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बशीरहाट लोकसभा सीट पर उपचुनाव में देरी क्यों? इलेक्शन कमीशन ने बतायी वजह

Lok Sabha By Poll: चुनाव आयोग ने अलग-अलग समय पर खाली हुई असम की नौगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा कर दी. पश्चिम बंगाल की बशीरहाट और मेघालय की शिलांग लोकसभा सीटें भी रिक्त हैं. इन दोनों संसदीय क्षेत्र में उपचुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है. इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) ने मंगलवार को इसकी वजह भी बता दी है. SIR और चुनावी याचिका की वजह से उपचुनाव में देरी इलेक्शन कमीशन ने कहा है कि चुनावी याचिका और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के चलते लोकसभा की 2 सीटों पर उपचुनाव में देरी हुई है, जबकि एक अन्य संसदीय सीट पर उपचुनाव की घोषणा की जा चुकी है. आयोग ने बताया है कि पश्चिम बंगाल की बशीरहाट, मेघालय की शिलांग और असम की नौगांव लोकसभा सीटें अलग-अलग तिथियों पर रिक्त हुई थीं. असम की नौगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को निर्वाचन आयोग ने सोमवार को नौगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा की, लेकिन अन्य 2 सीटों के लिए कार्यक्रम घोषित नहीं किया. शिलांग और बशीरहाट लोकसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा नहीं किये जाने के कारण के बारे में पूछे जाने पर निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मेघालय में जारी एसआईआर और कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित चुनावी याचिका इसकी मुख्य वजह हैं. ये भी पढ़ें: बंगाल विधानसभा उपचुनाव : नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर 6 अक्टूबर को वोट, 9 को आयेगा रिजल्ट 25 सितंबर 2024 को हुआ बशीरहाट के सांसद का निधन बशीरहाट सीट से तृणमूल कांग्रेस के एसके नूरुल इस्लाम के निर्वाचन को चुनौती देते हुए चुनावी याचिका दायर की गयी थी. हालांकि, लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के कुछ महीने बाद 25 सितंबर 2024 को उनका निधन हो गया. इसके बावजूद उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका लंबित है. कोर्ट में लंबित है चुनावी याचिका चुनाव परिणाम घोषित होने के 45 दिनों के भीतर संबंधित हाईकोर्ट में किसी उम्मीदवार की जीत को चुनौती देते हुए चुनावी याचिका दायर की जा सकती है. आयोग के अधिकारियों ने बताया कि ‘दूसरी गुहार’ वाली एक चुनावी याचिका अभी लंबित है. चुनावी याचिका में दूसरी बार गुहार आमतौर पर याचिकाकर्ता या किसी अन्य उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित करने के लिए की जाती है. पहली गुहार में निर्वाचित उम्मीदवार के निर्वाचन को अमान्य घोषित करने की मांग की जाती है. ये भी पढ़ें: बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने छोड़ी नंदीग्राम सीट, वोटरों से किया ये खास वादा 15 फरवरी को हुआ शिलांग के सांसद का निधन शिलांग लोकसभा सीट 19 फरवरी को वॉयस ऑफ द पीपुल्स पार्टी के सांसद रिकी एंड्रयू सिंगकॉन के निधन के बाद रिक्त हुई थी. आयोग के अधिकारियों ने बताया कि मेघालय में एसआईआर प्रक्रिया जारी है और अंतिम मतदाता सूची 21 अक्टूबर को प्रकाशित की जायेगी. प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे से रिक्त हुई थी नौगांव सीट एकमात्र लोकसभा उपचुनाव असम की नौगांव सीट पर होगा, जो कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी. इस सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा और मतगणना 9 अक्टूबर को की जायेगी. 2024 में जीते थे बोरदोलोई बोरदोलोई ने वर्ष 2024 में कांग्रेस के टिकट पर नौगांव लोकसभा सीट जीती थी, लेकिन इस साल मार्च में उन्होंने पार्टी छोड़ दी और असम विधानसभा चुनाव से पहले हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गये. इसके बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया तथा दिसपुर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. The post बशीरहाट लोकसभा सीट पर उपचुनाव में देरी क्यों? इलेक्शन कमीशन ने बतायी वजह appeared first on Naya Vichar.

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MP Kisan Yojana: किसानों को सालाना मिलते हैं ₹6000, 14वीं-16वीं किस्त को लेकर क्या है अपडेट? ऐसे करें चेक

MP Kisan Yojana : मध्य प्रदेश के किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना काफी अहम प्रशासनी योजना है. इसके तहत पात्र किसानों को राज्य प्रशासन की ओर से साल में कुल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. यह राशि तीन समान किस्तों में देने का प्रावधान है. पीएम किसान सम्मान निधि के साथ जोड़ने पर पात्र किसान परिवार को केंद्र और राज्य से मिलाकर सालाना 12 हजार रुपये की सहायता मिल सकती है. फिलहाल किसानों के बीच सबसे बड़ा सवाल योजना की अगली किस्त को लेकर है. पिछली किस्त के बाद 14वीं, 15वीं और 16वीं किस्त को लेकर किसान लगातार जानकारी खोज रहे हैं. मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में कितने रुपये मिलते हैं? मध्य प्रदेश प्रशासन की आधिकारिक योजना जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को वर्ष में कुल 6000 रुपये तीन समान किस्तों में दिए जाते हैं. भुगतान राज्य स्तर से सिंगल क्लिक के माध्यम से किया जाता है. जानकारी विवरण योजना मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना राज्य मध्य प्रदेश सालाना सहायता ₹6000 किस्त 3 समान किस्त भुगतान DBT/सिंगल क्लिक पात्रता पीएम किसान के पात्र हितग्राही आवेदन संबंधित प्रक्रिया के अनुसार पंजीयन स्टेटस SAARA पोर्टल पर जांच की सुविधा 14वीं, 15वीं और 16वीं किस्त को लेकर क्या स्थिति है? किसानों के बीच इन किस्तों को लेकर काफी चर्चा है. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की पिछली किस्त अगस्त 2026 में आने के बाद अगली किस्तों को लेकर किसानों का इंतजार बना हुआ है. इसलिए अभी सबसे जरूरी बात यह है कि प्रशासन की ओर से किस्त जारी करने की आधिकारिक तारीख सामने आने तक किसी निश्चित तारीख को पक्का न मानें. किन किसानों को मिलता है लाभ? आधिकारिक जानकारी के अनुसार पीएम किसान योजना के पात्र हितग्राही मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए भी पात्रता के दायरे में आते हैं. योजना के आवेदन की प्रक्रिया में संबंधित पटवारी के माध्यम से जानकारी ली जाती है. योजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने, कृषि में बेहतर तकनीक को बढ़ावा देने और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है. पैसा अटक गया है तो क्या करें? अगर पात्र किसान को योजना की राशि नहीं मिल रही है तो सबसे पहले अपना रिकॉर्ड और बैंक से जुड़ी जानकारी जांचनी चाहिए. किसान को यह भी देखना चाहिए कि उसका पीएम किसान से संबंधित रिकॉर्ड सही है या नहीं. इसके अलावा बैंक खाता, आधार से जुड़ी जानकारी और डीबीटी से संबंधित स्थिति की भी जांच करना जरूरी है. SAARA पोर्टल पर ऐसे चेक करें जानकारी मध्य प्रदेश प्रशासन के SAARA पोर्टल पर मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना से जुड़ी हितग्राही जानकारी देखने की सुविधा उपलब्ध है. पोर्टल पर आधार नंबर, बैंक खाता या पीएम किसान आईडी के माध्यम से संबंधित जानकारी खोजने का विकल्प दिया गया है. इसलिए किसान किसी एजेंट या अनधिकृत वेबसाइट पर भरोसा करने के बजाय प्रशासनी पोर्टल से ही अपना स्टेटस जांचें. किसानों के लिए काम की बात अगर आप मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लाभार्थी हैं तो अभी से अपना रिकॉर्ड अपडेट रखें. खासकर बैंक खाता, आधार और पीएम किसान से जुड़ी जानकारी में कोई गलती है तो उसे संबंधित विभाग के माध्यम से ठीक कराएं. The post MP Kisan Yojana: किसानों को सालाना मिलते हैं ₹6000, 14वीं-16वीं किस्त को लेकर क्या है अपडेट? ऐसे करें चेक appeared first on Naya Vichar.

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Bigg Boss 20 Episode 2 Live: गुल्लु, आसिफ और यंग बने कैप्टेंसी टास्क के पहले दावेदार

Bigg Boss 20 Episode 2 Live: बिग बॉस 20 के दूसरे एपिसोड में भी हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है. जहां आम्रपाली दुबे और अर्शिफा खान में जबरदस्त लड़ाई हुई. दोनों ने अपना आपा खो दिया. इधर कैप्टेंसी टास्क में किसकी जीत हुई. आइये लाइव के जरिए बताते हैं पल पल की अपडेट्स. The post Bigg Boss 20 Episode 2 Live: गुल्लु, आसिफ और यंग बने कैप्टेंसी टास्क के पहले दावेदार appeared first on Naya Vichar.

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MS Dhoni के फार्म हाउस में कोबरा निकलने से मचा हड़कंप, रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा

रांची. हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के पूर्व सफल कप्तान MS Dhoni के फार्म हाउस में मंगलवार को कोबरा निकलने से कर्मचारियों में डर फैल गया. यह फार्म हाउस रांची के दलादिली इलाके में स्थित है. सांप निकलने की सूचना मिलने पर स्नेक रेस्क्यू एक्सपर्ट नारायण प्रमाणिक मौके पर पहुंचे. काफी मशक्कत के बाद उन्होंने कोबरा को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया, हालांकि रेस्क्यू के दौरान सांप के शरीर पर हल्की चोट आयी. बताया गया कि प्राथमिक देखभाल के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया. घटना के समय फार्म हाउस में धोनी के परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था. सांप निकलने की सूचना पर फार्म हाउस के कर्मचारियों और आसपास के लोगों की भीड़ जुट गयी. स्नेक रेस्क्यू एक्सपर्ट नारायण प्रमाणिक ने बताया कि कोबरा करीब 18 वर्ष पुराना था. उन्होंने लोगों से अपील की कि घर या परिसर में सांप दिखाई देने पर उसे मारने के बजाय तत्काल प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू एक्सपर्ट को सूचना दें, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर प्राकृतिक माहौल में छोड़ा जा सके. ऐसी स्थिति में, आप 1800-11-2034 जैसे हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं या अपने इलाके के स्नेक रेस्क्यू एक्सपर्ट्स की जानकारी ऑनलाइन ढूंढ सकते हैं. The post MS Dhoni के फार्म हाउस में कोबरा निकलने से मचा हड़कंप, रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा appeared first on Naya Vichar.

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राहुल गांधी के विमान की लखनऊ में पहली लैंडिंग टली, दूसरी कोशिश में सुरक्षित उतरा

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की फ्लाइट मंगलवार (8 सितंबर) को लखनऊ एयरपोर्ट पर तेज हवाओं के कारण पहली बार लैंड नहीं कर सकी. पायलट को विमान को दोबारा ऊपर ले जाना पड़ा. इसके बाद दूसरी कोशिश में विमान सुरक्षित लैंड कर गया. विमान में सवार सभी यात्री सामान्य रूप से बाहर निकले. घटना के बाद किसी यात्री के घायल होने की समाचार नहीं है. इंडिया टुडे ने अपने सूत्रों के हवाले से समाचार दी कि दिल्ली से लखनऊ जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1717 ने मंगलवार दोपहर करीब 3:45 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर पहली बार उतरने की कोशिश रद्द कर दी. फ्लाइट के चालक दल ने मौसम की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया. इसके करीब 10 मिनट बाद, शाम 3:55 बजे विमान ने सुरक्षित लैंडिंग कर ली. ये भी पढ़ें: तमिलनाडु के मंत्री का दावा, 2029 में राहुल गांधी होंगे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार गो-अराउंड क्या होता है? गो-अराउंड विमान में लैंडिंग की एक सामान्य प्रक्रिया है. इसमें पायलट किसी वजह से विमान को रनवे पर उतारने की कोशिश रोक देता है और विमान को दोबारा ऊपर ले जाता है. इसके बाद स्थिति ठीक होने पर फिर से लैंडिंग की जाती है. खराब मौसम, रनवे की स्थिति, ज्यादा हवाई यातायात या लैंडिंग के दौरान किसी खतरे के कारण ऐसा किया जा सकता है. राहुल गांधी का दो दिवसीय रायबरेली दौरा राहुल गांधी अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं. कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने सोमवार (7 सितंबर) को बताया कि राहुल अपने इस दौरे पर ‘दिशा’ (जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति) की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, साथ ही कई अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे. The post राहुल गांधी के विमान की लखनऊ में पहली लैंडिंग टली, दूसरी कोशिश में सुरक्षित उतरा appeared first on Naya Vichar.

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PM Kisan Yojana : किसानों को मिलेंगे ₹10,000 सालाना? वायरल दावे का जानें सच

PM Kisan Yojana : PM Kisan Samman Nidhi @pmkisanofficial नाम के एक्स अकाउंट ने इस दावे पर एक पोस्ट शेयर किया है. इसमें कहा गया है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना को लेकर सोशल मीडिया पर एक समाचार तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि किसानों को अब हर साल 10,000 रुपये मिलेंगे. यह दावा भ्रामक है. प्रशासन की ओर से ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है. पीएम किसान योजना के तहत अभी भी पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. यह रकम 2,000-2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है. इसलिए किसान सोशल मीडिया पर वायरल ऐसे दावों पर भरोसा न करें और योजना से जुड़ी सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक प्रशासनी स्रोतों को ही देखें. The post PM Kisan Yojana : किसानों को मिलेंगे ₹10,000 सालाना? वायरल दावे का जानें सच appeared first on Naya Vichar.

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Video : वडोदरा से विपक्ष पर पीएम मोदी का तंज- “अब तो नाराज फूफा को भी काम मिल गया”

पीएम मोदी मंगलवार (8 सितंबर) को गुजरात के वडोदरा में ‘NaMo for Viksit Bharat’ कार्यक्रम में पहुंचे थे. यहां उन्होंने 35 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इनमें 2,800 किलोमीटर लंबा डेडिकेटेड रेल फ्रेट कॉरिडोर भी शामिल है. पीएम मोदी ने इसे 21वीं सदी की बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट देश के विकास को नई गति देगा. कार्यक्रम में पीएम ने प्रशासन के कामकाज और विकास योजनाओं का भी जिक्र किया. पीएम मोदी ने इस फ्रेट कॉरिडोर का उदाहरण देते हुए बीजेपी और कांग्रेस प्रशासनों के काम करने के तरीके की तुलना की. उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट की परिकल्पना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में हुई थी. हालांकि, मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली UPA प्रशासन के दौरान इस पर ज्यादा प्रगति नहीं हुई. पीएम मोदी ने कहा, “फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट की परिकल्पना 2004 में की गई थी, लेकिन 2014 में बीजेपी के सत्ता में आने तक इस दिशा में कोई काम आगे नहीं बढ़ा.” अब ‘फूफा जी’ के पास भी काम : पीएम मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोजेक्ट की उपयोगिता पर सवाल उठाने वालों पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि कोई ‘नाराज फूफा जी’ यह पूछते हुए रोएंगे कि ट्रक ड्राइवरों का क्या होगा? पीएम मोदी ने व्यंग्य करते हुए कहा कि अब ‘फूफा जी’ के पास भी काम है. पीएम ने यह बात बिना किसी का नाम लिए कही. पीएम मोदी ने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर से उन इलाकों तक भी रेल कनेक्टिविटी पहुंच रही है, जहां आजादी के बाद भी रेल सुविधा नहीं थी. उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट देश में मजबूत सप्लाई चेन तैयार करने की बड़ी योजना का हिस्सा है. इसका मकसद आत्मनिर्भर हिंदुस्तान को और मजबूत करना है. मोदी ने कहा, ‘‘2014 के बाद हिंदुस्तान ने 50,000 आधुनिक रेल कोच बनवाए लेकिन पिछली (कांग्रेस) प्रशासन 10 साल में 50,000 शौचालय भी नहीं बनवा सकी.’’ पहले यात्री और मालगाड़ियों को एक ही पटरी पर चलना पड़ता था : पीएम मोदी पीएम ने कहा कि पहले यात्री और मालगाड़ियों को एक ही पटरी पर चलना पड़ता था जिससे यात्री और माल परिवहन दोनों की रफ्तार धीमी हो जाती थी लेकिन समर्पित माल ढुलाई गलियारे ने इस स्थिति को बदल दिया है. प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी की ‘छात्रों की गूंज’ पहल पर भी तंज कसते हुए कहा कि युवा सच्चाई के साथ खड़े रहेंगे और ‘‘झूठ की गूंज’’ से गुमराह नहीं होंगे. उन्होंने कहा, ‘‘आपको हर जगह ऐसे लोग मिलेंगे जो ‘झूठ की गूंज’ के जरिये आपको गुमराह करने की कोशिश करेंगे, लेकिन आज का युवा सच्चाई के साथ खड़ा रहेगा.’’ बता दें कि ‘छात्रों की गूंज’ कांग्रेस द्वारा शुरू किया गया छात्रों से संवाद का एक अभियान है, जिसके तहत देश के विभिन्न शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. The post Video : वडोदरा से विपक्ष पर पीएम मोदी का तंज- “अब तो नाराज फूफा को भी काम मिल गया” appeared first on Naya Vichar.

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बाबा बागेश्वर की दुर्गा पूजा में मांसाहार पर प्रतिबंध की अपील से कांग्रेस नाराज, 2 थानों में शिकायत, कार्रवाई की मांग

कोलकाता से श्रीकांत शर्मा की रिपोर्ट कोलकाता के भवानीपुर पुलिस स्टेशन में कांग्रेस की ओर से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) के खिलाफ 2 थानों में शिकायतें दर्ज करायी हैं. दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस कमेटी के साथ-साथ मध्य कोलकाता जिला कांग्रेस कमेटी ने अलग-अलग शिकायतें दर्ज करवायी हैं. दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस ने भवानीपुर थाने में और मध्य कोलकाता जिला कांग्रेस ने मोचीपाड़ा थाने में बाबा बागेश्वर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवायी है. बाबा बागेश्वर ने हावड़ा जिले के लिलुआ में एक कार्यक्रम के दौरान दुर्गा पूजा और नवरात्रि के समय मांस-मछली (नॉन-वेज) नहीं खाने की अपील की थी. बंगाली समुदाय की भावनाओं को पहुंची ठेस : कांग्रेस कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उनके इस तरह के बयानों और टिप्पणियों से बंगाली समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है. साथ ही यह भी आशंका जतायी गयी है कि बाबा बागेश्वर की इस टिप्पणी से समाज में वैमनस्य व विभाजन पैदा हो सकता है. कांग्रेस नेताओं ने पुलिस से इस मामले में तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. बाबा की अपील के बाद गरमायी बंगाल की नेतृत्व धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की इस अपील के बाद पश्चिम बंगाल में नेतृत्व गरमा गयी. नेतृत्वक दलों ने इस पर आपत्ति जतायी. यहां तक कि हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी कहा कि बाहर से आया हुआ कोई व्यक्ति यह तय नहीं कर सकता कि बंगाल के लोग क्या खायें और क्या पहनें. पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा था कि हमारे लिए स्वामी विवेकानंद से बड़ा कोई संत नहीं है. उन्होंने कभी मांसाहार का विरोध नहीं किया. हमारी देवी को बकरे की बलि चढ़ती है. अष्टमी के दिन लुची यानी पूरी और नवमी के दिन मटन (मांस) खाने की परंपरा है. इसे कोई बंद नहीं कर सकता. ये भी पढ़ें: Video: बाबा बागेश्वर के बयान पर बोले शमिक भट्टाचार्य- बाहरी लोग तय न करें बंगाली क्या खायेंगे, अष्टमी पर लुची और नवमी पर मटन हमारी परंपरा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का मांसाहार पर बैन से इनकार पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि खान-पान लोगों का व्यक्तिगत मामला है. उन्होंने कहा कि मांसाहार पर प्रतिबंध लगाने का कोई सवाल ही नहीं उठता. अगर कोई शाकाहारी भोजन करना चाहता है, तो वह उसकी इच्छा है. अगर कोई मांसाहारी भोजन पसंद करता है, तो उसे रोका नहीं जायेगा. शमिक भट्टाचार्य और सीएम शुभेंदु अधिकारी के इस बयान के एक दिन बाद कांग्रेस पार्टी की ओर से कोलकाता के 2 थानों में शिकायतें दर्ज करवायी गयी हैं. The post बाबा बागेश्वर की दुर्गा पूजा में मांसाहार पर प्रतिबंध की अपील से कांग्रेस नाराज, 2 थानों में शिकायत, कार्रवाई की मांग appeared first on Naya Vichar.

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PM मोदी के कार्यक्रम से पहले सिक्योरिटी ब्रीच, फर्जी PMO ID लेकर पहुंचे 2 लोग, बॉडीगार्ड के पास मिली बंदूक

मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से पहले सुरक्षा में सेंध की कोशिश का मामला सामने आया है. मुंबई पुलिस ने बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर से दो लोगों को हिरासत में लिया है. PMO का फर्जी आईडी मिला इंडिया टुडे के मुताबिक, हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की पहचान रोहन पारिख के रूप में हुई है. आरोप है कि वह खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी बता रहा था. सुरक्षा जांच के दौरान उसके पास कथित तौर पर फर्जी PMO पहचान पत्र मिला. जांच में आईडी फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया. बॉडीगार्ड के पास से बंदूक बरामद उसके साथ मौजूद बॉडीगार्ड के पास से बंदूक भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है. मुंबई क्राइम ब्रांच अब यह जांच कर रही है कि दोनों फर्जी पहचान पत्र और हथियार के साथ कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने की कोशिश क्यों कर रहे थे. ये भी पढ़ें: Video: वडोदरा से विपक्ष पर पीएम मोदी का तंज- “अब तो नाराज फूफा को भी काम मिल गया” यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के BKC स्थित जियो वर्ल्ड सेंटर में Global Fintech Fest 2026 के कार्यक्रम में पहुंचने से पहले हुई. फिलहाल मामले की जांच जारी है. The post PM मोदी के कार्यक्रम से पहले सिक्योरिटी ब्रीच, फर्जी PMO ID लेकर पहुंचे 2 लोग, बॉडीगार्ड के पास मिली बंदूक appeared first on Naya Vichar.

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बम-बारूद के बीच बचपन, कलम ने बदली जिंदगी, पूर्व नक्सली की बेटी ने इंजीनियर बन रचा इतिहास

Ex Maoists Daughter Become Engineer: बचपन से आपके हाथ में कलम पकड़ाई गई है और आप बड़े होकर लिखना पढ़ना शुरू कर देते हैं, ये सुनने में बहुत नॉर्मल लगता है. लेकिन अगर सोचिए कि आपका बचपन बम, गोली और बंदूकों के बीच बीता हो. क्या फिर भी ऐसा मुमकिन है कि आप कलम की मदद से मिसाल पेश कर सकें. कुछ ऐसा ही किया है महाराष्ट्र की बेटी अरविंदा बरसगड़े ने, जिनके पिता महज चार महीने की उम्र में माओवादी संगठन ‘सिरोंचा दलम’ से जुड़ गए. ऐसे में अरविंदा बरसगड़े का बचपन गढ़चिरौली में गोलियों और धमाकों की गूंज के बीच बीता. लेकिन अरविंदा ने सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पूरा किया और अब हेदरी गांव स्थित ‘लायड्स मेटल्स’ एंड एनर्जी में बतौर ट्रेनी काम कर रही हैं. पिता बने माओवादी तो बदली पूरे परिवार की जिंदगी अरविंदा के पिता राजबाबू (उर्फ किरण या समय्या) शुरू से ही माओवादी नहीं थे. वे नारायणपुर गांव के पंचायत में चपरासी के रूप में काम करते थे. हालांकि, कर (Tax) और सामाजिक अपमान बढ़ने के कारण, उन्होंने 2005 में सिरोंचा दलम में शामिल होन का फैसला लिया है. ये फैसला मजबूरी में लिया गया था लेकिन इसने राजबाबू और उसके परिवार की जिंदगी बदल दी. आइए, जानते हैं अरविंदा की सक्सेस स्टोरी. 2010 में पिता ने पुलिस के सामने किया सरेंडर 2010 में राबाबू ने माओवादी संगठन छोड़ने का मन बनाया और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. तब से परिवार पुलिस मुख्यालय के पास रहने लगा. ऐसे में अरविंदा ने अपनी पढ़ाई लिखाई जारी रखी और हाई स्कूल पास कर लिया. इंजीनियरिंग की दुनिया में रखा कदम अरविंदा ने 12वीं की पढ़ाई के बाद गढ़चिरौली के प्रशासनी पॉलिटेक्निक से 2025 में सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पूरा किया. अरविंदा को पढ़ाई के लिए सुरक्षित माहौल मिले इसके लिए वहां की स्थानीय पुलिस ने भी योगदान दिया. अब वो ‘लायड्स मेटल्स’ एंड एनर्जी में बतौर ट्रेनी काम कर रही हैं. दिलचस्प बात ये है कि अब वो आगे BTech की डिग्री हासिल करना चाहती हैं. ट्रेनी के रूप में हुई थी करियर की शुरुआत दिसंबर 2025 में अरविंदा ने हेदरी गांव में ही ‘एलटी गोंडवाना स्किल हब’ में ट्रेनी के रूप में काम शुरू किया था. अरविंदा का सपना है कि वो आत्मनिर्भर बनें और अपने गांव के युवाओं को स्किल ट्रेनिंग दें. गढ़चिरौली जिले में माओवादी संगठन लगभग खत्म हो चुकी है गढ़चिरौली महाराष्ट्र के प्रमुख जिलों में से एक है. चंद्रपुर से इस जिले को 1982 में अलग किया गया था. इस जिले को महाराष्ट्र का ग्रीन जोन भी कहा जाता है, क्योंकि यहां का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा वन क्षेत्रों से घिरा हुआ है. पहले इस जिले में माओवादी संगठन का प्रभाव था, जोकि समय के साथ लगभग खत्म हो चुका है. एक आम जानकारी के अनुसार, यहां अब तक कुल 819 माओवादी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुके हैं. ये भी पढ़ें: पंजाब यूनिवर्सिटी में ABVP की जीत, अंकित बिधान बने अध्यक्ष The post बम-बारूद के बीच बचपन, कलम ने बदली जिंदगी, पूर्व नक्सली की बेटी ने इंजीनियर बन रचा इतिहास appeared first on Naya Vichar.

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