Samrat Choudhary On Bungalow Row: बिहार में प्रशासनी बंगले को लेकर जारी नेतृत्वक घमासान के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान दिया है. शेखपुरा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ कहा कि वह पद और प्रशासनी आवास से मोह रखने वालों में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि जिस दिन पार्टी और नेतृत्व कहेगा कि अब उनकी जिम्मेदारी खत्म हो गई है, वह 24 घंटे के भीतर प्रशासनी आवास छोड़कर अपने निजी घर चले जाएंगे. सम्राट चौधरी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के प्रशासनी आवास को लेकर सियासत गरमाई हुई है.
’24 घंटे में झोला उठाकर निकल जाऊंगा’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नेतृत्व में जनता की सेवा के लिए आए हैं, किसी प्रशासनी घर या सुविधा के लिए नहीं. उन्होंने कहा कि जिस दिन पार्टी और हमारे नेता कहेंगे कि आपका काम यहीं समाप्त होता है, सम्राट चौधरी 24 घंटे के भीतर अपना झोला उठाकर अपने प्राइवेट घर में चला जाएगा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पद और आवास स्थायी नहीं होते, बल्कि जनता की सेवा सबसे महत्वपूर्ण होती है.
“24 घंटे के भीतर अपना झोला लेकर चला जाऊंगा…”
शेखपुरा: राबड़ी देवी के प्रशासनी आवास को लेकर चल रहे विवाद पर CM सम्राट चौधरी ने लालू परिवार पर निशाना. कहा- कुछ लोगों को प्रशासनी आवास का मोह है. बेटा अलग घर चाहता है, माता जी अलग घर चाहती हैं. लेकिन मैं उस विचार का व्यक्ति हूं जो पद और… pic.twitter.com/voQayIXzkN
— Naya Vichar (@prabhatkhabar) June 2, 2026
‘प्रशासनी आवास किसी की बपौती नहीं’
सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जब वह प्रशासनी आवास पहुंचे तो उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाहर लिख दिया जाए कि यह लोकसेवक का आवास है. यह जनता की सेवा का केंद्र है, किसी की निजी संपत्ति नहीं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रशासनी आवास और प्रशासनी सुविधाएं नियमों के तहत मिलती हैं और समय आने पर उन्हें छोड़ना भी पड़ता है.
‘मैं कई पदों पर रहा, लेकिन घर का मोह नहीं रखा’
मुख्यमंत्री ने अपने नेतृत्वक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि वह पिछले कई वर्षों में मंत्री, उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं. इसके बावजूद उन्होंने लंबे समय तक अपने निजी घर में रहना पसंद किया. उन्होंने बताया कि नेतृत्व के सफर में अब तक वह कई प्रशासनी आवास बदल चुके हैं. आज जिस घर में वह रह रहे हैं, वह उनका ग्यारहवां प्रशासनी आवास है.
बिना नाम लिए साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान सम्राट चौधरी ने बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग प्रशासनी घरों से इतना लगाव रखते हैं कि उन्हें सिर्फ अपने आवास की चिंता रहती है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को बेटे के लिए अलग घर और परिवार के दूसरे सदस्यों के लिए अलग व्यवस्था चाहिए, जबकि उनकी प्रशासन जनता की सेवा को प्राथमिकता देती है.
‘जनता की भलाई के लिए नेतृत्व’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी प्रशासन का लक्ष्य केवल जनता के हित में काम करना है. उन्होंने कहा कि बिहार में सुशासन और विकास की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी. सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी ताकत होती है और जनप्रतिनिधियों को हमेशा जनता के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए. उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी प्रशासन जनता की भलाई और राज्य के विकास के लिए लगातार काम करती रहेगी.
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