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June 25, 2026

समस्तीपुर

मोहर्रम को ले सरायरंजन एवं मुसरीघरारी में 10 घंटे विद्युत आपूर्ति रहेगी बाधित 

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन: मोहर्रम पर्व के अवसर पर शुक्रवार को मुसरीघरारी चौराहा पर आयोजित ताजिया मिलान कार्यक्रम के मद्देनजर क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रहेगी। विद्युत विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 33 केवी गंगापुर फीडर से संचालित बिजली आपूर्ति दो चरणों में बाधित रहेगी।विभागीय जानकारी के अनुसार सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तथा शाम 4:00 बजे से रात 7:30 बजे तक 33 केवी गंगापुर फीडर से विद्युत आपूर्ति बंद रखी जाएगी। इसके कारण विद्युत शक्ति उपकेंद्र गंगापुर एवं सरायरंजन से संचालित सभी 11 केवी फीडरों की आपूर्ति भी प्रभावित रहेगी। इस दौरान दोनों विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित समय से पूर्व आवश्यक पानी का भंडारण कर लें तथा बिजली से संबंधित जरूरी कार्य समय रहते पूरा कर लें, ताकि आपूर्ति बाधित रहने के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ताजिया मिलान के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं जुलूसों की आवाजाही को देखते हुए यह निर्णय एहतियातन लिया गया है। इससे किसी भी प्रकार की विद्युत दुर्घटना की संभावना को रोका जा सकेगा और पर्व शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न होगा। यह जानकारी कनीय विद्युत अभियंता मो. रिजवान कैसर, विद्युत आपूर्ति प्रशाखा मुसरीघरारी द्वारा जारी की गई है। उन्होंने उपभोक्ताओं से सहयोग एवं धैर्य बनाए रखने की अपील की है।

समस्तीपुर

पूर्ण भक्ति भाव से की गई हनुमान मंदिर में मूर्ति की प्राण– प्रतिष्ठा 

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन: प्रखंड के उदयपुर ठाकुरबाड़ी परिसर में नवनिर्मित हनुमान मंदिर में गुरुवार को पूर्ण भक्ति भाव के साथ भगवान हनुमान की मूर्ति की प्राण– प्रतिष्ठा की गई। इस संबंध में मंदिर निर्माता प्रो. दयानंद झा ने बताया कि उन्होंने अपने दिवंगत पिता राम केशव झा एवं माता सागर देवी की पुण्यस्मृति में इस मंदिर का निर्माण करवाया है। इसमें ग्रामीण लोगों का भी भरपूर सहयोग मिला है। प्राण– प्रतिष्ठा के अवसर पर नवनिर्मित मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोचार एवं भक्ति संगीतों से गुंजायमान्य हो उठा है। वहीं मूर्ति के दर्शनार्थ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। आज के आयोजन में पंडित प्रो.सतीश कुमार झा,अनंत मोहन मिश्र,इंद्र मोहन मिश्र,रामबाबू झा, अजीत कुमार झा, अरुण कुमार झा सहित संपूर्ण ग्रामवासी सक्रिय सहयोग दे रहे हैं।

समस्तीपुर

मुसरीघरारी में 35 कार्टून शराब लगा बोलेरो बरामद 

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : थाना क्षेत्र के रूपौली बुजुर्ग स्थित एन एच 28 से पुलिस ने बुधवार की रात 35 कार्टन शराब लदे एक बोलेरो को बरामद किया है।वहीं पुलिस को आते देख बोलेरो चालक वाहन छोड़ फरार हो गया। इस संबंध में मुसरीघरारी थाना कांड सं. 97/26 दर्ज कराई गई है। घटना के संबंध में मुसरीघरारी थाने में पदस्थापित पीटीसी कारे दास में कहा है कि बुधवार की देर रात वे मुसरीघरारी चौक पर दलबल के साथ रात्रि गश्ती कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने देखा कि एक सिल्वर रंग का बोलेरो, इसमें काला रंग का शीशा लगा था तेजी से दलसिंहसराय की ओर जा रहा था। उसे रोकने का प्रयास किया तो भागने लगा। भागने के क्रम में उक्त वाहन योगी स्थान से सलेमपुर की ओर जाने वाली सड़क के किनारे मुड़ने के क्रम में फंस गया। जब तक पुलिस वहां पहुंचती,उक्त बोलेरो का चालक वाहन को छोड़ फरार हो गया था । पुलिस ने जब उक्त वाहन की तलाशी ली तो उसमें 35 कार्टन रॉयल स्टेग सुपीरियर व्हिस्की बरामद हुई। 420 बोतलों में पैक शराब की कुल मात्रा 315 लीटर बताई गई है। पुलिस ने घटना की प्राथमिकी दर्ज कर अग्रेतर कार्रवाई शुरू कर दी है।

समस्तीपुर

मुसरीघरारी में नवमी मोहर्रम पर उमड़ा जनसैलाब, गंगा-जमुनी तहज़ीब की दिखी मिसाल

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड के मुसरीघरारी चौक पर गुरुवार को नवमी का मोहर्रम पूरे शांति एवं सौहार्द के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न अखाड़ों ने अपने-अपने जुलूस और ताजिया के साथ पहुंचकर मातमी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। बी.एलौथ, बथुआ, सिहमा, बखरी, उदापट्टी बड़बट्टा, चौसिमा, बेझाडीह , गोहदा, लाटबसेपुरा, गंगापुर, सुआपाकड़ सहित अन्य गांवों के अखाड़ों की मौजूदगी से पूरा क्षेत्र धार्मिक माहौल में सराबोर रहा।नवमी मोहर्रम के अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु, खिलाड़ी और दर्शक मुसरीघरारी चौक पर जुटे। अखाड़ों के खिलाड़ियों ने पारंपरिक करतब और अपनी कला का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।मोहर्रम के दौरान आम लोगों को असुविधा न हो तथा आपातकालीन सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा पूर्व निर्धारित नया ट्रैफिक रूट लागू किया गया था। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। वहीं एम्बुलेंस, प्रशासनिक वाहनों एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के सुचारु आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए मोहर्रम कमिटी की ओर से कुल चार एस्कॉर्ट वाहन तैनात किए गए थे, जो लगातार मार्ग संचालन में सहयोग करते रहे।पूरे आयोजन के दौरान शांति, सौहार्द और भाईचारे का वातावरण देखने को मिला। मुसरीघरारी में वर्षों से मोहर्रम का यह पर्व आपसी प्रेम, सामाजिक एकता और गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल के रूप में मनाया जाता रहा है। स्थानीय लोगों ने कहा कि मोहर्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है, जो क्षेत्र की साझा संस्कृति को मजबूत करता है।

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ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को बताया भारतीय राजनीति का ‘राजाबाबू’, सोशल मीडिया पर कही बड़ी बात

UP Politics News: लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले को लेकर योगी प्रशासन में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा हमला बोला है. राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अपने नेतृत्वक हितों के अनुसार PDA की नई-नई परिभाषाएं गढ़ते रहते हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए उनके सामाजिक न्याय के दावों पर भी सवाल उठाए. अखिलेश बताते हैं PDA का अलग-अलग मतलब: ओमप्रकाश राजभर बतादें कि 24 जून को अखिलेश यादव ने लखनऊ में आदिवासी समाज को लेकर पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस की, जिसमें उन्होंने PDA के A को आदिवासी से जोड़ा. इसको लेकर मंत्री राजभर ने निशाना साधते हुए पोस्ट में लिखा, “अखिलेश जी ने आज अपने PDA की नई व्याख्या की. उन्होंने कहा कि PDA में A का मतलब आदिवासी है. A को अल्पसंख्यक और अगड़ा वो, पहले ही बता चुके हैं. डर ये लग रहा है कि अखिलेश जी किसी दिन कोई सम्मेलन करते हुए यह न कह दें कि A का मतलब आंकवादी भी होता है!” आतंकियों के मुकदमे वापस लेने का आरोप ओम प्रकाश राजभर ने आगे लिखा कि उनकी (अखिलेश यादव) प्रशासन अपने कार्यकाल के दौरान वाराणसी सीरियल ब्लास्ट, लखनऊ और फैजाबाद कोर्ट ब्लास्ट के आतंकवादियों के मुकदमे वापस ले चुकी है. अखिलेश यादव अपने PDA के A के बारे में यह कह सकते हैं कि सपा के PDA का अर्थ ‘अगड़ा, अल्पसंख्यक, आदिवासी, आतंकवादी’ होता है. अखिलेश नेतृत्व के राजाबाबू- राजभर मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश जी की यह हरकतें देखकर मुझे “गोविंद” जी की फिल्म “राजा बाबू” याद आ रही है, जिसमें “गोविंदा” जी का किरदार कभी वकील, कभी डॉक्टर, कभी पुलिस अधिकारी और कभी नेता बनता है. सही मायने में कहा जाए तो अखिलेश जी हिंदुस्तानीय नेतृत्व के “राजा बाबू” ही हैं. PDA के अलग-अलग मायने आपको बता दें कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव PDA का नारा तो बुलंद करते हैं, लेकिन विरोधी दल उनपर आए दिन PDA के अलग-अलग मायने बताने का आरोप लगाता है. देखा गया है कि उन्होंने PDA को कभी P फॉर पिछड़ा, D से दलित और A फॉर अल्पसंख्यक बताया था तो कभी PDA के A को कई तरह से परिभाषित किया, जैसे- A से अगड़ा, A से आदिवासी और फिर इसमें स्त्रीओं को भी जोड़ने लगे. इसके अलावा अखिलेश यादव A फॉर आधी आबादी भी बता चुके हैं. इतना ही नहीं अखिलेश यादव ने ब्राह्मण वोटरों को साधने के लिए PDA में ब्राह्मणों को भी प्लस करने की कोशिश की और PDA+B बताया. विधानसभा चुनाव से पहले राजभर का बड़ा हमला ओपी राजभर इसके पहले भी सपा और अखिलेश यादव पर निशाना साध चुके हैं. वे अखिलेश यादव के PDA को “पीट देगा अहीर”, “पीट देगा अल्पसंख्यक” (सपाई) की संज्ञा दे चुके हैं. राजभर ने एक पोस्ट में कहा था कि अखिलेश यादव दिनरात रट्टू तोता की तरह पीडीए-पीडीए की माला जपते रहते हैं, मगर उसी माला से उनके लोग राजभर समाज के लोगों का गला घोटने में सबसे आगे हैं. यह भी पढ़ें: CM योगी का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, बोले- कांग्रेस संग मिलकर मुलायम की विरासत डुबो रही सपा The post ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को बताया हिंदुस्तानीय नेतृत्व का ‘राजाबाबू’, सोशल मीडिया पर कही बड़ी बात appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में सिर्फ 1 रुपये में मिलेगी 40 एकड़ जमीन, जानिए सरकार का मेगा प्लान

Bihar Sugar Mill Incentive Policy: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में बिहार गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति-2026 को हरी झंडी दे दी गई है. इस नई नीति के तहत राज्य प्रशासन बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने के साथ-साथ 25 नई चीनी मिलों को स्थापित करने के मिशन पर काम कर रही है. गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि यह नीति बिहार के औद्योगिक विकास और किसानों की भलाई के लिए एक नया अध्याय साबित होगी. मात्र 1 रुपये में मिलेगी 40 एकड़ जमीन और टैक्स में बंपर छूट नई नीति में निवेशकों को बिहार की तरफ आकर्षित करने के लिए कई बेहद आकर्षक और खास प्रावधान किए गए हैं. इसके तहत नई चीनी मिल लगाने के लिए गन्ना उद्योग विभाग और बिहार राज्य चीनी निगम के पास मौजूद जमीन को सिर्फ 1 रुपये की टोकन राशि पर 30 सालों के लिए लीज पर दिया जाएगा. कोई भी निवेशक इस योजना के तहत 40 एकड़ तक की जमीन ले सकता है. इसके साथ ही चीनी मिल की जमीन खरीदने पर लगने वाली रजिस्ट्री फीस और स्टांप ड्यूटी को प्रशासन शत-प्रतिशत रिइंबर्स कर देगी. इतना ही नहीं, मिल में बनने वाली चीनी पर पांच सालों तक स्टेट जीएसटी (SGST) की पूरी रकम भी निवेशकों को वापस मिल जाएगी. नई मिल खोलने पर मिलेगी 100 करोड़ रुपये तक की प्रशासनी मदद प्रशासन ने मिलों की क्षमता के हिसाब से भारी-भरकम अनुदान देने का फैसला किया है. अगर कोई निवेशक 5 हजार टीसीडी वाली नई चीनी मिल लगाता है, तो उसे प्रशासन की तरफ से पांच वर्षों में 100 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा. 3500 टीसीडी क्षमता वाली नई चीनी मिल खोलने पर 70 करोड़ रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी. जो चीनी मिलें पहले से चल रही हैं, अगर वे अपनी क्षमता में कम से कम 1 हजार टीसीडी का विस्तार करती हैं, तो उन्हें 15 करोड़ रुपये और उससे ज्यादा विस्तार करने पर अतिरिक्त बोनस प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. मॉडर्न शुगर कॉम्प्लेक्स बनाने वाला बिहार देश का पहला राज्य बिहार में अब एक ही जगह पर चीनी मिल के साथ-साथ इथेनॉल उत्पादन इकाई, डिस्टीलरी, बिजली बनाने का प्लांट और कॉम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित किए जा सकेंगे. इन सभी यूनिट्स को लगाने और उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए प्लांट व मशीनरी के निवेश पर प्रशासन भारी सब्सिडी और ब्याज में राहत देगी. इसके अलावा इथेनॉल उत्पादन पर लगने वाले एसजीएसटी की भी शत-प्रतिशत वापसी की जाएगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें किसानों को मिलेगा बेहतर दाम गन्ना मंत्री ने कहा कि यह नीति देश में अपनी तरह की पहली और सबसे बड़ी पहल है. मुख्यमंत्री के ‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत इस नीति को लागू करने से बिहार में बड़े पैमाने पर प्राइवेट इन्वेस्टमेंट आएगा. इससे न केवल बंद पड़ी मिलों की रौनक लौटेगी, बल्कि गांवों और शहरों के युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे. इसके साथ ही गन्ना उगाने वाले किसानों को उनकी फसलों का पहले से कहीं बेहतर और सही मूल्य समय पर मिल सकेगा, जिससे उनकी आमदनी में बड़ा इजाफा होगा. इसे भी पढ़ें: 26, 27, 28 जून को बिहार के इन जिलों में रहेगा आंधी-तूफान, वज्रपात और बारिश का दौर, IMD का डबल अलर्ट PMCH की नई प्रिंसिपल बनीं डॉ. गीता सिन्हा, मंत्री निशांत कुमार का फोन नहीं उठाने वाले नरेंद्र सिंह भेजे गए बेतिया The post बिहार में सिर्फ 1 रुपये में मिलेगी 40 एकड़ जमीन, जानिए प्रशासन का मेगा प्लान appeared first on Naya Vichar.

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NHAI का नया प्रयोग, टोल बैरियर हटाकर शुरू की डिजिटल वसूली, कैमरा और सेंसर करेंगे पूरा काम

हिंदुस्तान में हाईवे यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. अब टोल प्लाजा पर लंबी कतारों में रुकने या बैरियर खुलने का इंतजार करने की जरूरत धीरे-धीरे खत्म हो सकती है. हिंदुस्तानीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने हरियाणा के घरौंडा टोल प्लाजा पर नई तकनीक आधारित मल्टी लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) टोल प्रणाली शुरू कर दी है. इस सिस्टम में वाहन बिना रुके और बिना किसी भौतिक अवरोध के टोल पार कर सकेंगे, जबकि शुल्क अपने आप फास्टैग से कट जाएगा. यह पहल देश में स्मार्ट और डिजिटल हाईवे नेटवर्क की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. अब टोल पर नहीं लगेगी लंबी लाइन नई एमएलएफएफ प्रणाली पारंपरिक टोल प्लाजा मॉडल से पूरी तरह अलग है. अभी तक टोल भुगतान के लिए वाहनों को निर्धारित लेन में आकर रुकना या धीमा होना पड़ता था. लेकिन नई व्यवस्था में वाहन सामान्य गति से आगे बढ़ सकेंगे. सड़क के ऊपर लगाए गए विशेष गैन्ट्री, कैमरे और सेंसर वाहन की पहचान करेंगे और टोल राशि स्वतः फास्टैग खाते से कट जाएगी. इससे न केवल ट्रैफिक जाम कम होगा बल्कि व्यस्त समय में टोल प्लाजा पर होने वाली भीड़ भी काफी हद तक घट सकती है. कैसे काम करेगी नई तकनीक? एमएलएफएफ सिस्टम में एडवांस इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक का उपयोग किया गया है. हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और स्मार्ट सेंसर वाहनों की पहचान करते हैं. वाहन के फास्टैग और रजिस्ट्रेशन डिटेल्स को सिस्टम पढ़ता है और संबंधित शुल्क सीधे खाते से काट लिया जाता है. पूरी प्रक्रिया कुछ सेकंड में पूरी हो जाती है और चालक को किसी तरह की अतिरिक्त कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं होती. इससे यात्रा अधिक सहज और समय बचाने वाली बन जाती है. पहले भी कई जगह लागू हो चुकी है व्यवस्था घरौंडा टोल प्लाजा इस तकनीक को अपनाने वाला पहला केंद्र नहीं है. इससे पहले गुजरात के चोरयासी, दिल्ली के मुंडका और राजस्थान के दौलतपुरा टोल प्लाजा पर भी मल्टी लेन फ्री फ्लो प्रणाली लागू की जा चुकी है. इन परियोजनाओं से मिले अनुभव के आधार पर भविष्य में अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी इस तकनीक का विस्तार किया जा सकता है. प्रशासन का लक्ष्य टोल भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और बाधारहित बनाना है. यात्रियों को क्या होगा फायदा? नई टोल प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ समय की बचत के रूप में सामने आएगा. वाहन बिना रुके आगे बढ़ेंगे, जिससे ईंधन की खपत कम होगी और प्रदूषण में भी कमी आ सकती है. इसके अलावा अचानक ब्रेक लगाने और लेन बदलने जैसी स्थितियां कम होने से सड़क सुरक्षा में भी सुधार होने की उम्मीद है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस मॉडल को बड़े स्तर पर लागू किया गया तो देशभर में हाईवे यात्रा का अनुभव काफी बेहतर हो सकता है. इन बातों का रखें ध्यान एनएचएआई ने वाहन मालिकों को सलाह दी है कि उनका फास्टैग सक्रिय हो और उसमें पर्याप्त बैलेंस मौजूद रहे. साथ ही फास्टैग को वाहन की विंडशील्ड पर सही स्थान पर लगाया जाए. हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) का उपयोग भी जरूरी है, ताकि कैमरे और सेंसर वाहन की पहचान सही तरीके से कर सकें. डिजिटल टोलिंग की यह नई व्यवस्था आने वाले वर्षों में हिंदुस्तान के हाईवे नेटवर्क को और अधिक स्मार्ट, तेज और आधुनिक बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकती है. यह भी पढ़ें: FASTag को लेकर नहीं चलेगी चालाकी, एक टैग कई गाड़ियों में लगाने पर होगा ब्लैकलिस्ट यह भी पढ़ें: 2026 के अंत तक खत्म हो जाएंगे Toll Plaza, बिना रुके कटेगा Toll Tax The post NHAI का नया प्रयोग, टोल बैरियर हटाकर शुरू की डिजिटल वसूली, कैमरा और सेंसर करेंगे पूरा काम appeared first on Naya Vichar.

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5000mAh बैटरी, IP64 रेटिंग… सिर्फ ₹9,999 में देसी कंपनी लेकर आई नया फोन

इंडियन स्मार्टफोन ब्रांड Lava ने अपना नया बजट स्मार्टफोन Lava Smart 4 Plus हिंदुस्तान में लॉन्च कर दिया है. यह फोन उन लोगों को ध्यान में रखकर लाया गया है जो कम कीमत में बड़ी स्क्रीन और जरूरी फीचर्स चाहते हैं. फोन दो आकर्षक कलर ऑप्शन में उपलब्ध है. इसकी IP64 रेटिंग इसे धूल और पानी के छींटों से भी सेफ रखती है. कंपनी ने इसे हिंदुस्तान में एक ही RAM और स्टोरेज वेरिएंट में पेश किया है. आइए इस फोन के प्राइस और अन्य फीचर्स पर एक नजर डालते हैं. Lava Smart 4 Plus की कीमत हिंदुस्तान में Lava Smart 4 Plus की कीमत 9,999 रुपये रखी गई है. यह स्मार्टफोन फिलहाल 4GB रैम और 64GB स्टोरेज वाले एकमात्र वेरिएंट में उपलब्ध है. कंपनी इसे Nilgiri Blue और Himalayan Silver कलर में पेश की है. यह फोन देशभर के रिटेल स्टोर्स पर आसानी से खरीदा जा सकेगा. Lava ने ग्राहकों की सुविधा का भी खास ध्यान रखा है. कंपनी ने कन्फर्म की है कि Smart 4 Plus के साथ Doorstep After-Sales Service भी मिलेगी. यानी किसी भी सर्विस या सपोर्ट की जरूरत पड़ने पर आपको सर्विस सेंटर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. Lava Smart 4 Plus के फीचर्स यह फोन Android 15 Go Edition पर चलता है. अच्छी बात यह है कि Lava इसके लिए 2 साल तक सिक्योरिटी अपडेट्स देने का वादा कर रही है.  फोन में 6.75 इंच की बड़ी HD+ डिस्प्ले दी गई है, जो 90Hz रिफ्रेश रेट के साथ आती है. परफॉर्मेंस की बात करें तो इसमें ऑक्टा-कोर Unisoc 9863A प्रोसेसर दिया गया है, जिसके साथ 4GB RAM और 64GB स्टोरेज मिलती है.  वर्चुअल RAM फीचर की मदद से RAM को बढ़ाकर 8GB तक किया जा सकता है. फोटोग्राफी के लिए फोन में 13MP का AI-बेस्ड डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है. वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 5MP का फ्रंट कैमरा मौजूद है.  फोन को IP64 रेटिंग भी मिली है, जो इसे धूल और पानी के छींटों से एक्सट्रा सेफ्टी ऑफर करती है. कनेक्टिविटी के लिए इसमें 4G, Wi-Fi और Bluetooth जैसे जरूरी फीचर्स मिलते हैं.  फोन में 5,000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है. साथ ही 10W फास्ट चार्जिंग और USB Type-C पोर्ट की सुविधा भी दी गई है. यह भी पढ़ें: Oppo Reno 16 और Reno 16c की हिंदुस्तान में लॉन्च डेट हुई कन्फर्म, कैमरा डिटेल्स भी आई सामने The post 5000mAh बैटरी, IP64 रेटिंग… सिर्फ ₹9,999 में देसी कंपनी लेकर आई नया फोन appeared first on Naya Vichar.

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पासपोर्ट विवाद: विपक्ष ने बीजेपी पर बोला हमला, पूछा- आखिर भारतीय होने का प्रमाण क्या है?

Ministry of External Affairs: विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के उस बयान पर सियासी विवाद बढ़ गया है, जिसमें कहा गया कि पासपोर्ट मुख्य रूप से यात्रा दस्तावेज है और यह नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता. इस मुद्दे पर विपक्ष ने केंद्र प्रशासन हमला बोलते हुए कई सवाल खड़े किए हैं. विपक्ष ने मोदी प्रशासन से सवाल किया है कि आखिर हिंदुस्तानीय नागरिकता साबित करने के लिए कौन-सा दस्तावेज मान्य है. पासपोर्ट पर प्रशासन के बयान से बढ़ा विवाद विदेश मंत्रालय की ओर से पासपोर्ट पासपोर्ट को एक बयान जारी किया है. जिसमें कहा गया कि पासपोर्ट सिर्फ अंतरराष्ट्रीय यात्रा की अनुमति देना है और इसे नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता है. विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह कानूनी स्थिति कोई नई नहीं है और कई दशकों से लागू है. VIDEO | Hyderabad: On being asked about the MEA’s statement that “a passport is not proof of citizenship,” AIMIM chief Asaduddin Owaisi said, “The direction in which the country appears to be heading raises serious concerns. It increasingly seems that, in the coming days, BJP… pic.twitter.com/xoyzsmUmuh — Press Trust of India (@PTI_News) June 25, 2026 कांग्रेस ने पूछा- फिर नागरिकता का सबूत क्या? कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी भी नागरिकता का प्रमाण नहीं हैं, तो आम नागरिक आखिर किस दस्तावेज के आधार पर अपनी नागरिकता साबित करेगा. उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रशासन की नीति पर सवाल उठाते हुए तीखी टिप्पणी भी की. मोदी प्रशासन का कहना है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है क्या हिंदुस्तान का पासपोर्ट ग़ैर हिंदुस्तानियों को भी दिया जाता है? पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस क्या जाँच करने आती है? • आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है • पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है • PAN नागरिकता… pic.twitter.com/KNVbQBviKB — Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) June 25, 2026 ओवैसी बोले- लोगों में भ्रम पैदा हो रहा AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी प्रशासन पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि प्रशासन के इस बयान लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है. उन्होंने पासपोर्ट अधिनियम की धारा 6(2)(a) का हवाला देते हुए कहा कि कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल हिंदुस्तानीय नागरिक को ही जारी किया जा सकता है. ऐसे में प्रशासन के बयान को लेकर स्पष्टता जरूरी है. एनसीपी (शरद पवार) ने भी उठाए सवाल एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने कहा कि पहले आधार कार्ड को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना गया, फिर वोटर आईडी को भी पर्याप्त नहीं बताया गया और अब पासपोर्ट पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं. उन्होंने प्रशासन से स्पष्ट जवाब देने की मांग की. उन्होंने कहा कि फिर नागरिकता साबित करने का मान्य आधार क्या है.क्रास्टो ने तंज कसते हुए कहा कि कहीं ऐसा न हो कि भविष्य में भाजपा की सदस्यता को ही नागरिकता का प्रमाण मान लिया जाए. नेतृत्वक बहस तेज पासपोर्ट विवाद को संसद से लेकर सोशल मीडिया तक बहस छिड़ गई है. विपक्ष प्रशासन से नागरिकता के प्रमाण को लेकर स्पष्ट नीति बताने की मांग कर रहा है, जबकि केंद्र का कहना है कि कानून में कोई बदलाव नहीं हुआ है और पुराने नियमों को ही दोहराया गया है. The post पासपोर्ट विवाद: विपक्ष ने बीजेपी पर बोला हमला, पूछा- आखिर हिंदुस्तानीय होने का प्रमाण क्या है? appeared first on Naya Vichar.

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काम मिलना बंद हो गया था, भाई को भी नहीं मिली नौकरी… रिया चक्रवर्ती ने बयां किया दर्द

Rhea Chakraborty On Not Getting Work: रिया चक्रवर्ती हाल ही में अपने भाई शोविक चक्रवर्ती के साथ नेहा धूपिया और अंगद बेदी के यूट्यूब टॉक शो डबल डेट में नजर आई. इस दौरान एक्ट्रेस ने अपने मुश्किल वक्त को याद किया. साथ ही बताया कि दोनों कैसे पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को बैलेंस करते हैं. Rhea Chakraborty On running business with Showik: शोविक संग बिजनेस चलाने पर क्या बोली रिया चक्रवर्ती रिया चक्रवर्ती और शोविक ने मिलकर Chapter 2 नाम का बिजनेस शुरू किया. इसपर एक्ट्रेस ने कहा, “शुरुआत में हमारे लिए साथ काम करना काफी मुश्किल था. कई बार बहस इतनी बढ़ जाती थी कि कमरे से निकलते वक्त शोविक कहता था कि अब वह घर छोड़कर जा रहा है.” रिया ने आगे बताया कि समय के साथ चीजें बेहतर होती गईं. रिया ने कहा, “एक बड़ी बहन के तौर पर शोविक को बड़ा होते और हमारी कंपनी Chapter 2 का CEO बनते देखना दिलचस्प रहा है. मैं कंपनी के अकाउंट्स और कंप्लायंस जैसे काम संभालती हूं, जिनमें उसकी ज्यादा दिलचस्पी नहीं है.” View this post on Instagram A post shared by Neha Dhupia (@nehadhupia) Rhea Wanted To Name Business ‘Chudail Ka Badla’: रिया बिजनेस का नाम ‘Chudail Ka Badla’ रखना चाहती थी बातचीत के दौरान रिया ने कंपनी के नाम को लेकर भी एक मजेदार किस्सा शेयर किया. उन्होंने कहा, “मैं कंपनी का नाम ‘Chudail Ka Badla’ रखना चाहती थी. मुझे यह नाम बहुत पसंद था और मैं इसके नाम पर टी-शर्ट्स और मर्चेंडाइज बनाने तक की सोच चुकी थी, लेकिन सब लोग मुझे कहते थे कि इतना नेगेटिव मत सोचो, लेकिन मैं हमेशा कहती थी कि यह नेगेटिव नहीं, बल्कि फनी है.” View this post on Instagram A post shared by Rhea Chakraborty (@rhea_chakraborty) Why Rhea-Showik Start Business: क्यों रिया और शोविक ने शुरू किया बिजनेस फिर शोविक ने कहा सनसनीखेज खुलासा किया. जिसमें कहा, “सच कहूं तो हमने यह बिजनेस किसी बड़ी प्लानिंग के तहत शुरू नहीं किया था. उस समय हमारे पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं था, इसलिए हमने साथ मिलकर यह कदम उठाया.” उन्होंने बताया कि उस समय वह और उनकी बहन दोनों अपने-अपने करियर को लेकर मुश्किल दौर से गुजर रहे थे. जहां रिया चक्रवर्ती को काम मिलना लगभग बंद हो गया था, वहीं MBA पूरा करने के बावजूद शोविक को भी नौकरी या अच्छे प्रोफेशनल मौके नहीं मिल रहे थे. Rhea Not Getting Work: रिया को नहीं मिल रहा था काम रिया ने उस दौर को याद करते हुए कहा, “2020 के बाद मुझे काम मिलना बंद हो गया था. कोई मुझे साइन नहीं कर रहा था और न ही शोविक को कहीं नौकरी मिल रही थी.” शोविक ने कहा, “जिस साल मुझे गिरफ्तार किया गया, उसी साल मुझे MBA में एडमिशन भी मिला था. मैंने 97 प्रतिशत अंक हासिल किए थे.” यह भी पढ़ें- सुशांत की मौत के बाद जेल में बिताई रातों पर रिया चक्रवर्ती का छलका दर्द, बोलीं- सदमा पीछा नहीं छोड़ता यह भी पढ़ें- Rhea Chakraborty ने सोशल मीडिया से लिया ब्रेक, वजह जान रह जाएंगे हैरान The post काम मिलना बंद हो गया था, भाई को भी नहीं मिली नौकरी… रिया चक्रवर्ती ने बयां किया दर्द appeared first on Naya Vichar.

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