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बच्चा कब भूखा और कब उसका पेट भर चुका है, क्या आप जानते हैं? जानें सही Feeding Routine

Responsive Feeding: शिशु को खाना खिलाना सिर्फ उसके सामने प्लेट रखने या हर कुछ घंटे में कुछ खिला देने तक सीमित नहीं है. खासकर 6 महीने के बाद जब शिशु की डाइट में धीरे-धीरे ठोस और अर्ध-ठोस खाना शामिल किया जाता है, तब माता-पिता के लिए यह समझना भी जरूरी हो जाता है कि बच्चा कब भूखा है और कब उसका पेट भर चुका है.  इसी तरीके को रिस्पॉन्सिव फीडिंग कहा जाता है. आसान भाषा में समझें तो इसमें शिशु को घड़ी देखकर या जबरदस्ती खिलाने के बजाय उसके भूख और पेट भरने के संकेतों को समझकर खाना दिया जाता है. WHO भी 6-23 महीने के बच्चों के लिए responsive feeding को उचित कॉम्प्लीमेंट्री फीडिंग का अहम हिस्सा मानता है शिशु के भूख और पेट भरने के संकेत कैसे पहचानें हर बार बच्चा रोए तो इसका मतलब यह नहीं कि उसे भूख लगी है. इसी तरह प्लेट में खाना छोड़ देना भी हमेशा खाने की पसंद न होने का संकेत नहीं होता. शिशु के व्यवहार को देखकर धीरे-धीरे उसके भूख और पेट भरने के संकेत समझे जा सकते हैं. भूख लगने पर बच्चा खाने की तरफ हाथ बढ़ा सकता है, मुंह खोल सकता है, चम्मच या खाने को देखकर उत्साहित हो सकता है या खाने की ओर झुक सकता है. वहीं पेट भरने पर वह मुंह बंद कर सकता है, सिर दूसरी तरफ कर सकता है, खाने को दूर कर सकता है या खाने में रुचि कम कर सकता है. ऐसे संकेतों को समझना जरूरी है क्योंकि responsive feeding में शिशु की भूख और पेट भरने के संकेतों पर प्रतिक्रिया देने की सलाह दी जाती है.  6 महीने के बाद Solid Food शुरू करने का सही तरीका क्या है WHO और UNICEF के अनुसार, पहले 6 महीने तक शिशु को सिर्फ मां का दूध देने की सलाह दी जाती है. करीब 6 महीने की उम्र में शिशु की ऊर्जा और पोषक तत्वों की जरूरत बढ़ने लगती है, जिसे केवल ब्रेस्ट मिल्क से पूरा करना मुश्किल हो सकता है. इसलिए इस उम्र के आसपास कॉम्प्लीमेंट्री फूड्स शुरू किए जाते हैं और ब्रेस्टफीडिंग जारी रखी जाती है.  शुरुआत में शिशु को बहुत ज्यादा खाना खिलाने की जरूरत नहीं होती.  WHO के अनुसार 6-8 महीने की उम्र में complementary foods की शुरुआत छोटे हिस्सों से की जा सकती है और धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाई जाती है. इस उम्र में नरम, अच्छी तरह मैश किए हुए या semi-solid foods से शुरुआत की जा सकती है.  Responsive Feeding: 6 से 23 महीने के बच्चों के लिए एज-वाइज फीडिंग रूटीन  उम्र  भोजन की आवृत्ति (Frequency) खाने की बनावट  6 से 8 महीने दिन में 2-3 बार खाना + ब्रेस्टफीडिंग  • नरम  • मैश किया हुआ  • सेमी-सॉलिड  9 से 11 महीने दिन में 3-4 बार खाना + 1 बार न्यूट्रिशियस स्नैक • थोड़ा गाढ़ा और बारीक कटा हुआ • सॉफ्ट फिंगर फूड्स  12 से 23 महीने दिन में 3-4 बार खाना + 1-2 बार हेल्दी स्नैक्स • परिवार का सामान्य खाना • हल्का मैश किया या बारीक कटा हुआ शिशु को खाना खिलाते समय ये गलतियां न करें सबसे आम गलती है शिशु के मना करने के बावजूद उसे जबरदस्ती खाना खिलाते रहना. Responsive feeding का मतलब ही है कि शिशु के संकेतों को समझा जाए. WHO की जानकारी में भी शिशु को धीरे और धैर्य से खिलाने तथा उसे जबरदस्ती खाना न खिलाने पर जोर दिया गया है.  कुछ और बातों का ध्यान रखें: बच्चा खाना मना करे तो हर बार उसे जबरदस्ती न खिलाएं.  खाना खिलाते समय शिशु को अकेला न छोड़ें.  उसकी उम्र के हिसाब से ही खाने का टेक्स्चर रखें.  खाना बनाने और खिलाने से पहले हाथ और बर्तन साफ रखें.  खाने को सुरक्षित तरीके से तैयार और स्टोर करें.  शिशु को खाते समय पर्याप्त समय दें.  PC: AI Generated स्क्रीन के सामने खिलाना क्यों सही नहीं माना जाता? शिशु को मोबाइल या टीवी दिखाकर खाना खिलाना कई घरों में आसान तरीका लग सकता है, लेकिन इससे माता-पिता का ध्यान शिशु के वास्तविक खाने के संकेत से हट सकता है. Responsive feeding में  खिलाते समय शिशु के साथ बातचीत करना, उसे देखना और उसके संकेतों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण माना जाता है.  WHO के मुताबिक, शिशु को खाना खिलाने का समय सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं होता, बल्कि इस दौरान बच्चा बहुत कुछ सीखता भी है. इसलिए खाना खिलाते समय उससे बात करें, उसकी तरफ देखें और उसके साथ प्यार से interact करें. इससे बच्चा खाने के साथ-साथ आपके साथ जुड़ना भी सीखता है.  यह भी पढ़ें: मानसून के बाद किचन में न करें ये गलतियां, फल-सब्जी और बचे खाने को लेकर रहें सावधान The post बच्चा कब भूखा और कब उसका पेट भर चुका है, क्या आप जानते हैं? जानें सही Feeding Routine appeared first on Naya Vichar.

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BCCI ने रोहित पर लगाया दो साल का बैन, अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम से हुए बाहर; इन 2 खिलाड़ियों की एंट्री

India U19 vs Australia: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज से पहले हिंदुस्तानीय अंडर-19 टीम में बड़ा बदलाव हुआ है. बंगाल के लेग स्पिनर रोहित यादव को उम्र संबंधी फ्रॉड के चलते हिंदुस्तान की U19 टीम से हटा दिया गया है. BCCI ने मंगलवार को इसकी जानकारी देते हुए वनडे और मल्टी-डे दोनों टीमों में उनके रिप्लेसमेंट का ऐलान किया. BCCI ने जारी किया अपडेट BCCI के मुताबिक, जूनियर क्रिकेट कमेटी ने रोहित यादव की जगह वनडे टीम में सौराष्ट्र के आर्यन सावसानी को शामिल किया है. वहीं, मल्टी-डे टीम में हरियाणा के तनय बलोदा को मौका दिया गया है. BCCI ने अपने बयान में कहा कि ऑस्ट्रेलिया U19 के खिलाफ राजकोट और अहमदाबाद में होने वाले मुकाबलों के लिए चुने गए रोहित यादव को उम्र संबंधी फ्रॉड के कारण टीम से बाहर कर दिया गया है. इसके साथ ही रोहित पर दो साल का बैन भी लगाया गया है. श्रीलंका के खिलाफ भी स्पोर्ट्स चुके हैं रोहित रोहित यादव हाल ही में हिंदुस्तान की U19 टीम का हिस्सा रहे थे. उन्होंने जुलाई 2026 में श्रीलंका के खिलाफ एक यूथ टेस्ट और दो यूथ वनडे मुकाबले स्पोर्ट्से थे. यूथ टेस्ट में रोहित ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 6 विकेट हासिल किए थे. इसके अलावा श्रीलंका के खिलाफ स्पोर्ट्से गए दो यूथ वनडे मैचों में उन्हें एक विकेट मिला था. ये भी पढ़ें: Duleep Trophy: तिलक वर्मा बोले- करुण नायर बदकिस्मत हैं, बल्लेबाज ने एक लाइन में दिया करारा जवाब द्रविड़ और सहवाग के बेटे भी टीम में हिंदुस्तान की U19 टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू मैदान पर वनडे और मल्टी-डे मुकाबले स्पोर्ट्सने हैं. इसी सीरीज के लिए BCCI ने अब अपडेटेड स्क्वॉड जारी किया है. हिंदुस्तान की U19 टीम में इस बार पूर्व हिंदुस्तानीय कप्तान और कोच राहुल द्रविड़ के बड़े बेटे अन्वय द्रविड़ और पूर्व हिंदुस्तानीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग भी शामिल हैं. अन्वय द्रविड़ विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं, जबकि आर्यवीर सहवाग टॉप ऑर्डर बल्लेबाज हैं. आर्यवीर हाल ही में दिल्ली प्रीमियर लीग में सेंट्रल दिल्ली किंग्स की ओर से स्पोर्ट्सते हुए नजर आए थे. India U19 की अपडेटेड वनडे टीम लक्ष्य रायचंदानी (कप्तान), यशवर्धन चौहान (उपकप्तान), रजत बघेल (विकेटकीपर), आर्यवीर सहवाग, वी.के. विनीत, कुशाग्र ओझा, अर्जुन राजपूत, मनाल चौहान, अन्वय द्रविड़ (विकेटकीपर), वी. यशवीर, शाविन विनोद, मोहित उलवा, चिगुरुपति वेंकट, काव्या पटेल, आर्यन सावसानी. India U19 की अपडेटेड मल्टी-डे टीम यशवर्धन चौहान (कप्तान), लक्ष्य रायचंदानी (उपकप्तान), सागर विर्क, कुशाग्र ओझा, मनाल चौहान, कुश पटेल, मानव कृष्णा (विकेटकीपर), अभिप्राय बिस्वास (विकेटकीपर), ईशान ओम, अयान अकरम, प्रणव राघवेंद्र, प्रियांशु सिंह, मोहित उलवा, आर्यन यादव और तनय बलोदा. ये भी पढ़ें: BCCI Ban: रोहित ने उम्र कम दिखाने के लिए बनवा रखे थे 3-3 बर्थ सर्टिफिकेट, BCCI ने लगाया 2 साल का बैन The post BCCI ने रोहित पर लगाया दो साल का बैन, अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम से हुए बाहर; इन 2 खिलाड़ियों की एंट्री appeared first on Naya Vichar.

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450Km से ज्यादा रेंज और 1.1 टन पेलोड, नई Mahindra Veero CNG हुई लॉन्च, डीजल मॉडल में भी मिले कई फीचर्स

महिंद्रा ने अपनी Veero गाड़ी का नया CNG मॉडल लॉन्च किया है. यह गाड़ी 1.1 टन तक सामान लेकर चल सकती है. इसकी शुरुआती कीमत 8.25 लाख रुपये, एक्स-शोरूम है. वहीं, कंपनी ने Veero के डीजल मॉडल को भी अपडेट किया है, जिसकी शुरुआती कीमत 8.29 लाख रुपये रखी गई है. आइए इनके बारे में जरा डिटेल में जानते हैं. 1.1 टन पेलोड के साथ मिलेगी 450 km से ज्यादा की रेंज नई Mahindra Veero 1.1 XXL CNG को खासतौर पर शहर में सामान की डिलीवरी करने वालों के लिए बनाया गया है. इसमें एक बार में 1.1 टन तक सामान रखा जा सकता है. गाड़ी में सामान रखने के लिए 9.5 फीट लंबी जगह भी मिलती है, जिससे ज्यादा सामान आसानी से रखा जा सकता है. माइलेज की बात करें तो कंपनी का कहना है कि यह गाड़ी 1 किलो CNG में 21.4 km तक चल सकती है. इसमें पेट्रोल और CNG दोनों का यूज किया जा सकता है. कंपनी के मुताबिक, दोनों फ्यूल को मिलाकर यह गाड़ी एक बार में 450 km से ज्यादा चल सकती है. ये भी पढ़ें: टाटा कार ऑफर्स सितंबर 2026: Harrier और Nexon सहित इन 5 इलेक्ट्रिक कारों पर ₹3.35 लाख तक छूट, फटाफट देखें लिस्ट Mahindra Veero CNG की कीमत नई Veero CNG की डिलीवरी 20 सितंबर से शुरू होगी. CNG मॉडल को V2 और V4 वेरिएंट में खरीदा जा सकता है. V2 की कीमत 8.25 लाख रुपये और V4 की कीमत 8.55 लाख रुपये है. अगर आप Pastel Riversand कलर लेना चाहते हैं, तो इसके लिए 5,000 रुपये अलग से देने होंगे. वेरिएंट V2 V4 1.1 XXL SD ₹8.25 लाख ₹8.55 लाख बड़े टचस्क्रीन और क्रूज कंट्रोल से लैस हुआ Veero डीजल डीजल मॉडल में अब 26.03cm का बड़ा टचस्क्रीन मिलता है, जो Android Auto और Apple CarPlay को सपोर्ट करता है. इसके अलावा वॉयस कमांड और कई भाषाओं का ऑप्शन भी दिया गया है. कंपनी ने अब इसमें क्रूज कंट्रोल भी शामिल कर दिया है. डीजल रेंज के सभी मॉडल में अब पावर विंडो और फास्ट चार्जिंग पोर्ट स्टैंडर्ड तौर पर मिलेंगे. केबिन में AC के साथ हीटर, एडजस्टेबल हेडरेस्ट वाली रिक्लाइनिंग ड्राइवर सीट और D+2 सीटिंग का इंतजाम है. खास बात यह है कि सीटों को फ्लैट फोल्ड करके आराम करने या सफर के दौरान सोने के लिए भी जगह बनाई जा सकती है. पिक-अप को स्मार्ट बनाने के लिए Mahindra का iMAXX कनेक्टेड व्हीकल सिस्टम भी दिया गया है, जिसमें 50 से ज्यादा फीचर्स मिलते हैं. इसकी मदद से व्हीकल ट्रैकिंग, जियोफेंसिंग, रूट प्लानिंग, गाड़ी की हेल्थ मॉनिटरिंग और फ्यूल ट्रैकिंग जैसी सुविधाओं का यूज किया जा सकता है. अब इसमें रिमोट AC ऑपरेशन का फीचर भी जोड़ दिया गया है. अपडेटेड Veero डीजल 8 सितंबर से बिक्री के लिए उपलब्ध है. Mahindra Veero डीजल की कीमत वेरिएंट V2 V4 V6 1.5 XL SD ₹8.29 लाख – – 1.5 XXL SD ₹8.49 लाख ₹8.82 लाख ₹9.45 लाख 1.5 XXL HD ₹8.75 लाख – – 1.5 XXL CBC ₹8.35 लाख ₹8.68 लाख – 1.6 XXL SD ₹8.49 लाख – ₹9.45 लाख 1.6 XXL HD ₹8.75 लाख – – ग्रे कलर के लिए ऊपर दी गई कीमतों के अलावा 5,000 रुपये एक्स्ट्रा आपको देने होंगे. ये भी पढ़ें: त्योहारी सीजन से ठीक पहले Maruti Suzuki ने बढ़ाए दाम, चुनिंदा कार मॉडल्स पर होगी ₹20 हजार तक की बढ़ोतरी The post 450Km से ज्यादा रेंज और 1.1 टन पेलोड, नई Mahindra Veero CNG हुई लॉन्च, डीजल मॉडल में भी मिले कई फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

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Hanuman Ansh Box Office: ₹2 करोड़ से ₹156 करोड़ तक, ‘हनुमान अंश’ ने रचा कमाल, प्रीति जिंटा भी हुईं फिल्म की दीवानी

निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की लो-बजट धार्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’ इस समय देश के सिनेमाघरों में कमाई के नए झंडे गाड़ रही है. बिना किसी भारी-भरकम प्रमोशन के रिलीज हुई इस फिल्म ने अपने दमदार कंटेंट से हर किसी को हैरान कर दिया है. पब्लिक के मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब बॉलीवुड के बड़े-बड़े सितारे भी इसके समर्थन में उतर आए हैं. वरुण धवन और आदित्य धर के बाद अब बॉलीवुड की ‘डिंपल गर्ल’ प्रीति जिंटा ने भी यह फिल्म देखी और फैंस से थिएटर्स जाने की खास अपील की. ₹10 लाख से शुरू होकर ₹156 करोड़ तक का सफर सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, महज ₹2.00 करोड़ के मामूली बजट में बनी इस हिट फिल्म ने पहले दिन सिर्फ ₹10 लाख की मामूली ओपनिंग ली थी. लेकिन जनता के वर्ड-ऑफ-माउथ के दम पर इसने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि इतिहास रच दिया. फिल्म ने रिलीज के 32वें दिन भी ₹10.00 करोड़ का रिकॉर्डतोड़ कलेक्शन किया है. इसके साथ ही हिंदुस्तान में फिल्म का नेट कलेक्शन ₹132.13 करोड़ और ग्रॉस कलेक्शन ₹156.20 करोड़ तक पहुंच गया है, जिससे यह हिंदुस्तानीय सिनेमा की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली फिल्मों में से एक बन गई है. View on Instagram ‘सीता राम… इसे मिस मत करना’ प्रीति जिंटा ने की तारीफ प्रीति जिंटा ने अपने इंस्टाग्राम पर थिएटर के अंदर की तस्वीरें पोस्ट करते हुए फिल्म की जमकर तारीफ की. उन्होंने स्क्रीन की फोटो शेयर करते हुए कैप्शन में “सीता राम” और “Wow” लिखा. वहीं दूसरी तस्वीर में उन्होंने फैंस से आग्रह करते हुए लिखा-लोगो, इस फिल्म को सिनेमाघरों में बिल्कुल मिस मत करना .” प्रीति से पहले ‘धुरंधर’ के डायरेक्टर आदित्य धर भी फिल्म के मेकर्स की तारीफ कर चुके हैं. प्रीति जिंटा की इंस्टाग्राम स्टोरी ये भी पढ़ें: Hanuman Ansh Song: ‘मैंने तेरे ही भरोसे’ गाने वाले दृष्टिबाधित गायक Sunil Lodhi कौन हैं? जानें कैसे मिली उन्हें बड़े पर्दे पर एंट्री वरुण धवन बोले- “यह सिर्फ फिल्म नहीं, ईश्वर का आशीर्वाद है” इससे पहले एक्टर वरुण धवन अपनी मां के साथ यह फिल्म देखने पहुंचे थे और उन्होंने एक वीडियो शेयर कर लोगों से इसे देखने का आग्रह किया था. वरुण ने कहा था: “प्लीज हॉल में जाकर ‘हनुमान अंश’ जरूर देखें. मैं अपनी मम्मी के साथ गया था और यह वाकई कमाल का अनुभव था. अपने परिवार और दोस्तों को भी साथ ले जाएं. मुझे किसी ने यह वीडियो बनाने को नहीं कहा, बजरंगबली से मेरा बचपन का नाता है. यह बहुत ही सच्चे दिल से बनाई गई फिल्म है… सच कहूं तो यह कोई आम फिल्म नहीं बल्कि एक दिव्य अनुभव है.” नीम करौली बाबा के जीवन से प्रेरित है कहानी डॉ. विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी ‘हनुमान अंश’ मशहूर संत और आध्यात्मिक गुरु नीम करौली बाबा के जीवन और उनके भक्ति मार्ग पर आधारित है. फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे अभिनेता शोभिनव सत्या की एक्टिंग की चारों तरफ सराहना हो रही है. ये भी पढ़ें: EXCLUSIVE: ‘हनुमान अंश’ को लेकर बिहार के CM सम्राट चौधरी का बुलावा, योगी आदित्यनाथ से आज मुलाकात; कई राज्यों से आ रहे इनवाइट The post Hanuman Ansh Box Office: ₹2 करोड़ से ₹156 करोड़ तक, ‘हनुमान अंश’ ने रचा कमाल, प्रीति जिंटा भी हुईं फिल्म की दीवानी appeared first on Naya Vichar.

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Astro Tips: सूर्यास्त के बाद इन चीजों का दान करने से बचें, ज्योतिष में मानी जाती है ये बड़ी वजहें

Astro Tips: हिंदू धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष शास्त्र में दान को पुण्य का कार्य माना गया है. हालांकि, कुछ वस्तुओं का दान सूर्यास्त के बाद करने से बचने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि संध्या के समय मां लक्ष्मी का आगमन होता है और इस दौरान कुछ चीजें घर से बाहर देने पर बरकत प्रभावित हो सकती है. धन और आभूषण का दान क्यों न करें? ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त के बाद किसी को धन उधार देना, रुपये देना या आभूषण बाहर करना शुभ नहीं माना जाता. माना जाता है कि इससे आर्थिक स्थिरता प्रभावित हो सकती है और धन से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं. इसलिए इस समय लेन-देन से बचना बेहतर माना जाता है. दूध और दही देने से क्यों बचें? ज्योतिष में दूध का संबंध चंद्रमा से माना जाता है. चंद्रमा मन, भावनाओं और पारिवारिक सुख का कारक माना जाता है. इसलिए रात में दूध का दान करने से बचने की मान्यता है. वहीं दही का संबंध शुक्र ग्रह से जोड़ा जाता है, जो सुख-सुविधा और ऐश्वर्य का प्रतिनिधित्व करता है. ये भी पढ़ें: Cardamom Remedy: सिर्फ स्वाद नहीं, धन बढ़ाने में भी सहायक है इलायची; जानें उपाय नमक का दान बढ़ा सकता है परेशानी? धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में नमक का संबंध राहु-केतु से भी जोड़ा जाता है. सूर्यास्त के बाद नमक का दान करने से बचने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि इससे घर में नकारात्मकता, आपसी विवाद और आर्थिक रुकावटों की स्थिति बन सकती है. हल्दी का दान क्यों माना जाता है अशुभ? हल्दी को गुरु ग्रह से संबंधित माना जाता है. ज्योतिष में गुरु को ज्ञान, सम्मान, समृद्धि और शुभता का कारक माना गया है. इसी वजह से सूर्यास्त के बाद हल्दी का दान करने से बचने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि इससे गुरु का सकारात्मक प्रभाव कमजोर हो सकता है. संध्या काल में किन बातों का रखें ध्यान? ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त का समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दौरान घर में दीपक जलाना, पूजा-पाठ करना और सकारात्मक वातावरण बनाए रखना शुभ माना जाता है. हालांकि, इन मान्यताओं का पालन व्यक्तिगत आस्था पर निर्भर करता है. नोट: यह जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है और नया विचार इसकी वैज्ञानिक पुष्टि नहीं करता है. The post Astro Tips: सूर्यास्त के बाद इन चीजों का दान करने से बचें, ज्योतिष में मानी जाती है ये बड़ी वजहें appeared first on Naya Vichar.

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‘क्राइम पेट्रोल’ देखकर रचा खौफनाक खेल : चेहरे पर डाला तेजाब, पेट्रोल से जलाई लाश ; जानिए बागपत के इस ब्लाइंड मर्डर का सच

UP News: पुलिस के मुताबिक, अमन सागर ने अपनी पत्नी रचना के साथ मिलकर किशोरी की हत्या की और शव को स्कूटी से दिल्ली से बागपत लाकर फेंक दिया. पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर तेजाब डाला गया और पेट्रोल डालकर शव जला दिया गया. मामले में पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है. 13 अगस्त को कब्रिस्तान की दीवार के पास मिली थी लाश दरअसल, 13 अगस्त 2026 को बागपत के NH-709B दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से सटे काठा गांव के पास कब्रिस्तान की दीवार के नजदीक एक किशोरी का अधजला शव मिला था. शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया. चेहरे को तेजाब और पेट्रोल से जला दिया गया था. मौके से ऐसा कोई सीधा सुराग नहीं मिला, जिससे पुलिस तुरंत हत्यारों तक पहुंच सके. मामला पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर बन चुका था. एसपी ने SWAT टीम को जांच में लगाया मामले की गंभीरता को देखते हुए बागपत एसपी सूरज राय ने SWAT टीम को जांच में लगाया. इसके बाद पुलिस ने इलाके से गुजरने वाले प्रमुख एक्सप्रेसवे और हाईवे पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर एक्सप्रेसवे और NH-709B के आसपास की फुटेज जांची गई. पुलिस ने 2000 से ज्यादा वाहनों को चेक किया और करीब 600 CCTV कैमरों की पड़ताल की. बिना नंबर की सफेद स्कूटी ने बदल दी जांच की दिशा जांच के दौरान पुलिस को CCTV में बिना नंबर की एक सफेद स्कूटी दिखाई दी. स्कूटी पर एक पुरुष, एक स्त्री और करीब दो साल की बच्ची नजर आ रही थी. पुलिस ने इस स्कूटी को जांच की अहम कड़ी बनाया और फुटेज व सर्विलांस के जरिए इसके पीछे तक पहुंचने की कोशिश शुरू कर दी. दिल्ली के किराए के मकान तक पहुंची पुलिस CCTV और सर्विलांस की जांच के बाद पुलिस को पता चला कि संदिग्ध शख्स दिल्ली के शास्त्री पार्क, जीरो पुश्ता और उस्मानपुरी इलाके में किराए के मकान में रहता था. पुलिस वहां पहुंची तो मकान मालिक ने बताया कि मकान अमन सागर ने किराए पर लिया था. वह अपनी पत्नी रचना, दो साल की बेटी और 14 साल की किशोरी परी के साथ रह रहा था. खास बात यह थी कि 13 अगस्त को ही अमन मकान खाली करके वहां से चला गया था. मथुरा से जुड़ा मिला किशोरी का कनेक्शन मकान मालिक से मिले दस्तावेजों की जांच में पता चला कि अमन सागर मूल रूप से मथुरा का रहने वाला है. इसके बाद SWAT टीम और कोतवाली पुलिस मथुरा पहुंची. पुलिस के मुताबिक, वहां पता चला कि 17 अप्रैल 2026 को मथुरा के हाईवे थाने में 14 वर्षीय परी के अपहरण का मुकदमा अमन सागर के खिलाफ दर्ज हुआ था. इस जानकारी के बाद पुलिस ने दिल्ली में अमन के साथ रह रही परी और बागपत में मिली अधजली लाश के बीच कड़ियां जोड़नी शुरू कर दीं. हाथरस से पकड़े गए अमन और रचना जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने अमन सागर और उसकी पत्नी रचना को हाथरस से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का दावा है कि पूछताछ और जांच के बाद बागपत में मिली अधजली लाश की पहचान 14 वर्षीय परी के रूप में हुई. दोनों को गिरफ्तार कर मामले की आगे की कार्रवाई शुरू की गई. मथुरा में कपड़ों की दुकान से हुई थी परी से पहचान पुलिस के मुताबिक, अमन और उसकी पत्नी रचना मथुरा में परी के घर के सामने कपड़ों की दुकान चलाते थे. इसी दौरान अमन की परी से पहचान हुई. पुलिस के अनुसार, परी अमन के दो साल के शिशु की देखभाल में मदद करती थी. अमन ने पत्नी से शिशु की देखभाल के लिए परी को दिल्ली साथ ले जाने की बात कही थी. नजदीकियां बढ़ने के बाद घर में शुरू हुआ विवाद पुलिस का दावा है कि बाद में अमन और परी के बीच नजदीकियां बढ़ गईं और संबंध बन गए. इस बात को लेकर अमन और उसकी पत्नी रचना के बीच विवाद होने लगा. पुलिस के मुताबिक, परी और रचना के बीच भी विवाद की स्थिति बनने लगी. इसी विवाद के चलते अमन और रचना ने परी को रास्ते से हटाने की साजिश रची. गला दबाकर हत्या, फिर बोरे में रखा शव पुलिस के मुताबिक, अमन और रचना ने परी की गला दबाकर हत्या की. इसके बाद शव को बोरे में रखा गया. दोनों शव को स्कूटी पर रखकर दिल्ली के शास्त्री पार्क से निकले और दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर एक्सप्रेसवे के रास्ते बागपत पहुंचे. पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर डाला तेजाब पुलिस का कहना है कि आरोपी शव को NH-709B के काठा गांव के पास कब्रिस्तान की दीवार के नजदीक लेकर पहुंचे. वहां शव को फेंकने के बाद चेहरे पर तेजाब डाला गया और पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई, ताकि किशोरी की पहचान न हो सके. वारदात के बाद आरोपी पति-पत्नी वहां से निकलकर हाथरस चले गए और किराए के मकान में रहने लगे. क्राइम शो देखकर पुलिस से बचने का आइडिया आया इस हत्याकांड में पुलिस ने एक और चौंकाने वाला दावा किया है. एसपी सूरज राय के मुताबिक, अमन ने ‘क्राइम पेट्रोल’, ‘सावधान इंडिया’ और ‘CID’ जैसे क्राइम शो के कुछ एपिसोड देखे थे. पुलिस का कहना है कि इन्हीं कार्यक्रमों से आरोपी ने वारदात के बाद पुलिस से बचने और पहचान मिटाने के तरीके के बारे में सोचा. उसे लगा था कि शव की पहचान नहीं हो पाएगी और पुलिस उस तक नहीं पहुंच सकेगी. लेकिन एक गलती ने पूरा प्लान फेल कर दिया आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए कई कोशिशें कीं, लेकिन बिना नंबर की सफेद स्कूटी उसके लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन गई. CCTV फुटेज में यही स्कूटी पुलिस को लगातार अहम सुराग देती गई. इसके बाद सर्विलांस और दूसरी जांचों के जरिए पुलिस आरोपी तक पहुंचती चली गई. 600 CCTV और 2000 वाहनों से खुली पूरी कहानी इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने करीब 600 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और 2000 से ज्यादा वाहनों की जांच की. इसी दौरान मिले सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस मथुरा और दिल्ली तक पहुंची और आखिरकार आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर

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कौन संभालेगा सुदिव्य सोनू की राजनीतिक विरासत, श्वेता या कोई और? गिरिडीह में उठने लगे सवाल

गिरिडीह से नवीन शर्मा की रिपोर्ट Sudivya Sonu Political Legacy: सियासत में भावनाओं का कोई लंबा विराम होता है. नेता के जाने का गम अभी ताजा ही होता है कि नेतृत्व के अगले सवाल कुलबुलाने लगते हैं। कहते हैं कि वक्त बड़ा बेरहम होता है. कल तक जिस नाम के साथ चुनावी रणनीति बनती थी, कार्यकर्ताओं की बैठकें होती थीं और गिरिडीह के विकास की बातें होती थीं, आज वही नाम सिर्फ याद बन गया. यह नाम झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कद्दावर नेता और सेकेंड टू सीएम सुदिव्य कुमार सोनू है. इस समय सुदिव्य सोनू की अंतिम विदाई के बाद पूरा शहर शोक में डूबा है, मगर सियासत के पन्ने तेजी से पलटने लगे हैं. शहर के फिजां में तैरने लगा है, ‘कौन होगा सुदिव्य सोनू की विरासत?’ उनकी नेतृत्वक विरासत का अगला उत्तराधिकारी कौन होगा? इन सवालों पर सवाल अब धीरे-धीरे चर्चा होने लगी है. गिरिडीह में महसूस हो रहा है नेतृत्वक खालीपन सुदिव्य कुमार सोनू का अचानक जाना सिर्फ एक परिवार, एक पार्टी या एक विधानसभा क्षेत्र के लिए बड़ा सदमा नहीं है, बल्कि गिरिडीह की नेतृत्व में एक ऐसा खालीपन पैदा हुआ है, जिसे भरना आसान नहीं होगा. करीब तीन दशक तक झामुमो से जुड़े रहे सुदिव्य ने संगठन की नेतृत्व से लेकर चुनावी मैदान और फिर प्रशासन के शीर्ष स्तर तक अपनी जगह बनाई थी. 2019 में पहली बार गिरिडीह से विधायक बने और 2024 में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर अपनी नेतृत्वक पकड़ मजबूत की. इसके बाद हेमंत सोरेन प्रशासन में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी तक पहुंचे. सवाल सिर्फ सीट का नहीं, सियासी विरासत का भी सुदिव्य के निधन के बाद सबसे बड़ा सवाल सिर्फ यह नहीं है कि गिरिडीह विधानसभा सीट पर अगला चेहरा कौन होगा? असली सवाल यह है कि गिरिडीह में सुदिव्य ने जो नेतृत्वक जमीन तैयार की, उसे आगे कौन संभालेगा? उनके समर्थकों और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच स्वाभाविक रूप से यह चर्चा है कि पार्टी अब किस चेहरे पर भरोसा करेगी? सुदिव्य की वर्षों की मेहनत से तैयार संगठन, कार्यकर्ताओं का नेटवर्क और जनता के बीच उनकी व्यक्तिगत पकड़ किसी एक दिन में किसी दूसरे नेता को नहीं मिल सकती. क्या परिवार से निकलेगा नया चेहरा? सियासी गलियारों में एक चर्चा यह भी है कि क्या सुदिव्य कुमार सोनू का परिवार उनकी नेतृत्वक विरासत को आगे बढ़ाएगा? उनकी पत्नी श्वेता शर्मा के नाम को लेकर भी चर्चाएं सामने आने लगी हैं. हालांकि, अभी इसे लेकर न तो कोई औपचारिक फैसला हुआ है और न ही परिवार की ओर से कोई स्पष्ट नेतृत्वक घोषणा सामने आई है. अगर ऐसा होता है, तो हिंदुस्तानीय नेतृत्व में यह कोई नया उदाहरण नहीं होगा. कई बार किसी लोकप्रिय नेता के निधन के बाद परिवार का कोई सदस्य नेतृत्व में उतरकर उनकी विरासत को आगे बढ़ाता रहा है. इसका ताजा उदाहरण महाराष्ट्र के दिवंगत डिप्टी सीएम अजित पवार थे. अचानक एक भयानक विमान हादसे में निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को नेतृत्वक विरासत सौंपी गई. लेकिन, गिरिडीह में यह फैसला भावनाओं से ज्यादा संगठन, चुनावी समीकरण और स्थानीय नेतृत्व को ध्यान में रखकर लेना होगा. JMM के सामने भी बड़ी चुनौती सुदिव्य कुमार सोनू सिर्फ गिरिडीह के विधायक नहीं थे. झामुमो संगठन में उनकी लंबी पारी रही थी. 1989 में पार्टी से जुड़ने के बाद उन्होंने संगठन में कई जिम्मेदारियां संभालीं और 2003 में गिरिडीह जिला अध्यक्ष भी बने. पार्टी के सामने चुनौती दोहरी है. पहला, गिरिडीह विधानसभा सीट के लिए मजबूत चेहरा तलाशना है. दूसरा, सुदिव्य के समर्थकों और संगठनात्मक नेटवर्क को एकजुट रखना है. विपक्ष के लिए भी खुला मैदान सुदिव्य के निधन से गिरिडीह की नेतृत्व में विपक्ष के लिए भी नए समीकरण बनने की संभावना है. 2024 में सुदिव्य ने भाजपा प्रत्याशी को करीब 3,838 मतों के अंतर से हराया था. इससे पहले 2019 में उनकी जीत का अंतर 15,884 वोट था. ऐसे में आने वाला चुनाव सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं होगा. यह सुदिव्य के प्रभाव, झामुमो की संगठनात्मक ताकत और विपक्ष की रणनीति तीनों की परीक्षा भी बन सकता है. इसे भी पढ़ें: आधा हिंदुस्तान नहीं जानता 1991 में सुदिव्य सोनू ने जिस रेलवे लाइन को उड़ाया था, उसे किसने बनवाया? सच जानकर रह जाएंगे हैरान कौन बनेगा ‘सोनू’ के बाद गिरिडीह का चेहरा? फिलहाल, गिरिडीह शोक में डूबा है. सुदिव्य की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ ने उनके जनाधार की तस्वीर सामने रख दी. लेकिन, नेतृत्व में शोक के बाद संगठन को आगे बढ़ना होता है. चिता की आग ठंडी हो गई, लेकिन सुदिव्य सोनू के जाने से पैदा हुआ सियासी रिक्तता अभी भी खाली है. एक तरफ आंखों में आंसू हैं, तो दूसरी तरफ गिरिडीह की नेतृत्व में भविष्य को लेकर हलचल शुरू हो चुकी है. सवाल सीधा है, जिस गिरिडीह की सियासत को सुदिव्य सोनू ने अपनी पहचान दी, अब उस विरासत को कौन आगे बढ़ाएगा? एक बात तय है कि सुदिव्य कुमार सोनू का नेतृत्वक अध्याय भले ही अचानक खत्म हो गया हो, लेकिन उनकी बनाई सियासी कहानी अभी खत्म नहीं हुई है. असली सवाल अब यह है कि इस कहानी का अगला किरदार कौन होगा? इसे भी पढ़ें: सुदिव्य सोनू को ‘गुरुजी’ ने लिया था ‘गोद’, बना दिया ‘नेतृत्व का धुरंधर’ The post कौन संभालेगा सुदिव्य सोनू की नेतृत्वक विरासत, श्वेता या कोई और? गिरिडीह में उठने लगे सवाल appeared first on Naya Vichar.

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बिना प्रो-मॉडल का खर्च किए पाएं प्रीमियम अनुभव, ये 5 आईफोन्स हैं वैल्यू किंग

हिंदुस्तानीय स्मार्टफोन बाजार में वैल्यू फॉर मनी प्रोडक्ट्स की मांग हमेशा सबसे ऊपर रहती है. अक्सर देखा गया है कि जब भी ऐपल कोई नई आईफोन सीरीज लॉन्च करता है, तो बड़ी संख्या में हिंदुस्तानीय ग्राहक पुराने मॉडल्स पर मिलने वाले आकर्षक डिस्काउंट का इंतजार करते हैं. हिंदुस्तान में स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने के कारण पुराने मॉडल्स की कीमतें काफी प्रतिस्पर्धी हुई हैं, वहीं कंपनी ने हाल ही में ’17e’ जैसे नए किफायती सेगमेंट मॉडल उतारकर विकल्प और बढ़ा दिए हैं. किफायती रेंज में सही आईफोन का चुनाव आसान बनाने के लिए काउंटरपॉइंट के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक ने कुछ अहम सुझाव दिए हैं. उनका मानना है कि यदि आप ओवरऑल परफॉर्मेंस और फीचर्स का संतुलन चाहते हैं, तो बेस आईफोन 16 एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरता है. इसमें ऐपल इंटेलिजेंस (AI) फीचर्स का सपोर्ट, दमदार 48 मेगापिक्सल फ्यूजन कैमरा और लंबे समय तक मिलने वाले सॉफ्टवेयर अपडेट्स का सबसे सही मेल देखने को मिलता है. आईफोन 16 और 17e: परफॉर्मेंस और फ्यूचर-प्रूफिंग का नया कॉम्बिनेशन जो यूजर्स अपने फोन को लंबे समय तक बिना किसी परेशानी के इस्तेमाल करना चाहते हैं (फ्यूचर-प्रूफिंग), उनके लिए आईफोन 16 और आईफोन 17e सबसे मजबूत दावेदार हैं. आईफोन 16 में A18 चिपसेट के साथ डेडिकेटेड कैमरा कंट्रोल बटन और एक्शन बटन मिलता है, जो UPI ऐप्स या कैमरा फंक्शन्स को तुरंत एक्सेस करने में मदद करता है. वहीं दूसरी ओर, आईफोन 17e उन यूजर्स के लिए तैयार किया गया है जो कॉम्पैक्ट साइज में पावरफुल A19 चिपसेट और बेस मॉडल में ही 256GB का बड़ा स्टोरेज चाहते हैं. बजट और बड़ी स्क्रीन पसंद करने वालों के लिए बेस्ट ऑप्शंस कम बजट वाले ग्राहकों के लिए आईफोन 15 आज भी बेहद प्रासंगिक बना हुआ है. इसमें डायनेमिक आइलैंड, टाइपि-सी USB पोर्ट और 48MP का प्राइमरी कैमरा मिलता है. यदि आपका बजट सीमित है और जनरेटिव AI फीचर्स आपकी प्राथमिकता नहीं हैं, तो यह मॉडल रोजमर्रा के 90% काम आसानी से निपटा देता है. इसके अलावा, जिन यूजर्स को मल्टीमीडिया स्ट्रीमिंग और गेमिंग के लिए बड़ी स्क्रीन तथा 2 दिन तक चलने वाली बैटरी लाइफ चाहिए, उनके लिए आईफोन 16 प्लस और आईफोन 15 प्लस जैसे 6.7-इंच डिस्प्ले वाले मॉडल्स प्रीमियम प्रो-मैक्स का एक किफायती विकल्प बनते हैं. 5 आईफोन मॉडल्स की तुलनात्मक तालिका (iPhone Comparison Table) iPhone मॉडल अनुमानित कीमत प्रमुख विशेषताएं (Key Features) किसके लिए बेस्ट है? iPhone 16 ₹68,900 A18 चिप, Apple Intelligence सपोर्ट, 48MP फ्यूजन कैमरा, एक्शन और कैमरा कंट्रोल बटन ऑल-राउंडर: जो यूजर्स AI फीचर्स, बेहतरीन कैमरा और लेटेस्ट फीचर्स का संतुलन चाहते हैं. iPhone 17e ₹61,900 A19 चिपसेट, 256GB बेस स्टोरेज, सेरामिक शील्ड 2, 15W MagSafe सपोर्ट परफॉर्मेंस प्रेमी: जो कम बजट में ज्यादा स्टोरेज, तेज स्पीड और कॉम्पैक्ट डिजाइन चाहते हैं. iPhone 15 ₹57,900 A16 बायोनिक चिप, डायनेमिक आइलैंड, USB Type-C पोर्ट, 48MP मुख्य कैमरा बजट यूजर्स: जो सीमित बजट (₹60,000 से कम) में आधुनिक आईफोन अनुभव चाहते हैं. iPhone 16 Plus ₹79,900 6.7-इंच Super Retina डिस्प्ले, 2 दिन तक की बैटरी लाइफ, A18 चिप (AI सपोर्ट) बड़ी स्क्रीन और बैटरी: जो बिना प्रो-मैक्स का खर्च किए बड़ी स्क्रीन और AI चाहते हैं. iPhone 15 Plus ₹69,900 6.7-इंच डिस्प्ले, A16 बायोनिक चिप, डायनेमिक आइलैंड, बेहतरीन बैटरी लाइफ लॉन्ग बैटरी लाइफ: जो AI फीचर्स के बिना बड़ी स्क्रीन और मजबूत बैटरी बैकअप चाहते हैं. (नोट: ऊपर बताई गई कीमतें बाजार की मौजूदा स्थिति और ऑफर्स के आधार पर अलग हो सकती हैं.) अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) {“type”:”faq”,”question”:”1. क्या कम बजट में Apple Intelligence फीचर्स वाला आईफोन मिल सकता है?”,”answer”:”जी हां, आईफोन 16 और आईफोन 17e दोनों में ही 8GB रैम और पावरफुल चिपसेट के साथ ऐपल के सभी ऑन-डिवाइस AI फीचर्स का सपोर्ट मिलता है.”}{“type”:”faq”,”question”:”2. आईफोन 15 और आईफोन 16 में सबसे बड़ा मुख्य अंतर क्या है?”,”answer”:”आईफोन 16 में नया A18 चिपसेट, 8GB रैम (AI सपोर्ट के लिए), एक्शन बटन, कैमरा कंट्रोल की और बेहतर लो-लाइट फोटोग्राफी मिलती है, जबकि आईफोन 15 में A16 Bionic चिप दी गई है.”}{“type”:”faq”,”question”:”3. बड़ी स्क्रीन और ज्यादा बैटरी लाइफ चाहने वालों के लिए कौन सा मॉडल सही रहेगा?”,”answer”:”6.7-इंच डिस्प्ले और लंबी बैटरी लाइफ के शौकीनों के लिए आईफोन 16 प्लस (AI फीचर्स के साथ) और आईफोन 15 प्लस (नॉन-AI बजट विकल्प) सबसे सही चॉइस हैं.”} ये भी पढ़ें: फ्लिपकार्ट पर आईफोन 16 हुआ सस्ता, ₹30,000 तक एक्सचेंज वैल्यू के साथ कीमत देखकर खुश जाएंगे ये भी पढ़ें: Raksha Bandhan 2026 Gift Ideas: इस रक्षाबंधन बहन-भाई को दें काम आने वाले ये 5 बेस्ट टेक गिफ्ट्स, देखें पूरी लिस्ट The post बिना प्रो-मॉडल का खर्च किए पाएं प्रीमियम अनुभव, ये 5 आईफोन्स हैं वैल्यू किंग appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में 34 लाख से ज्यादा बाढ़ से प्रभावित, अगले 2 दिन भयंकर बारिश का अलर्ट, नदियों में उफान से खौफ में लोग

बिहार से प्रह्लाद कुमार की रिपोर्ट Bihar Flood: बिहार बाढ़ से लोगों की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है. कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है जबकि कई नदियां खतरे के निशान के आसपास है. इस तरह से 12 से ज्यादा जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है. लेकिन प्रशासन की ओर से राहत-बचाव कार्य लगातार जारी है. आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट में क्या? आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट की माने तो, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया और अरवल जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों के लगभग 79 प्रखंडों के 34 लाख से भी ज्यादा लोग प्रभावित हैं. लोग अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर हैं. ज्यादा परेशानी नदी किनारे और निचले हिस्से में रह रहे लोगों को हो रही है. ये नदियां खतरे के निशान से बह रहीं ऊपर साथ ही राज्य में नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट की माने तो, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा सुबह 8 बजे अपने पुराने सर्वोच्च जलस्तर 36.75 मीटर को पार कर 36.80 मीटर पर पहुंच गई. लेकिन फिलहाल नदी का जलस्तर स्थिर बना हुआ है. भागलपुर के अलावा दीघा, गांधीघाट, हाथीदह और मुंगेर में भी पानी खतरे के निशान से ऊपर है. साथ ही गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा भी कई जगह लाल निशान के ऊपर बह रही हैं. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें अगले 2 दिन भारी बारिश की चेतावनी दूसरी तरफ, बिहार में मॉनसून भी पूरी तरह से एक्टिव है. अगले दो दिनों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. 9 सितंबर को खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. जबकि सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, बेगूसराय, पटना, नालंदा, नवादा, गयाजी, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण समेत अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ ही 10 सितंबर को बक्सर, भोजपुर, अरवल, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में भयंकर बारिश हो सकती है. जबकि पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बेगूसराय, पटना, नालंदा, नवादा, गयाजी, जहानाबाद, शेखपुरा और लखीसराय जिले में येलो अलर्ट जारी किया गया है. ऐसे में आने वाले दिनों में भारी बारिश की वजह से लोगों की परेशानी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. NDRF-SDRF की टीमें तैनात गंडक नदी का वाल्मीकिनगर बराज पर जलस्राव 1,04,400 क्यूसेक, कोसी नदी का वीरपुर बराज पर 1,69,985 क्यूसेक और सोन नदी का इंद्रपुरी बराज पर 1,04,758 क्यूसेक दर्ज किया गया है. कोसी और सोन के जलस्राव में कमी की प्रवृत्ति बताई गई है. संभावित बाढ़ को देखते हुए जल्द राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमें अलग-अलग जिलों में प्रतिनियुक्त की गई हैं. Also Read: ‘जो दलितों से टकराएगा…’ नारों के बीच पटना में प्रदर्शन, जेपी गोलंबर पर पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी The post बिहार में 34 लाख से ज्यादा बाढ़ से प्रभावित, अगले 2 दिन भयंकर बारिश का अलर्ट, नदियों में उफान से खौफ में लोग appeared first on Naya Vichar.

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EXCLUSIVE: ‘हनुमान अंश’ को लेकर बिहार के CM सम्राट चौधरी का बुलावा, योगी आदित्यनाथ से आज मुलाकात; कई राज्यों से आ रहे इनवाइट

Hanuman Anshaजिस फिल्म को कुछ दिन पहले तक दर्शकों के प्यार और बॉक्स ऑफिस पर मिल रहे रिस्पॉन्स के लिए जाना जा रहा था, अब उसे लेकर नेताओं की दिलचस्पी भी लगातार बढ़ती दिख रही है. ‘हनुमान अंश’ की टीम के लिए अब बिहार से बड़ी समाचार आई है. नया विचार को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तरफ से फिल्म की टीम को इनवाइट मिला है. यानी ‘हनुमान अंश’ की चर्चा अब सिर्फ सिनेमाघरों और सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रह गई है. फिल्म को लेकर सियासी गलियारों में भी हलचल तेज होती दिख रही है. टीम से जुड़े एक क्रू मेंबर ने नाम न बताने की शर्त पर हमें बताया, “हमें लगातार अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तरफ से इनवाइट मिल रहे हैं. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तरफ से भी बुलावा आया है.” हालांकि, बिहार के मुख्यमंत्री से मुलाकात कब होगी और फिल्म की स्क्रीनिंग किस तरह रखी जाएगी, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. टीम और मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच आगे की तारीख और कार्यक्रम को लेकर बातचीत होनी बाकी है. सिर्फ बिहार ही नहीं, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश से भी फिल्म की टीम के पास इनवाइट मेल पहुंचे हैं.* क्रू मेंबर के मुताबिक, अलग-अलग राज्यों से लगातार मिल रहे इस रिस्पॉन्स ने पूरी टीम को हैरान भी किया है और खुश भी. इस बीच उत्तर प्रदेश से भी ‘हनुमान अंश’ को लेकर बड़ी हलचल है. समाचार आई थी कि CM योगी आदित्यनाथ फिल्म देखने वाले हैं. अब जानकारी मिली है कि अपने व्यस्त कार्यक्रम की वजह से उन्होंने फिल्म 8 सितंबर यानी आज देखने का फैसला किया था. टीम को मंत्रालय की तरफ से शाम में मुख्यमंत्री से मुलाकात का इनवाइट भी मिला है. क्रू मेंबर ने बताया, “आज योगी जी से मुलाकात होनी है. मंत्रालय से शाम में CM से मिलने का इनवाइट आया है.” दिलचस्प बात यह है कि ‘हनुमान अंश’ को लेकर यह दिलचस्पी किसी एक राज्य तक सीमित नहीं दिख रही. बिहार से इनवाइट, यूपी में योगी आदित्यनाथ से मुलाकात और दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तरफ से आ रहे मेल ने टीम के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया है. क्रू मेंबर ने कहा, “फिल्म को जिस तरह से अटेंशन और प्यार मिल रहा है, हम सभी बहुत खुश हैं. हमने सोचा भी नहीं था कि फिल्म को लेकर अलग-अलग राज्यों से इस तरह का रिस्पॉन्स मिलेगा.” अब सबकी निगाहें टिकी हैं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और ‘हनुमान अंश’ की टीम के बीच होने वाली इस बहुप्रतीक्षित मुलाकात पर. क्या मुख्यमंत्री फिल्म देखेंगे, या कोई खास स्क्रीनिंग होगी? इन सवालों के जवाब का इंतजार है. फिलहाल इन सवालों का जवाब सामने नहीं आया है, लेकिन एक बात तय है कि ‘हनुमान अंश’ की गूंज अब पर्दे से निकलकर सत्ता के गलियारों तक पहुंचती दिख रही है. ये भी पढ़ें- Bigg Boss 20 Review: कंटेस्टेंट हैं या मेकर्स की मजबूरी, क्या पैसे देकर बुक हुई ‘बिग बॉस’ की सीट? सलमान खान भी दिखे बेजान! The post EXCLUSIVE: ‘हनुमान अंश’ को लेकर बिहार के CM सम्राट चौधरी का बुलावा, योगी आदित्यनाथ से आज मुलाकात; कई राज्यों से आ रहे इनवाइट appeared first on Naya Vichar.

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