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Tata Steel Bonus: कर्मचारियों के बोनस का ऐलान, अधिकतम 4.52 लाख रुपये का होगा भुगतान

जमशेदपुर: टाटा स्टील के कर्मचारियों के बोनस को लेकर गुरुवार को समझौता हो गया. टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक सह सीइओ टीवी नरेंद्रन और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु समेत अन्य पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद 315 करोड़ रुपये बोनस देने पर सहमति बनी. समझौते पर प्रबंधन और यूनियन के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किये. पिछले साल से 11.88 करोड़ रुपये अधिक इस साल कर्मचारियों को बोनस मद में कुल 315 करोड़ रुपये मिलेंगे. पिछले वर्ष 303.12 करोड़ रुपये बोनस के रूप में दिये गये थे. एमडी टीवी नरेंद्रन के साथ हुई वार्ता के बाद बोनस की राशि में बढ़ोतरी की गयी और अंततः 315 करोड़ रुपये पर समझौता हुआ. इससे कर्मचारियों में उत्साह है. Also read: Tata Steel: कई वरिष्ठ अधिकारियों का प्रमोशन और तबादला, आज से लागू होंगे बदलाव ओल्ड सीरीज में अधिकतम 4.52 लाख रुपये समझौते के तहत ओल्ड सीरीज के कर्मचारियों को अधिकतम 4,52,512 रुपये तक बोनस मिलेगा. वहीं एनएस ग्रेड के कर्मचारियों के लिए अधिकतम बोनस 1,28,448 रुपये निर्धारित किया गया है. एनएस ग्रेड में न्यूनतम बोनस 39,016 रुपये मिलेगा. बोनस की राशि कर्मचारियों के ग्रेड और निर्धारित मानकों के आधार पर तय होगी. जमशेदपुर के 11,021 समेत 25,603 कर्मियों को लाभ बोनस समझौते का लाभ टाटा स्टील से जुड़ी विभिन्न कंपनियों और इकाइयों के कर्मचारियों को मिलेगा. कुल 25,603 कर्मचारी बोनस के हकदार होंगे. इनमें जमशेदपुर प्लांट के 11,021 कर्मचारी शामिल हैं. इसके अलावा टिनप्लेट, तार कंपनी, टाटा स्टील कलिंगानगर, टिस्को ग्रोथ शॉप, माइंस और कोलियरी समेत टाटा स्टील से जुड़ी अन्य इकाइयों के कर्मचारियों को भी बोनस राशि मिलेगी. Also read: जमशेदपुर में बोनस को लेकर बढ़ी हलचल, टाटा मोटर्स समेत इन कंपनियों पर टिकी नजर यह भी देखे : दुर्गापूजा से पहले टाटा स्टील कर्मचारियों के बोनस का ऐलान The post Tata Steel Bonus: कर्मचारियों के बोनस का ऐलान, अधिकतम 4.52 लाख रुपये का होगा भुगतान appeared first on Naya Vichar.

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Palwal Road Accident: खुशी मातम में बदली ; खाटू श्याम दर्शन से लौटते वक्त पलवल में हादसा, 6 की मौत

Palwal Road Accident: हरियाणा के पलवल में एक भीषण सड़क हादसा हुआ. इस हादसे में मैनपुरी जिले के किशनी क्षेत्र के छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई. सभी श्रद्धालु खाटू श्याम के दर्शन कर अपने घर लौट रहे थे. हादसे की समाचार जैसे ही किशनी क्षेत्र में पहुंची, परिवारों में कोहराम मच गया. जब उन्हें समाचार मिली, तो एक मां का रो-रोकर बुरा हाल था, वो बार-बार बेहोश हो रही थी. गांव और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है. पलवल में हुआ दर्दनाक हादसा पुलिस के मुताबिक, श्रद्धालु खाटू श्याम के दर्शन के लिए गए थे. दर्शन करने के बाद सभी घर लौट रहे थे. इसी दौरान पलवल में उनका वाहन भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गया. हादसा इतना भीषण और भयानक था कि छह लोगों की जान चली गई. घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिवार की खुशियां मातम में बदलीं हादसे में किशनी क्षेत्र के छह श्रद्धालुओं की मौत की समाचार से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. जिन घरों में कुछ समय पहले तक यात्रा से लौटने की खुशी थी, वहां अब उदासी पसरी है. परिजन अपनों के सकुशल लौटने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन हादसे की समाचार ने परिवारों को गहरा सदमा दिया.इस दुखद घटना में कई लोगों की जान गई, जिनमें एक पुलिस अधिकारी के भाई भी शामिल थे. मृतकों में दारोगा देवराज यादव के भाई विजय यादव भी हादसे में जान गंवाने वालों में झांसी में तैनात दरोगा देवराज यादव के भाई विजय यादव भी शामिल हैं. भाई की मौत की समाचार सुनकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. विजय यादव के निधन की जानकारी के बाद परिजनों और परिचितों में शोक की लहर है. घटना से जुड़े अन्य मृतकों के परिवारों में भी चीख-पुकार मची हुई है. हादसे की समाचार सुनकर नम हुईं आंखें पलवल की इस दर्दनाक घटना ने मैनपुरी के किशनी क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है. एक साथ छह लोगों की मौत की समाचार से हर कोई स्तब्ध है. हादसे की जानकारी लेने और पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने के लिए लोग उनके घर पहुंच रहे हैं. पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है. ये भी पढ़ें: खड़गपुर के पास हावड़ा-पुणे दुरंतो की कपलिंग टूटी, दो हिस्सों में बंटी ट्रेन; टाटानगर पहुंचने में हुई 2 घंटे की देरी The post Palwal Road Accident: खुशी मातम में बदली ; खाटू श्याम दर्शन से लौटते वक्त पलवल में हादसा, 6 की मौत appeared first on Naya Vichar.

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आकाश आनंद को मायावती ने बताया अपरिपक्व, बोलीं- अभी बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं

UP Politics: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ में पार्टी की ऑल इंडिया बैठक को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने बीएसपी के संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी के त्याग और सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि बहुजन समाज का हित और शोषित वर्ग को शासक वर्ग बनाना ही उनका मुख्य ध्येय है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए वे अपने निजी रिश्तों या किसी अन्य दबाव को आड़े नहीं आने देंगी. The post आकाश आनंद को मायावती ने बताया अपरिपक्व, बोलीं- अभी बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं appeared first on Naya Vichar.

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PM मोदी की डिग्री पर अभिजीत दीपके ने फिर उठाए सवाल, कहा-दोनों डिग्री दिखाते हैं; खत्म हो जाएगा विवाद

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखे एक पोस्ट में पीएम मोदी को न्यौता दिया है कि वे दोनों अपनी-अपनी डिग्री दिखाएं. दीपके ने कहा कि डिग्री विवाद को खत्म करने का यही तरीका है . दीपके ने यह पलटवार तक किया है जब उनकी बोस्टन यूनिवर्सिटी में की गई पढ़ाई-लिखाई पर विवाद शुरू हुआ है. दीपके ने लिखा कि जो लोग मेरी डिग्री देखने का इंतजार करते-करते सच में सब्र खो रहे हैं. मुझे हैरानी होती है कि उन्होंने 12 साल तक प्रधानमंत्री की डिग्री देखे बिना कैसे मैनेज किया. अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी को दी चुनौती अभिजीत दीपके का डिग्री विवाद हाल में तब चर्चा में आया जब एक पॉडकास्ट जिसमें एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक मौजूद थे और अभिजीत दीपके की डिग्री पर सवाल उठाया गया था. उसके बाद दीपके ने अपनी डिग्री के मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिग्री से जोड़कर उन्हें चुनौती दे डाली है. दीपके ने पीएम मोदी को यह चुनौती दूसरी बार दी है. इससे पहले भी जब अभिजीत दीपके के डिग्री पर सवाल उठाया गया तो उन्होंने पीएम मोदी को चुनौती दी थी. अभिजीत दीपके की डिग्री से जुड़ा विवाद क्या है? अभिजीत दीपके की शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद उस समय ज्यादा चर्चा में आया जब एक पॉडकास्ट का वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इस क्लिप में उनके बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के दावे पर सवाल उठाए गए. क्लिप में दावा किया गया कि जांच के दौरान बोस्टन यूनिवर्सिटी से दीपके के ग्रेजुएट होने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला. हालांकि, यह दावा महज आरोप है और इससे दीपके की डिग्री झूठी नहीं साबित हो जाती है. दीपके की अमेरिका में पढ़ाई को लेकर इससे पहले भी सवाल उठ चुके हैं. महाराष्ट्र के एक RTI एक्टिविस्ट अमित तिवारी ने उनके पिता भगवानराव दीपके की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए सवाल किया था कि अमेरिका में पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया गया. उस वक्त दीपके ने यह कहा था कि बोस्टन यूनिवर्सिटी में उनकी पढ़ाई स्कॉलरशिप के जरिए हुई थी. पीएम मोदी की शैक्षणिक योग्यता पर कई बार उठ चुके हैं सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद कोई नया नहीं है. विपक्षी नेता अलग-अलग मौकों पर उनकी डिग्री को लेकर सवाल उठाते रहे हैं. बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री की डिग्रियां सार्वजनिक रूप से दिखाए जाने की बात भी कही गई है और पार्टी का रुख रहा है कि इस मुद्दे पर पहले ही स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है.वहीं RTI के जरिए प्रधानमंत्री की डिग्री का रिकॉर्ड सार्वजनिक कराने को लेकर कानूनी लड़ाई अलग मुद्दा है. दिल्ली हाई कोर्ट की एकल पीठ ने 2025 में केंद्रीय सूचना आयोग के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के 1978 के रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था. इस फैसले के खिलाफ अपीलें अब भी कोर्ट में लंबित है., ये भी पढ़ें : Nepal Flood : नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा-अबतक 1114 लाशें हुईं बरामद, सिर्फ 95 ही परिवार वालों को सौंपी गई The post PM मोदी की डिग्री पर अभिजीत दीपके ने फिर उठाए सवाल, कहा-दोनों डिग्री दिखाते हैं; खत्म हो जाएगा विवाद appeared first on Naya Vichar.

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पटना में लाल निशान के पार पहुंची गंगा, जायजा लेने पहुंचे CM सम्राट, बाढ़ के खतरे के बीच अफसरों को दिया अलर्ट रहने का निर्देश

CM Samrat Choudhary: पटना में गंगा और पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने से दियारा और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है. कई जगहों पर पानी सड़कों तक पहुंच गया है. मनेर, दानापुर और फतुहा के दियारा इलाकों में बड़ी आबादी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है. प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए अलर्ट बढ़ा दिया है. CM ने गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का किया निरीक्षण मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को पटना में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लेने पहुंचे. उन्होंने नदी किनारे बने व्यूपॉइंट से गंगा के फैले पानी को देखा. इस दौरान अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति और तैयारियों की जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने संभावित बाढ़ को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए. साथ ही जान-माल की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं. गंगा और पुनपुन डेंजर लेवल के पार पटना में गंगा और पुनपुन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. दोनों नदियां लाल निशान के ऊपर पहुंच चुकी हैं. कई इलाकों में गंगा का पानी सड़कों तक आ गया है. पड़ोसी राज्यों में हो रही भारी बारिश का असर भी नदियों के जलस्तर पर पड़ा है. इसके अलावा बाणसागर बराज और इंद्रपुरी जलाशय से पानी छोड़े जाने के बाद स्थिति और गंभीर हुई है. तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी के निर्देश बाढ़ के खतरे को देखते हुए पटना के डीएम कुंदन कुमार ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है. तटबंधों की 24 घंटे निगरानी करने का निर्देश दिया गया है. बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी जरूरी सामग्री भी तैयार रखने को कहा गया है. डीएम ने अधिकारियों को सभी तैयारियां 24 घंटे के अंदर पूरी करने का निर्देश दिया है. उन्होंने साफ कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें 24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम पटना में आपदा की स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है. यह नियंत्रण कक्ष सातों दिन काम करेगा. किसी भी तरह की सूचना या मदद के लिए लोग 0612-2210118 और 8235449748 पर संपर्क कर सकते हैं. सभी प्रखंडों में भी प्रखंड स्तरीय कंट्रोल रूम सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है. अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील डीएम ने लोगों से घबराने की अपील नहीं की है. उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है. लोगों को अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने को कहा गया है. मानसून में बढ़ता है नदियों का जलस्तर बिहार में मानसून के दौरान गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ना आम बात है. इस बार भी नदियों के बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है. दियारा और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. Also Read: बिहार में 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर, 13 जिलों में बाढ़ का संकट गहराया, जानें नुकसान पर कितना मिलेगा मुआवजा The post पटना में लाल निशान के पार पहुंची गंगा, जायजा लेने पहुंचे CM सम्राट, बाढ़ के खतरे के बीच अफसरों को दिया अलर्ट रहने का निर्देश appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1252 हुई, 4216 लोग लापता

Nepal Flash Flood Latest Update: नेपाल बाढ़ के 9वें दिन भी खोज और बचाव अभियान जारी रखा. NDRRMA (Nepal’s National Disaster Risk Reduction and Management Authority) के अनुसार, लापता लोगों की संख्या 4,216 है. रिपोर्ट के अनुसार अब तक 11,993 लोगों को बचाया जा चुका है. बाढ़ से सबसे अधिक चितवन में 355 लोगों की मौत चितवन – 355 नवलपरासी पूर्व – 218 नवलपरासी पश्चिम – 208 रसुवा – 127 नुवाकोट – 177 धादिङ – 60 गोरखा – 69 तनहुं – 38 4,216 लोग लापता, देखें पूरी सूची नेपाली सेना: 45 नेपाल प्रहरी: 25 सशस्त्र प्रहरी बल, नेपाल: 13 भन्सार (सीमा शुल्क) कार्यालय: 14 अध्यागमन कार्यालय: 3 रसुवा: लगभग 865 (DEOC से प्राप्त) नुवाकोट: लगभग 1,558 (DEOC से प्राप्त) विदेशी नागरिक: 583 विदेशी पर्यटकों के साथ गए नेपाली: 164 जलविद्युत परियोजना से: लगभग 900 लांगटांग राष्ट्रीय निकुंज: 3 क्वारेंटाइन कार्यालय: 3 जनप्रतिनिधि: 7 स्थानीय स्तर के कर्मचारी: 32 निजी विद्यालय शिक्षक: 1 26 अगस्त को नेपाल में आई थी विनाशकारी बाढ़ अचानक आई बाढ़ 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के कारण आई थी. इसने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई. ये भी पढ़ें: Nepal Flood Alert: त्रिशूली-भोटेकोसी में फिर बढ़ सकता है बाढ़ का खतरा, 48 जिलों में नदियों का बहाव बढ़ने का अलर्ट The post नेपाल बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1252 हुई, 4216 लोग लापता appeared first on Naya Vichar.

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दुर्गापूजा से पहले टाटा स्टील कर्मचारियों के बोनस का ऐलान, अधिकतम 4.52 लाख रुपये का होगा भुगतान

जमशेदपुर: टाटा स्टील के कर्मचारियों के बोनस को लेकर गुरुवार को समझौता हो गया. टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक सह सीइओ टीवी नरेंद्रन और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु समेत अन्य पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद 315 करोड़ रुपये बोनस देने पर सहमति बनी. समझौते पर प्रबंधन और यूनियन के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किये. पिछले साल से 11.88 करोड़ रुपये अधिक इस साल कर्मचारियों को बोनस मद में कुल 315 करोड़ रुपये मिलेंगे. पिछले वर्ष 303.12 करोड़ रुपये बोनस के रूप में दिये गये थे. एमडी टीवी नरेंद्रन के साथ हुई वार्ता के बाद बोनस की राशि में बढ़ोतरी की गयी और अंततः 315 करोड़ रुपये पर समझौता हुआ. इससे कर्मचारियों में उत्साह है. Also read: Tata Steel: कई वरिष्ठ अधिकारियों का प्रमोशन और तबादला, आज से लागू होंगे बदलाव ओल्ड सीरीज में अधिकतम 4.52 लाख रुपये समझौते के तहत ओल्ड सीरीज के कर्मचारियों को अधिकतम 4,52,512 रुपये तक बोनस मिलेगा. वहीं एनएस ग्रेड के कर्मचारियों के लिए अधिकतम बोनस 1,28,448 रुपये निर्धारित किया गया है. एनएस ग्रेड में न्यूनतम बोनस 39,016 रुपये मिलेगा. बोनस की राशि कर्मचारियों के ग्रेड और निर्धारित मानकों के आधार पर तय होगी. जमशेदपुर के 11,021 समेत 25,603 कर्मियों को लाभ बोनस समझौते का लाभ टाटा स्टील से जुड़ी विभिन्न कंपनियों और इकाइयों के कर्मचारियों को मिलेगा. कुल 25,603 कर्मचारी बोनस के हकदार होंगे. इनमें जमशेदपुर प्लांट के 11,021 कर्मचारी शामिल हैं. इसके अलावा टिनप्लेट, तार कंपनी, टाटा स्टील कलिंगानगर, टिस्को ग्रोथ शॉप, माइंस और कोलियरी समेत टाटा स्टील से जुड़ी अन्य इकाइयों के कर्मचारियों को भी बोनस राशि मिलेगी. Also read: जमशेदपुर में बोनस को लेकर बढ़ी हलचल, टाटा मोटर्स समेत इन कंपनियों पर टिकी नजर यह भी देखे : दुर्गापूजा से पहले टाटा स्टील कर्मचारियों के बोनस का ऐलान The post दुर्गापूजा से पहले टाटा स्टील कर्मचारियों के बोनस का ऐलान, अधिकतम 4.52 लाख रुपये का होगा भुगतान appeared first on Naya Vichar.

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लखनऊ में Air India विमान की एमरजेंसी लैंडिंग, बाल-बाल बचे 155 यात्री

UP News: वाराणसी से देश की राजधानी दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट संख्या IX 1253 में हवा के दौरान अचानक हड़कंप मच गया. उड़ान भरते ही विमान के पिछले हिस्से में मौजूद कार्गो कंपार्टमेंट से धुएं का अलार्म बज उठा. धुएं का अलार्म बजते ही विमान के पायलटों ने पूरी सतर्कता और सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत नजदीकी एयरपोर्ट से संपर्क किया. इसके बाद सुरक्षा नियमों के अनुसार विमान को लखनऊ एयरपोर्ट की ओर मोड़ने का त्वरित फैसला लिया गया. आपातकालीन स्थिति में लखनऊ में उतरा विमान, जांच के दौरान नहीं मिला कोई धुआं पायलटों द्वारा कंट्रोल रूम से तत्काल संपर्क साधने के बाद लखनऊ एयरपोर्ट पर आनन-फानन में एहतियाती लैंडिंग की पूरी तैयारियां शुरू कर दी गईं. विमान को बिना किसी बाधा के रनवे पर सुरक्षित उतार लिया गया, जिसके तुरंत बाद एयरपोर्ट की इमरजेंसी फायर टीमों ने पूरे विमान की गहन तलाशी ली. हालांकि, सुरक्षा कर्मियों द्वारा मौके पर जांच करने पर वहां धुएं का कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य या अवशेष नहीं मिला। इस तकनीकी अलर्ट को अब पूरी तरह से निष्प्रभावी घोषित कर दिया गया. विमान में सवार सभी 155 यात्री और क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित, प्रशासन ने ली राहत की सांस इस अचानक आई तकनीकी आपातकालीन स्थिति के बावजूद विमान में सवार सभी 155 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों (क्रू मेंबर्स) को बिना किसी नुकसान के पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. घटना के बाद एयरपोर्ट प्रशासन और एयरलाइन अधिकारियों ने बड़ी राहत की सांस ली है. यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जबकि तकनीकी विशेषज्ञों की टीम विमान के चेतावनी सेंसर और कार्गो हिस्से की गहनता से विस्तृत जांच कर रही है. Must Read:  रागिनी की पुकार सुन गांव पहुंचे DM: दो ट्राईसाइकिल और किताबें देकर बोले- पढ़ाई नहीं रुकने देंगे, सड़क सुधार का भी आदेश The post लखनऊ में Air India विमान की एमरजेंसी लैंडिंग, बाल-बाल बचे 155 यात्री appeared first on Naya Vichar.

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RJD के 55 नए जिलाध्यक्षों में किन चेहरों को दी जाएगी तरजीह? प्वाइंट्स में समझिए नया फॉर्मूला

RJD Bihar New Team: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक्टिव मोड में आ गए हैं. आरजेडी की 55 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर पार्टी नेताओं से लगातार बातचीत कर रहे हैं. 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार और उसके बाद दूसरे चुनावों में भी हार के बाद तेजस्वी यादव ने जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर की सभी कमेटियां भंग कर नई टीम बनाने का फैसला लिया था. कई मुद्दों पर किया जाएगा फोकस नेतृत्वक जानकारों का मानना है कि अब तेजस्वी यादव 55 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर एक्टिव हो गए हैं. बताया जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष RJD के संगठनात्मक ढांचे में अनुशासन को लाने और तमाम कमजोरियों को दूर करने के लिए कई प्रमुख मुद्दों पर फोकस कर रहे हैं. माना जा रहा है कि युवाओं, बेदाग चेहरों समेत कई बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जिलाध्यक्ष नियुक्त जायेंगे. क्या मानना है नेतृत्वक जानकारों का? आरजेडी की 55 नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर नेतृत्वक जानकारों का मानना है कि नए फॉर्मूले के आधार पर पूरी टीम को तैयार किया जाएगा. इसमें मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर फोकस किया जा सकता है- उम्र की शर्त, 55 से कम- जिलाध्यक्ष पद के लिए इस बार उम्र को अहम मानक बनाया जाएगा. 55 साल से कम उम्र के नेताओं को प्राथमिकता मिलने की संभावना है. नहीं लड़ सकेंगे चुनाव- जिलाध्यक्ष बनने के बाद संबंधित नेता के चुनाव लड़ने पर रोक रहेगी. यानी संगठन की जिम्मेदारी संभालने वाले नेता का फोकस पूरी तरह पार्टी संगठन को मजबूत करने पर होगा. युवाओं को मिलेगा बड़ा रोल- पार्टी अब संगठन में युवा चेहरों को आगे लाने की तैयारी में है. युवा नेताओं को सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण पद देकर संगठन में उनकी भूमिका बढ़ाई जाएगी. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें वफादारी और मेहनत बनेगी बड़ी कसौटी- अंदरूनी बगावत और असंतोष को रोकने के लिए ऐसे कार्यकर्ताओं को तरजीह दी जाएगी, जो लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े, जमीनी स्तर पर सक्रिय और भरोसेमंद रहे हैं. MY समीकरण के अलावा भी इन पर विशेष जोर- संगठन की रणनीति पारंपरिक MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण से आगे बढ़कर व्यापक सामाजिक आधार तैयार करने की है. इसमें 36% अति पिछड़ा वर्ग (EBC) और गैर-यादव OBC को साथ जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा. विवादों से दूर रहे चेहरों को तरजीह- जिलाध्यक्ष चुनते समय विवादित चेहरों से दूरी बनाई जाएगी. स्थानीय स्तर पर साफ-सुथरी छवि, स्वीकार्यता और संगठन के प्रति निष्ठा रखने वाले नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी. बांकीपुर उपचुनाव में PK की जीत ने बढ़ाई टेंशन बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत तेजस्वी यादव और आरजेडी के लिए चिंताजनक मानी जा रही थी. इतना ही नहीं, बिहार में विपक्ष के चेहरे पर भी खतरा मंडराने की बात सामने आई थी. आरजेडी कैंडिडेट रेखा गुप्ता की जमानत जब्त हो गई थी. ऐसे में कहीं ना कहीं बिहार में प्रशांत किशोर के मजबूत विपक्ष का चेहरा होने की चर्चा शुरू हो गई थी. लेकिन अब तेजस्वी यादव ने खुद पार्टी की कमान संभाल ली है. आने वाले दिनों में किन-किन चेहरों को जिलाध्यक्ष बनाया जाएगा, यह देखने वाली बात होगी. Also Read: 200 करोड़ की लागत से बनेगा बिहार का दूसरा मॉडर्न चिड़ियाघर, 110 एकड़ में होगा फैला, जानिए क्या-क्या मिलेगी सुविधा The post RJD के 55 नए जिलाध्यक्षों में किन चेहरों को दी जाएगी तरजीह? प्वाइंट्स में समझिए नया फॉर्मूला appeared first on Naya Vichar.

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राम मंदिर के नए CEO की एंट्री पर उठे कई सवाल, सपा ने कहा- खामियों को दूर करने पर दें ध्यान

Ayodhya Ram Mandir CEO: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीईओ के रूप में एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के बाद राम मंदिर के प्रबंधन को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेताओं ने ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज से मुलाकात की. इसके बाद VHP महासचिव बजरंग लाल बागरा ने कहा कि मंदिर के प्रबंधन को सुचारू और कुशल तरीके से चलाने के लिए नया संगठन, नए कार्यकर्ता और नए अधिकारी मिले हैं. वहीं, सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने CEO की नियुक्ति को सकारात्मक कदम बताया, लेकिन कई सवाल भी उठाए. बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मामले के पूर्व वादी इकबाल अंसारी ने नए बदलावों का स्वागत किया, जबकि ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने नए CEO के सामने कई चुनौतियां गिनाईं. VHP महासचिव बजरंग लाल बागरा ने क्या कहा? अयोध्या के वैदेही भवन में VHP नेताओं ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज से मुलाकात की. मुलाकात के बाद VHP महासचिव बजरंग लाल बागरा ने राम मंदिर के प्रबंधन को लेकर अपनी बात रखी. बजरंग लाल बागरा ने कहा कि राम मंदिर के प्रबंधन को सुचारू रूप से और कुशलता से चलाने के लिए एक नया संगठन, नए कार्यकर्ता और नए अधिकारी मिले हैं. उन्होंने कहा कि भगवान राम की कृपा से सब कुछ ठीक हो जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि नए लोग आ गए हैं और काम शुरू हो गया है. आरोपों पर भी VHP ने रखी अपनी बात राम मंदिर से जुड़े आरोपों पर बजरंग लाल बागरा ने कहा कि जनता ने वास्तव में ये आरोप नहीं लगाए थे, बल्कि मीडिया ने उन्हें उठाया और बढ़ाया. उन्होंने इन आरोपों को झूठा बताया. उन्होंने कहा कि एक घटना हुई थी, लेकिन इसमें ट्रस्ट का कोई कर्मचारी या अधिकारी शामिल नहीं था. उनके मुताबिक, इस घटना में बैंक कर्मचारी और बैंक के नियंत्रण वाला एक स्ट्रांग रूम शामिल था. इसके बावजूद ट्रस्ट को इस मामले में अनावश्यक रूप से घसीटा गया. सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने उठाए सवाल श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO के रूप में एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) की नियुक्ति पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने भी प्रतिक्रिया दी. आशुतोष वर्मा ने कहा कि अगर केवल एक CEO बदलने से व्यवस्था बदल सकती है, तो पूरे देश का प्रशासनिक ढांचा बहुत पहले बदल गया होता. उन्होंने कहा कि शासन इस तरह से काम नहीं करता. उनके मुताबिक, भाजपा को केवल कर्मियों को बदलने के बजाय प्रशासन के भीतर मौजूद संरचनात्मक खामियों को दूर करने पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि राम मंदिर 1.4 अरब लोगों के लिए आस्था का विषय है. आशुतोष वर्मा ने भाजपा प्रशासन की निगरानी में बड़े पैमाने पर चंदे की चोरी होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि मुख्यमंत्री कार्यालय को इसकी जानकारी नहीं थी. उन्होंने CEO की नियुक्ति को प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम बताया, लेकिन सवाल उठाया कि चंपत राय के खिलाफ कोई FIR क्यों दर्ज नहीं की गई. उन्होंने अनिल मिश्रा और गोविंद गिरि के खिलाफ FIR नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाए. इकबाल अंसारी ने नए बदलावों का किया स्वागत अयोध्या में बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मामले के पूर्व वादी इकबाल अंसारी ने नए CEO जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए और उन्हें दर्शन की सुविधा मिलनी चाहिए. इकबाल अंसारी ने नए CEO को बधाई देते हुए कहा कि ट्रस्ट में बदलाव बेहतरी के लिए हैं. उन्होंने नए सदस्यों की सराहना भी की. मौलाना साजिद रशीदी ने गिनाईं CEO के सामने चुनौतियां ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि करीब 40 साल सेना में सेवा दे चुके जितेंद्र मिश्रा के सामने अब राम मंदिर प्रबंधन को लेकर कई चुनौतियां हैं. उन्होंने कहा कि नए CEO के सामने सबसे बड़ी परीक्षा खोया विश्वास बहाल करने, आने वाले फंड के सही इस्तेमाल और व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की होगी. रशीदी ने सवाल उठाया कि क्या जितेंद्र मिश्रा प्रशासन में सुधार लाकर कुशल प्रबंधन सुनिश्चित कर पाएंगे और यह भी देखा जाएगा कि मंदिर को मिलने वाली धनराशि कहां से आती है, कहां खर्च होती है और उसका इस्तेमाल सही तरीके से होता है या नहीं. उन्होंने कहा कि CEO की जिम्मेदारी संभालने के साथ ही जितेंद्र मिश्रा के लिए नया परीक्षण शुरू हो गया है. Must Read: UP में हजारों एकड़ प्रशासनी जमीन का खुलेगा राज! अवैध कब्जे से फ्रीहोल्ड तक, नजूल संपत्तियों का होगा नए सिरे से सर्वे The post राम मंदिर के नए CEO की एंट्री पर उठे कई सवाल, सपा ने कहा- खामियों को दूर करने पर दें ध्यान appeared first on Naya Vichar.

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