Hot News

मुख्य खबर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

RCB की लगातार दूसरी खिताब का जश्न, डांस फ्लोर पर जमकर थिरके कोहली और अनुष्का

Virat-Anushka dance video: आईपीएल 2026 का खिताब जीतकर RCB ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वो इस समय की सबसे बेस्ट टीम है. खिताबी जीत के बाद टीम ने होटल में जोरदार जश्न मनाया. इस सेलिब्रेशन का एक वीडियो इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है. जिसमें विराट कोहली और अनुष्का शर्मा डांस फ्लोर पर एक साथ थिरकते हुए दिखाई दे रहे हैं. आरसीबी की इस धमाकेदार जीत की खुशी दोनों के चेहरों और उनके शानदार डांस मूव्स में साफ नजर आ रही थी. 𝗞𝗶𝗻𝗴 𝗞𝗼𝗵𝗹𝗶’𝘀 𝗺𝗮𝘀𝘁𝗲𝗿𝗰𝗹𝗮𝘀𝘀 𝗼𝗻 𝘁𝗵𝗲 𝗱𝗮𝗻𝗰𝗲 𝗳𝗹𝗼𝗼𝗿 😉 Pure vibes. Wholesome. And so much more. Anushka Sharma, thank you for being our Day 1. ❤️ pic.twitter.com/7Qmxxv6QtG — Royal Challengers Bengaluru (@RCBTweets) June 1, 2026 अनुष्का शर्मा बनीं कैमरामैन RCB द्वारा शेयर किए गए लेटेस्ट वीडियो में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा होटल के डांस फ्लोर पर आग लगाते दिख रहे हैं. विराट ने सिर्फ अनुष्का संग ही नहीं, बल्कि टीम के मेंटॉर दिनेश कार्तिक के साथ भी जबरदस्त डांस किया. खास बात यह रही कि इस दौरान अनुष्का खुद फोन थामे सबके वीडियो रिकॉर्ड करती और इस पल को एन्जॉय करती नजर आईं. ‘विरूष्का’ और ‘DK’ का यह अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. रन चेज के ‘असली किंग’  आरसीबी को लगातार दूसरी बार चैंपियन बनाने के पीछे किसी और का नहीं, बल्कि ‘किंग कोहली’ का ही हाथ है. फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटंस से मिले 156 रनों के लक्ष्य का पीछा करने जब विराट मैदान पर उतरे, तो फिर टीम को जीत दिलाकर ही वापस लौटे. उन्होंने महज 42 गेंदों में 9 चौकों और 3 छक्कों की मदद से नाबाद 75 रनों की तूफानी पारी स्पोर्ट्सी. सिर्फ फाइनल ही नहीं, पूरे आईपीएल 2026 में विराट कोहली RCB के सबसे बड़े मैच विनर रहे. उन्होंने इस सीजन स्पोर्ट्से 16 मैचों में 1 शतक और 5 अर्धशतक जड़ते हुए कुल 675 रन बनाए और टीम के सबसे सफल बल्लेबाज साबित हुए. RCB की जीत के ‘साइलेंट हीरो’ रहे पंड्या आरसीबी को लगातार दूसरी बार चैंपियन बनाने में जहां विराट कोहली की रन-मशीन चली, वहीं ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या ने भी अपने ऑलराउंड स्पोर्ट्स से बड़ी भूमिका निभाई. आईपीएल 2026 में क्रुणाल पंड्या ने बल्ले और गेंद दोनों से टीम के लिए संकटमोचक का काम किया. उन्होंने इस सीजन में स्पोर्ट्से 16 मैचों में न सिर्फ बल्ले से उपयोगी 226 रन बनाए, बल्कि गेंद से भी कमाल करते हुए 14 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए. इस खिताबी जीत के साथ ही क्रुणाल ने RCB के साथ अपनी दूसरी और अपने ओवरऑल करियर की 5वीं आईपीएल ट्रॉफी उठा ली है. यह भी पढ़े- रवि शास्त्री के ‘दूध वाले सवाल’ पर वैभव का मजेदार जवाब, सुनकर छूट जाएगी आपकी हंसी The post RCB की लगातार दूसरी खिताब का जश्न, डांस फ्लोर पर जमकर थिरके कोहली और अनुष्का appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

शुभेंदु कैबिनेट का विस्तार, 35 नये मंत्रियों को राज्यपाल ने दिलायी शपथ

West Bengal Cabinet Expansion: श्रीकांत शर्मा, कोलकाता. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्ववाली राज्य मंत्रिपरिषद का विस्तार कर दिया गया है. सोमवार को सुबह 11 बजे लोक भवन में राज्य के राज्यपाल आरएन रवि ने सभी मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी. मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने मंत्रियों के नामों की घोषणा की. इसके बाद राज्यपाल आरएन रवि ने उन्हें शपथ दिलाई. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि किन मंत्रियों को कौन-कौन से विभाग मिलेंगे. 13 कैबिनेट मंत्री, 19 राज्य जबकि तीन स्वतंत्र प्रभार समारोह वंदे मातरम और राष्ट्रगान के साथ शुरू हुआ. सोमवार को 35 नये मंत्री बने. शपथ लेने वाले 35 मंत्रियों में 13 कैबिनेट मंत्री, 19 राज्य जबकि तीन स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री हैं. इस अवसर पर ज्यादातर मंत्री पारंपरिक बंगाली पोशाक धोती-पंजाबी पहनकर लोकभवन पहुंचे थे. इस दौरान कई मंत्री अपने परिवार के साथ लोकभवन पहुंचे थे. इस अवसर पर बालुरघाट के सांसद केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पाल लोक भवन पहुंची थी. सोमवार को कैबिनेट में 35 और मंत्रियों को शपथ दिलायी गयी. 35 मंत्रियों के शपथ लेने के साथ ही राज्य भाजपा प्रशासन के कैबिनेट में कुल सदस्यों की संख्या 41 हो गयी. 35 विधायकों को मिली मंत्री पद की जिम्मेदारी 35 लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई. तापस रॉय, मनोज ओरांव, अर्जुन सिंह, गौरी शंकर घोष, दीपक बर्मन, अरूप कुमार दास, स्वपन दासगुप्ता, कल्याण चक्रवर्ती, शंकर घोष और दुधकुमार मंडल ने पूर्ण मंत्री के रूप में शपथ ली. स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री मालती रावा राय, राजेश महतो, इंद्रनील खान हैं. राज्य मंत्री अशोक डिंडा, ज्वेल मुर्मू, हरेकृष्ण बेरा, शांतनु प्रमाणिक, उमेश रॉय, पूर्णिमा चक्रवर्ती, भास्कर भट्टाचार्य, कलिता माजी, बिराज विश्वास, आनंदमय बर्मन, विशाल लामा, दीपांकर जाना हैं. चर्चा के विपरीत तिलोत्तमा की माता रूपा गांगोपाध्याय और रुद्रनील घोष का नाम मंत्रियों की सूची में नहीं है. पहली बार चुनाव जीतने वाले कलिता मांझी को राज्य मंत्री के रूप में मंत्रिमंडल में जगह मिली है. उन्होंने औशग्राम से चुनाव लड़ा था. नये चेहरों को जगह नयी कैबिनेट में कई चौंकाने वाले परिणाम देखने को मिले हैं. पहली बार विधायक चुने गए लोगों को शुभेंदु अधिकारी के मंत्रिमंडल में जगह मिली है. इनमें एक महत्वपूर्ण नाम शरदवत मुखर्जी का है, जिन्हें मंत्रिमंडल में मंत्री बनाया गया है. पेशे से डॉक्टर शरदवत ने पहली बार चुनाव लड़ा था. वे बिधाननगर से निर्वाचित हुए. खरदाह से निर्वाचित कल्याण चक्रवर्ती को पूर्णकालिक मंत्री का पद मिला है. पुराने को भी पूरा सम्मान भाजपा के दीर्घकालिक नेता दुधकुमार मंडल को भी पूर्णकालिक मंत्री बनाया गया है. जब बंगाल में भाजपा का अस्तित्व नहीं था, तब उन्होंने 1988 में बीरभूम से पंचायत चुनाव भी जीता था. कुल्टी से निर्वाचित अजय पोद्दार 1975 से आरएसएस से जुड़े हुए हैं. राजेश महतो गोपी बल्लभपुर से मंत्री बने और अमिया किस्कू नयाग्राम से मंत्री बने. चुनाव के दौरान उनके बारे में कई चर्चाएं हुईं. सीरमपुर से भास्कर भट्टाचार्य और बालागढ़ से सुमना प्रशासन कैबिनेट में आये. पूर्ण मंत्री दीपक बर्मन तापस रॉय डॉ. शंकर घोष मनोज कुमार उराँव अर्जुन सिंह गौरी शंकर घोष स्वपन दासगुप्ता जगन्नाथ चट्टोपाध्याय कल्याणकारी अजय पोद्दार सरदावत मुखर्जी दूध कुमार मंडल अनूप कुमार दास स्वतंत्र उत्तरदायित्व वाले मंत्री डॉ. इंद्रनील खान मालती रावा रॉय राजेश महतो राज्य मंत्री जोएल मुर्मू हरे कृष्ण बेरा आनंदमय बर्मन अशोक डिंडा नदियार चंद बाउरी विशाल लामा शान्तनु प्रमाणिक मौमिता बिस्वास मिश्रा रामबाण राय पूर्णिमा चक्रवर्ती कौशिक चौधरी भास्कर भट्टाचार्य दिबाकर घरामी अमिया किस्कू कलिता माझी गार्गी दास घोष बिराज बिस्वास दीपंकर जना सुमना प्रशासन पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 9 मई को भाजपा के पहले मुख्यमंत्री ने ली थी शपथ विधानसभा चुनाव में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर 200 से ज्यादा सीटें हासिल की हैं. इसके बाद 9 मई को शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी. उनके साथ पांच अन्य विधायक- अग्निमित्रा पॉल, निशिथ प्रमाणिक, दिलीप घोष, अशोक और खुदीराम टुडू ने शपथ ली थी. बंगाल में नई प्रशासन के इस शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री ने शिरकत की थी. Also Read: बंगाल में तेज विकास चाहती है भाजपा, विशेष आर्थिक पैकेज देने से फिलहाल बच रहा केंद्र The post शुभेंदु कैबिनेट का विस्तार, 35 नये मंत्रियों को राज्यपाल ने दिलायी शपथ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ऑफ-रोड व्हील्स फिट करते ही बदल गई Tata Sierra, मॉडिफाइड लुक का वीडियो हो रहा वायरल

Tata Sierra इस साल की सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली SUVs में से एक रही है. इसे पिछले साल लॉन्च किया गया था. लेकिन इसकी डिलीवरी इस साल जाकर शुरू हुई. हिंदुस्तान में मॉडिफिकेशन वैसे तो कानूनी तौर पर सीमित हैं, लेकिन फिर भी बहुत से लोग अपनी गाड़ियों को अपनी पसंद के हिसाब से कस्टमाइज करना पसंद करते हैं. Tata Sierra भी इससे अलग नहीं है. इसके मॉडिफाइड वर्जन अब सोशल मीडिया पर दिखने लगे हैं. ऐसी ही एक Sierra सामने आई है, जिसमें ऑफ-रोड स्टाइल वाले रफ एंड टफ व्हील्स लगाए गए हैं. आइए देखते हैं इस वीडियो को. Tata Sierra का मॉडिफाइड वर्जन यह वीडियो muflih ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया है. इसमें एक Tata Sierra बिल्डिंग के पास खड़ी नजर आती है, जो अपने सिग्नेचर Andaman Adventure (वाइब्रेंट येलो) कलर में काफी शानदार दिख रही है. असल फर्क इसके व्हील्स में देखने को मिलता है. जहां स्टॉक Sierra में 19-इंच के ड्यूल-टोन मशीन-कट अलॉय व्हील्स दिए जाते हैं, वहीं इस मालिक ने इसमें बदलाव कर दिया है. View this post on Instagram A post shared by MUFLIH🏎🔰 (@muflih_mufi) कार में आफ्टरमार्केट, ज्यादा रफ और ऑफ-रोड स्टाइल वाले अलॉय व्हील्स लगाए गए हैं, साथ ही ऑफ-रोड टायर्स भी फिट किए गए हैं. सिर्फ व्हील्स बदलने से ही पूरी गाड़ी का लुक काफी बदल गया है. अब यह SUV पहले से ज्यादा मस्क्युलर, दमदार और थोड़ी ऊंची लग रही है. ध्यान से देखने पर पता चलता है कि नए व्हील्स और टायर्स व्हील आर्च के काफी करीब हैं. इससे ऐसा लगता है कि शायद इसमें हल्का सा लिफ्ट भी दिया गया है, ताकि चौड़े व्हील्स आराम से फिट हो सकें और रगड़ न खाएं. Tata Sierra की खूबियां Tata के इस SUV में सेगमेंट का काफी बड़ा पैनोरमिक सनरूफ मिलता है, जो केबिन को और भी प्रीमियम फील देता है. डैशबोर्ड पर आपको ट्रिपल-स्क्रीन सेटअप देखने को मिलता है, जबकि अंदर की तरफ लेदराइट सीट्स, वेंटिलेटेड और इलेक्ट्रिक एडजस्टेबल सीट्स (मेमोरी फंक्शन के साथ), फ्लोटिंग सेंटर कंसोल और एक्सटेंड होने वाला अंडर-थाई सपोर्ट जैसे लग्जरी फीचर्स दिए गए हैं इंजन की बात करें तो इसमें तीन ऑप्शन मिलते हैं. सबसे पहले 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 105 bhp पावर और 145 Nm टॉर्क जनरेट करता है. यह इंजन मैनुअल और DCA गियरबॉक्स दोनों के साथ आता है. इसके अलावा 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन भी मिलता है, जो 160 PS पावर और 255 Nm टॉर्क देता है और टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक के साथ आता है. वहीं 1.5-लीटर टर्बो-डीजल इंजन भी ऑप्शन में है, जो 116 bhp पावर और 260 Nm टॉर्क जनरेट करता है. यह मैनुअल व ऑटोमैटिक दोनों ट्रांसमिशन के साथ उपलब्ध है. इस SUV की कीमत 11.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होकर 21.29 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है. यह भी पढ़ें: यूं ही नहीं कहते इसे लॉर्ड ऑल्टो! देखिए कैसे इस छोटी कार ने पार कर दिया खतरनाक आदि कैलाश का रास्ता The post ऑफ-रोड व्हील्स फिट करते ही बदल गई Tata Sierra, मॉडिफाइड लुक का वीडियो हो रहा वायरल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

डाबर, ब्रिटानिया, टाटा और इमामी ने बदला अपना ठिकाना; होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी से बचने के लिए उठाया कदम

FMCG Companies : अमेरिका-ईरान तनाव और पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी संघर्ष के चलते दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक रास्ता ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) इस समय भारी नाकेबंदी और रुकावटों का सामना कर रहा है. इसका सीधा असर हिंदुस्तान की दिग्गज एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय बिजनेस पर पड़ा है. अपने कारोबार को सुरक्षित रखने के लिए डाबर, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज़, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और इमामी जैसी बड़ी कंपनियों ने पश्चिम एशिया से अपनी मैन्युफैक्चरिंग (उत्पादन) और सोर्सिंग (कच्चा माल मंगाना) को हिंदुस्तान और अन्य सुरक्षित देशों में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है. डाबर (Dabar): लागत बढ़ी, पर जोखिम से बचने के लिए बदला रूट : डाबर की अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन का एक बहुत बड़ा हिस्सा यूएई (UAE) के रास अल खैमाह में केंद्रित था. लेकिन होर्मुज संकट के बाद कंपनी ने अपने प्रोडक्शन का कुछ हिस्सा वहां से हटाकर हिंदुस्तान, मिस्र (Egypt) और तुर्की में ट्रांसफर कर दिया है. इन वैकल्पिक जगहों से एक्सपोर्ट (निर्यात) करने में कंपनी की लॉजिस्टिक्स लागत (Cost) काफी बढ़ गई है, जिससे आने वाले समय में डाबर के मुनाफे (मार्जिन) पर थोड़ा दबाव देखा जा सकता है. ब्रिटानिया (Britannia): ओमान से गुजरात के मुंद्रा में शिफ्ट किया प्रोडक्शन : ब्रिटानिया ने अपनी रणनीति में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला फेरबदल किया है. कंपनी ने पश्चिम एशिया और नॉर्थ अमेरिकी बाजारों के लिए अपनी मुख्य मैन्युफैक्चरिंग को ओमान और दुबई से हटाकर गुजरात के मुंद्रा (Mundra) स्थित अपनी फैक्ट्री में ट्रांसफर कर दिया है. अब मुंद्रा से माल समुद्री रास्ते के जरिए सीधे अमेरिकी और वैश्विक बाजारों में भेजा जा रहा है. पहले ब्रिटानिया ने कम टैरिफ (टैक्स) का फायदा उठाने के लिए अपना प्रोडक्शन मुंद्रा से ओमान भेजा था, लेकिन अब सुरक्षा कारणों से उसे वापस हिंदुस्तान लाना पड़ा है. ब्रिटानिया के सीईओ रक्षित हरगवे ने विश्लेषकों को बताया, “हमने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि हमारी मौजूदा सप्लाई चेन होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भर न रहे. हमें पूरा भरोसा है कि इस तिमाही में हमारा एक्सपोर्ट प्रदर्शन काफी बेहतर रहेगा.” टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स: कच्चे माल के लिए ‘प्लान-बी’ तैयार : टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (Tata Consumer Products) अपने घरेलू प्रॉडक्ट्स के लिए प्लास्टिक के ढक्कन और पेट (PET) मटीरियल का आयात खाड़ी देशों से करती थी. लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद कंपनी ने अपनी सोर्सिंग के स्रोतों को डायवर्सिफाई (विविध) कर लिया है ताकि किसी एक देश पर निर्भरता न रहे. कंपनी के ‘कैपिटल फूड्स’ बिजनेस (जिसके तहत चिंग्स सीक्रेट और स्मिथ एंड जोन्स जैसे ब्रांड आते हैं) को मार्च तिमाही में अमेरिका एक्सपोर्ट के दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था. हालांकि, कंपनी के एमडी सुनील डी’सूज़ा ने राहत देते हुए बताया कि अब शिपिंग की स्थिति में काफी सुधार हुआ है. इमामी (Emami): इंटरनेशनल बिजनेस में 5% की गिरावट, पर रिकवरी शुरू : इमामी पश्चिम एशिया में बिकने वाले अपने कुल प्रोडक्ट्स का करीब 50% हिस्सा यूएई (UAE) के भीतर ही बनाती थी, जिसके लिए 30% कच्चा माल यूरोप से आता था. इस संघर्ष के कारण सप्लाई चेन टूटने से मार्च तिमाही में इमामी के इंटरनेशनल बिजनेस में 5% की गिरावट दर्ज की गई थी. इमामी के इंटरनेशनल बिजनेस के चीफ एग्जीक्यूटिव विवेक धीर ने बताया कि कंपनी को पश्चिम एशिया में अपने लोकल प्रोडक्शन में कटौती करनी पड़ी है. हालांकि, अप्रैल में 2% की ग्रोथ के साथ कंपनी फिर से पटरी पर लौट आई है. कंपनी को उम्मीद है कि जून 2026 तक हालात पूरी तरह स्थिर हो जाएंगे और दूसरी तिमाही से कंपनी दो अंकों (Double-Digit) की ग्रोथ हासिल कर लेगी. Also Read : तेल के दामों में फिर लगी आग, जानिए क्यों अचानक बढ़ गए रेट?  The post डाबर, ब्रिटानिया, टाटा और इमामी ने बदला अपना ठिकाना; होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी से बचने के लिए उठाया कदम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कौन हैं सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त पांच नए जज? 4 हाईकोर्ट से पहुंचे, एक एडवोकेट को मिली जिम्मेदारी; जानें वी. मोहना के बारे में

Five New Judges Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में केंद्र प्रशासन ने पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू, बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण पल्ली और वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना सुप्रीम कोर्ट के जज बनेंगे. इन नियुक्तियों से शीर्ष अदालत में जजों की संख्या बढ़कर 37 हो जाएगी. इन पांच नामों की सिफारिश 27 मई को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की थी. कॉलेजियम में हिंदुस्तान के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के साथ न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति जे.के. महेश्वरी, न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश शामिल थे. कॉलेजियम ने वरिष्ठता, योग्यता, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और न्यायपालिका में विविधता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इन नामों को चुना था. नियुक्तियों का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के बोझ को कम करना और अदालत की कार्यक्षमता को मजबूत करना है. आइए इन सभी पांचों न्यायाधीशों के बारे में विस्तार से जानते हैं.  न्यायमूर्ति शील नागू: तीन दशक से अधिक का कानूनी अनुभव न्यायमूर्ति शील नागू ने वर्ष 1987 में वकालत की दुनिया में कदम रखा. उन्होंने जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में मुख्य रूप से दीवानी और संवैधानिक मामलों की पैरवी की. लंबे समय तक सफल वकालत के बाद मई 2011 में उन्हें मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया. करीब दो साल बाद, मई 2013 में उन्हें स्थायी न्यायाधीश का दर्जा मिला. न्यायिक सेवा के दौरान उन्होंने बड़ी संख्या में मामलों की सुनवाई की और मई 2024 में उन्हें मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बनाया गया. न्यायाधीश के रूप में अपने 12 वर्ष से अधिक के कार्यकाल में उन्होंने 499 फैसले सुनाए हैं. वह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत हुए हैं. न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर: वकालत से लेकर मुख्य न्यायाधीश तक का सफर रांची में जन्मे न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से कानून की पढ़ाई पूरी की और 1993 में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया. इसके बाद उन्होंने लगभग 19 वर्षों तक दीवानी और आपराधिक मामलों में सक्रिय वकालत की. अपने वकालती करियर में उन्होंने करीब 3,500 मामलों में पक्ष रखा, जिनमें बड़ी संख्या सुप्रीम कोर्ट के मामलों की थी. उनके वकील रहते हुए लगभग 140 ऐसे फैसले आए जो सुप्रीम कोर्ट की रिपोर्टेड जजमेंट्स का हिस्सा बने. जनवरी 2013 में उन्हें झारखंड हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया. जून 2014 में उनकी स्थायी न्यायाधीश के रूप में पुष्टि हुई. दिसंबर 2023 में उन्होंने कुछ समय के लिए झारखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी भी निभाई. बाद में उनका तबादला बॉम्बे हाईकोर्ट कर दिया गया, जहां सितंबर 2025 में उन्होंने 49वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली. न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा: अदालतों में दशकों का व्यापक अनुभव न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने 1988 में दिल्ली बार काउंसिल में अपना पंजीकरण कराया और जिला अदालतों से लेकर दिल्ली हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट तक विभिन्न स्तरों पर वकालत की. उन्होंने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के स्थायी वकील और केंद्र प्रशासन के वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता के रूप में भी लंबे समय तक सेवाएं दीं. उनके अनुभव और विशेषज्ञता को देखते हुए जुलाई 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा प्रदान किया. इसके बाद 2013 में उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया. एक दशक से अधिक समय तक न्यायाधीश के रूप में उन्होंने टैक्स, आपराधिक, सिविल और कमर्शियल मामलों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की. वह मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से सुप्रीम कोर्ट में जज बने हैं. न्यायमूर्ति अरुण पल्ली: कानूनी परंपरा वाले परिवार से आते हैं न्यायमूर्ति अरुण पल्ली ऐसे परिवार से आते हैं, जिसकी चार पीढ़ियां कानूनी पेशे से जुड़ी रही हैं. कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने 1988 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में वकालत शुरू की. अपने करियर में उन्होंने दीवानी, आपराधिक, संवैधानिक, राजस्व, औद्योगिक और श्रम कानून से जुड़े मामलों में काम किया. सितंबर 2004 से मार्च 2007 तक उन्होंने पंजाब प्रशासन के अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई. अप्रैल 2007 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा मिला. इसके बाद दिसंबर 2013 में वह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश बने. अप्रैल 2025 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला. ये भी पढ़ें:- कोलकाता नहीं कांथी से चलता है बंगाल! क्यों शुभेंदु अधिकारी की कार्यशैली उन्हें दूसरे नेताओं से बनाती है जुदा? ये भी पढ़ें:- सोनारपुर हमला अभिषेक बनर्जी की अग्नि परीक्षा, जन-आक्रोश को ममता की तरह सहानुभूति में बदल पायेंगे ‘भाईपो’? वी. मोहना: सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने वाली दूसरी स्त्री वरिष्ठ अधिवक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना का नाम इस सूची में विशेष महत्व रखता है. न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा के बाद वह बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए कॉलेजियम द्वारा अनुशंसित होने वाली दूसरी स्त्री हैं. वह अपने परिवार की पहली वकील भी हैं. वह सुप्रीम कोर्ट के 76 वर्षों के इतिहास में न्यायाधीश बनने वाली 12वीं स्त्री हैं. वी. मोहना ने 1983 से 1988 के बीच कोयंबटूर लॉ कॉलेज के पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम के पहले बैच से कानून की डिग्री हासिल की. दिल्ली आने के बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता सी. एस. वैद्यनाथन के साथ काम किया और बाद में देश के पूर्व अटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल की टीम का हिस्सा रहीं. सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2015 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा प्रदान किया. उनका कानूनी अनुभव नागरिक, आपराधिक, संवैधानिक, सेवा, बैंकिंग, सारफेसी, बौद्धिक संपदा, साइबर अपराध और कॉरपोरेट कानून जैसे कई क्षेत्रों में फैला हुआ है. हालांकि संवैधानिक और दीवानी मामलों में उन्होंने विशेष पहचान बनाई है. इन पांचों नामों का चयन अनुभव, न्यायिक क्षमता और कानूनी विशेषज्ञता के संतुलित मिश्रण के रूप में देखा जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट में उनकी नियुक्ति से शीर्ष अदालत को न केवल अतिरिक्त ताकत मिलेगी, बल्कि न्यायिक व्यवस्था में विविध अनुभवों का लाभ भी मिलेगा. The post कौन हैं सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त पांच नए जज? 4 हाईकोर्ट से पहुंचे, एक एडवोकेट को

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रवि शास्त्री के ‘दूध वाले सवाल’ पर वैभव का मजेदार जवाब, सुनकर छूट जाएगी आपकी हंसी

Vaibhav Suryavanshi: नरेंद्र मोदी स्टेडियम में स्पोर्ट्से गए फाइनल मुकाबले में आरसीबी ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराकर आईपीएल 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया. इस खिताबी मुकाबले के असली हीरो 15 साल के वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने मैच के बाद अवॉर्ड्स की झड़ी लगा दी. प्रेजेंटेशन के दौरान उस वक्त हंसी का माहौल बन गया जब रवि शास्त्री ने मजाकिया अंदाज में उनसे पूछ लिया कि वे रोज कितना दूध पीते हैं. वैभव का यह जवाब अब सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है. Ravi Shastri to Vaibhav Suryavanshi: How much MILK do you drink nowdays❓ Vaibhav: Sir, I don’t drink MILK nowdays😂🤣 pic.twitter.com/JdqAR44MBH — Bhakt Prahlad🚩 (@RakeshKishore_l) June 1, 2026 रवि शास्त्री के सवाल पर छूटी वैभव की हंसी सबसे ज्यादा अवॉर्ड्स जीतने वाले वैभव सूर्यवंशी से जब रवि शास्त्री ने उनकी डाइट को लेकर मजाक किया और पूछा कि वो रोज कितना दूध पीते हैं. तो इस पर वैभव अपनी हंसी रोक नहीं पाए. उन्होंने मुस्कुराकर कहा- “मैं अब दूध नहीं पीता.” इस पर शास्त्री ने उन्हें सलाह दे डाली कि अब उन्हें घर में अवॉर्ड्स सजाने के लिए एक बड़ी अलमारी की जरूरत पड़ने वाली है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर फैंस का दिल जीत रहा है. वैभव ने बताया अपना ‘सक्सेस मंत्र’ ऑरेंज कैप, मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर, सबसे ज्यादा छक्के और सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन का अवॉर्ड जीतने के बाद वैभव ने अपनी मैच्योरिटी से सबको प्रभावित किया. अवॉर्ड लेने पहुंचे वैभव ने कहा, “यह सीजन मेरे लिए सीखने के लिहाज से बेहतरीन रहा. मैंने सीखा कि हमेशा एक ही तरह से नहीं स्पोर्ट्सा जा सकता, आपको मैच की स्थिति को देखकर अपनी बल्लेबाजी तय करनी होती है.” हालांकि, अपनी आक्रामक शैली पर बात करते हुए उन्होंने साफ किया, “लेकिन अगर पहली ही गेंद मेरी रेंज में आती है और मुझे लगता है कि मैं मार सकता हूं, तो मैं हिट करने की पूरी कोशिश करता हूं. यही मेरा नेचुरल स्टाइल है और अभी तक मैं इसमें सफल भी रहा हूं.” 15 साल के वैभव ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 के 16 मैचों में कुल 776 रन बना डाले. इस दौरान उनके बल्ले से 1 शानदार शतक निकला. जबकि दो बार वह बेहद दुर्भाग्यशाली रहे और ‘नर्वस नाइंटीज’ का शिकार हो गए. खास बात यह रही कि वैभव ने दबाव वाले प्लेऑफ मैचों में टीम को अकेले दम पर संभाला. उन्होंने एलिमिनेटर में 97 रन और क्वालीफ़ायर-2 में 96 रनों की अविश्वसनीय पारियां स्पोर्ट्सीं. इतना ही नहीं, उन्होंने इस सीज़न में कुल 72 छक्के जड़कर इतिहास रच दिया. अब वह आईपीएल के किसी एक सीज़न में सबसे ज़्यादा छक्के लगाने वाले दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज बन गए हैं. यह भी पढ़े- क्रुणाल पंड्या की ‘मिस्ट्री बॉल’ पर फिदा हुए सचिन तेंदुलकर, सोशल मीडिया पर किया स्पेशल ट्वीट The post रवि शास्त्री के ‘दूध वाले सवाल’ पर वैभव का मजेदार जवाब, सुनकर छूट जाएगी आपकी हंसी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पहलगाम हमले का पाकिस्तान कनेक्शन; आतंकियों से मिले फोन, 4 साल रहे बंद; हमले से पहले हुए एक्टिव; रिपोर्ट

Pahalgam Terror Attack Pakistan Connection: पहलगाम आतंकी हमले की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को एक अहम सुराग मिला है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और जम्मू-कश्मीर पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन पाकिस्तान में आयात की गई खेप का हिस्सा थे. जांच में यह भी सामने आया है कि इनमें से एक फोन 2021 में पाकिस्तान पहुंचा था, लेकिन उसे हमले से पहले कभी चालू नहीं किया गया. इस नए खुलासे से एक बार फिर पाकिस्तान की काली करतूतों का कच्चा चिट्ठा खुलने लगा है.  मुठभेड़ के बाद मिले थे दोनों मोबाइल 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन इलाके में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने हमले में शामिल आतंकियों की तलाश शुरू की. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, 28 जुलाई 2025 को जम्मू-कश्मीर के दाचीगाम जंगल क्षेत्र स्थित मुलनार महादेव इलाके में हुई मुठभेड़ में फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी मारे गए. मुठभेड़ के बाद उनके पास से दो शाओमी रेडमी सीरीज के मोबाइल फोन बरामद हुए. जांच में पता चला कि इनमें एक नारंगी रंग का रेडमी 9टी और दूसरा काले रंग का रेडमी नोट 12 था. 2021 में पाकिस्तान पहुंचा था पहला फोन जांच एजेंसियों ने जब शाओमी ग्लोबल से फोन की जानकारी मांगी तो पता चला कि रेडमी 9टी पाकिस्तान की कंपनी टेक सिरात प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इंपोर्ट की गई एक खेप का हिस्सा था. दस्तावेजों के अनुसार, यह खेप 1 जनवरी 2021 को पाकिस्तान पहुंची थी. सिरत नाम की यह कंपनी कराची के क्लिफ्टन इलाके से रजिस्टर्ड है. यह वही स्थान है, जहां दाऊद इब्राहिम के ठिकानों का पता चला था.  डिलीवरी का पता कराची स्थित फैसल बैंक के मुख्यालय का बताया गया. इंपोर्ट से जुड़े रिकॉर्ड में फैसल बैंक का नाम लॉजिस्टिक और वित्तीय सहयोगी के रूप में दर्ज था. जांच से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि बड़े आयातों में बैंक द्वारा वित्तीय गारंटी या लेटर ऑफ क्रेडिट उपलब्ध कराना सामान्य प्रक्रिया होती है.  हालांकि, दस्तावेजों से यह संकेत मिला कि फोन उसी खेप का हिस्सा था, जहां से बाद में उसे अलग कर आतंकी संगठन तक पहुंचाया गया. फिलहाल यह साफ नहीं है कि इसे चुराकर आतंकियों तक पहुंचाया गया, या फिर जानबूझकर किया गया. चार साल तक बंद रहा मोबाइल जांच का सबसे अहम पहलू यह है कि 2021 में पाकिस्तान पहुंचने के बाद यह मोबाइल कभी सक्रिय नहीं हुआ था. अधिकारियों के अनुसार, फोन पहली बार पहलगाम हमले की तैयारी के दौरान चालू किया गया. एक जांच अधिकारी के मुताबिक, परिस्थितियां इस ओर इशारा करती हैं कि फोन को शुरुआत से ही किसी विशेष उद्देश्य के लिए सुरक्षित रखकर रखा गया था और बाद में आतंकियों को सौंपा गया. दूसरे फोन का भी मिला पाकिस्तान से संबंध आतंकियों के पास मिला दूसरा मोबाइल रेडमी नोट 12 था. जांच में पता चला कि यह फोन पाकिस्तान की एयर लिंक कम्युनिकेशंस लिमिटेड द्वारा आयात किया गया था, जिसका कार्यालय लाहौर के न्यू गार्डन टाउन इलाके में स्थित है. यह फोन भी लंबे समय तक बंद रहा और हमले से पहले ही पहली बार सक्रिय किया गया था. फोन से क्या मिला? जांचकर्ताओं को इन मोबाइल फोन से कोई कॉल रिकॉर्ड या संदेश नहीं मिले. अधिकारियों के अनुसार, आतंकी लंबी दूरी की रेडियो संचार तकनीक का इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट पर निर्भर हुए बिना संपर्क किया जा सकता है. हालांकि दोनों फोन से कुछ तस्वीरें और नक्शे बरामद किए गए हैं. इनमें पहलगाम के बैसरन मैदान और आसपास के इलाकों के नक्शे शामिल हैं. जांच के दौरान एक तस्वीर भी मिली, जिसमें 30 मार्च 2025 को लगाया गया एक टेंट दिखाई देता है. तस्वीर से संकेत मिलता है कि आतंकी हमले से कई सप्ताह पहले इलाके में डेरा डाल चुके थे. टेंट के पास एक स्टोव भी नजर आया, जबकि उसका स्थान ऐसी ऊंचाई पर था जहां से सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर नजर रखना आसान हो सकता था. फैसल बैंक का नाम पहले भी आया था चर्चा में जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे फैसल बैंक को सीधे तौर पर पहलगाम हमले से जोड़ा जा सके. हालांकि अतीत में बैंक का नाम कुछ आतंकी गतिविधियों की फाइनेंसिंग संबंधी जांचों में सामने आ चुका है. 2007 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि लश्कर-ए-तैयबा और लजनत-अल-दावा (कुवैत का मुखौटा एनजीओ) के खाते फैसल बैंक में मौजूद थे. हालांकि बैंक प्रबंधन ने उस समय किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया था और कहा था कि प्रतिबंधित घोषित होते ही संबंधित खातों को फ्रीज कर दिया गया था. इसके अलावा अमेरिका में 9/11 की घटना के बाद, 2002 में पाकिस्तान की फेडरल जांच एजेंसी द्वारा विभिन्न आतंकी संगठनों के बैंक खातों की जांच के दौरान भी फैसल बैंक का नाम अन्य बैंकों के साथ सामने आया था. ये भी पढ़ें:- कौन हैं सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त पांच नए जज? 4 हाईकोर्ट से पहुंचे, एक एडवोकेट को मिली जिम्मेदारी; जानें वी. मोहना के बारे में ये भी पढ़ें:- सोनारपुर हमला अभिषेक बनर्जी की अग्नि परीक्षा, जन-आक्रोश को ममता की तरह सहानुभूति में बदल पायेंगे ‘भाईपो’? जांच में खुल रहे हैं नए पहलू एनआईए और जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. मोबाइल फोन की उत्पत्ति, उनके वर्षों तक निष्क्रिय रहने और फिर हमले से ठीक पहले सक्रिय होने जैसी जानकारियों ने जांच को नई दिशा दी है. सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये उपकरण पाकिस्तान से निकलकर आतंकियों तक कैसे पहुंचे और हमले की साजिश में उनकी क्या भूमिका रही. पॉज हुआ है ऑपरेशन सिंदूर; एंड नहीं वहीं हिंदुस्तान ने पहलगाम में मारे गए निर्दोषों का बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर 6-7 मई 2025 की दरम्यानी रात शुरू किया था. 10 मई तक पाकिस्तान की हालत खस्ता होने पर उसने सीजफायर की गुहार लगाई, जिसके बाद हिंदुस्तान ने अपने हमलों को रोका. हालांकि, हिंदुस्तान प्रशासन का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी रोका गया है, इसे बंद नहीं किया गया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जनवरी से 7वीं बार बढ़े रेट , गैस सिलेंडर ने बिगाड़ा किचन का बजट

Commercial LPG Cylinder Price Hike : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के चलते वैश्विक स्तर पर गहराए तेल-गैस संकट का सीधा असर अब हिंदुस्तानीय बाजारों पर दिखने लगा है.ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने आज 1 जून, 2026 को जून महीने की पहली तारीख को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी कर दी है. ताजा रेट के अनुसार 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में देश के अलग-अलग शहरों में ₹42 से लेकर ₹53.50 प्रति सिलेंडर तक का इजाफा किया गया है.इस बढ़ोतरी ने पहले ही गैस की किल्लत और मंदी से जूझ रहे होटल, रेस्तरां, ढाबा और अन्य छोटे-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है. राहत की बात बस इतनी है कि तेल कंपनियों ने घरों की रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है और इसके दाम यथावत (स्थिर) बने हुए हैं. मेट्रो शहरों में अब क्या हैं कमर्शियल सिलेंडर के नए दाम? आज सुबह से लागू हुई नई दरों के बाद देश के प्रमुख महानगरों में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत इस प्रकार पहुंच गई है. यहां सिलेंडर के दाम में ₹42 की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद अब इसकी कीमत ₹3,113.50 हो गई है.सबसे तगड़ा झटका लगा है.प्रति सिलेंडर ₹53.50 की बढ़ोतरी के बाद अब नया दाम ₹3,255.50 पर पहुंच गया है. लगातार 7वीं बार बढ़ीं कीमतें कमर्शियल गैस सिलेंडर के उपभोक्ताओं के लिए साल 2026 बेहद भारी साबित हो रहा है.इस साल की शुरुआत से अब तक लगातार सातवीं बार कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं.अगर पिछले साल के आखिरी महीने (दिसंबर 2025) से तुलना करें, तो महज 6 महीनों के भीतर कमर्शियल सिलेंडर का भाव करीब दोगुना हो चुका है.दिसंबर 2025 में दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत महज ₹1,580.50 थी, जो आज 1 जून को ₹3,113.50 के रिकॉर्ड स्तर पर आ चुकी है. महीना-दर-महीने कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों का सफर साल 2026 में कब-कब और कितनी बढ़ीं कीमतें, इसे आप नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझ सकते हैं. महीना (साल 2026) कमर्शियल सिलेंडर का दाम (19 Kg) प्रति सिलेंडर हुई बढ़ोतरी दिसंबर 2025 (बेस प्राइस) ₹1,580.50 – जनवरी 2026 ₹1,691.50 ₹111 फरवरी 2026 ₹1,740.50 ₹49 मार्च 2026 (शुरुआत) ₹1,768.50 ₹28 7 मार्च 2026 ₹1,883.00 ₹114.50 अप्रैल 2026 ₹2,078.50 ₹195.50 मई 2026 ₹3,071.50 ₹993 1 जून 2026 (आज से) ₹3,113.50 ₹ 42 नहीं बढ़े 14 किलो वाले सिलेंडर के दाम आम परिवारों के घरेलू बजट को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन के निर्देशों पर तेल कंपनियों ने 14 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों को स्थिर रखा है. घरेलू सिलेंडर की कीमतों में आखिरी बार 7 मार्च को बदलाव किया गया था, जिसके बाद से देश के प्रमुख शहरों में आज भी पुराने दाम ही लागू हैं: दिल्ली: ₹913 प्रति सिलेंडर मुंबई: ₹912.50 प्रति सिलेंडर चेन्नई: ₹928.50 प्रति सिलेंडर कोलकाता: ₹939 प्रति सिलेंडर क्यों आ रही है कमर्शियल गैस में इतनी तेजी? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध और कूटनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस (Natural Gas) की वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है. हालांकि प्रशासन घरेलू उपभोक्ताओं को महंगाई से बचाने के लिए घरेलू एलपीजी के दामों पर सब्सिडी और प्रोडक्शन बढ़ाकर नियंत्रण रख रही है, लेकिन कमर्शियल सेक्टर को अंतरराष्ट्रीय बाजार की ओपन-प्राइसिंग नीतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे इसकी लागत आसमान छू रही है. Also Read : बढ़ गए दाम! 11 रुपये महंगा हुआ 5 किलो वाला गैस सिलेंडर, देखें नए दाम  The post जनवरी से 7वीं बार बढ़े रेट , गैस सिलेंडर ने बिगाड़ा किचन का बजट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बंगाल में तेज विकास चाहती है भाजपा, विशेष आर्थिक पैकेज देने से फिलहाल बच रहा केंद्र

मुख्य बातें बकाया राशि मिलने की उम्मीद आर्थिक मदद के बिना विकास मुश्किल फिलहाल विशेष आर्थिक पैकेज नहीं जमीन पर विकास दिखाना चाहती है भाजपा Bengal News: कोलकाता . केंद्र और बंगाल प्रशासन के बीच लंबे समय से चले आ रहे नेतृत्वक टकराव और प्रशासनिक जटिलताओं के बाद अब डबल इंजन डबल स्पीड से बंगाल का विकास करने को आतुर है. नयी प्रशासन की नई रणनीति के तहत केंद्र प्रशासन से अधिक से अधिक आर्थिक मदद लेकर राज्य के विकास को तेज कर ना है. भाजपा ने बंगाल के विकास को लेकर जो तस्वीर तैयार की है उसे जल्द से जल्द जमीन पर उतारना चाहती है. केंद्र फिलहाल विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा से बच रहा है, लेकिन बंगाल का केंद्र पर जो बकाया बनता है उसे देने के लिए प्रधानमंत्री स्तर पर सभी मंत्रालयों को निर्देश जारी कर दिया गया है. बकाया राशि मिलने की उम्मीद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यालय से विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि धन के अभाव में बंगाल की कोई भी विकास परियोजना प्रभावित नहीं होनी चाहिए. इसके बाद से ही केंद्र के विभिन्न मंत्रालयों में सक्रियता बढ़ गई है. केंद्रीय सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय और संबंधित मंत्रालय यह समीक्षा कर रहे हैं कि मौजूदा केंद्रीय योजनाओं के तहत बंगाल को किस प्रकार अधिक आर्थिक सहायता दी जा सकती है. साथ ही आपदा प्रबंधन, आधारभूत ढांचा, आवास, ग्रामीण सड़क, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में राज्य की लंबित राशि जल्द जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. आर्थिक मदद के बिना विकास मुश्किल प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव के दौरान नरेन्द्र मोदी ने बंगाल के विकास को लेकर जो वादे किए थे, उनके क्रियान्वयन पर वह खुद नजर रख रहे हैं. वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी लगातार स्थिति की जानकारी ले रहे हैं. नौकरशाही भी इस बात को स्वीकार कर रही है कि बंगाल जैसे बड़े राज्य में नेतृत्वक परिवर्तन के बाद लोगों की अपेक्षाएं काफी बढ़ गई हैं. ऐसे में केंद्र की आर्थिक मदद के बिना विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाना मुश्किल होगा. फिलहाल विशेष आर्थिक पैकेज नहीं सूत्रों के मुताबिक, ग्रामीण विकास, सड़क परिवहन, आवास योजना और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में जल्द अतिरिक्त फंड मिलने की संभावना है. हालांकि केंद्र फिलहाल बंगाल के लिए किसी विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा करने से बच रहा है. माना जा रहा है कि ऐसा करने पर भाजपा शासित अन्य राज्य भी समान मांग उठा सकते हैं. इसी कारण केंद्र मौजूदा योजनाओं और विशेष आवंटन की व्यवस्था के भीतर रहकर ही बंगाल को अतिरिक्त लाभ पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रहा है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें जमीन पर विकास दिखाना चाहती है भाजपा भाजपा बंगाल में तेजी से विकास कार्यों की रफ्तार दिखाना चाहती है और इसके लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधन जरूरी हैं. जून में पेश होने वाले राज्य के पहले पूर्ण बजट से पहले केंद्र की यह सक्रियता काफी अहम मानी जा रही है. नेतृत्वक हलकों में चर्चा है कि लंबे समय बाद बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने और विकास की गति को तेज रखना है. इसी कारण केंद्र प्रशासन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर आगे बढ़ना चाहती है. Also Read: पश्चिम बंगाल में शुभेंदु कैबिनेट का विस्तार सोमवार को, इन विधायकों के मंत्री बनने की चर्चा The post बंगाल में तेज विकास चाहती है भाजपा, विशेष आर्थिक पैकेज देने से फिलहाल बच रहा केंद्र appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘नेपाल ने भारत की जमीन कब्जाई है’, बयान देकर घर में फंसे PM बालेन शाह; विदेश मंत्रालय ने दी सफाई

Balen Shah Nepal India Border: हिंदुस्तान और नेपाल के बीच वर्षों से चले आ रहे सीमा विवाद पर नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की एक टिप्पणी ने नया नेतृत्वक विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने कहा कि केवल हिंदुस्तान ने ही नहीं, बल्कि नेपाल ने भी भाारत की जमीन पर कब्जा किया है. संसद में दिए गए उनके बयान के बाद विपक्ष ने सवाल उठाए. इस पर नेपाल के विदेश मंत्रालय को आधिकारिक सफाई जारी करनी पड़ी. संसद में पहली बार बोले प्रधानमंत्री; दिया चौंकाने वाला बयान इस वर्ष नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने बालेन शाह पहली बार अपने देश की संसद को संबोधित कर रहे थे. अपने भाषण के दौरान उन्होंने हिंदुस्तान और नेपाल के बीच कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को लेकर जारी सीमा विवाद का जिक्र किया. हालांकि, उन्होंने विवाद के समाधान के लिए दोनों देशों को मित्रतापूर्ण बातचीत की सलाह दी, लेकिन इसी दौरान दिया गया उनका एक बयान चर्चा का विषय बन गया. 35 वर्षीय प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्हें एक ऐसी जानकारी मिली जिसने उन्हें भी हैरान कर दिया. उनके अनुसार, केवल हिंदुस्तान ने ही नेपाली क्षेत्र में अतिक्रमण नहीं किया है, बल्कि नेपाल ने भी कई स्थानों पर हिंदुस्तानीय भूमि पर कब्जा किया है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों को इतिहासकारों, सर्वेक्षकों और विशेषज्ञों की मदद से तथ्यों का अध्ययन करना चाहिए और फिर मित्र देशों की तरह बैठकर इस मुद्दे का समाधान निकालना चाहिए.  बालेन शाह ने संसद को बताया कि नेपाल ने सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों को चीन और ब्रिटेन के समक्ष भी उठाया है. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन को इस पर रुचि लेनी चाहिए, क्योंकि यह मुद्दा उसी समय का है, जब उन्होंने देश छोड़ा था. ब्रिटेन का उल्लेख उन्होंने क्षेत्र में उसके औपनिवेशिक इतिहास के संदर्भ में किया. विपक्ष ने मांगा सबूत; बयान हटाने की उठी मांग प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर नेपाल की नेतृत्व में तुरंत प्रतिक्रिया देखने को मिली. नेपाली कांग्रेस की बसना थापा और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के रमेश मल्ला समेत कई विपक्षी सांसदों ने बयान पर आपत्ति जताई. उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री या तो अपने दावे के समर्थन में प्रमाण पेश करें या फिर बयान वापस लें. पूर्व विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञवाली ने भी कथित तौर पर प्रधानमंत्री से माफी मांगने की मांग की. सीमा विशेषज्ञों ने भी जताई असहमति नेपाल-हिंदुस्तान सीमा मामलों के विशेषज्ञ और भूगोलवेत्ता बुद्धि नारायण श्रेष्ठ ने प्रधानमंत्री के दावे को खारिज किया. उन्होंने कहा कि नेपाल द्वारा हिंदुस्तानीय क्षेत्र पर अतिक्रमण किए जाने का कोई उदाहरण नहीं है. हालांकि, उन्होंने माना कि कुछ सीमावर्ती इलाकों में सीमा स्तंभों के गायब होने और लोगों के आवागमन के कारण दोनों देशों के किसानों ने एक-दूसरे की जमीन का उपयोग किया है, लेकिन इसे प्रशासनी स्तर पर अतिक्रमण नहीं कहा जा सकता. पूर्व राजदूत ने भी उठाए सवाल इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, हिंदुस्तान में नेपाल के पूर्व राजदूत नीलाम्बर आचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री के पास नेपाल द्वारा हिंदुस्तानीय भूमि पर अतिक्रमण किए जाने संबंधी कोई ठोस जानकारी नहीं है. उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान और नेपाल के बीच लगभग 97 प्रतिशत सीमा विवाद पहले ही सुलझाए जा चुके हैं. कुछ इलाकों में सीमा स्तंभों के अभाव के कारण भूमि उपयोग में ओवरलैप हो सकता है, लेकिन नेपाल द्वारा हिंदुस्तानीय क्षेत्र पर कब्जे का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है. विदेश मंत्रालय ने बाद में दी सफाई प्रधानमंत्री के बयान के कुछ घंटों बाद नेपाल के विदेश मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी किया. मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री का आशय यह नहीं था कि नेपाल ने आधिकारिक तौर पर हिंदुस्तानीय भूमि पर कब्जा कर लिया है. मंत्रालय के अनुसार, उन्होंने सीमा क्षेत्र में मौजूद ‘नो मैन्स लैंड’ और दोनों देशों के लोगों द्वारा एक-दूसरे की जमीन के उपयोग से जुड़ी परिस्थितियों का उल्लेख किया था. सफाई में कहा गया कि कुछ ऐसे क्षेत्र हो सकते हैं जहां हिंदुस्तानीय नागरिकों द्वारा उपयोग की जा रही भूमि नेपाल की सीमा में आती हो और इसी तरह कुछ नेपाली नागरिक हिंदुस्तानीय क्षेत्र में स्थित भूमि का उपयोग कर रहे हों. मंत्रालय ने इसे ‘सीमा पार भूमि उपयोग’ और ‘क्रॉस-बॉर्डर ऑक्युपेशन’ से जुड़ा मामला बताया. विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि दोनों देशों की तकनीकी टीमें और सीमा संबंधी तंत्र सीमा स्तंभों की मरम्मत, निर्माण और दशगजा क्षेत्रों से जुड़े आंकड़े एकत्र करने का काम लगातार कर रहे हैं. ये भी पढ़ें:- फिर एक्टिव हुए ईरान के अंडरग्राउंड मिसाइल अड्डे! रिपोर्ट का दावा- 69 में से 50 सुरंगें खुलीं, जारी कीं सैटेलाइट तस्वीरें ये भी पढ़ें:- ब्लॉगर ने खोली चीन के टॉप वैज्ञानिकों की पोल, रिसर्च पेपर्स में की थी गड़बड़ी; छीने गए अहम पद कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर भी बढ़ा था विवाद प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ सप्ताह पहले ही नेपाल ने लिपुलेख मार्ग से होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी. नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि 1816 की सुगौली संधि के अनुसार लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी नेपाल के अभिन्न हिस्से हैं. वहीं, हिंदुस्तान का कहना है कि ये इलाके उत्तराखंड का हिस्सा हैं. दोनों देश इन क्षेत्रों पर अपना दावा करते हैं. हिंदुस्तान, चीन और नेपाल के त्रि-जंक्शन के निकट स्थित ये क्षेत्र कई वर्षों से विवाद का केंद्र रहे हैं. जून 2021 में तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली प्रशासन ने नया नेतृत्वक नक्शा जारी कर कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को नेपाल का हिस्सा दिखाया था. हिंदुस्तान ने नेपाल के इस दावे को खारिज करते हुए इसे एकतरफा और कृत्रिम रूप से सीमा विस्तार का प्रयास बताया था. हिंदुस्तान का कहना है कि इन क्षेत्रों का समाधान द्विपक्षीय वार्ता के जरिए होना चाहिए. The post ‘नेपाल ने हिंदुस्तान की जमीन कब्जाई है’, बयान देकर घर में फंसे PM बालेन शाह; विदेश मंत्रालय ने दी सफाई appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top