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Ranchi news : राजभवन उद्यान की सुंदरता निहारने उमड़ी भीड़

रांची. राजभवन उद्यान में रविवार को काफी भीड़भाड़ रही. छुट्टी का दिन होने के कारण काफी संख्या में लोग पहुंचे थे. इनमें प्रकृति प्रेमी से लेकर रांची सहित आसपास के क्षेत्रों के लोग शामिल थे. उद्यान में बच्चों को झूला पसंद आया, तो बड़ों को फूलों की सुंदरता भायी. वहीं म्यूजिकल फाउंटेन उद्यान की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे थे. लोगों ने यहां विभिन्न प्रकार के फूलों, गार्डन व फव्वारा सहित अन्य चीजों को देखा. ज्यादातर लोगों को रोज गार्डेन भाया. हर कोई इन फूलों के बीच खुद की तस्वीर व सेल्फी लेता दिख रहा था. सीजनल फूल भी प्रकृति प्रेमियों को काफी पसंद आये. उद्यान में कृत्रिम पहाड़, झरना, सोहराई पेंटिंग, महापुरुषों व शहीदों की प्रतिमा, यूनिक पेड़-पौधे लोग खोजते दिखे. रांची स्टेशन के नये एप्रोच रोड का दूसरा पुल भी तैयार रांची. रांची रेलवे स्टेशन के दूसरे एप्रोच रोड का काम लगभग पूरा होने को है. एक ओर से एप्रोच रोड चालू हो गया है. वहीं दूसरी ओर का पुल भी बन कर तैयार हो गया है. इसका एप्रोच रोड भी बन गया है. अब कुछ कार्य कराने के बाद इसे भी चालू कर दिया जायेगा. इस तरह स्टेशन का सेकेंड एप्रोच रोड पूरी तरह चालू हो जायेगा. जानकारी के मुताबिक इस सड़क का निर्माण पथ निर्माण विभाग की ओर से कराया गया है. इसे डोरंडा कुसई से सीधे रांची रेलवे स्टेशन की ओर निकाला गया है. नेपाल हाउस सचिवालय से मात्र तीन से चार मिनट में स्टेशन पहुंचा जा सकता है. यह सड़क आगे निवारणपुर की ओर भी निकलती है. वहीं निवारणपुर से डोरंडा आने के लिए भी यह सुगम रास्ता हो गया है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Ranchi news : राजभवन उद्यान की सुंदरता निहारने उमड़ी भीड़ appeared first on Naya Vichar.

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Ranchi news : बिरसा मुंडा एयरपोर्ट में आज से नयी पार्किंग व्यवस्था

रांची. बिरसा मुंडा हवाई अड्डा की पार्किंग व्यवस्था में सोमवार से बदलाव होगा. प्रबंधन ने इसके लिए तैयारी पूरी कर ली है. एयरपोर्ट प्रबंधन ने नि:शुल्क पार्किंग 10 मिनट की जगह 09 मिनट कर दिया है. वहीं जहां से वाहनों का प्रवेश है, वहां से निकासी और जहां से निकासी की व्यवस्था है, वहां से प्रवेश की व्यवस्था होगी. मालूम हो कि एयरपोर्ट प्रबंधन ने करीब एक वर्ष पूर्व पार्किंग व्यवस्था में बदलाव किया था. वहीं पार्किंग निषेध क्षेत्र में वाहन समय से अधिक देर तक खड़ा करने पर 500 रुपये जुर्माना और अतिरिक्त शुल्क देना होगा. टर्मिनल बिल्डिंग के सामने पार्किंग वर्जित रहेगी. केवल पिकअप और ड्राप की अनुमति होगी. अगर कोई अपने वाहन को पार्किंग निषेध क्षेत्र में छोड़ कर जायेंगे तो उक्त वाहन को टोचन कर हटाया जायेगा. जिसका शुल्क भी वाहन मालिक से लिया जायेगा. नयी व्यवस्था के तहत पार्किंग की दर इधर नयी पार्किंग व्यवस्था में निजी वाहन के लिए 09 मिनट से अधिक व 30 मिनट तक 30 रुपया, 30 से 120 मिनट तक 40 रुपया, प्रीमियम पार्किंग : 30 मिनट तक 75 रुपये, 30 से 120 मिनट तक 80 रुपये, दो घंटे से 07 घंटे तक 80 रुपये और हर घंटे 10 रुपये अतिरिक्त व 24 घंटे तक 240 रुपये निर्धारित किया गया है. दो पहिया के लिए 30 मिनट तक का पार्किंग चार्ज 10 रुपये, 30 से 120 मिनट तक 15 रुपये लगेगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Ranchi news : बिरसा मुंडा एयरपोर्ट में आज से नयी पार्किंग व्यवस्था appeared first on Naya Vichar.

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Bihar News: काले रंग की वजह से सहे लोगों के ताने, आज रंग ही बनी समस्तीपुर की बेटी अन्नू की पहचान

Bihar News: काले रंग के कारण बचपन से रिश्तेदारों के ताने सुनकर छुप-छुप कर रोने वाली लड़की की पहचान आज उसका कालापन ही है. उसे अब इस बात का गर्व है कि वह काली है, इसी कालेपन ने उसके अंदर आत्मविश्वास भरा है. हाल ही में रिलीज भोजपुरी की संदेश परक फिल्म करियट्ठी की नायिका अन्नु प्रिया इस फिल्म की नायिका हैं. कहानी भले ही सरोज सिंह ने लिखी हो, लेकिन यह एक संयोग रहा कि कालेपन को लेकर कहानी और फिल्म की नायिका का संघर्ष एक रहा. इस फिल्म की नायिका एनएसडी पासआउट अन्नू प्रिया हैं. यह इनकी पहली फिल्म है. अन्नू समस्तीपुर की रहने वाली हैं और एनएसडी से पहले पटना में अंग्रेजी से मास्टर डिग्री की पढ़ाई के साथ थियेटर भी किया करती थीं.  रिश्तेदार और पड़ोसी ताना देते थे नीतू चंद्रा और नितिन चंद्रा ने करियट्ठी फिल्म के जरिए भोजपुरी फिल्म को नयी दिशा दी है. समाज की सच्चाई को जिस तरीके से फिल्म में दिखाया गया है, वह दर्शकों को बांधे रखता है. नायिका अन्नू प्रिया बताती हैं कि रंग काला होने के कारण माता-पिता तो नहीं, लेकिन रिश्तेदार और पड़ोसी हमेशा ताना देते थे, इसलिए रोती थी. मन के अंदर हीन भावना आ गयी कि कुछ नहीं कर सकती हूं. समस्तीपुर कॉलेज से अंग्रेजी में बीए ऑनर्स करने के बाद एमए के लिए पटना आ गयी. यहां पढ़ाई के साथ थियेटर से जुड़ी.  पिता को नहीं बताया थियेटर के बारे में अन्नू के पिता अशोक कुमार समस्तीपुर के डीआरएम ऑफिस में सीनियर सेक्शन इंजीनियर हैं. अन्नू ने अपने पिता को नहीं बताया था कि पटना में वह थियेटर कर रही हैं. दो साल तक कई संगठनों से जुड़ कर कई नाटक किये. साल 2018 में एनएसडी में चयन हुआ. 2023 में पासआउट होने के बाद संघर्ष कर रही थी तो करियट्ठी फिल्म मिल गयी. इस फिल्म में अन्नू को अपना ही दुख नजर आया. आज यह फिल्म उनकी पहचान बन गयी है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें एक महीने तक ली भोजपुरी बोलने की ट्रेनिंग अन्नू प्रिया कहती हैं कि एनएसडी से पास आउट होने के बाद जो रंग मुझे बहुत परेशान करता था, वह मेरा आत्मविश्वास बन गया. मुझे भोजपुरी फिल्म करियट्ठी की कहानी पसंद आयी. हालांकि, यह फिल्म भोजपुरी में थी और मेरी मातृभाषा मैथिली. भोजपुरी सीखने के लिए मैंने एक महीने तक अपने जूनियर पंकज से ट्रेनिंग ली. मुझे विश्वास था कि यह फिल्म ट्रेंड से हट कर है, लेकिन समाज के लिए जरूरी है. इसे दर्शकों का प्यार जरूर मिलेगा. आज जो लड़कियां काली होने के कारण मन में हीन भावना रखती हैं और घुटन महसूस करती हैं, उन्हें खुद को देखना चाहिए और अपने आत्मविश्वास से हमेशा आगे बढ़ना चाहिए. आज मुझे अपने काले रंग से ही दुनिया को देखने, सोचने और समझने का एक अलग नजरिया मिला, जिसका पूरा श्रेय अपने सभी शिक्षकों, बैचमेट्स, जूनियर्स और सीनियर्स को देती हूं. करियट्ठी फिल्म के अलावा मेरी एक पंजाबी फिल्म सात मई को रिलीज होने वाली है और दूसरी फिल्म नेटफ्लिक्स की कर रही हूं. The post Bihar News: काले रंग की वजह से सहे लोगों के ताने, आज रंग ही बनी समस्तीपुर की बेटी अन्नू की पहचान appeared first on Naya Vichar.

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Lal Kitab: अपना लिए लाल किताब के ये 4 उपाय, तो मालामाल हो जाएंगे आप

Lal Kitab: हर इंसान अमीर बनने की तमन्ना रखता है. वह दुनिया के हर ऐशो आराम की चाहत रखता है. इसके लिए वह कड़ी मेहनत भी करता है. लेकिन फिर भी कुछ लोगों के साथ ऐसा होता है कि कमाया हुआ धन ज्यादा देर हाथों में नहीं टिकता है. घर में हमेशा कंगाली छाई रहती है. अगर आप भी इसी तरह की स्थिति से गुजर रहे हैं, तो लाल किताब के कुछ उपायों को अपना सकते हैं, क्योंकि लाल किताब एक चमत्कारिक किताब है, जिसमें जीवन के हर समस्या से संबंधित उपाय सुझाए गए हैं. लाल किताब में सुझाई गई ये बातें व्यक्ति का भाग्य खोलने का काम करता है. जो भी इन उपायों को अपनाता है उसकी कमाई बढ़ने की प्रबल संभावना रहती है. घर में धन का अंबार लग जाता है. ऐसे में आइए लाल किताब में सुझाए इन किताबों के बारे में जानते हैं. दृष्टिहीनों को खिलाएं ये चीज लाल किताब के अनुसार, धन पाने के लिए व्यक्ति को तीन दृष्टिहीन लोगों को खिचड़ी खिलाना चाहिए, क्योंकि ऐसा करना बहुत ही शुभ माना जाता है. जो व्यक्ति ऐसा करता है, उसके घर में पैसों का अंबार लग जाता है. वह मालामाल हो जाता है. घर के मुख्य दरवाजे पर लगाएं ये चीज घर में नकारात्मक ऊर्जा के कारण भी धन की कमी हो जाती है. ऐसे में लाल किताब में बताए उपाय अपनाना चाहिए. अगर आप घर के मुख्य दरवाजे पर शीशा लगाते हैं, तो यह घर में बनी नकारात्मक ऊर्जा को बाहर करने के साथ घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने का काम करता है. न पहनें काले कपड़े लाल किताब के मुताबिक, व्यक्ति को शनिवार के दिन भूलकर भी काले कपड़े नहीं पहनने चाहिए. इस दिन काला कपड़ा पहनना बहुत अशुभ माना जाता है, जिसकी वजह से धन का नुकसान सहना पड़ता है. ऐसे में शनिवार के दिन काला कपड़े पहनने की भूल न करें. पर्स में रखें ये चीज लाल किताब में बताए गए उपाय के में एक बात और बताई गई है. अगर पैसों की तंगी से जूझ रहे हैं, तो पर्स में एक चांदी का सिक्का जरूर रख लें. चांदी का सिक्का रखना बहुत शुभ होता है. Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Lal Kitab: अपना लिए लाल किताब के ये 4 उपाय, तो मालामाल हो जाएंगे आप appeared first on Naya Vichar.

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Delhi CM पर खेसारी लाल यादव का बड़ा बयान, बोले- ‘मनोज भैया सीएम बनते हैं तो गर्व होगा’

Delhi CM: हिंदुस्तानीय जनता पार्टी दिल्ली में किसे मुख्यमंत्री बनाएगी इसे लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है. फिलहाल रेस में प्रवेश साहिब सिंह वर्मा का नाम सबसे आगे लग रहा है जिन्होंने अरविंद केजरीवाल को हराया है. इसी बीच भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव ने दिल्ली सीएम को लेकर बड़ा बयान दिया है. खेसारी लाल बोले- बिहारियों के लिए गर्व की बात होगी खेसारी लाल यादव से जब पत्रकारों ने पूछा कि मनोज तिवारी का नाम दिल्ली सीएम के रेस में आगे चल रहा है. इस पर आप क्या कहेंगे. इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर मनोज भैया दिल्ली के मुख्यमंत्री बनते हैं तो इससे खुशी की बात क्या होगी. सभी बिहारियों को इस पर गर्व होगा. भोजपुरी भाषा का एक गायक अगर सीएम बनेगा तो हम और भी ज्यादा खुश होंगे. हम भी आगे सीएम बनने का सोचेंगे- खेसारी खेसारी लाल यादव ने आगे मजाकिया लहजे में कहा कि इससे भोजपुरी भाषा का मान बढ़ेगा. और आगे हम भी सोचेंगे कि सीएम बन सकते हैं. क्योंकि मनोज भैया ने हमेशा हमलोगों के लिए रास्ता बनाया है. एक कलाकार अगर सीएम बनेगा तो कलाकार जाति के लोग और खुश होंगे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें पीएम के लौटने के बाद हो सकता है ऐलान हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के अनुसार दिल्ली में नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद आयोजित किया जाएगा. प्रधानमंत्री मोदी 12 से 13 फरवरी तक अमेरिका के दौरे पर जा रहे हैं. इस दौरान उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से होनी है. 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा के चुनाव में भाजपा को 48 सीटों पर जीत मिली है, जबकि आप को 22 सीटें मिली हैं. कांग्रेस का लगातार तीसरी बार खाता नहीं खुला है. इसे भी पढ़ें: पवन सिंह ने चुनावी हार को लेकर दिया बयान, कहा- ‘पवनवा हारा नहीं है’, औरंगाबाद में गरजे पावर स्टार The post Delhi CM पर खेसारी लाल यादव का बड़ा बयान, बोले- ‘मनोज भैया सीएम बनते हैं तो गर्व होगा’ appeared first on Naya Vichar.

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Health Tips: गलती से भी कच्चा ना खाएं इन सब्जियों को वरना जाना पड़ सकता है अस्पताल

Health Tips: आजकल अपने स्वास्थ्य को लेकर लोग काफी ज्यादा सतर्क रहने लगे हैं. लोगों ने अपने खान-पान में हरी सब्जीयों और सलाद को प्रमुख स्थान दिया है .आजकल हरी सब्जियों के जूस आसानी से बाजार में मिलते हैं. कई शोध में स्वस्थ रहने केलिए सलाद और हरी सब्जी खाने की सलाह भी दी जाती है. सब्जी में पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व और फाइबर होता है इसलिए सीधे तौर पर हरी सब्जी खाने से ज्यादा लाभ मिलता है. लेकिन क्या आपको पता है कि कुछ ऐसी सब्जियां भी है जिनको अगर कच्चा खाते हैं तो कई तरह की परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं.आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. डिंपल जांगड़ा के मुताबिक सब्जियों का सेवन कच्चा करना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. उनके अनुसार हरी सब्जियों में कई प्रकार के परजीवी पाए जाते हैं जो हमारे आंतों और खून में और यहां तक की मस्तिष्क में भी प्रवेश कर सकते हैं. इन परजीवियों से गंभीर बीमारी का खतरा रहता है. ऐसे में यह जानना जरूरी है की कौन-कौन सी कच्ची सब्जियां हैं जिनका कच्चा सेवन करना खतरनाक हो सकता है. शिमला मिर्च शिमला मिर्च में एक विशेष प्रकार का परजीवी टेपवर्म के होने की संभावना रहती है. यह परजीवी फल के भीतर खुद को जीवित रखता है. अगर इस सब्जी का कच्चा सेवन किया जाए तो यह शरीर में और फिर मस्तिष्क में भी जा सकता है. इसलिए शिमला मिर्च से पहले बीज निकालकर फिर इसे गर्म पानी में धोकर खाना सही रहेगा. पत्ता गोभी आजकल बाजार में बर्गर ,मोमोज, चाऊमीन, मंचूरियन, एग रोल जैसे फास्ट फूड में धड़ल्ले से कच्चे पत्ता गोभी को मिलाया जाता है. पत्ता गोभी में टेपवर्म ( एक प्रकार का परजीवी) पाया जाता है जो आंतों और और खून से होकर दिमाग तक को नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए कभी भी पत्ता गोभी का कच्चा सेवन ना करें. पालक पालक में प्रचुर मात्रा में आयरन ,फाइबर, विटामिन ए , विटामिन सी और विटामिन के पाया जाता है लेकिन इसका कच्चा सेवन भारी पड़ सकता है. पालक में ऑक्सलेट की मात्रा ज्यादा होती है जिससे किडनी स्टोन का खतरा होता है इसलिए स्टोन वाले लोग इसको ना खाएं. इसमें मौजूद फाइबर पाचन के लिए अच्छा तो होता है लेकिन यह कई बार एसिडिटी और पेट दर्द का कारण भी बन सकता है क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है.इसमें विटामिन के होता है इसलिए यह रक्त थक्का बनने की प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकता है. विशेष कर जड़ वाली सब्जियों को लोग सीधे तौर पर खेत से निकालकर खाना शुरू कर देते हैं. ऐसे सब्जी सीधे खाने से पेट दर्द , पाचन की समस्या , फूड प्वाइजनिंग और परजीवी से कई रोगों के उत्पन्न होने का खतरा बढ़ जाता है इसलिए जड़ वाली सब्जियों को अच्छे से गर्म पानी में धोकर ही खाएं. The post Health Tips: गलती से भी कच्चा ना खाएं इन सब्जियों को वरना जाना पड़ सकता है अस्पताल appeared first on Naya Vichar.

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Jaya Kishori Quotes: जो होता है अच्छे के लिए होता है: जया किशोरी के अनमोल विचार

Jaya Kishori Quotes: जया किशोरी, जो अपनी आध्यात्मिकता और प्रेरणादायक प्रवचनों के लिए प्रसिद्ध हैं, उनके विचार लाखों लोगों को जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने की सीख देते हैं. उनका एक बहुत ही लोकप्रिय कथन है – “जो होता है, अच्छे के लिए होता है.” यह विचार न केवल अध्यात्म से जुड़ा है, बल्कि जीवन के हर उतार-चढ़ाव में हमें धैर्य रखने और हर परिस्थिति में अच्छाई देखने की प्रेरणा देता है. जीवन में सकारात्मक सोच का महत्व Jaya kishori quotes: जो होता है अच्छे के लिए होता है: जया किशोरी के अनमोल विचार अक्सर हम जीवन में कठिनाइयों से घबरा जाते हैं और सोचते हैं कि हमारे साथ बुरा हो रहा है, लेकिन जया किशोरी जी का यह कथन हमें यह समझाने की कोशिश करता है कि हर घटना के पीछे कोई न कोई अच्छा कारण होता है. जब हम सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं, तो हमें मुश्किल समय में भी सीख और अवसर मिलते हैं. संघर्ष में छिपा होता है सीखने का अवसर जब हम किसी समस्या से गुजरते हैं, तो वह हमें और अधिक मजबूत बनाती है. कई बार हमें लगता है कि हम हार गए हैं, लेकिन बाद में एहसास होता है कि वही अनुभव हमें आगे बढ़ने की ताकत देता है. जया किशोरी का यह संदेश हमें यह सिखाता है कि हर चुनौती के पीछे कोई न कोई बड़ी सफलता छिपी होती है. Also Read: Jaya Kishori Quotes: व्यक्ति के जीवन में ये तीन बदलाव लेके आता है प्रेम… धैर्य और विश्वास जरूरी अगर जीवन में कभी कुछ अनचाहा होता है, तो हमें धैर्य और विश्वास बनाए रखना चाहिए. हो सकता है कि आज जो समस्या लग रही है, वह भविष्य में किसी बड़े अवसर का द्वार खोले. इसलिए जया किशोरी के इस अनमोल विचार को आत्मसात कर, जीवन में आने वाली हर स्थिति को स्वीकार करना चाहिए. “जो होता है, अच्छे के लिए होता है”— यह सिर्फ एक वाक्य नहीं, बल्कि जीवन को देखने का एक सकारात्मक दृष्टिकोण है. जया किशोरी के इस विचार को अपनाकर हम अपने जीवन में शांति, संतोष और आत्मविश्वास बनाए रख सकते हैं. अगर आप भी किसी मुश्किल समय से गुजर रहे हैं, तो इस विचार को याद रखें और अपने अंदर नई ऊर्जा का संचार करें. Also Read: Jaya Kishori Quotes: चांद हो या प्यार, दोनों दूर से ही अच्छे लगते हैं… जया किशोरी ने बताई रिश्तों की हकीकत Also Read: Chanakya Niti: कम उम्र में सफलता पाने की चाहत है तो जानिए चाणक्य की ये महत्वपूर्ण बातें Also Read: Jaya Kishori Quotes: आपकी मुस्कुराहट बन सकती है दूसरों की खुशी का कारण – जया किशोरी The post Jaya Kishori Quotes: जो होता है अच्छे के लिए होता है: जया किशोरी के अनमोल विचार appeared first on Naya Vichar.

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भोज में नहीं बुलाया तो कर दिया हमला, हाजीपुर में पारिवारिक विवाद ने पकड़ा हिंसक रूप

Bihar News: बिहार के हाजीपुर के कटहरा थाना क्षेत्र के चपेठ गांव में एक जन्मदिन भोज के न्योते को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई. घटना में एक पक्ष की चार स्त्रीएं गंभीर रूप से घायल हो गईं. स्त्रीएं इलाज के लिए पीएचसी चेहराकलां और बाद में सदर अस्पताल रेफर की गईं. घटना की पूरी कहानी स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया, और पुलिस को घटना की सूचना दी. घायल स्त्रीओं में से एक ने पुलिस को बयान देते हुए बताया कि उनके घर में शिशु का जन्मदिन मनाया जा रहा था, जिसमें कुछ रिश्तेदार शामिल हुए थे. इस बीच, उसके पट्टीदार रंजीत महतो और अन्य को सामाजिक भोज से बहिष्कृत कर दिया गया, जिससे वे गुस्से में आ गए. आरोप है कि गुस्साए पट्टीदारों ने घर में घुसकर स्त्रीओं के साथ मारपीट की, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं. पुलिस की देरी से पहुंची कार्रवाई घटना की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस दो घंटे बाद मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों से पूछताछ की. इस देरी को लेकर परिजनों में गुस्सा देखा गया. घायल के परिजन अब नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया में जुटे हैं. ये भी पढ़े: पवन सिंह ने चुनावी हार को लेकर दिया बयान, कहा- ‘पवनवा हारा नहीं है’, औरंगाबाद में गरजे पावर स्टार पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठे इस घटना के बाद पुलिस की देरी से पहुंचने पर कई सवाल उठ रहे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब मामले की जांच कर रही है, जबकि परिजन न्याय की उम्मीद में कानून से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. चार स्त्रीओं में से अधिकांश को गंभीर चोटें आई हैं, और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है. इस मामले को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच चर्चा बनी हुई है. The post भोज में नहीं बुलाया तो कर दिया हमला, हाजीपुर में पारिवारिक विवाद ने पकड़ा हिंसक रूप appeared first on Naya Vichar.

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RJD नेता से खाली कराया गया सरकारी आवास, सामान भी बाहर निकाला गया, सुनील सिंह बोले- नहीं बैठूंगा चुप

RJD Leader Government Bungalow: RJD के पूर्व MLC सुनील सिंह से आवास खाली करा लिए गया है. मजिस्ट्रेट और जिला प्रशासन पुलिस ने अपनी मौजदगी में उनका 4/20 मंत्री आवास, गर्दनीबाग को जबरन खाली कराया है. संबंधित विभाग का कहना है कि विधान परिषद के सदस्य नहीं रहने के कारण उनका बंगला खाली कराया गया है. इस मामले पर सुनील सिंह ने कहा कि ‘आवास खाली करने से मैं निहोरा नहीं करने वाला आपसे, तुम्हीं हो माता च पिता तुम्ही हो नहीं करूंगा. मेरा आवास खाली करवा देने से मैं चुप नहीं बैठने वाला हूं. द्वेष की भावना से उनकी ओर से ये काम किया गया है. बंगला खाली कराने के दौरान घर पर कोई नहीं था. मेरे सामान को घर के बाहर फेंक दिया गया. मुझे इसकी सूचना मिली, इसके बाद मैं पहुंचा.’ सुनील सिंह ने उठाये सवाल सुनील सिंह ने कहा, “मैं विधान परिषद में सत्ता की गलतियों को उजागर करता था, इसलिए ऐसे किया गया है. बंगले का नल भी खराब होता था तो विभाग को बदलने में एक महीना लगता है. कल तक कोर्ट ने स्थगन आदेश दे रखा था लेकिन बंगला खाली कराने के लिए एक दिन पहले संडे को ही ये लोग पहुंच गये. जब घर को खाली कराया जा रहा तब मैं रांची में था. मुझे इसकी कोई सूचना नहीं दी गयी. सत्ता पक्ष के कई लोग कई प्रशासनी आवास में रहते हैं, जो उसके हकदार नहीं है.’ बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें सुनील सिंह ने आगे कहा, “पूरा सामान बाहर लॉन में फेंका गया है वो तो धन्य मानिये की संगीता सिंह के घर में मेरा सामान नहीं फेंका गया. संगीता हमी लोग के पार्टी में थी खूटा तोड़कर गई है. आवास खाली कराने से हमारा बोलिया बंद करवा दीजिएगा क्या? 25 व्यक्ति ऐसे है जो सत्तारुढ पार्टी से जुड़े हुए हैं वो किसी भी पद पर नहीं है लेकिन उनकों मंत्री का बंगला मिला हुआ है. ये लोग चापलूसी करके बंगला ले लिये हैं उससे हमको क्या बिगड़ता है. भवन निर्माण विभाग की यह कार्रवाई गलत है. “ इसे भी पढ़ें: Bihar Politics: कांग्रेस को इग्नोर करके कोई गठबंधन नहीं चला सकता, चुनाव से पहले INC नेता ने राजद को दिया सख्त संदेश The post RJD नेता से खाली कराया गया प्रशासनी आवास, सामान भी बाहर निकाला गया, सुनील सिंह बोले- नहीं बैठूंगा चुप appeared first on Naya Vichar.

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Banaras Lit Fest Book Awards 2025: अवॉर्ड के लिए शॉर्टलिस्ट हुई किताबें, यहां देखें पूरी लिस्ट

Banaras Lit Fest Book Awards 2025: बनारस लिट फेस्ट की ओर से बीएलएफ बुक अवार्ड्स 2025 के लिए हिंदी और अंग्रेजी में शॉर्टलिस्ट की गई पुस्तकों की घोषणा कर दी गई है. यह प्रतिष्ठित सम्मान हिंदुस्तानीय साहित्य में कविता, कथा, कथेतर और अनुवाद श्रेणियों में उत्कृष्ट कृतियों को दिया जाता है. इस साल की चयनित कृतियां हिंदुस्तानीय साहित्य की विविधता, इतिहास, पहचान और समकालीन समाज के बहुआयामी स्वरूप को उजागर करती हैं. बनारस लिट फेस्ट का उद्देश्य साहित्यिक इनोवेशन को प्रोत्साहित करना और उन रचनाकारों को सम्मानित करना है, जिनकी लेखनी समाज को प्रबुद्ध और संवेदनशील बनाती है. पुरस्कार समारोह और सम्मान राशि बनारस लिट फेस्ट बुक अवार्ड्स 2025 के विजेताओं की आधिकारिक घोषणा 23 फरवरी 2025 को दिल्ली स्थित पीएचडीसीसीआई हाउस में होने वाले कर्टेन-रेजर कार्यक्रम में होगी. प्रत्येक श्रेणी के विजेताओं को 51,000 रुपये की नकद राशि, एक प्रमाण पत्र और एक ट्रॉफी से सम्मानित किया जाएगा. पुरस्कारों का औपचारिक वितरण 7 से 9 मार्च 2025 को होटल ताज, वाराणसी में आयोजित बनारस लिट फेस्ट के दौरान किया जाएगा. साहित्यिक उत्कृष्टता को नया आयाम बनारस लिट फेस्ट के अध्यक्ष दीपक माधोक ने इस मौके पर कहा कि “बनारस लिट फेस्ट बुक अवार्ड्स साहित्य की शक्ति और उसके सामाजिक प्रभाव का उत्सव है. इस वर्ष की चयनित कृतियां विचारोत्तेजक, संवेदनशील और कलात्मक रूप से समृद्ध हैं, जो साहित्य के उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करती हैं.” बनारस लिट फेस्ट के संस्थापक एवं सचिव बृजेश सिंह ने कहा कि “शॉर्टलिस्ट की गई पुस्तकों में साहित्य की विविध शैलियों और संवेदनाओं का समागम देखने को मिलता है. हमारे निर्णायक मंडल ने अत्यंत परिश्रम के उपरांत इस सूची का चयन किया है. हम हिंदुस्तानीय साहित्य को वैश्विक मंच प्रदान करने और सृजनात्मक संवाद को प्रोत्साहित करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं.” शॉर्टलिस्ट की गई पुस्तकें कबीर पुरस्कार (कविता – हिंदी) कुछ भी वैसा नहीं – उमा शंकर चौधरी (राधा कृष्ण प्रकाशन) आत्मद्रोह – आर. चेतनक्रांति (राजकमल प्रकाशन) नीली बयाज़ – अदनान कफिल दरवेश (राजकमल प्रकाशन) फिर उगना – पार्वती तिर्की (राधा कृष्ण प्रकाशन)  मोर्चे पर विदागीत – विहाग वैभव (राजकमल प्रकाशन) राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार (कथेतर – हिंदी) गाय_गेका की औरतें – जोराम तालाम नाबाम (राधा कृष्ण प्रकाशन) अल्लाह नाम की सियासत – हिलाल अहमद (सेतु प्रकाशन) इतिहास में अफ़वाह – शंभूनाथ (वाणी प्रकाशन) गार्जियनता – व्योमेश शुक्ल (रुख़ पब्लिकेशन) बोरसी भर आंच – यतीश कुमार (राधा कृष्ण प्रकाशन) प्रेमचंद पुरस्कार (कथा-साहित्य – हिंदी) अगम बहै दरियाव – शिवमूर्ति (राजकमल प्रकाशन) आउशवित्ज: एक प्रेम कथा – गरिमा श्रीवास्तव (वाणी प्रकाशन) तृन धरि ओट – अनामिका (वाणी प्रकाशन)  हमनवाई न थी – तसनीम ख़ान (सेतु प्रकाशन) चक्काजाम – गौतम चौबे (राधा कृष्ण प्रकाशन) महादेवी वर्मा पुरस्कार (अनुवाद – हिंदी) बरफ महल – थारयै वेसोस (अनुवाद: नीलाक्षी सिंह, सेतु प्रकाशन) आज़ादी – चित्रा बैनर्जी दिवाकरूणी (अनुवाद: नवेद अकबर, हार्पर हिंदी) नये हिंदुस्तान में दीमक लगी शहतीरें – परकाला प्रभाकर (अनुवाद: व्यालोक पाठक) सतरंगी दस्तरख्वान – सुमना रॉय और कुणाल रे (अनुवाद: वंदना राग व गीत चतुर्वेदी, राजकमल प्रकाशन) ग्रेट कंचना सर्कस – विश्वास पाटिल (अनुवाद: रवि बुले, वाणी प्रकाशन) सरोजिनी नायडू पुरस्कार (अंग्रेज़ी कविता) टू द मून एंड बैक: लाइफ, लव एंड एवरीथिंग इन-बिटवीन – मारिया गोरेटी (ओम बुक्स इंटरनेशनल) नॉस्टैल्जिया: क्राफ्टिंग अ होम विदिन – महुआ सेन (रेड रिवर) व्हाइट शर्ट्स ऑफ़ समर: न्यू एंड सेलेक्टेड पोएम्स – ममांग दाई (स्पीकिंग टाइगर) माय बॉडी डिडंट कम बिफोर मी: पोएम्स – कुहू जोशी (स्पीकिंग टाइगर) आई’ल हैव इट हियर: पोएम्स – जीत ठाकुर (हार्पर कॉलिन्स) रस्किन बांड पुरस्कार (अंग्रेज़ी कथा साहित्य) द पेशेंट इन बेड नंबर १२ – राज कमल झा (पेंगुइन) आंटीज़ ऑफ़ वसंत कुंज – अनुराधा मारवाह (रूपा) डेक्कन क्वीन: टेक टू – फर्रुख धोंडी (ओम बुक्स इंटरनेशनल) द वुमन हू क्लाइम्ब्ड ट्रीज़ – स्मृति रविंद्र (हार्पर कॉलिन्स) नेवर नेवर लैंड – नमिता गोखले (स्पीकिंग टाइगर) रवींद्रनाथ टैगोर पुरस्कार (अनुवाद – अंग्रेज़ी) फायर बर्ड – पेरुमल मुरुगन (अनुवाद: जननी कन्नन, पेंगुइन) द कीपर ऑफ़ डेसोलेशन: स्टोरीज़ – चंदन पांडेय (अनुवाद: सयारी देबनाथ, हार्पर कॉलिन्स) आई नेम्ड माई सिस्टर साइलेंस – मनोज रूपड़ा (अनुवाद: हांसदा सोवेंद्र शेखर, एका, वेस्टलैंड बुक्स) सकीना’स किस – विवेक शनभाग (अनुवाद: श्रीनाथ पेरूर, पेंगुइन) बॉय, अनलव्ड – दामोदर माउज़ो (अनुवाद: जेरी पिंटो, स्पीकिंग टाइगर) सर्वपल्ली राधाकृष्णन पुरस्कार (अंग्रेज़ी गैर-कथा साहित्य) फायर ऑन द गंगा: लाइफ अमंग डेड इन बनारस – राधिका अयंगर (हार्पर कॉलिन्स) हिंदुस्तान राइजिंग: धर्म, डेमोक्रेसी एंड डिप्लोमेसी – उत्पल कुमार (ब्लूवन इंक) जननायक कर्पूरी ठाकुर: वॉइस ऑफ़ द वॉइसलेस – संतोष सिंह और आदित्य अनमोल (पेंगुइन) हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड – नीरजा चौधरी (अलेफ) टीपू सुल्तान: द सागा ऑफ़ मैसूर’स इंटररेग्नम (१७६०-१७९९) – विक्रम संपत (विंटेज बुक्स) अन्य विशेष सम्मान   बनारस लिट फेस्ट के अंतर्गत निम्नलिखित विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे: बनारस लिट फेस्ट कालिदास पुरस्कार (निर्धारित हिंदुस्तानीय भाषा के लिए, रु. 51,000) हिंदुस्तानेंदु हरिश्चंद्र लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड (रु. 1,00,000) गोमती देवी एमीनेन्स अवार्ड (सात श्रेणियों में, रु. 21,000) नव हिंदुस्तान सर्जक सम्मान (ग्यारह श्रेणियों में, रु. 11,000) बता दें. यह पुरस्कार उन व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने हिंदुस्तानीय समाज, कला, संस्कृति और साहित्य की समृद्धि तथा भाषाई-सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. 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