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May 5, 2026

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ऑटो बाजार ने तोड़ा रिकॉर्ड: अप्रैल में 26 लाख से ज्यादा वाहनों की बिक्री, हर सेगमेंट में जबरदस्त उछाल

देश का ऑटो सेक्टर नए वित्त वर्ष की शुरुआत में ही दमदार रफ्तार पकड़ चुका है. अप्रैल महीने में वाहन बिक्री ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसने उद्योग की मजबूती का साफ संकेत दे दिया है. बढ़ती मांग, ग्रामीण इलाकों में बेहतर नकदी प्रवाह और अनुकूल आर्थिक माहौल के चलते कार से लेकर दोपहिया तक हर सेगमेंट में ग्राहकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है. यही वजह है कि कुल खुदरा बिक्री 26 लाख के पार पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है. कुल बिक्री में जोरदार उछाल, बाजार में लौटी रफ्तार ऑटो डीलर्स के संगठन फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स के मुताबिक, अप्रैल में देशभर में कुल 26,11,317 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई. यह पिछले साल के मुकाबले करीब 13% की मजबूत बढ़त है.यह आंकड़ा दिखाता है कि बाजार में मांग सिर्फ बनी नहीं हुई है, बल्कि लगातार मजबूत हो रही है. नए वित्त वर्ष की शुरुआत इतनी सकारात्मक रहने से आने वाले महीनों के लिए भी उम्मीदें बढ़ गई हैं. दोपहिया और पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट ने दिखाई ताकत सबसे ज्यादा योगदान दोपहिया वाहनों का रहा, जहां बिक्री करीब 19 लाख के पार पहुंच गई. यह अब तक का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है.वहीं, पैसेंजर व्हीकल यानी कार सेगमेंट भी पीछे नहीं रहा. इस श्रेणी में बिक्री 4 लाख से ज्यादा रही, जो पिछले साल की तुलना में अच्छी खासी बढ़त दिखाती है.ग्रामीण बाजार में सुधार और आसान फाइनेंसिंग विकल्पों ने इन दोनों सेगमेंट को खास मजबूती दी है. कमर्शियल और थ्री-व्हीलर सेगमेंट भी मजबूत कमर्शियल वाहनों की मांग में भी तेज उछाल देखने को मिला है. अप्रैल में इस सेगमेंट की बिक्री करीब 15% बढ़ी, जो यह संकेत देता है कि बिजनेस एक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में तेजी बनी हुई है.थ्री-व्हीलर सेगमेंट में भी स्थिर वृद्धि दर्ज की गई है, जो छोटे व्यापार और शहरी परिवहन की मजबूती को दर्शाती है. किन कारणों से बढ़ी मांग? ऑटो बाजार की इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं. बेहतर रबी फसल के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कैश फ्लो बढ़ा है, जिससे खरीदारी में तेजी आई है.इसके अलावा, ब्याज दरों में नरमी और टैक्स से जुड़े राहत के कदमों ने भी ग्राहकों को वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया है.यानी आर्थिक माहौल फिलहाल ऑटो इंडस्ट्री के पक्ष में नजर आ रहा है. आगे क्या रहेगा ट्रेंड? ये जोखिम भी अहम आने वाले तीन महीनों के लिए डीलर्स का रुख सकारात्मक है. आधे से ज्यादा डीलर्स को उम्मीद है कि बिक्री में और वृद्धि हो सकती है.हालांकि, कुछ चुनौतियां भी सामने हैं. मौसम विभाग की ओर से ज्यादा गर्मी की चेतावनी, वैश्विक भू-नेतृत्वक तनाव और ईंधन कीमतों में संभावित उतार-चढ़ाव बाजार की रफ्तार को प्रभावित कर सकते हैं.इसके अलावा, कुछ मॉडलों की सप्लाई में बाधा भी बिक्री पर असर डाल सकती है. ऑटो सेक्टर की मजबूत शुरुआत, लेकिन सतर्कता जरूरी कुल मिलाकर, अप्रैल के आंकड़े यह बताते हैं कि ऑटो इंडस्ट्री मजबूत स्थिति में है और मांग बनी हुई है. लेकिन आने वाले महीनों में स्थिर ग्रोथ बनाए रखने के लिए बाजार को बाहरी चुनौतियों पर भी नजर रखनी होगी. यह भी पढ़ें: Maruti-Hyundai ने बनाए रिकॉर्ड, अप्रैल 2026 में 27% बढ़ी गाड़ियों की सेल The post ऑटो बाजार ने तोड़ा रिकॉर्ड: अप्रैल में 26 लाख से ज्यादा वाहनों की बिक्री, हर सेगमेंट में जबरदस्त उछाल appeared first on Naya Vichar.

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शरीर में दिख रहे ये 5 संकेत तो समझ लें बढ़ गया है कोलेस्ट्रॉल, तुरंत हो जाएं सावधान

High Cholesterol Symptoms: आज की बिजी लाइफस्टाइल में हमारे पास खुद के लिए इतना भी समय नहीं है कि हम अपनी डाइट और फिजिकल हेल्थ का सही से ख्याल रख सकें. गलत डाइट लेने और ना के बराबर फिजिकल एक्टिविटी की वजह से हाई कोलेस्ट्रॉल एक कॉमन प्रॉब्लम बनती जा रही है. यह वह कंडीशन है जिसमें इंसान के शरीर में फैट की मात्रा हद से ज्याद बढ़ जाती है और यही धीरे-धीरे हमारे नसों में इकठ्ठा होने लग जाती है. जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ने लगता है तो इसके शुरूआती लक्षण साफ-साफ हमें नजर नहीं आते हैं. यह एक बड़ी वजह है कि लोग अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर देने की गलती कर बैठते हैं. अगर आप अपनी सेहत का सही से ख्याल रखना चाहते हैं तो आपको इस आर्टिकल को पूरा पढ़ना चाहिए. आज हम आपको कुछ ऐसे लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके शरीर में उस समय दिखने लगते हैं जब आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है. तो चलिए इन लक्षणों के बारे में विस्तार से जानते हैं. बार-बार थकान और कमजोरी महसूस होना अगर आप हर दिन के कामों को करते हुए भी काफी जल्दी थकान महसूस कर रहे हैं या फिर आपके शरीर में हमेशा ही सुस्ती और भारीपन का एहसास हो रहा है, तो आपको इन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ये सभी हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण भी हो सकते हैं. जब आपकी नसों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है तो शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन और न्यूट्रिएंट्स सही मात्रा में पहुंच नहीं पाते हैं. जब ऐसा होता है तो इसका सीधा असर आपके एनर्जी लेवल्स पर पड़ने लगता है और बिना ज्यादा मेहनत किये भी थका हुआ और सुस्त महसूस करने लग जाते हैं. ये भी पढ़ें: हीमोग्लोबिन की कमी से छुटकारा पाने में मदद करेंगे ये फूड आइटम्स, डाइट में करें शामिल और खुद देखें फर्क सीने में दर्द या दबाव महसूस होना अगर आपके सीने में हमेशा ही हल्का सा दर्द रहता है, जलन होती है या फिर एक भारीपन रहता है, तो ये भी हाई कोलेस्ट्रॉल के संकेत हो सकते हैं. ऐसा उस समय होता है जब दिल की धमनियों में ब्लॉकेज बनना शुरू हो जाता है और खून का बहाव कम हो जाता है. कई बार हम इसे गैस, एसिडिटी या फिर नॉर्मल दर्द समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यह दिल की बीमारियों के शुरूआती लक्षण भी हो सकते हैं. अगर आपको बार-बार सीने में ऐसा दर्द महसूस हो रहा है तो आपको बिना देर किये डॉक्टर से अपनी जांच करवानी चाहिए. पैरों में दर्द या सुन्न महसूस होना अगर लंबे समय तक एक ही जगह पर खड़े रहने की वजह से आपको चलने में दिक्कत, पैरों में दर्द, झनझनाहट या फिर पैरों का सुन्न पड़ जाने जैसी प्रॉब्लम्स हो रही है, तो आपको कभी भी इन्हें हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए. अक्सर हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से भी पैरों के नसों में ब्लॉकेज की प्रॉब्लम हो सकती है, जिस वजह से ब्लड सर्कुलेशन अफेक्ट हो जाता है. कई लोगों की रात के समय पैरों में ऐंठन या फिर भारीपन की शिकायत भी हो सकती है. ये भी पढ़ें: क्या आप भी इन लक्षणों को कर रहे हैं नजरअंदाज? ये हो सकते हैं फैटी लिवर के शुरुआती संकेत स्किन पर पीले धब्बे या गांठें जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है तो ऐसे में कुछ लोग आंखों के आसपास, कोहनी या घुटनों पर छोटे-छोटे पीले रंग के उभरे हुए धब्बों की शिकायत करते हैं. इन सभी की शरीर में जमे एक्स्ट्रा कोलेस्ट्रॉल का संकेत भी माना जाता है. शरीर में दिखने वाली ये गांठें दर्द नहीं देती हैं जिस वजह से अक्सर हम इन्हें नजरअंदाज करने की गलती कर देते हैं. लेकिन यह एक क्लियर संकेत है कि आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ रही है. सांस लेने में दिक्कत अगर थोड़ा सा काम करने से ही या फिर कुछ ही सीढ़ियां चढ़ने के बाद ही आपकी सांसें फूलने लगे, तो यह इस बात की तरफ इशारा करता है कि आपके दिल और फेंफड़ों तक ब्लड का फ्लो सही तरीके से नहीं हो रहा है. हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से नसें सिकुड़ जाती हैं और इस वजह से भी आपके शरीर को सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है. बीतते हुए समय के साथ यह प्रॉब्लम और भी ज्यादा बढ़ सकती है. ये भी पढ़ें: यूरिक एसिड को बढ़ने से रोकना है तो आज ही छोड़ दें ये 5 आदतें, जानें बचाव के आसान तरीके The post शरीर में दिख रहे ये 5 संकेत तो समझ लें बढ़ गया है कोलेस्ट्रॉल, तुरंत हो जाएं सावधान appeared first on Naya Vichar.

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केजरीवाल का दावा पंजाब चुनाव के बाद मोदी सरकार गिर जाएगी, लोकतंत्र की हत्या का लगाया आरोप

Arvind Kejriwal: अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि उनकी पार्टी पंजाब में बीजेपी के विजय रथ को रोक देगी. पंजाब सहित 7 राज्यों में 2027 में विधानसभा चुनाव होना है. बीजेपी ने लोकतंत्र की हत्या कर दी: केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने लोकतंत्र को अगवा कर उसकी हत्या कर दी है. उन्होंने चुनाव में हेरफेर का आरोप लगाते हुए कहा, बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में वही किया जो उसने नयी दिल्ली में मेरे विधानसभा क्षेत्र में वोट काटकर किया. आज लोकतंत्र खतरे में है. 2014 में नरेंद्र मोदी के पक्ष में लहर थी और बीजेपी लगातार चुनाव जीतते रहे. फरवरी 2015 में दिल्ली में उन्हें सिर्फ तीन सीट मिलीं. अगर वे पंजाब में सत्ता में आए, तो राज्य को बर्बाद कर देंगे. #WATCH | Delhi | AAP National Convenor Arvind Kejriwal says, “The seven people who have left the AAP. The BJP has committed the theft. These six Rajya Sabha seats belonged to the people of Punjab. The BJP has robbed them. We will take revenge for this in February next year”… pic.twitter.com/CHzsr3YITV — ANI (@ANI) May 5, 2026 केजरीवाल का दावा- पंजाब चुनाव के बाद मोदी प्रशासन गिर जाएगी अरविंद केजरीवाल ने कहा- पंजाब विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री मोदी के लिए आखिरी चुनाव होंगे; पंजाब के बाद मोदी प्रशासन गिर जाएगी. केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब में आप प्रशासन के पक्ष में सत्ता समर्थक लहर है और हर गांव प्रशासन की ओर से किए गए कार्यों को मान्यता देता है. आप छोड़ बीजेपी में शामिल 7 राज्यसभा सांसदों पर क्या बोले केजरीवाल? हाल में आप छोड़ भाजपा में शामिल होने वाले सात राज्यसभा सदस्यों का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा कि ये सीट पंजाबियों की थीं. उन्होंने कहा, बीजेपी ने पंजाब से ये सीट छीन ली हैं और अब हम सभी को उन्हें रोकने के लिए काम करना होगा. पंजाब ने ऐतिहासिक रूप से विदेशी आक्रमण को रोका, लेकिन इस बार दुश्मन भीतर ही है; पंजाबियों को ही उन्हें रोकना होगा. केजरीवाल के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कपूरथला हाउस में जुटे राज्य के विधायकों को संबोधित किया. ये भी पढ़ें: चुनावी मोड में बीजेपी: 7 राज्यों के लिए कसी कमर, यूपी और पंजाब पर विशेष फोकस The post केजरीवाल का दावा पंजाब चुनाव के बाद मोदी प्रशासन गिर जाएगी, लोकतंत्र की हत्या का लगाया आरोप appeared first on Naya Vichar.

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चिराग पासवान ने बताया कैसा होगा बिहार कैबिनेट का फार्मूला, 7 मई को शपथ लेंगे नए मंत्री, कई चेहरे बदलेंगे

Bihar Cabinet Expansion: बिहार की नेतृत्व में 7 मई बेहद अहम दिन माना जा रहा है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपनी प्रशासन का पहला बड़ा कैबिनेट विस्तार करने जा रहे हैं. पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी तेज हो गई है. कार्यक्रम को लेकर जोरदार तैयारी चल रही है. चिराग पासवान ने दिया बड़ा संकेत केंद्रीय मंत्री और एलजेपी (रा) प्रमुख चिराग पासवान ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर साफ कहा है कि पिछली प्रशासन का फॉर्मूला ही इस बार भी लगभग बरकरार रह सकता है. उन्होंने कहा कि पुराने संतुलन में बदलाव की फिलहाल कोई बड़ी वजह नजर नहीं आती. यानी पिछली बार जिस तरह सहयोगी दलों के बीच मंत्री पदों का बंटवारा हुआ था, उसी आधार पर इस बार भी विस्तार होने की संभावना ज्यादा है. भाजपा-जदयू कोटे के बचे पद हो सकते हैं पूरे चिराग पासवान ने संकेत दिया कि पिछली प्रशासन में भाजपा और जदयू कोटे से कुछ पद खाली रह गए थे. इन्हें अब भरा जा सकता है. माना जा रहा है कि इस बार दोनों बड़े दल अपने कोटे से ज्यादा मंत्री बना सकते हैं. पिछले मंत्रिमंडल में भाजपा के पास दो उपमुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री थे. जदयू के खाते में मुख्यमंत्री सहित 9 मंत्री शामिल थे. वहीं एलजेपी (रा) को 2 मंत्री पद मिले थे. हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को एक-एक मंत्री पद मिला था. अब माना जा रहा है कि इसी संतुलन को आधार बनाकर नई टीम तैयार होगी. नए चेहरों को मिल सकता है मौका सूत्रों के मुताबिक इस बार कई पुराने चेहरों की जगह नए नेताओं को मौका दिया जा सकता है. जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ संगठन में सक्रिय नेताओं को भी प्राथमिकता मिल सकती है. इससे नई प्रशासन में ताजगी और नेतृत्वक संदेश दोनों देने की कोशिश होगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें कौन-कौन होंगे शामिल सम्राट कैबिनेट विस्तार समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा समेत बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे. इसके अलावा पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के कई बड़े पदाधिकारियों और एनडीए के प्रमुख नेताओं के भी शामिल होने की संभावना है. कार्यक्रम को लेकर एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक विशेष सजावट, झंडे-बैनर और स्वागत की तैयारी की जा रही है. इसे भी पढ़ें: चपारण से गया तक मौसम ने मचाई तबाही, भीषण तूफान ने बिहार में ली 20 की जान, अलर्ट जारी विक्रमशिला सेतु पर आवाजाही बंद, सीएम ने रक्षा मंत्री से की खास बातचीत, जानें क्या है नया प्लान The post चिराग पासवान ने बताया कैसा होगा बिहार कैबिनेट का फार्मूला, 7 मई को शपथ लेंगे नए मंत्री, कई चेहरे बदलेंगे appeared first on Naya Vichar.

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Uber का बड़ा प्लान: अब ड्राइवरों की कारें बनेंगी डेटा मशीन, सेल्फ-ड्राइविंग AI को मिलेगी नई रफ्तार

राइड-हेलिंग कंपनी Uber आने वाले समय में अपने प्लैटफॉर्म को सिर्फ कैब बुकिंग तक सीमित नहीं रखना चाहती. कंपनी अब एक ऐसे मॉडल पर काम कर रही है, जहां उसके ड्राइवरों की गाड़ियां सड़कों पर चलते-फिरते डेटा कलेक्टर बन जाएंगी. यह डेटा सेल्फ-ड्राइविंग कार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम तैयार करने वाली कंपनियों के लिए बेहद कीमती साबित हो सकता है. इस रणनीति के पीछे मकसद है- रियल वर्ल्ड ड्राइविंग डेटा का विशाल नेटवर्क तैयार करना, जो भविष्य की ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी को तेजी से आगे बढ़ा सके. ड्राइवर नेटवर्क बनेगा डेटा इंजन Uber के पास दुनिया भर में लाखों ड्राइवर जुड़े हुए हैं. कंपनी का मानना है कि अगर इनमें से थोड़े से वाहनों में भी सेंसर-आधारित सिस्टम लगा दिया जाए, तो यह दुनिया के सबसे बड़े ड्राइविंग डेटा नेटवर्क में बदल सकता है. अभी कंपनी का AV (Autonomous Vehicle) लैब प्रोग्राम सीमित संख्या में खास सेंसर से लैस कारों पर निर्भर है. लेकिन भविष्य की योजना इससे कहीं आगे की है- जहां आम ड्राइवर भी इस इकोसिस्टम का हिस्सा बनेंगे. सेल्फ-ड्राइविंग कंपनियों के लिए बड़ा मौका सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी की दुनिया में सबसे बड़ी चुनौती अब सिर्फ तकनीक बनाना नहीं, बल्कि उसे ट्रेन करने के लिए सही और पर्याप्त डेटा जुटाना है. उदाहरण के तौर पर, किसी स्कूल के पास ट्रैफिक पैटर्न या भीड़भाड़ वाले चौराहों का डेटा जुटाना आसान नहीं होता. इसके लिए बड़े फ्लीट और भारी निवेश की जरूरत होती है. Uber इसी समस्या को अवसर में बदलना चाहता है. कंपनी पहले से ही करीब 25 ऑटोनॉमस व्हीकल कंपनियों के साथ साझेदारी कर चुकी है, जिनमें Wayve जैसी कंपनियां शामिल हैं. AV क्लाउड और शैडो मोड क्या है? Uber एक AV क्लाउड तैयार कर रहा है, जो सेंसर से मिले डेटा का बड़ा डेटाबेस होगा. यह डेटा पार्टनर कंपनियों को उनके AI मॉडल ट्रेन करने में मदद करेगा. इसके साथ ही कंपनी शैडो मोड पर भी काम कर रही है. इसमें AI मॉडल असली राइड के दौरान वर्चुअली चलता है, लेकिन कार को कंट्रोल नहीं करता. इससे कंपनियों को बिना जोखिम के अपने सिस्टम की परफॉर्मेंस समझने का मौका मिलता है. प्राइवेसी और नियमों की बड़ी चुनौती इतना बड़ा डेटा नेटवर्क बनाना आसान नहीं है. इसमें सबसे बड़ी चुनौती प्राइवेसी और डेटा शेयरिंग से जुड़े नियम होंगे. कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि यात्रियों और ड्राइवरों की निजी जानकारी सुरक्षित रहे. साथ ही, अलग-अलग देशों के नियमों के अनुसार डेटा का इस्तेमाल करना भी जरूरी होगा. AI से Uber के अंदर भी बड़ा बदलाव Uber सिर्फ बाहर की कंपनियों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने अंदर भी AI का तेजी से इस्तेमाल कर रहा है. कंपनी के इंजीनियर अब बड़े पैमाने पर AI टूल्स का उपयोग कर रहे हैं. हालात ऐसे हैं कि हर हफ्ते हजारों कोड बदलाव सीधे AI के जरिए हो रहे हैं. करीब 70% तक कोड अब AI-सहायता से तैयार हो रहा है, जो कुछ महीनों पहले तक बेहद कम था. इसे कंपनी एजेंटिक सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का नाम दे रही है, जहां AI खुद फैसले लेकर काम करता है. फ्यूचर स्ट्रैटेजी: डेटा ही बनेगा असली ताकत Uber का यह कदम साफ दिखाता है कि आने वाले समय में डेटा सबसे बड़ा हथियार बनने वाला है. जो कंपनी जितना ज्यादा और बेहतर डेटा जुटा पाएगी, वही AI और सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी की रेस में आगे रहेगी. Uber खुद को इसी रेस में एक बड़े डेटा प्लेयर के रूप में स्थापित करना चाहता है. यह भी पढ़ें: 2027 से यूके में मिलेंगी ड्राइवरलेस टैक्सियां, बड़ा सवाल- क्या ये इंसानी ड्राइवरों से ज्यादा सुरक्षित हैं? The post Uber का बड़ा प्लान: अब ड्राइवरों की कारें बनेंगी डेटा मशीन, सेल्फ-ड्राइविंग AI को मिलेगी नई रफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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SBI की ‘हर घर लखपति’ स्कीम: मात्र ₹610 बचाकर भी बन सकते हैं लखपति; जानें पूरी प्लानिंग

SBI Lakhpati Scheme : खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के कारण म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है. ऐसे समय में SBI की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) योजना ‘हर घर लखपति’ सुरक्षा और गारंटीड रिटर्न का भरोसा देती है. क्या है ‘हर घर लखपति’ स्कीम? यह एक आरडी (RD) स्कीम है, जिसे आप एक डिजिटल गुल्लक की तरह समझ सकते हैं. इसमें आपको हर महीने एक निश्चित राशि जमा करनी होती है. स्कीम की अवधि पूरी होने पर आपको मूलधन और ब्याज के साथ एक बड़ी रकम मिलती है. ब्याज दरें: किसे कितना मिलेगा फायदा? SBI इस स्कीम के तहत सामान्य बचत खातों की तुलना में बेहतर ब्याज दे रहा है. सामान्य नागरिक: अधिकतम 6.55% सालाना ब्याज. वरिष्ठ नागरिक: अधिकतम 7.05% सालाना ब्याज. लखपति बनने का कैलकुलेशन (Investment Plan) अगर आप ₹1 लाख का फंड तैयार करना चाहते हैं, तो अवधि के हिसाब से आपकी मासिक किस्त (EMI) इस प्रकार होगी. निवेश की अवधि सामान्य नागरिक (हर महीने) वरिष्ठ नागरिक (हर महीने) 3 साल ₹2,510 ₹2,500 5 साल ₹1,420 ₹1,410 10 साल ₹610 ₹600 स्कीम की मुख्य विशेषताएं सुरक्षित निवेश: बाजार के उतार-चढ़ाव का इस पर कोई असर नहीं पड़ता. लचीलापन: निवेश की अवधि 3 साल से 10 साल तक चुनी जा सकती है. जॉइंट अकाउंट: आप अकेले या परिवार के किसी सदस्य के साथ मिलकर खाता खोल सकते हैं. बच्चों के लिए: 10 साल से कम उम्र के बच्चों के नाम पर अभिभावक खाता खोल सकते हैं. क्यों चुनें यह स्कीम ? जब भू-नेतृत्वक तनाव (जैसे ईरान-इजरायल संकट) के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हों और रुपया कमजोर हो रहा हो, तो फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स जैसे RD सबसे सुरक्षित माने जाते हैं. इसमें आपका मूलधन (Principal) पूरी तरह सुरक्षित रहता है. Also Read : कीमतों में आई गिरावट; सोना ₹1.47 लाख और चांदी ₹2.39 लाख पर फिसली, खरीदारी से पहले चेक करें ये लिस्ट The post SBI की ‘हर घर लखपति’ स्कीम: मात्र ₹610 बचाकर भी बन सकते हैं लखपति; जानें पूरी प्लानिंग appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में शाह और असम में नड्डा तय करेंगे मुख्यमंत्री का नाम, सेंट्रल ऑब्जर्वर नियुक्त

Mission Chief Minister: बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में विधायक दल का नेता चुनने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक नामित किया है, जबकि असम में विधायक दल के नेता को चुनने के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. अमित शाह की टीम में कौन-कौन शामिल पश्चिम बंगाल में विधायक दल का नेता चुनने की जिम्मेदारी अमित शाह को दी गई है. उनकी टीम में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को शामिल किया गया है. माझी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. Union Home Minister Amit Shah has been appointed as the Central Observer for the election of the Leader of the Party’s Legislative Party in West Bengal. Chief Minister of Odisha Mohan Charan Majhi has been appointed as the Central Co-Observer. pic.twitter.com/Nawdz9lSX5 — ANI (@ANI) May 5, 2026 जेपी नड्डा की टीम में कौन-कौन शामिल? केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को असम में पार्टी के विधायी दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. उनकी टीम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को शामिल किया गया है. उन्हें पार्टी ने केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. बंगाल में बीजेपी को प्रचंड जीत पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी को प्रचंड जीत मिली है. पार्टी ने 207 सीटों पर कब्जा जमा लिया है. पहली बार बंगाल में बीजेपी की प्रशासन बनने वाली है. सत्तारूढ़ टीएमसी को करारी हार का सामना करना पड़ा और उसे 81 सीटों से संतोष करना पड़ा, जबकि कांग्रेस को केवल दो सीटें मिली हैं. असम में बीजेपी को बहुमत असम में बीजेपी को धमाकेदार जीत मिली है. बीजेपी नीत एनडीए (NDA) गठबंधन ने 102 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस गठबंधन महज 21 सीटों पर सिमट गया. बीजेपी गठबंधन को पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार अधिक सीटें मिली हैं (2021 में गठबंधन को 76 सीटें मिली थीं). इस बार असम में बीजेपी ने अकेले के दम पर 82 सीटें जीती हैं, जबकि कांग्रेस को केवल 19 सीटें ही मिल सकीं. ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में शपथ ग्रहण 9 को, मुख्यमंत्री का नाम तय करने कोलकाता आ रहे हैं अमित शाह और राजनाथ सिंह The post बंगाल में शाह और असम में नड्डा तय करेंगे मुख्यमंत्री का नाम, सेंट्रल ऑब्जर्वर नियुक्त appeared first on Naya Vichar.

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एक परिवार के 3 लोग अलग-अलग पार्टियों से लड़े चुनाव, तीनों जीते, लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन का करिश्मा

Lottery King Family Won Election: नेतृत्व का लक्ष्य सत्ता की चाह ही होती है. हिंदुस्तान में तो नेतृत्वक परिवार हैं. पीढ़ियों से संसद और विधान सभा उनका ठिकाना रहा है. इन पॉलिटिकल फैमिलीज का जुड़ाव आमतौर पर एक ही पार्टी से होता है. लेकिन तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 में एक ही परिवार अलग-अलग नेतृत्वक दलों से जीत हासिल करके सबका ध्यान खींच रहा है. यह फैमिली है लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन का. उनके परिवार के तीन सदस्यों अलग-अलग पार्टियों से चुनाव लड़कर जीते हैं. घर में पहली एमएलए मार्टिन की पत्नी मार्टिन परिवार में पहली जीत सैंटियागो की पत्नी लीमारोज मार्टिन ने हासिल की. उन्होंने लालगुड़ी सीट से एआईएडीएमके के टिकट पर चुनाव लड़ा. उन्होंने टीवीके के उम्मीदवार कु पा कृष्णन को करीब 2,700 वोटों से हराया. यह सीट लंबे समय से डीएमके का गढ़ मानी जाती थी, लेकिन दो दशक बाद एआईडीएमके ने यहां जीत दर्ज की. डीएमके उम्मीदवार टी. परिवल्लाल भी मुकाबले में पिछड़ गए. लीमारोज मार्टिन पहले इंडिया जननायका कच्ची पार्टी में थीं, लेकिन चुनाव से पहले 14 साल बाद पार्टी बदलकर एआईएडीएमके में शामिल हुईं. अब उन्हें स्त्री विंग की जॉइंट सेक्रेटरी भी बनाया गया है. ये भी पढ़ें:- 6 ठवीं पास लीमारोज की संपत्ति जानकर उड़ जाएंगे होश, तमिलनाडु चुनाव की सबसे अमीर कैंडिडेट दामाद टीवीके पार्टी से बने विधायक सैंटियागो की फैमिली में दूसरी जीत आधव अर्जुन रेड्डी की हुई है. वह सैंटियागो मार्टिन की बेटी डेजी मार्टिन के पति हैं. यानी सैंटियागो के दामाद अर्जुन ने विल्लीवक्कम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा. उन्होंने डीएमके के कार्तिक मोहन को 17,302 वोटों से हराकर जीत दर्ज की. यह सीट पिछले दो चुनावों में डीएमके के पास थी. अर्जुन अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कज़गम के भरोसेमंद नेताओं में से एक हैं. उन्होंने पार्टी के चुनाव अभियान में महासचिव की भूमिका भी निभाई. ये भी पढ़ें:- पश्चिम बंगाल ने ममता बनर्जी को दिल से निकाला… जन्म-कर्म भूमि भवानीपुर में कैसे हार गईं दीदी? पुडुचेरी में बेटे ने पार्टी बनाई और बने विधायक मार्टिन की फैमिली में तीसरे विधायक उनके बेटे जोस चार्ल्स मार्टिन बने हैं. उन्होंने पुदुचेरी में अपनी पार्टी लतचिया जननायक कच्छी के टिकट पर कामराज नगर सीट से चुनाव लड़ा. उन्होंने 10 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की. उन्होंने कांग्रेस के पी.के. देवदास और टीवीके के सुमन को हराया.  एक इंटरव्यू में जोस चार्ल्स मार्टिन ने बताया था कि वह पहले बीजेपी से जुड़े थे, लेकिन सीट बंटवारे में देरी के चलते उन्होंने पार्टी छोड़ दी. उन्होंने फरवरी 2026 में ही अपनी पार्टी बनाई और जीत भी गए. हालांकि, पेशे से एंटरप्रेन्योर जोस उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के विजन और मेक इन इंडिया कार्यक्रम की सराहना की. ये भी पढ़ें:- विधायक बनीं दूसरे के घर झाड़ू-पोछा-बर्तन करने वाली कलिता माझी, BJP ने बंगाल में किया गजब परिवर्तन    सैंटियागो मार्टिन कौन हैं? इनकी पहचान बहुत खास है. आप बस 2 साल पीछे चलें. मार्च 2024 का महीना चढ़ चुका था और लोकसभा चुनाव होने ही वाला था. तभी विपक्षी पार्टियों ने इलेक्टोरल बांड का मुद्दा छेड़ दिया. खूब हो हल्ला मचा था. इसमें एक कंपनी ने पूरे देश में सबसे ज्यादा चंदा दिया था. वह कंपनी इन्हीं सैंटियागो मार्टिन की थी. हालांकि, उन्होंने लगभग सभी पार्टियों को चंदा दिया था.   ये भी पढ़ें:- ‘लॉटरी किंग’ की फर्म ने किस पार्टी को दिया था सबसे ज्यादा चंदा? अन्य विवादों में भी शामिल रहे सैंटियागो सैंटियागो मार्टिन ने 1980–90 के दशक में लॉटरी कारोबार से शुरुआत कर अपनी कंपनी फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज को देश की प्रमुख लॉटरी फर्मों में शामिल कर दिया. लेकिन 2019-2024 तक इलेक्टोरल बॉन्ड्स के खुलासे के बाद वे विवादों में आ गए. उनकी कंपनियों पर मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे, जिनकी जांच ईडी ने की. उनकी कंपनियों पर कई बार छापेमारी कर करोड़ों की संपत्ति अटैच भी की गई थी.  फिलहाल उन्हें सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली हुई है. उनके ऊपर कई राज्यों में लॉटरी संचालन के आरोप भी हैं, जहां इसे बैन किया गया है.  The post एक परिवार के 3 लोग अलग-अलग पार्टियों से लड़े चुनाव, तीनों जीते, लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन का करिश्मा appeared first on Naya Vichar.

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राजस्थान जेल प्रहरी का फाइनल रिजल्ट जारी, राम अवतार को Rank 1, देखें टॉपर्स लिस्ट

RSSB Jail Prahari Final Result 2026: राजस्थान स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड (RSSB) ने आखिरकार जेल प्रहरी भर्ती 2026 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. इस बार प्रतियोगिता काफी कड़ी रही, लेकिन राम अवतार ढांडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रैंक 1 हासिल किया है. रिजल्ट के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी जारी कर दी गई है, जिससे उम्मीदवार अब अपनी स्थिति साफ तौर पर देख सकते हैं. इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 803 पदों को भरा जाना था. इसमें नॉन टीएसपी एरिया के लिए 759 पद और टीएसपी एरिया के लिए 44 पद शामिल हैं. वहीं फाइनल सेलेक्शन में नॉन टीएसपी कैटेगरी में 909 और टीएसपी कैटेगरी में 53 उम्मीदवारों का चयन किया गया है. इससे साफ है कि चयन प्रक्रिया में मेरिट और रिजर्व लिस्ट दोनों को ध्यान में रखा गया है. RSSB Jail Prahari Final Result 2026: ऐसे करें चेक सबसे पहले RSSB की ऑफिशियल वेबसाइट rssb.rajasthan.gov.in पर जाएं. होमपेज पर Jail Prahari Final Result 2026 लिंक पर क्लिक करें. रिजल्ट का पीडीएफ फाइल खुलेगा. उसमें अपना रोल नंबर सर्च करें. अगर आपका नंबर लिस्ट में है, तो आप सेलेक्ट हो चुके हैं. इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का कम से कम 10वीं पास होना जरूरी था. इसके अलावा फिजिकल टेस्ट भी अहम हिस्सा रहा. पुरुष उम्मीदवारों को 5 किलोमीटर दौड़ 25 मिनट में और स्त्री उम्मीदवारों को 35 मिनट में पूरी करनी थी. देखें टॉपर्स लिस्ट क्रम संख्या नाम पिता का नाम NET 1 राम अवतार ढांडा रामचंद्र ढांडा 369.678 2 अशोक बिश्नोई धन्ना राम 365.221 3 अंकित प्रजापत राम लाल प्रजापत 363.192 4 आशुतोष प्रजापत रामलक्ष्मण प्रजापत 363.151 5 विकास बुधराम 362.637 6 खुसीराम धाकर सुखलाल धाकर 362.626 7 पंकज कुमार ओमप्रकाश 358.336 8 सचिन विजयपाल 358.076 9 श्रीराम धनाराम 357.301 10 गगनदीप सिंह हरविंदर सिंह 357.207 11 रमेश चंद्र सुरेश चंद्र धाकर 356.760 12 आशाराम देवाराम 356.605 13 साहदेव ओमा राम 356.423 14 प्रमोद कुमार भंवर लाल 355.570 15 सवाई दान भगवान दान 355.519 16 कृष्ण लाल लक्ष्मण दास 355.340 17 सुदेश कुमार दलीप कुमार 355.340 18 धर्मेंद्र छोटू राम 354.543 19 राजू लाल जाट शंकर लाल जाट 353.721 20 शिवम ओमप्रकाश 353.539 जिन उम्मीदवारों का चयन हुआ है, उन्हें अब डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और आगे की प्रक्रिया के लिए तैयार रहना चाहिए. सभी जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें ताकि किसी तरह की परेशानी ना हो. यह भी पढ़ें: 2 घंटे में 100 सवाल, जानें कैसे होगी यूपी लेखपाल भर्ती परीक्षा The post राजस्थान जेल प्रहरी का फाइनल रिजल्ट जारी, राम अवतार को Rank 1, देखें टॉपर्स लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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iQOO Neo 10 के नए कलर वेरिएंट्स की बिक्री शुरू, खरीदते वक्त मिलेगा ₹3,000 तक का डिस्काउंट

iQOO Neo 10 अब नए रंगों के साथ हिंदुस्तान में खरीदने के लिए उपलब्ध हो गया है. फोन के लॉन्च के लगभग एक साल बाद, कंपनी ने इसमें अब Alpine White और Asphalt Black जैसे नए कलर ऑप्शन जोड़ दिए हैं. इससे पहले यह Inferno Red और Titanium Chrome फिनिश में मौजूद था. दरअसल, ये अपडेट उन यूजर्स को ध्यान में रखकर लाया गया है जो सिर्फ परफॉर्मेंस ही नहीं, बल्कि स्टाइल पर भी ध्यान देते हैं. बता दें फोन के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन पहले जैसे ही हैं, बस अब आपको चुनने के लिए थोड़ा और स्टाइल मिल गया है. iQOO Neo 10 की कीमत, उपलब्धता और ऑफर्स इसकी कीमत 8GB + 256GB वेरिएंट के लिए ₹37,999 से शुरू होती है, जबकि 12GB + 256GB मॉडल ₹42,999 तक जाता है. अच्छी बात ये है कि लॉन्च ऑफर्स के तहत आपको सीधा फायदा भी मिल रहा है. Axis Bank या SBI कार्ड से पेमेंट करने पर ₹3,000 तक का डिस्काउंट मिल सकता है. यानी ये फोन आपको सिर्फ ₹34,999 (8GB) और ₹40,999 (12GB) की इफेक्टिव कीमत में मिल सकता है. अगर आप एक साथ इतना पैसा खर्च नहीं करना चाहते, तो टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. कंपनी 6 महीने तक का नो-कॉस्ट EMI ऑप्शन भी दे रही है, जिससे आप आसानी से किस्तों में पेमेंट कर सकते हैं. Blink… and you’ve already got half a battery. ⚡🔋 120W FlashCharge meets a massive 7000mAh— so you’re not waiting around, you’re back in the game before anyone else even plugs in. Charge fast. Stay longer. Repeat. Starting Rs 34,999* Sale to go live today 12 PM *inclusive… pic.twitter.com/h6M1384Lap — iQOO India (@IqooInd) May 5, 2026 iQOO Neo 10 स्‍पेसिफ‍िकेशंस और फीचर्स डिस्‍प्‍ले: 6.78 इंच का डिस्‍प्‍ले है जो 144Hz तक का रिफ्रेश रेट देता है. डिस्‍प्‍ले में 5,500 निट्स की पीक ब्राइटनैस मिलती है. चिपसेट: Snapdragon 8s Gen 4 SoC रैम : 12GB तक  स्‍टोरेज: 512GB तक ओएस: Android 16 पर बेस्‍ड OriginOS 6 वॉटरप्रूफ रेटिंग्‍स : IP65 कैमरा: 50MP का मेन कैमरा और 8MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा फ्रंट कैमरा: 32MP बैटरी: 7000mAh चार्जिंग: 120W यह भी पढ़ें: OnePlus Summer Sale का ऐलान, फोन से लेकर टैबलेट और ईयरबड्स पर मिलेगी तगड़ी डील The post iQOO Neo 10 के नए कलर वेरिएंट्स की बिक्री शुरू, खरीदते वक्त मिलेगा ₹3,000 तक का डिस्काउंट appeared first on Naya Vichar.

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