Cyclone Arnab: समुद्र में हलचल बढ़ गई है. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर डीप डिप्रेशन बना हुआ है. यह पिछले 6 घंटों में 12 किमी/घंटा की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा है.
आईएमडी के अनुसार, डीप डिप्रेशन के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 23 सितंबर 2026 की रात तक विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच, कलिंगपट्टनम के पास उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करने की बहुत संभावना है. इसके असर से ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
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चक्रवात अर्नब बनने की आशंका
बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन के चक्रवाती तूफान में बदलने की स्थिति में इसे ‘अर्नब’ नाम दिया जाएगा. हालांकि, फिलहाल मौसम विभाग ने इसे चक्रवात घोषित नहीं किया है. अभी यह डीप डिप्रेशन की स्थिति में है.
ओडिशा में भारी बारिश की आशंका
ओडिशा इस मौसम प्रणाली से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में रह सकता है. 23 और 24 सितंबर को कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की भी संभावना है.
25 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं, 26 सितंबर को भी भारी बारिश का अनुमान है. IMD के ओडिशा केंद्र ने 23 और 24 सितंबर के लिए अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.
इस दौरान ओडिशा में 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. हवा के झोंकों की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
ओडिशा में स्कूल बंद
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए ओडिशा प्रशासन ने कई इलाकों में स्कूल बंद कर दिए हैं. कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं. संभावित आपदा से निपटने के लिए संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव दलों को तैनात किया गया है.
मलकानगिरी में 24 सितंबर तक स्कूल बंद रखने की घोषणा की गई है. आंगनवाड़ी केंद्र भी 24 सितंबर तक बंद रहेंगे. हालांकि, शिक्षक और अन्य कर्मचारी स्कूलों में उपस्थित रहेंगे.
प्रधानाचार्यों को रोस्टर के आधार पर ड्यूटी लगाने का निर्देश दिया गया है. इसका उद्देश्य स्कूल भवनों को चौबीसों घंटे तैयार रखना है, ताकि आपात स्थिति में उनका इस्तेमाल किया जा सके.
कैसे तय होता है चक्रवात का नाम?
चक्रवात का नाम पहले से तय सूची के आधार पर रखा जाता है. उत्तर हिंद महासागर यानी बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के लिए नामकरण की जिम्मेदारी IMD के RSMC New Delhi की है.
इस क्षेत्र के 13 देश चक्रवातों के नामों की सूची देते हैं. हर देश ने 13-13 नाम दिए हैं. इस तरह कुल 169 नाम सूची में शामिल हैं. इन नामों का इस्तेमाल तय क्रम के अनुसार किया जाता है. किसी नाम के इस्तेमाल के बाद उसे दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जाता.
अगला चक्रवात कौन-सा होगा?
अगले चक्रवात का नाम इस बात पर निर्भर करेगा कि मौजूदा डीप डिप्रेशन चक्रवाती तूफान में बदलता है या नहीं. मौजूदा सूची के क्रम में Arnab (अर्नब) बांग्लादेश का नाम है. इसके बाद Murasu (मुरासु) हिंदुस्तान का नाम है.
अगर मौजूदा सिस्टम चक्रवाती तूफान में बदलता है और नामकरण की स्थिति बनती है, तो इसे Arnab नाम दिया जाएगा.
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