Hot News

बंगाल चुनाव: फाल्टा में अभेद्य सुरक्षा के बीच पुनर्मतदान, आयोग ने दोगुनी की निगरानी

मुख्य बातें

Bengal Re-polling: कोलकाता. दक्षिण 24 परगना के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान को लेकर निर्वाचन आयोग ने इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है. तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान उर्फ ‘पुष्पा’ की ओर से चुनावी मैदान से दूर रहने की घोषणा के बावजूद मतदान पूरी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होगा और ईवीएम पर उनका नाम तथा चुनाव चिह्न भी मौजूद रहेगा. भाजपा की ओर से मैदान में देबांग्शु पांडा हैं.

पारदर्शी और सख्त निगरानी की व्यवस्था

चुनाव आयोग ने साफ संकेत दिया है कि 29 अप्रैल को हुए कथित ईवीएम छेड़छाड़, वेबकैम फुटेज में हस्तक्षेप और बूथों पर अनियमितताओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इस बार सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लगभग दोगुनी कर दी गयी है. निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार फाल्टा में मतदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सख्त निगरानी के बीच होगी . आयोग किसी भी तरह की गड़बड़ी, दबाव, बूथ कब्जा या तकनीकी छेड़छाड़ की संभावना को पूरी तरह खत्म करना चाहता है.

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 35 कंपनियों की तैनाती

फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में कुल 285 मतदान केंद्र हैं. शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 35 कंपनियों की तैनाती रहेगी. पिछली बार जहां प्रत्येक बूथ पर चार केंद्रीय जवान तैनात थे, वहीं इस बार हर बूथ पर आठ जवान मौजूद रहेंगे. इसके अलावा किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल निबटने के लिए 30 क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) भी गठित की गयी हैं, जो संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त करेंगी.

रीयल टाइम नजर रखी जायेगी

निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के मुताबिक इस बार फाल्टा में चुनाव सिर्फ मतदान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर गतिविधि पर रीयल टाइम नजर रखी जायेगी. प्रत्येक मतदान केंद्र के भीतर दो वेब कैमरे और बाहर एक अतिरिक्त कैमरा लगाया जा रहा है. बूथ के भीतर की मतदान प्रक्रिया से लेकर बाहर की गतिविधियों तक की लाइव वेबकास्टिंग सीधे जिला निर्वाचन अधिकारी और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय तक पहुंचेगी. आयोग ड्रोन से हवाई निगरानी की भी तैयारी कर रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की भीड़, बाहरी जमावड़े या संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके.

शिकायत सही पाये जाने के बाद रद्द हुआ था मतदान

29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान कई बूथों से ईवीएम पर इत्र छिड़कने, स्याही लगाने और सेलोटेप चिपकाने जैसी शिकायतें सामने आयी थीं. कई बूथों पर वेब कैमरों की फुटेज से छेड़छाड़ की कोशिश के आरोप भी लगे थे. तत्कालीन विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने स्वयं फाल्टा पहुंचकर जांच की थी. कम से कम 60 बूथों पर गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले थे. इसके बाद चुनाव आयोग ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान का आदेश दिया था.

अंतिम समय में मैदान से हटा तृणमूल उम्मीदवार

तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान ने प्रचार के अंतिम दिन अचानक चुनावी मैदान से खुद को अलग करने की घोषणा कर दी. हालांकि हिंदुस्तानीय चुनाव कानून के तहत नाम वापसी की निर्धारित समय सीमा समाप्त हो चुकी है. ऐसे में कानूनी और संवैधानिक रूप से जहांगीर अभी भी उम्मीदवार बने हुए हैं. ईवीएम में उनका नाम और तृणमूल का चुनाव चिह्न रहेगा और मतदाता चाहें तो उन्हें वोट भी दे सकेंगे. नेतृत्वक हलकों में इसे चुनावी रणनीति और संभावित हार से बचने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

100 प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने का आह्वान

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को फाल्टा में रोड शो के दौरान जहांगीर पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि खुद को ‘पुष्पा’ बताने वाले नेता आखिरकार झुक गये. शुभेंदु ने दावा किया कि जहांगीर को बूथ एजेंट तक नहीं मिल रहे थे और जनता का रुख देखकर उन्होंने मैदान छोड़ने का फैसला किया. हालांकि उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को आत्मतुष्टि से बचने की सलाह देते हुए 100 प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने का आह्वान भी किया.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

तृणमूल नेतृत्व की उदासीनता दिखी

दूसरी ओर तृणमूल ने जहांगीर के फैसले को उनका निजी निर्णय बताया है. पार्टी नेताओं का कहना है कि संगठन की ओर से ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया. हालांकि नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार फालता में तृणमूल का शीर्ष नेतृत्व भी जहांगीर से दूरी बनाये हुए दिखा. पहले जहां अभिषेक बनर्जी यहां सक्रिय प्रचार करते थे, वहीं पुनर्मतदान से पहले पार्टी का कोई बड़ा चेहरा मैदान में नजर नहीं आया.

तृणमूल के कई कार्यकर्ता गिरफ्तार

फालता में मतदान से पहले राज्य पुलिस ने भी कार्रवाई तेज कर दी है. कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें फाल्टा पंचायत समिति के उपाध्यक्ष सईदुल खान का नाम भी शामिल है. पुलिस और केंद्रीय बल लगातार इलाके में फ्लैग मार्च कर रहे हैं. संवेदनशील बूथों की अलग से पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किये गये हैं.

Also Read: बंगाल उपचुनाव: बेबस पुष्पा यूं ही नहीं झुका, फाल्टा के मोर्चे पर अकेले खड़े थे जहांगीर

The post बंगाल चुनाव: फाल्टा में अभेद्य सुरक्षा के बीच पुनर्मतदान, आयोग ने दोगुनी की निगरानी appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top