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पहले दस्तावेज दें, फिर दूंगी पूरा जवाब… हॉकी इंडिया से भिड़ी असुंता लकड़ा

हिंदुस्तानीय स्त्री हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लकड़ा ने हॉकी इंडिया की ओर से मिले कारण बताओ नोटिस का जवाब दे दिया है. उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा बताया है. साथ ही कहा कि हॉकी इंडिया की आचरण समिति ने नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया. असुंता लकड़ा ने नौ पन्नों का जवाब आचरण समिति के अध्यक्ष को भेजा है. उन्होंने कहा कि पूर्व खिलाड़ी अलबेला रानी टोप्पो की शिकायत में लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है. समिति पर उठाए सवाल लकड़ा का कहना है कि हॉकी इंडिया के नियमों के मुताबिक किसी भी मामले की जांच शुरू करने से पहले अध्यक्ष की मंजूरी जरूरी होती है. लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ. इसलिए उन्होंने पूछा है कि आखिर समिति ने किस आधार पर कार्रवाई शुरू की. उन्होंने यह भी कहा कि हॉकी इंडिया की वेबसाइट पर आचरण समिति के सिर्फ दो सदस्यों के नाम हैं, जबकि नियमों के मुताबिक इसमें तीन सदस्य होने चाहिए. ये भी पढ़ें: ‘अपनी औकात में रहो’, हॉकी इंडिया महासचिव ने असुंता लकड़ा को धमकाया मांगे शिकायत से जुड़े सभी कागजात असुंता लकड़ा ने समिति से शिकायत की पूरी कॉपी और उससे जुड़े सभी दस्तावेज देने की मांग की है. उनका कहना है कि उन्हें जो कागजात मिले हैं, वे अधूरे हैं और कई हिस्से पढ़े भी नहीं जा सकते. ऐसे में सही जवाब देना मुश्किल है. उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज मिलने के बाद उन्हें जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया जाए. साथ ही जब तक पूरा मामला साफ नहीं हो जाता, तब तक उनके खिलाफ कोई फैसला या कार्रवाई न की जाए. क्या है मामला? पिछले महीने झारखंड की पूर्व हॉकी खिलाड़ी अलबेला रानी टोप्पो की शिकायत के बाद हॉकी इंडिया ने असुंता लकड़ा को कारण बताओ नोटिस भेजा था. इससे पहले लकड़ा ने झारखंड हॉकी से जुड़े एक मामले में कथित यौन उत्पीड़न और धमकी के आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की थी. इसके बाद यह विवाद और चर्चा में आ गया. असुंता लकड़ा ने कहा कि अगर झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई, तो वह संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगी. ये भी पढ़ें: CWG 2026: मीराबाई से नीरज चोपड़ा तक… किस खिलाड़ी को मिली सबसे ज्यादा प्रशासनी फंडिंग? देखें पूरी लिस्ट The post पहले दस्तावेज दें, फिर दूंगी पूरा जवाब… हॉकी इंडिया से भिड़ी असुंता लकड़ा appeared first on Naya Vichar.

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JPSC Student Protest: छात्रों से वार्ता के लिए सरकार ने बनाई चार मंत्रियों की कमेटी, अपर मुख्य सचिव अजय सिंह भी होंगे शामिल

रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट JPSC Student Protest: जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए झारखंड प्रशासन ने चार मंत्रियों की एक कमेटी का गठन किया है. प्रशासन का उद्देश्य आंदोलनरत छात्रों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी मांगों पर चर्चा करना और समाधान की दिशा में आगे बढ़ना है. चार मंत्री करेंगे छात्रों से संवाद प्रशासन की ओर से गठित कमेटी में मंत्री दीपिका पांडे सिंह, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, मंत्री संजय यादव और मंत्री चमरा लिंडा को शामिल किया गया है. यह कमेटी आंदोलनरत छात्रों से संपर्क कर उनकी मांगों पर विस्तार से बातचीत करेगी और प्रशासन के समक्ष उनकी बात रखेगी. अपर मुख्य सचिव अजय सिंह भी कमेटी में प्रशासन ने प्रशासनिक स्तर पर भी इस पहल को मजबूती देने के लिए अपर मुख्य सचिव अजय सिंह को कमेटी में शामिल किया है. माना जा रहा है कि उनके शामिल होने से वार्ता के दौरान प्रशासनिक और नीतिगत पहलुओं पर भी प्रभावी चर्चा हो सकेगी. ‘अब छात्रों के फैसले का इंतजार’ मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कमेटी के गठन की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रशासन बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि अब यह छात्रों पर निर्भर करता है कि वे कब वार्ता के लिए तैयार होते हैं. प्रशासन चाहती है कि संवाद के माध्यम से सभी मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान निकले. इसे भी पढ़ें: JPSC Student Protest: छात्रों के आंदोलन पर बोले राधाकृष्ण किशोर, प्रशासन पर रखें भरोसा संवाद से समाधान की कोशिश पिछले कई दिनों से जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं. इसी बीच प्रशासन ने बातचीत का रास्ता अपनाते हुए मंत्रियों की कमेटी गठित की है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आंदोलनरत छात्र प्रशासन के वार्ता प्रस्ताव को कब स्वीकार करते हैं और दोनों पक्षों के बीच बातचीत कब शुरू होती है. यदि वार्ता होती है, तो इससे लंबे समय से चल रहे गतिरोध के समाप्त होने की उम्मीद भी बढ़ सकती है. इसे भी पढ़ें: JPSC Student Protest: सीएम हाउस से छात्रों को आया संदेश, पांच लोगों के प्रतिनिधि से बात करेगी प्रशासन The post JPSC Student Protest: छात्रों से वार्ता के लिए प्रशासन ने बनाई चार मंत्रियों की कमेटी, अपर मुख्य सचिव अजय सिंह भी होंगे शामिल appeared first on Naya Vichar.

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‘बांग्लादेश बना दूसरा पाकिस्तान, ISI को मिली खुली छूट’: शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद का दावा

सजीब वाजेद ने जुलाई-अगस्त 2024 के दौरान बांग्लादेश में हुए हिंसक प्रदर्शनों में मारे गए लोगों की संख्या पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा- UN ने मृतकों की संख्या 1,400 बताई है, जबकि प्रशासनी आंकड़ा लगभग 800 का है. उन्होंने पूछा कि अतिरिक्त 600 लोग कौन हैं और UN को यह सूची कहां से मिली? उन्होंने आगे कहा- “अवामी लीग के वकीलों द्वारा UN को कई बार पत्र लिखे जाने के बावजूद अब तक नामावली प्रदान नहीं की गई है. UN का आकलन केवल 15 अगस्त 2024 तक का है, जबकि हिंसा और मौतें उसके बाद भी जारी रहीं.” उपद्रवियों को ‘सुरक्षा कवच’ देने का आरोप पूर्व अंतरिम प्रशासन पर हमला बोलते हुए वाजेद ने कहा कि यूनुस प्रशासन का पहला काम ‘इंडेम्निटी बिल’ पारित करना था. इसके तहत प्रदर्शनकारियों को आम नागरिकों, अवामी लीग के नेताओं और पुलिसकर्मियों की हत्या के मामलों में पूर्ण कानूनी सुरक्षा दे दी गई. उन्होंने इसे मानवाधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं का सीधा उल्लंघन बताया. हजारों नेता-कार्यकर्ता बिना ट्रायल के जेल में बंद अवामी लीग के नेता ने दावा किया कि अगस्त 2024 के बाद से पार्टी के हजारों नेताओं और कार्यकर्ताओं को बिना किसी मुकदमे, निष्पक्ष सुनवाई या जमानत के हिरासत में रखा गया है. जेल में बंद कई नेताओं की उम्र 80 वर्ष से अधिक है और उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है. हिरासत के दौरान कई लोगों की मौत भी हो चुकी है. हिंदुस्तान की सुरक्षा पर गंभीर चिंता हिंदुस्तान के लिए सुरक्षा खतरों का जिक्र करते हुए वाजेद ने कहा कि सीमा पार बदलता घटनाक्रम हिंदुस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय होना चाहिए. उनके अनुसार, आईएसआई जैसी एजेंसियों की मौजूदगी से हिंदुस्तान के पूर्वी हिस्से में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है. हिंदुस्तान प्रशासन ने शहीना के प्रेस कॉन्फ्रेंस से साधी दूरी शेख हसीना के वर्चुअल कार्यक्रम को लेकर हिंदुस्तान के विदेश मंत्रालय (MEA) ने पहले ही स्थिति स्पष्ट कर दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह आयोजन एक निजी मीडिया संस्था द्वारा आयोजित किया गया है. हिंदुस्तान प्रशासन का इससे कोई लेना-देना नहीं है और न ही प्रशासन इसमें व्यक्त किए गए किसी विचार का समर्थन करती है. ये भी पढ़ें: भावुक हुईं शेख हसीना, बोलीं- मुझे बांग्लादेश से दूर किया गया, लेकिन अपने लोगों से नहीं The post ‘बांग्लादेश बना दूसरा पाकिस्तान, ISI को मिली खुली छूट’: शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद का दावा appeared first on Naya Vichar.

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संबित पात्रा का पलटवार, कहा- झारखंड के बच्चों का दर्द समझें राहुल गांधी; मासूमों के कंधे पर बंदूक रखकर न करें राजनीति

बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा, “झारखंड के शिशु भी शिशु ही हैं. वे भी विरोध कर रहे हैं. राहुल गांधी को झारखंड के कुछ बच्चों से भी बात करनी चाहिए. उन्हें उनका दर्द और तकलीफ समझनी चाहिए… इस चुनिंदा रवैये के कारण, जहां झारखंड के युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है, राहुल गांधी इस मुद्दे को अपनी सुविधा के अनुसार दबा रहे हैं. वे झारखंड क्यों नहीं जा रहे हैं?” पात्रा ने राहुल गांधी को बताया झूठ का पुलिंदा पात्रा ने कहा, “आज जो शिशु राहुल गांधी के साथ थे, उनसे मैं बहुत प्यार से कहना चाहता हूं: निडर रहें. हम उस झूठी कहानी और ‘झूठ के पुलिंदे’ को बेनकाब करना चाहते हैं जिसे राहुल गांधी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, और उस चुनिंदा नजरिए को भी जो उन्होंने अपनाया है. देश के बच्चों को निडर रहना चाहिए. जब भी आंदोलन या ऐसी किसी चीज की जरूरत हो, तो उससे डरना नहीं चाहिए.” प्रेस ब्रीफिंग राहुल गांधी के लिए है, बच्चों के लिए नहीं : पात्रा बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा, “कुछ देर पहले, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कुछ बातें कहीं. उनके साथ वे शिशु भी थे जिन्होंने 20 तारीख को दिल्ली में ‘संसद मार्च’ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. मैं बहुत साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि मैं जो प्रेस कॉन्फ्रेंस या ब्रीफिंग अभी कर रहा हूं, वह राहुल गांधी के लिए है, उन बच्चों के लिए नहीं; आखिरकार, शिशु तो शिशु ही होते हैं. वे हमारे देश के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं.” जंतर-मंतर पर कोई फायरिंग नहीं हुई : संबित पात्रा जंतर-मंतर पर फायरिंग के आरोप का जवाब देते हुए पात्रा ने कहा- “सबसे पहले, मैं फिर से वही बात दोहराना चाहता हूं जो बीजेपी ने इसी मंच से और सदन के बाहर भी बहुत साफ तौर पर कही है कि 20 तारीख को दिल्ली में ‘संसद मार्च’ विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई गोली नहीं चली थी. हमने उस समय भी पूरी जिम्मेदारी के साथ यही बात कही थी, क्योंकि यह एक संवेदनशील मुद्दा है.” जब गृह मंत्री के विभाग पर चर्चा होगी, तो शाह निश्चित रूप से संसद में मौजूद रहेंगे : पात्रा बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा, “राहुल गांधी का यह कहना कि अमित शाह सदन में नहीं आ रहे हैं. राहुल जी, क्या आप सदन को चलने भी दे रहे हैं? राहुल गांधी और उनके सांसद इतना हंगामा करते हैं कि सदन को दो मिनट के भीतर ही स्थगित करना पड़ता है. जिस विभाग पर चर्चा हो रही होती है, उसके प्रभारी मंत्री हमेशा मौजूद रहते हैं. जब गृह मंत्री के विभाग पर चर्चा होती है, तो वे निश्चित रूप से मौजूद रहेंगे, और वे हैं भी.” ये न सोचें कोई इस देश के बच्चों को धार्मिक आधार पर बांटने की कोशिश कर रहा है : पात्रा राहुल गांधी पर हमला करते हुए पात्रा ने कहा, “दूसरों के कंधे पर बंदूक रखकर नैरेटिव सेट करने की यह कोशिश नेतृत्व में उचित नहीं है. मुस्कान नाम की युवती के बारे में बात करते हुए पात्रा ने कहा- चाहे आप मुस्कान शर्मा हों या मुस्कान खान, आप हमारे देश की बेटी हैं. यह देश ‘सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास’ के सामूहिक प्रयास से आगे बढ़ता है. इसलिए, राहुल गांधी ने जो बांटने वाला एजेंडा आगे बढ़ाने की कोशिश की है, वह पूरी तरह गलत है. कभी यह न सोचें कि कोई इस देश के बच्चों को धार्मिक आधार पर बांटने की कोशिश कर रहा है.” ये भी पढ़ें: राहुल गांधी ने पीएम मोदी और अमित शाह को बताया डरपोक, कहा-गुंडे भेजकर छात्रों से मंगवा रहे हैं माफी The post संबित पात्रा का पलटवार, कहा- झारखंड के बच्चों का दर्द समझें राहुल गांधी; मासूमों के कंधे पर बंदूक रखकर न करें नेतृत्व appeared first on Naya Vichar.

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“यह वो बांग्लादेश नहीं, जिसके लिए 30 लाख लोगों ने दी शहादत’, वर्चुअल संबोधन में छलका शेख हसीना का दर्द

Sheikh Haseena : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने करीब दो साल बाद सार्वजनिक रूप से मीडिया से बातचीत की. उन्होंने दिल्ली से फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCC South Asia) के कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से मीडिया से बातचीत की. इस दौरान उनका कैमरा बंद रहा. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उन्हें अपने देश से दूर जाने के लिए मजबूर किया गया, लेकिन वह कभी भी बांग्लादेश के लोगों से अलग नहीं हुईं. शेख हसीना ने कहा, “मैं सिर्फ पांच बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहने वाली नेता के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की बेटी के रूप में भी आपसे बात कर रही हूं. मैंने अपना पूरा जीवन बांग्लादेश के लोगों के बीच बिताया है. मुझे देश छोड़ने पर मजबूर किया गया, लेकिन मैं कभी अपने लोगों से अलग नहीं हुई.” परिवार को याद कर हुईं भावुक अपने संबोधन की शुरुआत में शेख हसीना ने राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान, स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों और 15 अगस्त 1975 को मारे गए अपने परिवार के सदस्यों को याद किया. इस दौरान वह भावुक हो गईं. उन्होंने कहा, “मुझे गहरे दुख के साथ अपने परिवार के उन सदस्यों की याद आती है, जिन्हें मैंने 15 अगस्त 1975 को खो दिया था. आज मेरे भाई का जन्मदिन भी है. वह मुझसे दो साल छोटा था और एक महान स्वतंत्रता सेनानी व युवा नेता था.” ‘संकट के समय सच सामने लाना पत्रकारों की जिम्मेदारी’ शेख हसीना ने अपने संबोधन में पत्रकारों की भूमिका का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का सबसे बड़ा दायित्व सच की तलाश करना है, खासकर तब जब सत्ता सच्चाई को छिपाने की कोशिश करे. उन्होंने उन पत्रकारों का भी धन्यवाद किया जो बांग्लादेश के घटनाक्रम पर गंभीरता और साहस के साथ नजर बनाए हुए हैं. ‘शुरुआत से ही शांतिपूर्ण नहीं था आंदोलन’ दिल्ली में मीडिया से वर्चुअल बातचीत के दौरान बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा, “पिछले दो वर्षों से मैं अपने प्रिय बांग्लादेश को पीड़ित होते देख रही हूं. यह वह बांग्लादेश नहीं है जिसे हमने बनाया था और न ही वह बांग्लादेश है जिसके लिए 1971 में 30 लाख लोगों ने अपनी जान कुर्बान की थी. जुलाई और अगस्त 2024 की सच्चाई यह है कि यह कोई शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन नहीं था. शुरुआत से ही मेरी प्रशासन ने बातचीत, कानूनी प्रक्रिया और धैर्य के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकालने की कोशिश की. लेकिन सुधार की मांग की आड़ में संगठित समूह छात्रों की मांग को हिंसक नेतृत्वक हथियार में बदलने की कोशिश कर रहे थे.” बांग्लादेश छोड़कर हिंदुस्तान क्यों आई थीं शेख हसीना? 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में प्रशासनी नौकरियों में आरक्षण (कोटा प्रणाली) के खिलाफ शुरू हुआ छात्र आंदोलन धीरे-धीरे हिंसक राष्ट्रव्यापी विरोध में बदल गया. हालात इतने बिगड़ गए कि प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च शुरू कर दिया. नेतृत्वक और सुरक्षा संकट के बीच शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया और सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश छोड़ना पड़ा. इसके बाद वह हिंदुस्तान पहुंचीं, जहां उन्हें मानवीय आधार पर अस्थायी शरण दी गई. तब से वह नई दिल्ली में रह रही हैं. यह उनके जीवन का दूसरा ऐसा अवसर है जब उन्हें अपने देश से बाहर शरण लेनी पड़ी. इससे पहले 1975 में उनके पिता और बांग्लादेश के राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान की हत्या के बाद भी उन्होंने हिंदुस्तान में शरण ली थी. Also read : दित्वाह चक्रवात से उबरने में श्रीलंका की मदद कर रहा हिंदुस्तान, 350 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट से मिलेगा सहारा The post “यह वो बांग्लादेश नहीं, जिसके लिए 30 लाख लोगों ने दी शहादत’, वर्चुअल संबोधन में छलका शेख हसीना का दर्द appeared first on Naya Vichar.

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आंदोलनकारी छात्रों से मिले बाबूलाल मरांडी, बोले- JPSC-JSSC गड़बड़ी की हो सीबीआई जांच

JPSC Student Protest: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों से बुधवार को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा और आजसू के विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में करीब 15 मिनट तक चली बातचीत के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों की मांगों को सुना और उन्हें हर स्तर पर समर्थन का भरोसा दिलाया. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भाजपा छात्रों की इस लड़ाई में सड़क से लेकर सदन तक उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी. सीबीआई जांच और अधिकारियों की बर्खास्तगी की मांग पत्रकारों से बातचीत में बाबूलाल मरांडी ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच तभी संभव है, जब इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी सीबीआई से कराई जाए. उन्होंने प्रशासन से जेपीएससी और जेएसएससी के अध्यक्ष, सचिव और परीक्षा नियंत्रक को तत्काल पद से हटाने तथा उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग भी की. मरांडी ने कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक युवाओं का भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा बहाल नहीं हो सकेगा. ‘यह केवल पेपर लीक नहीं, नौकरियां बेचने का स्पोर्ट्स’ नेता प्रतिपक्ष ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड में मामला केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है. उनके अनुसार यह जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यम से नौकरियां बेचने का सुनियोजित स्पोर्ट्स है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में आयोजित कई भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं. उन्होंने दावा किया कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा, जेएसएससी-सीजीएल और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा सहित कई चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं बरती गई. उनके अनुसार अभ्यर्थियों को रांची, बिहार और नेपाल जैसे स्थानों पर ले जाकर प्रश्न और उत्तर रटवाए गए, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए. कट-ऑफ छिपाने का लगाया आरोप बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि जेपीएससी ने परीक्षा का कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किया था. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की फटकार के बाद जब कट-ऑफ सूची जारी की गई, तब यह सामने आया कि अधिक अंक प्राप्त करने वाले कई अभ्यर्थियों का चयन नहीं हुआ, जबकि कम अंक पाने वाले उम्मीदवार सफल घोषित कर दिए गए. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं ने युवाओं का भरोसा पूरी व्यवस्था से उठाने का काम किया है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है. ‘भ्रष्ट लोग व्यवस्था को करेंगे खोखला’ मरांडी ने कहा कि यदि पैसे के दम पर प्रशासनी नौकरियां हासिल करने की प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगी, तो इसका असर आने वाले वर्षों तक दिखाई देगा. उन्होंने कहा कि जो लोग पैसे देकर प्रशासनी सेवाओं में पहुंचेंगे, वे अगले 30 वर्षों तक भ्रष्टाचार को बढ़ावा देंगे और पूरे प्रशासनिक तंत्र को कमजोर करेंगे. इसलिए इस परिपाटी को हर हाल में समाप्त करना जरूरी है. प्रशासन की संवेदनशीलता पर उठाए सवाल नेता प्रतिपक्ष ने राज्य प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के बीच छात्र कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन और प्रशासन उनकी समस्याओं को समझने के बजाय नियमों का हवाला देकर उन्हें परेशान कर रहा है. उनका कहना था कि प्रशासन को छात्रों के साथ संवाद कर जल्द समाधान निकालना चाहिए. इसे भी पढ़ें: JPSC Student Protest: छात्रों के आंदोलन पर जयराम महतो का ऐलान, बोले- जरूरत पड़ी तो खुद अनशन पर बैठूंगा विधानसभा में उठेगा मामला बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद और छात्रों के आंदोलन का मुद्दा विधानसभा के मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में प्रशासन से जवाब मांगेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेगी. इस अवसर पर विधायक सीपी सिंह, नवीन जायसवाल, नीरा यादव, निर्मल महतो, अमर कुमार बाउरी सहित भाजपा और आजसू के कई वरिष्ठ नेता प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद रहे. इसे भी पढ़ें: JPSC Student Protest: छात्रों के आंदोलन पर बोले राधाकृष्ण किशोर, प्रशासन पर रखें भरोसा The post आंदोलनकारी छात्रों से मिले बाबूलाल मरांडी, बोले- JPSC-JSSC गड़बड़ी की हो सीबीआई जांच appeared first on Naya Vichar.

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Lock Upp 2 की फाइनलिस्ट श्रेया कालरा कौन हैं? TikTok से शुरू हुआ सफर, आज हैं शो की सबसे चर्चित कंटेस्टेंट

Lock Upp: Sach Ya Sazaa Grand Finale- ‘लॉक अप: सच या सजा’ अपने ग्रैंड फिनाले तक पहुंच चुका है और कुछ ही घंटों में शो को इस सीजन का विनर मिल जाएगा. पूरे सीजन में कई कंटेस्टेंट्स ने अपने गेम और बयानों से सुर्खियां बटोरीं, लेकिन श्रेया कालरा उन नामों में सबसे आगे रहीं. कभी उनकी बेबाक बातें चर्चा में रहीं तो कभी घर के अंदर हुए विवादों ने उन्हें लाइमलाइट में बनाए रखा. ऐसे में ग्रैंड फिनाले के मौके पर आइए जानते हैं कि आखिर श्रेया कालरा कौन हैं, उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कैसे की और क्यों वह इस सीजन की सबसे चर्चित कंटेस्टेंट्स में गिनी जा रही हैं. Who is Shreya Kalra: कौन हैं श्रेया कालरा? View on Instagram श्रेया कालरा मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली हैं. वह एक डिजिटल क्रिएटर, इन्फ्लुएंसर, एक्ट्रेस और पॉडकास्टर हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में TikTok से की थी, जहां वह डांस, फैशन और लिप-सिंक वीडियो बनाया करती थीं. टिकटॉक बंद होने के बाद उन्होंने इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर कंटेंट बनाना शुरू किया. धीरे-धीरे उनकी लोकप्रियता बढ़ती गई और आज इंस्टाग्राम पर उनके 22 लाख (2.2 मिलियन) से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. Shreya Kalra Education: पढ़ाई के बाद चुना कंटेंट क्रिएशन श्रेया ने अपनी शुरुआती पढ़ाई इंदौर से की. इसके बाद उन्होंने MBA की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई खत्म होने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और आज वह देश की चर्चित कंटेंट क्रिएटर्स में गिनी जाती हैं. Shreya Kalra Career: रियलिटी शो से मिली नई पहचान View on Instagram सोशल मीडिया पर नाम कमाने के बाद श्रेया ने रियलिटी शोज का रुख किया. साल 2020 में वह MTV Roadies Revolution में वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट बनकर नजर आई थीं. भले ही उनका सफर ज्यादा लंबा नहीं चला, लेकिन उनकी बेबाक बातों ने लोगों का ध्यान खींच लिया. अब ‘लॉक अप 2’ में भी उनका वही बेबाक अंदाज देखने को मिला. पूरे सीजन में विवादों की वजह से छाई रहीं श्रेया कालरा राम कपूर से हुई तगड़ी बहस: शो की शुरुआत में ही श्रेया कालरा और राम कपूर के बीच पर्सनल बाउंड्री को लेकर बहस हो गई. श्रेया ने कहा कि राम के कुछ व्यवहार से वह असहज महसूस कर रही थीं. बाद में फैमिली वीक में राम कपूर की पत्नी गौतमी कपूर ने शो में आकर इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी. आकांक्षा चौधरी संग हाई-वोल्टेज ड्रामा: श्रेया और आकांक्षा चौधरी की लड़ाई पूरे सीजन की सबसे चर्चित लड़ाइयों में रही. दोनों के बीच कई बार तीखी बहस हुई और एक टास्क के दौरान मामला इतना बढ़ गया कि पानी फेंकने और चप्पल चलाने तक की नौबत आ गई. कुशाल टंडन के DM पर मचा बवाल: शो में श्रेया ने दावा किया कि कुशाल टंडन ने उन्हें इंस्टाग्राम पर DM किया था. हालांकि, कुशाल ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि मैसेज श्रेया की तरफ से आया था. इसके बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर खूब चर्चा हुई. सीक्रेट टास्क में किया दर्दभरा खुलासा: एक सीक्रेट रिवील टास्क के दौरान श्रेया ने बताया कि 13 साल की उम्र में उनके साथ यौन शोषण (Molestation) हुआ था. उनके इस खुलासे ने घरवालों के साथ-साथ दर्शकों को भी इमोशनल कर दिया. पुराना ज़ेब्रा क्रॉसिंग केस भी आया चर्चा में: शो के दौरान श्रेया का इंदौर ज़ेब्रा क्रॉसिंग रील विवाद भी फिर सुर्खियों में आ गया. उन पर ट्रैफिक सिग्नल की ज़ेब्रा क्रॉसिंग पर डांस रील बनाने के मामले में पब्लिक न्यूइसेंस का केस दर्ज हुआ था. यह पुराना मामला भी पूरे सीजन चर्चा में बना रहा. Shreya Kalra Relationship: क्या रिशभ जायसवाल को डेट कर रही हैं श्रेया कालरा? View on Instagram श्रेया की पर्सनल लाइफ भी अक्सर चर्चा में रहती है. सोशल मीडिया पर वह कई बार कंटेंट क्रिएटर रिशभ जायसवाल के साथ नजर आ चुकी हैं. दोनों की कैमिस्ट्री देखकर कई बार डेटिंग की समाचारें भी सामने आईं. हालांकि, श्रेया कालरा और रिशभ जायसवाल ने अब तक अपने रिश्ते को ऑफिशियल नहीं किया है. Shreya Kalra Net Worth: श्रेया कालरा की नेटवर्थ कितनी है? मनी कंट्रोल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, श्रेया कालरा की अनुमानित नेटवर्थ 1.5 करोड़ से 3 करोड़ रुपये के बीच है. उनकी कमाई का सबसे बड़ा जरिया ब्रांड एंडोर्समेंट, सोशल मीडिया प्रमोशन और डिजिटल कंटेंट है. ये भी पढ़ें: Brand Value Ranking 2025: शाहरुख खान बने हिंदुस्तान के सबसे वैल्यूएबल सेलिब्रिटी, रणवीर सिंह ने विराट कोहली को छोड़ा पीछे The post Lock Upp 2 की फाइनलिस्ट श्रेया कालरा कौन हैं? TikTok से शुरू हुआ सफर, आज हैं शो की सबसे चर्चित कंटेस्टेंट appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मोदी का फेसबुक पोस्ट हटाने पर मेटा ने मांगी माफी, पैसा लेकर कंटेंट बूस्ट करने का खुलासा

मेटा की ‘ग्लोबल अफेयर्स’ टीम की केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ हुई बैठक के बाद सूत्रों ने बताया कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप की पैरेंट कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म्स के संचालन में हुई गंभीर कमियों को स्वीकार किया है. संसदीय समिति ने जुकरबर्ग को माफी के लिए 3 दिन का दिया था समय इससे पहले संसद की स्थायी समिति ने प्रधानमंत्री मोदी का एक वीडियो फेसबुक से हटाए जाने के मामले में मार्क जुकरबर्ग को माफी मांगने के लिए तीन दिन का समय दिया था. ऐसा नहीं करने पर उन्हें प्राप्त छूट वापस लेने की चेतावनी भी दी गई थी. छूट वापस लिए जाने का अर्थ यह होगा कि मेटा के मंचों पर आपत्तिजनक सामग्री डाले जाने पर प्राथमिकी दर्ज हो सकती है और अभियोजन शुरू हो सकता है. ये भी पढ़ें: मेटा की बढ़ीं मुश्किलें: डीपफेक और CSAM मुद्दे पर मार्क जुकरबर्ग ने गलती स्वीकारी, मांगी माफी The post पीएम मोदी का फेसबुक पोस्ट हटाने पर मेटा ने मांगी माफी, पैसा लेकर कंटेंट बूस्ट करने का खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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राहुल गांधी ने पीएम मोदी और अमित शाह को बताया डरपोक, कहा-गुंडे भेजकर छात्रों से मंगवा रहे हैं माफी

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मुंह छिपा रहे हैं क्योंकि वो छात्रों के गुनहगार हैं. उनके अंदर इतनी हिम्मत नहीं है कि वे मीडिया और देश के सामने आएं. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 10 जनपथ पर आयोजित प्रेस काॅन्फ्रेंस में यह बातें कही. उन्होंने कहा कि छात्रों ने कुछ गलत नहीं किया है, लेकिन उनके घर पर गुंडे भेजे जा रहे हैं. उनसे डराकर माफी मंगवाई जा रही है. हमें शिक्षा व्यवस्था में बदलाव चाहिए. राहुल गांधी ने कहा कि वे डरे हुए हैं, इसी वजह से ना तो वे मीडिया के सामने आ रहे हैं और ना ही संसद आ रहे हैं. उन्हें यह डर सता रहा है कि अगर वे संसद आए तो विपक्ष उनसे सवाल करेगा और उनसे माफी की अपील करेगा. राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर अमित शाह से जवाब मांग रहा है. विपक्षी सांसदों ने सदन की कार्यवाही से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह की गैरमौजूदगी पर भी बार-बार सवाल उठाए हैं. प्रदर्शनकारियों ने अपनी पीड़ा बताई राहुल गांधी की प्रेस काॅन्फ्रेंस में कुछ ऐसे प्रदर्शनकारी भी शामिल हुए जिन्होंने 20 जुलाई को पुलिस की लाठियां खाई हैं. एक लड़के ने अपनी आपबीती बताई. उसने बताया कि किस तरह पुलिसकर्मी छात्रों पर लाठियां चला रहे थे. पुलिस वाले निर्दयता से प्रहार कर रहे थे और छात्रों के सिर और पैर को निशाना बना रहे थे. एक स्त्री प्रदर्शनकारी मुस्कान शर्मा ने सवाल पूछा कि जब स्त्रीओं पर कार्रवाई के लिए स्त्री पुलिस होती हैं, तो फिर किस नियम के तहत पुरुष पुलिसकर्मियों ने उनके बदन को हाथ लगाया. उन्होंने कहा कि यह आदेश देने वाला व्यक्ति अगर माफी मांगे, तो मुझे खुशी होगी. साथ ही हमें जिस तरह से सोशल मीडिया में ट्रोल किया जा रहे है, उससे शांति मिलेगी. मुस्कान ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर मुझे मुसलमान बताकर परेशान किया जा रहा है,लेकिन मैं हिंदू हूं. रिया अहीर ने भी पूछे सवाल मुंबई में प्रदर्शन कर चर्चा में आई रिया अहीर ने भी प्रेस काॅन्फ्रेंस में सवाल पूछा. उसने कहा कि मेरे बारे में यह कहा जाता है कि मैंने मुंबई पुलिस को रोका,इसलिए वायरल हुई. जबकि सच्चाई यह है कि मैंने 30 बच्चों को गलत तरीके से हिरासत में लेने से रोका था. मीडिया इसे सुधार कर ले. उसने सवाल किया कि क्या देश में न्याय पाने का हक सिर्फ उन्हीं को है, जो संवैधानिक पद पर बैठे हैं. क्या आम आदमी को न्याय पाने का हक नहीं है. छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है, इसलिए हमने आवाज उठाई. ये भी पढ़ें : राहुल गांधी का Gen-Z अंदाज: कोरियन फिंगर हार्ट से विश किया फ्रेंडशिप डे, शहजाद पूनावाला ने यूं कसा तंज नशे के खिलाफ अभियान: बोले पीएम मोदी- सौ रविवार-100 मजबूत कदम, Gen-Z से किया सीधा संवाद ये भी पढ़ें: PM मोदी को आपत्तिजनक शब्द कहने वाली छात्रा की मां बोलीं- हम शर्मिदा हैं, माफी से बेटी को नई जिंदगी मिल गई The post राहुल गांधी ने पीएम मोदी और अमित शाह को बताया डरपोक, कहा-गुंडे भेजकर छात्रों से मंगवा रहे हैं माफी appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Cabinet: बिहार कैबिनेट की बैठक खत्म, 19 जिलों में खुलेंगे स्पेशल कोर्ट, मुंगेर-राजगीर को मिला तोहफा

Bihar Cabinet: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास से जुड़े 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, न्याय व्यवस्था को मजबूत करने, शिक्षा के विस्तार, स्पोर्ट्स सुविधाओं को बढ़ाने और लोगों को बेहतर जल सुविधा देने से जुड़े कई फैसले लिए गए हैं. 16 मेडिकल कॉलेजों के लिए PwC बनेगा सलाहकार बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए PPP मॉडल के तहत चलने वाले 16 मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के संचालन के लिए PwC (प्राइसवाटरहाउसकूपर्स) को सलाहकार नियुक्त करने की मंजूरी दी गई है. इसमें डेंटल कॉलेज और अस्पताल भी शामिल हैं. इस फैसले से मेडिकल संस्थानों की व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को आधुनिक इलाज की सुविधा मिल सकेगी. 19 जिलों में बनेंगे SC/ST मामलों के लिए विशेष कोर्ट बिहार प्रशासन ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 से जुड़े मामलों की जल्दी सुनवाई के लिए 19 जिलों में नए विशेष न्यायालय खोलने का फैसला लिया है. इन जिलों में खुलेंगे नए विशेष न्यायालय नए कोर्ट पश्चिम चंपारण, मधुबनी, भोजपुर, सिवान, अररिया, सुपौल, खगड़िया, जहानाबाद, बक्सर, जमुई, कैमूर, कटिहार, सीतामढ़ी, मुंगेर, मधेपुरा, बांका, शेखपुरा, औरंगाबाद और लखीसराय में बनाए जाएंगे. इन विशेष अदालतों को सही तरीके से चलाने के लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश अदालतों में 171 नए पदों पर भर्ती भी की जाएगी. जमालपुर और मुंगेर में पेयजल योजना के लिए 279.94 करोड़ मंजूर बिहार कैबिनेट ने जमालपुर और मुंगेर शहरों में पानी की सुविधा बेहतर करने के लिए दो जलापूर्ति योजनाओं को मंजूरी दी है. अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) के तहत जमालपुर जलापूर्ति योजना के लिए 102.22 करोड़ रुपये और मुंगेर जलापूर्ति योजना के लिए 177.72 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. इन योजनाओं के पूरा होने के बाद दोनों शहरों के लोगों को साफ और नियमित पीने का पानी मिल सकेगा. पीपराकोठी में खुलेगा नया केंद्रीय विद्यालय पूर्वी चंपारण जिले के पीपराकोठी में केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए प्रशासनी जमीन उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गई है. यह जमीन हिंदुस्तान प्रशासन के शिक्षा मंत्रालय को 30 साल की लीज पर दी जाएगी. इसमें आगे लीज बढ़ाने का विकल्प भी रहेगा. इस फैसले से पीपराकोठी और आसपास के क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें राजगीर में बनेगा स्पोर्ट्स साइंस सेंटर बिहार के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं देने के लिए राजगीर स्थित राज्य स्पोर्ट्स अकादमी परिसर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर बनाया जाएगा. इस सेंटर में खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, चोट से बचाव और इलाज की सुविधा के साथ आधुनिक डिवाइस की व्यवस्था होगी. हर घर तिरंगा अभियान 2026 को मिली मंजूरी बिहार प्रशासन ने हर घर तिरंगा अभियान 2026 के आयोजन को भी मंजूरी दे दी है. इस अभियान के जरिए लोगों में तिरंगे के प्रति सम्मान, देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा दिया जाएगा. इसे भी पढ़ें: बिहार में IMD ने जारी किया डबल अलर्ट, 6 से 8 से अगस्त तक जारी रहेगा आंधी-तूफान और भारी बारिश का दौर The post Bihar Cabinet: बिहार कैबिनेट की बैठक खत्म, 19 जिलों में खुलेंगे स्पेशल कोर्ट, मुंगेर-राजगीर को मिला तोहफा appeared first on Naya Vichar.

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