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सिर्फ एक कार के दम पर Maruti Suzuki ने EV मार्केट के टॉप 4 में बनाई जगह, जानें बाकी कंपनियों का हाल

मारुति सुजुकी ने इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. लॉन्च के सिर्फ 4 महीने के अंदर ही वह हिंदुस्तान की टॉप 5 EV कंपनियों में शामिल हो गई है. खास बात यह है कि अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार e Vitara की बिक्री के दम पर कंपनी ने Hyundai, BYD, Kia और Vinfast जैसी बड़ी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है. जनवरी से मई 2026 के बीच मारुति ने कुल 4,365 इलेक्ट्रिक गाड़ियां बेचीं, जो Vinfast (4,133 यूनिट्स) से भी ज्यादा हैं. इसी के साथ उसने BYD, Hyundai और Kia को भी पीछे कर दिया है. हालांकि टाटा मोटर्स और महिंद्रा अभी भी बाजार में पहले और दूसरे स्थान पर मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं, जबकि JSW MG Motor तीसरे नंबर पर बनी हुई है. e Vitara ने मारुति को EV सेगमेंट में मजबूत पकड़ दिलाई मारुति सुजुकी फिलहाल हिंदुस्तान में सिर्फ एक ही इलेक्ट्रिक कार बेच रही है. उसका नाम है e Vitara. वहीं दूसरी कंपनियों की बात करें तो Hyundai के पास Creta Electric और Ioniq 5 जैसे मॉडल हैं. Vinfast तीन EVs ऑफर कर रही है. वहीं Tata Motors और Mahindra के पास EV सेगमेंट में काफी बड़ा पोर्टफोलियो है.  हालांकि मारुति ने EV मार्केट में बाकी कंपनियों के मुकाबले देर से एंट्री ली है, फिर भी इसकी e Vitara ने तेजी से अपनी जगह बना ली है. जनवरी से मई 2026 के बीच कंपनी ने हर महीने औसतन 873 EV यूनिट्स बेचीं, जो Vinfast (827), Hyundai (583), BYD (488) और Kia (405) से भी ज्यादा हैं. क्यों हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डिमांड अचानक बढ़ गई? इलेक्ट्रिक पैसेंजर गाड़ियों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. इसी वजह से EV मार्केट में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है. अप्रैल और मई के बीच EV रजिस्ट्रेशन में 77% की सालाना बढ़ोतरी हुई और कुल 52,274 यूनिट्स तक पहुंच गया. मई में EV की हिस्सेदारी भी बढ़कर 6.4% हो गई है. इस बढ़ती मांग के पीछे महंगे पेट्रोल-डीजल, बेहतर होती चार्जिंग सुविधा और बाजार में नए-नए इलेक्ट्रिक मॉडल्स का आना बड़ी वजहें हैं. वहीं Maruti Suzuki ने अपनी e Vitara के जरिए हिंदुस्तान को एक अहम एक्सपोर्ट हब भी बना दिया है. सितंबर 2025 से एक्सपोर्ट शुरू होने के बाद अब तक कंपनी 46 देशों में 35,000 से ज्यादा यूनिट्स भेज चुकी है. यह मॉडल अब Maruti के टॉप एक्सपोर्ट गाड़ियों में तीसरे नंबर पर आ गया है, Fronx और Jimny के बाद. खास बात यह है कि इसी e Vitara का एक रीबैज वर्जन Toyota के लिए भी बनाया जा रहा है, जिसे Urban Cruiser eBella के नाम से बेचा जा रहा है. यह भी पढ़ें: Tata Motors ने किया कमाल! मई में 42% बढ़ी बिक्री, EV सेल्स ने बनाया नया रिकॉर्ड The post सिर्फ एक कार के दम पर Maruti Suzuki ने EV मार्केट के टॉप 4 में बनाई जगह, जानें बाकी कंपनियों का हाल appeared first on Naya Vichar.

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3 जून की टॉप 20 खबरें: डीके शिवकुमार की ताजपोशी, 60 विधायकों ने बनायी ममता से दूरी, जर्मनी ने हटाई ट्रांजिट वीजा पाबंदी

बंगाल में बदला सियासी मिजाज! भाजपा की 3000 रुपए वाले ‘अन्नपूर्णा भंडार’ के फॉर्म बांट रहे ममता बनर्जी के पार्षद TMC Councillors Distribute Annapurna Bhandar Forms: पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद टीएमसी पार्षदों ने व्यावहारिक रुख अपनाया है. कोलकाता के विभिन्न वार्डों में तृणमूल पार्षद खुद भाजपा प्रशासन की अन्नपूर्णा भंडार योजना के फॉर्म बंटवा रहे हैं. पार्षदों ने कहा कि वे फिजूल का विरोध नहीं करेंगे. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट ममता बनर्जी से 60 विधायकों ने बनायी दूरी, बिना मंच-लाउडस्पीकर के दीदी का धरना, खूब गरजीं टीएमसी सुप्रीमो Mamata Banerjee Protest: बंगाल चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा के खिलाफ ममता बनर्जी ने कोलकाता के एस्प्लेनेड में एक दिवसीय धरना दिया. पुलिस द्वारा मंच और लाउडस्पीकर की अनुमति न मिलने पर ममता ने मेगाफोन से जनता को संबोधित किया. धरने से टीएमसी के अधिकांश नये विधायक गायब रहे. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट बागी विधायकों ने बनाया सीक्रेट हेडक्वार्टर! प्रशांत किशोर के पुराने नेटवर्क की मदद से ‘ममता मुक्त TMC’ की तैयारी TMC Rebellion Secret War Room: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मचे घमासान के बीच नया खुलासा हुआ है. तारक सिंह और शांतनु सेन के बाद 60 बागी विधायकों ने ममता बनर्जी से अलग ‘नया वॉर रूम’ तैयार कर लिया है. चुनाव आयोग में सिंबल पर दावा ठोकने की तैयारी की क्या है इनसाइड स्टोरी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 177 सीटों पर धांधली का ममता बनर्जी ने लगाया आरोप, दिल्ली में भाजपा विरोधी ‘चक्रव्यूह’ बनाने का ऐलान Mamata Banerjee Rigging Claim: कोलकाता में मेगाफोन लेकर धरने पर बैठीं ममता बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा ने बंगाल की 177 सीटों पर मतगणना में धांधली करके चुनाव जीता है. उन्होंने आरोप लगाया कि घायल अभिषेक बनर्जी को भर्ती न करने के लिए अस्पतालों पर शुभेंदु प्रशासन का भारी दबाव था. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट कर्नाटक कैबिनेट का ब्लूप्रिंट तैयार: दिल्ली में राहुल-खरगे संग सिद्धारमैया और शिवकुमार की हाई-लेवल बैठक Karnataka: डीके शिवकुमार 3 जून बुधवार को कर्नाटक के नये मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं. शपथ लेने से पहले शिवकुमार और सिद्धारमैया ने अगले मंत्रिमंडल को लेकर दिल्ली में राहुल गांधी और खरगे के साथ मंथन की. दोनों नेता सोमवार को दिल्ली पहुंच गए थे. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट जर्मनी ने हिंदुस्तानीयों को दी बड़ी राहत, 3 जून से ट्रांजिट वीजा की पाबंदी पूरी तरह समाप्त Germany Transit Visa: जर्मनी ने हिंदुस्तानीय यात्रियों को बड़ी राहत दी है. ट्रांजिट वीजा की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट अमित शाह और नितिन नबीन से मिले अन्नामलाई, जल्द कर सकते हैं बीजेपी छोड़ने की घोषणा Annamalai: बीजेपी की तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने पार्टी छोड़ने और नया दल बनाने की अटकलों के बीच मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट CBSE OSM: बोले जयराम रमेश- अधिकारियों का तबादला गड़बड़ी का सबूत, शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा CBSE OSM: कांग्रेस ने सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र प्रशासन पर निशाना साधा है. बोर्ड के चेयरमैन और सचिव के तबादले के बाद पार्टी ने कहा कि जवाबदेही केवल नौकरशाहों की नहीं, बल्कि नेतृत्वक नेतृत्व की भी तय होनी चाहिए. कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को कर देगा तबाह, रुद्रम-II मिसाइल का सफल परीक्षण, जानें खूबियां RudraM II Missile: हिंदुस्तान ने रक्षा क्षेत्र में बड़ी बढ़त हासिल की है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और हिंदुस्तानीय वायु सेना (IAF) ने स्वदेशी रूप से विकसित रुद्रम-II एयर-टू-सर्फेस एंटी-रेडिएशन मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट जल जीवन मिशन 2.0 पर झारखंड और केंद्र के बीच समझौता, हेमंत सोरेन ने लंबित फंड जारी करने की उठाई मांग Jal Jeevan Mission: जल जीवन मिशन 2.0 के तहत झारखंड प्रशासन और केंद्र के जल शक्ति मंत्रालय के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 6,500 करोड़ रुपये की लंबित सहायता राशि जारी करने की मांग उठाई. बैठक में ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं, फंडिंग, निगरानी और परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट विधान परिषद चुनाव: AIMIM ने RJD से मांगी एक सीट, अख्तरुल इमान बोले- रिश्ता बना रखना चाहते हैं तो हमें मौका दें Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ता जा रहा है. इस बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की टेंशन कहीं ना कहीं बढ़ने वाली है. AIMIM की ओर से विधान परिषद की एक सीट की डिमांड की गई है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट बिहार के पंचायत प्रशासन भवनों में खुलेंगे डाकघर-आधार सेंटर और पुस्तकालय, एक ही छत के नीचे मिलेंगी कई सेवाएं Bihar News: बिहार के गांवों में अब डाकघर, आधार सेवा केंद्र, पुस्तकालय और बैंकिंग जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी. पंचायत प्रशासन भवनों को बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट Success Story: रजरप्पा की बेटी ने कर दिया कमाल, 21 साल की उम्र में बना दिया स्वदेशी ह्यूमनॉइड रोबोट SIENA Success Story: झारखंड के रजरप्पा की 21 वर्षीय श्रेया पंडा ने स्वदेशी ह्यूमनॉइड रोबोट SIENA विकसित कर नई मिसाल कायम की है. शिक्षा क्षेत्र के लिए तैयार यह रोबोट एआई, रोबोटिक्स और कोडिंग की व्यावहारिक जानकारी देने में सक्षम है. श्रेया की उपलब्धि युवाओं और बेटियों के लिए प्रेरणा बनी है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट CBSE री-ईवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक, 2 मिनट में भेजी गई 15 लाख हिट्स CBSE Revaluation Portal: सीबीएसई बोर्ड के री-इवैल्यूएशन पोर्टल को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. बोर्ड की साइबर सिक्योरिटी टीम ने जानकारी दी है कि री-ईवैल्यूएशन प्रक्रिया के दौरान पोर्टल पर साइबर हमले की कोशिश की गई. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट EV ने कैसे दिया 89 kmpl का माइलेज? जानिए वह गणित जिसने पेट्रोल कारों को पीछे छोड़ दिया एक लीटर पेट्रोल के बराबर ऊर्जा पर 89 किलोमीटर तक चलने वाली EV ने सभी को चौंका दिया है. जानिए इलेक्ट्रिक कारें पेट्रोल और डीजल वाहनों से इतनी ज्यादा एफिशिएंट क्यों मानी जाती हैं. यहां

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AC की गैस बार-बार खत्म हो जाती है? हजारों रुपये बचा सकता है यह सस्ता उपाय

गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर सिर्फ आराम का साधन नहीं बल्कि जरूरत बन चुका है. लेकिन कई लोग एसी खरीदने के कुछ साल बाद एक ऐसी समस्या का सामना करते हैं, जो उनकी जेब पर भारी पड़ सकती है. एसी की कूलिंग अचानक कम होने लगती है और जांच कराने पर पता चलता है कि रेफ्रिजरेंट गैस लीक हो गई है. गैस रीफिल कराने में हजारों रुपये खर्च हो सकते हैं. ऐसे में बाजार में मिलने वाले कुछ खास कॉयल प्रोटेक्शन स्प्रे एक बार फिर चर्चा में हैं, जिनके बारे में दावा किया जाता है कि ये एसी की कॉयल को जंग से बचाकर गैस लीकेज का खतरा कम कर सकते हैं. एसी में गैस लीकेज की समस्या क्यों आती है? एयर कंडीशनर के अंदर मौजूद कूलिंग कॉयल लगातार नमी, धूल और वातावरण में मौजूद रसायनों के संपर्क में रहती है. समय के साथ कॉयल पर जंग लगने लगती है, जिससे उसमें छोटे-छोटे छेद बन सकते हैं. यही छेद बाद में रेफ्रिजरेंट गैस लीकेज की वजह बनते हैं. गैस कम होने पर एसी को कमरे को ठंडा करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे बिजली की खपत भी बढ़ जाती है. क्या काम करते हैं कॉयल सेवर स्प्रे? ऑनलाइन और ऑफलाइन बाजार में मिलने वाले कॉयल सेवर स्प्रे को खासतौर पर एसी की कॉयल की सुरक्षा के लिए तैयार किया जाता है. इन स्प्रे में ऐसी कोटिंग होती है जो धातु की सतह को नमी और जंग से बचाने का दावा करती है. कई उत्पाद इंस्टेंट ड्राई और नॉन-स्टिक तकनीक के साथ आते हैं, जिससे धूल और गंदगी भी कम चिपकती है. इनकी शुरुआती कीमत करीब 300 रुपये से शुरू होती है. क्या इससे सच में बढ़ सकती है एसी की उम्र? विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कॉयल पर समय रहते सुरक्षा परत बना दी जाए और नियमित सर्विसिंग कराई जाए, तो जंग लगने की संभावना कम हो सकती है. इससे कॉयल की लाइफ बढ़ सकती है और गैस लीकेज का जोखिम भी घट सकता है. हालांकि केवल स्प्रे पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है. एसी की नियमित सफाई और समय-समय पर तकनीकी जांच भी उतनी ही जरूरी है. बिजली बिल पर भी पड़ सकता है असर जब एसी में गैस का स्तर सही रहता है, तब कंप्रेसर को जरूरत से ज्यादा दबाव में काम नहीं करना पड़ता. इसका असर बिजली खपत पर भी दिखाई देता है. गैस लीकेज वाले एसी आमतौर पर ज्यादा बिजली खर्च करते हैं क्योंकि उन्हें समान कूलिंग पाने के लिए अधिक समय तक चलना पड़ता है. इसलिए एसी की सेहत बनाए रखना सीधे तौर पर बिजली बिल कम रखने में भी मदद कर सकता है. खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान बाजार में कई तरह के कॉयल प्रोटेक्शन स्प्रे उपलब्ध हैं, लेकिन हर उत्पाद की गुणवत्ता समान नहीं होती. किसी भी स्प्रे का इस्तेमाल करने से पहले उसके निर्देश जरूर पढ़ें और जरूरत पड़ने पर अधिकृत एसी तकनीशियन की सलाह लें. सही उत्पाद और नियमित रखरखाव का संयोजन ही एसी को लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रख सकता है. यह भी पढ़ें: Single या Dual Inverter AC? जानें कौन देगा ज्यादा कूलिंग और कम बिजली बिल यह भी पढ़ें: AC के साथ स्टेबलाइजर लगवाएं या छोड़ दें? जानें आपके घर के लिए क्या है सही ऑप्शन The post AC की गैस बार-बार खत्म हो जाती है? हजारों रुपये बचा सकता है यह सस्ता उपाय appeared first on Naya Vichar.

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UP GIC लेक्चरर परीक्षा की तारीख घोषित, देखें शेड्यूल

UP GIC Lecturer Exam Date 2026: उत्तर प्रदेश के प्रशासनी इंटर कॉलेजों में लेक्चरर बनने का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी समाचार है. उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने GIC Lecturer भर्ती परीक्षा 2026 की परीक्षा तिथियां घोषित कर दी हैं. आयोग की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, परीक्षा 14 जून और 17 जून 2026 को आयोजित की जाएगी. 1471 से ज्यादा पदों पर होगी भर्ती इस भर्ती अभियान के तहत कुल 1516 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी. इसमें पुरुष वर्ग के लिए 777 लेक्चरर पद, स्त्री वर्ग के लिए 694 पद, दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के लिए 43 पद और यूपी स्टेट जेल ट्रेनिंग स्कूल के प्रिंसिपल के 2 पद शामिल हैं. UP GIC Lecturer Exam Date 2026: ऐसे करें डाउनलोड शेड्यूल सबसे पहले UPPSC की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाएं. होमपेज पर “Latest Notifications” सेक्शन में जाएं. UP GIC Lecturer Exam Date 2026 से संबंधित लिंक पर क्लिक करें. परीक्षा कार्यक्रम का पीडीएफ स्क्रीन पर खुल जाएगा. नोटिस डाउनलोड करें और भविष्य के लिए उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें. UP GIC Lecturer Exam Date 2026 Notice Check Here देखें पूरा शेड्यूल आयोग द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, 14 जून 2026 को हिंदी, संस्कृत, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, भौतिक विज्ञान, उर्दू, गणित, समाजशास्त्र, जीव विज्ञान, अंग्रेजी, नागरिक शास्त्र और रसायन विज्ञान सहित 13 विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी. वहीं 17 जून 2026 को मनोविज्ञान और शिक्षा शास्त्र विषय की परीक्षा होगी. UP GIC Lecturer भर्ती में उम्मीदवारों का चयन कई चरणों के आधार पर किया जाएगा. सबसे पहले लिखित परीक्षा आयोजित होगी. इसके बाद सफल उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. फिर दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और अंत में फाइनल मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी. यह भी पढ़ें: शुरू हो गया CBSE 12वीं री-चेकिंग प्रोसेस, जानें कितनी लगेगी फीस The post UP GIC लेक्चरर परीक्षा की तारीख घोषित, देखें शेड्यूल appeared first on Naya Vichar.

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जर्मनी ने भारतीयों को दी बड़ी राहत, 3 जून से ट्रांजिट वीजा की पाबंदी पूरी तरह समाप्त

Germany Transit Visa: जर्मनी के दूतावास ने मंगलवार को बताया कि अब हिंदुस्तानीय नागरिकों को जर्मनी के किसी हवाई अड्डे पर ठहराव के साथ किसी अन्य देश की यात्रा करने के लिए ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता नहीं होगी. ट्रांजिट वीजा की अनिवार्यता 3 जून से समाप्त दूतावास के अनुसार, यह निर्णय तीन जून से प्रभावी होगा. हर साल छात्र, नौकरीपेशा लोग और पर्यटक समेत बड़ी संख्या में हिंदुस्तानीय अन्य गंतव्यों तक पहुंचने के लिए जर्मनी के हवाई अड्डों से होकर यात्रा करते हैं. हिंदुस्तानीय नागरिकों के लिए हवाई अड्डा ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता समाप्त दूतावास ने एक बयान में कहा, जर्मनी के हवाई अड्डे पर ठहराव के साथ किसी अन्य देश की यात्रा करने वाले हिंदुस्तानीय नागरिकों को अब ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता नहीं होगी. हिंदुस्तानीय नागरिकों के लिए हवाई अड्डा ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता समाप्त करने संबंधी अधिसूचना दो जून 2026 को संघीय कानून गजट में घोषित की गई. जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की हिंदुस्तान यात्रा के बाद उठाया गया कदम दूतावास ने कहा, यह निर्णय जर्मन संघीय प्रशासन की हिंदुस्तान-जर्मनी संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने, लोगों की आवाजाही को सुगम करने तथा आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. दूतावास ने बताया कि यह कदम जनवरी में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की हिंदुस्तान यात्रा के बाद उठाया गया है. फ्रांस से भी हिंदुस्तानीयों को मिली राहत अप्रैल में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि फ्रांस प्रशासन ने यूरोपीय क्षेत्र फ्रांस से होकर गुजरने वाले हिंदुस्तानीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त पारगमन व्यवस्था लागू कर दी है. ये भी पढ़ें: नेतन्याहू पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, कहा- आखिर कर क्या रहे हैं आप The post जर्मनी ने हिंदुस्तानीयों को दी बड़ी राहत, 3 जून से ट्रांजिट वीजा की पाबंदी पूरी तरह समाप्त appeared first on Naya Vichar.

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फीफा वर्ल्ड कप में किसका रहा है दबदबा? 22 सीजन में किस टीम ने जीते कितने खिताब, यहां देखें विजेताओं की पूरी लिस्ट

FIFA World Cup: फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 11 जून से होगी. इस बार टूर्नामेंट की मेजबानी संयुक्त रूप से अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको कर रहे हैं. इस इतिहास में पहली बार कुल 48 टीमें खिताब के लिए आपस में भिड़ेंगी. इस सीजन अर्जेंटीना की टीम खिताब बचाव करने उतरेगी. वहीं पिछले बार की उपविजेता टीम फ्रांस इस बार खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी. क्या आपको पता है कि फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत कब हुई थी? अब तक इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का कितनी बार आयोजन किया जा चुका है? आखिर कौन-सी टीम विश्व कप इतिहास की सबसे सफल टीम रही है? फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ फीफा वर्ल्ड कप से जुड़े इन सभी सवालों के जवाब और उससे जुड़ी रोचक जानकारियां हम आपको इस लेख में बताने जा रहे हैं. 1930 में हुई थी फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत साल 1930 में हुई थी. लेकिन दूसरे विश्व युद्ध के चलते साल 1942 और 1946 में इसका आयोजन नहीं हो सका था. इसके बाद भी फीफा वर्ल्ड कप अब तक 22 बार आयोजित किया जा चुका है. यह 23वां सीजन होगा. ब्राजील फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास की सबसे सफल टीम है, जिसने अब तक के सभी 22 संस्करण के लिए क्वालीफाई किया है. ब्राजील ने पांच बार जीता फीफा वर्ल्ड कप का खिताब ब्राजील इकलौता ऐसा देश है, जिसने सभी 22 संस्करणों में हिस्सा लिया. 8 बार सेमीफाइनल और 6 बार फाइनल स्पोर्ट्सने वाले इस देश ने साल 1958, 1962, 1970, 1994 और 2002 में कुल 5 बार खिताब अपने नाम किया. ब्राजील के अलावा इन टीमों का रहा है जलवा ब्राजील के अलावा जर्मनी ने फीफा वर्ल्ड कप में 20 बार हिस्सा लिया है. वहीं, इटली और अर्जेंटीना 18-18 बार एवं फ्रांस, इंग्लैंड और स्पेन 16-16 बार, जबकि उरुग्वे 14 बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में स्पोर्ट्स चुके हैं. खिताबों की बात करें तो ब्राजील सबसे सफल टीम है, जिसने रिकॉर्ड 5 बार विश्व कप जीता है। इसके अलावा जर्मनी और इटली ने 4-4, अर्जेंटीना ने 3, फ्रांस और उरुग्वे ने 2-2, जबकि स्पेन और इंग्लैंड ने 1-1 बार फीफा वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया है। फीफा वर्ल्ड कप के विजेताओं की लिस्ट वर्ष विजेता उपविजेता 2022 अर्जेंटीना फ्रांस 2018 फ्रांस क्रोएशिया 2014 जर्मनी अर्जेंटीना 2010 स्पेन नीदरलैंड्स 2006 इटली फ्रांस 2002 ब्राजील जर्मनी 1998 फ्रांस ब्राजील 1994 ब्राजील इटली 1990 पश्चिम जर्मनी अर्जेंटीना 1986 अर्जेंटीना पश्चिम जर्मनी 1982 इटली पश्चिम जर्मनी 1978 अर्जेंटीना नीदरलैंड्स 1974 पश्चिम जर्मनी नीदरलैंड्स 1970 ब्राजील इटली 1966 इंग्लैंड पश्चिम जर्मनी 1962 ब्राजील चेकोस्लोवाकिया 1958 ब्राजील स्वीडन 1954 पश्चिम जर्मनी हंगरी 1950 उरुग्वे ब्राजील 1938 इटली हंगरी 1934 इटली चेकोस्लोवाकिया 1930 उरुग्वे अर्जेंटीना यह भी पढ़ें: फुटबॉल फैंस का इंतजार खत्म, हिंदुस्तान में अब इस प्लेटफॉर्म पर मिलेगा फीफा वर्ल्ड कप का रोमांच फीफा वर्ल्ड कप में कैसे तय होती है टीमों की किस्मत, जानें क्वालिफिकेशन का पूरा गणित The post फीफा वर्ल्ड कप में किसका रहा है दबदबा? 22 सीजन में किस टीम ने जीते कितने खिताब, यहां देखें विजेताओं की पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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राजस्थान में आंधी-बारिश का कहर, तीन की मौत

Rajasthan Weather: पुलिस के अनुसार जैसलमेर, बाड़मेर, फलौदी एवं आस-पास के जिलों में बिजली ढांचे, मकानों, सोलर प्लांट्स और सड़क किनारे की संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा. मृतकों में जैसलमेर के 25 वर्षीय लोक कलाकार और बाड़मेर के दो शिशु शामिल हैं. रिजॉर्ट की दीवार गिरने से हुई मौत जैसलमेर के सम पर्यटन क्षेत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान एक रिजॉर्ट की दीवार गिरने से बैरिसियाला गांव के लोक कलाकार स्वरूप खान की मौत हो गई. जबकि तीन अन्य कलाकार घायल हो गये, उनमें एक पुरुष और दो स्त्री नर्तक शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि घायलों को शुरू में एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और बाद में जैसलमेर रेफर कर दिया गया. रिजॉर्ट मालिक बरोच खान ने बताया कि हादसे के समय लगभग 40 पर्यटक सांस्कृतिक कार्यक्रम देख रहे थे तथा कलाकार खुले मंच पर प्रस्तुति दे रहे थे, तभी पीछे की कंक्रीट की दीवार तेज हवाओं से गिर गई. आंधी के कारण विद्युत आपूर्ति ठप जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने कहा कि आंधी से एक बिजली टावर गिरने से कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई. मरम्मत कार्य जारी है. टावर को पुनर्निर्मित करने में लगभग चार दिन लगेंगे. जैसलमेर जिले में बिजली नेटवर्क को भारी नुकसान हुआ. करीब ढाई घंटे में बिजली के कई खंभे गिर गए. सम और खुईयाला क्षेत्र के लगभग 150 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही. कई ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हुए और 33 केवी व 11 केवी लाइनें कई जगहों पर टूट गईं. फलौदी जिले में भड़ला सोलर पार्क के आस-पास सौर ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचा. ये भी पढ़ें: 48 घंटे में बदलेगा मौसम, कई राज्यों में बारिश-ओलावृष्टि की चेतावनी, 4 जून को पहुंचेगा मानसून The post राजस्थान में आंधी-बारिश का कहर, तीन की मौत appeared first on Naya Vichar.

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दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को कर देगा तबाह, रुद्रम-II मिसाइल का सफल परीक्षण, जानें खूबियां

RudraM II Missile: हिंदुस्तान ने डिफेंस सेक्टर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और हिंदुस्तानीय वायुसेना ने स्वदेशी रूप से विकसित रुद्रम-2 मिसाइल का सफल परीक्षण कर लिया है. रुद्र एम-II एयर-टू-सर्फेस मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है. मंगलवार को हिंदुस्तानीय वायुसेना ने फाइटर जेट सुखोई-30 एमकेआई से इसका परीक्षण किया. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये परीक्षण अत्यंत कठिन परिस्थितियों में किए गए और इनमें सटीक प्रक्षेप पथ का उपयोग करते हुए सभी उपप्रणालियों की क्षमता का प्रदर्शन किया गया. Defence Research & Development Organisation (DRDO) and the Indian Air Force (IAF) have conducted the successful flight-tests of RudraM-II Air-to-Surface Missile from an airborne platform. The tests were conducted under extreme release conditions with critical trajectory… pic.twitter.com/iP40a29hOa — ANI (@ANI) June 2, 2026 दुश्मन की हवाई सुरक्षा को तबाह कर सकता है रुद्र एम रुद्र एम-II को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह दुश्मन की वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह तबाह कर सकता है. इसे दुश्मन के रडार स्टेशनों, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों, हवाई सुरक्षा नेटवर्क, संचार केंद्रों और रेडियो फ्रीक्वेंसी पैदा करने वाले अन्य सैन्य उपकरणों को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है. यह मिसाइल दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को शुरुआती चरण में ही नष्ट कर हिंदुस्तानीय लड़ाकू विमानों के लिए सुरक्षित मार्ग तैयार कर सकती है. लंबी दूरी से रडार सिस्टम को नष्ट करने में सक्षम रुद्रम-II को इस ऐसे बनाया गया है कि यह लंबी दूरी से ही दुश्मन के रडार और निगरानी प्रणालियों का पता लगाकर उन्हें नष्ट कर सके. इससे हिंदुस्तानीय वायुसेना के लड़ाकू विमान दुश्मन के अत्यधिक सुरक्षित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही उसके रक्षा तंत्र को कमजोर कर सकते हैं. उन्नत तकनीक से लैस है मिसाइल मिसाइल में अत्याधुनिक एविएशन सिस्टम और पैसिव होमिंग तकनीक का उपयोग किया गया है. इसकी खासियत यह है कि यदि दुश्मन अपनी पहचान छिपाने के लिए रडार बंद भी कर दे, तब भी यह मिसाइल लक्ष्य का पीछा करना जारी रख सकती है और उसे सटीकता के साथ नष्ट कर सकती है. हिंदुस्तानीय वायुसेना की ताकत में होगा बड़ा इजाफा रुद्रम-II के सफल परीक्षण से हिंदुस्तानीय वायुसेना की लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की क्षमता और मजबूत होगी. यह मिसाइल वर्तमान में इस्तेमाल की जा रही कुछ पुरानी आयातित एंटी-रेडिएशन मिसाइलों का विकल्प बन सकती है, जिससे विदेशी निर्भरता भी कम होगी. Also Read: CBSE चेयरमैन और सचिव का तबादला, ऑन-स्क्रीन मार्किंग सेवाओं की खरीद की होगी जांच The post दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को कर देगा तबाह, रुद्रम-II मिसाइल का सफल परीक्षण, जानें खूबियां appeared first on Naya Vichar.

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अमित शाह और नितिन नबीन से मिले अन्नामलाई, जल्द कर सकते हैं बीजेपी छोड़ने की घोषणा

Annamalai और शाह की मुलाकात करीब 30 मिनट तक चली. लेकिन बैठक में दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी तत्काल प्राप्त नहीं हुई है. अन्नामलाई बैठक के बाद मीडिया से बात किए बिना शाह के आवास से चले गए. मीडिया में आई कुछ समाचारों में दावा किया गया कि अन्नामलाई ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बी एल संतोष से भी मुलाकात की और पार्टी से अपना इस्तीफा सौंप दिया. हालांकि उनके इस्तीफे की समाचार की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. AIADMK के साथ गठबंधन से नाराज हैं अन्नामलाई समाचारों के मुताबिक अन्नामलाई उनकी जगह नैनार नागेंद्रन को तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष बनाने और विधानसभा चुनावों से पहले ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) के साथ गठबंधन किए जाने के बाद से ही नाराज हैं. उन्होंने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था. कोयंबटूर क्षेत्र के भाजपा सदस्यों को अन्नामलाई के चुनाव लड़ने की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने बाद में स्पष्ट किया कि वह चुनाव लड़ने के अनिच्छुक है. एक-दो दिन में अन्नामलाई कर सकते हैँ बड़ी घोषणा अन्नामलाई नयी नेतृत्वक पार्टी गठित करने की अटकलों के बीच पार्टी नेतृत्व से मिलने के लिए सोमवार को दिल्ली आए. अन्नामलाई से जब चेन्नई हवाई अड्डे पर संवाददाताओं ने नयी पार्टी गठित करने को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि वह दो दिन में जवाब देंगे और अपना रुख स्पष्ट करेंगे. ये भी पढ़ें: कर्नाटक कैबिनेट का ब्लूप्रिंट तैयार: दिल्ली में राहुल-खरगे संग सिद्धारमैया और शिवकुमार की हाई-लेवल बैठक The post अमित शाह और नितिन नबीन से मिले अन्नामलाई, जल्द कर सकते हैं बीजेपी छोड़ने की घोषणा appeared first on Naya Vichar.

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जल जीवन मिशन 2.0 पर झारखंड और केंद्र के बीच समझौता, हेमंत सोरेन ने लंबित फंड जारी करने की उठाई मांग

Jal Jeevan Mission: झारखंड में हर ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के तहत झारखंड प्रशासन और हिंदुस्तान प्रशासन के जल शक्ति मंत्रालय के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. इस अवसर पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक और समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने की. कार्यक्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद, केंद्रीय राज्य मंत्री वी सोमन्ना, जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (एनजेजेएम) के पदाधिकारी उपस्थित रहे. समारोह की शुरुआत केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल और झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद के बीच औपचारिक अभिवादन के साथ हुई. इसके बाद जल जीवन मिशन की प्रगति, चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई. झारखंड में 24,000 करोड़ से अधिक की योजनाएं संचालित बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में जल जीवन मिशन के तहत चल रही योजनाओं की स्थिति की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 से राज्य में लगभग 24,635 करोड़ रुपये की लागत वाली पेयजल योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य प्रशासन मल्टी विलेज स्कीम (एमवीएस) और सिंगल विलेज स्कीम (एसवीएस) दोनों मॉडल पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी नल से जल की सुविधा पहुंचाई जा सके. केंद्र से लंबित राशि जारी करने की मांग मुख्यमंत्री ने बैठक में वित्तीय पक्ष को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में राज्य को अपेक्षित स्तर पर केंद्रांश की राशि प्राप्त नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि अब तक जल जीवन मिशन की करीब 55 प्रतिशत परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि केंद्र प्रशासन की ओर से केवल 46 प्रतिशत अनुदान ही उपलब्ध कराया गया है. मुख्यमंत्री ने लगभग 6,500 करोड़ रुपये की लंबित सहायता राशि जल्द जारी करने का आग्रह किया. उनका कहना था कि समय पर फंड उपलब्ध होने से परियोजनाओं की गति और बेहतर होगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति से जुड़े लक्ष्य निर्धारित समय में पूरे किए जा सकेंगे. परियोजनाओं के लिए समय पर एनओसी की जरूरत बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के क्रियान्वयन में विभिन्न केंद्रीय संस्थाओं से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने में विलंब होता है. इससे योजनाओं के निष्पादन की गति प्रभावित होती है. उन्होंने केंद्र प्रशासन से आग्रह किया कि संबंधित एजेंसियों को समयबद्ध तरीके से एनओसी जारी करने का निर्देश दिया जाए, ताकि जलापूर्ति योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जा सके. जल सहियाओं के लिए सहयोग की अपेक्षा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिंगल विलेज स्कीम के संचालन और रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया. उन्होंने बताया कि राज्य प्रशासन ने गांवों में जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए जल सहियाओं की नियुक्ति की है. प्रत्येक जल सहिया को राज्य प्रशासन की ओर से 2,500 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि दी जा रही है. मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा जताई. केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट की केंद्र की नीति बैठक के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने जल जीवन मिशन 2.0 के विभिन्न प्रावधानों पर स्पष्टीकरण दिया. उन्होंने कहा कि रेट्रोफिटिंग तथा नियमित संचालन एवं रखरखाव (ओ एंड एम) कार्यों के लिए केंद्र प्रशासन की ओर से कोई अलग वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी. उन्होंने सुझाव दिया कि इन कार्यों के लिए 16वें वित्त आयोग के तहत पंचायती राज संस्थाओं को मिलने वाले अनुदान का उपयोग किया जा सकता है. झारखंड को 2,500 करोड़ रुपये का विशेष आवंटन बैठक में झारखंड के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 2,500 करोड़ रुपये की विशेष राशि आवंटित करने की जानकारी दी गई. हालांकि इसके लिए राज्य प्रशासन को जल जीवन मिशन 2.0 के सभी मानकों और दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा. केंद्र प्रशासन ने राज्य को आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर राशि निर्गत कराने का अनुरोध भी किया. डीसी करेंगे परियोजनाओं की निगरानी जल जीवन मिशन परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारियों और उपायुक्तों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना गया. बैठक में निर्देश दिया गया कि सभी जिलों के डीएम और डीसी परियोजनाओं की नियमित निगरानी करें और प्रगति की समीक्षा करते रहें. इसके अलावा 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं की उच्च स्तर पर विशेष समीक्षा करने का भी निर्णय लिया गया. ओवरसाइज्ड लागत और प्रशासनिक सुधार पर चर्चा बैठक में लगभग 1,400 करोड़ रुपये की कथित अनुचित (इनएडमिसिबल) लागत वाले ओवरसाइज्ड घटकों की समीक्षा करने का निर्देश भी दिया गया. साथ ही झारखंड जल जीवन मिशन के प्रबंध निदेशक पद पर संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की सिफारिश की गई, ताकि परियोजनाओं के संचालन और निगरानी में और अधिक दक्षता लाई जा सके. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग आरटीए की नई सचिव बनीं सुजाता कुजूर, सड़क सुरक्षा और कानून अनुपालन पर रहेगा फोकस हर घर नल से जल पहुंचाने पर जोर बैठक का समापन जल जीवन मिशन 2.0 के दिशा-निर्देशों को शीघ्र लागू करने और सभी लंबित परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने के संकल्प के साथ हुआ. केंद्र और राज्य प्रशासन ने मिलकर यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि झारखंड के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की सुविधा समय पर पहुंच सके. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लंबित फंड जारी हो जाता है और परियोजनाओं को प्रशासनिक सहयोग मिलता है, तो जल जीवन मिशन झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है. इसे भी पढ़ें: प्रधान सहायक की गैर-हाजिरी पर भड़के सांसद सुखदेव भगत, कार्रवाई की कर दी अनुशंसा The post जल जीवन मिशन 2.0 पर झारखंड और केंद्र के बीच समझौता, हेमंत सोरेन ने लंबित फंड जारी करने की उठाई मांग appeared first on Naya Vichar.

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