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बलिया की रागिनी को ट्राईसाइकिल मिली, घर तक सड़क और आवास का भरोसा भी, लेकिन मां अब भी 4 लाख की कर्जदार

Ragini Viral Video: बलिया की रागिनी अब पहले की तरह सड़क पर गिरते-पड़ते स्कूल नहीं जाएगी. उसे ट्राईसाइकिल मिल गई है, घर तक सड़क बनाने का भरोसा मिला है और पीएम आवास भी मिलेगा. लेकिन इन खुशियों के बीच उसकी मां की आंखों में एक ऐसा दर्द है, जिसे कोई प्रशासनी मदद अभी मिटा नहीं पाई है. बेटी को अपने पैरों पर खड़ा करने की कोशिश में मां ने अपने गहने बेच दिए, एक लाख रुपये स्वयं सहायता समूह से कर्ज लिया और गांव के लोगों से भी उधार लिया. आज भी करीब चार लाख रुपये का कर्ज उसके सिर पर है. हादसे ने छीन लिया पैर, लेकिन पढ़ने का हौसला नहीं रागिनी बलिया की रहने वाली मासूम बच्ची है. करीब छह साल पहले स्कूल जाते समय हादसे में उसका बायां पैर बुरी तरह प्रभावित हो गया. वह बाइक की चपेट में आ गई थी. इसके बाद उसकी जिंदगी बदल गई. चलना-फिरना मुश्किल हो गया, लेकिन पढ़ने की चाहत नहीं छूटी. वह स्कूल जाती रही. रास्ते में कई बार गिरती थी, फिर उठती थी और किसी तरह आगे बढ़ती थी. रोज का सफर उसके लिए किसी परीक्षा से कम नहीं था. परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि उसके लिए बेहतर इलाज और सुविधाओं का इंतजाम किया जा सके. इलाज के लिए मां ने बेच दिए गहने रागिनी की मां ने बेटी को ठीक कराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी. कभी बनारस तो कभी मऊ के अस्पतालों और सेंटरों के चक्कर लगाए. मऊ में डॉक्टर अरुण गुप्ता से भी इलाज कराया गया. डॉक्टरों ने ठीक होने की उम्मीद जताई, लेकिन इलाज के बावजूद रागिनी पूरी तरह ठीक नहीं हो सकी. इलाज का खर्च बढ़ता गया और मां की मजबूरी भी. बेटी के इलाज के लिए उसने अपने गहने बेच दिए. स्वयं सहायता समूह से एक लाख रुपये का कर्ज लिया. इसके अलावा गांव के लोगों से भी उधार लिया. अब करीब चार लाख रुपये अभी भी चुकाना बाकी हैं. रागिनी को सहारा मिला, लेकिन मां का कर्ज बाकी रागिनी की कहानी सामने आने के बाद बलिया के DM मंगला प्रसाद सिंह तक उसकी आवाज पहुंची. अब उसकी मुश्किलें कुछ कम हुई हैं. उसे ट्राईसाइकिल मिली है, जिससे उसके लिए स्कूल और बाहर आना-जाना आसान होगा. घर तक सड़क बनवाने की बात कही गई है. परिवार को पीएम आवास देने का भी भरोसा मिला है. सिकंदरपुर से संजय सिंह रागिनी के लिए ट्राईसाइकिल लेकर पहुंचे. जिस बच्ची ने वर्षों तक दूसरों के सहारे रास्ता तय किया, उसके लिए यह ट्राईसाइकिल सिर्फ एक साधन नहीं, बल्कि अपने पैरों पर आगे बढ़ने की नई उम्मीद है. बेटी के लिए कर्ज में डूब गई मां रागिनी के परिवार में वह इकलौती बच्ची है. पिता रोजी-रोटी के लिए परदेश में रहते हैं. बेटी की जरूरतों और इलाज के खर्च ने परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है. रागिनी को स्कूल पहुंचाने में कभी बाबा तो कभी परिवार के दूसरे लोग मदद करते हैं. रागिनी अब ट्राईसाइकिल के सहारे आगे बढ़ेगी. उसे सड़क और घर मिलने की उम्मीद भी है. मगर उसकी मां के लिए एक और लंबी लड़ाई बाकी है. चार लाख रुपये का वह कर्ज, जो उसने बेटी के इलाज के लिए लिया था. रागिनी के चेहरे पर शायद अब मुस्कान लौट रही है, लेकिन मां के माथे की चिंता की लकीरें अभी बाकी हैं. बेटी को चलने का सहारा मिल गया, मगर उसे बचाने के लिए मां ने जिस कर्ज का बोझ उठाया है, उससे निकलने का रास्ता अभी तलाशना बाकी है. यह भी पढ़ें: UP Weather Tonight: आज रात फिर बरसेंगे बदरा! यूपी के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, आंधी-बिजली भी बढ़ाएगी मुसीबत The post बलिया की रागिनी को ट्राईसाइकिल मिली, घर तक सड़क और आवास का भरोसा भी, लेकिन मां अब भी 4 लाख की कर्जदार appeared first on Naya Vichar.

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तेलंगाना : कोंडा सुरेखा ने 28 अगस्त को सीएम रेवंत रेड्डी को बांधी राखी, 3 सितंबर को हो गई कैबिनेट से छुट्टी

तेलंगाना की वन एवं बंदोबस्ती मंत्री कोंडा सुरेखा की बेटी की मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और कांग्रेस के कुछ नेताओं पर की गई कथित टिप्पणियों के बाद विवाद बढ़ गया था. उनके बयान पर सत्तारूढ़ कांग्रेस के कई विधायकों और नेताओं ने नाराजगी जताई थी. मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने पार्टी नेतृत्व से सुरेखा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की. इसके बाद मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सुरेखा को मंत्रिपरिषद से हटाने का फैसला किया. इस फैसले के साथ ही तेलंगाना कांग्रेस में अंदरूनी विवाद और तेज हो गया है. कुछ दिन पहले (28 अगस्त) रक्षाबंधन का त्योहार था. इस  दिन कोंडा सुरेखा ने एक वीडियो और कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थी. वीडियो शेयर करते हुए सुरेखा ने लिखा- राखी पूर्णिमा के मौके पर मंत्री सीताक्का के साथ मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से मिलने उनके आवास पहुंचीं. मुख्यमंत्री को राखी बांधी और उन्हें शुभकामनाएं दीं. ये भी पढ़ें: तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी के खिलाफ कोंडा सुरेखा की बेटी ने दिया बयान, कैबिनेट से होगी छुट्टी उन्होंने कहा कि तेलंगाना की प्रशासन स्त्रीओं के कल्याण और उन्हें मजबूत बनाने को प्राथमिकता दे रही है. मंत्री ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का आभार जताते हुए कहा कि वह राज्य की हर बेटी के लिए बड़े भाई की तरह हैं. उन्होंने कामना की कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में तेलंगाना विकास के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ता रहे. इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री के स्वस्थ और सफल कार्यकाल की भी शुभकामनाएं दीं. कोंडा सुरेखा की बेटी सुष्मिता से शुरू हुआ विवाद परकल में एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने लोगों से मौजूदा विधायक रेवुरी प्रकाश रेड्डी को पिछली बार से ज्यादा वोटों से जिताने की अपील की थी. इसके बाद कोंडा सुरेखा की बेटी सुष्मिता ने मुख्यमंत्री के इस समर्थन पर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री परकल में विधायक के समर्थन में क्यों खड़े हो रहे हैं. सुष्मिता खुद भी अगले विधानसभा चुनाव में परकल सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी हैं. The post तेलंगाना : कोंडा सुरेखा ने 28 अगस्त को सीएम रेवंत रेड्डी को बांधी राखी, 3 सितंबर को हो गई कैबिनेट से छुट्टी appeared first on Naya Vichar.

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Mirzapur The Movie First Review: सीजन 2 और 3 से कहीं बेहतर… टिकट बुक करने से पहले पढ़ें ‘मिर्जापुर द मूवी’ का फर्स्ट रिव्यू

Mirzapur The Movie First Review: ‘मिर्जापुर द मूवी’ की रिलीज में अब बस कुछ घंटे बाकी हैं. गुड्डू पंडित, कालीन भैया और मुन्ना भैया का भौकाल अब पहली बार बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगा. फिल्म 4 सितंबर को जन्माष्टमी के मौके पर रिलीज हो रही है और फैंस का एक्साइटमेंट पहले ही पीक पर है. इसी बीच सोशल मीडिया पर फिल्म का फर्स्ट रिव्यू सामने आ गया है, जिसने रिलीज से पहले ही माहौल गर्म कर दिया है. अब अगर आप भी कल थिएटर में जाकर मिर्जापुर का भौकाल देखने वाले हैं, लेकिन टिकट बुक करने से पहले थोड़ा कन्फ्यूज हैं कि फिल्म पैसा वसूल होगी या नहीं, तो जरा इस वायरल रिव्यू पर नजर डाल लीजिए. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है फिल्म का फर्स्ट रिव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट में ‘मिर्जापुर द मूवी’ को लेकर काफी पॉजिटिव दावा किया गया है. पोस्ट के मुताबिक, फिल्म को सीरीज के पहले सीजन के लेवल से कंपेयर नहीं करना चाहिए, लेकिन यह सीजन 2 और 3 से कहीं बेहतर है. इतना ही नहीं, इसमें ‘मिर्जापुर’ के फैंस को बिना ज्यादा सोचे फिल्म की टिकट बुक करने की सलाह दी गई है. यानी इस शुरुआती रिएक्शन की मानें तो फिल्म में वह गैंगस्टर ड्रामा और एक्शन का मसाला है, जिसकी फैंस को उम्मीद है. हालांकि, एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि यह सोशल मीडिया पर सामने आया अनऑफिशियल रिव्यू है. इसलिए इसे फिल्म का फाइनल फैसला नहीं माना जा सकता. यह भी पढ़ें: ‘मिर्जापुर द मूवी’ के प्रमोशन के लिए बिहार आ रहे हैं कालीन भैया, इन दिन दिखेगा पटना में भौकाल जो सीरीज नहीं देखते, उनके लिए भी फिल्म में है दम? वायरल रिव्यू में उन लोगों के लिए भी अच्छी समाचार है, जिन्होंने अभी तक ‘मिर्जापुर’ की सीरीज नहीं देखी है. पोस्ट के मुताबिक, फिल्म देखने के लिए पुरानी सीरीज का पूरा होमवर्क करना जरूरी नहीं है. यानी अगर आप पहली बार ‘मिर्जापुर’ की दुनिया में एंट्री ले रहे हैं, तो भी फिल्म आपको आसानी से कनेक्ट कर सकती है. हालांकि, सीरीज के पुराने फैंस के लिए मजा थोड़ा ज्यादा होने वाला है, क्योंकि वे किरदारों की पुरानी दुश्मनी, रिश्तों और पूरे भौकाल से पहले से वाकिफ हैं. अब वायरल रिव्यू का ये दावा कितना सही बैठता है, इसका असली पता तो कल थिएटर में दर्शकों के रिएक्शन के बाद ही चलेगा. यह भी पढ़ें: गुड्डू भैया ने बताया क्यों खास होगी ‘मिर्जापुर: द मूवी’, नए ट्विस्ट और अलग फ्लेवर देखेंगे ‘मिर्जापुर द मूवी’ में कौन-कौन आएगा नजर? ‘मिर्जापुर द मूवी’ में फ्रेंचाइजी के कई पुराने कलाकार अपने चर्चित किरदारों के साथ लौट रहे हैं. फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु, रसिका दुग्गल, श्वेता त्रिपाठी शर्मा, श्रिया पिलगांवकर, शीबा चड्ढा, हर्षिता गौर, अभिषेक बनर्जी और अनंग्शा बिस्वास नजर आएंगे. वहीं जितेंद्र कुमार, रवि किशन और सोनल चौहान की फिल्म में नई एंट्री हुई है. यानी पुराने चेहरों के साथ नए किरदारों का तड़का भी देखने को मिलेगा. The post Mirzapur The Movie First Review: सीजन 2 और 3 से कहीं बेहतर… टिकट बुक करने से पहले पढ़ें ‘मिर्जापुर द मूवी’ का फर्स्ट रिव्यू appeared first on Naya Vichar.

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तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी के खिलाफ कोंडा सुरेखा की बेटी ने दिया बयान, कैबिनेट से छुट्टी

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्य की मंत्री कोंडा सुरेखा को तत्काल प्रभाव से मंत्रिमंडल से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह कदम उनकी बेटी कोंडा सुष्मिता पटेल के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं पर की गई तीखी टिप्पणियों के बाद उठाया गया है. इस विवाद के चलते कांग्रेस के अंदर खींचतान बढ़ गई है. गुरुवार (3 सितंबर) को जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने की सिफारिश तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को भेज दी गई है. अब राज्यपाल की मंजूरी के बाद उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की प्रक्रिया पूरी होगी. ये भी पढ़ें: VIDEO: पीएम मोदी ने रेवंत रेड्डी को खुले मंच से दिया साथ आने का न्योता, अपनी हंसी नहीं रोक पाए सीएम कोंडा सुरेखा की बेटी सुष्मिता ने क्या कहा था? यह विवाद तब शुरू हुआ, जब कोंडा सुरेखा की बेटी सुष्मिता ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर सार्वजनिक रूप से निशाना साधा. उन्होंने पार्टी विधायक रेवुरी प्रकाश रेड्डी का समर्थन करने और उन्हें परकल सीट से दोबारा चुनाव लड़ाने के मुख्यमंत्री के फैसले पर सवाल उठाए. सुष्मिता ने परकल को ‘कोंडा का इलाका’ बताते हुए रेवंत रेड्डी के फैसले पर आपत्ति जताई. सुष्मिता ने कहा, “आप मेरे इलाके में, कोंडा के इलाके में आकर लोगों से प्रकाश रेड्डी को दोबारा जिताने की अपील क्यों कर रहे हैं?” ये भी पढ़ें: परिसीमन पर साउथ में बढ़ा विवाद, सीएम रेवंत रेड्डी ने भेदभाव का लगाया आरोप परकल में एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने लोगों से मौजूदा विधायक रेवुरी प्रकाश रेड्डी को पिछली बार से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जिताने की अपील की थी. इसके कुछ दिन बाद सुष्मिता ने मुख्यमंत्री के इस समर्थन पर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री इस विधानसभा क्षेत्र में विधायक के समर्थन में क्यों खड़े हैं. परकल सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी हैं सुष्मिता सुष्मिता के बयान को नेतृत्वक तौर पर इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह खुद अगले विधानसभा चुनाव में परकल सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर सीधे निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप लगाए. सुष्मिता का दावा है कि मुख्यमंत्री और उनके भाइयों ने राज्य के हितों की अनदेखी कर फायदा उठाया. उन्होंने करीब 200 करोड़ रुपये की प्रशासनी जमीन से जुड़े मामले का भी जिक्र किया. इसके अलावा एक शेल कंपनी को लेकर भी सवाल उठाए. हालांकि, मुख्यमंत्री और उनके भाइयों पर लगाए गए ये आरोप फिलहाल सुष्मिता के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. The post तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी के खिलाफ कोंडा सुरेखा की बेटी ने दिया बयान, कैबिनेट से छुट्टी appeared first on Naya Vichar.

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नाक में सिंदूर, हाथों में कांच की चूड़ियां…Tamannaah Bhatia के इस लुक में दिखा बिहारी रंग, जानें क्या है इस परंपरा का राज

फिल्म के ट्रेलर में एक चेहरा नजर आता है और नजर ठहर जाती है. वजह सिर्फ Tamannaah Bhatia नहीं, बल्कि उनके चेहरे पर नजर आ रहा वह सिंदूर है, जो मांग से होते हुए नाक तक पहुंचा है. Sidharth Malhotra के साथ The Vvaan: Force of the Forestमें Tamannaah एक बिल्कुल अलग अंदाज में दिखाई दे रही हैं. ट्रेलर सामने आने के बाद उनके इस लुक को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. आखिर नाक तक सिंदूर लगाने की वजह क्या है और इसका बिहार से क्या कनेक्शन है? दरअसल, Tamannaah के इस लुक में बिहार की एक खास परंपरा की झलक दिखाई देती है. बिहार में विवाहित स्त्रीओं के लिए सिंदूर महज श्रृंगार नहीं है. शादी और कई शुभ अवसरों पर स्त्रीएं मांग से लेकर नाक तक लंबा सिंदूर लगाती हैं. खासकर छठ जैसे पर्व पर भी इस तरह सिंदूर लगाने की परंपरा कई इलाकों में देखने को मिलती है. इसे सुहाग और परिवार की सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. नाक तक सिंदूर लगाने का क्या मतलब है? बिहार में सिंदूर लगाने का यह अंदाज बाकी जगहों से थोड़ा अलग नजर आता है. शादी के वक्त दुल्हन की मांग में सिंदूर भरने की रस्म तो पूरे देश में होती है, लेकिन बिहार और झारखंड के कई हिस्सों में सिंदूर को नाक के सिरे से लेकर मांग तक लगाने की परंपरा भी है. लोकमान्यताओं में इसे पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन की खुशहाली से जोड़ा जाता है. खास मौकों पर सिंदूर की यह लंबी रेखा स्त्री के सुहाग और उसके वैवाहिक जीवन के प्रति शुभकामना का प्रतीक मानी जाती है. यही वह छोटी-सी सांस्कृतिक बारीकी है, जो Tamannaah के लुक को खास बना देती है. उनके चेहरे पर दिखाई दे रहा सिंदूर किसी सामान्य बॉलीवुड दुल्हन वाले look जैसा नहीं है. यह एक खास क्षेत्रीय पहचान को सामने लाता है. फिल्म की कहानी भी बिहार से जुड़ी है अब यहां The Vvaan की कहानी इस लुक को और दिलचस्प बना देती है. फिल्म की कहानी बिहार के पटना के पास स्थित वन देवी मंदिर से जुड़ी स्थानीय लोककथा से प्रेरित है. मेकर्स के मुताबिक लेखक Arunabh Kumar ने मंदिर और उससे जुड़ी लोककथा के बारे में स्थानीय लोगों और पुजारियों से बातचीत के बाद इस कहानी पर काम किया. फिल्म folklore, spirituality, mystery और supernatural elements को एक साथ लेकर चलती है. वन देवी मंदिर को लेकर स्थानीय मान्यताएं भी काफी रहस्यमयी हैं. मंदिर को सदियों पुराना बताया जाता है और यहां देवी की पूजा पारंपरिक मूर्ति की जगह पिंड के रूप में किए जाने की बात सामने आई है. इस जगह से जुड़ी सबसे दिलचस्प मान्यता यह है कि सूर्यास्त के बाद जंगल में जाने से लोगों को मना किया जाता रहा है. ऐसे में Tamannaah का किरदार जिस रूप में ट्रेलर में दिखाई देता है, उसे सिर्फ एक traditional look कहकर छोड़ देना शायद पूरी तस्वीर नहीं होगी. साड़ी, सिंदूर और देसी अंदाज उस लोकविश्वास वाली दुनिया का हिस्सा नजर आते हैं, जिसमें फिल्म की कहानी बुनी गई है. Tamannaah के सिंदूर ने क्यों खींचा ध्यान? Tamannaah को इससे पहले दर्शकों ने कई तरह के ग्लैमरस और मॉडर्न किरदारों में देखा है. लेकिन The Vvaan में उनका लुक उनकी पिछली स्क्रीन इमेज से काफी अलग दिखाई देता है. नाक तक गया सिंदूर उनके किरदार को तुरंत एक क्षेत्रीय पहचान देता है. और शायद यही इस look की सबसे खास बात है. मेकर्स ने बिहार की कहानी को सिर्फ लोकेशन या भाषा के जरिए दिखाने के बजाय किरदार के पहनावे और श्रृंगार में भी उतारने की कोशिश की है. हालांकि फिल्म में Tamannaah के किरदार की पूरी कहानी अभी सामने नहीं आई है. इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि नाक तक लगा सिंदूर कहानी में कोई रहस्य या खास संकेत रखता है. लेकिन इतना जरूर है कि ट्रेलर में दिखा यह छोटा-सा detail फिल्म की बिहार वाली जड़ों को और मजबूत करता है. एक तरफ Sidharth Malhotra का किरदार जंगल और रहस्यमयी दुनिया में कदम रखता है. दूसरी तरफ Tamannaah पारंपरिक बिहारी अंदाज में दिखाई देती हैं. ऐसे में दर्शकों की दिलचस्पी सिर्फ इस बात में नहीं है कि फिल्म में आगे क्या होगा, बल्कि यह जानने में भी है कि Tamannaah का किरदार इस पूरी कहानी में आखिर कौन है. फिलहाल नाक तक लगा सिंदूर उनके लुक की सबसे अलग पहचान बन गया है. और इसकी वजह सिर्फ खूबसूरती नहीं, बल्कि इसके पीछे छिपा वह बिहारी touch है, जिसे The Vvaan पर्दे पर कहानी का हिस्सा बनाकर पेश करने वाली है. ये भी पढ़ें- Exclusive: ‘फिल्म नहीं चलेगी’ से 1500 स्क्रीन तक, ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर ने बताया कैसे हुआ ये ‘चमत्कार’ The post नाक में सिंदूर, हाथों में कांच की चूड़ियां…Tamannaah Bhatia के इस लुक में दिखा बिहारी रंग, जानें क्या है इस परंपरा का राज appeared first on Naya Vichar.

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पंजाब CM भगवंत मान पर BJP का गंभीर आरोप, ‘पत्नी संग मिलकर 5 करोड़ में किया रेप केस सेटल’

बीजेपी का दावा है कि बिचौलियों के जरिए दुष्कर्म के मामलों को 5 करोड़ रुपये लेकर ‘सेटल’ किया जा रहा था. ये आरोप इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर गुरविंदर सिंह चहल से जुड़े मामले को लेकर लगाए गए हैं. चहल को एक स्त्री के अपहरण और कथित दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के करीब दो महीने बाद इसी सप्ताह उन्हें रिहा कर दिया गया. बीजेपी ने इसी मामले को आधार बनाकर पंजाब प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. प्रदीप भंडारी ने कहा, “भगवंत मान और उनकी पत्नी लूट और भ्रष्टाचार का रैकेट चला रहे हैं. इसके तहत बिचौलियों के जरिए 5 करोड़ रुपये लेकर दुष्कर्म के मामलों को निपटाया जा रहा है.” प्रदीप भंडारी (Photo: X) ऑडियो क्लिप प्रदीप भंडारी ने जारी किया बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ ऑडियो क्लिप भी जारी कीं. पार्टी का दावा है कि इनमें एक कथित बिचौलिया नेतृत्वक पहुंच का हवाला देकर दुष्कर्म और दूसरे आपराधिक मामलों को निपटाने की बात कर रहा है. हालांकि, इन ऑडियो क्लिप में कहीं भी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान या उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर का नाम नहीं लिया गया है. ऐसे में ऑडियो में किए गए दावों और भाजपा के आरोपों के बीच सीधे तौर पर नाम का उल्लेख नहीं है. प्रदीप भंडारी ने आगे कहा, “इन ऑडियो क्लिप से पहली नजर में गंभीर सवाल उठते हैं कि क्या मुख्यमंत्री खुद किसी मामले को खत्म कराने के लिए हस्तक्षेप कर रहे हैं? क्या मुख्यमंत्री का आवास अब ऐसे सौदे तय करने की जगह बन गया है, जहां से कमीशन का पैसा पंजाब के ‘सुपर सीएम’ अरविंद केजरीवाल तक पहुंच रहा है?” आम आदमी पार्टी की ओर से मामले पर नहीं आया है रिएक्शन इन गंभीर आरोपों पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी की ओर से अभी तक कोई रिएक्शन नहीं आया है. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह मामला बड़ा नेतृत्वक मुद्दा बनता नजर आ रहा है और इसे लेकर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है. The post पंजाब CM भगवंत मान पर BJP का गंभीर आरोप, ‘पत्नी संग मिलकर 5 करोड़ में किया रेप केस सेटल’ appeared first on Naya Vichar.

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NALSAR विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कहा – BCI को लॉ स्टूडेंट्स पर एक्शन का अधिकार नहीं, जानें क्यों शुरू हुआ था विवाद

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने कहा कि जब तक कोई लॉ स्टूडेंट एडवोकेट के रूप में रजिस्टर्ड नहीं हो जाता, तब तक उसके आचरण पर डिसिप्लिनरी एक्शन लेने का अधिकार संबंधित विश्वविद्यालय या शिक्षण संस्थान का है. कोर्ट ने NALSAR के 2026 बैच के छात्रों को लेकर BCI की ओर से 13 अगस्त को जारी किए गए कम्युनिकेशन यानी आधिकारिक पत्र या आदेश और उसके बाद जारी संशोधित कम्युनिकेशन को रद्द कर दिया. हालांकि इन आदेश को BCI पहले ही वापस ले चुका था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले में यह महत्वपूर्ण कानूनी सवाल साफ कर दिया कि भविष्य में BCI छात्रों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं कर सकता है. BCI ने छात्रों के खिलाफ क्या की थी कार्रवाई ? विवाद की शुरुआत NALSAR के कुछ छात्रों के उस विरोध से हुई थी, जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में चीफ गेस्ट के तौर पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत की मौजूदगी पर आपत्ति जताई थी. इसके बाद BCI के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की ओर से 13 अगस्त को ऐसा निर्देश जारी किया गया था, जिसमें स्टेट बार काउंसिलों से NALSAR के 2026 बैच के ग्रेजुएट्स का अगले आदेश तक एनरोलमेंट नहीं करने को कहा गया था. साथ ही उन छात्रों की पहचान करने वाली रिपोर्ट भी मांगी गई थी, जिन्होंने चीफ जस्टिस के खिलाफ अभियान शुरू किया था. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद BCI ने अपने निर्देश वापस ले लिए थे. स्टूडेंट्‌स और वकीलों के बीच अंतर को कोर्ट ने किया स्पष्ट NALSAR के कुछ छात्रों द्वारा सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस सवाल का स्पष्ट जवाब दिया.कोर्ट ने कहा कि Advocates Act, 1961, जिसके तहत BCI का गठन हुआ है, उसमें ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है जो BCI या स्टेट बार काउंसिल को लॉ स्टूडेंट्स के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की शक्ति देता हो. कोर्ट के मुताबिक, छात्रों के मामले में अनुशासनात्मक अधिकार उस यूनिवर्सिटी या शैक्षणिक संस्थान के पास है जहां वे पढ़ रहे हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि BCI का लॉ एजुकेशन से कोई संबंध नहीं है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि BCI कानून के तहत कानूनी शिक्षा के मानक निर्धारित और लागू कर सकता है, लेकिन इसके आधार पर वह किसी छात्र के खिलाफ व्यक्तिगत अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं कर सकता. ये भी पढ़ें :PM मोदी की डिग्री पर अभिजीत दीपके ने फिर उठाए सवाल, कहा-दोनों डिग्री दिखाते हैं; खत्म हो जाएगा विवाद The post NALSAR विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कहा – BCI को लॉ स्टूडेंट्स पर एक्शन का अधिकार नहीं, जानें क्यों शुरू हुआ था विवाद appeared first on Naya Vichar.

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MS Dhoni IPL 2027: इम्पैक्ट प्लेयर नहीं बनेंगे एम एस धोनी, बद्रीनाथ ने बताया, क्या है माही की पसंद

Badrinath On MS Dhoni : एमएस धोनी के IPL भविष्य को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. धोनी ने अभी तक IPL 2027 में स्पोर्ट्सने या संन्यास लेने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. इसी बीच चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व बल्लेबाज सुब्रमण्यम बद्रीनाथ ने धोनी की भूमिका को लेकर बड़ा दावा किया है. बद्रीनाथ के मुताबिक, अगर धोनी IPL में स्पोर्ट्सना जारी रखते हैं तो वह इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर मैदान पर उतरने के इच्छुक नहीं हैं. धोनी की पसंद अब भी फुल-टाइम विकेटकीपर के रूप में स्पोर्ट्सने की है. इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर क्यों नहीं स्पोर्ट्सना चाहते धोनी? IPL में इम्पैक्ट प्लेयर नियम टीमों को मैच के दौरान एक खिलाड़ी को दूसरे खिलाड़ी से बदलने की अनुमति देता है. ऐसे में उम्र और फिटनेस को देखते हुए धोनी के लिए सिर्फ बल्लेबाजी करने वाले इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका एक विकल्प हो सकती है. इस भूमिका में उन्हें पूरे मैच के दौरान विकेटकीपिंग करने की जरूरत नहीं होगी. इससे मैदान पर बिताया जाने वाला समय और शारीरिक दबाव कम हो सकता है. हालांकि, बद्रीनाथ के मुताबिक धोनी इस विकल्प के पक्ष में नहीं हैं. उन्होंने अपने YouTube चैनल पर बताया कि धोनी ने उनसे व्यक्तिगत तौर पर कहा है कि वह इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में नहीं स्पोर्ट्सना चाहते. धोनी अगर IPL में वापसी करते हैं तो खुद को सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर सीमित करने के बजाय फुल-टाइम विकेटकीपर की भूमिका निभाना पसंद करेंगे. ये भी पढ़ें: Asian Games 2026: लिटन दास को मिली बांग्लादेश की कमान, नाहिद राणा-तस्किन अहमद चोट के कारण बाहर बद्रीनाथ बोले- धोनी के लिए इम्पैक्ट प्लेयर रोल फायदेमंद होता दिलचस्प बात यह है कि बद्रीनाथ खुद मानते हैं कि इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका धोनी और CSK दोनों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है. धोनी आमतौर पर पारी के आखिरी हिस्से में बल्लेबाजी के लिए आते हैं और उनकी सबसे अहम भूमिका विकेट के पीछे रहती है. ऐसे में इम्पैक्ट प्लेयर नियम के जरिए उनके मैदान पर रहने का समय सीमित किया जा सकता है. बद्रीनाथ का मानना है कि इससे धोनी पर शारीरिक दबाव कम हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि CSK के पूर्व कोच स्टीफन फ्लेमिंग धोनी की शारीरिक स्थिति और मैदान पर उनकी भूमिका को लेकर पहले बात कर चुके हैं. धोनी का IPL रिकॉर्ड अब भी शानदार धोनी का IPL करियर बेहद शानदार रहा है. उन्होंने 278 IPL मैचों में 5,439 रन बनाए हैं और उनके नाम 24 अर्धशतक दर्ज हैं. उनका IPL स्ट्राइक रेट 137.45 रहा है. बतौर कप्तान भी धोनी का रिकॉर्ड शानदार रहा है. उनकी कप्तानी में CSK ने पांच IPL खिताब जीते हैं. यही वजह है कि टीम में उनकी अहमियत सिर्फ बल्लेबाजी या विकेटकीपिंग तक सीमित नहीं रही है. मुश्किल परिस्थितियों में उनका अनुभव और फैसले लेने की क्षमता भी CSK के लिए काफी महत्वपूर्ण रही है. ये भी पढ़ें: 100 KM दौड़कर डाली क्रिकेट मैच की पहली गेंद, Guinness World Record के लिए ठोका दावा The post MS Dhoni IPL 2027: इम्पैक्ट प्लेयर नहीं बनेंगे एम एस धोनी, बद्रीनाथ ने बताया, क्या है माही की पसंद appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में 9 सितंबर तक आफत की बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया वर्षा-वज्रपात का येलो अलर्ट, जानें अपने जिले का हाल

West Bengal Weather Forecast: उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश पर बने वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया (Well Marked Low Pressure Area) और दक्षिण-पश्चिम बांग्लादेश के ऊपर सक्रिय अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Upper Air Cyclonic Circulation) के कारण पश्चिम बंगाल में मानसून फिर अत्यंत उग्र रूप धारण कर चुका है. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम केंद्र अलीपुर (कोलकाता) ने 3 सितंबर को यह जानकारी दी. वर्षा-वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट मौसम विभाग ने एक स्पेशल बुलेटिन जारी कर कहा है कि राज्य के कई जिलों में 9 सितंबर तक लगातार भारी बारिश (07-11 सेमी) होगी. इस दौरान तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चलने और भारी वज्रपात (Thunderstorm & Lightning) का भी अलर्ट जारी किया गया है. दीघा से बंगाल की खाड़ी तक फैला मानसून ट्रफ मौसम कार्यालय के अनुसार, मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) वर्तमान में दीघा और पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशा में बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है. इसके प्रभाव से दक्षिण बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में भारी बारिश की आशंका जतायी गयी है. ये भी पढ़ें: मध्यप्रदेश की ओर बढ़ रहा लो प्रेशर एरिया, बंगाल में 2 दिन तक होती रहेगी बारिश 24 घंटे में दक्षिण बंगाल में कहां, कितनी बारिश हुई? मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे से दौरान दक्षिण बंगाल में कई जगहों पर मूसलाधार बारिश हुई. जगह का नाम जिले का नाम वर्षापात मंगलकोट पूर्व बर्धमान 80 मिमी अलीपुर कोलकाता 70 मिमी नलहाटी बीरभूम 70 मिमी कांडी मुर्शिदाबाद 60 मिमी दमदम उत्तर 24 परगना 60 मिमी सॉल्ट लेक उत्तर 24 परगना 50 सेमी तिलपाड़ा बराज बीरभूम 40 मिमी आमतला मुर्शिदाबाद 40 मिमी सुरी बीरभूम 40 मिमी घेरोपाड़ा बीरभूम 30 मिमी हेतमपुर बीरभूम 30 मिमी श्री निकेतन बीरभूम 30 मिमी बशीरहाट उत्तर 24 परगना 30 मिमी मानकर पूर्व बर्धमान 30 मिमी बैरकपुर उत्तर 24 परगना 30 मिमी कल्याणी नदिया 30 मिमी ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, जानें कल कैसा रहेगा मौसम उत्तर बंगाल में कहां, कितनी हुई वर्षा? जगह का नाम जिले का नाम वर्षापात सिंगीमारी कूचबिहार 40 मिमी रायगंज उत्तर दिनाजपुर 20 मिमी लावा कलिम्पोंग 10 मिमी मालदा मालदा 10 मिमी दक्षिण बंगाल के लिए 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी | Weather Warning 4-5 सितंबर : पूर्व बर्धमान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, नदिया, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश (7-11 सेमी) और 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की संभावना है. 5-6 सितंबर : पश्चिम बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों में भारी बारिश का अलर्ट. 8-10 सितंबर : बीरभूम, मुर्शिदाबाद, पुरुलिया, दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा और पश्चिम बर्धमान में फिर से शुरू होगा भारी बारिश का दौर. ये भी पढ़ें: PHOTOS: उत्तर बंगाल में मूसलाधार बारिश, दार्जिलिंग में इंजन पर गिरा लोको शेड, 8 घायल कर्मचारियों ने दिखाया साहस उत्तर बंगाल के लिए 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी | Weather Warning 4-6 सितंबर : कूचबिहार, मालदा, अलीपुरदुआर, जलपाईगुड़ी और दक्षिण दिनाजपुर जिलों में गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ भारी बारिश (7-11 सेमी) की चेतावनी. 6-8 सितंबर : दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर और कूचबिहार जिलों में भारी बारिश होने की संभावना. ये भी पढ़ें: आसनसोल में 115 मिमी बारिश, दामोदर की सहायक गरुई नदी का जलस्तर बढ़ा, कई पुलों व मार्गों पर यातायात बंद संभावित प्रभाव और मौसम विभाग की सलाह भारी बारिश के दौरान निचले शहरी इलाकों और अंडरपास में जलजमाव हो सकता है. खड़ी फसलों व बागवानी को नुकसान हो सकता है. आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है. तेज हवाओं के साथ वर्षा की वजह से कच्चे मकानों या दीवारों को क्षति पहुंच सकती है. आंधी-तूफान और वज्रपात के समय क्या करें? मौसम विभाग ने कहा है कि आंधी-तूफान और वज्रपात के समय पक्की छत के नीचे शरण लें. पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों. जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाये रखें. यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें. मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनी और सलाह को गंभीरता से लें. उसकी कतई अनदेखी न करें. ये भी पढ़ें: लगातार बारिश से बोलपुर शहर की सड़कें जलमग्न, उदयनपल्ली समेत कई वार्डों में बाढ़ जैसे हालात The post बंगाल में 9 सितंबर तक आफत की बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया वर्षा-वज्रपात का येलो अलर्ट, जानें अपने जिले का हाल appeared first on Naya Vichar.

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बस सर्विस से शुरू हुई कहानी, मद्रास की TVS कैसे बनी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी?

एक जमाना था जब तमिलनाडु के मदुरै और तिरुनेलवेली की सड़कों पर धूल उड़ाती एक बस गुजरती थी, तो बुजुर्ग अपनी जेब से घड़ी निकालकर समय मिलाते थे. लोगों का कहना था- “सूरज भले ही उगने में 2 मिनट की देरी कर दे, लेकिन टी.वी. सुंदरम की बस कभी लेट नहीं हो सकती.” समय की इसी पाबंदी और भरोसे की नींव पर खड़ा हुआ हिंदुस्तान का एक ऐसा ऑटोमोबाइल घराना, जिसे आज पूरी दुनिया TVS Motor Company के नाम से जानती है. TVS- यह नाम कंपनी के फाउंडर टीवी सुंदरम अयंगर (TV Sundram Iyengar) के पूरे नाम के शुरुआती अक्षरों से लिया गया है. आज TVS दुनिया के 80 से ज्यादा देशों में गाड़ियां बेचती है. होसुर के इसके कारखानों में दुनिया की सबसे प्रीमियम मोटरसाइकिल कंपनी BMW की बाइक्स तैयार होती हैं. आज के नया विचार एक्सप्लेनर में तसल्ली से समझेंगे कि कैसे एक बस चलाने वाली कंपनी ने हिंदुस्तान की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर अपना परचम लहराया. टीवीएस के फाउंडर बस चलाने वाली कंपनी दोपहिया गाड़ियों में कैसे आई? आजादी के बाद कंपनी ने ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और ब्रेक सिस्टम्स बनाने में महारत हासिल की. लेकिन 1970 के दशक के आखिर में कंपनी ने महसूस किया कि हिंदुस्तान के आम आदमी, छोटे दुकानदार और किसान को एक ऐसे साधन की जरूरत है जो साइकिल से तेज हो, लेकिन कार या बड़ी बुलेट जितना महंगा न हो. यहीं से जन्म हुआ TVS 50 का. 1980 में हिंदुस्तान का पहला 2-सीटर मोपेड: तमिलनाडु के होसुर में 1980 में जब 50cc का TVS 50 लॉन्च हुआ, तो यह देश का पहला 2-सीटर मोपेड था. दूधवाले से लेकर सब्जी व्यापारी तक की लाइफलाइन: TVS 50 इतना मजबूत और सस्ता था कि इस पर पीछे दो-तीन दूध की टंकियां लादें या बोरियां, यह हर उबड़-खाबड़ रास्ते पर निकल जाता था. आज का XL 100: यही TVS 50 आज मॉडर्न अवतार में ‘TVS XL 100’ बनकर देश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बिकता है और कंपनी के सबसे बड़े वॉल्यूम ड्राइवर्स में से एक है. टीवीएस मोटर कंपनी TVS के वो 5 गेमचेंजर प्रोडक्ट्स कौन-से हैं, जिन्होंने कंपनी की तकदीर बदली? प्रोडक्ट लॉन्च वर्ष क्या था खास? TVS 50 1980 देश का पहला टू-सीटर मोपेड, जिसने हिंदुस्तानीय मिडिल क्लास को पहिए दिए. Scooty 1994 स्त्रीओं की मोबिलिटी को आजादी दी, हिंदुस्तान में ‘स्कूटी’ शब्द ही एक पूरी कैटेगरी का पर्याय बन गया. Apache सीरीज 2005 सुजुकी से अलग होने के बाद TVS को ‘स्पोर्ट्स बाइक किंग’ बनाया. Jupiter 2013 “ज्यादा का फायदा” टैगलाइन के साथ होंडा एक्टिवा के एकाधिकार को खुली टक्कर दी. iQube 2020 फैमिली-ओरिएंटेड इलेक्ट्रिक स्कूटर, जिसने स्टार्टअप्स की आंधी में भी 10 लाख ग्राहक जोड़े. टीवीएस मोटर कंपनी 122 साल पुरानी ब्रिटिश कंपनी ‘Norton’ को खरीदना (2020) अप्रैल 2020 में, जब पूरी दुनिया कोरोना से जूझ रही थी, TVS ने ब्रिटेन की दिवालिया हो चुकी ऐतिहासिक सुपरबाइक कंपनी Norton Motorcycles को करीब 153 करोड़ रुपये खरीद लिया. इस कदम से TVS के पास 650cc से लेकर 1200cc तक की पैरेलेल-ट्विन और V4 सुपरबाइक्स बनाने की लीगेसी और पेटेंट्स आ गए. TVS अब नॉर्टन को ब्रिटेन के सोलिहुल में एक हाई-टेक फैक्ट्री के जरिए दोबारा खड़ा कर रही है, ताकि ट्रायम्फ और रॉयल एनफील्ड जैसी कंपनियों को ग्लोबल लेवल पर चुनौती दी जा सके. टीवीएस मोटर कंपनी टाइमलाइन: 1911 से 2026 तक TVS का सफर 1911: टी.वी. सुंदरम अयंगर ने मदुरै में बस सेवा कंपनी की स्थापना की. 1962: ब्रिटेन के लुकास के साथ मिलकर ऑटो पार्ट्स (Lucas-TVS) बनाना शुरू किया. 1980: हिंदुस्तान का पहला 2-सीटर मोपेड ‘TVS 50’ लॉन्च हुआ. 1982: TVS Racing की स्थापना और सुजुकी के साथ ऐतिहासिक करार. 1994: स्त्रीओं के लिए हिंदुस्तान का आइकॉनिक स्कूटर ‘TVS Scooty’ लॉन्च. 2001: सुजुकी से अलग होकर स्वतंत्र ‘TVS Motor Company’ बनी. 2006: परफॉरमेंस सेगमेंट में तहलका मचाने वाली ‘TVS Apache’ आई. 2013: जर्मन दिग्गज BMW Motorrad के साथ ग्लोबल पार्टनरशिप. 2020: ब्रिटिश सुपरबाइक ब्रांड ‘Norton Motorcycles’ का अधिग्रहण और इलेक्ट्रिक स्कूटर ‘iQube’ की लॉन्चिंग. 2026: iQube के 10 लाख ग्राहक पूरे, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में 137% की सालाना ग्रोथ. टीवीएस मोटर कंपनी कहां हैं TVS के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट? आज कंपनी के पास कुल 4 अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स हैं: • हिंदुस्तान में तीन: होसुर (तमिलनाडु), मैसूर (कर्नाटक), और नालागढ़ (हिमाचल प्रदेश). • विदेश में एक: करावांग (इंडोनेशिया). इंडोनेशिया ऑपरेशंस ने तो हाल ही में वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 10 लाख यूनिट्स के प्रोडक्शन का बड़ा माइलस्टोन पार किया है. टीवीएस मोटर कंपनी 115 साल का सफर तो हो गया… अब अगला पड़ाव क्या है? अब TVS की कहानी सिर्फ “हिंदुस्तान में ज्यादा बाइक बेचने” तक सीमित नहीं है. कंपनी की अगली रणनीति 5 मजबूत पिलर्स पर खड़ी है: प्रीमियम मोटरसाइकिल्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कमर्शियल थ्री-व्हीलर्स ग्लोबल एक्सपेंशन टेक्नोलॉजी भविष्य की बड़ी तैयारियां: नॉर्टन पर बड़ा दांव: ब्रिटिश ब्रांड ‘Norton’ को वापस दुनिया का सिरमौर बनाने के लिए TVS कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है. कंपनी इस पर अब तक 200 मिलियन पाउंड से ज्यादा का भारी-भरकम निवेश कर चुकी है. ·BMW के साथ फोकस: BMW Motorrad के साथ मिलकर 500cc से कम इंजन (Sub-500cc) वाली और भी प्रीमियम बाइक्स विकसित की जा रही हैं. ·R&D और AI: TVS अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल प्रोडक्ट डेवलपमेंट, सप्लाई चेन और कस्टमर एक्सपीरियंस सुधारने में कर रही है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही कंपनी ने रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) पर सालाना ₹1,254 करोड़ खर्च किए हैं, जिसके पीछे 2,000 से ज्यादा इंजीनियर्स की फौज दिन-रात काम कर रही है. The post बस सर्विस से शुरू हुई कहानी, मद्रास की TVS कैसे बनी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी? appeared first on Naya Vichar.

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