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बेटों की ट्रेनिंग देख तैराक बन गई दो बच्चों की मां, स्टेट चैंपियनशिप में जीतीं चार पदक

जमशेदपुर से निसार की रिपोर्ट Jamshedpur News: सच्ची लगन और दृढ़ संकल्प के सामने उम्र, परिस्थिति या समय जैसी बाधाएं टिक नहीं पातीं. कोई भी नया काम शुरू करने या अपने सपनों को पूरा करने की कोई ‘उम्र’ नहीं होती. इसे दो बच्चों की मां साकची निवासी सोनल मिश्रा ने साबित कर दिखाया है. सोनल मिश्रा साल 2022 से अपने बेटों को तैराकी की कोचिंग के लिए जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स लेकर जाती थीं. लेकिन चार साल में वह खुद स्टेट लेवल की तैराक बन गईं. बेटों की स्विमिंग देख तैराक बनने का किया फैसला बेटे को तैराकी सीखते देखकर उसने भी स्विमिंग करने का फैसला लिया और आज सफलता उसके कदम चूम रही है. सोनल में सोमवार को जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में संपन्न हुई 15वीं झारखंड सीनियर स्टेट स्विमिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए चार पदक अपने नाम की. उसकी इस सफलता ने सभी को स्तब्ध कर दिया. उसके दोनों बेटे और पति खुशी से झूम उठे. दो साल पहले शुरू की थी तैराकी 35 साल की सोनल 400 मीटर फ्री स्टाइल में रजत, 200 मीटर फ्री स्टाइल में कांस्य और 50 मीटर और 100 मीटर बैक स्ट्रोक में कांस्य पदक जीती हैं. सोनल मिश्रा ने बताया कि उन्होंने दो साल पहले ही तैराकी की शुरुआत की थीं. इस सफलता से उनका हौसला बढ़ा है. अब वह नेशनल प्रतियोगिता में पदक जीतना चाहती हैं. उनके दो बेटे हैं. बड़ा बेटा सोनेश (13 वर्ष) और छोटा बेटा अभिराज (8 वर्ष). वह अपने दोनों बेटों को तैराकी की ट्रेनिंग दिलाने के लिए 2022 से जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आ रही हैं. इसे भी पढ़ें: Jharkhand swimming: पूर्वी सिंहभूम की टीम दोनों वर्गों में बनी चैंपियन कोच सलाह पर कूद पड़ी पानी में बच्चों को ट्रेनिंग करते देखकर दो वर्ष पूर्व उन्होंने भी तैराकी करने का मन बनाया और कोच फिरोज खान से सलाह ली. इसके बाद ट्रेनिंग शुरू कर दी. अभी रोजाना वह डेढ़ से दो घंटे तैराकी का अभ्यास करती हैं. उनके पति निलेश मिश्रा भी उनका पूरा सहयोग करते हैं. पति टाटा स्टील में कार्यरत हैं. सोनल स्टेट चैंपियनशिप के अलावा डिमना लेक में आयोजित स्विमिंगथॉन में शिरकत कर चुकी हैं. इसे भी पढ़ें: Jharkhand swimming: सीनियर झारखंड स्टेट तैराकी प्रतियोगिता आज जेआरडी में The post बेटों की ट्रेनिंग देख तैराक बन गई दो बच्चों की मां, स्टेट चैंपियनशिप में जीतीं चार पदक appeared first on Naya Vichar.

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क्या हर बात पर सलाह देना आपके रिश्ते को धीरे-धीरे कमजोर कर रहा है? जानिए पूरी सच्चाई

Relationship Tips: क्या आपके घर में या फिर आप जिस रिश्ते में हैं उसमें ऐसा कभी हुआ है कि, जैसे ही कोई अपनी परेशानी या फिर दिल की बातों को आपके साथ शेयर करता है, आप बिना देर किये उसे सलाह देने लग जाते हैं? अक्सर हम सामने वाले से, “ऐसा कर लो”, “वैसा मत करो”, “मैं होता तो ये करता”, जैसी बातें अच्छे इरादों के साथ ही कहते हैं. जब हम सलाह दे रहे होते हैं तो हमें लगता है कि हम सामने वाले इंसान की भलाई कर रहे हैं या फिर उसकी मदद कर रहे हैं, लेकिन कई बार आपकी यही आदत रिश्तों में बढ़ती दूरियों की वजह बन सकती है. बता दें हर एक व्यक्ति जो आपके साथ अपनी बातों को शेयर कर रहा है, उसे यह बिलकुल भी नहीं चाहिए कि आप उसे सलाह देना शुरू कर दें, कई बार वह इंसान यह भी चाहता है कि आप उसकी बातों को बिना रोक-टोक के सुन लें. लेकिन जब आप सामने वाले को हद से ज्यादा सलाह देने लग जाते हैं तो यह मदद नहीं बल्कि स्ट्रेस की वजह बन जाता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार से बताने वाले हैं कि आपको कब सामने वाले को सलाह देना चाहिए और कब आपकी यह छोटी सी लगने वाली सलाह रिश्ते को खराब कर सकती है. तो चलिए जानते हैं विस्तार से. हर व्यक्ति सलाह नहीं, अंडरस्टैंडिंग चाहता है जब आपसे कोई भी व्यक्ति अपने दिल की बातों को या फिर प्रॉब्लम्स को शेयर करता है, तो यह बिलकुल भी जरूरी नहीं है कि वह आपके पास किसी सॉल्यूशन की तलाश में ही आया हो. कई बार वह सिर्फ यह चाहता है कि कोई उसकी बातों को ध्यान से सुने और उसके इमोशंस को समझे. लेकिन जब आप उसे लगातार सलाह देते रहते हैं तो उसे लगता है कि आप उसके इमोशंस को वैल्यू नहीं दे रहे हैं. अगर बार-बार ऐसा हो तो आगे चलकर वह कभी भी अपनी बातों को आपके साथ शेयर नहीं करेगा. जरूरत से ज्यादा सलाह कॉन्फिडेंस कम कर सकती है जब आप किसी को भी छोटी से छोटी बात पर सलाह देने लग जाते हैं, तो उसे ऐसा लगता है कि आप उसकी बुद्धि और फैसले लेने की काबिलियत पर भरोसा नहीं करते हैं. बार-बार ऐसा होते रहने की वजह से उसका कॉन्फिडेंस कमजोर पड़ने लग जाता है. अगर किसी रिश्ते में यह सोच बढ़ने लगे कि ‘मुझ पर भरोसा नहीं किया जाता है’, तो इसकी वजह से स्ट्रेस और नाराजगी काफी ज्यादा बढ़ सकती है. बिना मांगे सलाह हर बार पसंद नहीं आती कुछ लोगों को तब तक आपसे सलाह सुनना पसंद नहीं होता है जबतक वे खुद आपसे सामने से उसकी डिमांड न करें. जब आप बिना पूछे बार-बार सामने वाले को सुझाव देने लगते हैं तो उसे ऐसा लगता है कि आप दखलअंदाजी कर रहे हैं. खासतौर पर जब बात पति-पत्नी, दोस्त या फिर भाई-बहन के रिश्ते की होती है तो आपकी यह आदत बहस और गलतफहमियों की वजह बन सकती है. सलाह देने से पहले आपके लिए यह समझना और भी जरूरी हो जाता है कि क्या सामने वाला सच में आपसे सलाह चाहता है या फिर वह सिर्फ अपनी बातें आपसे कहना चाहता है. पहले सुनें, फिर समझें अगर आप एक अच्छे रिश्ते की पहचान करना चाहते हैं तो उसकी पहचान कभी भी सिर्फ सलाह देने में नहीं, बल्कि बातों को सुनने की कला में भी छुपी हुई होती है. जब भी कोई आपसे अपने प्रॉब्लम शेयर करे, तो तुरंत सलाह देने की जगह पर आपको पहले उसकी बातों को पूरी तरह से सुन लेना चाहिए. इसके बाद जाकर आपको उससे सवाल करना चाहिए और उसके इमोशंस को समझने की कोशिश करनी चाहिए. अगर आपको लगे कि सामने वाले को जरूरत है तभी जाकर उसके सामने अपनी राय रखें. जब आप ऐसा करते हैं तो सामने वाले को सम्मान और अपनेपन का एहसास होने लगता है. सलाह देने का क्या है सही तरीका? अगर आपको ऐसा लगता है कि आपकी दी हुई सलाह सामने वाले के काम आ सकती है, तो आपको पहले उससे पूछना चाहिए कि क्या इस मामले में वह आपकी राय सुनना चाहता है. जब सामने वाला पूरी तरह से तैयार हो, तब उसके लिए आपकी बातों को स्वीकार करने की संभावना और भी ज्यादा बढ़ जाती है. इसके अलावा आपको अपनी राय को उसके सामने हमेशा सुझाव की तरह ही रखना चाहिए, आदेश की तरह भूलकर भी नहीं. जब आप ऐसा करते हैं तो आप दोनों कीच बातचीत सहज बनी रहती है और रिश्तों में स्ट्रेस भी नहीं बढ़ता है. ये भी पढ़ें: अरेंज मैरिज से पहले पार्टनर से जरूर पूछ लें ये 6 सवाल, सिर्फ 10 मिनट की खुलकर बातचीत और बाद में नहीं होगा पछतावा The post क्या हर बात पर सलाह देना आपके रिश्ते को धीरे-धीरे कमजोर कर रहा है? जानिए पूरी सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

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मुजफ्फरपुर को CM सम्राट चौधरी ने दी 288 करोड़ की सौगात, बोले- 30 दिन में काम नहीं हुआ तो अफसर होंगे सस्पेंड

Samrat Choudhary Gift: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार को मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड स्थित परसौनी नाथ पंचायत पहुंचे. यहां आयोजित ‘सहयोग शिविर’ में शामिल होकर उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने 288.16 करोड़ रुपये की 109 विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया. जनता को दिया बड़ा भरोसा सहयोग शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि जनता के समर्थन से प्रशासन बनी है और लोगों की समस्याओं का समाधान करना प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि अगर किसी शिकायत का समाधान 30 दिनों के भीतर नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी. जरूरत पड़ी तो उसे सस्पेंड भी किया जाएगा. पहले ही दिन मिले थे 8 हजार से ज्यादा आवेदन बिहार प्रशासन की ओर से 19 मई से ‘सहयोग शिविर’ अभियान शुरू किया गया है. मुजफ्फरपुर में पहले ही दिन रिकॉर्ड 8,008 आवेदन प्राप्त हुए थे. आज भी बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर शिविर में पहुंचे. प्रशासन का दावा है कि लोगों की शिकायतों का मौके पर ही पंजीकरण किया जा रहा है और समाधान की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जा रही है. एक मंच पर सभी विभाग सहयोग शिविर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अलग-अलग विभागों के अधिकारी एक ही जगह मौजूद रहते हैं. इससे लोगों को विभिन्न प्रशासनी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते. शिविर में जमा किए गए आवेदनों को संबंधित विभागों तक तुरंत भेजा जाता है और समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है. किन समस्याओं का हो रहा समाधान? सहयोग शिविर में प्रशासनी योजनाओं, राशन कार्ड, पेंशन, आवास योजना, मनरेगा, जमीन विवाद, दाखिल-खारिज, सीमांकन, जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र जैसी समस्याओं पर आवेदन लिए जा रहे हैं. इसके अलावा बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य प्रशासनी सेवाओं से जुड़ी शिकायतों का भी समाधान किया जा रहा है. सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए कई मार्गों पर रूट डायवर्जन भी लागू किया गया ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. हर महीने लगेगा सहयोग शिविर बिहार प्रशासन ने निर्णय लिया है कि हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सभी मंत्री अपने-अपने जिलों में सहयोग शिविर लगाएंगे. इसका उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल आवेदन लेने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हर शिकायत का फॉलो-अप कर तय समय सीमा के भीतर उसका निपटारा भी किया जाएगा. Also Read: सम्राट चौधरी बोले- जिस दिन पार्टी कहेगी झोला उठाकर चल दूंगा, जानिए बिहार के सीएम ने क्यों कही ये बात The post मुजफ्फरपुर को CM सम्राट चौधरी ने दी 288 करोड़ की सौगात, बोले- 30 दिन में काम नहीं हुआ तो अफसर होंगे सस्पेंड appeared first on Naya Vichar.

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1.30 लाख रुपये में लॉन्च हुई 2026 Bajaj Avenger Street 220, जानें खासियत

अगर आप क्रूजर बाइक पसंद करते हैं, तो आपके लिए अच्छी समाचार है. दरअसल Bajaj Auto ने हिंदुस्तान में अपनी नई 2026 Bajaj Avenger Street 220 लॉन्च कर दी है. कंपनी ने इसे अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर 1.30 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत के साथ लिस्ट किया है. फिलहाल हिंदुस्तानीय बाजार में Avenger सीरीज की दो ही बाइक्स बिक्री के लिए उपलब्ध हैं. इनमें नई Avenger Street 220 के अलावा Avenger Cruise 220 भी शामिल है. Cruise 220 की कीमत 1.29 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है.  दिलचस्प बात यह है कि कुछ समय पहले तक Avenger लाइनअप में Avenger Street 160 भी मौजूद थी, लेकिन Bajaj ने अब इस मॉडल को बंद कर दिया है. ऐसे में अब Avenger लवर्स के पास 220cc इंजन वाली ये दो क्रूजर बाइक्स ही ऑप्शन के तौर पर बची हैं. 2026 Bajaj Avenger Street 220: इंजन परफॉर्मेंस की बात करें तो Bajaj Avenger Street 220 में 220cc एयर/ऑयल-कूल्ड इंजन मिलता है. यही चीज आपको Avenger Cruise 220 में भी देखने को मिलता है. यह इंजन 8,500rpm पर 19bhp की पावर और 7,000rpm पर 17.6Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इंजन को 5-स्पीड गियरबॉक्स से जोड़ा गया है, जिससे गियर शिफ्टिंग आसान होती है और बाइक लंबी दूरी पर भी आराम से क्रूज करती है. 2026 Bajaj Avenger Street 220: फीचर्स राइडर की सुविधा के लिए इसमें फुली डिजिटल LCD डिस्प्ले दिया गया है. ब्लूटूथ कनेक्टिविटी की मदद से कॉल और SMS नोटिफिकेशन सीधे इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर देखे जा सकते हैं. इसके अलावा स्मार्टफोन चार्ज करने के लिए USB चार्जिंग पोर्ट, बेहतर विजिबिलिटी के लिए LED DRL और सेफ ब्रेकिंग के लिए सिंगल-चैनल ABS के साथ फ्रंट डिस्क व रियर ड्रम ब्रेक जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं. 2026 Bajaj Avenger Street 220: डिजाइन और कलर  Bajaj Avenger Street 220 को ऐसे डिजाइन किया गया है कि राइडर को ज्यादा स्पोर्टी और बेहतर कंट्रोल वाला फील मिले. इसमें पहले के मुकाबले लोअर हैंडलबार दिया गया है, जिससे बैठने की पोजिशन ज्यादा कमांडिंग लगती है. Cruise 220 की तरह इसमें लंबी विंडशील्ड और पीछे बैकरेस्ट नहीं मिलता, बल्कि इसकी जगह एक छोटा स्टाइलिश वाइजर दिया गया है. बाइक पूरी तरह ब्लैक-आउट थीम के साथ आती है. वहीं, ग्राहकों के लिए इसे Ebony Black और Cocktail Wine Red जैसे दो शानदार रंगों में पेश किया गया है. 2026 Bajaj Avenger Street 220 के कंपेटिटर  इस क्रूजर बाइक की टक्कर सीधे तौर पर Royal Enfield Meteor 350, Jawa 42 Bobber, Harley-Davidson X440 और Yezdi Roadster जैसी पॉपुलर बाइक्स से होगी. यह भी पढ़ें: Royal Enfield Bullet 650 vs Classic 650: रॉयल एनफील्ड की कौन सी बाइक है ज्यादा दमदार? जानें पूरा फर्क The post 1.30 लाख रुपये में लॉन्च हुई 2026 Bajaj Avenger Street 220, जानें खासियत appeared first on Naya Vichar.

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विधान परिषद चुनाव: AIMIM ने RJD से मांगी एक सीट, अख्तरुल इमान बोले- रिश्ता बना रखना चाहते हैं तो हमें मौका दें

Bihar MLC Election 2026: बिहार में एमएलसी एलेक्शन को लेकर एनडीए और महागठबंधन में कैंडिडेट को लेकर चर्चा तेज हो गई है. इस बीच महागठबंधन की बात करें तो, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की टेंशन बढ़ सकती है. संख्या बल को देखा जाए तो, एक सीट आरजेडी के खाते में जाना लगभग तय माना जा रहा है. इस बीच AIMIM के बिहार के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने अपनी डिमांड रख दी है. अख्तरुल इमान बोले- मौका आ गया है वादे को पूरा करने का ओवैसी की पार्टी विधान परिषद की एक सीट चाहती है. मीडिया से बात करते हुए अख्तरुल इमान ने कहा, हमने राज्यसभा सीट की मांग की थी. लेकिन तेजस्वी यादव ने वादा किया था कि आगे के दिनों में आपके लिए देखेंगे. ऐसे में अब मौका आ गया है, उनको अपने वादे को पूरा करने का. जरूरत पड़ने पर जल्द ही मुलाकात भी करेंगे. अख्तरुल इमान ने और क्या कहा? साथ ही AIMIM के उम्मीदवार के सवाल पर उन्होंने यह कहा कि हमारे पास सदस्य की संख्या उतनी नहीं है, जिससे जाहिर है कि दूसरे की सहयोग की जरूरत है. कल तक उनको (तेजस्वी यादव) राज्यसभा के सदस्य के लिए आंकड़े पूरे नहीं हो रहे थे तो मेरा सहयोग लिया था. हमने उनका पूरा साथ दिया था. ऐसे में अगर वे चाहते हैं कि आगामी दिनों में भी इसी तरह से रिश्ता बना रहे तो हमको मौका देना चाहिए. तेजस्वी यादव से बात करने जाऊंगा. एक सीट के लिए कितने वोटों की जरुरत? बिहार में विधान परिषद की 10 सीटों पर चुनाव होने वाला है. इनमें 9 सीटों पर 6 साल के कार्यकाल के लिए नियमित चुनाव होना है, जबकि एक सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा. जानकारी के मुताबिक, एक सीट के लिए उम्मीदवार को 25 वोटों की जरुरत होगी. एनडीए की बात करें तो, उसके पास 202 विधायक हैं. ऐसे में 8 सीटों पर जीत तय मानी जा रही है. इसके साथ ही महागठबंधन की बात करें तो, उसके पास 35 विधायक है. ऐसे में एक सीट तय मानी जा रही है. इस तरह से अख्तरुल इमान के डिमांड पर क्या कुछ तेजस्वी यादव का फैसला होगा, यह देखने वाली बात होगी. Also Read: समस्तीपुर और पटना के बीच गंगा नदी पर बन रहा पीपा पुल, घंटों की दूरी बस मिनटों में होगी तय The post विधान परिषद चुनाव: AIMIM ने RJD से मांगी एक सीट, अख्तरुल इमान बोले- रिश्ता बना रखना चाहते हैं तो हमें मौका दें appeared first on Naya Vichar.

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यह छोटा गैजेट चलते-फिरते देगा ठंडी हवा, 45°C की गर्मी में भी मिलेगी राहत

देश के कई हिस्सों में तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है. ऐसे में घर से बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं लगता. ऑफिस जाने वाले, डिलीवरी पार्टनर, ट्रैवलर्स और लंबे समय तक बाहर रहने वाले लोगों के लिए गर्मी से राहत पाना मुश्किल हो जाता है. इसी बीच एक छोटा और पोर्टेबल गैजेट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसे कपड़ों पर क्लिप करके इस्तेमाल किया जा सकता है. आकार में छोटा होने के बावजूद यह डिवाइस चलते-फिरते ठंडक का एहसास देता है और गर्म मौसम में काफी मददगार साबित हो सकता है. क्या है यह क्लिप-ऑन मिनी फैन? यह एक कॉम्पैक्ट ब्लेडलेस क्लिप फैन है, जिसे शर्ट, टी-शर्ट, बैग या पैंट पर आसानी से लगाया जा सकता है. इसकी खास बात यह है कि यह सीधे शरीर के आसपास हवा का फ्लो बनाए रखता है, जिससे गर्मी का असर कुछ हद तक कम महसूस होता है. छोटा आकार होने की वजह से इसे कहीं भी साथ ले जाना आसान है. यही कारण है कि गर्मियों में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है. ब्लेडलेस डिजाइन बनाता है ज्यादा सुरक्षित सामान्य मिनी फैन की तुलना में इसका ब्लेडलेस डिजाइन इसे अलग बनाता है. इसमें खुले ब्लेड नहीं होते, इसलिए इस्तेमाल के दौरान चोट लगने का खतरा काफी कम रहता है. यही वजह है कि शिशु और बुजुर्ग भी इसे आसानी से उपयोग कर सकते हैं. इसके अलावा कपड़ों या बालों के फंसने की चिंता भी नहीं रहती. कम आवाज, ज्यादा आराम कई पोर्टेबल फैन तेज आवाज की वजह से परेशानी पैदा करते हैं, लेकिन इस तरह के क्लिप फैन को बेहद शांत तरीके से काम करने के लिए डिजाइन किया जाता है. कम शोर की वजह से इसे ऑफिस, लाइब्रेरी, ट्रेन, बस या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है. आसपास बैठे लोगों को भी इससे ज्यादा परेशानी नहीं होती. तीन स्पीड मोड और आसान चार्जिंग छोटा होने के बावजूद इसमें अलग-अलग जरूरतों के लिए कई स्पीड विकल्प दिए जाते हैं. यूजर अपनी सुविधा के अनुसार लो, मीडियम या हाई स्पीड मोड चुन सकता है. इसमें रिचार्जेबल बैटरी मिलती है, जिसे Type-C पोर्ट की मदद से चार्ज किया जा सकता है. एक बार फुल चार्ज होने के बाद यह कई घंटों तक इस्तेमाल किया जा सकता है. चार्जिंग में भी आमतौर पर ज्यादा समय नहीं लगता. ट्रैवल और आउटडोर उपयोग के लिए क्यों है खास? गर्मी के मौसम में यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह डिवाइस काफी उपयोगी साबित हो सकता है. इसका हल्का वजन और कॉम्पैक्ट डिजाइन इसे आसानी से बैग या जेब में रखने की सुविधा देता है. जो लोग रोजाना बाइक, बस, मेट्रो या पैदल यात्रा करते हैं, उनके लिए यह गैजेट अतिरिक्त आराम दे सकता है. खासकर ऐसे समय में जब तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा हो. यह भी पढ़ें: आपके घर से मक्खी-मच्छर दूर रखेंगे ये गैजेट्स, कीमत ₹1000 से कम The post यह छोटा गैजेट चलते-फिरते देगा ठंडी हवा, 45°C की गर्मी में भी मिलेगी राहत appeared first on Naya Vichar.

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मुंबई लीग में तुषार देशपांडे का डबल धमाका, गेंदबाजी छोड़िए अब बल्ले से लाया तूफान

T20 Mumbai League 2026 : वानखेड़े स्टेडियम में आकाश टाइगर्स और मराठा रॉयल्स के बीच बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला. आमतौर पर अपनी तेज गेंदबाजी के लिए मशहूर तुषार देशपांडे ने इस बार बल्ले से वो कर दिखाया, जिसकी उम्मीद शायद आकाश टाइगर्स को भी नहीं रही होगी. तुषार के इस जबरदस्त प्रदर्शन की वजह से मराठा रॉयल्स ने सुपर ओवर में आकाश टाइगर्स को मात दी. पहली पारी में टाइगर्स के बल्लेबाजों ने दिखाया था दम वानखेड़े स्टेडियम में टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी आकाश टाइगर्स की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 165 रन बनाए थे. टीम की तरफ से अजीत यादव ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 17 गेंदों पर 5 छक्कों की मदद से 37 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. वहीं, कप्तान सरफराज खान ने 19 गेंदों में 28 रन बनाए, जबकि जय बिस्टा ने 25 और सक्षम पाराशर ने 26 रनों का योगदान दिया. मराठा रॉयल्स की ओर से बॉलिंग में मैक्सवेल स्वामीनाथन और अर्जुन दानी ने दो-दो विकेट लिए. देशपांडे ने किफायती बॉलिंग की और चार ओवर में महज 15 रन खर्च करते हुए एक विकेट अपने नाम किया. संकट में फंसी थी मराठा रॉयल्स, तुषार ने कराई मैच में वापसी 166 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मराठा रॉयल्स की शुरुआत बेहद खराब रही. टीम ने लगातार अंतराल पर अपने विकेट गंवाए. हालांकि, तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे सचिन यादव ने 39 गेंदों में 4 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 54 रनों की शानदार अर्धशतकीय पारी स्पोर्ट्सी, लेकिन उनके आउट होते ही टीम संकट में आ गई. मराठा रॉयल्स ने महज 121 रन पर अपने 6 विकेट खो दिए थे. ऐसे समय पर छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए तुषार देशपांडे ने मोर्चा संभाला. उन्होंने 14 गेंदों में 2 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के जड़कर 33 रन ठोक दिए. तुषार के इस तूफान की बदौलत मराठा रॉयल्स ने स्कोर को 151 तक पहुंचाया, लेकिन निचले क्रम की लड़खड़ाहट के कारण रेगुलर ओवर्स में मैच टाई पर खत्म हुआ. सुपर ओवर में भी चला देशपांडे का बल्ला मैच का फैसला सुपर ओवर में होना तय हुआ और यहां भी मराठा रॉयल्स ने तुषार देशपांडे पर ही भरोसा जताया. तुषार ने इस भरोसे को सही साबित करते हुए सुपर ओवर में दो शानदार चौके लगाए और अकेले 13 रन बटोर लिए. रॉयल्स ने आकाश टाइगर्स के सामने जीत के लिए 17 रनों का लक्ष्य रखा. जवाब में आकाश टाइगर्स की ओर से कप्तान सरफराज खान और अजीत यादव की जोड़ी मैदान पर उतरी, लेकिन वे सुपर ओवर में सिर्फ 11 रन ही बना सके. आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा थे तुषार देशपांडे तुषार राजस्थान रॉयल्स की तरफ से स्पोर्ट्स रहे थे, जो क्वालिफायर 2 से बाहर हो गई थी. आईपीएल के इस सीजन में तुषार को 7 मैचों में सिर्फ 4 विकेट मिले थे और उनका इकॉनमी रेट 11.95 भी काफी महंगी रही थी. (इनपुट -अरकम अब्दुल मन्नान) The post मुंबई लीग में तुषार देशपांडे का डबल धमाका, गेंदबाजी छोड़िए अब बल्ले से लाया तूफान appeared first on Naya Vichar.

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डायबिटीज के मरीजों के लिए कितना फायदेमंद है जामुन? यहां जानिए आसान भाषा में

Jamun Benefits for Diabetes: गर्मियों के इन दिनों में आपको जामुन काफी आसानी से देखने को मिल जाएंगे. ये जामुन सिर्फ खाने में टेस्टी नहीं होते हैं, इन्हें सेहत के लिए भी काफी ज्याद फायदेमंद माना जाता है. अगर आपको डायबिटीज है तो आपके लिए यह फल और भी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है. कई रिसर्च में यह पाया गया है कि जामुन में पाए जाने वाले न्यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स आपके ब्लड शुगर को कंट्रोल करके रखने में काफी हद तक मदद कर सकते हैं. आपको शायद यह जानकार हैरानी हो लेकिन छोटे-छोटे दिखने वाले जामुन में आपको एंथोसाइनिन, पॉलीफेनॉल और फ्लेवोनॉइड जैसे एलिमेंट्स पाए जाते हैं, जो आपकी सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचा सकते हैं. तो चलिए जामुन खाने से होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से जानते हैं. ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद जामुन में कुछ ऐसे नेचुरल एलिमेंट्स पाए जाते हैं जो आपके शरीर में शुगर को सही से इस्तेमाल करने में मदद कर सकते हैं. खासकर जब बात आती है जमीन के बीजों की तो कुछ रिसर्च यह भी बताते हैं कि इसमें ऐसे प्रॉपर्टीज होते हैं जो ब्लड शुगर लेवल को बैलेंस करके रखने में मदद कर सकते हैं. हालांकि, जामुन आपके लिए कोई दवा नहीं है लेकिन अगर आप इसे एक सीमित मात्रा में खाते हैं तो आपको अपने डायबिटीज को कंट्रोल में करके रखने में मदद मिल सकती है. एंटीऑक्सीडेंट से लोडेड होते हैं जामुन जामुन में भरपूर मात्रा में एंथोसाइनिन नाम का एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो इसे गहरा बैंगनी रंग पाने में मदद करती है. कई रिसर्च में यह भी पाया जाता गया है कि एंथोसाइनिन से लोडेड फूड आइटम्स आपके शरीर में शुगर लेवल्स को बेहतर तरीके से कंट्रोल करके रखने में मदद कर सकते हैं. यह एक बड़ी वजह है कि डायबिटीज के मरीजों के लिए जामुन एक फायदेमंद फल माना जाता है. शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले एलिमेंट्स से बचाव डायबिटीज की वजह से आपके शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और इन्फ्लेमेशन बढ़ सकता है. अगर आप इसे समय रहते कंट्रोल नहीं करते हैं तो आपको कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं. जामुन में पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स आपके शरीर के सेल्स को डैमेज होने से बचाने में मदद कर सकते हैं और साथ ही आपको हेल्दी रखने में एक अहम भूमिका निभा सकते हैं. फाइबर से लोडेड होते हैं जामुन जामुन में आपको एक अच्छी मात्रा में फाइबर मिल जाता है. अगर आपकी नहीं पता है तो बता दें यह फाइबर खाना खाने के तुरंत बाद ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकने में मदद करता है. इसके अलावा फाइबर आपके डाइजेशन को बेहतर बनाता है और साथ ही पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करने में मदद भी करता है. ऐसा होने की वजह से आपको बार-बार भूख लगने की प्रॉब्लम से छुटकारा भी मिल जाता है. हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद डायबिटीज के मरीजों में दिल से जुडी बीमारियों के होने का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है. कुछ रिसर्च यह भी बताते हैं कि जामुन में पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स और अन्य न्यूट्रीएंट्स कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के लेवल्स को बेहतर बनाने में काफी हद तक मदद कर सकते हैं. अगर ये दोनों ही चीजें कंट्रोल में रहे तो आपके लिए अपने हार्ट को हेल्दी रखने में ज्यादा मदद मिल सकती है. जामुन खाते समय इन बातों का रखें ख्याल भले ही जामुन एक न्यूट्रिशियस फल है, लेकिन फिर भी आपको इसका सेवन एक सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. अगर आप डायबिटीज की दवा या फिर इंसुलिन लेते हैं, तो रेगुलर बेसिस पर जामुन का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर या फिर डाइटिशियन की सलाह आपको जरूर ले लेना चाहिए. इसके अलावा आपको यह बात भी हमेशा याद रखनी चाहिए जामुन किसी बीमारी का इलाज नहीं है, बल्कि यह आपके हेल्दी डाइट का एक हिस्सा है. ये भी पढ़ें: पेट की जिद्दी चर्बी से हैं परेशान? हर सुबह पिएं ये ड्रिंक्स, एक महीने में 4 से 5 किलो तक कम हो सकता है वजन The post डायबिटीज के मरीजों के लिए कितना फायदेमंद है जामुन? यहां जानिए आसान भाषा में appeared first on Naya Vichar.

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सम्राट चौधरी बोले- जिस दिन पार्टी कहेगी झोला उठाकर चल दूंगा, जानिए बिहार के सीएम ने क्यों कही ये बात

Samrat Choudhary On Bungalow Row: बिहार में प्रशासनी बंगले को लेकर जारी नेतृत्वक घमासान के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान दिया है. शेखपुरा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ कहा कि वह पद और प्रशासनी आवास से मोह रखने वालों में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि जिस दिन पार्टी और नेतृत्व कहेगा कि अब उनकी जिम्मेदारी खत्म हो गई है, वह 24 घंटे के भीतर प्रशासनी आवास छोड़कर अपने निजी घर चले जाएंगे. सम्राट चौधरी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के प्रशासनी आवास को लेकर सियासत गरमाई हुई है. ’24 घंटे में झोला उठाकर निकल जाऊंगा’ मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नेतृत्व में जनता की सेवा के लिए आए हैं, किसी प्रशासनी घर या सुविधा के लिए नहीं. उन्होंने कहा कि जिस दिन पार्टी और हमारे नेता कहेंगे कि आपका काम यहीं समाप्त होता है, सम्राट चौधरी 24 घंटे के भीतर अपना झोला उठाकर अपने प्राइवेट घर में चला जाएगा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पद और आवास स्थायी नहीं होते, बल्कि जनता की सेवा सबसे महत्वपूर्ण होती है. “24 घंटे के भीतर अपना झोला लेकर चला जाऊंगा…” शेखपुरा: राबड़ी देवी के प्रशासनी आवास को लेकर चल रहे विवाद पर CM सम्राट चौधरी ने लालू परिवार पर निशाना. कहा- कुछ लोगों को प्रशासनी आवास का मोह है. बेटा अलग घर चाहता है, माता जी अलग घर चाहती हैं. लेकिन मैं उस विचार का व्यक्ति हूं जो पद और… pic.twitter.com/voQayIXzkN — Naya Vichar (@prabhatkhabar) June 2, 2026 ‘प्रशासनी आवास किसी की बपौती नहीं’ सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जब वह प्रशासनी आवास पहुंचे तो उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाहर लिख दिया जाए कि यह लोकसेवक का आवास है. यह जनता की सेवा का केंद्र है, किसी की निजी संपत्ति नहीं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रशासनी आवास और प्रशासनी सुविधाएं नियमों के तहत मिलती हैं और समय आने पर उन्हें छोड़ना भी पड़ता है. ‘मैं कई पदों पर रहा, लेकिन घर का मोह नहीं रखा’ मुख्यमंत्री ने अपने नेतृत्वक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि वह पिछले कई वर्षों में मंत्री, उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं. इसके बावजूद उन्होंने लंबे समय तक अपने निजी घर में रहना पसंद किया. उन्होंने बताया कि नेतृत्व के सफर में अब तक वह कई प्रशासनी आवास बदल चुके हैं. आज जिस घर में वह रह रहे हैं, वह उनका ग्यारहवां प्रशासनी आवास है. बिना नाम लिए साधा निशाना अपने संबोधन के दौरान सम्राट चौधरी ने बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग प्रशासनी घरों से इतना लगाव रखते हैं कि उन्हें सिर्फ अपने आवास की चिंता रहती है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को बेटे के लिए अलग घर और परिवार के दूसरे सदस्यों के लिए अलग व्यवस्था चाहिए, जबकि उनकी प्रशासन जनता की सेवा को प्राथमिकता देती है. ‘जनता की भलाई के लिए नेतृत्व’ मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी प्रशासन का लक्ष्य केवल जनता के हित में काम करना है. उन्होंने कहा कि बिहार में सुशासन और विकास की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी. सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी ताकत होती है और जनप्रतिनिधियों को हमेशा जनता के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए. उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी प्रशासन जनता की भलाई और राज्य के विकास के लिए लगातार काम करती रहेगी. Also Read: बिहार में अब नहीं होगी बालू की कमी, 161 नए घाटों से जल्द शुरू होगा खनन, निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार The post सम्राट चौधरी बोले- जिस दिन पार्टी कहेगी झोला उठाकर चल दूंगा, जानिए बिहार के सीएम ने क्यों कही ये बात appeared first on Naya Vichar.

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डीके शिवकुमार ने शपथग्रहण से पहले गांधी परिवार के प्रति कृतज्ञता जताई- उनके भरोसे ने कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री बनाया

DK Shivakumar : कर्नाटक में नए मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार 3 जून को शपथ लेने वाले हैं. वे सिद्धारमैया की जगह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.शपथ से पहले डीके शिवकुमार ने गांधी परिवार के प्रति अपनी कृतज्ञता जाहिर की है. गांधी परिवार के भरोसे ने मेरे नेतृत्वक करियर को प्रभावित किया डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि गांधी परिवार ने उनके करियर को काफी प्रभावित किया है. वे लिखते हैं कि गांधी परिवार के लीडरशिप से तो उनका नेतृत्वक करियर प्रभावित हुआ ही, साथ ही उनके भरोसे ने भी उनके करियर पर काफी असर डाला है. शिवकुमार लिखते हैं कि गांधी परिवार के भरोसे ने उनके करियर को संवारा. उनका भरोसा मुझे नेतृत्वक सफर के विभिन्न पड़ावों पर मिला, जिसने मेरे करियर को नई दिशा दी. The Gandhi family has played a defining role in my political journey, not merely through leadership, but through the faith they placed in me at different stages of my life. I often reflect on Shri Rajiv Gandhi avaru, who saw potential in a young worker even before I could see it… pic.twitter.com/vHqOHvNYQY — DK Shivakumar (@DKShivakumar) June 2, 2026 राजीव गांधी को किया याद डीके शिवकुमार ने अपने पोस्ट में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को याद किया. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि राजीव गांधी ने उनकी क्षमता को पहचाना था और उन्हें आगे आकर काम करने का मौका दिया था. राजीव गांधी के बारे में डीके शिवकुमार ने लिखा है कि उन्होंने मुझे इस बात के प्रेरित किया कि मैं अपना जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित करूं. शिवकुमार ने अपने पोस्ट में कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के प्रति भी अपना सम्मान प्रकट किया. उन्होंने लिखा कि सोनिया गांधी ने उन्हें उस वक्त सपोर्ट किया, जब वे करियर के कठिन दौर से गुजर रहे थे. उन्होंने मुझे सिखाया की लीडरशिप क्या होता है. लीडर वो होता है, जो बुरे समय में भी आपका साथ दे आपके बगल में खड़ा रहे. राहुल गांधी के सपोर्ट की भी चर्चा की डीके शिवकुमार ने अपने पोस्ट में राहुल गांधी के बारे में भी बात किया और बताया कि वे हर समय उनकी मदद करते हैं और उनका मार्गदर्शन करते रहते हैं. लोकतंत्र के वैल्यूज में उनकी आस्था को प्रेरणास्रोत बताते हुए डीके शिवकुमार ने उनकी तारीफ की. साथ ही उन्होंने प्रियंका गांधी की भी तारीफ की और लिखा कि कार्यकर्ताओं तक उनकी पहुंच बहुत अच्छी है. ये भी पढ़ें : क्या मुख्यमंत्री की कुर्सी से सिद्धारमैया को हटाने का फैसला कांग्रेस को भारी पड़ सकता है? डीके शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना गया, होंगे प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री The post डीके शिवकुमार ने शपथग्रहण से पहले गांधी परिवार के प्रति कृतज्ञता जताई- उनके भरोसे ने कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री बनाया appeared first on Naya Vichar.

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