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दूसरों के घरों में बर्तन धोने वाली कलिता माझी बनीं शुभेंदु कैबिनेट में मंत्री, ऐसा है झोपड़ी से लोक भवन तक का सफर

खास बातें 37 साल की कलिता ने 10 वर्ष तक किया संघर्ष प्लंबर की पत्नी चलायेंगी प्रशासन 2021 की हार से सीखा सबक, 2026 में रचा इतिहास नेताओं से ज्यादा मालकिनों का मिला साथ Kalita Majhi Minister West Bengal: प्रधानमंत्री मोदी को जीत का तोहफा केंद्रीय योजनाओं को जमीन पर उतारने का भी संकल्प 5 साल बाद भी मैं वही कलिता रहूंगी, जो आज हूं Kalita Majhi Minister West Bengal: पश्चिम बंगाल ने सोमवार को एक ऐसा इतिहास लिखा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए लोकतंत्र की ताकत की सबसे बड़ी मिसाल बनेगा. कभी दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा और बर्तन मांजकर हर महीने महज 2,500 से 4,000 रुपए महीना कमाने वाली कलिता माझी ने कोलकाता के लोक भवन में सूबे के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली. 37 साल की कलिता ने 10 वर्ष तक किया संघर्ष पूर्व बर्धमान जिले के आउसग्राम विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार को पटखनी देकर विधानसभा पहुंचने वाली 37 वर्षीय कलिता माझी का यह सफर किसी फिल्मी कहानी जैसा जरूर लगता है, लेकिन इसके पीछे उनकी एक दशक की जमीनी तपस्या और संघर्ष छिपा है. प्लंबर की पत्नी चलायेंगी प्रशासन कलिता माझी का परिवार बेहद साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आता है. कलिता पूर्व बर्धमान के गुसकरा नगरपालिका के वार्ड संख्या 3 के माझपुकुर पाड़ा इलाके में रहती हैं. उनके पति सुब्रत माझी प्लंबर हैं. उनका एक बेटा है, जिसने हाल ही में 12वीं की परीक्षा दी है. परिवार का पेट पालने के लिए कलिता खुद दूसरों के घरों में घरेलू सहायिका (हाउस हेल्प) के रूप में काम करती थीं. वह 10 वर्षों से अधिक समय से सक्रिय नेतृत्व में हैं और काम के साथ-साथ पार्टी के झंडे-बैनर उठाने में कभी पीछे नहीं रहीं. इसे भी पढ़ें : शुभेंदु कैबिनेट का विस्तार, 35 नये मंत्रियों को राज्यपाल ने दिलायी शपथ 2021 की हार से सीखा सबक, 2026 में रचा इतिहास भाजपा ने कलिता की ईमानदारी और जमीनी पकड़ को देखते हुए उन पर लगातार दूसरी बार दांव स्पोर्ट्सा था. पहली बार पार्टी ने कलिता को वर्ष 2021 के चुनाव में आउसग्राम सीट से मैदान में उतारा था. उस समय वे करीब 88,000 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रही थीं. हार के बावजूद कलिता ने मैदान नहीं छोड़ा. भाजपा ने फिर उन पर भरोसा जताया. इस बार कलिता ने 1,07,692 वोट हासिल किये और टीएमसी के श्यामा प्रसन्न लोहार को 12,535 वोटों से हरा दिया. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें नेताओं से ज्यादा मालकिनों का मिला साथ कलिता माझी ने भावुक होते हुए बताया कि जब टिकट मिला, तो उन्होंने चुनाव प्रचार के लिए एक महीने की छुट्टी ली थी. जिन घरों में वे काम करती थीं, उन परिवारों ने न केवल उन्हें आर्थिक और मानसिक संबल दिया, बल्कि कलिता की जीत के लिए दुआएं भी मांगीं. Kalita Majhi Minister West Bengal: प्रधानमंत्री मोदी को जीत का तोहफा शपथ लेने के तुरंत बाद मीडिया से बातचीत में कलिता माझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का आभार व्यक्त किया. उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं भी बतायीं. कहा कि मंत्री बनने के बाद भी उनके पैर जमीन पर ही रहेंगे. उनकी पहली प्राथमिकता अपने गांव में सर्वसुविधायुक्त अस्पताल बनवाना है. वे अपने क्षेत्र में पीने का साफ पानी, पक्की सड़कें, युवाओं के लिए रोजगार और स्त्रीओं की सुरक्षा के लिए काम करेंगी. इसे भी पढ़ें : विधायक बनीं दूसरे के घर झाड़ू-पोछा-बर्तन करने वाली कलिता माझी, BJP ने बंगाल में किया गजब परिवर्तन    केंद्रीय योजनाओं को जमीन पर उतारने का भी संकल्प कलिता माझी ने संकल्प लिया कि वे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर गरीब परिवार को पक्की छत और शौचालय दिलवाकर रहेंगी, जिसे पूर्ववर्ती प्रशासन ने रोक रखा था. 5 साल बाद भी मैं वही कलिता रहूंगी, जो आज हूं जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या लाल बत्ती की गाड़ी और मंत्री पद मिलने के बाद वे बदल जायेंगीं? कलिता ने बेहद सादगी से जवाब दिया- मैं नहीं बदलूंगी. मुझे पता है कि गरीबी क्या होती है और जिंदगी की मजबूरियां क्या होती हैं. मैं गरीबों की नब्ज पहचानती हूं, क्योंकि मैं खुद उन्हीं में से एक हूं. आखिरी सांस तक उन्हीं के बीच रहूंगी. अब मेरी जिम्मेदारी सिर्फ आउसग्राम नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल के प्रति है. इसे भी पढ़ें पूर्व बर्धमान की आउसग्राम, कालना और भाटार सीटों पर मुश्किल में बीजेपी उम्मीदवार, अपने ही कर रहे विरोध The post दूसरों के घरों में बर्तन धोने वाली कलिता माझी बनीं शुभेंदु कैबिनेट में मंत्री, ऐसा है झोपड़ी से लोक भवन तक का सफर appeared first on Naya Vichar.

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OTT Releases This Week: इस हफ्ते एंटरटेनमेंट की होगी बारिश, रिलीज हो रही हैं एक से बढ़कर एक धांसू फिल्में-सीरीज

इस वीक ओटीटी पर एक से बढ़कर एक फिल्में और वेब सीरीज रिलीज हो रही है, जो दर्शकों को खूब एंटरटेन करेगी. इसमें कोर्टरूम की गहमागहमी, फैमिली एंटरटेनर, मर्डर मिस्ट्री, क्राइम थ्रिलर शामिल है. आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ भी दस्तक देने के लिए तैयार है. आइये जानते हैं इसे कब देख सकते हैं. ऑफिस रोमांस (Office Romance) कहां देखें: नेटफ्लिक्स जेनिफर लोपेज और ब्रेट गोल्डस्टीन स्टारर रोमांटिक कॉमेडी में एक सीईओ अपने नए कॉर्पोरेट वकील डैनियल ब्लैंचफ्लावर के प्यार में पड़ जाती हैं. यह नेटफ्लिक्स पर 5 जून से स्ट्रीम होगी. View this post on Instagram A post shared by Netflix Film (@netflixfilm) मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी (Made in India: A Titan Story) कहां देखें: एमएक्स प्लेयर जिम सर्भ इस ड्रामा सीरीज में जेरक्स देसाई की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि नसीरुद्दीन शाह बिजनेसमैन जेआरडी टाटा का किरदार निभा रहे हैं. यह सीरीज बताती है कि हिंदुस्तान के सबसे लोकप्रिय घरेलू ब्रांडों में से एक टाइटन की स्थापना कैसे हुई. इसे 3 जून से एमएक्स प्लेयर पर देखा जा सकता है. View this post on Instagram A post shared by Amazon MX Player (@mxplayer) धुरंधर: द रिवेंज (Dhurandhar: The Revenge) कहां देखें: जियोहॉटस्टार धुरंधर: द रिवेंज में, अंडरकवर रॉ एजेंट जसकिरत सिंह रंगी (रणवीर सिंह) कराची के अंडरवर्ल्ड में एंट्री करने के लिए हमजा अली मजारी का नाम अपनाता है. 1999 में हुए आईसी-814 विमान अपहरण की घटना, जिसने खुफिया एजेंट अजय सान्याल (आर. माधवन) को सिस्टम हैक की निगरानी करने के लिए मजबूर किया, इस मिशन की मूल कहानी है. फिल्म में अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, सारा अर्जुन और राकेश बेदी भी अहम भूमिकाओं में हैं. इसे 5 जून से देखा जा सकता है. View this post on Instagram A post shared by JioHotstar (@jiohotstar) गुल्लक सीजन 5 (Gullak Season 5) कहां देखें: सोनीलिव गुल्लक सीजन 5, मध्यमवर्गीय मिश्रा परिवार (संतोष, शांति, अन्नू और अमन) की कहानी को दिखाती है, जिसमें वे नई जिम्मेदारियों, आधुनिक मांगों और घर में किए गए सुधारों का सामना करते हैं. गुल्लक की अनूठी कहानी कहने की शैली, जो परिवार के बचत खाते की आवाज में कहानी सुनाती है. इसमें भाई-बहनों के बंधन, पड़ोस की गपशप से लेकर पारिवारिक झगड़े और आर्थिक कठिनाइयों को बखूबी दिखाया गया है. यह भी 5 जून से स्ट्रीम होगी View this post on Instagram A post shared by Sony LIV (@sonylivindia) मां बहन (Maa Behen) कहां देखें: नेटफ्लिक्स क्राइम-कॉमेडी एक मध्यमवर्गीय हिंदुस्तानीय परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें दो झगड़ालू बेटियां, जया (तृप्ति दिम्परी) और सुषमा (धर्ना दुर्गा), और एक अकेली मां, रेखा (माधुरी दीक्षित) हैं. जब उन्हें अपनी रसोई में एक लाश मिलती है, तो उनके परिवार का पहले से ही अस्त-व्यस्त माहौल पूरी तरह से पागलपन में बदल जाता है. यह 4 जून को आएगी. Not Suitable For Work कहां देखें: जियोहॉटस्टार मिंडी कालिंग की ओर से निर्मित यह कॉमेडी सीरीज न्यूयॉर्क शहर में प्यार और खुशी की तलाश में निकले युवा दोस्तों के एक समूह के इर्द-गिर्द घूमती है, जो शुरुआती और करियर की शुरुआत में नौकरियों के दबावों का सामना करते हैं. यह 2 जून को आएगी. View this post on Instagram A post shared by Not Suitable for Work (@notsuitableforwork) यह भी पढ़ें- Drishyam 3 Box Office: 11वें दिन भी मोहनलाल की ‘दृश्यम 3’ का जलवा बरकरार, हिंदुस्तान में 100 करोड़ क्लब के करीब फिल्म The post OTT Releases This Week: इस हफ्ते एंटरटेनमेंट की होगी बारिश, रिलीज हो रही हैं एक से बढ़कर एक धांसू फिल्में-सीरीज appeared first on Naya Vichar.

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शुभेंदु अधिकारी के खुलासे से मची खलबली, ममता बनर्जी ने 2 TMC विधायक को पार्टी से निकाला

खास बातें ममता की बैठक का बहिष्कार और फिर सीधे गेट आउट दोनों विधायकों ने लगातार बना रखी थी बैठकों से दूरी शुभेंदु अधिकारी के बयान ने खोल दी पोल विभीषण बने टीएमसी विधायक विधायकों को नोटिस से पहले कार्रवाई सीआईडी जांच के घेरे में टीएमसी ममता बनर्जी की पार्टी में आंतरिक बगावत का डर बंगाल में नये समीकरण की आहट TMC Expels Sandipan Saha and Ritabrata Banerjee: ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अपने 2 विधायकों संदीपन साहा (इंटाली) और रीतब्रत बनर्जी को पार्टी से निकाल दिया है. दोनों को कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप में प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है. टीएमसी का यह एक्शन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के 5 मिनट बाद सामने आया. इसके साथ ही साफ हो गया कि बंगाल विधानसभा में ‘फर्जी हस्ताक्षर का स्पोर्ट्स’ अब टीएमसी के गले की फांस बन चुका है. ममता की बैठक का बहिष्कार और फिर सीधे गेट आउट शनिवार को अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हुए हमले के बाद रविवार को ममता बनर्जी के आवास पर बुलायी गयी विधायक दल की अहम बैठक में 80 में से केवल 20 विधायक पहुंचे थे. नया विचार ने पहले ही अपनी रिपोर्ट में बताया था कि इंटाली के विधायक संदीपन साहा का फोन स्विच ऑफ था. सोमवार को पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की है. दोनों विधायकों ने लगातार बना रखी थी बैठकों से दूरी पार्टी उपाध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य के हस्ताक्षर से जारी निष्कासन पत्र में साफ लिखा है कि तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने के बावजूद दोनों विधायक अधिकृत नेतृत्व द्वारा बुलायी गयी बैठकों से बार-बार गायब रहे. पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोनों विधायकों के बयान और उनकी गतिविधियां तृणमूल कांग्रेस के हितों को नुकसान पहुंचा रहीं थीं, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी ने बुलायी थी बैठक, 80 में सिर्फ 20 विधायक पहुंचे, कुणाल घोष ने दी सफाई शुभेंदु अधिकारी के बयान ने खोल दी पोल इस निष्कासन के पीछे की असली इनसाइड स्टोरी राज्य सचिवालय (नबान्न) से जुड़ी है. निष्कासन आदेश जारी होने से ठीक कुछ मिनट पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया के सामने एक ऐसा दावा किया, जिसने टीएमसी खेमे में हड़कंप मचा दिया. विभीषण बने टीएमसी विधायक मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खुलासा किया कि विधानसभा सचिवालय को सौंपे गये जिस पत्र में शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाने के लिए विधायकों के ‘जाली हस्ताक्षर’ का इस्तेमाल हुआ था, उसकी शिकायत किसी बाहरी ने नहीं, खुद टीएमसी के विधायकों संदीपन साहा और रीतब्रत बनर्जी ने दर्ज करायी थी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें विधायकों को नोटिस से पहले कार्रवाई इस खुलासे ने साबित कर दिया कि दोनों विधायक टीएमसी के भीतर रहकर अंदरूनी जानकारी प्रशासन और जांच एजेंसियों तक पहुंचा रहे थे. जैसे ही टीएमसी नेतृत्व को भनक लगी कि इन दोनों ने ही अपनी ही पार्टी के खिलाफ सीआईडी (CID) को बारूद दिया है, उन्हें तुरंत बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. सीआईडी जांच के घेरे में टीएमसी यह पूरा विवाद शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता घोषित करने वाले पत्र से शुरू हुआ था. आरोप है कि टीएमसी ने संख्या बल दिखाने के लिए कई विधायकों के फर्जी दस्तखत उस पत्र पर कर दिये थे. राज्य की अपराध जांच विभाग (CID) इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और इसी सिलसिले में अभिषेक बनर्जी को भी नोटिस जारी किया गया था, लेकिन वे स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पूछताछ के लिए भवानी भवन नहीं गये. इसे भी पढ़ें : अभिषेक बनर्जी पर हमला मामला : लपेटे में लॉकेट चटर्जी, भाकपा ने शुभेंदु प्रशासन को घेरा, कहा- लोकतंत्र में हिंसा की जगह नहीं ममता बनर्जी की पार्टी में आंतरिक बगावत का डर विश्लेषकों का मानना है कि संदीपन और रीतब्रत का निष्कासन केवल 2 विधायकों की विदाई नहीं है, बल्कि यह बाकी बचे विधायकों के लिए ममता बनर्जी का कड़ा संदेश है. संदेश यह है कि यदि किसी ने भी प्रशासन या भाजपा से हाथ मिलाने की कोशिश की, तो उसका अंजाम यही होगा. TMC Expels Sandipan Saha and Ritabrata Banerjee: बंगाल में नये समीकरण की आहट इन 2 विधायकों के निष्कासन के बाद अब विधानसभा के भीतर आंकड़ों का स्पोर्ट्स भी दिलचस्प होने वाला है. निष्कासित विधायक अब खुलकर शुभेंदु प्रशासन के समर्थन में आ सकते हैं. तृणमूल कांग्रेस के भीतर सुलग रही यह चिंगारी आने वाले दिनों में किसी बड़े नेतृत्वक विस्फोट में बदलेगी या ममता बनर्जी इस आंतरिक डैमेज को कंट्रोल कर पायेंगी, यह देखने वाली बात होगी. इसे भी पढ़ें अभिषेक बनर्जी पर हमले के विरोध में आसनसोल में टीएमसी का हल्लाबोल, कहा- दोषी नहीं पकड़े गये तो जल उठेगा बंगाल अभिषेक के बाद कल्याण बनर्जी पर हमला, टीएमसी सांसद बोले- भाजपा ने किया अटैक, हुगली में हाई अलर्ट अभिषेक बनर्जी पर हमले से दिल्ली तक हड़कंप, खरगे बोले- यह बड़ी साजिश, अखिलेश ने भाजपा को घेरा मेरा मर्डर करना चाहते थे, सोनारपुर में हमले के बाद बोले अभिषेक बनर्जी, हेलमेट पहनकर जान बचाकर भागे The post शुभेंदु अधिकारी के खुलासे से मची खलबली, ममता बनर्जी ने 2 TMC विधायक को पार्टी से निकाला appeared first on Naya Vichar.

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सूर्या हत्याकांड में बोले सीएम योगी, दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी कतई बर्दाश्त नहीं

Ghaziabad Surya Murder Case: बिजनौर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CM योगी आदित्यनाथ ने कहा, गाजियाबाद में दोस्ती की आड़ में चाकू मारने की एक घटना हुई. यह बिल्कुल भी मंजूर नहीं है, और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अगर कोई अपनी नालाक औलादों को समझा नहीं पा रहा है, तो समझो गलती कर रहा है. हमारी संवेदना सामान्य नागरिकों के प्रति है. देश उम्मीद करता है कि सहानुभूति की भावना दिखाई जाए : योगी योगी आदित्यनाथ ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, पिछले 12 सालों में, समाज के हर तबके को बिना किसी भेदभाव के प्रशासनी योजनाओं का लाभ मिला है. हालांकि, देश यह भी उम्मीद करता है कि सहानुभूति की भावना दिखाई जाए, लेकिन वहां ठीक उसी सहानुभूति की साफ तौर पर कमी नजर आती है. गाजियाबाद में सूर्या चौहान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई गाजियाबाद खोड़ा की नवनीत विहार कॉलोनी के निवासी सूर्या चौहान पर 28 मई को एक विवाद के दौरान चाकू से हमला किया गया था. उसे पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में नोएडा के एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई. #WATCH | Bijnor | UP CM Yogi Adityanath says, “A stabbing incident was committed under the guise of friendship in Ghaziabad. This is unacceptable, and it will absolutely not be tolerated…Our sympathies lie with the ordinary citizens. Under the leadership of Prime Minister Modi,… pic.twitter.com/gXDdNYSzCa — ANI (@ANI) June 1, 2026 पुलिस मुठभेड़ में मारा गया आरोपी असद 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या की हत्या का मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) धवल जायसवाल ने बताया- 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान की हत्या के मुख्य आरोपी असद की रविवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई. उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था. जायसवाल ने बताया कि असद खोड़ा क्षेत्र में पुलिस के साथ मुठभेड़ में घायल हो गया जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. सूर्या हत्या मामले में तीन आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज पीड़ित के परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। घटना के तुरंत बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि मुख्य आरोपी के रूप में नामजद असद फरार था. मोटरसाइकिल चलाने को लेकर विवाद हुआ, फिर सूर्या की हत्या कर दी गई पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी और चौहान दोस्त थे तथा मोटरसाइकिल चलाने को लेकर विवाद बढ़कर बहस में बदल गया जिसके बाद चौहान पर चाकू से हमला किया गया. हालांकि, चौहान के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे फोन कॉल कर एक स्थान पर मिलने के लिए बहाने बुलाया गया था जहां कई हमलावरों ने उस पर चाकुओं से हमला किया. ये भी पढ़ें: ट्विशा शर्मा की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी सीबीआई, डमी शव से किया क्राइम सीन रीक्रिएट The post सूर्या हत्याकांड में बोले सीएम योगी, दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी कतई बर्दाश्त नहीं appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में लक्ष्मीर भंडार घोटाले की होगी SIT जांच, 30 लाख फर्जी खाते खंगालेंगे अधिकारी

खास बातें फर्जी दस्तावेजों के सहारे पुरुषों ने लिये पैसे घोटाले के तरीके का मुख्यमंत्री ने किया खुलासा मनी लाउंडरिंग की जांच 12 पन्नों के फॉर्म का रहस्य और महा-धमाका जमीनी स्तर पर खत्म करेंगे भ्रष्टाचार टीएमसी खेमे में भारी बेचैनी Laxmi Bhandar Scam SIT Probe: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस की पूर्ववर्ती प्रशासन की सबसे महत्वाकांक्षी नकद अंतरण योजना ‘लक्ष्मीर भंडार’ में व्यापक धांधली की जांच के लिए एसआईटी बनाने का आदेश देकर प्रदेश की नेतृत्व में खलबली मचा दी है. राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ममता बनर्जी प्रशासन की इस योजना में करीब 30 लाख खाते पूरी तरह फर्जी पाये गये हैं. फर्जी दस्तावेजों के सहारे पुरुषों ने लिये पैसे सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि स्त्रीओं के लिए बनी इस वित्तीय सहायता योजना का लाभ फर्जी दस्तावेजों के सहारे पुरुषों ने उठाया. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) इस महा-घोटाले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन करने जा रहे हैं. घोटाले के तरीके का मुख्यमंत्री ने किया खुलासा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घोटाले के मॉडस ऑपरेंडी (काम करने के तरीके) का खुलासा करते हुए सबको चौंका दिया. प्रशासनी फाइलों में हेर-फेर करके पुरुषों को स्त्री लाभार्थी के रूप में दर्ज किया गया और उनके खातों में हर महीने प्रशासनी पैसा ट्रांसफर होता रहा. मुख्यमंत्री ने बताया कि झूठे दावों और जालसाजी के जरिये योजना का लाभ उठाने के आरोप में कुछ पुरुषों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसे भी पढ़ें : बंगाल की स्त्रीओं के खाते में इस दिन से आयेंगे 3000 रुपए, शुभेंदु अधिकारी प्रशासन ने की बड़ी घोषणा मनी लाउंडरिंग की जांच मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि इस पूरे स्पोर्ट्स में करोड़ों रुपए का अवैध नकद अंतरण (Illegal Cash Transfer) शामिल है, इसलिए प्रशासन इस मामले में धन शोधन यानी मनी लाउंडरिंग के एंगल से भी जांच आगे बढ़ायेगी. 12 पन्नों के फॉर्म का रहस्य और महा-धमाका भाजपा प्रशासन द्वारा शुरू की जा रही ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ पर विपक्ष लगातार हमलावर था. मुख्यमंत्री ने इसका करारा जवाब दिया है. सत्यापन क्यों है जरूरी?: टीएमसी के नेता भाजपा प्रशासन की नयी योजना के 12 पृष्ठों के लंबे सत्यापन प्रपत्र (Verification Form) पर सवाल उठा रहे थे. शुभेंदु अधिकारी ने साफ किया कि ‘लक्ष्मीर भंडार’ जैसी 30 लाख फर्जीवाड़े की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ही इतना कड़ा स्क्रूटनी सिस्टम बनाया गया है, ताकि टैक्सपेयर्स का पैसा सही हाथों में जाये. 3,000 रुपए प्रति माह की सौगात : ‘लक्ष्मीर भंडार’ की जगह लेने जा रही ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ के तहत स्त्रीओं को मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 3,000 रुपए प्रति माह कर दिया गया है. बुधवार को पहली किस्त : विरोधियों को करारा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि आगामी बुधवार को राज्य की लाखों पात्र स्त्री लाभार्थियों के खातों में ‘अन्नपूर्णा भंडार’ की पहली किस्त सीधे ट्रांसफर कर दी जायेगी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें जमीनी स्तर पर खत्म करेंगे भ्रष्टाचार शुभेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती प्रशासन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने वोट बैंक की नेतृत्व के लिए प्रशासनी खजाने को दोनों हाथों से लुटाया. बिचौलियों को फायदा पहुंचाया. उन्होंने कहा- हम इन अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को जमीनी स्तर पर पूरी तरह खत्म करके दम लेंगे. हर एक फर्जी खाते की जांच होगी और जिस भी अधिकारी या नेता ने इस पर दस्तखत किये हैं, वह जेल जायेगा. Laxmi Bhandar Scam SIT Probe: टीएमसी खेमे में भारी बेचैनी इस घोषणा के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर हड़कंप मचा हुआ है. ‘लक्ष्मीर भंडार’ ममता बनर्जी का सबसे सफल चुनावी कार्ड माना जाता था, जिसने कई चुनावों में टीएमसी की नैया पार लगायी थी. अब उसी योजना में 30 लाख फर्जी खातों और पुरुषों द्वारा लाभ लिये जाने के खुलासे ने टीएमसी के ‘स्त्री सशक्तीकरण’ के दावों को बैकफुट पर ला दिया है. एसआईटी की जांच शुरू होते ही कई स्थानीय प्रमोटरों और प्रशासनिक अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है. इसे भी पढ़ें अन्नपूर्णा भंडार योजना : 11 पन्ने के फॉर्म से पूरी कुंडली खंगालेगी शुभेंदु प्रशासन, आवेदन के लिए देने होंगे 30 सवालों के जवाब आ गया ‘अन्नपूर्णा भंडार’ का नया फॉर्म, शुभेंदु बोले- ममता ने 30 लाख विदेशी और फर्जी स्त्रीओं पर लुटाये ‘लक्ष्मी भंडार’ के पैसे स्त्रीओं के लिए खुशसमाचारी! ममता बनर्जी की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना बंद नहीं करेगी शुभेंदु प्रशासन, जानें क्या है आगे का प्लान बंगाल की स्त्रीओं की हो गयी बल्ले-बल्ले, अन्नपूर्णा भंडार से मिलेंगे 3000 रुपए, 1 जून से प्रशासनी बसों में यात्रा भी फ्री The post बंगाल में लक्ष्मीर भंडार घोटाले की होगी SIT जांच, 30 लाख फर्जी खाते खंगालेंगे अधिकारी appeared first on Naya Vichar.

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ट्विशा शर्मा की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी सीबीआई, डमी शव से किया क्राइम सीन रीक्रिएट

Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सोमवार को पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के आवास पहुंची. सीबीआई ने घटनास्थल पर जाकर संदिग्ध मौत मामले का पूरा सीन रीक्रिएट किया, और मामले से जुड़े अहम साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया. सीबीआई अधिकारियों ने जांच प्रक्रिया के दौरान आरोपी गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की मौजूदगी में डमी शव का उपयोग कर घटनाक्रम को दोहराया. एजेंसी ऐसा करने के पीछे की वजह घटना से जुड़ी परिस्थितियों को समझना और मौजूद साक्ष्यों की पुष्टि करना है. #WATCH भोपाल: ट्विशा शर्मा मौत मामला | CBI टीम ने ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह के साथ मिलकर भोपाल स्थित उनके आवास पर क्राइम सीन को रीक्रिएट किया। pic.twitter.com/nJtmLWIpXM — ANI_HindiNews (@AHindinews) June 1, 2026 2 जून तक सीबीआई हिरासत में हैं गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह मामले में भोपाल जिला अदालत ने पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 2 जून तक पांच दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा है. विशेष न्यायाधीश शोभना भालावे ने सीबीआई को दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ के लिए पांच दिनों की हिरासत दी है. जांच एजेंसी इस दौरान मामले से जुड़े तथ्यों, घटनाक्रम और आरोपों की गहन पड़ताल कर रही है. दिसंबर 2025 में हुई थी शादी ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह के साथ हुई थी. विवाह के कुछ महीनों बाद ही 12 मई को उनकी मृत्यु हो गई. इसके बाद उनके परिवार ने पति समर्थ सिंह, सास गिरिबाला सिंह और अन्य ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज उत्पीड़न और मानसिक यातना के गंभीर आरोप लगाए. मामले में हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 तथा दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के तहत विभिन्न धाराओं में जांच की जा रही है. द्विशा के परिजन लगा रहे हैं दहेज हत्या का आरोप ट्विशा शर्मा की 12 मई को भोपाल में मौत हो गई थी. उनका शव फंदे पर लटका मिला था. ट्विशा के परिवार का आरोप है कि शादी के बाद उन्हें पति और ससुराल पक्ष की ओर से लगातार मानसिक प्रताड़ना झेलना पड़ा. दहेज के लिए उत्पीड़न के कारण उनकी मौत हुई. इस बीच, रविवार को नोएडा में ट्विशा शर्मा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर मौन विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया. बड़ी संख्या में लोग इस प्रदर्शन में शामिल हुए और पीड़ित परिवार के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया. ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने कहा- सच्चाई सामने आएगी ट्विशा शर्मा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने मामले में न्याय मिलने का भरोसा जताया है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह मामला अब केवल उनकी बहन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि समाज में दहेज उत्पीड़न के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई बन चुका है. उन्होंने कहा- यह मामला अब सिर्फ ट्विशा का नहीं है. हम यहां अपनी एकजुटता व्यक्त करने के लिए एकत्र हुए हैं. बड़ी संख्या में लोग हमारा समर्थन करने पहुंचे हैं. हमें पूरा विश्वास है कि सच्चाई सामने आएगी और न्याय मिलेगा. ऋषिकेश में गंगा में विसर्जित की गई अस्थियां 29 मई को ट्विशा शर्मा की अस्थियों का विसर्जन उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा नदी में किया गया. इस दौरान परिवार के सदस्य मौजूद रहे. ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने बताया कि उनकी बेटी का ऋषिकेश और गंगा नदी से विशेष लगाव था. इसी कारण परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा और भावनात्मक जुड़ाव को ध्यान में रखते हुए वहीं अस्थि विसर्जन करने का निर्णय लिया. सीबीआई कर रही है विस्तार से जांच ट्वीशा शर्मा की मौत मामले की जांच सीबीआई कर रही है. जांच एजेंसी साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर मामले की हर पहलू से जांच कर रही है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए खुलासे सामने आ सकते हैं. Also Read: 21 जून को नीट री-एग्जाम, ऑनलाइन मोड में कराने पर सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दिया जोर The post ट्विशा शर्मा की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी सीबीआई, डमी शव से किया क्राइम सीन रीक्रिएट appeared first on Naya Vichar.

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भारत दौरे पर नेपाल की सत्ताधारी पार्टी के चीफ रबी लामिछाने, दिल्ली में बीजेपी नेताओं से होगी मुलाकात, क्या है प्रयास?

Nepal India Relations: नेपाल और हिंदुस्तान के नेतृत्वक रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) का एक प्रतिनिधिमंडल 1 जून से 5 दिनी हिंदुस्तान के दौरे पर आएगा. इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पार्टी अध्यक्ष रबी लामिछाने करेंगे. यह यात्रा हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के आमंत्रण पर आयोजित की जा रही है. इसे दोनों दलों के बीच औपचारिक नेतृत्वक संवाद की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है. रबी नेपाल में बालेन प्रशासन बनने के बाद पहले बड़े नेता होंगे, जो हिंदुस्तान की यात्रा पर आएंगे.  यात्रा के दौरान रबी लामिछाने और उनकी टीम नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेगी. उनकी यह मुलाकात बीजेपी मुख्यालय में हो सकती है. दोनों पक्ष संगठन संचालन, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और आम लोगों तक नेतृत्वक पहुंच मजबूत करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे. भाजपा की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पार्टी नेपाल से आने वाले प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करती है और रचनात्मक संवाद की उम्मीद रखती है. पार्टी-टू-पार्टी रिश्तों को मजबूत करने की कोशिश इस दौरे का उद्देश्य केवल औपचारिक मुलाकात तक सीमित नहीं है. माना जा रहा है कि इसके जरिए राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी और भाजपा के बीच संस्थागत स्तर पर संबंध विकसित करने की कोशिश की जाएगी. साथ ही दोनों दल अपने-अपने नेतृत्वक अनुभव और संगठनात्मक मॉडल साझा कर सकते हैं. नेपाल में नई प्रशासन और बढ़ती चुनौतियां यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ‘बालेन’ अपनी प्रशासन के शुरुआती महीनों को लेकर चर्चा में हैं. मार्च में हुए आम चुनावों में आरएसपी की प्रचंड जीत के बाद 27 मार्च को उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. 5 मार्च के चुनावों में युवा मतदाताओं, खासकर जेन-जी के समर्थन ने उनकी पार्टी को बड़ी सफलता दिलाई थी. संसद में लगभग दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में आए बालेन शाह को नेपाल की पारंपरिक नेतृत्व से अलग एक नए विकल्प के रूप में देखा गया. सत्ता संभालते ही शुरू किए बड़े सुधार प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद बालेन ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में 100 सूत्रीय प्रशासनिक सुधार कार्यक्रम को मंजूरी दी थी. इस योजना में कई बड़े बदलावों का प्रस्ताव रखा गया, जिनमें संघीय मंत्रालयों की संख्या कम करना, आर्थिक बोझ बढ़ाने वाले बोर्ड और समितियों का विलय, भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख और जेन-जी आंदोलन की जांच करवाना शामिल रहा. हालांकि, इसके साथ ही उनके कुछ निर्णय हिंदुस्तान के खिलाफ माने गए. इनमें विवादित बयान और फैसले दोनों रहे. फैसले ज्यादातर नोट, भंसार और ट्रेड से संबंधित रहे, वहीं बयान बॉर्डर को लेकर रहे.  हिंदुस्तान से तकरार बरकरार लिपुलेख और कालापानी की चर्चा तो लंबे समय से हो रही थी, उनका ताजा बयान और भी उकसाने वाला था. रविवार को उन्होंने पहली बार अपनी संसद को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान ने नेपाल की जमीन पर कब्जा किया है, यह तो सभी जानते हैं, लेकिन आश्चचर्य की बात है कि नेपाल ने भी हिंदुस्तान की जमीन पर कब्जा किया है. उनके इस बयान का हिंदुस्तान की ओर से कोई जवाब तो नहीं दिया गया, लेकिन नेपाल में उन्हें इसका विरोध झेलना पड़ा. पूर्व उप प्रधानमंत्री नारायण काजी ने कहा कि इस तरह के बयान नेपाल के लिपुलेख और कालापानी जैसे अभियानों को कमजोर करते हैं.  पहले महीने में ही बढ़ीं मुश्किलें हालांकि, इन बयानों के साथ ही सुधारों की महत्वाकांक्षी योजना ने लोगों में उम्मीद जगाई, लेकिन प्रशासन का शुरुआती दौर विवादों से भी घिरा रहा. सत्ता संभालने के पहले 30 दिनों के भीतर ही बलेंद्र शाह की कैबिनेट से दो मंत्रियों की विदाई हो गई. इस घटनाक्रम ने प्रशासन की आंतरिक एकजुटता और नेतृत्व क्षमता को लेकर सवाल खड़े कर दिए. वहीं हिंदुस्तान के साथ भी पिछली प्रशासनों की तरह ही विवाद बना हुआ है.  ये भी पढ़ें:- शादी के कुछ घंटे बाद ही हिंदुस्तानीय मूल के पायलट की मौत, घने जंगल में गिरा हेलीकॉप्टर, पत्नी बचीं ये भी पढ़ें:- इजरायल ने 900 साल पुराने ब्यूफोर्ट कैसल पर किया कब्जा, क्या है इस लेबनानी किले की अहमियत? बीच-बचाव के लिए कूदा फ्रांस रबी लामिछाने रिश्ते सुधारने का रास्ता निकालेंगे! ऐसे में रबी लामिछाने की हिंदुस्तान यात्रा के बड़े मायने निकाले जा रहे हैं. रबी लामिछाने की पार्टी ही इस समय नेपाल में सत्ता में है. रबी पूर्व मीडियाकर्मी हैं. उन्होंने अपने चुनाव अभियान के दौरान यह वादा किया था कि चुनाव जीतने के बाद वह प्रशासन में शामिल नहीं होंगे. और उन्होंने इस वादे को निभाया है.  किसी भी पद पर न रहते हुए वह हिंदुस्तान के किसी पार्टी ऑफिस में जा सकते हैं. इस पर नेतृत्व भले ही हो, लेकिन नेपाल राष्ट्र की किसी संवैधानिक पद पर न होने के कारण उन पर प्रोटोकॉल फॉलो करने की बाध्यता नहीं होगी. नेपाल प्रशासन ने कहा कि वह अपनी निजी यात्रा पर जा रहे हैं. उनके साथ उनकी पत्नी निकिता पौडेल और पार्टी के दो नेता बिपिन आचार्य और दीपक बोहरा भी रहेंगे.  अपने 5 दिनों के दौरे पर रबी लामिछाने पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, और विदेश सचिव विक्रम मिसरी से भी मिल सकते हैं. पीएम मोदी से उनकी मुलाकात कल 2 जून को हो सकती है. 2026 के आम चुनावों में जीत के बाद पीएम मोदी ने बालेन शाह और रबी लामिछाने को एक ही पोस्ट में बधाई दी थी. काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, रबी इस दौरे पर अयोध्या या आगरा भी जा सकते हैं. पहले उनका यह दौरान 3 दिनों का था, लेकिन इसे दो और दिनों के लिए बढ़ाया गया है. अपने इस दौरे पर रबी 4 जून को हिंदुस्तान में रहने वाले नेपाली कम्यूनिटी को भी संबोधित करेंगे. उनका यह कार्यक्रम दिल्ली के लाजपत भवन में आयोजित किया जाएगा. इसके लिए बाकायदा फेसबुक पर आमंत्रण दिया गया है.  The post हिंदुस्तान दौरे पर नेपाल की सत्ताधारी पार्टी के चीफ रबी लामिछाने, दिल्ली में बीजेपी नेताओं से होगी मुलाकात, क्या है प्रयास? 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Motorola ने भी बढ़ा दिए स्मार्टफोन्स के दाम, G सीरीज से Edge 70 तक हुए महंगे

अगर आप Motorola का नया स्मार्टफोन खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो यह समाचार आपके बजट पर असर डाल सकती है. कंपनी ने हिंदुस्तान में अपने कई बजट, मिड-रेंज और प्रीमियम सेगमेंट के कई मॉडल्स की कीमतें बढ़ा दी हैं. इनमें Moto G सीरीज से लेकर Edge 70 सीरीज तक के स्मार्टफोन शामिल हैं. कुछ मॉडल्स की कीमत में 9 हजार रुपये तक का इजाफा किया गया है. बताया जा रहा है कि स्मार्टफोन इंडस्ट्री में बढ़ती कंपोनेंट लागत की वजह से कंपनियां कीमतें बढ़ाने को मजबूर हैं. Motorola इससे पहले भी अपने कुछ स्मार्टफोन्स की कीमतों में बदलाव कर चुकी है. ऐसे में नया फोन खरीदने से पहले Motorola की नई कीमतों पर नजर डालना जरूरी है. Moto G37 Power हुआ सबसे ज्यादा महंगा कीमत बढ़ने वाले स्मार्टफोन्स में Moto G37 Power सबसे ज्यादा चर्चा में है. हाल ही में लॉन्च हुए इस मॉडल के 4GB + 128GB वेरिएंट की कीमत 15,999 रुपये से बढ़कर 19,999 रुपये हो गई है. वहीं 8GB + 128GB मॉडल अब 18,999 रुपये की जगह 25,999 रुपये में मिलेगा. नई कीमत कंपनी के ऑफिशियल साइट और फ्लिपकार्ट पर लिस्टेड है. Moto G सीरीज के दूसरे मॉडल्स भी हुए महंगे Moto G37 की कीमत भी अब काफी बढ़ गई है. इसके 4GB + 64GB वेरिएंट की कीमत 13,999 रुपये से बढ़कर 18,999 रुपये हो गई है. इसके अलावा Moto G67 Power और Moto G57 Power जैसे मॉडल्स की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है. Moto G67 Power के 12GB + 256GB वेरिएंट की कीमत अब 27,999 रुपये तक पहुंच गई है. Edge 70 सीरीज की कीमतों में भी इजाफा Motorola की प्रीमियम Edge 70 सीरीज भी इस प्राइस हाइक से बच नहीं पाई है. ऐसे में अब- Edge 70 Fusion की नई कीमतें 8GB + 128GB : 30,999 रुपये 8GB + 256GB : 32,999 रुपये 12GB + 256GB : 34,999 रुपये Edge 70 Pro की नई कीमतें 8GB + 256GB : 39,999 रुपये 12GB + 256GB : 42,999 रुपये Edge 60 Fusion की कीमत भी बढ़ी पुराना Edge 60 Fusion भी अब पहले से महंगा हो गया है. इस मॉडल के तीनों वेरिएंट्स में भी करीब 2000 से 3000 तक की बढ़ोतरी कर दी गई है. यह भी पढ़ें: लॉन्च से पहले सामने आए Motorola Edge 70 Pro+ के फीचर्स, मिलेगा 50MP ट्रिपल कैमरा और बड़ी बैटरी The post Motorola ने भी बढ़ा दिए स्मार्टफोन्स के दाम, G सीरीज से Edge 70 तक हुए महंगे appeared first on Naya Vichar.

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‘राबड़ी देवी को हर हाल में खाली करना पड़ेगा आवास’, लेशी सिंह बोलीं- सरकारी बंगले से मोह माया नहीं रखनी चाहिए

Rabri Awas: सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह ने कहा, राबड़ी देवी को हर हाल में बंगला खाली करना पड़ेगा. प्रशासनी आवास किसी का नहीं हो जाता है. उससे किसी को इतनी मोह माया नहीं रखनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज होती है. प्रशासन विधि सम्मत कार्रवाई करेगी. किसी भी स्थिति में उन्हें आवास खाली करना होगा. लेशी सिंह बोलीं- मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित है बंगला बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को भवन निर्माण विभाग की ओर से उनका आवास खाली करने के लिए 15 दिनों का नोटिस भेजा गया है. इसके बाद से सियासी पारा चढ़ा हुआ है. विपक्ष प्रशासन पर निशाना साध रही जबकि प्रशासन कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की बात कर रही है. लेसी सिंह ने सोमवार को यह भी कहा कि 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास को मंत्री नंद किशोर राम को आवास आवंटित किया गया है. मंत्री नंद किशोर राम ने किया आग्रह उन्होंने आगे कहा, वह गरीब तबके से आते हैं, उनको भी बाबा साहेब अंबेडकर ने अधिकार दिया है. उनको भी बड़ा बंगला मिलना चाहिए. भवन निर्माण मंत्री ने यह भी बताया कि मंत्री नंद किशोर राम ने इच्छा जाहिर की थी कि उन्हें भी बड़ा और एक सुंदर आवास चाहिए. ऐसे में उन्हें 10 सर्कुलर रोड आवंटित किया गया है. लेशी सिंह ने कहा कि बार-बार मंत्री नंदकिशोर राम हमारे कार्यालय आ रहे हैं और हमसे आवास की डिमांड कर रहे हैं. अब्दुल बारी सिद्दीकी ने प्रशासन पर साधा था निशाना इससे पहले आरजेडी नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने प्रशासन को निशाने पर लिया था. उन्होंने कहा था, बिहार में सत्ताधारी दल का मानना है कि विपक्ष का काम है, प्रशासन की हां में हां मिलाना. अगर ऐसा नहीं किया गया तो विपक्ष को टारगेट किया जाता है. प्रशासन दिखा रही है कि अगर तुम चुप नहीं रहे तो तुम्हारा घर ले लेंगे, तुम्हारी सुविधा ले लेंगे. इसके अलावा उन्होंने प्रशासन पर आरोप भी लगाया था. Also Read: भागलपुर से मुंगेर तक 3 साल में तैयार होगा मरीन ड्राइव, 22 हजार एकड़ में बनेगा नया टाउनशिप The post ‘राबड़ी देवी को हर हाल में खाली करना पड़ेगा आवास’, लेशी सिंह बोलीं- प्रशासनी बंगले से मोह माया नहीं रखनी चाहिए appeared first on Naya Vichar.

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विदेशी उड़ानों के लिए जेट फ्यूल हुआ सस्ता, कीमतों में 27% की गिरावट 

ATF Price Cut: प्रशासनी तेल कंपनियों ने जून महीने की पहली तारीख को फ्यूल की कीमतों में नया संशोधन जारी किया है. इस बार इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में भारी कटौती की गई है, जिससे विदेशी एयरलाइंस को बड़ी राहत मिली है. आइए जानते हैं इस बदलाव से जुड़े सभी मुख्य बिंदु. इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए फ्यूल कितना सस्ता हुआ? इंटरनेशनल रूट पर उड़ान भरने वाली विमानन कंपनियों के लिए जेट फ्यूल (ATF) की कीमतों में 27 प्रतिशत की भारी कटौती की गई है.  नई कीमत: इंटरनेशनल कंपनियों के लिए जेट फ्यूल के दाम 400 डॉलर प्रति किलोलीटर से अधिक घटकर अब करीब 1,100 डॉलर प्रति किलोलीटर रह गए हैं. पिछला रिकॉर्ड: इससे पहले 1 मई को कीमतें 5.33% बढ़ाकर 1,511.86 डॉलर की गई थीं, जबकि अप्रैल में यह बढ़कर 1,435.31 डॉलर प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई थीं.  घरेलू उड़ानों का हाल: हिंदुस्तानीय विमानन कंपनियों के लिए जेट फ्यूल की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है. यह 1 अप्रैल से 1,04,927.18 रुपये प्रति किलोलीटर पर ही स्थिर है. घरेलू बाजार में नुकसान के बावजूद यात्रियों पर बोझ न डालने के लिए तेल कंपनियों ने कीमतें नहीं बढ़ाई हैं.  पेट्रोल, डीजल और वैश्विक संकट का क्या है स्टेटस? इंटरनेशनल मार्केट में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल और जेट फ्यूल की आपूर्ति प्रभावित हुई है. इसके बावजूद घरेलू बाजार को स्थिर रखने का प्रयास किया जा रहा है.  पेट्रोल-डीजल के दाम: दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है. पिछले महीने इनमें करीब 7.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी.  तेल कंपनियों का नुकसान: विदेशी कंपनियों से बाजार दर वसूलने और घरेलू कीमतें स्थिर रखने के कारण इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी पर कंपनियों का यह घाटा मई में लगभग 650 करोड़ रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गया है. ये भी पढ़ें: जनवरी से 7वीं बार बढ़े रेट , गैस सिलेंडर ने बिगाड़ा किचन का बजट The post विदेशी उड़ानों के लिए जेट फ्यूल हुआ सस्ता, कीमतों में 27% की गिरावट  appeared first on Naya Vichar.

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