Hot News

मुख्य खबर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

शुभेंदु अधिकारी का गंभीर आरोप- मनीष गुप्ता को बचाने के लिए ममता बनर्जी ने दबाकर रखी ‘21 जुलाई कमीशन’ की रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल में 21 जुलाई की ‘शहीद दिवस’ रैली से ठीक पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को विधानसभा में घोषणा की है कि उनकी प्रशासन वर्ष 1993 में हुए बहुचर्चित पुलिस गोलीकांड की जांच के लिए गठित ‘21 जुलाई आयोग’ की मूल रिपोर्ट सार्वजनिक करने जा रही है. मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी और हाल ही में टीएमसी छोड़ने वाले पूर्व नौकरशाह व पूर्व मंत्री मनीष गुप्ता का नाम लिये बिना उन पर गंभीर आरोप लगाये. 21 जुलाई 1993 को हुई पुलिस फायरिंग में युवा कांग्रेस के 13 कार्यकर्ताओं की हुई थी मौत. ममता बनर्जी प्रशासन ने फायरिंग की जांच के लिए 2011 में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) सुशांत चटर्जी आयोग का गठन किया था. 2024 में प्रशासन को जस्टिस सुशांत चटर्जी कमीशन की रिपोर्ट मिली, ममता बनर्जी ने रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की. शुभेंदु का दावा : घटना से जुड़े कई जरूरी दस्तावेज ‘राइटर्स बिल्डिंग’ से गायब हो गये, प्रशासन ने ‘नकारात्मक और उदासीन’ रवैया अपनाया. 21 जुलाई कमीशन की प्रमुख सिफारिशें मृतकों के निकट परिजनों को 25-25 लाख रुपए मुआवजा दिया जाये. घायलों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाये. पीड़ितों को ममता बनर्जी प्रशासन ने क्या दिया? मारे गये लोगों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए दिये. घायलों को 15-15 हजार रुपए का मुआवजा दिया. पीड़ित परिवारों को मुआवजा देगी शुभेंदु प्रशासन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में कहा कि 21 जुलाई 1993 के पीड़ित परिवार नयी प्राथमिकी दर्ज करा सकते हैं. सीएम ने साथ ही कहा कि मौजूदा हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रशासन उनकी हर तरह की कानूनी मदद करेगी. शुभेंदु ने कहा कि उनकी प्रशासन मुख्यमंत्री राहत कोष से 21 जुलाई कमीशन की सिफारिश के तहत शेष मुआवजे की राशि का भुगतान करेगी. फायरिंग पर 21 जुलाई कमीशन की रिपोर्ट में क्या? शुभेंदु अधिकारी ने आयोग की रिपोर्ट के कुछ अंश पढ़कर सुनाते हुए कहा कि रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि युवा कांग्रेस की रैली पर पुलिस की गोलीबारी की कोई जरूरत नहीं थी और बल प्रयोग को ‘गैर-जरूरी, अनुचित और बिना उकसावे की’ कार्रवाई करार दिया गया है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, आयोग ने पाया कि प्रदर्शनकारियों के राइटर्स बिल्डिंग (जो उस समय राज्य का सचिवालय था) में जबरन दाखिल होने की आशंका ‘काल्पनिक’ थी और मेयो रोड, डोरिना चौराहा और एस्प्लेनेड पर पुलिस की गोलीबारी पूरी तरह से गैर-जरूरी थी. शुभेंदु अधिकारी ने पूछे सवाल ममता बनर्जी को बयान देने के लिए कभी क्यों नहीं बुलाया गया, जबकि आयोग ने 300 से अधिक लोगों से पूछताछ की थी. मुख्यमंत्री ने ममता बनर्जी को इस घटना का ‘सबसे बड़ा गवाह’ बताया. शुभेंदु ने आयोग के समक्ष रखे गये साक्ष्यों का संदर्भ देते हुए दावा किया कि पूर्व नेता प्रतिपक्ष पंकज बनर्जी को गवाह के तौर पर बुलाया गया था और उन्होंने गोलीबारी के लिए तत्कालीन गृह सचिव मनीष गुप्ता को जिम्मेदार ठहराया था. मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग ने 44 अहम गवाहों की एक सूची तैयार की थी, जिसमें मनीष गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य, कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर तुषार तालुकदार, वरिष्ठ वामपंथी नेता बिमान बोस और कांग्रेस के पूर्व नेता सोमेन मित्रा शामिल थे. लेकिन ममता बनर्जी से पूछताछ नहीं की गयी. ‘ममता प्रशासन ने रिपोर्ट के सुझावों को क्यों किया खारिज?’ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2011 में जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन हुआ था, तब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली प्रशासन ने ही ओडिशा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस सुशांत चट्टोपाध्याय की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया था. उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी) ने जरूरी दस्तावेज और जानकारियां उपलब्ध नहीं करायीं. अगर सारी बातें सामने आ जातीं, तो उनके बिजली मंत्री (मनीष गुप्ता) फंस सकते थे. 21 जुलाई मनाने वालों को देना होगा जवाब : शुभेंदु शुभेंदु ने कहा कि जो लोग 21 जुलाई को शहीद दिवस मना रहे हैं, उन्होंने 15 वर्षों तक राज्य पर शासन किया. उन्हें बंगाल की जनता को जवाब देना होगा कि जस्टिस सुशांत चट्टोपाध्याय की कितनी सिफारिशों को लागू किया गया और कितनों को कचरे के डिब्बे में डाल दिया गया. क्या है 21 जुलाई 1993 का यह पूरा मामला? यह पूरा विवाद आज से 33 वर्ष पहले का है, जब वर्तमान टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी युवा कांग्रेस की नेता हुआ करती थीं. 21 जुलाई 1993 को ममता बनर्जी के नेतृत्व में तत्कालीन वाम मोर्चा (Left Front) प्रशासन के खिलाफ महाकरण अभियान (राइटर्स बिल्डिंग चलो) का आयोजन किया गया था. इस दौरान पुलिस ने अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें 13 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जान चली गयी थी. ममता बनर्जी स्वयं पुलिस की कार्रवाई में घायल हो गयीं थीं. आयोग ने अपनी रिपोर्ट में हिंदुस्तानीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के कई अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी, जिन्होंने तत्कालीन वाम मोर्चा प्रशासन के दौरान अपनी राज्य में सेवा दी थी. ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी की 21 जुलाई शहीद दिवस रैली का स्थल बदला, कलकत्ता हाईकोर्ट ने लगायी 4 शर्तें बिना जांच के कैसे बन गये मंत्री? वर्ष 2011 में सत्ता में आने के बाद ममता बनर्जी ने उन्हीं मनीष गुप्ता को तृणमूल कांग्रेस में शामिल कराया, चुनाव लड़वाया और कैबिनेट मंत्री तक बना दिया. हाल ही में टीएमसी से अलग होकर एनसीपीआई (NCPI) में शामिल हुईं सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को पत्र लिखकर मांग की थी कि वर्ष 1993 के इस कांड की दोबारा निष्पक्ष जांच करायी जाये. ये भी पढ़ें: टीएमसी के 2 धड़ों में ‘शहीद दिवस’ पर महासंग्राम, ममता और रीतब्रत गुट ने किया रैलियों का ऐलान ‘शहीद दिवस’ से पहले मनीष गुप्ता का इस्तीफा और विवाद पूर्व मंत्री मनीष गुप्ता ने 16 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस से यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया था कि अब इस पार्टी में उनके लिए करने को कुछ नहीं बचा है. इस्तीफा देने के साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशासनिक क्षमता की जमकर तारीफ की थी. शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि उचित जांच रिपोर्ट नहीं होने की वजह से पुलिस द्वारा की गयी फायरिंग की वैधानिकता और औचित्य कभी सिद्ध ही नहीं हो पायी, क्योंकि न्यायिक समीक्षा से इसे दूर रखा गया था. ये भी

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Dengue vaccine: भारत में डेंगू के पहले वैक्सीन QDENGA को मंजूरी, जानिए किसे लगेगा, कैसे करेगा बचाव

Dengue vaccine: हिंदुस्तान में डेंगू से बचाव के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. टाकेडा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने घोषणा की है कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने उसके डेंगू वैक्सीन QDENGA को 4 से 60 साल की आयु के लोगों के लिए मंजूरी दे दी है. कंपनी के अनुसार, यह हिंदुस्तान में मंजूर होने वाला पहला डेंगू टीका है, जिसे लगाने से पहले यह जांच कराने की जरूरत नहीं होगी कि व्यक्ति को पहले कभी डेंगू हुआ है या नहीं. क्या है QDENGA? QDENGA जापान की फार्मास्यूटिकल कंपनी Takeda की ओर से विकसित डेंगू से बचाव करने वाली पहली वैक्सीन है. इसे हिंदुस्तान के ड्रग कंट्रोलर जनरल (DCGI) की ओर से मंजूरी दे दी गई है. यह वैक्सीन डेंगू के चारों वायरस स्ट्रेन (DENV-1, 2, 3 और 4) से सुरक्षा देती है. इसे इस तरह तैयार किया गया है कि यह डेंगू वायरस के चारों प्रकार (सीरोटाइप) से सुरक्षा दे सके. कैसे दिया जाता है QDENGA का टीका QDENGA टीका को दो खुराक में लगाया जाता है और दोनों डोज के बीच तीन महीने का अंतर रखा जाता है. यह मंजूरी क्यों है जरूरी? हिंदुस्तान दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां डेंगू का सबसे अधिक बोझ है. हर साल लाखों लोग इस बीमारी से प्रभावित होते हैं. डेंगू का कोई विशेष इलाज नहीं है और गंभीर मामलों में मरीज को अस्पताल में भर्ती करना पड़ सकता है. ऐसे में बीमारी से बचाव के लिए इसे प्रभावी वैक्सीन माना जा रहा है. हिंदुस्तान में क्या है डेंगू की स्थिति? जानकारी के अनुसार, हिंदुस्तान में पूरी दुनिया के मुकाबले एक तिहाई डेंगू के मामले आते हैं. साल 2025 में 1.13 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए थे. क्लीनिकल ट्रायल में क्या मिले नतीजे? कंपनी के अनुसार, इस वैक्सीन की मंजूरी 28 हजार से अधिक लोगों पर किए गए वैश्विक क्लीनिकल ट्रायल के आधार पर मिली है. इनमें हिंदुस्तान के प्रतिभागी भी शामिल थे. अध्ययन में सामने आया कि.. दूसरी खुराक के 12 महीने बाद डेंगू संक्रमण से बचाव में 80.2% प्रभावकारिता दर्ज की गई. डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होने से बचाव में 90.4% प्रभावकारिता मिली. 4.5 साल बाद भी अस्पताल में भर्ती होने से बचाव में 84.1% प्रभावकारिता बनी रही. सात सालों तक डेंगू वायरस के चारों प्रकारों के खिलाफ सुरक्षा के प्रमाण भी मिले है. क्या वैक्सीन लगवाने से पहले डेंगू टेस्ट जरूरी है ? नहीं, इस वैक्सीन को लेने से पहले यह जरूरी नहीं है कि पहले डेंगू हुआ है या नहीं. WHO की सिफारिश विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में QDENGA के इस्तेमाल की सिफारिश कर चुका है. इस टीके को WHO की प्री-क्वालिफिकेशन भी मिल चुकी है, जो इसकी गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता की पुष्टि करती है. कंपनी ने क्या कहा? टाकेडा के इंटरकॉन्टिनेंटल मार्केट्स प्रमुख डॉ. महेंद्र नायक ने कहा कि हिंदुस्तान में डेंगू तेजी से बढ़ती सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती है. उनके अनुसार, QDENGA के सात सालों के आंकड़े बताते हैं कि यह टीका संक्रमण और अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को कम करने में प्रभावी है. उन्होंने कहा कि 2022 में लॉन्च होने के बाद इसे 43 देशों में मंजूरी मिल चुकी है और दुनिया भर में 3.2 करोड़ से अधिक डोज वितरित की जा चुकी हैं. दक्षिण-पूर्व एशिया और हिंदुस्तान क्लस्टर के महाप्रबंधक पीटर स्ट्रीबल ने कहा कि डेंगू से निपटने के लिए केवल टीकाकरण ही नहीं, बल्कि मच्छर नियंत्रण, जागरूकता और निगरानी जैसे उपाय भी जरूरी हैं. वहीं चिकित्सा मामलों के प्रमुख डॉ. गोह चू बेंग ने कहा कि हिंदुस्तान में डेंगू वायरस के चारों प्रकार मौजूद हैं, इसलिए ऐसा टीका जो सभी प्रकारों से सुरक्षा दे, सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है. Also Read: दिल्ली हाईकोर्ट ने मांगी सोनम वांगचुक की मेडिकल रिपोर्ट, एम्स डायरेक्टर को किया तलब; कल आएगा फैसला The post Dengue vaccine: हिंदुस्तान में डेंगू के पहले वैक्सीन QDENGA को मंजूरी, जानिए किसे लगेगा, कैसे करेगा बचाव appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी पर रोक 6 अक्टूबर तक बढ़ी, इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति नहीं

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार (20 जुलाई) को तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी को धमकी भरा भाषण देने के मामले में दंडात्मक कार्रवाई से राहत दी, लेकिन उन्हें आंखों का इलाज कराने के लिए विदेश जाने की अनुमति नहीं दी. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर डराने-धमकाने वाले बयान देने के मामले में दंडात्मक कार्रवाई से मिली अंतरिम राहत 6 अक्टूबर तक बढ़ा दी. जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव को जांच में सहयोग करने और अदालत की इजाजत के बिना विदेश यात्रा न करने का निर्देश दिया. अंतरिम राहत की शर्तों में बदलाव पर सुनवाई अगस्त में जस्टिस भट्टाचार्य ने अभिषेक बनर्जी को दी गयी अंतरिम राहत 6 अक्टूबर तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, बढ़ा दी. उन्होंने कहा कि अंतरिम राहत की शर्तों में बदलाव के लिए तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव की याचिका पर अगस्त में सुनवाई होगी, लेकिन उन्होंने कोई विशेष तारीख तय नहीं की. आंख का इलाज कराने के लिए विदेश जाने की अनुमति नहीं डायमंड हार्बर के लोकसभा सदस्य और बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति के लिए याचिका दायर की थी. कोर्ट ने कहा कि जांच के दौरान याचिकाकर्ता को विदेश यात्रा की अनुमति देना उचित नहीं होगा. न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि कोलकाता में आंखों के कई नामी अस्पताल हैं. ये भी पढ़ें: बुलडोजर एक्शन से भड़के अभिषेक बनर्जी, कहा- 2031 में हमारी प्रशासन बनी तो बीजेपी के दफ्तर ऐसे ही तोड़ेंगे कोलकाता में इलाज संभव नहीं, तभी देंगे विदेश जाने की इजाजत : कोर्ट अभिषेक के वकील ने जब कहा कि उनके मुवक्किल ने हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए जांच में सहयोग किया है, तो न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने मौखिक रूप से कहा कि वह तब तक टीएमसी नेता को विदेश जाने की अनुमति नहीं देंगे, जब तक यह पता न चल जाये कि कोलकाता में उसका इलाज संभव नहीं है. ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर बुलडोजर एक्शन पर हाईकोर्ट की रोक, जानें अदालत ने क्या कहा जज बोले- अंतरात्मा को संतुष्ट करना होगा कोर्ट को जब उनके वकील ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता को अपना डॉक्टर चुनने का अधिकार है, तो जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि अदालत को भी अपनी अंतरात्मा को संतुष्ट करना होगा. कोर्ट ने कहा कि जब तक जांच जारी है, बनर्जी को सहयोग जारी रखना चाहिए. अदालत ने 21 मई को डराने-धमकाने वाले भाषण मामले में अभिषेक को 31 जुलाई तक सख्त कार्रवाई से राहत दी थी. तब उन्हें जांच में सहयोग करने और अदालत की इजाजत के बिना विदेश यात्रा न करने का निर्देश दिया था. The post अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी पर रोक 6 अक्टूबर तक बढ़ी, इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति नहीं appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश ने माउंट कुन फतह कर रचा इतिहास, सैनिक स्कूल तिलैया से कर चुके हैं पढ़ाई

कोडरमा से विकास कुमार की रिपोर्ट Mount Kun Expedition: सैनिक स्कूल तिलैया के पूर्व छात्र और बोकारो जिले के फुसरो निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश कुमार (सेना मेडल) ने एक बार फिर देश और झारखंड का नाम रोशन किया है. उनके नेतृत्व में हिंदुस्तानीय सेना के 28 सदस्यीय पर्वतारोहण दल ने 17 जुलाई की सुबह 8:20 बजे लद्दाख की जांस्कर पर्वतमाला स्थित 7,077 मीटर ऊंची माउंट कुन चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर नया इतिहास रच दिया. यह उपलब्धि हिंदुस्तानीय सेना के महत्वाकांक्षी प्री-एवरेस्ट मैसिफ अभियान का हिस्सा है, जो वर्ष 2027 में प्रस्तावित माउंट एवरेस्ट, माउंट ल्होत्से और माउंट नुप्त्से अभियान की तैयारी के लिए चलाया जा रहा है. नई दिल्ली से शुरू हुआ चुनौतीपूर्ण अभियान हिंदुस्तानीय सेना का यह विशेष पर्वतारोहण दल 5 जून 2026 को नई दिल्ली से रवाना हुआ था. लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश कुमार के नेतृत्व में टीम पहले लेह पहुंची और वहां से अनुकूलन तथा विशेष प्रशिक्षण के लिए शाफत नाला रोड हेड में डेरा डाला. ऊंचाई वाले क्षेत्र में शरीर को अनुकूल बनाने और कठिन परिस्थितियों से तालमेल बैठाने के बाद दल ने आगे की चढ़ाई शुरू की. अभियान का प्रत्येक चरण बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, जहां मौसम और भूगोल दोनों ने पर्वतारोहियों की परीक्षा ली. भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बीच बनाई रणनीति जुलाई के पहले सप्ताह में दल ने प्रतिकूल मौसम और भारी बर्फबारी का सामना करते हुए कठिन शाफत ग्लेशियर पार किया तथा लगभग 4,500 मीटर की ऊंचाई पर बेस कैंप स्थापित किया. लगातार बदलते मौसम के कारण अभियान की रणनीति में कई बार बदलाव करना पड़ा. इसके बावजूद पर्वतारोहियों का हौसला कमजोर नहीं पड़ा और पूरी टीम ने अनुशासन तथा समन्वय के साथ अभियान को आगे बढ़ाया. तीन हाई कैंप और 2,400 मीटर तक फिक्स की रस्सियां 5 से 15 जुलाई के बीच दल ने क्रमशः 5,300 मीटर, 6,150 मीटर और 6,350 मीटर की ऊंचाई पर तीन हाई कैंप स्थापित किए. इस दौरान लगभग 2,000 मीटर लंबी फिक्स्ड रोप लगाई गई ताकि अंतिम चढ़ाई सुरक्षित ढंग से पूरी की जा सके. 16 जुलाई की रात 11:30 बजे अंतिम शिखर अभियान शुरू हुआ. टीम ने बर्फ से ढकी खड़ी दीवारों, बेहद संकरी नाइफ रिज और कठिन समिट रिज को पार करते हुए लगभग 2,400 मीटर तक अतिरिक्त रस्सियां फिक्स कीं. लगातार नौ घंटे से अधिक समय तक कठिन चढ़ाई करने के बाद 17 जुलाई की सुबह 8:20 बजे पूरा दल माउंट कुन की चोटी पर पहुंचा और वहां तिरंगा फहराया. हिंदुस्तानीय सेना के नाम दर्ज हुआ नया रिकॉर्ड इस सफल अभियान के साथ हिंदुस्तानीय सेना ने एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया. एक ही दिन में किसी एक दल द्वारा माउंट कुन की चोटी पर सर्वाधिक पर्वतारोहियों के पहुंचने का रिकॉर्ड हिंदुस्तानीय सेना के इस अभियान दल के नाम दर्ज हो गया. यह उपलब्धि न केवल हिंदुस्तानीय सेना की पर्वतारोहण क्षमता को दर्शाती है, बल्कि कठिन हिमालयी अभियानों में उसकी तकनीकी दक्षता और टीमवर्क का भी उत्कृष्ट उदाहरण है. अब माउंट सतोपंथ होगी अगली चुनौती हिंदुस्तानीय सेना का यह अभियान यहीं समाप्त नहीं होगा. अभियान दल अब अगस्त-सितंबर 2026 में उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय स्थित 7,075 मीटर ऊंचे माउंट सतोपंथ पर चढ़ाई करेगा. इसे वर्ष 2027 में प्रस्तावित एवरेस्ट मैसिफ मिशन की अंतिम तैयारी माना जा रहा है. सेना का लक्ष्य दुनिया की सबसे कठिन पर्वत चोटियों में शामिल माउंट एवरेस्ट, माउंट ल्होत्से और माउंट नुप्त्से पर सफल अभियान चलाना है. इसे भी पढ़ें: पलामू जिला स्कूल में एडमिशन स्कैम, टेस्ट में फेल बच्चों भी नामांकित कई उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं जय प्रकाश लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश कुमार पर्वतारोहण की दुनिया का जाना-पहचाना नाम हैं. उन्हें इस क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. वर्ष 2005 से हिंदुस्तानीय सेना में सेवा दे रहे जय प्रकाश अब तक हिंदुस्तान और विदेशों में 55 से अधिक पर्वत चोटियों पर सफल आरोहण कर चुके हैं. उनकी प्रमुख उपलब्धियों में 2019 में माउंट एवरेस्ट और 2024 में अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर सफल चढ़ाई शामिल है. अब वर्ष 2027 में हिंदुस्तानीय सेना के महत्वाकांक्षी एवरेस्ट मैसिफ मिशन का नेतृत्व भी वही करेंगे. सैनिक स्कूल तिलैया के पूर्व छात्र की यह उपलब्धि न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है. उनकी सफलता यह संदेश देती है कि अनुशासन, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर दुनिया की सबसे कठिन चुनौतियों को भी सफलता में बदला जा सकता है. इसे भी पढ़ें: गिरिडीह के झरखट्टा गांव में खुखड़ी खाने से 7 लोग बीमार, सदर अस्पताल में भर्ती The post लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश ने माउंट कुन फतह कर रचा इतिहास, सैनिक स्कूल तिलैया से कर चुके हैं पढ़ाई appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Gold Silver Price Today: सोना ₹1,095 और चांदी ₹4,101 महंगी, जानें आज का नया रेट

सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार, 20 जुलाई को तेजी दर्ज की गई. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,095 बढ़कर ₹1,42,000 के पार पहुंच गई है. वहीं, एक किलो चांदी ₹4,101 महंगी होकर करीब ₹2.20 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई है. आज का गोल्ड और सिल्वर रेट 24 कैरेट सोना (10 ग्राम): ₹1,42,000 के पार (₹1,095 की बढ़त) चांदी (1 किलो): ₹2.20 लाख (₹4,101 की बढ़त) अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों होते हैं? देशभर में सोने की कीमतें एक जैसी नहीं होतीं. इसके पीछे कई वजहें होती हैं. ट्रांसपोर्ट और सिक्योरिटी खर्च: एक शहर से दूसरे शहर सोना पहुंचाने में परिवहन और सुरक्षा लागत जुड़ती है. स्थानीय मांग: जिन शहरों में सोने की मांग ज्यादा होती है, वहां कीमतों में अंतर देखने को मिल सकता है. ज्वेलरी एसोसिएशन: स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन मांग और सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं. पुराने स्टॉक की लागत: ज्वेलर्स ने जिस कीमत पर सोना खरीदा होता है, उसका असर बिक्री मूल्य पर पड़ता है. इस साल कितना बदला सोने-चांदी का भाव? साल 2026 में अब तक सोने की कीमत में करीब ₹9,000 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.33 लाख था, जो अब बढ़कर ₹1.42 लाख के पार पहुंच गया है. वहीं, चांदी की कीमत में साल की शुरुआत की तुलना में करीब ₹10,000 प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है. 31 दिसंबर 2025 को चांदी ₹2.30 लाख प्रति किलो थी, जो फिलहाल करीब ₹2.20 लाख प्रति किलो है. हालांकि, इस दौरान 29 जनवरी 2026 को दोनों की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थीं. उस दिन सोना ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹3.86 लाख प्रति किलो के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी. सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान 1. BIS हॉलमार्क जरूर देखें : हमेशा BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदें. हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की पुष्टि होती है. 2. खरीदने से पहले रेट जरूर जांचें : सोना खरीदने से पहले IBJA या अन्य विश्वसनीय स्रोतों से 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के ताजा भाव की पुष्टि जरूर कर लें. इससे सही कीमत पर खरीदारी करने में मदद मिलेगी. ये भी पढ़ें: PM Vishwakarma Yojana: इन 18 पारंपरिक कामगारों को मिलते हैं ₹15,000, ₹3 लाख तक का लोन और फ्री ट्रेनिंग, जानें पूरी डिटेल The post Gold Silver Price Today: सोना ₹1,095 और चांदी ₹4,101 महंगी, जानें आज का नया रेट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

दिल्ली हाईकोर्ट ने मांगी सोनम वांगचुक की मेडिकल रिपोर्ट, एम्स डायरेक्टर को किया तलब; कल आएगा फैसला

Sonam Wangchuk Medical Condition: हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने मंगलवार को सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल टीम के प्रमुख, एम्स के डायरेक्टर और एम्स इमरजेंसी मेडिसिन के इंचार्ज डॉ अक्षय को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है. इसके अलावा, अदालत ने वांगचुक के परिवार द्वारा नियुक्त डॉक्टर से भी सहायता के लिए मौजूद रहने का अनुरोध किया है. सोनम वांगचुक की पत्नी की याचिका पर मंगलवार को फैसला करेगा दिल्ली हाईकोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट सोनम वांगचुक की पत्नी की याचिका पर मंगलवार को अपना फैसला सुनाएगा. डॉ गीतांजलि आंग्मो ने अपने पति सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी देकर मेदांता अस्पताल में ट्रांसफर करने की इजाजत न देने वाले सिंगल जज के फैसले को चुनौती दी है. आंग्मो की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिब्बल ने सिंगल जज के रविवार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ के समक्ष पेश करते हुए इसे तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था. इस पर हाई कोर्ट की पीठ ने कहा, ‘‘ठीक है. आज ही सुनवाई करते हैं.’’ डॉ गीतांजलि के वकील ने कोर्ट में क्या कहा? डॉ गीतांजलि के वकील सिब्बल ने दलील दी कि सिंगल जज ने पीठ के 16 जुलाई के उस आदेश की गलत व्याख्या की है, जिसमें अथॉरिटी को वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप करने का निर्देश दिया गया था. उन्होंने कहा कि पुलिस वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरन ले गई और अब वह सफदरजंग अस्पताल से अपनी पसंद के अस्पताल में ड्रांसफर होना चाहते हैं. सिब्बल ने कहा कि हर व्यक्ति अपनी पसंद का चिकित्सा उपचार पाने का हकदार है और इस अधिकार को छीना नहीं जा सकता. दिल्ली हाई कोर्ट की पीठ ने गीतांजलि की याचिका को कर दिया था खारिज इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने रविवार को वांगचुक के सफदरजंग अस्पताल में जारी इलाज के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था. जस्टिस मिनी पुष्करणा ने कहा था कि इस स्तर पर वांगचुक को किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने संबंधी उनकी पत्नी गीतांजलि जे आंग्मो की याचिका पर कोई अंतरिम आदेश पारित करने की आवश्यकता नहीं है. 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं वांगचुक सोनम वांगचुक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जारी प्रदर्शन के समर्थन में 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. ये भी पढ़ें: अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने की समाचार निकली झूठी, दिल्ली पुलिस बोली- अब भी मंच पर हैं मौजूद CJP संस्थापक The post दिल्ली हाईकोर्ट ने मांगी सोनम वांगचुक की मेडिकल रिपोर्ट, एम्स डायरेक्टर को किया तलब; कल आएगा फैसला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

गिरिडीह के झरखट्टा गांव में खुखड़ी खाने से 7 लोग बीमार, सदर अस्पताल में भर्ती

गिरिडीह से बिनोद शर्मा की रिपोर्ट Giridih News: झारखंड के गिरिडीह जिले के गांडेय थाना क्षेत्र स्थित झरखट्टा गांव में खुखड़ी खाने के बाद एक ही परिवार के सात लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई. सभी को गंभीर हालत में गिरिडीह सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है. समय रहते अस्पताल पहुंचने के कारण सभी मरीजों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है. मशरूम खाने के कुछ ही मिनट बाद बिगड़ी तबीयत परिजनों के अनुसार, सोमवार सुबह करीब नौ बजे पड़ोस से मिले खुखड़ी को घर में पकाकर परिवार के लोगों ने खाया था. खुखड़ी खाने के लगभग पांच मिनट बाद ही एक-एक कर सभी लोगों को उल्टी, बेचैनी और अस्वस्थता की शिकायत होने लगी. जब सभी की हालत तेजी से बिगड़ने लगी तो परिजन घबरा गए और बिना देर किए उन्हें इलाज के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल लेकर पहुंचे. अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने सभी मरीजों का प्राथमिक उपचार शुरू किया. सात लोग अस्पताल में भर्ती इस घटना में बीमार होने वालों में नेहा कुमारी (19 साल), टुकटुक कुमारी (3 साल), कृष्णा गोस्वामी, दशरथ गोस्वामी, गीता देवी और विशाल गोस्वामी सहित एक ही परिवार के कुल सात सदस्य शामिल हैं. सभी को अस्पताल में भर्ती कर चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है. अस्पताल में डॉक्टरों ने मरीजों को स्लाइन चढ़ाई और आवश्यक दवाएं देकर उपचार शुरू किया. चिकित्सक लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. समय पर इलाज मिलने से टला बड़ा हादसा परिवार के सदस्य अशोक गोस्वामी ने बताया कि खुखड़ी खाने के तुरंत बाद सभी लोगों को उल्टियां शुरू हो गई थीं. स्थिति बिगड़ती देख बिना समय गंवाए सभी को अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने के कारण मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है. फिलहाल, सभी की हालत स्थिर है और उन्हें खतरे से बाहर बताया जा रहा है. खुखड़ी खाने में बरतें सावधानी विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में जंगलों और खेतों में कई प्रकार के खुखड़ी उग आती. इनमें कुछ खुखड़ी खाने योग्य होते हैं, जबकि कई प्रजातियां जहरीली भी होती हैं. सामान्य व्यक्ति के लिए दोनों में अंतर कर पाना आसान नहीं होता. चिकित्सकों की सलाह है कि पहचान की पुष्टि किए बिना किसी भी जंगली या अनजान खुखड़ी का सेवन नहीं करना चाहिए. जहरीली खुखड़ी खाने से उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर आना, लीवर और किडनी पर गंभीर असर जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसे भी पढ़ें: पिठोरिया बिजली सब-स्टेशन डकैती कांड का फरार आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया लोगों से सतर्क रहने की अपील घटना के बाद चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतें और केवल सुरक्षित एवं प्रमाणित स्रोत से मिली खुखड़ी का ही सेवन करें. यदि खुखड़ी खाने के बाद किसी व्यक्ति को उल्टी, घबराहट, पेट दर्द या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में पहुंचकर इलाज कराएं. इसे भी पढ़ें: पलामू जिला स्कूल में एडमिशन स्कैम, टेस्ट में फेल बच्चों भी नामांकित The post गिरिडीह के झरखट्टा गांव में खुखड़ी खाने से 7 लोग बीमार, सदर अस्पताल में भर्ती appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CJP का दावा, प्रदर्शनकारियों की तीन मांगों पर विचार के लिए केंद्रीय मंत्री नड्डा ने मांगा समय

Cockroach Janata Party : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधि आशुतोष रांका और सौरव दास ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि उनकी मांगों पर विचार के लिए कुछ समय मांगा है. सीजेपी प्रवक्ता रांका बताया कि जेपी नड्डा ने कहा कि इन मांगों पर हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा. यह दावा उस समय सामने आया है, जब संसद के मानसून सत्र के बीच दिल्ली में विरोध प्रदर्शन जारी हैं. तीन प्रमुख मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि मैंने और सौरव दास ने जेपी नड्डा से मुलाकात कर लिखित ज्ञापन सौंपा. CJP की तीन प्रमुख मांगों में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और NEET-UG 2026 की तैयारी के दौरान आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल है. रांका ने कहा कि नड्डा ने इन मांगों पर पार्टी नेतृत्व से चर्चा करने का भरोसा दिया है. अभिजीत दिपके को हिरासत में लेने का दावा इससे पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया था. हालांकि बाद में दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया है और वह मंच पर मौजूद हैं. इसके बाद आशुतोष रांका और सौरव दास ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की. सौरव दास ने कहा कि करीब दो घंटे इंतजार के बाद उन्हें 10 मिनट का समय मिला, जिसमें उन्होंने अपनी मांगों को विस्तार से रखा. प्रदर्शन के बीच सुरक्षा बढ़ी, पुलिस की सख्ती जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया. प्रदर्शन के कारण आसपास के इलाकों में यातायात भी प्रभावित रहा. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संसद के मानसून सत्र को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट किया था कि पूर्व अनुमति के बिना जंतर-मंतर के अलावा किसी अन्य स्थान पर प्रदर्शन, जुलूस या पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने की अनुमति नहीं है. यह भी पढ़ें-अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने की समाचार निकली झूठी, दिल्ली पुलिस बोली- अब भी मंच पर हैं मौजूद CJP संस्थापक The post CJP का दावा, प्रदर्शनकारियों की तीन मांगों पर विचार के लिए केंद्रीय मंत्री नड्डा ने मांगा समय appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Jana Nayagan Advance Booking: रांची-पटना में फीका रिस्पॉन्स, फिर भी करोड़ों में पहुंची ‘जन नायकन’ की एडवांस बुकिंग

Jana Nayagan Advance Booking: थलपति विजय की आखिरी फिल्म कही जा रही ‘जन नायकन’ रिलीज से पहले ही एडवांस बुकिंग में शानदार प्रदर्शन कर रही है. लंबे समय तक CBFC सर्टिफिकेशन की वजह से अटकी रहने के बाद अब यह फिल्म 23 जुलाई को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है. फिल्म की एडवांस बुकिंग 18 जुलाई से शुरू हो चुकी है और शुरुआती आंकड़े काफी दमदार सामने आ रहे हैं. हालांकि, हिंदी वर्जन के लिए अभी शोज की संख्या काफी कम है, वहीं रांची और पटना जैसे शहरों में तमिल शोज को भी रफ्तार पकड़नी बाकी है. ऐसे में आइए जानते हैं ‘जन नायकन’ की एडवांस बुकिंग का लेटेस्ट अपडेट. Jana Nayagan Advance Booking Collection: एडवांस बुकिंग में कितनी हुई कमाई? Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 जुलाई शाम 5 बजे तक ‘जन नायकन’ ने एडवांस बुकिंग से 10.86 करोड़ रुपये (ब्लॉक सीट्स सहित ग्रॉस) की कमाई कर ली है. वहीं, ब्लॉक सीट्स के बिना फिल्म की एडवांस बुकिंग 7.17 करोड़ रुपये रही है. अब तक फिल्म के 2,82,735 टिकट बिक चुके हैं और इसके लिए 3,976 शोज लगाए गए हैं. ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि रिलीज के करीब आते-आते इन आंकड़ों में और तेजी देखने को मिल सकती है. Jana Nayagan State Wise Booking: किस राज्य से मिल रहा सबसे ज्यादा रिस्पॉन्स? फिल्म को सबसे ज्यादा रिस्पॉन्स तमिलनाडु से मिल रहा है. यहां से एडवांस बुकिंग में 4.72 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है. इसके बाद कर्नाटक दूसरे नंबर पर है, जहां से 3.43 करोड़ रुपये की कमाई हुई है. वहीं केरल ने 1.55 करोड़ रुपये का योगदान दिया है. हिंदी वर्जन की बात करें तो फिलहाल इसके लिए सिर्फ 6 शोज ही खुले हैं. अभी तक हिंदी वर्जन में एक भी टिकट नहीं बिका है, इसलिए इसकी कमाई शून्य है. ऐसे में इसे कमजोर रिस्पॉन्स नहीं माना जा सकता, क्योंकि अभी शोज की संख्या बहुत कम है. Jana Nayagan City Collection: किन शहरों में सबसे ज्यादा बिके टिकट? शहरों की बात करें तो बेंगलुरु सबसे आगे है, जहां फिल्म ने 3.45 करोड़ रुपये की एडवांस बुकिंग की है. चेन्नई से 1.30 करोड़ रुपये की कमाई हुई है और यहां ऑक्यूपेंसी 87 प्रतिशत से ज्यादा दर्ज की गई है. वहीं कोयंबटूर से फिल्म ने 50.56 लाख रुपये का कारोबार किया है. इसके अलावा हैदराबाद, मदुरै, तिरुवनंतपुरम और कोच्चि से भी फिल्म को शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है. Jana Nayagan Ranchi-Patna Booking: रांची और पटना में कैसा है फिल्म का हाल? रांची और पटना में फिल्म के तमिल भाषा वाले शोज को फिलहाल सीमित रिस्पॉन्स मिल रहा है. रांची में तमिल भाषा में फिल्म ने 30.28 हजार रुपये की एडवांस बुकिंग की है और यहां ऑक्यूपेंसी करीब 2 प्रतिशत दर्ज की गई है. वहीं पटना में 28.03 हजार रुपये की एडवांस बुकिंग हुई है, जबकि यहां ऑक्यूपेंसी फिलहाल 0 प्रतिशत है. Jana Nayagan Release: फिल्म में कौन-कौन आएगा नजर? एच. विनोथ के निर्देशन में बनी ‘जन नायकन’ में विजय के साथ पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, ममिता बैजू, प्रकाश राज, गौतम वासुदेव मेनन, प्रियमणि, नारायण और नासर अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे. यह फिल्म विजय की एक्टिंग जर्नी की आखिरी फिल्म बताई जा रही है, क्योंकि इसके बाद वह पूरी तरह नेतृत्व पर फोकस करने वाले हैं. यही वजह है कि फिल्म को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट देखने को मिल रही है. यह भी पढ़ें- Jana Nayagan Release Date: CM विजय थलपति की आखिरी फिल्म की रिलीज डेट फाइनल, तीन भाषाओं में अलग-अलग नाम से होगी रिलीज The post Jana Nayagan Advance Booking: रांची-पटना में फीका रिस्पॉन्स, फिर भी करोड़ों में पहुंची ‘जन नायकन’ की एडवांस बुकिंग appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बॉबी देओल ने ठुकराया रोल, फिर ऐसे ‘हैवान’ में हुई अक्षय कुमार की एंट्री, प्रियदर्शन ने खोला राज

Priyadarshan On Akshay Kumar Haiwaan: हैवान में अक्षय कुमार नेगिटिव रोल में नजर आ रहे हैं. हालांकि इस रोल के लिए मेकर्स की पहली पसंद खिलाड़ी कुमार नहीं थे. डायरेक्टर प्रियदर्शन ने खुलासा किया कि विलेन के किरदार के लिए सबसे पहले बॉबी देओल से संपर्क किया गया था. इसके बाद अक्षय खन्ना और सुनील शेट्टी के नाम पर भी चर्चा की गई थी. हालांकि लास्ट में एक अनएक्सपेक्टेड मोड़ आया और यह रोल अक्षय कुमार के खाते में चला गया. Akshay Kumar Not First Choice for Haiwaan: हैवान के लिए मेकर्स की पहली पसंद नहीं थे अक्षय कुमार मिड-डे को दिए इंटरव्यू में प्रियदर्शन ने कहा, “जब मैंने सबसे पहले सैफ अली खान को फिल्म की कहानी सुनाई, तो उन्होंने मुझसे पूछा कि विलेन का किरदार कौन निभाएगा. तब जाकर बॉबी देओल से बात की, लेकिन वह रोल से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे. इसके बाद मेरे दिमाग में अक्षय खन्ना का नाम आया और मैंने उन्हें कहानी सुनाने की इच्छा जताई. उन्होंने मुझे मिलने के लिए बुलाया था. मैंने सोचा था कि अगर उन्होंने भी मना कर दिया, तो फिर मैं सुनील शेट्टी से बात करूंगा.” View on Instagram This Is How Akshay Kumar Makes Entry In Haiwaan: ऐसे हैवान फिल्म में अक्षय कुमार की हुई एंट्री प्रियदर्शन ने आगे कहा, “अक्षय खन्ना से मिलने से पहले मैंने भूत बंगला की शूटिंग के दौरान कैजुअली अक्षय कुमार को इस फिल्म के बारे में बताया. जब मैंने उन्हें पूरी कहानी सुनाई, तो उन्होंने तुरंत कहा, ‘ये फिल्म मैं क्यों नहीं कर सकता?’” डायरेक्टर ने माना कि अक्षय को यह किरदार बहुत पसंद आया. उन्होंने यह भी कहा कि हैवान की शूटिंग के दौरान सैफ ने भी मुझसे कहा, ‘मेरे सामने यह रोल करके अक्षय ने मुझे सबसे बेहतरीन गिफ्ट दिया है.’ अक्षय कुमार की इमेज तोड़ना चाहते थे प्रियदर्शन इसी इंटरव्यू में प्रियदर्शन ने यह भी स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्होंने अक्षय कुमार को विलेन के रोल के लिए इसलिए नहीं चुना था, क्योंकि पिछले कुछ समय से वह सिर्फ कॉमेडी मूवी में ही नजर आ रहे थे. हालांकि अक्षय की एक्साइटमेंट देखकर उन्हें यकीन हो गया कि इस रोल के लिए वही सबसे सही ऑप्शन है. Haiwaan Is Not Comedy Film: ‘हैवान’ कॉमेडी फिल्म नहीं है, प्रियदर्शन ने किया साफ कॉमेडी फिल्मों के लिए मशहूर प्रियदर्शन ने साफ कर दिया है कि हैवान उनकी बाकी फिल्मों से बिल्कुल अलग होने वाली है. उन्होंने कहा, “कई लोगों को लग रहा है कि हैवान एक कॉमेडी फिल्म है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. यह हंटर और हंटेड के बीच चलने वाले एक इंटेंस कैट-एंड-माउस गेम की कहानी है. करीब 16 साल बाद मैं एक्शन-थ्रिलर जॉनर में वापसी कर रहा हूं और यह मेरी अब तक की सबसे स्टाइलिश फिल्मों में से एक है.” ये भी पढ़ें: हेरा फेरी 3 जरूर करूंगा… परेश रावल का ऐलान, अक्षय कुमार के 25 करोड़ वाले लीगल नोटिस पर भी तोड़ी चुप्पी ये भी पढ़ें: व्हाइट बीयर्ड लुक में नजर आए अक्षय कुमार, फैंस बोले- ‘हैवान’ का एक झलक The post बॉबी देओल ने ठुकराया रोल, फिर ऐसे ‘हैवान’ में हुई अक्षय कुमार की एंट्री, प्रियदर्शन ने खोला राज appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top