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चांदी की बिछिया खरीदने की है तैयारी? ये 4 डिजाइन हैं बेहद खूबसूरत

Silver Bichiya Designs: चांदी की बिछिया सिर्फ पैरों की उंगलियों की खूबसूरती बढ़ाने वाला गहना नहीं, बल्कि स्त्रीओं के पारंपरिक श्रृंगार का भी खास हिस्सा है. बदलते फैशन के साथ अब बिछिया के डिजाइन में भी काफी बदलाव देखने को मिल रहा है. बाजार में बेहद सिंपल से लेकर नाजुक कारीगरी और स्टाइलिश पैटर्न वाली कई बिछिया मौजूद हैं. अगर आप भी रोजाना पहनने या किसी खास मौके के लिए नई बिछिया लेने की सोच रही हैं, तो इन खूबसूरत डिजाइनों पर नजर डाल सकती हैं. 1. सिंपल गोल बिछिया थोड़ी आकर्षक बिछिया पसंद करने वाली स्त्रीएं फूल-पत्ती वाले डिजाइन को चुन सकती हैं. इसमें छोटे फूल, पत्तियों या बेल की आकृति बनाई जाती है, जिससे बिछिया को पारंपरिक लुक मिलता है. यह डिजाइन पैरों में पहनने के बाद काफी सुंदर नजर आता है और खास मौकों पर भी पहना जा सकता है. 3. मोती वाली चांदी की बिछिया कई स्त्रीएं चाहती हैं कि पैरों में पहनी जाने वाली पायल और बिछिया का डिजाइन एक-दूसरे से मेल खाए. ऐसे में पायल से मैचिंग बिछिया एक अच्छा विकल्प हो सकती है. इसमें पायल जैसी ही नक्काशी, छोटी घंटियां या पैटर्न देखने को मिल सकते हैं. शादी, त्योहार या किसी खास कार्यक्रम के लिए यह डिजाइन काफी सुंदर लग सकता है. यह भी पढ़ें: चांदी की पायल खरीदने का है प्लान? ये 5 खूबसूरत डिजाइन देखकर आप भी कहेंगी- यही चाहिए The post चांदी की बिछिया खरीदने की है तैयारी? ये 4 डिजाइन हैं बेहद खूबसूरत appeared first on Naya Vichar.

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Deep Sea Life: समुद्र के नीचे गहरा अंधेरा, जबरदस्त दबाव फिर भी जिंदगी से भरी है दुनिया; जानें वहां कैसे रहते हैं जीव

Deep Sea Life: समुद्र की सतह से नीचे उतरते ही दुनिया तेजी से बदलने लगती है. करीब 200 मीटर की गहराई के बाद रोशनी कम होने लगती है और 1,000 मीटर के नीचे सूरज की रोशनी लगभग पूरी तरह गायब हो जाती है. इसके बावजूद समुद्र की इन गहराइयों में मछलियां, झींगे, जेलीफिश और कई अनोखे जीव अपना जीवन जीते हैं. अमेरिका की The National Oceanic and Atmospheric Administration (NOAA) के मुताबिक आम तौर पर समुद्र में 200 मीटर से ज्यादा गहराई को डीप ओशन यानी गहरा समुद्र माना जाता है. 200 मीटर के बाद रोशनी तेजी से कम होने लगती है. 1,000 मीटर से नीचे की गहराई में सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती और वहां प्रकाश संश्लेषण भी नहीं हो सकता. यानी वहां पेड़-पौधों की तरह सूरज की रोशनी से भोजन बनाने की सामान्य प्रक्रिया काम नहीं करती. वहां कितना ठंडा होता है पानी? गहरे समुद्र में सिर्फ अंधेरा ही नहीं होता, बल्कि तापमान भी बहुत कम रहता है. NOAA के अनुसार करीब 200 मीटर से नीचे समुद्री पानी का औसत तापमान लगभग 4 डिग्री सेल्सियस होता है. इसलिए वहां रहने वाले जीवों को अंधेरे और कम भोजन के साथ बेहद ठंडे वातावरण में भी खुद को ढालना पड़ता है. गहराई बढ़ने के साथ बढ़ता जाता है दबाव समुद्र की गहराई में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक पानी का दबाव है. हर करीब 10 मीटर नीचे जाने पर दबाव लगभग एक वायुमंडल बढ़ जाता है. उदाहरण के लिए करीब 2,000 मीटर की गहराई पर दबाव लगभग 200 वायुमंडल तक पहुंच सकता है. इंसान या ऐसे जीव जिनके शरीर में हवा से भरी जगह होती है, वहां सामान्य तरीके से जीवित नहीं रह सकते. फिर समुद्री जीव इतना दबाव कैसे सह लेते हैं? कई गहरे समुद्री जीवों के शरीर में इंसानों जैसे हवा से भरे फेफड़े या दूसरी बड़ी गैस वाली जगह नहीं होती. उनके शरीर का बड़ा हिस्सा पानी से बना होता है. पानी आसानी से दबता नहीं है, इसलिए ऐसे जीव बहुत ज्यादा दबाव को इंसानों की तुलना में बेहतर तरीके से सह लेते हैं. कुछ समुद्री प्रजातियां रोज करीब 1,000 मीटर तक ऊपर-नीचे भी जाती हैं. अंधेरे में खुद रोशनी बनाते हैं जीव समुद्र की गहराई की सबसे हैरान करने वाली चीजों में बायोल्यूमिनेसेंस शामिल है. इसमें जीव अपने शरीर के अंदर होने वाली रासायनिक क्रिया से खुद रोशनी पैदा करते हैं. NOAA के मुताबिक 200 से 1,000 मीटर की गहराई के बीच रहने वाले करीब 80 प्रतिशत जानवर बायोल्यूमिनेसेंट हैं. इनमें मछलियां, स्क्विड, जेलीफिश और दूसरे समुद्री जीव शामिल हैं. समुद्र के अंदर का जीवन, फोटो-एएआई यहां भोजन सूरज से नहीं, रसायनों से बनता है हाइड्रोथर्मल वेंट के आसपास जीवन का आधार प्रकाश संश्लेषण नहीं बल्कि केमोसिंथेसिस है. यहां कुछ बैक्टीरिया रासायनिक ऊर्जा का इस्तेमाल करके भोजन बनाते हैं. यही बैक्टीरिया आगे कई दूसरे जीवों की भोजन श्रृंखला का आधार बनते हैं. NOAA के मुताबिक इन जगहों पर ऐसे जीवों के समुदाय पाए जाते हैं जो पृथ्वी पर दूसरी जगहों के जीवों से काफी अलग हो सकते हैं. वैज्ञानिकों ने 1977 में देखी थी ऐसी दुनिया NOAA के मुताबिक वैज्ञानिकों ने पहली बार 1977 में समुद्र की गहराई में हाइड्रोथर्मल वेंट के आसपास फलता-फूलता जीव समुदाय देखा था. यह खोज बेहद महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इससे पता चला कि जीवन को हर जगह सीधे सूरज की रोशनी पर निर्भर होना जरूरी नहीं है. बाद में दुनिया के अलग-अलग समुद्री क्षेत्रों में ऐसे और समुदाय पाए गए. समुद्र के अंदर का जीवन, फोटो-एएआई समुद्र की गहराई में अब भी छिपे हैं कई रहस्य गहरा समुद्र पृथ्वी के सबसे कम समझे गए जीवित वातावरणों में शामिल है. यहां सी-माउंट, गहरे समुद्री कैन्यन, कोरल, स्पंज, हाइड्रोथर्मल वेंट और कोल्ड सीप जैसे कई अलग-अलग ठिकाने मौजूद हैं. NOAA का कहना है कि हर नई समुद्री खोज के साथ वैज्ञानिक ऐसे जीवों और परिस्थितियों को समझ रहे हैं, जो अंधेरे, ठंड, कम भोजन और बहुत ज्यादा दबाव के बावजूद जीवन को संभव बनाते हैं. The post Deep Sea Life: समुद्र के नीचे गहरा अंधेरा, जबरदस्त दबाव फिर भी जिंदगी से भरी है दुनिया; जानें वहां कैसे रहते हैं जीव appeared first on Naya Vichar.

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हरमनप्रीत कौर और निगर सुल्ताना ने मिलाया हाथ, क्या भारत-बांग्लादेश महिला क्रिकेट में खत्म हुआ हैंडशेक विवाद?

Harmanpreet Kaur Nigar Sultana handshake: हिंदुस्तान और बांग्लादेश की स्त्री क्रिकेट टीमों के बीच हैंडशेक को लेकर चला विवाद एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में शांत होता नजर आया. रविवार, 20 सितंबर को करोगी स्पोर्ट्स पार्क, निस्शिन में टॉस के बाद हिंदुस्तानीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और बांग्लादेश की कप्तान निगर सुल्ताना ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया. टॉस हरमनप्रीत कौर ने जीता और हिंदुस्तान ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. इसके बाद जब दोनों कप्तान आमने-सामने आईं तो हरमनप्रीत ने हाथ आगे बढ़ाया और निगर सुल्ताना ने भी हाथ मिलाया. यह पल इसलिए खास रहा क्योंकि कुछ समय पहले ही दोनों के बीच हैंडशेक को लेकर काफी चर्चा हुई थी. ये भी पढ़ें: India Asian Games 2026: हिंदुस्तान ने शूटिंग में जीते 2 सिल्वर, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में एक और मेडल पक्का; हिंदुस्तानीय स्त्री क्रिकेट टीम फाइनल में एशिया कप में नहीं मिलाया था हाथ एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल के दौरान निगर सुल्ताना ने हरमनप्रीत कौर से हाथ नहीं मिलाया था. इस घटना ने क्रिकेट जगत में खूब सुर्खियां बटोरी थीं. बाद में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने इस मामले पर अपना बयान दिया था. BCB की स्त्री समिति के चेयरमैन रफीकुल इस्लाम बाबू ने कहा था कि हैंडशेक नहीं करने का फैसला बोर्ड की ओर से नहीं था, बल्कि यह निगर का निजी फैसला था. उन्होंने कहा था कि बोर्ड सभी देशों के साथ दोस्ताना रिश्ते रखना चाहता है और स्पोर्ट्स को देशों को करीब लाने वाला माध्यम मानता है. BCB ने निगर के फैसले से बनाई दूरी रफीकुल इस्लाम बाबू ने यह भी कहा था कि एशियन गेम्स के बाद टीम के प्रदर्शन और दूसरी शिकायतों पर चर्चा की जाएगी. उनके मुताबिक टीम में कई कमियां हैं और बड़े मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए टीम को मजबूत करने की जरूरत है. उन्होंने यह भी बता दिया था कि एशियन गेम्स के बाद टीम को लेकर जरूरी फैसले किए जा सकते हैं. हालांकि, निगर की कप्तानी में बदलाव को लेकर उस समय कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया था. ये भी पढ़ें: 2028 में BCCI के 100 साल पूरे होने पर India XI vs Rest of the World XI मैच संभव, तारीख और वेन्यू पर फैसला बाकी हिंदुस्तान-बांग्लादेश क्रिकेट में पहले भी हुआ है विवाद हरमनप्रीत कौर और निगर सुल्ताना का विवाद नया नहीं है. 2023 में बांग्लादेश दौरे के दौरान हिंदुस्तान और बांग्लादेश के बीच वनडे मैच में हरमनप्रीत अंपायरिंग को लेकर काफी नाराज नजर आई थीं. इसके बाद सीरीज खत्म होने पर ट्रॉफी समारोह के दौरान भी दोनों कप्तानों के बीच विवाद चर्चा में आया था. उस समय हरमनप्रीत ने अंपायरों को लेकर टिप्पणी की थी. अब एशियन गेम्स में क्या हुआ? एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में तस्वीर अलग दिखाई दी. टॉस के बाद हरमनप्रीत ने निगार की तरफ हाथ बढ़ाया और दोनों ने हाथ मिलाया. इससे कम से कम इस मुकाबले में दोनों टीमों के बीच प्री-मैच की सामान्य परंपरा निभती नजर आई. हालांकि, इस एक घटना के आधार पर पुराने विवाद के कारणों या दोनों खिलाड़ियों के व्यक्तिगत रिश्ते को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा. अब सभी की नजरें सेमीफाइनल के मुकाबले और एशियन गेम्स के बाद BCB की अगली कार्रवाई पर हैं. The post हरमनप्रीत कौर और निगर सुल्ताना ने मिलाया हाथ, क्या हिंदुस्तान-बांग्लादेश स्त्री क्रिकेट में खत्म हुआ हैंडशेक विवाद? appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Road Project: बिहार के इस बाजार में बनेगा 2 KM का फोरलेन फ्लाईओवर, NHAI ने निकाला टेंडर, खर्च होंगे 148.90 करोड़

Bihar Road Project: बिहार के सुपौल जिले के सिमराही बाजार में सड़क यातायात को बेहतर करने के लिए बड़ा काम होने जा रहा है. यहां एनएच-27 पर 2.04 किलोमीटर लंबा चार लेन का फ्लाईओवर बनाया जाएगा. हिंदुस्तानीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने इसके लिए निविदा जारी कर दी है. फ्लाईओवर के साथ सर्विस रोड भी बनेगी यह परियोजना सिर्फ फ्लाईओवर बनाने तक सीमित नहीं है. इसके साथ पहुंच मार्ग और सर्विस रोड भी तैयार की जाएगी. इससे सिमराही बाजार के इस हिस्से में आने-जाने वाले वाहनों को बेहतर रास्ता मिल सकेगा. परियोजना एनएच-27 के करीब 2.04 किलोमीटर हिस्से में बनाई जाएगी. 148.90 करोड़ की अनुमानित लागत एनएचएआई के निविदा दस्तावेज के अनुसार परियोजना की अनुमानित लागत ₹148.90 करोड़ है. यह राशि जीएसटी को छोड़कर है. निर्माण का काम इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण यानी ईपीसी तरीके से कराया जाएगा. दो साल में पूरा करना होगा काम एनएचएआई ने इस परियोजना को पूरा करने के लिए दो साल का समय तय किया है. इसके अलावा ठेकेदार को निर्माण पूरा होने के बाद 10 साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी दी जाएगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें अभी निर्माण शुरू नहीं हुआ है फिलहाल यह परियोजना निविदा के चरण में है. एनएचएआई ने 17 सितंबर को निविदा जारी की है. इच्छुक कंपनियां 2 नवंबर 2026 तक अपनी तकनीकी और वित्तीय बोली जमा कर सकती हैं. इसके बाद 3 नवंबर को बोलियां खोली जाएंगी. सिमराही बाजार एनएच-27 पर स्थित है. यहां फ्लाईओवर के साथ सर्विस रोड और पहुंच मार्ग बनने से इस हिस्से में सड़क ढांचे को बेहतर करने की योजना है. इसे भी पढ़ें : Bihar Ka Mausam: बिहार में 30-40 KMPH की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, 26 सितंबर तक बदलेगा मौसम, 3 दिन सभी 38 जिलों में येलो अलर्ट The post Bihar Road Project: बिहार के इस बाजार में बनेगा 2 KM का फोरलेन फ्लाईओवर, NHAI ने निकाला टेंडर, खर्च होंगे 148.90 करोड़ appeared first on Naya Vichar.

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अयोध्या में फिर जीवंत होंगी रामलला के संघर्षकाल की यादें: टेंट से अस्थायी मंदिर तक की वो पूरी कहानी, अब श्रद्धालु देख सकेंगे…

Ayodhya Ram Mandir: जिस रामलला को कभी टेंट में विराजकर भक्तों के दर्शन देने पड़े थे, उनकी वह संघर्षगाथा अब आने वाली पीढ़ियां भी देख सकेंगी. अयोध्या में उस दौर की यादों को सहेजने की तैयारी पूरी हो चुकी है. टेंट से अस्थायी मंदिर और वहां से भव्य राम मंदिर तक की यात्रा को तस्वीरों, अभिलेखों और डिजिटल माध्यम से सामने लाया जाएगा. अस्थायी मंदिर बनेगा स्मृति स्थल अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर में बने अस्थायी मंदिर को धार्मिक स्मृति स्थल के रूप में विकसित किया गया है. यहां एक विशेष दीर्घा तैयार करने की योजना है. इसमें रामलला के टेंट में रहने से लेकर अस्थायी मंदिर में पूजा और दर्शन तक की जानकारी दिखाई जाएगी. 1990 से अब तक के महत्वपूर्ण चित्र भी दीर्घा का हिस्सा होंगे. डॉक्यूमेंट्री में दिखेगा संघर्षकाल श्रद्धालुओं को इस दौर की कहानी डॉक्यूमेंट्री फिल्म के जरिए भी दिखाई जाएगी. इसमें पुजारियों, सेवकों और सुरक्षाबलों की भूमिका को भी जगह दी जाएगी. उद्देश्य यह है कि युवा पीढ़ी रामलला के संघर्षकाल और उससे जुड़ी स्मृतियों को करीब से समझ सके. सागौन की लकड़ी से बना है मंदिर ट्रस्ट के अनुसार अस्थायी मंदिर का निर्माण टीकवुड यानी सागौन की लकड़ी से कराया गया है. इसकी बनावट भी राम मंदिर की शैली से मिलती-जुलती है. परिसर में अखंड ज्योति भी स्थापित की गई है, जो लगातार प्रज्ज्वलित रहती है. अभी श्रद्धालुओं के लिए यहां प्रवेश शुरू नहीं हुआ है. काम पूरा होने के बाद दर्शन की अनुमति दिए जाने की तैयारी है. तीन साल नौ माह 29 दिन का रहा प्रवास सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 25 मार्च 2020 को रामलला को टेंट से अस्थायी मंदिर में विराजमान कराया गया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विग्रह को अपनी गोद में लेकर गर्भगृह में स्थापित किया था. इसके बाद रामलला करीब तीन साल नौ माह 29 दिन तक इसी अस्थायी मंदिर में विराजमान रहे. अब इसी दौर की स्मृतियां एक जगह सहेजकर श्रद्धालुओं के सामने रखने की तैयारी है. Also Read: वाराणसी में 30 लाख के इनामी नक्सली कमांडर का एनकाउंटर, ATS से मुठभेड़ में बृजेश गंझू ढेर The post अयोध्या में फिर जीवंत होंगी रामलला के संघर्षकाल की यादें: टेंट से अस्थायी मंदिर तक की वो पूरी कहानी, अब श्रद्धालु देख सकेंगे… appeared first on Naya Vichar.

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मुंबई में कोस्टल रोड फ्लाईओवर से नीचे गिरी BMW, जानिए इतनी सेफ होने के बावजूद कैसे हो गया ये हादसा? वीडियो देख कर उड़ जाएंगे होश

मुंबई के कोस्टल रोड पर रविवार तड़के एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हो गया. एक तेज रफ्तार BMW कार डिवाइडर और रेलिंग तोड़ते हुए करीब 75 फीट नीचे जा गिरी. हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और इसमें सवार 3 छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं 1 छात्र का इलाज चल रहा है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि BMW जैसी सुरक्षित और आधुनिक लग्जरी कार में इतने एडवांस सेफ्टी सिस्टम होते हुए भी, इतना गंभीर हादसा कैसे हो गया? आइए इसे विस्तार से समझते हैं. क्या है मामला? यह हादसा 20 सितंबर 2026 की सुबह करीब 5 बजे हुआ. मुंबई पुलिस के मुताबिक BMW कार कोस्टल रोड पर मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर जा रही थी. तभी BMW ने नियंत्रण खोया, बाहरी बैरियर से टकराई और करीब 75 फीट नीचे जा गिरी. यह हादसा इतना भयानक था कि इसमें बैठे 4 में से 3 लोगों की मृत्यु हो गई है. वहीं 1 युवक का इलाज जारी है. रिपोर्ट के मुताबिक कार तेज रफ्तार में थी और मोड़ को सही तरह से नहीं ले सकी. इसके बाद कार बाहरी रेलिंग से टकराई और नीचे निर्माणाधीन पार्किंग एरिया में जा गिरी. CCTV में कार ऊंचाई से नीचे गिरने का वीडियो रिकॉर्ड हुआ है. ये भी पढ़ें: हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा रेंज देने वाले टॉप-5 इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, सिंगल चार्ज में 418 KM तक चलेंगे हादसे की मुख्य वजह: तय सीमा से ज्यादा रफ्तार मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, हादसे के वक्त कार की रफ्तार रोड के तय मानक (80kmph) से ज्यादा थी. यही ओवरस्पीडिंग ही इस दर्दनाक हादसे की सबसे बड़ी वजह बनी. वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे, कार ने अपना नियंत्रण खोया और आउटर रेलिंग से टकराकर, हवा में उछल गई. इतनी सुरक्षित कार होने के बाद भी क्यों गई जान? अक्सर लोग मानते हैं कि प्रीमियम लग्जरी कारों में हादसों का खतरा कम होता है. लेकिन फिजिक्स के नियमों के आगे कोई भी मशीन या टेक्नोलॉजी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है. जब कोई वाहन 150 या 200 kmph की स्पीड पर होता है, तो उसका मोमेंटम बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. इतनी तेज गति पर अगर गाड़ी किसी कंक्रीट की दीवार से टकराती है, तो इम्पैक्ट एनर्जी इतनी ज्यादा होती है कि कार के क्रम्पल जोन भी उसे सोख नहीं पाते. हाई स्पीड पर फेल हो जाते हैं सेफ्टी फीचर्स BMW जैसी कारों में दर्जनों सेंसर और सेफ्टी सिस्टम होते हैं, लेकिन इनकी भी एक लिमिट तय होती है. अगर गाड़ी 75 फीट की ऊंचाई से सीधे नीचे गिरती है, तो एयरबैग्स भी यात्रियों को नहीं बचा सकते. ग्रेविटी और बहुत तेज झटके के कारण कार की छत और पिलर्स पूरी तरह पिचक जाते हैं. इससे अंदर बैठे लोगों को सर्वाइवल स्पेस (बचने की जगह) नहीं मिल पाता और गंभीर चोटें आती हैं. BMW की कारों में मिलने वाले अहम सेफ्टी फीचर्स हालांकि इस हादसे में स्पीड ज्यादा होने के कारण नुकसान बड़ा हुआ, लेकिन आमतौर पर BMW में कई बेहतरीन सेफ्टी फीचर्स आते हैं जो ऐसे हादसों से बचाते हैं: ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम): यह ऑटोमैटिक ब्रेकिंग और लेन डिपार्चर वॉर्निंग देकर हादसों से बचाता है. DSC (डायनेमिक स्टेबिलिटी कंट्रोल): तेज मोड़ पर कार को फिसलने से रोकता है और टायर की ग्रिप बनाए रखता है. मल्टीपल एयरबैग्स: इनमें फ्रंट, साइड, कर्टेन और नी (Knee) एयरबैग्स शामिल होते हैं जो झटके को कम करते हैं. हाई स्ट्रेंथ केबिन: इसका ढांचा क्रैश के दौरान झटके को पूरे बॉडी शेल में फैला देता है. क्रम्पल जोन: गाड़ी का आगे और पीछे का हिस्सा, जो टक्कर के वक्त पिचक कर मुख्य केबिन को सुरक्षित रखता है. क्या है BMW कार की स्पेसिफिकेशंस?  रिपोर्ट के अनुसार हादसे वाली BMW का सटीक मॉडल, वेरिएंट, इंजन और पावर आउटपुट आधिकारिक तौर अभी साझा नहीं किया गया है. फिलहाल इसे सिर्फ ब्लैक BMW के रूप में पहचाना जा सकता है. हालांकि देखने से ये, BMW 3 Series, 320i, 330i या M340i प्रतीत होती है. लेकिन जब तक पुष्टि नहीं होती अभी यह तय करना मुश्किल है. BMW की गाड़ियां अपनी परफॉर्मेंस और पावरफुल इंजन के लिए दुनियाभर में जानी जाती हैं. इनमें अमूमन 2.0-लीटर से लेकर 3.0-लीटर तक का ट्विन-पावर टर्बो इंजन मिलता है. यह इंजन आसानी से 250 से 350 हॉर्सपावर (BHP) जनरेट कर सकता है, जो गाड़ी को महज 5-6 सेकंड में 0 से 100 kmph की स्पीड पर पहुंचा देता है. इन कारों में ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) और बेहतरीन एयरोडायनामिक्स होते हैं. इससे यह तेज रफ्तार पर भी सड़क से चिपकी रहती हैं. लेकिन, यही शानदार पिकअप और स्पीड कई बार खाली सड़कों पर युवाओं के लिए जानलेवा साबित हो जाती है. ये भी पढ़ें: 8 साल की वारंटी और 150km की धांसू रेंज, कार के चार्जर से चार्ज होने वाली Raptee.HV की डिलीवरी शुरू The post मुंबई में कोस्टल रोड फ्लाईओवर से नीचे गिरी BMW, जानिए इतनी सेफ होने के बावजूद कैसे हो गया ये हादसा? वीडियो देख कर उड़ जाएंगे होश appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में एमएमडीआर एक्ट पर क्यों शुरू हुआ राजनीतिक घमासान? बाबूलाल मरांडी ने सरकार से मांगे ये 3 बड़े जवाब

बोकारो. झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने एमएमडीआर (माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट में हुए संशोधन को लेकर राज्य प्रशासन पर निशाना साधा है. रविवार को बोकारो स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य प्रशासन संसद में चुप्पी साधने के बाद विज्ञापनों और बयानों के जरिये जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यदि एमएमडीआर एक्ट ही राज्य की प्रमुख समस्या है, तो प्रशासन को अपनी खनन नीति, प्रशासनिक स्तर पर सामने आ रही कमियों और लंबे समय से बंद पड़ी खदानों की स्थिति पर भी जवाब देना चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि संशोधित कानून का झारखंड के राजस्व, खनन उद्योग और रोजगार पर वास्तविक प्रभाव क्या होगा. ये भी पढ़ें: PLI और RPLI से बोकारो पश्चिमी मंडल ने जुटाए 3.83 करोड़, 24 सितंबर को ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में चलेगा विशेष अभियान राजस्व को लेकर प्रशासन से मांगा तथ्य मरांडी ने दावा किया कि केंद्र प्रशासन के संशोधनों के बाद पिछले वर्षों में राज्यों के खनिज राजस्व में वृद्धि हुई है. केंद्र प्रशासन की ओर से भी अगस्त 2026 में जारी जानकारी में कहा गया था कि एमएमडीआर संशोधन के बाद राज्यों को खनन क्षेत्र से मिलने वाले प्रमुख राजस्व स्रोत जारी रहेंगे और राज्यों को खनिज क्षेत्र के राजस्व का बड़ा हिस्सा मिलता रहेगा. वहीं, झारखंड प्रशासन की ओर से इस संशोधन को लेकर राजस्व पर संभावित असर की चिंता जताई गई है. अगस्त में राज्य के वित्त मंत्री ने संशोधित एमएमडीआर कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही थी और राजस्व नुकसान की आशंका जतायी थी. रोजगार और खनन उद्योग पर भी उठाये सवाल नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रशासन को नेतृत्वक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय एक्ट के प्रावधानों और उसके संभावित प्रभावों से जुड़े तथ्य सार्वजनिक करने चाहिए. उन्होंने खनन उद्योग, रोजगार और राज्य के राजस्व पर पड़ने वाले प्रभाव का स्पष्ट आकलन सामने रखने की मांग की. मरांडी ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन प्रशासन कानून के वास्तविक प्रावधानों को सामने रखने के बजाय जनता के बीच भ्रम और भय का माहौल बना रही है. उन्होंने कहा कि प्रशासन को विज्ञापनों के बजाय अपने कामकाज और खनन क्षेत्र की स्थिति का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए. मौके पर पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार मुन्ना, जयदेव राय, लक्ष्मण नायक, अर्चना सिंह, कुमार अमित समेत भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे. ये भी पढ़ें: बोकारो में ठेका मजदूरों का बड़ा प्रदर्शन: 40% छंटनी की आशंका के बीच प्रबंधन को दी हड़ताल की चेतावनी The post झारखंड में एमएमडीआर एक्ट पर क्यों शुरू हुआ नेतृत्वक घमासान? बाबूलाल मरांडी ने प्रशासन से मांगे ये 3 बड़े जवाब appeared first on Naya Vichar.

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बर्गर खाने का मन हो तो बाहर से ऑर्डर करने की जरूरत नहीं, घर पर मिनटों में बनाएं ये 5 टेस्टी और यूनिक रेसिपी

Instant Burger Recipe: शाम के समय जब हमें हल्की सी भूख लगनी शुरू होती है, तो ऐसा मन करता है कि कुछ बहुत ही टेस्टी, चटपटा और मजेदार सा खाने को मिल जाए. अगर घर पर छोटे शिशु हैं, तो उनकी इस छोटी सी भूख को मिटाने के लिए अक्सर हम अपने नजदीकी रेस्टोरेंट से बर्गर ऑर्डर कर लेते हैं. अगर आप भी आए दिन खुद के लिए या फिर अपने बच्चों के लिए बर्गर ऑर्डर करते रहते हैं, तो आपको यह समझना होगा कि बाहर के बर्गर में इस्तेमाल की जाने वाली ब्रेड, बार-बार इस्तेमाल किया गया ऑयल और अनहाइजीनिक इंग्रीडिएंट्स सेहत को कितना ज्यादा नुकसान पहुँचा सकते हैं. लेकिन एक अच्छी बात यह भी है कि आप रेस्टोरेंट जैसा एकदम टेस्टी और चटपटा बर्गर घर पर भी काफी कम समय में आसानी से बना सकते हैं. घर पर बने ये बर्गर बहुत ही फ्रेश, हाइजीनिक और हेल्दी होते हैं. आज इस आर्टिकल में हम आपको इसी तरह के 5 इंस्टेंट बर्गर की रेसिपी बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप शाम की इस भूख को शांत करने के लिए मिनटों में तैयार कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं इन्हें बनाने की सबसे आसान रेसिपी. instant burger recipe ऑल टाइम फेवरेट क्लासिक आलू टिक्की बर्गर क्लासिक आलू टिक्की बर्गर बच्चों से लेकर बड़ों, सभी का ऑल-टाइम फेवरेट स्नैक होता है. इसे बनाना सबसे ज्यादा आसान और कम समय का काम होता है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले उबले हुए आलू लें और फिर उसमें थोड़े से उबले मटर, नमक, गरम मसाला और बारीक कटी हरी मिर्च डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद इस मसाले की गोल-गोल टिक्की बनाएं. अब एक तवे पर थोड़ा सा तेल डालें और टिक्की को दोनों तरफ से तब तक सेकें जब तक वह गोल्डन और क्रिस्पी न हो जाए. इसके बाद एक बर्गर बन को बीच में से काटें और तवे पर थोड़ा सा बटर लगाकर हल्का सेक लें. अब बन के नीचे वाले हिस्से पर टोमैटो सॉस या मयोनीज लगाएं और फिर उसके ऊपर गर्मागर्म आलू टिक्की रखें. अब इस टिक्की के ऊपर प्याज और टमाटर के गोल-गोल कटे टुकड़े रखें और ऊपर से बन का दूसरा हिस्सा रख दें. आपका टेस्टी आलू टिक्की बर्गर सर्व करने के लिए तैयार है. ये भी पढ़ें: खिचड़ी को समझते हैं बोरिंग और बीमारों का खाना? ये 5 टेस्टी रेसिपीज ट्राय करने के बाद बदल जाएगी आपकी सोच अगर क्रीमी चीज और वेजी बर्गर अगर आप उन लोगों में से हैं जिन्हें चीजी और क्रीमी स्वाद अच्छा लगता है, तो आपके लिए यह रेसिपी सबसे ज्यादा बेस्ट साबित हो सकती है. क्रीमी चीज और वेजी बर्गर बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में बारीक कटा खीरा, टमाटर, शिमला मिर्च और उबले हुए कॉर्न मिला लें. अब इसमें दो चम्मच मयोनीज, थोड़ी सी काली मिर्च पाउडर और चुटकी भर नमक डालकर अच्छे से मिक्स कर लें. इसके बाद एक बर्गर बन को दो हिस्सों में काटें और निचले हिस्से पर थोड़ा सा बटर या हरी चटनी लगाएं. इसके बाद सब्जियों का तैयार किया हुआ क्रीमी मिक्सचर इसके ऊपर फैलाएं. अब इसके ऊपर एक चीज स्लाइस रखें और ऊपर से बन बंद कर दें. अगर आप चाहें तो इसे तवे पर 1 मिनट के लिए हल्का सा गरम कर सकते हैं ताकि चीज थोड़ा पिघल जाए और बर्गर और भी टेस्टी लगे. ट्राई करें प्रोटीन से लोडेड इंस्टेंट पनीर बर्गर पनीर बर्गर खाने में जितना टेस्टी और मजेदार लगता है, प्रोटीन से लोडेड होने की वजह से सेहत के लिए भी इसे उतना ही फायदेमंद माना जाता है. पनीर बर्गर बनाने के लिए सबसे पहले पनीर के स्क्वायर और थोड़े मोटे टुकड़े काट लें. इसके बाद तवे पर थोड़ा सा बटर या तेल डालें और पनीर के टुकड़ों पर नमक, लाल मिर्च पाउडर और चाट मसाला छिड़ककर दोनों तरफ से हल्का सेक लें. अब बर्गर बन के एक हिस्से पर तंदूरी मयोनीज या नॉर्मल मयोनीज और दूसरे हिस्से पर हरी चटनी लगाएं. अब बन के ऊपर सेकी हुई पनीर की स्लाइस रखें और फिर इसके ऊपर प्याज के छल्ले और पत्तागोभी का एक छोटा पत्ता रखें. अब ऊपर से थोड़ा सा चाट मसाला छिड़कें और बन को बंद कर दें। यह प्रोटीन-रिच बर्गर सिर्फ 5 मिनट में बनकर तैयार हो जाता है. ये भी पढ़ें: शाम की चाय का मजा करना है दोगुना? आलू से बनाएं ये 5 चटपटे और क्रिस्पी स्नैक्स, 10 मिनट में होंगे तैयार ट्राय करें आलू और पनीर से अलग हेल्दी सोया बर्गर अगर आप आलू या पनीर से कुछ बिल्कुल ही अलग, नया और हेल्दी ट्राई करना चाहते हैं, तो आपके लिए सोया बर्गर एक बेहतरीन चॉइस है. इसे बनाने में न ज्यादा समय लगता है और न ही मेहनत. इस बर्गर को बनाने के लिए सबसे पहले सोया चंक्स को गर्म पानी में 10 मिनट के लिए भिगो लेना है. इसके बाद इसका पानी अच्छी तरह निचोड़कर इसे मिक्सी में हल्का दरदरा पीस लें. अब इसमें एक उबला आलू, हरी मिर्च, हरा धनिया और नमक-मसाले मिलाकर टिक्की बना लें. अब एक तवे पर थोड़ा सा तेल लगाकर इस टिक्की को अच्छे से सेक लें. इसके बाद बर्गर बन पर बटर, हरी चटनी और टोमैटो सॉस लगाएं. अब इस पर टिक्की रखें और साथ में प्याज और खीरे की स्लाइस लगाकर बन को बंद कर दें. यह बर्गर खाने में बहुत टेस्टी लगता है और शरीर को ताकत भी देता है. बच्चों को बहुत पसंद आएगा तवा बटर मैगी बर्गर छोटे बच्चों को मैगी और बर्गर दोनों ही बहुत अच्छे लगते हैं. ऐसे में अगर आप इन दोनों ही चीजों का मजा उन्हें एक ही डिश में देना चाहते हैं, तो तवा बटर मैगी बर्गर आपके लिए एक बेहतरीन चॉइस हो सकती है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले बच्चों की फेवरेट मैगी बनाकर तैयार कर लें. इस बात का ख्याल रखें कि मैगी ड्राई बनी हो और उसमें पानी बिल्कुल भी न रह जाए. अब बर्गर बन को बीच से काटें और तवे पर बटर लगाकर सेक लें. इसके बाद बन के निचले हिस्से पर टोमैटो सॉस लगाएं और उसके ऊपर थोड़ी सी पकी हुई मैगी रखें. मैगी

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मुख्तार अब्बास नकवी का हामिद अंसारी को जवाब- भारत में हिंदू बहुसंख्यक इसलिए देश सेक्यूलर, भ्रम फैलाने की कोशिश गलत

Mukhtar Abbas Naqvi on Hamid Ansari: पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी के राष्ट्रवाद और सांप्रदायिकता को लेकर दिए बयान पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. नकवी ने कहा कि विभाजन के बाद हिंदुस्तान ने धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने का रास्ता चुना, जहां अलग-अलग धर्मों के लोग साथ रहते हैं. उन्होंने कहा कि समाज में फर्क और विभाजन पैदा करने की कोशिश करने वाले अपने मकसद में सफल नहीं होंगे. न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक मुख्तार अब्बास नकवी ने हामिद अंसारी के बयान पर कहा कि हिंदुस्तान में अलग-अलग धर्मों को मानने वाले लोग साथ रहते हैं. विभाजन के बाद हिंदुस्तान एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बना, जहां अलग-अलग धर्मों के लोग साथ रहते हैं. जो लोग समाज में फर्क और विभाजन पैदा करने की कोशिश करेंगे, वे अपने एजेंडे में सफल नहीं होंगे- भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी हामिद अंसारी ने क्या कहा था? इससे पहले हामिद अंसारी ने 18 सितंबर को नई दिल्ली के इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित तीसरे एजी नूरानी मेमोरियल लेक्चर में हिस्सा लिया था. कार्यक्रम में उन्होंने दिवंगत संवैधानिक विशेषज्ञ और लेखक अब्दुल गफूर नूरानी के काम और उनके विचारों का जिक्र किया. अंसारी ने नूरानी की 2019 में प्रकाशित किताब The RSS: A Menace to India का जिक्र करते हुए नेहरू के नाम से दर्ज उस टिप्पणी को दोहराया, जिसमें हिंदुस्तान के लिए खतरे को साम्यवाद के बजाय हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता से जोड़ा गया था. सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर भी बोले अंसारी अपने भाषण में हामिद अंसारी ने नागरिक राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में ऐसी प्रवृत्तियां सामने आई हैं जो नागरिक राष्ट्रवाद के स्थापित सिद्धांत को चुनौती देती हैं. अंसारी के मुताबिक ऐसी प्रवृत्तियां चुनावी बहुमत को धार्मिक बहुमत के रूप में पेश करने, नागरिकों के बीच धर्म के आधार पर अंतर पैदा करने और असुरक्षा बढ़ाने का कारण बन सकती हैं. उन्होंने कहा कि इन प्रवृत्तियों का कानूनी और नेतृत्वक तरीके से मुकाबला किया जाना चाहिए. Also Read: राहुल गांधी का BJP-RSS पर वार, बोले- सिस्टम ने पूरे देश पर किया कब्जा, उसे छात्र नहीं अंधभक्त चाहिए The post मुख्तार अब्बास नकवी का हामिद अंसारी को जवाब- हिंदुस्तान में हिंदू बहुसंख्यक इसलिए देश सेक्यूलर, भ्रम फैलाने की कोशिश गलत appeared first on Naya Vichar.

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India Asian Games 2026: भारत ने शूटिंग में जीते 2 सिल्वर, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में एक और मेडल पक्का; भारतीय महिला क्रिकेट टीम फाइनल में

India Asian Games 2026 Day 2: जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत हिंदुस्तान के लिए शानदार रही. रविवार को पहले दिन हिंदुस्तान ने दो सिल्वर मेडल जीते. दोनों पदक स्त्रीओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में आए. एलावेनिल वलारिवन ने व्यक्तिगत मुकाबले में सिल्वर जीता, जबकि इससे पहले वह सोनम मस्कर और विदर्सा विनोद के साथ टीम इवेंट में भी दूसरे स्थान पर रही थीं. एलावेनिल वलारिवन ने जीते दो सिल्वर स्त्रीओं की 10 मीटर एयर राइफल के व्यक्तिगत फाइनल में एलावेनिल ने 252.4 अंक के साथ सिल्वर मेडल जीता. जापान की हिनाता ताइची ने 253.0 अंक के साथ गोल्ड जीता और एशियन गेम्स रिकॉर्ड बनाया. दक्षिण कोरिया की ह्योजिन बान को ब्रॉन्ज मिला. एलावेनिल का यह दिन का दूसरा पदक था. इससे पहले उन्होंने सोनम मस्कर और विदर्सा विनोद के साथ टीम स्पर्धा में सिल्वर जीता था. ये भी पढ़ें: India vs West Indies ODI कब है? जानें तीनों मैचों की तारीख, समय और वेन्यू सुचिका तरियाल ने पक्का किया मेडल स्त्रीओं की Mixed Martial Arts (MMA) 60 किग्रा स्पर्धा में सुचिका तरियाल ने मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को क्वार्टर फाइनल में हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई. इसके साथ हिंदुस्तान का इस स्पर्धा में कम से कम एक पदक पक्का हो गया. हॉकी में दोनों टीमों की बड़ी जीत हिंदुस्तानीय स्त्री हॉकी टीम ने उज्बेकिस्तान को 19-0 से हराकर अभियान शुरू किया. पुरुष टीम ने भी पूल ए के मुकाबले में इंडोनेशिया को 13-1 से मात दी. पुरुष टीम की जीत में दिलप्रीत सिंह ने चार गोल किए. बैडमिंटन में कजाकिस्तान पर 3-0 की जीत हिंदुस्तानीय स्त्री बैडमिंटन टीम ने राउंड ऑफ 16 में कजाकिस्तान को 3-0 से हराया और क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई. हिंदुस्तान की ओर से पीवी सिंधु, उन्नति हुड्डा और तन्वी शर्मा ने अपने सिंगल्स मुकाबले जीते. अगले दौर में हिंदुस्तान का सामना जापान से होगा. क्रिकेट में हिंदुस्तान फाइनल में स्त्री क्रिकेट के सेमीफाइनल में हिंदुस्तान ने बांग्लादेश को 114 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई. अब गोल्ड मेडल के लिए हिंदुस्तान का सामना श्रीलंका से होगा. ये भी पढ़ें: Rinku Singh के चेहरे वाला iPhone 18 Pro Cover हुआ वायरल? Instamart के पोस्ट पर क्रिकेटर ने दिया मजेदार जवाब Asian Games 2026: पहले दिन हिंदुस्तान के पूरे नतीजे शूटिंग स्त्रीओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम: एलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदर्सा विनोद — सिल्वर मेडल स्त्रीओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत: एलावेनिल वलारिवन — सिल्वर मेडल सोनम मस्कर — छठा स्थान वुशु पुरुषों की चांगक्वान फाइनल — सूरज सिंह मायांगलम्बम: 11वां स्थान. तेकबॉल स्त्री सिंगल्स ब्रॉन्ज मेडल मैच — क्विम्सी डिसूजा जापान की यूइना सकामोटो से हारीं मिक्स्ड डबल्स ब्रॉन्ज मेडल मैच — क्विम्सी डिसूजा/मोहम्मद अनस बेग वियतनाम की जोड़ी से हारे. तैराकी पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल हीट — बेनेडिक्शन बेनिस्टन: 12वां स्थान पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल हीट — आकाश मणि: 23वां स्थान पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक हीट — ऋषभ दास: 5वां स्थान, फाइनल के लिए क्वालिफाई पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक हीट — उत्कर्ष पाटिल: 12वां स्थान पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक फाइनल — ऋषभ दास: छठा स्थान. मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स स्त्रीओं की MMA 60 किग्रा क्वार्टर फाइनल — सुचिका तरियाल ने अल्तानचिमेग बैगलमा को हराया सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ हिंदुस्तान का मेडल पक्का. स्त्री हॉकी हिंदुस्तान ने उज्बेकिस्तान को 19-0 से हराया. पुरुष हॉकी हिंदुस्तान ने इंडोनेशिया को 13-1 से हराया. टेबल टेनिस स्त्री टीम ग्रुप एफ — हिंदुस्तान ने इंडोनेशिया को 3-0 से हराया पुरुष टीम ग्रुप एफ — हिंदुस्तान ने इंडोनेशिया को 3-0 से हराया. बैडमिंटन स्त्री टीम राउंड ऑफ 16 — हिंदुस्तान ने कजाकिस्तान को 3-0 से हराया हिंदुस्तान ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई. क्रिकेट स्त्री सेमीफाइनल — हिंदुस्तान ने बांग्लादेश को 114 रन से हराया हिंदुस्तान ने फाइनल में जगह बनाई, जहां उसका सामना श्रीलंका से होगा. हिंदुस्तान के नाम अब दो सिल्वर, एक और मेडल पक्का पहले दिन के बाद हिंदुस्तान के खाते में दो सिल्वर मेडल हैं. इसके अलावा सुचिका तरियाल के सेमीफाइनल में पहुंचने से MMA में एक और पदक सुनिश्चित हो चुका है. शूटिंग, हॉकी, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और क्रिकेट में मिले नतीजों ने हिंदुस्तान के अभियान को मजबूत शुरुआत दी है. The post India Asian Games 2026: हिंदुस्तान ने शूटिंग में जीते 2 सिल्वर, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में एक और मेडल पक्का; हिंदुस्तानीय स्त्री क्रिकेट टीम फाइनल में appeared first on Naya Vichar.

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