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भारत-यूके ट्रेड डील लागू : पीएम मोदी बोले- किसानों, MSME और प्रोफेशनल्स को मिलेगा लाभ

India-UK Trade Deal : हिंदुस्तान और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच साइन हुए फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट को 15 जुलाई (बुधवार) से लागू कर दिया गया है. CETA (कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक और ट्रेड एग्रीमेंट) एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौता है, जिसे साल 24 जुलाई 2025 को साइन किया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रेड डील को दोनों देशों के बीच एक ऐतिहासिक कदम बताया. इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, सेवाओं और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है. इस समझौते के तहत कई हिंदुस्तानीय उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में कम या शून्य आयात शुल्क के साथ प्रवेश मिलेगा, जिससे हिंदुस्तानीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी. CETA में वस्तुओं के व्यापार के अलावा डिजिटल व्यापार, निवेश, बौद्धिक संपदा, कस्टम्स प्रक्रियाएं, छोटे एवं मध्यम उद्योगों (MSME) का सहयोग और पेशेवरों की आवाजाही जैसे कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं. इसे हिंदुस्तान के सबसे बड़े और रणनीतिक व्यापार समझौतों में से एक माना जा रहा है. पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक कदम हिंदुस्तान-यूके CETA लागू होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे दोनों देशों की साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि CETA के लागू होने से हिंदुस्तान और ब्रिटेन के आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे. प्रधानमंत्री के अनुसार, यह समझौता किसानों, उद्यमियों और एमएसएमई को नए अवसर देगा, जबकि हिंदुस्तानीय उत्पादों और सेवाओं की ब्रिटिश बाजार तक पहुंच बढ़ेगी. उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक, नवाचार, पेशेवर सेवाओं और कुशल हिंदुस्तानीय प्रतिभाओं की आवाजाही को इससे नई गति मिलेगी. साथ ही, सोशल सिक्योरिटी समझौते से ब्रिटेन में अस्थायी रूप से काम करने वाले हिंदुस्तानीय पेशेवरों और हिंदुस्तानीय कंपनियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा. पीएम मोदी ने इसे दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच विश्वास और साझा समृद्धि की दिशा में एक मजबूत कदम बताया. हिंदुस्तान को क्या होगा फायदा? CETA लागू होने से हिंदुस्तान के टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट, जेम्स एंड ज्वेलरी, इंजीनियरिंग गुड्स, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटो कंपोनेंट्स, कृषि और समुद्री उत्पादों जैसे कई क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है. ब्रिटेन में हिंदुस्तानीय उत्पादों पर आयात शुल्क घटने या समाप्त होने से निर्यात बढ़ेगा, जिससे उत्पादन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. किसानों, एमएसएमई और छोटे निर्यातकों को भी ब्रिटिश बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी. इसके अलावा, दोनों देशों के बीच सामाजिक सुरक्षा समझौते के कारण ब्रिटेन में काम करने वाले पात्र हिंदुस्तानीय पेशेवरों को दोहरी सामाजिक सुरक्षा अंशदान से राहत मिल सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता हिंदुस्तान में निवेश बढ़ाने, वैश्विक सप्लाई चेन में हिस्सेदारी मजबूत करने और दीर्घकाल में आर्थिक विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगा. ये भी पढ़ें : पोलैंड के मंत्री का दावा : पीएम मोदी ने यूक्रेन में परमाणु हमले को रोका, पुतिन ने मानी हिंदुस्तान की बात The post हिंदुस्तान-यूके ट्रेड डील लागू : पीएम मोदी बोले- किसानों, MSME और प्रोफेशनल्स को मिलेगा लाभ appeared first on Naya Vichar.

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Qatar : जब रेगिस्तान से निकला पेट्रोल और गैस से भी बड़ा खजाना… कहानी Qatar, Al-Jazeera और Sheikh Hamad की

Qatar : जोहार. आज है 15 जुलाई. बात आज से तीस साल पहले की है… 1996 की एक सुबह. दोहा में एक साधारण-सा स्टूडियो. कुछ कैमरे, सीमित संसाधन, लेकिन असीमित सपने. उस दिन किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि इसी छोटे-से स्टूडियो से प्रसारित होने वाला एक समाचार चैनल आने वाले वर्षों में अरब दुनिया की नेतृत्व, वैश्विक मीडिया और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का चेहरा बदल देगा. उसका नाम था- अल जजीरा. ठीक उसी समय दुनिया का एक और परिवर्तन भी चुपचाप आकार ले रहा था. फारस की खाड़ी का एक छोटा-सा देश, जिसकी पहचान कभी मोती, मछली पकड़ने और प्राकृतिक गैस तक सीमित थी… स्वयं को एक नए युग के लिए तैयार कर रहा था. डॉ. महीप के साथ इस खास इंटरव्यू में हम कतर, अल जजीरा और अमीर हमद बिन खलीफा अल थानी की कहानी के बारे में जानेंगे. डॉ. महीप पश्चिम एशिया के मामलों के जानकार और जाने-माने जियोपॉलिटिकल एनालिस्ट हैं. इस बारे में वे कहते हैं: ‘किसी राष्ट्र की शक्ति केवल उसके भूगोल या सैन्य क्षमता से तय नहीं होती. उसकी असली ताकत इस बात में छिपी होती है कि वह दुनिया को अपनी कहानी किस तरह सुनाता है.’ आधुनिक बदलाव के शाहकार इन सब बदलाव के केंद्र में थे कतर के अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी. ऐसे नेता जिन्होंने समझ लिया था कि इक्कीसवीं सदी में केवल तेल और गैस किसी राष्ट्र को महान नहीं बनाते. बल्कि विचार, शिक्षा, मीडिया और डिप्लोमेसी भी उतने ही जोरदार हथियार हैं. आज जब कतर को मध्य-पूर्व यानि की पश्चिम एशिया की सबसे ज्यादा प्रभाव रखने वाली रीजनल-पावर में गिना जाता है, तो उसके पीछे केवल कारोबारी या तिजारती समृद्धि नहीं, बल्कि एक ऐसे सोच की झलक है, जो सालो-साल दूर की सोचता हो. जब मीडिया बना राष्ट्रीय शक्ति अल जजीरा की कहानी किसी व्यावसायिक मीडिया संस्थान की नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दृष्टि की कहानी है. 1990 के दशक के मध्य में BBC Arabic Television का एक संयुक्त उपक्रम अचानक बंद हो गया. उसके अनेक अनुभवी अरब पत्रकार बेरोजगार हो गए. अधिकांश देशों ने इसे सामान्य घटना माना, लेकिन कतर ने इसमें अवसर देखा. शेख हमद ने इन पत्रकारों को दोहा आने का निमंत्रण दिया. पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई और 1996 में अल जजीरा का जन्म हुआ. यह केवल एक समाचार चैनल नहीं था, यह अरब मीडिया संस्कृति में एक क्रांति थी. तुर्की का TRT, रूस का RT और चीन का ग्लोबल टाइम्स वह हासिल नहीं कर पाए, जो अल जजीरा ने कुछ ही सालों में कर दिखाया. पहली बार किसी अरब चैनल ने सत्ता से असहज प्रश्न पूछे. बहस को स्थान दिया. विरोधी विचारों को भी मंच मिला. ‘दूसरी राय’ को महत्व देने की परंपरा विकसित हुई. धीरे-धीरे अल जजीरा केवल अरब दुनिया का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का प्रभावशाली समाचार नेटवर्क बन गया. डॉ. महीप के शब्दों में, ‘बीसवीं सदी में देशों ने सीमाओं की रक्षा के लिए सेनाएं बनाईं. इक्कीसवीं सदी में उन्होंने अपनी पहचान की रक्षा के लिए मीडिया संस्थान बनाए. अल जजीरा इसी परिवर्तन का सबसे प्रभावशाली उदाहरण है.’ ऊर्जा से बनी आर्थिक क्रांति मीडिया के साथ-साथ शेख हमद ने वित्तीय स्थिति को भी नए सिरे से गढ़ा. कतर के विशाल प्राकृतिक गैस भंडार पहले से मौजूद थे, लेकिन उन्हें वैश्विक रणनीतिक संपत्ति में बदलना आसान नहीं था. तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के क्षेत्र में बड़े निवेश, आधुनिक बंदरगाहों का निर्माण और दीर्घकालिक ऊर्जा समझौतों ने कतर को विश्व के अग्रणी LNG निर्यातकों में स्थापित कर दिया. ऊर्जा से प्राप्त आय को तत्काल उपभोग में खर्च करने के बजाय भविष्य की पूंजी में बदला गया. इसी सोच से Qatar Investment Authority की स्थापना हुई. दुनिया के प्रमुख वित्तीय केंद्रों, प्रौद्योगिकी कंपनियों, बुनियादी ढाँचे, होटलों और रियल एस्टेट में निवेश कर कतर ने अपनी आर्थिक उपस्थिति वैश्विक बना दी. यह केवल धन कमाने की रणनीति नहीं थी, यह भविष्य की सुरक्षा का मॉडल था. रेगिस्तान में ज्ञान का शहर दोहा के बाहरी हिस्से में विकसित Education City आधुनिक कतर की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है. दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों को एक ही परिसर में आमंत्रित करना केवल शैक्षणिक परियोजना नहीं थी. इसका उद्देश्य था कि कतर भविष्य में ज्ञान आधारित वित्तीय स्थिति का नेतृत्व कर सके. डॉ. महीप और बताते हैं, ‘तेल समाप्त हो सकता है, गैस के दाम गिर सकते हैं, लेकिन शिक्षित समाज की क्षमता कभी समाप्त नहीं होती. यही कारण है कि शेख हमद ने विश्वविद्यालयों में निवेश को तेल के कुओं जितना ही महत्वपूर्ण माना.’ सॉफ्ट पावर की नई परिभाषा बीसवीं सदी में शक्ति का अर्थ था- सेना, हथियार और भूभाग. इक्कीसवीं सदी में शक्ति का अर्थ बदल गया. अब एयरलाइंस भी शक्ति हैं. स्पोर्ट्स आयोजन भी शक्ति हैं. मीडिया भी शक्ति है. विश्वविद्यालय भी शक्ति हैं. निवेश भी शक्ति है. कतर ने इस परिवर्तन को सबसे पहले समझा. Qatar Airways ने दुनिया को जोड़ा. अल-जज़ीरा ने विचारों को जोड़ा. Education City ने ज्ञान को जोड़ा. और FIFA World Cup 2022 ने पूरी दुनिया को दोहा पहुंचा दिया. विश्व कप केवल फुटबॉल प्रतियोगिता नहीं था. यह उस राष्ट्र का परिचय था जिसने दुनिया को दिखाया कि छोटा भूभाग वैश्विक महत्वाकांक्षा में बाधा नहीं बनता. नया विचार IR & Geopolitics स्पेशल : Pacific : चीन के खिलाफ, हिंदुस्तान के लिए क्यों हैं Australia और New Zealand खास नया विचार IR & Geopolitics स्पेशल : Indonesia : पीएम मोदी की यात्राएं टूरिज्म ट्रिप नहीं, चीन के लिए जाल ‌बिछा रहे हैं नया विचार IR & Geopolitics स्पेशल : क्या कर रहे हो पाकिस्तान : पहले बसंत मनाए, फिर ‘बाबरी मस्जिद चौक’ का नाम ‘जैन मंदिर चौक’ कर दिए… नया विचार IR & Geopolitics स्पेशल : अमेरिका-ईरान में फिर बमबारी… दूसरा ‘रूस-यूक्रेन’ बनाने पर आमादा क्यों है अमेरिका? अरब स्प्रिंग और अल जजीरा 2011 में जब ट्यूनीशिया से शुरू हुई जनआंदोलन की लहर मिस्र, लीबिया, यमन और अन्य देशों तक पहुंची, तब अल जजीरा केवल घटनाओं की रिपोर्टिंग नहीं कर रहा था. वह अरब समाज की धड़कनों को दुनिया तक पहुंचा रहा था. उसकी लाइव कवरेज ने वैश्विक दर्शकों को पहली बार अरब जनता की आकांक्षाओं से सीधे जोड़ा. यही वह समय था जब यह स्पष्ट हुआ कि मीडिया केवल सूचना का माध्यम नहीं,

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क्या टूटने वाली है शरद पवार की एनसीपी? बोले संजय राउत- फैलाई जा रही है अफवाह

मुंबई में एनसीपी (शरद गुट) के नेता जयंत पाटिल ने पार्टी में किसी तरह की टूट की अटकलों को खारिज किया. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी पूरी तरह एकजुट है. हम सभी शरद पवार के नेतृत्व में काम कर रहे हैं और साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं. इस बयान से पहले एक समाचार 15 जुलाई की सुबह आई. समाचार के अनुसार, 14 जुलाई को जयंत पाटिल पहले शरद पवार से मिलने उनके ‘सिल्वर ओक’ आवास पहुंचे. कुछ देर बाद उन्होंने देर रात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात की. दूसरी ओर, अजित पवार गुट के सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल ने भी अलग से फडणवीस के साथ बैठक की. शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने मुलाकात पर क्या कहा? शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने जयंत पाटिल की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात को लेकर चल रही अटकलों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि जयंत पाटिल एनसीपी (शरद पवार गुट) और महाविकास आघाड़ी के अहम नेता हैं. राउत का आरोप है कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस को लेकर जानबूझकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी और शिंदे गुट के पास बताने के लिए कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है, इसलिए ऐसी समाचारें उड़ाई जा रही हैं. राउत ने बताया कि उनकी सुप्रिया सुले से भी बात हुई है. सुले भी इन समाचारों से हैरान हैं और आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरी स्थिति साफ करेंगी. ये भी पढ़ें: शरद पवार का अगला कदम क्या होगा? सीएम फडणवीस संग देर रात हुई NCP नेताओं की बैठक क्या चाहते हैं शरद गुट के विधायक? ये सारी हलचल ऐसे समय हो रही है, जब शरद पवार की एनसीपी (एसपी) अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है. जुलाई 2023 में अजित पवार पार्टी से अलग होकर बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन में शामिल हो गए थे. अब पार्टी के अंदर भी नए नेतृत्वक समीकरणों पर चर्चा तेज है. सूत्रों का कहना है कि 10 में से करीब आधे विधायक एनडीए के साथ जाने के पक्ष में हैं. उनका तर्क है कि विपक्ष में रहने से अपने विधानसभा क्षेत्रों के लिए विकास योजनाओं की मंजूरी और फंड लाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है. The post क्या टूटने वाली है शरद पवार की एनसीपी? बोले संजय राउत- फैलाई जा रही है अफवाह appeared first on Naya Vichar.

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‘छाती दबाना रेप की कोशिश नहीं’, पटना HC के इस आदेश पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जानिए पूरा मामला

Patna High Court : पटना हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि किसी स्त्री की छाती दबाना और उसकी सलवार हटाने का प्रयास करना हर मामले में दुष्कर्म के प्रयास के अपराध की श्रेणी में नहीं आएगा. इस यौन अपराध से जुड़े मामलों में न्यायिक संवेदनशीलता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है. शीर्ष अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों की सुनवाई करते समय न्यायाधीशों को प्रासंगिक फैसलों और दिशा-निर्देशों का अध्ययन करना चाहिए. कोर्ट ने राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी (NJA) की तैयार हैंडबुक और समिति की रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट तथा सभी हाई कोर्ट की वेबसाइटों पर अपलोड करने का निर्देश दिया है. साथ ही राज्यों से कहा गया है कि पुलिस एफआईआर दर्ज करने और चार्जशीट दाखिल करने के दौरान इन दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करे. इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुआ था मामला यह मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट के 17 मार्च 2025 के एक विवादित आदेश के बाद स्वत: संज्ञान के रूप में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. उस आदेश में कहा गया था कि किसी लड़की के पजामे का नाड़ा खींचना और उसके स्तनों को पकड़ना अपने आप में रेप की कोशिश नहीं माना जा सकता. इस टिप्पणी के बाद व्यापक विवाद हुआ और सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया. सुनवाई के दौरान पटना हाई कोर्ट के फैसले का भी हुआ जिक्र सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इसी तरह की टिप्पणियां समय-समय पर विभिन्न अदालतों से आती रही हैं. उन्होंने 9 जुलाई को पटना हाई कोर्ट के एक फैसले का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि किसी स्त्री की सलवार उतारना और उसकी छाती दबाना, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर, रेप की कोशिश साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है. यह भी पढ़ें – पटना हाईकोर्ट ने कहा- स्त्री की छाती दबाना और सलवार हटाने की कोशिश दुष्कर्म का प्रयास नहीं, बल्कि लज्जा भंग का अपराध सीजेआई ने कहा, जजों को भी करनी चाहिए रिसर्च इस पर जस्टिस वी. मोहना ने पूछा कि क्या पटना हाई कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले और न्यायिक संवेदनशीलता संबंधी दिशा-निर्देशों का उल्लेख किया था. वहीं हिंदुस्तान के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि न्यायाधीशों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे मामलों में प्रासंगिक निर्णयों का अध्ययन करें. उन्होंने टिप्पणी की, “जजों को भी रिसर्च करनी चाहिए. स्टाफ कुछ नहीं कर रहा है.” क्या था पटना हाई कोर्ट का फैसला पटना हाई कोर्ट ने हाल ही में एक मामले में कहा था कि यदि कोई व्यक्ति किसी स्त्री की सलवार उतारता है और उसकी छाती दबाता है, तो यह कृत्य स्त्री की मर्यादा भंग करने के अपराध की श्रेणी में आएगा. हालांकि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इसे रेप की कोशिश नहीं माना जा सकता. जस्टिस पूर्णेंदु सिंह ने रेप की कोशिश के आरोप में दोषी ठहराए गए आरोपी की सजा को आंशिक रूप से रद्द करते हुए यह टिप्पणी की थी. 2008 की घटना में ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी सजा यह मामला वर्ष 2008 का है. शिकायत के अनुसार, पीड़िता अपने पिता के साथ एक फोटोग्राफी स्टूडियो गई थी, जहां आरोपी ने उसे फोटो दिखाने के बहाने अंदर रोक लिया. आरोप है कि उसने कमरे का दरवाजा बंद कर जबरदस्ती करने की कोशिश की. पीड़िता के शोर मचाने पर उसके पिता पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी फरार हो गया. ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को रेप की कोशिश और गलत तरीके से बंधक बनाने का दोषी ठहराया था. साक्ष्यों के अभाव में बदला गया फैसला हाई कोर्ट ने अपील की सुनवाई के दौरान कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई मेडिकल साक्ष्य नहीं था, जिससे रेप की कोशिश का आरोप संदेह से परे साबित हो सके. अदालत ने यह भी माना कि आरोपी ने स्त्री को कमरे में बंद किया, उसकी सलवार उतारने की कोशिश की और उसकी छाती दबाई, जिससे उसकी मर्यादा भंग हुई. इसलिए आरोपी का कृत्य आईपीसी की धारा 354 के तहत दंडनीय माना गया, जबकि रेप की कोशिश के आरोप में राहत दी गई. पटना में ड्रैगन होटल में पुलिस की रेड, 3 नाबालिगों का रेस्क्यू, होटल संचालक समेत 18 गिरफ्तार The post ‘छाती दबाना रेप की कोशिश नहीं’, पटना HC के इस आदेश पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जानिए पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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शरद पवार का अगला कदम क्या होगा? सीएम फडणवीस संग देर रात हुई NCP नेताओं की बैठक

मंगलवार (14 जुलाई) देर रात एनसीपी के दोनों गुटों के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अलग-अलग बैठक की. इसके बाद शरद पवार के अगले सियासी कदम को लेकर अटकलें फिर तेज हो गईं. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने पहले दक्षिण मुंबई स्थित शरद पवार के आवास ‘सिल्वर ओक’ पर उनसे मुलाकात की. इसके बाद शाम को उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात की. वहीं, सत्तारूढ़ एनसीपी (अजित पवार गुट) के नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल ने भी अलग से मुख्यमंत्री से बैठक की. बैठक में क्या चर्चा हुई, इस पर न तो नेताओं ने कुछ कहा और न ही मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कोई जानकारी दी गई. सत्तारूढ़ एनसीपी और एनसीपी (एसपी) के सूत्रों का भी कहना है कि उन्हें बैठक का एजेंडा क्या था, इसकी जानकारी नहीं है. शरद गुट के विधायक शामिल होना चाहते हैं एनडीए में ये बैठकें ऐसे समय हुई हैं, जब शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी (एसपी) जुलाई 2023 में अजित पवार की बगावत के बाद सबसे बड़े नेतृत्वक फैसले के दौर से गुजर रही है. अजित पवार पार्टी तोड़कर बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन में शामिल हो गए थे. अब पार्टी के भीतर भी अलग-अलग राय सामने आ रही है. सूत्रों के मुताबिक, एनसीपी (एसपी) के 10 में से कम से कम आधे विधायक एनडीए में शामिल होने के पक्ष में हैं. उनका मानना है कि विपक्ष में रहने से अपने क्षेत्रों के लिए विकास कार्यों का पैसा और प्रशासनी मंजूरी दिलाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है. ये भी पढ़ें: फडणवीस ने 2,430 दिनों तक सीएम पद पर रहने का बनाया रिकॉर्ड, शरद पवार को छोड़ा पीछे हाल ही में जयंत पाटिल ने भी पार्टी विधायकों से कहा था कि बड़ी संख्या में विधायक एनडीए के साथ जाने के पक्ष में हैं. हालांकि, शरद पवार ने अब तक इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है. उन्होंने चुप्पी साध रखी है और पार्टी आगे क्या फैसला करेगी, इसका भी कोई संकेत नहीं दिया है. कितने विधायक और सांसद हैं शदर पवार की पार्टी में? महाराष्ट्र की छह प्रमुख पार्टियों में शरद पवार की एनसीपी (एसपी) सबसे छोटी पार्टी है. उसके पास विधानसभा में 10 विधायक और लोकसभा में 8 सांसद हैं. इसके बावजूद उसकी अहमियत बढ़ गई है. वजह यह है कि बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए आने वाले समय में परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक जैसे अहम कानूनों के लिए संसद में अपनी संख्या मजबूत करना चाहता है. ऐसे में पार्टी नेताओं का मानना है कि एनडीए, एनसीपी (एसपी) जैसी छोटी पार्टियों का समर्थन लेने के लिए तैयार हो सकता है. The post शरद पवार का अगला कदम क्या होगा? सीएम फडणवीस संग देर रात हुई NCP नेताओं की बैठक appeared first on Naya Vichar.

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आज होगी बिहार कैबिनेट की बैठक, युवाओं के लिए नौकरी, नई योजनाओं समेत लिए जा सकते हैं ये फैसले

Bihar Cabinet: बिहार कैबिनेट की बैठक आज शाम मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में होगी. इस बैठक में सीएम सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी समेत कई विभागों के मंत्री और अधिकारी शामिल होंगे. इस बैठक में कई विभागों से जुड़े मुख्य एजेंडों पर मुहर लग सकती है. बैठक के बाद शाम 6 बजे कैबिनेट ब्रीफिंग होगी. इन मुद्दों पर लिया जा सकता है फैसला आज की बैठक में बिहार के युवाओं के लिए नई नौकरी को लेकर फैसला लिया जा सकता है. कई विभागों में उनके लिए नई बहाली निकाली जा सकती है. प्रशासन की तरफ से साल 2030 तक 1 करोड़ युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य तय किया गया है. ऐसे में आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में उनसे जुड़ा फैसला लिया जा सकता है. इनके लिए भी योजनाओं पर हो सकती है चर्चा इसके अलावा नई योजनाओं को मंजूरी मिल सकती है. कई विभागों से जुड़ी स्त्रीओं, विधवा, बुजुर्गों और बिहार के लोगों के हित में नई योजनाओं पर मुहर लग सकती है. साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़ा फैसला भी लिया जा सकता है. इस बैठक में राज्य में सड़क, फोरलेन, पुल समेत नए निर्माणों को भी मंजूरी मिल सकती है. बिहार में रोड के साथ-साथ रेल और हवाई कनेक्टिविटी पर भी पूरा जोर दिया जा रहा है. 8 जुलाई को हुई बैठक में क्या हुआ था? इससे पहले 8 जुलाई को कैबिनेट की बैठक हुई थी, जिसमें 22 एजेंडों पर मुहर लगी थी. इसमें ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल थे. खासकर बिहार में तेज और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में कदम उठाया गया था. पटना से चार प्रमुख शहरों के बीच रैपिड रेल चलाने की मंजूरी दी गई थी. जानकारी के मुताबिक, पटना से मुजफ्फरपुर (हाजीपुर और सोनपुर होते हुए), पटना से बेगूसराय, पटना से आरा और पटना से गया जी के बीच रैपिड रेल चलाई जाएगी. सम्राट कैबिनेट में इन रूटों के लिए DPR तैयार करने की मंजूरी दे दी थी. राज्य में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के तहत चार कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे. Also Read: आज की तस्वीरें: अभिषेक बंटी ने BJP कैंडिडेट नीरज सिन्हा को लगाया गले, शिक्षा मंत्री ने किया स्कूल का निरीक्षण, देखिए 5 खास तस्वीरें The post आज होगी बिहार कैबिनेट की बैठक, युवाओं के लिए नौकरी, नई योजनाओं समेत लिए जा सकते हैं ये फैसले appeared first on Naya Vichar.

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अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले के दो आरोपियों को जेल से बाहर ले गयी पुलिस, 14 घंटे तक करेगी पूछताछ

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft : अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है. बुधवार की सुबह पुलिस टीम जिला जेल पहुंची और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद मामले के दो आरोपियों-सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रामाशंकर मिश्रा को अपने साथ लेकर रवाना हुई. कोर्ट से 14 घंटे की पुलिस रिमांड मिलने के बाद अब दोनों से गहन पूछताछ की जाएगी. जांच एजेंसियां दोनों आरोपियों से पूछताछ कर कथित गबन के नेटवर्क, धन के लेन-देन और मामले में अन्य संभावित संलिप्त लोगों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही हैं. रिमांड के दौरान होगी गहन पूछताछ जांच अधिकारियों के अनुसार, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव राम मंदिर में चढ़ावे की नकदी की गणना और निगरानी से जुड़े कार्यों में भूमिका निभाते थे. ऐसे में उनसे धन की गिनती, रिकॉर्ड के रखरखाव और कथित अनियमितताओं को लेकर विस्तार से पूछताछ की जाएगी. वहीं रामाशंकर मिश्रा से भी मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाई जाएगी. पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं. SIT की जांच पर टिकी निगाहें राम मंदिर चढ़ावा गबन के कथित मामले ने प्रदेश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है. मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) की निगरानी में आगे बढ़ रही है. अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं. रिमांड के दौरान मिली जानकारी के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां या नए खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है. यह भी पढ़ें: अयोध्या राम मंदिर CEO पोस्ट के लिए होड़: 24 घंटे में 1000+ एप्लिकेशन, पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने भी किया अप्लाई The post अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले के दो आरोपियों को जेल से बाहर ले गयी पुलिस, 14 घंटे तक करेगी पूछताछ appeared first on Naya Vichar.

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पोलैंड के मंत्री का दावा : पीएम मोदी ने यूक्रेन में परमाणु हमले को रोका, पुतिन ने मानी भारत की बात

दिल्ली में हिंदुस्तान-पोलैंड जॉइंट इकोनॉमिक कमिशन की बैठक हुई. इसके बाद पोलैंड के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर व्लादिस्लाव तेओफिल बारतोशेव्स्की ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के उन चुनिंदा नेताओं में से एक हैं, जिनकी सलाह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गंभीरता से लेते हैं. बारतोशेव्स्की ने कहा कि हिंदुस्तान के रूस और पहले सोवियत संघ से दशकों पुराने रिश्ते रहे हैं. यही वजह है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, पीएम मोदी की बात को गंभीरता से सुनते और उस पर ध्यान देते हैं. उन्होंने आगे दावा किया कि रूस-यूक्रेन युद्ध के सबसे अहम दौर में भी प्रधानमंत्री मोदी का यह प्रभाव साफ नजर आया था. रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने में मदद कर सकता है हिंदुस्तान बारतोशेव्स्की ने कहा कि मैंने बताया था कि 2022 के आखिर में मोदी ने व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन में परमाणु हथियार इस्तेमाल करने से रोकने में अहम भूमिका निभाई थी. मोदी उन गिने-चुने नेताओं में हैं, जो पुतिन पर प्रभाव डाल सकते हैं. हिंदुस्तान चाहे तो इस प्रभाव का इस्तेमाल कर रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने में मदद कर सकता है. सितंबर 2022 में पीएम मोदी और पुतिन की हुई थी मुलाकात बारतोशेव्स्की के इस बयान के बाद एक बार फिर यूक्रेन युद्ध में प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीतिक भूमिका चर्चा में आ गई है. सितंबर 2022 में उज्बेकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी ने पुतिन से कहा था कि आज का युग युद्ध का नहीं है. इस बयान को दुनिया भर में काफी अहम माना गया था. ये भी पढ़ें: मोदी पर दबाव बनाना दुनिया के लिए नुकसानदेह, व्लादिमीर पुतिन ने हिंदुस्तान के साथ रिश्तों को बताया मजबूत जहां, हिंदुस्तान ने रूस पर वेस्टर्न कंट्रीज के प्रतिबंधों का समर्थन नहीं किया. वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, दोनों से लगातार संपर्क बनाए रखा. 2024 में मोदी कीव भी गए और कई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के दौरान जेलेंस्की से मुलाकात की. The post पोलैंड के मंत्री का दावा : पीएम मोदी ने यूक्रेन में परमाणु हमले को रोका, पुतिन ने मानी हिंदुस्तान की बात appeared first on Naya Vichar.

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रूमर्ड बॉयफ्रेंड कबीर बहिया संग मैच एंजॉय करती दिखीं कृति सेनन, स्टेडियम से फोटोज वायरल, आपने देखा क्या

Kriti Sanon-Kabir Bahia: बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन अपने रूमर्ड बॉयफ्रेंड कबीर बहिया को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रही हैं. दोनों ने अब तक अपने रिश्ते को ऑफिशियल नहीं किया है, लेकिन कई बार उन्हें डिनर डेट पर स्पॉट किया गया है. अब स्टार्स को बर्मिंघम में साथ मैच एंजॉय करते देखा गया. बर्मिंघम में साथ दिखे कृति और कबीर कृति सेनन इंग्लैंड के बर्मिंघम में हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच स्पोर्ट्से गए पहले वनडे मैच का लुत्फ उठाती नजर आईं. उनके साथ कबीर बहिया भी मौजूद थे. कबीर ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर कृति और एक दोस्त के साथ तस्वीर शेयर की, दोनों की फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. बाद में कॉकटेल 2 एक्ट्रेस ने भी कुछ फोटोज शेयर किए. कबीर बहिया और कृति सेनन कौन हैं कबीर बहिया मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कबीर बहिया यूके में रहने वाले एक बिजनेसमैन हैं. उन्होंने इंग्लैंड के एक बोर्डिंग स्कूल से पढ़ाई की है और वर्ल्डवाइड एविएशन एंड टूरिज्म लिमिटेड नाम की कंपनी के फाउंडर हैं. उनका परिवार भी बिजनेस जगत में अच्छी पहचान रखता है. उनके पिता कुलजिंदर बहिया यूके की मशहूर ट्रैवल एजेंसी साउथहॉल ट्रैवल के मालिक हैं. कृति सेनन इस फिल्म में आई थी नजर वर्क फ्रंट की बात करें तो कृति सेनन निर्देशक होमी अडजानिया की फिल्म ‘कॉकटेल 2’ में नजर आई थीं. इस फिल्म में उनके साथ शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना भी अहम भूमिका में दिखाई दिए. ये भी पढ़ें: Kriti Sanon–Kabir Bahia: क्या सच में डेट कर रहे हैं कृति सेनन और कबीर बहिया ? ये भी पढ़ें: शादी के सवाल पर भड़कीं कृति सेनन, बोलीं- मुझे जल्दी नहीं The post रूमर्ड बॉयफ्रेंड कबीर बहिया संग मैच एंजॉय करती दिखीं कृति सेनन, स्टेडियम से फोटोज वायरल, आपने देखा क्या appeared first on Naya Vichar.

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महंगे खाद छोड़िए, चावल के पानी का ये देसी नुस्खा पौधों को बना देगा हरा-भरा और घना

Rice Water for Plants: घर में पेड़-पौधे लगाने का शौक तो हर किसी को होता है, लेकिन कई बार पूरी देखभाल के बाद भी पौधों की ग्रोथ रुक जाती है. नए पत्ते आना बंद हो जाते हैं और पौधा बेजान सा दिखने लगता है. ऐसे में हम महंगे-महंगे केमिकल वाले फर्टिलाइजर बाजार से खरीद लाते हैं, जो कभी-कभी पौधों को फायदा पहुंचाने की जगह नुकसान कर देते हैं.  लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में ही एक ऐसा जादुई लिक्विड मौजूद है, जो आपके मुरझाए हुए पौधों में नई जान फूंक सकता है. वह है चावल का पानी (Rice Water). जिसे हम आमतौर पर बेकार समझकर सिंक में बहा देते हैं, वह पौधों के लिए किसी अमृत से कम नहीं है. आइए जानते हैं कि इसका इस्तेमाल (Rice Water for Plants) कैसे करना है.  पौधों के लिए क्यों वरदान है चावल का पानी? जब हम चावल धोते हैं या उसे उबालते हैं, तो उसके कई पोषक तत्व पानी में आ जाते हैं. इस पानी में भरपूर मात्रा में स्टार्च, कार्बोहाइड्रेट, नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम जैसे जरूरी न्यूट्रिएंट्स होते हैं.  ये सभी एलीमेंट्स पौधों की जड़ों को मजबूत बनाने और उनकी रुकी हुई ग्रोथ को दोबारा शुरू करने में मदद करते हैं. इसके अलावा, चावल का पानी मिट्टी में मौजूद गुड बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है, जिससे मिट्टी उपजाऊ बनती है.  Rice Water for Plants: चावल का पानी तैयार करने के दो आसान तरीके बिना उबला हुआ पानी: जब आप खाना बनाने के लिए चावल धोते हैं, तो पहली और दूसरी बार के पानी को एक बर्तन में इकट्ठा कर लें. यह सबसे आसान और असरदार तरीका है.  उबला हुआ पानी या माड़: अगर आप चावल उबालकर बनाते हैं, तो उसका निकला हुआ गाढ़ा पानी  भी इस्तेमाल किया जा सकता है. बस ध्यान रखें कि इसमें नमक या तेल बिल्कुल नहीं होना चाहिए. इस गाढ़े पानी को ठंडा होने दें और इसमें बराबर मात्रा में सादा पानी मिलाकर ही पौधों में डालें.  Rice Water for Plants: किन पौधों में मिल सकता है फायदा? मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, पीस लिली, तुलसी, एलोवेरा, गुलाब, गुड़हल, करी पत्ता और कई तरह के इनडोर व आउटडोर पौधों में चावल के पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है.  पौधों में इस्तेमाल करने का सही तरीका मिट्टी में डालें: चावल के पानी को सीधे पौधों की जड़ों के पास की मिट्टी में डालें. इसे नॉर्मल पानी की तरह ही यूज करें.  स्प्रे बोतल से छिड़काव: आप इस पानी को एक स्प्रे बोतल में भरकर पौधों की पत्तियों पर भी छिड़क सकते हैं. इससे पत्तियों में चमक आती है और कीड़े-मकोड़े दूर रहते हैं.  हफ्ते में सिर्फ एक या दो बार: ध्यान रखें कि रोज-रोज पौधों में चावल का पानी नहीं डालना है. हफ्ते में 1 या 2 बार इसका इस्तेमाल करना काफी है.  यह भी पढ़ें: एक छोटी-सी गलती से पौधों की बढ़त हो सकती है धीमी, जानिए सही तरीका The post महंगे खाद छोड़िए, चावल के पानी का ये देसी नुस्खा पौधों को बना देगा हरा-भरा और घना appeared first on Naya Vichar.

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