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Jimmy 76th Birthday: जेब में लाल रुमाल, घुंघराले बाल और बेखौफ अंदाज, आखिर जिमी ने BCCI सेलेक्टर्स को क्यों कह दिया था ‘Bunch of Jokers’

Mohinder Amarnath 76th Birthday: हिंदुस्तानीय क्रिकेट में कुछ खिलाड़ी अपने आंकड़ों से पहचाने जाते हैं, तो कुछ अपने जज्बे से. मोहिंदर अमरनाथ का नाम इसी दूसरी श्रेणी में आता है. जेब में लाल रुमाल, घुंघराले बाल और तेज गेंदबाजों के सामने बिना डरे खड़े रहने का अंदाज… ‘जिमी’ की यही पहचान थी. 1983 वर्ल्ड कप में हिंदुस्तान को पहली बार चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले इस दिग्गज का आज 24 सितंबर को 76वां जन्मदिन है. एक दौर में उन्होंने BCCI के सेलेक्टर्स को ‘Bunch of Jokers’ तक कह दिया था. आखिर ऐसा क्या हुआ था कि जिमी को चयनकर्ताओं पर इतना गुस्सा आया?

1983 वर्ल्ड कप में जिमी ने लिखी थी जीत की कहानी

25 जून 1983 का दिन हिंदुस्तानीय क्रिकेट के लिए कभी न भूलने वाला बन गया. लॉर्ड्स के मैदान पर कपिल देव की कप्तानी वाली हिंदुस्तानीय टीम ने दो बार की डिफेंडिंग चैंपियन वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किया था.

इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में अमरनाथ ने पहले गेंद से दो विकेट लिए और फिर 46 रन की महत्वपूर्ण पारी स्पोर्ट्सकर हिंदुस्तान को फाइनल तक पहुंचाया. इसके बाद लॉर्ड्स में स्पोर्ट्से गए फाइनल में हिंदुस्तान की पारी सिर्फ 183 रन पर सिमट गई. अमरनाथ ने 26 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की. इसके बाद गेंद हाथ में आते ही उन्होंने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया. सात ओवर में 12 रन देकर तीन विकेट लेने वाले अमरनाथ हिंदुस्तान की 43 रन की जीत के सबसे बड़े नायकों में रहे. सेमीफाइनल और फाइनल दोनों मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया.

पाकिस्तान दौरे ने बदल दी पूरी कहानी

अमरनाथ की कहानी सिर्फ 1983 वर्ल्ड कप तक सीमित नहीं है. उनके करियर की सबसे खास बात रही उनकी वापसी की क्षमता. 1982-83 के पाकिस्तान दौरे से पहले वह करीब तीन साल तक हिंदुस्तानीय टेस्ट टीम से बाहर थे और लगातार 23 टेस्ट नहीं स्पोर्ट्स पाए थे. लेकिन कप्तान सुनील गावस्कर तेज गेंदबाजी के खिलाफ अमरनाथ की क्षमता को अच्छी तरह जानते थे. उन्होंने चयनकर्ताओं के सामने साफ कर दिया था कि पाकिस्तान दौरे पर इमरान खान और सरफराज नवाज जैसे गेंदबाजों का सामना करने के लिए टीम में अमरनाथ की जरूरत है.

आंकड़े टेस्ट वनडे
मैच 69 85
पारियां 113 75
रन 4378 1924
गेंदें 5119 3334
सर्वोच्च स्कोर 138 102
बल्लेबाजी औसत 42.50 30.54
स्ट्राइक रेट 85.53 57.71
डक 12 2
50+ स्कोर 24 13
शतक 11 2

मौका मिला तो जिमी ने इसे हाथ से जाने नहीं दिया. पाकिस्तान में उन्होंने लाहौर में नाबाद 109 रन, फैसलाबाद में 78 और लाहौर में 120 रन जैसी पारियां स्पोर्ट्सीं. कराची में उन्होंने नाबाद 103 रन भी बनाए. पूरी सीरीज में अमरनाथ ने 10 पारियों में 584 रन बनाए और 73 की औसत से बल्लेबाजी की. यह उस सीरीज में सबसे ज्यादा रन थे.

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वेस्टइंडीज के खतरनाक गेंदबाजों के सामने भी नहीं झुके

पाकिस्तान के बाद वेस्टइंडीज दौरा आया. सामने माइकल होल्डिंग, जोएल गार्नर, एंडी रॉबर्ट्स और मैल्कम मार्शल जैसे तेज गेंदबाज थे. लेकिन अमरनाथ का अंदाज नहीं बदला. उन्होंने पोर्ट ऑफ स्पेन में 58 और 117, ब्रिजटाउन में 91 और 80 और एंटीगा में 54 और 116 रन की पारियां स्पोर्ट्सीं.

तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी को देखकर ही उन्हें हिंदुस्तान के सबसे बहादुर बल्लेबाजों में गिना जाने लगा. इसी दौर में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष की शुरुआत में 1,000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड भी बनाया था.

बार-बार टीम से बाहर हुए, फिर लौटकर दिखाया दम

मोहिंदर अमरनाथ को हिंदुस्तानीय क्रिकेट का ‘कमबैक मैन’ कहा जाता है. उनके करियर में कई बार ऐसा हुआ जब उन्हें टीम से बाहर किया गया, लेकिन उन्होंने हर बार घरेलू क्रिकेट में रन बनाकर वापसी का रास्ता बनाया.

1983 के शानदार साल के बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज में उनका बल्ला खामोश रहा. छह पारियों में वह सिर्फ एक रन बना सके और पांच बार शून्य पर आउट हुए. लेकिन अमरनाथ ने हार नहीं मानी. अगली पाकिस्तान सीरीज में उन्होंने 174 रन बनाए और फिर इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट की घरेलू सीरीज में 407 रन जोड़े.

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जब चयनकर्ताओं को कह दिया था ‘बंच ऑफ जोकर्स’

अमरनाथ सिर्फ मैदान पर ही बेबाक नहीं थे. वह अपनी बात खुलकर रखने के लिए भी जाने जाते थे.

1988 में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के लिए उन्हें टीम से बाहर किया गया. इसके बाद उन्होंने चयनकर्ताओं को लेकर बेहद चर्चित टिप्पणी की और उन्हें ‘बंच ऑफ जोकर्स’ कहा. यह बयान हिंदुस्तानीय क्रिकेट में लंबे समय तक चर्चा का विषय रहा. इसे उस समय के मुख्य चयनकर्ता राज सिंह डूंगरपुर की भूमिका से जोड़कर भी देखा गया, हालांकि अमरनाथ और डूंगरपुर के बीच तनाव और चयन को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं सामने आती रही हैं.

69 टेस्ट में बनाए 4,378 रन

आंकड़े टेस्ट वनडे
मैच 69 85
पारियां 71 64
गेंदें 3436 2702
रन 1782 1971
मेडन 101 17
विकेट 32 46

मोहिंदर अमरनाथ ने हिंदुस्तान के लिए 69 टेस्ट मैच स्पोर्ट्से और 42.50 की औसत से 4,378 रन बनाए. उनके नाम 11 शतक और 24 अर्धशतक रहे. गेंदबाजी में भी उन्होंने 32 विकेट अपने नाम किए. इसके अलावा उन्होंने हिंदुस्तान के लिए 85 वनडे मैच स्पोर्ट्से. उनके करियर का आखिरी टेस्ट 1987-88 में वेस्टइंडीज के खिलाफ रहा. इसके अगले साल उन्होंने क्रिकेट से संन्यास ले लिया.

लाला अमरनाथ के बेटे, लेकिन अपनी अलग पहचान बनाई

मोहिंदर अमरनाथ का जन्म 24 सितंबर 1950 को पटियाला, पंजाब में हुआ था. वह हिंदुस्तान के पहले टेस्ट कप्तान लाला अमरनाथ के बेटे हैं. क्रिकेट उनके परिवार का हिस्सा था और उनके भाई सुरिंदर अमरनाथ और राजिंदर अमरनाथ भी प्रथम श्रेणी क्रिकेट स्पोर्ट्स चुके हैं. लेकिन मोहिंदर ने अपने पिता की पहचान के साए में रहने के बजाय हिंदुस्तानीय क्रिकेट में अपनी अलग जगह बनाई. उन्हें प्यार से ‘जिमी’ कहा जाता था.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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