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“यह वो बांग्लादेश नहीं, जिसके लिए 30 लाख लोगों ने दी शहादत’, वर्चुअल संबोधन में छलका शेख हसीना का दर्द

Sheikh Haseena : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने करीब दो साल बाद सार्वजनिक रूप से मीडिया से बातचीत की. उन्होंने दिल्ली से फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCC South Asia) के कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से मीडिया से बातचीत की. इस दौरान उनका कैमरा बंद रहा. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उन्हें अपने देश से दूर जाने के लिए मजबूर किया गया, लेकिन वह कभी भी बांग्लादेश के लोगों से अलग नहीं हुईं. शेख हसीना ने कहा, “मैं सिर्फ पांच बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहने वाली नेता के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की बेटी के रूप में भी आपसे बात कर रही हूं. मैंने अपना पूरा जीवन बांग्लादेश के लोगों के बीच बिताया है. मुझे देश छोड़ने पर मजबूर किया गया, लेकिन मैं कभी अपने लोगों से अलग नहीं हुई.” परिवार को याद कर हुईं भावुक अपने संबोधन की शुरुआत में शेख हसीना ने राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान, स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों और 15 अगस्त 1975 को मारे गए अपने परिवार के सदस्यों को याद किया. इस दौरान वह भावुक हो गईं. उन्होंने कहा, “मुझे गहरे दुख के साथ अपने परिवार के उन सदस्यों की याद आती है, जिन्हें मैंने 15 अगस्त 1975 को खो दिया था. आज मेरे भाई का जन्मदिन भी है. वह मुझसे दो साल छोटा था और एक महान स्वतंत्रता सेनानी व युवा नेता था.” ‘संकट के समय सच सामने लाना पत्रकारों की जिम्मेदारी’ शेख हसीना ने अपने संबोधन में पत्रकारों की भूमिका का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का सबसे बड़ा दायित्व सच की तलाश करना है, खासकर तब जब सत्ता सच्चाई को छिपाने की कोशिश करे. उन्होंने उन पत्रकारों का भी धन्यवाद किया जो बांग्लादेश के घटनाक्रम पर गंभीरता और साहस के साथ नजर बनाए हुए हैं. ‘शुरुआत से ही शांतिपूर्ण नहीं था आंदोलन’ दिल्ली में मीडिया से वर्चुअल बातचीत के दौरान बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा, “पिछले दो वर्षों से मैं अपने प्रिय बांग्लादेश को पीड़ित होते देख रही हूं. यह वह बांग्लादेश नहीं है जिसे हमने बनाया था और न ही वह बांग्लादेश है जिसके लिए 1971 में 30 लाख लोगों ने अपनी जान कुर्बान की थी. जुलाई और अगस्त 2024 की सच्चाई यह है कि यह कोई शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन नहीं था. शुरुआत से ही मेरी प्रशासन ने बातचीत, कानूनी प्रक्रिया और धैर्य के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकालने की कोशिश की. लेकिन सुधार की मांग की आड़ में संगठित समूह छात्रों की मांग को हिंसक नेतृत्वक हथियार में बदलने की कोशिश कर रहे थे.” बांग्लादेश छोड़कर हिंदुस्तान क्यों आई थीं शेख हसीना? 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में प्रशासनी नौकरियों में आरक्षण (कोटा प्रणाली) के खिलाफ शुरू हुआ छात्र आंदोलन धीरे-धीरे हिंसक राष्ट्रव्यापी विरोध में बदल गया. हालात इतने बिगड़ गए कि प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च शुरू कर दिया. नेतृत्वक और सुरक्षा संकट के बीच शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया और सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश छोड़ना पड़ा. इसके बाद वह हिंदुस्तान पहुंचीं, जहां उन्हें मानवीय आधार पर अस्थायी शरण दी गई. तब से वह नई दिल्ली में रह रही हैं. यह उनके जीवन का दूसरा ऐसा अवसर है जब उन्हें अपने देश से बाहर शरण लेनी पड़ी. इससे पहले 1975 में उनके पिता और बांग्लादेश के राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान की हत्या के बाद भी उन्होंने हिंदुस्तान में शरण ली थी. Also read : दित्वाह चक्रवात से उबरने में श्रीलंका की मदद कर रहा हिंदुस्तान, 350 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट से मिलेगा सहारा The post “यह वो बांग्लादेश नहीं, जिसके लिए 30 लाख लोगों ने दी शहादत’, वर्चुअल संबोधन में छलका शेख हसीना का दर्द appeared first on Naya Vichar.

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आंदोलनकारी छात्रों से मिले बाबूलाल मरांडी, बोले- JPSC-JSSC गड़बड़ी की हो सीबीआई जांच

JPSC Student Protest: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों से बुधवार को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा और आजसू के विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में करीब 15 मिनट तक चली बातचीत के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों की मांगों को सुना और उन्हें हर स्तर पर समर्थन का भरोसा दिलाया. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भाजपा छात्रों की इस लड़ाई में सड़क से लेकर सदन तक उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी. सीबीआई जांच और अधिकारियों की बर्खास्तगी की मांग पत्रकारों से बातचीत में बाबूलाल मरांडी ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच तभी संभव है, जब इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी सीबीआई से कराई जाए. उन्होंने प्रशासन से जेपीएससी और जेएसएससी के अध्यक्ष, सचिव और परीक्षा नियंत्रक को तत्काल पद से हटाने तथा उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग भी की. मरांडी ने कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक युवाओं का भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा बहाल नहीं हो सकेगा. ‘यह केवल पेपर लीक नहीं, नौकरियां बेचने का स्पोर्ट्स’ नेता प्रतिपक्ष ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड में मामला केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है. उनके अनुसार यह जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यम से नौकरियां बेचने का सुनियोजित स्पोर्ट्स है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में आयोजित कई भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं. उन्होंने दावा किया कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा, जेएसएससी-सीजीएल और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा सहित कई चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं बरती गई. उनके अनुसार अभ्यर्थियों को रांची, बिहार और नेपाल जैसे स्थानों पर ले जाकर प्रश्न और उत्तर रटवाए गए, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए. कट-ऑफ छिपाने का लगाया आरोप बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि जेपीएससी ने परीक्षा का कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किया था. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की फटकार के बाद जब कट-ऑफ सूची जारी की गई, तब यह सामने आया कि अधिक अंक प्राप्त करने वाले कई अभ्यर्थियों का चयन नहीं हुआ, जबकि कम अंक पाने वाले उम्मीदवार सफल घोषित कर दिए गए. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं ने युवाओं का भरोसा पूरी व्यवस्था से उठाने का काम किया है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है. ‘भ्रष्ट लोग व्यवस्था को करेंगे खोखला’ मरांडी ने कहा कि यदि पैसे के दम पर प्रशासनी नौकरियां हासिल करने की प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगी, तो इसका असर आने वाले वर्षों तक दिखाई देगा. उन्होंने कहा कि जो लोग पैसे देकर प्रशासनी सेवाओं में पहुंचेंगे, वे अगले 30 वर्षों तक भ्रष्टाचार को बढ़ावा देंगे और पूरे प्रशासनिक तंत्र को कमजोर करेंगे. इसलिए इस परिपाटी को हर हाल में समाप्त करना जरूरी है. प्रशासन की संवेदनशीलता पर उठाए सवाल नेता प्रतिपक्ष ने राज्य प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के बीच छात्र कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन और प्रशासन उनकी समस्याओं को समझने के बजाय नियमों का हवाला देकर उन्हें परेशान कर रहा है. उनका कहना था कि प्रशासन को छात्रों के साथ संवाद कर जल्द समाधान निकालना चाहिए. इसे भी पढ़ें: JPSC Student Protest: छात्रों के आंदोलन पर जयराम महतो का ऐलान, बोले- जरूरत पड़ी तो खुद अनशन पर बैठूंगा विधानसभा में उठेगा मामला बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद और छात्रों के आंदोलन का मुद्दा विधानसभा के मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में प्रशासन से जवाब मांगेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेगी. इस अवसर पर विधायक सीपी सिंह, नवीन जायसवाल, नीरा यादव, निर्मल महतो, अमर कुमार बाउरी सहित भाजपा और आजसू के कई वरिष्ठ नेता प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद रहे. इसे भी पढ़ें: JPSC Student Protest: छात्रों के आंदोलन पर बोले राधाकृष्ण किशोर, प्रशासन पर रखें भरोसा The post आंदोलनकारी छात्रों से मिले बाबूलाल मरांडी, बोले- JPSC-JSSC गड़बड़ी की हो सीबीआई जांच appeared first on Naya Vichar.

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Lock Upp 2 की फाइनलिस्ट श्रेया कालरा कौन हैं? TikTok से शुरू हुआ सफर, आज हैं शो की सबसे चर्चित कंटेस्टेंट

Lock Upp: Sach Ya Sazaa Grand Finale- ‘लॉक अप: सच या सजा’ अपने ग्रैंड फिनाले तक पहुंच चुका है और कुछ ही घंटों में शो को इस सीजन का विनर मिल जाएगा. पूरे सीजन में कई कंटेस्टेंट्स ने अपने गेम और बयानों से सुर्खियां बटोरीं, लेकिन श्रेया कालरा उन नामों में सबसे आगे रहीं. कभी उनकी बेबाक बातें चर्चा में रहीं तो कभी घर के अंदर हुए विवादों ने उन्हें लाइमलाइट में बनाए रखा. ऐसे में ग्रैंड फिनाले के मौके पर आइए जानते हैं कि आखिर श्रेया कालरा कौन हैं, उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कैसे की और क्यों वह इस सीजन की सबसे चर्चित कंटेस्टेंट्स में गिनी जा रही हैं. Who is Shreya Kalra: कौन हैं श्रेया कालरा? View on Instagram श्रेया कालरा मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली हैं. वह एक डिजिटल क्रिएटर, इन्फ्लुएंसर, एक्ट्रेस और पॉडकास्टर हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में TikTok से की थी, जहां वह डांस, फैशन और लिप-सिंक वीडियो बनाया करती थीं. टिकटॉक बंद होने के बाद उन्होंने इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर कंटेंट बनाना शुरू किया. धीरे-धीरे उनकी लोकप्रियता बढ़ती गई और आज इंस्टाग्राम पर उनके 22 लाख (2.2 मिलियन) से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. Shreya Kalra Education: पढ़ाई के बाद चुना कंटेंट क्रिएशन श्रेया ने अपनी शुरुआती पढ़ाई इंदौर से की. इसके बाद उन्होंने MBA की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई खत्म होने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और आज वह देश की चर्चित कंटेंट क्रिएटर्स में गिनी जाती हैं. Shreya Kalra Career: रियलिटी शो से मिली नई पहचान View on Instagram सोशल मीडिया पर नाम कमाने के बाद श्रेया ने रियलिटी शोज का रुख किया. साल 2020 में वह MTV Roadies Revolution में वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट बनकर नजर आई थीं. भले ही उनका सफर ज्यादा लंबा नहीं चला, लेकिन उनकी बेबाक बातों ने लोगों का ध्यान खींच लिया. अब ‘लॉक अप 2’ में भी उनका वही बेबाक अंदाज देखने को मिला. पूरे सीजन में विवादों की वजह से छाई रहीं श्रेया कालरा राम कपूर से हुई तगड़ी बहस: शो की शुरुआत में ही श्रेया कालरा और राम कपूर के बीच पर्सनल बाउंड्री को लेकर बहस हो गई. श्रेया ने कहा कि राम के कुछ व्यवहार से वह असहज महसूस कर रही थीं. बाद में फैमिली वीक में राम कपूर की पत्नी गौतमी कपूर ने शो में आकर इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी. आकांक्षा चौधरी संग हाई-वोल्टेज ड्रामा: श्रेया और आकांक्षा चौधरी की लड़ाई पूरे सीजन की सबसे चर्चित लड़ाइयों में रही. दोनों के बीच कई बार तीखी बहस हुई और एक टास्क के दौरान मामला इतना बढ़ गया कि पानी फेंकने और चप्पल चलाने तक की नौबत आ गई. कुशाल टंडन के DM पर मचा बवाल: शो में श्रेया ने दावा किया कि कुशाल टंडन ने उन्हें इंस्टाग्राम पर DM किया था. हालांकि, कुशाल ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि मैसेज श्रेया की तरफ से आया था. इसके बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर खूब चर्चा हुई. सीक्रेट टास्क में किया दर्दभरा खुलासा: एक सीक्रेट रिवील टास्क के दौरान श्रेया ने बताया कि 13 साल की उम्र में उनके साथ यौन शोषण (Molestation) हुआ था. उनके इस खुलासे ने घरवालों के साथ-साथ दर्शकों को भी इमोशनल कर दिया. पुराना ज़ेब्रा क्रॉसिंग केस भी आया चर्चा में: शो के दौरान श्रेया का इंदौर ज़ेब्रा क्रॉसिंग रील विवाद भी फिर सुर्खियों में आ गया. उन पर ट्रैफिक सिग्नल की ज़ेब्रा क्रॉसिंग पर डांस रील बनाने के मामले में पब्लिक न्यूइसेंस का केस दर्ज हुआ था. यह पुराना मामला भी पूरे सीजन चर्चा में बना रहा. Shreya Kalra Relationship: क्या रिशभ जायसवाल को डेट कर रही हैं श्रेया कालरा? View on Instagram श्रेया की पर्सनल लाइफ भी अक्सर चर्चा में रहती है. सोशल मीडिया पर वह कई बार कंटेंट क्रिएटर रिशभ जायसवाल के साथ नजर आ चुकी हैं. दोनों की कैमिस्ट्री देखकर कई बार डेटिंग की समाचारें भी सामने आईं. हालांकि, श्रेया कालरा और रिशभ जायसवाल ने अब तक अपने रिश्ते को ऑफिशियल नहीं किया है. Shreya Kalra Net Worth: श्रेया कालरा की नेटवर्थ कितनी है? मनी कंट्रोल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, श्रेया कालरा की अनुमानित नेटवर्थ 1.5 करोड़ से 3 करोड़ रुपये के बीच है. उनकी कमाई का सबसे बड़ा जरिया ब्रांड एंडोर्समेंट, सोशल मीडिया प्रमोशन और डिजिटल कंटेंट है. ये भी पढ़ें: Brand Value Ranking 2025: शाहरुख खान बने हिंदुस्तान के सबसे वैल्यूएबल सेलिब्रिटी, रणवीर सिंह ने विराट कोहली को छोड़ा पीछे The post Lock Upp 2 की फाइनलिस्ट श्रेया कालरा कौन हैं? TikTok से शुरू हुआ सफर, आज हैं शो की सबसे चर्चित कंटेस्टेंट appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मोदी का फेसबुक पोस्ट हटाने पर मेटा ने मांगी माफी, पैसा लेकर कंटेंट बूस्ट करने का खुलासा

मेटा की ‘ग्लोबल अफेयर्स’ टीम की केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ हुई बैठक के बाद सूत्रों ने बताया कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप की पैरेंट कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म्स के संचालन में हुई गंभीर कमियों को स्वीकार किया है. संसदीय समिति ने जुकरबर्ग को माफी के लिए 3 दिन का दिया था समय इससे पहले संसद की स्थायी समिति ने प्रधानमंत्री मोदी का एक वीडियो फेसबुक से हटाए जाने के मामले में मार्क जुकरबर्ग को माफी मांगने के लिए तीन दिन का समय दिया था. ऐसा नहीं करने पर उन्हें प्राप्त छूट वापस लेने की चेतावनी भी दी गई थी. छूट वापस लिए जाने का अर्थ यह होगा कि मेटा के मंचों पर आपत्तिजनक सामग्री डाले जाने पर प्राथमिकी दर्ज हो सकती है और अभियोजन शुरू हो सकता है. ये भी पढ़ें: मेटा की बढ़ीं मुश्किलें: डीपफेक और CSAM मुद्दे पर मार्क जुकरबर्ग ने गलती स्वीकारी, मांगी माफी The post पीएम मोदी का फेसबुक पोस्ट हटाने पर मेटा ने मांगी माफी, पैसा लेकर कंटेंट बूस्ट करने का खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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राहुल गांधी ने पीएम मोदी और अमित शाह को बताया डरपोक, कहा-गुंडे भेजकर छात्रों से मंगवा रहे हैं माफी

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मुंह छिपा रहे हैं क्योंकि वो छात्रों के गुनहगार हैं. उनके अंदर इतनी हिम्मत नहीं है कि वे मीडिया और देश के सामने आएं. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 10 जनपथ पर आयोजित प्रेस काॅन्फ्रेंस में यह बातें कही. उन्होंने कहा कि छात्रों ने कुछ गलत नहीं किया है, लेकिन उनके घर पर गुंडे भेजे जा रहे हैं. उनसे डराकर माफी मंगवाई जा रही है. हमें शिक्षा व्यवस्था में बदलाव चाहिए. राहुल गांधी ने कहा कि वे डरे हुए हैं, इसी वजह से ना तो वे मीडिया के सामने आ रहे हैं और ना ही संसद आ रहे हैं. उन्हें यह डर सता रहा है कि अगर वे संसद आए तो विपक्ष उनसे सवाल करेगा और उनसे माफी की अपील करेगा. राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर अमित शाह से जवाब मांग रहा है. विपक्षी सांसदों ने सदन की कार्यवाही से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह की गैरमौजूदगी पर भी बार-बार सवाल उठाए हैं. प्रदर्शनकारियों ने अपनी पीड़ा बताई राहुल गांधी की प्रेस काॅन्फ्रेंस में कुछ ऐसे प्रदर्शनकारी भी शामिल हुए जिन्होंने 20 जुलाई को पुलिस की लाठियां खाई हैं. एक लड़के ने अपनी आपबीती बताई. उसने बताया कि किस तरह पुलिसकर्मी छात्रों पर लाठियां चला रहे थे. पुलिस वाले निर्दयता से प्रहार कर रहे थे और छात्रों के सिर और पैर को निशाना बना रहे थे. एक स्त्री प्रदर्शनकारी मुस्कान शर्मा ने सवाल पूछा कि जब स्त्रीओं पर कार्रवाई के लिए स्त्री पुलिस होती हैं, तो फिर किस नियम के तहत पुरुष पुलिसकर्मियों ने उनके बदन को हाथ लगाया. उन्होंने कहा कि यह आदेश देने वाला व्यक्ति अगर माफी मांगे, तो मुझे खुशी होगी. साथ ही हमें जिस तरह से सोशल मीडिया में ट्रोल किया जा रहे है, उससे शांति मिलेगी. मुस्कान ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर मुझे मुसलमान बताकर परेशान किया जा रहा है,लेकिन मैं हिंदू हूं. रिया अहीर ने भी पूछे सवाल मुंबई में प्रदर्शन कर चर्चा में आई रिया अहीर ने भी प्रेस काॅन्फ्रेंस में सवाल पूछा. उसने कहा कि मेरे बारे में यह कहा जाता है कि मैंने मुंबई पुलिस को रोका,इसलिए वायरल हुई. जबकि सच्चाई यह है कि मैंने 30 बच्चों को गलत तरीके से हिरासत में लेने से रोका था. मीडिया इसे सुधार कर ले. उसने सवाल किया कि क्या देश में न्याय पाने का हक सिर्फ उन्हीं को है, जो संवैधानिक पद पर बैठे हैं. क्या आम आदमी को न्याय पाने का हक नहीं है. छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है, इसलिए हमने आवाज उठाई. ये भी पढ़ें : राहुल गांधी का Gen-Z अंदाज: कोरियन फिंगर हार्ट से विश किया फ्रेंडशिप डे, शहजाद पूनावाला ने यूं कसा तंज नशे के खिलाफ अभियान: बोले पीएम मोदी- सौ रविवार-100 मजबूत कदम, Gen-Z से किया सीधा संवाद ये भी पढ़ें: PM मोदी को आपत्तिजनक शब्द कहने वाली छात्रा की मां बोलीं- हम शर्मिदा हैं, माफी से बेटी को नई जिंदगी मिल गई The post राहुल गांधी ने पीएम मोदी और अमित शाह को बताया डरपोक, कहा-गुंडे भेजकर छात्रों से मंगवा रहे हैं माफी appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Cabinet: बिहार कैबिनेट की बैठक खत्म, 19 जिलों में खुलेंगे स्पेशल कोर्ट, मुंगेर-राजगीर को मिला तोहफा

Bihar Cabinet: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास से जुड़े 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, न्याय व्यवस्था को मजबूत करने, शिक्षा के विस्तार, स्पोर्ट्स सुविधाओं को बढ़ाने और लोगों को बेहतर जल सुविधा देने से जुड़े कई फैसले लिए गए हैं. 16 मेडिकल कॉलेजों के लिए PwC बनेगा सलाहकार बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए PPP मॉडल के तहत चलने वाले 16 मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के संचालन के लिए PwC (प्राइसवाटरहाउसकूपर्स) को सलाहकार नियुक्त करने की मंजूरी दी गई है. इसमें डेंटल कॉलेज और अस्पताल भी शामिल हैं. इस फैसले से मेडिकल संस्थानों की व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को आधुनिक इलाज की सुविधा मिल सकेगी. 19 जिलों में बनेंगे SC/ST मामलों के लिए विशेष कोर्ट बिहार प्रशासन ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 से जुड़े मामलों की जल्दी सुनवाई के लिए 19 जिलों में नए विशेष न्यायालय खोलने का फैसला लिया है. इन जिलों में खुलेंगे नए विशेष न्यायालय नए कोर्ट पश्चिम चंपारण, मधुबनी, भोजपुर, सिवान, अररिया, सुपौल, खगड़िया, जहानाबाद, बक्सर, जमुई, कैमूर, कटिहार, सीतामढ़ी, मुंगेर, मधेपुरा, बांका, शेखपुरा, औरंगाबाद और लखीसराय में बनाए जाएंगे. इन विशेष अदालतों को सही तरीके से चलाने के लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश अदालतों में 171 नए पदों पर भर्ती भी की जाएगी. जमालपुर और मुंगेर में पेयजल योजना के लिए 279.94 करोड़ मंजूर बिहार कैबिनेट ने जमालपुर और मुंगेर शहरों में पानी की सुविधा बेहतर करने के लिए दो जलापूर्ति योजनाओं को मंजूरी दी है. अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) के तहत जमालपुर जलापूर्ति योजना के लिए 102.22 करोड़ रुपये और मुंगेर जलापूर्ति योजना के लिए 177.72 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. इन योजनाओं के पूरा होने के बाद दोनों शहरों के लोगों को साफ और नियमित पीने का पानी मिल सकेगा. पीपराकोठी में खुलेगा नया केंद्रीय विद्यालय पूर्वी चंपारण जिले के पीपराकोठी में केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए प्रशासनी जमीन उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गई है. यह जमीन हिंदुस्तान प्रशासन के शिक्षा मंत्रालय को 30 साल की लीज पर दी जाएगी. इसमें आगे लीज बढ़ाने का विकल्प भी रहेगा. इस फैसले से पीपराकोठी और आसपास के क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें राजगीर में बनेगा स्पोर्ट्स साइंस सेंटर बिहार के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं देने के लिए राजगीर स्थित राज्य स्पोर्ट्स अकादमी परिसर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर बनाया जाएगा. इस सेंटर में खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, चोट से बचाव और इलाज की सुविधा के साथ आधुनिक डिवाइस की व्यवस्था होगी. हर घर तिरंगा अभियान 2026 को मिली मंजूरी बिहार प्रशासन ने हर घर तिरंगा अभियान 2026 के आयोजन को भी मंजूरी दे दी है. इस अभियान के जरिए लोगों में तिरंगे के प्रति सम्मान, देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा दिया जाएगा. इसे भी पढ़ें: बिहार में IMD ने जारी किया डबल अलर्ट, 6 से 8 से अगस्त तक जारी रहेगा आंधी-तूफान और भारी बारिश का दौर The post Bihar Cabinet: बिहार कैबिनेट की बैठक खत्म, 19 जिलों में खुलेंगे स्पेशल कोर्ट, मुंगेर-राजगीर को मिला तोहफा appeared first on Naya Vichar.

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15 लाख के इनामी मदन महतो समेत 3 नक्सली झारखंड में गिरफ्तार, एके-47 और हथियार बरामद

Naxal News: पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के रहने वाले भाकपा माओवादी को झारखंड में गिरफ्तार कर लिया गया है. उसका नाम मदन महतो उर्फ शंकर महतो उर्फ चरण बताया गया है. वह हिंदुस्तानीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की क्षेत्रीय समिति का सदस्य था. झारखंड पुलिस ने बताया है कि चरण समेत 3 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है. चरण पर 15 लाख रुपए का इनाम था. 15 लाख का इनामी नक्सली है मदन महतो पुलिस के मुताबिक, सरायकेला-खरसावां जिले से 15 लाख रुपए के इनामी समेत 3 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है. इनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं. पुलिस के अनुसार, मदन महतो उर्फ शंकर महतो उर्फ चरण के साथ रवि सिंह सरदार उर्फ सागर सिंह सरदार और उसकी पत्नी मीना पहाड़िया उर्फ निपु पहाड़िया उर्फ मीरा को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. रवि और उसकी पत्नी दोनों सरायकेला-खरसावां जिले के रहने वाले हैं. सरायकेला-खरसावां जिले से गिरफ्तारी के बाद पुलिस की टीम के साथ तीनों नक्सली. फोटो : नया विचार स्वयंभू उप-जोनल समिति का सदस्य है रवि रवि प्रतिबंधित संगठन के स्वयंभू उप-जोनल समिति का सदस्य है, तो उसकी पत्नी उप-जोनल कमांडर. मीना मूल रूप से पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले की रहने वाली है. झारखंड पुलिस ने बताया है कि तीनों को चांडिल अनुमंडल क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, मदन महतो पर 15 लाख रुपए, रवि सिंह सरदार पर 5 लाख रुपए और मीना पहाड़िया पर 2 लाख रुपए का इनाम घोषित था. ये भी पढ़ें: 10 लाख की इनामी स्त्री नक्सली ने कोलकाता में किया सरेंडर, झारखंड-ओडिशा सीमा पर थी सक्रिय झारखंड-बंगाल में मदन महतो पर दर्ज हैं 41 मुकदमे मदन महतो पर झारखंड के पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां तथा पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (पूर्व में हिंदुस्तानीय दंड संहिता), गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), शस्त्र अधिनियम और अन्य कानूनों के तहत 41 मुकदमे दर्ज हैं. रवि सरदार के खिलाफ दर्ज हैं 43 केस पुलिस ने बताया कि रवि सिंह सरदार के खिलाफ झारखंड और पश्चिम बंगाल में 43 आपराधिक मामले दर्ज हैं. मीना पहाड़िया झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में दर्ज 18 नक्सल संबंधी मामलों में आरोपी है. ये भी पढ़ें: अमित शाह की चेतावनी का असर, 4 राज्यों में सक्रिय खूंखार माओवादी मधाई पात्रा ने किया सरेंडर झाटी पहाड़ी मुठभेड़ में शामिल था मदन और रवि पुलिस के अनुसार, मदन महतो और रवि सिंह सरदार आकाश उर्फ असीम मंडल दस्ते के सदस्य थे. यह दस्ता 11 जुलाई 2018 को एमजीएम थाना क्षेत्र के झाटी पहाड़ी में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में शामिल था. मुठभेड़ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 193वीं बटालियन के जवान निर्मल घोष शहीद हो गये थे. The post 15 लाख के इनामी मदन महतो समेत 3 नक्सली झारखंड में गिरफ्तार, एके-47 और हथियार बरामद appeared first on Naya Vichar.

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ICC ने वनडे वर्ल्ड कप 2027 क्वालिफायर का शेड्यूल किया जारी, जानें क्वालिफिकेशन का पूरा प्रोसेस

ODI World Cup 2027 Qualifier: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने वनडे विश्व कप 2027 क्वालिफायर की तारीखें तय कर दी हैं. क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के मुताबिक, यह टूर्नामेंट 22 फरवरी से 23 मार्च 2027 तक स्पोर्ट्सा जाएगा. हालांकि, टूर्नामेंट की मेजबानी कौन-सा देश करेगा, इसका फैसला अभी नहीं हुआ है. ICC ने जुलाई में 2027 विश्व कप के लिए नया क्वालिफिकेशन सिस्टम जारी किया था. इसके तहत 10 टीमों वाले क्वालिफायर की विजेता टीम सीधे 14 टीमों के विश्व कप ग्रुप स्टेज में जगह बनाएगी. नया फॉर्मेट कैसे होगा? क्वालिफायर में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें सुपर सीरीज में पहुंचेंगी. यहां उन्हें मुख्य टूर्नामेंट के 12 टीमों वाले चरण में बची हुई एकमात्र जगह के लिए मुकाबला करना होगा. सुपर सीरीज में शीर्ष पर रहने वाली टीम ही मुख्य चरण में प्रवेश करेगी. कौन-कौन सी टीमें स्पोर्ट्सेंगी? क्वालिफायर में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी. 30 सितंबर 2026 तक की ODI रैंकिंग के आधार पर मेजबान साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को छोड़कर दो सबसे निचली रैंकिंग वाली पूर्ण सदस्य (Full Member) टीमें. क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 की शीर्ष चार टीमें. वर्ल्ड कप क्वालिफायर प्लेऑफ की शीर्ष चार टीमें. ये भी पढ़ें: ICC के नए फॉर्मेट से 2027 वर्ल्ड कप में 3 बार हो सकती है हिंदुस्तान-पाकिस्तान की भिड़ंत, जानें पूरा गणित प्लेऑफ का समीकरण आठ टीमों वाले क्वालिफायर प्लेऑफ में लीग-2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की शीर्ष चार टीमें स्पोर्ट्सेंगी. प्लेऑफ की शीर्ष चार टीमें मुख्य क्वालिफायर के लिए क्वालिफाई करेंगी. वेस्टइंडीज पर फिर खतरा वेस्टइंडीज फिलहाल ODI रैंकिंग में 10वें स्थान पर है और उसके पास कट-ऑफ (30 सितंबर 2026) से पहले हिंदुस्तान के खिलाफ सिर्फ दो वनडे मैच बचे हैं. उसकी किस्मत अफगानिस्तान और आयरलैंड के बीच होने वाली पांच मैचों की सीरीज पर भी निर्भर करेगी. आयरलैंड के भरोसे वेस्टइंडीज अगर आयरलैंड 4-1 या 5-0 से सीरीज जीतता है और वेस्टइंडीज हिंदुस्तान को दोनों मैचों में हरा देता है, तो उसके टॉप-8 में पहुंचने की संभावना बन सकती है. लेकिन यदि अफगानिस्तान सीरीज जीत जाता है, तो वेस्टइंडीज को लगभग तय तौर पर क्वालिफायर स्पोर्ट्सना पड़ेगा. गौरतलब है कि वेस्टइंडीज 2023 वनडे विश्व कप के लिए भी क्वालिफाई नहीं कर पाया था. हरारे में स्पोर्ट्से गए क्वालिफायर में नीदरलैंड्स के खिलाफ सुपर ओवर में मिली हार ने उसकी विश्व कप की उम्मीदें खत्म कर दी थी. 4 अक्टूबर से स्पोर्ट्सा जाएगा वर्ल्ड कप आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया के 12 शहरों में स्पोर्ट्सा जाएगा. यह टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 11 नवंबर 2027 के बीच स्पोर्ट्सा जाएगा. ये भी पढ़ें: ‘विराट-रोहित को बाहर रखने की कोई वजह नहीं’, ‘एशियन ब्रैडमैन’ बोले- स्पोर्ट्स सकते हैं 2027 वनडे वर्ल्ड कप The post ICC ने वनडे वर्ल्ड कप 2027 क्वालिफायर का शेड्यूल किया जारी, जानें क्वालिफिकेशन का पूरा प्रोसेस appeared first on Naya Vichar.

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मेटा की बढ़ीं मुश्किलें: डीपफेक और CSAM मुद्दे पर मार्क जुकरबर्ग ने गलती स्वीकारी, मांगी माफी

मेटा ने माना कि बहुत सारा गैर-कानूनी कंटेंट प्रमोट किया गया था. खास ऑडियंस के लिए पेड प्रमोशन किया गया था. मेटा की ग्लोबल टीम ने आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के बाद केंद्र प्रशासन ने मेटा (Facebook की पैरेंट कंपनी) को समन भेजा था. इसी सिलसिले में मेटा की ग्लोबल टीम ने आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की. मुलाकात के बाद सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने बच्चों के शोषण वाले कंटेंट, डीपफेक और प्लेटफॉर्म चलाने में हुई गलतियों के लिए माफी मांगी है. प्रशासनी ने कहा कि मेटा टीम को यह साफ कर दिया गया कि वे ‘इंटरमीडियरी’ (मध्यस्थ) की परिभाषा के दायरे में नहीं आते हैं. बाल यौन सामग्री मुद्दे पर प्रशासन ने मेटा को जारी किया था नोटिस इंस्टाग्राम पर सशुल्क विज्ञापनों में बाल यौन दुर्व्यवहार सामग्री (CSAM) के मुद्दे को लेकर भी प्रशासन मेटा को नोटिस जारी कर चुकी है. खत्म हो सकती है सेफ हार्बर की सुविधा आईटी अधिनियम के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को मिलने वाली ‘सेफ हार्बर’ (कानूनी सुरक्षा) की सुविधा खत्म हो सकती है, क्योंकि प्लेटफॉर्म खुद यह तय करते हैं कि कौन सी सामग्री किसे दिखाई जाएगी. पीएम मोदी के वीडियो को फेसबुक से हटाए जाने के मामले में भी जुकरबर्ग से माफी मांगने की मांग की गई है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो को फेसबुक से हटाए जाने के मामले में भी मार्क जुकरबर्ग से बिना शर्त माफी की मांग की गई है. संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने चेतावनी दी कि हिंदुस्तान में प्लेटफॉर्म की कानूनी छूट समाप्त हो सकती है. लगभग पांच से छह घंटे के लिए फेसबुक से हटा दिया गया था पीएम मोदी का वीडियो इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को लिखे एक कड़े पत्र में समिति ने इस बात पर गंभीर चिंता व्यक्त की कि परीक्षा विवादों और पेपर लीक के संबंध में छात्रों और जेनरेशन जेड को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री का वीडियो लगभग पांच से छह घंटे के लिए फेसबुक से हटा दिया गया था. संसदीय समिति ने जुकरबर्ग को माफी के लिए 3 दिन का दिया समय संसद की एक स्थायी समिति ने मार्क जुकरबर्ग को माफी मांगने के लिए तीन दिन का समय दिया है. ऐसा नहीं होने पर उन्हें प्राप्त छूट वापस लेने की चेतावनी दी. छूट वापस लिए जाने का अर्थ यह होगा कि मेटा के मंचों पर आपत्तिजनक सामग्री डाले जाने पर प्राथमिकी दर्ज हो सकती है और अभियोजन शुरू हो सकता है. The post मेटा की बढ़ीं मुश्किलें: डीपफेक और CSAM मुद्दे पर मार्क जुकरबर्ग ने गलती स्वीकारी, मांगी माफी appeared first on Naya Vichar.

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सुप्रीम कोर्ट में अब होंगे 38 जज: संसद से न्यायाधीश संख्या संशोधन विधेयक 2026 को मिली मंजूरी

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस विधेयक को चर्चा और विचार के लिए राज्यसभा में पेश किया. इस दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर नारेबाजी कर रहे थे. उपसभापति हरिवंश के आग्रह के बावजूद हंगामा जारी रहा, जिसके बीच चर्चा शुरू कराई गई. विपक्ष ने सदन से किया वॉकआउट विपक्ष के कई दलों ने शुरुआत में सदन से वॉकआउट (बहिर्गमन) किया, हालांकि बाद में तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, आप, राजद, माकपा और झामुमो के सदस्य चर्चा में शामिल होने के लिए वापस लौट आए. न्यायिक सुधार और मामलों के तेजी से निपटारे पर जोर चर्चा का जवाब देते हुए कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि यह विधेयक न्यायिक क्षेत्र में सुधार की एक महत्वपूर्ण कड़ी है. जजों की संख्या बढ़ने से सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी. उन्होंने बताया कि 1950 में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना के समय जजों की कुल संख्या (CJI समेत) मात्र आठ थी, जो इस संशोधन के बाद अब 38 हो जाएगी. मई में आया था अध्यादेश, 2019 में हुई थी आखिरी वृद्धि कानून मंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसी साल मई में जजों की संख्या बढ़ाने वाले विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी थी, जिसके बाद प्रशासन अध्यादेश लेकर आई थी. इस अध्यादेश के आधार पर ही सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति भी की जा चुकी है. इसके बाद 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन इसे संसद में पेश किया गया था. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 2019 में बढ़ाई गई थी, जब CJI को छोड़कर जजों की स्वीकृत संख्या 30 से बढ़ाकर 33 (कुल 34) की गई थी. ये भी पढ़ें: छात्रों के प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, कहा- हिंसा का जवाब हिंसा नहीं हो सकता ; प्रशासन को धैर्य से काम लेना चाहिए ये भी पढ़ें: जजों की रिटायरमेंट उम्र पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को 14 दिनों का दिया अल्टीमेटम The post सुप्रीम कोर्ट में अब होंगे 38 जज: संसद से न्यायाधीश संख्या संशोधन विधेयक 2026 को मिली मंजूरी appeared first on Naya Vichar.

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