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Rajasthan Accident Video : बीकानेर में ट्रेलर कार पर पलटी, 6 की मौत, दर्दनाक हादसे का वीडियो आया सामने

Rajasthan Accident Video : राजस्थान में भीषण हादसा हुआ. इसका वीडियो न्यूज एजेसी पीटीआई ने जारी किया है. इसमें नजर आ रहा है कि हादसा कितना दर्दनाक था. दरअसल, बुधवार रात बीकानेर जिले के देशनोक के पास एक भारी ट्रेलर कार पर पलट गई. इस हादसे में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. उपखंड अधिकारी (एसडीओ) कविता गोदारा ने घटना की पुष्टि की. देखें वीडियो VIDEO | Rajasthan: At least six dead after truck trailer overturns on a car in Bikaner. Rescue operation is underway. Further details awaited. (Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/ktZAj0wxJf — Press Trust of India (@PTI_News) March 19, 2025 बीकानेर हादसे में 6 की मौत कविता गोदारा ने कहा कि करते हुए कहा, “देशनोक के पास एक बड़ा हादसा हुआ है. एक ट्रक ट्रेलर के कार पर पलट जाने से उसमें सवार छह लोगों की मौत हो गई.” प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना को दर्दनाक बताया. स्थानीय लोग इमरजेंसी टीम के पहुंचने से पहले ही मदद के लिए दौड़ पड़े. एक अधिकारी ने बताया कि बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया, लेकिन टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी : Aurangzeb Tomb Nagpur : ओडिशा के मंदिरों पर थी औरंगजेब की नजर, आज उसके कब्र पर मचा बवाल The post Rajasthan Accident Video : बीकानेर में ट्रेलर कार पर पलटी, 6 की मौत, दर्दनाक हादसे का वीडियो आया सामने appeared first on Naya Vichar.

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Shambhu Border Video : किसानों के तंबुओं पर चला बुलडोजर, मीटिंग से लौट रहे नेता हिरासत में

Shambhu Border Video : पंजाब पुलिस ने एक साल से अधिक समय से डेरा डाले किसानों को शंभू और खनौरी सीमा पर स्थित धरना स्थल से हटा दिया है. किसानों को हटाने के बाद का वीडियो सामने आया है. इसे न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. वीडियो में नजर आ रहा है कि  धरना स्थल पर बुलडोजर चलाया जा रहा है. देखें वीडियो #WATCH | Haryana Police uses bulldozers to remove concrete barricades erected at Haryana – Punjab Shambhu Border to restrict farmers’ movement further from where they were sitting on a protest over various demands. Yesterday, late in the evening, Punjab police removed the… pic.twitter.com/Ma5SPYwT9m — ANI (@ANI) March 19, 2025 इससे पहले पुलिस ने किसान नेता सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल सहित कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया था. ये नेता केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद लौट रहे थे. पुलिस सूत्रों ने बुधवार देर रात बताया कि अस्थायी ढांचों और मंचों को हटाया गया है. किसानों द्वारा खड़ी ट्रॉलियों और अन्य वाहनों को हटाने के बाद प्रदर्शन स्थल को खाली करा दिया गया है. #WATCH | Visuals from the Haryana—Punjab Shambhu Border, where Haryana Police is removing concrete barricades erected to restrict farmers’ movement further from where they were sitting in a protest over various demands. Yesterday, late in the evening, Punjab police removed the… pic.twitter.com/hkqyUodLEO — ANI (@ANI) March 20, 2025 बाधित सड़कों पर यातायात कब होगा बहाल? यह पूछे जाने पर कि बाधित सड़कों पर यातायात कब बहाल होगा?  तो एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पंजाब की तरफ की सड़क खाली होने के बाद यातायात की बहाली इस बात पर निर्भर करेगी कि हरियाणा प्रशासन अवरोधक कब हटाती है. Ambala: police detain farmers and dismantle their camps at the protest site at ambala border पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी : Aurangzeb Tomb Nagpur : ओडिशा के मंदिरों पर थी औरंगजेब की नजर, आज उसके कब्र पर मचा बवाल 13 फरवरी से सीमा पर डेरा डाले हुए थे किसान संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-नेतृत्वक) और किसान मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी किसान दिल्ली कूच करने से रोके जाने के बाद पिछले साल 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू (शंभू-अंबाला) और खनौरी (संगरूर-जींद) सीमा पर डेरा डाले हुए थे. Ambala: police dismantle farmers’ camps at the protest site at ambala border The post Shambhu Border Video : किसानों के तंबुओं पर चला बुलडोजर, मीटिंग से लौट रहे नेता हिरासत में appeared first on Naya Vichar.

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काउंसलिंग के दौरान तीन शिक्षक गिरफ्तार, आरक्षण पाने के लिए बनाया था बिहार का फर्जी आधार कार्ड

BPSC Teacher: बेगूसराय. टीआरई तीन में बीपीएससी की परीक्षा पास किए शिक्षक अभ्यर्थियों की काउंसलिंग के दौरान 3 फर्जी टीचर को गिरफ्तार किया गया है. तीन फर्जी शिक्षकों को गिरफ्तार होने की समाचार से अन्य शिक्षकों के बीच हड़कंप मच गया. इस घटना के संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी राजदेव राम ने बताया कि ये तीनों उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. यूपी से आकर बिहार के निवासी होने का आधार कार्ड बनवा लिया, ताकि रिजर्वेशन का लाभ उठा सके, लेकिन तीनों की कारस्तानी यहां काम नहीं आई. काउंसलिंग में बैठे पदाधिकारियों की नजर से ये लोग बच नहीं पाएं. आखिरकार तीनों को दबोच लिया गया. फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है. आधार कार्ड मेंहुआ था छेड़छाड़ जानकारी के अनुसार बेगूसराय में टीआरई 3 नियुक्ति के लिए शिक्षकों का काउंसलिंग किया जा रहा था. जब जांच की गई तो वह लोग उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे. लेकिन फर्जी तरीके से बिहार का आधार कार्ड बनवाकर यहां आरक्षण का लाभ लेकर नियुक्ति पाना चाहते थे. जब काउंसलिंग के दौरान उन लोगों के सर्टिफिकेट की जांच की गयी तो उसमें तीनों पकड़े गए. तीनों व्यक्ति आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर के अपना एड्रेस बदल दिया था. इस दौरान तीनों को फर्जी तरीके से गिरफ्तार कर पुलिस को हवाले करके प्राथमिक दर्ज करवाया जा रहा है. एक शिक्षक भागने में सफल रहा इस दौरान उन्होंने कहा है कि इन लोगों पर लगातार हम लोग नजर बनाए हुए हैं. जब भी भी इस तरह का मामला आता है, तो हम लोग काउंसलिंग में सतर्क रहते हैं. आपको बताते चले आ पकड़े गए व्यक्ति पप्पू कुमार हिंदुस्तानी, अखिलेश कुमार, शिव शंकर गोंद, एवं दीपक कुमार शिक्षक अभ्यर्थी हैं. ये चारों शिक्षक उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. जो कि टीआरई 3 की वैकेंसी निकलने के बाद फर्जी तरीके से आधार कार्ड बिहार का बनाकर आरक्षण का लाभ लेने के लिए दस्तावेज लगाए थे. इसकी काउंसलिंग के दौरान जांच पड़ताल की गई तो शिक्षक अभ्यर्थी धाराएं, जिसमें से दीपक कुमार भागने में सफल हो गया है. इन सभी शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज शिक्षा विभाग के द्वारा कराई जा रही है. वहीं शिक्षा विभाग के द्वारा नगर थाना पुलिस को हवाले कर दिया है. Also Read: देश को भाया नीतीश कुमार का बिहार मॉडल, स्कूली शिक्षा व्यवस्था में आया बुनियादी बदलाव The post काउंसलिंग के दौरान तीन शिक्षक गिरफ्तार, आरक्षण पाने के लिए बनाया था बिहार का फर्जी आधार कार्ड appeared first on Naya Vichar.

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Patna News : बर्निंग ट्रेन बनने से बची नयी दिल्ली-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस

संवाददाता, पटना /बाढ़ : दानापुर मंडल के अथमलगोला व बाढ़ स्टेशन के बीच बुधवार की अहले सुबह करीब 3:42 बजे 12274 नयी दिल्ली-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस बर्निंग ट्रेन होने से बच गयी. ऑन ड्यूटी स्टेशन मास्टर राणा राजीव कुमार (अथमलगोला) की सूझबूझ व सतर्कता से यह ट्रेन बर्निंग होने से बची. रेलवे सूत्रों के अनुसार 12274 नयी दिल्ली-हावड़ा दूरंतो एक्सप्रेस डाउन दिशा में अथमलगोला स्टेशन से समय 3:42 बजे पास हो रही थी. उस समय कार्यरत स्टेशन मास्टर अथमलगोला व पोर्टर द्वारा ट्रेन के पीछे से आग व धुआं देख लाल खतरा संकेत दिखाया और वॉकी-टॉकी से ड्राइवर व गार्ड को बताया कि गाड़ी के व्हील में आग लगी है, धुआं निकल रहा है. फाटक 55 के गेटमैन द्वारा चालक दल को लाल बत्ती दिखाया गया, उक्त ट्रेन के लोको पायलट द्वारा इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ब्लॉक सेक्शन अथमलगोला बाढ़ के बीच रोक दिया गया. अथमलगोला व बाढ़ स्टेशन के बीच की घटना स्टेशन मास्टर ने घटना की सूचना दानापुर कंट्रोल को दी. फिर गेटमैन, गाड़ी के गार्ड व रेलवे सुरक्षा बल ने मिलकर आग बुझायी. यात्रियों के बीच अफरातफरी की स्थिति थी. इसी समय अप दिशा में ट्रेन थ्रू भी पास होने वाली थी. गेटमैन व स्टाफ ने अप दिशा के ट्रैक को क्लियर कराया. स्टेशन मास्टर राजीव कुमार की तत्परता से दानापुर मंडल में होने वाली बहुत बड़ी रेल दुर्घटना को टाल दिया गया. बहरहाल सबकुछ क्लीयर होने के बाद ट्रेन को आगे गंतव्य के लिए सुबह साढे चार बजे रवाना किया गया. ब्रेक बाइंडिंग की वजह से हुई घटना पूमरे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि ट्रेन में आग नहीं लगी थी. ब्रेक बाइंडिंग की समस्या से वजह से ऐसा हुआ. इससे कोई घबराने की बात नहीं है. कई बार यह चलती ट्रेन में ब्रेक बाइडिंग की घटना सामने आती है. ब्रेक बाइंडिंग के कारण धुआं और दुर्गंध होने लगता है, जिसके बाद तुरंत रेलवे की टीम काबू पा लेती है. ब्रेक बाइंडिंग तब होती है जब ब्रेक पहियों को बहुत कसकर पकड़ लेते हैं, जिससे धुआं निकलता है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Patna News : बर्निंग ट्रेन बनने से बची नयी दिल्ली-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस appeared first on Naya Vichar.

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””हम भी चाहते हैं आरजी कर की पीड़िता को मिले न्याय””

कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को विधानसभा में स्वास्थ्य विभाग के बजट अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कोलकाता के प्रशासनी आरजी कर अस्पताल में दुष्कर्म और हत्या की शिकार पीड़ित स्त्री चिकित्सक को याद किया. ममता ने कहा कि हम भी चाहते हैं कि आरजी कर की पीड़िता को न्याय मिले. हम इस घटना के लिए बहुत दुखी हैं. मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य में 2011 के बाद से तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में डाक्टरों की भर्ती सहित राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन का दावा करते हुए आंकड़े भी प्रस्तुत किये. ममता ने इसके साथ ही कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल और उत्तर बंगाल मेडिकल कालेज अस्पताल में कैंसर हब की स्थापना की भी घोषणा की. ममता ने कहा कि दोनों जगहों पर कैंसर के इलाज की सुविधा प्रदान करने के लिए कैंसर हब तैयार किया जायेगा. ममता ने इस दौरान दावा किया कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में बांग्लादेश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सबसे अव्वल है. ममता ने कहा कि मैं जब विरोधी दल की नेता थी, उस वक्त देखती थी कि जिला अस्पतालों में ब्लड बैंक, आइसीयू नहीं थे. आज उनके 14 वर्षों के शासनकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन आया है. ममता ने कहा कि विकास करने में समय लगता है, एक वकील एक दिन में मजिस्ट्रेट नहीं हो सकता. ममता ने कहा कि बंगाल में 43 मल्टी स्पेशिलिटी हास्पिटल हमलोगों ने खोला है. ममता ने इस दौरान केंद्र के आयुष्मान हिंदुस्तान योजना को लेकर भी निशाना साधा. ममता ने कहा कि आयुष्मान में डेढ़ करोड़ आवेदन अटके पड़े हैं. इसकी तुलना में राज्य की स्वास्थ्य साथी योजना काफी बेहतर है. इसमें हमलोगों ने कोई शर्त नहीं लगायी है, जबकि आयुष्मान में कई शर्तें हैं. स्वास्थ्य साथी योजना अन्य राज्यों के लिए माडल है. बंगाल में स्वास्थ्य साथी का लगभग नौ करोड़ लोग लाभ उठा रहे हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post ””हम भी चाहते हैं आरजी कर की पीड़िता को मिले न्याय”” appeared first on Naya Vichar.

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राज्य की जमीन अधिग्रहण नीति में होगा बदलाव

कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि प्रशासन राज्य की मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए जमीन अधिग्रहण नीति में बदलाव करने की योजना बना रही है. उन्होंने कहा कि राज्य में अब बड़े उद्योगों की स्थापना के लिए अधिक प्रस्ताव मिल रहे हैं. इसे देखते हुए बड़े उद्योगों के विस्तार के लिए राज्य की जमीन नीति में बदलाव करने की तैयारी की जा रही है. मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अपनी योजना साझा की और एक पुरानी जमीन अधिग्रहण नीति को वापस लेने की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य प्रशासन नयी आर्थिक जरूरतों के अनुसार जमीन नीति में बदलाव करेगी, जिससे औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी से अमल में लाया जा सके. उन्होंने बताया कि इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य बड़े उद्योगों को आकर्षित करना और राज्य की आर्थिक संरचना को और मजबूत करना है. विधानसभा में स्वास्थ्य बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा : 1957 में प्रशासन ने जो जमीन अधिग्रहण किया था, उसकी भरपाई आज भी करनी पड़ रही है. वाममोर्चा प्रशासन के दौरान भारी मात्रा में जमीन अधिग्रहण हुआ, जिसका भुगतान अब तक करना पड़ रहा है, जिससे राज्य के खजाने पर बोझ बढ़ा है. उन्होंने कहा कि अब राज्य में बड़े उद्योग आ रहे हैं और कई नयी परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं. ऐसे में नयी नीति की आवश्यकता महसूस की जा रही है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य प्रशासन पुरानी नीति को रद्द कर उसे राज्यपाल के पास भेजेगी. उन्होंने राज्यपाल से अपील की कि यदि वह इसे एक महीने के भीतर मंजूरी दे देते हैं, तो प्रशासन नयी जमीन नीति लागू कर देगी. उन्होंने बताया कि इस नीति को तैयार करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गयी है, जिसमें मुख्य सचिव समेत अन्य विशेषज्ञ और हितधारक शामिल हैं. इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने केंद्र प्रशासन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में मौजूद कोयला खदानें केंद्र प्रशासन के अधीन हैं, लेकिन केंद्र ने अभी तक इनके उपयोग को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं बनायी है. गौरतलब है कि हाल ही में बीरभूम के देउचा-पचामी क्षेत्र में कोयला खनन परियोजना शुरू करने के लिए राज्य प्रशासन ने आसपास की जमीन का अधिग्रहण किया था. इस दौरान स्थानीय लोगों में असंतोष भी था, लेकिन प्रशासन द्वारा उचित मुआवजा, पुनर्वास और नौकरी दिये जाने के बाद मामला सुलझ गया और परियोजना सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post राज्य की जमीन अधिग्रहण नीति में होगा बदलाव appeared first on Naya Vichar.

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भाजपा विधायकों ने सुनीता विलियम्स को दी बधाई

सुनीता विलियम्स को बधाई देने वाली तख्तियां लेकर विधानसभा परिसर में एकत्रित हुए भाजपा विधायक संवाददाता, कोलकाता पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा के विधायकों ने बुधवार को नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को अंतरिक्ष में नौ महीने बिताने के बाद सुरक्षित धरती पर लौटने पर बधाई दी. भाजपा विधायक विलियम्स को बधाई देने वाली तख्तियां लेकर विधानसभा परिसर में एकत्र हुए. सत्र के पहले हाफ की कार्यवाही समाप्त होने के बाद भाजपा के मुख्य सचेतक शंकर घोष ने पार्टी विधायकों के समूह का नेतृत्व किया. भाजपा के करीब 30 विधायक विधानसभा के प्रवेश द्वार के पास खड़े होकर सुनीता विलियम्स को बधाई दी. प्रत्येक विधायक के हाथ में विलियम्स की एक तस्वीर थी, जिसके नीचे अभिनंदन सुनीता विलियम्स और हिंदुस्तानेर कन्या (हिंदुस्तान की बेटी) लिखा हुआ था. शंकर घोष ने कहा कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी से अनुरोध किया है कि वे विलियम्स को बधाई देने के लिए विधानसभा को सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करने की अनुमति दें. वहीं, विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि हम सभी को सुनीता विलियम्स की उपलब्धि पर गर्व है. सुनीता विलियम्स, नासा के साथी अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर के साथ नौ महीने से अधिक समय तक अंतरिक्ष में रहने के बाद सुबह 3.30 बजे पृथ्वी पर वापस लौटे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post भाजपा विधायकों ने सुनीता विलियम्स को दी बधाई appeared first on Naya Vichar.

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बारुईपुर में नहीं हो सकी शुभेंदु की पदयात्रा

नेता प्रतिपक्ष को दिखाये गये काले झंडे, तृणमूल समर्थकों ने लगाये ‘गो बैक’ के नारे संवाददाता, कोलकाता दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में बुधवार को विधानसभा में विपक्ष के नेता व भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भगवा दल द्वारा रास मैदान से एसपी कार्यालय तक पदयात्रा निकालने की बात थी. हालांकि, उसके पहले ही माहौल तनावपूर्ण हो गया. भाजपा की पदयात्रा जिस स्थान से निकाली जाने वाली थी, उसके पास ही पुरातन बाजार व शिवानी पीठ इलाकों में भाजपा की इस पदयात्रा के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस व तृणमूल स्त्री कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन चल रहा था. बुधवार को जब भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी का काफिला रास मैदान जाने के लिए बारुईपुर पुरातन बाजार से गुजर रहा था. तभी कथित तृणमूल कांग्रेस समर्थकों द्वारा उन्हें काले झंडे दिखाये गये. इतना ही नहीं, भाजपा नेता के समक्ष ‘गो बैक’ के नारे भी लगाये गये. दूसरी ओर, भाजपा समर्थकों ने भी स्थानीय विधायक व विधानसभा के स्पीकर बिमान बनर्जी व सत्तारूढ़ दल के खिलाफ नारेबाजी की. दोनों दलों के समर्थक जैसे आमने-सामने हो गये. इलाके में तैनात बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद हालात को सामान्य किया. अंतत: भाजपा को अपनी पदयात्रा रद्द करनी पड़ी. हालांकि, रास मैदान में शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. भाजपा की ओर से तृणमूल द्वारा माहौल अशांत करने का आरोप लगाया गया, जबकि तृणमूल ने इसे आधारहीन करार दिया है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बारुईपुर में नहीं हो सकी शुभेंदु की पदयात्रा appeared first on Naya Vichar.

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हाथियों के हमले के लिए इंसान भी दोषी

संवाददाता, कोलकाता पश्चिम बंगाल में हाथियों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे कई लोगों की जान जा चुकी है. इस समस्या पर राज्य की वन मंत्री वीरबाहा हांसदा ने विधानसभा में चिंता जतायी और चेतावनी दी कि जंगलों में इंसानों की दखलअंदाजी ही इस समस्या की जड़ है. उन्होंने कहा कि जब तक लोग वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचाते रहेंगे, तब तक ऐसी घटनाओं को रोक पाना मुश्किल होगा. बुधवार को विधानसभा में वीरबाहा हांसदा ने कहा कि इंसान ही वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नष्ट कर रहा है. जंगलों से उनके भोजन को बाजार में बेचा जा रहा है, जिससे वे खाने की तलाश में गांवों और शहरों की ओर आ रहे हैं. उन्होंने सभी को सतर्क रहने और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक होने की सलाह दी. वन मंत्री ने कहा कि जब तक हाथियों को जंगल में शांतिपूर्वक रहने नहीं दिया जायेगा, तब तक वे बस्तियों में आते रहेंगे. उन्होंने विधायकों से भी अपील की कि वे इस मुद्दे पर जनता को जागरूक करें और जंगलों में इंसानी हस्तक्षेप को रोकने के प्रयास करें. राज्य में हर साल हाथियों के हमलों में कई लोगों की जान जाती है. इस साल जनवरी में ओडिशा से एक हाथियों का झुंड पश्चिम मेदिनीपुर जिले के बेलदा रेंज में घुस आया था. इस दौरान 65 वर्षीय वृद्ध रामू मुर्मू की एक हाथी ने सूंड से पटक कर जान ले ली थी. इसी तरह, पिछले साल दिसंबर में झाड़ग्राम में भी ऐसी ही घटना हुई थी, जिसमें स्थानीय निवासी बादल मुर्मू की हाथी के हमले में मौत हो गयी थी. वन विभाग की ओर से लगातार ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है और हाथियों को आबादी वाले इलाकों में आने से रोकने के लिए कई उपाय किये जाते हैं. लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटनाओं में कमी नहीं आ रही. इस स्थिति को देखते हुए अब वन मंत्री ने सीधे तौर पर लोगों से जागरूक होने और जंगलों में अनावश्यक हस्तक्षेप न करने की अपील की है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post हाथियों के हमले के लिए इंसान भी दोषी appeared first on Naya Vichar.

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पश्चिम बंगाल पुलिस में 46 हजार पद खाली

कोलकाता. पश्चिम बंगाल पुलिस विभाग में करीब 46 हजार पद खाली हैं. यह जानकारी राज्य पुलिस निदेशालय ने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीइओ) के माध्यम से चुनाव आयोग (इसीआइ) को दी है. राज्य पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन 46 हजार रिक्तियों में 30 हजार पद केवल कांस्टेबल के हैं, जो पुलिस बल की रीढ़ माने जाते हैं. सब-इंस्पेक्टर (एसआइ) या समकक्ष रैंक के पदों पर भी बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं, जो बल में सबसे निचले अधिकारी स्तर का प्रतिनिधित्व करते हैं. निर्वाचन आयोग ने 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत राज्य पुलिस बल की मौजूदा संख्या और रिक्तियों का ब्योरा मांगा था. इसके जवाब में, राज्य पुलिस निदेशालय ने बताया कि मौजूदा समय में कुल पुलिस बल की संख्या करीब 80 हजार है, जबकि 46 हजार पद खाली पड़े हैं. इस तरह, राज्य में पुलिस बल का एक-तिहाई हिस्सा खाली है. राज्य पुलिस द्वारा चुनाव आयोग को सौंपी गयी सूची में सिविक वॉलंेटियर्स का कोई आंकड़ा शामिल नहीं है, क्योंकि नियमों के अनुसार, इन्हें चुनावी ड्यूटी में नहीं लगाया जा सकता. कलकत्ता हाइकोर्ट के एक निर्देश के तहत इन्हें कानून-व्यवस्था से जुड़े अभियानों में तैनात करने पर भी रोक है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीइओ) कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, उपलब्ध पुलिस बल के आधार पर चुनाव आयोग यह तय करेगा कि चुनाव के दौरान राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) का अनुपात क्या रहेगा. राज्य प्रशासन पहले भी सिविक वॉलंटियर्स को उनकी अधिकृत भूमिका से बाहर तैनात करने को लेकर आलोचनाओं का सामना कर चुकी है. अब चुनाव आयोग की रिपोर्ट के बाद यह देखना होगा कि राज्य प्रशासन इन रिक्तियों को भरने के लिए क्या कदम उठाती है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पश्चिम बंगाल पुलिस में 46 हजार पद खाली appeared first on Naya Vichar.

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