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बाढ़ के खतरे को लेकर पटना से भागलपुर तक हाई अलर्ट पर प्रशासन , गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई टेंशन

Bihar Flood Alert: गंगा का पानी इस वक्त बिहार के कई इलाकों में लोगों की टेंशन बढ़ा रहा है. नदी का जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है और इसके साथ ही दियारा से लेकर शहरों के निचले इलाकों तक बाढ़ का खतरा गहराने लगा है. कहीं सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है, कहीं घाट पानी में समा गए हैं तो कहीं कटाव की जद में खेत और घर आ गए हैं. निचले इलाकों में रह रहे लोग परेशान सबसे ज्यादा चिंता पटना से भागलपुर तक गंगा किनारे बसे निचले इलाकों को लेकर है. प्रशासन जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है और राहत-बचाव टीमों को पटना से भागलपुर तक अलर्ट मोड पर रखा गया है. जानकारी के मुताबिक, पटना जिले में करजान-ताजपुर सेतु का अस्थायी पुल गंगा के बढ़ते पानी में डूब गया. इसकी वजह से आसपास के ग्रामीण इलाकों में पानी का दबाव बढ़ने लगा है. पटना के दियारा क्षेत्रों में भी गंगा का पानी फैल रहा है. पटना के कई घाटों पर चढ़ा पानी पटना में गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर घाटों पर साफ दिखाई दे रहा है. गांधी घाट पर नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. आसपास के निचले इलाकों में पानी फैलने के बाद प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों पर नजर बढ़ा दी है, जबकि NDRF की टीमें राहत और बचाव के लिए तैयार हैं. बड़हिया में घाट पर बढ़ रहा गंगा का पानी दूसरी तरफ, लखीसराय जिले की बात करें तो, बड़हिया में भी गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है. आगामी सोमवारी को घाटों पर उमड़ने वाली संभावित भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियां तेज कर दीं हैं. डीएम शैलेंद्र कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने बीएनएम कॉलेज गंगा घाट समेत अलग-अलग घाटों का निरीक्षण किया. टूटे सीढ़ी घाट पर जाली लगाने, पर्याप्त रोशनी, पार्किंग, माइकिंग, आपदा मित्रों और पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए. मुंगेर में भी भयावह स्थिति इसके अलावा मुंगेर जिले में भी गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ता जा रहा है. यहां ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ा खतरा सिर्फ बढ़ता पानी नहीं, बल्कि गंगा का कटाव है. ग्रामीणों को डर है कि कटाव की रफ्तार नहीं थमी तो खेतों के बाद उनके घर भी नदी की चपेट में आ सकते हैं. इसके साथ ही भागलपुर जिले में भी खतरा बढ़ता जा रहा है. पटना से भागलपुर तक अलर्ट इस तरह से पटना से भागलपुर जिले तक हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. निचले इलाकों में SDRF और NDRF को तैनात कर दिया गया है. कई घाट पानी से लबालब हो चुके हैं और नदी का पानी शहर से सटे निचले इलाकों की ओर बढ़ रहा है. अगर बारिश और गंगा का बढ़ता जलस्तर साथ-साथ जारी रहा, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है. Also Read: औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन प्रोजेक्ट को लेकर अपडेट, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू, यहां बनेगा नया टर्मिनल The post बाढ़ के खतरे को लेकर पटना से भागलपुर तक हाई अलर्ट पर प्रशासन , गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई टेंशन appeared first on Naya Vichar.

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Best Helmet Types for Bikers: फुल-फेस से लेकर ओपन-फेस तक, जानें कौन सा हेलमेट है आपके लिए बेस्ट

दुपहिया वाहन (बाइक या स्कूटर) चलाते समय हेलमेट सिर्फ एक कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि आपकी जिंदगी बचाने वाली सबसे जरूरी सुरक्षा ढाल (Safety Shield) है. आज हिंदुस्तानीय बाजार में अलग-अलग राइडिंग स्टाइल, स्पीड और रास्तों के हिसाब से कई तरह के हेलमेट उपलब्ध हैं. लेकिन अक्सर लोग स्टाइल या कम कीमत के चक्कर में ऐसा हेलमेट चुन लेते हैं जो दुर्घटना के वक्त पर्याप्त सुरक्षा नहीं दे पाता. यदि आप अपने या अपने परिवार के लिए नया हेलमेट खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो सड़क पर उतरने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि आपकी राइडिंग आदतों के हिसाब से कौन सा हेलमेट आपके लिए सबसे सही और सुरक्षित रहेगा. 1. फुल-फेस हेलमेट (Full-face Helmets) – सुरक्षा का सबसे मजबूत कवच सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार फुल-फेस हेलमेट राइडर्स को सबसे ज्यादा और पूरी सुरक्षा देता है. इसका वन-पीस डिजाइन आपके सिर, गर्दन और विशेष रूप से ठुड्डी (Chin) को पूरी तरह कवर करता है. अक्सर दुर्घटनाओं के दौरान ठुड्डी पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है, जिसे यह हेलमेट सुरक्षित रखता है. खास फीचर्स: इंटीग्रेटेड वाइजर (धूल-धूप से बचाव के लिए), हवा के बहाव के लिए एडवांस्ड वेंटिलेशन और कम विंड-नॉइज. किनके लिए सही है: हाई-स्पीड राइडिंग करने वालों, हाइवे पर लंबी दूरी तय करने वाले बाइकर्स और सुरक्षा को पहली प्राथमिकता देने वाले राइडर्स के लिए यह बेस्ट है. 2. मॉड्यूलर या फ्लिप-अप हेलमेट (Modular Helmets) – फ्लेक्सिबिलिटी का बेहतरीन कॉम्बिनेशन मॉड्यूलर हेलमेट फुल-फेस और ओपन-फेस दोनों का फायदा एक साथ देते हैं. इसमें एक हिंज (Hinged Mechanism) लगा होता है, जिसकी मदद से आप ठुड्डी वाले हिस्से (Chin Bar) को ऊपर उठाकर इसे ओपन-फेस हेलमेट में बदल सकते हैं. खास फीचर्स: राइडिंग के दौरान रुककर पानी पीने या किसी से बात करने के लिए पूरा हेलमेट उतारने की जरूरत नहीं होती. जरूरी सावधानी: हमेशा ऐसा मॉड्यूलर हेलमेट खरीदें जिसमें P/J (Double Homologation) अप्रूवल हो, ताकि इसे चिन-बार ऊपर करके भी सुरक्षित तरीके से चलाया जा सके. किनके लिए सही है: लॉन्ग टूरिंग राइडर्स और ट्रैफिक में बार-बार रुकने वाले बाइकर्स के लिए यह बेहद सुविधाजनक है. 3. ओपन-फेस या ¾ हेलमेट (Open-face Helmets) – सिटी राइडर्स और स्कूटर चालकों की पसंद यह हेलमेट सिर के ऊपरी भाग, पिछले हिस्से और कानों को ढकता है, लेकिन चेहरा और ठुड्डी खुली रहती है. खास फीचर्स: यह वजन में काफी हल्का होता है, इसमें वाइड विजन (Wide Field of Vision) मिलता है और हवा आसानी से आती-जाती रहती है. सुरक्षा स्तर: इसमें चिन गार्ड न होने के कारण यह फुल-फेस हेलमेट जितना सुरक्षित नहीं माना जाता. किनके लिए सही है: शहर में कम स्पीड पर स्कूटर या मोपेड चलाने वाले और डेली कम्यूटर्स के लिए यह काफी लोकप्रिय है. 4. हाफ हेलमेट (Half Helmets) – हल्का लेकिन न्यूनतम सुरक्षा हाफ हेलमेट या ‘स्कल कैप्स’ सिर्फ सिर के ऊपरी हिस्से को ढकते हैं और चेहरा, कान व गर्दन पूरी तरह खुले रहते हैं. खास फीचर्स: यह सबसे हल्का विकल्प होता है और इसमें अधिकतम हवा का अहसास होता है. सुरक्षा स्तर: हादसों के दौरान यह न्यूनतम सुरक्षा देता है, इसलिए दैनिक राइडिंग या हाई-स्पीड के लिए यह बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है. किनके लिए सही है: धीमी गति से क्रूजर या लो-स्पीड स्कूटर चलाने वाले लोग जिन्हें बेहद हल्का डिजाइन पसंद है. 5. डुअल-स्पोर्ट और ऑफ-रोड हेलमेट (Dual-Sport & Off-road Helmets) – एडवेंचर के शौकीनों के लिए डुअल-स्पोर्ट हेलमेट: यह फुल-फेस और ऑफ-रोड का मिक्सचर (Hybrid) है. इसमें धूप और धूल से बचाने के लिए ऊपर ‘पीक’ (Peak) और बड़ा वाइजर होता है. यह उन बाइकर्स के लिए परफेक्ट है जो ऑन-रोड और ऑफ-रोड दोनों जगह राइड करते हैं. ऑफ-रोड (मोटोग्रॉस) हेलमेट: यह विशेष रूप से डर्ट बाइकिंग और कठिन रास्तों के लिए डिजाइन किया जाता है. इसमें शीशा (Visor) नहीं होता, बल्कि गॉगल्स (Goggles) पहनने के लिए बड़ा आई-पोर्ट और बेहतरीन वेंटिलेशन दिया जाता है. सही हेलमेट चुनते समय ध्यान रखें ये बातें केवल सही प्रकार का हेलमेट चुनना ही काफी नहीं है, खरीदते समय हमेशा ISI (IS:4151), DOT या ECE सर्टिफिकेशन मार्क जरूर चेक करें. कभी भी बिना सर्टिफिकेशन वाले सस्ते या नकली लोकल हेलमेट न खरीदें. इसके अलावा हेलमेट का साइज सिर के हिसाब से बिल्कुल सही (Snug Fit) होना चाहिए ताकि दुर्घटना के वक्त वह सिर से अलग न हो. FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) {“type”:”faq”,”question”:”Q1. बाइक और स्कूटर सवारों के लिए सबसे सुरक्षित हेलमेट कौन सा माना जाता है?”,”answer”:”उत्तर: फुल-फेस हेलमेट (Full-face Helmet) को सबसे सुरक्षित माना जाता है क्योंकि यह सिर, गर्दन, चेहरे और ठुड्डी को 100% कवरेज और सुरक्षा देता है.”}{“type”:”faq”,”question”:”Q2. क्या हिंदुस्तान में बिना ISI मार्क वाला हेलमेट पहनकर गाड़ी चलाना वैध है?”,”answer”:”उत्तर: नहीं, हिंदुस्तान में बीआईएस नियम के तहत बिना ISI (IS:4151) सर्टिफिकेशन मार्क वाले हेलमेट पहनकर गाड़ी चलाना गैर-कानूनी है और इस पर चालान कट सकता है.”}{“type”:”faq”,”question”:”Q3. ओपन-फेस और फुल-फेस हेलमेट में मुख्य अंतर क्या है?”,”answer”:”उत्तर: फुल-फेस हेलमेट में ठुड्डी की सुरक्षा के लिए रिजिड चिन-बार होता है, जबकि ओपन-फेस हेलमेट में चेहरा और ठुड्डी खुली रहती है, जिससे उसमें सुरक्षा कम लेकिन वेंटिलेशन ज्यादा मिलता है.”} ये भी पढ़ें: ₹80 हजार के बजट में आती हैं Bajaj की ये 3 बाइक्स, 70kmpl तक माइलेज; ऑफिस-कॉलेज जाने वालों के लिए रहेंगी बेस्ट ये भी पढ़ें: बार-बार रिजर्व मोड में चलाते हैं बाइक? इंजन से लेकर माइलेज तक पर पड़ सकता है असर, जानें नुकसान The post Best Helmet Types for Bikers: फुल-फेस से लेकर ओपन-फेस तक, जानें कौन सा हेलमेट है आपके लिए बेस्ट appeared first on Naya Vichar.

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पिछली सरकारों ने केंद्र का नहीं किया सहयोग, ‘डबल इंजन’ सरकार बदलेगी बंगाल की तस्वीर : शुभेंदु अधिकारी

Kolkata News Today: कोलकाता के गार्डनरीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) परिसर में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पिछली टीएमसी और लेफ्ट फ्रंट की प्रशासनों पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों की नकारात्मकता और केंद्र-राज्य के बीच खींचतान का दौर अब समाप्त हो चुका है. ‘डबल इंजन’ प्रशासन के माध्यम से राज्य का तेजी से विकास सुनिश्चित किया जायेगा. 5 ब्राउनफील्ड विस्तार परियोजनाओं का भूमि पूजन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में जीआरएसई (GRSE) और यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) की 3,500 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली 5 ‘ब्राउनफील्ड’ विस्तार परियोजनाओं का भूमि पूजन किया और उसकी आधारशिला रखी. इसके तहत रायचक (Raichak) में हुगली नदी के किनारे 32 एकड़ क्षेत्र में लगभग 2,500 करोड़ रुपए से अधिक का शिपयार्ड परिसर विकसित किया जायेगा. इसमें युद्धपोत और 60,000 डीब्ल्यूटी (DWT) क्षमता वाले व्यावसायिक जहाजों का निर्माण हो सकेगा. ये भी पढ़ें: जीआरएसई और यंत्र इंडिया की 3,500 करोड़ की परियोजनाओं की शुरुआत, राजनाथ बोले- वैश्विक पोत निर्माण का केंद्र बनेगा हिंदुस्तान शालीमार और खिदिरपुर का होगा कायाकल्प शालीमार के टिंबर पॉन्ड और खिदिरपुर डॉक्स स्थित दामोदर फैसिलिटी का पुनरोद्धार किया जायेगा. यहां मध्यम आकार के जहाजों की मरम्मत और इलेक्ट्रिक फेरी निर्माण को बढ़ावा दिया जायेगा. टिंबर पॉन्ड के पुनरोद्धार पर 100 करोड़ रुपए खर्च होंगे. दामोदर फैसिलिटी को नया स्वरूप देने के लिए 70 करोड़ रुपए खर्च किये जायेंगे. इच्छापुर (YIL) में रक्षा विनिर्माण को गति यंत्र इंडिया लिमिटेड के अंतर्गत 277 करोड़ रुपए की फोर्जिंग प्रेस और 473 करोड़ रुपए के रेडियल फोर्जिंग प्लांट की आधारशिला रखी गयी, जो बंदूक की बैरल, आयुध सामग्री और एयरोस्पेस घटकों का उत्पादन बढ़ायेगा. ये भी पढ़ें: ‘ट्रायंगुलर सिक्यूरिटी ग्रिड’ से मजबूत होगी ‘चिकेन नेक’ की सुरक्षा, सिलीगुड़ी में बोले अमित शाह बंगाल में खुल रहे विकास के द्वार इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बंगाल का औद्योगिक माहौल बदल रहा है. कारखानों में तालाबंदी (Lockout) की समाचारों की जगह अब नयी औद्योगिक परियोजनाओं के शुभारंभ ने ले ली है. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से राज्य में प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए नये अवसरों का सृजन होगा. The post पिछली प्रशासनों ने केंद्र का नहीं किया सहयोग, ‘डबल इंजन’ प्रशासन बदलेगी बंगाल की तस्वीर : शुभेंदु अधिकारी appeared first on Naya Vichar.

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‘नवपंचम राजयोग’ लाएगा मकर राशि वालों के जीवन में बहार, धन और करियर में होगी बड़ी तरक्की

Shani Guru Navpancham Rajyog 2026: द्रिक पंचांग और वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार 1 सितंबर को शनि और बृहस्पति एक दूसरे से 120 डिग्री कोणीय दूरी पर अवस्थित रहेंगे. शनि-गुरु की नवपंचम दृष्टि से नवपंचम नामक राजयोग बनेगा. वैसे तो शनि-गुरु का यह राजयोग सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर कुछ न कुछ प्रभाव डालेगा, लेकिन मकर राशि वालों के जीवन में बड़ा बदलाव आ सकता है. ज्योतिष शास्त्र के जानकार पं.धनंजय पांडेय बता रहे हैं कि शनि-गुरु का यह नवपंचम योग मकर राशि वालों के करियर और आर्थिक जीवन पर गहर प्रभाव डालेगा. मकर राशि वालों के करियर में क्या होगा बदलाव? शनि-गुरु के इस नवपंचम राजयोग के करयिर में स्थिरता देखने को मिलेगी. ऐसे काम जो लंबे समय से पेंडिंग चल रहे थे, वे अब सफलतापूर्वक संपन्न होंगे. कार्यस्थल पर मेहनत और कार्यों की सराहना की जाएगी. जीवन में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे. शनि के प्रभाव से कार्यक्षेत्र में कभी-कभी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. सफलता के जबरदस्त योग करियर में सफलता के जबरदस्त योग बनेंगे लेकिन इसके लिए कठोर परिश्रम करने की जरूरत होगी. कार्यक्षेत्र में अधिक मेहनत करनी पड़ेगी. कार्यस्थल पर काम का दबाव महसूस कर सकते हैं. हालांकि, अपनी क्षमता का पूरा-पूरा इस्तेमाल करने से सफलता मिलेगी. कार्यों में जल्दबाजी से बचें चूंकि, शनि सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल से संचरण करता है. ऐसे में ऐसी उम्मीद न रखें कि किसी भी काम का नतीजा तुरंत मिल जाएगा. लक्ष्यों पर क्रेंदित होकर धैर्य रखना होगा. मकर राशि के जातक अगर कार्यों में जल्दबाजी करेंगे, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. कार्यक्षेत्र में मिलेगी जिम्मेदारी कार्यक्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारियां मिलेंगी जिससे आपकी परीक्षा ली जा सकती है. ऐसे में इस दौरान आपको अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाना होगा. अगर इस पर खड़े उतरते हैं, तो अपको करियर में जबरदस्त तरक्की देखने को मिलेगी. इस दौरान करियर का ग्राफ बहुत तेजी से बढ़ेगा. ये भी पढ़ें: गुरु के नक्षत्र गोचर से संवर जाएगी 5 राशि वालों की तकदीर! बंपर लाभ के हैं योग विवादों से बचकर रहना होगा कार्यक्षेत्र में अपको अपने सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर चलना होगा. इसके साथ ही बड़े अधिकारियों से साथ मधुर संबंध रखना होगा. कार्यस्थल पर मिलकर काम करने से अच्छे परिणाम नजर आएंगे. हालांकि, कार्यक्षेत्र या कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के वाद-विवाद या लड़ाई-झगड़े से बचकर रहना होगा. आर्थिक जीवन पर क्या पड़ेगा प्रभाव? आर्थिक विस्तार- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चूंकि बृहस्पति नॉलेज, विस्तार और शुभता का कारक है. ऐसे में मकर राशि वालों के आर्थिक जीवन में भी बहुत हद तक विस्तार देखने को मिलेगा. गुरु के शुभ प्रभाव से आर्थिक स्थिति पहले से सुदृढ़ होगी. आमदनी के नए स्रोत बनेंगे. परिश्रम और निवेश का अच्छा परिणाम मिल मिलेगा. बचत पर रखना होगा ध्यान- गुरु के राशि परिवर्तन की वजह से खर्च बढ़ेगा. सेहत, परिवार या परिवार में किसी आवश्यक कार्यों पर खर्च करना पड़ सकता है. ऐसे में आपको खर्च पर नियंत्रण रखना होगा. साथ ही बचत पर ध्यान देना होगा. ये भी पढ़ें: शुक्र के नक्षत्र परिवर्तन से अचानक पलटेगी 5 राशि वालों की किस्मत, बड़े आर्थिक लाभ के योग निवेश के लिए कैसा रहेगा समय- निवेश के लिए भी यह समय अनुकूल है. हालांकि, किसी भी बड़े आर्थिक फैसले से पहले सलाह जरूर लें. बृहस्पति की वजह से धन लाभ के नए अवसर प्राप्त होंगे. सही समय पर सही जगह निवेश करने से लाभ का योग बनेगा. कर्ज का निकलेगा समाधान- अगर आप किसी प्रकार के कर्ज से जूझ रहे हैं, तो उसका समाधान निकलेगा. बृहस्पति के प्रभाव से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. The post ‘नवपंचम राजयोग’ लाएगा मकर राशि वालों के जीवन में बहार, धन और करियर में होगी बड़ी तरक्की appeared first on Naya Vichar.

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H1N1 Flu: भारत में नहीं मिला कोई नया स्ट्रेन, ICMR की सलाह- घबराने की जरूरत नहीं; जानें लक्षण और बचाव

ICMR द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, हिंदुस्तान में इस समय इन्फ्लूएंजा A (H1N1) pdm09 वायरस फैल रहा है. यह A/Missouri/11/2025 (H1N1) pdm09-लाइक वायरस स्ट्रेन से मिलता-जुलता है. वैज्ञानिकों ने बताया कि यह clade 6B.1A.5a2a और subclade D.3.1.1 से संबंधित है, जो साल 2025 से ही देश में बना हुआ है. मौजूदा वैक्सीन पूरी तरह से असरदार स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पुष्टि की है कि हिंदुस्तान में फैल रहे फ्लू के स्ट्रेन, उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) के लिए अनुशंसित वैक्सीन स्ट्रेन से पूरी तरह मेल खाते हैं। इसका सीधा मतलब है कि बाजार में उपलब्ध फ्लू की मौजूदा वैक्सीन इस वायरस से बचाव में पूरी तरह कारगर है। H1N1 के मुख्य लक्षण ICMR के अनुसार, H1N1 सहित मौसमी इन्फ्लूएंजा आमतौर पर स्वतः ठीक होने वाली बीमारी (Self-limiting) है. तेज बुखार और ठंड लगना लगातार खांसी और गले में खराश सिरदर्द और मांसपेशियों में तेज दर्द अत्यधिक थकान और कमजोरी साधारण मामलों में मरीज उचित देखभाल, पर्याप्त आराम और तरल पदार्थों के सेवन से कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं. किन लोगों को है ज्यादा खतरा? सामान्य लोगों के लिए यह फ्लू घातक नहीं है, लेकिन कुछ संवेदनशील वर्गों में इससे गंभीर जटिलताएं होने का जोखिम रहता है. छोटे शिशु बुजुर्ग व्यक्ति पहले से गंभीर बीमारी (जैसे अस्थमा, डायबिटीज, दिल की बीमारी या कमजोर इम्यूनिटी) से पीड़ित लोग डॉक्टरों ने सलाह दी है कि यदि लक्षण लंबे समय तक बने रहें या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो, तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी पूरी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में दिल्ली में मौसमी और वेक्टर-जनित बीमारियों (इन्फ्लूएंजा, डेंगू और मलेरिया) की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. बैठक में शामिल दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने केंद्र प्रशासन को अस्पतालों की तैयारियों और सर्विलांस (निगरानी) की जानकारी दी. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “दिल्ली वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. राजधानी में बेड, डॉक्टरों, दवाओं या जरूरी मेडिकल उपकरणों की कोई कमी नहीं है. हर मरीज को समय पर सही इलाज दिया जाएगा.” ये भी पढ़ें: लिवर को चुपचाप नुकसान पहुंचाता है हेपेटाइटिस, डॉक्टर से जानिए बचाव के तरीके The post H1N1 Flu: हिंदुस्तान में नहीं मिला कोई नया स्ट्रेन, ICMR की सलाह- घबराने की जरूरत नहीं; जानें लक्षण और बचाव appeared first on Naya Vichar.

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कितने साल पुराना गद्दा इस्तेमाल करना सही? जानें कब बदलना हो जाता है जरूरी

रात में सुकून की नींद के लिए सिर्फ साफ चादर और आरामदायक तकिया ही जरूरी नहीं है, बल्कि गद्दे का सही होना भी उतना ही अहम है. इसके बावजूद ज्यादातर लोग गद्दा खरीदने के बाद कई साल तक उसे बदलने के बारे में नहीं सोचते. लेकिन समय के साथ गद्दा पुराना होने लगता है और उसका सपोर्ट भी कम हो सकता है. आमतौर पर एक अच्छी क्वालिटी का गद्दा करीब 7 से 10 साल तक चल सकता है. हालांकि, इसकी कोई तय एक्सपायरी डेट नहीं होती. गद्दे की उम्र उसकी क्वालिटी, रोजाना इस्तेमाल, वजन और रखरखाव पर भी निर्भर करती है. इसलिए सिर्फ साल गिनने के बजाय गद्दे की हालत पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है. गद्दे में पड़ने लगा है गड्ढा अगर गद्दे का कोई हिस्सा ज्यादा दब गया है या बीच में गड्ढा बनने लगा है, तो यह उसके खराब होने का संकेत हो सकता है. ऐसे गद्दे पर सोते समय शरीर एक तरफ झुक सकता है और आराम भी कम महसूस होता है. सुबह उठते ही शरीर में दर्द अगर सुबह उठने के बाद अक्सर कमर, कंधे या गर्दन में अकड़न महसूस होती है, तो इसकी एक वजह पुराना या खराब गद्दा भी हो सकता है. जब गद्दा शरीर को ठीक से सपोर्ट नहीं करता, तो सोने की पॉजिशन बिगड़ सकती है और असहजता महसूस हो सकती है. करवट लेते ही आने लगे आवाज स्प्रिंग वाले गद्दे में लंबे समय के इस्तेमाल के बाद स्प्रिंग कमजोर हो सकते हैं. अगर बैठने या करवट बदलने पर बार-बार चरमराने या आवाज आने लगे, तो यह गद्दे के पुराने होने का संकेत है. कब बदल देना चाहिए गद्दा? अगर गद्दा 7 से 10 साल पुराना हो चुका है और साथ ही उसमें धंसाव, टूट-फूट, असमान सतह या सपोर्ट की कमी नजर आ रही है, तो नया गद्दा लेने का समय हो सकता है. वहीं, कम उम्र का गद्दा भी अगर आराम नहीं दे रहा या उसकी हालत खराब हो चुकी है, तो उसे सिर्फ उम्र के कारण इस्तेमाल करते रहना सही नहीं है. यह भी पढ़ें: RO से साफ पानी नहीं आ रहा? पैसे खर्च करने से पहले घर पर करें ये काम The post कितने साल पुराना गद्दा इस्तेमाल करना सही? जानें कब बदलना हो जाता है जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO: ‘एक्शन दिखा रहा था… मर्डर कर दिया’, बल्लेबाज ने घुमाया ऐसा बैट कि चित हो गया विकेटकीपर

Viral Cricket Moment: क्रिकेट के मैदान पर एक अजीबोगरीब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में बल्लेबाज गेंद को स्पोर्ट्सने से चूक जाता है, लेकिन इसके तुरंत बाद बल्ला घुमाते समय विकेटकीपर उसकी चपेट में आ जाता है. बल्ला लगने के बाद विकेटकीपर जमीन पर गिर जाता है. Viral Cricket Moment: शॉट मिस करने के बाद घुमाया बल्ला वायरल वीडियो में बल्लेबाज क्रीज पर मौजूद है और विकेटकीपर उसके पीछे खड़ा है. गेंद आने पर बल्लेबाज शॉट स्पोर्ट्सने के लिए बल्ला घुमाता है, लेकिन गेंद बल्ले से नहीं लगती. इसके बाद बल्लेबाज उसी शॉट को दोबारा स्पोर्ट्सने का अभ्यास करता दिखाई देता है. इसी दौरान विकेटकीपर गेंद लेने के लिए बल्लेबाज के करीब पहुंचता है. बल्लेबाज के बल्ले का स्विंग विकेटकीपर को लग जाता है. Viral Cricket Moment: बल्ला लगते ही जमीन पर गिरा विकेटकीपर बल्ला लगने के बाद विकेटकीपर अपना संतुलन खो देता है और जमीन पर गिर जाता है. घटना के बाद नॉन स्ट्राइकर इसे देखकर हंसने लगते हैं. वहीं बल्लेबाज टेंशन में आ जाता है. वीडियो में विकेटकीपर के जमीन पर गिरने की घटना साफ दिखाई दे रही है. हालांकि, उसे कितनी चोट लगी और उसकी स्थिति कैसी है, इसकी जानकारी वीडियो से स्पष्ट नहीं है. ये भी पढ़ें: शुभमन गिल ने रचा इतिहास, WTC में ऐसा कारनामा करने वाले पहले हिंदुस्तानीय कप्तान बने Viral Cricket Moment: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है. वीडियो पर यूजर्स अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कुछ यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में बल्लेबाज के बल्ले की चपेट में आए विकेटकीपर को लेकर ‘मर्डर कर दिया’ जैसी प्रतिक्रिया भी दी है. हालांकि, वीडियो के आधार पर इसे सिर्फ एक मैदान पर हुआ हादसा कहा जा सकता है. उपलब्ध जानकारी में यह पुष्टि नहीं हुई है कि वीडियो किस मैच या प्रतियोगिता का है. Viral Cricket Moment: चोट को लेकर नहीं मिली जानकारी विकेटकीपर के जमीन पर गिरने के बाद खिलाड़ी उसके पास पहुंचते हैं. हालांकि, उसकी चोट की गंभीरता को लेकर फिलहाल कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. इसलिए वीडियो के आधार पर गंभीर चोट का दावा करना सही नहीं होगा. ये भी पढ़ें: Duleep Trophy: अंशुल कंबोज ने जड़े लगातार 5 छक्के, 52 गेंदों में ठोके 60 रन; Video वायरल The post VIDEO: ‘एक्शन दिखा रहा था… मर्डर कर दिया’, बल्लेबाज ने घुमाया ऐसा बैट कि चित हो गया विकेटकीपर appeared first on Naya Vichar.

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Pune News: विधायक रोहित पवार के PA की बेटी की संदिग्ध मौत, मां से बहस के बाद घर से निकली थी 15 साल की बच्ची

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को किसी बात पर बच्ची की अपनी मां से बहस हो गई थी. इसके बाद वह गुस्से में बिना बताए घर से चली गई. जब देर तक बच्ची वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने अनहोनी की आशंका में तुरंत पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. रविवार सुबह करीब 8:30 बजे बारामती तहसील के रूई गांव स्थित साईनगर इलाके में, बच्ची की अपनी ही बिल्डिंग के पास उसका शव मिला. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बारामती स्थित प्रशासनी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. विधायक रोहित पवार ने की निष्पक्ष जांच की मांग घटना पर दुख जताते हुए विधायक रोहित पवार ने कहा, “शनिवार रात मेरे पीए अजीत की 15 वर्षीय बेटी लापता हो गई थी, जिसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई थी. काफी खोजबीन के बाद रविवार सुबह उसका शव मिला. हमने डिप्टी SP से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है. परिवार को न्याय मिलना चाहिए और इसके लिए इलाके के सभी CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं.” पुलिस हर एंगल से कर रही है जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामला संदिग्ध नजर आ रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा. फिलहाल पुलिस आसपास के CCTV कैमरों और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है. ये भी पढ़ें: त्योहारों से पहले चीनी की कीमत पर नजर, जानें सप्लाई और स्टॉक से क्या होगा बाजार का हाल The post Pune News: विधायक रोहित पवार के PA की बेटी की संदिग्ध मौत, मां से बहस के बाद घर से निकली थी 15 साल की बच्ची appeared first on Naya Vichar.

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किरेन रिजिजू ने कहा-राहुल गांधी को प्रशिक्षण की जरूरत, मेरे लिए यह बच्चों का खेल

किरेन रिजिजू ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर अपनी एक तस्वीर के साथ लिखा है कि बहुत से लोग कह रहे हैं कि मैं भी राहुल गांधी जैसा कर रहा हूं. राहुल जी ऐसी एक्टिविटीज के लिए ट्रेनिंग ले सकते हैं लेकिन यह मेरी जिंदगी का नॉर्मल रूटीन है. मैं ट्रेनिंग नहीं लेता क्योंकि ये मेरे लिए बचपन से ही बच्चों का स्पोर्ट्स है. मेरी जिंदगी एडवेंचर से भरी है.मैं यहां का खिलाड़ी हूं. दरअसल कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बीच फिटनेस को लेकर हल्की-फुल्की नोक-झोंक अकसर चलती रहती है और इसी कड़ी में बीजेपी नेता रिजिजू ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि अरुणाचल प्रदेश की तेज बहाव वाली नदियों में तैरने के लिए राहुल गांधी को प्रशिक्षण की जरूरत पड़ सकती है. अरुणाचल प्रदेश की नदियां बहुत बड़ी और गहरी किरेन रिजिजूने रविवार को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया और लिखा कि मैं यहां का खिलाड़ी हूं.उन्होंने लिखा है कि अगर आपको तैरना नहीं आता है, तो कभी भी गहरे पानी में न जाएं. नदी में कई लोग डूब चुके हैं. अरुणाचल प्रदेश की नदियां बहुत बड़ी और गहरी हैं.रिजिजू ने बाद में एक और वीडियो पोस्ट किया, जिसमें बताया कि अरुणाचल की नदियों में तैरना, तरण-ताल या शांत पानी में तैरने से कैसे अलग है. किरेन रिजिजू ने बताई तैरने की तकनीक उन्होंने लिखा कि कुछ लोगों को लग सकता है कि अरुणाचल प्रदेश की तेज बहती नदियों में तैरना, तरण-ताल या यमुना जैसी नदियों में तैरने जैसा ही है. लेकिन ऐसी तेज बहाव वाली नदियों में हमारा सिर ऊपर होना चाहिए, नीचे नहीं; और शरीर ऊपर की ओर ज्यादा सीधा होना चाहिए, न कि वैसा सीधा जैसा हम तैराकी की प्रतियोगिताओं में रखते हैं. रिजिजू ने कुछ लोगों द्वारा उनकी तुलना राहुल गांधी से किये जाने के बाद अरुणाचल प्रदेश में अपने बचपन का जिक्र करते हुए जवाब दिया. ये भी पढ़ें : राहुल गांधी के Smash the Patriarchy नारे के बीच क्यों ट्रेंड कर रहीं शाहबानो? जानिए पूरा मामला The post किरेन रिजिजू ने कहा-राहुल गांधी को प्रशिक्षण की जरूरत, मेरे लिए यह बच्चों का स्पोर्ट्स appeared first on Naya Vichar.

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Aashna Chaudhary Success Story: बिना कोचिंग, सिर्फ सेल्फ स्टडी के दम पर बनीं IPS अधिकारी, AIR 116 किया हासिल

IPS Aashna Chaudhary Success Story: अगर मेहनत और लगन सच्ची हो, तो रास्ता कामयाबी तक जरूर पहुंचता है. ठीक इसी बात को प्रूव करते हुए उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के एक छोटे से शहर पिलखुवा की बेटी आशना चौधरी ने UPSC परीक्षा में सफलता हासिल की है. उनकी कहानी आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का एक बेहतरीन उदाहरण है. आइए उनकी इस सक्सेस स्टोरी के बारे में डिटेल में जानते हैं. Aashna Chaudhary Education: जानिए उनकी एजुकेशनल जर्नी आशना चौधरी ने 12वीं कक्षा की परीक्षा में 96.5% अंक हासिल किया. इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में बैचलर डिग्री प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने साउथ एशियन यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशंस में मास्टर डिग्री हासिल की. उन्होंने एक NGO के साथ भी काम किया, जो जरूरतमंद बच्चों की मदद करता है. इसके बाद उन्होंने तीसरे प्रयास में UPSC क्रैक किया. IPS Aashna Chaudhary Service Details Check Here Aashna Chaudhary UPSC Rank: कितना रैंक किया हासिल? आशना चौधरी के अपने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी है कि वह UPSC में AIR 116वां रैंक हासिल की हैं. वह यूपी कैडर के 2023 बैच से हैं. उन्होंने यह सफलता बिना किसी कोचिंग के, सिर्फ सेल्फ-स्टडी और टार्गेटेड तैयारी से हासिल की है. Aashna Chaudhary Preparation: जानिए कब शुरू की तैयारी अपने परिवार से प्रेरित होकर आशना चौधरी ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की. पहले दो प्रयासों में असफल होने के बाद, हार मानने के बजाय उन्होंने अपनी रणनीति बदली और भी कड़ी मेहनत की. उन्होंने अपनी गलतियों का एनालिसिस किया, तैयारी के तरीके में सुधार किया और मॉक टेस्ट के जरिए रिविजन करते हुए सफलता हासिल की. ये भी पढ़ें: चाय बेचने वाले का बेटा बना अफसर, बिहार के बेटे ने UPSC CAPF ने हिसिल किया 81वां रैंक, जानें उनकी सफलता की कहानी Aashna Chaudhary Social Media: सोशल मीडिया पर हैं काफी एक्टिव आशना चौधरी सोशल मीडिया पर भी काफी ज्यादा एक्टिव रहती हैं. इंस्टाग्राम पर फिलहाल उनके 3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. वह कैंडिडेट्स तक यह संदेश पहुंचाती हैं कि “असफलता अंत नहीं है, बल्कि सफलता की ओर एक कदम है.” ये भी पढ़ें: दूध पहुंचाने वाला बना असिस्टेंट कमांडेंट, दीपक लखारा ने UPSC CAPF में हासिल की AIR 106 The post Aashna Chaudhary Success Story: बिना कोचिंग, सिर्फ सेल्फ स्टडी के दम पर बनीं IPS अधिकारी, AIR 116 किया हासिल appeared first on Naya Vichar.

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