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बिहार में परिसीमन के बाद ही होंगे पंचायत चुनाव, मंत्री दीपक प्रकाश ने बताई सरकार की तैयारी

Bihar Panchayat Chunav: बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा है कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही राज्य में पंचायत चुनाव कराए जाएंगे. शिवहर दौरे के दौरान उन्होंने यह बात कही. उन्होंने कहा कि विभाग इस काम को जल्द पूरा करने की कोशिश कर रहा है. मंत्री ने बताया कि पिछला परिसीमन वर्ष 1991 की जनगणना के आधार पर हुआ था. इस बार 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर नई सीमाएं तय की जाएंगी. उन्होंने कहा कि जनसंख्या बढ़ने के कारण कई जगह नई पंचायतें भी बनाई जा सकती हैं. हालांकि अंतिम फैसला परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा. आरक्षण और रोस्टर पर आयोग करेगा फैसला दीपक प्रकाश ने साफ किया कि पंचायत चुनाव में आरक्षण और रोस्टर से जुड़े सभी फैसले बिहार राज्य निर्वाचन आयोग करेगा. प्रशासन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई करेगी. शिवहर में पंचायत प्रशासन भवनों का काम तेज मंत्री ने बताया कि शिवहर जिले में 17 पंचायत प्रशासन भवनों का निर्माण चल रहा है. 49 स्थानों पर भवनों की स्वीकृति दी गई है. इनमें से 15 भवन बनकर तैयार हो चुके हैं. 11 पंचायत प्रशासन भवनों में आरटीपीएस सेवा शुरू हो गई है, जबकि 7 भवनों में आधार कार्ड से जुड़ी सेवाएं भी दी जा रही हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें 7,810 सोलर स्ट्रीट लाइट और 19 विवाह मंडप मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत शिवहर जिले में अब तक 7,810 सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई जा चुकी हैं. वहीं मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत 19 पंचायतों का चयन किया गया है. इसके अलावा 38 मोक्ष धामों की पहचान कर उनका प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है. जिला परिषद की आय और संपत्ति की जानकारी मंत्री ने बताया कि शिवहर जिला परिषद के पास 126.94 एकड़ जमीन है. वर्ष 2025-26 में जिला परिषद ने अपने संसाधनों से 16.13 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित की है. जिला परिषद के अधीन 88 दुकानें संचालित हो रही हैं, जिनसे नियमित राजस्व प्राप्त हो रहा है. Also Read: दिल्ली में पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा, धक्कामुक्की के बाद बोले- हाथ में चाकू था, मुझे मारने आए थे The post बिहार में परिसीमन के बाद ही होंगे पंचायत चुनाव, मंत्री दीपक प्रकाश ने बताई प्रशासन की तैयारी appeared first on Naya Vichar.

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ड्रोन से मौत की डिलीवरी! बीकानेर बॉर्डर पर 10 किलो हेरोइन, 11 हथियार बरामद, पंजाब कनेक्शन ने बढ़ाई चिंता

राजस्थान के बीकानेर में हिंदुस्तान-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पुलिस ने एक बड़े ड्रोन तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इसमें करोड़ों रुपये की हेरोइन और आधुनिक हथियारों की खेप बरामद की है. पुलिस अधीक्षक मृदुल कछवाहा ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए ‘ऑपरेशन शॉकवेव’ के दौरान यह कार्रवाई की गई. पुलिस ने मौके से पाली निवासी वीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया. 50 करोड़ की हेरोइन और हथियारों का जखीरा पुलिस अधीक्षक मृदुल कछवाहा ने बताया कि ड्रोन के जरिए सीमा पार से कुल 10 किलो उच्च गुणवत्ता की अफगानी हेरोइन, 11 आधुनिक हथियार, 22 मैगजीन और करीब 100 राउंड कारतूस गिराए गए थे. शुरुआती जांच में बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है. अधिकारियों का कहना है कि हथियारों की संख्या और गुणवत्ता इस बात का संकेत देती है कि किसी बड़ी आतंकी वारदात की तैयारी की जा रही थी. यह पहला मामला नहीं है जब पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए हिंदुस्तान में हथियार और नशीले पदार्थ भेजने की कोशिश की गई हो। पिछले कुछ वर्षों में पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में कई बार ड्रोन से हथियार, गोला-बारूद और हेरोइन गिराने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन तस्करी नेटवर्क का इस्तेमाल नशे के कारोबार के साथ-साथ आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी किया जाता है। पंजाब कनेक्शन आया सामने जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क पंजाब से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का मुख्य हैंडलर पहले फरीदकोट जेल में बंद था, जिसे बाद में बठिंडा जेल भेज दिया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि बरामद खेप पंजाब में सप्लाई की जानी थी। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सीमा पार बैठे संचालकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट राजस्थान पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां 15 अगस्त से पहले सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए लगातार सीमा क्षेत्रों में विशेष अभियान चला रही हैं. पुलिस अधीक्षक मृदुल कछवाहा ने कहा कि बरामद हथियारों और हेरोइन की मात्रा को देखते हुए यह स्पष्ट है कि समय रहते कार्रवाई कर एक घटना को टाल दिया गया. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और सीमा पार बैठे मास्टरमाइंड तक कैसे पहुंचा जाए. ये भी पढ़ें: CM भजनलाल शर्मा का अशोक गहलोत पर हमला,बोले- आप जादूगर हैं, लेकिन भ्रष्टाचार के लिए मशहूर The post ड्रोन से मौत की डिलीवरी! बीकानेर बॉर्डर पर 10 किलो हेरोइन, 11 हथियार बरामद, पंजाब कनेक्शन ने बढ़ाई चिंता appeared first on Naya Vichar.

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JPSC-JSSC मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष, 6 अगस्त से शुरू होगा विधानसभा का मॉनसून सत्र

रांची से सतीश कुमार की रिपोर्ट Jharkhand Assembly Monsoon Session 2026: झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र छह अगस्त से शुरू होने जा रहा है. सात दिनों के इस संक्षिप्त सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार नेतृत्वक रस्साकशी देखने को मिलेगी. इस बार जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितता व नियोजन के मुद्दों को लेकर विपक्ष, सत्ता पक्ष को चौतरफा घेरने की रणनीति बना चुका है. युवाओं और रोजगार से जुड़े इन संवेदनशील विषयों पर विपक्ष सदन में बेहद मुखर रहेगा. दूसरी ओर, सत्ता पक्ष भी विपक्ष के हर वार का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है. जेपीएससी के मुद्दे पर प्रशासन नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को अपना मुख्य हथियार बनाकर भाजपा पर पलटवार करने की तैयारी में है. 5 अगस्त को सत्ता पक्ष-भाजपा विधायक दल की बैठक सदन के भीतर अपनी-अपनी रणनीतियों को धार देने के लिए पांच अगस्त को सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठकें बुलायी हैं. प्रदेश भाजपा कार्यालय में होने वाली इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह सहित पार्टी के सभी विधायक शामिल होंगे. इसमें प्रशासन को विभिन्न जनहित के मुद्दों पर घेरने का खाका तैयार किया जायेगा. वहीं सत्तारुढ़ दल के विधायकों की बैठक एटीआई सभागार में शाम चार बजे से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में होगी. इसमें झामुमो, कांग्रेस और राजद के विधायक शामिल होकर विपक्ष के आरोपों का ठोस और एकजुटता से जवाब देने की रणनीति बनायेंगे. इससे पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक अलग से होगी. सात अगस्त को पेश होगा अनुपूरक बजट छह से 12 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में शनिवार और रविवार के अवकाश के कारण वास्तविक रूप से केवल पांच कार्यदिवस ही उपलब्ध होंगे. इन्हीं पांच दिनों में जनता से जुड़े जरूरी मुद्दों पर चर्चा होगी. सत्र के दौरान राज्य प्रशासन द्वारा चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) का पहला अनुपूरक बजट सात अगस्त को सदन के पटल पर रखा जायेगा. इसे भी पढ़ें: पश्चिमी सिंहभूम की पदमा महतो बनीं आत्मनिर्भरता की अद्भुत मिसाल, धान की खेती से कर रहीं बंपर कमाई विधानसभा का प्रस्तावित कार्यक्रम 6 अगस्त: नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण, अध्यादेश (यदि हो तो) और शोक प्रकाश. 7 अगस्त: प्रश्नकाल एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक बजट का उपस्थापन. 8 और 9 अगस्त: शनिवार एवं रविवार का साप्ताहिक अवकाश. 10 अगस्त: प्रश्नकाल, प्रथम अनुपूरक बजट पर चर्चा और मतदान. 11 अगस्त: प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक एवं अन्य राजकीय कार्य. 12 अगस्त: प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक, अन्य राजकीय कार्य और गैर-प्रशासनी संकल्प. इसे भी पढ़ें: झारखंड हाईकोर्ट का आदेश: रिटायर कर्मचारी को प्रताड़ित न करे प्रशासन, चार हफ्ते में दे बकाया राशि The post JPSC-JSSC मुद्दे पर प्रशासन को घेरने की तैयारी में विपक्ष, 6 अगस्त से शुरू होगा विधानसभा का मॉनसून सत्र appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली में पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा, धक्कामुक्की के बाद बोले- हाथ में चाकू था, मुझे मारने आए थे

Pappu Yadav: पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार मामला दिल्ली स्थित उनके आवास पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस का है. मीडिया से बातचीत के दौरान अचानक दो युवक वहां पहुंच गए और उनसे बहस करने लगे. देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और धक्कामुक्की शुरू हो गई. सनातन के अपमान का आरोप, फिर हुई नोकझोंक मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, दोनों युवकों ने पप्पू यादव पर सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया. इस बात को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई. विवाद बढ़ने पर एक युवक ने कथित तौर पर चप्पल निकालकर उनकी ओर फेंकने की कोशिश की. इसके बाद वहां मौजूद समर्थकों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया. कुछ देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा. दोनों युवक वहां से भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. पप्पू यादव का दावा- ‘हाथ में चाकू था, मुझे मारने आए थे’ घटना के बाद पप्पू यादव ने गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि दोनों युवक उन्हें मारने की नीयत से आए थे. उन्होंने दावा किया, “उनके हाथ में चाकू था. वे मुझे मारने आए थे.” हालांकि, पुलिस की ओर से अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. समाचार अपडेट की जा रही है The post दिल्ली में पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा, धक्कामुक्की के बाद बोले- हाथ में चाकू था, मुझे मारने आए थे appeared first on Naya Vichar.

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‘सुविधाएं भी नहीं, सम्मान भी नहीं’, कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीतने वाली अरुंधति ने खोली सिस्टम की पोल

CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तान के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली राजस्थान की मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने राज्य प्रशासन की अनदेखी पर निराशा जताई है. स्त्रीओं के 70 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचने वाली अरुंधति का कहना है कि इतनी बड़ी उपलब्धि के बावजूद उन्हें अब तक राजस्थान प्रशासन या स्पोर्ट्स मंत्री की ओर से कोई बधाई या प्रोत्साहन नहीं मिला. 23 वर्षीय अरुंधति ने फाइनल में इंग्लैंड की शेंटेले रीड को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. उन्होंने बताया कि राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्सों में आने के बाद उन्हें पता चला कि वह इस प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली स्त्री मुक्केबाज हैं. यही बात उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बनी. ‘मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं’ ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरुंधति ने कहा, “मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं था, लेकिन इतिहास रचने का मौका जरूर था. मैंने वही किया, जिसका सपना देखा था. मेरे कोच और पिता ने भी मुझे यही कहा था कि बिना किसी दबाव के अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करो. “ राजस्थान में बॉक्सिंग सुविधाओं की कमी पर जताई नाराजगी अरुंधति ने कहा कि राजस्थान में मुक्केबाजी के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं. उन्होंने बताया कि कोटा में उन्हें बॉक्सिंग रिंग की जगह कई बार क्रिकेट मैदान में अभ्यास करना पड़ता है. उन्होंने बताया कि बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं के लिए ही उन्होंने हिंदुस्तानीय सेना का साथ चुना, जहां उन्हें अभ्यास के लिए बेहतर माहौल मिला. मुझे गोल्ड मेडल जीते काफी समय हो गया है, लेकिन अब तक राज्य प्रशासन या स्पोर्ट्स मंत्री की ओर से कोई शुभकामना या प्रोत्साहन नहीं मिला. राजस्थान से जो खिलाड़ी आगे बढ़ रहे हैं, वे अपने दम पर आगे आ रहे हैं. पिता के व्रत ने बढ़ाया हौसला अरुंधति ने बताया कि राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्सों के दौरान उनके पिता ने उनके स्वर्ण पदक जीतने तक व्रत रखा था. पहले मुकाबले में जीत के बाद उनकी बड़ी बहन ने उन्हें इस बारे में बताया, जिसके बाद उनका आत्मविश्वास और बढ़ गया. मुझे लगा कि अब किसी भी कीमत पर गोल्ड जीतना है. परिवार के भरोसे और समर्थन ने मुझे अतिरिक्त ताकत दी. बुखार में स्पोर्ट्सा फाइनल अरुंधति ने खुलासा किया कि फाइनल मुकाबले से पहले उन्हें तेज बुखार था. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और पैरासिटामोल लेकर रिंग में उतरीं. इतने बड़े मंच पर चोट, बीमारी या वजन जैसी बातें बहाना नहीं बन सकतीं. राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्सों में मौका चार साल में एक बार मिलता है. मैंने पैरासिटामोल ली, लेकिन जैसे ही रिंग में उतरी, सब कुछ भूल गई. हिंदुस्तानीय दर्शकों के ‘इंडिया-इंडिया’ और ‘जय बजरंग बली’ के नारों ने मुझे नई ऊर्जा दी और उसी जोश के साथ मैंने मुकाबला स्पोर्ट्सा. हिंदुस्तान ने बॉक्सिंग में रचा इतिहास राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्स 2026 में हिंदुस्तानीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सात स्वर्ण और तीन रजत पदक जीतकर नया इतिहास रचा. अरुंधति चौधरी का स्वर्ण पदक इस ऐतिहासिक अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रहा. ये भी पढ़ें: CWG में हिंदुस्तान का गोल्डन पंच: एक दिन में बॉक्सिंग में इंडिया को 7 सोना, 3 चांदी The post ‘सुविधाएं भी नहीं, सम्मान भी नहीं’, कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीतने वाली अरुंधति ने खोली सिस्टम की पोल appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में अगले पांच दिनों तक हो सकती है भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

रांची से मनोज सिंह की रिपोर्ट Jharkhand Weather Report: झारखंड में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. झारखंड में अगले पांच दिनों तक मानसून सक्रिय रहने के आसार हैं. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के रांची मौसम केंद्र ने रविवार को जारी पूर्वानुमान में राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. 4 से 6 अगस्त तक 65 से 115 मिमी हो सकती है बारिश मौसम विभाग के अनुसार चार से छह अगस्त के बीच राज्य के अलग-अलग जिलों में 65 से 115 मिमी तक वर्षा हो सकती है. इसके साथ ही कई स्थानों पर मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की भी संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार तीन अगस्त को राज्य में कहीं-कहीं गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना है. वहीं चार अगस्त को उत्तर-पश्चिमी और मध्य झारखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. इसमें पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़ और बोकारो प्रमुख रूप से शामिल हैं. छह को रांची के आसपास में हो सकती है भारी बारिश पांच अगस्त को भारी बारिश का क्षेत्र उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी झारखंड में पहुंच सकता है. इस दौरान देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. छह अगस्त को फिर से उत्तर-पश्चिमी और मध्य झारखंड में भारी बारिश का दौर लौटने के संकेत हैं. इस दिन पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, रांची, लोहरदगा, गुमला और खूंटी जिलों को ”येलो वॉच” पर रखा गया है. अगले 24 घंटे में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं अगले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. इसे भी पढ़ें: मौसम : 7 अगस्त तक इन राज्यों में होगी भारी बारिश, बिहार-झारखंड में भी अलर्ट मौसम विभाग की सलाह गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें. तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें. किसान मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनायें. स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें. इसे भी पढ़ें: झारखंड में रांची समेत कई जिलों में कल हो सकती है बारिश The post झारखंड में अगले पांच दिनों तक हो सकती है भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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पहली बार पटना पहुंचे सनी देओल, बोले- बिहार मेरे लिए खास, अब ‘सम्राट अशोक’ पर बनाना चाहता हूं फिल्म

Sunny Deol In Patna: बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल रविवार को अपनी आने वाली फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के प्रमोशन के सिलसिले में पहली बार पटना पहुंचे. उनके साथ बेटे और फिल्म के CO-Actor करण देओल भी मौजूद थे. अपने पूरे फिल्मी करियर में पहली बार बिहार आए सनी देओल ने मीडिया से बातचीत में बिहार से अपने खास जुड़ाव का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उन्हें पहले कभी बिहार आने का मौका नहीं मिला, लेकिन यह एक नई शुरुआत है. सनी ने कहा, “अब मैं यहां बार-बार आऊंगा. अपनी अगली फिल्मों के प्रमोशन के लिए भी बिहार जरूर आऊंगा.” ‘सम्राट अशोक’ पर फिल्म बनाने की ख्वाहिश, दोनों बेटों को भी कर सकता हूं कास्ट बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत पर बात करते हुए सनी देओल ने कहा कि बिहार से जुड़ी कई कहानियां उनके दिल के बेहद करीब हैं. उन्होंने बताया कि महान सम्राट अशोक पर आधारित फिल्म बनाने की उनकी लंबे समय से इच्छा है. सनी ने कहा कि निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी और राजकुमार संतोषी उन्हें इस विषय की कहानी सुना चुके हैं. उन्होंने कहा कि ‘अशोका’ जैसे विषय पर बड़ी फिल्म बनाने के लिए भारी बजट की जरूरत होती है. उन्होंने कहा, “गदर 2 के बाद हालात काफी बेहतर हुए हैं. उम्मीद है कि ‘बंटवारा 1947’ के बाद इस प्रोजेक्ट पर काम कर सकूंगा. यह इतना शानदार विषय है कि इसमें मैं अपने दोनों बेटों को भी कास्ट कर सकता हूं.” ‘बंटवारा 1947’ सिर्फ विभाजन नहीं, इंसानियत और मां के सम्मान की कहानी अपनी नई फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के बारे में बात करते हुए सनी देओल ने कहा कि यह सिर्फ देश के विभाजन की कहानी नहीं है. उन्होंने कहा कि यह उन परिवारों की कहानी है, जिनकी जिंदगी पर विभाजन का गहरा असर पड़ा. फिल्म इंसानियत और एक मां के सम्मान का संदेश देती है. सनी ने कहा, “मेरे दादा-दादी और बीजी ने विभाजन का दर्द झेला था. बचपन में संयुक्त परिवार में बैठकर मैंने उस दौर की कहानियां और लोगों की पीड़ा सुनी है. लेकिन उस कठिन समय में भी इंसानियत जिंदा थी और लोग एक-दूसरे की मदद करते थे.” बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें बेटे करण देओल के साथ पहली बार शेयर किया मंच पटना में फिल्म के प्रमोशन के दौरान सनी देओल और करण देओल पहली बार एक साथ मंच पर नजर आए. करण देओल ने कहा कि अपने पिता के साथ स्क्रीन शेयर करना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा. उन्होंने कहा, “पापा के साथ काम करके मेरी जिंदगी बन गई. आखिर अपने पिता के साथ काम करना कौन नहीं चाहेगा?” राजकुमार संतोषी के साथ पुरानी जोड़ी का भी किया जिक्र सनी देओल ने निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ अपनी लंबे समय की साझेदारी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वे हमेशा ऐसी कहानियां चुनते हैं, जिनमें एक आम आदमी अपने हक, अपने परिवार और अपने सम्मान के लिए संघर्ष करता है. यही वजह है कि उनकी फिल्मों से दर्शक खुद को आसानी से जोड़ पाते हैं. Also Read: डेहरी EO मर्डर केस में एक्शन मोड में प्रशासन, बिहार के मंत्री बोले- सम्राट चौधरी के राज में दोषी नहीं बचेंगे The post पहली बार पटना पहुंचे सनी देओल, बोले- बिहार मेरे लिए खास, अब ‘सम्राट अशोक’ पर बनाना चाहता हूं फिल्म appeared first on Naya Vichar.

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NEET आंदोलन के बाद संभाजीनगर में जुटेंगे CJP के नेता, 5 अगस्त की बैठक में तय होगी आगे की रणनीति

बैठक CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के घर पर बुलाई गई है. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने तक चले लंबे आंदोलन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों को कुछ समय अपने परिवार के साथ बिताने की सलाह दी गई थी. बैठक के लिए पहले से थी तैयारी सीजेपी के प्रमुख पदाधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी कि वे जमीनी स्तर पर विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों से संवाद स्थापित कर उनके विचार और सुझाव लेकर इस बैठक में शामिल हों. बैठक के बाद CJP की होगी प्रेसवार्ता पांच अगस्त को होने वाली इस बैठक के तुरंत बाद CJP एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी, जिसमें पार्टी के भविष्य के कदमों और रणनीतिक फैसलों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी. दीपके ने मनाया ‘फ्रेंडशिप डे’ बैठक से पहले, पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने आवास पर छात्रों, स्थानीय निवासियों और पड़ोसी जिलों से आए लोगों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ ‘मित्रता दिवस’ भी मनाया. ये भी पढ़ें: राहुल गांधी का Gen-Z अंदाज: कोरियन फिंगर हार्ट से विश किया फ्रेंडशिप डे, शहजाद पूनावाला ने यूं कसा तंज ये भी पढ़ें: राज ठाकरे का मोदी प्रशासन पर वार: बोले- NEET सिर्फ बहाना, युवाओं के गुस्से की असली वजह बेरोजगारी The post NEET आंदोलन के बाद संभाजीनगर में जुटेंगे CJP के नेता, 5 अगस्त की बैठक में तय होगी आगे की रणनीति appeared first on Naya Vichar.

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असम बाढ़ के असली हीरो: 6 नावों के सहारे 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला

Assam Floods : असम के शिवसागर जिले में 19 जुलाई को आई भीषण बाढ़ ने कुछ ही घंटों में कई गांवों को पानी में डुबो दिया. घर, दुकानें और सड़कें जलमग्न हो गईं, जबकि सैकड़ों लोग अपने घरों की छतों, मचान और पेड़ों पर फंस गए. ऐसे मुश्किल समय में गांव के कुछ लोगों ने प्रशासनी मदद का इंतजार नहीं किया. उन्होंने अपनी छह देसी नावों के सहारे पांच गांवों के 1,000 से ज्यादा लोगों की जान बचाई और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया. कुछ ही घंटों में बदल गए हालात रेस्क्यू अभियान में शामिल चौहान चौधरी ने बताया कि पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला. उन्होंने कहा, “हमने ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा. हमारे पास सिर्फ छह नावें थीं. जिनके घर टूट गए थे या जो पानी में फंस गए थे, उन्हें नावों से निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया. पांच गांवों से 1,000 से ज्यादा लोगों को बचाया गया.” पहले परिवार को बचाया, फिर लौटकर दूसरों की मदद की रेस्क्यू टीम के सदस्य कनहैया चौधरी ने बताया कि पहले उन्होंने अपने परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. इसके बाद जब घर का सामान निकालने लौटे तो लगातार फोन आने लगे कि कई लोग अभी भी फंसे हुए हैं. उन्होंने कहा, “फिर हमने सामान की नहीं, लोगों की जान बचाने की सोची और लगातार नाव लेकर निकल पड़े.” राजकुमार राजबीर ने बताया कि उनकी टीम रात एक बजे तक बिना खाना और पानी के लोगों को बचाने में जुटी रही. उन्होंने कहा कि रास्ते में किसी ने पानी पिला दिया, फिर अगली सुबह दोबारा रेस्क्यू शुरू कर दिया. ‘अपनी जान चली जाती तो भी मंजूर था’ रेस्क्यू में शामिल मोहन चौधरी ने कहा, “हमें लगा कि हमारी जान भी जा सकती है, लेकिन उस समय लोगों को बचाना ज्यादा जरूरी था.” वहीं मिथु चौधरी ने बताया कि 19 जुलाई की सुबह चार बजे से पानी बढ़ना शुरू हुआ और दोपहर तक उनके घर में घुस गया. उन्होंने पहले अपने परिवार को सुरक्षित निकाला और फिर दूसरे गांवों से मदद की कॉल आने पर लगातार लोगों को बचाने में जुट गए. 82 लोगों की जा चुकी है जान असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य में बाढ़ से अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है. 31 जुलाई तक की रिपोर्ट के मुताबिक पांच जिलों के 1.92 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है. Also read : NEET PG 2026: हर सवाल का जवाब देने के लिए ज्यादा समय, घर के करीब मिलेगा एग्जाम सेंटर इस बीच कई संस्थाएं भी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आई हैं. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहत कार्यों में सहयोग के लिए रिलायंस फाउंडेशन की सराहना की है. फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 21 करोड़ रुपये का योगदान दिया है. The post असम बाढ़ के असली हीरो: 6 नावों के सहारे 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला appeared first on Naya Vichar.

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‘Delulu’ से ‘Sigma’ तक, जंतर-मंतर से Instagram तक क्यों छाए हैं ये Gen Z Slangs? जानें इनका मतलब

Gen Z Slangs: आजकल सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करते हुए अगर आपको “Aura”, “Delulu”, “Cooked”, “Crashout”, “Pookie” या “Bruh” जैसे शब्द बार-बार सुनाई दे रहे हैं, तो समझ जाइए कि आप Gen Z की दुनिया में एंट्री कर चुके हैं. ये सिर्फ मजाक या इंटरनेट ट्रेंड नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की अपनी अलग भाषा बन चुके हैं. हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए छात्र आंदोलन के दौरान भी पोस्टर्स, मीम्स और नारों में Gen Z स्लैंग्स की भरमार देखने को मिली. गंभीर मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए भी युवाओं ने हास्य, मीम कल्चर और वायरल स्लैंग्स का इस्तेमाल किया, जिससे ये शब्द पहले से कहीं ज्यादा चर्चा में आ गए. ऐसे में आइए जानते हैं उन Gen Z स्लैंग्स का मतलब, जिन्हें आज की युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रही है. क्या हैं Gen Z Slangs? Gen Z Slangs ऐसे नए शब्द या एक्सप्रेशन हैं, जिन्हें मुख्य रूप से 1997 से 2012 के बीच जन्मी पीढ़ी यानी Gen Z सोशल मीडिया, मीम्स और इंटरनेट कल्चर के जरिए इस्तेमाल करती है. इन शब्दों के जरिए युवा कम शब्दों में अपनी भावनाएं, मजाक, तारीफ या नाराजगी जाहिर करते हैं. कुछ Gen X Slang और उनके मतलब Gen Z Slang मतलब (Meaning) Delulu हकीकत से दूर किसी कल्पना या उम्मीद में रहना Aura किसी व्यक्ति का कॉन्फिडेंस, पर्सनैलिटी या प्रभावशाली मौजूदगी Crash Out गुस्से, तनाव या निराशा में अपना आपा खो देना Brainrot किसी मीम, गाने, ट्रेंड या कंटेंट का दिमाग पर हावी हो जाना Sigma ऐसा व्यक्ति जो अपने नियमों पर चलता है और दूसरों की परवाह नहीं करता Cooked बुरी तरह मुश्किल में फंस जाना या स्थिति का बिगड़ जाना NPC ऐसा व्यक्ति जो बिना सोचे-समझे एक जैसी बातें या हरकतें करता रहे Rizz अपनी बातों या पर्सनैलिटी से किसी को इंप्रेस करने की कला Mid कोई चीज जो बस औसत हो, न बहुत अच्छी न बहुत खराब Ate / Ate That किसी ने बहुत शानदार काम किया या बेहतरीन प्रदर्शन किया No Cap सच कह रहा हूं, इसमें कोई झूठ नहीं है Cap झूठ बोलना या बढ़ा-चढ़ाकर बात करना Slay किसी काम को बेहद शानदार तरीके से करना GOAT अपने क्षेत्र का सबसे बेहतरीन व्यक्ति (Greatest Of All Time) Sus संदिग्ध या शक पैदा करने वाला Lowkey चुपचाप या हल्के तरीके से, बिना ज्यादा दिखावा किए Highkey खुलकर या पूरी तरह से Flex अपनी उपलब्धि, पैसा या किसी चीज का दिखावा करना Bet ठीक है, पक्का या डील Ghosting बिना बताए अचानक किसी से बात करना बंद कर देना Touch Grass इंटरनेट से बाहर निकलकर असली जिंदगी पर ध्यान देने की सलाह देना POV किसी खास नजरिए या स्थिति को दिखाना (Point of View) It’s Giving… किसी चीज से खास तरह का एहसास या वाइब आना Main Character Energy खुद को कहानी के मुख्य किरदार जैसा महसूस करना या वैसा आत्मविश्वास दिखाना Lore किसी व्यक्ति या घटना से जुड़ी पुरानी या दिलचस्प बैकस्टोरी Core किसी खास एस्थेटिक या स्टाइल को दिखाने के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द (जैसे Cottagecore, Clean Girl Core) IYKYK अगर आप जानते हैं, तो जानते हैं (If You Know, You Know) Delusional Confidence बिना वजह भी खुद पर पूरा भरोसा रखना, अक्सर मजाकिया अंदाज में Ratioed सोशल मीडिया पर किसी पोस्ट या कमेंट को उससे ज्यादा विरोध या आलोचना मिलना Cook किसी काम को शानदार तरीके से करना (“Let him cook” = उसे अपना काम करने दो) Locked In किसी काम पर पूरी तरह फोकस होना यह भी पढ़ें: PM मोदी के वायरल कैमरा एंगल जैसी गलती न दोहराएं, मम्मी-पापा को ऐसे दें परफेक्ट फोटो लेने की ट्रेनिंग The post ‘Delulu’ से ‘Sigma’ तक, जंतर-मंतर से Instagram तक क्यों छाए हैं ये Gen Z Slangs? जानें इनका मतलब appeared first on Naya Vichar.

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