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क्या चेहरे पर बर्फ रगड़ने से सच में आता है ग्लो या हो सकता है नुकसान? जानिए आइस फेशियल की पूरी सच्चाई

Skincare Myths: आज के समय में सोशल मीडिया और इंटरनेट पर स्किनकेयर से जुड़े कई तरह के नुस्खे और ट्रीटमेंट्स खूब वायरल होते रहते हैं. जब भी आप सोशल मीडिया स्क्रॉल करते हैं, आपको कोई न कोई नुस्खा जरूर देखने को मिलता है, जो यह क्लेम करता है कि इसे अपनाने से आपकी कोई भी प्रॉब्लम दूर हो सकती है. इन्हीं नुस्खों में से एक बहुत ही पॉपुलर नुस्खा है चेहरे पर बर्फ को लगाना या फिर रगड़ना. आज के समय में इसे ‘आइस फेशियल’ के नाम से भी जाना जाता है. बहुत से लोगों का यह मानना रहा है कि हर सुबह चेहरे पर अगर बर्फ रगड़ा जाए, तो चेहरा एकदम से ग्लोइंग बन जाता है, पिंपल्स गायब हो जाते हैं और साथ ही ढीली पड़ी स्किन भी टाइट हो जाती है. लेकिन क्या सच में चेहरे पर बर्फ रगड़ने से आपकी स्किन ग्लोइंग बन सकती है, या फिर यह सिर्फ एक अफवाह ही है? आज इस आर्टिकल में हम इसके पीछे की असली सच्चाई को बहुत ही आसान तरीके से आपको समझाने वाले हैं. जब आप इस आर्टिकल को पूरा पढ़ लेंगे, तो आपको यह समझ में आ जाएगा कि आपको सोशल मीडिया पर वायरल नुस्खों पर आंख मूंदकर भरोसा करना चाहिए या फिर नहीं. skincare myths to unfollow क्या बर्फ रगड़ने से सच में आता है चेहरे पर ग्लो? इस बात में थोड़ी सच्चाई तो जरूर है कि अगर आप अपने चेहरे पर बर्फ रगड़ते हैं, तो आपको एक इंस्टैंट ग्लो दिखाई जरूर देता है. लेकिन अब आपको यह समझना होगा कि यह ग्लो आपके चेहरे पर हमेशा के लिए नहीं रहने वाला है. जब आप अपने चेहरे पर बर्फ लगाते हैं या फिर रगड़ते हैं, तो बहुत ही ज्यादा ठंडक होने की वजह से आपके चेहरे के ब्लड वेसल्स, यानी कि खून की नसें कुछ देर के लिए सिकुड़ जाती हैं. लेकिन जब टेम्परेचर दोबारा नॉर्मल होता है, तो वहां पर खून का बहाव बहुत ही तेजी से बढ़ जाता है. इसी बढ़े हुए ब्लड सर्कुलेशन की वजह से आपका चेहरा कुछ देर के लिए गुलाबी, ग्लोइंग और फ्रेश दिखाई देने लगता है. बर्फ से मिलने वाला यह ग्लो सिर्फ कुछ घंटों का या फिर एक शॉर्ट-टर्म सॉल्यूशन होता है. यह आपकी स्किन को अंदर से गोरा या फिर हमेशा के लिए ग्लोइंग बनाकर रखने का कोई परमानेंट इलाज नहीं है. ये भी पढ़ें: पिंपल्स तो चले गए, लेकिन दाग रह गए? इन आसान तरीकों से वापस पाएं चेहरे की नेचुरल ग्लो बर्फ रगड़ने के असली फायदे क्या हैं? अगर आप सही तरीके और सही क्वांटिटी में बर्फ का इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपकी स्किन को कई तरह के फायदे जरूर पहुंचा सकती है. जैसे बहुत से लोगों का चेहरा या फिर आंखें सुबह सोकर उठने के बाद बहुत ही ज्यादा फूली हुई सी लगती हैं. इसे आम बोलचाल की भाषा में हम पफीनेस कहते हैं. ऐसे में बर्फ की ठंडी सिकाई करने से चेहरे की सूजन इंस्टैंट कम हो जाती है और चेहरा एकदम फ्रेश दिखने लगता है. इसके अलावा, अगर चेहरे पर कोई लाल रंग के दर्द देने वाले पिंपल्स निकल आये हैं, तो बर्फ लगाने से वहां की सूजन और दर्द में काफी आराम मिलता है. इसके अलावा, तेज धूप से वापस आने के बाद या दिनभर की थकान के बाद चेहरे पर ठंडी सिकाई करने से त्वचा को काफी राहत और सुकून मिलता है. बर्फ से जुड़े कुछ बड़े मिथक और उनकी सच्चाई इंटरनेट पर बर्फ को लेकर कई इस तरह की बातें फैलाई जाती हैं जो पूरी तरह से बिलकुल भी सच नहीं हैं. आधी सच्चाई होने की वजह से इन बातों पर आपको बिना सोचे-समझे कभी भी भरोसा नहीं करना चाहिए. जैसे कि बर्फ से जुड़ी एक सबसे बड़ी मिथक यह भी है कि इसे रगड़ने से ओपन पोर्स, यानी कि स्किन में मौजूद छोटे-छोटे छेद हमेशा के लिए बंद हो जाते हैं. लेकिन सच्चाई तो यह है कि चेहरे पर मौजूद ये पोर्स कोई दरवाजे नहीं हैं, जिन्हें आप खोल या फिर बंद कर सकें. बर्फ की ठंडक की वजह से वे कुछ देर के लिए सिकुड़ कर छोटे जरूर दिखते हैं, लेकिन जैसे ही स्किन का टेम्परेचर नॉर्मल होता है, वे वापस अपने ओरिजिनल साइज में आ जाते हैं. इसी तरह दूसरा मिथक यह भी है कि बर्फ से रिंकल्स खत्म हो जाते हैं, जबकि हकीकत यह है कि सिर्फ बर्फ लगाने से एजिंग के लक्षण या रिंकल्स ठीक नहीं होते, इसके लिए सही स्किनकेयर प्रोडक्ट्स और अच्छी डाइट की जरूरत होती है. ये भी पढ़ें: न होगी चिपचिपाहट, न ही निकलेंगे पिंपल्स, मॉनसून में दिनभर फ्रेश लुक के लिए सुबह उठते ही अपनाएं ये 5 स्किनकेयर हैक्स चेहरे पर बर्फ लगाने के नुकसान और सावधानियां अगर आप बिना सोचे-समझे अपने चेहरे पर बर्फ को डायरेक्टली रगड़ते हैं, तो इसकी वजह से आपकी स्किन को फायदा होने की जगह पर नुकसान ज्यादा हो सकता है. हमारे चेहरे की स्किन बहुत ही ज्यादा नाजुक होती है और ऐसे में स्किन पर डायरेक्टली बर्फ को रगड़ने से स्किन के सेल्स डैमेज भी हो सकते हैं. मेडिकल टर्म्स में इसे आइस बर्न भी कहा जाता है. अगर आइस बर्न हो, तो इसकी वजह से आपका चेहरा लाल पड़ सकता है, उसमें रैशेज हो सकते हैं और साथ ही जलन भी महसूस हो सकती है. जिन लोगों की स्किन बहुत ज्यादा ड्राई, यानी सूखी होती है या जिनकी स्किन सेंसिटिव होती है, उन्हें चेहरे पर बर्फ लगाने से पूरी तरह बचना चाहिए क्योंकि इससे स्किन की ड्राइनेस और भी ज्यादा बढ़ जाती है. इसके अलावा, साइनस या सर्दी-खांसी की समस्या से परेशान लोगों को भी इससे दूर रहना चाहिए, वरना उनकी तबीयत बिगड़ सकती है. चेहरे पर बर्फ रगड़ने का सही तरीका क्या है? अगर आप अपने चेहरे पर बर्फ का इस्तेमाल करना चाहते ही हैं, तो इसके लिए आपको इसका सही तरीका जरूर मालूम होना चाहिए. जब आपको सही तरीका मालूम होता है, तो आपकी स्किन डैमेज होने से बची रहती है. जब भी आप चेहरे पर बर्फ का इस्तेमाल करें, तो सबसे पहले आपको इस बात का ख्याल रखना है कि इसे डायरेक्टली अपनी स्किन पर न रगड़ें. बर्फ

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सम्राट चौधरी बोले- रोज शाम कम से कम दो घंटे निकालिए, एनडीए नेताओं को बिहार सीएम ने दिया टास्क

Samrat Choudhary: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एनडीए के सभी विधायकों से बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में पूरी ताकत के साथ प्रचार करने की अपील की. उन्होंने कहा कि हर विधायक अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद रोज शाम कम से कम दो घंटे बांकीपुर में चुनाव प्रचार के लिए जरूर निकालें. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चुनाव एनडीए के लिए बेहद अहम है और इसमें सभी जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है. जनता के बीच जाकर प्रशासन के काम बताने की अपील मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन और संगठन मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं. इसलिए सभी विधायकों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों के बीच जाएं और प्रशासन की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी पहुंचाएं. उन्होंने कहा कि जनता से लगातार संपर्क बनाए रखना भी जरूरी है. विधायकों से बोले- कोई परेशानी हो तो सीधे मुझसे मिलें सम्राट चौधरी ने बैठक में साफ कहा कि अगर किसी विधायक को किसी भी तरह की परेशानी या शिकायत है तो वह बिना किसी झिझक के सीधे उनसे व्यक्तिगत रूप से मिल सकता है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर विधायक की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा और उसका समाधान किया जाएगा. एनडीए की रणनीति का अहम हिस्सा बना बांकीपुर उपचुनाव मुख्यमंत्री की अपील को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए एनडीए की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है. पार्टी चाहती है कि सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों के साथ-साथ बांकीपुर में भी समय देकर चुनावी माहौल को एनडीए के पक्ष में मजबूत करें. इसी वजह से सभी विधायकों को रोज शाम दो घंटे प्रचार करने के लिए कहा गया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें कई विधायकों ने दिया समर्थन मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रामकृपाल यादव, विजेंद्र यादव, कोमल सिंह और संतोष मांझी ने कहा कि वे मुख्यमंत्री के निर्देश का पूरी तरह पालन करेंगे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में एनडीए प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी विधायक पूरी ताकत से चुनाव प्रचार में जुटेंगे. इसे भी पढ़ें: सम्राट चौधरी बोले- बिहार में विकास के लिए पैसे की कोई कमी नहीं, हर महीने की 10 तारीख को आ रही पेंशन The post सम्राट चौधरी बोले- रोज शाम कम से कम दो घंटे निकालिए, एनडीए नेताओं को बिहार सीएम ने दिया टास्क appeared first on Naya Vichar.

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अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने की खबर निकली झूठी, दिल्ली पुलिस बोली- अब भी मंच पर हैं मौजूद CJP संस्थापक

Abhijit Dipke CJP Protest: प्रदर्शन के दौरान उस समय भ्रम की स्थिति बन गई जब CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने दावा किया कि संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. सोशल मीडिया पर भी यह भ्रामक समाचार तेजी से फैलने लगी. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया. पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने के आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं. वे मंच पर ही मौजूद हैं. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी छात्र, संसद में भी हंगामा जंतर-मंतर से शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन की गूंज संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन दोनों सदनों में सुनाई दी. विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी. प्रदर्शनकारी छात्र और युवा परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग? सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके समर्थन में उतरे प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग रखी कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए. सोनम वांगचुक ने जताई शामिल होने की इच्छा सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने चिकित्सा अधीक्षक से अनुरोध किया कि उन्हें ‘अस्थायी रूप से’ अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति दी जाए ताकि वे इस मार्च में भाग ले सकें. वांगचुक ने कहा कि वे अब ठीक महसूस कर रहे हैं. हालांकि, अस्पताल के बुलेटिन के अनुसार उनके स्वास्थ्य मानक स्थिर हैं, लेकिन रक्त मानकों की निगरानी की जरूरत है. नयी दिल्ली में सुरक्षा बल तैनात, मेट्रो स्टेशन बंद; इंटरनेट सेवाएं प्रभावित सीजेपी के संसद मार्च और संसद के मानसून सत्र को देखते हुए नयी दिल्ली जिले में अर्धसैनिक बलों और पड़ोसी जिलों के पुलिसकर्मियों को तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. एहतियात के तौर पर कई मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए गए, जिससे यात्री अंदर ही फंसे रहे. स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए क्षेत्र के एक बड़े हिस्से में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं. ये भी पढ़ें: संसद मार्च के लिए CJP ने क्यों चुनी 20 जुलाई की तारीख, जानिए मानसून सत्र को लेकर क्या है रणनीति? The post अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने की समाचार निकली झूठी, दिल्ली पुलिस बोली- अब भी मंच पर हैं मौजूद CJP संस्थापक appeared first on Naya Vichar.

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राम मंदिर वित्तीय अनियमितता मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, SIT पुनर्गठन पर यूपी सरकार से जवाब तलब

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या श्री राम जन्मभूमि मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश प्रशासन को निर्देश दिया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और पेशेवर तरीके से होनी चाहिए. सीजेआई सूर्या कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी अनुभवी और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को सौंपी जानी चाहिए. कोर्ट ने SIT के मौजूदा स्वरूप पर विचार करते हुए इसके पुनर्गठन को लेकर राज्य प्रशासन से निर्देश प्राप्त करने को कहा है. अब सभी की नजरें यूपी प्रशासन के अगले कदम और जांच प्रक्रिया में होने वाले बदलावों पर टिकी हैं. एसआईटी जांच पर कोर्ट की नजर बता दें कि अयोध्या राम मंदिर में कथित दान चोरी के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने उत्तर प्रदेश प्रशासन से एसआईटी के पुनर्गठन को लेकर निर्देश प्राप्त करने को कहा है. कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच किसी ऐसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में होनी चाहिए, जिसे इस तरह की जांचों को संभालने का पर्याप्त अनुभव हो. जांच में आठ गिरफ्तारियां, रिपोर्ट हुई दाखिल सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जांच की स्थिति रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है. जांच अभी जारी है और अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. हालांकि, जांच प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए उन्होंने इस चरण पर अधिक जानकारी सार्वजनिक करने से इनकार किया. कोर्ट ने मौजूदा जांच व्यवस्था और अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी जानकारी मांगी. दान रिकॉर्ड और पारदर्शिता पर हुई चर्चा याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में कहा गया कि मंदिर निर्माण के लिए देशभर के श्रद्धालुओं से दान लिया गया था और इसकी रसीदें भी जारी की गई थीं. आरोप लगाया गया कि कुछ दान राशि मंदिर तक नहीं पहुंची. याचिकाकर्ताओं ने सभी दान रिकॉर्ड और रसीदों को सार्वजनिक करने की मांग रखी. इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि रिकॉर्ड को वेबसाइट पर डालना अनिवार्य नहीं है, लेकिन दान से जुड़े सभी दस्तावेजों का सुरक्षित और व्यवस्थित रिकॉर्ड होना जरूरी है. निष्पक्ष जांच और नेतृत्वकरण से बचने की हिदायत सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सबूतों की सुरक्षा, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की मांग भी उठी. सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को भरोसा दिलाया कि सभी जरूरी साक्ष्य सुरक्षित रखे जा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह मामला किसी नेतृत्वक बहस का नहीं बल्कि कथित अपराध की निष्पक्ष जांच का है. अदालत ने सभी पक्षों से मामले का नेतृत्वकरण नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि वह पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे निर्देश जारी करेगी. यह भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में नया मोड़, अनिल मिश्रा पर भी दर्ज हो सकता है मुकदमा The post राम मंदिर वित्तीय अनियमितता मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, SIT पुनर्गठन पर यूपी प्रशासन से जवाब तलब appeared first on Naya Vichar.

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होर्मुज स्ट्रेट में मिसाइल हमले के बाद जहाज में लगी आग, चालक दल रेस्क्यू; अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर

Hormuz Strait Ship Attack: ब्रिटेन की समुद्री व्यापार एजेंसी (UKMTO) ने इस घटना की पुष्टि की और बताया- मिसाइल हमले के तुरंत बाद क्रू मेंबर्स ने जहाज छोड़ दिया था, जिन्हें बाद में एक टग बोट की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया. ओमान के कुमजार के पास हुआ हमला UKMTO के अनुसार, यह हमला ओमान के कुमजार से लगभग 15 किलोमीटर (8 समुद्री मील) उत्तर-पश्चिम में हुआ. एजेंसी ने बताया कि बिना क्रू के यह जलता हुआ पोत फिलहाल समुद्र में लावारिस बह रहा है और आग पर काबू नहीं पाया जा सका है. क्षेत्र से गुजरने वाले अन्य जहाजों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की सलाह दी गई है. अमेरिका ने ईरान पर फिर किए हवाई हमले अमेरिका ने अपने एक और सैनिक की मौत की पुष्टि के बाद सोमवार को ईरान के उत्तर-पश्चिमी शहर तबरेज को निशाना बनाकर हवाई हमले किए. ईरान ने जवाबी हमले करते हुए बहरीन और कुवैत को निशाना बनाया. बहरीन में अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा तैनात है. ईरान के साथ जारी संघर्ष में अब तक अमेरिका के 17 सैनिक मारे जा चुके हैं. ये भी पढ़ें: लगातार 9वीं रात ईरान पर बरसे अमेरिकी बम: तबरीज-चाबहार में धमाकों से हड़कंप, होर्मुज में बढ़ा टेंशन The post होर्मुज स्ट्रेट में मिसाइल हमले के बाद जहाज में लगी आग, चालक दल रेस्क्यू; अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर appeared first on Naya Vichar.

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स्पीड के मामले में कई पेट्रोल स्कूटर्स को पीछे छोड़ देते हैं ये इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, देखें इनकी टॉप स्पीड

आज हिंदुस्तान में कई परफॉर्मेंस-फोकस्ड इलेक्ट्रिक स्कूटर मौजूद हैं. ये न सिर्फ दमदार एक्सीलरेशन देते हैं बल्कि टॉप स्पीड के मामले में कई पेट्रोल स्कूटर्स को भी पीछे छोड़ देते हैं. इनमें से कुछ स्कूटर तो 100 km/h से भी ज्यादा की स्पीड पकड़ सकते हैं. अगर आप भी सबसे तेज इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की सोच रहे हैं, तो आइए जानते हैं हिंदुस्तान के फास्ट EV स्कूटर्स कौन-कौन से हैं. River Indie  इसका दमदार, मस्कुलर लुक और प्रैक्टिकल डिजाइन इसे सड़क पर अलग लुक देता है. परफॉर्मेंस के मामले में भी River Indie किसी से कम नहीं है. मजबूत और रग्ड डिजाइन के बावजूद यह हिंदुस्तान की फास्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में गिनी जाती है. कंपनी के मुताबिक, यह 90 km/h की टॉप स्पीड पकड़ सकती है. वहीं एक बार फुल चार्ज होने पर IDC के अनुसार 160 km तक की रेंज देने का दावा करती है. River Indie की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 1.54 लाख रुपये है. Ather 450 Apex Ather 450 Apex कंपनी का सबसे परफॉर्मेंस-फोकस्ड मॉडल है. इसे हल्के और मजबूत मटेरियल्स के साथ तैयार किया गया है. यह इलेक्ट्रिक स्कूटर 100 km/h की टॉप स्पीड का दावा करती है. वहीं, Ather 450X की टॉप स्पीड 90 km/h है. कंपनी के मुताबिक यह एक बार फुल चार्ज होने पर 157 km तक की रेंज देती है. कीमत की बात करें तो Ather 450 Apex की एक्स-शोरूम कीमत 1.95 लाख रुपये है, जबकि Ather 450X की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 1.52 लाख रुपये है. ये भी पढ़ें: पहले स्कूटर चलाइए, फिर उसी को बना दीजिए ऑटो, Hero की ये इलेक्ट्रिक गाड़ी 500kg तक उठा सकती है वजन TVS X TVS Motor Company की यह प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर अपने स्पोर्टी और फ्यूचरिस्टिक डिजाइन के लिए जानी जाती है. इसका लुक काफी एग्रेसिव है. कंपनी के मुताबिक, इसकी टॉप स्पीड 105 km/h है, जबकि एक बार फुल चार्ज करने पर यह 159 km (IDC सर्टिफाइड) तक की रेंज देने का दावा करती है. इसकी एक्स-शोरूम कीमत 2.66 लाख रुपये रखी गई है. Simple One Gen 2 यह हिंदुस्तानीय EV स्टार्टअप अपने परफॉर्मेंस-फोकस्ड इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की वजह से तेजी से पहचान बना रहा है. कंपनी की नई Gen 2 लाइनअप में 105 km/h तक की दावा की गई टॉप स्पीड मिलती है. वहीं, डेली यूज को ध्यान में रखते हुए इसमें एक बार फुल चार्ज करने पर 265 km तक की दावा की गई रेंज भी मिलती है. कंपनी ने नया Ultra वेरिएंट भी पेश किया है, जिसकी दावा की गई रेंज 400 km तक है. Simple One की एक्स-शोरूम कीमत ₹1.90 लाख से शुरू होती है. Ola S1 Pro Plus Gen 3 यह स्कूटर 130 km/h की टॉप स्पीड के साथ आता है. इतना ही नहीं, यह IDC के अनुसार 320 km तक की रेंज देने का दावा करता है. परफॉर्मेंस की बात करें तो इसमें 13 kW की पीक पावर मिलती है. वहीं, सेफ्टी और टेक्नोलॉजी के मामले में भी यह किसी से पीछे नहीं है. इसमें Brake-by-Wire, मल्टी-मोड ट्रैक्शन कंट्रोल, डुअल-चैनल ABS और कई स्मार्ट कनेक्टेड फीचर्स दिए गए हैं. इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 1.24 लाख रुपये रखी गई है. ये भी पढ़ें: 120km की रेंज वाला ये इलेक्ट्रिक स्कूटर डेली ऑफिस-कॉलेज जाने वालों के लिए है बेस्ट, जानें खासियत The post स्पीड के मामले में कई पेट्रोल स्कूटर्स को पीछे छोड़ देते हैं ये इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, देखें इनकी टॉप स्पीड appeared first on Naya Vichar.

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सम्राट चौधरी बोले- बिहार में विकास के लिए पैसे की कोई कमी नहीं, हर महीने की 10 तारीख को आ रही पेंशन

Samrat Choudhary: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एनडीए विधायकों से कहा कि सभी घटक दलों को मिल कर राज्य के विकास की चिंता करनी है और आगे ले जाना है. विधानमंडल परिसर में सोमवार को सत्तारूढ़ एनडीए के विधायक दल की बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने एनडीए के आपसी सहयोग और बिहार के विकास को लेकर प्रशासन की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार विकास के लिए काम कर रही है. गठबंधन के सभी घटकों के सहयोग से बिहार को आगे ले जाना है. नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के काम को आगे बढ़ाना प्रशासन की प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाना प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि बिहार में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. प्रशासन का प्रयास है कि जिन बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था, उन्हें बिहार में ही बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करायी जाये. सीएम ने राज्य में खोले गये 211 नये डिग्री कालेजों को लेकर कहा कि कुछ समय पहले तक बिहार में केवल 274 डिग्री कॉलेज थे, लेकिन अब प्रशासन ने एक साथ 211 नए डिग्री कॉलेज शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने इसे बिहार के विद्यार्थियों के लिए बड़ा तोहफा बताया.विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष ऐप तैयार विशेष ऐप किया गया तैयार मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन ने विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष ऐप तैयार किया है.इसके माध्यम से विद्यार्थी रात 12 बजे भी अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं और उनके समाधान की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. प्रशासन के पास पैसों की कोई कमी नहीं विकास योजनाओं के लिए प्रशासन के पास नहीं है पैसे की कमी मुख्यमंत्री ने एनडीए विधायकों को आश्वस्त किया किया प्रशासन के पास पैसे की कमी नहीं है. उन्होने कहा कि विपक्ष इस बात का माहौल बना रहा है. जबकि, यह सही नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचा रही है. हर महीने की 10 तारीख को वृद्धजनों और दिव्यांगों के खातों में राशि भेजी जा रही है. हर महीने के दूसरे और अंतिम मंगलवार को पटना में सुन रहे लोगों की समस्याएं मुख्यमंत्री ने सहयोग शिविर का जिक्र करते हुए कहा कि हर महीने के दूसरे और अंतिम मंगलवार को वह स्वयं पटना में लोगों की समस्याएं सुनते हैं. उनके समाधान का प्रयास करते हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन का मकसद स्पष्ट है कि इंसाफ और अपनी समस्या के समाधान के लिए किसी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से प्रशासनी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें विधायकों से बांकीपुर उपचुनाव में प्रचार की अपील बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एनडीए के विधायकों से बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रचार में समय देने की अपील की. उन्होंने विधायकों से कहा कि वे शाम के समय कम से कम दो घंटे प्रचार के लिए दें. मुख्यमंत्री ने विधायकों की समस्याओं पर भी भरोसा दिलाते हुए कहा कि जिन विधायकों को किसी तरह की परेशानी है, वे उनसे व्यक्तिगत रूप से मिल सकते हैं. उन्होंने कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा. बैठक में सभी घटक दलों के विधान सभा के सदस्य और विधान परिषद के सदस्य मौजूद रहे. इसे भी पढ़ें: 3936 करोड़ की लागत से खगड़िया-पूर्णिया हाईवे बनेगा फोरलेन, सिर्फ 2 घंटे में पूरा होगा सफर The post सम्राट चौधरी बोले- बिहार में विकास के लिए पैसे की कोई कमी नहीं, हर महीने की 10 तारीख को आ रही पेंशन appeared first on Naya Vichar.

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चंद्रपुरा के थर्मल पावर प्लांट में आश्रितों को नौकरी देने के लिए आंदोलन, मजदरों ने किया गेट जाम

चंद्रपुरा से बिनोद सिन्हा की रिपोर्ट CTPS Chandrapura: चंद्रपुरा थर्मल पावर प्लांट (सीटीपीएस) में मृत एवं अनफिट कर्मचारियों के आश्रितों को नियोजन देने की मांग को लेकर सोमवार को मजदूरों और विभिन्न श्रमिक संगठनों का आंदोलन तेज हो गया. आंदोलनकारियों ने प्लांट के मुख्य प्रवेश द्वार को जाम कर धरना शुरू कर दिया, जिससे प्लांट की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं. सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मुख्य गेट पर जुटे रहे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे. गेट जाम से प्रभावित हुआ प्लांट का कामकाज मुख्य प्रवेश द्वार पर आंदोलन के कारण फर्स्ट शिफ्ट और जनरल शिफ्ट के अधिकारी एवं कर्मचारी समय पर प्लांट परिसर में प्रवेश नहीं कर सके. कई अधिकारी और कर्मचारी मुख्य सड़क पर ही रुककर आंदोलन समाप्त होने का इंतजार करते दिखाई दिए. गेट जाम का असर प्लांट के दैनिक संचालन पर भी देखने को मिला. हालांकि, आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने के लिए प्रबंधन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही थी. सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो. आश्रितों के नियोजन की मांग पर अड़े आंदोलनकारी आंदोलनकारी मृत और चिकित्सकीय रूप से अनफिट घोषित कर्मचारियों के आश्रितों को शीघ्र नौकरी देने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह मांग लंबे समय से लंबित है और कई बार प्रबंधन के समक्ष इसे उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आश्रित परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना प्रबंधन की जिम्मेदारी है. उनका कहना है कि जब तक नियोजन को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. संयुक्त मोर्चे के बैनर तले हो रहा प्रदर्शन विभिन्न श्रमिक संगठनों ने इस मुद्दे पर एकजुट होकर संयुक्त रूप से गेट जाम आंदोलन शुरू किया है. मजदूर नेताओं का कहना है कि यह केवल रोजगार का मुद्दा नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा मामला है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन ने जल्द सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन धरना और अन्य लोकतांत्रिक विरोध कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे. इसे भी पढ़ें: रांची की प्यास बुझाने वाली पाइपलाइन खुद हो गई लाचार, दीपा टोली के पास 24 घंटे बह रहा करोड़ों लीटर पानी वार्ता का इंतजार, समाधान नहीं समाचार लिखे जाने तक प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच किसी ठोस समाधान की सूचना नहीं मिली थी. दोनों पक्षों के बीच औपचारिक वार्ता भी शुरू नहीं हो सकी थी. मजदूर संगठनों का कहना है कि वे बातचीत के पक्षधर हैं, लेकिन वार्ता तभी सार्थक होगी जब प्रबंधन नियोजन के मुद्दे पर ठोस आश्वासन देगा. फिलहाल सीटीपीएस के मुख्य गेट पर आंदोलन जारी है और स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है. यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. इसे भी पढ़ें: प्रदूषण की चपेट में ओतगुरु कोल लाको बोदरा की जन्मस्थली, ग्रामीणों ने किया आंदोलन का ऐलान The post चंद्रपुरा के थर्मल पावर प्लांट में आश्रितों को नौकरी देने के लिए आंदोलन, मजदरों ने किया गेट जाम appeared first on Naya Vichar.

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Ramayana: रावण बने यश ने की रकुल प्रीत सिंह की तारीफ, बोले- शूर्पणखा के रोल को शानदार तरीके से निभाया

Ramayana Movie Release: कब रिलीज होगी फिल्म? नितेश तिवारी की ‘रामायण’ दो पार्ट में रिलीज होगी. फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 पर सिनेमाघरों में दस्तक देगा. वहीं, दूसरा भाग दिवाली 2027 में रिलीज किया जाएगा. फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण के किरदार में नजर आएंगे. ये भी पढ़ें: Ramayana: मैं जिंदगी भर आपका ऋणी रहूंगा… लक्ष्मण का किरदार मिलने पर इमोशनल हुए रवि दुबे, डायरेक्टर नितेश तिवारी का किया धन्यवाद The post Ramayana: रावण बने यश ने की रकुल प्रीत सिंह की तारीफ, बोले- शूर्पणखा के रोल को शानदार तरीके से निभाया appeared first on Naya Vichar.

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1 सितंबर से बंगाल में सरकारी कामकाज बांग्ला में, अमित शाह के आग्रह पर शुभेंदु अधिकारी का फैसला

कोलकाता से शिव राउत की रिपोर्ट पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार विधानसभा में घोषणा की कि राज्य प्रशासन 1 सितंबर से सभी प्रशासनी कामकाज में बांग्ला भाषा को प्राथमिकता देगी. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी प्रशासनी विभागों में फाइलों के साथ-साथ पत्राचार और प्रशासनिक कार्य चरणबद्ध तरीके से बांग्ला भाषा में किये जायेंगे. जस्टिस सुशांत चटर्जी की अध्यक्षता वाले आयोग ने शासन और प्रशासनिक सुधारों को लेकर जो भी सिफारिशें की थीं, उनमें से पिछली प्रशासन द्वारा किन्हें लागू किया गया और किन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया गया, इसकी पूरी बिंदुवार जानकारी आज शाम को जनता के सामने रखा जायेगा. -शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल अमित शाह ने शुभेंदु अधिकारी से किया था आग्रह मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें पत्र लिखकर महान शिक्षाविद, राष्ट्रवादी नेता और विचारक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर पश्चिम बंगाल में बांग्ला भाषा के व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने का आग्रह किया था. पत्र में प्रशासनी कार्यों, नागरिक सेवाओं, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बंगला भाषा के अधिकाधिक प्रयोग की सलाह दी गयी थी. ये भी पढ़ें: कोलकाता एयरपोर्ट मस्जिद में प्रवेश पर रोक का शुभेंदु अधिकारी ने किया समर्थन, बोले- राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि केंद्र से बांग्ला और हिंदी में होगा संवाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य प्रशासन इस सुझाव का स्वागत करती है. अब पश्चिम बंगाल में सभी प्रशासनी पत्राचार बांग्ला भाषा में किया जायेगा. केंद्र प्रशासन के साथ संवाद के लिए बांग्ला के साथ-साथ हिंदी का भी उपयोग किया जायेगा. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी प्रशासनी कार्यालयों में मातृभाषा को प्रभावी रूप से लागू किया जायेगा. आज शाम सार्वजनिक होगी आयोग की रिपोर्ट मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पिछली प्रशासन द्वारा गठित आयोग की रिपोर्ट सोमवार शाम जनता के सामने जारी जायेगी. उन्होंने कहा कि जस्टिस सुशांत चटर्जी की अध्यक्षता वाले आयोग ने जो सिफारिशें की थीं, उनमें से किन्हें लागू किया गया और किन्हें नहीं, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जायेगी. The post 1 सितंबर से बंगाल में प्रशासनी कामकाज बांग्ला में, अमित शाह के आग्रह पर शुभेंदु अधिकारी का फैसला appeared first on Naya Vichar.

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