॉर्डन की प्रशासनी समाचार एजेंसी ने सेना के हवाले से बताया कि दो मिसाइलें सुनसान इलाकों में गिरीं. इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. ये भी पढ़ें: सऊदी अरब पर हूतियों का हमला, 73 लोग घायल; अबहा-जजान समेत कई शहरों में मची हलचल तेल टैंकरों से मिसाइल हमले तक बढ़ा टकराव लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और गहरा गया है. एक तरफ अमेरिका ईरान के तेल नेटवर्क और IRGC से जुड़े जहाजों को निशाना बना रहा है, तो दूसरी ओर ईरान अमेरिकी सैन्य ठिकानों और युद्धपोतों को जवाबी कार्रवाई की धमकी दे रहा है. ऐसे में खाड़ी क्षेत्र में हालात और बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है. The post Iran-US War : US ने ईरान के 5 टैंकर किए तबाह, ओमान की खाड़ी से खार्ग द्वीप तक मचा हड़कंप appeared first on Naya Vichar.

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Bigg Boss 20 Episode 2 Highlights: अर्शिफा खान ने आम्रपाली दुबे से लिया पंगा… फिर यंग-काजी ने की गाली गलौज, भोजपुरी क्वीन ने बिहार-झारखंड का किया जिक्र

Bigg Boss 20 Episode 2 Highlights: “संचालक को कुछ समझ ही नहीं आ रहा है…” यंग का ये तंज सुनते ही बिग बॉस 20 के घर में माहौल गर्म हो गया. कैप्टेंसी टास्क के दौरान यंग और काजी आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते दोनों के बीच जमकर बहस शुरू हो गई. बात इतनी बढ़ी कि दोनों ने एक-दूसरे पर गालियों की बौछार तक कर दी.बिग बॉस 20 के दूसरे एपिसोड में ऐसा लग रहा है कि कंटेस्टेंट्स ने इंतजार करने के बजाय पहले ही एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.अगर वह किसी को पसंद नहीं कर रहे हैं, तो सामने कह रहे हैं. कैप्टेंसी टास्क में एक के बाद एक बाहर हुए कंटेस्टेंट कैप्टेंसी टास्क को दूसरे एपिसोड में आगे बढ़ाया गया. मुकाबला जैसे-जैसे आगे बढ़ा, वैसे-वैसे कैप्टन बनने की रेस से कंटेस्टेंट्स बाहर होते गए. पहले माही, रिती और लव गिल टास्क से आउट हुए. इसके बाद अगले राउंड में उदिति, मैरी और रोहैद को बाहर का रास्ता देखना पड़ा. आखिरी राउंड में भी स्थिति कुछ कम दिलचस्प नहीं रही. काजी इस बात को लेकर कंफ्यूज हो गए कि सबसे आखिर में कौन था. फिर डिसाइड ऐसा हुआ कि यंग, गुल्लू और आसिफ कैप्टेंसी के तीन दावेदार बनकर सामने आए. खुला 2X रूम, किसी की जिंदगी तो किसी की ‘लाइफ’ खतरे में काजी, गुल्लू और आसिफ को कैप्टेंसी की रेस में पहुंचने पर बिग बॉस ने बधाई दी. इसके बाद घर में 2X रूम खोलने का ऐलान हुआ. इस टास्क में नंबर 2 से आने वाला कंटेस्टेंट किसी दूसरे घरवाले को जीवनदान दे सकता था, जबकि X से आने वाले को किसी की लाइफ छीनने का अधिकार मिलना था. सबसे पहले आसिफ पहुंचे और उन्होंने अर्शिफा को नॉमिनेट किया. इसके बाद गुल्लू ने उदिति की लाइफ लेने की गुजारिश की. आखिर में यंग की बारी आई और उन्होंने कनिका मान का नाम लिया. अर्शिफा और आम्रपाली की भिड़ंत ने बढ़ाया पारा बिग बॉस ने जब सभी घरवालों को हॉल में बुलाया तो वहां भी भोजपुरी क्वीन और अर्शिफा का हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला.आम्रपाली घरवालों से बातचीत कर रही थीं, तभी उन्होंने यंग से पूछा, “राज पिक्चर देखी है, राज?” यंग के सवाल करने पर आम्रपाली ने बात टालते हुए कहा, “कुछ नहीं, ऐसे ही.” तभी अर्शिफा ने बीच में बोलते हुए कहा कि आपने मुझे बच्चा कहा था और अब बात घुमा रही हैं. आम्रपाली ने सफाई दी कि उन्होंने उन लोगों के लिए कहा था, जो उस वक्त पैदा भी नहीं हुए थे, लेकिन यह सुनकर क्रिएटर भड़क गईं और बोलीं कि उन्हें पता है आम्रपाली ने किसके लिए कहा था. इसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई. अर्शिफा ने साफ कहा कि उन्हें बच्चा समझने की जरूरत नहीं है और भले ही उन्हें छोटी समझा जा रहा हो, लेकिन उनका दिमाग किसी से कम नहीं है. देखते ही देखते बहस तू-तू, मैं-मैं में बदल गई और गुस्से में एक्ट्रेस ने यहां तक कह दिया कि वह अकेले ही सबका सामना करने के लिए काफी हैं. काजी की ‘एक्टिंग’ देखकर घरवाले हुए हैरान टास्क खत्म होने के बाद रात में काजी कैमरे के सामने अलग ही अंदाज में नजर आए. वह कैमरे से बातें करते रहे और उनकी ये हरकत बाकी घरवालों को काफी फनी लगी. काजी ने खुद साफ किया कि वह जानबूझकर ऐसा कर रहे थे ताकि दूसरे घरवालों को भी उनका ये अंदाज नजर आए. इसके बाद यंग और स्काउट ने काजी को लेकर बातचीत की और दोनों को लगा कि काजी एक्टिंग कर रहे हैं.एक दिन वह उसे एक्सपोज करके रहेंगे. बिहार और भोजपुर से आम्रपाली और माही विज ने मांगी माफी बिग बॉस 20 के घर में माही विज और आम्रपाली दुबे के बीच ‘भाभी जी’ को लेकर मजेदार बातचीत देखने को मिली. आम्रपाली ने कनिका मान से कहा कि माही ने आज काजी को काफी परेशान किया, जिस पर कनिका ने मजाक में उन्हें ‘भाभी जी’ कह दिया. भोजपुरी क्वीन कहती हैं कि मैं एक मात्र भाभी हूं, जिसके कोई भैया नहीं है. माही ने बताया कि काजी को नहाने जाना था, लेकिन आम्रपाली के साड़ी पहनने की बात सुनकर वह वहीं बैठकर प्रवचन देने लगे. आम्रपाली ने भी मजाक करते हुए कहा कि कल जब वह चेंज कर रही थीं, तब काजी नहीं आए थे. माही ने जवाब दिया कि अब वह खुले में साड़ी पहनेंगी. इसी दौरान आम्रपाली ने कहा कि भाभी के ऊपर मजाक नहीं करना चाहिए, क्योंकि हमारे बिहार और भोजपुरी में वह मां के समान होती हैं. इसके बाद माही और आम्रपाली ने अपनी बात को लेकर माफी भी मांगी. भोजपुरी पर बोलीं आम्रपाली, कहा- यूपी-बिहार-झारखंड अपना लगता है आम्रपाली दुबे ने भोजपुरी को लेकर भी अपनी भावनाएं जाहिर कीं. उन्होंने कहा कि वह यूपी, बिहार और झारखंड को अपना राज्य मानती हैं. उनका कहना था कि जब कोई भोजपुरी के खिलाफ बात करता है तो उन्हें अच्छा नहीं लगता. बिग बॉस 20 में हुआ नॉमिनेशन टास्क इसी बीच बिग बॉस ने घरवालों को सीजन के पहले नॉमिनेशन की जानकारी दी. बताया गया कि नॉमिनेट होने वाले कंटेस्टेंट के लिए दर्शक वोट करेंगे और जिसे सबसे कम वोट मिलेंगे, उसकी एक लाइफ चली जाएगी. पहले नॉमिनेशन में किसने किसे चुना? सबसे पहले गुल्लू कन्फेशन रूम में पहुंचे और उन्होंने आम्रपाली दुबे तथा लव गिल को नॉमिनेशन में डाल दिया. इसके बाद मनोज तिवारी की बेटी ने उदिति सिंह और मैरी कॉम को घर से बेघर होने के लिए चुना. फिर कनिका मान की बारी आई. उन्होंने अर्शिफा खान और लव गिल का नाम नॉमिनेशन के लिए लिया. आसिफ खान ने कनिका मान और उदिति सिंह को एलिमिनेशन के लिए नॉमिनेट किया. अमन गांधी ने नॉमिनेशन में लव गिल और आम्रपाली दुबे का नाम चुना. आम्रपाली दुबे ने कन्फेशन रूम में जाकर गुल्लू और कनिका मान को बेघर होने की रेस में डाल दिया. इसके बाद स्काउट ने उदिति सिंह और अर्शिफा खान को नॉमिनेट किया. रोहैद खान ने कनिका मान और लव गिल को नॉमिनेशन के लिए चुना. अपनी बारी में लव गिल ने गुल्लू और कनिका मान का नाम लिया. माही विज ने अर्शिफा खान और उदिति

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9 सितंबर की टॉप 20 खबरें: 2027 यूपी चुनाव के लिए सीएम योगी का मास्टरप्लान तैयार, कौन होगा सुदिव्य सोनू की राजनीतिक विरासत का वारिस?

1. नदीमुल हक पर छापे की कार्रवाई पूरी, ईडी का दावा- 60 करोड़ की गड़बड़ी मिली, टीएमसी ने कहा- ये ‘ऑपरेशन लोटस 2.0’ ED Raids TMC MP Nadim Ul Haque: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद नदीमुल हक से जुड़े उर्दू अखबार के ठिकानों पर छापेमारी के बाद 60 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताओं का दावा किया है. टीएमसी ने इसे ‘ऑपरेशन लोटस 2.0’ का हिस्सा बताया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 2. UP Election 2027: CM योगी का चुनावी मास्टरप्लान तैयार, मंदिर- मस्जिद तय करेगी 2027 में कौन बनेगा किंग? UP Election 2027: यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरू हो गई है. मथुरा और सहारनपुर में हाल की घटनाओं ने धार्मिक मुद्दों को चर्चा में ला दिया है, जबकि मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर लगे पोस्टरों ने पुरानी यादें ताज़ा कर दी हैं.यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 3. 2027 से पहले UP में सबसे बड़ा सियासी स्पोर्ट्स: BJP-SP के बीच तीसरी ताकत की दस्तक, बदल जाएगा चुनावी गणित UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नए समीकरण बन रहे हैं. मुख्य मुकाबला भाजपा और सपा के बीच है, लेकिन बसपा और आजाद समाज पार्टी की रणनीतियां चुनावी गणित को प्रभावित कर सकती हैं. जानिए क्या है पूरी कहानी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 4. कौन संभालेगा सुदिव्य सोनू की नेतृत्वक विरासत, श्वेता या कोई और? गिरिडीह में उठने लगे सवाल झामुमो के कद्दावर नेता सुदिव्य सोनू के अचानक चले जाने से गिरिडीह की नेतृत्व में गहरा खालीपन आ गया है. ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि उनकी नेतृत्वक विरासत को कौन संभालेगा. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 5. गांधी सेतु के पाया नंबर 9 के पास नाव हादसा, 11 लोग सवार थे; 9 सुरक्षित, एक शव बरामद और एक लापता हाजीपुर में महात्मा गांधी सेतु के पाया नंबर 9 के पास बाढ़ के पानी में नाव बोल्डर से टकराकर डूब गई. नाव पर सवार 11 लोगों में 9 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक शव बरामद हुआ और एक व्यक्ति लापता है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 6. Video : वडोदरा से विपक्ष पर पीएम मोदी का तंज- “अब तो नाराज फूफा को भी काम मिल गया” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रशासन के डेवलपमेंट वर्क पर सवाल उठाने वाले आलोचकों पर तंज कसा. उन्होंने ऐसे लोगों के लिए ‘नाराज फूफा जी’ शब्द का इस्तेमाल किया. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 7. राहुल गांधी के विमान की लखनऊ में पहली लैंडिंग टली, दूसरी कोशिश में सुरक्षित उतरा राहुल गांधी के विमान को लखनऊ एयरपोर्ट पर पहली कोशिश में लैंडिंग नहीं हो सकी, जिसके बाद विमान ने दोबारा चक्कर लगाकर सुरक्षित लैंडिंग की. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 8. दुश्मन के खिलाफ हिंदुस्तानीय सेना और मजबूत, रडार से लेकर हेलीकॉप्टर तक खरीदे जाएंगे सेना को दुश्मन के रडार को बेअसर करने की क्षमता देने वाला नया सिस्टम मिलेगा. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, जीबीएमपीजे दुश्मन के रडार को जाम करने में मदद करेगा. खास बात यह है कि रक्षा खरीद के तहत मंजूर कुल सामान में करीब 98 प्रतिशत की खरीद हिंदुस्तानीय कंपनियों से की जाएगी. इससे देश में रक्षा सामान बनाने को बढ़ावा मिलेगा और सेना की ताकत भी बढ़ेगी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 9. दुर्गा पूजा : कोलकाता की 7 बड़ी समितियों का ऐलान- नहीं लेंगे 1 लाख रुपए की प्रशासनी सहायता, पूरी लिस्ट यहां देखें Durga Puja 2026: कोलकाता की 7 प्रमुख दुर्गा पूजा समितियों ने पश्चिम बंगाल प्रशासन द्वारा घोषित 1 लाख रुपए की सहायता राशि को ठुकराने का फैसला किया है. यह निर्णय मुख्यमंत्री की अपील के बाद लिया गया है, जहां बड़ी बजट वाली समितियों से राशि न लेने का आग्रह किया गया था. राजडांगा नब उदय संघ तो मुख्यमंत्री राहत कोष में दान देने की बात कह रहा है.यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 10. बाबा बागेश्वर की दुर्गा पूजा में मांसाहार पर प्रतिबंध की अपील से कांग्रेस नाराज, 2 थानों में शिकायत, कार्रवाई की मांग दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस कमेटी ने बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ भवानीपुर पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज करायी है. कांग्रेस का आरोप है कि दुर्गा पूजा के दौरान मांस-मछली न खाने की अपील से बंगाली समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है.यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 11. MS Dhoni के फार्म हाउस में कोबरा निकलने से मचा हड़कंप, रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा MS Dhoni के रांची स्थित फार्म हाउस में एक कोबरा सांप मिलने से हड़कंप मच गया. स्नेक रेस्क्यू एक्सपर्ट नारायण प्रमाणिक ने कड़ी मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित रेस्क्यू किया. सौभाग्य से, घटना के समय फार्म हाउस में धोनी का कोई परिवार सदस्य मौजूद नहीं था. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 12. फोन में आया प्रशासनी या बैंक का लिंक असली है या जालसाजों का? AI के दौर में ऐसे पहचानें फर्जी मैसेज और ऐप AI के दौर में बैंक और प्रशासनी विभागों के नाम पर फर्जी मैसेज और लिंक तेजी से बढ़ रहे हैं. किसी लिंक पर क्लिक करने या APK डाउनलोड करने से पहले उसकी जांच जरूरी है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 13. मारुति बलेनो फेसलिफ्ट vs टाटा अल्ट्रोज: किसे खरीदने पर सबसे कम EMI देनी पड़ेगी? नई मारुति बलेनो फेसलिफ्ट और टाटा अल्ट्रोज हिंदुस्तानीय बाजार में प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में धूम मचा रही हैं. अगर आप भी इन दोनों में से कोई एक कार EMI पर खरीदने का सोच रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि किसकी मंथली EMI सबसे कम होगी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 14. भूदा बस्ती की बेटी बनेगी डॉक्टर, DC आदित्य रंजन उठाएंगे पूरा खर्च, NEET में मिले 582 मार्क्स Dhanbad Poonam kumari NEET: धनबाद के भूदा बस्ती की रहने वाली पूनम कुमारी ने नीट यूजी परीक्षा में सफलता हासिल की है. अब उन्हें धनबाद का प्रशासनी मेडिकल कॉलेज मिला है. पूनम के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और उनकी मां हाउस वाइफ हैं. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 15. पटना हाईकोर्ट असिस्टेंट भर्ती 2026 का एग्जाम डेट जारी, इस दिन होगी परीक्षा Patna High Court Assistant Exam Date 2026: पटना हाईकोर्ट ने असिस्टेंट भर्ती परीक्षा की तारीख जारी कर दी है. 68 पदों के लिए परीक्षा 18 सितंबर 2026 को होगी. जिन उम्मीदवारों ने आवेदन किया है,

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साइकिल के पैडल बनाने से लेकर बाइक बनाने तक, Hero Motocorp कैसे बनी भारत की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी

अगर आप 90 के दशक या 2000 की शुरुआत में बड़े हुए हैं, तो आपने अपने घर के बड़े-बुजुर्गों को किसी भी बाइक को सिर्फ ‘हीरो होंडा’ कहते जरूर सुना होगा. चाहे चाबी किसी भी मोटरसाइकिल की हो, जुबान पर नाम हीरो होंडा ही आता था. उस दौर का एक टीवी विज्ञापन आज भी कई लोगों के जेहन में ताजा है- “फिल इट, शट इट, फॉरगेट इट” (टंकी भरो, ढक्कन बंद करो और भूल जाओ). यह सिर्फ विज्ञापन नहीं था, बल्कि हिंदुस्तानीय मध्यम वर्ग का अपनी मोटरसाइकिल पर अटूट भरोसा था. लेकिन आज जब आप सड़क पर निकलते हैं, तो नई बाइकों पर ‘Honda’ लिखा नहीं मिलता. उसकी जगह लाल-काले रंग में Hero MotoCorp लिखा मिलता है. लेकिन इसकी वजह क्या रही? आखिर 26 साल तक हिंदुस्तानीय सड़कों पर एकछत्र राज करने वाली Hero और Honda की जोड़ी क्यों टूटी? जापानी कंपनी के अलग होने के बाद बिना उसकी विश्वस्तरीय तकनीक के Hero कैसे जिंदा रही? और आज इलेक्ट्रिक और प्रीमियम दौर में यह कंपनी खुद को कैसे रिलिवेंट बनाए हुए है? इन कुछ बड़े सवालों का जवाब हम देने वाले हैं हमारे नया विचार के इस स्पेशल सेग्मेंट ‘ऑटोकथा’ में..जिसमें.आज हम Hero Motocorp के बारे में जानेंगे. आइए जानते हैं  साइकिल के पैडल से शुरू होकर हिंदुस्तान की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी बनने की पूरी इनसाइड स्टोरी. हीरो मोटोकॉर्प का सफरनामा 1984 में Hero और Honda पहली बार एक हुए इसी दौर में जापान की ऑटोमोबाइल दिग्गज कंपनी Honda Motor Company हिंदुस्तान के तेजी से बढ़ते बाजार में कदम रखना चाहती थी. लेकिन तत्कालीन हिंदुस्तानीय औद्योगिक नीति के तहत किसी भी विदेशी कंपनी को हिंदुस्तान में सीधे तौर पर 100% हिस्सेदारी के साथ कारोबार करने की अनुमति नहीं थी. उन्हें किसी हिंदुस्तानीय पार्टनर के साथ Joint Venture (JV) करना अनिवार्य था. यहां दोनों ने एक-दूसरे की जरूरतें पूरी कीं: Honda के पास क्या था: 4-स्ट्रोक इंजन की आधुनिक जापानी तकनीक, जो ईंधन की खपत में बेजोड़ थी और बेहद कम धुआं छोड़ती थी. Hero के पास क्या था: हिंदुस्तान के छोटे-छोटे कस्बों और देहातों तक फैला डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, स्थानीय वेंडर्स का आधार और हिंदुस्तानीय ग्राहक की नब्ज की गहरी समझ. 1984 में दोनों कंपनियों ने हाथ मिलाया और जन्म हुआ Hero Honda Motors Limited का. दोनों की हिस्सेदारी लगभग बराबर (करीब 26-26%) रखी गई. हीरो मोटोकॉर्प का सफरनामा 2010: क्यों अलग हुए Hero और Honda? जब सब कुछ इतना अच्छा चल रहा था, तो फिर दोनों अलग क्यों हुए? दिसंबर 2010 में जब हीरो और होंडा के अलग होने की आधिकारिक घोषणा हुई, तो ऑटो सेक्टर हैरान रह गया. इसके पीछे कोई मनमुटाव या अचानक हुआ फैसला नहीं था, बल्कि 3 ठोस रणनीतिक और व्यावसायिक कारण थे: विदेशी बाजारों में जाने पर पाबंदी: जॉइंट वेंचर के समझौते के अनुसार, Hero Honda अपनी बाइक्स को हिंदुस्तान के बाहर उन देशों में एक्सपोर्ट नहीं कर सकती थी, जहां Honda पहले से मौजूद थी. हीरो अब ग्लोबल प्लेयर बनना चाहती थी. तकनीक की निर्भरता और रॉयल्टी: हीरो पूरी तरह से होंडा के R&D पर निर्भर थी और हर बिक्री पर भारी रॉयल्टी चुकाती थी. हीरो अपनी खुद की रिसर्च क्षमताएं खड़ी करना चाहता था. हितों का टकराव: 1999 में होंडा ने हिंदुस्तान में अपनी अलग कंपनी (HMSI) बना ली थी. Activa स्कूटर्स के बाद होंडा ने 150cc बाइक Unicorn और 100cc-110cc सेगमेंट Twister में भी एंट्री कर ली. यानी होंडा अब अपने ही पार्टनर हीरो के खिलाफ सीधे मैदान में उतर चुकी थी. अलगाव का समझौता: मुंजाल परिवार ने होंडा की पूरी 26% हिस्सेदारी खरीद ली और तय हुआ कि होंडा 2014 तक अपनी तकनीक का सपोर्ट देती रहेगी, ताकि हीरो को तुरंत झटका न लगे. हीरो मोटोकॉर्प का सफरनामा Premium बाइक और Harley-Davidson का दांव कंपनी ने समझ लिया कि सिर्फ 100cc कम्यूटर बाइक बेचकर भविष्य में टिके रहना मुमकिन नहीं है. इसलिए हीरो ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो (बाइक्स की रेंज) को 3 अलग-अलग हिस्सों में बांटकर काम करना शुरू किया: सेगमेंट प्रमुख मॉडल्स/ब्रांड मुख्य फोकस और खासियत कम्यूटर बेस (रोजमर्रा की बाइक्स) Splendor, Passion, HF Deluxe ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों की रीढ़. आज भी कंपनी की सबसे ज्यादा कमाई (रेवेन्यू) और बिक्री इसी हिस्से से होती है. प्रीमियम सेगमेंट (पावरफुल बाइक्स) Xpulse 200, Karizma XMR, Harley-Davidson X440, Mavrick 440 युवाओं को आकर्षित करने के लिए एडवेंचर और लाइफस्टाइल बाइक्स. इसी को मजबूत करने के लिए अमेरिकी दिग्गज Harley-Davidson के साथ पार्टनरशिप की गई. इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (EV) VIDA V1 स्कूटर, Ather Energy पेट्रोल से आगे बढ़कर भविष्य की तैयारी. इन-हाउस EV ब्रांड ‘VIDA’ की लॉन्चिंग और हिंदुस्तान के प्रमुख EV स्टार्टअप Ather Energy में बड़ा निवेश. हीरो मोटोकॉर्प का सफरनामा Hero की पूरी टाइमलाइन: 8 बड़े पड़ाव 1956: मुंजाल भाइयों ने लुधियाना में ‘Hero Cycles’ की नींव रखी. 1984: Hero और जापानी कंपनी Honda के बीच Joint Venture बना और ‘Hero Honda Motors’ का जन्म हुआ. 1985: हरियाणा के धारूहेड़ा प्लांट से पहली 4-स्ट्रोक बाइक CD 100 लॉन्च हुई. 1994: माइलेज का नया कीर्तिमान रचने वाली Splendor बाजार में उतरी. 2001: दुनिया की सबसे ज्यादा टू-व्हीलर बेचने वाली नंबर-1 कंपनी बनी. 2010: 26 साल बाद Hero और Honda का संयुक्त उद्यम खत्म हुआf मुंजाल परिवार ने होंडा की हिस्सेदारी खरीदी. 2011: नई पहचान के साथ ‘Hero MotoCorp’ नाम से रीब्रांडिंग. 2016: जयपुर में अत्याधुनिक आरएंडडी सेंटर (CIT) शुरू. 2020: अमेरिकी बाइक दिग्गज Harley-Davidson के साथ मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का समझौता. 2022: इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में VIDA ब्रांड का ग्लोबल लॉन्च. हीरो मोटोकॉर्प का सफरनामा साइकिल के पैडल से लेकर 440cc की प्रीमियम बाइक और इलेक्ट्रिक स्कूटर्स तक- Hero की यात्रा हिंदुस्तानीय कॉरपोरेट इतिहास की सबसे बड़ी केस स्टडी है. यह कहानी सिखाती है कि विदेशी पार्टनर पर निर्भर रहने के बजाय जब कोई देसी कंपनी समय रहते अपनी खुद की तकनीक और क्षमताएं खड़ी करती है, तो वह किसी भी बदलाव के बाद अपनी बादशाहत कायम रख सकती है. 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हर बात पर सोचते हैं ‘लोग क्या कहेंगे’? नीम करोली बाबा की ये सीख जरूर पढ़ें

Neem Karoli Baba Teachings: हम अपनी जिंदगी में कई फैसले सिर्फ इसलिए नहीं ले पाते क्योंकि मन में एक ही सवाल चलता रहता है- लोग क्या कहेंगे? कपड़े कैसे हैं, नौकरी क्यों बदली, शादी कब होगी, इतना खर्च क्यों किया या फिर कोई नया काम शुरू किया तो उसमें सफलता मिलेगी या नहीं. दूसरों की राय के बारे में सोचते-सोचते कई बार इंसान अपनी खुशी और जरूरतों को ही पीछे छोड़ देता है.  नीम करोली बाबा की शिक्षाओं को देखें तो उनका जोर दिखावे से ज्यादा प्रेम, सेवा, सच्चाई और ईश्वर के स्मरण पर था. उनकी प्रसिद्ध शिक्षाओं में दूसरों से प्रेम करना, सेवा करना और ईश्वर को याद रखना शामिल है. ऐसे में उनकी सीख से यह समझ मिलती है कि जीवन दूसरों की नजरों के हिसाब से नहीं, बल्कि सही सोच और अच्छे कर्मों के साथ जीना चाहिए.  हर किसी को खुश करना संभव नहीं अगर आप हर काम से पहले यह सोचेंगे कि सामने वाला आपके बारे में क्या सोचेगा, तो शायद ही कोई फैसला अपने मन से ले पाएंगे.  हर व्यक्ति की सोच अलग होती है. जिस काम को कोई गलत समझेगा, हो सकता है वही काम किसी दूसरे को बिल्कुल सही लगे. इसलिए हर किसी की राय को अपने जीवन का पैमाना बनाने के बजाय यह देखना ज्यादा जरूरी है कि आपका फैसला सही नीयत और समझ के साथ लिया गया है या नहीं.  लोगों की राय से ज्यादा अपने कर्म पर ध्यान दें नीम करोली बाबा की शिक्षाओं में सेवा और अच्छे कर्म को काफी महत्व दिया गया है. इसका एक सरल मतलब यह भी समझा जा सकता है कि आपका ध्यान इस बात पर कम होना चाहिए कि लोग आपके बारे में क्या सोच रहे हैं और ज्यादा इस बात पर कि आप अपने हिस्से का काम कितनी ईमानदारी (Neem Karoli Baba Teachings) से कर रहे हैं. अगर आपका काम किसी के लिए मददगार है और आपकी नीयत साफ है, तो हर व्यक्ति की मंजूरी मिलने का इंतजार करने की जरूरत नहीं.  PC: Instagram दिखावे के बजाय सादगी को चुनें (Neem Karoli Baba Teachings) आजकल सोशल मीडिया ने दूसरों से अपनी तुलना करना और भी आसान कर दिया है. किसी की नौकरी देखकर लगता है कि हम पीछे हैं, किसी की लाइफस्टाइल देखकर लगता है कि हमारे पास कम है.  धीरे-धीरे हम अपनी जिंदगी दूसरों को दिखाने के लिए जीने लगते हैं. नीम करोली बाबा की जीवनशैली और शिक्षाओं में सादगी को खास जगह मिलती है. उनकी सीख से यह संदेश लिया जा सकता है कि बाहरी दिखावे से ज्यादा जरूरी मन की शांति और अच्छे व्यवहार को महत्व देना है.  सच बोलने से आत्मविश्वास बढ़ता है नीम करोली बाबा से जुड़ी प्रमुख शिक्षाओं में सत्य बोलने की बात (Neem Karoli Baba Teachings) भी आती है. कई बार हम सिर्फ लोगों की प्रतिक्रिया के डर से अपनी बात छिपाते हैं या ऐसी जिंदगी जीने लगते हैं जो वास्तव में हमारी नहीं होती. हर स्थिति में अपनी बात सोच-समझकर और सम्मान के साथ कहना सीखें. जब इंसान खुद से ईमानदार होता है, तो दूसरों की स्वीकृति पर उसकी निर्भरता धीरे-धीरे कम होने लगती है.  प्रेम और सेवा को जीवन का हिस्सा बनाएं बाबा की शिक्षाओं का एक प्रमुख संदेश “Love everyone, serve everyone” यानी सभी से प्रेम और सेवा की भावना रखना है. इसका मतलब सिर्फ बड़े काम करना नहीं है. घर में किसी की मदद करना, जरूरतमंद को खाना देना, किसी परेशान व्यक्ति की बात सुन लेना या बिना किसी स्वार्थ के किसी का काम कर देना भी सेवा की भावना का हिस्सा हो सकता है.  यह भी पढ़ें: नीम करोली बाबा की ये 5 सीख, जो बुरे वक्त में देंगी हिम्मत The post हर बात पर सोचते हैं ‘लोग क्या कहेंगे’? नीम करोली बाबा की ये सीख जरूर पढ़ें appeared first on Naya Vichar.

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Sachin Tendulkar: जब सचिन की आंखों से छलके थे आंसू, इस खास पल के लिए करना पड़ा था 78 पारियों का इंतजार

Sachin Tendulkar: 9 सितंबर 1994 का दिन सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट करियर में कभी न भूलने वाला पल बन गया था. अपनी पहली ODI सेंचुरी के लिए 78 पारियों का लंबा इंतजार करने वाले सचिन जब इस मुकाम तक पहुंचे, तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में स्पोर्ट्से गए इस मुकाबले में सचिन ने 130 गेंदों पर 110 रन की शानदार पारी स्पोर्ट्सकर अपने वनडे करियर का पहला शतक जड़ा था. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आई पहली ODI सेंचुरी सिंगर वर्ल्ड सीरीज के इस मुकाबले में हिंदुस्तानीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. सचिन पारी की शुरुआत करने उतरे और उन्होंने शुरुआत से ही ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया. सचिन ने 130 गेंदों पर 110 रन बनाए. उनकी पारी में 8 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. उन्होंने महज 43 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था. इसके बाद उन्होंने अपने करियर का वह पहला ODI शतक पूरा किया, जिसका लंबे समय से इंतजार था. हिंदुस्तान ने इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 31 रन से हराया और सचिन को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. वनडे में सचिन की शुरुआत रही थी मुश्किल View on Instagram आज सचिन तेंदुलकर का नाम वनडे क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में लिया जाता है, लेकिन इस फॉर्मेट में उनकी शुरुआत बिल्कुल आसान नहीं रही थी. अपने शुरुआती दो वनडे मैचों में वह शून्य पर आउट हुए थे. मार्च 1990 में न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने पहली बार वनडे में रन बनाए. इसके बावजूद शुरुआती दौर में सचिन को वनडे में वह सफलता नहीं मिल रही थी, जिसकी उनसे उम्मीद की जाती थी. अपनी पहली 66 पारियों में उन्होंने 1,758 रन बनाए थे और इस दौरान उनके बल्ले से 13 अर्धशतक निकले. फिर 27 मार्च 1994 को उनकी बल्लेबाजी में एक बड़ा बदलाव आया. ये भी पढ़ें: एशियन गेम्स से पहले टीम इंडिया में बड़ा बदलाव? चयनकर्ताओं के सामने ये 3 सवाल ओपनिंग ने बदल दिया सचिन का वनडे करियर न्यूजीलैंड के खिलाफ सचिन पहली बार वनडे में बतौर ओपनर उतरे. उन्होंने इस मौके को दोनों हाथों से भुनाया और सिर्फ 49 गेंदों पर 82 रन की तूफानी पारी स्पोर्ट्स दी. इस पारी में उन्होंने 15 चौके और 2 छक्के लगाए. ओपनिंग में मिली इस सफलता के बाद सचिन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. शीर्ष क्रम पर अपनी शुरुआती पांच पारियों में उन्होंने 82, 63, 40, 63 और 73 रन बनाए. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वह पल आया, जिसका इंतजार हर क्रिकेट फैन कर रहा था. पहली सेंचुरी से रिकॉर्ड तोड़ सफर की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगाया गया 110 रन का शतक सचिन के लिए सिर्फ एक आंकड़ा नहीं था. यह उनके वनडे करियर में एक नए दौर की शुरुआत थी. इसके बाद उन्होंने इस फॉर्मेट में लगातार नए मुकाम हासिल किए. सचिन ने अपने वनडे करियर में 463 मैचों की 452 पारियों में 18,426 रन बनाए. उनके नाम 49 शतक और 96 अर्धशतक रहे. वह लंबे समय तक वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन और शतक बनाने वाले बल्लेबाज रहे. ओपनर के तौर पर भी सचिन का रिकॉर्ड शानदार रहा. उन्होंने इस भूमिका में 15,310 रन बनाए, जिसमें 45 शतक और 75 अर्धशतक शामिल थे. ये भी पढ़ें: Carlos Tevez: मेसी-रोनाल्डो को पहली बार एक टीम में देखेंगे फैंस, तेवेज ने बताया कब और कहां देखने को मिलेगा ये खास नजारा The post Sachin Tendulkar: जब सचिन की आंखों से छलके थे आंसू, इस खास पल के लिए करना पड़ा था 78 पारियों का इंतजार appeared first on Naya Vichar.

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BTech CSE को झटका, इस ब्रांच को मिले सबसे ज्यादा प्लेसमेंट ऑफर

IIT कानपुर के कैंपस प्लेसमेंट में इस बार एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिला है. हर साल की तरह BTech कंप्यूटर साइंस (CSE) को सबसे ज्यादा डिमांड वाली ब्रांच माना जाता है, लेकिन ताजा आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं. इस बार सबसे ज्यादा प्लेसमेंट ऑफर CSE को नहीं बल्कि इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (EE) ब्रांच के स्टूडेंट्स को मिले हैं. आइए पूरे आंकड़ों के साथ समझते हैं कि इस बार IIT कानपुर के प्लेसमेंट सीजन में किस ब्रांच ने बाजी मारी. IIT कानपुर प्लेसमेंट 2026: पूरी रिपोर्ट IIT कानपुर में इस साल कुल 1,969 स्टूडेंट्स ने प्लेसमेंट के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें से 1,078 स्टूडेंट्स को नौकरी मिली, यानी ओवरऑल प्लेसमेंट रेट 54.8% रहा. इसके अलावा 254 स्टूडेंट्स को प्री-प्लेसमेंट ऑफर (PPO) के जरिए पहले ही जॉब मिल चुकी थी. कुल मिलाकर स्टूडेंट्स को 1,078 ऑफर्स दिए गए. BTech CSE नहीं, इस ब्रांच ने मारी बाजी अगर ब्रांच-वाइज आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे बड़ा चौंकाने वाला फैक्ट यही है कि टोटल रिक्रूटमेंट के मामले में BTech इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (BT-EE) ने BTech कंप्यूटर साइंस (BT-CSE) को पीछे छोड़ दिया. BT-EE ब्रांच से कुल 153 स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट मिला, जबकि BT-CSE से सिर्फ 122 स्टूडेंट्स को ही जॉब मिल पाई. PPO के मामले में भी EE आगे रहा, इस ब्रांच के 63 स्टूडेंट्स को पहले से ही प्री-प्लेसमेंट ऑफर मिल चुका था, जबकि CSE में यह आंकड़ा 49 का रहा. ये भी पढ़ें: IIT ISM धनबाद में रैंक 4167 पर BTech CSE पक्का, देखें कैटेगरी वाइज सीट अलॉटमेंट प्लेसमेंट प्रतिशत में CSE अब भी आगे हालांकि टोटल ऑफर्स के मामले में भले ही CSE, EE से पीछे रह गई हो, लेकिन प्लेसमेंट प्रतिशत के मामले में CSE ने अपनी बादशाहत बरकरार रखी है. BT-CSE का प्लेसमेंट प्रतिशत 89.7% रहा, जो लिस्ट में सबसे ज्यादा है. वहीं BT-EE का प्लेसमेंट प्रतिशत 77.3% रहा. यानी सीधे शब्दों में कहें तो CSE ब्रांच में रजिस्टर्ड ज्यादातर स्टूडेंट्स को नौकरी मिल गई, लेकिन टोटल सीटों के हिसाब से EE ब्रांच ने ज्यादा स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट दिलाई. ब्रांच कुल स्टूडेंट्स रिक्रूटेड PPO प्लेसमेंट % एवरेज CTC (LPA) BT-CSE 136 122 49 89.7% 41.84 लाख रुपये BT-EE 198 153 63 77.3% 30.07 लाख रुपये BT-CHE 107 74 13 69.2% 22.89 लाख रुपये BT-ME 157 100 24 63.7% 21.33 लाख रुपये BT-AE 56 35 6 62.5% 18.19 लाख रुपये BT-CE 135 76 5 56.3% 18.78 लाख रुपये BT-MSE 82 44 5 53.7% 21.69 लाख रुपये BT-BSBE 59 29 8 49.1% 21.74 लाख रुपये BS-SDS 29 22 12 75.9% 25.54 लाख रुपये BS-MTH 60 41 12 68.3% 29.47 लाख रुपये सैलरी पैकेज की बात करें तो BT-CSE ब्रांच के स्टूडेंट्स को सबसे ज्यादा एवरेज CTC मिला, जो 41.84 लाख रुपये प्रति वर्ष रहा. सबसे ज्यादा हाइएस्ट पैकेज भी CSE स्टूडेंट को ही मिला, जो 120 लाख रुपये रहा. वहीं BT-EE का एवरेज CTC 30.07 लाख रुपये और हाइएस्ट पैकेज 106 लाख रुपये रहा. ओवरऑल पूरे कैंपस का एवरेज CTC 24.87 लाख रुपये, मीडियन CTC 20 लाख रुपये और हाइएस्ट पैकेज 120 लाख रुपये रहा. ये भी पढ़ें: IIT Delhi का ये BTech ब्रांच बेस्ट, Microsoft और Amazon में जॉब के लिए छात्रों की पहली पसंद ओवरऑल प्लेसमेंट ट्रेंड पूरे कैंपस के सैलरी डिस्ट्रिब्यूशन को देखें तो सबसे ज्यादा 355 स्टूडेंट्स को 10-20 LPA के दायरे में पैकेज मिला. इसके बाद 219 स्टूडेंट्स को 20-30 LPA, 180 स्टूडेंट्स को 30-50 LPA और 64 स्टूडेंट्स को 50 LPA से ज्यादा का पैकेज मिला. वहीं 76 स्टूडेंट्स को 10 LPA से कम पैकेज पर संतोष करना पड़ा. इन आंकड़ों से साफ है कि इस बार IIT कानपुर के प्लेसमेंट सीजन में भले ही CSE ब्रांच सैलरी के मामले में टॉप पर रही हो, लेकिन कुल ऑफर्स के मामले में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ब्रांच ने बाजी मार ली. ये भी पढ़ें: DTU का टॉप BTech ब्रांच, Amazon और Google में प्लेसमेंट का मौका The post BTech CSE को झटका, इस ब्रांच को मिले सबसे ज्यादा प्लेसमेंट ऑफर appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं Bittu Tabahi? जिन्होंने अकेले ही साफ कर डाली नदी, पद्मश्री देने की उठ रही मांग

Who Is Bittu Tabahi: बिट्टू तबाही, जिसका असली नाम सुरेंद्र सिंह चौधरी है, मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा का रहने वाला है. बिट्टू बीएससी (B.Sc) का छात्र है और सोशल मीडिया क्रिएटर भी है. उसने अपने इंस्टाग्राम के बायो में खुद को Environmental Activist (पर्यावरण कार्यकर्ता) भी बताया है. क्यों हो रही बिट्टू तबाही की इतनी चर्चा? बिट्टू तबाही की सोशल मीडिया पर इस समय सबसे अधिक चर्चा हो रही है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वायरल होने से पहले इंस्टाग्राम पर उसके केवल 2.8 से 3 लाख फॉलोअर्स थे, लेकिन दो से तीन दिनों में ही उसके फॉलोअर्स की संख्या बढ़कर 1.87 मिलियन (Million) से अधिक हो गई. अब आपको बताते हैं कि आखिर बिट्टू इतना फेमस क्यों हो गया. दरअसल, बिट्टू ने अजनार नदी को अकेले ही साफ कर डाला. उसने 26 जनवरी 2026 को नदी की सफाई का अभियान शुरू किया. गणतंत्र दिवस के दिन उसने संकल्प लिया कि कुछ ऐसा करना चाहिए, जिससे समाज को फायदा हो. शुरुआत में उसका साथ उसके दोस्तों ने दिया, लेकिन दिन बीतने के साथ उनका साथ छूटता चला गया. इसके बावजूद बिट्टू का हौसला नहीं टूटा. उसने सफाई अभियान जारी रखा—वह खुद नदी में उतरता और घंटों सफाई करता. View on Instagram सफाई में बिट्टू के खर्च हुए 30 हजार से अधिक रुपये मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नदी की सफाई के दौरान बिट्टू तबाही को अपनी जेब से भी पैसे खर्च करने पड़े. रिपोर्ट्स की मानें तो बिट्टू के 30 हजार रुपये से अधिक नदी को साफ करने में लग गए. बिट्टू को ताने भी सहने पड़े नदी की सफाई के दौरान बिट्टू को लोगों की तारीफ तो मिली ही, साथ में तानों और आरोपों का भी सामना करना पड़ा. बिट्टू ने नदी को साफ करते हुए अपनी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर डाले, लेकिन कुछ लोगों ने उस पर महज व्यूज और लाइक्स पाने के लिए सफाई करने का आरोप लगा दिया. हालांकि, लोगों की नकारात्मक टिप्पणियों (Negative comments) के बावजूद बिट्टू ने अपना इरादा नहीं बदला और अंततः नदी को पूरी तरह साफ कर दिया. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी हुए मुरीद, सीएम आवास बुलाकर किया सम्मानित अकेले दम पर नदी की सफाई करके बिट्टू ने न केवल अपने राज्य में, बल्कि दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई. मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव भी उसके मुरीद हो गए और उसे सीएम आवास बुलाकर सम्मानित किया. सीएम ने बिट्टू से मुलाकात का वीडियो भी शेयर किया और अपनी पोस्ट में लिखा: “भोपाल में मुख्यमंत्री आवास पर ‘ब्यावरा’ के बेटे सुरेंद्र सिंह चौधरी ‘बिट्टू तबाही’ के साथ एक आत्मीय मुलाकात हुई. अपने अटूट संकल्प और दृढ़ निश्चय से बिट्टू ने न केवल अजनार नदी की सफाई की, बल्कि अपनी कोशिशों से समाज को यह संदेश भी दिया कि बदलाव के लिए किसी बड़ी भीड़ की जरूरत नहीं होती—बस एक सच्ची पहल ही काफी है. आपकी यह पहल ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की भावना को भी मजबूत करती है, जिसका मुख्य उद्देश्य जन-भागीदारी से जल स्रोतों का संरक्षण और पुनरुद्धार करना है. मुझे पूरा भरोसा है कि अजनार नदी से शुरू हुआ आपका यह संकल्प राज्य के युवाओं को अपने आस-पास के जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए प्रेरित करेगा. पूरे राज्य को आप पर गर्व है.” नीदरलैंड्स से मिला ऑफर बिट्टू अपने काम से इतना फेमस हो गया कि उसे नीदरलैंड्स से नौकरी का ऑफर मिल गया. नीदरलैंड्स की मशहूर पर्यावरण संस्था ‘द ओशियन क्लीनअप’ (The Ocean Cleanup) के सीईओ बॉयन स्लैट (Boyan Slat) ने सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीर देखकर सीधे लिखा— “Come work for us” (आओ हमारे साथ काम करो). बिट्टू तबाही को पद्मश्री देने की मांग उठी बिट्टू तबाही के काम की तारीफ सोशल मीडिया पर जमकर हो रही है. कोई उसकी तुलना ‘दशरथ मांझी’ से कर रहा है, तो कोई उसे पद्मश्री देने की मांग कर रहा है. Being Political नाम के इंस्टा यूजर ने बिट्टू के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “आप पद्मश्री के हकदार हैं.” वहीं Jay Bhosale 🇮🇳 ने लिखा, “महाराष्ट्र से ढेर सारा प्यार छोटे, तुम पर गर्व है.” The post कौन हैं Bittu Tabahi? जिन्होंने अकेले ही साफ कर डाली नदी, पद्मश्री देने की उठ रही मांग appeared first on Naya Vichar.

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Ganesh Chaturthi Special: क्यों कहलाए भगवान गणेश ‘एकदंत’? जानें टूटे दांत की पूरी कहानी

Ganesh Chaturthi Special: गणेश चतुर्थी 2026 का पावन पर्व 14 सितंबर, सोमवार को मनाया जाएगा. नया विचार की ‘गणेश चतुर्थी स्पेशल’ सीरीज की पहली कड़ी में आपने भगवान गणेश के जन्म और उनके गजानन बनने की कहानी जानी. अब सीरीज की अगली कड़ी में जानिए कि भगवान गणेश का एक दांत कैसे टूटा और वे ‘एकदंत’ क्यों कहलाए. भगवान गणेश को गजानन, लंबोदर, विघ्नहर्ता और गणपति जैसे कई नामों से जाना जाता है. इन्हीं में एक नाम ‘एकदंत’ भी है. एकदंत का मतलब है- एक दांत वाला. भगवान गणेश की तस्वीरों और मूर्तियों में भी उनका एक दांत पूरा और दूसरा टूटा हुआ दिखाई देता है. लेकिन गणेश जी का दांत आखिर टूटा कैसे? धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में इसे लेकर अलग-अलग कथाएं मिलती हैं. इनमें एक कथा भगवान परशुराम से जुड़ी है, जबकि दूसरी कथा महाहिंदुस्तान के लेखन से संबंधित बताई जाती है. परशुराम और गणेश जी के बीच हुआ विवाद गणेश जी के एकदंत बनने की एक प्रमुख कथा ब्रह्मवैवर्त पुराण के गणेश खंड में मिलती है. इसके अनुसार, एक बार भगवान परशुराम भगवान शिव से मिलने कैलाश पहुंचे. उस समय गणेश जी माता पार्वती के कहने पर द्वार पर पहरा दे रहे थे. परशुराम भगवान शिव के भक्त थे और उनसे मिलने के लिए अंदर जाना चाहते थे. लेकिन गणेश जी ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया. उन्होंने बताया कि माता पार्वती ने उन्हें द्वार की रक्षा करने की जिम्मेदारी दी है. परशुराम ने गणेश जी को समझाने की कोशिश की, लेकिन गणेश जी अपनी बात पर अड़े रहे. देखते ही देखते दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और बात युद्ध तक पहुंच गई. शिव के दिए फरसे से टूटा गणेश जी का दांत परशुराम के पास भगवान शिव का दिया हुआ दिव्य अस्त्र था, जिसे परशु या फरसा कहा जाता है. युद्ध के दौरान परशुराम ने उसी फरसे से गणेश जी पर वार किया. गणेश जी जानते थे कि यह फरसा उनके पिता भगवान शिव ने ही परशुराम को दिया है. इसलिए उन्होंने उस अस्त्र का सम्मान किया. उन्होंने फरसे के वार को रोकने के बजाय उसे अपने एक दांत पर ले लिया. फरसे के प्रहार से गणेश जी का एक दांत टूट गया. इसके बाद से ही उन्हें ‘एकदंत’ कहा जाने लगा. इस कथा में गणेश जी के धैर्य और संयम को खास महत्व दिया जाता है. उनके पास शक्ति होने के बावजूद उन्होंने भगवान शिव के दिए अस्त्र का अपमान नहीं किया. दांत टूटने पर क्रोधित हुईं माता पार्वती जब माता पार्वती को पता चला कि उनके पुत्र गणेश का दांत टूट गया है, तो वे बहुत क्रोधित हो गईं. इस प्रसंग से जुड़ी कथाओं में बताया जाता है कि बाद में परशुराम ने गणेश जी से क्षमा मांगी और मामला शांत हुआ. इस पूरी कथा में गणेश जी के साहस के साथ उनके धैर्य और अपनी जिम्मेदारी के प्रति समर्पण को भी देखा जाता है. उन्होंने माता पार्वती की दी हुई जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए किसी के सामने पीछे हटना स्वीकार नहीं किया. ये भी पढ़ें: Ganesh Chaturthi Special: मां पार्वती ने हल्दी से कैसे बनाए गणेश जी? जानें जन्म की पूरी कहानी क्या महाहिंदुस्तान लिखने के लिए गणेश जी ने अपना दांत तोड़ा था? गणेश जी के एकदंत स्वरूप से जुड़ी एक दूसरी बहुत प्रसिद्ध कथा महाहिंदुस्तान के लेखन से संबंधित है. लोकप्रिय मान्यता के अनुसार, महर्षि वेदव्यास महाहिंदुस्तान की रचना कर रहे थे. उन्होंने भगवान गणेश से इसे लिखने में मदद करने का अनुरोध किया. गणेश जी इसके लिए तैयार हो गए. कहा जाता है कि महाहिंदुस्तान लिखते समय उनकी कलम टूट गई. लेखन रुक न जाए, इसलिए गणेश जी ने अपना एक दांत तोड़ लिया और उसे लेखनी की तरह इस्तेमाल करते हुए महाहिंदुस्तान लिखना जारी रखा. हालांकि, इस कथा को लेकर एक बात ध्यान देने वाली है. महाहिंदुस्तान के आदि पर्व में वेदव्यास और गणेश जी के लेखन से जुड़ा प्रसंग मिलता है, लेकिन इसमें गणेश जी के अपना दांत तोड़कर लेखनी बनाने की बात नहीं कही गई है. इसलिए इसे बाद की लोकप्रिय धार्मिक परंपरा और मान्यता के रूप में देखना ज्यादा उचित माना जाता है. ‘एकदंत’ नाम का क्या मतलब है? ‘एकदंत’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है- ‘एक’ और ‘दंत’. इसका सीधा अर्थ है- एक दांत वाला. भगवान गणेश की मूर्तियों में एक दांत पूरा और दूसरा टूटा हुआ दिखाया जाता है. इसी वजह से उनका एक नाम ‘एकदंत’ पड़ा. गणेश जी के इस स्वरूप का धार्मिक परंपरा में खास महत्व माना जाता है. गणेश जी का एकदंत स्वरूप क्या सिखाता है? गणेश जी का टूटा हुआ दांत केवल उनकी पहचान नहीं है, बल्कि इससे एक खास सीख भी जुड़ी है. मान्यता है कि जीवन में किसी बड़े काम को पूरा करने के लिए कई बार त्याग करना पड़ता है. परशुराम से जुड़ी कथा में यह प्रसंग धैर्य और सम्मान से जुड़ा दिखाई देता है. वहीं, महाहिंदुस्तान से जुड़ी लोकप्रिय कथा में इसे ज्ञान और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जाता है. गणेश जी का एकदंत स्वरूप हमें यह संदेश देता है कि जीवन में मुश्किलें कितनी भी आएं, हमें धैर्य और समझदारी से काम लेना चाहिए. किसी कमी या परेशानी को अपनी कमजोरी नहीं बनने देना चाहिए. मजबूत इरादे और सही सोच के साथ व्यक्ति बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना कर सकता है. अगली कड़ी में जानिए: भगवान गणेश को चंद्रमा ने क्यों बनाया उपहास का पात्र और गणेश जी ने चंद्रमा को क्यों दिया श्राप? जानें गणेश जी और चंद्रदेव से जुड़ी यह रोचक पौराणिक कथा. The post Ganesh Chaturthi Special: क्यों कहलाए भगवान गणेश ‘एकदंत’? जानें टूटे दांत की पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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