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2028 में BCCI के 100 साल पूरे होने पर India XI vs Rest of the World XI मैच संभव, तारीख और वेन्यू पर फैसला बाकी

BCCI 100 Years Celebration: हिंदुस्तानीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) यानी BCCI 2028 में अपने 100 साल पूरे करने जा रहा है. इस ऐतिहासिक मौके को यादगार बनाने के लिए बोर्ड बड़े स्तर पर जश्न की तैयारी कर रहा है. इसी सिलसिले में India XI और Rest of the World XI के बीच एक खास मुकाबला कराने का प्रस्ताव भी सामने आया है. अगर यह मैच आयोजित होता है तो हिंदुस्तानीय क्रिकेट के बड़े सितारों और दुनिया के दिग्गज खिलाड़ियों को एक ही मैदान पर देखने का मौका मिल सकता है. हालांकि, अभी मैच की तारीख, वेन्यू, फॉर्मेट और दोनों टीमों के खिलाड़ियों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. ये भी पढ़ें: Rinku Singh के चेहरे वाला iPhone 18 Pro Cover हुआ वायरल? Instamart के पोस्ट पर क्रिकेटर ने दिया मजेदार जवाब BCCI के 100 साल पूरे होने पर क्या होगा? BCCI की स्थापना 1928 में हुई थी. ऐसे में 2028 हिंदुस्तानीय क्रिकेट बोर्ड के लिए शताब्दी वर्ष होगा. इस मौके पर बोर्ड सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं, बल्कि कई कार्यक्रमों के जरिए हिंदुस्तानीय क्रिकेट के 100 साल के सफर को सामने लाने की तैयारी कर रहा है. शताब्दी समारोह की तैयारियों के लिए अलग स्तर पर योजना बनाई जा रही है. इसमें हिंदुस्तानीय क्रिकेट के इतिहास, उसके विकास और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हिंदुस्तान की भूमिका को दिखाने वाले कार्यक्रम शामिल हो सकते हैं. India XI vs Rest of the World XI क्यों चर्चा में है? BCCI के शताब्दी समारोह में प्रस्तावित India XI vs Rest of the World XI मैच सबसे ज्यादा आकर्षण वाला कार्यक्रम बन सकता है. इस मुकाबले का विचार इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें एक तरफ हिंदुस्तानीय क्रिकेट के प्रमुख खिलाड़ी और दूसरी तरफ अलग-अलग देशों के बड़े क्रिकेटर एक टीम के रूप में नजर आ सकते हैं. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि मैच में मौजूदा खिलाड़ी स्पोर्ट्सेंगे, पूर्व दिग्गज उतरेंगे या दोनों जनरेशन के खिलाड़ियों को मिलाकर टीम बनाई जाएगी. ये भी पढ़ें: 3 ICC ट्रॉफी जिताने वाले अगरकर को क्यों छोड़ना पड़ा Chief Selector का पद? Rohit Sharma और VVS लक्ष्मण से जुड़े विवादों की पूरी कहानी क्या विराट कोहली और दूसरे बड़े सितारे स्पोर्ट्सेंगे? यह सवाल क्रिकेट फैंस के बीच अभी से चर्चा में आ सकता है, लेकिन फिलहाल किसी खिलाड़ी के नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए विराट कोहली, रोहित शर्मा, एमएस धोनी, सचिन तेंदुलकर या किसी विदेशी खिलाड़ी के शामिल होने की समाचार को अभी पक्की जानकारी नहीं माना जा सकता. BCCI की आधिकारिक घोषणा के बाद ही संभावित टीम और खिलाड़ियों की तस्वीर साफ होगी. मैच कब और कहां स्पोर्ट्सा जाएगा? प्रस्तावित मुकाबले की तारीख और स्थान अभी तय नहीं हैं. इसी तरह यह भी स्पष्ट नहीं है कि मैच टेस्ट, वनडे या T20 फॉर्मेट में होगा. BCCI की शताब्दी समारोह की पूरी योजना तैयार होने के बाद इन चीजों पर फैसला होने की उम्मीद है. 2028 में पूरे होंगे BCCI के 100 साल BCCI ने पिछले कई दशकों में हिंदुस्तानीय क्रिकेट के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. घरेलू क्रिकेट से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक हिंदुस्तानीय क्रिकेट के विस्तार के साथ बोर्ड का प्रभाव भी बढ़ा है. 2028 का शताब्दी वर्ष इसी लंबे सफर को याद करने का मौका होगा. प्रस्तावित India XI vs Rest of the World XI मैच इसी इतिहास और हिंदुस्तानीय क्रिकेट के वैश्विक प्रभाव को सेलिब्रेट करने का एक तरीका हो सकता है. सिर्फ एक मैच तक सीमित नहीं होगा जश्न BCCI के 100 साल पूरे होने का समारोह सिर्फ एक मुकाबले तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है. बोर्ड की योजना में कई कार्यक्रम और गतिविधियां शामिल हो सकती हैं, जिनके जरिए हिंदुस्तानीय क्रिकेट के पुराने दौर से लेकर मौजूदा समय तक के सफर को सामने रखा जाएगा. ये भी पढ़ें: Shivam Dube MS Dhoni Captain: धोनी या कोहली में शिवम दुबे ने किसे चुना बेस्ट कप्तान? बुमराह, SKY और रोहित शर्मा पर भी दिया जवाब इस दौरान पूर्व खिलाड़ियों, मौजूदा क्रिकेटरों और क्रिकेट से जुड़े दूसरे लोगों की भागीदारी भी देखने को मिल सकती है. अभी क्या-क्या तय होना बाकी है? India XI vs Rest of the World XI को लेकर फिलहाल ये बातें आधिकारिक रूप से सामने आना बाकी हैं: मैच की तारीख मैच का वेन्यू क्रिकेट का फॉर्मेट India XI के खिलाड़ी Rest of the World XI के खिलाड़ी मैच का आधिकारिक दर्जा टिकट और दर्शकों से जुड़ी जानकारी The post 2028 में BCCI के 100 साल पूरे होने पर India XI vs Rest of the World XI मैच संभव, तारीख और वेन्यू पर फैसला बाकी appeared first on Naya Vichar.

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Video : नंदीग्राम उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर भड़की कांग्रेस, सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता

Video : कोलकाता में कांग्रेस ने नंदीग्राम उपचुनाव के उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया. कांग्रेस प्रवक्ता मीता चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले उनके उम्मीदवार मिलन प्रधान और प्रदेश कांग्रेस सचिव सुभाषिष भट्टाचार्य को गिरफ्तार किया गया. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया. मीता ने कहा कि पार्टी इस कार्रवाई का विरोध कर रही है और राज्य के सभी जिलों में प्रदर्शन किया जा रहा है. मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर कांग्रेस का प्रदर्शन, प्रदीप भट्टाचार्य बोले- लड़ाई शुरू हो गई मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस नेता प्रदीप भट्टाचार्य ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर लड़ाई के लिए तैयार रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए लड़ाई शुरू हो गई है. भट्टाचार्य ने दावा किया कि पार्टी बंगाल में अपने दम पर चुनाव जीतने की ताकत दिखाएगी. ये भी पढ़ें: कांग्रेस का दावा- नंदीग्राम सीट छोड़ने के लिए तैयार थीं ममता बनर्जी, तृणमूल ने किया इनकार मिलन प्रधान को नामांकन वापस लेने का दबाव? बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप हल्दिया में पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभंकर प्रशासन ने मिलन प्रधान को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि प्रधान को एक अलग गेट से बाहर ले जाया गया और उन्हें छिपाकर रखा गया. प्रशासन ने दावा किया कि मिलन प्रधान पर नामांकन वापस लेने के लिए दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है. हालांकि, उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई अभी साफ नहीं है. ये भी पढ़ें: नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस को झटका, प्रत्याशी मिलन प्रधान 3 अक्टूबर तक रहेंगे जेल में मिलन प्रधान की रिहाई के लिए हाईकोर्ट जाएगी कांग्रेस? वकील ने बताया आगे का रास्ता पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रवक्ता और वकील अजितेश पांडे ने कहा कि मिलन प्रधान को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. उन्होंने कहा कि पार्टी जल्द से जल्द अपने उम्मीदवार को रिहा कराने की कोशिश करेगी. आगे की कानूनी कार्रवाई पर पार्टी नेतृत्व फैसला लेगा. पांडे के मुताबिक, फिलहाल हाईकोर्ट जाना सबसे संभावित रास्ता है, लेकिन अंतिम फैसला कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व करेगा. The post Video : नंदीग्राम उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर भड़की कांग्रेस, सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता appeared first on Naya Vichar.

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Video : DUSU चुनाव पर घमासान, गड़बड़ी के आरोप के बीच छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस एक्शन

Video : डूसू चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया. छात्रों ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जताई और निष्पक्ष जांच की मांग की. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने स्थिति को कंट्रोल करने की कोशिश की. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, डूसू चुनाव में मतगणना के दौरान गड़बड़ी के आरोपों को लेकर निर्दलीय उम्मीदवार विशेष यादव के समर्थकों ने धरना दिया. वे चुनाव की गिनती प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे थे. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे समर्थकों को वहां से हटा दिया. ये भी पढ़ें: नंगे पैर किया प्रचार, निर्दलीय लड़े और जीत गए, कौन हैं DUSU के नए उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन? एनएसयूआई प्रत्याशी ने फर्जी मतदान का आरोप लगाया डूसू चुनाव में एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार विजय शंकर मीणा ने मतदान में गड़बड़ी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि चुनाव में फर्जी और जबरन मतदान कराया गया. मीणा ने मामले को लेकर अदालत जाने की बात कही. मीणा ने कहा, “हम हारे नहीं हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय का हर छात्र चुनाव जीता है. आपके अत्यधिक समर्थन के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. हमने स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज, रामजस कॉलेज और शिवाजी कॉलेज जैसे कॉलेजों में हुई घटनाओं के संबंध में कल शिकायत दर्ज कराई थी.” DUSU अध्यक्ष पद पर ABVP का कब्जा, यश डबास ने मीणा को हराया अध्यक्ष पद के चुनाव में एबीवीपी के यश डबास को 24,576 वोट मिले. उन्होंने एनएसयूआई के उम्मीदवार विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों से हराया. कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई को डूसू के चारों प्रमुख पदों में से किसी पर भी जीत नहीं मिली. अध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद पर एनएसयूआई उम्मीदवारों को बेहद कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा. ये भी पढ़ें: DUSU Election Results : एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर किया कब्जा, निर्दलीय दीपांशु शौकीन बने उपाध्यक्ष; NSUI-0 NSUI से बगावत कर दीपांशु शौकीन ने मारी बाजी डूसू चुनाव में एनएसयूआई को उसके बागी उम्मीदवार दीपांशु शौकीन से भी नुकसान हुआ. शौकीन ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और उपाध्यक्ष पद पर 13,700 से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की. उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने से एनएसयूआई के वोटों पर भी असर पड़ा. The post Video : DUSU चुनाव पर घमासान, गड़बड़ी के आरोप के बीच छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस एक्शन appeared first on Naya Vichar.

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Chhatron Ki Goonj: राहुल गांधी बोले- क्यूरियोसिटी, मोहब्बत, निडरता और ईमानदारी से देश बनता है

मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों को देश का भविष्य बताया. उन्होंने कहा कि कोई भी देश अपने छात्रों के बिना मजबूत नहीं बन सकता. इस दौरान उन्होंने छात्रों की चार प्रमुख विशेषताओं का जिक्र किया. जिज्ञासा को बताया छात्रों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता जिज्ञासा है. छात्रों में सवाल पूछने और अलग-अलग विषयों को समझने की स्वाभाविक इच्छा होती है. उन्होंने कहा कि छात्रों को सवाल पूछने चाहिए और अलग-अलग मुद्दों को जानने की कोशिश करनी चाहिए. राहुल गांधी- मोहब्बत छात्रों का एक महत्वपूर्ण गुण है उन्होंने छात्रों की दूसरी विशेषता ‘मोहब्बत’ बताई. इसके बाद उन्होंने विनम्रता को छात्रों का एक महत्वपूर्ण गुण बताया. राहुल गांधी के मुताबिक, छात्र अलग-अलग विचारधाराओं और नजरिए को समझने की कोशिश करते हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों को दूसरों से लड़ने, धमकाने या डराने के बजाय अलग-अलग विचारों को समझना चाहिए. ये भी पढ़ें: DUSU Elections Result 2026: कोई टेनिस खिलाड़ी तो कोई हैंडबॉल स्टार, जानें डूसू के विजेताओं की कहानी राहुल गांधी ने छात्रों की चौथी और महत्वपूर्ण विशेषता ईमानदारी बताई. उन्होंने कहा कि छात्र ईमानदारी के साथ काम करते हैं. राहुल गांधी ने कहा कि क्यूरियोसिटी, मोहब्बत, निडरता और ईमानदारी से देश बनता है इससे पहले राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए छात्रों से शिक्षा व्यवस्था, उनकी समस्याओं और बदलाव की जरूरतों पर सीधे संवाद करने की बात कही थी. The post Chhatron Ki Goonj: राहुल गांधी बोले- क्यूरियोसिटी, मोहब्बत, निडरता और ईमानदारी से देश बनता है appeared first on Naya Vichar.

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Deepika Padukone-Ranveer Singh Second Baby: दूसरी बार पैरेंट्स बने दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह, जानें बेबी गर्ल हुई या बेबी बॉय?

Deepika Padukone-Ranveer Singh Second Baby: बॉलीवुड के सबसे पसंदीदा कपल दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह के घर एक बार फिर खुशियों ने दस्तक दी है. कपल दूसरी बार माता-पिता बन गया है और उनके घर एक नन्ही बेटी ने जन्म लिया है. दीपिका और रणवीर ने सोशल मीडिया पर एक प्यारा सा कार्ड शेयर करके फैंस के साथ यह खुशसमाचारी साझा की है. कार्ड पर नन्हे पैरों के निशान बने हैं और उस पर ‘वेलकम बेबी गर्ल!’ लिखा हुआ है. साथ ही तारीख 19-09-2026 दर्ज है और नीचे दुआ, दीपिका और रणवीर का नाम लिखा है. पोस्ट के कैप्शन में कपल ने कोई लंबा-चौड़ा नोट नहीं लिखा, बल्कि सिर्फ बुरी नजर से बचाने वाला ‘इविल आई’ इमोजी लगाया है. यहां देखें पोस्ट- View on Instagram दुआ पादुकोण को मिली छोटी बहन दीपिका और रणवीर पहले से ही एक प्यारी सी बेटी के माता-पिता हैं. उनकी बड़ी बेटी का नाम ‘दुआ पादुकोण सिंह’ है, जिसका जन्म सितंबर 2024 में हुआ था. अब दुआ को एक छोटी बहन मिल गई है. कपल के इस पोस्ट को शेयर करते ही सोशल मीडिया पर फैंस और बॉलीवुड सेलेब्स उन्हें लगातार बधाइयां दे रहे हैं और कमेंट सेक्शन में प्यार लुटा रहे हैं. ‘राम-लीला’ के सेट से शुरू हुई थी लव स्टोरी View on Instagram दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की प्रेम कहानी साल 2013 में संजय लीला भंसाली की सुपरहिट फिल्म ‘गोलियों की रासलीला राम-लीला’ के सेट से शुरू हुई थी. शूटिंग के दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया. इसके बाद इस जोड़ी ने ‘बाजीराव मस्तानी’ और ‘पद्मावत’ जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में साथ काम किया और पर्दे पर अपनी केमिस्ट्री से सबका दिल जीता. ये भी पढ़ें: Deepika Padukone Pregnancy ‘दुआ’ के बाद अब दूसरे नन्हे मेहमान का इंतजार, बप्पा का आशीर्वाद लेने सिद्धिविनायक पहुंचे दीपिका-रणवीर साल 2018 में इटली में की थी शादी View on Instagram करीब 6 साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद दीपिका और रणवीर ने नवंबर 2018 में इटली के खूबसूरत लेक कोमो में बेहद सादगी और निजी तरीके से शादी रचाई थी. शादी में केवल परिवार और करीबी दोस्त ही शामिल हुए थे. The post Deepika Padukone-Ranveer Singh Second Baby: दूसरी बार पैरेंट्स बने दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह, जानें बेबी गर्ल हुई या बेबी बॉय? appeared first on Naya Vichar.

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UP Marriage Scheme: बेटियों की शादी पर योगी सरकार का बड़ा तोहफा! 51 हजार की जगह अब मिलेंगे 1 लाख, आय सीमा भी बढ़ी, जाने पूरा प्रोसेस

UP Marriage Scheme: उत्तर प्रदेश प्रशासन ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सहायता राशि बढ़ाने का फैसला किया है. नए वित्तीय वर्ष से पात्र नवविवाहित जोड़ों को ₹51 हजार की जगह ₹1 लाख की सहायता देने की व्यवस्था की गई है. 2026-27 के यूपी बजट दस्तावेज में योजना के तहत अनुदान राशि ₹1.01 लाख किए जाने का भी उल्लेख है. प्रशासन ने इस योजना के लिए ₹750 करोड़ का प्रावधान किया है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों की शादी में राहत मिलने की उम्मीद है. सहायता राशि का ऐसे होगा इस्तेमाल नई व्यवस्था के तहत ₹1 लाख की सहायता को अलग-अलग मदों में खर्च किया जाएगा. इसमें ₹60 हजार कन्या के बैंक खाते में, ₹25 हजार नवविवाहित जोड़े के लिए और शेष ₹15 हजार विवाह समारोह की व्यवस्था पर खर्च किए जाने की बात कही गई है. योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को शादी के खर्च में मदद देना और पात्र परिवारों को प्रशासनी सहायता उपलब्ध कराना है. आय सीमा बढ़ाने का भी फैसला योजना का लाभ अधिक परिवारों तक पहुंचाने के लिए पात्रता की आय सीमा में भी बदलाव किया गया है. उत्तर प्रदेश प्रशासन की ओर से जारी मुख्यमंत्री के 20 फरवरी 2026 के विधानसभा संबोधन के दस्तावेज में वार्षिक आय सीमा को ₹1.50 लाख से बढ़ाकर ₹3.50 लाख करने की बात दर्ज है. हालांकि, कुछ जिला प्रशासन की मौजूदा जानकारी में ₹3 लाख तक की वार्षिक आय सीमा दर्ज है. ऐसे में आवेदन से पहले अपने जिले में लागू नवीनतम नियम जरूर जांचना जरूरी है. किन परिवारों को मिलेगा लाभ? मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के पात्र जोड़ों को दिया जाता है. प्रशासनी बजट दस्तावेज के अनुसार, योजना में सभी वर्गों की पुत्रियों के विवाह के लिए अनुदान का प्रावधान किया गया है. विवाह के समय कन्या की उम्र कम से कम 18 वर्ष और वर की उम्र कम से कम 21 वर्ष होना जरूरी है. इसके अलावा आय, निवास और अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी. आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करते समय आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण, मूल निवास प्रमाण पत्र, आधार, बैंक पासबुक, फोटो और आधार से लिंक मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है. आवेदन के बाद संबंधित विभाग दस्तावेजों और पात्रता का सत्यापन करता है. इसलिए आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेजों में नाम, जन्मतिथि और अन्य जानकारी सही होना जरूरी है. ऑनलाइन आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया पात्र परिवार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के आधिकारिक पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के बाद आय, जाति, उम्र और अन्य अभिलेखों की जांच की जाती है. योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ई-केवाईसी और डिजिटल सत्यापन पर भी जोर दिया जा रहा है. प्रशासन की ओर से आधार आधारित भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि पात्र लाभार्थियों तक सहायता राशि सीधे बैंक खाते के माध्यम से पहुंच सके. यह भी देखें: UP में बदला आधार कार्ड बनाने का नियम, इस दिन से शुरू होगी नई सुविधा, ऐसे होगा पूरा प्रोसेस The post UP Marriage Scheme: बेटियों की शादी पर योगी प्रशासन का बड़ा तोहफा! 51 हजार की जगह अब मिलेंगे 1 लाख, आय सीमा भी बढ़ी, जाने पूरा प्रोसेस appeared first on Naya Vichar.

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Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत पर बन रहा ‘खर जितिया’ का दुर्लभ संयोग, जानें तारीख और महत्व

Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत आश्विन मास कृष्ण अष्टमी तिथि को रखा जाता है. इस व्रत में स्त्रीएं संतान की लंबी उम्र और उत्तम स्वास्थ्य के लिए 24 से 36 घंटे का निर्जल व्रत रखती हैं. व्रत के दौरान न तो अन्न का एक दाना ग्रहण किया जाता है और न ही एक बूंद जल का सेवन किया जाता है. जितिया व्रत बिहार-झारखंड और उत्तर प्रदेश समेत देश के कुछ राज्यों में रखा जाता है. जितिया को जीवितपुत्रिका व्रत भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से संतान को दीर्घायु जीवन और उत्तम स्वास्थ्य का वरदान प्राप्त होता है. इस साल जितिया व्रत कब रखा जाएगा, क्या खास संयोग बन रहा है? आइए जानते हैं. जितिया व्रत पर ‘खर जितिया’ का दुर्लभ संयोग ज्योतिषाचार्य डॉ. रतन कुमार मिश्रा ने बताया कि इस साल जितिया पर खर जितिया का दुर्लभ संयोग बनने वाला है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस साल जितिया व्रत शनिवार को पड़ रहा है. जितिया व्रत जब शनिवार को पड़ता है, तो इसका महत्व कई गुना अधिक बढ़ जाता है. खर जितिया व्रत उन स्त्रीओं के लिए बेहद खास होता है, जो पहली बार यह व्रत करना चाहती हैं. खर जितिया व्रत के प्रभाव से संतान की आयु लंबी होती है. साथ ही संतान स्वस्थ रहता है. जितिया व्रत 2026 नहाय-खाय शास्त्रों के अनुसार, जितिया व्रत की शुरुआत नहाय-खाय से होती है. मिथिला और महावीर पंचांग के अनुसार, इस साल जितिया व्रत का नहाय-खाय 2 अक्टूबर, शुक्रवार (आश्विन कृष्ण सप्तमी) को किया जाएगा. नहाय-खाय सप्तमी तिथि पर किया जाता है. सप्तमी तिथि 2 अक्टूबर को मान्य है. ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: पूर्वज से पहले क्यों जरूरी है ऋषि तर्पण, नहीं करने पर क्या होगा; पहले जान लें तारीख और महत्व जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत 2026 विवरण व्रत का कार्यक्रम तारीख दिन विवरण नहाय-खाय 02 अक्टूबर 2026 शुक्रवार नहाय-खाय के साथ व्रत की शुरुआत जितिया व्रत (निर्जल) 03 अक्टूबर 2026 शनिवार अष्टमी तिथि पर मुख्य व्रत व्रत का पारण 04 अक्टूबर 2026 रविवार नवमी तिथि को सूर्योदय के बाद कब रखा जाएगा जितिया व्रत 2026? मिथिला पंचांग के अनुसार, इस साल जितिया व्रत 3 अक्टूबर, शनिवार को रखा जाएगा. जितिया व्रत आश्विन कृष्ण अष्टमी तिथि को रखा जाता है. अष्टमी तिथि सुबह 7 बजकर 59 मिनट से शुरू होगी. अष्टमी तिथि की समाप्ति 4 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर होगी. कब होगा जितिया व्रत का पारण? मिथिला और महावीर पंचांग के अनुसार, जितिया व्रत का पारण मातृ नवमी (आश्विन कृष्ण नवमी) के दिन किया जाता है. इस साल जितिया व्रत का पारण 4 अक्टूबर, रविवार को किया जाएगा. नवमी को सूर्य उदय के बाद व्रत का पारण करना शुभ माना गया है. ये भी पढ़ें: Shardiya Navratri 2026: कब से शुरू होगा शारदीय नवरात्र? जानें 9 दिनों का पूरा कैलेंडर और पूजन नियम जितिया व्रत का महत्व संतान की सुख-समृद्धि, लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए स्त्रीएं जितिया (जीवितपुत्रिका) व्रत रखती हैं. माताएं अपने संतान के खुशहाल और समृद्ध जीवन के लिए बिना जल और अन्न खाए 24-36 घंटे का कठिन व्रत रखती हैं. व्रत के दौरान जीमूतवाहन की कथा सुनी जाती है. The post Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत पर बन रहा ‘खर जितिया’ का दुर्लभ संयोग, जानें तारीख और महत्व appeared first on Naya Vichar.

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Disha Salian Case: सतीश सालियान पहुंचे ‘मातोश्री’, कानूनी टीम के साथ निकले बाहर, बोले- ‘ये मीडिया की जीत’

Disha Salian Case: मुंबई में दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान शनिवार (19 सितंबर) को शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे के घर ‘मातोश्री’ पहुंचे. उनके साथ उनकी कानूनी टीम भी मौजूद थी. मुलाकात के बाद सतीश सालियान अपनी कानूनी टीम के साथ ‘मातोश्री’ से बाहर निकलते हुए नजर आए. इस दौरान उनके साथ वकीलों की टीम भी थी. यहां सतीश सालियान ने मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि यह संविधान की जीत है. यह मीडिया की जीत है. नोटिस रिसीव किया जा चुका है. देखें वीडियो. नोटिस में माफी मांगने और 500 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की गई सतीश सालियान की ओर से कोर्ट में केस लड़ रहे वकील निलेश ओझा ने बताया कि शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे को कानूनी नोटिस भेजा गया है. नोटिस में माफी मांगने और 500 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की गई है. वकील ने कहा कि यह नोटिस कथित धमकी के मामले को लेकर भी भेजा गया है. उन्होंने कहा कि संविधान के तहत कानून की नजर में सभी लोग बराबर हैं. ये भी पढ़ें: Disha Salian Case: ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस और 7 दिन का अल्टीमेटम, बुरे फंसे आदित्य ठाकरे-अनिल देशमुख दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मौत हो गई थी. वह मुंबई के मलाड इलाके में एक आवासीय इमारत की 12वीं मंजिल से गिर गई थीं. इस घटना के बाद दिशा सालियान की मौत को लेकर कई सवाल भी उठे. वकील निलेश ओझा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि उनके एक जूनियर वकील की ओर से कानूनी नोटिस दिया गया. दिशा सालियान को जानने से इनकार कर चुके हैं आदित्य ठाकरे आदित्य ठाकरे दिशा सालियान को जानने से इनकार कर चुके हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा था कि वह दिशा से कभी नहीं मिले. ठाकरे ने मामले से बार-बार अपना नाम जोड़े जाने को बिना सबूत उनकी छवि खराब करने की कोशिश बताया था. उन्होंने यह भी कहा था कि दिशा की मौत की नई जांच जारी रहनी चाहिए और इसमें नेतृत्व को बीच में नहीं लाया जाना चाहिए. The post Disha Salian Case: सतीश सालियान पहुंचे ‘मातोश्री’, कानूनी टीम के साथ निकले बाहर, बोले- ‘ये मीडिया की जीत’ appeared first on Naya Vichar.

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नंगे पैर किया प्रचार, निर्दलीय लड़े और जीत गए, कौन हैं DUSU के नए उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन?

DUSU Election Result: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है. पूर्व एनएसयूआई सदस्य शौकीन ने इस बार निर्दलीय चुनाव लड़ा और 30 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए. चुनाव प्रचार के दौरान नंगे पैर चलने का उनका फैसला भी चर्चा में रहा. उनके उपाध्यक्ष चुने जाने और एबीवीपी के तीन केंद्रीय पद जीतने की पुष्टि चुनाव नतीजों की रिपोर्टों में भी हुई है. दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी DUSU चुनाव में इस बार उपाध्यक्ष पद का नतीजा अलग रहा. एबीवीपी और एनएसयूआई जैसे प्रमुख छात्र संगठनों के उम्मीदवारों के बीच निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की. शौकीन पहले एनएसयूआई से जुड़े थे, लेकिन इस बार उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा. नंगे पैर किया चुनाव प्रचार दीपांशु शौकीन के चुनाव प्रचार की खास बात उनका नंगे पैर चलना रहा. शौकीन के मुताबिक नंगे पैर चलने से होने वाली शारीरिक परेशानी उन्हें लगातार विश्वविद्यालय के छात्रों की रोजमर्रा की समस्याओं की याद दिलाती रही. उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले करीब 1.5 लाख छात्रों को भी अपने दैनिक जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसी वजह से उन्होंने संकल्प लिया था कि अगर उन्हें मौका मिला तो वह छात्रों की समस्याओं को हल करने का प्रयास करेंगे. दीपांशु शौकीन ने कहा- छात्रों ने ही मेरा चुनाव अभियान चलाया जीत के बाद दीपांशु शौकीन ने कहा कि छात्रों ने उन पर भरोसा जताया और उनके पूरे चुनाव अभियान में साथ दिया. शौकीन ने कहा कि वह चुनाव में छात्रों के सच्चे प्रतिनिधि के रूप में खुद को साबित करने के उद्देश्य से उतरे थे और उन्हें लगता है कि उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरा किया है. यह बहुत खुशी की बात है कि छात्रों ने मुझ पर रखे भरोसे को सही साबित किया. छात्रों ने ही मेरा पूरा चुनाव अभियान चलाया और मेरा भरपूर समर्थन किया- दीपांशु शौकीन छात्रों की समस्याओं को उठाने की कही बात दीपांशु शौकीन ने जीत के बाद छात्रों की समस्याओं को उठाने की बात भी कही है. उन्होंने कहा कि वह छात्रों को अपनी बात रखने का मौका देना चाहते हैं. शौकीन के मुताबिक इस बार DUSU को जवाबदेह बनाने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने चुनाव के दौरान छात्रों से किए गए वादों और उनकी समस्याओं पर काम करने की बात कही. दीपांशु शौकीन को मिले 30 हजार से ज्यादा वोट दिए गए नतीजों के मुताबिक दीपांशु शौकीन ने 30,634 वोट हासिल कर उपाध्यक्ष पद जीता. वह इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में थे. चुनाव परिणामों में एबीवीपी ने केंद्रीय पैनल के चार में से तीन पद जीते, जबकि उपाध्यक्ष का पद निर्दलीय दीपांशु शौकीन के नाम रहा. यश डबास बने DUSU अध्यक्ष अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास ने जीत दर्ज की. उन्हें 24,576 वोट मिले, जबकि एनएसयूआई के विजय मीना को 22,523 वोट मिले. सचिव पद पर एबीवीपी की रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे. इस तरह केंद्रीय पैनल के चार पदों में से तीन एबीवीपी के खाते में गए और उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार ने जीता. 40.46 प्रतिशत हुआ मतदान DUSU चुनाव के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के 52 मतदान केंद्रों पर दो चरणों में वोटिंग हुई. इस बार कुल 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले तीन सालों में सबसे अधिक रहा. पिछले साल मतदान प्रतिशत 39.5 था. एबीवीपी, एनएसयूआई और AISA-SFI गठबंधन समेत प्रमुख छात्र संगठनों के कुल 20 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे. मतगणना दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के बहुउद्देशीय हॉल में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई. Also Read: DUSU Election Results : एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद पर किया कब्जा, निर्दलीय दीपांशु शौकीन बने उपाध्यक्ष; NSUI-0 The post नंगे पैर किया प्रचार, निर्दलीय लड़े और जीत गए, कौन हैं DUSU के नए उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन? appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में बाढ़: CM सम्राट चौधरी ने राहत कोष में दी अपनी एक महीने की सैलरी, सांसद-विधायकों से भी भाजपा ने की ये अपील

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ और आपदा की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक महीने के वेतन की राशि दान की है. उन्होंने 2 लाख 70 हजार रुपये का चेक मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह को सौंपा. CM सम्राट ने राहत कोष में सौंपा वेतन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ में यह चेक सौंपा. उन्होंने अपने एक महीने के वेतन की पूरी राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में दी है. इस राशि का इस्तेमाल आपदा से प्रभावित और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष जरूरतमंद लोगों की सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम है. उन्होंने राज्यवासियों के साथ-साथ समाज के समृद्ध और सक्षम लोगों से भी राहत कोष में अधिक से अधिक राशि दान करने की अपील की. ‘सक्षम लोग आगे आएं, प्रभावितों की ज्यादा मदद होगी’ सम्राट चौधरी ने कहा कि समाज के सक्षम लोगों की सहभागिता से राहत और सहायता के काम को और प्रभावी बनाया जा सकता है. उन्होंने लोगों से आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आगे आने की अपील की. मुख्यमंत्री के एक महीने का वेतन राहत कोष में देने के फैसले के बीच नेतृत्वक दलों की ओर से भी आर्थिक सहयोग की घोषणाएं की गई हैं. बिहार भाजपा ने दिए 51 लाख रुपये बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने 18 सितंबर को पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये का चेक दिया. उन्होंने लोक सेवक आवास के ‘संकल्प’ सभागार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर यह राशि सौंपी. इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का आभार जताया. उन्होंने कहा कि यह राशि आपदा और कठिन परिस्थितियों में जरूरतमंद लोगों की सहायता में उपयोगी होगी. भाजपा के सांसद-विधायक भी देंगे एक महीने का वेतन बिहार भाजपा की ओर से 51 लाख रुपये देने के साथ ही पार्टी के सभी सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों के एक-एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की गई है. इससे बाढ़ प्रभावित लोगों के राहत कार्यों के लिए अतिरिक्त आर्थिक संसाधन उपलब्ध होंगे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें JDU प्रदेश अध्यक्ष ने भी की वेतन देने की घोषणा जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भी बाढ़ राहत के लिए अपना एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की है. उन्होंने जेडीयू के सभी विधायकों से भी बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए अपना एक महीने का वेतन राहत कोष में देने का आग्रह किया है. चिराग पासवान ने भी किया आर्थिक सहयोग का ऐलान केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने भी बाढ़ प्रभावित बिहार के लिए पार्टी की ओर से आर्थिक सहयोग की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि पार्टी का हर सांसद, विधायक और विधान पार्षद अपना एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देगा. वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने अपने तीन महीने के वेतन की राशि 6.35 लाख रुपये राहत कोष में देने की घोषणा की है. उन्होंने बिहार में बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखे जाने की बात कही है. नितिन नवीन के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर, कम्युनिटी किचन, चिकित्सा सुविधाएं और पशु चारे की व्यवस्था की जा रही है. बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF की टीमें भी तैनात हैं. Also Read: JDU में मतभेद की समाचारों के बीच ललन सिंह की सफाई, बोले- पार्टी पूरी तरह एकजुट, अनंत सिंह-नीरज विवाद पर साधी चुप्पी The post बिहार में बाढ़: CM सम्राट चौधरी ने राहत कोष में दी अपनी एक महीने की सैलरी, सांसद-विधायकों से भी भाजपा ने की ये अपील appeared first on Naya Vichar.

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