Hot News

ताजा ख़बर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘जब तक जिंदा हूं, न आरक्षण को खतरा है, न संविधान को…’, चिराग पासवान ने पुराने वीडियो शेयर कर साफ किया अपना स्टैंड

Chirag Paswan On Reservation: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने आरक्षण के मुद्दे पर अपना रुख साफ कर दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दो पुराने वीडियो शेयर किए हैं. इन वीडियो के जरिए उन्होंने आरक्षण को लेकर अपनी पुरानी और स्पष्ट स्थिति दोहराई है. चिराग पासवान ने साल 2020 का अपना एक पुराना संसदीय भाषण भी साझा किया है. उन्होंने बताया कि 10 फरवरी 2020 को उन्होंने संसद में आरक्षण के मुद्दे को मजबूती से उठाया था. उनका कहना है कि आरक्षण की व्यवस्था में किसी भी तरह का बदलाव उनकी पार्टी को मंजूर नहीं है. ‘आरक्षण कोई खैरात नहीं’ चिराग पासवान ने कहा कि आरक्षण किसी की दया, अनुकंपा या खैरात नहीं है. यह देश के संविधान से मिला अधिकार है. इसलिए आरक्षण को लेकर किसी भी तरह का बदलाव सोच-समझकर ही होना चाहिए. उन्होंने अपने पुराने भाषण के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि आरक्षण को लेकर उनकी पार्टी की सोच पहले भी स्पष्ट थी और आज भी वही है. उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और संविधान में मिले अधिकारों की रक्षा उनकी पार्टी की प्राथमिकता है. ‘जब तक चिराग पासवान जिंदा है…’ चिराग पासवान ने चुनाव प्रचार के दौरान का एक वीडियो भी शेयर किया है. इस वीडियो में मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद हैं. वीडियो के कैप्शन में चिराग पासवान ने लिखा, “जब तक चिराग पासवान जिंदा है, तब तक न संविधान को कोई खतरा है, न आरक्षण को कोई खतरा है.” इस बयान के जरिए उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर अपना रुख और ज्यादा स्पष्ट किया है. उन्होंने कहा कि संविधान और आरक्षण दोनों की रक्षा को लेकर वह प्रतिबद्ध हैं. आरक्षण की समीक्षा पर भी विरोध चिराग पासवान ने सिर्फ आरक्षण खत्म करने का विरोध नहीं किया है. उन्होंने इसकी समीक्षा की किसी भी कोशिश का भी विरोध करने की बात कही है. उन्होंने साफ कहा कि आरक्षण को खत्म करना तो दूर की बात है. अगर आरक्षण की समीक्षा करने की कोशिश भी की जाती है, तो उनकी पार्टी इसका कड़ा विरोध करेगी. उन्होंने सामाजिक न्याय को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें जंतर-मंतर के आंदोलन के बीच सामने आया बयान दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर आंदोलन चल रहा है. इसी बीच चिराग पासवान ने अपने पुराने वीडियो साझा कर इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है. उनके इस कदम को नेतृत्वक तौर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पुराने भाषण और चुनाव प्रचार के वीडियो के जरिए उन्होंने यह बताने की कोशिश की है कि आरक्षण को लेकर उनकी पार्टी का रुख पहले से स्पष्ट रहा है. Also Read: कालीन भैया की अगली पसंद ‘क्रिमिनल जस्टिस’, पंकज त्रिपाठी ने बताया- ‘मिर्जापुर’ के बाद किस सीरीज पर बनाना चाहेंगे फिल्म The post ‘जब तक जिंदा हूं, न आरक्षण को खतरा है, न संविधान को…’, चिराग पासवान ने पुराने वीडियो शेयर कर साफ किया अपना स्टैंड appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बांग्लादेश में रिटायर्ड हिंदू शिक्षक समेत परिवार के चार लोगों की हत्या, दो हिरासत में; VHP ने की कड़ी सजा की मांग

बांग्लादेश के रंगपुर शहर में एक रिटायर्ड हिंदू शिक्षक, उनकी पत्नी और दो बच्चों की हत्या को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कड़ी नाराजगी जताई है. VHP नेता विनोद बंसल ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है. पुलिस के मुताबिक, शनिवार (22 अगस्त) रात करीब 11:30 बजे परिवार के बंद घर से चारों के शव बरामद किए गए. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है. मृतकों में रिटायर्ड शिक्षक, पत्नी और दो शिशु ‘द डेली स्टार’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों की पहचान 65 वर्षीय गणपति चक्रवर्ती, उनकी 50 वर्षीय पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती, 23 वर्षीय बेटी अगामी चक्रवर्ती प्रार्थी और 12 वर्षीय बेटे आयुष चक्रवर्ती प्रियम के रूप में हुई है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में परिवार की किसी के साथ कोई ज्ञात दुश्मनी सामने नहीं आई थी. विश्व हिंदू परिषद (VHP) नेता विनोद बंसल ने चिंता जताई है. उन्होंने बांग्लादेश में हिंदू परिवार की हत्या को गंभीर मामला बताते हुए इसकी निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की. बंसल ने कहा कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. दो चचेरे भाइयों को पुलिस ने हिरासत में लिया रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने मामले में मुग्धो और सिद्धार्थ नाम के दो लोगों को हिरासत में लिया है. दोनों आपस में चचेरे भाई बताए जा रहे हैं. पुलिस आयुक्त मोहम्मद अब्दुल माबूद के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ और जांच में दोनों की कथित संलिप्तता सामने आई है. हालांकि, मामले में उनकी भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है. छत पर याबा लेने का पुलिस ने लगाया आरोप पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी कथित तौर पर बगल की इमारत के रास्ते चक्रवर्ती परिवार के घर की छत पर पहुंचे थे. पुलिस का कहना है कि वहां दोनों ने मादक पदार्थ ‘याबा’ का सेवन किया। आवाज सुनकर गणपति चक्रवर्ती छत पर पहुंचे और दोनों से पूछताछ की. पुलिस के अनुसार, गणपति चक्रवर्ती ने दोनों को याबा का सेवन करते देख लिया था. इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर पकड़े जाने के डर से उन पर हमला किया और गमछे से उनका गला घोंट दिया. यह पूरा घटनाक्रम फिलहाल पुलिस की प्रारंभिक जांच और पूछताछ में सामने आए दावों पर आधारित है. हत्या के बाद घर में लूट का भी एंगल पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद घर में रखे सामान और आभूषण ले जाने की बात भी सामने आई है. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या हत्या के पीछे सिर्फ विवाद था या आरोपियों का मकसद लूट भी था. पुलिस ने मामले से जुड़े कुछ सामान बरामद किए जाने की जानकारी भी दी है. ये भी पढ़ें: ओडिशा तट के पास लौह अयस्क से लदा जहाज डूबा, 22 लापता; 2 का रेस्क्यू The post बांग्लादेश में रिटायर्ड हिंदू शिक्षक समेत परिवार के चार लोगों की हत्या, दो हिरासत में; VHP ने की कड़ी सजा की मांग appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

चक्रवाती तूफान: बाल्टिक देशों में भारी तबाही, 2 की मौत; बिजली और मोबाइल सेवा ठप

Baltic Cyclonic Storm: लातविया के पर्यावरण, भूविज्ञान और मौसम विज्ञान केंद्र (LVGMC) के विशेषज्ञ एंड्रिस विक्सना ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह 2005 के बाद से लातविया में आया सबसे भीषण और गंभीर तूफान माना जा रहा है.” इमारत का एक हिस्सा गिरने से एक व्यक्ति की मौत मध्य लातविया के जेलगावा में शनिवार को इमारत का एक हिस्सा गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. देशभर में कई अन्य लोग घायल हुए. राजधानी रीगा में शनिवार को हवा की गति 67 मील प्रति घंटे से अधिक रही. कई मौसम केंद्रों पर शनिवार को बारिश की औसत मासिक मात्रा आधी दर्ज की गई. लिथुआनिया में भी पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत पड़ोसी लिथुआनिया में भी पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए जबकि रविवार सुबह दो लाख से अधिक लोग बिजली से वंचित रहे. बिजली और मोबाइल सेवा बाधित ढाई लाख से अधिक लोग बिजली के बिना रहे और मोबाइल सेवाएं भी बाधित हुईं. रेल और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हुईं क्योंकि पेड़ और अन्य वस्तुएं सड़कों पर गिर गईं. रीगा हवाई अड्डे ने रविवार सुबह कहा कि रात में आए भीषण तूफान के कारण उड़ानों में देरी हो सकती है या उनके मार्ग बदले जा सकते हैं. ये भी पढ़ें: चीन के बाद दक्षिण कोरिया की आर्कटिक रूट पर एंट्री, क्या बदल जाएगा एशिया-यूरोप का समुद्री व्यापार? The post चक्रवाती तूफान: बाल्टिक देशों में भारी तबाही, 2 की मौत; बिजली और मोबाइल सेवा ठप appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

7-सीटर EV में मिलेगा 500km का बैकअप! लॉन्च से पहले देखें JSW MG की नई SUV के फीचर्स

हिंदुस्तानीय इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बाजार में पारिवारिक सवारियों के लिए विकल्प लगातार बढ़ते जा रहे हैं. JSW MG Motor India अपनी नई 7-सीटर इलेक्ट्रिक SUV (संभावित नाम MG Hector Tomahawk) को 26 अगस्त को पेश करने की तैयारी में है. हिंदुस्तान में बड़े परिवारों के लिए 3-रो वाली इलेक्ट्रिक SUVs की मांग को देखते हुए इस गाड़ी पर हर किसी की नजरें टिकी हुई हैं. कंपनी का दावा है कि यह नया मॉडल विशेष रूप से लंबे सफर और परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. आइए समझते हैं कि प्रैक्टिकल यूज और ड्राइविंग के मामले में यह नया मॉडल हिंदुस्तानीय परिवारों के लिए कितना मुफीद साबित होने वाला है. 7-सीटर केबिन और प्रैक्टिकल सीटिंग स्पेस तीन पंक्तियों (3-row) वाली इस इलेक्ट्रिक व्हीकल का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी सीटिंग कैपेसिटी है. 4.7 मीटर लंबी इस SUV में दूसरी पंक्ति में बेंच-स्टाइल सीटिंग दी गई है, जिससे एक साथ 7 लोग आसानी से यात्रा कर सकते हैं. परिवारों के लिए लंबी दूरी के सफर में बूट स्पेस (डिग्गी की जगह) और लेगरूम काफी अहम होता है. यदि तीसरे रो की सीटों को फोल्ड किया जाए, तो इसमें बड़ा लगेज स्पेस मिल जाता है, जो फैमिली हॉलिडे या भारी सामान ले जाने में काफी मददगार साबित होगा. बैटरी, पावर और लंबी दूरी की संभावित रेंज लॉन्च से पहले लीक हुई रिपोर्ट्स और टेस्टिंग डेटा के अनुसार, इस 7-सीटर इलेक्ट्रिक SUV में लगभग 69.2 kWh का LFP बैटरी पैक मिलने की संभावना है. पावर Output: यह फ्रंट-व्हील-ड्राइव मोटर 201 hp की पावर और 310 Nm का टॉर्क जनरेट करने में सक्षम होगी. संभावित रेंज: अंतर्राष्ट्रीय टेस्टिंग स्टैंडर्ड (CLTC) के अनुसार इस प्लेटफॉर्म पर 530 किमी तक की रेंज का दावा किया गया है. हालांकि, हिंदुस्तानीय सड़क परिस्थितियों (ARAI सर्टिफिकेशन) में इसकी रियल-वर्ल्ड रेंज लगभग 380 से 450 किमी रहने की उम्मीद जताई जा रही है, जो पारिवारिक यात्राओं (Intercity Trips) के लिए पर्याप्त मानी जा सकती है. फास्ट चार्जिंग और हाईवे नेटवर्क का असर लंबी पारिवारिक यात्राओं में चार्जिंग टाइम सबसे बड़ा सवाल होता है. हालांकि JSW MG Motor द्वारा आधिकारिक हिंदुस्तानीय चार्जिंग स्पीड के आंकड़े 26 अगस्त को ही सार्वजनिक किए जाएंगे, लेकिन यह EV फास्ट DC चार्जिंग को सपोर्ट करेगी. दावा किया जा रहा है कि उपयुक्त DC फास्ट चार्जर से इसे करीब 35-40 मिनट में 20% से 80% तक चार्ज किया जा सकेगा. मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे (MoRTH) द्वारा नेशनल हाईवे नेटवर्क पर तेजी से स्थापित किए जा रहे EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते अब इस साइज की फैमिली EV से लंबी दूरी तय करना काफी आसान हो चुका है. संभावित कीमत और फीचर्स का मुकाबला कंपनी इस 7-सीटर EV को JSW MG की नई ADAPT (Advanced Drive Architecture Platform Technology) आर्किटेक्चर पर तैयार कर रही है. संभावित कीमत: ऑटोमोटिव एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹20 लाख से ₹25 लाख के बीच रखी जा सकती है. केबिन फीचर्स: लीक टीज़र के अनुसार इसमें पैनोरमिक सनरूफ, 360-डिग्री कैमरा, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, डुअल डिजिटल डिस्प्ले और ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) जैसे प्रीमियम सेफ्टी फीचर्स मिलेंगे. अधिकारक जानकारी vs दावे: 26 अगस्त को केवल इलेक्ट्रिक वर्जन की कीमतों और वेरिएंट्स से पर्दा उठेगा, जबकि इसके प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) मॉडल को भविष्य में पेश किए जाने की बात कही जा रही है. FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) {“type”:”faq”,”question”:”Q1. MG की यह नई 7-सीटर इलेक्ट्रिक SUV हिंदुस्तान में कब लॉन्च हो रही है?”,”answer”:”उत्तर: JSW MG Motor India इस नई 7-सीटर EV को 26 अगस्त को हिंदुस्तानीय बाजार में आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर रही है.”}{“type”:”faq”,”question”:”Q2. इस 7-सीटर EV की एक बार चार्ज करने पर कितनी रेंज मिलेगी?”,”answer”:”उत्तर: इंटरनेशनल स्पेक मॉडल में 530 किमी (CLTC) रेंज का दावा किया गया है, जबकि हिंदुस्तान में रियल-वर्ल्ड कंडीशन्स में 69.2 kWh बैटरी से लगभग 380 से 450 किमी की ड्राइविंग रेंज मिलने की संभावना है.”}{“type”:”faq”,”question”:”Q3. क्या इस SUV को घर के नॉर्मल सॉकेट से चार्ज किया जा सकता है?”,”answer”:”उत्तर: हां, इसे घर पर मिलने वाले 15A AC चार्जर और 7.2 kW/11 kW वॉल-बॉक्स होम चार्जर दोनों से चार्ज किया जा सकेगा, हालांकि फुल चार्ज होने में रातभर (8-10 घंटे) का समय लगेगा.”} ये भी पढ़ें: पहली कार खरीदने का है प्लान? ₹10 लाख के अंदर ये 5 कारें दे सकती हैं पैसा वसूल पैकेज, Maruti की 3 गाड़ियां लिस्ट में ये भी पढ़ें: BYD Sealion 7 का नया वेरिएंट हुआ लॉन्च, कीमत ₹41.90 लाख; 520km रेंज और Level 2 ADAS भी The post 7-सीटर EV में मिलेगा 500km का बैकअप! लॉन्च से पहले देखें JSW MG की नई SUV के फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रक्षाबंधन के दिन झारखंड-बिहार में क्या है राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त? ज्योतिषाचार्य से जानें

Raksha Bandhan Bihar Jharkhand Muhurat: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम-स्नेह का प्रतीक है. धार्मिक परंपरा अनुसार, इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके दीर्घायु जीवन और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करती हैं. शास्त्रों में इस बात का भी उल्लेख है कि रक्षा बंधन के दिन जो किसकी रक्षा की कामना करें वो उसे रक्षा सूत्र बांध सकता है. रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने या बंधवाने के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है. इस साल झारखंड-बिहार में राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त क्या है? ज्योतिषाचार्य डॉ. रतन कुमार झा बता रहे हैं. कब मनाया जाएगा रक्षा बंधन? ज्योतिषाचार्य डॉ. रतन कुमार झा ने बताया कि श्रावण शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि शुक्रवार 28 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 27 मिनट तक मान्य है. चूंकि, उदया तिथि में पूर्णिमा पड़ रही है इसलिए 28 तारीख को ही रक्षा बंधन मनाना शुभ रहेगा. राखी बांधने का शुभ मुहूर्त (बिहार और झारखंड के लिए) बिहार में रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के लिए सुबह 5 बजकर 26 मिनट से लेकर 9 बजकर 27 मिट तक मुहूर्त बेहद शुभ है. इस दौरान राखी बांधकर भाई की लंबी उम्र की कामना की जा सकती है. वहीं, रक्षाबंधन के दिन झारखंड में राखी बांधने के लिए सबसे शुभ मुहूर्त 5 बजकर 27 मिनट से लेकर 9 बजकर 28 मिनट तक रहेगा. ये भी पढ़ें: रक्षाबंधन के दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, बहनों के लिए बड़ी राहत या दिक्कत, जानें क्या होता है सूतक काल राखी बांधने के लिए पौराणिक मंत्र “येन बद्धो बलीराजा दान वेन्द्रो महाबलः तेन त्वां प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल” राखी बांधने के लिए वैदिक मंत्र “यदाबध्नन् दाक्षायणा हिरण्य गुं शतानीकाय सुमनस्यमाना: तन्म आ बध्नामि शतशारदायायुष्मांजरदष्टिर्यथासम्” ज्योतिषाचार्य डॉ. रतन कुमार झा बता रहे हैं कि रक्षा बंधन के लिए उपरोक्त मुहूर्त में किसी प्रकार का दोष नहीं है. शुक्रवार, 28 अगस्त को सुबह स्नान-ध्यान के बाद रक्षा बंधन के लिए श्रेष्ठतम मुहूर्त का संयोग है. स्थानीय समय के अनुसार, शुभ मुहूर्त में 1-2 मिनट का अंतर हो सकता है. ये भी पढ़ें: रक्षाबंधन पर भाई को तिलक कैसे लगाएं? जानें सही विधि, दिशा और धार्मिक मान्यता सिर्फ भाई-बहन तक सीमित नहीं है रक्षा बंधन का त्योहार मान्यतानुसार, रक्षाबंधन का त्योहार सिर्फ भाई-बहन तक सीमित नहीं है. इस दिन पुरुष पंडित जी से भी अपनी कलाई पर रक्षा सूत्र बंधवाते हैं. इसके अलावा पेड़ मे राखी बांधने की परंपरा भी है. इतना ही नहीं, घर के दरवाजे पर रक्षा सूत्र बांधने और किताबों में भी रक्षा सूत्र रखने के विधान है. The post रक्षाबंधन के दिन झारखंड-बिहार में क्या है राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त? ज्योतिषाचार्य से जानें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Success Story: 1000 रुपये और पुराने लैपटॉप से जॉर्जटाउन तक, 22 रिजेक्शन के बाद बिहार के आदर्श को मिली 3.5 करोड़ की स्कॉलरशिप

Success Story : 14 साल की उम्र में जब ज्यादातर शिशु अपने भविष्य के सपने देखना शुरू ही करते हैं, बिहार के मोतिहारी के आदर्श कुमार ने अपना घर छोड़ दिया था। जेब में सिर्फ 1,000 रुपये थे और साथ में एक पुराना लैपटॉप। सपना बड़ा था, लेकिन रास्ता आसान नहीं। कोटा में पढ़ाई का मौका फीस के अभाव में छूट गया, विदेश की 22 यूनिवर्सिटीज ने आवेदन ठुकरा दिया, लेकिन आदर्श ने हार नहीं मानी। पांच साल बाद वही आदर्श 19 साल की उम्र में एक बार फिर हिंदुस्तान छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इस बार उनके हाथ में सिर्फ एक पुराना लैपटॉप और उम्मीद नहीं, बल्कि कतर की जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में करीब 3.5 करोड़ रुपये की फुल-राइड स्कॉलरशिप है। उनकी स्कॉलरशिप में ट्यूशन फीस से लेकर रहने-खाने, फ्लाइट, वीजा और हेल्थ इंश्योरेंस तक का खर्च शामिल है। यह सिर्फ एक छात्र के विदेश जाने की कहानी नहीं है। यह उस लड़के की कहानी है जिसने आर्थिक मुश्किलों के बीच अपने लिए रास्ता बनाया और फिर उसी रास्ते पर हजारों दूसरे छात्रों के लिए भी दरवाजा खोलने की कोशिश की। कोटा में फीस नहीं भर पाए, तो खुद बनाया अपना रास्ता आदर्श का बचपन आर्थिक चुनौतियों के बीच बीता। बेहतर शिक्षा और भविष्य की तलाश ने उन्हें महज 14 साल की उम्र में कोटा ले गई। उम्मीद थी कि कोचिंग के जरिए वह आगे की पढ़ाई का रास्ता बना पाएंगे। लेकिन जब कोचिंग की फीस भरने की स्थिति नहीं बनी, तो उनके सामने एक बड़ा सवाल था- अब क्या? आदर्श ने रास्ता बदल दिया, सपना नहीं उन्होंने स्टार्टअप्स और छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स पर काम करना शुरू किया। इसी दौरान उन्होंने Skillzo की शुरुआत की। यह ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो छात्रों को स्किल्स सीखने, मेंटरशिप हासिल करने और नए अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद करता है। आज Skillzo से करीब 20 हजार छात्र जुड़े हैं। 22 रिजेक्शन के बाद खुला एक दरवाजा आदर्श की कहानी में सफलता के साथ रिजेक्शन भी कम नहीं हैं। विदेश की यूनिवर्सिटीज में आवेदन के दौरान उन्हें 22 जगहों से निराशा मिली। धीरे-धीरे विकल्प खत्म होते जा रहे थे। जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी का नियमित एडमिशन साइकल भी बंद हो चुका था। तभी उनकी मुलाकात ‘Second Chance’ प्रोग्राम से हुई। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्रा जोन लियू के इस प्रोग्राम ने आदर्श की प्रोफाइल को जॉर्जटाउन तक पहुंचाने में मदद की। जॉर्जटाउन ने उनके आवेदन पर विशेष तौर पर विचार किया और यहीं से कहानी ने नया मोड़ लिया। आदर्श के लिए यह सिर्फ एडमिशन नहीं था। यह उस सोच की जीत थी कि किसी छात्र की क्षमता सिर्फ इसलिए कम नहीं हो जाती क्योंकि उसके पास संसाधन कम हैं। वह कहते हैं, “कभी-कभी टैलेंट समस्या नहीं होता। लोगों को बस ऐसे किसी व्यक्ति की जरूरत होती है, जो उनके लिए दरवाजा खोले और उन्हें मौका दे।” मां के साथ बैठकर मिली जिंदगी बदलने वाली समाचार जॉर्जटाउन से स्कॉलरशिप का ईमेल जिस वक्त आया, आदर्श अपनी मां के साथ बैठे थे। उन्होंने ईमेल खोला और कुछ देर तक यकीन ही नहीं कर पाए कि जो वह पढ़ रहे हैं, वह सच है। 22 रिजेक्शन के बाद अब सामने जॉर्जटाउन का फुल-राइड स्कॉलरशिप ऑफर था। सबसे पहले उन्होंने अपनी मां को यह समाचार बताई। आदर्श के लिए यह पल इसलिए भी खास था क्योंकि उनके पूरे सफर में उनकी मां उनके साथ खड़ी रही हैं। जिस मां ने मुश्किल परिस्थितियों में बेटे को आगे बढ़ाया, अब वही अपने बेटे को दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक की ओर जाते देख रही हैं। 2025 में जीता ग्लोबल स्टूडेंट प्राइज़ आदर्श का यह सफर अचानक शुरू नहीं हुआ था। Skillzo के अलावा उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। वे Google Youth Advisor रहे, इंटरनेशनल एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम से जुड़े और छात्रों को ग्लोबल प्रतियोगिताओं के जरिए मेंटर भी किया। 2025 में उनकी मेहनत को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली, जब उन्हें Global Student Prize का विजेता चुना गया। इस प्रतियोगिता के लिए 148 देशों से करीब 11 हजार नामांकन आए थे। इस उपलब्धि ने आदर्श की पहचान बिहार के एक छात्र से आगे बढ़ाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाई। लेकिन उनके लिए यह पुरस्कार सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं था। इससे Skillzo को भी पहचान मिली और उन्हें ऐसे लोगों तथा संस्थानों से मिलने के अवसर मिले, जिन तक पहुंचना उनके लिए पहले आसान नहीं था। अब पढ़ेंगे पॉलिटिक्स, इकोनॉमिक्स और इंटरनेशनल रिलेशंस जॉर्जटाउन में आदर्श की रुचि पॉलिटिकल साइंस, इकोनॉमिक्स और इंटरनेशनल रिलेशंस में है। पॉलिसी में उनकी दिलचस्पी भी उनके अपने अनुभवों से निकली है। बिहार में रहते हुए उन्होंने देखा कि शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनी योजनाओं तक पहुंच किसी व्यक्ति के भविष्य को किस तरह बदल सकती है। Skillzo के जरिए छात्रों और समुदायों के साथ काम करने के बाद उनका भरोसा और मजबूत हुआ कि व्यक्तिगत प्रयास जरूरी हैं, लेकिन बड़े बदलाव के लिए नीतियों और संस्थानों को समझना भी उतना ही जरूरी है। कतर उनके लिए सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं है। दोहा के Education City में उन्हें 70 से अधिक देशों के छात्रों के साथ पढ़ने का मौका मिलेगा। मध्य पूर्व को करीब से समझने और अलग-अलग संस्कृतियों के बीच सीखने का अवसर भी उनके फैसले का अहम हिस्सा है। जॉर्जटाउन पहुंचकर भी नजर बिहार पर आदर्श कहते हैं कि वह ऐसा हिंदुस्तान देखना चाहते हैं, जहां किसी व्यक्ति के जन्म के समय की परिस्थितियां यह तय न करें कि वह जिंदगी में कितनी दूर तक जा सकता है। यही वजह है कि वे अपनी कहानी को सिर्फ ‘एक गरीब छात्र की सफलता’ के तौर पर नहीं देखते। उनके लिए यह उन हजारों छात्रों के लिए उम्मीद की कहानी है, जो छोटे शहरों या सीमित संसाधनों के कारण बड़ी यूनिवर्सिटीज और बड़े सपनों को अपने लिए असंभव मान लेते हैं। ‘अगर मैं कर सकता हूं, तो दूसरे छात्र भी कोशिश कर सकते हैं’ मोतिहारी से जॉर्जटाउन तक पहुंचे आदर्श जानते हैं कि उनकी कहानी हर छात्र की कहानी नहीं हो सकती। लेकिन वे चाहते हैं कि उनकी कहानी दूसरे छात्रों को कोशिश करने का साहस जरूर दे। उनका कहना है कि बिहार के प्रशासनी स्कूल का एक छात्र अगर जॉर्जटाउन की फुल स्कॉलरशिप

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Ethanol नहीं है चीनी की कीमतों की वजह तो फिर क्या है? जानें क्या कहते हैं रांची के कारोबारी

रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट Sugar Price Hike: त्योहारों का मौसम नजदीक है. बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ने लगी है, लेकिन इस बार त्योहारों की मिठास पर महंगाई की कड़वाहट भारी पड़ती दिख रही है. चीनी की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने आम लोगों से लेकर चाय, जलेबी और मिठाई बेचने वाले छोटे दुकानदारों तक की चिंता बढ़ा दी है. सबसे बड़ी बात यह है कि पूरे देश में चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे इथनॉल को अहम वजह बताया जा रहा है, लेकिन रांची के कारोबारी कुछ और वजह बता रहे हैं. नया विचार की टीम ने राजधानी रांची के अपर बाजार समेत कई प्रमुख बाजारों में चीनी की कीमतों को लेकर पड़ताल की. थोक कारोबारियों के मुताबिक फिलहाल चीनी की कीमत 63 से 64 रुपये प्रति किलो के आसपास है, जबकि खुदरा बाजार में यही चीनी करीब 70 रुपये किलो तक बिक रही है. 10 साल में पहली बार इतनी तेजी, दुकानदारों में भी चिंता रांची में कोकर के कारोबारी रंजीत कुमार का कहना है कि पिछले करीब 10 वर्षों में उन्होंने चीनी की कीमतों में इस तरह की अचानक तेजी नहीं देखी है. कारोबारियों के मुताबिक चीनी के दाम में अचानक बढ़ोतरी ने बाजार के कारोबार को प्रभावित किया है. हालांकि, चीनी की कीमत बढ़ने की वजह को लेकर कारोबारियों की राय अलग-अलग है. कालाबाजारी से बढ़ी चीनी की कीमतें अपर बाजार के व्यापारी रवि कुमार ने इथेनॉल उत्पादन को चीनी की कीमत बढ़ने की वजह बताए जाने को अफवाह करार दिया. उन्होंने कहा कि चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे कालाबाजारी और बाजार में अन्य कारण ज्यादा जिम्मेदार हो सकते हैं. दूसरे कारोबारी का कहना है कि पैदावार और स्टॉक की स्थिति का भी कीमतों पर असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि इथेनॉल का इस कमी में कितना योगदान है, इसे स्पष्ट तौर पर बताना मुश्किल है. बाजार में चीनी की उपलब्धता हुई कम गल्ला मार्केट के कारोबार से जुड़े कारोबारियों के मुताबिक, चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण मिलों से बाजार में आने वाली चीनी की उपलब्धता में कमी भी है. उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले बाजार में चीनी की उपलब्धता कम हुई है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है. हालांकि, त्योहारों तक चीनी के दाम कम होंगे या इनमें और तेजी आएगी, इसे लेकर अभी स्पष्ट तौर पर कुछ कहना मुश्किल है. त्योहारों से पहले ग्राहकों की बढ़ी चिंता चीनी की कीमत बढ़ने से आम ग्राहक भी परेशान हैं. ग्राहकों का कहना है कि त्योहारों का मौसम शुरू होने वाला है और इस दौरान मिठाई की मांग बढ़ती है. ऐसे में चीनी महंगी होने का सीधा असर मिठाई और दूसरे खाद्य सामानों की कीमतों पर पड़ सकता है. ग्राहकों का कहना है कि हाल में गैस की किल्लत और उससे जुड़ी परेशानी का सामना करने के बाद अब चीनी की बढ़ती कीमत ने घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है. दुकानदारों पर सीधा असर चीनी की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ घरों की रसोई तक सीमित नहीं है. चाय, जलेबी और मिठाई बेचने वाले फुटपाथ दुकानदार भी इसकी मार झेल रहे हैं. फुटपाथ पर जलेबी बेचने वाले दुकानदार संतोष केसरी ने बताया कि वे रोजाना 10 से 15 किलो तक चीनी का इस्तेमाल करते हैं. कीमत में बढ़ोतरी के कारण उन्हें रोजाना करीब 400 से 600 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है. दुकानदारों की परेशानी यह भी है कि वे लागत बढ़ने के बावजूद अपने सामान की कीमत तुरंत नहीं बढ़ा सकते. ऐसे में बढ़ी हुई लागत का सीधा असर उनकी कमाई पर पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें: Sugar Price : त्योहारों से पहले महंगी न हो चीनी, प्रशासन ने बनाया खास प्लान त्योहारों में मिठाई महंगी होने की आशंका चीनी की कीमतों में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है. त्योहारों के दौरान मिठाई की मांग बढ़ती है. ऐसे में अगर चीनी की कीमतों में जल्द गिरावट नहीं आई, तो इसका असर मिठाई और दूसरे खाद्य उत्पादों की लागत पर भी पड़ सकता है. फिलहाल, बाजार में चीनी करीब 70 रुपये किलो तक पहुंच चुकी है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आने वाले दिनों में चीनी के दाम नीचे आएंगे या त्योहारों के साथ इसकी कीमतों में और उछाल देखने को मिलेगा. चीनी की बढ़ती कीमत ने फिलहाल आम आदमी की रसोई से लेकर छोटे दुकानदारों तक की चिंता बढ़ा दी है. अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन और बाजार की तरफ से कीमतों को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं. इसे भी पढ़ें: त्योहारों से पहले चीनी की कीमत पर नजर, जानें सप्लाई और स्टॉक से क्या होगा बाजार का हाल The post Ethanol नहीं है चीनी की कीमतों की वजह तो फिर क्या है? जानें क्या कहते हैं रांची के कारोबारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Durand Cup Final: ईस्ट बंगाल ने मोहन बागान को 4-1 से रौंदा, 22 साल बाद फिर बना चैंपियन

Durand Cup Final: कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में रविवार को फुटबॉल का रोमांच अपने चरम पर रहा. 135वें डूरंड कप के फाइनल में ईस्ट बंगाल ने चिर प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान सुपर जायंट को 4-1 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ ईस्ट बंगाल ने लंबे इंतजार के बाद डूरंड कप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया. फाइनल में ईस्ट बंगाल ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए. मैच के 10वें मिनट में थॉमस बिपिन सिंह ने शानदार गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई. इसके ठीक दो मिनट बाद एडमंड लालरिंदिका ने गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया. ईस्ट बंगाल यहीं नहीं रुका. 22वें मिनट में एडमंड ने अपना दूसरा गोल करते हुए टीम की बढ़त 3-0 कर दी. मोहन बागान के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती गईं. Durand Cup Final: मनवीर ने दिलाई वापसी की उम्मीद मोहन बागान ने 33वें मिनट में वापसी की कोशिश की. मनवीर सिंह ने गोल कर स्कोर 3-1 कर दिया. इस गोल के बाद मोहन बागान के खेमे में उम्मीद जगी, लेकिन ईस्ट बंगाल ने ज्यादा देर तक उसे टिकने नहीं दिया. पहले हाफ के खत्म होने से ठीक पहले, 44वें मिनट में एडमंड लालरिंदिका ने अपना तीसरा गोल दागकर हैट्रिक पूरी कर ली. इसके साथ ही ईस्ट बंगाल ने हाफ टाइम तक 4-1 की मजबूत बढ़त बना ली. ये भी पढ़ें: असिथा फर्नांडो से भिड़ना यशस्वी जायसवाल को पड़ेगा भारी? ICC लगा सकती है लाइफटाइम बैन, जानें क्या है नियम Durand Cup Final: दूसरे हाफ में नहीं बदली तस्वीर दूसरे हाफ में मोहन बागान ने गोल अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन ईस्ट बंगाल की रक्षापंक्ति ने उसे ज्यादा मौके नहीं दिए. मुकाबले के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों को पीले कार्ड भी दिखाए गए. आखिरकार फुल टाइम की सीटी बजते ही ईस्ट बंगाल ने 4-1 की शानदार जीत के साथ डूरंड कप अपने नाम कर लिया. यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि फाइनल में उसने अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान को एकतरफा अंदाज में मात दी. Durand Cup Final: एडमंड लालरिंदिका रहे जीत के हीरो ईस्ट बंगाल की इस जीत के सबसे बड़े नायक एडमंड लालरिंदिका रहे. उन्होंने महज 34 मिनट के अंदर तीन गोल दागकर हैट्रिक पूरी की और फाइनल का रुख पूरी तरह अपनी टीम के पक्ष में मोड़ दिया. डूरंड कप के फाइनल में लंबे समय बाद हुए इस हाई-वोल्टेज कोलकाता डर्बी में ईस्ट बंगाल ने न सिर्फ ट्रॉफी जीती, बल्कि अपने चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ यादगार जीत भी दर्ज की. ये भी पढ़ें: VIDEO: ‘एक्शन दिखा रहा था… मर्डर कर दिया’, बल्लेबाज ने घुमाया ऐसा बैट कि चित हो गया विकेटकीपर The post Durand Cup Final: ईस्ट बंगाल ने मोहन बागान को 4-1 से रौंदा, 22 साल बाद फिर बना चैंपियन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Usain Bolt का 17 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा! 100 मीटर दौड़ में 9.32 सेकंड का नया कारनामा

100 meter world record : आप एथलेटिक्स फॉलो करते हों या नहीं, लेकिन आपने दुनिया के सबसे तेज धावकों में शुमार उसेन बोल्ट का नाम जरूर सुना होगा. 100 मीटर की दौड़ में बोल्ट का 9.58 सेकंड का वर्ल्ड रिकॉर्ड आज भी कायम है. लेकिन अब चीन के एक ह्यूमनॉइड रोबोट (इंसान की तरह काम करने वाला रोबोट) ने 100 मीटर की दौड़ महज 9.32 सेकंड में पूरी कर सबको हैरान कर दिया है. यह प्रदर्शन किसी मानव एथलीट का नया रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि रोबोट की रफ्तार से जुड़ा है. 17 साल से कायम है उसेन बोल्ट की बादशाहत उसेन बोल्ट ने 2009 में बर्लिन में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान 100 मीटर की दौड़ 9.58 सेकंड में पूरी कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था. उनके इस रिकॉर्ड को 17 साल बाद भी कोई मानव एथलीट नहीं तोड़ सका है. बोल्ट का नाम आज भी 100 मीटर की सबसे तेज दौड़ के साथ जुड़ा हुआ है. 9.32 सेकंड में रोबोट ने पूरी की 100 मीटर रेस चीन की स्मार्टफोन कंपनी Honor द्वारा बनाए गए एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने शनिवार को शुरू हुए दूसरे ‘वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स’ के टेस्ट इवेंट के दौरान 100 मीटर की दौड़ में 9.32 सेकंड का समय दर्ज किया. यह स्पोर्ट्स चीन के बीजिंग शहर में आयोजित किया गया था. रोबोट ने इस दौरान 14.5 मीटर प्रति सेकंड की टॉप स्पीड हासिल की. इस प्रदर्शन ने रोबोटिक्स की दुनिया में नई चर्चा छेड़ दी है. हालांकि, यह बोल्ट के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने वाला आधिकारिक एथलेटिक्स रिकॉर्ड नहीं है. दोनों प्रदर्शन अलग-अलग श्रेणियों से जुड़े हैं. रोबोटिक्स में तेजी से आगे बढ़ रहा चीन चीन ह्यूमनॉइड रोबोट को तेजी से उभरते उद्योग के तौर पर बढ़ावा दे रहा है. वहां नीति बनाने वाले और कंपनियां AI और हार्डवेयर में हो रही प्रगति के जरिए ह्यूमनॉइड रोबोट के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दे रही हैं. आने वाले समय में मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और दूसरे क्षेत्रों में इनका इस्तेमाल बढ़ने की उम्मीद है. रोबोटिक्स में चीन की मजबूत स्थिति रोबोटिक्स के क्षेत्र में चीन ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी स्थिति काफी मजबूत की है. खासकर मैन्युफैक्चरिंग, रोबोट उत्पादन और सप्लाई चेन में चीन की भूमिका तेजी से बढ़ी है. ह्यूमनॉइड रोबोट के क्षेत्र में भी चीन लगातार नए प्रयोग कर रहा है. 100 मीटर की दौड़ में 9.32 सेकंड का यह प्रदर्शन इसी बढ़ती तकनीकी क्षमता की एक झलक है. Also read : सोने की बालियों के लिए 60 साल की स्त्री की हत्या, पानी की टंकी में मिली लाश; CCTV से खुला राज The post Usain Bolt का 17 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा! 100 मीटर दौड़ में 9.32 सेकंड का नया कारनामा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

IND vs SL 2nd Test Day 1: पडिक्कल-गिल ने संभाली भारत की पारी, पंत हुए रिटायर्ड हर्ट, भारत 300/5

IND vs SL 2nd Test Day 1: हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच कोलंबो में दूसरा टेस्ट मैच स्पोर्ट्सा जा रहा है. हिंदुस्तान ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. दूसरे टेस्ट के पहले दिन टीम इंडिया ने मजबूत शुरुआत की. दिन का स्पोर्ट्स खत्म होने तक हिंदुस्तान ने 5 विकेट के नुकसान पर 300 रन बना लिए हैं. देवदत्त पडिक्कल ने लगातार दूसरे टेस्ट में शतक जड़कर शानदार फॉर्म जारी रखा, जबकि शुभमन गिल ने भी अर्धशतक लगाया. दिन के अंत तक ध्रुव जुरेल और डेब्यू कर रहे सारांश जैन क्रीज पर मौजूद हैं. जायसवाल 45 रन बनाकर आउट पहले दिन हिंदुस्तानीय टीम को शुरुआत में ही दो बड़े झटके लगे. यशस्वी जायसवाल 45 रन बनाकर आउट हुए, जबकि केएल राहुल ने 18 रन की पारी स्पोर्ट्सी. इसके बाद शुभमन गिल और देवदत्त पडिक्कल ने पारी को संभाला और तीसरे विकेट के लिए शानदार शतकीय साझेदारी की. गिल ने 50 रन पूरे किए, लेकिन इसके तुरंत बाद असिथा फर्नांडो की गेंद पर आउट हो गए. गिल के आउट होने के बाद ऋषभ पंत बल्लेबाजी के लिए मैदान पर आए. पंत हुए रिटायर्ड हर्ट पहले टेस्ट मैच में अर्धशतक लगाने के बाद पंत दूसरे टेस्ट में भी अच्छी फॉर्म में बल्लेबाजी करते नजर आ रहे थे. पंत दूसरे टेस्ट मैच में काफी समझदारी से बल्लेबाजी कर रहे थे. लेकिन लाहिरू कुमारा की गेंद उनकी कलाई की हड्डी पर लगी, जिसके बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा. पंत के रिटायर्ड हर्ट होने के बाद रविंद्र जडेजा बल्लेबाजी के लिए आए. ये भी पढ़ें: Nathan Lyon: 600 अंतरराष्ट्रीय विकेट पूरे कर रचा इतिहास, ऐसा करने वाले ऑस्ट्रेलिया के पांचवें गेंदबाज बने पडिक्कल ने लगातार दूसरे टेस्ट में जड़ा शतक देवदत्त पडिक्कल ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया. उन्होंने लगातार दूसरे टेस्ट मैच में शतक पूरा किया. अपनी पारी के दौरान पडिक्कल ने 12 चौके लगाए और टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. उन्होंने 193 गेंदों पर 117 रन की पारी स्पोर्ट्सी. पडिक्कल और जडेजा ने भी उपयोगी साझेदारी की और हिंदुस्तान को 250 रन के पार पहुंचाया. पहले दिन हिंदुस्तान की स्थिति मजबूत पहले दिन के स्पोर्ट्स के बाद हिंदुस्तानीय टीम मजबूत स्थिति में नजर आ रही है. दिन के अंत तक हिंदुस्तान 300/5 के स्कोर पर है. श्रीलंका की तरफ से सबसे सफल गेंदबाज असिथा फर्नांडो रहे. यशस्वी जायसवाल ने 45, केएल राहुल 18, शुभमन गिल ने 50 और जडेजा 43 रन बनाकर आउट हो गए. ध्रुव जुरेल नाबाद 7 और सारांश जैन 4 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं. श्रीलंका के लिए असिथा फर्नांडो ने 3 विकेट लिए. अब दूसरे दिन ध्रुव जुरेल और डेब्यू कर रहे सारांश जैन पर सबकी निगाहें होंगी. हिंदुस्तान अपनी पहली पारी में 450 रन का आंकड़ा छूने की कोशिश करेगा. दोनों टीमों की प्लेइंग 11 हिंदुस्तान: यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, शुबमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जड़ेजा, ध्रुव जुरेल, सारांश जैन, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा श्रीलंका: लाहिरू उदारा, कामिल मिशारा, पसिंदु सोरियाबंदरा, कामिंडु मेंडिस, धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला (डब्ल्यू), केशरा नुवांथा, प्रभात जयसूर्या, लाहिरू कुमारा, असिथा फर्नांडो ये भी पढ़ें: IND vs SL 2nd Test: देवदत्त पडिक्कल ने जड़ा लगातार दूसरा शतक, 117 रन की पारी से नंबर-3 पर पक्की की जगह The post IND vs SL 2nd Test Day 1: पडिक्कल-गिल ने संभाली हिंदुस्तान की पारी, पंत हुए रिटायर्ड हर्ट, हिंदुस्तान 300/5 appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top