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मुंगेर में आठ माह बाद तथाकथित किडनैप आदमी लौटा गांव, चोर समझ कर ग्रामीणों ने पीटा

मुंगेर: हेमजापुर थाना पुलिस जिस तथाकथित अपहृत मो नदीम अहमद को पिछले आठ माह से ढूढ़ रही थी, वह अचानक अपने गांव तारापुर थाना क्षेत्र के लखनपुर मंगलवार की रात पहुंचा. लंबे समय बाद रात में गांव पहुंचे नदीम की ग्रामीणों ने चोर समझ कर बुरी तरह पिटाई कर दी. जब वह इलाज के लिए मुंगेर आ रहा था, तो हेमजापुर थाना पुलिस ने बुधवार को उसे गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया. थाना में हाजरी देने के लिए पहुंचा था आदमी बताया जाता है कि 25 मई 2024 को तारापुर थाना क्षेत्र के लखनपुर निवासी मो नदीम अहमद हेमजापुर थाना में हाजरी देने के लिए पहुंचा था, लेकिन वह बिना हाजरी बनाये ही थाना से निकल गया. थाना में लगे सीसीटीवी फुटेज में भी उसके थाना से निकलते देखा गया. लेकिन, वह अपने घर लखनपुर नहीं पहुंचा था. बेटे ने दर्ज कराया था अपहरण का केस इसके बाद नदीम अहमद के पुत्र शाहीम अहमद ने अपने पिता के हेमजपुर थाना में हत्या की नीयत से अपहरण का मामला दर्ज कराया था. इसमें उसने उर्दू मध्य विद्यालय लखनपुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक मो ताबीर, मो औरंजेब, वीरेंद्र कुमार कुशवाहा, राजेश्वर कुमार, गोपाल कृष्ण वर्मा को नामजद किया था.  कहते हैं पुलिस अधीक्षक पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि बेटे से झूठा अपहरण का मुकदमा दर्ज कराने वाले मो नदीम को हेमजापुर पुलिस ने गुप्त सूचना पर बरामद किया है. न्यायालय का जैसा आदेश आता है, वैसी कार्रवाई की जायेगी. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी : Mughal Harem Stories :  मुगल हरम की औरतों ने मौत की परवाह किए बिना रात के अंधेरे में प्रेम को दिया अंजाम The post मुंगेर में आठ माह बाद तथाकथित किडनैप आदमी लौटा गांव, चोर समझ कर ग्रामीणों ने पीटा appeared first on Naya Vichar.

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नजमूल हवलदार की रिहाई से आदिवासियों में आक्रोश, बोले- एक-एक बांग्लादेशी घुसपैठिये को संताल से खदेड़ेंगे

Santhal Tribe Protest in Dumka: दुमका केंद्रीय कारा से बांग्लादेशी घुसपैठिया नजमूल हवलदार को रिहा किये जाने के फैसले के विरोध में आदिवासी सांवता सुसार आखड़ा संताल परगना की अगुवाई में आदिवासी समाज के लोगों ने जबरदस्त आक्रोश जताया. रैली निकालकर दुमका शहर में प्रदर्शन किया. आदिवासी सांवता सुसार आखड़ा के संताल परगना संयोजक चंद्रमोहन हांसदा ने कहा कि प्रशासन एवं प्रशासन की सह पर बांग्लादेशी घुसपैठिये संताल समाज के लिए अब बहुत बड़ा खतरा बन चुके हैं. अब समाज के नौजवानों ने अपने ईष्ट देव मारांग बुरू के दिये तीर-धनुष को फिर से अपने कंधों पर ऊठा लिया है. अब एक-एक बांग्लादेशी घुसपैठिये को संताल परगना से खदेड़ा जायेगा. अन्याय, अत्याचार, जमीन लूट का षड्यंत्र अब बांग्लादेशी घुसपैठियों को बहुत भारी पड़ने वाला है. गैर आदिवासियों के साथ शादी पर होगा फैसला संयोजक चंद्रमोहन ने कहा कि बहुत जल्द ही झारखंड सहित असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा के आदिवासी संतालों का राष्ट्रीय महासम्मेलन बुलाया जायेगा. इसमें गैर आदिवासियों से शादी करने वालों पर पंचायत के मुखिया, पंचायत समिति, जिला परिषद, एमएलए, एमपी के रिजर्व कोटा से चुनाव लड़ने वालों को लेकर बड़ा फैसला लिया जायेगा. नया विचार प्रीमियम स्टोरी : झारखंड के इस मंदिर में पूरी होती है मनोकामना, पाहन करते हैं मुंडारी भाषा में मंत्रोच्चार आक्रोश रैली से पहले आउटडोर स्टेडियम में हुई पूजा-अर्चना शहर में आक्रोश रैली से पूर्व आखड़ा के लोगों ने आउटडोर स्टेडियम में वकील सोरेन की अगुवाई में जाहेर डार एवं महुआ डार गाड़कर विधिवत पूजा-अर्चना की. जुलूस की शक्ल में लोग बाइक से नारेबाजी करते हुए डीसी चौक होते हुए तिलका मांझी चौक, टीन बाजार चौक से होते हुए सिदो कान्हू पोखरा चौक पहुंचे. बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ नारेबाजी करते संताल समाज के युवा. फोटो : नया विचार बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ लगे गगनभेदी नारे सिदो कान्हू पोखरा चौक पर आखड़ा के जामताड़ा जिला प्रभारी जगदीश मुर्मू की अगुवाई में सिदो कान्हू मुर्मू की प्रतिमा की पूजा-अर्चना की प्रशासन एवं प्रशासन से बांग्लादेशी घुसपैठियों को सिदो कान्हू की धरती पर पैर नहीं रखने देने की मांग करते हुए गगनभेदी नारे लगाये और संकल्प लिया. आक्रोश रैली सह प्रदर्शन में मनोज कुमार हेम्ब्रम, कोरनेलियुस मुर्मू, नेल्सन सोरेन सोमनाथ किस्कू, उमेश हांसदा, एनोस सोरेन, प्रदीप मुर्मू सहित जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा, देवघर और दुमका जिले के लोग मौजूद थे. इसे भी पढ़ें 27 फरवरी 2025 को आपके शहर में क्या है 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत, यहां देखें L Khiyangte Education and Profile: कितने पढ़े-लिखे हैं जेपीएससी के नये चेयरमैन एल खियांग्ते? Jharkhand Weather: अब तक 5.9 मिमी बारिश, वेदर डिपार्टमेंट ने बताया- अगले 15 दिन कैसा रहेगा झारखंड का मौसम टाटा से रांची के बीच हाइपरलूप का सपना होगा साकार! आइआइटी मद्रास के सफल परीक्षण से बढ़ी उम्मीदें The post नजमूल हवलदार की रिहाई से आदिवासियों में आक्रोश, बोले- एक-एक बांग्लादेशी घुसपैठिये को संताल से खदेड़ेंगे appeared first on Naya Vichar.

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Video: राजधानी पटना में आग का गोला बनी कार, लोगों ने गाड़ी से कूदकर बचाई जान

Video:राजधानी पटना में गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते होते टल गया. दरअसल एक चलती कार में अचानक आग लग गई. जिसके बाद कार में आग लगने से कार में सवार लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचाई. घटना की सूचना पर मौके पर पहुंच कर अग्निशमन विभाग की टीम ने भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. कंकड़बाग इलाके में हुई घटना  मामला राजधानी पटना के कंकड़बाग में स्थित धनुष पुल का है. जहां एक चलती कार में अचानक आग लग गई. आग लगने के बाद चालक ने किसी तरह कूद कर अपनी जान बचाई.  वहीं आग लगने के बाद यातायात पुलिस ने वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी साथ ही अग्निशमन विभाग की करीब आधा दर्जन गाडियां मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया. समाचार अपडेट की जा रही… The post Video: राजधानी पटना में आग का गोला बनी कार, लोगों ने गाड़ी से कूदकर बचाई जान appeared first on Naya Vichar.

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Manipur Meitei Video: मैतेई ग्रुप ने सरेंडर किए 200 से अधिक हथियार, राज्यपाल ने दिया था 7 दिनों का समय

Manipur News: मणिपुर के 6 जिलों में मैतेई ग्रुप के लोगों ने गुरुवार को कुल 104 हथियार और गोलाबारूद पुलिस को सौंपे. जिसमें कांगपोकपी, इम्फाल-पूर्व, बिष्णुपुर, थौबल, इम्फाल-पश्चिम और काकचिंग जिलों के लोग शामिल थे. हथियार और गोलाबारूद के साथ-साथ मैतेई ग्रुप ने जो भी सामना लूटे थे सभी को सरेंडर कर दिया. जिसमें सुरक्षाबलों के हेलमेट, वर्दी, जूते और जैकेट शामिल थे. मणिपुर के राज्यपाल ने दिया था 7 दिनों का समय मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने 20 फरवरी को राज्य की जनता से अपील की थी कि वे लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को स्वेच्छा से 7 दिनों के भीतर पुलिस को सौंप दें. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया था कि इस अवधि में हथियार सौंपने वालों के खिलाफ कोई भी एक्शन लिया जाएगा. मुख्य सचिव पी के सिंह ने 23 फरवरी को कहा था, अवधि समाप्त होने के बाद सुरक्षा बल अवैध हथियारों की जब्ती के लिए कार्रवाई करेंगे. #WATCH | Imphal | The members of ‘Arambai Tengol’- a Meitei organisation, today surrendered their arms following their meeting with Manipur Governor Ajay Kumar Bhalla on Feb 25 pic.twitter.com/GUboHG3lui — ANI (@ANI) February 27, 2025 मैतेई ग्रुप ने अब तक के 246 हथियार और बड़ी संख्या में सामान किए सरेंडर मैतेई ग्रुप ने अब तक अलग-अलग दिनों को मिलाकर कुल 246 हथियार सरेंडर कर दिए हैं. जिसमें 26 फरवरी को 7 जिले में सुरक्षा बलों को कुल 87 आग्नेयास्त्र और गोला-बारूद सौंपा गया. सबसे अधिक हथियार इंफाल पश्चिम जिले में सौंपे गए. इनमें 12 कार्बाइन मशीन गन और मैगजीन, .303 की दो राइफल के साथ मैगजीन, दो एसएलआर राइफल और उसकी मैगजीन, 12 बोर ‘सिंगल बैरल’ की चार गन और एक आईईडी शामिल है. इससे पहले 25 फरवरी को तीन जिलों में कम से कम 15 आग्नेयास्त्र पुलिस को सौंप दिए गए. जिसमें इंफाल पश्चिम जिले के सिंगजामेई पुलिस थाने में एक एसएमसी कार्बाइन सहित एक मैगजीन और एक डबल बैरल गन, तीन हथगोले सहित चार आग्नेयास्त्रों को पुलिस को सौंप दिया गया. नया विचार प्रीमियम स्टोरी पढ़ें: Mughal Harem Stories :  मुगल हरम की औरतों ने मौत की परवाह किए बिना रात के अंधेरे में प्रेम को दिया अंजाम मणिपुर में मई 2023 से शुरू हुई थी जातीय हिंसा इम्फाल घाटी में बसे मैतेई और पहाड़ी क्षेत्रों में बसे कुकी-जो समुदायों के बीच मई 2023 से शुरु हुई जातीय हिंसा में अब तक 250 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गये हैं. केंद्र प्रशासन ने 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था. इससे कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था जिससे राज्य में नेतृत्वक अनिश्चितता पैदा हो गई थी. The post Manipur Meitei Video: मैतेई ग्रुप ने सरेंडर किए 200 से अधिक हथियार, राज्यपाल ने दिया था 7 दिनों का समय appeared first on Naya Vichar.

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Jharkhand News: यहां कचरे को साफ नहीं किया जाता, लगा देते हैं आग

Jharkhand News: चास नगर निगम के वार्ड नंबर 8 और 9 मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं. दोनों वार्ड मिलाकर लगभग एक दर्जन मुस्लिम मुहल्ले हैं. निगम क्षेत्र में बसे होने के बावजूद मुहल्ले के लोग विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं. सफाई, पेयजल, सड़क, नाली और बिजली की परेशानी बनी रहती है. गुरुवार को चास अंसार नगर स्थित नूरी मस्जिद के पास ‘नया विचार पाठक संवाद’ का आयोजन किया गया. इसमें वार्ड 8 के सुल्तान नगर, बड़ा इमामबाड़ा रोड, कर्बला रोड, आजाद नगर और वार्ड 9 के अंसारनगर, हाजीनगर, अंसारी मुहल्ले और चास से चीराचास को जोड़ने वाले मुख्य पथ पर रहने वाले लोग शामिल हुए. लोगों ने पिछले डेढ़ दशक से हो रही विभिन्न समस्याओं के बारे में विस्तार से बताया. सांस लेने में होती है तकलीफ अब्दुल वाहिद, साजिद अंसारी, अब्दुल खालिद, जमील शेख, आफताब, टिंकू, शाकिब हुसैन, राजा बाबू अंसारी, मुमताज खान, जावेद हुसैन सहित अन्य ने कहा कि निगम की ओर से नूरी मस्जिद के समीप और अन्य जगहों पर कॉलोनी और नाली का कचरा उठाकर डंप किया जाता है. डंप किये हुए कचरे को अन्यत्र लेकर जाने की बजाय उसमें आग लगा दी जाती है. कई बार स्थानीय लोगों ने कचरे को जलाने से मना लिया, लेकिन कोई सुनता ही नहीं. प्लास्टिक के जलने से उसका धुआं मुहल्ले में फैल जाता है. कचरा जलने के दौरान लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है. निगम प्रशासन को इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश देने की जरूरत है. नया विचार पाठक संवाद में जुटे वार्ड 8 और वार्ड 9 के लोग. फोटो : नया विचार पाइपलाइन का विस्तार हुआ, सप्लाई का पानी नसीब नहीं संवाद के दौरान वार्ड 9 के मो इमरान, टीए खान, अब्दुल समद, शमीम अंसारी, समीर अंसारी और वार्ड 8 निवासी इश्तियाक आलम, आफताब आलम, टिंकू अहमद रजा, मो शहनवाज सहित अन्य ने कहा कि दोनों वार्ड की मुख्य समस्या पेयजल और सफाई है. वर्षों पहले जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन का विस्तार तो हुआ, लेकिन अभी तक हमलोगों को सप्लाई का पानी नसीब नहीं हुआ. नया विचार प्रीमियम स्टोरी : झारखंड के इस मंदिर में पूरी होती है मनोकामना, पाहन करते हैं मुंडारी भाषा में मंत्रोच्चार लोगों ने कहा कि चास क्षेत्र में कई नयी कॉलोनी में पानी पहुंच गया, लेकिन हमलोगों को पानी नहीं मिला. लोगों को सिर्फ पानी का कनेक्शन ही मिला, कई लोगों ने अपना कनेक्शन कटवा लिया है. पेयजल के लिए कई बार निगम कार्यालय को लिखित आवेदन दिया, लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है. जलापूर्ति योजना फेज-2 मार्च 2023 तक पूरा करना था, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया गया. अब अधिकारी मार्च 2025 तक काम पूरा करने का भरोसा दिला रहे हैं. निगम प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें तार जर्जर, स्ट्रीट लाइट खराब लोगों ने कहा कि कई जगह बिजली के तार जर्जर हो गये हैं. तार अचानक टूटकर गिर जाते हैं. बिजली विभाग ने कई मुहल्ले में केबल वायर लगाया है, वो भी कामयाब नहीं है. उसमें आग लग जाती है. ज्यादातर स्ट्रीट लाइट भी खराब हो गयी है. शिकायत करने के बाद भी मरम्मती नहीं करायी जाती है. अंसार नगर में कच्ची सड़क और टूटी नाली. फोटो : नया विचार कई सड़क है कच्ची, टूट गयी है नाली संवाद के दौरान सानू साकिब, मो राजन, साकिर हुसैन, असलम खान, मो आरिफ, साजिद आलम, मो इरशाद, अरमान खान, सरवर आलम, छोटू आलम सहित अन्य ने कहा कि अंसार नगर सहित अन्य कई गली में अभी तक पक्की सड़क नहीं बनी है. कई सड़क और नाली टूटकर जर्जर हो चुकी है. नाली कचरा से जाम है और नाली का पानी सड़क पर बह रहा है. इस कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है. बार-बार बोलने पर भी सफाईकर्मी नहीं आते. सिर्फ चास से चीराचास को जोड़ने वाले मुख्य पथ की सफाई होती है. कॉलोनी के अंदर कब सफाई हुई है, हमलोगों को याद नहीं. जब तक चुनाव नहीं होगा, हमलोगों की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है. पूरे क्षेत्र में मच्छर का प्रकोप बढ़ गया है, लेकिन निगम नियमित फॉगिंग नहीं कराता. कई जगह नाली बनी हुई है, लेकिन नाली के ऊपर ढक्कन नहीं लगाया गया है, जिसकी वजह से रात के अंधेरे में लोग नाली में गिर जाते हैं. इसे भी पढ़ें टाटा से रांची के बीच हाइपरलूप का सपना होगा साकार! आइआइटी मद्रास के सफल परीक्षण से बढ़ी उम्मीदें झारखंड में दुर्लभ शिशु का जन्म, 1.5 किलो के नवजात को देख डॉक्टर भी हैरान Jharkhand Weather: अब तक 5.9 मिमी बारिश, वेदर डिपार्टमेंट ने बताया- अगले 15 दिन कैसा रहेगा झारखंड का मौसम 27 फरवरी 2025 को आपके शहर में क्या है 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत, यहां देखें The post Jharkhand News: यहां कचरे को साफ नहीं किया जाता, लगा देते हैं आग appeared first on Naya Vichar.

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धनबाद में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को किया क्षतिग्रस्त, मुंडा स्मारक समिति ने जताया आक्रोश, देखें Video

Dhanbad Crime News| धनबाद, प्रतीक पोपट : धनबाद में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा से छेड़छाड़ हुई है. उनके धनुष को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है. भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के तरकश से तीर भी गायब हो गया है. इस घटना पर समिति ने आक्रोश जताया है. समिति ने इसका विरोध किया है. भगवान बिरसा मुंडा स्मारक समिति के संयोजक महादेव हांसदा ने धनबाद के उपायुक्त से मांग की है कि वैसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाये, जिन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि किसी साजिश के तहत भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया है. पहले भी 2 बार यहां प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया था. जिला प्रशासन इस प्रतिमा की घेराबंदी करवाये, ताकि कोई प्रतिमा तक पहुंच न पाये. भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के तीर को तोड़ा, धनुष चुरा ले गये. बैंक मोड़ थाना प्रभारी ने की जांच. थाना प्रभारी और नगर निगम के इंस्पेक्टर ने की प्रतिमा की जांच उधर, आदिवासी अस्मिता के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किये जाने का मामला प्रकाश में आने पर बैंक मोड़ थाना प्रभारी लव कुमार, नगर निगम के इंस्पेक्टर अनिल कुमार जांच-पड़ताल करने के लिए प्रतिमा स्थल पर पहुंचे. नया विचार प्रीमियम स्टोरी : झारखंड के इस मंदिर में पूरी होती है मनोकामना, पाहन करते हैं मुंडारी भाषा में मंत्रोच्चार नगर आयुक्त ने क्षतिग्रस्त प्रतिमा की मरम्मती का दिया आदेश नगर निगम के इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने कहा कि अब तक की जांच से जो पता चला है, उसके मुताबिक, इसके पीछे किसी शरारती तत्व का हाथ हो सकता है. क्षतिग्रस्त धनुष की मरम्मती का आदेश नगर आयुक्त ने दिया है. जल्द ही क्षतिग्रस्त धनुष की मरम्मत करायी जायेगी. जांच के बाद जानकारी देते नगर निगम के इंस्पेक्टर. इसे भी पढ़ें टाटा से रांची के बीच हाइपरलूप का सपना होगा साकार! आइआइटी मद्रास के सफल परीक्षण से बढ़ी उम्मीदें झारखंड में दुर्लभ शिशु का जन्म, 1.5 किलो के नवजात को देख डॉक्टर भी हैरान Jharkhand Weather: अब तक 5.9 मिमी बारिश, वेदर डिपार्टमेंट ने बताया- अगले 15 दिन कैसा रहेगा झारखंड का मौसम 27 फरवरी 2025 को आपके शहर में क्या है 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत, यहां देखें The post धनबाद में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को किया क्षतिग्रस्त, मुंडा स्मारक समिति ने जताया आक्रोश, देखें Video appeared first on Naya Vichar.

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Gaya: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नसबंदी के बाद महिला की मौत, गुस्साए लोगों ने किया हंगामा

Gaya: प्रमोद कुमार वर्मा: गुरुआ थाना क्षेत्र के परसावां कला गांव के किसान रविरंजन यादव की पत्नी ऊषा देवी का दो दिन पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरुआ में बंध्याकरण का ऑपरेशन हुआ था. इसके बाद बुधवार को एक युवक ने स्त्री को इंजेक्शन लगाया. जिसके बाद उसकी छटपटाहट बढ़ने के बाद उसकी मौत हो गई. मौत की समाचार धीरे धीरे आग की तरह फैल गयी. और परिजन समेत लोगो की भीड़ जुट गयी. भीड़ जुटते देख स्वस्थ्य कर्मी इधर उधर खिसक गये. जिससे उग्र लोगों ने स्वास्थ्य केंद्र में जमकर विरोध-प्रदर्शन किया. इलाज के अभाव में स्त्री ने तोड़ा दम   परिजनों ने बताया कि मरीज की स्थिति बिगड़ने के बाद हम लोग ने डाॅक्टर को सूचना देने की कोशिश की.  लेकिन काफी देर तक किसी स्वास्थ्य कर्मी से मुलाकात नहीं हो पाया. इसके कारण इलाज के अभाव में स्त्री ने दम तोड़ दिया. स्वास्थ्य केंद्र में डिप्टी पर तैनात आयुष चिकित्सक डाॅ मो. यूसुफ ने बताया कि मैंने मरीज को देखकर मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल रेफर कर दिया था. इसी बीच उसकी मौत हो गई थी. बंध्याकरण का ऑपरेशन डाॅ तनवीर आलम के द्वारा किया गया था. इस घटना में मृतक के पिता ने चिकित्सा प्रभारी, आयुष चिकित्सक,प्रबंधक,एएनएम समेत  छह लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराया है. मौके पर पहुंचे RJD विधायक इस घटना की जानकारी पाकर गुरुआ के राजद विधायक विनय कुमार यादव एवं गुरुआ पंचायत के मुखिया पति सुरेंद्र कुमार यादव ने घटनास्थल पर पहुंचकर आक्रोशित लोगों को काफी समझा बुझाकर मामले को शांत कराया. और उचित कारवाई का भरोसा दिया. तब जाकर ग्रामीण शांत हुए. इस संबंध में थानाध्यक्ष मो सरफराज इमाम ने बताया की शव को अंत्यपरिक्षण के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल गया भेज दिया है. पुलिस मामले को गम्भिरता से लेते हुए छानबीन में जुट गयी है. तीन बच्चों का कौन करेगा देखभाल परिजनो ने बताया मृतिका के तीन छोटे छोटे शिशु भी है. बडा पुत्र पांच वर्ष का है, मंझली पुत्री तीन वर्ष की है. और सबसे छोटी पुत्री अभी मात्र दस माह की है. इन बच्चो को कुछ पता नहीं है कि क्या हुआ है. क्यों भीड़ लगी है. परिजनो को रोते देख शिशु भी रो रहे है.  पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी : Mughal Harem Stories :  मुगल हरम की औरतों ने मौत की परवाह किए बिना रात के अंधेरे में प्रेम को दिया अंजाम The post Gaya: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नसबंदी के बाद स्त्री की मौत, गुस्साए लोगों ने किया हंगामा appeared first on Naya Vichar.

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सेबी ने म्यूचुअल फंड नियम में किया बदलाव, 30 दिन के भीतर एनफओ फंड का इस्तेमाल जरूरी

Mutual Fund New Rule: बाजार नियामक हिंदुस्तानीय प्रतिभूति एवं विनियामक बोर्ड (SEBI) ने म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण नियम में बदलाव किया है. अब परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (AMC) को नई फंड पेशकश (NFO) के जरिए जुटाई गई राशि का इस्तेमाल यूनिट अलॉटमेंट की तारीख से 30 कार्य दिवसों के भीतर करना अनिवार्य होगा. यह नया नियम 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा. क्या है नया नियम? वर्तमान में, एनएफओ के माध्यम से एकत्रित राशि के निवेश के लिए कोई सख्त समयसीमा नहीं है. इस वजह से कई परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियां (AMC) बिना तुरंत इस्तेमाल की योजना बनाए बड़ी मात्रा में निवेशकों की पूंजी जुटा लेती थीं. अब नए नियम के तहत, AMC को यूनिट आवंटन की तारीख से 30 कार्य दिवसों के भीतर राशि निवेश करनी होगी. अगर किसी कारणवश 30 दिनों में निवेश संभव नहीं होता, तो AMC को अपनी निवेश समिति (Investment Committee) को इसका कारण बताना होगा. निवेश समिति विशेष परिस्थितियों में 30 कार्य दिवसों तक अतिरिक्त समय दे सकती है. समिति इस पर भी सुझाव देगी कि भविष्य में 30 दिनों की समयसीमा का पालन कैसे सुनिश्चित किया जाए और इस प्रक्रिया की निगरानी करेगी. म्यूचुअल फंड नियम में बदलाव का उद्देश्य SEBI के इस नए नियम का उद्देश्य म्यूचुअल फंड के NFO में अनावश्यक रूप से बड़ी राशि जुटाने पर रोक लगाना और यह सुनिश्चित करना है कि निवेशकों की पूंजी समय पर और सही तरीके से उपयोग हो. संपत्ति प्रबंधन कंपनियां (AMC) उतनी ही राशि जुटाएं, जितनी जल्द निवेश की जा सके. गलत बिक्री (Mis-selling) को रोका जा सके. निवेशकों को अधिक पारदर्शिता और सुरक्षा मिले. Premium Story: Mughal Harem Stories : मुगल हरम की औरतों ने मौत की परवाह किए बिना रात के अंधेरे में प्रेम को दिया अंजाम नियम न मानने पर होगी कार्रवाई अगर कोई AMC इस नए नियम का पालन नहीं करती, तो SEBI की ओर से सख्त कार्रवाई की जा सकती है. इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री अधिक अनुशासित और निवेशक-हितैषी बने. इसे भी पढ़ें: शाहिद अफरीदी की पेंशन जानकर विनोद कांबली को जाएंगे भूल, जानें दोनों को कितना मिलता है पैसा The post सेबी ने म्यूचुअल फंड नियम में किया बदलाव, 30 दिन के भीतर एनफओ फंड का इस्तेमाल जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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Technology: तैयार हो जाइए, आने वाले हैं सैमसंग गैलेक्सी ए सीरीज के तीन नये मॉडल

Technology: गैजेट्स के शौकीनों के लिए खुशसमाचारी है. सैमसंग ने हिंदुस्तान में अगले सप्ताह सैमसंग गैलेक्सी ए सीरीज के तीन नये मॉडल लॉन्च करने की घोषणा की है. सैमसंग के वन यूआइ 7.0 अपडेट से लैस ये सभी मॉडल एंड्रॉयड 15 पर आधारित हैं. ये मॉडल होने वाले हैं लॉन्च A26A36A56 इनमें से ए36 और ए56 गैलेक्सी ए35 और गैलेक्सी ए55 के नये संस्करण हैं. गैलेक्सी A26 : 120 हर्ट्ज सुपर एमोलेड स्क्रीन से लैस सैमसंग ए सीरीज के इस मॉडल में यू-आकार का नॉच है. एक्सिनॉस 1380 प्रोसेसर वाले इस मॉडल में 50 एमपी का एक प्राइमरी रीयर कैमरा और 25 वाट की फास्ट चार्जिंग के साथ 5000 एमएएच की बैटरी लगी है. A36 : यह सीरीज 120 हर्ट्ज सुपर एमोलेड स्क्रीन से लैस है. स्नैपड्रैगन 6 जेनरेशन 3 चिप वाले ए36 मॉडल में 12 एमपी का फ्रंट फेसिंग कैमरा लगा है. इसमें 45 वाट फास्ट चार्जिंग के साथ 5000 एमएएच की बैटरी लगी है. A56 : एक्सिनॉस 1580 प्रोसेसर वाले इस मॉडल में 50 एमपी का एक प्राइमरी कैमरा, 12 एमपी का एक अल्ट्रावाइड कैमरा, पांच एमपी का एक मैक्रो कैमरा और 12 एमपी का एक सेल्फी कैमरा है. इस मॉडल में भी 45 वाट फास्ट चार्जिंग के साथ 5000 एमएएच की बैटरी लगी है. क्या है प्राइस इन तीनों मॉडल की प्राइस, यानी कीमत क्या होगी, इसके लिए अभी प्रतीक्षा करनी होगी, क्योंकि कंपनी ने अभी इसकी प्राइस के बारे में खुलासा नहीं किया है. The post Technology: तैयार हो जाइए, आने वाले हैं सैमसंग गैलेक्सी ए सीरीज के तीन नये मॉडल appeared first on Naya Vichar.

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Share Market: बाजार के उतार-चढ़ाव से डर लगता है तो इस फंड में करें निवेश

Share Market शेयर बाजार कभी एक दिशा में नहीं चलती है. बाजार में उतार-चढ़ाव लगा रहता है. खुदरा निवेशकों के लिए यह अनुमान लगा पाना मुश्किल हो जाता है कि वे किस तरह से इक्विटी बाजार में निवेश करें, ताकि अच्छा फायदा मिल सके.  अगर आपको भी शेयर बाजार के उठा-पटक से डर लगता है तो म्यूचअल फंड का बैलेंस्ड एडवांटेज फंड आपके के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है. बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में शेयरों व डेट (फिक्सड इनकम) दोनों में पैसा लगाया जाता है जो शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाती है व अच्छा रिटर्न भी देता है. ग्लोबल अनिश्चितता के कारण इस समय दुनिया भर के शेयर बाजारों में उठा-पटक का दौर चल रहा है. हिंदुस्तानीय शेयर बाजार भी इससे अछूता नहीं है. शेयर बाजार में लगातार पांच महीनों की गिरावट के कारण निवेशकों में डर का माहौल है. बाजार के उतार-चढ़ाव से डर लगने वाले व कम रिस्क में बेतहर रिटर्न चाहने वालों के लिए म्यूचुअल फंड की बैलेंस्ड एडवांटेज फंड एक अच्छी स्कीम है जो शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव से सुरक्षा देने के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है. बैलेंस्ड एडवांटेज फंड कम रिस्क लेने वाले निवेशकों के लिए आदर्श विकल्प हैं, जो ग्रोथ और पूंजी की सुरक्षा के बीच बैलेंस प्रदान करता है. इस फंड में जब बाजार का वैल्यूएशन ज्यादा हो जाता है, तो यह स्कीम इक्विटी में निवेश कम कर दिया जाता है व जब बाजार में गिरावट आती है तो यह स्कीम इक्विटी में निवेश बढ़ा देती है. इसी कारण बैलेंस्ड एडवांटेज फंड को ऑल सीजन फंड भी कहा जाता है. क्या होता है बैलेंस्ड एडवांटेज फंड बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में निवेश को डायनेमिक एसेट एलॉकेशन म्यूचुअल फंड भी कहा जाता है। जैसा की नाम से ही साफ है कि इस कैटेगरी में आपके फंड का एलॉकेशन डायनेमिक तरीके से किया जाता है. ये म्यूचुअल फंड स्टॉक और डेट/बॉन्ड दोनों में निवेश करते हैं. डेट और स्टॉक के बीच फंड का एलोकेशन मार्केट के कंडीशन के हिसाब से बदलता रहता है. इसमें आपके फंड को एक जगह ना रख कर मार्केट की चाल के अनुसार अलग-अलग स्टॉक्स या फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम्स में इन्वेस्ट किया जाता है. बैलेंस्ड फंड क्यों है आकर्षक विकल्प हाइब्रिड म्युचुअल फंड श्रेणी में शामिल बैलेंस्ड एडवांटेज फंड इक्विटी और डेट दोनों में निवेश करते हैं . विशेषज्ञ जोखिम न लेने वाले निवेशकों को बैलेंस्ड एडवांटेज फंड की सलाह देते हैं, खास तौर से बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के दौर में. बाजार में उतार-चढ़ाव में भी एकमुश्त निवेश के लिहाज से भी ये फंड अच्छे हैं. यह फंड मार्केट कंडीशंस के आधार पर इक्विटी और डेट में अपना अलोकेशन बदलता रहता है, जिससे निवेशक को दोनों का लाभ मिलता है. थोड़ा रिस्क के बावजूद, यह फंड दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है. क्या है बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में निवेश का फायदा 1. डायनेमिक इन्वेस्टिंग स्ट्रैटेजी: इसमें आपके फंड मैनेजर के पास आसान और डायनेमिक स्ट्रैटजी होती है. यानी जब मार्केट ऊपर होता है, तो आपके फंड को बेचकर प्रॉफिट बुक कर लेता है और जब मार्केट में गिरावट होती है, तो इन्वेस्ट कर देता है. ये बाजार की चाल के आधार पर अलग-अलग एसेट में बजट का एलॉकेशन बदलते रहते हैं. ये पहले से तय किसी भी रेश्यो पर निर्भर नहीं रहते हैं. 2. कम जोखिम : ये फंड इक्विटी और डेट दोनों में निवेश करते हैं, इसलिए इक्विटी बाजार गिरने पर बैलेंस्ड एलोकेश सुरक्षा प्रदान करता है. 3. टैक्स-एफिशिएंट : बैलेंस्ड एडवांटेज फंड आम तौर पर इक्विटी एक्सपोजर को 65 फीसदी पर रखते हैं, जो इन फंडों को इक्विटी टैक्सेशन के अनुसार टैक्स लगता है. 4. डायवर्सिफिकेशन : इन फंडों के पास अलग अलग थीम और सेक्टर के आधार पर लार्ज कैप, मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के स्टॉक में निवेश करने की छूट होती है. 5. फ्लेक्सिबिलिटी : आप एसआइपी शुरू कर सकते हैं या बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में एकमुश्त निवेश कर सकते हैं. अलग अलग फंड हाउस में न्यूनतम निवेश राशि अलग अलग हो सकती है. 6. विद्ड्रॉल :आप बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में एकमुश्त निवेश कर सकते हैं और सिस्टमैटिक विद्ड्रॉल प्लान (SWP) शुरू कर सकते हैं. 7. बेहतर रिटर्न : एसेट क्लास के रूप में इक्विटी में लंबी अवधि में महंगाई को मात देने की क्षमता होती है और लंबी अवधि के लिए बनाया गया निवेश का लक्ष्य आपको बेहतर रिटर्न देने में मदद करता है. 8. गलत निर्णय से सुरक्षा : बाजार में गिरावट कई निवेशकों के लिए परेशान करने वाली हो सकती है, जिससे वे अपना निवेश वापस निकालने के लिए या नए निवेश करने के लिए दुविधा में रहते हैं. बैलेंस्ड एडवांटेज फंड का ऑटोमैटिक एसेट एलोकेशन मॉडल आपको इस कंफ्यूजन को दूर करने और लॉन्ग टर्म कंपाउंडिंग का फायदा पाने में मदद करता है. पहली बार निवेश करने वालों के लिए सबसे अच्छा आमतौर पर, इन फंडों में इक्विटी इंडेक्स की तुलना में कम अस्थिरता होती है और लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का फायदा लेने का अवसर होता है. इसलिए यह एक ऑल-सीजन फंड है, जो कई निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प है, जिनका निवेश का लक्ष्य लंबी अवधि के लिए होता है. कम जोखिम वाले ऐसे निवेशकों के लिए बैलेंस्ड एडवांटेज फंड निवेश पोर्टफोलियो के लिए बेहतर विकल्प है, जिनके निवेश का लक्ष्य लंबी अवधि का है. है. बैलेंस्ड एडवांटेज फंड स्कीम उन निवेशकों के लिए अच्छी होती हैं, जो पहली बार निवेश करना चाहते हैं. साथ ही जो लोग एकमुश्त पैसा लगाना चाहते हैं, उनके लिए भी यह अच्छी योजना है. निवेश करते समय यह जरूर देखें कि लंबी अवधि में किस फंड हाउस ने अच्छा रिटर्न दिया है. क्या होती है म्यूचअल फंड की कैटेगरी मार्केट कैपिटलाइजेशन यानी मार्केट वैल्यू के हिसाब के देश की सभी कंपनियों को तीन कैटेगरी में बांटा गया है. इनमें जिन कंपनियों का मार्केट कैप 20 हजार करोड़ रुपये या इससे ज्यादा होता है, उन्हें लार्ज कैप जिनकी वैल्यू 20 हजार करोड़ रुपए से कम लेकिन 5 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा होती है, उन्हें मिड कैप कंपनी कहा जाता है. जबकि स्मॉल कैप कंपनियां वैसी कंपनियां है जिनकी वैल्यूएशन 5 हजार करोड़ से कम होती है. मार्केट कैप के लिहाज से टॉप 100 कंपनियां लार्ज कैप, 100-250 तक मिड कैप और इसके बाद की सभी कंपनियां स्मॉल कैप कंपनियां होती हैं. बैलेंस्ड एडवांटेज फंड व रिटर्न फंड रिटर्न (03 साल) रिटर्न पांच साल 01 : एचडीएफसी बैलेंस्ड एडवांटेज 19.9 19.6 (प्रतिशत) 02 : आइसीआइसीइ बैलेंस्ड फंड : 11.6 12.5 (प्रतिशत) 03 : टाटा बैलेंस्ड एडवांटेज : 10.1 12.2 (प्रतिशत) 04 : एसबीआइ बैलेंस्ड एडवांटेज 12.5 000 05 : एक्सिस बैलेंस्ड एडवांटेज 12 11.3 ( प्रतिशत) 06 : निपॉन बैलेंस्ड एडवांटेज 11.3 11.2 ( प्रतिशत)  म्यूचअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. अपने वित्तीय सलाहकार से राय ले कर ही निवेश करें. … The post Share Market: बाजार के उतार-चढ़ाव से डर लगता है तो इस फंड में करें निवेश appeared first on Naya Vichar.

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