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July 18, 2026

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सावधान! राज्यपाल बनकर अधिकारियों को फोन कर रहा जालसाज, लोक भवन ने कोलकाता पुलिस में दर्ज करायी शिकायत

West Bengal Cyber Crime: पश्चिम बंगाल में जालसाज और साइबर अपराधी लोक भवन के नाम पर वीआईपी (VIPs) और वरिष्ठ प्रशासनी अधिकारियों को फोन कॉल कर रहे हैं. लोक भवन ने इस संबंध में कोलकाता पुलिस के साइबर अपराध प्रकोष्ठ (Cyber Crime Cell) में लिखित शिकायत दर्ज करायी है. राज्यपाल कार्यालय ने शनिवार (18 जुलाई 2026) को यह जानकारी दी. लोक भवन से जारी बयान के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति किसी विशेष मोबाइल नंबर से खुद को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल या लोक भवन का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लगातार प्रतिष्ठित लोगों और आला अफसरों को फोन कर रहा है. लोक भवन ने जारी की एडवाइजरी इस पूरे मामले को राजभवन प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है. लोक भवन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस फर्जीवाड़े को बहुत ही गंभीरता से लेते हुए उचित कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. लोक भवन ने कहा है- हम आम जनता और अधिकारियों से अनुरोध करते हैं कि राज्यपाल या लोक भवन के नाम पर आने वाले ऐसे किसी भी संदिग्ध फोन या संदेश (Messages) पर कोई भी कदम उठाने से पहले उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि जरूर कर लें. साइबर सेल खंगाल रही है कॉल डिटेल्स कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शिकायत दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की टेक्निकल जांच शुरू कर दी गयी है. जिस मोबाइल नंबर से फोन किये जा रहे हैं, उसका टावर लोकेशन और कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी को जल्द से जल्द दबोचा जा सके. The post सावधान! राज्यपाल बनकर अधिकारियों को फोन कर रहा जालसाज, लोक भवन ने कोलकाता पुलिस में दर्ज करायी शिकायत appeared first on Naya Vichar.

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IND vs ENG: वाशिंगटन सुंदर इंग्लैंड सीरीज से बाहर, तीसरे वनडे के लिए हर्ष दुबे की एंट्री

हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में स्पोर्ट्से जाने वाले तीसरे और अंतिम वनडे से पहले टीम इंडिया की मुश्किले बढ़ गई है. ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर चोट के कारण सीरीज से बाहर हो गए हैं. उनकी जगह युवा ऑलराउंडर हर्ष दुबे को हिंदुस्तानीय टीम में शामिल किया गया है. हैमस्ट्रिंग चोट के कारण बाहर हुए सुंदर हिंदुस्तानीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से जारी बयान के अनुसार, वाशिंगटन सुंदर को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में स्पोर्ट्से गए दूसरे वनडे के दौरान दाहिने पैर की हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी. चोट के कारण वह सीरीज के बाकी मैच से बाहर हो गए हैं. अब वह स्कैन कराएंगे और आगे के उपचार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेंगे. हर्ष दुबे को मिला मौका पुरुष चयन समिति ने वाशिंगटन सुंदर के स्थान पर हर्ष दुबे को तीसरे वनडे के लिए हिंदुस्तानीय टीम में शामिल किया है. घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले हर्ष दुबे को अफगानिस्तान सीरीज के बाद फिर से हिंदुस्तानीय वनडे टीम का हिस्सा बनाया गया है. ऐसे में लॉर्ड्स में उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका भी मिल सकता है. लॉर्ड्स में होगा सीरीज का फैसला हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है. पहला मुकाबला हिंदुस्तान ने जीता था, जबकि दूसरे वनडे में इंग्लैंड ने वापसी करते हुए सीरीज बराबर कर दी. अब 19 जुलाई को लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा मुकाबला सीरीज का विजेता तय करेगा. तीसरे वनडे के लिए हिंदुस्तान की अपडेटेड टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार, प्रिंस यादव और हर्ष दुबे. ये भी पढ़ें: ‘सोबर्स में वह सब कुछ था, जैसा हम बनने का सपना देखते थे’; सुनील गावस्कर ने दी श्रद्धांजलि The post IND vs ENG: वाशिंगटन सुंदर इंग्लैंड सीरीज से बाहर, तीसरे वनडे के लिए हर्ष दुबे की एंट्री appeared first on Naya Vichar.

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सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर भड़के राहुल गांधी, कहा- असत्य और हिंसा मोदी सरकार के मूल सिद्धांत

Rahul Gandhi On Sonam Wangchuk: राहुल गांधी ने कहा कि जब सोनम वांगचुक शांतिपूर्ण तरीके से अनशन पर थे, तब उन्हें जंतर-मंतर से हटाया जाना गलत है. उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया और आरोप लगाया कि केंद्र प्रशासन के मूल सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं. पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या गंभीर मुद्दे : राहुल गांधी राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा- “पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या हिंदुस्तान के भविष्य के लिए गंभीर मुद्दे हैं. कोई भी ताकत हिंदुस्तान के छात्रों और हममें से उन लोगों को, जो उनसे प्यार करते हैं और उनमें विश्वास रखते हैं, इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती.” भूख हड़ताल के 21वें दिन स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद वांगचुक अस्पताल में भर्ती जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद शनिवार को वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया. पुलिस ने इस कार्रवाई को चिकित्सा सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया है. पुलिस ने बताया कि इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हुई. हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया. उन्होंने एक्स पर वीडियो शेयर किया, जिसमें वांगचुक को सफेद चादर में लपेटकर प्रदर्शन स्थल से ले जाते हुए दिखाया गया. CJP ने वीडियो के साथ लिखा- ‘‘20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे एक कमजोर बुजुर्ग को दिल्ली पुलिस ने सफेद चादर में लपेटकर वहां से उठा लिया. यह देश के लिए शर्म की बात है.’’ ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक का अस्पताल में भी अनशन जारी, पत्नी गीतांजलि बोलीं- 20 जुलाई को होकर रहेगा संसद मार्च ये भी पढ़ें: जंतर-मंतर पर स्त्री ने अभिजीत दीपके पर फेंकी स्याही, Video वायरल The post सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर भड़के राहुल गांधी, कहा- असत्य और हिंसा मोदी प्रशासन के मूल सिद्धांत appeared first on Naya Vichar.

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बंजर जमीन पर उगाया ‘लाल सोना’, ड्रैगन फ्रूट की खेती से बदल रही लातेहार के किसान की तकदीर

लातेहार से चंद्रप्रकाश सिंह की रिपोर्ट Success Story: झारखंड के लातेहार जिले के सदर प्रखंड स्थित जालिम खुर्द गांव के किसान संदीप कुमार ने यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन, आधुनिक तकनीक और मेहनत के बल पर बंजर जमीन को भी सोना उगलने वाला खेत बनाया जा सकता है. प्रधानमंत्री किसान समृद्धि योजना-2 (वाटरशेड) के तहत उन्होंने अपनी एक एकड़ बंजर भूमि पर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की, जो आज न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है, बल्कि जिले के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है. बंजर जमीन से शुरू हुआ सफलता का सफर करीब तीन वर्ष पहले संदीप कुमार की एक एकड़ जमीन पूरी तरह बंजर थी. खेती योग्य नहीं मानी जाने वाली इस भूमि पर पारंपरिक फसलें भी अच्छी नहीं होती थीं. ऐसे समय में जिला भूमि संरक्षण कार्यालय, लातेहार की पहल पर उन्हें ड्रैगन फ्रूट की खेती करने का सुझाव मिला. शुरुआत में यह विचार उन्हें काफी अलग और चुनौतीपूर्ण लगा, क्योंकि क्षेत्र में पहले कभी बड़े पैमाने पर इस फल की खेती नहीं हुई थी. इसके बावजूद उन्होंने जोखिम उठाया और विभाग के सहयोग से खेती शुरू करने का फैसला किया. जैविक खाद ने बदल दी मिट्टी की तस्वीर खेती शुरू करने से पहले जमीन को तैयार करने के लिए जैविक खाद का व्यापक उपयोग किया गया. इसके बाद ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाए गए. तीन वर्षों की देखभाल और नियमित मेहनत का परिणाम यह है कि कभी बंजर रही जमीन अब पूरी तरह उपजाऊ हो चुकी है और हरे-भरे पौधों से लहलहा रही है. इस वर्ष खेत में ड्रैगन फ्रूट की बेहतरीन फ्लावरिंग और फ्रूटिंग देखने को मिल रही है. अच्छी पैदावार से किसान और उनका परिवार काफी उत्साहित है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ड्रैगन फ्रूट की फसल एक बार लगाने के बाद लगभग 25 वर्षों तक उत्पादन देती है, जिससे लंबे समय तक आय का स्रोत बना रहता है. विभाग ने उपलब्ध कराए पौधे और प्रशिक्षण प्रधानमंत्री किसान समृद्धि योजना-2 (वाटरशेड) के तहत जिला भूमि संरक्षण कार्यालय ने किसान को ड्रैगन फ्रूट के पौधे, जैविक खाद, तकनीकी प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए. विभाग का उद्देश्य आधुनिक एवं लाभकारी खेती को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है. इस योजना के माध्यम से किसानों को नई फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ नकदी फसलों से भी बेहतर आमदनी अर्जित कर सकें. किसान बोले, पहले अजीब लगा था यह विचार किसान संदीप कुमार बताते हैं कि शुरुआत में उन्हें ड्रैगन फ्रूट की खेती का सुझाव काफी अजीब लगा था. उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी बंजर जमीन पर इतनी महंगी और विदेशी फल की खेती सफल हो सकती है. उन्होंने कहा, “जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी विवेक मिश्रा के लगातार प्रयास और मार्गदर्शन से मैंने एक एकड़ बंजर जमीन पर ड्रैगन फ्रूट लगाने का निर्णय लिया. सबसे पहले जैविक खाद डालकर मिट्टी तैयार की गई, फिर पौधे लगाए गए. इस साल अच्छी फसल मिली है. पहले गांव के लोग ड्रैगन फ्रूट के बारे में ज्यादा नहीं जानते थे, लेकिन अब इसकी खेती और बाजार दोनों को लेकर लोगों की रुचि बढ़ रही है.” अधिकारी बोले, मेहनत का मिला शानदार परिणाम जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी विवेक मिश्रा ने बताया कि विभाग की ओर से किसान को हर संभव तकनीकी और संसाधन संबंधी सहायता उपलब्ध कराई गई. हालांकि इस सफलता का सबसे बड़ा श्रेय किसान की मेहनत, धैर्य और समर्पण को जाता है. उन्होंने कहा कि ड्रैगन फ्रूट एक उच्च मूल्य वाली फसल है, जिसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है. इससे किसानों को पारंपरिक फसलों की तुलना में अधिक आय प्राप्त हो सकती है. उन्होंने जिले के अन्य किसानों से भी आधुनिक और लाभकारी फसलों की खेती अपनाने की अपील की. इसे भी पढ़ें: रूस की क्रीमिया फेडरल यूनिवर्सिटी से डॉ. अनन्य नमन केशरी बने एमबीबीएस, पिठोरिया में खुशी का माहौल दूसरे किसानों के लिए बन रहे प्रेरणा आज संदीप कुमार का खेत लातेहार के किसानों के लिए एक मॉडल फार्म बनता जा रहा है. कई किसान उनके खेत का दौरा कर ड्रैगन फ्रूट की खेती की तकनीक, लागत और लाभ की जानकारी ले रहे हैं. यह सफलता दिखाती है कि यदि प्रशासनी योजनाओं का सही लाभ लिया जाए और नई तकनीकों को अपनाया जाए, तो बंजर जमीन भी समृद्धि का आधार बन सकती है. संदीप कुमार की कहानी झारखंड के उन किसानों के लिए उम्मीद की मिसाल है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेती में नई संभावनाएं तलाशना चाहते हैं. इसे भी पढ़ें: ‘कई अधिकारी न समय पर पत्रों का जवाब देते हैं, ना ही फोन उठाते हैं’, वित्त मंत्री ने अपर मुख्य सचिव को लिखी चिट्ठी The post बंजर जमीन पर उगाया ‘लाल सोना’, ड्रैगन फ्रूट की खेती से बदल रही लातेहार के किसान की तकदीर appeared first on Naya Vichar.

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राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बनने की होड़, रिटायर्ड अफसरों ने दिखाया जोर, 22 जुलाई की बैठक पर टिकी निगाहें

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए आवेदन की समय-सीमा शनिवार को समाप्त हो गई. इस पद के लिए बड़ी संख्या में रिटायर्ड नौकरशाहों और अनुभवी पेशेवरों ने आवेदन किया है. दान राशि के कथित गड़बड़ी मामले के बाद ट्रस्ट प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में यह अहम कदम माना जा रहा है. CEO पद के लिए जबरदस्त उत्साह श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO पद के लिए देशभर से बड़ी संख्या में आवेदन पहुंचे हैं. ट्रस्ट के एक वरिष्ठ सदस्य के अनुसार कई उम्मीदवारों ने सीधे ट्रस्ट को भी अपना बायोडाटा भेजा, लेकिन उन्हें विशेषज्ञ समिति के पास आवेदन भेजने के लिए कहा गया, क्योंकि वही समिति आवेदनों की जांच कर ट्रस्ट को योग्य नामों की सिफारिश करेगी. सूत्रों के मुताबिक, सबसे अधिक आवेदन सेवानिवृत्त नौकरशाहों की ओर से आए हैं. इसके अलावा सेवा के अंतिम दो वर्षों में कार्यरत प्रशासनी अधिकारी, सेवानिवृत्त अधिकारी और योग्य निजी क्षेत्र के अनुभवी पेशेवर भी इस पद के लिए पात्र हैं. दान व्यवस्था और प्रशासन को मजबूत करने की कवायद राम मंदिर में दान राशि को लेकर उठे विवाद के बाद ट्रस्ट ने वित्तीय निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया है. इसी उद्देश्य से पहली बार CEO का पद सृजित किया गया है. माना जा रहा है कि CEO मंदिर के दैनिक संचालन, वित्तीय प्रबंधन, संस्थागत जवाबदेही और प्रशासनिक समन्वय की जिम्मेदारी संभालेगा. तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति करेगी चयन CEO चयन प्रक्रिया के लिए तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति बनाई गई है. इसमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और NIT रायपुर के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे शामिल हैं. समिति पहले सभी आवेदनों की जांच करेगी, फिर योग्य उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्ट तैयार करेगी. आवश्यकता पड़ने पर उम्मीदवारों का आमने-सामने साक्षात्कार भी लिया जा सकता है. इसके बाद समिति अपनी सिफारिश ट्रस्ट को सौंपेगी और अंतिम फैसला ट्रस्ट करेगा. 22 जुलाई की बैठक पर सबकी नजर सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को प्रस्तावित है. माना जा रहा है कि इस बैठक में खाली पड़े ट्रस्टी पदों को भरने के साथ-साथ ट्रस्ट की नई प्रशासनिक संरचना पर भी चर्चा होगी. इसके बाद पहले CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकता है. फिलहाल ट्रस्ट में 13 सदस्य हैं. चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव बनाया गया है, जबकि एक ट्रस्टी के निधन के कारण भी एक पद रिक्त है. क्या होगा CEO का दायित्व? राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO मंदिर के प्रशासनिक संचालन, दान राशि की निगरानी, वित्तीय पारदर्शिता, संस्थागत जवाबदेही और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी संभालेगा. ट्रस्ट का मानना है कि इस पद के गठन से मंदिर प्रबंधन को अधिक पेशेवर और पारदर्शी बनाया जा सकेगा. यह भी पढ़ें: घर में सो रहे बुजुर्ग को उठाकर ले गया बाघ! 24 घंटे में दूसरी बड़ी घटना से दहला बहराइच, दहशत में ग्रामीण The post राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बनने की होड़, रिटायर्ड अफसरों ने दिखाया जोर, 22 जुलाई की बैठक पर टिकी निगाहें appeared first on Naya Vichar.

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Ather Rizta S vs TVS iQube: डेली अप-डाउन के लिए कौन बेहतर? जानें प्राइस, रेंज और फीचर्स

हिंदुस्तानीय बाजारों में टू-व्हीलर्स इलेक्ट्रिक स्कूटरों की डिमांड तेजी से बढ़ती जा रही है. ऐसे में कंपनियां लगातार एक से बढ़कर एक धांसू रेंज वाले स्कूटरों को लॉन्च कर रही हैं. इस आर्टिकल में हम दो दमदार ई-स्कूटर एथर रिज्टा और टीवीएस आईक्यूब के बारे में बात करने जा रहे हैं, जो इस समय सड़कों पर धूम मचा रही हैं. इन दोनों स्कूटरों का क्रेज ग्राहकों के बीच है. यदि आपका भी कोई इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने प्लान बन रहा है, इन दोनों में से कोई एक बेस्ट चॉइस हो सकता है. आइए हम आपको दोनों की कीमत, रेंज और फीचर्स के बारे में जानकारी देते है, जिससे आपका काम आसान हो सकता है.  Ather Rizta S vs TVS IQube: बैटरी और रेंज  2026 एथर रिज्टा एस में 2.7 लिथियम आयन फास्फोट (LFP) बैटरी मिलेगी, जो पहले से छोटी हो गई है. नई अपडेट में कंपनी ने बैटरी में बदलाव किए हैं. पहले इस वेरिएंट में 2.9 kWH बैटरी आती थी. हालांकि, इसमें फासटेस्ट 900 वाट चार्जर मिलेगा, जिससे सिर्फ 3 घंटे 12 मिनट में 0 से 80 पर्सेंट तक बैटरी चार्ज की जा सकती है. एक बार चार्ज करने पर यह बैटरी 123 किलोमीटर रेंज दे सकता है.  टीवीएस आईक्यूब में 2.2 kWh लिथियम आयन बैटरी पैक का ऑप्शन मिलता है, जो 140 nm टॉर्क जेनरेट करता है. 2 घंटे 45 मिनट में 0 से 80 पर्सेंट चार्ज किया जा सकता है. सिर्फ 4.2 सेकंड में 0 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकता है. इसकी टॉप स्पीड 75 kmph है. इतना ही नहीं इस बैटरी पैक के साथ आईक्यूब 94 किलोमीटर तक रेंज देता है.  Ather Rizta S vs TVS IQube: फीचर्स और कम्फर्ट  2026 एथर रिज्टा एस में 34 लीटर अंडर सीट बूट स्पेस, फुल फेस हेलमेट, 22 लीटर फ्रंट फ्रंक, इमरजेंसी स्टॉप सिगनल (ESS), फॉलसेफ, 7 इंच डीपव्यू एलसीडी स्क्रीन, स्किड कंट्रोल, मैजिक ट्विस्ट, 900 mm परोवाइडिंग एंपल और फुटरेस्ट जैसे फीचर्स मिलेंगे. TVS IQube में अलेक्सा स्किलसेट फॉर टीवीएस आईक्यूब, टर्न बाय टर्न नेविगेशन, डिस्टेंस टू एम्पटी, रिमोट चार्ज स्टेटस, IP67 वाटर एंड डस्ट रेसिस्टेंस, AIS 156, क्रैश, फॉल एंड एंटी थ्रेश अलर्ट, डिस्क ब्रेक, 1 हेलमेट, यूएसबी चार्जर पोर्ट और रिवर्स/फॉरवर्ड पार्किंग असिस्ट जैसे फीचर्स मिलेंगे.  Ather Rizta S vs TVS IQube: प्राइस  2026 एथर रिज्टा एस की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 1.12 लाख रुपए है.  टीवीएस आईक्यूब की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 1.15 लाख रुपए है. Ather Rizta S vs TVS IQube: कौन है बेहतर? यदि आपको तेज चार्जिंग के साथ ज्यादा नेटवर्क और फीचर्स देखना है, तो टीवीएस आईक्यूब आपके लिए बढ़िया ऑप्शन हो सकता है. वहीं, डेली अप-डाउन के लिए ज्यादा स्पेस और अधिक रेंज देखते हैं, तो एथर रिज्टा एस बेस्ट साबित हो सकता है.  ये भी पढ़ें: Honda Dio 125 के सबसे सस्ते STD वेरिएंट में क्या है खास? जानें कीमत से लेकर फीचर्स तक The post Ather Rizta S vs TVS iQube: डेली अप-डाउन के लिए कौन बेहतर? जानें प्राइस, रेंज और फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

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घर में सो रहे बुजुर्ग को उठाकर ले गया बाघ! 24 घंटे में दूसरी बड़ी घटना से दहला बहराइच, दहशत में ग्रामीण

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. मगरमच्छ के हमले का वीडियो वायरल होने के महज 24 घंटे बाद शनिवार तड़के मोतीपुर थाना क्षेत्र के अहिरनपुरवा गांव में घर के अंदर सो रहे एक बुजुर्ग पर जंगली जानवर ने हमला कर दिया. ग्रामीणों का दावा है कि बाघ बुजुर्ग को उठाकर ले गया, जबकि वन विभाग शुरुआती जांच में तेंदुए के हमले की आशंका जता रहा है. घटना में बुजुर्ग की मौत हो गई है. घर में घुसा जंगली जानवर, सो रहे बुजुर्ग को बना लिया शिकार कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककरहा वन रेंज स्थित अहिरनपुरवा गांव में शनिवार की भोर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब घर में सो रहे श्रीराम यादव पर जंगली जानवर ने हमला कर दिया. ग्रामीणों के मुताबिक जानवर उन्हें घर से खींचकर बाहर ले गया. चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो भीड़ देखकर जंगली जानवर घायल बुजुर्ग को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया. गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को बचाया नहीं जा सका और उनकी मौत हो गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. बाघ या तेंदुआ? जांच में जुटा वन विभाग घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई. ग्रामीण इसे बाघ का हमला बता रहे हैं, जबकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला तेंदुए के हमले का प्रतीत होता है. डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगा कि हमला बाघ ने किया या तेंदुए ने. फिलहाल मृतक के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. 24 घंटे पहले मगरमच्छ ने शिशु पर किया था हमला इस घटना से एक दिन पहले बहराइच के बौंडी थाना क्षेत्र के मुरौवा गांव में 12 वर्षीय शिशु पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया था. बच्चा अपने चाचा के साथ खेत में धान की रोपाई कर रहा था, तभी मगरमच्छ ने उसे दबोच लिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिससे इलाके में पहले ही दहशत का माहौल था. सीतापुर में भी बाघ के हमले से किसान की मौत तराई क्षेत्र में जंगली जानवरों का खतरा केवल बहराइच तक सीमित नहीं है. हाल ही में सीतापुर जिले में भी बाघ के हमले में एक किसान की मौत हो चुकी है. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है. स्थानीय लोगों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने, संवेदनशील गांवों में निगरानी तेज करने और जंगली जानवरों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है. ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षा की मांग तेज लगातार हो रहे हमलों के बाद बहराइच और आसपास के तराई क्षेत्रों के ग्रामीणों में भय व्याप्त है. लोगों का कहना है कि रात के समय घरों से बाहर निकलना तो दूर, अब घर के भीतर भी सुरक्षा का भरोसा नहीं रह गया है. ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी, पिंजरे लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके. यह भी पढ‍़ें: जनता अंधेरे में तो आधी रात पावर हाउस पहुंचीं विधायक केतकी सिंह, बिजली कटौती पर अफसरों की लगाई क्लास The post घर में सो रहे बुजुर्ग को उठाकर ले गया बाघ! 24 घंटे में दूसरी बड़ी घटना से दहला बहराइच, दहशत में ग्रामीण appeared first on Naya Vichar.

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एक ही घर से निकले दो ‘धुरंधर’, भाई-बहन ने अपने दूसरे प्रयास में NEET में पाई सफलता

Brother Sister NEET Success Story: नीट परीक्षा के रिजल्ट में बिहार के नवादा जिले के भाई बहन ने कमाल कर दिया. दोनों ने अपने दूसरे अटेंप्ट में एक साथ NEET क्रैक कर लिया. रितेश कुमार को NEET में 655 मार्क्स मिले हैं और उनकी रैंक 1160 है. उनकी बहन ने 622 मार्क्स और AIR 4685 हासिल किया है. दोनों भाई-बहन ने राजस्थान के कोटा से पढ़ाई की है. माता और पिता ने दूर-दूर रहकर बच्चों को पढ़ाया नवादा जिले के पकरीबरावां थाना क्षेत्र के बाजितपुर गांव के रहने वाले रवि रंजन और बच्चों के पिता पेशे से बिजनेसमैन हैं. मां हाउस वाइफ हैं. माता-पिता बच्चों की इस उपलब्धि से खुश हैं. सालों से रितेश और रिचा का परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए प्रयासरत था. रितेश और ऋचा की मां और दादा उनके साथ कोटा में रहते थे और पिता यहां बिहार में रहकर काम करते थे. रितेश और ऋचा 6ठीं क्लास से ही कोटा में रहकर पढ़ाई करते हैं. ऋचा का रिजल्ट 12-13 घंटे पढ़कर क्रैक किया NEET रितेश का मानना है कि अच्छे रैंक के लिए कोचिंग की पढ़ाई के साथ ही सेल्फ स्टडी का भी खास रोल है. आमतौर पर वे 12-13 घंटे की पढ़ाई करते थे. क्लास के अलावा भी वे 6-7 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे. तैयारी के दौरान बहन-भाई दोनों ने सोशल मीडिया से दूरी बनाई रखी थी. रितेश और ऋचा साथ-साथ पढ़ते थे और अब एक साथ उन्होंने नीट परीक्षा पास की. यह भी पढ़ें- 8 घंटे फोन चलाकर किया NEET में टॉप, नहीं डांटते थे मम्मी-पापा The post एक ही घर से निकले दो ‘धुरंधर’, भाई-बहन ने अपने दूसरे प्रयास में NEET में पाई सफलता appeared first on Naya Vichar.

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मैं जिंदा हूं और सबूत दूंगा… Batwara 1947 के दूसरे टीजर में दिखा बंटवारे का दर्द और तबाही का मंजर

सनी देओल और प्रीति जिंटा स्टारर ‘बंटवारा 1947’ का दूसरा टीजर रिलीज हो गया है. हिंदुस्तान-पाकिस्तान विभाजन की बैकग्राउंड पर बनी इस ऐतिहासिक ड्रामा को आमिर खान प्रोडक्शंस प्रोड्यूस कर रहा है. फिल्म 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. Batwara 1947 Teaser 2: बंटवारा 1947 का दूसरे टीजर आउट टीजर की शुरुआत विभाजन के दर्दनाक दौर की झलकियों से होती है. शुरुआती सीन्स में प्रीति जिंटा, अली फजल और शबाना आजमी अपने-अपने किरदारों में बिखरे हुए और इस त्रासदी से टूटे नजर आते हैं. उनके चेहरे पर डर दिखाई देता है. क्लिप आगजनी, हिंसा और आम लोगों पर हुए अत्याचारों को बेहद इमोशनल अंदाज में दिखाया गया है. Sunny Deol Deol In Batwara 1947: हिम्मत का रास्ता चुनते हैं सनी देओल इसके बाद सनी देओल की दमदार एंट्री होती है. नफरत और डर से भरे माहौल में भी वह हिम्मत का रास्ता चुनता है और एक निडर योद्धा के रूप में नजर आते हैं. वह कहते हैं, ”डर रहा है इंसान… मर रहा है इंसान और मैं जीते जी मरना नहीं चाहता, मैं जिंदा हूं और जिंदा होने का सबूत दूंगा.” Batwara 1947 Story: ‘बंटवारा 1947’ किस कहानी पर आधारित है? ‘बंटवारा 1947’ मशहूर लेखक असगर वजाहत के चर्चित नाटक ‘जिस लाहौर नइ देख्या ओ जम्याइ नइ’ से प्रेरित है. यह कहानी साल 1947 में हिंदुस्तान-पाकिस्तान विभाजन के दौरान लोगों के दर्द, बिछड़ने और इंसानी रिश्तों की गहरी भावनाओं को सामने लाती है. फिल्म का संगीत ए.आर. रहमान ने तैयार किया है, जबकि इसके गाने जावेद अख्तर ने लिखे हैं. View on Instagram Batwara 1947 Star Cast And Release Date: ‘बंटवारा 1947’ की स्टारकास्ट और रिलीज डेट बंटवारा 1947 में सनी देओल ‘सिकंदर मिर्जा’ के किरदार में नजर आएंगे. उनके साथ प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल, अभिमन्यु सिंह और करण देओल भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे. यह पीरियड ड्रामा 14 अगस्त 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी. सनी देओल की अपकमिंग फिल्में ‘गदर 2’ की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद सनी देओल लगातार दर्शकों को एंटरटेन कर रहे हैं. वह जाट, बॉर्डर 2 और इक्का जैसी फिल्मों में नजर आए. अब उनके पास ‘गबरू’ और निर्देशक निखिल नागेश भट्ट की एक अनटाइटल्ड एक्शन फिल्म भी पाइपलाइन में है. ये भी पढ़ें: ‘बंटवारा 1947’ और ‘आवारापन 2’ से फिर टकराएंगे सनी देओल-इमरान हाशमी, 19 साल पुराना कनेक्शन आया सामने ये भी पढ़ें: Batwara 1947 Teaser: नफरत के बीच उम्मीद की रोशनी बने सनी देओल, टीजर में दिखीं प्रीति जिंटा-शबाना आजमी The post मैं जिंदा हूं और सबूत दूंगा… Batwara 1947 के दूसरे टीजर में दिखा बंटवारे का दर्द और तबाही का मंजर appeared first on Naya Vichar.

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रोज हेलमेट पहनने से बाल हो रहे हैं खराब? अपनाएं ये आसान हेयर केयर टिप्स

Helmet Hair Care Tips: बाइक या स्कूटर से सफर करते समय हेलमेट पहनना बेहद जरूरी है. यह हमें सड़क हादसों से बचाने में मदद करता है, लेकिन लंबे समय तक हेलमेट पहनने से कई लोगों को बालों से जुड़ी परेशानियां होने लगती हैं. पसीना, चिपचिपाहट, खुजली, बदबू और बालों का टूटना जैसी समस्याएं आम हो सकती हैं. हालांकि, हर बार बाल झड़ने की वजह सिर्फ हेलमेट नहीं होता. इसके पीछे खराब खानपान, तनाव, मौसम में बदलाव और स्कैल्प की सही देखभाल न करना भी कारण हो सकते हैं. फिर भी कुछ आसान आदतों को अपनाकर हेलमेट पहनने के बाद बालों की अच्छी देखभाल की जा सकती है. गीले बालों में न पहनें हेलमेट बाल धोने के तुरंत बाद हेलमेट पहनने से बचें. गीले बालों में हेलमेट लगाने से स्कैल्प में नमी बनी रहती है, जिससे खुजली और डैंड्रफ जैसी परेशानी बढ़ सकती है. इसलिए हमेशा सूखे बालों पर ही हेलमेट पहनें. हेलमेट की सफाई का रखें ध्यान हेलमेट की अंदर की लाइनिंग में पसीना, धूल और तेल जमा हो सकता है. यह गंदगी बालों और स्कैल्प के संपर्क में आती रहती है. इसलिए समय-समय पर हेलमेट की पैडिंग को साफ जरूर करें. हेलमेट उतारने के बाद बालों को दें हवा घर या ऑफिस पहुंचने के बाद हेलमेट हटाकर कुछ देर बालों को खुला छोड़ दें. इससे स्कैल्प पर जमा पसीना सूखने में मदद मिलती है और बाल फ्रेश महसूस होते हैं. बालों को ज्यादा टाइट न बांधें हेलमेट पहनने से पहले बालों को बहुत कसकर बांधने से बचें. इससे बालों की जड़ों पर दबाव पड़ सकता है. हल्की पोनीटेल या ढीला हेयरस्टाइल ज्यादा बेहतर रहता है. सही खानपान भी है जरूरी बालों को स्वस्थ रखने के लिए बाहर से देखभाल के साथ-साथ अच्छी डाइट भी जरूरी है. खाने में प्रोटीन, विटामिन, आयरन और पर्याप्त पानी शामिल करें. अगर बाल बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं या स्कैल्प में लगातार समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें. यह भी पढ़ें: मानसून में डैंड्रफ से हैं परेशान? स्कैल्प को हेल्दी रखने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके The post रोज हेलमेट पहनने से बाल हो रहे हैं खराब? अपनाएं ये आसान हेयर केयर टिप्स appeared first on Naya Vichar.

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