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June 18, 2026

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रूस पर भारी पड़ रहा यूक्रेन! ड्रोन हमले से दहला मॉस्को, तेल रिफाइनरी बनी निशाना

Russia Ukraine War: यूक्रेन ने एक बार फिर रूस की राजधानी मॉस्को को निशाना बनाते हुए बड़ा ड्रोन हमला किया है. रूसी अधिकारियों के अनुसार, एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार किए गए इस हमले में मॉस्को की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया. हमले के कारण राजधानी के कई हवाई अड्डों पर वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन भी रोकना पड़ा. चार साल से अधिक समय से जारी युद्ध के दौरान इसे यूक्रेन के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक माना जा रहा है. रूस ने 555 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराने का दावा किया रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रात भर में यूक्रेन की ओर से भेजे गए 555 ड्रोन को नष्ट कर दिया. मंत्रालय के अनुसार, इनमें से लगभग 200 ड्रोन मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे, जिन्हें राजधानी तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया गया. रूस का कहना है कि हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूसी सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमलों की संख्या बढ़ा दी है. मॉस्को तेल रिफाइनरी पर गिरे कई ड्रोन मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बताया कि शहर के दक्षिण-पूर्वी बाहरी इलाके में स्थित मॉस्को ऑयल रिफाइनरी पर कई ड्रोन गिरे. हालांकि अधिकारियों ने तत्काल किसी बड़े नुकसान या हताहत की जानकारी नहीं दी, लेकिन घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया. रिफाइनरी रूस की ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, इसलिए इस हमले को रणनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है. हमले के बाद मॉस्को के चार हवाई अड्डों पर उड़ानें रोकी गईं रूसी परिवहन मंत्रालय के अनुसार, सुरक्षा कारणों से मॉस्को के चार प्रमुख हवाई अड्डों से उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया. ड्रोन हमले के कारण हवाई यातायात प्रभावित हुआ और कई उड़ानों में देरी हुई. रूस में हाल के महीनों में ड्रोन हमलों के बाद हवाई अड्डों पर संचालन रोकने की घटनाएं बढ़ी हैं. यूक्रेन के हमले के बाद जेलेंस्की ने क्या कहा? रूस पर हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि कल रात, हमारे लंबी दूरी के हमलों ने एक बार फिर मॉस्को इलाके को निशाना बनाया. इस हफ्ते दूसरी बार मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी पर हमला हुआ है. रोस्तोव इलाके और यूक्रेन के अस्थायी रूप से कब्जे वाले इलाकों में भी ठिकानों को निशाना बनाया गया. यह हमारे शहरों और समुदायों पर रूस के हमलों का पूरी तरह से जायज जवाब है, और रूस की युद्ध मशीन को चलाने वाले ठिकानों के खिलाफ हमारे सैनिकों की कार्रवाई का एक और अहम नतीजा है. Last night, our long-range sanctions once again reached the Moscow region – for the second time this week, the Moscow oil refinery was hit. Targets were also struck in the Rostov region and in temporarily occupied territories of Ukraine. This is a fully justified response to… pic.twitter.com/NhFl4FlT9L — Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) June 18, 2026 जेलेंस्की ने ट्रंप और मैक्रों से की बातचीत रूस पर यूक्रेन का हमला ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ अहम बैठकें और वार्ता की है. जेलेंस्की ने कहा कि यह बातचीत यूक्रेन के लिए बेहद अहम रही और इससे युद्ध की दिशा में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है. उन्होंने यह भी बताया कि फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान विश्व नेताओं ने यूक्रेन को भविष्य में भी हरसंभव समर्थन देने का भरोसा दिया है. जी-7 देशों ने दोहराया यूक्रेन के समर्थन का संकल्प फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि हाल के दिन यूक्रेन के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहे हैं क्योंकि जी-7 देश एक बार फिर उसके समर्थन में एकजुट दिखाई दिए हैं. मैक्रों ने कहा कि सहयोगी देश यूक्रेन को सैन्य और रणनीतिक सहायता देना जारी रखेंगे, ताकि वह अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत कर सके और रूस के खिलाफ प्रभावी जवाबी कार्रवाई करने में सक्षम हो. कजान में आसियान नेताओं की मेजबानी कर रहे हैं पुतिन इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मॉस्को से लगभग 700 किलोमीटर पूर्व स्थित कजान शहर में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) के नेताओं की मेजबानी कर रहे हैं. रूस इस मंच के जरिए एशियाई देशों के साथ व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने की कोशिश में लगा है. क्रेमलिन के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार, दो दिवसीय बैठक में रूस और आसियान देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा की जाएगी. कौन-कौन से देश हैं आसियान के सदस्य? आसियान (ASEAN) दक्षिण पूर्व एशिया का एक प्रमुख क्षेत्रीय संगठन है. इसके सदस्य देशों में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमा, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, पूर्वी तिमोर और वियतनाम शामिल हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच जारी है जंग रूस और यूक्रेन के बीच चार सालों से ज्यादा समय से जंग जारी है. पहले विश्वयुद्ध से ज्यादा लंबी यह लड़ाई खिंच चुकी है. एक ओर यूक्रेन अपने हमलों की पहुंच बढ़ा रहा है, वो रूस के बुनियादी ढांचों पर अब टारगेट कर रहा है. वहीं रूस भी अपनी सुरक्षा और सैन्य प्रतिक्रिया को मजबूत करने में जुटा है. Also Read: ट्रंप का बड़ा यू-टर्न, बोले- ईरान के पास कुछ बैलिस्टिक मिसाइलें होनी चाहिए, समझौते के बाद बदले सुर The post रूस पर भारी पड़ रहा यूक्रेन! ड्रोन हमले से दहला मॉस्को, तेल रिफाइनरी बनी निशाना appeared first on Naya Vichar.

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राज्यसभा चुनाव: बैजनाथ राम और परिमल नथवाणी ने मार ली बाजी, बिखर गया महागठबंधन का कुनबा

रांची से आनंद मोहन की रिपोर्ट Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए गुरुवार 18 जून 2026 को हुए चुनाव के साथ पिछले करीब दो सप्ताह से जारी नेतृत्वक उठापटक और सस्पेंस पर विराम लग गया. कड़े मुकाबले के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार बैजनाथ राम और एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी ने जीत दर्ज की. इस परिणाम के साथ ही राज्य की नेतृत्व में महागठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. नतीजों ने बदल दिया नेतृत्वक समीकरण 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में हुए मतदान में झामुमो उम्मीदवार बैजनाथ राम को सबसे अधिक 31 वोट मिले और वह आसानी से राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे. दूसरी सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी ने जीत हासिल की. परिमल नथवानी को कुल 30 वोट प्राप्त हुए थे, लेकिन इनमें से दो मत रद्द कर दिए गए. यानी उन्हें कुल 28 वोट मिले. वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को 20 वोट मिले, जिनमें एक वोट अमान्य घोषित कर दिया गया. कुल 81 वोटों में से तीन मत रद्द हुए. इस तरह अंतिम गणना में बैजनाथ राम को 31 और परिमल नथवानी को 28 वैध वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार जीत से दूर रह गए. परिमल नथवानी की जीत ने बढ़ाई महागठबंधन की मुश्किलें राज्यसभा चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन के नेताओं द्वारा दोनों सीटों पर जीत का दावा किया जा रहा था. कांग्रेस और झामुमो के नेताओं का कहना था कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और क्रॉस वोटिंग की कोई संभावना नहीं है. लेकिन चुनाव परिणामों ने इन दावों की पोल खोल दी. परिमल नथवानी की जीत के बाद यह साफ हो गया कि महागठबंधन के भीतर कहीं न कहीं नेतृत्वक दरार मौजूद थी. यही वजह रही कि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा अपेक्षित समर्थन जुटाने में असफल रहे और दूसरी सीट उनके हाथ से निकल गई. कौन हैं परिमल नथवानी परिमल नथवानी देश के प्रमुख उद्योग समूह रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े हुए हैं और लंबे समय से झारखंड की नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं. वह लगातार दो बार झारखंड से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं. उन्होंने वर्ष 2008 में पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा का चुनाव जीता था. इसके बाद 2014 में भी उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल कर संसद के उच्च सदन में अपनी जगह बरकरार रखी. अब तीसरी बार उन्होंने राज्यसभा पहुंचने में सफलता प्राप्त की है. शिक्षक से सांसद तक का सफर तय करने वाले बैजनाथ राम झामुमो उम्मीदवार बैजनाथ राम का नेतृत्वक सफर संघर्ष और कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है. लातेहार के शहीद चौक स्थित धोबी मुहल्ला के निवासी बैजनाथ राम का जन्म वर्ष 1967 में लातेहार प्रखंड के परसही गांव में हुआ था. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव में प्राप्त की और बाद में बालक उच्च विद्यालय, लातेहार से मैट्रिक और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद बनवारी साहू महाविद्यालय से नेतृत्वक शास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल की. नेतृत्व में आने से पहले उन्होंने सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में लगभग तीन वर्षों तक शिक्षक के रूप में काम किया. लेकिन वर्ष 2000 में झारखंड राज्य गठन के बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर नेतृत्व को अपना पूर्णकालिक कार्यक्षेत्र बना लिया. कई दलों का सफर तय कर पहुंचे राज्यसभा बैजनाथ राम ने वर्ष 2000 में जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर पहली बार लातेहार विधानसभा सीट से जीत हासिल की और बाद में स्पोर्ट्स मंत्री, मद्य निषेध मंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले. वर्ष 2005 में वह भाजपा में शामिल हुए और शिक्षा मंत्री बने. हालांकि, बाद के वर्षों में नेतृत्वक परिस्थितियां बदलीं और टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने भाजपा छोड़कर झामुमो का दामन थाम लिया. अब झामुमो के उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा चुनाव जीतकर उन्होंने अपने लंबे नेतृत्वक अनुभव में एक और उपलब्धि जोड़ ली है. इसे भी पढ़ें: राज्यसभा चुनाव: दो पार्टियों के वो छह विधायक, जो बताए जा रहे ‘गेमचेंजर’! झारखंड की नेतृत्व में नए संकेत राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने यह संकेत दे दिया है कि झारखंड की नेतृत्व में आने वाले दिनों में नए समीकरण बन सकते हैं. एक ओर बैजनाथ राम ने झामुमो के खाते में सीट बरकरार रखी, वहीं परिमल नथवानी की जीत ने महागठबंधन की एकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आने वाले समय में इन परिणामों का असर राज्य की नेतृत्व और गठबंधन की रणनीति पर भी देखने को मिल सकता है. इसे भी पढ़ें: राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस के धीरज साहू का दावा, झारखंड में इस बार नहीं हुई क्रॉस वोटिंग The post राज्यसभा चुनाव: बैजनाथ राम और परिमल नथवाणी ने मार ली बाजी, बिखर गया महागठबंधन का कुनबा appeared first on Naya Vichar.

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आखिर क्यों 102 दिन बाद भी 26 साल के आकाश का अंतिम संस्कार करने के लिए परिवार नहीं हुआ राजी?

Police Custody Death : तमिलनाडु के मानमदुरै के रहने वाले वाले आर आकाश डेलिसन का अंतिम संस्कार 17 जुलाई को कोर्ट के आदेश पर प्रशासनी अधिकारियों ने कर दिया. उसके परिवार वाले उसकी मौत के 102 दिन बाद भी उसके अंतिम संस्कार के लिए राजी नहीं थे. उनका कहना था कि पुलिस कस्टडी में उसके साथ इतना अमानवीय व्यवहार हुआ कि उसकी मौत हो गई. मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच के निर्देश पर हुआ अंतिम संस्कार आकाश का शव एक प्रशासनी अस्पताल की मॉर्चरी में रखा हुआ था. उसके परिवार वालों का कहना था कि उन्होंने उसके शव का अंतिम संस्कार इसलिए नहीं किया, क्योंकि वे उसे सबूत के तौर पर रखना चाहते थे. कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि शव को अनिश्चितकाल के लिए मॉर्चरी में नहीं रखा जा सकता. कोर्ट का आदेश 16 जुलाई को सामने आया, उसके बाद 17 को आकाश का अंतिम संस्कार हुआ. Madurai, Tamil Nadu | Manamadurai Akash Death Case The body of 26‑year‑old R. Aakash of Manamadurai, whose death sparked allegations of custodial torture and protests, was cremated at Thathaneri crematorium in Madurai after 102 days in the mortuary. Police carried out the… pic.twitter.com/xjmbn0GVhi — ANI (@ANI) June 17, 2026 6 मार्च को हुई थी आकाश की गिरफ्तारी आकाश की गिरफ्तारी 6 मार्च को हुई थी. उसपर हत्या की कोशिश का आरोप था. पुलिस का कहना था कि उसने हिरासत से भागने की कोशिश की और एक पुल से छलांग लगाने के दौरान उसे गंभीर रूप से चोट लग गई, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई. हालांकि परिवार वालों का यह कहना है कि उसे पुलिस हिरासत में इतनी यातना दी गई की उसकी मौत हुई. आकाश ने अस्पताल में अपनी मौत से पहले एक ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने यह बयान दिया था उसके साथ पुलिस हिरासत में अमानवीय व्यवहार हुआ और बुरी तरह से उसकी पिटाई हुई थी. ये भी पढ़ें : RSS ने खुद को रजिस्टर्ड संगठन क्यों नहीं बनाया है? 100 साल बाद क्यों उठा ये सवाल संजय राउत का दावा-50-50 करोड़ में खरीदे जा रहे हैं सांसद, 15 करोड़ दिया एडवांस, बौखलाहट में मीडिया के सामने दी गाली The post आखिर क्यों 102 दिन बाद भी 26 साल के आकाश का अंतिम संस्कार करने के लिए परिवार नहीं हुआ राजी? appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में ‘सुरक्षा’ पर संग्राम! ममता बनर्जी की पसंद के बॉडीगार्ड्स को शुभेंदु सरकार ने हटाया, डेरेक ओब्रायन बोले- रात भर बिना सुरक्षा के थीं दीदी

खास बातें मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिले दीदी के करीबी ममता गुट के नेता बोले- नेतृत्वक प्रतिशोध की भावना का नया निचला स्तर ममता बनर्जी को खतरे में डालने की सोची-समझी कोशिश : टीएमसी Mamata Banerjee Security Row: AITC ने चीफ मिनिस्टर शुभेंदु अधिकारी पर साधा निशाना डेरेक ओब्रायन बोले- रात भर दीदी के घर के बाहर नहीं था कोई सुरक्षाकर्मी सागरिका घोष बोलीं- पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी Mamata Banerjee Security Row: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद से घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं. नया मामला ममता बनर्जी की सुरक्षा से जुड़ा है. दीदी के करीबी सांसद दावा कर रहे हैं कि बंगाल की नयी प्रशासन राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही है. वहीं, समाचार यह भी है कि ममता बनर्जी मनपसंद सुरक्षा अधिकारी चाहती हैं और शुभेंदु अधिकारी प्रशासन ने इस मांग को खारिज कर दिया है. इसके बाद से ममता बनर्जी के करीबी नेताओं ने बंगाल की हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रशासन पर हमला तेज कर दिया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिले दीदी के करीबी दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों को हटाकर नये अफसरों की तैनाती की गयी है. इससे ममता बनर्जी और उनकी पार्टी दोनों नाराज हैं. ममता के करीबी नेताओं ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात कर बंगाल की पूर्व चीफ मिनिस्टर के मनपसंद अधिकारियों को सुरक्षा में लगाये जाने का आग्रह किया, जिसे सीएम ने खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस जिस अधिकारी को चाहे, पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लगा सकती है. उन्हें अपनी पसंद का अधिकारी नहीं मिलेगा. ममता गुट के नेता बोले- नेतृत्वक प्रतिशोध की भावना का नया निचला स्तर तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लंबे समय से तैनात सुरक्षाकर्मियों को हटाये जाने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को इसे ‘नेतृत्वक प्रतिशोध की भावना का नया निचला स्तर’ करार दिया. ममता बनर्जी को ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है. लगातार 15 साल तक पश्चिम बंगाल पर शासन करने वाली पूर्व चीफ मिनिस्टर की सुरक्षा-व्यवस्था से किसी कर्मी को हटाये जाने या उसकी जगह किसी अन्य को तैनात किये जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इसे भी पढ़ें : तृणमूल के बागी सांसद बोले- हमेशा रहेगा ममता बनर्जी का सम्मान, शुभेंदु प्रशासन और दिल्ली कनेक्शन पर खोला बड़ा राज ममता बनर्जी को खतरे में डालने की सोची-समझी कोशिश : टीएमसी तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा- ममता बनर्जी की सुरक्षा में लंबे समय से तैनात कर्मियों को हटाना कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि उन्हें अलग-थलग करने और खतरे में डालने की सोची-समझी कोशिश है. पार्टी ने कहा कि इनमें से कुछ सुरक्षाकर्मी बनर्जी के रेल मंत्री रहने के समय से उनकी सुरक्षा में तैनात थे. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Mamata Banerjee Security Row: AITC ने चीफ मिनिस्टर शुभेंदु अधिकारी पर साधा निशाना तृणमूल ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा- नेतृत्वक प्रतिशोध की भावना का चौंकाने वाला और निचला स्तर. शुभेंदु अधिकारी, आखिर आप क्या साजिश रच रहे हैं? बदले की नेतृत्व को लेकर आपकी सनक और असुरक्षा की भावना से प्रेरित होकर आपके द्वारा सत्ता का दुरुपयोग करना आपके वास्तविक चरित्र को उजागर करता है. अगर ओछी नेतृत्व का कोई चेहरा होता, तो वह निस्संदेह आपके जैसा होता. डेरेक ओब्रायन बोले- रात भर दीदी के घर के बाहर नहीं था कोई सुरक्षाकर्मी नेताओं के लगातार पार्टी छोड़ने के बीच पूर्व मुख्यमंत्री के वफादार सांसदों में शामिल तृणमूल नेता एवं राज्यसभा सदस्य डेरेक ओब्रायन ने कहा- ममता बनर्जी की सुरक्षा में 20 वर्ष से तैनात निजी सुरक्षा अधिकारियों (पीएसओ) को उनके कोलकाता स्थित आवास से हटा दिया गया. उन्होंने दावा किया कि बुधवार रात उनके कालीघाट स्थित आवास के प्रवेश द्वार पर कोई सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं था. इसे भी पढ़ें : टीएमसी में बगावत पर वर्ल्ड मीडिया ने लिखा- अदम्य योद्धा का दुखद नेतृत्वक अंत सागरिका घोष बोलीं- पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल की एक अन्य राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने ‘एक्स’ पर लिखा- पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा नेतृत्व का विषय नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल प्रशासन की संस्थागत जिम्मेदारी है. घोष ने इसे ‘बदले की नेतृत्व’ बताते हुए सवाल किया- दीदी की सुरक्षा में लंबे समय से तैनात कर्मियों को अचानक क्यों हटा दिया गया और क्या देर रात उन्हें सुरक्षा के बिना रखा गया? इसे भी पढ़ें ममता बनर्जी के घर से वापस बुलाये गये सभी सुरक्षा गार्ड, पुलिस चौकी पूरी तरह खाली ममता बनर्जी से छिन जायेगा तृणमूल का सिंबल! दीदी के करीबी अरूप बोले- बंगाल में स्पोर्ट्सा होबे The post बंगाल में ‘सुरक्षा’ पर संग्राम! ममता बनर्जी की पसंद के बॉडीगार्ड्स को शुभेंदु प्रशासन ने हटाया, डेरेक ओब्रायन बोले- रात भर बिना सुरक्षा के थीं दीदी appeared first on Naya Vichar.

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Bharat Bhhagya Viddhaata: को-स्टार गिरिजा ओक ने की कंगना रनौत की तारीफ, बोलीं- वह पूरी तरह प्रोफेशनल हैं

Bharat Bhhagya Viddhaata: कंगना रनौत की फिल्म ‘हिंदुस्तान भाग्य विधाता’ हाल ही में सिनेमाघरों में रिलीज हुई है. फिल्म को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. इसी बीच फिल्म में शीतल रेवगड़े का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस गिरिजा ओक ने कंगना रनौत की जमकर तारीफ की है. उन्होंने बताया कि कंगना सिर्फ अच्छी एक्ट्रेस ही नहीं, बल्कि काम के दौरान पूरी तरह प्रोफेशनल भी रहती हैं. कंगना रनौत की तारीफ में क्या बोलीं गिरिजा ओक? (Girija Oak on Kangana Ranaut) गिरिजा ओक और कंगना रनौत, फोटो- इंस्टाग्राम NDTV से बातचीत में गिरिजा ओक ने कहा कि कंगना रनौत एक पूरी तरह प्रोफेशनल एक्ट्रेस हैं. उन्होंने बताया कि सेट पर कंगना के पास कई जिम्मेदारियां होती थीं. वह इस फिल्म की प्रोड्यूसर भी थीं और सांसद होने की वजह से उनसे मिलने भी कई लोग आते थे. लेकिन जैसे ही कैमरा ऑन होता था, उनका पूरा ध्यान सिर्फ अपने सीन पर होता था. गिरिजा ने कहा कि एक एक्टर अगर ध्यान नहीं लगाता, तो कैमरा उसे तुरंत पकड़ लेता है. लेकिन कंगना के साथ ऐसा कभी नहीं हुआ. उनके मुताबिक, कंगना जब एक्टिंग करती हैं, तो बाकी सारी चीजें भूलकर सिर्फ अपने किरदार पर फोकस करती हैं. यह भी पढ़ें: Peddi Box Office: 400 करोड़ पार करते ही राम चरण की ‘पेड्डी’ ने रचा इतिहास, बनी 2026 की सबसे बड़ी साउथ फिल्म सच्ची घटना पर बनी है फिल्म (Bharat Bhhagya Viddhaata Story) हिंदुस्तान भाग्य विधाता कहानी, फोटो- इंस्टाग्राम ‘हिंदुस्तान भाग्य विधाता’ की कहानी 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दौरान कामा अस्पताल में हुई सच्ची घटनाओं पर आधारित है. फिल्म में कंगना रनौत ने नर्स अंजलि कुलथे का किरदार निभाया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले की रात अंजलि कुलथे ने अपनी जान की परवाह किए बिना अस्पताल में मौजूद करीब 20 गर्भवती स्त्रीओं को सुरक्षित जगह छिपाया था. इतना ही नहीं, उन्होंने एक स्त्री को ऑपरेशन थिएटर तक पहुंचाने में भी मदद की थी. उनके इसी साहस को फिल्म में दिखाया गया है. फिल्म में नजर आए ये कलाकार (Bharat Bhhagya Viddhaata Cast) हिंदुस्तान भाग्य विधाता कास्ट, फोटो- इंस्टाग्राम फिल्म का निर्देशन मनोज तापड़िया ने किया है. इसमें कंगना रनौत के साथ गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, ईशा डे, प्रसाद ओक, सयाजी शिंदे, अमृता नामदेव, प्रिया बेर्डे, जाहिद खान और आदित्य मिश्रा भी अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं. यह भी पढ़ें: Welcome to the Jungle रिलीज से पहले बॉक्स ऑफिस प्रेशर पर सुनील शेट्टी का रिएक्शन, बोले- हर फिल्म के साथ रहता है सस्पेंस The post Bharat Bhhagya Viddhaata: को-स्टार गिरिजा ओक ने की कंगना रनौत की तारीफ, बोलीं- वह पूरी तरह प्रोफेशनल हैं appeared first on Naya Vichar.

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Seltos, Sonet और Carens होंगी महंगी, 1 जुलाई से Kia बढ़ाएगी कारों की कीमतें, जानें कितना बढ़ेगा दाम

Kia ने हिंदुस्तानीय बाजार में अपनी पूरी मॉडल रेंज की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है. यह नई कीमतें 1 जुलाई से लागू होंगी. इनमें अधिकतम 2% तक का इजाफा हमें देखने को मिलेगा. खास बात यह है कि यह बदलाव कंपनी की सभी गाड़ियों पर लागू होगा, चाहे वह पेट्रोल-डीजल (ICE) मॉडल हों या इलेक्ट्रिक व्हीकल्स. कंपनी ने क्यों दाम बढ़ाए? कंपनी ने इस कीमत बढ़ोतरी के पीछे बढ़ती इनपुट कॉस्ट और ऑपरेशनल खर्चों में हुए इजाफे को वजह बताया है. कंपनी का कहना है कि बढ़ती लागतों के कारण यह कदम जरूरी हो गया था. हालांकि, कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसने कस्टमर्स पर पूरा बोझ डालने के बजाय बढ़ी हुई लागत का ज्यादातर हिस्सा कंपनी ने खुद ही उठा लिया है. कस्टमर्स से सिर्फ बहुत थोड़ी सी ही बढ़ी हुई कीमत ली गई है. अलग-अलग मॉडल पर होगा अलग असर Kia India ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में उनकी गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से होगी. Kia के पास इस समय ICE (पेट्रोल/डीजल) और इलेक्ट्रिक दोनों तरह की गाड़ियां मौजूद हैं, और इसी वजह से वह मार्केट के लगभग हर सेगमेंट में अपनी पकड़ बनाए हुए है. उनकी लाइनअप में Seltos, Sonet, Carens Clavis, Syros, Carens और Carnival जैसी पॉपुलर SUVs और MPVs शामिल हैं. वहीं इलेक्ट्रिक सेगमेंट में EV6 और EV9 जैसे प्रीमियम मॉडल भी मौजूद हैं, जिनमें EV9 कंपनी की टॉप-एंड और सबसे एडवांस SUV मानी जाती है. यह भी पढ़ें: ₹6.89 लाख में Citroen की नई EV लॉन्च, एक चार्ज में देगी 320KM की रेंज इन कंपनियों ने भी बढ़ाई गाड़ियों की कीमतें Kia के अलावा कई और बड़ी ऑटो कंपनियों ने भी अपनी गाड़ियों की कीमतें बढ़ा दी हैं. इसमें Tata Motors, BMW India, Mercedes-Benz, Maruti Suzuki, Hyundai Motor India और Nissan Motor India जैसे बड़े नाम शामिल हैं. खास बात यह है कि Maruti Suzuki ने तो अपनी पूरी रेंज में कीमतें करीब ₹30,000 तक बढ़ाने का ऐलान किया है. ये नई कीमतें 1 जून से लागू भी हो चुकी हैं. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर लगातार बढ़ते प्रोडक्शन कॉस्ट और करेंसी में उतार-चढ़ाव का दबाव बना हुआ है. इसी वजह से हिंदुस्तान में कई कार कंपनियां हाल ही में अपने गाड़ियों की कीमतों में बदलाव कर चुकी हैं. यह भी पढ़ें: Skoda Kodiaq RS की ये 5 खूबियां बनाती हैं इसे Tayron R-Line से अलग, 22 जून को होगी लॉन्च The post Seltos, Sonet और Carens होंगी महंगी, 1 जुलाई से Kia बढ़ाएगी कारों की कीमतें, जानें कितना बढ़ेगा दाम appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर, स्वास्थ्य

बिना जांच आईपीवी का टीका लगाने का आरोप, चार माह के मासूम की मौ”त से मचा कोहराम

स्वजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने टीके से मौत की बात से किया इनकार नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड क्षेत्र की जितवारपुर कुम्हिरा पंचायत के वार्ड सं. 2 में चार माह के एक मासूम की मौत के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि शिशु को बिना स्वास्थ्य जांच के आईपीवी का टीका लगाया गया, जिसके अगले दिन उसे तेज बुखार आया और उसकी मौत हो गई।हालांकि,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने टीके से मौत होने की बात से इनकार किया है।मृतक की पहचान अंगारघाट थाना क्षेत्र के बरनामा गांव निवासी मो.सद्दाम के चार माह के पुत्र शाहनवाज के रूप में हुई है। उसकी मां रुखसाना खातून, जितवारपुर कुम्हिरा पंचायत के वार्ड संख्या-2 निवासी मो.वकील की पुत्री हैं। प्रसव के लिए वह अपने मायके आई थीं, जहां चार माह पूर्व उन्होंने शाहनवाज को जन्म दिया था। स्वजनों के अनुसार विगत 16 जून को स्थानीय आशा कार्यकर्ता शिशु को आईपीवी टीकाकरण के लिए ले गई। आरोप है कि बिना किसी स्वास्थ्य जांच के शिशु को टीका लगा दिया गया। इसके अगले दिन 17 जून की शाम शिशु को तेज बुखार हुआ और उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। वहीं इलाज के दौरान देर शाम में उसकी मौत हो गई।मासूम की मौत के बाद परिजनों ने आशा कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि टीका लगाने से पहले शिशु की स्वास्थ्य जांच की गई होती, तो शायद यह हादसा नहीं होता। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सरायरंजन के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ .अमित कुमार ने बताया कि 16 जून को लगभग 11 बजे शिशु को आईपीवी का टीका लगाया गया था। करीब 24 घंटे बाद उसे बुखार आया और उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईपीवी टीके के कारण शिशु की मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है और दोनों घटनाओं को सीधे जोड़ना चिकित्सकीय रूप से उचित नहीं है। इधर, मासूम की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। रुखसाना खातून ने अपना इकलौता पुत्र खो दिया है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि आसपास के लोग उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे हैं।

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बिहार पुलिस में चयनित 34 अभ्यर्थियों को किया गया सम्मानित

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड के नरघोघी स्थित श्रीराम जानकी फिजिकल ग्राउंड में बिहार पुलिस में गुरुवार को चयनित 34 अभ्यर्थियों के सम्मान में सम्मान सह अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में उपमुख्यमंत्री के आप्त सचिव रजनीकांत चौधरी एवं युवा जदयू के जिलाध्यक्ष विशाल कुमार ने चयनित अभ्यर्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि इन युवाओं की सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अभ्यर्थियों से कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण भाव के साथ समाज और राष्ट्र की सेवा करने का आह्वान किया।कार्यक्रम में प्रखंड प्रमुख वीणा देवी, उप प्रमुख संजीव कुमार ठाकुर, फिजिकल ट्रेनर ऋतिक कुशवाहा, संचालक दीपक झा, अजय कुमार राय, पैक्स अध्यक्ष राम लाल झा, रामकरण कुशवाहा, अगम गुप्ता, सविता देवी, अशोक पासवान, मो. सरवर हुसैन, सुबोध कुमार, माधव झा, तंज़ील इमाम, मुकेश चौधरी, अविनाश पासवान, नवीन राय , राकेश चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं युवा उपस्थित रहे।

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भरत तिवारी के एनकाउंटर को बिहार के शिक्षा मंत्री ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, बोले- हाफ एनकाउंटर होना चाहिए था

Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है. इस पूरे मामले पर राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बक्सर में एक चौंकाने वाला बयान दिया है. मंत्री ने कहा कि यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. जिस युवक का एनकाउंटर हुआ, उसने सोशल मीडिया पर गलत व्यवहार किया था जो बिल्कुल सही नहीं था. लेकिन पुलिस को कार्रवाई से पहले उसका आपराधिक बैकग्राउंड चेक करना चाहिए था. अगर एनकाउंटर बहुत जरूरी भी था, तो यह पूरा एनकाउंटर होने के बजाय हाफ एनकाउंटर होना चाहिए था. फेसबुक लाइव आकर पुलिस को दी थी चुनौती यह वारदात भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में बुधवार को हुई. मुठभेड़ से ठीक पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में बिलौटी गांव का रहने वाला 30 साल का भरत तिवारी एक हाथ में लोडेड पिस्टल और दूसरे हाथ में मोबाइल लेकर फेसबुक पर लाइव था. वह अपने घर की छत पर खड़ा होकर लगातार पुलिस को ललकार रहा था और खुलेआम हथियार लहरा रहा था. पुलिस की घेराबंदी के बीच उसने फेसबुक पर दो से तीन वीडियो लाइव ब्रॉडकास्ट किए और फिर किसी तरह घर से भागकर गांव के बाहर खेतों की तरफ निकल गया. दोनों पैरों में लगी थीं 4 गोलियां, चलीं 15 से ज्यादा राउंड एसपी राज ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार सुबह करीब 9 बजे पुलिस को समाचार मिली थी कि भरत तिवारी हथियार लहराकर हवाई फायरिंग कर रहा है. इसके बाद स्थानीय थाना पुलिस और एसटीएफ (STF) की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने उसे बार-बार सरेंडर करने के लिए समझाया, लेकिन वह रुका नहीं और पुलिस पर लगातार रुक-रुक कर गोलियां चलाता रहा. हालात बिगड़ते देख बुलेटप्रूफ जैकेट पहने एसटीएफ के जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरा. जब वह नहीं माना तो पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं, जो भरत के दोनों पैरों के घुटने और जांघ के हिस्से में लगीं. इस दौरान आरोपी की तरफ से 8-10 राउंड और पुलिस की तरफ से 4-5 राउंड फायरिंग हुई. पुलिस ने मौके से एक पिस्टल, दो कारतूस, एक मैगजीन और दो खोखा बरामद किया है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें इलाज के दौरान पीएमसीएच में तोड़ा दम गोली लगने से घायल भरत को पुलिस तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल, आरा लेकर गई. वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत पीएमसीएच (PMCH) पटना रेफर कर दिया. पटना में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. मृतक भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी पुलिस विभाग से बतौर चालक सिपाही रिटायर हो चुके हैं. पुलिस ने इस घटना से ठीक एक दिन पहले अपने बयान में कहा था कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसे गिरफ्तार कर उसका इलाज कराया जाएगा. भरत एक साल पहले भी पुलिस अफसर से उलझने और प्रशासनी काम में बाधा डालने के आरोप में जेल जा चुका था. इसे भी पढ़ें: पिस्टल, फेसबुक लाइव और ताबड़तोड़ फायरिंग, जानिए भरत तिवारी एनकाउंटर की पूरी कहानी The post भरत तिवारी के एनकाउंटर को बिहार के शिक्षा मंत्री ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, बोले- हाफ एनकाउंटर होना चाहिए था appeared first on Naya Vichar.

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खेत बचाओ अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को किया जागरूक 

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड प्रखंड के हरसिंगपुर स्थित कृषि फार्म में गुरुवार को पूसा विरौली से आए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के साथ बैठक की। बैठक में विज्ञान केंद्र बिरौली कृषि विभाग के वैज्ञानिकों ने खेत बचाव अभियान के तहत जैविक विधि से खेती करने के लिए किसानों को जागरूक किया । वैज्ञानिकों ने उपस्थित किसानों को बताया कि खेतों में किसान बेतहाशा रसायनिक खाद का प्रयोग कर रहे हैं,जिस कारण खेती की शक्ति दिनों दिन घटती जा रही है। इसलिए आप सभी किसान अधिक से अधिक खल्ली, गोबर एवं राख देकर प्राकृतिक खेती करें। वैज्ञानिकों ने किसानों को यह सलाह दी कि खेतों में कोई भी फसल लगाने से पहले मिट्टी की जांच जरूर कराएं। मिट्टी जांच कराने से खेतों की शक्ति की जानकारी मिलती है।मौके पर अनुमंडल कृषि पदाधिकारी प्रमोद सहनी, बिरौली कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुमित कुमार सिंह आदि ने जागरूक किया। बैठक में राम प्रसाद राय, भागवत राय, वशिष्ठ पासवान, नथुनी राय, चंचल कुमार यादव, विकास पासवान आदि दर्जनों किसानों ने भाग लिया।

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