Rabri Awas: ‘यह किसी की बपौती नहीं हो सकती है. यह राजतंत्र थोड़े है कि आपको जो घर मिला, उसी घर में रहेंगे. बेटा को अलग घर चाहिए और माताजी को अलग चाहिए और जनता को छोड़ दीजिए.’ यह बात मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शेखपुरा में लोगों को संबोधित करते हुए कहा. बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने प्रशासनी बंगला खाली करने से मना कर दिया था. साथ ही उन्होंने प्रशासन को चैलेंज भी किया था कि फोर्स बुलवाकर आवास खाली करवा लें.
सीएम सम्राट चौधरी ने और क्या कहा?
शेखपुरा में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने यह भी कहा, कुछ लोगों को चिंता लगी रहती है कि हमारा घर बचा रहे. लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि पिछले 10 वर्षों (2016 से 2026) में कई बार मंत्री बना, उपमुख्यमंत्री बना और गृह मंत्री भी बना, लेकिन मैं प्रशासनी घर में नहीं रहता था. मात्र 2400 एस्क्वायर फीट के अपने घर में रहता था. लेकिन आज नीतीश कुमार और पीएम मोदी ने मुझे बिहार की सेवा करने का मौका दिया है.
नीतीश कुमार को लेकर क्या बोले?
अपने भाषण के दौरान सम्राट चौधरी ने यह भी कहा, नीतीश कुमार को कोई नोटिस नहीं मिला था. लेकिन उनका धन्यवाद करते हैं कि मैंने 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और 1 मई को नीतीश कुमार ने प्रशासनी घर खाली कर दिया और नए घर में चले गए. लोग उनको देखना चाहते हैं जो लोकतंत्र में जनता के सेवक होते हैं.
राबड़ी देवी के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने राबड़ी आवास खाली नहीं करने पर कहा था, नीतीश कुमार पूर्व मुख्यमंत्री हैं. पहले उनको आवास खाली करना चाहिए. उनको 15 दिन का नोटिस भेजा जाना चाहिए. जब नीतीश कुमार आवास खाली कर देंगे तो राबड़ी देवी भी कर देंगी.
सीएम हाउस का नाम लोक सेवक आवास करने पर भी बोले
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, जब मैं मुख्यमंत्री आवास में शिफ्ट किया तो मैंने कहा कि यह मुख्यमंत्री का आवास जरूर है लेकिन आप ये बाहर में लिखवा दीजिए कि ये लोक सेवक आवास आवास है. आज मैं जिस घर में हूं यह मेरा 11वां घर है. लेकिन कुछ लोगों को मोह है. इस तरह से सीएम सम्राट चौधरी ने इशारे-इशारे में विपक्ष पर निशाना साधा.
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